Archives 2025

23. Social Structure (सामाजिक संरचना)

Social Structure

(सामाजिक संरचना)



Q.- सामाजिक संरचना क्या है? सामाजिक संरचना की अवधारणा, विशेषताएँ एवं तत्त्व लिखिए।

Ans:- सामान्य व्यक्ति जिसे ढांचा कहता है, उसी को समाजशास्त्रीय संरचना कहता है। प्रत्येक भौतिक वस्तु की एक निश्चित संरचना होती है जिसका निर्माण विभिन्न इकाइयों के मिश्रण से होता है। ये निर्माणक इकाइयां सुव्यवस्थित रूप से परस्पर सम्बन्धित रहती हैं तथा इनमें स्थिरता पाई जाती है।

   संरचना के लिए आवश्यक होता है कि सभी इकाइयां सुनिश्चित स्थान पर रहते हुए अपनी-अपनी भूमिका का उचित निर्वाह करती रहें। जिस प्रकार शरीर का एक निश्चित ढांचा होता है ठीक उसी प्रकार समाज की भी संरचना होती है। मानव संरचना की भांति सामाजिक संरचना भी अनेक इकाइयों का मिश्रित रूप होती है।

    सामाजिक संरचना की विभिन्न इकाइयों में विभिन्न प्राथमिक व द्वितीयक समूह जैसे- परिवार, क्रीड़ा समूह, जाति, पड़ोस, सेना, व्यापारिक संगठन, औद्योगिक संस्थान, शिक्षण संस्थान, सामाजिक मूल्य, सामाजिक प्रतिमान, आदि को लिया जाता है।

    ये सभी समाज की इकाइयां व्यवस्थित रहते हुए तथा परस्पर सम्बन्धित होते हुए अपने-अपने सुनिश्चित स्थान पर रहते हुए अपने-अपने कार्यों को व्यवस्थित रूप से करती रहती हैं। तभी समाज का बाह्य स्वरूप दिखाई देता है, यही सामाजिक संरचना है।

    संक्षेप में सामाजिक संरचना (Social Structure) एक ऐसा शब्द है जो किसी समाज में व्यक्तियों और समूहों के बीच स्थापित संबंधों और संगठित पैटर्न को दर्शाता है। 

    यह समाज के विभिन्न हिस्सों, जैसे परिवार, स्कूल, धार्मिक संगठन, और सामाजिक क्लबों के बीच के संबंधों को संदर्भित करता है, जो समाज के सदस्यों को एक साथ बांधते हैं।

    सामाजिक संरचना समाज को एक ढांचा प्रदान करती है, जिसमें लोग अपने विभिन्न गुणों, रुचियों और व्यक्तिगत पहलुओं के आधार पर एक-दूसरे के साथ अंतःक्रिया करते हैं। 

सामाजिक संरचना की अवधारणा:-

   सामाजिक संरचना की अवधारणा को विभिन्न विद्वानों ने भिन्न-भिन्न प्रकार से समझाया है।

कार्ल मानहीम ने सामाजिक संरचना को स्पष्ट करते हुए लिखा है कि “सामाजिक संरचना परस्पर क्रिया करती हुई सामाजिक शक्तियों का जाल है, जिससे निरीक्षण और चिन्तन की विभिन्न प्रणालियों का जन्म होता है।”

    स्पष्ट है कि सामाजिक संरचना का निर्माण सामाजिक शक्तियों के माध्यम से होता है। ये सामाजिक शक्तियां एक-दूसरे से परस्पर सम्बन्धित रहती हुई कार्य करती रहती हैं तथा निरीक्षण एवं चिन्तन की पद्धतियों को जन्म देती रहती हैं।

मॉरिस जिन्सबर्ग के अनुसार, “सामाजिक संरचना का अध्ययन सामाजिक संगठन के प्रमुख स्वरूपों अर्थात् समूह, समूहों के प्रकार, समितियों, संस्थाओं और इनके संकुलों से जिससे कि समाज का निर्माण होता है, से है।”

   इस परिभाषा से स्पष्ट है कि सामाजिक संरचना का निर्माण उन विशिष्ट इकाइयों से होता है जिनसे कि समाज का निर्माण होता है।

जॉनसन के अनुसार, “किसी भी वस्तु की संरचना से हमारा आशय इसके भागों में सापेक्षिक रूप से पाए जाने वाले स्थायी अन्तः सम्बन्धों से होता है।”

रेडक्लिफ ब्राउन के अनुसार, “संस्था द्वारा परिभाषित और नियमित सम्बन्धों में लगे हुए व्यक्तियों की क्रमबद्धता ही सामाजिक संरचना है।”

टालकोट पारसन्स के अनुसार, “सामाजिक संरचना परस्पर सम्बन्धित संस्थाओं, एजेन्सियों, सामाजिक प्रतिमानों तथा साथ ही समाज में प्रत्येक सदस्य द्वारा ग्रहण किए गए पदों तथा कार्यों की विशिष्ट क्रमवद्धता को कहते हैं।”

     इन विचारों से स्पष्ट है कि मात्र समाज की विभिन्न इकाइयों या तत्वों को जिनसे कि समाज का निर्माण होता है, सामाजिक संरचना के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता, बल्कि जब समाज की विभिन्न निर्माणक इकाइयों में एक निश्चित रूप में क्रमबद्धता होती है तभी सामाजिक संरचना कहा जाता है।

एस. एस. नैडेल के अनुसार, “सामाजिक संरचना विभिन्न अंगों की क्रमबद्धता को स्पष्ट करती है, यह तुलनात्मक रूप से स्थायी होती है, किन्तु इसका निर्माण करने वाले अंग परिवर्तनशील होते हैं।”

    इस परिभाषा से स्पष्ट होता है कि सामाजिक संरचना की प्रकृति तो स्थायी होती है, किन्तु सामाजिक संरचना का निर्माण करने वाली इकाइयां चाहे कोई भी क्यों न हों, परिवर्तनशील प्रकृति की होती हैं या हो सकती हैं।

