PG Regular Semester-IV Examination 2021 QUESTION PAPER, HUMAN RIGHTS, Urban and Population Geography, Patliputra University, Patna

PG Regular Semester-IV Examination 2021

Patliputra University, Patna

PG Regular Semester-IV Examination 2021

(Session: 2019-2021)

GEOGRAPHY

[PPU-M-IV(GEO-M401)EC-1(C)]

(Population Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all the Parts as directed.

परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसर सभी भागों से उत्तर दें।

Part-A / भाग-अ

(Objective Type Questions)

(वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

Note: Select the correct answer of all questions from the alternatives given below: [10×2=20]

1. नीचे दिए गए सभी प्रश्नों के विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

(i) Which organization collects the population data in India?

(a) Survey of India

(b) NATMO

(c) Census of India

(d) National Bureau of Soil Survey

भारत में कौन-सा संगठन जनसंख्या आंकड़ों को एकत्र करता है?

(a) सर्वे ऑफ इण्डिया

(b) NATMO

(c) सेन्सस ऑफ इण्डिया

(d) नेशनल ब्यूरो आफ सायल सर्वे

(ii) According to 2011 census, highest populous state of India is:

(a) Bihar

(b) West Bengal

(c) Madhya Pradesh

(d) Uttar Pradesh

2011 की जनगणना के अनुसार भारत का सर्वाधिक जनसंख्या वाला प्रदेश है:

(a) बिहार

(b) प. बंगाल

(c) मध्य प्रदेश

(d) उत्तर प्रदेश

(iii) The number of children dying in their first year per thousand live birth is called:

(a) Death rate

(b) Standard Mortality Rate

(c) Infant Mortality Rate

(d) Life Expectancy Rate

जन्म के पहले वर्ष में मरने वाले बच्चों की संख्या प्रति हजार को कहते हैं :

(a) मृत्यु दर

(b) मानक मर्त्यता दर

(c) शिशु मृत्यु दर

(d) जीवन प्रत्याशा दर

(iv) The population density obtained through division of total population of an area by the total agricultural land is formed:

(a) Agricultural density

(b) Physiological density

(c) Arithmetic density

(d) Economic density

किसी देश की कुल जनसंख्या को कुल कृषि भूमि से विभाजित करके प्राप्त किए गए घनत्व को कहा जाता है:

(a) कृषि घनत्व

(b) कायिक घनत्व

(c) अंकगणितीय घनत्व

(d) आर्थिक घनत्व

(v) Demographic Transition Theory shows that the main determinant of population growth is the nature of balance between:

(a) Immigration and emigration

(b) Fecundity and fertility

(c) Fertility and migration

(d) Fertility and mortality

जनसंख्या संक्रमण सिद्धान्त दर्शाता है कि जनसंख्या वृद्धि के मूल कारण इन दोनों के बीच के संतुलन की प्रकृति है:

(a) अप्रवासन एवं उत्प्रवासन

(b) जनशक्ति एवं प्रजननता

(c) प्रजननता एवं प्रवास

(d) प्रजननता एवं मर्त्यता

(vi) Which of these types of migration is lowest in India (According to 2011 census)?

(a) Rural to rural

(b) Rural to urban

(c) Urban to urban

(d) None of these

2011 की जनगणना के अनुसार इनमें से कौन-सा प्रवास भारत में न्यूनतम है?

(a) ग्रामीण से ग्रामीण

(b) ग्रामीण से शहरी

(c) शहरी से शहरी

(d) इनमें से कोई नहीं

(vii) What does ‘Population pyramid’ illustrate?

(a) Temporal growth of population

(b) Spatial distribution of population

(c) Age – sex structure of population

(d) Occupational structure of population

जनसंख्या पिरामिड क्या चित्रित करता है?

(a) जनसंख्या की कालिक वृद्धि

(b) जनसंख्या का स्थानिक वितरण

(c) जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना

(d) जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना

(viii) Mortality rate measures:

(a) The proportion of number of births in the population

(b) The proportion of deaths in the population

(c) The biological capacity of females to produce an offspring

(d) The measure of the account of illness in the population

मृत्यु दर किसका मापन है?

(a) कुल जनसंख्या में जन्म का अनुपात

(b) कुल जनसंख्या में मृत्यु का अनुपात

(c) महिलाओं की प्रजननशीलता की जैविक क्षमता

(d) कुल जनसंख्या में रुग्ण व्यक्तियों का अनुपात

(ix) As per census, 2011 the percentage of urban to total population in India is:

(a) 23.31

(b) 27.81

(c) 26.13

(d) 31.16

जनगणना 2011 के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत है:

(a) 23.31

(b) 27.81

(c) 26.13

(d) 31.16

(x) Who has developed population resource region?

(a) Ackerman

(b) Malthus

(c) Humboldt

(d) Zipf

जनसंख्या संसाधन प्रदेश का विकास किसने किया?

(a) ऐकरमैन

(b) माल्थस

(c) हम्बोल्ट

(d) जिफ

Part-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions from the following. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

2. Nature and scope of Population Geography.

जनसंख्या भूगोल की प्रकृति एवं विषयक्षेत्र।

3. Vital Registration

जन्म-मृत्यु पंजीकरण

4. Growth of population in India

भारत में जनसंख्या वृद्धि

5. Demographic Transition Theory

जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त

6. Infant mortality rate

शिशु मृत्यु दर

Part-C / भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions from the following: [3×10-30)

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

7. Discuss the different sources of population data.

जनसंख्या आँकड़ों के विभिन्न स्रोतों का वर्णन कीजिए।

8. Describe the spatial pattern of density of population in India.

भारत की जनसंख्या घनत्व के स्थानिक स्वरूप का विवरण दीजिये।

9. Explain the Malthusian theory of population.

माल्थस के जनसंख्या सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।

10. Explain the factors responsible for the growth of urbanisation in India.

भारत में नगरीकरण को प्रभावित करने वाले कारकों पर प्रकाश डालिए।

11. Discuss the Ackerman’s scheme of population resource region.

ऐकरमैन के जनसंख्या-ससाधन प्रदेश योजना की व्याख्या कीजिए।

P.G. (Regular Semester-IV) Examination

(Session: 2019-2021)

GEOGRAPHY

[ PPU-M-IV(GEO-M401) EC-1(A)]

(Urban Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all the Parts as directed.

परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से उत्तर दीजिए।

Part-A / भाग-अ

(Objective Type Questions)

Note: All the questions are compulsory. Select the correct answer from the alternatives given below: [10×2=20]

सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए।

1. (i) How many cities have been selected for the development as smart city in Bihar?

(a) 2

(b) 3

(c) 4

(d) 5

बिहार में स्मार्ट सिटी के रूप में विकास के लिए कितने शहरों का चयन किया गया?

(a) 2

(b) 3

(c) 4

(d) 5

(ii) The urbanization process is resulting in which region having the largest cities of the world?

(a) Asia and Africa

(b) Europe

(c) Latin America

(d) North America

शहरीकरण प्रक्रिया के परिणाम स्वरूप दुनिया के बड़े शहर किस क्षेत्र में है?

(a) एशिया और अफ्रीका

(b) यूरोप

(c) लैटिन अमेरिका

(d) उत्तरी अमेरिका

(iii) Suburbanization can occur:

(a) in the core of the city

(5) in rural urban fringe

(c) in CBD

(d) around a lake

उपनगरीकरण हो सकता है :

(a) शहर के केन्द्र में

(b) ग्रामीण-शहरी सीमा में

(c) सी.बी.डी. में

(d) एक झील के आसपास

(iv) What is the purpose of AMRUT scheme?

(a) To provide basic infrastructure

(b) To provide affordable housing loan

(c) Village up gradation

(d) To ensure clean environment

AMRUT योजना का उद्देश्य क्या है?

(a) बुनियादी ढाँचा प्रदान करना

(b) किफायती आवास ऋण प्रदान करना

(c) ग्राम उन्नयन

(d) स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना

(v) According to the Rank-size rule, the third ranked settlement will be what ratio to the size of the first-ranked settlement?

(a) 1/3

(b) 1/100

(c) 1/1000

(d) 3/1

रैंक-साइज नियम के अनुसार तीसरी रैंक वाली बस्तियाँ पहले रैंक वाली बस्तियों के आकार का कितना अनुपात होगा?

