Category GEOGRAPHY OF INDIA(भारत का भूगोल)

2. Distribution, use, related prmobles and conservation of land resources in India. (भारत में भूमि संसाधन के वितरण, उपयोग, संबंधित समस्या तथा संरक्षण)

 Distribution, use, related problems and conservation of land resources in India.

(भारत में भूमि संसाधन के वितरण, उपयोग, संबंधित समस्या तथा संरक्षण)



             भूमि एक प्राकृतिक संसाधन है। धरातल के सबसे ऊपरी सतह में मिलने वाला असंगठित पदार्थ को मृदा कहते हैं। चूंकि मृदा में आर्थिक लगान देने की क्षमता होती है। इसलिए इसे संसाधन की श्रेणी में रखते हैं।

     भारत मृदा संसाधन के मामले में एक समृद्ध राष्ट्र है। क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत विश्व का 7वाँ सबसे बड़ा देश है। विश्व के कुल क्षेत्रफल का 2.4% भूभाग भारत के पास उपलब्ध है। इसका क्षेत्रफल 32,87,263 वर्ग किमी० है।

     मुख्य भूमि का विस्तार 8°4′ N से 37°6’N अक्षांश है। जबकि देशान्तरीय विस्तार 687′ से 97°25′ तक है। इसके सीमा का विस्तार 15200 किमी० है। भारत के कुल क्षेत्रफल का 58% भूभाग कृषि योग्य भूमि के अन्तर्गत आता है। यह विश्व के कुल कृषि योग्य भूमि का 11% है।

Distribution

     विशालकाय भूभाग होने के कारण मृदा के ऊपर अनेक प्रकार के भौतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक कारकों का प्रभाव पड़ता है। इन कारकों के कारण ही अलग-2 क्षेत्र में अलग-2 प्रकार से भूमिका उपयोग किया जाता है।

     भारतीय मृदा संसाधन उपयोग को चार शीर्षकों में बाँटकर अध्ययन करते हैं:-

(1) वनीय भूमि के रूप में

(2) कृषि कार्य के रूप में

(3) निर्मित भूमि के रूप में

(4) अप्रत्यक्ष एवं प्रत्यक्ष आर्थिक लगान न देने वाली भूमि।

(1) वनीय भूमि के रूप में:-

     पर्यावरण के दृष्टिकोण से भारत में कम से कम 33% भूभाग पर वन होना चाहिए। इसमें भी मैदानी भारत में 20% और पठारी भाग में 60% भूभाग पर वन होना चाहिए। लेकिन भारत के कुल क्षेत्र के मात्र 22.1% भारत पर वन उपलब्ध है। इसमें पंजाब एवं हरियाणा ऐसे राज्य हैं जो वन विहीन है। पूर्वोत्तर, छतीसगढ़, MP, ओडिशा इत्यादि ऐसे राज्य है जहाँ के भूमि पर वन का विस्तार अधिक है।

(2) कृषि वर्ष के रूप में:-

     कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसी भी देश के कुल क्षेत्रफल का 40% भूभाग को ही कृषि कार्य में लगाया जाना चाहिए। लेकिन भारत अपने कुल क्षेत्रफल का 58% भूमि का प्रयोग कृषि क्षेत्र में कर रहा है। इसमें 47% भूभाग प्रत्यक्ष कृषि के रूप में, 7.5% परती भूमि के रूप में, 25% चारे भूमि के रूप में उपयोग किया जा रहा है।

      भारत में सर्वाधिक कृषि योग्य भूमि मैदानी क्षेत्र में उपलब्ध है। भारतीय मृदा पर अनेक प्रकार के फसलों की कृषि की जाती है जिनमें खाद्यान्न फसल, तेलहन, दलहन एवं नगदी फसल प्रमुख है।

(3) निर्मित क्षेत्र के रूप में:-

      इसके अन्तर्गत भूमि का प्रयोग अधिवासीय माकान के रूप में परिवहन मार्ग में खनन भूमि के रूप में, नगर एवं औद्योगिक क्षेत्रों के विकास में किया जा रहा है। भूगोलवेत्ताओं के अनुसार किसी भी देश के कुल क्षेत्रफल का 14% भूभाग का प्रयोग निर्मित क्षेत्र के रूप में किया जाना चाहिए। लेकिन वर्तमान समय में 13.5% भूमि प्रयोग इस रूप में कर रहा है।

(4) प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लगान न देने वाली भूमि के रूप में:-

      इसके अन्तर्गत हिमाच्छादित भूमि, चट्टानी भूमि, मरुस्थलीय भूमि, दलदली भूमि में शामिल करते है। पर्यावरणवादियों के अनुसार किसी भी देश में 13% भूभाग पर ऐसी भूमि होनी चाहिए। वर्तमान समय में भारत के पास 13% ऐसे भूमि उपलब्ध है।

     भारत के भूमि प्रयोग प्रतिरूप से स्पष्ट है कि भारत में भू-उपयोग काफी असंतुलित है जिसके कई कारण है। जैसे-

(i) भारत की लगातार बढ़ती हुई जनसंख्या,

(ii) प्रति इकाई भूमि पर बढ़ता हुआ जनसंख्या दबाव,

(iii) कृषि योग्य भूमि में लगातार कमी,

(iv) प्रति वर्ष बड़े पैमाने पर वनों की कटाई,

(v) अवैज्ञानिक कृषि पद्धति, जैस- झूम कृषि, सीढ़ीनुमा कृषि।

(vi) अत्याधिक पशुचारण,

(vii) बड़े पैमाने पर रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग,

(viii) किसानों के द्वारा फसल चक्र को अपनाया नहीं जाना,

(ix) तीव्र औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण,

(x) बाढ़, सूखाड़, मरुस्थलीकरण, हिमस्खलन, भूस्खलन जैसे प्राकृतिक कारण।

भारतीय मृदाओं की समस्याएँ

      भारतीय मृदा कई मानवीय कारक प्राकृतिक कारक से प्रभावित होती रही है जिसके कारण भारतीय मृदा के समक्ष निम्नलिखित समस्याएं उत्पन्न हुई है-

(1) मृदा अपरदन की समस्या,

(2) घटती मृदा उर्वरता,

(3) जल जमाव की समस्या

(4) भूमि लवणीकरण की समस्या

(5) मरुस्थलीयकरण की समस्या

(1) मृदा अपरदन की समस्या:-

     मृदा के ऊपरी सतह के हटने की क्रिया ‘मृदा अपरदन’ कहलाता है। जब मृदा का ऊपरी भाग एक चादर रूप में फटता है तो उसे ‘परत अपरदन’ या ‘चादर अपरदन’ कहते हैं। अगर जल बहाव के कारण छोटे-बड़े नाली के रूप में मृदा अपरदन होता है, तो उसे गली एवं अवनालिका अपरदन कहते है। चम्बल नदी घाटी क्षेत्र इसके लिए विश्व प्रसिद्ध है।

        भारत में मृदा अपरदन के कई कारक सक्रिय है। जैसे- मरुस्थलीय क्षेत्र में शुष्क वायु और आकस्मिक वर्षा, तटीय क्षेत्र में समुद्री तरंग पर्वतीय क्षेत्र में हिमानी और झूम कृषि मैदानी क्षेत्र में बाढ़ एवं अवैज्ञानिक कृषि पद्धति, पठारी क्षेत्र में खनन कार्य इत्यादि प्रमुख है। अत्याधिक चराई के कारण भारत में सबसे अधिक मृदा का अपरदन शिवालिक क्षेत्र में उत्पन्न हुआ है।

(2) घटती मृदा उर्वरता:-

      भारतीय भूमि पर सैकड़ों वर्षों से कृषि कार्य किया जा रहा है। पुन: हरित क्रांति के दौरान बड़े पैमाने पर रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किये जाने के  कारण एवं वनीय ह्रास के कारण मृदा के उर्वरता में लगातार कमी आ रही है। किसानों के द्वारा अवैज्ञानिक कृषि पद्धति अपनाये जाने के कारण भी यह समस्या गंभीर होती जा रही है।

      रासायनिक उर्वरक के  प्रयोग किये जाने से मृदा के उर्वरता में सर्वाधिक कमी पंजाब, हरियाणा, प० उत्तर प्रदेश तथा कमाण्ड एरिया प्रोजेक्ट वाले क्षेत्र में उत्पन्न हुई है। अत्यधिक भूमिगत जल संसाधन के दोहन से मृदा में नमी की कमी होने लगती है। कृषि अर्थ में पशुओं के स्थान पर यंत्रों के प्रयोग से भूमि तथा पशु के बीच के सहचर्य में कमी आयी है जिसके चलते भूमि की उर्वरता में लगातार कमी हो रही है।

नोट: भारत में कमांड एरिया डेवलपमेंट प्रोग्राम (सीएडीपी) 1974 में भूमि और जल प्रबंधन में सुधार के लिए व्यापक कार्यक्रम के हिस्से के रूप में शुरू किया गया था। इसका प्राथमिक उद्देश्य प्रमुख और मध्यम सिंचाई परियोजनाओं के कमांड क्षेत्रों में पानी के उपयोग की दक्षता में सुधार करके कृषि उत्पादकता को बढ़ाना था।

(3) जल जमाव के समस्या:-

         भारत में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ पर जल जमाव की गंभीर समस्या उत्पन्न हुई है। जैसे- इंदिरा गाँधी नहर के अतिरिक्त जल को जैसलमेर और बाडमेर को छोड़ दिया जाता है जिसके कारण वहाँ जल जमाव की समस्या उत्पन्न हो गई है। इसी तरह से बहुदेशीय नदी घाटी परियोजना के तहत बड़े-बड़े बाँधों का निर्माण किया जाता है और बाँधों के पीछे बड़ी मात्रा में जल का भण्डारण किया जाता है जिसके कारण उसके इर्द-गिर्द के क्षेत्र में भूमिगत जल ऊपर उठ जाते हैं और जल-जमाव की समस्या उत्पन्न करते है।

(4) भूमि लवणीकरण के समस्या:-

     मृदा में लवण बढ़ने की क्रिया को लवणीकरण कहते हैं। भारत में यह समस्या उन क्षेत्रों में उत्पन्न हुई है जहाँ वर्षा कम और वाष्पीकरण अधिक होती है। पुनः नहरी जल से सिंचाई का कार्य होता है। हरित क्रांति वाले क्षेत्रों में यह एक गंभीर समस्या है।

(5) मरुस्थलीकाण की समस्या:-

      मरुस्थल का विस्तार मरुस्थलीकरण कहलाता है। थार मरुस्थल के पूर्वी उतरी सीमावर्ती क्षेत्रों में यह एक गंभीर समस्या है।

      इस तरह ऊपर के तथ्यों से स्पष्ट है कि भारत की मृदा कई समस्याओं से ग्रसित है। 

मृदा संरक्षण

     भारत की एक अरब से भी अधिक जनसँख्या के सुपोषण को ध्यान में रखते हुए मृदा संसाधनों के उचित उपयोग तथा संरक्षण पर ध्यान देने की आवश्यक है। मृदा संरक्षण के दिशा में कई उपाय किये जा रहे हैं। जैसे-

(1) वृक्षों  के कटाई पर प्रतिबंध:-

      वृक्षों की कटाई रोकने हेतु कई प्रकार के कानून का निर्माण किया गया है। इस कानून उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को दण्ड देने के प्रावधान है। ‘चिपको आंदोलन’ इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहा।

(2) वृक्षारोपण:-

     गुजरात, हरियाणा, राजस्थान, प० मध्य प्रदेश के किसानों के द्वारा तेज हवाओं से होने वाला मृदा अपरदन को रोकने के लिए मेढ़ वानिकी, कृषि वानिकी का सफल प्रयोग किया गया है। मृदा अपरदन को रोकने हेतु वृक्षारोपण सबसे उपयुक्त उपाय है। अतः इस कार्य के लिए सामजिक वानिकी कार्क्रम को चलाकर वनीय भूमि को बढ़ाया जा रहा है।

(3) स्थानान्तरित कृषि पर प्रतिबंध:-

     इस कृषि के अन्तर्गत नाजूक पर्यावरण में निवास करने वाले आदिवासी समाज जंगलों को काटकर जलाता है और उस पर कृषि का कार्य करता है जिसके कारण बड़े पैमाने पर भूमि की सक्षमता में कमी आती है। अत: भारत सरकार ने 1976 ई० में ही झूम कृषि निषेध कानून बनाकर इस पर निषेध लगाती है।

(4) समोच्च रेखीय जुलाई:-

     पर्वतीय क्षेत्रों में किसानों को समोच्च के अनुरूप हल जुताई के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

(5) बाढ़ नियंत्रण:-

     मृदा ह्रास तथा बाढ़ के बीच में गहरा सह-संबंध है। अतः बाढ़ नियंत्रण हेतु बहुद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना, उचित जल प्रबंधन, नदी जोड़ों कार्यक्रम को लागू किया जा रहा है।

(6) परती भूमि पुर्नोद्वार:-

     भारत में लगभग 96 लाख हेक्टेयर भूमि परती भूमि के अन्तर्गत आता है। भारत में सबसे ज्यादा परती भूमि आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक में उपलब्ध है। परती भूमि पर चारागाह फलोद्यान में विकास दर उसे उपयोग में लाया जा सकता है। बंजर भूमि पर जल भण्डारण कर उर्वर भूमि के रूप में रखा जा सकता है। चम्बल नदी घाटी क्षेत्र में भूमि के समतलीकरण कर अवनलिका अपरदन से निपटा जा रहा है।

(7) लवणीय मृदा उद्धार:-

      भारत में सर्वाधिक लवणीय मृदा UP, पंजाब तथा पश्चिम बंगाल में है। भारत में 80 लाख हेक्टेयर भूमि पर लवणीय मिट्टी के विस्तार हुआ है। लवणीय भूमि पर जिप्सम का प्रयोग कर, गोबर एवं जैविक उर्वरक प्रयोग कर उर्वर भूमि बदला जा सकता है।

(8) अन्य उपाय:-

    मृदा संरक्षण के कई अन्य उपाय भी लाये जा रहे है या लाये जा सकते हैं। जैसे- 

(i) सहायक नदियों पर छोटे-2 बाँधों का निर्माण करना।

(ii) मरुस्थलीय क्षेत्रों में ग्रीन बोल्ट तथा बाड़ का निर्माण करना।

(iii) पशुओं तथा मृदा के बीच में सहचर्य को बढ़ाना।

(iv) जैविक उर्वरक का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करना।

(v) फसल चक्र के उपयोग को बढ़ावा देना।

(vi) सतत् कृषि विकास को बढ़ावा देना।

(vii) Soil Clinic का निर्माण करना।

(viii) USA के तर्ज पर भारत में भी मृदा सेवा केन्द्र तथा मृदा सेवा आन्दोलन को चालाया जाना।

निष्कर्ष:

    इस तरह ऊप के तथ्यों से स्पष्ट‌ है कि भात में मृदा से संबंधित जहाँ कई समस्याएँ उत्पन्न हुई है वहीं उससे निपटने के दिशा में कई संस्थागत एवं संरचनात्मक प्रयास भी किये जा रहे है।

1. Land Resources (भूमि संसाधन)

Land Resources

(भूमि संसाधन)



Q1. भारत में भूमि संसाधन के उपयोग एवं संरक्षण का वर्णन कीजिए।

Q2. भारत में बंजर भूमि प्रबंधन

       भारत प्राकृतिक संसाधनों के मामले में एक धनी राष्ट्र है। भूगोलवेताओं ने संसाधन को परिभाषित करते हुए कहा है कि वह कोई भी वस्तु जो मानव में संतुष्टि प्रदान करता है, उसे संसाधन कहते हैं।” इस परिभाषा के मद्देनजर भूमि भी एक प्राकृतिक संसाधन का ही उदा० बन जाता है। मृदा या भूमि धरातल के सबसे ऊपरी भाग में पायी जाती है जिसका निर्माण जैविक एवं अजैविक तत्वों के ऋतुक्षरण से होता है। मृदा एक प्राकृतिक संसाधन है क्योंकि यह न केवल मानव को संतुष्टि प्रदान करता है बल्कि इससे आर्थिक लगान भी प्राप्त होती है तथा यह अन्य सभी प्राकृतिक संसाधनों का आधार होता है।

Land Resources

     भारत भूमि संसाधन के मामले में एक समृद्ध राष्ट्र है। जैसे क्षेत्रफल के दृष्टिकोण से भारत विश्व का सातवाँ सबसे बड़ा देश है जिसका क्षेत्रफल 32.8 लाख वर्ग किमी० है। पूरे विश्व के क्षेत्रफल का 2.4% भूभाग हमोर देश के पास है। पूरे विश्व के 11% कृषि योग्य भूमि भारत के पास है। भारत के कुल क्षेत्रफल का लगभग 58% भूभाग कृषि कार्य के अंतर्गत आते हैं। भारत के पास जितनी भूमि उपलब्ध है उसका उपयोग भिन्न-2 प्रकार से किया जाता है। मोटे तौर पर भारतीय भूमि संसाधन के उपयोग को चार शीर्षकों में बाँटकर अध्ययन करते हैं:-

(1) वनीय क्षेत्र के रूप में:

     पर्यावरण के दृष्टिकोण से भारत के कुल क्षेत्रफल का 33% भूभाग पर वन होना चाहिए था लेकिन भारत के मात्र 22.1% भूभाग पर ही वन उपलब्ध है। इसमें भी मैदानी क्षेत्र में 20% भूभाग पर और पठारी क्षेत्र में 60% भूभाग पर वन होना चाहिए था। लेकिन पंजाब, हरियाणा, दिल्ली इत्यादि ऐसे क्षेत्र हैं जो पूर्णतः वन विहीन हो चुके हैं। भारत में जो वन बचे हुए हैं वो द० भारत, मध्य भारत तथा पर्वतीय ढलानों पर उलब्ध है। बढ़ती हुई जनसंख्या, जनजातीय क्रियाविधि और विभिन्न प्रकार के निर्माण कार्य के कारण वनों का तेजी से ह्रास हो रहा है। वनीय ह्रास के कारण मृदा में भूमि तापन, आर्द्रता ह्रास एवं अपरदन की समस्या उत्पन्न हो रही है।

(2) कृषि के रूप में:-

     कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार किसी भी देश के कुल क्षेत्रफल का 40% भूभाग पर ही कृषि कार्य किए जाना चाहिए लेकिन वर्तमान समय में इससे अधिक भूमि पर कृषि कार्य किया जा रहा है। जैसे- 47% भूभाग पर प्रत्यक्ष रूप से कृषि किया जा रहा है। 7.5% परती भूमि के अन्तर्गत शामिल है। 2.5% भूभाग पर पशुचारण किया जा रहा है। इस तरह स्पष्ट है कि अत्याधिक कृषि कार्य एवं पशुपालन के कारण भूमि उपयोग का प्रारूप असंतुलित हो चुका है।

(3) निर्मित क्षेत्र के रूप में:-

     इसके अन्तर्गत अधिवासीय क्षेत्र, परिवहन मार्ग, खनन भूमि, औद्योगिक क्षेत्र, नगरीय क्षेत्र इत्यादि को शामिल करते हैं। भूगोलवेताओं के अनुसार 14% भूभाग पर ही निर्माण का कार्य होना चाहिए लेकिन वर्तमान समय में 13.5% भूभाग पर निर्माण का कार्य हो रहा है।

(4) प्रत्यक्ष आर्थिक लगान न देने वाले भूमि के रूप में:-

     इसके अंतर्गत हिमाच्छादित भूमि, दलदली क्षेत्र, मरुस्थलीय क्षेत्र एवं चट्टानी भूमि को शामिल करते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार किसी भी देश में 13% भूभाग ऐसे उपयोग के क्षेत्र में होना चाहिए। हलांकि वर्तमान समय में भारत के पास 13% ऐसे भूमि उपलब्ध है। लेकिन भारत में अप्रत्यक्ष आर्थिक लगान देने वाले भूमि को धीरे-2 प्रत्यक्ष आर्थिक लगान वाले क्षेत्र में शामिल किया जा रहा है।

       इस तरह उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि भारत में मृदा संसाधन का उपयोग कई प्रकार से किया जा रहा है।

मृदा की समस्यायें

     मृदा संसाधन के अत्याधिक दोहन के कारण कई प्रकार के समस्याओं का अभ्युदय हुआ है। जैसे-

(i) बंजर भूमि का तेजी से विकास हो रहा है। “राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास बोर्ड के अनुसार 175 मिलियन हेक्टयर भूमि बंजर भूमि के रूप में बदल चुका है।

(ii) “भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद” के अनुसार भारत के 60% भूमि के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आयी है। स्वास्थ्य में गिरावट का तात्पर्य मृदा में उपस्थित सूक्ष्म जीवाणु तथा ह्यूमस में तेजी से ह्रास है। मृदा में उपस्थित आर्द्रता ह्रास की समस्या उत्पन्न हो रही है। भूमि के नंगा होने के कारण मिट्टी का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है। उपरोक्त स्वास्थ्य में गिरावट का प्रमुख कारण अवैज्ञानिक कृषि पद्धति है। पुनः वैज्ञानिक कृषि पद्धति के तहत उर्वरक, कीटनाशक, ट्रैक्टर इत्यादि का प्रयोग किया जाना है।

(iii) भूमि अपरदन की समस्या-

     अपरदन के मूलतः 5 दूत होते हैं जिसके कारण अलग-2 क्षेत्रों में मृदा अपरदन की समस्या उत्पन्न हुई है। जैसे- बढ़ता हुआ जल के कारण नदी घाटी क्षेत्र में, हिमानी के कारण पर्वतीय क्षेत्र में, शुष्क वालु के कारण थार मरुस्थलीय क्षेत्र में, समुद्री तरंग के कारण तटवर्ती क्षेत्र में, भूमिगत जल के कारण मेघालय के गारों-खासी क्षेत्र, बिहार कैमूर क्षेत्र तथा उत्तराखण्ड के देहरादून क्षेत्र में यह समस्या उत्पन्न हो रही है।

(iv) मृदा प्रदूषण

    उर्वरकों, कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग तथा औद्योगिक कचड़ों को खुले क्षेत्र में फैला दिये जाने के कारण यह समस्या उत्पन्न हो रही है।

(v) खनन एवं परित्यक्त भूमि के विस्तार की समस्या-

      जिन क्षेत्रों में खनन के कार्य सम्पन्न हो जाता है। उन खनन क्षेत्रों को परित्यक्त भूमि के रूप में छोड़ दिया जाता है। ऐसे भूमि का भारत में लगातार विस्तार हो रहा है।

      उपरोक्त समस्याओं को देखते हुए मृदा संरक्षण का कार्य अनिवार्य है। मृदा के संरक्षण हेतु 6वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान केन्द्र सरकार ने तीन बोर्ड का गठन किया था-

1. राष्ट्रीय बंजर भूमि विकास बोर्ड

2. राष्ट्रीय भूमि उपयोग एवं संरक्षण बोर्ड

3. राष्ट्रीय बंजर भूमि एवं भू उपयोग परिषद

      प्रथम बोर्ड के गठन का मुख्य उद्देश्य संसाधनात्मक दृष्टि से जिस भूमि का पतन हो चुका है उनके संरक्षण एवं विकास हेतु कार्यक्रम का निर्माण करना है। दूसरे बोर्ड के गठन के मुख्य उद्देश्य प्रत्येक राज्यों में भूमि उपयोग प्रतिरूप का निर्धारण करना है। तीसरे बोर्ड के गठन के मुख्य उद्देश्य “मृदा संरक्षण के संबंध में विभिन्न प्रकार के नीतियों का निर्धारण करना है।”

     भारत में भौगोलिक सूचना तंत्र (GIS) को विकसित किया गया है जो कृत्रिम उपग्रह इंटरनेट तथा कम्प्यूटर के माध्यम से सूखा, बाढ़, बंजर भूमि इत्यादि के संबंध में विभिन्न प्रकार के आँकड़ों को इकठ्ठा करता है तथा उनके संरक्षण हेतु तार्किक उपाय भी बताता है। भारतीय GIS को ऊपर में बताये गये तीनों बोर्ड से जोड़ दिया गया है।

     भारत में भूमि विकास कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। जैसे- 8वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान भारतीय बंजर भूमि को दो भागों में बाँटकर अध्ययन किया गया है-

(i) वनीय बंजर भूमि

(ii) गैर वनीय बंजर भूमि-

      वनीय बंजर भूमि पर सामाजिक वानिकी कार्यक्रम चलाकर बनीय बंजर भूमि विकास किया जा रहा है। दूसरी ओर गैर वनीय बंजर भूमि को कृषि क्षेत्र में लाने के प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए किसानों को खेती में जिप्सम का प्रयोग करने की सलाह दी जाती है। इस तकनीक का प्रयोग प्राय: उन क्षेत्रों में किया जाता है जहाँ पर अत्यधिक सिंचाई के कारण लवणीय मृदा का विकास हुआ है। पुन: कंकड-पत्थर से युक्त बंजर भूमि की जलग्रहण विधि के द्वारा मिट्टी के उर्वर बनाने प्रयास किया जाता है।

     उपरोक्त कार्यक्रमों के अलावे योजना आयोग ने भारत को 15 कृषि जलवायु क्षेत्र में विभक्त कर कृषि कार्य करने की सलाह दिया है ताकि किसान मृदा की क्षमता या पर्यावरण के अनुकूल कृषि कार्य कर सके।

     केन्द्र सरकार ने राज्यों को यह सलाह दिया है कि आप समन्वय के आधार पर मृदा संरक्षण का उपाय करें। इसके तहत छोटे क्षेत्र बंधों का निर्माण कर मरुस्थलीय क्षेत्र में बाड़ों का विकास कर यह कार्य करने की सलाह दी गई है।

      चम्बल नदी घाटी क्षेत्र में उबड़-खाबड़ भूमि क्षेत्र को समतल भूमि के क्षेत्र में बदला जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में मृदा अपरदन नहीं हो इसके लिए 1976 ई० में झूम कृषि पर रोक लगा दी गई थी और उसके स्थान पर कंटूर फार्मिंग या “सीढ़ीनुमा कृषि” करने की सलाह दी गई है।

     किसानों को फसल चक्र अपनाने की सलाह दी गई है। रासायनिक उर्वरक की जगह पर जैविक उर्वरक प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। भू-उपयोग के प्रतिरूप में आये परिवर्तन को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। मिट्टी की स्वास्थ्य की जाँच हेतु “Soil Clinic” की स्थापना की जा रही है।

निष्कर्ष:

     उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि भारत में मृदा सरक्षण हेतु कई प्रकार के उपाय किये जा रहे हैं। इन उपायों के बावजूद USA के तर्ज पर “एकीकृत मृदा सेवा केन्द्र” की स्थापना किया जाय तथा गंभीर मृदा अपरदन एवं मृदा स्वास्थ ह्रास वाले क्षेत्रों में त्वरित कार्यवाही कने हेतु उचित संस्थागत एवं संचनात्मक सुविधाओं का विकास किया जाय।

16. Major Industries of India (भारत के प्रमुख उद्योग)

16. Major Industries of India

(भारत के प्रमुख उद्योग)



Major Industries of India

1. भारत में निम्नलिखित उद्योगों में से किस उद्योग में सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे अधिक पूँजी निवेश हुआ है?

(a) उर्वरक उद्योग

(b) लौह-इस्पात उद्योग

(c) दवा व रसायन उद्योग

(d) रंग-रोगन उद्योग

[read more] (b) लौह-इस्पात उद्योग [/read]

2. आधुनिक लौह-इस्पात उद्योग का वास्तविक प्रारम्भ किस स्थान पर स्थापित कारखाने के साथ हुआ?

(a) कुल्टी

(b) बर्नपुर

(c) जमशेदपुर

(d) गोपालपुर

[read more] (b) बर्नपुर [/read]

3. निजी क्षेत्र में भारत का प्रथम लौह-इस्पात कारखाना कहाँ पर स्थापित हुआ?

(a) भिलाई

(b) दुर्गापुर

(c) जमेशदपुर

(d) राउरकेला

[read more] (c) जमेशदपुर [/read]

4. दुर्गापुर लौह-इस्पात संयंत्र किस देश के सहयोग से स्थापित किया गया?

(a) ब्रिटेन

(b) जर्मनी

(c) फ्रांस

(d) रूस

[read more] (a) ब्रिटेन [/read]

5 . राउरकेला में लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश के सहयोग से की गई है?

(a) जर्मनी

(b) ब्रिटेन

(c) रूस

(d) जापान

[read more] (a) जर्मनी [/read]

6. भिलाई लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश के सहयोग से की गई है?

(a) ब्रिटेन

(b) जर्मनी

(c) रूस

(d) सं०रा०अ०

[read more] (c) रूस [/read]

7. रूस की सहायता से स्थापित लौह-इस्पात संयंत्र है-

(a) बोकारो

(c) विशाखापतनम

(b) भिलाई

(d) इनमें से सभी

[read more] (d) इनमें से सभी [/read]

8. भिलाई, दुर्गापुर और राउरकेला में लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना किस पंचवर्षीय योजना के दौरान की गई?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

[read more] (b) द्वितीय [/read]

9. भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) की स्थापना कब की गई थी?

(a) 1964 ई०

(b) 1869 ई०

(c) 1974 ई०

(d) 1984 ई०

[read more] (c) 1974 ई० [/read]

10. कोयले की स्थानीय आपूर्ति उपलब्ध नहीं है?

(a) TISCO-जमशेदपुर को

(b) VISL-भद्रावती को

(c) HSL-दुर्गापुर को

(d) HSL-भिलाई को

[read more] (b) VISL-भद्रावती को [/read]

11. वह कौन-सा रेलमार्ग है जिस पर सर्वाधिक इस्पात कारखाने स्थित हैं?

(a) दिल्ली-चेन्नई वाया भोपाल

(b) मुम्बई-हावड़ा वाया रायपुर

(c) मुम्बई-हावड़ा वाया जबलपुर

(d) दिल्ली-एर्नाकुलम वाया गुंटूर-रेनीगंटा

[read more] (b) मुम्बई-हावड़ा वाया रायपुर [/read]

12. निम्नलिखित में कौन-सा विनिर्माण उद्योग सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है?

(a) लौह-इस्पात उद्योग

(b) सूती वस्त्र उद्योग

(c) चीनी उद्योग

(d) सीमेण्ट उद्योग

[read more] (b) सूती वस्त्र उद्योग [/read]

13. भारत में किस उद्योग में सर्वाधिक लोग कार्यरत हैं?

(a) जूट उद्योग में

(b) लौह-इस्पात उद्योग में

(c) कपड़ा उद्योग में

(d) चीनी उद्योग में

[read more] (c) कपड़ा उद्योग में [/read]

14. विभाजन के कारण भारत का कौन-सा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ?