सामाजिक संरचना की विशेषताएँ

     सामाजिक संरचना की प्रमुख विशेषताएं निम्न हैं:

(1) समाज की बाह्य संरचना:-

    सामाजिक संरचना समाज के ढांचे से जानी जाती है। ढांचे के लिए आवश्यक निर्णायक इकाइयों में पाई जाने वाली क्रमबद्धता ही सामाजिक संरचना है। यद्यपि प्रत्येक समाज की संरचना में पर्याप्त समानता पाई जाती है, फिर भी वह दूसरे समाज से अलग अपनी पहचान बनाए रखता है। एक समाज दूसरे समाज से कुछ न कुछ बातों में भिन्न होता है जो व्यवहारों के प्रतिमानों के रूप में दिखाई देती है।

(2) विशिष्ट क्रमबद्धता:-

      पारसन्स ने परस्पर सम्बन्धित संस्थाओं और समितियों की विशिष्ट क्रमबद्धता को सामाजिक संरचना कहा है। सामाजिक संरचना में विभिन्न इकाइयां एक-दूसरे से जुड़कर एक ढांचा तैयार करती हैं। यही सामाजिक संरचना है। स्पष्ट है कि सामाजिक संरचनाएं इकाइयों में पाई जाने वाली विशिष्ट क्रमबद्धता ही है।

(3) तुलनात्मक रूप से स्थिर:-

     नैडेल का मानना है कि संरचना अपने निर्माण करने वाले अंगों से अधिक स्थायी होती है। अंग परिवर्तनशील होते हुए भी अपने में विद्यमान क्रमबद्धता की दृष्टि से स्थिर होते हैं। मानव में आयु के अनुसार परिवर्तन आता है। यह परिवर्तन उसके आचार-विचारों में भी होता है, किन्तु इन व्यक्तियों द्वारा निर्मित होने वाले समूह अधिक स्थिर होते हैं।

(4) अमूर्तता:-

     जब किसी एक वस्तु को दूसरी वस्तु द्वारा परिभाषित किया जाता है तो उसे सम्बन्ध कहा जाता है। जब ये सम्बन्ध जागरूक चेतनायुक्त प्राणियों के मध्य पारस्परिक रूप में पाए जाते हैं तब उन्हें सामाजिक सम्बन्ध कहा जाता है। इन्हें अमूर्त सम्बन्ध कहा जाता है। इन सम्बन्धों द्वारा बनने वाले समाज की संरचना अमूर्त होती है।

    राइट महोदय ने सामाजिक संरचना के अमूर्त पक्ष को महत्व दिया। पारसन्स ने सामाजिक संरचना की इकाइयों में सामाजिक प्रतिमानों को महत्वपूर्ण स्थान दिया। ये प्रतिमान अमूर्त एवं बाह्य होते हैं।

(5) खण्डात्मक विभाजन:-

      सामाजिक संरचना में खण्डात्मक विभाजन पाया जाता है। सामाजिक इकाइयों में अनेक उप संरचनाएं पाई जाती हैं। इसकी प्रत्येक इकाई में उप संरचनाएं होती हैं। धर्म, राजनीति, आर्थिक, पारिवारिक एवं सामाजिक संस्थाएं सामाजिक संरचनाओं की महत्वपूर्ण अंग होती हैं। ये सभी संस्थाएं अपनी व्यक्तिगत सामाजिक संरचनाएं रखती हैं।

(6) संघटन एवं विघटन:-

     सामाजिक संरचनाओं का आधार सामाजिक प्रतिमान होता है जो देशकाल एवं परिस्थिति के अनुसार बदलते रहते हैं। पुराने मूल्यों का स्थान नवीन मूल्य ग्रहण करने लगते हैं। इससे समाज में पुराने मूल्यों के आधार पर विघटन प्रारम्भ हो जाता है। जबकि नवीन मूल्यों के आधार पर समाज की पुनर्रचना प्रारम्भ हो जाती है।

(7) सामाजिक प्रक्रियाएं:-

    सामाजिक संरचनाओं में सामाजिक प्रक्रियाओं का योगदान रहता है। सामाजिक प्रतिक्रियाओं द्वारा सामाजिक संरचनाओं का रूप निर्धारित होता है जबकि सामाजिक संरचनाएं इन प्रक्रियाओं का नियमन करती हैं।

(8) क्षेत्रीयता:-

    प्रत्येक संरचना अपना एक सामाजिक क्षेत्र रखती है। इस क्षेत्र की सांस्कृतिक, राजनीतिक एवं आर्थिक, आदि संस्थाओं को वहां की भौगोलिक दशाएं प्रभावित करती हैं।

सामाजिक संरचना के तत्व

   सामाजिक संरचना का निर्माण समितियों एवं संस्थाओं के आधार पर होता है। सामाजिक संरचना के तत्व निम्नांकित हैं:-

(1) नियमात्मक प्रणाली:-

     प्रत्येक समाज की व्यवस्था वास्तविक व्यवहारों पर नियन्त्रण करती है। जिन नियमों द्वारा नियन्त्रण होता है, उन्हें ही नियमात्मक प्रणाली के अन्तर्गत जाना जाता है। समाज द्वारा स्वीकृत एवं मान्य मूल्यों के आधार पर ही व्यक्ति अपनी भूमिका अदा करता है। सम्पूर्ण सामाजिक व्यवस्था इन्हीं मूल्यों एवं नियमों पर आधारित है।