(a) 1/3

(b) 1/100

(c) 1/1000

(d) 3/1

(vi) Patrick Geddes in known for:

(a) Innovative thinking in urban planning

(b) Primate city concept

(c) Rank-Size rule

(d) Smart city mission

पैट्रिक गेडे को इनमें से किसके लिए जाना जाता है?

(a) शहरी नियोजन के क्षेत्र में अभिनव सोच के लिए

(b) प्राइमेट सिटी कान्सेप्ट के लिए

(c) रैंक आकार नियम के लिए

(d) स्मार्ट सिटी मिशन के लिए

(vii) According to urban hierarchy theory, there should be:

(a) few megalopolises

(b) few small towns

(c) many megalopolises

(d) equal number of small towns and megalopolises

शहरी पदानुक्रम सिद्धांत के अनुसार होना चाहिए:

(a) कुछ मेगालोपोलिस

(b) कुछ छोटे शहर

(c) कई मेगालोपोलिस

(d) छोटे शहरों और मेगालोपोलिस की समान संख्या

(viii) Who had presented the Multiple-Nuclei theory of urban growth?

(a) E. Burgess

(b) Homer Hoyt

(c) F. Tonnies

(d) C.D. Harris and E.Ullman

शहरी विकास का बहु-नाभिक सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था?

(a) ई. बर्गेस

(b) होमर होयट

(c) एफ. टोन्नीस

(d) सी.डी. हैरिस और ई. उलमैन

(ix) Which of these is an industrial city?

(a) Patna

(b) Jamshedpur

(c) Gaya

(d) Lucknow

इनमें से कौन औद्योगिक शहर है?

(a) पटना

(b) जमशेदपुर

(c) गया

(d) लखनऊ

(x) Which city is known as the city of technology in India?

(a) Shillong

(b) Lucknow

(c) Bengaluru

(d) Varanasi

भारत में प्रौद्योगिकी शहर के रूप में किस शहर को जाना जाता है?

(a) शिलांग

(b) लखनऊ

(c) बंगलुरू

(d) वाराणसी

Part-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Write short notes on any four of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार पर टिप्पणियाँ:

2. Scope of urban geography

शहरी भूगोल का दायरा

3. Multiple-nucleir theory

बहु नाभिक सिद्धांत

4. City region

शहर क्षेत्र

5. Smart city concept

स्मार्ट सिटी संकल्पना

6. Urban ecology

शहरी पारिस्थितिकी

Part-C / भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions each in about 500 words. Draw figures/maps where ever necessary. [3×10=30]

किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर लगभग 500 शब्दों में दीजिए। जहाँ भी आवश्यक हो, चित्र/मानचित्र बनाइए।

7. Describe the functional classification of towns with the help of examples.

उदाहरणों की सहायता से नगरों के कार्यात्मक वर्गीकरण का वर्णन कीजिए।

8. Define slum. What policies are prepared by the Indian government for slum upgradation.

स्लम को परिभाषित कीजिए। स्लम उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कौन-सी नीतियाँ तैयार की गई?

9. Explain the concept of Primate City and Rank-size rule. Is the primate city concept applicable? Explain in context to India.

प्राइमेट सिटी और रैंक-साइज नियम की अवधारणा की व्याख्या कीजिए। क्या प्राइमेट सिटी कान्सेप्ट लागू है? भारत के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

10. Describe the global trends of urbanization.

शहरीकरण की वैश्विक प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए।

11. What is urban morphology? Explain any one urban land use model.

शहरी आकारिकी क्या है? किसी एक नगरीय भूमि उपयोग मॉडल की व्याख्या कीजिए।

PG Regular Semester-IV Examination 2024 QUESTION PAPER, HUMAN RIGHTS, Urban and Population Geography, Patliputra University, Patna

PG Regular Semester-IV Examination 2024

Patliputra University, Patna


PG Regular Semester-IV Examination 2024

GEOGRAPHY

Paper Code: 920715

(Urban Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answer in their own words as far as practicable. The figure in the margin indicate full marks. Answer from all parts as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में उत्तर दें। उपान्त के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से उत्तर दीजिए।

Part-A / भाग-अ

(Objective Type Questions)

(वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

1. Choose the correct answer of the following questions:

निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर चयन कीजिए:

(i) What is the purpose of AMRUT scheme?

(a) To provide basic infrastructure

(b) To provide affordable housing loan:

(c) Village up gradation

(d) To ensure clean environment

AMRUT योजना का उद्देश्य क्या है?

(a) बुनियादी ढाँचा प्रदान करना

(b) किफायती आवास ऋण प्रदान करना

(c) ग्राम उन्नयन

(d) स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना

(ii) According to the Rank-size rule, the third ranked settlement will be what ratio to the size of the first-ranked settlement?

(a) 1/3

(b) 1/100

(c) 1/1000

(d) 3/1

रैंक-साइज नियम के अनुसार तीसरी रैंक वाली बस्तियाँ पहले रैंक वाली बस्तियों के आकार का कितना अनुपात होगा?

(a) 1/3

(b) 1/100

(c) 1/1000

(d) 3/1

(iii) Patrick Geddes in known for:

(a) Innovative thinking in urban planning

(b) Primate city concept

(c) Rank-Size rule

(d) Smart city mission

पैट्रिक गेडे को इनमें से किसके लिए जाना जाता है?

(a) शहरी नियोजन के क्षेत्र में अभिनव सोच के लिए

(b) प्राइमेट सिटी कान्सेप्ट के लिए

(c) रैंक आकार नियम के लिए

(d) स्मार्ट सिटी मिशन के लिए

(iv) According to urban hierarchy theory, there should be:

(a) few megalopolises

(b) few small towns

(c) many megalopolises

(d) equal number of small towns and megalopolises

शहरी पदानुक्रम सिद्धांत के अनुसार होना चाहिए:

(a) कुछ मेगालोपोलिस

(b) कुछ छोटे शहर

(c) कई मेगालोपोलिस

(d) छोटे शहरों और मेगालोपोलिस की समान संख्या

(v) Who had presented the Multiple-Nuclei theory of urban growth?

(a) E. Burgess

(b) Homer Hoyt

(c) F. Tonnies

(d) C.D. Harris and E.Ullman

शहरी विकास का बहु-नाभिक सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया था?

(a) ई. बर्गेस

(b) होमर होयट

(c) एफ. टोन्नीस

(d) सी.डी. हैरिस और ई. उलमैन

(vi) Which of these is an industrial city?

(a) Patna

(b) Jamshedpur

(c) Gaya

(d) Lucknow

इनमें से कौन औद्योगिक शहर है?

(a) पटना

(b) जमशेदपुर

(c) गया

(d) लखनऊ

(vii) Which city is known as the city of technology in India?

(a) Shillong

(b) Lucknow

(c) Bengaluru

(d) Varanasi

भारत में प्रौद्योगिकी शहर के रूप में किस शहर को जाना जाता है?

(a) शिलांग

(b) लखनऊ

(c) बंगलुरू

(d) वाराणसी

(viii) How many cities have been selected for the development as smart city in Bihar?

(a) 2

(b) 3

(c) 4

(d) 5

बिहार में स्मार्ट सिटी के रूप में विकास के लिए कितने शहरों का चयन किया गया?

(a) 2

(b) 3
(c) 4

(d) 5

(ix) The urbanization process is resulting in which region having the largest cities of the world?

(a) Asia and Africa

(b) Europe

(c) Latin America

(d) North America

शहरीकरण प्रक्रिया के परिणामस्वरूप दुनिया के बड़े शहर किस क्षेत्र में हैं?

(a) एशिया और अफ्रीका

(b) यूरोप

(c) लैटिन अमेरिका

(d) उत्तरी अमेरिका

(x) What is the purpose of AMRUT scheme?

(a) To provide basic infrastructure

(b) To provide affordable housing loan

(c) Village up gradation

(d) To ensure clean environment

AMRUT योजना का उद्देश्य क्या है?