(a) रूई तथा शक्कर उद्योग

(b) इजीनियरिंग तया सीमेण्ट उद्योग

(c) जूट तथा रूई उद्योग

(d) कागज तथा लोहा उद्योग

[read more] (c) जूट तथा रूई उद्योग [/read]

15. देश में आधुनिक तकनीक पर आधारित ऊनी कपड़े का प्रथम कारखाना कानपुर में लाल इमली के नाम से स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना कब हुई थी?

(a) 1776 ई०

(b) 1876 ई०

(c) 1926 ई०

(d) 1962 ई०

[read more] (b) 1876 ई० [/read]

16. पंजाब में कौन-सा स्थान हौजरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?

(a) गुरुदासपुर

(b) अमृतसर

(c) जालन्धर

(d) लुधियाना

[read more] (d) लुधियाना [/read]

17. सुमेलित कीजिए-

सूची-I             सूची-II

A. पूर्व का बोस्टन 1.कोयम्बटूर

B. सूती वस्त्रों की राजधानी 2.अहमदाबाद

C. उत्तर भारत का मैनचेस्टर 3.कानपुर

D. दक्षिण भारत का मैनचेस्टर 4.मुम्बई

कूट: A B C D

(a) 2 4 3 1

(b) 3 2 4 1

(c) 1 3 2 4

(d) 1 2 3 4

[read more] (a) 2 4 3 1 [/read]

18. देश में रेशम उद्योग का सर्वाधिक स्थानीयकरण किस राज्य में हुआ है?

(a) मणिपुर

(b) कर्नाटक

(c) केरल

(d) जम्मू-कश्मीर

[read more] (b) कर्नाटक [/read]

19. भारत में सीमेण्ट उत्पादन में अग्रणी राज्य है-

(a) आ० प्र०

(b) राजस्थान

(c) मध्य प्रदेश

(d) तमिलनाडु

[read more] (b) राजस्थान [/read]

20. निम्न में से कौन वन आधारित उद्योग नहीं है?

(a) सीमेण्ट उद्योग

(b) लाह उद्योग

(c) कागज उद्योग

(d) खेल सामग्री उद्योग

[read more] (a) सीमेण्ट उद्योग [/read]

21. कटनी में स्थित है-

(a) सीमेण्ट कारखाना

(b) उर्वरक कारखाना

(c) स्कूटर कारखाना

(d) साइकिल कारखाना

[read more] (a) सीमेण्ट कारखाना [/read]

22. निम्नलिखित में कौन सीमेण्ट कारखाना हरियाणा राज्य में स्थित है?

(a) डालमियानगर

(b) डालमियापुरम

(c) डालमियादाद्री

(d) मछरेला

[read more] (c) डालमियादाद्री [/read]

23. सीमेण्ट उद्योग की स्थापना के लिए निम्न में से किसकी उपस्थिति अधिक प्रभावी होती है?

(a) कोयला तथा जिप्सम

(c) चूना-पत्यर तथा जिप्सम

(b) कोयला तथा तौह अयस्क

(d) चूना पत्थर तथा मैगनीज

[read more] (a) कोयला तथा जिप्सम [/read]

24. सीमेण्ट उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) पहला

(b) दूसरा

(c) तीसरा

(d) चौथा

[read more] (b) दूसरा [/read]

25. भारत में प्रथम सीमेण्ट संयंत्र 1904 ई० में कहाँ स्थापित किया गया था।

(a) चेन्नई

(b) रानीपेट

(c) झींकपानी

(d) पोर्टोनोवा

[read more] (a) चेन्नई [/read]

26. भारत में प्रथम उर्वरक संयंत्र 1906 ई० में कहाँ स्थापित किया गया था

(a) चेन्नई

(b) सिन्दरी

(c) रानीपेट

(d) पोरबन्दर

[read more] (c) रानीपेट [/read]

27. भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के अन्तर्गत सर्वप्रथम उर्वरक संयंत्र स्थापित किया गया था-

(a) नांगल में

(b) ट्राम्बे में

(c) सिन्दरी में

(d) आल्वाये में

[read more] (c) सिन्दरी में [/read]

28. भारत में कागज उद्योग का प्रथम सफल कारखाना सन् 1870 में निम्न में से किस स्थान पर लगाया गया?

(a) ट्रांकुवार

(b) बालीगंज

(c) लखनऊ

(d) सीरामपुर

[read more] (b) बालीगंज [/read]

29. भारत में अधिकांश कागज कारखानें पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित होने का कारण है-

(a) कच्चे माल की पर्याप्त मात्रा में प्राप्ति

(b) कोलकाता की विशाल जनसंख्या द्वारा देश के सबसे बड़े कागज बाजार की उपलब्धता

(c) रानीगंज एवं झरिया से शक्ति के साधन के रूप में कोयले की प्राप्ति

(d) उपर्युक्त सभी

[read more] (d) उपर्युक्त सभी [/read]

30. नेपानगर में स्थित सबसे महत्वपूर्ण उद्योग है-

(a) मशीनी औजार

(b) सीमेण्ट उद्योग

(c) चीनी उद्योग

(d) अखबारी कागज

[read more] (d) अखबारी कागज [/read]

31. भारी मशीन प्लाण्ट कहाँ स्थित है?

(a) बरौनी

(b) धनबाद

(c) जमशेदपुर

(d) राँची

[read more] (d) राँची [/read]

32. बरौनी निम्न में से किस उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?

(a) तेलशोधन उद्योग

(b) चमड़ा उद्योग

(c) लौह-इस्पात उद्योग

(d) कागज उद्योग

[read more] (a) तेलशोधन उद्योग [/read]

33. डीजल लोकोमोटिव कारखाना कहाँ स्थित है?

(a) चित्तरंजन

(b) पेरम्बूर

(c) वाराणसी

(d) कपूरथला

[read more] (c) वाराणसी [/read]

34. कानपुर किसलिए प्रसिद्ध है?

(a) कोयला खान

(b) चमड़ा उद्योग

(c) चीनी उद्योग

(d) लौह-इस्पात उद्योग

[read more] (b) चमड़ा उद्योग [/read]

35. महाराष्ट्र स्थित पिम्परी किसलिए प्रसिद्ध है?

(a) घड़ी निर्माण के लिए

(b) कागज उद्योग के लिए

(c) सीमेण्ट उद्योग के लिए

(d) एण्टीबायोटिक उद्योग के लिए

[read more] (d) एण्टीबायोटिक उद्योग के  लिए [/read]

36. देश की प्रमुख मोटर निर्माता कम्पनी मारूति उद्योग लिमिटेड कहाँ स्थापित है?

(a) चेन्नई

(b) गुड़गाँव

(c) कोलकाता

(d) पुणे

[read more] (b) गुड़गाँव [/read]

37. देश की प्रमुख जीप निर्माता कम्पनी महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा कम्पनी लिमिटेड किस स्थान पर स्थित है?

(a) जमशेदपुर

(b) गुडगाँव

(c) पुणे

(d) चेन्नई

[read more] (c) पुणे [/read]

38 . भारत का सबसे महत्वपूर्ण लघु उद्योग है-

(a) गुड़ एवं खांडसारी

(b) बर्तन निर्माण

(c) हथकरघा उद्योग

(d) चमड़ा उद्योग

[read more] (c) हथकरघा उद्योग [/read]

39. भारत के किस नगर को ‘इलेक्ट्रानिक उद्योग की राजधानी’ कहा जाता है?

(a) चेन्नई

(b) बेंगलूरु 

(c) कानपुर

(d) कोयम्बटूर

[read more] (b) बेंगलूरु [/read]

40. निम्नलिखित में से किस उद्योग में सर्वाधिक संख्या में महिलाएँ कार्यरत है?

(a) चाय उद्योग

(b) जूट उद्योग

(c) वस्त्र उद्योग

(d) रबड़ उद्योग

[read more] (a) चाय उद्योग [/read]

41. निम्न में से कौन-सा तेलशोधनशाला खनिज तेल क्षेत्र के समीप ही स्थापित की गई है?

(a) विशाखापत्तनम

(b) नूनमाटी

(c) बरौनी

(d) मथुरा

[read more] (b) नूनमाटी [/read]

42. बरौनी तेल शोधन कारखाने की स्थापना किस देश के सहयोग से की गई है?

(a) जर्मनी

(b) इंग्लैंड

(c) फ्रांस

(d) पूर्व सोवियत संघ

[read more] (d) पूर्व सोवियत संघ [/read]

43. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (उद्योग)    सूची-II (स्थान)

A. कांच उद्योग 1. मुरादाबाद

B. पीतल उद्योग 2. मरकपुर

C. स्लेट उद्योग 3. फिरोजाबाद

D. हस्त निर्मित कालीन उद्योग 4. मिर्जापुर

कूट: A B C D

(a) 3 1 2 4

(b) 1 3 4 2

(c) 3 1 4 2

(d) 1 3 2 4

[read more] (a) 3 1 2 4 [/read]

44. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (स्थान)   सूची-II (उद्योग)

A. जामनगर 1. ऐलुमिनियम

B. हास्पेट 2. ऊनी वस्त्र

C. कोरबा 3. उर्वरक

D. हल्दिया 4. लोहा एवं इस्पात

कूट: A B C D

(a) 4 3 1 2

(b) 2 4 1 3

(c) 4 3 2 1

(d) 2 1 4 3

[read more] (b) 2 4 1 3 [/read]

45. निम्नलिखित में से कौन-से स्थान कागज उद्योग के लिए प्रसिद्ध हैं?

1. यमुना नगर  2. गुवाहाटी  3. शाहाबाद  4. बल्लारपुर

    उपर्युक्त दिये गये कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

(a) 1, 2 और 3

(b) 1, 2 और 4

(c) 1, 3 और 4

(d) 2, 3 और 4

[read more] (b) 1, 2 और 4 [/read]

46. नेपानगर किस उद्योग के लिए जाना जाता है? 

(a) सीमेण्ट

(c) हथकरघा

(b) उर्वरक

(d) अखबारी कागज

[read more] (d) अखबारी कागज [/read]

47. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (उद्योग)  सूची-II (उत्पादन केन्द्र)

A. जूट का सामान 1.भदोही

B. रेशमी वस्त्र 2.लुधियाना

C. ऊनी वस्त्र 3.बंगलौर

D. ऊनी कालीन 4.टीटागढ़
कूट: A B C D

(a) 3 4 2 1

(b) 4 3 2 1

(c) 1 3 4 2

(d) 4 1 3 2

[read more] (b) 4 3 2 1 [/read]

48. निम्नलिखित में से किस राज्य में पेट्रो रसायन उद्योग के लिए आदर्श दशायें पायी जाती है?

(a) गुजरात

(b) महाराष्ट्र

(c) तमिलनाडु

(d) उ० प्र०

[read more] (a) गुजरात [/read]

49. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (केन्द्र)    सूची-II (उद्योग)

A. आंवला 1. पॉली फाइबर

B. मोदी नगर 2. उर्वरक

C. बाराबंकी 3. रबड़

D. कानपुर  4. विस्फोटक

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 3 1 4

(c) 3 2 4 1

(d) 4 3 2 1

[read more] (b) 2 3 1 4 [/read]

50. सूची-1 को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (स्थान)       सूची-II (उद्योग)

A. विशाखापतनम 1. मोटर गाड़ियों

B. मुरी 2. पोत निर्माण

C. गुडगांव 3. उर्वरक

D. पनकी 4. ऐलुमिनियम

कूट: A B C D

(a) 2 3 4 1

(b) 1 2 3 4

(c) 2 4 3 1

(d) 2 4 1 3

[read more] (d) 2 4 1 3 [/read]

51. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

सूची-I (उद्योग)     सूची-II (स्थान)

A. भारी इंजीनियरिंग उद्योग  1.सिन्दरी

B. मशीन औजार उद्योग 2. रेणुकूट

C. ऐलुमिनियम उद्योग 3. राँची

D. उर्वरक उद्योग 4. पिंजौर

कूट: A B C D

(a) 3 4 2 1

(b) 4 3 1 2

(c) 4 3 2 1

(d) 1 2 3 4

[read more] (a) 3 4 2 1 [/read]

52. भारत में सबसे बड़ी तेलशोधनशाला कहाँ स्थित है?

(a) बरौनी

(b) कोयली

(c) मुम्बई

(d) जामनगर

[read more] (d) जामनगर [/read]

53. भारत में तेलशोधक कारखाने बहुधा वृहद् बंदरगाहों के समीप संस्थापित हैं, क्योंकि-

(a) तेल क्षेत्र अधिकतर तट के समीप स्थित हैं।

(b) आयातित कच्चे माल पर निर्भरता है।

(c) शोधित उत्पाद बाजार से सरलता से जुड़े हैं।

(d) तकनीकी क्षमता सुलभ है।

[read more] (b) आयातित कच्चे माल पर निर्भरता है [/read]

54. जॉर्ज आकलैंड ने सर्वप्रथम भारत में 1855 ई० में किस स्थान पर जूट मिल की स्थापना की थी?

(a) रिसरा में

(b) बजबज में

(c) टीटागढ़ में

(d) शिवपुर में

[read more] (a) रिसरा में [/read]

55. देश के विभाजन के फलस्वरूप जूट उद्योग का ह्रास हुआ, क्योंकि

(a) अनेक जूट मिलें बांग्लादेश में चली गयी थी।

(b) भारत में पूँजी का अभाव था।

(c) अंग्रेजों की दोषपूर्ण नीति का प्रभाव पड़ा था।

(d) कुशल श्रम तथा जूट उत्पादन क्षेत्र का अधिकांश भाग वर्तमान बांग्लादेश में चला गया था।

[read more] (d) कुशल श्रम तथा जूट उत्पादन क्षेत्र का अधिकांश भाग वर्तमान बांग्लादेश में चला गया था [/read]

56. इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का निर्माण किया जाता है-

(a) जमशेदपुर में

(b) वाराणसी में

(c) चित्तरंजन में

(d) गोरखपुर में

[read more] (c) चित्तरंजन में [/read]

57. बिहार में पहली चीनी मिल स्थापित हुई- 

(a) मरहौरा में

(b) बेतिया में

(c) मोतिहारी में

(d) पटना में

[read more] (a) मरहौरा में, बिहार में पहली चीनी मिल मरहौरा / मढ़ौरा (Marhaura) में स्थापित हुई थी। इसका स्थापना वर्ष 1904 में हुआ था और यह सिर्फ बिहार की पहली नहीं बल्कि भारत की सबसे पहली चीनी मिलों में से एक भी थी। [/read]

58. कपास उद्योग जिन कच्चे माल पर आश्रित हैं, वे हैं-

(a) भार ह्रास मूलक

(b) भार वृद्धि मूलक

(c) भार सम मूलक

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (a) भार ह्रास मूलक [/read]

59. बिहार में तेलशोधक कारखाना है-

(a) सिंहभूम में

(b) रूद्रसागर में

(c) बरौनी में

(d) राँची में

[read more] (c) बरौनी में [/read]

60. कौन-सा प्रमुख उद्योग मुरी में स्थापित है?

(a) ऐलुमिनियम उद्योग

(b) ताँबा उद्योग

(c) इस्पात उद्योग

(d) रसायन उद्योग

[read more] (a) ऐलुमिनियम उद्योग [/read]

61. बिहार में सूची-I (उद्योगों) को सूची-II (नगरी) से सह-सम्बन्धित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (उद्योग)    सूची-II (नगर)

A. कागज एवं लुग्दी  1. डालमियानगर

B. सिगरेट  2. दिलवारपुर

C. प्लाइवुड 3. हाजीपुर

D. जूट 4. पूर्णियाँ

कूट: A C D

(a) 3 4 1 2

(b) 1 2 3 4

(c) 2 1 4 3

(d) 4 3 2 1

[read more] (b) 1 2 3 4 [/read]

62. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये के कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (कुटीर उद्योग उत्पाद) सूची-II (उत्पादन केन्द्र)

A. सिल्क साड़ियाँ 1. मुरादाबाद

B. चिकन 2. गोरखपुर

C. टेराकोटा 3. वाराणसी

D. पीतल 4. लखनऊ

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 3 4 2 1

(c) 4 3 1 2

(d) 2 1 4 3

[read more] (b) 3 4 2 1 [/read]

63. भारत में प्रथम सूती कपड़े का कारखाना कहाँ स्थापित हुआ था?

(a) सूरत

(b) मुंबई

(c) अहमदाबाद

(d) कोयम्बटूर

[read more] (b) मुंबई [/read]

64. प्रथम तेल परिष्करण संयंत्र कहाँ स्थापित किया गया?

(a) बरौनी में

(b) डिग्बोई में

(c) विशाखापतनम में

(d) मुम्बई में

[read more] (b) डिग्बोई में [/read]

65. सबसे बड़ा तेलशोधक कारखाना पाया जाता है-

(a) पोरबन्दर

(b) जामनगर

(c) अहमदाबाद

(d) सूरत

[read more] (b) जामनग [/read]

66. भारत का प्रथम स्टील प्रोजेक्ट शहर स्थापित किया गया-

(a) भिलाई

(b) कोलकाता

(c) जमशेदपुर

(d) बोकारो

[read more] (c) जमशेदपु [/read]

67. पिम्परी सम्बन्धित है- 

(a) इस्पात उद्योग

(c) खाद उद्योग

(b) कागज उद्योग

(d) पेन्सिलीन उद्योग

[read more] (d) पेन्सिलीन उद्योग [/read]

68. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I       सूची-II

A. नेपानगर 1. तेलशोधन

B. झरिया 2. अखबारी कागज

C. मथुरा 3. परमाणु ऊर्जा संयंत्र

D. कलपक्कम 4. कोयला उत्खनन

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 4 1 3

(c) 4 2 3 1

(d) 2 3 4 1

[read more] (b) 2 4 1 3 [/read]

14. Major Mineral Resources of India (भारत के प्रमुख खनिज संसाधन)

14. Major Mineral Resources of India

(भारत के प्रमुख खनिज संसाधन)



अयस्क:- वे खनिज जिनसे धातुओं का निष्कर्षण आसानी से तथा सुगमतापूर्वक किया जा सके।

सभी अयस्क खनिज होते हैं लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।

भूगर्भ से खोदकर निकाली जाने वाली वस्तुओं को खनिज कहते हैं।

खनिज प्राकृतिक रासायनिक तत्त्व या यौगिक हैं जो मुख्यतः अजैव क्रियाओं से बनते हैं। ये अपने भौतिक तथा रासायनिक गुणों से जाने जाते हैं।

जिन स्थानों से खनिज निकाले जाते हैं, उन्हें खान कहते हैं।

चिकमंगलूर के कुद्रेमुख क्षेत्र का लोहा ईरान को निर्यात किया जाता है।

केमानगुंडी का लोहा भद्रावती लौह इस्पात संयंत्र को भेजा जाता है।

बैलाडीला का लोहा विशाखापत्तनम भेजा जाता है। जहाँ से इसे जापान एवं अन्य देशों को निर्यात किया जाता है।

बस्तर जिले की बैलाडीला पहाड़ी की खान एशिया की सबसे बड़ी यंत्र सुसज्जित खान है।

गोवा में लोहे के विशाल भंडार हैं। परन्तु, यहाँ घटिया किस्म के लोहा लिमोनाइट तथा सिडेराइट है। (लोहांश-40-60%)

उत्तरी गोवा, मध्यवर्ती गोवा तथा दक्षिणी गोवा में लगभग 315 खानों से लौह-अयस्क निकाला जाता है।

उत्तरी गोवा में पिरना-अदोल, पाले ओनड़ा कुडनेम-विसरूलेम तथा कुदनेम-सुरला प्रमुख क्षेत्र है।

गोवा में लोहे की खानें खुली व मशीनीकृत हैं। यहां लोहा सस्ते नदी-मार्गो अथवा विद्युत से नियंत्रित रज्जुमार्ग (Rope ways) द्वारा ढोया जाता है।

मैंगनीज उत्पादन की दृष्टि से भारत का विश्व में ब्राजील, गेबोन, दक्षिणी अफ्रीका तथा आस्ट्रेलिया के बाद पाँचवाँ स्थान है।

भारत में मैगजीज खनिज का अयस्क भण्डार- 295 मिलियन टन

मध्य प्रदेश की मैंगनीज पेटी बालाघाट और छिंदवाड़ा महाराष्ट्र के नागपुर- भण्डारा जिले की मैंगनीज पेटी का ही विस्तार है।

गोवा में भारत के 18% मैंगनीज भण्डार हैं जो किसी भी राज्य से अधिक है।

भारत अपने कुल मैंगनीज उत्पादन का लगभग 1/3 भाग निर्यात कर देता है।

भारत के मैंगनीज निर्यात का सबसे बड़ा दोष यह है कि इसे कच्ची अवस्था में ही निर्यात कर दिया जाता है।

हमारा अधिकांश मैंगनीज जापान, ब्रिटेन, USA, जर्मनी, बेल्जियम को निर्यात किया जाता है।

जापान हमारे मैंगनीज का 52% भाग खरीदता है।

अधिकांश निर्यात बम्बई, पाराद्वीप, मारमागोवा और विशाखापत्तनम बंद‌रगाहों से किया जाता है।

मैंगनीज निक्षेप लगभग सभी संरचनाओं में पाया जाता है हालांकि; मुख्य रूप से धारवाड़ क्रम से संबद्ध है।

मैंगनीज धातु प्राय: काले रंग की प्राकृतिक भस्मों के रूप में धारवाड़ युग की परतदार चट्टानों में पाई जाती है।

अभ्रक अत्यंत हल्का खनिज है जो आग्नेय तथा परावर्तित चट्टानों के परतों के रूप में पाया जाता है।

अभ्रक मुख्यत: सफेद, काले अथवा हरे रंग होता है।

सफेद अभ्रक टुकड़े के पेग्मेटाइट नामक आग्नेय चट्टानों में ही मिलते हैं। इसे ‘रुबी अभ्रक अथवा मस्कोविटअभ्रक भी कहते हैं।

रुबी अभ्रक अथवा मस्कोविट अभ्रक सबसे उत्तम किस्म का अभ्रक होता है।

हल्का गुलाबीपन लिए अभ्रक को बायोटाइट (Biotite) अभ्रक कहते हैं।

अभ्रक का उपयोग मुख्यतः विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में किया जाता है। इसे पतली चादरों में विघटित किया जा सकता है जो काफी सख्त और सुनम्य होती है।

भारत में अभ्रक मुख्यतः झारखण्ड, आन्ध्रप्रदेश व राजस्थान में पाया जाता है। इसके पश्चात तमिलनाडु, प० बंगाल और MP आते हैं। 

झारखण्ड में उच्च गुणवत्ता वाले अभ्रक निचले हजारीबाग पठार की 150 किमी० लम्बी व 22 किमी० चौड़ी पट्टी में पाया जाता है।

आन्ध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में सर्वोत्तम प्रकार के अभ्रक का उत्पादन किया जाता है।

राजस्थान में अभ्रक की पट्टी लगभग 320 किमी०, लम्बाई में जयपुर से भीलवाड़ा और उदयपुर के आस-पास विस्तृत है।

अधिकांश अभ्रक भीलवाड़ा से निकाला जाता है। यहाँ पर कम गहराई पर मिलने वाला अभ्रक घटिया किस्म के परन्तु अधिक गहराई से उच्च किस्म का अभ्रक निकाला जाता है।

राजस्थान का 40% अभ्रक रूबी अभ्रक होता है।

बिहार के गया जिले से शुरू होकर झारखण्ड के हजारीबाग, कोडरमा तथा गिरीडीह होती हुई बिहार के मुंगेर तथा भागलपुर तक अभ्रक की पेटी फैली हुई है।

➤  इस पेटी की लम्बाई-160 किमी०, चौ० 26-32 किमी०, मोटाई- 30 मीटर तक।

यहाँ से निकाला गया अभ्रक उच्च कोटि (रूबी अभ्रक) का होता है जिसके कारण इसे “विश्व का अभ्रक भण्डार” कहा जाता है

भारत का 90% अभ्रक निर्यात कर दिया जाता है।

भारतीय अभ्रक के मुख्य ग्राहक जापान, रूस, ब्रिटेन, USA, पोलैण्ड, चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, तथा नीदरलैंडस है। ये देश मिलकर भारत का 80% अभ्रक खरीदते है।

अधिकांश अभ्रक कोलकाता, विशाखापत्तनम, चेन्नई, मुंबई बंदरगाहों से निर्यात किया जाता है।

पिछले कुछ वर्षों से हमारे अभ्रक निर्यात में कमी आई है हालांकि अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतें बढ़ जाने से अधिक निर्यात से विदेशी मुद्रा अधिक कमाई गई। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित है:-

(i) भारत में औद्योगिक विकास के साथ-साथ अभ्रक की घरेलू खपत बढ़ रही है जिससे निर्यात के लिए कम अभ्रक बच पाता है।

(ii) उन्नत देशों में कृत्रिम अभक पैदा होने लगा है। 

(iii) हमारे अभ्रक को अन्य देशों के अभ्रक की प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। ब्राजील का अभ्रक भारत के अभ्रक का मुख्य प्रतिद्वंदी है।

(iv) कई देशों में अभ्रक के प्रतिस्थानी (substitutes) प्रयोग होने नगे है। इस कारण भारतीय अभ्रक की माँग घटने लगी है।

बॉक्साइट एक अयस्क है जिसका प्रयोग एल्यूमिनियम के विनिर्माण में किया जाता है।

बॉक्साइट मुख्यतः टर्शियरी निक्षेप में पाया जाता है। और लैटेराइट चट्टानों से सम्बद्ध है।

➤ उड़ीसा बॉक्साइट की सबसे बड़ा उत्पादक है।

झारखण्ड में लोहरडगा जिले की पैटलैंडस में इसके प्रसिद्ध समृद्ध निक्षेप है।

छतीसगढ़ में बॉक्साइट निक्षेप अमरकंटक के पठार में पाये जाते हैं जबकि MP में कटनी, जबलपुर तथा बालाघाट में बॉक्साइट के महत्वपूर्ण निक्षेप है।

पहले भारत बॉक्साइट निर्यात करता था। परन्तु, अब भारत बॉक्साइट का आयात कनाडा, USA, आस्ट्रेलिया तथा यूरोपीय देशों से करता है।

कारण- बॉक्साइट की मांग बहुत बढ़ना।

ताम्बा के निक्षेप मुख्यतः झारखण्ड के सिंहभूम, MP के बालाघाट, मलंजखंड तथा राजस्थान के झुंझुनू (खेतड़ी) एवं अलवर जिलों में पाये जाते हैं।

ताम्बे के भण्डार अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, चितौड़‌गढ़, डुंगरपुर, जयपुर, पाली, सिरोही तथा उदयपुर जिलों में स्थित है।

सबसे महत्वपूर्ण झुझुनू जिले की खेतड़ी-सिंघाना पेटी है।

भारत में ताम्बे उत्पादन हमारी माँग से काफी कम होता है और बड़ी मात्रा में आयात किया जाता है।

भारत मुख्यतः USA, कनाडा, जिम्बाबे, जापान, मैक्सिको आदि देशों से ताम्बे का आयात करता है।

भारत में खनिजों की विविधता का सबसे बड़ा कारण भारत की जटिल भूवैज्ञानिक संरचना एवं विशालता है।

नोट: 1kg यूरेनियम = 25 लाख kg कोयला (ऊर्जा के दृष्टि से)

सीसा तथा जस्ता

जस्ते का सम्पूर्ण उत्पादन लगभग राजस्थान में होता है।

उत्पादन- हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड कम्पनी द्वारा

जस्ते का उपयोग:- मुख्यतः टायर उद्योग, साँचा बनाने, शुष्क बैटरियाँ।

वितरण-

(1) राजस्थान

(2) गुजरात

(3) महाराष्ट्र

(4) आन्ध प्रदेश

(5) मेघालय

सोना

धारवाड़ की शिष्ट शैलों की क्वार्टज शिराओं में, ‘धानु रेखा भंमार’ भी कहा जाता है।

चट्‌टानों तथा नदियों की रेत में।

भण्डार-

(1) कर्नाटक

↳ कोलार- कोलार स्वर्ण क्षेत्र

↳ रायचूर- हट्टी स्वर्ण क्षेत्र

(2) आन्ध्र प्रदेश

↳ अनन्तपुर- रामगिरी स्वर्ण क्षेत्र

हीरा

वितरण/भण्डार

↳ मध्य प्रदेश- पन्ना

↳ आन्ध्र प्रदेश- अन्नन्तपुर, कुडप्पा, कुर्नूल, कृष्णा, गोदावरी

↳ कर्नाटक- बेल्लारी

↳ ओडिशा- संबलपुर

साधारण नमक

उपयोग:- भारी रसायनों जैसे- कास्टिक सोडा, क्लोरीन, मछली तथा आचारों  के परीरक्षण में। 

भारत में प्रमुख स्रोत:

     सागरीय जल, अन्य स्रोत- खारा झील जैसे सांभर, डीडवाना, पंचभद्रा

उत्पादन-

(1) गुजरात- मीठापुर, पोरबन्दर, लवणपुर, भावनगर, कांडला

(2) महाराष्ट्र

(3) कर्नाटक 

(4) केरल

(5) तमिलनाडु- कावेरी डेल्टा के दक्षिण की ओर स्थित

➤ पूर्वी भाग में नदी डेल्टाओं से दूर वाले भागों में नमक का उत्पादन।

चुना पत्थर

➤ यह परतदार चट्टान है।

➤ आन्ध्र प्रदेश में सर्वाधिक चूना पत्थर का भाण्डार है।

उपयोग

कुल उपयोग का 75% सीमेंट में

↳ 16% लौह इस्पात उद्योग में

4% रसापन उद्योग में,

शेष- चीनी, कागज, उर्वरक, शीशा, रबड़ इत्यादि उद्योग में।

वितरण / उत्पादन/ भण्डार

(1) आन्ध्र प्रदेश तथा तेलंगाना (17.7%)- कुडप्पा, कर्नल, गुन्टूर, कृष्णा, नालगोंडा, अदीलाबाद, वारंगल, महबूबनगर और करीमनगर जिले।

(2) राजस्थान (15.5%)- झुंझुनू, बाँसवड़ा, जोधपुर, सिरोही, बून्दी, अजमेर, बीकानेर, डंगरपुर, कोटा, टोंक, अलवर, सिवाई, माधोपुर, चितौड़‌गढ़, नागौर, उद‌यपुर, पाली जिले।

(3) मध्य प्रदेश (15.4%)- जबलपुर, सत्ना, बैतूल, सागर तथा रीवा जिले।

(4) गुजरात (11%)- बनासकांटा (उच्च कोटि), अमरेली, कच्छ, सूरत, जूनागढ़, खेड़ा तथा पंचमहल।

(5) छतीसगढ़- बस्तर, बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर तथा दूर्ग जिले।