(2) पद व्यवस्था:-

    सामाजिक संरचना में व्यक्तियों की स्थिति उनके व्यक्तिगत गुण तथा किसी विशिष्टता के आधार पर होती है। इन्हीं विशिष्टताओं के आधार पर उनका पद सृजन होता है। व्यक्ति अपनी क्षमताओं के आधार पर इनमें परिवर्तन भी करता रहता है। व्यक्ति एक साथ कई प्रकार के सम्बन्धों में बंधा रहता है यथा पिता, पति, मित्र, अधिकारी, आदि। यह व्यवस्था सामाजिक संरचना का महत्वपूर्ण तत्व हैं।

(3) अनुशासित व्यवस्था:-

     यह व्यवस्था समूह के व्यक्तियों के कार्यों का मूल्यांकन कर उचित एवं अनुचित की मान्यता प्रदान करती है। सामाजिक संरचना के भाग एवं उपभाग सभी एक दूसरे से सम्बन्धित आदर्शों एवं मूल्यों के कारण होते हैं। समाज में इस व्यवस्था के कारण ही पुरस्कार एवं दण्ड व्यवस्था का प्रावधान है।

(4) अपेक्षाओं की व्यवस्था:-

     प्रत्येक सामाजिक व्यवस्था में व्यक्तियों के पारस्परिक प्रति उत्तरों का पूर्वानुमान लगाकर ही व्यवहारों का सन्तुलित नियमन होता है। मानव अपनी क्षमता के अनुसार कार्य करता रहता है जिससे सामाजिक संरचना का स्वरूप निर्धारित होता है और कर्तव्य पालन से ही व्यवहारों के प्रति उत्तरों को निश्चित एवं नियमित किया जाता है।

(5) क्रिया व्यवस्था:-

     सामाजिक संरचना के लिए एक क्रिया व्यवस्था अत्यावश्यक होती है। इस क्रिया व्यवस्था में सामाजिक क्रियाओं का विशिष्ट स्वरूप पाया जाता है। किसी व्यक्ति द्वारा समाज के लिए किया गया कार्य सामाजिक क्रिया कहलाता है। इसके लिए कर्ता, उसकी प्रेरणा और उस क्रिया की पृष्ठभूमि या सन्दर्भ का होना आवश्यक होता है। समाज की क्रियाशीलता का प्रमुख कारण क्रिया व्यवस्था है जिसे जीवन्त रखने के लिए सामाजिक संरचना सर्वदा प्रयत्नशील रहती है। क्रिया व्यवस्था सामाजिक संरचना को गतिशील बनाती है।

23. Environmental laws (पर्यावरण कानून)

Environmental laws

(पर्यावरण कानून)



      पर्यावरण कानून पानी की गुणवत्ता, वायु गुणवत्ता, लुप्तप्राय वन्य प्राणी, और कई अन्य पर्यावरणीय कारकों से संबंधित कानूनों और विनियमों का एक संग्रह है।

⇒ पर्यावरण कानून कई कानूनों और विनियमों को शामिल करता है, लेकिन वे सभी पर्यावरण के लिए खतरों को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए मानव – प्रकृति की बातचीत को विनियमित करने के एक सामान्य लक्ष्य की दिशा में काम करते हैं।

⇒ जैसा कि हम कल्पना कर सकते हैं कि पर्यावरण कानून व्यापक है क्योंकि प्राकृतिक पर्यावरण में कई पहलू शामिल हैं। इसका मतलब है कि पर्यावरण कानून में हम जिस हवा में सांस लेते हैं, जिस प्राकृतिक संसाधनों पर हम निर्भर करते हैं, पेड़-पौधों और जीवों के लिए जो इस दुनिया को हमारे साथ साझा करते हैं, सब कुछ ध्यान में रखना जरूरी है।

   संक्षेप में पर्यावरण कानून वे नियम और विनियम हैं जो पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए बनाए गए हैं। ये कानून पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

⇒ पर्यावरण के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग की आवश्यकता भारत के संवैधानिक ढांचे और भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं में भी परिलक्षित होती है।

⇒ भाग IV क (अनुच्छेद 51A- मौलिक कर्तव्य) के तहत भारतीय संविधान भारत के प्रत्येक नागरिकों पर वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने और जीवित प्राणियों के लिए करुणा रखने का कर्तव्य रखता है।  

⇒ इसके अलावा भारत के संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 48A- राज्य की नीति निदेशक तत्व) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि राज्य पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने और देश के वनों और वन्यजीवों की रक्षा करने का प्रयास करेगा।

⇒ भारत की आजादी से पहले भी कई पर्यावरण संरक्षण कानून मौजूद थे। हालांकि, एक अच्छी तरह से विकसित ढांचे को लागू करने के लिए वास्तविक जोर मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (स्टॉकहोम, 1972) के बाद ही आया।  

⇒ स्टॉकहोम (स्वीडन) सम्मेलन के बाद, पर्यावरण से संबंधित मुद्दों की देखभाल के लिए एक नियामक निकाय की स्थापना के लिए 1972 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के भीतर पर्यावरण नीति और योजना के लिए राष्ट्रीय परिषद की स्थापना की गई थी। यह परिषद बाद में एक पूर्ण विकसित पर्यावरण और वन मंत्रालय के रूप में विकसित हुई।

⇒ पर्यावरण और वन मंत्रालय की स्थापना 1985 में हुई थी, जो आज पर्यावरण संरक्षण को विनियमित करने और सुनिश्चित करने के लिए देश में सर्वोच्च प्रशासनिक निकाय है और इसके लिए कानूनी और नियामक ढांचा तैयार करता है।

⇒ 1970 के दशक से, कई पर्यावरण कानून बनाए गए हैं।

⇒ पर्यावरण और वन मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अर्थात् केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) मिलकर इस क्षेत्र के नियामक और प्रशासनिक कोर बनाते हैं।

पर्यावरण से संबंधित अन्य कानून

⇒ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972

⇒ जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974

⇒ वन संरक्षण अधिनियम, 1980

⇒ वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981

⇒ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

⇒ सार्वजनिक देयता बीमा अधिनियम, 1991

⇒ ओजोन – क्षयकारी पदार्थ (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000