(a) बुनियादी ढाँचा प्रदान करना

(b) किफायती आवास ऋण प्रदान करना

(c) ग्राम उन्नयन

(d) स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करना

Part-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

2. Multiple-nucleir theory

बहु नाभिक सिद्धांत

3. Smart city concept

स्मार्ट सिटी संकल्पना

4. Conurbation

सन्नगर

5. Economic base of towns

नगरों के आर्थिक आधार

6. Scope of urban geography

शहरी भूगोल का दायरा

7. Urban ecology

शहरी पारिस्थितिकी

Part-C / भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10 = 30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

8. Examine critically Christaller’s central place theory.

क्रिस्टालर के केन्द्रीय स्थल सिद्धान्त की समालोचनात्मक समीक्षा कीजिए।

9. Explain the concept of Primate City and Rank-size rule. Is the primate city concept applicable? Explain in context to India.

प्राइमेट सिटी और रैंक-साइज नियम की अवधारणा की व्याख्या कीजिए। क्या प्राइमेट सिटी कान्सेप्ट लागू है? भारत के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए।

10. Define slum. What policies are prepared by the Indian government for slum upgradation?

स्लम को परिभाषित कीजिए। स्लम उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कौन-सी नीतियाँ तैयार की गईं?

11. Describe the functional classification of towns with the help of examples.

उदाहरणों की सहायता से नगरों के कार्यात्मक वर्गीकरण का वर्णन कीजिए।

12. Describe the global trends of urbanization.

शहरीकरण की वैश्विक प्रवृत्तियों का वर्णन कीजिए।



PG (Regular Sem.-IV)

Examination, 2024

GEOGRAPHY

Paper Code: 920717

(Population Geography)

Time: Three Hours]  [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answer in their own words as far as practicable. The figure in the margin indicate full marks. Answer from all parts as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में उत्तर दें। उपान्त के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से उत्तर दीजिए।

Part-A / भाग-अ

(Objective Type Questions)

(वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

Note: All questions to be answered:  [2×10=20]

सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

1. Choose the correct answer of the following questions:

निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर चयन कीजिए :

(i) Demographic Transition Theory shows that the main determinant of population growth is the nature of balance between:

(a) Immigration and emigration

(b) Fecundity and fertility

(c) Fertility and migration

(d) Fertility and mortality

जनसंख्या संक्रमण सिद्धान्त दर्शाता है कि जनसंख्या वृद्धि के मूल कारण इन दोनों के बीच के संतुलन की प्रकृति है :

(a) अप्रवासन एवं उत्प्रवासन

(b) जनशक्ति एवं प्रजननता

(c) प्रजननता एवं प्रवास

(d) प्रजननता एवं मर्त्यता

(ii) By 2025 AD the world population will be:

(a) 6.8 billion

(b) 8 billion

(c) 6 billion

(d) 8.6 billion

सन् 2025 तक विश्व की जनसंख्या हो जाएगी :

(a) 6.8 बिलियन

(b) 8 बिलियन

(c) 6 बिलियन

(d) 8.6 बिलियन

(iii) According to 2011 census, the highest density of population is in:

(a) Uttar Pradesh

(b) Bihar

(c) West Bengal

(d) Haryana

2011 की जनगणना के अनुसार अत्यन्त सघन आबादी है:

(a) उत्तर प्रदेश

(b) बिहार

(c) पश्चिम बंगाल

(d) हरियाणा

(iv) According to Malthus, population would be doubled in:

(a) 12 years

(b) 15 years

(c) 25 years

(d) 35 years

माल्थस के अनुसार, जनसंख्या दुगुनी हो जायेगी:

(a) 12 वर्षों में

(b) 15 वर्षों में

(c) 25 वर्षों में

(d) 35 वर्षों में

(v) Which of these types of migration is highest in India (According to 2011 census)?

(a) Rural to rural

(b) Rural to urban

(c) Urban to urban

(d) None of these

2011 की जनगणना के अनुसार, इनमें से कौन-सा प्रवास भारत में सर्वाधिक है?

(a) ग्रामीण से ग्रामीण

(b) ग्रामीण से नगरीय

(c) नगरीय से नगरीय

(d) इनमें से कोई नहीं

(vi) The number of children dying in their first year per thousand live birth is called:

(a) Death rate

(b) Standard Mortality Rate

(c) Infant Mortality Rate

(d) Life Expectancy Rate

जन्म के पहले वर्ष में मरने वाले बच्चों की संख्या प्रति हजार को कहते हैं :

(a) मृत्यु दर

(b) मानक मर्त्यता दर

(c) शिशु मृत्यु दर

(d) जीवन प्रत्याशा दर

(vii) The population density obtained through division of total population of an area by the total agricultural land is formed :

(a) Agricultural density

(b) Physiological density

(c) Arithmetic density

(d) Economic density

किसी देश की कुल जनसंख्या को कुल कृषि भूमि से विभाजित करके प्राप्त किए गए घनत्व को कहा जाता है:

(a) कृषि घनत्व

(b) कायिक घनत्व

(c) अंकगणितीय घनत्व

(d) आर्थिक घनत्व

(viii) Mortality rate measures:

(a) The proportion of number of births in the population

(b)

The proportion of deaths in the population

( c) The biological capacity of females to produce an offspring

(d) The measure of the account of illness in the population

मृत्यु दर किसका मापन है?

(a) कुल जनसंख्या में जन्म का अनुपात

(b) कुल जनसंख्या में मृत्यु का अनुपात

(c) महिलाओं की प्रजननशीलता की जैविक क्षमता

(d) कुल जनसंख्या में रुग्ण व्यक्तियों का अनुपात

(ix) Which of these types of migration is lowest in India (According to 2011 census)?

(a) Rural to rural

(b) Rural to urban

(c) Urban to urban

(d) None of these

2011 की जनगणना के अनुसार इनमें से कौन-सा प्रवास भारत में न्यूनतम है?

(a) ग्रामीण से ग्रामीण

(b) ग्रामीण से शहरी

(c) शहरी से शहरी

(d) इनमें से कोई नहीं

(x) What does ‘Population pyramid’ illustrate?

(a) Temporal growth of population

(b) Spatial distribution of population

(c) Age-sex structure of population

(d) Occupational structure of population

जनसंख्या पिरामिड क्या चित्रित करता है?

(a) जनसंख्या की कालिक वृद्धि

(b) जनसंख्या का स्थानिक वितरण

(c) जनसंख्या की आयु-लिंग संरचना

(d) जनसंख्या की व्यावसायिक संरचना

Part-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following:. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

2. Vital Registration

जन्म-मृत्यु पंजीकरण

3. Urbanisation in India

भारत में नगरीकरण

4. Demographic Transition Theory

जनांकिकीय संक्रमण सिद्धान्त

5. Nature and scope of Population Geography

जनसंख्या भूगोल की प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

6. Infant mortality rate

शिशु मृत्यु दर

7. Food security in India

भारत में खाद्य सुरक्षा

Part-C / भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10-30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

8. Explain the different types of fertility and their measurement methods.

विभिन्न प्रकार के उत्पादकता/जन्मदर का वर्णन कर उनके मापने की विधियों का वर्णन कीजिए।

9. Discuss the different sources of population data.

जनसंख्या आँकड़ों के विभिन्न स्रोतों का वर्णन कीजिए।

10. Define Population Geography. Describe the nature and scope of Population Geography.

जनसंख्या भूगोल की परिभाषा दीजिए। जनसंख्या भूगोल की प्रकृति एवं विषयक्षेत्र का विवरण दीजिए।

11. Explain the factors responsible for the growth of urbanisation in India.

भारत में नगरीकरण को प्रभावित करने वाले कारकों पर प्रकाश डालिए।

12. Explain the Malthusian theory of population.

माल्थस के जनसंख्या सिद्धान्त की व्याख्या कीजिए।

PG (Regular Sem.-IV)

Examination, 2024

(Common For All)

Paper Code: 111138

HUMAN RIGHTS

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answer in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Attempt the questions as per given direction in each section.

परीक्षार्थी यथासंभव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। प्रत्येक खण्ड में दिए गए निर्देश के अनुसार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहु विकल्पीय प्रश्न)

Note: Attempt all MCQ from this section. Each question carries two marks. [2×10-20]

इस खण्ड से सभी बहु विकल्पीय प्रश्नों को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न दो अंको का है।

1. Choose the correct option. Only one option is cor-rect.

सही विकल्प चुनिए। केवल एक ही विकल्प सही है।

(i) Helsinki Declaration, 1964 is concerned with:

(a) War Prevention

(b) Human Experimentation

(c) Gender Discrimination

(d) Child Abuse

हेलसिंकी घोषणापत्र, 1964 से सम्बन्धित है।

(a) युद्ध रोकथाम

(b) मानव प्रयोग

(c) लैंगिक भेदभाव

(d) बाल हनन
(ii) The Foundation day of NHRC India is:

(a) 10 December

(b) 10 October

(c) 12 October

(d) 12 December

NHRC इंडिया का स्थापना दिवस है:

(a) 10 दिसम्बर

(b) 10 अक्टूबर

(c) 12 अक्टूबर

(d) 12 दिसम्बर

(iii) Which of the following article is related with the Prohibition of child labour?