(6) तमिलनाडु- रामनाथपुरम् तिरुनलवेणी, तिरुचिरापल्ली, सलेम, कोयम्बटूर, मदुरै तथा तंजावुर जिलें।

(7) कर्नाटक- गुलबर्गा, बीजापुर और शिमोगा जिले।

डोलोमाइट

➤ जब चूना पत्थर में 10% से अधिक मैग्नीशियम होता है तो वह डोलोमाइट कहलाता है। जब यह अनुपात 45% से अधिक हो जाता है तो इसे शुद्ध डोलोमाइट कहते हैं।

➤ डोलोमाइट का 90% उपयोग लोहा-इस्पात उद्योग में, 4% उर्वरक, 2% शीशा तथा अन्य मिश्रधातु तथा शेष अन्य उद्योग में।

उत्पादन/वितरण/भण्डार

(1) ओडिशा: यह भारत का सबसे बड़ा (लगभग 30%) उत्पादक राज्य है।

बीरमित्रपुर, सुंदरगढ़, संभलपुर, कोरापुट।

(2) छतीसगढ़: बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग तथा रायगढ़।

(3) आन्ध्रप्रदेश: अनन्तपुर, कर्नूल।

(4) झारखण्ड: सिंहभूम तथा पलामू।

एस्बेस्ट्स

रेशायुक्त संरचना तथा आग का प्रतिरोधक।

उपयोग:- फायरप्रूफ वस्त्र, रस्सी, कागज, बेल्ट, पेन्ट, वाहनों में ब्रेक-लाइनिंग। अन्य: सीमेंट की चादरें, शीट, स्लेट, पाईप, टाइलें, फिल्टर पैड, मैंगनीशिया ईंट।

➤ भारत का 90% से अधिक एस्बेस्टस राजस्थान से प्राप्त होता है। इनमें उदयपुर, डूंगरपुर, अलवर तथा पाली मुख्य उत्पादक जिले हैं।

➤ आन्ध्र प्रदेश के कुडप्पा जिले में उच्च कोटि का एस्बेस्टस मिलता है।

➤ कर्नाटक के हमान, मांडया, शिमोगा, मैसूर तथा चिकमगलूर जिलों में भी एस्बेस्टस मिलता है।

➤ इसके अन्य उत्पादक राज्य:- झारखण्ड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, उत्तराखण्ड और नागालैण्ड हैं।

कोयला

➤ कार्बोनीफेरस युग के बाद कोयले का निर्माण जुरासिक, क्रिटेशियस, टर्शियरी युग / कल्प में हुआ।

➤ कोयले के उत्पादन में भारत का स्थान विश्व में तीसरा है।

➤ भारत में कोयले के उत्पादन में प्रथम तीन राज्य क्रमशः हैं- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा है।

➤ एंथ्रासाइट सबसे उत्तम श्रेणी का कोयला है।

➤ झारखंड (धनबाद, सिंहभूम, गिरिडीह),

➤ झरिया में गोंदलपारा कोयला खदान झारखंड राज्य का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है।

➤ झारखंड में अन्य कोयला क्षेत्र गिरिडीह, रामगढ़, करनपुरा और डाल्टनगंज हैं।

➤ पश्चिम बंगाल (रानीगंज, आसनसोल),

➤ छत्तीसगढ़ (रायगढ़),

➤ ओडिशा के (देसगढ़ तथा तलचर),

➤ असम (माकूम, लखीमपुर), 

➤ तेलंगाना (सिंगरेनी, रामागुंडम)

➤ तेलंगाना में गोदावरी नदी घाटी में कोयला पाया जाता है। अदीलाबाद, करीमनगर, वारंगल, खम्माम तथा पश्चिमी गोदावरी मुख्य उत्पादक जिले हैं।

➤ तेलंगाना में इस समय कान्यपाली, कोठगूडम तथा तन्दूर खानों से कोयला निकाला जाता है।

➤ महाराष्ट्र का अधिकांश कोयला वर्द्धा घाटी में मिलती है।

चन्द्रपुर, घुघुस, बल्लारपुर तथा बटोटा प्रमुख कोयला उत्पादक जिले।

महाराष्ट्र का लगभग समस्त कोयला रेलवे द्वारा ढोया जाता है।

ट्राम्बे, चोला (कल्याण) खापरखेड़ा, पारस, भुसाबल, बल्लारशाह, नासिक तथा कोरादी स्थानों पर स्थित ताप विद्युत केन्द्रों द्वारा प्रयोग किया जाता है।

MP के सिंगरौली क्षेत्र की कुछ भाग UP के मिर्जापुर जिले में है।

कोटाह के निकट उच्च कोटि का कोयला मिलता है।

मेघालय की गारो, खाँसी तथा जयन्तिया पहाड़ियों में कोयले (लिग्नाइट) के भण्डार मिलते हैं।

तमिलनाडू लिग्नाइट के भण्डार तथा उत्पादन की दृष्टि से अग्रणीय है।

तमिलनाडू में कुड्डालोर जिले का नेवेली कोयला क्षेत्र लिग्नाइट कोयला के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

नेवेली कोयला क्षेत्र के कारण ही दक्षिण भारत में उद्योगों को बहुत प्रोत्साहन मिला है।

सन् 1956 में नेवली लिग्नाइट निगम द्वारा यहाँ का लिग्नाइट खनन शुरू किया गया है।

जम्मू कश्मीर में कालाकोट से लिग्नाइट प्राप्त होता है।

प्राकृतिक गैस

➤ प्राकृतिक गैस सामान्यतः तेल के कुँओं से प्राप्त होती है।

➤ जब कभी तेल के लिए कुआँ खोदा जाता है तो तेल से पहले गैस प्राप्त होती है क्योंकि तेल की अपेक्षा गैस हल्की होती है।

➤ 1997 में अंडमान क्षेत्र में 1700 अरब घन फूट गैस की खोज की गई। यह आने वाले 30 वर्षों में देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

➤ 2002 में रिलायंस कम्पनी ने कृष्णा-गोदावरी अपतटीय बेसिन में देश के अब तक के बड़े गैस भंडारों की खोज की।

➤ यहाँ 14 खरब घन फूट गैस होने का अनुमान है।

➤ 2003 में राजस्थान के बाड़मेर गैस की खोज।

➤ 2004 में रिलायंस ने ओडिशा के तट पर गैस की खोज की।

➤ 2005 में ONGC ने कृष्णा-गोदावरी के उथले जल में गैस ढूंढ निकाली। यह अमालपुरम तट से 12 किमी० दूरी पर है।

➤ मुम्बई हाई भारत का सबसे बड़ा गैस उत्पादक है और देश की लगभग तीन-चौथाई (71%) प्राकृतिक गैस पैदा करता है।

➤ वर्तमान में गैस के प्रक्रमण, परिवहन तथा वितरण की दृष्टि से भारत की सबसे बड़ी कंपनी GAIL (गैस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) है।

↳  इसके पास 5200 किमी० पाइप लाइन है।



भारत के प्रमुख खनिज संसाधन से सम्बंधित महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर



1. खनिज पदार्थों की दृष्टि से कौन-सा भारतीय क्षेत्र अधिक समृद्ध है?

(a) मालवा का पठार

(b) दक्कन का पठार

(c) लद्दाख का पठार

(d) छोटानागपुर का पठार

[read more] (d) छोटानागपुर का पठार [/read]

2. भारतीय खनिज पदार्थों का भण्डार गृह कहलाता है-

(a) मालवा का पठार

(b) दक्कन का पठार

(c) लद्दाख का पठार

(d) छोटानागपुर का पठार

[read more] (d) छोटानागपुर का पठार [/read]

3. निम्नलिखित में से कहाँ से उत्तम किस्म के लौह अयस्क की प्राप्ति होती है?

(a) जादूगोड़ा से

(b) बैलाडीला से

(c) लोहरदगा से

(d) अभ्रकी पहाड़ी से

[read more] (b) बैलाडीला से [/read]

4. कुद्रेमुख लौह खनिज परियोजना निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

(a) कर्नाटक

(b) झारखण्ड

(c) छत्तीसगढ़

(d) आ० प्र०

[read more] (a) कर्नाटक [/read]

5. बैलाडीला खान से खनन किये जाने वाले लौह अयस्क को निम्नलिखित में से किस बंदरगाह से निर्यात किया जाता है?

(a) मार्मागाओ

(b) न्यू मंगलौर

(c) विशाखापत्तनम

(d) हल्दिया

[read more] (c) विशाखापत्तनम [/read]

6. कर्नाटक राज्य में स्थित बाबा बूदन की पहाड़ियाँ निम्नलिखित में से किस खनिज के उत्खनन के लिए प्रसिद्ध है?

(a) यूरेनियम

(b) लौह-अयस्क

(c) बॉक्साइट

(d) मैंगनीज

[read more] (b) लौह-अयस्क [/read]

7. भारत में सर्वाधिक लोहा पैदा करने वाला राज्य है-

(a) ओडिसा

(b) झारखण्ड

(c) छत्तीसगढ़

(d) म० प्र०

[read more] (a) ओडिसा ,कर्नाटक राज्य में भारत का सबसे बड़ा लौह अयस्क भंडार है, लेकिन उड़ीसा राज्य में इसका सबसे अधिक उत्पादन होता है। [/read]

8. भारत में पाया जाने वाला अधिकांश लौह अयस्क किस प्रकार का है।

(a) हेमेटाइट

(b) मैग्नेटाइट

(c) सीडेराइट

(d) लिमोनाइट

[read more] (a) हेमेटाइट [/read]

9. जावर एवं रामपुरा-आगुचा खनन क्षेत्र किस खनिज से सम्बन्धित है।

(a) बॉक्साइट

(b) यूरेनियम

(c) सीसा-जस्ता

(d) ताँबा

[read more] (c) सीसा-जस्ता [/read]

10. भारत का सर्वाधिक जस्ता उत्पादक राज्य है-

(a) महाराष्ट्र

(b) राजस्थान

(c) झारखण्ड

(d) उड़ीसा

[read more] (b) राजस्थान [/read]

11. निम्नलिखित में से किस खनिज में भारत आत्म निर्भर नहीं है?

(a) लौह-अयस्क

(c) अभ्रक

(b) मैंगनीज

(d) ताँबा

[read more] (d) ताँबा [/read]

12. खेतड़ी किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?

(a) सोना

(c) ताँबा

(b) कोयला

(d) लौह अयस्क

[read more] (c) ताँबा [/read]

13. भारत में बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन है?

(a) केरल

(b) ओडिशा

(c) मध्य प्रदेश

(त) झारखण्ड

[read more] (b) ओडिशा [/read]

14. निम्नलिखित में से कौन बॉक्साइट का एक प्रमुख खान है?

(a) जावर

(b) खेतड़ी

(c) लोहरदगा

(d) कलील

[read more] (c) लोहरदगा [/read]

15. पलामू एवं लोहरदगा निम्नलिखित में से किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?

(a) ताँबा

(b) बॉक्साइट

(c) लौह अयस्क

(d) मैंगनीज

[read more] (b) बॉक्साइट [/read]

16. जिप्सम प्रचुर मात्रा में कहाँ उपलब्ध है?

(a) बिहार

(b) गुजरात

(c) मध्य प्रदेश

(d) राजस्थान

[read more] (d) राजस्थान [/read]

17. भारत का लगभग 55% अभ्रक उत्पादित करता है

(a) मध्य प्रदेश

(b) ओडिशा

(c) झारखण्ड

(d) प० बंगाल

[read more] (c) झारखण्ड [/read]

18. कोडरमा किस खनिज के उत्खनन के लिए प्रसिद्ध है?

(a) ताँबा

(b) लौह अयस्क

(c) बॉक्साइट

(d) अभ्रक

[read more] (d) अभ्रक [/read]

19. अभ्रक के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

[read more] (a) प्रथम [/read]

20. भारत में सर्वोत्तम श्रेणी का संगमरमर किस स्थान में पाया जाता है?

(a) जबलपुर

(b) भरतपुर

(c) मकराना

(d) जैसलमेर

[read more] (c) मकराना [/read]

21. गुजरात में वडोदरा क्षेत्र की मोतीपुरा खान से कौन-सा पत्थर निकाला जाता है?

(a) लाल संगमरमर

(b) काला संगमरमर

(c) सफेद संगमरमर

(d) इनमें से सभी

[read more] (c) सफेद संगमरमर [/read]

22. भारत में सर्वाधिक हीरा निम्न में से किस स्थान से निकाला जाता है?

(a) पन्ना (मध्य प्रदेश)

(b) गोलकुण्डा (कर्नाटक)

(c) जयपुर (राजस्थान)

(d) क्विलोन (केरल)

[read more] (a) पन्ना (मध्य प्रदेश) [/read]

23. निम्नलिखित में से सोने की सर्वाधिक मात्रा उत्पादित करने वाला राज्य कौन-सा है?

(a) कर्नाटक

(b) आ० प्र०

(c) झारखण्ड

(d) छत्तीसगढ़

[read more] (a) कर्नाटक [/read]

24. कोलार स्वर्ण खदान निम्न में से किस राज्य में स्थित है?

(a) कर्नाटक

(b) आ० प्र०

(c) महाराष्ट्र

(d) म० प्र०

[read more] (a) कर्नाटक [/read]

25. भारत में स्वर्ण कहाँ पाया जाता है?

(a) कोलार (कर्नाटक)

(b) खेतड़ी (राजस्थान)

(c) पन्ना (मध्य प्रदेश)

(d) मोतीपुरा (गुजरात)

[read more] (a) कोलार (कर्नाटक) [/read]

26. निम्नलिखित में से कौन-सा एक राज्य भारत में अभ्रक का सबसे प्रमुख उत्पादक है?

(a) झारखण्ड

(b) कर्नाटक

(c) राजस्थान

(d) म० प्र०

[read more] (a) झारखण्ड [/read]

27. निम्नलिखित में से किस आण्विक खनिज के संचित भण्डार की दृष्टि से भारत विश्व में प्रथम स्थान रखता है?

(a) यूरेनियम

(b) थोरियम

(c) ग्रेफाइट

(d) एण्टीमनी

[read more] (b) थोरियम [/read]

28. टंगस्टन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध डेगाना खान किस राज्य में स्थित है?

(a) झारखण्ड

(b) ओडिशा

(c) राजस्थान

(d) छत्तीसगढ़

[read more] (c) राजस्थान, डेगाना (राजस्थान) में एक मात्र टंगस्टन की खान स्थित है। [/read]

29. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (कोयला क्षेत्र)  सूची-II (संबंधित राज्य)

A. कर्णपुरा 1. झारखण्ड

B. सिंगरौली 2. मध्य प्रदेश

C. सिंगरेनी 3. तेलंगाना

D. कोरबा 4. छत्तीसगढ़

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4 

(b) 1 4 3 2

(c) 2 1 4 3

(d) 2 1 3 4

[read more] (a) 1 2 3 4  [/read]

30. कोयले का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य है-

(a) प० बंगाल

(b) झारखण्ड

(c) उड़ीसा

(d) छत्तीसगढ़

[read more] (d) छत्तीसगढ़, पिछले कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़  देश का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य बन गया है। इससे पहले झारखंड कई दशकों से देश का अग्रणी कोयला उत्पादक राज्य था।  [/read]

31. झरिया किस खनिज उत्पादन के लिए भारत में प्रसिद्ध है?

(a) लोहा

(b) कोयला

(c) अभ्रक

(d) ताँबा

[read more] (b) कोयला [/read]

32. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला किस भू-भाग में निक्षेपित हुआ है ?

(a) धारवाड़

(b) गोंडवाना

(c) आर्कियन

(d) टर्शियरी

[read more] (b) गोंडवाना [/read]

33. भारत में सर्वप्रथम 1774 ई० में कोयला का उत्खनन किस स्थान पर किया गया?

(a) झरिया

(b) रानीगंज

(c) गिरिडीह

(d) कर्णपुरा

[read more] (b) रानीगंज [/read]

34. न्येवेली में खनन किया जाने वाला प्रमुख खनिज है-

(a) लिग्नाइट

(b) यूरेनियम

(c) सीसा-जस्ता

(d) बॉक्साइट

[read more] (a) लिग्नाइट [/read]

35. भारत में सबसे अधिक कोयले के भण्डार हैं-

(a) गोदावरी की घाटी में

(c) गंगा की घाटी में

(b) सतपुड़ा की घाटी में

(d) दामोदर की घाटी में

[read more] (d) दामोदर की घाटी में [/read]

36. झरिया कोयला क्षेत्र किस राज्य में अवस्थित है?

(a) छत्तीसगढ़

(b) झारखण्ड

(c) ओडिशा

(d) असम

[read more] (b) झारखण्ड [/read]

37. निम्नलिखित कोयला क्षेत्रों में किसके कोयला भण्डार सर्वाधिक हैं?

(a) झरिया

(b) रानीगंज

(c) कोरबा

(d) सिंगरौली

[read more] (a) झरिया [/read]

38. भारत में सर्वाधिक कोयला भण्डार पाये जाते हैं-

(a) छत्तीसगढ़

(b) झारखण्ड

(c) म० प्र०

(d) उड़ीसा

[read more] (b) झारखण्ड [/read]

39. भारत में अंकलेश्वर किसके उत्पादन के लिए जाना जाता है?

(a) कोयला

(c) लौह-अयस्क

(b) यूरेनियम

(d) पेट्रोलियम

[read more] (d) पेट्रोलियम [/read]

40. निम्नलिखित में से किस नदी घाटी को ‘भारत का रूर’ कहा जाता है?

(a) गोदावरी घाटी

(b) महानदी घाटी

(c) दामोदर घाटी

(d) नर्मदा घाटी

[read more] (c) दामोदर घाटी [/read]

41. संचित भण्डार एवं उत्पादन की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा कोयला

क्षेत्र है-

(a) दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र

(b) महानदी घाटी कोयला क्षेत्र

(c) गोदावरी घाटी कोयला क्षेत्र

(d) राजमहल कोयला क्षेत्र

[read more] (a) दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र [/read]

42. निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है?

(a) एन्थ्रासाइट कोयला सर्वोत्तम किस्म का कोयला है।

(b) भारत में पाया जाने वाला अधिकांश कोयला बिटुमिनस प्रकार का है।

(c) जम्मू-कश्मीर में एन्थ्रासाइट कोयला पाया जाता है।

(d) भारत में कोयला का संचित भण्डार मुख्यतः 78° पूर्वी देशान्तर के पश्चिम में पाया जाता है।

[read more] (d) भारत में कोयला का संचित भण्डार मुख्यतः 78° पूर्वी देशान्तर के पश्चिम में पाया जाता है। [/read]

43. भारत में खनिज तेल के भण्डार मुख्यतः किस प्रकार की चट्टानों में पाये जाते हैं?

(a) आग्नेय

(b) अवसादी

(c) कायान्तरित

(d) इनमें से सभी

[read more] (b) अवसादी [/read]

44. भारत में खनिज तेल का उत्पादन सर्वप्रथम प्रारम्भ किया गया था-

(a) मुम्बई हाई में

(c) नहरकटिया में

(b) अंकलेश्वर में

(d) डिग्बोई में

[read more] (d) डिग्बोई में [/read]

45. तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) की स्थापना कब हुई?

(a) 1856 ई०

(b) 1914 ई०

(c) 1936 ई०

(d) 1956 ई०

[read more] (d) 1956 ई० [/read]

46. काइकालूर खनिज तेल क्षेत्र किस नदी घाटी क्षेत्र में स्थित है?

(a) कृष्णा- गोदावरी

(b) नर्मदा- तापी

(c) गंगा- ब्रह्मपुत्र

(d) कृष्णा- कावेरी

[read more] (a) कृष्णा- गोदावरी [/read]

47. निम्नलिखित में कौन-सा खनिज तेल क्षेत्र गुजरात राज्य में स्थित नहीं है?

(a) अंकलेश्वर

(b) कलोल

(c) मेहसाना

(d) बदरपुर

[read more] (d) बदरपुर [/read]

48. निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य है?

(a) खनिज तेल मुख्यतः परतदार चट्टानों में पाया जाता है।

(b) मुम्बई हाई भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है।

(c) भारत के मूल पेट्रोलियम उत्पादन का लगभग दो तिहाई अपतटीय क्षेत्रों से प्राप्त होता है।

(d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

[read more] (d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं। [/read]

49. ‘मंगला’ नामक तेल कुआँ किस राज्य में स्थित है?

(a) असम

(b) गुजरात

(c) राजस्थान

(d) महाराष्ट्र

[read more] (c) राजस्थान [/read]

50. गुजरात का सर्वाधिक महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र है-

(a) अंकलेश्वर

(b) लुनेज

(c) कलोल

(d) मेहसाना

[read more] (a) अंकलेश्वर [/read]

51. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (खनिज पदार्थ)    सूची-II (खनिज क्षेत्र)

A. ग्रेफाइट   1. बेलारी

B. सीसा      2. डीडवाना

C. लवण      3. रम्पा

D. चाँदी      4. जावर

कूट: A B C D

(a) 3 4 2 1

(b) 1 4 2 3

(c) 3 1 4 2

(d) 2 3 1 4

[read more] (a) 3 4 2 1 [/read]

52. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-

सूची-I      सूची-II

A. मैंगनीज   1. ओडिसा

B. एस्बेस्टस 2. मध्य प्रदेश

C. निकेल   3. राजस्थान

D. जस्ता   4. आन्ध्र प्रदेश

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4 

(b) 4 3 2 1

(c) 3 4 1 2

(d) 2 4 1 3

[read more] (d) 2 4 1 3 [/read]

53. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

सूची-I  सूची-II

A. मैंगनीज  1. बालाघाट

B. लौह-अयस्क 2. बस्तर

C. बॉक्साइट 3. माण्डला

D.कोयला  4. शहडोल

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 3 4 1

(c) 3 4 1 2

(d) 4 1 2 3

[read more] (a) 1 2 3 1 [/read]

54. सूची-I (खनिज) को सूची-II (स्थान) के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

सूची-I (खनिज)     सूची-II (स्थान)

A. कोयला   1. गिरिडीह

B. ताँबा   2. जायकोंडम

C. मैंगनीज 3. अलवर

D. लिग्नाइट 4. धारवाड़

कूट: A B C D

(a)  1 4 3 2

(b)  2 3 4 1

(c)  1 3 4 2

(d) 2 4 3 1

[read more] (c) 1 3 4 2 [/read]

55. विश्व का सर्वोत्तम किस्म का अभ्रक प्राप्त होता है-

(a) धनबाद से

(b) हजारीबाग से

(c) झरिया से

(d) कुल्टी से

[read more] (b) हजारीबाग से [/read]

56. भारत में ताम्र-स्वर्ण-लौह-कोयला निम्नलिखित में से किस वर्ग के स्थानों से क्रमबद्ध है?

(a) क्षेत्री-कोलर-कुद्रेमुख झरिया

(b) कोलार-क्षेत्री-कुद्रेमुख-झरिया

(c) झरिया-कोलार-कुद्रेमुख-क्षेत्री

(d) क्षेत्री-कुद्रेमुख-कोलार-झरिया

[read more] (a) क्षेत्री-कोलर-कुद्रेमुख झरिया [/read]

57. बिहार में सूची-I (खनिजों) को सूची-II (प्राप्ति स्थानों) से सह-सम्बन्धित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (खनिज)       सूची-II (प्राप्ति स्थान)

A. अभ्रक     1. मुंगेर

B. स्वर्ण       2. गया

C. डोलोमाइट 3. किशनगंज

D. पेट्रोलियम 4. रोहतास

कूट: A B C D

(a) 3 4 1 2

(b) 1 2 3 4

(c) 2 1 4 3

(d) 4 3 2 1

[read more] (c) 2 1 4 3 [/read]

58. भारत की सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम खान कहाँ स्थित है?

(a) मनावलकुरिची

(c) वाशी

(b) गौरीविदनूर

(d) जादूगोड़ा

[read more] (d) जादूगोड़ा [/read]

59. भारत के किस राज्य में अनुमानतः कोयले के विशालतम सुरक्षित भण्डार उपलब्ध हैं?

(a) आन्ध्र प्रदेश

(b) झारखण्ड

(c) मध्य प्रदेश

(d) ओडिसा

[read more] (b) झारखण्ड [/read]

60. सिंहभूम (झारखण्ड) किसके लिए प्रसिद्ध है? 

(a) कोयला

(b) लोहा

(c) ताँबा

(d) ऐलुमिनियम

[read more] (c) ताँबा [/read]

61. निम्नलिखित में से भारत का वह राज्य कौन-सा है जो गंधक (सल्फर) के उत्पादन में आगे हैं?

(a) असम

(b) महाराष्ट्र

(c) पंजाब

(d) तमिलनाडु

[read more] (b) महाराष्ट्र [/read]

62. झरिया कोयला की खानें देश के किस राज्य में है?

(a) आन्ध्र प्रदेश

(b) पश्चिम बंगाल

(c) झारखण्ड

(d) उड़ीसा

[read more] (c) झारखण्ड [/read]

63. बैलाडिला किसके लिए प्रसिद्ध है?

(a) बॉक्साइट

(b) लौह-अयस्क

(c) ताँबा

(d) कोयला

[read more] (b) लौह-अयस्क [/read]

64. कौन-सा भारतीय राज्य कोयले की बड़ी-बड़ी खानों के लिए मशहूर है?

(a) झारखण्ड

(b) आ० प्र०

(c) कर्नाटक

(d) बिहार

[read more] (a) झारखण्ड [/read]

65. खेतड़ी किसके लिए प्रसिद्ध है?

(a) सोना

(b) ताँबा

(c) ऐलुमिनियम

(d) उर्वरक

[read more] (b) ताँबा [/read]

66. निम्न में से कौन-सा राज्य प्रमुख कोयला उत्पादक नहीं है?

(a) छत्तीसगढ़

(b) प० बंगाल

(c) महाराष्ट्र

(d) राजस्थान

[read more] (d) राजस्थान [/read]

67. भात में यूरेनियम खदान कहाँ स्थित है?

(a) अल्वाय

(b) जादूगोड़ा

(c) खेतड़ी

(d) सिंहभूम

[read more] (b) जादूगोड़ा [/read]

68. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I          सूची-II

A. कोयला   1. हजारीबाग

B. लोहा      2. न्येवेली

C. लिग्नाइट 3. राउकेला

D. अभ्रक    4. झरिया

कूट:

(a) 2 1 4 3

(b) 4 3 2 1

(c) 4 2 3 1

(d) 3 2 4 1

[read more] (b) 4 3 2 1 [/read]

69. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I         सूची-II

A. लिग्नाइट   1. ताँबा

B. बॉक्साइट  2. लोहा

C. मैग्नेटाइट   3. ऐलुमिनियम

D. पायराइट   4. कोयला 

कूट : A B C D

(a)  4 3 1 2

(b) 2 3 1 4

(c) 4 3 2 1

(d) 4 1 3 2

[read more] (c) 4 3 2 1 [/read]

15. Energy Resources of India (भारत के ऊर्जा संसाधन)

15. Energy Resources of India

(भारत के ऊर्जा संसाधन)



Energy Resources of India

1. निम्नलिखित में से कौन ऊर्जा के गैर परम्परागत स्रोत (Non- Conventional) की श्रेणी में आता है?

(a) कोयला

(b) पेट्रोलियम

(c) प्राकृतिक गैस

(d) बायो गैस

[read more] (d) बायो गैस [/read]

2. निम्नलिखित में से कौन ऊर्जा का परम्परागत स्रोत नहीं है?

(a) प्राकृतिक गैस

(b) कोयला

(c) खनिज तेल

(d) भूतापीय ऊर्जा

[read more] (d) भूतापीय ऊर्जा [/read]

3. निम्नलिखित में से किस प्रकार की ऊर्जा से सबसे कम वायु प्रदूषण होता है?

(a) तापीय ऊर्जा

(b) जलीय ऊर्जा

(c) नाभिकीय ऊर्जा

(d) सौर ऊर्जा

[read more] (d) सौर ऊर्जा [/read]

4. भारत में ऊर्जा उत्पादन में सर्वाधिक भागीदारी है-

(a) जल-विद्युत्

(b) ताप-विद्युत्

(c) परमाणु विद्युत्

(d) सौर ऊर्जा

[read more] (b) ताप-विद्युत् [/read]

5. भारत की पहली लहर ऊर्जा परियोजना निम्न में से किस स्थान पर स्थापित की गई है?

(a) कांडला

(b) बिझिनजाम

(c) कारवाड़

(d) धारवाड़

[read more] (b) बिझिनजाम [/read]

6. चेन्नई के समीप कलपक्कम नामक स्थान पर निम्न में से किसकी स्थापना की गई है?

(a) अखबारी कागज संयंत्र

(b) लिग्नाइट कारखाना

(c) नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र

(d) तेलशोधन संयंत्र

[read more] (c) नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र [/read]

7. काकरापारा परमाणु शक्ति केन्द्र निम्नांकित में से किस राज्य में है?

(a) कर्नाटक

(b) गुजरात

(c) तमिलनाडु

(d) महाराष्ट्र

[read more] (b) गुजरात [/read]

8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए-

सूची-I       सूची-II

A. तारापुर परमाणु शक्ति केन्द्र 1. कर्नाटक

B. रावतभाटा परमाणु शक्ति केन्द्र 2. गुजरात

C. काकरापार परमाणु शक्ति केन्द्र 3. राजस्थान

D. कैगा परमाणु शक्ति केन्द्र 4. महाराष्ट्र

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 3 4 1 2

(c) 4 3 2 1

(d) 2 1 4 3

[read more] (c) 4 3 2 1 [/read]

9. कैगा में होता है-

(a) पोटैशियम निष्कर्षण

(b) नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन

(c) जल-विद्युत उत्पादन

(d) कोयला उत्खनन

[read more] (b) नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन [/read]

10. भारत का प्रथम परमाणु ऊर्जा उत्पादन केन्द्र है-

(a) नरौरा (उत्तर प्रदेश)

(b) तारापुर (महाराष्ट्र)

(c) कलपक्कम (तमिलनाडु)

(d) काकरापार (गुजरात)

[read more] (b) तारापुर (महाराष्ट्र) [/read]

11. सुमेलित कीजिए-

सूची-I (परमाणु ऊर्जा केन्द्र)  सूची-II (राज्य)

A. कलपक्कम 1. तमिलनाडु

B. काकरापार 2. कर्नाटक

C. कैगा 3. गुजरात

D. रावतभाटा 4. राजस्थान

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 1 3 4

(c) 1 3 2 4

(d) 1 2 4 3

[read more] (c) 1 3 2 4 [/read]

12. भारत में भूतापीय ऊर्जा का संयंत्र कहाँ स्थापित किया गया है?

