Unique Geography Notes हिंदी में

Unique Geography Notes in Hindi (भूगोल नोट्स) वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के उन छात्रों और अध्ययन प्रेमियों को काफी मदद मिलेगी, जिन्हें भूगोल के बारे में जानकारी और ज्ञान इकट्ठा करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस वेबसाइट पर नियमित रूप से सभी प्रकार के नोट्स लगातार विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रकाशित करने का काम जारी है।

2. BPSC Syllabus For Geography

BPSC Syllabus For Geography



BPSC Syllabus For Geography

​​               बिहार लोक सेवा आयोग के परीक्षाओं में भूगोल एक महत्वपूर्ण एवं काफी लोकप्रिय विषय है। यह बीपीएससी की प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षा का एक हिस्सा है। Unique Geography Notes वेबसाइट पर वैकल्पिक विषय भूगोल का सम्पूर्ण सिलेबस का सरल एवं आसान हिंदी भाषा में भूगोल के विद्वानों द्वारा तैयार नोट्स उपलब्ध है। यह नोट्स बीपीएससी की प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में उपयोगी है-

BPSC Syllabus For Geography

Syllabus For Optional Geography

खण्ड- I (Section-I)
भूगोल का सिद्धान्त (Principles of Geography)

भाग “क” (Part-A)

भौतिक भूगोल (Physical Geography)

1. भू-आकृति विज्ञान

⇒ भूपटल का उद्गम तथा विकास;

⇒ भू-संचलन तथा प्लेट विवर्तनिकी;

ज्वालामुखी क्रिया;

⇒ अपरदन चक्र-डेविस तथा पेंक;

नदीय, हिमनदीय, शुष्क तथा कार्स्ट भू-आकृतियाँ;

पुर्नयवनित तथा बहुचक्रीय भू-आकृतियाँ।

2. जलवायु विज्ञान

⇒ वायुमंडल: इसकी संरचना तथा संयोजन;

वायु राशियाँ;

वाताग्र, चक्रवात तथा सम्बद्ध परिघटनाएँ;

⇒ जलवायु वर्गीकरण: कोपेन तथा थार्नथ्वेट;

⇒ भूमिगत जल;

जलचक्र तथा जल वैज्ञानिक चक्र।

3. मुदाएँ तथा वनस्पति-

⇒ मृदा उत्पत्ति, वर्गीकरण तथा वितरण;

⇒ सवाना तथा मानसुन वन जीवोमों के पारिस्थितिक पहलू।

4. महासागरीय विज्ञान-

महासागरीय तल, उच्चावच;

हिन्द महासागरीय तल का उच्चावच;

लवणता;

धाराएँ तथा

ज्वार;

समुद्र निक्षेप तथा

प्रवाल भित्ति।

5. पारिस्थितिक तंत्र

⇒ पारिस्थिति-तंत्र की संकल्पना;

⇒ पारिस्थितिक तंत्र पर मनुष्य का संघात;

⇒ विश्व की पारिस्थिति का असंतुलन।

भाग “ख” (Part- B)

 मानव तथा आर्थिक भूगोल (Human and Economic Geography) 

1.भौगोलिक चिन्तन का विकास-

⇒ यूरोपीय तथा

⇒ ब्रिटिश भूगोलविदों का योगदान;

नियतिवाद तथा

सम्भववाद;

भूगोल में द्वैतवाद;

मात्रात्मक तथा

व्यवहारात्मक क्रांतियाँ।

2. मानव भूगोल-

⇒ मानव तथा मानव प्रजातियों का आविर्भाव;

⇒ मानव का सास्कृतिक विकास;

विश्व के प्रमुख सांस्कृतिक परिमंडल;

⇒ अंतर्राष्ट्रीय प्रव्रजन;

⇒ अतीत और वर्तमान विश्व की जनसंख्या का वितरण तथा वृद्धि;

जन-साख्यिकीय संक्रमण तथा विश्व जनसंख्या की समस्याएँ

3. बस्ती भूगोल-

ग्रामीण तथा नगरीय बस्तियों की संकल्पना;

⇒ नगरीकरण का उद्भव;

ग्रामीण बस्ती के प्रतिरूप;

नगरीय वर्गीकरण;

नगरीय प्रभाव के क्षेत्र तथा

⇒  ग्रामीण नगरीय सीमान्त;

नगरों की आन्तरिक संरचना;