⇒ जैविक विविधता अधिनियम, 2002

⇒ राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010

⇒ तटीय विनियमन क्षेत्र अधिसूचना, 2011

उद्देश्य

1. पर्यावरण संरक्षण:-

    पर्यावरण कानूनों का उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण करना है।

2. प्रदूषण नियंत्रण:-

   पर्यावरण कानून प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए बनाए गए हैं।

3. सतत विकास:-

    पर्यावरण कानून सतत विकास को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण के लिए बनाए गए हैं।

लाभ

1. पर्यावरण कानून पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण में मदद करते हैं।

2. पर्यावरण कानून जन स्वास्थ्य की रक्षा में मदद करते हैं।

3. पर्यावरण कानून आर्थिक लाभ प्रदान कर सकते हैं, जैसे कि पर्यावरण पर्यटन और हरित प्रौद्योगिकी के विकास के माध्यम से।

चुनौतियाँ

1. अनुपालन:-

   पर्यावरण कानूनों का अनुपालन एक बड़ी चुनौती हो सकती है, खासकर छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों के लिए।

2. जागरूकता:-

    पर्यावरण कानूनों के बारे में जागरूकता का अभाव एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

3. वित्तपोषण:-

    पर्यावरण कानूनों के कार्यान्वयन और अनुपालन के लिए वित्तपोषण भी एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

निष्कर्ष:

     निष्कर्षत: भारत में पर्यावरण कानून न केवल देश के मूलभूत कानूनों द्वारा संरक्षित है, बल्कि मानवाधिकार नीतियों में भी शामिल है। प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक मानवाधिकार प्रदूषण-मुक्त वातावरण में रहना है, क्योंकि स्वच्छ पर्यावरण बनाना मानव समाज के लिए आवश्यक है।

      लोगों को सार्वजनिक निकायों, राज्य एवं संघीय प्रशासनों के लिए विकास प्रक्रियाओं के नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों को पहचानना अति आवश्यक है।

     पर्यावरण कानूनों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए क्योंकि ये नागरिकों को स्वच्छता को प्राथमिकता देने और प्रदूषण से निपटने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी साधन हैं।

     हालाँकि, पूरे समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि व्यापक सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना केवल पर्यावरण कानून ही पर्याप्त नहीं हैं।

22. Sewage disposal (मलजल निपटान)

Sewage disposal

(मलजल निपटान)



     मलजल निपटान (Sewage disposal) का हिंदी अर्थ है मलजल का निस्तारण या अपशिष्ट जल का निपटान अर्थात सीवेज का निपटान (Sewage disposal) का मतलब सीवेज (मलजल) को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से वातावरण में वापस छोड़ने या उसका फिर से उपयोग करने की प्रक्रिया से है।

Sewage disposal

   इसमें सीवेज को इकट्ठा करना, उसको साफ करना और फिर उसे प्राकृतिक जल स्रोतों में छोड़ना या कृषि कार्य, औद्योगिक या अन्य उपयोगों के लिए पुन: उपयोग करना शामिल है।

प्रमुख पहलू:

1. संग्रहण:-

    सीवेज को घरों, व्यवसायों और औद्योगिक क्षेत्रों से सीवर लाइनों के माध्यम से संग्रह किया जाता है।

2. परिवहन:-

    एकत्र किए गए सीवेज को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र) तक पहुंचाया जाता है।

3. उपचार:-

   सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में, सीवेज को विभिन्न चरणों से गुजारा जाता है ताकि उसमें मौजूद प्रदूषकों को हटाया जा सके। 

4. निपटान या पुन: उपयोग:-

    उपचारित सीवेज को या तो नदियों, झीलों या समुद्र जैसे प्राकृतिक जल निकायों में छोड़ दिया जाता है, या फिर इसका उपयोग सिंचाई, औद्योगिक प्रक्रिया या अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

5. उप-उत्पाद:-

   सीवेज ट्रीटमेंट के दौरान कीचड़ (sludge) जैसे उप-उत्पाद भी बनते हैं, जिनका सुरक्षित रूप से निपटान भी किया जाता है। 

तरीके:

1. सेप्टिक टैंक:-

   ग्रामीण क्षेत्रों या कम आबादी वाले क्षेत्रों में, सेप्टिक टैंक का उपयोग सीवेज को संभालने के लिए किया जाता है। सेप्टिक टैंक एक भूमिगत टैंक होता है जिसमें सीवेज जमा होता है और उसमें मौजूद ठोस पदार्थ अलग हो जाते हैं, जबकि तरल पदार्थ वहीं पर धीरे-धीरे मिट्टी में रिस जाते हैं। 

2. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट:-

   शहरी क्षेत्रों में, सीवेज को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में ले जाया जाता है, जहां इसे विभिन्न चरणों में साफ किया जाता है। 

3. कम्पोस्टिंग शौचालय:-

   कम्पोस्टिंग शौचालय एक शुष्क शौचालय होता है जो मानव मलमूत्र को खाद में बदल देता है।

4. ऑक्सीकरण तालाब:-

    ऑक्सीकरण तालाब उथले तालाब होते हैं जो सीवेज को साफ करने के लिए सूर्य के प्रकाश, शैवाल और ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं।

महत्व:

1. जन स्वास्थ्य:-

     उचित सीवेज निपटान जल जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने में मदद करता है। सीवेज में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को हटाकर, सीवेज निपटान सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा करने का काम करता है।

2. पर्यावरण संरक्षण:-

   सीवेज निपटान जल निकायों और मिट्टी को प्रदूषण से बचाने में मदद करता हैइस प्रकार सीवेज का सुरक्षित निपटान पर्यावरण को प्रदूषित होने से बचाता है।