(a) अंडमान-निकोबार के मूस प्वाइण्ट में

(b) राजस्थान के धौल में

(c) हि० प्र० के मणिकर्ण में

(d) हरियाणा के सोनीपत में

[read more] (c) हि० प्र० के मणिकर्ण में [/read]

13. देश में कुल विद्युत् उत्पादन में ताप-विद्युत् का योगदान है-

(a) 60%

(b) 70%

(c) 75%

(d) 85%

[read more] (c) 75% [/read]

14. तालचर एवं इन्नौर उल्लेखनीय है

(a) परमाणु शक्ति संयंत्रों हेतु

(b) जल-विद्युत् शक्ति संयंत्रों हेतु

(c) भू-तापीय शक्ति संयंत्रों हेतु

(d) तापीय शक्ति संयंत्रों हेतु

[read more] (d) तापीय शक्ति संयंत्रों हेतु [/read]

15. राष्ट्रीय ताप-विद्युत् निगम (N.T.P.C) की निम्नलिखित केन्द्रों एवं सम्बन्धित राज्यों को सुमेलित करें-

सूची-I        सूची-II

A. सिंगरौली 1. छत्तीसगढ़

B. कोरबा 2. तेलंगाना

C. रामागुण्डम 3. बिहार

D. कहलगाँव 4. उत्तर प्रदेश

कूट : A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 1 3 4

(c) 4 1 2 3

(d) 1 4 3 2

[read more] (c) 4 1 2 3, सिंगरौली ताप विद्युत परियोजना मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की सीमा के पास स्थित है, लेकिन मुख्यतः इसे उत्तर प्रदेश से जोड़ा जाता है। [/read]

16. निम्नलिखित ताप विद्यत् केन्द्रों एवं संबंधित राज्यों में कौन सुमेलित नहीं है ?

(a) ओबरा- उत्तर प्रदेश

(b) विन्ध्याचल- मध्य प्रदेश

(c) तालचर- उड़ीसा

(d) कोरबा- मध्य प्रदेश

[read more] (d) कोरबा- मध्य प्रदेश [/read]

17. भारत की प्रथम जल विद्युत् परियोजना है

(a) कृष्णा नदी पर शिवसमुद्रम परियोजना

(b) शरावती नदी पर महात्मा गाँधी परियोजना

(c) कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम परियोजना

(d) सतलज नदी पर भाखड़ा नांगल परियोजना

[read more] (c) कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम परियोजना [/read]

18. चूखा जल-विद्युत् परियोजना जो कि भारत एवं भूटान की संयुक्त परियोजना है, किस नदी पर स्थित है?

(a) मानस नदी

(b) तिस्ता नदी

(c) वांग्चू नदी

(d) महाकाली नदी

[read more] (c) वांग्चू नदी [/read]

19. महात्मा गाँधी जल-विद्युत् परियोजना स्थित है-

(a) कर्नाटक में कावेरी नदी पर

(b) कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी पर

(c) कर्नाटक में शरावती नदी पर

(d) कर्नाटक में कृष्णा नदी पर

[read more] (c) कर्नाटक में शरावती नदी पर [/read]

20. दुलहस्ती जल-विद्युत् परियोजना स्थित है-

(a) जम्मू-कश्मीर में झेलम नदी पर

(b) जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर

(c) हिमाचल प्रदेश में सतलज नदी पर

(d) हिमाचल प्रदेश में व्यास नदी पर

[read more] (b) जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर [/read]

21. लोकटक शक्ति परियोजना निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

(a) प० बंगाल

(b) केरल

(c) मेघालय

(d) मणिपुर

[read more] (d) मणिपुर [/read]

22. भारत तथा एशिया की एकमात्र अधोभौमिक संजय जल-विद्युत् परियोजना निम्न में से किस राज्य में स्थित है ?

(a) अरुणाचल प्रदेश

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) उत्तर प्रदेश

(d) आन्ध्र प्रदेश

[read more] (b) हिमाचल प्रदेश [/read]

23. भारत की कुल ऊर्जा खपत में निम्नलिखित साधनों के योगदान के आधार पर इनका सही अवरोही क्रम है-

(a) कोयला, पेट्रोलियम, जल-विद्युत्, प्राकृतिक गैस

(b) कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जल-विद्युत्

(c) पेट्रोलियम, कोयला, प्राकृतिक गैस, जल-विद्युत्

(d) पेट्रोलियम, कोयला, जल-विद्युत्, प्राकृतिक गैस

[read more] (a) कोयला, पेट्रोलियम, जल-विद्युत्, प्राकृतिक गैस [/read]

24. पवन ऊर्जा के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) दूसरा

(b) तीसरा

(c) चौथा

(d) पाँचवाँ

[read more] (c) चौथा [/read]

25. भारत में प्रथम जल-विद्युत् शक्ति गृह की स्थापना 1898 ई० में कहाँ की गई थी?

(a) शिवसमुद्रम

(b) दार्जिलिंग

(c) मोहरा

(d) खोपोली

[read more] (b) दार्जिलिंग, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के  सिद्रापोग में [/read]

26. एशिया की पहली भूमिगत जल-विद्युत् परियोजना भारत के निम्नलिखित राज्यों में से किसमें स्थित है?

(a) जम्मू और कश्मीर

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) अरुणाचल प्रदेश

(d) उत्तर प्रदेश

[read more] (b) हिमाचल प्रदेश [/read]

27. भारत में विद्युत् आपूर्ति सबसे पहले कहाँ शुरू हुई?

(a) कोलकाता

(b) दार्जिलिंग

(c) मुम्बई

(d) चेन्नई

[read more] (b) दार्जिलिंग [/read]

28. ताप-विद्युत् परियोजनाओं के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा सही है?

(a) कोरबा-उत्तर प्रदेश

(b) रामागुंडम-तमिलनाडु

(c) तलचर-आन्ध्र प्रदेश

(d) कावास-गुजरात

[read more] (d) कावास-गुजरात [/read]

29. ओबरा शहर प्रसिद्ध है-

(a) तेलशोधक कारखाने के लिए

(b) थर्मल पावर प्लाण्ट के लिए

(c) स्टील उद्योग के लिए

(d) ऐलुमिनियम प्लाण्ट के लिए

[read more] (b) थर्मल पावर प्लाण्ट के लिए [/read]

30. द्वितीय जल-विद्युत् शक्ति केन्द्र कहाँ प स्थापित किया गया था?

(a) चम्बल

(b) दामोद

(c) मण्डी

(d) शिवसमुद्रम

[read more] (d) शिवसमुद्रम, 1902 में कर्नाटक के शिवसमुद्रम मे कावेरी नदी के तट पर 130 किलोवाट क्षमता का दूसरा जल विद्युत गृह बनाया गया। [/read]

4. Major Mountains of India / भारत के प्रमुख पर्वत

4. Major Mountains of India 

(भारत के प्रमुख पर्वत)



उत्तरी भारत का पर्वतीय क्षेत्र           

म्पूर्ण भारत के 10.7% भूभाग पर पर्वत श्रेणियाँ, 18.6% भूभाग पर पहाड़ियाँ, 27.7% भूभाग पर पठारों, तथा शेष 43% भूभाग पर मैदानों का विकास हुआ है।

भारत के उत्तर में विशालकाय मोड़दार पर्वतों की कई श्रृंखलाएँ मौजूद है जिसका विस्तार लगभग 5 लाख वर्ग किमी० पर हुआ है।

इसी क्षेत्र में विश्व की कई ऊँची-2 चोटियाँ पायी जाती है।

सुविधा के दृष्टिकोण से उत्तर के पर्वतीय क्षेत्र को तीन भागों में बाँटकर अध्ययन करते हैं।

1. ट्राँस हिमालय (ट्राँस = उस पार)

2. हिमालय

3. पूर्वांचल हिमालय

1. ट्राँस हिमालय

       मुख्य हिमालय के उत्तर में जितने भी पर्वतीय श्रृंखलाएँ हैं, उन्हें ट्राँस हिमालय से संबोधित करते हैं। भारतीय भूभाग पर ट्राँस हिमालय की तीन श्रृंखलाएँ मौजूद हैं:-

(i) काराकोरम श्रेणी

(ii) लद्दाख श्रेणी

(iii) जास्कर श्रेणी।

➤ उपरोक्त तीन श्रृंखलाओं के अतिरिक्त चीन में स्थित टिएन्सान और क्यूनलून पर्वत और पाकिस्तान में स्थित हिन्दूकुश पर्वत ट्राँस हिमालय के उदाहरण हैं।

➤ ये सभी श्रृंखलाएँ मिलकर कश्मीर के उत्तरी भाग में एक गाँठ का निर्माण करती हैं जिसे पामीर का पठार कहते हैं। इसे ‘दुनिया के छ्त’ से भी सम्बोधित करते है।

➤ इसकी ऊँचाई समुद्रतल से 4500 मीटर से अधिक है। भारत में अवस्थित ट्रांस हिमालय श्रृंखलाओं की संक्षिप्त चर्चा नीचे की जा रही है।

(i) काराकोरम श्रेणी 

➤ सिन्धु नदी के उत्तर में भारत और चीन के सीमा पर स्थित है जो पामीर के पठार से निकलकर उत्तर-पश्चिम से द०-पूरब की ओर विस्तृत है।

➤ इसका प्राचीन नाम ‘कृष्णा गिरि’ है।

➤ इसकी औसत ऊँचाई 6000 मी० है।

➤ इसकी सबसे ऊँची चोटी K-2 (केल्विन-2 या (गॉडविन ऑस्टिन) है जिसकी ऊँचाई 8611 मी० है।

➤ यह विश्व की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है। काराकोरम पर्वत की चौड़ाई 80 किमी० है।

➤ यह सालों भर बर्फ से ढका रहता है। 

➤ इस पर्वत पर कई हिमानी मिलते हैं। जैसे:- बटुरा, हिस्पार, स्कामरी, बियाफो, बल्टोरो, सियाचीन हिमानी आदि।

➤ काराकोरम पर्वत पर हिमानी के अपरदन से कई दर्रे बने हैं। जैसे- खंजरेब, इन्दिरा कॉल, अगहिल इत्यादि।

➤ हिमानी के अपरदन से इसका ढाल सीढ़ीनुमा बन चुका है।

➤ यह विशुद्ध रूप से अर्द्ध मरुस्थलीय भूदृश्य प्रस्तुत करता है।

(ii) लद्दाख श्रेणी

काराकोरम श्रेणी और जास्कर श्रेणी के बीच स्थित है।

इसकी औसत ऊँचाई 5300 मी० है।

हिमानी के अपरदन के कारण यह पठार के रूप में तब्दील हो चुका है।

इसका दक्षिणी-पूर्वी भाग चीन में जाकर कैलाश पर्वत के नाम से जाना जाता है।

इस श्रृंखला पर प्रसिद्ध पुगा की घाटी मिलती है जो भूतापीय ऊर्जा का विशाल स्रोत है।

नोट: भूतापीय बिजली संयंत्र बिजली उत्पादन के लिए भाप का उपयोग करते हैं। भाप पृथ्वी की सतह से कुछ नीचे पाए जाने वाले गर्म पानी के भंडारों से आती है। भाप सबसे पहले टरबाइन को घुमाती है जो कि एक जनरेटर को सक्रिय करती है, जिससे बिजली पैदा होती है

इस पठार पर सिन्धु की सहायक नदी श्योक नदी बहती है।

लद्दाख श्रेणी के उत्तर-पूरब में सोड्डा का मैदान और देप्सांग का मैदान स्थित है।

(iii) जास्कर श्रेणी  

➤ लद्दाख श्रेणी के दक्षिण में समान्तर रूप से फैला हुआ है।

➤ यह पर्वत 76°E देशान्तर रेखा के पास महान हिमालय से निकलती है।

➤ इस पर्वत की वहीं विशेषताएँ है जो लद्दाख एवं काराकोरम श्रेणी की है।

चित्र: ट्रांस हिमालय

2. हिमालय

     ‘हिमालय’ दो शब्दों के मिलने से बना है- प्रथम- हिम, दूसरा- आलय। हिम का तात्पर्य बर्फ से है जबकि आलय का तात्पर्य घर से है, अर्थात हिमालय एक ऐसा नवीन मोड़दार पर्वत है जहाँ लाखों वर्षों से हिम स्थायी रूप से निवास करता है।

➤ यह पर्वत भारत के उत्तरी भाग में एक चाप के समान है।

➤ इसका विस्तार सिन्धु गॉर्ज से लेकर ब्रह्मपुत्र गॉर्ज तक है।

➤ इसकी कुल लम्बाई 2500 किमी० है जबकि इसकी चौड़ाई अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग है। जैसे अरुणाचल प्रदेश में इसकी चौ० 150 किमी० है जबकि जम्मू कश्मीर में इसकी चौड़ाई 450 किमी० है।

➤ हिमालय पर्वत में तीन प्रमुख श्रृंखलाएँ हैं जो महान हिमालय, लघु हिमालय तथा शिवालिक हिमालय के नाम से प्रसिद्ध है।

➤ इसकी उत्पत्ति की व्याख्या हेतु कई सिद्धांत प्रस्तुत किये गये है उनमें सबसे वैज्ञानिक सिद्धांत प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत है।

➤ ‘प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत’ के अनुसार हिमालय एक नवीन मोड़दार पर्वत है।

➤ आज जहाँ पर हिमालय अवस्थित है वहाँ पर प्लीस्टोसीन कल्प तक एक विशाल सागर अवस्थित था जो टेथिस सागर के नाम से प्रसिद्ध था।

➤ टेथिस सागर के उत्तर में अंगारालैण्ड और दक्षिण में गोंडवाना लैण्ड था।

      टेथिस सागर के मलबों में वलन एवं उत्थान की क्रिया से हिमालय जैसे विशाल पर्वत का निर्माण हुआ।

चित्र: हिमालय पर्वत की उत्पत्ति

हिमालय पर्वत को तृतीयक काल का पर्वत भी कहा जाता है क्योंकि इसका निर्माण का कार्य तृतीयक काल में ही सम्पन्न हुआ था।

इस काल में महान भू-संचलन की क्रिया सम्पन्न हुई थी जिसे अल्पाइन भू-संचलन के नाम से जानते है।

हिमालय पर्वत का निर्माण भी अल्पाइन भूसंचलन से हुआ, इसीलिए हिमालय को अल्पाइन पर्वत के नाम से जानते हैं।

हिमालय पर्वत का विकास 

        अल्पाइन भू-संचलन के फलस्वरूप टेथिस सागर के अवसादों में वलन के फलस्वरूप अचानक हिमालय का निर्माण नहीं हुआ बल्कि इसके विकास में करोड़ों वर्ष का समय लगा है। हिमालय का विकास आज भी जारी है क्योंकि आज भी गोंडवाना लैण्ड के द्वारा हिमालय के भूगर्भ में दबाव लगाये जाने के कारण प्रतिवर्ष 4 से 5 सेमी० हिमालय का उत्थान हो रहा है।

भूगर्भशास्त्रियों के अनुसार, हिमालय में स्थित दोनों श्रृंखलाओं का विकास अलग-2 अवस्था (समय) में हुआ है। दूसरे शब्दों में हिमालय पर्वत के निर्माण तीन अवस्थाओं में हुआ है।

➤ प्रथम अवस्था में महान हिमालय का निर्माण हुआ है। महान हिमालय के निर्माण का कल्प मुख्यतः ओलिगोसीन निर्धारित किया गया है क्योंकि उसके भूगर्भ से भी ओलीगोसिन के अवसादों का प्रमाण मिलता है।

➤ द्वितीय अवस्था लघु हिमालय का निर्माण मयोसीन कल्प में माना जाता है। लेकिन कुछ क्षेत्रों का निर्माण प्लायोसीन कल्प तक जारी रहा।

तीसरी अवस्था में शिवालिक पर्वत का निर्माण कार्य प्लायोसीन में प्रारंभ हुआ और प्लीस्टोसीन में उसका निर्माण कार्य पूरा हुआ।

शिवालिक पर्वत के बारे में कहा जाता है कि जब महान हिमालय और लघु हिमालय का निर्माण हो गया तो उसके बाद लघु हिमालय के दक्षिणी भाग में टेथिस सागर का अवशिष्ट भाग बचा रहा गया जो शिवालिक नदी या इण्डो ब्रह्मा नदी के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस नदी में महान हिमालय और लघु हिमालय के द्वारा लाई गई मलबा का निक्षेपण लाखों वर्षों तक होता रहा। पुन: गोंडवाना लैंड के उत्तर की ओर खिसकने से या मलबा पर दबाव पड़ने से शिवालिक पर्वत का विकास हुआ।

हिमालय की संरचना

         संरचनात्मक दृष्टिकोण से हिमालय को तीन श्रृंखला में बाँटते हैं-

(1) महान हिमालय

(2) लघु/मध्य हिमालय

(3) शिवालिक हिमालय

महान हिमालय पूर्व से पश्चिम की ओर एक लगातार श्रृंखला के रूप में है।

कहीं-2 पूर्ववर्ती नदी (जैसे- सिन्धु, सतलज, कोशी, ब्रह्मपुत्र) के कारण दर्रों का विकास हुआ है। 

लघु हिमालय में महान हिमालय की तुलना में अधिक विखण्डन देखा जा सकता है। 

शिवालिक हिमालय एक ऐसा पर्वत है जो पूर्ण रूप से विखण्डित हो चुकी है। 

इसका विस्तार पश्चिम में पोटवार के पठार से लेकर पूरब में अरुणाचल प्रदेश तक हुआ है।

        प्रत्येक हिमालय के श्रृंखलाओं की संरचना की चर्चा नीचे के शीर्षक में की जा रही है:-

(1) महान हिमालय/हिमाद्री-

इसका विस्तार सिन्धु गॉर्ज से नामचा बरबा गॉर्ज तक हुआ है।

इसकी औसत ऊँचाई 6000 मी० है।

इसका आकार एक चाप के समान है।

इसकी चोटियाँ सालोंभर बर्फ से ढकी रहती है।

गंगोत्री, यमुनोत्री जैसी कई हिमानी पायी जाती है। इसका उत्तरी ढाल मंद और दक्षिणी ढाल तीव्र है।

महान हिमालय पर विश्व की कई ऊँची-ऊँची चोटियाँ पायी जाती है। जैसे- माउंट एवरेस्ट (8850 मी०) विश्व की सबसे ऊँची चोटी है।

कंचनजंघा (8598 मी०) हिमालय की दूसरी सबसे ऊँची चोटी है।

इसके अलावे नंगा पर्वत, कामेट, केदारनाथ (6945 मी०), धौलागिरी, गौरीशंकर, गोसाईथान इत्यादि भी ऐसी चोटियाँ है जिसकी ऊँचाई 6000 मी० से भी अधिक है।

महान हिमालय की प्रमुख चोटियाँ:

(i) एवरेस्ट (8850 मी०)

(ii) कंचनजंघा (8598 मी०)

(iii) मकालू  (8481 मी०)

(iv) चोयू (8201 मी०)

(v) धौलागिरी (8172 मी०)

(vi) मंसालू (8156 मी०)

(vii) नंगा पर्वत (8126 मी०)

(viii) अन्नपूर्णा (8078 मी०)

(ix) नंदादेवी (7817 मी०)

(x) नामचाबरबा (7756 मी०) 

(xi) कामेत (7756 मी०) 

(xii) गौरीशंकर (7145 मी०)

(xiii) बद्रीनाथ (7138 मी०)

(xiv) एपी (7132 मी०)

(xv) नीलकंठ (7073 मी०) 

हिमालय पर्वत को कई नदियों एवं हिमानियों ने काटकर कई दर्रों एवं कॉल का निर्माण किया है। उतराखंड में अवस्थित माना और नीति दो प्रसिद्ध कॉल के उदाहरण है। जबकि कश्मीर का जोजीला और बुर्जिला, हिमाचल प्रदेश का शिपकीला, उत्तराखण्ड का पिथौरागढ़, थागला और लिपुलेख, अरुणाचल प्रदेश का बोमडिला, सिक्किम का जेलेप्ला और नाथुला प्रमुख दर्रों के उदाहरण है।

नोटः वृहद हिमालय लघु हिमालय से मेन सेंट्रल थ्रस्ट के द्वारा अलग होती है।

(2) लघु / मध्य हिमालय / हिमाचल हिमालय

इसे हिमाचल / लघु हिमालय के नाम से जानते हैं।

इसे कश्मीर में पीरपंजाल, हिमाचल प्रदेश में धौलाधर, नेपाल में “महाभारत श्रेणी”, अरुणाचल प्रदेश में “मिश्मी और डाफला” के नाम से जानते हैं।

इस पर्वत का भी उतरी  ढाल मंद और दक्षिणी ढाल तीव्र है।

यह पर्वत अवसादी और कांग्लोमरेट चट्टानों के अलावे रूपान्तरित चट्टानों से निर्मित है। रूपान्तरित चट्टानों का निर्माण अत्याधिक दबाव एवं ताप के कारण हुआ है।

मध्य हिमालय की औसत ऊँचाई 4500 मी० है।

इसमें कई अनुप्रस्थ घाटियों का विकास हुआ है। जैसे- कुल्लू-मनाली की घाटी इसका प्रसिद्ध उदा० है।

इस पर्वत पर मसूरी, नैनीताल, दार्जीलिंग, शिमला जैसे कई पर्यटक नगर अवस्थित है।

महान हिमालय और लघु हिमालय के बीच में लगभग 200 किमी० की दूरी है।

कश्मीर में इन दोनों श्रृंखलाओं के बीच में जो स्थिर जल बच गया था वह करेवा झील के नाम से प्रसिद्ध था।

डल एवं वुलर झील इसी महान झील का अवशिष्ट भाग है, करेवा झील में मलवा के निक्षेपण से ही कश्मीर घाटी का विकास हुआ है।

नोटः लघु हिमालय शिवालिक से मेन बाउंड्री फॉल्ट (main boundry fault) के द्वारा अलग होती है।

(3) शिवालिक पर्वत/ उप हिमालय

शिवालिक पर्वत की औसत ऊँचाई 600 मी० है।

इसका विस्तार पूरब में कोशी नदी से पश्चिम में पाकिस्तान के पोटवार पठार तक हुआ है।

यह पूर्णत विखंडित श्रृंखला है। कहीं-2 पर इसकी ऊँचाई पर्वतीय मान्यता से भी कम है।

शिवालिक पर्वत अवसादी और काँग्लोमरेट चट्टानों से निर्मित है।

3. पूर्वांचल हिमालय

पूर्वांचल हिमालय का विस्तार नामचाबरबा गॉर्ज से लेकर बर्मा के अराकान योमा पहाड़ी तक हुआ है।

अराकानयोमा पहाड़ी के दक्षिण में अवस्थित द्वीपीय क्षेत्र (अंडमान निकोबार द्वीप समूह) पूर्वांचल हिमालय का ही अवशिष्ट भाग के रूप में है।

पूर्वांचल हिमालय का विस्तार भारत के अरुणाचल प्रदेश, नागालैण्ड, मणिपुर, त्रिपुरा एवं मिजोरम राज्य में हुआ है।

यह मूलत: उ०-पूर्वी भारत और म्यानमार के बीच में सीमा का निर्माण करती है।

बर्मा में इसी पर्वत को ‘अराकान योमा’ के नाम से जानते हैं।

नामचाबरबा के पास हिमालय अचानक दक्षिण की ओर मुड़ जाती है।

उत्तर से दक्षिण की ओर जाने पर पूर्वांचल हिमालय में पर्वतों का क्रम है- अरुणाचल प्रदेश में पटकोईबुम, नागालैण्ड में नागा की पहाड़ी, मणिपुर में मणिपुर पहाड़ी, मिजोरम में मिजो की पहाड़ी या लुशाई की पहाड़ी, त्रिपुरा में अगरतल्ला की पहाड़ी कहलाता है।

मेघालय में  जयंतिया की पहाड़ी और मणिपुर की पहाड़ी एक छोटी-सी पहाड़ी से जुड़ जाती है जिसे बैरल की पहाड़ी कहते हैं।

पूर्वांचल हिमालय का एक छोटा-सा भाग बंगलादेश में भी है जिसे चटगाँव की पहाड़ी कहते हैं।

पूर्वांचल हिमालय का विस्तृत भाग ही म्यांमार में जाकर अराकानयोमा की पहाड़ी कहलाती है।

पूर्वांचल हिमालय की सबसे ऊँची चोटी माउंट दफा (4578 मी०) है जो अरुणाचल प्रदेश में स्थित है।

मिजो पहाड़ी की सबासे ऊँची चोटी ‘द ब्लू माऊण्टेन’ (2157 मी०) हैं। 

चित्र: पूर्वांचल हिमालय की पहाड़ियाँ

पूर्वांचल हिमालय में कई छोटी-छोटी दर्रे भी पाये जाते हैं जैसे दिफू, कुमजावती, हफूंगान, चौकन और पांगशू।

पूर्वांचल हिमालय में कई अनुवर्ती घाटियों का विकास हुआ है जिसमें बराक की घाटी, कोहिमा की घाटी सबसे प्रसिद्ध हैं।

हिमालय का प्रादेशिक विभाजन

हिमालय एक नवीन मोड़दार पर्वत है जो भारत के उत्तर में एक चाप के रूप में अवस्थित है।

इसका विस्तार सिन्धु गॉर्ज/दर्रा से लेकर  ब्रह्मपुत्र गॉर्ज(नामचा बरबा) के मध्य हुआ है।

इसकी लम्बाई लगभग 2500Km है।

कश्मीर में इसकी चौड़ाई सबसे अधिक (450 Km) और अरुणाचल प्रदेश में इसकी चौड़ाई सबसे कम (150 Km) है। 

हिमालय का निर्माण अल्पाइन भूसंचलन से तृतीयक काल में हुआ है।

        उत्तर से दक्षिण की ओर जाने पर इसमें तीन प्रमुख श्रृंखलाएँ मिलती हैं लेकिन पश्चिम से पूर्व की ओर जाने पर स्थलाकृतिक विशेषता के आधार पर इसे चार भागों में वर्गीकृत करते हैं। जैसे-

(1) पंजाब हिमालय / कश्मीर हिमालय / हिमाचल हिमालय

(2) कुमायूँ हिमालय

(3) नेपाल हिमालय

(4) असम हिमालय

हिमालय के स्थलाकृतिक

चित्र: हिमालय के स्थलाकृतिक प्रदेश

हिमालय का प्रादेशिक विभाजन
प्रादेशिक विभाग लंबाई विस्तार
पंजाब हिमालय 560 किमी० सिन्धु एवं सतलज नदियों के मध्य
 कुमायूँ हिमालय 320 किमी० सतलज एवं काली नदियों के मध्य
नेपाल हिमालय 800 किमी०  काली एवं तीस्ता नदियों के मध्य
असम हिमालय 720 किमी० तीस्ता एवं दिहांग नदियों के मध्य

प्रायद्वीपीय भारत के पर्वत

         प्रायद्वीपीय भारत में छोटी-बड़ी कई पर्वतीय श्रंखलाएँ मिलती है। जैसे-

अरावली पर्वत

अरावली पर्वत राजस्थान में द०-प० से उ०-पू० दिशा में अवस्थित है।

इसका विस्तार गुजरात के सीमा से लेकर दिल्ली तक हुआ है।

दिल्ली में अरावली पर्वत को ‘दिल्ली कटक’ के नाम से जानते हैं।

हिमालय और अरावली पर्वत के बीच में एक गैप है, जिसे अम्बाला गैप कहते हैं।

अरावली न सिर्फ भारत की बल्कि विश्व की सबसे पुरानी पर्वत है।

यह कभी विश्व का सबसे लम्बा वलित पर्वत हुआ करता था लेकिन अब अवशिष्ट पहाड़ी के रूप में बदल चुका है।

इसकी सबसे ऊँची चोटी गुरुशिखर (1722 मी०) है जो राजस्थान के सिरोही जिला में माउण्ट आबू के पास स्थित है।

अरावली की लम्बाई 800 किमी० और औरत ऊँचाई 700-900 मी० मानी जाती है।

अरावली में कई दर्रे भी मिलते हैं जिसमें पिपलीघाट, देवारी, बेसूर दर्रा सबसे प्रमुख हैं।

इसके गर्भ में कई खनिज पाये जाते हैं। 

इसे राजस्थान के ‘खनिजों का अजायबघर’ कहा जाता है।

अपरदन एवं ऋतुक्षरण के कारण कई स्थानों पर यह विखण्डित हो चुकी है। लेकिन दक्षिण-पश्चिम अरावली पर्वतीय भाग की ऊँचाई आज भी पर्याप्त है।

विन्ध्यन पर्वत

विन्ध्यन पर्वत प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी सीमा का निर्माण करती है।

यह नर्मदा नदी के उत्तर में स्थित है।

इसकी औसत ऊँचाई 500-700 मी० है।

इस पर्वत का उत्तरी ढाल भ्रंशन  क्रिया से बना है जिसके कारण उत्तरी भाग का ढाल तीव्र है जबकि दक्षिणी भाग का ढाल मंद है।

इसका विस्तार गुजरात की सीमा से लेकर बिहार के गंगा नदी तक हुआ है।

पश्चिम से पूरब की ओर जाने पर इसे क्रमश: विन्ध्यन पर्वत, भारनेर पर्वत, कैमूर की पहाड़ी, बराबर की पहाड़ी और खड़‌गपुर की पहाड़ी के नाम जानते हैं।

राजमहल की पहाड़ी

राजमहल की पहाड़ी बिहार और झारखण्ड की सीमा पर भागलपुर के पास अवस्थित है।

इसकी औसत ऊँचाई 500-7oo मी० है।

यह उत्तर से दक्षिण दिशा में फैला हुआ है।

राजमहल पहाड़ी के कारण गंगा नदी को भागलपुर के पास उत्तरायण होना पड़ता है।

राजमहल की पहाड़ी पर जूरासिक काल में हुए लावा का प्रमाण मिलता है।

सतपुड़ा पर्वत

सतपुड़ा एक ब्लॉक पर्वत है जो नर्मदा और ताप्ती भ्रंश घाटी के बीच अवस्थित है।

इसकी औसत ऊँचाई 900-1100 मी० है।

सतपुड़ा श्रृंखला के पूरब में महादेव, मैकाल, रामगढ़ और गढ़‌जात की पहाड़ी अवस्थित है।

सतपुड़ा की सबसे ऊँची चोटी धूपगढ़ (1350 मी०) है। जबकि मैकाल की सबसे ऊँची चोटी अमरकंटक (1127 मी०) है।

मैकाल पर ही पंचमढ़ी नामक पर्वतीय पर्यटक नगर अवस्थित है।

सतपुड़ा पर्वत के समान्तर महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिला में अजन्ता की पहाड़ी और नागपुर में गाविलगढ़ की पहाड़ी स्थित है।

अजंता पर्वत

अजंता पर्वत श्रृंखला भारत में केवल एक ही राज्य महाराष्ट्र में फैली हुई है। 

यह महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में पाया जाता है।

यह श्रृंखला दक्कन के पठार की उत्तरी दीवार बनाती है और गोदावरी और तापी नदियों की सहायक नदियों के बीच जल विभाजक के रूप में कार्य करती है।