(a) Article 21

(b) Article 22

(c) Article 24

(d) Article 25

भारतीय संविधान के निम्नलिखित में से कौन-सा अनुच्छेद बाल श्रम के निषेध से सम्बन्धित है?

(a) अनुच्छेद 21

(b) अनुच्छेद 22

(c) अनुच्छेद 24

(d) अनुच्छेद 25

(iv) Where is the headquarter of NHRC India?

(a) New Delhi

(b) Patna

(c) Kolkata

(d) In each state capital of India

NHRC इंडिया का मुख्यालय कहाँ है?

(a) नई दिल्ली

(b) पटना

(c) कोलकाता

(d) भारत के प्रत्येक राज्य की राजधानी में

(v) Human right can be most appropriately related with the:

(a) Washington DC

(b) Geneva

(c) New Delhi

(d) The Hague, Netherlands

मानव अधिकार सबसे उपयुक्त रूप से सम्बन्धित हो सकता है :

(a) वाशिंगटन डीसी से

(b) जिनेवा से

(c) नई दिल्ली से

(d) हेग, (नीदरलैंड) से

(vi) Where is International Criminal Court?

(a) In Washington DC

(b) In Geneva

(c) In New Delhi

(d) In The Hague, Netherlands

अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय कहाँ है?

(a) वांशिंगटन डीसी में

(b) जिनेवा में

(c) नई दिल्ली में

(d) हेग, नीदरलैंड में

(vii) Who wrote the book “Das Kapital”

(a) Rousseau

(b) J.S. Mill

(c) Karl Marks

(d) Gramsci

“दास कैपिटल” पुस्तक किसने लिखी है।

(a) रूसो

(b) जे. एस. मिल

(c) कार्ल मार्क्स

(d) ग्राम्शी
(viii) Who is the author of “On Liberty”?

(a) James Stuart Mill

(b) John Stuart Mill

(c) Jeremy Stuart Mill

(d) James Stuart Millind

“ऑन लिबर्टी” के लेखक हैं:

(a) जेम्स स्टूवर्ट मिल

(b) जॉन स्टूवर्ट मिल

(c) जेरेमी स्टूवर्ट मिल

(d) जेम्स स्टूवर्ट मिलिन्द

(ix) Which of the following day is the World Day for Prevention of Child abuse?

(a) 19 November

(b) 19 December

(c) 19 October

(d) 19 January

निम्नलिखित में से कौन-सा दिन बाल शोषण की रोकथाम के लिए विश्व दिवस है?

(a) 19 नवम्बर

(b) 19 दिसम्बर

(c) 19 अक्टूबर

(d) 19 जनवरी

(x) Who played an important role in International Human Rights Law?

(a) Eco Summit

(b) World War

(c) The United Nations

(d) None of these

अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून में किसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई?

(a) इको सम्मेलन

(b) विश्व युद्ध

(c) संयुक्त राष्ट्र

(d) इनमें से कोई नहीं

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Attempt any four questions from this section. Each question carries 5 marks. [4×5=20]

इस खण्ड से किन्हीं चार प्रश्नों को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंको का है।

2. Critically examine relevance of minority rights in multi-cultural societies.

बहु-सांस्कृतिक समाजों में अल्पसंख्यक अधिकारों की प्रासंगिकता का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए।

3. Write a short note on the voting rights of women in perspective with India and other European countries.

भारत और अन्य यूरोपीय देशों के परिप्रेक्ष्य में महिलाओं के मताधिकार पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

4. Nowadays it is considered that some human right organization hamper the economic development of the India. What is your view on this?

आजकल यह माना जाता है कि कुछ मानवाधिकार संगठन भारत के आर्थिक विकास में बाधा डालते हैं। इस पर आपकी क्या राय है ?

5. Discuss the feminist perspective of human rights.

मानवाधिकार के नारीवादी सन्दर्भ की विवेचना कीजिए।

6. What is your view on the human rights of the terrorist?

आतंकवादी के मानवाधिकारों पर आपका क्या विचार है?

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Attempt any three questions from this section. Each question carries 10 marks. [3×10=30]

इस खण्ड से किन्हीं तीन प्रश्नों को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।

7. Write an essay on State Sovereignty.

राज्य सम्प्रभुता पर एक लेख लिखिए।

8. What is Magnacarta? Explain some important provisions of Magnacarta.

मैग्ना कार्टा क्या है ? मैग्ना कार्टा के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधानों की व्याख्या कीजिए।

9. What is the status of human rights of women in India with respect to the legal aspect, Social aspect and religious aspect?

कानूनी पहलू, सामाजिक पहलू और धार्मिक पहलू के सम्बन्ध में भारत में महिलाओं के मानवाधिकारों की स्थिति क्या है?

10. Explain Natural rights, Civil right, Political right and Legal right.

प्राकृतिक अधिकार, नागरिक अधिकार, राजनीतिक अधिकार और कानूनी अधिकार की व्याख्या कीजिए।

11. Explain Natural Rights, Civil Rights, Political Rights and Constitutional Rights.

प्राकृतिक अधिकार, नागरिक अधिकार, राजनीतिक अधिकार एवं संवैधानिक अधिकार की व्याख्या कीजिए।

1. Population Distribution, Growth, and Determinants: Prehistoric Period, Ancient Period, Modern Period / जनसंख्या वितरण, वृद्धि और निर्धारक कारक: प्रागैतिहासिक काल, प्राचीन काल, आधुनिक काल

Population Distribution, Growth, and Determinants: Prehistoric Period, Ancient Period, Modern Period

Population Distribution

परिचय

    जनसंख्या वितरण से तात्पर्य पृथ्वी की सतह पर मानव जनसंख्या के स्थानिक फैलाव से है। यह वितरण समान नहीं है, बल्कि कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक सघनता और कुछ में विरलता पाई जाती है।

    जनसंख्या वितरण और वृद्धि को समझने के लिए इसे ऐतिहासिक कालों में विभाजित किया जाता है:-

1. प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period)- लगभग 10,000 ईसा पूर्व तक।

2. प्राचीन काल (Ancient Period)- लगभग 10,000 ईसा पूर्व से 1700 ई. तक।

3. आधुनिक काल (Modern Period)- लगभग 1700 ई. से वर्तमान तक।

1. प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Period):-

   प्रागैतिहासिक काल मानव इतिहास का प्रारंभिक चरण है, जो लगभग 10,000 ईसा पूर्व तक माना जाता है। इस काल में मानव ने लेखन, कृषि एवं स्थायी सभ्यता का विकास नहीं किया था और उसका जीवन पूर्णतः प्रकृति पर निर्भर था।

     इस समय जनसंख्या का वितरण अत्यंत असमान एवं विरल था। लोग भोजन की खोज में एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते रहते थे। जनसंख्या वृद्धि लगभग स्थिर थी क्योंकि उच्च मृत्यु दर, रोगों का अभावपूर्ण उपचार, प्राकृतिक आपदाएँ तथा अल्प जीवन प्रत्याशा प्रमुख बाधक थे। प्राकृतिक वातावरण इस काल का सबसे बड़ा निर्धारक था। 

(i) जनसंख्या वितरण की विशेषताएँ:

          प्रागैतिहासिक काल में जनसंख्या अत्यंत विरल और असमान रूप से वितरित थी। मानव शिकारी एवं संग्रहकर्ता था तथा नदी घाटियों, जंगलों और जल स्रोतों के निकट अस्थायी बसाव करता था। घुमंतू जीवन शैली इस काल की प्रमुख विशेषता थी। अर्थात संक्षेप में