3. सौंदर्य और मनोरंजक मूल्य:-

   उचित सीवेज निपटान जल निकायों के सौंदर्य और मनोरंजक मूल्य को बनाए रखने में मदद करता है।

4. संसाधनों का पुन: उपयोग:-

    उपचारित सीवेज का पुन: उपयोग पानी और अन्य संसाधनों की कमी को कम करने में मदद करता है।

चुनौतियाँ

1. बुनियादी ढांचा:-

   पुराना या अपर्याप्त सीवेज बुनियादी ढांचा ओवरफ्लो और प्रदूषण का कारण बन सकता है। इसीलिए बुनियादी ढांचा का समय-समय पर निगरानी रखना काफी जरुरी है

2. वित्तपोषण:-

    सीवेज निपटान प्रणालियों के लिए बुनियादी ढांचे और रख-रखाव में महत्वपूर्ण निवेश की आवश्यकता होती है। अत: सरकार को इसके लिए पर्याप्त वित्तपोषण करना चाहिए

3. जन जागरूकता:-

   उचित सीवेज निपटान के महत्व के बारे में जन जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण कदम है। इसमें सरकारें, कई सामाजिक संस्थाएं तथा जन सहयोग की सक्रीय भागीदारी जरुरी है

निष्कर्ष:

   इस प्रकार उचित सीवेज निपटान जन स्वास्थ्य, पर्यावरण और जीवन की गुणवत्ता की रक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

21. Cleaning of rivers (नदियों की सफाई)

Cleaning of rivers

(नदियों की सफाई)



Cleaning of rivers

    नदियों की सफाई (Cleaning of rivers) एक महत्वपूर्ण विषय है, जिसे भारत में विशेष रूप से गंगा नदी की सफाई के संदर्भ में देखा जाता है।

   नदियों की सफाई के लिए अनेकों प्रयास किए जा रहे हैं, जिनमें मोटे तौर पर सरकारी, सामुदायिक और व्यक्तिगत प्रयास शामिल हैं। नमामि गंगे कार्यक्रम जैसी राष्ट्रीय योजनाएँ, नदियों को प्रदूषण से बचाने और उनके पुनर्जीवन पर केंद्रित हैं।

    व्यक्तिगत स्तर पर, लोग नदियों में कचरा न डालकर, जल संरक्षण करके और पेड़-पौधे लगाकर नदियों को साफ रखने में योगदान कर सकते हैं।

नदियों की सफाई हेतु प्रमुख प्रयास

1. सरकारी प्रयास

       भारत में नदियों की सुरक्षा और स्वच्छता के लिए सरकार द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इनमें से कुछ प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं:

(i) गंगा कार्य योजना:-

    गंगा कार्य योजना (Ganga Action Plan) वर्ष 1985 में शुरू की गई एक परियोजना थी जिसका मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के पानी की गुणवत्ता में सुधार करना था।

इस योजना का प्रमुख पहल प्रदूषण को कम करना और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्जीवित करना था।

(ii) नमामि गंगे कार्यक्रम:-

   यह प्रदूषण को कम करने, जल की गुणवत्ता में सुधार करने और नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को पुन: बहाल कर गंगा नदी और उसकी सहायक नदियों के संरक्षण के लिये एक प्रमुख कार्यक्रम है।

⇒ इसे वर्ष 2014 में 20,000 करोड़ रुपए के बजट के साथ वर्ष 2021 तक की अवधि के लिये लॉन्च किया गया था।

⇒ वर्तमान में यह कार्यक्रम 22,500 करोड़ रुपए (कुल: 42,500 करोड़ रुपए) के साथ मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है।

(iii) राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना:-

     राष्ट्रीय नदी संरक्षण योजना (NRCP) भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में नदियों के प्रदूषण को कम करना और पानी की गुणवत्ता में सुधार करना है

⇒ यह योजना गंगा नदी बेसिन को छोड़कर, देश की अन्य प्रमुख नदियों के प्रदूषणग्रस्त हिस्सों पर केंद्रित है

⇒ NRCP के तहत, राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाती है

(iv) सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP):-

   नदियों में प्रदूषण को कम करने के लिए एसटीपी का निर्माण किया गया है, जो सीवेज को साफ करके नदियों में छोड़ने से पहले उपचारित करते हैं

(v) औद्योगिक अपशिष्ट उपचार:-

   उद्योगों से निकलने वाले अपशिष्ट को नदियों में छोड़ने से पहले उपचारित करने के लिए नियम बनाए गए हैं अर्थात औद्योगिक अपशिष्ट उपचार, औद्योगिक प्रक्रियाओं से निकलने वाले दूषित पानी को साफ करने की प्रक्रिया है ताकि इसे पर्यावरण में सुरक्षित रूप से छोड़ा जा सके या पुन: उपयोग किया जा सके।

⇒ इसमें विभिन्न प्रकार की भौतिक, रासायनिक और जैविक प्रक्रियाओं का उपयोग किया जाता है।

 2. समुदायिक प्रयास

     नदियों की सफाई एक महत्वपूर्ण सामुदायिक प्रयास है जिसमें स्थानीय लोगों, गैर सरकारी संगठनों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों को मिलकर काम करना होता है। यह प्रयास नदियों के प्रदूषण को कम करने, जल की गुणवत्ता में सुधार करने और समुदायों के लिए स्वच्छ जल सुनिश्चित करने में काफी मदद करता है। 

(i) स्वयंसेवी सफाई अभियान:-

    इसके तहत लोग नदियों से कचरा उठाते हैं और जागरूकता फैलाते हैं।

(ii) जल संरक्षण अभियान:-

     इसके तहत नदियों को साफ रखने के लिए जल संरक्षण का कार्य किया जाता है।

3. व्यक्तिगत प्रयास

   नदियों की साफ-सफाई के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी कई प्रयास किए जा सकते हैं। जिसमें मुख्य रूप से इधर-उधर कचरा न फैलाना, पेड़-पौधे लगाना, जल संरक्षण का पालन करना, जागरूकता फैलाना और सफाई अभियानों में बढ़-चढ़कर भाग लेना शामिल है। 