➤ तापी मध्यप्रदेश के बैतुल जिले के मुल्लाई नामक स्थान से निकलती है तथा यह सतपुड़ा एवं अजंता पहाड़ी के बीच भ्रंश घाटी में बहती है।

गारो, खांसी और जयंतिया की पहाड़ी

ये मेघालय राज्य में पश्चिम से पूरब की ओर क्रमशः फैला हुआ है।

गारो एक अलग पहाड़ी के रूप में अवस्थित है जबकि खाँसी और जयन्तिया आपस में जुड़े हुए हैं।

जयन्तिया पहाड़ी से एक भाग पृथक होकर काफी पूरब की ओर चला गया है जिसे मिकिर की पहाड़ी कहते हैं जो असम में अवस्थित है।

गारो, खाँसी जयन्तिया की सबसे ऊँची चोटी नॉरकेक है जो गारो पहाड़ी पर स्थित है। 

औसत ऊँचाई के दृष्टिकोण से जयन्तिया की पहाड़ी सबसे ऊँची है, जबकि गारो पहाड़ी सबसे नीची है।

पश्चिमी घाट-

यह प्रायद्वीपीय भारत के पश्चिमी किनारे पर अवस्थित है।

यह अरब सागर के समानान्तर लेकिन तट से दूर स्थित है लेकिन कर्नाटक में यह श्रृंखला समुद्र के नजदीक आ जाती है।

इसका विस्तार उत्तर में ताप्ती नदी के मुहाना से दक्षिण में कन्याकुमारी तक हुआ है।

इसकी कुल लम्बाई 1600 किमी० है।

इसकी औसत ऊँचाई 915 मी० है।

         पश्चिमी घाट को कई छोटे-2 भागों में विभक्त कर उसके भूदृश्य का अध्ययन करते हैं। जैसे:-

ताप्ती नदी से लेकर 16º उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित पश्चिमी घाट को सह्याद्री पर्वत कहते है जिसकी सबसे ऊँची चोटी कालसुबाई (1646 मी०) है। 

16º उतरी अक्षांश के दक्षिण वाले भाग की सबसे ऊँची चोटी कुद्रेमुख (1892 मी०) है।

पश्चिमी घाट के तीसरी शाखा का प्रारंभ नीलगिरि से होता है क्योंकि यहाँ पश्चिमी एवं पूर्वी घाट आपस में आकर मिल जाती है।

ताप्ती से 16º उत्तरी अक्षांश के बीच स्थित पश्चिमी घाट पर्वत के ऊपर बैसाल्ट चट्टान या लावा उदगार का प्रमाण मिलता है।

इसमें थालघाट और भोरघाट दो प्रसिद्ध दर्रे है।

गोदावरी और कृष्णा नदी का क्षेत्र में उद्‌गम स्थल पाया जाता है।

इस क्षेत्र में स्थित पहाड़ का एक भाग धँसकर भ्रंशोत्थ/ब्लाँक पर्वत का निर्माण करता हैं।

16º उत्तरी अक्षांश से नीलगिरि पहाड़ी तक अवस्थित पश्चिमी घाट की ऊँचाई बहुत अधिक है लेकिन इसका पश्चिमी ढाल अधिक तीव्र है जबकि पूर्वी ढाल मंद है।

पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट के मिलने से एक गाँठ का निर्माण होता है जिसे नीलगिरी कहते हैं।

नीलगिरि की सबसे ऊँची चोटी दोदाबेटा (2636 मी०) है, इसी पहाड़ी पर ऊपर बहुत ही प्रसिद्ध पर्यटक स्थल ऊँटी (उटकमण्डलम्) है।

नीलगिरि के दक्षिण में क्रमश: अन्नामल्लई,  कार्डेमम, नागर कोयल और स्वामी विवेकानन्द रॉक अवस्थित है। इसे सम्मिलित रूप से दक्षिण की पहाड़ी के रूप में सम्बोधित करते हैं।

अन्नामलाई की सबसे ऊँची चोटी अन्नाईमुडी (2695 मी०) है।

अन्नामलाई के उत्तर-पूर्व में पालिनी पर्वत श्रृंखला है जिस पर कोडाईकनाल नामक पर्वतीय नगर अवस्थित है।

नीलगिरि और अन्नामलाई के बीच में पाल नायक दर्रा स्थित है जो किसी प्राचीन नदी के अपरदन द्वारा निर्मित है।

इसी तरह अन्नामलई और कार्डमम पहाड़ी के बीच में शेनकोटा दर्रा अवस्थित है।

शेनकोट दर्रा के दक्षिण में पहाड़ियों की ऊँचाई बहुत कम हो जाती है और अन्ततः हिन्द महासागर में प्रक्षेपित हो जाती है।

इसका अन्तिम बिन्दु स्वामी विवेकानन्द रॉक कहलाता है।

पूर्वी घाट

पूर्वी घाट प्रायद्वीपीय भारत के पूर्वी तट के समानान्तर उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर फैला है।

यह तट से 200-400 किमी० अन्दर अवस्थित है।

इस पर्वत का निर्माण कुडप्पा संरचना से हुआ है। इसमें डोलोमाइट, खोंडोलाइट, चर्कोनाइट जैसे खनिजों से निर्मित चट्टान पाए जाते हैं।

यह एक विखण्डित श्रृंखला है क्योंकि इसे महानदी, गोदावरी, कृष्णा जैसी नदियों ने जगह-2 पर काट डाला है।

पूर्वी घाट की औसत ऊँचाई 900 मी० मानी जाती है।

        पूर्वी घाट को मूलतः तीन भागों में बाँटकर भूदृश्य का अध्ययन करते हैं। जैसे:-

(a) धुर उत्तरी भाग-

यह महानदी के उत्तर में अवस्थित है।

उड़ीसा के मयूरभंज में इसका विस्तार सर्वाधिक हुआ है।

उत्तर से दक्षिण की ओर जाने पर इस भाग में कई पर्वतीय चोटी मिलती है। जैसे- मलयगिरि (1187 मी०), मेघासनी (1165 मी०), गन्धमार्तन (1160 मी०) इत्यादि।

उड़ीसा में अवस्थित सम्मिलित पर्वतीय श्रृंखला को ‘मलयास्क’ के नाम से जानते हैं।

उड़ीसा और आन्ध्रप्रदेश में पूर्वी समुद्र तट के समानांतर पूर्वी घाट उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम की ओर मुड़ जाती है।

इन क्षेत्र में पूर्वी घाट की सबसे ऊँची चोटी महेन्द्रगिरि (1501 मी०) अवस्थित है।

गोदावरी नदी पूर्वी घाट को काटकर गहरे गॉर्ज का निर्माण करती है।

(b) मध्यवर्ती श्रृंखला- 

कृष्णा नदी से लेकर पेलार नदी के बीच स्थित पूर्वीघाट श्रृंखला को मध्यवर्ती श्रृंखला कहते हैं।

इनमें नालामाला, पालकोंडा, वेलीकोंडा श्रृंखला प्रमुख हैं।

पालकोंडा और वेलीकोंडा पहाड़ी के मध्य भाग से पनेरू नदी प्रवाहित होती है।

(c) तमिलनाडु श्रृंखला-

पूर्वीघाट को तमिलनाडु में जावदी, गिंजी, शिवराय पहाड़ी के नाम से जानते हैं। ये सभी श्रृंखलाएँ एक-दूसरे से पृथक-2 हैं।

पूर्वी घाट और पश्चिमी घाट बीच-2 में आपस में जुड़े हुए हैं। जैसे- मुम्बई और हैदराबाद के बीच हरिचन्द्र पर्वत और बालाघाट पर्वत स्थित है और बंगलोर के पास बाबाबुदन तथा श्रीसैलम पहाड़ी से जुड़ी हैं।



भारत के प्रमुख पर्वत से सम्बंधित प्रमुख वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. भारत की उत्तरी सीमा पर स्थित पर्वत है-

(a) अरावली

(b) हिमालय

(c) नीलगिरि

(d) मैकाल

[read more] (b) हिमालय [/read]

2. हिमालय पर्वत एक मुख्य प्रकार है-

(a) ज्वालामुखी पर्वत का

(b) वलित पर्वत का

(c) ब्लॉक पर्वत का

(d) अवशिष्ट पर्वत का

[read more] (b) वलित पर्वत का [/read]

3. भारत का सर्वोच्च पर्वत शिखर है-

(a) गाडविन आस्टिन

(b) कंचनजंगा

(c) नंगा पर्वत

(d) नन्दा देवी

[read more] (a) गाडविन आस्टिन [/read]

4. भारत में हिमालय की सर्वोच्च पर्वत चोटी है-

(a) नन्दा देवी

(b) नंगा पर्वत

(c) कंचनजंगा

(d) धौलागिरि

[read more] (c) कंचनजंगा [/read]

5. भारत की कौन-सी पर्वत श्रेणी नवीनतम है?

(a) सहयाद्रि

(b) अरावली

(c) हिमालय

(d) सतपुड़ा

[read more] (c) हिमालय [/read]

6. निम्नलिखित में से कौन भारत का सर्वोच्च पर्वत शिखर है?

(a) एवरेस्ट

(c) नन्दा देवी

(b) नंगा पर्वत

(d) कंचनजंगा

[read more] (d) कंचनजंगा [/read]

7. निम्नलिखित में कौन-सी हिमालय की पर्वत चोटी असम राज्य में स्थित है?

(a) नन्दा देवी

(b) नाम्चाबारवे

(c) धौलागिरि

(d) कंचनजंगा

[read more] (b) नाम्चाबारवे, व्याख्या: असम राज्य में कोई प्रमुख हिमालयी पर्वत चोटी नहीं है, पर दिए गए विकल्पों में नाम्चाबारवे (Namcha Barwa) अरुणाचल प्रदेश की सीमा के बिल्कुल निकट, पूर्वी हिमालय के उस भाग में स्थित है जो असम के भौगोलिक निकटतम क्षेत्र में आता है। अन्य सभी चोटियाँ- नन्दा देवी, धौलागिरि और कंचनजंगा अलग-अलग राज्यों/देशों में स्थित हैं। इसलिए परीक्षा के दृष्टिकोण से सही विकल्प नाम्चाबारवे माना जाता है। [/read]

8. हिमालय की उत्पत्ति किस भू-सन्नति से हुई है?

(a) टेथीस

(b) इण्डोब्रह्मा

(c) शिवालिक

(d) गोदावरी

[read more] (a) टेथीस [/read]

9. हिमालय का पाद प्रदेश (Foothill Regions) निम्न में से किस नाम से जाना जाता है?

(a) ट्रान्स हिमालय

(b) महान् हिमालय

(c) पीरपंजाल

(d) शिवालिक

[read more] (d) शिवालिक [/read]

10. उतराखंड हिमालय में सर्वोच्च पर्वत शिखर है-

(a) चौखम्भा

(b) धौलागिरि

(c) नंदा देवी

(d) त्रिशूल

[read more] (c) नंदा देवी [/read]

11. निम्नलिखित में हिमालय का पर्वत पदीय प्रदेश है-

(a) शिवालिक

(b) ट्रान्स हिमालय

(c) वृहत् हिमालय

(d) अरावली

[read more] (a) शिवालिक, व्याख्या: शिवालिक पर्वत श्रृंखला को हिमालय का पदीय (फुटहिल / Foothills) प्रदेश कहा जाता है। यह मुख्य हिमालयी श्रेणियों में सबसे बाहरी और सबसे कम ऊँचाई वाली श्रृंखला है, जो हिमालय के पाद-प्रदेश में स्थित होती है।

अन्य विकल्प क्यों नहीं:

(b) ट्रान्स-हिमालय – हिमालय के उत्तर में स्थित है, पदीय प्रदेश नहीं है।

(c) वृहत् हिमालय (ग्रेट हिमालय) – हिमालय की सबसे ऊँची और भीतरी श्रेणी है।

(d) अरावली – हिमालय का भाग नहीं है; यह प्राचीन पर्वत श्रृंखला पश्चिमी भारत में स्थित है। [/read]

12. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए।

         सूची-1                 सूची-II

A. पंजाब हिमालय 1. सतलज तथा काली के मध्य

B. कुमायूँ हिमालय 2. तिस्ता तथा दिहांग के मध्य

C. नेपाल हिमालय 3. सिन्धु तथा सतलज के मध्य

D. असम हिमालय 4. काली तथा तिस्ता के मध्य

कूट :

      A B C D

(a) 3 1 4 2

(b) 3 4 2 1

(c) 1 2 3 4

(d) 4 3 2 1

[read more] (a) 3 1 4 2 [/read]

13. हिमालय में हिम रेखा (Snow line) निम्न के बीच होती है-

(a) 5400 से 6000 मी० पूर्व में

(b) 4000 से 5800 मी० पश्चिम में

(c) 4500 से 6000 मी० पूर्व में

(d) 4500 से 6000 मी० पश्चिम में

[read more] (d) 4500 से 6000 मी० पश्चिम में [/read]

14. निम्न में से कौन-सी पर्वत चोटी संसार की दूसरी सर्वोच्च पर्वत चोटी है?

(a) गाडविन आस्टिन

(b) कंचनजंगा

(c) नन्दादेवी

(d) नंगा पर्वत

[read more] (a) गाडविन आस्टिन [/read]

15. काराकोरम पर्वत श्रेणी का पूर्व नाम है-

(a) K-2 श्रेणी

(b) कृष्णागिरि

(c) सागरमाथा

(d) राकापोशी

[read more] (b) कृष्णागिरि [/read]

16. हिमालय श्रेणी क्षेत्र में मिलने वाली संकीर्ण तथा अनुदैर्ध्य (लम्बी) घाटियों को किस नाम से जाना जाता है?

(a) दून

(b) चोस

(c) दुआर

(d) मर्ग

[read more] (a) दून [/read]

17. लघु हिमालय श्रेणी के ढालों पर मिलने वाले छोटे-छोटे घास के मैदानों को जम्मू-कश्मीर में क्या कहा जाता है?

(a) मर्ग

(b) बुग्याल

(c) पयार

(d) दुआर

[read more] (a) मर्ग [/read]

18. लघु हिमालय श्रेणी के ढालों पर मिलने वाले छोटे-छोटे घास के मैदानों को उत्तराखण्ड में क्या कहा जाता है?

(a) दून

(b) मर्ग

(c) चोस

(d) बुग्याल एवं पयार

[read more] (d) बुग्याल एवं पयार [/read]

19. सतलज एवं काली नदियों के बीच हिमालय का कौन-सा प्रादेशिक विभाग स्थित है?

(a) पंजाब हिमालय

(b) नेपाल हिमालय

(c) कुमाऊँ हिमालय

(d) असम हिमालय

[read more] (c) कुमाऊँ हिमालय, व्याख्या:  हिमालय को विभिन्न नदियों के आधार पर कई प्रादेशिक भागों में बाँटा गया है:

1. पंजाब हिमालय – यह सिंधु और सतलज नदियों के बीच फैला है।

2. कुमाऊँ हिमालय – यह सतलज और काली (शारदा) नदी के बीच स्थित है।

3. नेपाल हिमालय – यह काली नदी से लेकर तीस्ता नदी तक फैला है।

4. असम हिमालय – यह तीस्ता से दीहांग नदी तक फैला है। [/read]

20. काली एवं तिस्ता नदियों के बीच हिमालय का कौन-सा प्रादेशिक विभाग स्थित है?

(a) पंजाब हिमालय

(b) नेपाल हिमालय

(c) असम हिमालय

(d) कुमायूं हिमालय

[read more] (b) नेपाल हिमालय [/read]

21. निम्नलिखित में से किसे ‘सागरमाथा’ के नाम से जाना जाता है?

(a) कंचनजंगा

(b) एवरेस्ट

(c) गाडविन आस्टिन

(d) नाम्चाबारवे

[read more] (b) एवरेस्ट [/read]

22. एडमण्ड हिलेरी तथा तेनजिंग नोर्गे द्वारा विश्व की सर्वोच्च पर्वत चोटी माउण्ट एवरेस्ट पर सबसे पहले किस वर्ष विजय प्राप्त की गई?

(a) 1898 ई० में

(b) 1953 ई० में

(c) 1957 ई० में

(d) 1969 ई० में

[read more] (b) 1953 ई० में [/read]

23. नन्दा देवी चोटी है-

(a) असम हिमालय का भाग

(b) कुमायूं हिमालय का भाग

(c) नेपाल हिमालय का भाग

(d) पंजाब हिमालय का भाग

[read more] (b) कुमायूं हिमालय का भाग [/read]

24. हिमालय पर्वत की एक श्रेणी अराकानयोमा कहाँ स्थित है?

(a) बलूचिस्तान

(b) म्यान्मार

(c) नेपाल

(d) थाईलैंड

[read more] (b) म्यान्मार [/read]

25. जम्मू-कश्मीर में स्थित निम्नलिखित पर्वत श्रेणियों का पूर्व से पश्चिम की ओर क्रम होगा-

1. जास्कर श्रेणी 2. पीरपंजाल श्रेणी 3. काराकोरम श्रेणी 4. उद्दाख श्रेणी

कूट :

(a) 4, 3, 1, 2

(b) 2, 1, 3, 4

(c) 3, 4, 1, 2

(d) 1, 2, 3, 4 

[read more] (c) 3, 4, 1, 2 [/read]

26. भारत की सर्वोच्च पर्वत श्रेणी कौन-सी है?

(a) गाडविन आस्टिन

(b) कंचनजंगा

(c) नन्दा देवी

(d) एवरेस्ट

[read more] (a) गाडविन आस्टिन [/read]

27. कुल्लू घाटी निम्नलिखित पर्वत श्रेणियों के बीच अवस्थित है-

(a) धौलाधर तथा पीरपंजाल

(b) रणज्योति तथा नागटिब्बा

(c) लद्दाख तथा पीरपंजाल

(d) मध्य हिमालय तथा शिवालिक

[read more] (a) धौलाधर तथा पीरपंजाल, व्याख्या:, कुल्लू घाटी हिमाचल प्रदेश में स्थित एक सुंदर हिमालयी घाटी है, जो मुख्यतः धौलाधर पर्वत श्रेणी (उत्तर-पूर्व में) और पीर पंजाल पर्वत श्रेणी (दक्षिण-पश्चिम में) के बीच अवस्थित है। इसलिए विकल्प (a) सही है। [/read]

28. उतराखंड का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है

(a) बद्रीनाथ

(b) केदारनाथ

(c) कामेत

(d) नन्दादेवी

[read more] (d) नन्दादेवी [/read]

29. शिवालिक श्रेणी का निर्माण हुआ-

(a) इयोजोइक

(b) पैल्योजोइक

(c) मेसोजोइक

(d) सेनोजोइक

[read more] (d) सेनोजोइक [/read]

30. हिमालय का दूसरा सबसे ऊँचा पर्वत शिखर कंचनजंगा भारत के किस राज्य में स्थित है?

(a) असम

(b) उत्तराखंड

(c) सिक्किम

(d) हि० प्र०

[read more] (c) सिक्किम [/read]

31. निम्नलिखित में से सबसे प्राचीन पर्वत श्रेणी कौन-सी है?

(a) हिमालय

(b) अरावली

(c) विन्ध्य

(d) सतपुड़ा

[read more] (b) अरावली [/read]

32. भारत में निम्नलिखित में से कौन-सी पर्वत श्रेणी केवल एक राज्य में फैली हुई है?

(a) अरावली

(b) सतपुड़ा

(c) अजन्ता

(d) सह्यादि

[read more] (c) अजन्ता [/read]

33. भारत में सबसे प्राचीन वलित पर्वतमाला कौन-सी है?

(a) विन्ध्याचल

(b) सतपुड़ा

(c) अरावली

(d) नीलगिरि

[read more] (c) अरावली [/read]

34. अरावली पर्वत का सर्वोच्च शिखर क्या कहलाता है?

(a) गुरुशिखर

(b) सेर

(c) दोदाबेट्टा

(d) अमरकंटक

[read more] (a) गुरुशिखर [/read]

35. पश्चिमी घाट क्या है?

(a) एक अवशिष्ट पर्वत

(b) एक मोड़दार पर्वत

(c) एक भ्रंश कगार

(d) एक ज्वालामुखी पर्वत

[read more] (c) एक भ्रंश कगार [/read]

36. निम्नलिखित में से किस पर्वतमाला को ‘स‌ह्यादि’ के नाम से भी जाना जाता है?

(a) सतपुड़ा

(b) पश्चिमी घाट

(c) पूर्वी घाट

(d) अरावली

[read more] (b) पश्चिमी घाट [/read]

37. पश्चिमी घाट (सहयाद्रि) की सबसे ऊँची शिखर है-

(a) धूपगढ़

(b) दोदाबेड्डा

(c) आनाईमुदी

(d) गुरुशिखर

[read more] (c) आनाईमुदी [/read]

38. पूर्वी घाट एवं पश्चिमी घाट पर्वत श्रेणियों का सम्मिलन स्थल है-

(a) पालनी पहाड़ी

(b) नीलगिरि पहाड़ी

(c) अन्नामलाई पहाड़ी

(d) शेवराय पहाड़ी

[read more] (b) नीलगिरि पहाड़ी [/read]

39. भारत के सबसे दक्षिणी भाग में स्थित पहाड़ियाँ निम्न में से कौन-सी है?

(a) नीलगिरि

(b) कार्डेमम

(c) पालनी

(d) अन्नामलाई

[read more] (b) कार्डेमम, भारत की सबसे दक्षिणी पर्वत शृंखला कार्डेमम केरल में स्थित है। [/read]

40. पूर्वी घाट पर्वत श्रेणी का सर्वोच्च शिखर है-

(a) पंचमढ़ी

(b) महेन्द्रगिरि

(c) दोदाबेट्टा

(d) अनाईमुदी

[read more] (b) महेन्द्रगिरि [/read]

41. कार्डेमम पहाड़ी कहाँ अवस्थित है?

(a) जम्मू-कश्मीर

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) केरल

(d) महाराष्ट्र

[read more] (c) केरल [/read]

42. गिरनार पहाड़ियों कहाँ स्थित है?

(a) बिहार

(b) गुजरात

(c) कर्नाटक

(d) राजस्थान

[read more] (b) गुजरात [/read]

43. गारो, खासी और जयन्तिया पहाड़ियाँ किस राज्य में स्थित है?

(a) मेघालय

(b) मणिपुर

(c) त्रिपुरा

(d) असम

[read more] (a) मेघालय [/read]

44. दक्षिण भारत का सर्वोच्च पर्वत शिखर है-

(a) अनाईमुदी

(b) दोदाबेट्टा

(c) महाबलेश्वर

(d) महेन्द्रगिरि

[read more] (a) अनाईमुदी Major Mountains of India [/read]

45. भारत एवं म्यान्मार के बीच सीमा निर्धारण करने वाली तीन पर्वत श्रेणियाँ हैं-

(a) नागा, पटकोई तथा अराकानयोमा

(b) अल्टाई पर्वत श्रृंखला

(c) ग्रेट डिवाइडिंग रेंज

(d) इनमे से कोई नहीं

[read more] (a) नागा, पटकोई तथा अराकानयोमा [/read]

46. निम्नलिखित पर विचार कीजिए-

1. महादेव पहाडियाँ 2. सह्याद्रि पर्वत 3. सतपुड़ा पर्वत

उपर्युक्त का उत्तर से दक्षिण की ओर सही अनुक्रम कौन-सा है?

(a) 1, 2, 3

(b) 2, 1, 3

(c) 1, 3, 2

(d) 2, 3, 1

[read more] (c) 1, 3, 2 [/read]

47. छोटानागपुर पठार की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है

(a) धूपगढ़

(b) पंचमढ़ी

(c) पारसनाथ

(d) महाबलेश्वर

[read more] (c) पारसनाथ [/read]

48. पाट भूमि पायी जाती है-

(a) दण्डकारण्य में

(b) छोटानागपुर में

(c) विदर्भ मैदान में

(d) विन्ध्य उच्च भूमि में

[read more] (b) छोटानागपुर में [/read]

49. छोटानागपुर पठार-

(a) एक अग्रगम्भीर है

(b) एक गर्त है

(c) एक पदस्थली है

(d) एक सम्प्राय भूमि है

[read more] (d) एक सम्प्राय भूमि है [/read]

50. सबसे बड़ा हिमनद निम्न में से कौन है?

(a) कंचनजंगा

(b) रुंडन

(c) गंगोत्री

(d) केदारनाथ

[read more] (b) रुंडन [/read]

51. महाराष्ट्र और कर्नाटक में पश्चिमी घाट……..कहलाते हैं।

(a) नीलगिरि पर्वत

(b) सह्याद्रि

(c) दक्कन पठार

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (b) सह्याद्रि [/read]

52. निम्नलिखित में वह पर्वत श्रेणी कौन-सी है, जो भारत में सबसे पुरानी है?

(a) हिमालय

(b) विन्ध्याचल

(c) अरावली

(d) सहयाद्रि

[read more] (c) अरावली [/read]

53. हिमालय के सर्वोच्च शिखर माउन्ट एवरेस्ट की ऊँचाई कितनी है?

(a) 8200 मीटर

(b) 8848 मीटर

(c) 8500 मीटर

(d) 9000 मीटर

[read more] (b) 8848 मीटर [/read]

54. कोडाईकनाल किस पर्वत श्रृंखला पर स्थित है?

(a) पालनी

(b) नीलगिरि

(c) विन्ध्याचल

(d) अरावली

[read more] (a) पालनी [/read]

55. निम्नलिखित में से कौन-सी पर्वत श्रृंखला सबसे पुरानी है?

(a) हिमालय

(b) अरावली

(c) नीलगिरि

(d) सतपुड़ा

[read more] (b) अरावली [/read]

56. उत्तर-पश्चिम में स्थित पर्वत है-

(a) अरावली

(b) विन्ध्याचल

(c) हिन्दूकुश

(d) सतपुड़ा

[read more] (c) हिन्दूकुश [/read]

57. भारत का सर्वोच्च शिख है-

(a) माउण्ट एवरेस्ट

(b) कंचनजंगा

(c) गॉडविन आस्टिन (K-2)

(d) गौरीशंक

[read more] (c) गॉडविन आस्टिन (K-2) [/read]

1. India with neighboring countries (पड़ोसी देशों के साथ भारत)

1. India with neighboring countries
(पड़ोसी देशों के साथ भारत)



हमारे देश का नाम- भारत अर्थात इण्डिया है।

भारत का अन्य नाम- हिन्दुस्तान, आर्यावर्त, भारतवर्ष, जम्मूद्वीप, हिन्द,

भारत का नाम भारत एक पौराणिक राजा दुष्यन्त के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा है।

➤ भारत का संवैधानिक नाम- ” India that is Bharat.”

भारत को इण्डिका से सबसे पहले यूनानियों ने सम्बोधित किया।

जबकि अरबवासियों ने भारत को सबसे पहले हिन्दुस्तान से सम्बोधित किया। (अमीर खुसरो)

भारत को आंग्ल भाषा में इंडिया कहते है।

‘इण्डिया ‘ शब्द की उत्पति “Indus” (सिन्धु) नदी से हु‌आ है।

फारसवासी ‘स’ अक्षर का उच्चारण ‘ह’ के रूप में करते हैं। फलतः ‘सिन्धु शब्द से हिन्दू शब्द की उत्पति हुई और हिन्दू से हिन्दुस्तान शब्द की उत्पति हुई।

भारत के उतरी भाग को आर्यावर्त और दक्षिणी भाग को ‘दक्षिणावर्त’ कहते हैं।

भारत की चौहद्दी

उतर- हिमालय, (तिब्बत) चीन, अफगानिस्तान, नेपाल

पश्चिम- पाकिस्तान, अरब सागर

पूरब- म्यानमार, बंगाल की खाड़ी, बाँग्लादेश, इण्डोनेशिया

दक्षिण- हिन्द महासागर, श्रीलंका, मालदीप।

India with neighboring

भारत के पड़ोसी देशों के साथ लगने वाले सीमा की लम्बाई-

(1) बांगलादेश के साथ- 4096 Km (सबसे ज्यादा)

(2) चीन- 3917 km

(3) पाकिस्तान- 3310 km

(4) नेपाल- 1761 km

(5) म्यानमार- 1458 km

(6) भूटान- 587 Km

(7) अफगानिस्तान- 80 km (सबसे कम)

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश के पास जो सीमा लगती है उसे मैकमोहन रेखा कहते हैं।

भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित सीमा को रेड क्लीफ लाइन और L.O.C. (Line of Control) के नाम से जानते हैं।

पाक अधिकृत कश्मीर और भारत अधिकृत कश्मीर के बीच की सीमा रेखा L.O.C. (Line of Control) के नाम से जानते हैं।

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच स्थित सीमा को डूरण्ड लाइन ( लम्बाई 2430 km) के नाम से जानते हैं। 

भारत का कुल क्षेत्र- 32,87,263 km²

➤ भारत की स्थल सीमा की कुल लम्बाई 15,200 km है।

भारत की समुद्री सीमा की कुल लम्बाई मुख्य भूमि के साथ 6100 km और द्वीपीय सीमा के साथ 7516.6 km है।

भारत की स्थलीय सीमा सर्वाधिक बांग्लादेश के साथ लगती है।

भारत का सबसे लम्बा समुद्री तट वाला राज्य गुजरात है।

➤ समुद्री सीमा की लम्बाई के अनुसार राज्यों का क्रम-

1. गुजरात

2. आन्ध्र प्रदेश 

3. तमिलनाडु

4. महाराष्ट्र

प्रादेशिक समुद्री सीमा 12 समुद्री मील निर्धारित किया गया है।

समुद्र में प्रादेशिक समुद्री सीमा (12 नॉटिकल मील) तक भारत का सम्पूर्ण अधिकार है।

➤ प्रादेशिक समुद्री सीमा के बाद जो समुद्र आती है उसे संलग्न क्षेत्र कहते हैं। संलग्न क्षेत्र प्रादेशिक सीमा से 24 समुद्री मील तक होता है। यह वह क्षेत्र है जिससे कोई देश सीमा शुल्क वसूलने, साफ-सफाई और वित्तीय अधिकार (कारोबार करने का अधिकार) का अधिकार रखते हैं।

संलग्न क्षेत्र के आगे 200 समुद्री मील तक की समुद्री सीमा को एकांकी आर्थिक क्षेत्र (EEZ- Exclusive Economic Zone ) कहते हैं।

➤ एकांकी (अनन्य) आर्थिक क्षेत्र में भारत देश को 3 तरह के अधिकार प्राप्त है-

(i) 200 समुद्री मील तक भारत नये द्वीपों का निर्माण कर सकता है।

(ii) वैज्ञानिक परीक्षण करने का अधिकार।

(iii) प्राकृतिक संसाधनों के दोहन का संपूर्ण अधिकार

नोट: 1 मानक मील = 1.6 km (1.584 km) 

1 समुद्री मील या नॉटिकल मील = 1.8 Km (1.824 km)

प्रादेशिक समुद्री सीमा वह सीमा है जिस पर राज्यों का अधिकार होता है।

एकांकी आर्थिक क्षेत्र संलग्न क्षेत्र के आगे 200 नॉटिकल मील तक निर्धारित किया गया है। इस पर केन्द्र सरकार का अधिकार होता है।
भारत पूर्णतः उत्तरी गोलार्द्ध का देश है।

भारत का देशान्तरीय विस्तार- 68º7′ पूर्वी देशांतर से 97º25′ पूर्वी देशांतर

भारत के मुख्य भूमि का अक्षांशीय विस्तार- 8º4′ उत्तरी अक्षांश से 37º6’उत्तरी अक्षांश

अगर द्वीपों के साथ भारत का अक्षांशीय विस्तार देखा जाय तो पाते हैं कि इसका विस्तार 6º4′ उत्तरी अक्षांश से 37º6′ उत्तरी अक्षांश तक है।

भारत एशिया महाद्वीप का एक प्रमुख देश है।

यह एशिया के दक्षिण भाग में स्थित है।

भौगोलिक संरचना के दृष्टि से भारत गोण्डवाना भूखण्ड पर स्थित है।

भारत के मध्य से (प्रयागराज के पास मिर्जापुर से) 82º½ पूर्वी देशान्तर रेखा गुजरती है।

कर्क रेखा (23º½ उत्तरी अक्षांश रेखा) भारत के 8 राज्यों से होकर गुजरती है।

(1) गुजरात

(2) राजस्थान

(3) मध्य प्रदेश (M.P)

(4) छतीसगढ़

(5) झारखण्ड

(6) पश्चिम बंगाल (W.B.)