विश्व में नगरीय वृद्धि की समस्याएँ।

4. राजनीतिक भूगोल-

राष्ट्र और राज्य की संकल्पनाएं;

सीमान्त, सीमाएँ तथा बफर क्षेत्र;

⇒ केन्द्रस्थल तथा उपान्त स्थल की संकल्पना;

संघवाद।

5. आर्थिक भूगोल-

⇒ विश्व का आर्थिक विकास- मापन तथा समस्याएँ;

⇒ संसाधन की संकल्पना;

⇒ विश्व संसाधन, उनका वितरण तथा विश्व समस्याएँ;

⇒  विश्व ऊर्जा संकट;

⇒ अभिवृद्धि की सीमाएँ;

⇒ विश्व कृषि-प्रारूप विज्ञान तथा विश्व के कृषि क्षेत्र;

⇒ कृषि अवस्थिति का सिद्धांत;

⇒ विश्व उद्योग-उद्योगों की अवस्थिति का सिद्धान्त;

⇒ विश्व औद्योगिक नमूने तथा समस्याएँ;

⇒ विश्व व्यापार सिद्धान्त तथा विश्व के प्रतिरुष।



खण्ड- II (Section – II)

भारत का भूगोल (Geography of India)

भौतिक पहलू

भूवैज्ञानिक इतिहास;

भू-आकृति और

अपवाह तंत्र;

भारतीय मानसून का उद्गम और क्रिया विधि;

⇒ मृदा और वनस्पति।

मानवीय पहलू

⇒ आदिवासी क्षेत्र तथा उनकी समस्याएँ;

⇒ जनसंख्या वितरण, संघनता और वृद्धि;

⇒ जनसख्या की समस्याएँ तथा नीतियाँ।

संसाधन

⇒ भूमि, खनिज, जल जीवीय और समुद्री संसाधनों का संरक्षण और उपयोग;

⇒ कृषि;

⇒ सिंचाई;

⇒ फसलों की गहनता;

⇒ फसलों का संयोजन;

⇒ हरित क्रांति;

⇒ भूमि उपयोग सम्बन्धी नीति;

⇒ ग्रामीण अर्थ व्यवस्था;

⇒ पशुपालन;

⇒ सामाजिक वानिकी और घरेलू उद्योग।

उद्योग

⇒ औद्योगिक विकास का इतिहास;

⇒ स्थानीकरण कारक;

⇒ खनिज आधारित, कृषि आधारित तथा वन आधारित उद्योगों का अध्ययन;

⇒ औद्योगिक संकुल और औद्योगिक क्षेत्रीयकरण;

परिवहन और व्यापार-

⇒ सड़कों, रेलमार्गों तथा जलमार्गों की व्यवस्था का अध्ययन;

⇒ अन्त: तथा अंतरक्षेत्रीय व्यापार तथा गाँव के बाजार केन्द्रों की भूमिका।

बस्तियाँ-

ग्रामीण बस्तियों का प्रतिरूप;

भारत में नगरीय विकास तथा उनकी समस्याएँ;

भारतीय नगरों की आंतरिक संरचना;

नगर आयोजन;

⇒ गन्दी बस्तियाँ तथा नगरीय आवास;

⇒ राष्ट्रीय नगरीकरण नीति।

क्षेत्रीय विकास तथा आयोजन

⇒ भारत की पंचवर्षीय योजना;

बहुस्तरीय आयोजन;

⇒ राज्य जिला तथा प्रखंड स्तरीय आयोजन;

⇒ भारत में विकास के संबध में क्षेत्रीय असमानताएँ।

राजनैतिक पहलू-

⇒ भारत की राजनैतिक समस्याएँ;

⇒ राज्य पुनर्गठन;

⇒ भारत की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा तथा सम्बद्ध मामले;

⇒ भारत तथा हिन्द महासागर क्षेत्र की भू राजनीति।



बिहा का भूगोल  (Geography of Bihar)

भौतिक विभाग- मिट्टी, जंगल, जलवायु, कृषि का स्वरूप, सूखाग्रस्त और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की समस्याएँ और उनका समाधान।

प्रमुख खनिज संसाधन- लौह अयस्क, तांबा, बॉक्साइट अभ्रक और कोयला।

प्रमुख उद्योग- लौह और इस्पात, एल्यूमीनियम, सीमेंट, चीनी

प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र;

बिहार की जनजातीय आबादी की समस्याएँ और समाधान;

बिहार में नगरीकरण का प्रतिरूप।


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