(i) कचरा न फैलाना:-

     नदियों में कचरा न डालकर हम प्रदूषण को कम कर सकते हैं।

(ii) पेड़ लगाना:-

     पेड़-पौधे लगाने से मिट्टी का कटाव कम होता है और नदियों में गाद जमा होने से रोका जा सकता है।

(iii) जल संरक्षण का पालन करना:-

    पानी का सीमित उपयोग करके हम नदियों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर सकते हैं।

(iv) जागरूकता फैलाना:-

    नदियों के महत्व के बारे में दूसरों को जागरूक करना अर्थात् नदियों को साफ रखने के लिए हम सभी को मिलकर सामूहिक प्रयास करना होगा।

(v) सफाई अभियान:-

      नदी के किनारे या आस-पास के क्षेत्रों में सफाई अभियान में हमेशा बढ़ चढ़ कर भाग लेना चाहिए। सभी छात्रों को अपने स्कूल, कॉलेज या समुदाय को भी किसी जल निकाय को गोद लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता हैं। 

निष्कर्ष:

    इस प्रकार निष्कर्षत: कहा जा सकता है कि नदियों की सफाई करना एक जटिल समस्या है, इसके लिए सभी जनता के सहयोग और प्रभावी प्रयासों की आवश्यकता है। सरकार, औद्योगिक संस्थानों, गैर-सरकारी संगठनों और आम जनता को मिलकर काम करना होगा ताकि हमारी नदियाँ साफ और स्वस्थ हो सकें।

10. Population Composition, Growth, Density and Distribution (World) / जनसंख्या संरचना, वृद्धि, घनत्व और वितरण (विश्व)

Population Composition, Growth, Density and Distribution (World)

जनसंख्या संरचना, वृद्धि, घनत्व और वितरण (विश्व)



       विश्व की जनसंख्या संरचना, वृद्धि, घनत्व और वितरण एक जटिल विषय है जो भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक कारकों से प्रभावित होता है। जनसंख्या संरचना में उम्र, लिंग, जातीयता और सामाजिक-आर्थिक स्थिति जैसे कारक शामिल हैं। जनसंख्या वृद्धि जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास जैसे कारकों से प्रभावित होती है। जनसंख्या घनत्व प्रति इकाई क्षेत्र में लोगों की संख्या को दर्शाता है जबकि जनसंख्या वितरण से तात्पर्य है कि पृथ्वी की सतह पर लोग कैसे फैले हुए हैं।

Population Composition

जनसंख्या संरचना

    जनसंख्या संरचना से तात्पर्य जनसंख्या के विभिन्न घटकों जैसे आयु, लिंग, जातीयता, शिक्षा, व्यवसाय, आदि के आधार पर जनसंख्या का विभाजन है। यह जनसंख्या की गुणात्मक विशेषताओं को दर्शाता है और इससे किसी क्षेत्र की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिशीलता को समझने में काफी मदद होती है।
     विश्व की जनसंख्या संरचना के कुछ प्रमुख तत्व इस प्रकार हैं:-
1. आयु संरचना:
किसी जनसंख्या में विभिन्न आयु समूहों के लोगों का अनुपात को आयु संरचना कहा जाता है।

⇒ यह जनसंख्या की वृद्धि दर, विकास दर और भविष्य की संभावनाओं को समझने में मदद करता है।

⇒ उदाहरण के लिए, युवा जनसंख्या वाले देशों में उच्च जन्म दर और तीव्र जनसंख्या वृद्धि की संभावना होती है, जबकि वृद्ध जनसंख्या वाले देशों में धीमी वृद्धि या जनसंख्या में कमी हो सकती है। 

2. लिंग संरचना:
⇒ किसी जनसंख्या में पुरुषों और महिलाओं का अनुपात को लिंग संरचना कहा जाता है।

⇒ यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारकों से प्रभावित होता है।

⇒ उदाहरण के लिए, कुछ देशों में पुरुषों की संख्या महिलाओं की तुलना में अधिक हो सकती है, जबकि अन्य में इसके विपरीत हो सकता है। 

3. जातीय संरचना:
⇒ किसी जनसंख्या में विभिन्न जातीय समूहों का अनुपात को जातीय संरचना कहा जाता है।

⇒ यह सामाजिक और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है।

⇒ उदाहरण के लिए, कुछ देशों में एक ही जातीय समूह के लोग अधिक संख्या में हो सकते हैं, जबकि अन्य में कई जातीय समूहों का मिश्रण हो सकता है।

4. शिक्षा:

⇒ किसी जनसंख्या में शिक्षित और अशिक्षित लोगों का अनुपात।

⇒ यह जनसंख्या की साक्षरता दर, कौशल स्तर और आर्थिक विकास को दर्शाता है।

⇒ उदाहरण के लिए, उच्च साक्षरता दर वाले देशों में बेहतर स्वास्थ्य, आर्थिक विकास और सामाजिक प्रगति की संभावना होती है।

5. व्यवसाय:

⇒ किसी जनसंख्या में विभिन्न व्यवसायों में लगे लोगों का अनुपात।

⇒ यह जनसंख्या की आर्थिक गतिविधियों, कौशल स्तर और जीवन स्तर को दर्शाता है।

⇒ उदाहरण के लिए, कृषि प्रधान देशों में अधिकांश लोग कृषि कार्यों में लगे हो सकते हैं, जबकि औद्योगिक देशों में औद्योगिक और सेवा क्षेत्र में अधिक लोग काम करते हैं। 

जनसंख्या संरचना का महत्व:

⇒ यह किसी देश की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

⇒ यह सरकारों और नीति निर्माताओं को जनसंख्या से संबंधित नीतियों और कार्यक्रमों को बनाने में मदद करती है।

⇒ यह जनसंख्या की वृद्धि दर, विकास दर और भविष्य की संभावनाओं का अनुमान लगाने में मदद करती है।

⇒ यह व्यवसायों को अपने उत्पादों और सेवाओं को लक्षित करने में मदद करता है।

जनसंख्या वृद्धि

    जनसंख्या वृद्धि का अर्थ है किसी क्षेत्र में लोगों की संख्या में समय के साथ होने वाली वृद्धि। यह वृद्धि जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास जैसे कारकों से प्रभावित होती है। 

     कृषि की शुरुआत के पूर्व जन्म दर एवं मृत्यु दर में लगभग संतुलन था, फलस्वरूप जनसंख्या लगभग स्थिर थी। कृषि के विकास के साथ खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बढ़ने पर जन्म दर मृत्यु दर की तुलना में अधिक होने लगी, फलस्वरूप लम्बे समय तक जनसंख्या में धीरे-धीरे वृद्धि होती रही। परन्तु औद्योगिक क्रांति के पश्चात खाद्यान्न उत्पादन में तीव्र वृद्धि एवं चिकित्सा सुविधाओं के प्रसार के साथ जनसंख्या में आश्चर्यजनक रूप से वृद्धि होने लगी। पिछले कुछ दशकों में यह वृद्धि विस्फोटक रूप धारण कर चुकी है।

विश्व जनसँख्या में वृद्धि
वर्ष जनसँख्या
1 ई० 2 करोड़
1000 30 करोड़
1650 50 करोड़
1850 100 करोड़
1930 200 करोड़
1960 300 करोड़
1975 400 करोड़
1987 500 करोड़
1999 600 करोड़
2011 700 करोड़
2022 800 करोड़

⇒ पिछली एक शताब्दी में U.S.A की जनसंख्या में 350 प्रतिशत वृद्धि हुई है जबकि भारत में यह वृद्धि 257 प्रतिशत है।

⇒ पिछले 37 वर्षों में विश्व की जनसंख्या दुगुनी हो गई है।

⇒ वर्तमान जनसंख्या वृद्धि दर के अनुसार फ्रांस, जापान, अमेरिका, भारत एवं कीनिया की जनसंख्या क्रमशः 178, 124, 102, 33 एवं 18 वर्षों में दुगुनी हो जाएगी।

⇒ 1950 ई. के पूर्व विकसित देशों की जनसंख्या वृद्धि दर विकासशील देशों की जनसंख्या वृद्धि दर की तुलना में अधिक थी, परन्तु 1950 के पश्चात् विकसित देशों की तुलना में विकासशील देशों की जनसंख्या वृद्धि दर अधिक हो गई है।

⇒ इक्कीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में विश्व की कुल जनसंख्या 6 अरब हो गई। मात्र एक शताब्दी में ही यह 1.6 अरब से चार गुनी बढ़ गई। हम प्रतिवर्ष आठ करोड़ व्यक्ति जोड़ रहे हैं। वास्वत में गत 500 वर्षों में मानव जनसंख्या में दस गुने से अधिक की वृद्धि हुई है।

⇒ आज जनसंख्या की सर्वाधिक वृद्धि अफ्रीका तथा लैटिन अमेरिका के कुछ भागों में हो रही है, जहां मृत्यु दर तेजी से घटी है जबकि जन्म दर काफी ऊंची है।

⇒ विश्व के दस सबसे अधिक जनसंख्या वाले देशों में संसार की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या रहती है। इन दस देशों में से छः देश एशिया महाद्वीप में स्थित हैं। विश्व के प्रत्येक पांच व्यक्तियों में से एक व्यक्ति चीन में निवास करता है तथा प्रत्येक छः में से एक भारत में। भारत में एक हेक्टेयर कृषि भूमि पर 5 व्यक्ति, चीन में 12 व्यक्ति और संयुक्त राज्य अमेरिका में 1.5 व्यक्ति आश्रित हैं।

⇒ वास्तविक अर्थों में, विश्व की लगभग आधी जनसंख्या मात्र 5 प्रतिशत क्षेत्र पर ही संकेंद्रित है, जबकि कुल क्षेत्रफल का 33 प्रतिशत भाग लगभग निर्जन है।

⇒ वर्तमान समय में विश्व में जनसंख्या वृद्धि दर 1% है। विकसित देशों में से विकासशील देशों में भी वृद्धि दर कम हो रही है। अनुमान है कि विश्व की जनसंख्या 2022 में 8 अरब तथा वर्ष 2037 में 9 अरब तक पहुंच जाएगी। 

⇒ अफ्रीका की वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर (2.5 प्रतिशत) आज विश्व के प्रमुख देशों में सबसे अधिक है। अफ्रीका की सबसे अधिक आबादी वाले देश नाइजीरिया में जनसंख्या वृद्धि की वार्षिक दर 2.4 प्रतिशत है।

⇒ नाइजीरिया की वर्तमान जनसंख्या 22 करोड़ है जो इस दर से अगले 25 वर्षों से कम समय में ही दोगुनी हो जायेगी।

⇒ दक्षिण अमेरिका, एशिया, ओशिनिया और उत्तरी अमेरिका में औसत वार्षिक वृद्धि दर 1 से 2 प्रतिशत के बीच है। इसके विपरीत यूरोप में वृद्धि दर न्यूनतम अर्थात 0.2 प्रतिशत ही है।

⇒ रूस और यूक्रेन, दोनों ही सीआईएस (स्वतंत्र राज्यों का राष्ट्रमंडल) के सदस्य हैं, प्राकृतिक जनसंख्या परिवर्तन के मामले में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। दोनों देशों में जन्म दर कम है और मृत्यु दर अधिक है, जिसके परिणामस्वरूप जनसंख्या वृद्धि धीमी है या नकारात्मक है। इसके अतिरिक्त, यूक्रेन में रूस के साथ युद्ध के कारण जनसंख्या में भारी गिरावट आई है, जिसमें शरणार्थी संकट और मृत्यु दर शामिल है। 