(7) त्रिपुरा

(8) मिजोरम

मुख्य भूमि का सबसे दक्षिणी बिंदु कन्याकुमारी विषुवत रेखा से 876 किमी० दूरी पर स्थित है।

भारत की आकृति- चतुष्कोणीय

क्षेत्रफल के दृष्टि से भारत विश्व का 7वाँ सबसे बड़ा देश है। विश्व के कुल क्षेत्रफल का 2.4% भूमि भारत के पास है।

भारत से बड़े देशों का क्रम- रूस> कनाडा> संयुक्त राज्य अमेरिका> चीन> ब्राजील> ऑस्ट्रेलिया> भारत

भारत का उत्तर से दक्षिण की लम्बाई- 3214 किमी०

पूरब से पश्चिम की लम्बाई- 2933 किमी०

भारत के तीन ओर समुद्र स्थित है, इसलिए दक्षिण भारत को प्रायद्वीपीय भारत कहते हैं।

प्रायद्वीपीय भारत 1600 किमी० दुरी तक समुद्र में घुसा हुआ है।

भारत का सबसे दक्षिणी बिन्दु- इंदिरा प्वाइंट / पिग्मेलियन प्वाइंट/पारसान प्वाइंट (ग्रेट निकोबार में)

यह 2004 में सूनामी लहरों के कारण समुद्र में जलमग्न हो गया।

➤ भारत के मुख्य भूमि पर कन्याकुमारी (केप कोमोरिन) सबसे दक्षिण में स्थित है।

सबसे उत्तरी भाग- इंदिरा कॉल (जम्मू और कश्मीर)

सबसे पश्चिमी भाग- राजहर क्रिक (झील) / गौरमाता (मूल द्वारिका)

सबसे पूरबी भाग- वालांगू/कीवुतु (अरुणाचल  प्रदेश)

भारतीय उपमहाद्वीप = भारत, पाकिस्तान, नेपाल भूटान, बांग्लादेश

भारत के उत्तर-पश्चिम, उत्तर तथा उत्तर-पूर्वी सीमा पर नवीनतम वलित पर्वत है।

इसके दक्षिण का भूभाग उत्तर में चौड़ा है और 22º उत्तरी अक्षांश से हिन्द महासागर की ओर संकरा होता गया है।

1869 में स्वेज नहर के खुलने से भारत-यूरोप के बीच की दूरी 7000 किमी० कम हो गई है।

➤ बांग्लादेश की सीमा पर स्थिति राज्य-

(1) पश्चिम बंगाल (W.B)

(2) असम

(3) मेघालय

(4) त्रिपुरा

(5) मिजोरम

➤ म्यानमार की सीमा पर स्थित राज्य-

(1) अरुणाचल प्रदेश

(2) नागालैण्ड

(3) मणिपुर

(4) मिजोरम

➤ भूटान की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) सिक्कीम

(2) पश्चिम बंगाल (W.B)

(3) असम

(4) अरुणाचल प्रदेश

➤ नेपाल की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) उत्तराखण्ड

(2) उत्तर प्रदेश (UP)

(3) बिहार

(4) पश्चिम बंगाल (W.B)

(5) सिक्किम

➤ चीन की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) लद्दाख

(2) हिमाचल प्रदेश

(3) उतराखण्ड

(4) सिक्किम

(5) अरुणाचल प्रदेश

➤ पाकिस्तान की सीमा पर स्थित भारतीय राज्य-

(1) जम्मू और कश्मीर

(2) पंजाब

(3) राजस्थान

(4) गुजरात

श्रीलंका भारत से पाक जलसन्धि और मन्नार की खाड़ी से अलग होता है।

निकोबार और सुमात्रा ग्रेट चैनल से विभक्त होता है।

भारत के अक्षांश और देशान्तर का विस्तार लगभग 30º है।

अक्षांश का प्रभाव दक्षिण से उत्तर की ओर दिन और रात की अवधि पर पड़‌ता है।

ध्रुवों की ओर जाते समय दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी घटती जाती है, जबकि दो अक्षांशों के बीच की दूरी हर जगह एक-सी रहती है।

अक्षांश रेखाओं के मानों से ज्ञात होता है कि भारत का दक्षिणी हिस्सा उष्णकटिबंध में और उत्तरी हिस्सा उपोष्ण कटिबंध/ कोष्ण शीतोष्ण कटिबंध में स्थित है।

यही स्थिति देश में भू-आकृति, जलवायु, मिट्टी के प्रकारों और वनस्पति में पाई जाने वाली भारी भिन्नता के लिए उत्तरदायी है।

भारत के अक्षांक्ष रेखाओं के मानों का अंतर- 30º (लगभग)

भारत के देशांतर रेखाओं के मानों का अंतर- 30º (लगभग)

➤ अरुणाचल प्रदेश में सूर्योदय के होने के 2 घंटे बाद द्वारका में सूर्योदय होता है।

विश्व के देशों में आपसी समझ के तहत मानक याम्योत्तर को 7½º या 7°30′ देशांतर के गुणक पर चुना जाता है। यही कारण है कि 82º30′ याम्योत्तर को भारत की मानक याम्योत्तर चुना गया है।

भारतीय मानक समय ग्रीनवीच माध्य समय से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।

कुछ देश ऐसे हैं जिनमें अधिक पूर्व-पश्चिम विस्तार के कारण एक से अधिक मानक देशान्तर रेखाएँ हैं। जैसे-USA में 6, रूस में 7 समय कटिबंध है। 

➤ भारत के राज्य एवं संघीय क्षेत्र

राज्य

क्रमांक राज्य  राजधानी
1. अरुणाचल प्रदेश ईटानगर
2. असम दिसपुर
3. बिहार पटना
4. छतीसगढ़ रायपुर
5. गोवा पणजी
6. गुजरात गांधीनगर
7. हरियाणा चंडीगढ़
8. हिमाचल प्रदेश शिमला
9. झारखण्ड राँची
10 कर्नाटक बंगलोर
11. केरल तिरुवनन्तपुरम
12. मध्य प्रदेश भोपाल
13. महाराष्ट्र मुम्बई
14. मणिपुर इम्फाल
15. मेघालय शिलांग
16. मिजोरम आइजोल
17. नागालैंड कोहिमा
18. ओड़िसा भुवनेश्वर
19. पंजाब चंडीगढ़
20. राजस्थान जयपुर
21. सिक्किम गंगटोक
22. तमिलनाडु चेन्नई
23. तेलंगाना हैदराबाद
24. त्रिपुरा अगरतला
25. उतराखंड देहरादून
26. उत्तर प्रदेश लखनऊ
27. पश्चिम बंगाल कोलकात्ता
28. आंध्र प्रदेश हैदराबाद, अमरावती

केंद्र शासित प्रदेश

क्रमांक केंद्र शासित प्रदेश राजधानी
1. अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह पोर्ट ब्लेयर
2. चंडीगढ़ चंडीगढ़
3. दादरा तथा नगर हवेली और दमन एवं दीव दमन
4. जम्‍मू एवं कश्‍मीर  ग्रीष्मकालीन राजधानी- श्रीनगर और शीतकालीन राजधानी- जम्मू-तवी
5. लद्दाख लेह
6. लक्षद्वीप कावारती
7. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्‍ली दिल्ली
8. पुडुचेरी (पांडिचेरी) पुडुचेरी

➤ भारत की राजधानी- नई दिल्ली

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के 5 बड़े राज्यों का क्रम- राजस्थान (सर्वाधिक बड़ा), मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे छोटा राज्य- गोवा (3702 km2)

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से बिहार का स्थान- 13वाँ

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भात के सबसे बड़ा केंद्र शासित प्रदेश- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह

➤ क्षेत्रफल की दृष्टि से भात के सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश- लक्षद्वीप

➤ उत्तरी पूर्वी भारत के 7 राज्यों को “Seven Sister State” कहते है।



पड़ोसी देशों के साथ भारत से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर



1. प्राचीन भारतीय भौगोलिक मान्यता के अनुसार भारतवर्ष किस द्वीप का अंग था?

(a) पुष्कर द्वीप

(b) जम्बू द्वीप

(c) कांच द्वीप

(d) कुश द्वीप

[read more] (b) जम्बू द्वीप [/read]

2. सर्वप्रथम इण्डिया शब्द का प्रयोग भारत के लिए किस भाषा में किया गया?

(a) उर्दू

(b) ग्रीक

(c) फारसी

(d) अरबी

[read more] (b) ग्रीक [/read]

3. भारत की मुख्य भूमि की दक्षिणी सीमा है-

(a) 6°4′ उत्तरी अक्षांश

(b) 7°4′ उत्तरी अक्षांश

(c) 8°4′ उत्तरी अक्षांश

(d) 6°8′ उत्तरी अक्षांश

[read more] (c) 8°4′ उत्तरी अक्षांश [/read]

4. भारतीय मानक समय आधारित है-

(a) 80° पूर्व देशान्तर पर

(b) 80° पश्चिम देशान्तर पर

(c) 82°30′ पूर्व देशान्तर पर

(d) 82°30′ पश्चिम देशान्तर पर

[read more] (c) 82°30′ पूर्व देशान्तर पर [/read]

5. भारत का प्रमाणिक समय उस स्थान का स्थानीय समय है, जो स्थित है-

(a) दिल्ली के समीप

(b) कोलकाता के समीप 

(c) प्रयागराज के समीप

(d) भोपाल के समीप

[read more] (c) प्रयागराज के समीप [/read]

6. भारतीय मानक समय व ग्रीनविच समय में अन्तर है-

(a) 5½ घंटे

(b) 2½ घंटे

(c) 6½ घंटे

(d) 5 घंटे

[read more] (a) 5½ घंटे [/read]

7. भारत का धुर दक्षिणी भाग की भूमध्य रेखा से दूरी कितनी है?

(a) 776 किमी०

(b) 867 किमी०

(c) 876 किमी०

(d) 916 किमी०

[read more] (c) 876 किमी० [/read]

8. भारत की स्थलीय सीमा की लम्बाई कितनी है?

(a) 6100 किमी०

(b) 7516.5 किमी०

(c) 1200 किमी०

(d) 15200 किमी०

[read more] (d) 15200 किमी० [/read]

9. द्वीपों सहित भारत के तट रेखा की लम्बाई कितनी है?

(a) 6100 किमी०

(b) 6200 किमी०

(c) 7516.5 किमी०

(d) 8000 किमी०

[read more] (c) 7516.5 किमी० [/read]

10. भारत की उत्तर से दक्षिण तक की लम्बाई है-

(a) 2933 किमी०

(b) 3033 किमी०

(c) 3133 किमी०

(d) 3214 किमी०

[read more] (d) 3214 किमी० [/read]

11. भारत की पूर्व से पश्चिम तक की लम्बाई है-

(a) 2933 किमी०

(b) 3033 किमी०

(c) 3133 किमी०

(d) 3214 किमी०

[read more] (a) 2933 किमी० [/read]

12. भारत की तट रेखा की लम्बाई है-

(a) 6100 किमी०

(b) 6200 किमी०

(c) 6175 किमी०

(d) 6500 किमी०

[read more] (a) 6100 किमी० [/read]

13. भारत का क्षेत्रफल विश्व के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का कितना है?

(a) 2.2%

(b) 2.4%

(c) 2.8%

(d) 3.2%

[read more] (b) 2.4% [/read]

14. भारत के कुछ क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत भाग पर्वतीय क्षेत्र (माध्य समुद्र तल से 2135 मीटर या अधिक ऊँचाई) के अन्तर्गत आता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 27.7%

(d) 43.0%

[read more] (a) 10.7% [/read]

15. सम्पूर्ण भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर पर्वत और पहाड़ियों का विस्तार पाया जाता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 29.3%

(d) 43.0%

[read more] (c) 29.3% [/read]

16. सम्पूर्ण भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर पठार का विस्तार पाया जाता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 27.7%

(d) 29.3%

[read more] (c) 27.7% [/read]

17. सम्पूर्ण भारत के कितने प्रतिशत भू-भाग पर मैदान का विस्तार पाया जाता है?

(a) 10.7%

(b) 18.6%

(c) 27.7%

(d) 43.0%

[read more] (d) 43.0% [/read]

18. भारत की प्रादेशिक जल सीमा (Territorial water) समुद्र तट से कितने समुद्री मील की दूरी तक है?

(a) 12 मील

(b) 24 मील

(c) 111 मील

(d) 200 मील

[read more] (a) 12 मील [/read]

19. भारत का संलग्न क्षेत्र (Contiguous zone) प्रादेशिक जल सीमा के आगे कितने समुद्री मील की दूरी तक है?

(a) 12 मील

(b) 24 मील

(c) 100 मील

(d) 200 मील

[read more] (b) 24 मील [/read]

20. भारत का एकान्तिक आर्थिक क्षेत्र (Exclusive economic zone) संलग्न क्षेत्र के आगे कितने समुद्री मील की दूरी तक है?

(a) 100 मील

(b) 200 मील

(c) 300 मील

(d) 400 मील

[read more] (b) 200 मील [/read]

21. भारत में समुद्री तट रेखा वाले राज्यों की संख्या कितनी है?

(a) 7

(d) 13

(c) 9

(b) 8

[read more] (c) 9 [/read]

22. सबसे लम्बी तटीय रेखा वाला राज्य है-

(a) महाराष्ट्र

(b) गुजरात

(c) आ० प्र०

(d) तमिलनाडु

[read more] (b) गुजरात [/read]

23. निम्नलिखित में से किस राज्य की तट रेखा सर्वाधिक लम्बी है?

(a) केरल

(b) महाराष्ट्र 

(c) आ० प्र०

(d) तमिलनाडु

[read more] (c) आ० प्र० [/read]

24. कौन-सी अक्षांश रेखा भारत के मध्य से होकर गुजरती है?

(a) कर्क रेखा

(b) मकर रेखा

(c) विषुवत रेखा

(d) आर्कटिक रेखा

[read more] (a) कर्क रेखा [/read]

25. कर्क रेखा भारत के कितने राज्यों से होकर गुजरती है?

(a) 5

(b) 6

(c) 7

(d) 8

[read more] (d) 8 [/read]

26. निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर कर्क रेखा नहीं गुजरती है?

(a) उड़ीसा

(b) गुजरात

(c) राजस्थान

(d) प० बंगाल

[read more] (a) उड़ीसा [/read]

27. निम्नलिखित में से किस राज्य से होकर कर्क रेखा गुजरती है?

(a) बिहार

(b) उड़ीसा

(c) उत्तर प्रदेश

(d) गुजरात

[read more] (d) गुजरात [/read]

28. भारत की मुख्य भूमि का दक्षिणी नोक (Point) है-

(a) केप केमोरिन

(b) कैलीमेयर प्वाइण्ट

(c) इन्दिरा प्वाइण्ट

(d) नॉरीमन प्वाइण्ट

[read more] (a) केप केमोरिन [/read]

29. भारत का सबसे दक्षिणी बिन्दु है-

(a) इन्दिरा कॉल

(b) इन्दिरा प्वाइण्ट

(c) कैलीमेयर प्वाइण्ट

(d) नॉरीमून याहुण्ट

[read more] (b) इन्दिरा प्वाइण्ट [/read]

30. इन्दिरा प्वाइण्ट का अन्य नाम है-

(a) पारसन प्वाइण्ट

(b) ला-हि-चिंग

(c) पिगमेडियन प्वाइण्ट

(d) इनमें से सभी

[read more] (d) इनमें से सभी [/read]

31. निम्नलिखित में से कौन-सा स्थान भूमध्य रेखा के निकटतम स्थित है?

(a) केप केमोरिन

(b) रामेश्वरम्

(c) इन्दिरा प्वाइण्ट

(d) इन्दिरा कॉल

[read more] (c) इन्दिरा प्वाइण्ट [/read]

32. भारतीय भूमि का सर्वाधिक उत्तरी भाग है

(a) इन्दिरा प्वाइण्ट

(b) पारसन प्वाइण्ट

(c) पिगमेलियन प्वाइण्ट

(d) इन्दिरा कॉल

[read more] (d) इन्दिरा कॉल [/read]

33. भारत का दक्षिणतम स्थान इन्दिरा प्वाइण्ट निम्नलिखित में से कहाँ स्थित है?

(a) तमिलनाडु

(b) केरल

(c) लक्षद्वीप

(d) अंडमान-निकोबार द्वी० स०

[read more] (d) अंडमान-निकोबार द्वी० स० [/read]

34. भारत की मुख्य भूमि को रामेश्वरम् द्वीप से कौन अलग करता है?

(a) पाक जलसंधि

(b) दस डिग्री चैनल

(c) पम्बन चैनल

(d) नौ डिग्री चैनल

[read more] (c) पम्बन चैनल [/read]

35. आदम का पुल (Adam’s bridge) निम्नलिखित में से किन दो देशों के मध्य स्थित है?

(a) भारत एवं पाकिस्तान

(b) भारत एवं बांग्लादेश

(c) भारत एवं श्रीलंका

(d) भारत एवं म्यान्मार

[read more] (c) भारत एवं श्रीलंका [/read]

36. दस डिग्री (10°) चैनल किसके बीच स्थित है?

(a) छोटा अंडमान एवं बड़ा अंडमान

(b) छोटा अंडमान एवं कार निकोबार

(c) छोटा निकोबार एवं कार निकोबार

(d) छोटा निकोबार एवं बड़ा निकोबार

[read more] (b) छोटा अंडमान एवं कार निकोबार [/read]

37. डंकन पास (Duncan Pass) किसके बीच स्थित है?

(a) उत्तरी अंडमान एवं मध्य अंडमान

(b) दक्षिणी अंडमान एवं मध्य अंडमान

(c) दक्षिणी अंडमान एवं छोटा अंडमान

(d) कार निकोबार एवं छोटा निकोबार

[read more] (c) दक्षिणी अंडमान एवं छोटा अंडमान [/read]

38. भारत और श्रीलका को पृथक करने वाला जलडमरूमध्य क्या कहलाता है?

(a) मलक्का जलसन्धि

(b) डोवर जलसन्धि

(c) पाक जलसन्धि

(d) हार्मुज जलसन्धि

[read more] (c) पाक जलसन्धि [/read]

39. श्रीलंका को भारत से पृथक करती है-

(a) बंगाल की खाड़ी

(b) विन्ध्यन पर्वत श्रेणी

(c) पामीर ग्रंथि

(d) मन्नार की खाड़ी

[read more] (d) मन्नार की खाड़ी [/read]

40. भारत और चीन के बीच कौन-सी रेखा सीमा निर्धारण करने का कार्य करती है?

(a) रेडक्लिफ रेखा

(b) डूरण्ड रेखा

(c) मैकमहोन रेखा

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (c) मैकमहोन रेखा [/read]

41. भारत एवं पाकिस्तान को विभाजित करने वाली रेखा कहलाती है-

(a) 38वीं समानान्तर

(b) रेडक्लिफ रेखा

(c) मैकमहोन रेखा

(d) इरण्ड रेखा

[read more] (b) रेडक्लिफ रेखा, व्याख्या: भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा निर्धारण के लिए 1947 में सर सिरिल रेडक्लिफ द्वारा खींची गई रेखा को रेडक्लिफ रेखा (Radcliffe Line) कहा जाता है। [/read]

42. भारत के सुदूर पूर्व में कौन-सा देश भारत के साथ सर्वाधिक लम्बी अन्तर्राष्ट्रीय सीमा बनाता है?

(a) चीन

(b) म्यान्मार

(c) थाईलैंड

(d) वियतनाम

[read more] (b) म्यान्मार [/read]

43. भारत एवं चीन के बीच सीमा निर्धारित करने वाली मैकमहोन रेखा निम्नलिखित में से किस प्रदेश के उत्तरी सीमा पर खींची गई है?

(a) जम्मू-कश्मीर

(b) उत्तर प्रदेश

(c) हिमाचल प्रदेश

(d) अरुणाचल प्रदेश

[read more] (d) अरुणाचल प्रदेश [/read]

44. निम्नलिखित में से किस देश के साथ भारत की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा नहीं लगती है?

(a) पाकिस्तान

(b) बांग्लादेश

(c) भूटान

(d) श्रीलंका

[read more] (d) श्रीलंका [/read]

45. निम्नलिखित में से कौन-सा देश भारतीय उपमहाद्वीप के अन्तर्गत शामिल नहीं किया जाता है?

(a) पाकिस्तान

(b) नेपाल

(c) श्रीलंका

(d) बांग्लादेश

[read more] (c) श्रीलंका [/read]

46. निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य की समुद्रतटीय सीमा सबसे छोटी है?

(a) गोवा

(b) केरल

(c) उड़ीसा

(d) प० बंगाल

[read more] (a) गोवा [/read]

47. भारत की सबसे लम्बी स्थलीय सीमा किस देश के साथ है?

(a) चीन

(b) पाकिस्तान

(c) बांग्लादेश

(d) म्यान्मार

[read more] (c) बांग्लादेश [/read]

48. सबसे छोटी स्थलीय सीमा भारत की किस देश के साथ है?

(a) पाकिस्तान

(b) नेपाल

(c) म्यान्मार

(d) भूटान

[read more] (d) भूटान [/read]

49. भारत को निम्नलिखित भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया जा सकता है

(a) हिमालय, गंगा का मैदान, दक्षिणी पठार एवं राजस्थान का मैदान

(b) पर्वतीय प्रदेश, हिमानी प्रदेश, नदी घाटी प्रदेश एवं हिमालय प्रदेश

(c) दक्षिणी पठारी प्रदेश, सागर तटीय प्रदेश, द्वीपीय प्रदेश एवं हिमालय प्रदेश

(d) उत्तरी पर्वतीय प्रदेश, वृहत् मैदानी प्रदेश, दक्षिणी प्रायद्वीपीय प्रदेश तथा सागर तटीय प्रदेश

[read more] (d) उत्तरी पर्वतीय प्रदेश, वृहत् मैदानी प्रदेश, दक्षिणी प्रायद्वीपीय प्रदेश तथा सागर तटीय प्रदेश [/read]

50. भारत का कौन-सा भू-आकृतिक विभाग प्राचीनतम है?

(a) उत्तरी पर्वतीय प्रदेश

(b) गंगा-ब्रह्मपुत्र का मैदान

(c) प्रायद्वीपीय पठार

(d) समुद्रतटीय मैदान

[read more] (c) प्रायद्वीपीय पठार [/read]

51. गारो, खासी एवं जयन्तियाँ पहाड़ियाँ संरचना एवं उत्पत्ति की दृष्टि से निम्नलिखित में से किसका भाग है?

(a) हिमालय पर्वत श्रेणी का

(b) पूर्वांचल की पहाड़ी का

(c) अराकानयोमा पर्वत का

(d) प्रायद्वीपीय पठार का

[read more] (d) प्रायद्वीपीय पठार का [/read]

52. निम्नलिखित में से कौन-सा तट पश्चिमी तट का भाग नहीं है?

(a) काठियावाड़ तट

(b) कोंकण तट

(c) मालाबार तट

(d) कोरोमंडल तट

[read more] (d) कोरोमंडल तट [/read]

53. भारत का पूर्वी समुद्री तट किस नाम से जाना जाता है?

(a) दीघा तट

(b) कोरोमण्डल तट

(c) कोंकण तट

(d) मालाबार तट

[read more] (b) कोरोमण्डल तट [/read]

54. कोंकण तट कहाँ से कहाँ तक विस्तृत है?

(a) गोवा से कोच्चि

(b) गोवा से दीव

(c) गोवा से दमण

(d) गोवा से मुम्बई

[read more] (c) गोवा से दमण [/read]

55. लक्षद्वीप समूह के द्वीपों की उत्पत्ति निम्नलिखित में से किस प्रकार हुई है?

(a) ज्वालामुखी उत्पत्ति से

(b) मृदा निक्षेपण से

(c) प्रवाल उत्पत्ति से

(d) इनमे से कोई नहीं

[read more] (c) प्रवाल उत्पत्ति से [/read]

56. भारतीय क्षेत्र में स्थित दो ज्वालामुखी द्वीप हैं-

(a) कवारत्ती एवं न्यू मूर

(b) पम्बन एवं बैरन

(c) बैरन एवं नारकोण्डम

(d) ग्रेट अंडमान व लिटिल निकोबार

[read more] (c) बैरन एवं नारकोण्डम [/read]

57. न्यू मूर द्वीप कहाँ है?

(a) अरब सागर में

(b) मन्नार की खाड़ी में

(c) बंगाल की खाड़ी में

(d) अण्डमान सागर में

[read more] (c) बंगाल की खाड़ी में [/read]

58. निम्नलिखित में से कौन एक द्वीप है?

(a) दमण

(b) दीव

(c) पांडिचेरी

(d) दादरा एवं नागर हवेली

[read more] (b) दीव [/read]

59. स्वतंत्रता से पूर्व कौन-सा भारतीय क्षेत्र ‘काला पानी’ के नाम से जाना जाता था?

(a) लक्षद्वीप समूह

(b) अंडमान-निकोबार द्वी० स०

(c) दीव

(d) अलियावेट व खदियावेट

[read more] (b) अंडमान-निकोबार द्वी० स० [/read]

60. लक्षद्वीप समूह स्थित है-

(a) कच्छ की खाड़ी में

(b) अरब सागर में

(c) मन्नार की खाड़ी में

(d) बंगाल की खाड़ी में

[read more] (b) अरब सागर में [/read]

61. दीव स्थित है

(a) कच्छ की खाड़ी में

(b) खम्भात की खाड़ी में

(c) मन्नार की खाड़ी में

(d) बगाल की खाड़ी में

[read more] (b) खम्भात की खाड़ी में [/read]

62. निम्नलिखित में से कौन-सा द्वीप भारत और श्रीलंका के मध्य स्थित है?

(a) न्यू मूर

(b) लक्षद्वीप

(c) गंगासागर

(d) रामेश्वरम्

[read more] (d) रामेश्वरम् [/read]

63. लक्षद्वीप समूह में द्वीपों की संख्या है-

(a) 26

(b) 36

(c) 37

(d) 43

[read more] (b) 36 [/read]

64. थार मरुभूमि कहाँ स्थित है?

(a) गुजरात

(b) राजस्थान

(c) पंजाब

(d) हरियाणा

[read more] (b) राजस्थान [/read]

65. दक्षिण गंगोत्री क्या है?

(a) प्रायद्वीपीय भारत की एक नदी

(b) भारतीय नौसेना का युद्धक जलपोत

(c) उत्तरी ध्रुव में स्थापित भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र

(d) अंटार्कटिका में स्थापित भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र

[read more] (d) अंटार्कटिका में स्थापित भारतीय वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र [/read]

66. वर्तमान में भारत के किस स्थान को ‘सफेद पानी’ के नाम से जाना जाता है?

(a) लेह

(b) लद्दाख

(c) कारगिल

(d) सियाचीन

[read more] (d) सियाचीन [/read]

67. हैदराबाद का जुडवाँ नगर है-

(a) निजामाबाद

(b) सिकन्दराबाद

(c) आसिफाबाद

(d) आदिलाबाद

[read more] (b) सिकन्दराबाद [/read]

68. कोच्चि का जुड़वाँ नगर है-

(a) एर्नाकुलम

(b) अल्वाय

(c) अलेप्पी

(d) कोट्ठायाम

[read more] (a) एर्नाकुलम [/read]

69. जम्मू-कश्मीर राज्य का वह हिस्सा जिस पर चीन का अधिकार है, क्या कहलाता है?

(a) गिलगिट क्षेत्र

(b) छो-मोरारी क्षेत्र

(c) सियाचीन क्षेत्र

(d) अक्साई चीन

[read more] (d) अक्साई चीन [/read]

70. भारत का एकमात्र शीत मरूस्थल है-

(a) लद्दाख

(b) पूर्वी कामेंग

(c) लाचेन

(d) चम्बा

[read more] (a) लद्दाख [/read]

71. भारत का क्षेत्रफल कितना है?

(a) 32,57,405 वर्ग किमी०

(b) 32,68,276 वर्ग किमी०

(c) 32,87,263 वर्ग किमी०

(d) 32,87,679 वर्ग किमी०

[read more] (c) 32,87,263 वर्ग किमी० [/read]

72. भारतीय उपमहाद्वीप मूलतः एक विशाल भूखण्ड का भाग था, जिसे कहा जाता है-

(a) जुरेशिक भूखण्ड

(c) इण्डियाना

(b) आर्यावर्त

(d) गोंडवानालैंड

[read more] (d) गोंडवानालैंड [/read]

73. निम्न नगरों में से कौन-सा कर्क रेखा के निकटतम है?

(a) दिल्ली

(b) कोलकाता

(c) जोधपुर

(d) नागपुर

[read more] (b) कोलकाता [/read]

74. निम्नलिखित में से कौन-सा नगर कर्क रेखा से निकटतम दूरी पर अवस्थित है?