✍️ जनसंख्या अत्यंत विरल थी

✍️ मानव शिकारी एवं संग्रहकर्ता (Hunting–Gathering Stage) था

✍️ नदी घाटियों, वन क्षेत्रों और जल स्रोतों के समीप अस्थायी बसाव

✍️ घुमंतू जीवन शैली

(ii) जनसंख्या वृद्धि की स्थिति:

    इस काल में जनसंख्या वृद्धि दर अत्यंत धीमी थी। उच्च मृत्यु दर, सीमित जन्म दर, रोगों और प्राकृतिक आपदाओं के कारण जनसंख्या में स्थायित्व बना रहा। जीवन प्रत्याशा बहुत कम होने से जनसंख्या वृद्धि लगभग नगण्य थी। अर्थात संक्षेप में

✍️ जनसंख्या वृद्धि दर अत्यंत धीमी

✍️ उच्च मृत्यु दर

✍️ जन्म दर भी सीमित

(iii) जनसंख्या वृद्धि के निर्धारक (Determinants)

(क) प्राकृतिक कारक:-

       जलवायु की अनिश्चितता, कठोर मौसम तथा प्राकृतिक आपदाएँ जैसे बाढ़, सूखा और भूकंप मानव जीवन को प्रभावित करते थे। इन कारणों से मृत्यु दर अधिक थी और जनसंख्या वृद्धि नियंत्रित बनी रही।

(ख) जैविक कारक:-

    इस काल में रोगों के उपचार का अभाव था। संक्रामक बीमारियाँ तेजी से फैलती थीं और औसत जीवन प्रत्याशा बहुत कम थी। इन जैविक कारणों ने जनसंख्या वृद्धि को गंभीर रूप से सीमित किया।

(ग) आर्थिक कारक:-

      भोजन उत्पादन का अभाव प्रागैतिहासिक काल की प्रमुख आर्थिक विशेषता थी। मानव शिकार और कंद-मूल पर निर्भर था, जिससे भोजन की अनिश्चितता बनी रहती थी और जनसंख्या के विस्तार की संभावना कम थी।

(घ) सामाजिक कारक:-

     प्रागैतिहासिक समाज असंगठित था। स्थायी परिवार, सामाजिक संस्थाएँ और राज्य व्यवस्था का अभाव था। सामाजिक अस्थिरता और सुरक्षा की कमी के कारण जनसंख्या वृद्धि के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ उपलब्ध नहीं थीं।

निष्कर्ष:

     प्रागैतिहासिक काल में मानव जनसंख्या स्थिरता के बजाय संघर्ष आधारित अस्तित्व पर निर्भर थी।

2. प्राचीन काल (Ancient Period):-

    प्राचीन काल का समय लगभग 10,000 ईसा पूर्व से 1700 ई. तक माना जाता है। इस अवधि में मानव समाज ने शिकारी अवस्था से निकलकर कृषि आधारित स्थायी जीवन अपनाया, जिससे जनसंख्या वितरण एवं वृद्धि में महत्वपूर्ण परिवर्तन आए।

    प्राचीन काल में कृषि की खोज मानव इतिहास की निर्णायक घटना सिद्ध हुई। स्थायी बस्तियाँ विकसित हुईं और नदी घाटी क्षेत्रों में जनसंख्या सघन होने लगी। इस काल में जन्म दर ऊँची थी, किंतु मृत्यु दर भी अधिक होने के कारण जनसंख्या वृद्धि सीमित रही। कृषि विकास, पशुपालन, सामाजिक संगठन और राज्य व्यवस्था सकारात्मक निर्धारक थे, जबकि युद्ध, अकाल और महामारियाँ नकारात्मक कारक रहीं।

(i) जनसंख्या वितरण की विशेषताएँ:

कृषि की शुरुआत-   

    नवपाषाण क्रांति (Neolithic Revolution) के अंतर्गत कृषि की शुरुआत हुई, जिससे मानव भोजन उत्पादन करने लगा। इससे स्थायी निवास संभव हुआ और जनसंख्या का संकेन्द्रण उपजाऊ क्षेत्रों में बढ़ने लगा।

स्थायी बस्तियों का विकास-

      कृषि पर आधारित जीवन ने घुमंतू जीवन को समाप्त किया और गाँवों व कस्बों का विकास हुआ। स्थायी बस्तियों ने सामाजिक संगठन को मजबूत किया और जनसंख्या को एक स्थान पर टिकने में सहायता की।

नदी घाटियों में जनसंख्या सघनता-

     नदियों के किनारे उपजाऊ मिट्टी, जल उपलब्धता और परिवहन सुविधा के कारण जनसंख्या अधिक सघन हुई। नदी घाटियाँ प्राचीन काल की प्रमुख मानव बसावट क्षेत्र रहीं।

सिंधु, नील, दजला-फरात, ह्वांग-हो-

      इन नदी घाटियों में विकसित सभ्यताओं ने कृषि, व्यापार और नगरीय जीवन को बढ़ावा दिया। परिणामस्वरूप यहाँ जनसंख्या घनत्व अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक पाया गया।

नगरों एवं सभ्यताओं का उदय

    कृषि अधिशेष के कारण नगरों का विकास हुआ। नगर सभ्यताओं ने प्रशासन, व्यापार और संस्कृति को संगठित किया, जिससे जनसंख्या वितरण अधिक केंद्रित एवं संरचित हुआ।

(ii) जनसंख्या वृद्धि की स्थिति:

धीमी लेकिन स्थिर वृद्धि-

     प्रागैतिहासिक काल की तुलना में जनसंख्या वृद्धि अधिक थी, परंतु तकनीकी सीमाओं और स्वास्थ्य समस्याओं के कारण यह वृद्धि धीमी और नियंत्रित बनी रही।

जन्म दर अधिक, मृत्यु दर भी ऊँची-

    इस काल में सामाजिक कारणों से जन्म दर अधिक थी, किंतु रोग, अकाल और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मृत्यु दर भी ऊँची बनी रही।

महामारी और युद्ध वृद्धि में बाधक-

   लगातार युद्धों और महामारियों ने बड़े पैमाने पर जनहानि की, जिससे जनसंख्या वृद्धि बार-बार बाधित होती रही।

(iii) जनसंख्या वृद्धि के निर्धारक-

कृषि विकास-

    कृषि विकास ने खाद्य सुरक्षा प्रदान की और स्थायी जीवन को संभव बनाया, जिससे जनसंख्या वृद्धि को आधार मिला।

खाद्य उत्पादन में वृद्धि-

    खाद्य उत्पादन बढ़ने से भुखमरी कम हुई और जीवन प्रत्याशा में वृद्धि हुई, जिससे जनसंख्या धीरे-धीरे बढ़ी।

सामाजिक संगठन-

     परिवार, विवाह व्यवस्था और सामाजिक नियमों ने जनसंख्या वृद्धि को सामाजिक स्वीकृति प्रदान की और समाज को स्थिरता दी।

परिवार एवं राज्य व्यवस्था-

   संयुक्त परिवार प्रणाली और संगठित राज्य व्यवस्था ने सुरक्षा, कानून और संसाधनों का प्रबंधन किया, जिससे जनसंख्या वृद्धि के अनुकूल वातावरण बना।

तकनीकी कारक-

    कृषि उपकरणों, भंडारण और परिवहन तकनीकों ने उत्पादन क्षमता बढ़ाई, जिससे जीवन स्तर में सुधार और जनसंख्या वृद्धि संभव हुई।

सिंचाई एवं पशुपालन-

    सिंचाई से कृषि को स्थिरता मिली और पशुपालन से पोषण एवं श्रम शक्ति बढ़ी, जिसने जनसंख्या विस्तार में योगदान दिया।

युद्ध-

   लगातार युद्धों ने जनसंख्या को नष्ट किया और आर्थिक संसाधनों को क्षति पहुँचाई, जिससे जनसंख्या वृद्धि बाधित हुई।

अकाल-

  अकाल के समय खाद्य संकट से मृत्यु दर बढ़ी और जनसंख्या में गिरावट देखी गई।

महामारी (Plague, Smallpox)-

   प्लेग और चेचक जैसी महामारियों ने बड़े पैमाने पर जनसंख्या को प्रभावित किया और कई क्षेत्रों में जनसंख्या ह्रास का कारण बनीं।

निष्कर्ष:

   प्राचीन काल में जनसंख्या वितरण नदी आधारित सभ्यताओं तक सीमित रहा और वृद्धि नियंत्रित रही।

