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GEOGRAPHY OF INDIA(भारत का भूगोल)

41. Climate Classification of India by Stamp and Kendrew (स्टैम्प तथा केन्ड्रयू द्वारा भारत की जलवायु वर्गीकरण)

41. Climate Classification of India by Stamp and Kendrew

(स्टैम्प तथा केन्ड्रयू द्वारा भारत की जलवायु वर्गीकरण)


        प्रो० एल० डी० स्टैम्प तथा डब्लू. जी. केन्ड्रयू ने भारत को अनेक जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया। यह वर्गीकरण स्वेच्छाचारी तथा अवास्तविक है। स्टैम्प ने जनवरी के महीने के लिए 18C की औसत तापमान की समताप रेखा का उपयोग देश को मोटे तौर पर दो जलवायु क्षेत्रों में विभाजित करने के लिए किया। जैसे-

(A) उपोष्ण जलवायु क्षेत्र उत्तर- उत्तर भारत में

(B) उष्णकटिबंधीय जलवायु क्षेत्र- दक्षिण भारत में।

         यह देखा जा सकता है कि 18C की समताप रेखा कर्क रेखा के लगभग समांतर गुजरती है। इन दो जलवायु क्षेत्रों की वर्षा के आधार पर 11 क्षेत्र में विभाजित किया गया है।  जैसे-

(A) उपोष्ण महाद्वीपीय जलवायु

      उपोष्ण महाद्वीपीय जलवायु को पांच जलवायु क्षेत्र में बांटा है। जैसे-

(1) हिमालय क्षेत्र

(2) उत्तर-पश्चिम क्षेत्र

(3) शुष्क निम्न भूमि

(4) सामान्य मध्यम वर्षा का क्षेत्र

(5) परवर्ती क्षेत्र

(B) उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु

        उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु को निम्नलिखित 6 भागों में वर्गीकृत किया है-

(1) अत्यधिक भारी वर्षा का क्षेत्र

(2) भारी वर्षा का क्षेत्र

(3) सामान्य (मध्यम) वर्षा के क्षेत्र

(4) कोंकण तट

(5) मालाबार तट

(6) तमिलनाडु क्षेत्रClimate Classification

(A) उपोष्ण महाद्वीपीय जलवायु

(1) हिमालय क्षेत्र:-

      यह जलवायु जम्मू तथा कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाती है। इस जलवायु में ग्रीष्म ऋतु सुहावना तथा शीत ऋतु अत्यंत ठंड होती है। तापमान क्षेत्रीय वितरण (स्थलाकृति तथा ढाल) पर निर्भर करती है। 2500 मी० की ऊँचाई तक शीत ऋतु में औसत तापमान 4C से 8C के बीच होता है जबकि ग्रीष्म ऋतु में 12C- 18C के बीच होता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शीत ऋतु में वर्षा दर्ज किया जाता है। जाड़े के महीने में हिमपात तथा हिमवर्षा महान तथा लघु हिमालय की सामान्य विशेषता है।

(2) उत्तरी पश्चिमी भारत की जलवायु:-

       यह जलवायु समतल नदी के उत्तर-पश्चिम में पाई जाती है जहाँ शीत ऋतु में औसत तापमान लगभग 15C होती है। जनवरी में तापमान कभी-कभी हिमांग के नीचे चला जाता है जबकि गर्मी में 45C को पार कर जाता है और लू चलती है।

(3) उत्तर-पश्चिम भारत का शुष्क मैदान:-

        यह जलवायु राजस्थान, कच्छ तथा हरियाणा के दक्षिण-पश्चिम भाग में पाई जाती है। शीत ऋतु का तापमान 15C से 25C तथा मई तथा जून में तापमान कभी-कभी 47C से भी अधिक हो जाता है औसत वार्षिक वर्षा 25 सेंटीमीटर से कम होती है।

(4) सामान्य (मध्यम) वर्षा का क्षेत्र:-

      यह जलवायु पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम तथा उत्तर पश्चिम बिहार, उत्तर-पश्चिम झारखंड में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 100 से 150 सेंटीमीटर के बीच होती है। 90% वर्षा वर्षा ऋतु में होती है। वर्षा बंगाल की खाड़ी के धारा से होती है। जनवरी का औसत तापमान 15C तथा जुलाई का औसत अधिकतम तापमान 40C से अधिक होता है।

(5) परवर्ती क्षेत्र:-

      यह संपूर्ण बिहार, उत्तर बंगाल और पश्चिम असम में पाई जाती है। औसत वर्षा 150 सेंटीमीटर से अधिक और तापमान सामान्य बना रहता है।

(B) उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु

(1) अत्यधिक भारी वर्षा का क्षेत्र:-

       यह जलवायु असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा तथा मिजोरम में पाई जाती है। यहाँ वार्षिक वर्षा 250 cm से अधिक होती है। विश्व में सर्वाधिक वर्षा चेरापूंजी और मासिनराम में दर्ज किया जाता है। 90% वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून से होता है। तरंगित स्थलाकृतिक विशेषता के कारण मासिक तापमान में भिन्नता दिखाई देती है।

(2) भारी वर्षा का क्षेत्र:-

      यह जलवायु पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, आंध्रप्रदेश के पूर्वी भाग में पाई जाती है। यहाँ औसत वर्षा 100 से 200 सेंटीमीटर होती है। पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा घटती है। जनवरी का औसत तापमान 15C से अधिक, जून तथा जुलाई का तापमान 30C होता है।

(3) सामान्य (मध्यम वर्षा) के क्षेत्र:-

       यह पश्चिमी घाट के पूर्व गुजरात, दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के अधिकांश भाग में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 75 सेंटीमीटर, जनवरी की तापमान 18C तथा जुलाई का 32C होता है।

(4) कोकण तट:-

      यह तापी नदी के मुहाने से लेकर गोवा तक तटीय भाग में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 200 सेंटीमीटर से अधिक होती है। इसमें 90% वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून से होती है। जनवरी की औसत तापमान 24C तथा जुलाई का 27C होता है। औसत वार्षिक तापांतर 3 से 6C तक होता है।

(5) मालाबार तट:-

      यह गोवा से लेकर कन्याकुमारी तक तटीय भाग में पाई जाती है। इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा 250 सेंटीमीटर से अधिक होती है। औसत वार्षिक तापमान लगभग 27C होती है।

(6) तमिलनाडु क्षेत्र:-

          यह तमिलनाडु और कोरोमंडल के अधिकांश क्षेत्र में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 100 से 150 सेंटीमीटर के बीच होती है। अधिकांश वर्षा लौटती मानसून से होती है। जनवरी की औसत तापमान 24C और जुलाई का 30C होता है।

     इस तरह ऊप के तथ्यों से स्पष्ट है कि स्टैम्प तथा केन्ड्रयू महोदय ने तापमान और वर्षा का आधार मानकर भारत के जलवायु प्रदेशों का निर्धारण किया।


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41. Climate Classification of India by Stamp and Kendrew (स्टैम्प तथा केन्ड्रयू द्वारा भारत की जलवायु वर्गीकरण)

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I ‘Dr. Amar Kumar’ am working as an Assistant Professor in The Department Of Geography in PPU, Patna (Bihar) India. I want to help the students and study lovers across the world who face difficulties to gather the information and knowledge about Geography. I think my latest UNIQUE GEOGRAPHY NOTES are more useful for them and I publish all types of notes regularly.

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