(a) अगरतला

(b) गाँधीनगर

(c) जबलपुर

(d) उज्जैन

[read more] (a) अगरतला [/read]

75. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

(a) भारत पूर्णतया उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।

(b) भारत की आकृति चतुष्कोणीय है।

(c) क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत विश्व में सातवें तथा जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है।

(d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

[read more] (d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं। [/read]

76. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भारत के क्षेत्रफल का 29.3 प्रतिशत भाग पर्वतीय है।

(b) भारत के क्षेत्रफल का 27.7 प्रतिशत भाग पठारी है।

(c) भारत के क्षेत्रफल का 48.0 प्रतिशत भाग मैदानी है।

(d) भारत का अक्षांशीय विस्तार 8°4′ उ० से 37°6′ उ० है।

[read more] (c) भारत के क्षेत्रफल का 48.0 प्रतिशत भाग मैदानी है। [/read]

77. भारत के उत्तर के मैदान से सम्बन्धित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) उत्तर का विशाल मैदान गंगा, ब्रह्मपुत्र और सतलज नदियों का मैदान है।

(b) यह नवनिर्मित मैदानी प्रदेश है।

(c) इस मैदान की मिट्टी चरनोजम प्रकार की है।

(d) इस मैदान में मिट्टी का निक्षेपण 400 मीटर से 3000 मीटर की गहराई तक है।

[read more] (c) इस मैदान की मिट्टी चरनोजम प्रकार की है।, व्याख्या :  भारत का उत्तर का विशाल मैदान (Northern Plains) मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु-सतलज नदी प्रणालियों द्वारा निर्मित है  इसलिए कथन (a) सही है। यह मैदान अपेक्षाकृत भूवैज्ञानिक रूप से नया (नव निर्मित) है- इसलिए (b) भी सही है।

     इस मैदान में अत्यधिक मोटी जलोढ़ (Alluvial) मिट्टी पाई जाती है और इसकी गहराई लगभग 400 मीटर से 3000 मीटर तक है इसलिए (d) भी सही है। जबकि  चरनोजम (Chernozem) मिट्टी काले रंग की उपजाऊ मिट्टी होती है, जो यूक्रेन, रूस, कनाडा आदि जैसे क्षेत्रों में पाई जाती है। भारत के उत्तर के मैदान में चरनोजम मिट्टी नहीं, बल्कि जलोढ़ (Alluvial Soil) पाई जाती है। [/read]

78. भारत की भौगोलिक स्थिति के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(a) यह विषुवत रेखा के उत्तर में स्थित है।

(b) यह 8°4′ उ० से 37°6′ उ० अक्षांश के बीच स्थित है।

(c) यह 68°7′ पू० से 97°25′ पू० देशान्तर के बीच स्थित है।

(d) उपर्युक्त सभी सही है।

[read more] (d) उपर्युक्त सभी सही है। [/read]

79. किस भारतीय राज्य की सीमा सर्वाधिक राज्यों की सीमा को स्पर्श कहती है?

(a) मध्य प्रदेश

(b) असम

(c) उत्तर प्रदेश

(d) आन्ध्र प्रदेश

[read more] (c) उत्तर प्रदेश [/read]

80. निम्न में से कौन भारत का केन्द्र शासित प्रदेश नहीं है?

(a) लक्षद्वीप

(b) दमण व दीव

(c) पाण्डिचेरी

(d) नागालैंड

[read more] (d) नागालैंड [/read]

81. भारत में कितने राज्य व केन्द्र शासित प्रदेश हैं?

(a) 25 राज्य व 6 केन्द्र शासित प्रदेश

(b) 28 राज्य व 8 केन्द्र शासित प्रदेश

(c) 28 राज्य व 9 केन्द्र शासित प्रदेश

(d) 29 राज्य व 9 केन्द्र शासित प्रदेश

[read more] (b) 28 राज्य व 8 केन्द्र शासित प्रदेश [/read]

82. न्यू मूर द्वीप किन दो देशों के मध्य विवाद का कारण है?

(a) भारत और श्रीलंका

(b) भारत और बांग्लादेश

(c) ब्रिटेन और अर्जेण्टीना

(d) इजराइल और सीरिया

[read more] (b) भारत और बांग्लादेश [/read]

83. विश्व के 2.4 प्रतिशत क्षेत्रफल में भारत विश्व की कितनी प्रतिशत जनसंख्या का पोषण करता है?

(a) 11%

(b) 14%

(c) 17%

(d) 21%

[read more] (c) 17% [/read]

84. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भारत के स्थल सीमा की लम्बाई 15200 किमी० हैं।

(b) भारत के मुख्य स्थलखण्ड के समुद्री सीमा की लम्बाई 6100 किमी० है।

(c) भारत का देशान्तरीय विस्तार 68°7′ पूर्वी देशान्तर से 97°25′ पूर्वी देशान्तर तक है।

(d) उपर्युक्त सभी सही है।

[read more] (d) उपर्युक्त सभी सही है। [/read]

85. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भारत का दक्षिणी बिन्दु पिगमेलियन प्वाइण्ट है।

(b) भारत की कुल समुद्री सीमा का लम्बाई 7516.5 किमी० है।

(c) पाक जलसन्धि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित है।

(d) भारत का दक्षिणतम बिन्दु 6°4′ उत्तरी अक्षांश पर स्थित है।

[read more] (c) पाक जलसन्धि भारत और पाकिस्तान के बीच स्थित है। [/read]

86. पटना का स्थानीय समय-

(a) भारतीय मानक समय से आगे है।

(b) भारतीय मानक समय से पीछे है।

(c) वही है जो भारतीय मानक समय है।

(d) भारतीय मानक समय से सम्बन्धित नहीं है।

[read more] (a) भारतीय मानक समय से आगे है। [/read]

87. भारत अवस्थित है-

(a) अक्षांश 8°4′ द० से 37°6′ उ० तथा देशांश 68°7′ प० से 97°25′ पू० के मध्य

(b) अक्षांश 8°4′ उ० से 37°6′ द० तथा देशांश 68°7 पू० से 97°25 प० के मध्य

(c) अक्षांश 8°4′ उ० से 37°6′ उ० तथा देशांश 68°7′ पू० से 97°25′ पू० के मध्य

(d) अक्षांश 8°4′ द० से 37°6′ द० तथा देशांश 68°7′ प० से 97°25 प० के मध्य

[read more] (c) अक्षांश 8°4′ उ० से 37°6′ उ० तथा देशांश 68°7′ पू० से 97°25′ पू० के मध्य [/read]

88. भारत किस गोलार्द्ध में स्थित है?

(a) उत्तरी और पूर्वी

(b) दक्षिणी और पूर्वी

(c) उत्तरी और पश्चिमी

(d) उत्तरी और दक्षिणी

[read more] (a) उत्तरी और पूर्वी [/read]

89. निम्नलिखित में से वह राज्य क्षेत्र कौन-सा है जिसकी सीमा मिजोरम से नहीं लगी हुई है?

(a) नागालैंड

(b) म्यान्मार

(c) असम

(d) त्रिपुरा

[read more] (a) नागालैंड [/read]

90. निम्नलिखित में से वह क्षेत्र कौन-सा है जिसकी सीमा अरुणाचल प्रदेश से नहीं लगती है?

(a) असम

(b) नागालैंड

(c) भूटान

(d) मणिपुर

[read more] (d) मणिपुर [/read]

91. निम्नलिखित में से किस राज्य की सीमा से राजस्थान सटा हुआ नहीं है?

(a) गुजरात

(b) महाराष्ट्र

(c) हरियाणा

(d) उ० प्र०

[read more] (b) महाराष्ट्र [/read]

92. संघ शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव भारत में निम्न में से किन राज्यों के बीच स्थित है?

(a) आन्ध्र प्रदेश व मध्य प्रदेश

(b) गुजरात व मध्य प्रदेश

(c) मध्य प्रदेश व गुजरात

(d) गुजरात व महाराष्ट्र

[read more] (d) गुजरात व महाराष्ट्र [/read]

93. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य पहले नेफा (NEFA) के नाम से जाना जाता था?

(a) नागालैंड

(b) मणिपुर

(c) अरुणाचल प्रदेश

(d) असम

[read more] (c) अरुणाचल प्रदेश [/read]

94. पोर्ट ब्लेयर स्थित है-

(a) उत्तरी अंडमान

(b) दक्षिणी अंडमान

(c) मध्य अंडमान

(d) छोटा अंडमान

[read more] (b) दक्षिणी अंडमान [/read]

95. निम्न में से कौन-सा युग्म सही नहीं है?

(a) मदुरै- तमिलनाडु

(b) झाँसी- मध्य प्रदेश

(c) हरिद्वार- उत्तरांचल

(d) अलवर- राजस्थान

[read more] (b) झाँसी- मध्य प्रदेश [/read]

96. भारत की पूर्व से पश्चिम की दूरी किलोमीटर में कितनी है?

(a) 2700 किमी०

(b) 2800 किमी०

(c) 2900 किमी०

(d) 3000 किमी०

[read more] (c) 2900 किमी० [/read]

97. निम्नलिखित राज्यों को क्षेत्रफल के अनुसार क्रम में रखें और सही विकल्प का चयन करें-

I. मध्य प्रदेश II. आन्ध्र प्रदेश

III. राजस्थान IV. महाराष्ट्र

(a) II, IV, III, I

(b) III, IV, I, II

(c) III, I, IV, II

(d) IV, I, II, IV

[read more] (c) III, I, IV, II [/read]

98. भारत की सबसे बड़ी सुरंग जवाहार सुरंग किस राज्य में अवस्थित है?

(a) हिमाचल प्रदेश

(b) राजस्थान

(c) पश्चिम बंगाल

(d) जम्मू और कश्मीर

[read more] (d) जम्मू और कश्मीर [/read]

99. भारत के अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगे समुद्र तट की लंबाई लगभग कितनी है?

(a) 5700 किमी०

(b) 5900 किमी०

(c) 6100 किमी०

(d) 6300 किमी०

[read more] (c) 6100 किमी० [/read]

100. सियाचिन है

(a) भारत और पाकिस्तान के बीच का हिमनद सीमान्त क्षेत्र

(b) भारत और पाकिस्तान के बीच का मरुस्थलीय सीमान्त क्षेत्र

(c) भारत और चीन के बीच का सीमान्त क्षेत्र

(d) भारत और म्यान्मार के बीच का सीमान्त क्षेत्र

[read more] (a) भारत और पाकिस्तान के बीच का हिमनद सीमान्त क्षेत्र [/read]

101. सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र के ऊपर किनके मध्य झगड़ा है?

(a) भारत और पाकिस्तान

(b) भारत और चीन

(c) भारत और नेपाल

(d) चीन और नेपाल

[read more] (a) भारत और पाकिस्तान [/read]

102. सियाचिन ग्लेशियर भारत के किस राज्य में है?

(a) उत्तर प्रदेश

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) जम्मू-कश्मीर

(d) सिक्किम

[read more] (c) जम्मू-कश्मीर [/read]

103. निम्नलिखित में से भारत की सुदूर दक्षिण भौगोलिक इकाई कौन-सी है?

(a) कन्याकुमारी

(b) रामेश्वरम

(c) लक्षद्वीप

(d) निकोबार द्वीप समूह

[read more] (d) निकोबार द्वीप समूह [/read]

104. भारत (मुख्य भूमि) का दक्षिणी नोक है-

(a) केप केमोरिन

(b) कैलीमेयर बिन्दु

(c) इन्दिरा बिन्दु

(d) त्रिवेन्द्रम में कोवलम

[read more] (a) केप केमोरिन [/read]

105. कर्क रेखा कहाँ से होकर नहीं गुजरती है?

(a) गुजरात

(b) उड़ीसा

(c) त्रिपुरा

(d) पश्चिम बंगाल

[read more] (b) उड़ीसा [/read]

106. कौन से देश पाक जलडमरूमध्य से जुड़े हुए हैं?

(a) भारत और श्रीलंका

(b) उत्तर और दक्षिण कोरिया

(c) ब्रिटेन और फ्रांस

(d) भारत और पाकिस्तान

[read more] (a) भारत और श्रीलंका [/read]

107. भारत और चीन के बीच सीमा रेखा कहलाती है-

(a) मैकमहोन रेखा

(b) डूरण्ड रेखा

(c) लाल रेखा

(d) रेडक्लिफ रेखा

[read more] (a) मैकमहोन रेखा [/read]

108. भारत और पाकिसतन के बीच की सीमा का निर्धारण किसने किया?

(a) लॉर्ड माउण्टबेटन

(b) सर कौरिल रेडक्लिफ

(c) सर स्टेफोर्ड रेडक्लिफ

(d) लौरेंस

[read more] (b) सर कौरिल रेडक्लिफ [/read]

109. निम्न में से कौन-सा राज्य भारत के वृहद प्रायद्वीपीय पठार का भाग नहीं है?

(a) महाराष्ट्र

(b) मध्य प्रदेश

(c) आन्ध्र प्रदेश

(d) पंजाब

[read more] (d) पंजाब [/read]

110. ड्ररण्ड लाइन निम्नलिखित दो देशों के बीच की सीमा रेखा है-

(a) भारत और पाकिस्तान

(b) पाकिस्तान और अफगानिस्तान

(c) भारत और चीन

(d) सं० रा० अ० और मैक्सिको

[read more] (b) पाकिस्तान और अफगानिस्तान [/read]

111. पाकिस्तान की सीमाओं से लगे भारतीय राज्य कौन-कौन से हैं?

(a) गुजरात, हि० प्र०, हरियाणा, जम्मू व कश्मीर

(b) गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान

(c) जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब

(d) जम्मू-कश्मीर, हि० प्र०, पंजाब, राजस्थान

[read more] (b) गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान [/read]

112. अरब सागर में स्थित भारतीय द्वीपों की सर्वाधिक महत्वपूर्ण विशिष्टता क्या है?

(a) वे आकार में काफी छोटे हैं।

(b) वे सभी प्रवाल उद्गम के हैं।

(c) वहाँ अति शुष्क जलवायु है।

(d) वे मुख्य भूमि के विस्तारित क्षेत्र हैं।

[read more] (b) वे सभी प्रवाल उद्गम के हैं। [/read]

113. पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश की सीमाएँ किसके साथ हैं:

(a) कर्नाटक और आंध्र प्रदेश

(b) आंध्र प्रदेश, केरल और तमिलनाडु

(c) तमिलनाडु

(d) कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु

[read more] (c) तमिलनाडु

सही उत्तर है – (c) तमिलनाडु

व्याख्या:

पुडुचेरी केंद्र शासित प्रदेश चार अलग-अलग हिस्सों- पुडुचेरी, कराइकल, माहे और यनम में बँटा हुआ है जो Map में देखा जा सकता है

  • पुडुचेरी और कराइकल – दोनों तमिलनाडु से घिरे हैं।
  • माहे – केरल के भीतर स्थित है।

  • यनम – आंध्र प्रदेश के भीतर स्थित है।

     लेकिन सीमा साझा करने की बात की जाए तो केवल मुख्य भाग (पुडुचेरी व कराइकल) की सीमाएँ तमिलनाडु से लगती हैं। अतः परीक्षा के मानक अनुसार सही उत्तर (c) माना जाता है। [/read]

43. According to Trewartha, The Climatic Regions of India and Their Characteristics (ट्रीवार्था के अनुसार भारत के जलवायु प्रदेश और उसकी विशेषता)

43. According to Trewartha, The Climatic Regions of India and Their Characteristics

(ट्रीवार्था के अनुसार भारत के जलवायु प्रदेश और उसकी विशेषता)



       जलवायु प्रदेश का तात्पर्य उस भौगोलिक भूखण्ड से है जहाँ जलवायु के तत्वों के बीच समानता पायी जाती है। विश्व व्यापी जलवायु कर्गीकरण में भारत को मानसूनी जलवायु वर्गीकरण में रखा गया है। लेकिन आन्तरिक विविधता के कारण कई छोटे-2 जलवायु प्रदेशों में वर्गीकृत किया गया है। ट्रीवार्था ने कोपेन जलवायु वर्गीकरण को आधार मानते हुए भारत के जलवायु प्रदेशों का निर्धारण किया।

     वस्तुत: कोपेन विश्व के संदर्भ में जलवायु प्रदेशों का निर्धारण किया था और अपने अनुभव के आधार पर भारतीय जलवायु प्रदेशों का निर्धारण किया। जबकि ट्रीवार्था का कार्य पूर्णतः भारतीय उपमहाद्वीप पर आधारित था। उन्होंने अधिक से अधिक जलवायु केन्द्रों पर जाकर आँकड़ों का संग्रहण किया और उसके बाद जलवायु प्रदेश को निर्धारित किये।

       पुन: ट्रीवार्था ने कोपेन के ही समान वनस्पति, तापमान, वर्षा और ऊँचाई को आधार मानते हुए भारत को 7 प्रमुख जलवायु प्रदेशों में वर्गीकृत किया। जैसे-

(1) उष्ण वर्षा वन की जलवायु प्रदेश (Am)

(2) उष्ण सवाना प्रदेश की जलवायु (Aw)

(3) उष्ण अर्द्ध मरूस्थतीय स्टेपी जलवायु प्रदेश (BSW)

(4) उष्ण मरुस्थलीय प्रदेश की जलवायु (Bwh)

(5) उष्ण उपोष्ण जलवायु प्रदेश (BS)

(6) आर्द्र उपोष्ण जलवायु प्रदेश (Cwa)

(7) पर्वतीय जलवायु (H)

According to Trewartha

       ट्रीवार्था और कोपेन के जलवायु प्रदेशों का तुलनात्मक अध्ययन नीचे के तालिका में किया जा रहा है:-

कोपेन का जलवायु प्रदेश ट्रीवार्था का जलवायु प्रदेश
1. Amw Am
2. AS BS
3. Aw Aw
4. BShw BSh
5. BWhw BWh
6. Cwg Cwa
7. Dfc H
8. ET
9. EF

(1) उष्ण वर्षा वन की जलवायु प्रदेश (Am):-

       ऐसे जलवायु प्रदेश जहाँ का तापमान 18°C से अधिक होती है वहाँ इस प्रकार की जलवायु की दशाएँ देखने को मिलती है। यहाँ ऐसे क्षेत्र आते है जहाँ की औसत वार्षिक तापमान 27°C से अधिक एवं औसत वार्षिक वर्षा 250 सेंमी० या इससे अधिक हो। भारत के पश्चिम तटीय क्षेत्रों, दक्षिणी असम, पश्चिम बंगाल तथा त्रिपुरा में इस तरह की जलवायु देखने को मिलती है।

(2) उष्ण सवाना प्रदेश की जलवायु (Aw):-

         यहाँ का भी तापमान 18°C से अधिक ही होती है। औसत वार्षिक तापमान लगभग 27°C के आसपास रहता है तथा औसत वार्षिक वर्षा 100 सेंमी० रहता है। यहाँ वर्षा मुख्य रूप से ग्रीष्म ऋतु में होती है।इस प्रकार की जलवायु मुख्य रूप से प्रायद्वीपीय भारत में देखने को मिलती है।

(3) उष्ण अर्द्ध मरूस्थतीय स्टेपी जलवायु प्रदेश (BSW):-

        इस प्रकार के जलवायु प्रदेशों में वर्षा बहुत कम होती है लेकिन अधिक गर्मी के कारण वाष्पीकरण अधिक तेजी से होती है। यह ऐसे जलवायु प्रदेश होते है जहाँ औसत वार्षिक वर्षा 50 से 100 सेंटीमीटर तक होती है और औसत वार्षिक तापमान लगभग 27°C तक रहती है। भारत के राजस्थान और गुजरात में इस प्रकार की जलवायु देखने को मिलती है।

(4) उष्ण मरुस्थलीय प्रदेश की जलवायु (Bwh):-     

          यह उष्ण तथा अर्द्ध उष्ण मरुस्थलीय प्रकार की जलवायु है। इस प्रकार की जलवायु में वर्षा काफी कम होती है लेकिन वाष्पीकरण बहुत तेजी से होता है। यहाँ तापमान 40°C से भी अधिक पहुँच जाता है और वर्षा 50 सेंटीमीटर से भी कम होती है।भारत के थार मरुस्थल में इस प्रकार की जलवायु देखने को मिलती है।

(5) उष्ण उपोष्ण जलवायु प्रदेश (BS):-

            यह उष्ण तथा अर्द्ध उष्ण कटिबंधीय सवाना तुल्य जलवायु का भाग है। इसमें औसत वार्षिक तापमान 27°C तक तथा औसत वार्षिक वर्षा लगभग 100 सेंटीमीटर तक होती है। भारत के प्रायद्वीपीय पश्चिम तटीय भाग में जहां वृष्टि छाया प्रदेश है यहां इस प्रकार की जलवायु देखने को मिलती है।          

(6) आर्द्र उपोष्ण जलवायु प्रदेश (Cwa):-

               इस प्रकार की जलवायु में हवाएँ शुष्क और मौसम ठंडा होता है। यहाँ औसत वार्षिक तापमान 18°C से कम रहता है।इस प्रकार के जलवायु प्रदेशों में केवल ग्रीष्म ऋतु में ही वर्षा होती है। लेकिन शीत ऋतु जो वर्षा होती है वह पश्चिमी भाग में शीतोष्ण कटिबंधीय चक्रवाती हवाओं से होती है। यह जलवायु भारत के गंगा-यमुना के मैदान में पायी जाती है।    

(7) पर्वतीय जलवायु (H):-

                यह जलवायु भारत के हिलालय पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिलती है। यहाँ शीत ऋतु में हिमपात अर्थात् बर्फबारी होती है औ ग्रीष्म काल में मासूनी हवाओं से वर्षा होती है।

42. Determination of Climatic Regions of India According to Koppen (कोपेन के अनुसार भारत के जलवायु प्रदेश का निर्धारण)

42. Determination of Climatic Regions of India According to Koppen

(कोपेन के अनुसार भारत के जलवायु प्रदेश का निर्धारण)



          जलवायु प्रदेश का तात्पर्य स्थलखंड के उस क्षेत्र से है जिसके अंतर्गत जलवायु तत्वों के बीच समरूपता पायी जाती है। कोपेन महोदय ने अपने विश्वव्यापी जलवायु वर्गीकरण में भारत को मानसूनी जलवायु क्षेत्र में रखा लेकिन भारत के जलवायु में आंतरिक विषमता को देखते हुए इसे कई जलवायु क्षेत्रों में वर्गीकृत किए।

          भारतीय जलवायु के निर्धारण में कोपेन के जलवायु वर्गीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

       वस्तुत: ट्रीवार्था के कार्य को कोपेन जलवायु का प्रतीक माना जाता है। दोनों भूगोलवेत्ताओं ने वनस्पति, तापमान, वर्षा और उच्चावच को ध्यान में रखते हुए जलवायु प्रदेशों का निर्धारण किया है। दोनों भूगोवेत्ताओं ने जलवायु प्रदेशों को सांकेतिक शब्दावली से प्रकट किया है। कोपेन महोदय ने भारत को 9 प्रमुख जलवायु प्रदेशों में विभक्त किया है। जैसे-

(1) Amw

(2) Aw

(3) AS

(4) BShw

(5) Bwhw

(6) Cwg

(7) Dfc

(8) ET

(9) EF

Climatic Regions of India

      प्रारंभ में ET और EF प्रकार का जलवायु प्रदेश हिमालय क्षेत्र के लिए निर्धारित किया। बाद में उन्हें ऐसा लगा की हिमालय क्षेत्र में उच्चावच का सर्वाधिक प्रभाव पड़ता है। अत: उच्चावच को ध्यान में रखते हुए उन्होंने Dfc जलवायु प्रदेश का सीमांकन हिमालय प्रदेश में किया।

(1) Amw प्रकार की जलवायु

        इसे उष्णार्द्र जलवायु कहते है। इस प्रकार की जलवायु पश्चिमी घाट के पश्चिमी भाग, अंडमान निकोबार द्वीप समूह तथा उत्तरी पूर्वी भारत में पाई जाती है। इस प्रकार की जलवायु प्रदेश में शुष्क ऋतु छोटी होती है। वार्षिक वर्षा 300 cm से अधिक होती है। वायुमंडलीय आर्द्रता भी अधिक होती है। वार्षिक तापांतर न्यून होती है। सालोंभार तापमान उच्च रहता है।

        इस क्षेत्र में मिलने वाली वनस्पति सदाबहार प्रकार के होती है। वृक्षों की लंबाई 45-60 मी० तक होती है। लकड़ियां कठोर होती है। वृक्षों के ऊपर विशिष्ट प्रकार के लताएं मिलती है जिसे लियाना कहते है। वन काफी सघन प्रकार के होते है। जंगलों में विविध प्रकार के वृक्ष पाए जाते है।

(2) Aw प्रकार की जलवायु

      Aw प्रकार की जलवायु लगभग संपूर्ण प्रायद्वीपीय पठार के वृष्टिछाया प्रदेश और तमिलनाडु के तटवर्ती क्षेत्र को छोड़कर पाई जाती है। यहाँ अधिकांश वर्षा दक्षिणी-पश्चिमी मानसून से होती है। वर्षा 75-200 cm रिकॉर्ड किया जाता है। यहाँ वार्षिक तापांतर 13.8ºC होता है। मौसमी विशेषता के आधार पर तीन ऋतुएं पाई जाती है। जैसे- शुष्क ग्रीष्म ऋतु, आर्द्र ग्रीष्म ऋतु और जाड़े की ऋतु। शुष्क गर्मी ऋतु में कभी कभी चक्रवातीय वर्षा होती है जिसे आम्र वृष्टि कहते है।

(3) AS प्रकार की जलवायु

         इस प्रकार की जलवायु प्रदेश में ग्रीष्म ऋतु शुष्क होती है जबकि शीत ऋतु में लौटती हुई तापमान से वर्षा होती है। यह जलवायु प्रदेश तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र पाई जाती है। अक्टूबर-नवंबर में यहां चक्रवातीय वर्षा होती है। इस वर्षा के दौरान बंगाल की खड़ी से जलवाष्प लायी जाती है।

(4) BShw प्रकार की जलवायु

      यह जलवायु प्रदेश भारत के वृष्टिछाया प्रदेश में और अरावली पर्वत के पूर्वी भाग में पाई जाती है। यहाँ सामान्य तौर पर वर्षा 50-100 cm के बीच होती है। कोपेन के अनुसार वृष्टिछाया प्रदेश में वर्षा 35-75 cm होती है जबकि अरावली के पश्चिमी भाग में 30-65 cm होती है। ये दोनों क्षेत्र जलवायु को आर्द्र मरुस्थलीय या स्टेपी तुल्य जलवायु कहा जाता है। वृष्टिछाया प्रदेश में तापीय स्थिति के कारण तापांतर कम होता है जबकि अरावली के पूर्वी भाग में तापांतर महाद्वीपीय स्थिति के अधिक पाई जाती है।

(5) BWhw प्रकार की जलवायु

इसे कोपेन ने शुष्क मरुस्थलीय जलवायु से संबोधित किया है। इसके अंतर्गत रण ऑफ कच्छ तथा थार मरुस्थलीय भाग को शामिल किया है। औसत वार्षिक वर्षा 35 cm से कम होती है। जून यहाँ का सर्वाधिक गर्म महीना है जबकि जनवरी यहां का सबसे ठंडा माह है। जून का तापमान 35ºC तक पहुंच जाता है जबकि जनवरी का तापमान 11ºC तक जाता है। यहाँ 5 जुलाई से 12 जुलाई के बीच मानसून की ऋतु पहुंचती है और अगस्त महीने में मानसून लौटने लगती है।

(6) Cwg प्रकार की जलवायु

      ऐसी जलवायु उत्तर भारत के मौसमी क्षेत्र में पाई जाती है। इसका विस्तार पंजाब से लेकर पूर्वी असम तक हुआ है। इसके पूर्वी सीमा पर वर्षा 300 cm तक और पश्चिमी सीमा पर वर्षा 65 cm तक होती है। इस तरह स्पष्ट है कि पूरब से पश्चिम की तरफ जाने पर लगातार वर्षा में कमी आते जाती है।

       यह जलवायु मौसमी विशेषताओं के लिए प्रसिद्ध है। इस क्षेत्र में तीन स्पष्ट ऋतुएं पाई जाती है। जाड़े की ऋतु, ग्रीष्म ऋतु और वर्षा ऋतु। मैदानी क्षेत्र शीत ऋतु में उच्च वायुदाब के रूप में बदल जाता है। इसीलिए वायु ऊपर से नीचे की ओर बैठने की प्रवृति रखती है। जिसके कारण कड़ाके की ठण्डी पड़ती है।

      गांगेय घाटी में पछुवा विक्षोभ के कारण जनवरी एवं फरवरी महीने में थोड़ी मात्रा में वर्षा होती है। ग्रीष्म ऋतु शुष्क होती है क्योंकि सूर्य के लंबवत प्रभाव के कारण धरातलीय भाग के गर्म होने से हवा लंबवत रूप से ऊपर उठने लगती है जिसके कारण संपूर्ण मैदानी क्षेत्र निम्न वायुदाब क्षेत्र में बदल जाती है। थार मरूस्थलीय क्षेत्र से गर्म वायु गांगेय घाटी में चलने लगती है जिसे ‘लू’ कहते है। अप्रैल एवं मई महीने में मानसून पूर्व चक्रवातीय वर्षा होती है जिसे बंगाल में ‘कालवैशाखी’ बिहार में ‘अंधड़’ और पंजाब में ‘तूफान’ कहा जाता है।

       ग्रीष्म ऋतु के अंत में मानसून विस्फोट के साथ वर्षा ऋतु का आरंभ होती है। दक्षिण-पश्चिम मानसूनी की शाखा से 90 प्रतिशत वर्षा रिकॉर्ड की जाती है। इस क्षेत्र में मानसूनी पतझड़ वन पाए जाते है।

(7) Dfc प्रकार की जलवायु

        यह हिमालय प्रदेश की विशेषता है। इसके अंतर्गत उत्तरी पूर्वी भारत के हिमालय एवं पंजाब हिमालय को शामिल करते है। इस क्षेत्र में 4 महीने तक तापमान 10ºC से कम होता है। यहाँ वार्षिक वर्षा 200 cm से अधिक होती है अर्थात यह कम तापमान और अधिक वर्षा वाला क्षेत्र है।

(8) ET प्रकार की जलवायु

       यह भी हिमालय प्रदेश की जलवायु है। इसमें ग्रीष्म ऋतु का भी तापमान 10ºC से कम होता है। यह कड़ाके की सर्दी वाला क्षेत्र है। वर्ष में कभी न कभी हिमपात की क्रिया होती है और बर्फीली हवाएँ चलती है। यह जलवायु लघु हिमालय तथा हिमालय में मिलने वाले घाटी एवं दून प्रदेश में मिलती है। जाड़े की ऋतु में धरातल बर्फ से ढक जाती है जबकि ग्रीष्म ऋतु में बर्फ के पिघल जाने से धरातल पर जल की आपूर्ति बढ़ जाती है। समतल पर्वतीय ढालों पर फूलों की खेती की जाती है और घाटी क्षेत्र में धान की कृषि की जाती है।