3. आधुनिक काल (Modern Period):-

    आधुनिक काल का आरंभ लगभग 1700 ई. से माना जाता है, जो औद्योगिक क्रांति के साथ जुड़ा हुआ है। यह काल वर्तमान समय तक विस्तृत है और इसे जनसंख्या इतिहास का सबसे गतिशील एवं परिवर्तनशील चरण माना जाता है।

     आधुनिक काल में औद्योगिक क्रांति, वैज्ञानिक आविष्कार और चिकित्सा सुविधाओं ने मृत्यु दर को अत्यंत कम कर दिया। परिणामस्वरूप 19वीं एवं 20वीं सदी में तीव्र जनसंख्या वृद्धि हुई।

      शिक्षा, परिवार नियोजन, शहरीकरण और सरकारी नीतियाँ आधुनिक काल के प्रमुख निर्धारक हैं। आज विकसित देशों में निम्न जन्म-मृत्यु दर के कारण जनसंख्या स्थिर है, जबकि विकासशील देशों में वृद्धि अभी भी अधिक है।

(i) जनसंख्या वितरण की विशेषताएँ

   आधुनिक काल में जनसंख्या वितरण में व्यापक स्थानिक परिवर्तन देखने को मिलता है-

औद्योगीकरण एवं शहरीकरण

✍️ उद्योगों के विकास से नगरों का तीव्र विस्तार हुआ

✍️ ग्रामीण से शहरी प्रवास में वृद्धि

✍️ महानगरों में अत्यधिक जनसंख्या संकेंद्रण

जनसंख्या का तीव्र विस्तार

✍️ विश्व जनसंख्या में अभूतपूर्व वृद्धि

✍️ 1800 में लगभग 1 अरब से बढ़कर आज 8 अरब से अधिक

विकसित क्षेत्रों में अधिक घनत्व

✍️ पश्चिमी यूरोप, जापान, पूर्वी एशिया एवं उत्तरी अमेरिका

✍️ उद्योग, परिवहन एवं सेवाओं की सघनता

वैश्विक असमान वितरण

✍️ कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक जनसंख्या दबाव

✍️ मरुस्थल, ध्रुवीय प्रदेश एवं पर्वतीय क्षेत्रों में विरल जनसंख्या

(ii) जनसंख्या वृद्धि की स्थिति

18वीं-20वीं सदी में जनसंख्या विस्फोट

✍️ औद्योगिक एवं चिकित्सा प्रगति के कारण मृत्यु दर में तीव्र कमी

✍️ जन्म दर लंबे समय तक ऊँची बनी रही

मृत्यु दर में तीव्र गिरावट

✍️महामारी नियंत्रण

✍️स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और बेहतर आवास

चिकित्सा एवं पोषण में सुधार

✍️टीकाकरण कार्यक्रम

✍️संतुलित आहार एवं खाद्य सुरक्षा

✍️जीवन प्रत्याशा में वृद्धि

(iii) जनसंख्या वृद्धि के निर्धारक (Determinants)

वैज्ञानिक एवं तकनीकी कारक

✍️आधुनिक चिकित्सा विज्ञान

✍️एंटीबायोटिक्स एवं टीकाकरण

✍️शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी

आर्थिक कारक

✍️औद्योगिक रोजगार के अवसर

✍️आय में वृद्धि

✍️जीवन स्तर में सुधार

✍️परिवहन एवं संचार साधनों का विकास

सामाजिक कारक

✍️शिक्षा का प्रसार (विशेषकर महिला शिक्षा)

✍️सामाजिक जागरूकता

✍️परिवार नियोजन कार्यक्रम

✍️विवाह की आयु में वृद्धि

राजनीतिक कारक

✍️राष्ट्रीय जनसंख्या नीतियाँ

✍️स्वास्थ्य एवं कल्याण योजनाएँ

✍️सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम

जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धांत

✍️आधुनिक काल में अधिकांश देश

✍️उच्च जन्म–मृत्यु दर से

✍️निम्न जन्म–मृत्यु दर की अवस्था की ओर बढ़े

✍️यह परिवर्तन आर्थिक विकास एवं सामाजिक परिवर्तन से जुड़ा है

(iv) वर्तमान स्थिति

विकसित देशों में

✍️जन्म दर अत्यंत कम

✍️वृद्ध जनसंख्या का अनुपात अधिक

✍️कुछ देशों में जनसंख्या घट रही है

विकासशील देशों में

✍️जन्म दर अपेक्षाकृत अधिक

✍️युवा जनसंख्या का प्रभुत्व

✍️तीव्र जनसंख्या वृद्धि एवं संसाधनों पर दबाव

निष्कर्ष:

   आधुनिक काल में जनसंख्या वितरण एवं वृद्धि प्राकृतिक नियंत्रण से मुक्त होकर मानव-निर्मित सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक कारकों पर आधारित हो गई है। यह काल मानव इतिहास में जनसंख्या परिवर्तन का सबसे महत्वपूर्ण चरण है, जिसने वर्तमान वैश्विक जनसंख्या संरचना को आकार दिया है।

तुलनात्मक अध्ययन (संक्षेप में)

काल वितरण वृद्धि दर प्रमुख निर्धारक
प्रागैतिहासिक विरल अत्यंत धीमी प्रकृति, रोग
प्राचीन नदी घाटियाँ धीमी कृषि, युद्ध
आधुनिक असमान, शहरी तीव्र (पूर्व में) विज्ञान, नीति

समग्र निष्कर्ष

      जनसंख्या वितरण और वृद्धि मानव सभ्यता के विकास का दर्पण है। जहाँ प्रागैतिहासिक काल में जनसंख्या प्राकृतिक सीमाओं से नियंत्रित थी, वहीं आधुनिक काल में मानव स्वयं जनसंख्या परिवर्तन का प्रमुख निर्धारक बन चुका है।

2. भारत के जनसंख्या वितरण एवं घनत्व (Distribution and Density of Population of India)

2. भारत के जनसंख्या वितरण एवं घनत्व

(Distribution and Density of Population of India)


भारत के जनसंख्या वितरण एवं घनत्व⇒

परिचय –

     किसी देश में उत्पत्ति के संसाधनों में जनसंख्या का अधिक महत्व होता है। प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग और देश की आर्थिक एवं व्यापारिक उन्नति वहाँ पाए जाने वाले जनसंख्या के वितरण, उसके घनत्व एवं लोगों के स्वभाव पर निर्भर करती है। अतः जनसंख्या के वितरण एवं घनत्व को जानना अति आवश्यक है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल जनसंख्या 121.2 करोड़ है तथा औसतन जनसंख्या घनत्व 382 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर है। वास्तव में वर्तमान में भारत विश्व का सघन बसे देशों की श्रेणी में सम्मिलित है। संपूर्ण विश्व के कुल क्षेत्रफल का 2.4%  भाग भारत के पास है अर्थात क्षेत्रफल की दृष्टि से विश्व में सातवाँ परंतु जनसंख्या की दृष्टि से भारत विश्व में चीन के बाद दूसरा स्थान रखता है। भारत में विश्व की 17.5 % से अधिक जनसँख्या निवास करती है।     

    भारत में जनसंख्या का वितरण बहुत ही असमान है। देश की 16.51% जनसंख्या अकेले उत्तर प्रदेश में निवास करती है। यह जनसंख्या जापान की कुल जनसंख्या के बराबर है। जनसंख्या वितरण का सही ज्ञान जनसंख्या घनत्व से  होता है। प्रति इकाई क्षेत्र पर निवास करने वाली व्यक्तियों की संख्या को जनसंख्या घनत्व कहा जाता है। दूसरे शब्दों में जनसंख्या घनत्व संपूर्ण जनसंख्या एवं क्षेत्रफल का अनुपात है तथा इसके माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में जनसंख्या दबाव का तुलनात्मक अध्ययन किया जा सकता है।

      भारत में जनसंख्या का घनत्व सदैव एक समान नहीं रहा है। यह क्रमशः बढ़ता ही जा रहा है। निम्नलिखित तालिका से इस बात की भली-भांति पुष्टि हो जाती है।

  भारत में जनसंख्या घनत्व (1921-2011)

वर्ष जनसँख्या घनत्व

(प्रति वर्ग किलोमीटर)

1921 81
1931 90
1941 103
1951 117
1961 142
1971 177
1981 216
1991 274
2001 324
2011 382