(9) EF प्रकार की जलवायु

      इस प्रकार की जलवायु महान हिमालय के चोटियों पर तथा 6000 मी० से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। इस क्षेत्र का तापमान सदैव हिमांक से नीचे रहता है। धरातल सदैव बर्फ से अच्छादित रहते है। वनस्पति के रूप में शैवाल और मॉश पाई जाती है।

          इस तरह ऊपर के तथ्यों से स्पष्ट है कि कोपेन महोदय ने अनुभावाश्रित विधि का प्रयोग कर भारत को कई जलवायु प्रदेश में वर्गीकृत किया है। आगे चलकर ट्रीवार्था महोदय ने संशोधन प्रस्तुत किया। इसीलिए कोपेन की तुलना में ट्रीवार्था के जलवायु वर्गीकरण को अधिक मान्यता है।

प्रश्न प्रारूप

Q. कोपेन के अनुसा भात के जलवायु प्रदेश का निर्धारण कीजिए और प्रत्येक जलवायु प्रदेश का विस्तार से चर्चा करें।

41. Climate Classification of India by Stamp and Kendrew (स्टैम्प तथा केन्ड्रयू द्वारा भारत की जलवायु वर्गीकरण)

41. Climate Classification of India by Stamp and Kendrew

(स्टैम्प तथा केन्ड्रयू द्वारा भारत की जलवायु वर्गीकरण)


        प्रो० एल० डी० स्टैम्प तथा डब्लू. जी. केन्ड्रयू ने भारत को अनेक जलवायु क्षेत्रों में विभाजित किया। यह वर्गीकरण स्वेच्छाचारी तथा अवास्तविक है। स्टैम्प ने जनवरी के महीने के लिए 18C की औसत तापमान की समताप रेखा का उपयोग देश को मोटे तौर पर दो जलवायु क्षेत्रों में विभाजित करने के लिए किया। जैसे-

(A) उपोष्ण जलवायु क्षेत्र उत्तर- उत्तर भारत में

(B) उष्णकटिबंधीय जलवायु क्षेत्र- दक्षिण भारत में।

         यह देखा जा सकता है कि 18C की समताप रेखा कर्क रेखा के लगभग समांतर गुजरती है। इन दो जलवायु क्षेत्रों की वर्षा के आधार पर 11 क्षेत्र में विभाजित किया गया है।  जैसे-

(A) उपोष्ण महाद्वीपीय जलवायु

      उपोष्ण महाद्वीपीय जलवायु को पांच जलवायु क्षेत्र में बांटा है। जैसे-

(1) हिमालय क्षेत्र

(2) उत्तर-पश्चिम क्षेत्र

(3) शुष्क निम्न भूमि

(4) सामान्य मध्यम वर्षा का क्षेत्र

(5) परवर्ती क्षेत्र

(B) उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु

        उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु को निम्नलिखित 6 भागों में वर्गीकृत किया है-

(1) अत्यधिक भारी वर्षा का क्षेत्र

(2) भारी वर्षा का क्षेत्र

(3) सामान्य (मध्यम) वर्षा के क्षेत्र

(4) कोंकण तट

(5) मालाबार तट

(6) तमिलनाडु क्षेत्रClimate Classification

(A) उपोष्ण महाद्वीपीय जलवायु

(1) हिमालय क्षेत्र:-

      यह जलवायु जम्मू तथा कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पाई जाती है। इस जलवायु में ग्रीष्म ऋतु सुहावना तथा शीत ऋतु अत्यंत ठंड होती है। तापमान क्षेत्रीय वितरण (स्थलाकृति तथा ढाल) पर निर्भर करती है। 2500 मी० की ऊँचाई तक शीत ऋतु में औसत तापमान 4C से 8C के बीच होता है जबकि ग्रीष्म ऋतु में 12C- 18C के बीच होता है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शीत ऋतु में वर्षा दर्ज किया जाता है। जाड़े के महीने में हिमपात तथा हिमवर्षा महान तथा लघु हिमालय की सामान्य विशेषता है।

(2) उत्तरी पश्चिमी भारत की जलवायु:-

       यह जलवायु समतल नदी के उत्तर-पश्चिम में पाई जाती है जहाँ शीत ऋतु में औसत तापमान लगभग 15C होती है। जनवरी में तापमान कभी-कभी हिमांग के नीचे चला जाता है जबकि गर्मी में 45C को पार कर जाता है और लू चलती है।

(3) उत्तर-पश्चिम भारत का शुष्क मैदान:-

        यह जलवायु राजस्थान, कच्छ तथा हरियाणा के दक्षिण-पश्चिम भाग में पाई जाती है। शीत ऋतु का तापमान 15C से 25C तथा मई तथा जून में तापमान कभी-कभी 47C से भी अधिक हो जाता है औसत वार्षिक वर्षा 25 सेंटीमीटर से कम होती है।

(4) सामान्य (मध्यम) वर्षा का क्षेत्र:-

      यह जलवायु पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम तथा उत्तर पश्चिम बिहार, उत्तर-पश्चिम झारखंड में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 100 से 150 सेंटीमीटर के बीच होती है। 90% वर्षा वर्षा ऋतु में होती है। वर्षा बंगाल की खाड़ी के धारा से होती है। जनवरी का औसत तापमान 15C तथा जुलाई का औसत अधिकतम तापमान 40C से अधिक होता है।

(5) परवर्ती क्षेत्र:-

      यह संपूर्ण बिहार, उत्तर बंगाल और पश्चिम असम में पाई जाती है। औसत वर्षा 150 सेंटीमीटर से अधिक और तापमान सामान्य बना रहता है।

(B) उष्णकटिबंधीय क्षेत्र की जलवायु

(1) अत्यधिक भारी वर्षा का क्षेत्र:-

       यह जलवायु असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा तथा मिजोरम में पाई जाती है। यहाँ वार्षिक वर्षा 250 cm से अधिक होती है। विश्व में सर्वाधिक वर्षा चेरापूंजी और मासिनराम में दर्ज किया जाता है। 90% वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून से होता है। तरंगित स्थलाकृतिक विशेषता के कारण मासिक तापमान में भिन्नता दिखाई देती है।

(2) भारी वर्षा का क्षेत्र:-

      यह जलवायु पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, झारखंड, आंध्रप्रदेश के पूर्वी भाग में पाई जाती है। यहाँ औसत वर्षा 100 से 200 सेंटीमीटर होती है। पूर्व से पश्चिम की ओर वर्षा घटती है। जनवरी का औसत तापमान 15C से अधिक, जून तथा जुलाई का तापमान 30C होता है।

(3) सामान्य (मध्यम वर्षा) के क्षेत्र:-

       यह पश्चिमी घाट के पूर्व गुजरात, दक्षिण-पश्चिम मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश के अधिकांश भाग में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 75 सेंटीमीटर, जनवरी की तापमान 18C तथा जुलाई का 32C होता है।

(4) कोकण तट:-

      यह तापी नदी के मुहाने से लेकर गोवा तक तटीय भाग में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 200 सेंटीमीटर से अधिक होती है। इसमें 90% वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून से होती है। जनवरी की औसत तापमान 24C तथा जुलाई का 27C होता है। औसत वार्षिक तापांतर 3 से 6C तक होता है।

(5) मालाबार तट:-

      यह गोवा से लेकर कन्याकुमारी तक तटीय भाग में पाई जाती है। इस क्षेत्र में वार्षिक वर्षा 250 सेंटीमीटर से अधिक होती है। औसत वार्षिक तापमान लगभग 27C होती है।

(6) तमिलनाडु क्षेत्र:-

          यह तमिलनाडु और कोरोमंडल के अधिकांश क्षेत्र में पाई जाती है। औसत वार्षिक वर्षा 100 से 150 सेंटीमीटर के बीच होती है। अधिकांश वर्षा लौटती मानसून से होती है। जनवरी की औसत तापमान 24C और जुलाई का 30C होता है।

     इस तरह ऊप के तथ्यों से स्पष्ट है कि स्टैम्प तथा केन्ड्रयू महोदय ने तापमान और वर्षा का आधार मानकर भारत के जलवायु प्रदेशों का निर्धारण किया।


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3. भारत के प्रमुख जलप्रपात

4.नदियों के किनारें बसे प्रमुख नगर

5. भारत की भूगर्भिक संरचना का इतिहास

6. भारत में गोण्डवानाक्रम के चट्टानों के निर्माण का आधार, वितरण एवं आर्थिक महत्व

7. प्राचीनतम कल्प के धारवाड़ क्रम की चट्टानों का आर्थिक महत्त्व

8. भारत के उच्चावच/भू-आकृतिक इकाई

9. हिमालय के स्थलाकृतिक प्रदेश

10. उत्तर भारत का विशाल मैदानी क्षेत्र

11. गंगा का मैदान

12. प्रायद्वीपीय भारत की संरचना

13. प्रायद्वीपीय भारत के उच्चावच या भूदृश्य

14. प्रायद्वीपीय भारत के पठार

15. भारत का तटीय मैदान एवं द्वीपीय क्षेत्र

16. अपवाह तंत्र (हिमालय और प्रायद्वीपीय भारत) / Drainage System

17. हिमालय के विकास के संदर्भ में जल प्रवाह प्रतिरूप/विन्यास

18. गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

19. भारतीय जल विभाजक रेखा

20. मानसून क्या है?

21. मानसून उत्पत्ति के सिद्धांत

22. मानसून उत्पत्ति का जेट स्ट्रीम सिद्धांत

23. एलनीनो सिद्धांत

24. भारतीय मानसून की प्रक्रिया / क्रियाविधि / यांत्रिकी (Monsoon of Mechanism)

25. भारतीय मानसून की प्रमुख विशेषताएँ तथा मानसून की उत्पत्ति संबंधी कारकों की विवेचना

26. मानसून के विकास में हिमालय तथा तिब्बत के पठार का योगदान

27. भारत के आर्थिक जीवन पर मानसून का प्रभाव

28. भारत में शीतकालीन वर्षा का आर्थिक जीवन पर प्रभाव

29. पश्चिमी विक्षोभ क्या है? भारतीय कृषि पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?

30. हिमालय के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालें।

31. भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात

32. भारत में बाढ़ के कारण, प्रभावित क्षेत्र एवं समाधान

33. भारत में सूखा के कारण, प्रभावित क्षेत्र एवं समाधान

34. भारत की प्राकृतिक वनस्पति

35. भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश

36. भारत में सिंचाई की आवश्यकता क्यों है? 

37. भारत में सिंचाई के विभिन्न साधनों एवं उनके महत्त्व

38. भारत में हरित क्रान्ति का प्रभाव

39. प्रायद्वीपीय भारत और प्रायद्वीपेत्तर भारत की प्रवाह प्रणाली (उत्तर और द० भारत की प्रवाह प्रणाली)

40. उद्योग स्थापना की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक

41. Climate Classification of India by Stamp and Kendrew (स्टैम्प तथा केन्ड्रयू द्वारा भारत की जलवायु वर्गीकरण)

40. उद्योग स्थापना की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक

40. उद्योग स्थापना की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक



       उद्योगों की स्थापना केवल उन्हीं स्थानों पर होती है, जहाँ इसके विकास के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ उपस्थित हों। उद्योगों को प्रभावित करने वाले कारकों में भौगोलिक, आर्थिक तथा राजनीतिक कारक महत्वपूर्ण हैं। अतः उद्योगों को प्रभावित करने वाले कारकों को दो वर्गों में बाँटा जाता जा सकता है:-

(क) भौगोलिक कारक तथा,

(ख) गैर-भौगोलिक कारक।

(क) भौगोलिक कारक (Geographical Factors)

      उद्योगों को प्रभावित करने वाले मुख्य भौगोलिक कारक निम्नलिखित हैं:-

1. कच्चे माल की उपलब्धता:-

       सामान्यतः उद्योग उन्हीं स्थानों पर स्थापित किए जाते हैं, जहाँ कच्चा माल उपलब्ध होता है। कच्चा माल उद्योगों के लिए चुम्बक का कार्य करता है। भारत में लोहा इस्पात उद्योग केवल उन्हीं स्थानों पर स्थापित किया गया है जहाँ इसमें प्रयोग होने वाला कच्चा माल, जैसे-लौह-अयस्क, कोयला, मैंगनीज आदि प्राप्त होते हैं। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश तथा बिहार में गन्ने के कारण चीनी उद्योग, महाराष्ट्र तथा गुजरात में कपास के कारण सूती वस्त्र उद्योग, पश्चिम बंगाल में पटसन उद्योग स्थापित किए गए हैं। नाशवान (Perishable) / अल्पकालिक कच्चा माल प्रयोग करने वाले उद्योग तो कच्चे माल के स्रोत से दूर स्थापित हो ही नहीं सकते।

2. शक्ति के साधन:-

     उद्योगों में मशीनें चलाने के लिए शक्ति की आवश्यकता होती है। शक्ति के प्रमुख साधन कोयला, पेट्रोलियम, जल-विद्युत्, प्राकृतिक गैस तथा परमाणु ऊर्जा हैं। लौह-इस्पात उद्योग कोयले पर निर्भर करता है, इसलिए यह उद्योग कोयले की खानों के पास ही स्थापित किया जाता है। दामोदर घाटी का प्रमुख लोहा-इस्पात केन्द्र जमशेदपुर अपनी शक्ति की आवश्यकता झरिया तथा रानीगंज से प्राप्त किए गए कोयले से पूरी करता है।

        पंजाब में औद्योगिक विकास का मुख्य कारण भाखड़ा से प्राप्त की गई जल-विद्युत् ही है। ऐलुमिनियम उद्योग के लिए प्रचुर मात्रा में विद्युत् शक्ति की आवश्यकता होती है, इसलिए यह उद्योग जल-विद्युत अथवा ताप-विद्युत् के स्रोत के निकट ही स्थापित किया जाता है। छत्तीसगढ़ का कोरबा तथा उत्तर प्रदेश का रेनूकूट ऐलुमिनियम उद्योग विद्युत् शक्ति की उपलब्धता के कारण ही स्थापित हुआ है।

3. सस्ते दर पर कुशल श्रमिकों की उपलब्धता:-

    यद्यपि आधुनिक युग में स्वचालित मशीनों तथा कम्प्यूटरों जैसे यंत्रों का प्रचलन बढ़ा है फिर भी औद्योगिक विकास में श्रम का महत्व बराबर बना हुआ है। सस्ते तथा कुशल श्रम की प्रचुर मात्रा में उपलब्धता औद्योगिक विकास का मुख्य कारक है। कुछ उद्योग श्रम पर ही आधारित होते हैं। फिरोजाबाद में शीशा उद्योग, कानपुर में चर्म उद्योग, लुधियाना में हौजरी तथा जालन्धर एवं मेरठ में खेलों का सामान बनाने का उद्योग मुख्यतः सस्ते, कुशल तथा प्रचुर श्रम पर ही निर्भर हैं।

4. परिवहन एवं संचार के साधन:-

      यातायात मार्ग वे शिराएं हैं, जिनमें से होकर उद्योग की धमनियों का रक्त संचार होता है। कच्चे माल को उद्योग केन्द्र तक लाने तथा निर्मित माल को खपत के क्षेत्रों तक ले जाने के लिए सस्ते तथा कुशल यातायात का प्रचुर मात्रा में होना अनिवार्य है। सड़कों तथा रेलों के जंक्शन तथा सागरीय बन्दरगाह अच्छे औद्योगिक केन्द्र बन जाते हैं। मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली जैसे महानगरों में औद्योगिक विकास मुख्यतः यातायात के साधनों के कारण ही हुआ है।

       परिवहन की भांति संचार के साधन, जैसे-डाक, तार टेलीफोन, कम्प्यूटर भी औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें उद्योग सम्बन्धी सूचनाएँ जल्दी मिलती हैं।

5. विस्तृत बाजार की उपलब्धता:-

     उद्योग का सारा विकास तब तक व्यर्थ है। जब तक निर्मित माल की खपत के लिए बाजार की उपलब्धता न हो। बाजार की निकटता से यातायात का खर्च कम हो जाता है और उपभोक्ता को औद्योगिक उत्पाद सस्ते दाम पर मिल सकते हैं। शीघ्र नष्ट होने वाली वस्तुओं को तो अधिक दूर तक ले जाना असम्भव ही होता है। 

6. सस्ती भूमि तथा जलापूर्ति:-

      उद्योगों की स्थापना के लिए सस्ती भूमि का होना भी आवश्यक है। दिल्ली में भूमि का अधिक मूल्य होने के कारण ही इसके उपनगरों में सस्ती भूमि पर उद्योगों ने द्रुत गति से प्रगति की है। लोहा-इस्पात, वस्त्र-निर्माण तथा रसायन कुछ ऐसे उद्योग हैं, जिनको पर्याप्त मात्रा में जल की आवश्यकता होती है। इसलिए ये उद्योग जल के स्रोत पर स्थापित किए जाते हैं।

7. अनुकूल जलवायु:-

       उद्योग धन्धों में काम करने वाले श्रमिकों की कार्यकुशलता के लिए जलवायु का स्वास्थ्यवर्द्धक होना आवश्यक है। अधिक उष्ण अथवा आर्द्र एवं कठोर शीत जलवायु श्रमिकों के कार्य में बाधा डालती है। उत्तर-पश्चिमी भारत की जलवायु ग्रीष्म ऋतु में अत्यन्त गर्म तथा शीत ऋतु में ठण्डी होती है, जिससे श्रमिकों की कार्य-कुशलता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके विपरीत, पश्चिमी तटीय भाग की जलवायु वर्ष भर सम रहती है, जिससे श्रमिकों की कार्य-कुशलता बनी रहती है। यही कारण है कि देश के 24% आधुनिक कारखाने तथा 30% श्रमिक अकेले महाराष्ट्र-गुजरात क्षेत्र में हैं।

        कुछ उद्योगों के लिए तो जलवायु का विशेष महत्व है। उदाहरणतया, सूती वस्त्र उद्योग के लिए आर्द्र जलवायु चाहिए, क्योंकि शुष्क जलवायु में धागा बार-बार टूटता रहता है। इसलिए सूती वस्त्र बनाने वाली अधिकांश मिलें महाराष्ट्र तथा गुजरात में ही हैं। आजकल कृत्रिम आर्द्र-यन्त्रों (Artificial Humidifiers) की सहायता से देश के अन्य भागों में भी सूती वस्त्र उद्योग लगाए गए हैं, परन्तु यह प्रणाली महंगी है।

(ख) गैर-भौगोलिक कारक (Non-Geographical Factors)

      वैज्ञानिक तथा प्रौद्योगिकी विकास के साथ, उद्योग-धन्धों की अवस्थिति में भौगोलिक कारकों की भूमिका पहले की भांति अधिक दृढ़ नहीं रही। अतः कुछ गैर-भौगोलिक कारक भी महत्वपूर्ण बन गए हैं, जिनमें आर्थिक, राजनीतिक, ऐतिहासिक एवं सामाजिक कारक उल्लेखनीय हैं। कुछ महत्वपूर्ण गैर-भौगोलिक कारक निम्नलिखित हैं:-

1. पर्याप्त पूंजी:-

      कोई भी उद्योग बिना पूंजी के नहीं पनप सकता। बिना पूंजी के उद्योगों की स्थापना की कल्पना  बड़े-बड़े नगरों में पूंजीपति उद्योगों में पूंजी लगाते हैं, जिससे उद्योगों का विकास होता है। इसी कारण मुम्बई, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, आदि बड़े-बड़े नगरों में उद्योग लगे हुए हैं। मोदीनगर में उद्योग स्थापित होने का मुख्य कारण ही मोदी सेठ द्वारा पूँजी निवेश है।

2. सरकार की नीति:-

     सरकार की नीतियाँ उद्योग-धन्धों की अवस्थिति को काफी हद तक प्रभावित करती हैं। सरकार प्रादेशिक असन्तुलन दूर करने के कई प्रयास कर रही है, जैसे- पिछड़े हुए क्षेत्रों में उद्योग-धन्धों की स्थापना करके, जल, वायु और भूमि के प्रदूषण की रोकथाम द्वारा पर्यावरण का संरक्षण तथा कुछ विकसित प्रदेशों में उद्योग-धन्धों के अतिकेन्द्रण को विकेन्द्रण प्रक्रम द्वारा रोकना आदि। सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के नियोजन में इन प्रारूपों का विशेष ध्यान रखा गया है। मथुरा के निकट तेल शोधनशाला, कपूरथला में कोच फैक्ट्री तथा जमशेदपुर में उवर्रक संयन्त्र की स्थापना सरकारी नीतियों का ही परिणाम है।

3. औद्योगिक जड़त्व अथवा प्रारम्भिक संवेग (Industrial Inertia or Momentum of Early Start):-

        कुछ उद्योग भौगोलिक परिस्थितियों के कारण स्थापित हो जाते हैं, परन्तु जब वे भौगोलिक सुविधाएँ वहाँ पर समाप्त हो जाती हैं तब भी वे उद्योग वहाँ पर बने रहते हैं। अलीगढ़ में ताला तथा जबलपुर में बीड़ी बनाने के उद्योग इसके उदाहरण हैं।

4. बैंकिंग सुविधा:-

      उद्योग-धन्धों में रोज करोड़ों रुपए का लेन-देन होता है जो बैंकों द्वारा ही सम्भव है। अतः जिन क्षेत्रों में बैंकों की सुविधा हो, वहाँ उद्योग-धन्धों के विकास में सहायता मिलती है।

5. बीमा की सुविधा:-

     बड़े-बड़े उद्योगों में भारी मशीनों को अचानक क्षति पहुंचने का भय रहता है। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों की औद्योगिक दुर्घटना से मृत्यु हो जाती है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए बीमे की सुविधा का होना आवश्यक है।

6. राजनीतिक स्थिरता:-

       उद्योगपति उन्हीं प्रदेशों में उद्योग स्थापित करना पसन्द करते हैं जहाँ राजनीतिक स्थिरता हो।

प्रश्न प्रारूप

1. उद्योग स्थापना की अवस्थिति को प्रभावित कने वाले कारकों की विवेचना कीजिये।


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7. प्राचीनतम कल्प के धारवाड़ क्रम की चट्टानों का आर्थिक महत्त्व

8. भारत के उच्चावच/भू-आकृतिक इकाई

9. हिमालय के स्थलाकृतिक प्रदेश

10. उत्तर भारत का विशाल मैदानी क्षेत्र

11. गंगा का मैदान

12. प्रायद्वीपीय भारत की संरचना

13. प्रायद्वीपीय भारत के उच्चावच या भूदृश्य

14. प्रायद्वीपीय भारत के पठार

15. भारत का तटीय मैदान एवं द्वीपीय क्षेत्र

16. अपवाह तंत्र (हिमालय और प्रायद्वीपीय भारत) / Drainage System

17. हिमालय के विकास के संदर्भ में जल प्रवाह प्रतिरूप/विन्यास

18. गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

19. भारतीय जल विभाजक रेखा

20. मानसून क्या है?

21. मानसून उत्पत्ति के सिद्धांत

22. मानसून उत्पत्ति का जेट स्ट्रीम सिद्धांत

23. एलनीनो सिद्धांत

24. भारतीय मानसून की प्रक्रिया / क्रियाविधि / यांत्रिकी (Monsoon of Mechanism)

25. भारतीय मानसून की प्रमुख विशेषताएँ तथा मानसून की उत्पत्ति संबंधी कारकों की विवेचना

26. मानसून के विकास में हिमालय तथा तिब्बत के पठार का योगदान

27. भारत के आर्थिक जीवन पर मानसून का प्रभाव

28. भारत में शीतकालीन वर्षा का आर्थिक जीवन पर प्रभाव

29. पश्चिमी विक्षोभ क्या है? भारतीय कृषि पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है?

30. हिमालय के आर्थिक महत्व पर प्रकाश डालें।

31. भारत में उष्णकटिबंधीय चक्रवात

32. भारत में बाढ़ के कारण, प्रभावित क्षेत्र एवं समाधान

33. भारत में सूखा के कारण, प्रभावित क्षेत्र एवं समाधान

34. भारत की प्राकृतिक वनस्पति

35. भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश

36. भारत में सिंचाई की आवश्यकता क्यों है? 

37. भारत में सिंचाई के विभिन्न साधनों एवं उनके महत्त्व

38. भारत में हरित क्रान्ति का प्रभाव

39. प्रायद्वीपीय भारत और प्रायद्वीपेत्तर भारत की प्रवाह प्रणाली (उत्तर और द० भारत की प्रवाह प्रणाली)

40. उद्योग स्थापना की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक

39. प्रायद्वीपीय भारत और प्रायद्वीपेत्तर भारत की प्रवाह प्रणाली (उत्तर और द० भारत की प्रवाह प्रणाली)

39. प्रायद्वीपीय भारत और प्रायद्वीपेत्तर भारत की प्रवाह प्रणाली

(उत्तर और द० भारत की प्रवाह प्रणाली)



       भौतिक दृष्टिकोण से भारत एक विशालकाय देश है। उत्तर में हिमालय, पश्चिम भारत में अरावली पर्वत, मध्य भारत में विन्ध्याचल और सतपुड़ा। पुनः प० भारत में पश्चिमी घाट पर्वत जलविभाजक रेखा का निर्माण करती है। जिसे नीचे के मानचित्र में देखा जा सकता है।

प्रायद्वीपीय भारत और

       यह महान जलविभाजक रेखा भारतीय नदियों को दो भागों में विभक्त कर देती हैं।-

(1) अरब सागार में गिरने वाली नदियाँ

जैसे- सिन्धु, नर्मदा, ताप्ती, माण्डवी, ज्वारी, शरावती, पेरियार, गायत्री इत्यादि।

(ii) बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ

जैसे- गंगा, महानदी, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी इत्यादि।

        प्रश्नानुसार उत्तर भारत और द० भारत के बीच जल विभाजक का कार्य विन्ध्याचल और सतपुड़ा पर्वत करती है। उत्तर भारत एवं द० भारत के वदियों में निम्नलिखित अन्तर दृष्टिगत होता है-

विशेषता प्रायद्वीपेत्तर भारत की नदी तंत्र या उ० भारत की नदियाँ  प्रायद्वीपीय भारत की नदी तंत्र या द० भारत की नदियाँ 
1. उद्गम क्षेत्र  (i) हिमालय पर्वत तथा 

(ii) प्रायद्वीपीय भारत का उत्तरी क्षेत्र 

(i) प्रायद्वीपीय भारत के प० घाट पर्वत
2. स्रोत  (i) हिमालय क्षेत्र से निकलने वाली नदियों का स्रोत कोई न कोई हिमानी है। जैसे- गंगोत्री से गंगा, यमुनोत्री से यमुना (i) सभी नदियों का स्रोत क्षेत्र झील या तालाब या वर्षा जल से है।
3. जल ग्रहण क्षेत्र बहुत बड़ा-बड़ा है अपेक्षाकृत छोटा है
4. मुहानों की संख्या (i) केवल दो मुहानों का निर्माण करती है:- सिन्धु नदी का मुहाना और गंगा नदी का मुहाना (i) प्रत्येक नदी अलग-अलग मुहाना का निर्माण करती है
5. ज्वारनदमुख (i) यह ज्वारनदमुख का निर्माण नहीं करती है (i) यद्यपि बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ ज्वारनद मुख का निर्माण नहीं करती है लेकिन अरब सागर में गिरने वाली नदी ज्वारनद मुख का निर्माण करती है
6. डेल्टा का निर्माण (i) डेल्टा का निर्माण करती है। गंगा, ब्रह्मपुत्र नदी मिलकर विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा का निर्माण करती है। (i) यद्यपि बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ डेल्टा बनाती है जबकि अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ डेल्टा नहीं बनाती है
7. नदी की लम्बाई एवं चौडाई  (i) लम्बाई और चौडाई अधिक होती है (i) लम्बाई और चौडाई कम होती है
8. मार्ग का परिवर्तन (i) उ० भारत की नदियाँ मार्ग परिवतन के लिए प्रसिद्ध है (i) द० भारत की नदियाँ मार्ग परिवतन नहीं करती है
9. सहायक नदियाँ (i) उ० भारत की नदियाँ सिन्धु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नामक प्रमुख नदियों में आकर सहायक नदी मिल जाती है  (i) अलग-अलग नदियों के कई सहायक नदी मिलते है
10. उच्छलिका और जलप्रपात (i) उ० भारत की नदियों में केवल स्रोत में झरना एवं उच्छलिका मिलती है (i) द० भारत की नदियों के पुरे मार्ग में इसका प्रमाण मिलता है
11. सदा वाहनीयता (i) उ० भारत की नदियाँ प्राय: सदावाहिनी होती है (i) यह लगभग सभी प्रकार की नदियाँ बरसाती प्रकार की होती है
12. जल का स्तर बढना  (i) मानसून के आगमन के दौरान तथा जून मान में बर्फ के पिघलने से जलस्तर में वृद्धि होती है (i) प्रायद्वीपीय नदियों का जलस्तर द०-प० मानसून और लौटती हुई मानसून के कारण बढ़ती है
13. अवस्था (i) सभी नदियाँ युवावस्था से गुजर रही है (i) यहाँ की नदियाँ प्रौढावस्था और वृद्धावस्था से गुजर रही है
14. अपरदन एवं निक्षेपण की क्षमता  (i) बड़े पैमाने पर अपरदन और निक्षेपण का कार्य होती है। (i) यह कार्य अति अल्प होती है
15. अपवाहतंत्र का प्रतिरूप (i) यहाँ की नदियाँ पर्वतीय क्षेत्र में वृक्षाकार प्रतिरूप, मैदानी क्षेत्री में समानांतर प्रतिरूप और मुहानों पर जाली प्रतिरूप का निर्माण करती है (i) बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली नदियाँ वृक्षाकार प्रतिरूप और अरब सागर में गिरने वाली नदियाँ समान्तर प्रतिरूप का निर्माण करती है
16. भ्रंश घटी का निर्माण (i) उ० भारत कि कोई भी नदी भ्रंश घाटी से होकर प्रवाहित नहीं होती है  (i) नर्मदा और ताप्ती नदी को छोडकर कोई भी नदी भ्रंश घाटी से होकर प्रवाहित नहीं होती है 
17. गॉर्ज एवं दर्रा का निर्माण  (i) उ० भारत की नदियाँ गॉर्ज एवं दर्रा का निर्माण के लिए प्रसिद्ध है (i) गोदावरी को छोडकर कोई भी नदी गॉर्ज का निर्माण नहीं करती है

निष्कर्ष :

        उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि उत्तर भारत एवं दक्षिण भात की नदियों पर भौगोलिक कारकों के अलग-अलग प्रभाव के कारण अलग-अलग विशिष्टताएँ पायी जाती है। 


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