     इस दृष्टि से देखा जाए तो भारत के जनसंख्या घनत्व में तीव्र गति से वृद्धि हुई है। 1931 से 1991 तक छह दशकों में जनसंख्या घनत्व 3 गुना हो गया है। 1951 से 2011 के बीच जनघनत्व में चार गुनी वृद्धि हुई है। उल्लेखनीय है कि उत्तरोत्तर बढ़ती जा रही है। विगत दशक में घनत्व 58 व्यक्ति प्रति किलोमीटर बढ़ा है जो 1921 से 1951 के मध्य तीन दशकों में हुई कुल 36  से भी अधिक है । 1991 की जनगणना के अनुसार देश में जनसंख्या घनत्व 267 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर था जो  2001 में 324 तथा 2011 में 382 हो गई। यह एक ओर  बांग्लादेश, नीदरलैंड, जापान जैसे देशों से कम है तो दूसरी ओर कनाडा, संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और विश्व की तुलना में बहुत अधिक है। देश के विभिन्न भागों में जनसंख्या घनत्व में असमानता है। यह असमानता देश, राज्य और जिला स्तर पर देखने को मिलता है।

       प्रति वर्ग किलोमीटर जनसंख्या घनत्व एक ओर अरुणाचल प्रदेश में 17 व्यक्ति का है तो दूसरी ओर दिल्ली का जनघनत्व 11320 है। पहला पर्वतीय क्षेत्र है जहां मानव बसाव की परिस्थितियां सर्वथा प्रतिकूल है जबकि दूसरा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र है जहाँ मानव बसाव की परिस्थियाँ अनुकूल है। बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तर प्रदेश,  हरियाणा उच्च जनघनत्व वाला राज्य है जबकि कई राज्यों में जनसंख्या का घनत्व राष्ट्रीय औसत से भी कम है।

     जनसख्या घनत्व के इस असमान वितरण के लिए कई कारण उत्तरदायी होते है–

1. प्राकृतिक या भौगोलिक कारक

2. मानवीय कारक

1. प्राकृतिक या भौगोलिक कारक

    जनसंख्या के वितरण घनत्व को प्रभावित करने वाले भौगोलिक कारक

  • धरातलीय संरचना
  • जलवायु
  • मिट्टी का उपजाऊपन
  • जलापूर्ति
  • खनिज पदार्थ

(i) धरातलीय संरचना-

        समतल मैदानी भाग पठारी भूतल की अपेक्षा घने बसे होते हैं, क्योंकि यहां उत्तम जलवायु व कृषि की सुविधाएं, परिवहन सुविधा और व्यापारिक सुविधा अधिक होती है जैसे- सिंधु, गंगा, ब्रह्मपुत्र। इसके अलावा पर्वतीय तथा पठारी क्षेत्रों में जनसंख्या कम होती है, क्योंकि यहां ऊंची नीची और कम उपजाऊ मिट्टी होती है। जैसे दक्कन का पठार पर्वतीय प्रदेशों में है यहां जनसंख्या बहुत कम है।

(ii) जलवायु-

      अनुकूल जलवायु परिस्थितियों वाले क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं जबकि रेगिस्तान जैसे चरम जलवायु परिस्थितियों वाले क्षेत्र काफी कम आबादी वाले क्षेत्र हैं। इसलिए, मुंबई और तमिलनाडु शहर जैसे मध्यम जलवायु का अनुभव करने वाले तटीय क्षेत्र घनी आबादी वाले हैं जबकि थार रेगिस्तान और लेह और लद्दाख क्षेत्र मामूली या कम आबादी वाले हैं।

(iii) मिट्टी का उपजाऊपन-

         जहाँ की मिट्टी उपजाऊ होती है वहां मनुष्य को भोजन, वस्त्र, आवास आदि की सुविधाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हो जाती है। इसीलिए उपजाऊ मिट्टी वाले भूभाग घने बसे होते हैं इसके विपरीत जहां की मिट्टी कम उपजाऊ होती है वहां कम जनसंख्या पाई जाती है। यही कारण है कि गंगा के मैदान वाले क्षेत्रों में आबादी बहुत घनी है जबकि पश्चिमी राजस्थान और पश्चिमी गुजरात कम आबादी वाले क्षेत्र हैं।

(iv) जल-आपूर्ति-

       जिन भू-भागों में पर्याप्त जल उपलब्ध होते हैं वह सघन बसे होते हैं। इसके विपरीत शुष्क एवं जल आभाव वाले क्षेत्रों में जनसंख्या कम निवास करती है। प्राय: यह देखा गया है कि भारत में नदियों की घाटियों एवं डेल्टाई भागों में अधिकांश जनसंख्या निवास करती है। इसका प्रमुख कारण स्वच्छ जल की उपलब्धता ही है। शुष्क एवं पर्वतीय भागों में, जहाँ भूमिगत जल की प्राप्ति में अधिक कठिनाई होती है, जनसंख्या विरल मिलती है।

(v) खनिज पदार्थ-

         खनिज पदार्थों की उपलब्धता जनसंख्या के घनत्व को बढ़ाती है, इसलिए जहां खनिज पदार्थ की उपलब्धता अधिक होगी वहां जनसंख्या भी अधिक होगी। क्योंकि खनिजों के खनन से अनेकों उद्योग का विकास होता है। छोटानागपुर क्षेत्र में खनिज उपलब्धता के कारण ही जनसंख्या का अधिक जमाव पाया जाता है।

2. मानवीय कारक

      जनसंख्या के वितरण घनत्व को प्रभावित करने वाले मानवीय कारक

  • नगरीकरण
  • परिवहन साधनों का विकास
  • औद्योगिकरण
  • सामाजिक एवं धार्मिक कारण
  • कृषि  योग्य भूमि की उपलब्धता
  • धान क्षेत्र
  • राजनीतिक कारक
  • सरकार की नीतियां

(i)  नगरीकरण- 

     नगरीकरण का मुख्य कारण सुरक्षा, रोजगार, परिवहन, शिक्षा आदि सुविधाओं का नगरों में पाया जाना है। नगर वाणिज्य व्यापार उद्योग तथा प्रशासन के भी केंद्र होते हैं। अतः नगरों में जनसंख्या की अधिक वृद्धि हुई है।

(ii) परिवहन साधनों का विकास- 

       परिवहन साधनों के विकास के साथ-साथ जनसंख्या में भी वृद्धि होती जाती है। जैसे सड़कों के किनारे कस्बों और नगरों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की स्थापना हो जाने से जनसंख्या बढ़ती है।

(iii) औद्योगिकरण- 

    औद्योगिक दृष्टि से विकसित प्रदेशों में जनसंख्या का घनत्व उच्च पाया जाता है क्योंकि इन प्रदेशों में रोजगार के अवसर विद्यमान होते हैं। जैसे- जमशेदपुर, भिलाई, तथा दुर्गापुर आदि का उदाहरण दिया जा सकता है। इसके अतिरक्त देश के महानगरों में जनसंख्या का अत्यधिक दबाव अन्य कारणों की अपेक्षा वहाँ पर स्थगित औद्योगिक भू-दृश्यों के करण भी होता है ।

(iv) सामाजिक एवं धार्मिक कारण- 

    जन-घनत्व के वितरण में सामाजिक, सांस्कृतिक  एवं धार्मिक कारकों की भी अहम भूमिका होती है । पर्वतीय एवं आदिवासी क्षेत्रों में सांस्कृतिक अलगाव की प्रवृति एवं धार्मिक कारणों से स्थानांतरण पर प्रतिबन्ध मिलता है । अत: इन भागों में जनसँख्या की विरलता मिलती है । जैसे पूर्वोत्तर भारत, झारखंड, छतीसगढ़ आदि राज्यों में ।

(v) कृषि योग्य भूमि की उपलब्धता-

       कृषि योग्य भूमि की उपलब्धता भारत में जनसँख्या घनत्व को प्रभावित करने वाला एक सर्वप्रमुख कारक है। भारत एक कृषि प्रधान देश है, जिसकी लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या अपनी जीविका के लिए कृषि पर निर्भर रहती है। अत: देश के ऐसे भू-भाग जहाँ कृषि योग्य भूमि की अधिक उपलब्धता है, साथ ही कृषि भूमि के उपजाऊ होने के साथ-साथ अन्य भौगोलिक दशाएँ कृषि कार्यों के लिए अनुकूल है तो उन क्षेत्रों में जनसंख्या का दबाव अधिक मिलता है। गंगा-यमुना का का मैदानी भाग, पूर्वी तटीय भाग तथा मालाबार तट देश के अति सघन बसे भाग है। यह क्षेत्र कृषि के लिए देश के सर्वोत्तम क्षेत्र माने जाते है, जबकि देश के पर्वतीय भाग समतल भूमि की अनुपलब्धता के कारण विरल आबादी वाले है।

(vi) धान क्षेत्र-

         इस अनाज क्षेत्र में अधिक लोगों के जीवन-निर्वाह करने की बेजोड़ क्षमता है । गंगा का मैदान तथा पूर्वी समुद्र तटीय भाग धान के ही क्षेत्र है। यही कारण है कि यहाँ अन्य क्षेत्रों की अपेक्षा अधिक जनसँख्या मिलती है। पूर्वी भारत तथा दक्षिणी भारत (झारखण्ड, बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना) के लोगों का मुख्य आहार चावल है। बिहार और केरल में भी घनी आबादी का यही कारण है।

(vii) राजनीतिक कारक- 

       राजनितिक उथल-पुथल, असुरक्षा, असंतोष आदि राजनितिक कारकों ने देश में जनसंख्या वितरण में असमानता उत्पन्न करने में प्रमुख भूमिका निभाई है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आतंकवाद बढ़ने के कारण स्थानान्तरण दर में तीव्र वृद्धि भी जनसंख्या वितरण में असमानता का कारण बन गई है। जम्मू-कश्मीर, पंजाब व असम में आतंकवाद के कारण ही विरल जनसंख्या पाई जाती है।

         जनसंख्या घनत्व की दृष्टि से भारत को तीन भागों में बांटा जा सकता है-

जनसंख्या घनत्व की दृष्टि से भारत के तीन भाग

1. उच्च घनत्व के क्षेत्र-

      इसके अन्दर पूरे देश के लगभग 1/4 जिलें आते हैं। इसका विस्तार बिहार, पश्चिमी बंगाल, केरल,  उत्तर प्रदेश और हरियाणा में है। यहाँ जनसंख्या का घनत्व (Population Density) 500 व्यक्ति प्रतिवर्ग किमी से अधिक मिलता है। ये क्षेत्र भारतीय कृषि के प्रमुख क्षेत्र हैं। 

2. मध्यम घनत्व के क्षेत्र-

        भारत में लगभग 130 जिलों में 300-500 व्यक्ति प्रतिवर्ग किमी घनत्व पाया जाता है। भारत में मध्यम घनत्व के क्षेत्र उत्तरी भारत के उच्च घनत्व के निकटवर्ती क्षेत्र जैसे महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र के तटवर्ती भाग, छोटा नागपुर के पठार आदि हैं। इन क्षेत्रों में धरातल की विषमता और जल की कमी पाई जाती है। इसलिए ये क्षेत्र कृषि में महत्त्वपूर्ण भूमिका नहीं निभाते. इसलिए इन क्षेत्रों में कम जनसंख्या पाई जाती हैं। पर यहाँ खनिजों का भण्डार है जिससे ये क्षेत्र औद्योगिक और आर्थिक रूप से विकसित हैं। पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में कृषि तथा लघु उद्योगों के विकास के कारण मध्यम घनत्व के कुछ क्षेत्र विकसित हुए हैं। 

3. निम्न घनत्व के क्षेत्र-

      भारत के लगभग 150 जिलों में 300 व्यक्ति प्रतिवर्ग किमी से भी कम जनसंख्या का घनत्व मिलता है। उत्तर-पूर्व हिमालयी क्षेत्र में और पश्चिमी भारत में कमी और जनसंख्या का अल्प घनत्व मिलता है। मध्य प्रदेश और उड़ीसा के पठारी और जनजातीय क्षेत्रों, कर्नाटक के पूर्वी भाग और आंध्र प्रदेश के मध्यवर्ती भाग में भौतिक बाधाओं और कृषि के अविकसित होने के चलते कम जनसंख्या पाई जाती है। कच्छ के दलदल वाले क्षेत्र भी निम्न घनत्व वाले क्षेत्र हैं।

2011 के जनगणना के अनुसार सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले पाँच राज्य है-

  1. बिहार – 1106
  2. पश्चिम बंगाल – 1028
  3. केरल – 860
  4. उत्तर प्रदेश – 829
  5. हरियाणा – 573

2011 के जनगणना के अनुसार न्यूनतम जनसंख्या घनत्व वाले पाँच राज्य है-

  1. अरुणाचल प्रदेश –17
  2. मिजोरम – 52
  3. सिक्किम – 86
  4. नागालैंड- 119
  5. हिमाचल प्रदेश –123

2011 के जनगणना के अनुसार सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाले पाँच केंद्रशासित राज्य है-

  1. राष्ट्रीय  राजधानी क्षेत्र दिल्ली –11320
  2. चंडीगढ़ – 9258
  3. पुद्दुचेरी – 2547
  4. दमन एवं द्वीप – 2191
  5. लक्षद्वीप – 2149

          जबकि क्षेत्रीय आधार पर भी भारत को तीन जनसंख्या वर्गों में विभाजित किया गया है-

1. उत्तर का मैदानी भाग: 

       भारत में उत्तर का मैदानी भाग सर्वाधिक जनसंख्या रखने वाला क्षेत्र है जिसमें सन् 2011 में देश की लगभग 52 करोड़ जनसंख्या (42.7 प्रतिशत) निवासित थी। उत्तर के मैदानी क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश (19.96 करोड़), बिहार (10.38 करोड़), प. बंगाल (9.13 करोड़), राजस्थान (6.86 करोड़), पंजाब (2,77 करोड़) तथा हरियाणा (2.54 करोड़) नामक राज्य देश में सवार्धिक जनसंख्या वाले राज्य हैं।

2. दक्षिण के पठारी भाग:

         जनसंख्या की दृष्टि से दक्षिण के पठारी भाग का दूसरा स्थान है। महाराष्ट्र (11.24 करोड़), मध्य प्रदेश (7.26 करोड़), कर्नाटक (6.11 करोड़) तथा आन्ध्र प्रदेश (8.47 करोड़) दक्षिण के पठारी भाग पर विस्तृत राज्य हैं जिनमें सन् 2011 में देश की 27.3 प्रतिशत जनसंख्या निवासित थी।

3. तटवर्ती,पर्वतीय तथा मरुस्थलीय भाग:

       जनसंख्या की दृष्टि से दक्षिण के पठारी भाग का तिसरा स्थान है। देश के सभी तटीय क्षेत्रों, उत्तरी-पूर्वी पर्वतीय राज्यों तथा राजस्थान के पश्चिमी मरुस्थलीय भागों में प्राकृतिक एवं धरातलीय विषमता के कारण जनसंख्या कम निवासित है।

2011 के जनगणना के अनुसार सर्वाधिक जनसंख्या वाले पाँच राज्य है–

(i)   उत्तर प्रदेश – 16.51%

(ii)   महाराष्ट्र – 9.28%

(iii)  बिहार – 8.6%

(iv)  पश्चिम बंगाल – 7.54%

(v)   आंध्रप्रदेश – 6.99%

2011 के जनगणना के अनुसार सबसे कम जनसंख्या वाले पाँच राज्य है–

(i)  सिक्किम – 0.05%

(ii)   मिजोरम – 0.09%

(iii)  अरुणाचल प्रदेश – 0.11%

(iv)   गोवा – 0.12%

(v)   नागालैंड  – 0.16%

निष्कर्ष :

       निष्कर्षत: कहा जा सकता है कि भारत में जनसंख्या वितरण व घनत्व सभी क्षेत्रों में एक सामान नहीं है। भारत में लगभग 50 प्रतिशत आबादी मात्र पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र,  बिहार,  पश्चिम बंगाल व आंध्रप्रदेश में निवास कती है जबकि 4 प्रतिशत उतरी एवं उत्तरी पूर्वी 10 पर्वतीय राज्यों  में निवास करती है।  साथ ही भारत के जन-घनत्व में 1901 से 2011 तक हमेशा वृद्धि ही  हुआ है।



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