      जनसंख्या वृद्धि दर की दृष्टि से संपूर्ण विश्व को चार वर्गों में विभाजित किया जा सकता है:-

(i) अत्यधिक वृद्धि दर:-

     इसके अंतर्गत वे देश आते है, जहां वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर 3% से भी अधिक है। विश्व में अत्यधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाले देशों में, कुछ अफ्रीकी देश सबसे आगे हैं, जैसे कि नाइजर, अंगोला, बेनिन और युगांडा इसके अलावा, सीरिया भी इस सूची में शामिल है। इन देशों में जन्म दर मृत्यु दर से काफी अधिक है, और मृत्यु दर में भी कमी आई है, जिससे जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। 2100 तक, दुनिया की एक तिहाई आबादी अफ्रीकी हो सकती है।

(ii) अधिक वृद्धि दर:-

    इस वर्ग के देशों में जनसंख्या वृद्धि की वार्षिक गति 2% से 3% के बीच है। इसके अंतर्गत मध्य अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, द. पू. एशिया सहित एशिया के अनेक देश आते हैं, जैसे: बांग्लादेश

(iii) मध्यम वृद्धि दर:-

    विश्व के मध्यम जनसंख्या वृद्धि दर वाले देशों में मुख्य रूप से वे देश शामिल हैं जिनकी जनसंख्या वृद्धि दर 1% से 2% के बीच है। इन देशों में आमतौर पर विकासशील देश शामिल होते हैं, जहाँ जन्म दर अधिक होती है, लेकिन मृत्यु दर में भी सुधार हो रहा है, जिससे जनसंख्या में वृद्धि होती है।, जैसे:

उदाहरण के लिए, कुछ मध्यम जनसंख्या वृद्धि दर वाले देश हैं: 

⇒ अफ्रीका: नाइजीरिया, इथियोपिया, तंजानिया।

⇒ एशिया: भारत, पाकिस्तान, इंडोनेशिया।

⇒ मध्य पूर्व: सऊदी अरब, ईरान।

⇒ लैटिन अमेरिका: मेक्सिको, ब्राजील।

(iv) न्यून वृद्धि दर:-

     इस वर्ग के देशों में जनसंख्या वृद्धि दर 1% से भी कम है। इसके अंतर्गत अधिकांश विकसित देश आते हैं। कुछ विकसित देशों में जनसंख्या में स्थायित्व आ चुका है एवं जनसंख्या ह्रास की प्रवृत्ति है, जैसे: अमेरिका- 0.5%, जापान- (-०.4%)।

जनसंख्या घनत्व

⇒ जनसंख्या घनत्व का अर्थ सामान्यतः किसी क्षेत्र में प्रति वर्ग किलोमीटर या प्रति मील अथवा प्रति हेक्टेयर में निवास करने वाली जनसंख्या से लगाया जाता है।

⇒ जनसंख्या घनत्व एक निश्चित भू-भाग के संपूर्ण क्षेत्र एवं कुल जनसंख्या का अनुपात है।

⇒ जनसंख्या घनत्व के अध्ययन से हमे यह किसी क्षेत्र विशेष जनसंख्या भार, जनाधिक्य एवं जनाभाव, अनुकूलतम जनसंख्या आदि की जानकारी प्राप्त होती है।

⇒ जनसंख्या घनत्व की संकल्पना का उपयोग 1837 में हेनरी ड्यूटी द्वारा आयरलैंड में किया गया था।

⇒ जनसँख्या घनत्व से मनुष्य एवं भूमि के निरन्तर बदलते सम्बन्धों को बताया जा सकता है किन्तु कम बसे एवं अधिक संसाधन वाले रूस, संयुक्त राज्य, ब्राजील जैसे देशों में यह वृद्धि उत्साहजनक मानी जाती है, जबकि चीन, भारत, जापान, बांग्लादेश, इण्डोनेशिया जैसे सीमित संसाधनों वाले एवं अत्यधिक जनसंख्या वाले देशों में यह वृद्धि निराशाजनक एवं अभिशाप भी मानी जाती है।

      जनसंख्या घनत्व निम्नलिखित प्रकार का होता है:-

(1) गणितीय घनत्व:-

     यह वास्तविक घनत्व भी कहलाता है। किसी क्षेत्र की जनसंख्या और वहाँ के क्षेत्रफल के अनुपात को गणितीय घनत्व कहा जाता है। यह मानव एवं भूमि अनुपात भी कहलाता है। इसे निम्नांकित सूत्र द्वारा ज्ञात किया जाता है-

गणितीय घनत्व = कुल जनसंख्या / कुल क्षेत्रफल

(2) कृषि घनत्व:-

     यह घनत्व किसी प्रदेश की कृषिगत भूमि एवं उस क्षेत्र में निवास करने वाली कृषि जनसंख्या के अनुपात से प्राप्त होता है। इसका सूत्र निम्न है-

कृषि घनत्व = कृषक जनसंख्या / कृषिगत भूमि का क्षेत्रफल

   कृषि जनसंख्या में वयस्क कृषक तथा कृषि श्रमिक तथा उनके परिवार सम्मिलित होते हैं।
(3) आर्थिक घनत्व:-

    यह घनत्व किसी प्रदेश के आर्थिक संसाधनों की उत्पादन क्षमता एवं वहाँ की जनसंख्या अनुपात से प्राप्त होता है, जैसे-

आर्थिक घनत्व = प्रदेश की जनसंख्या / प्रदेश के संसाधनों की उत्पादन क्षमता

  आर्थिक घनत्व निकालना थोड़ा जटिल होता है क्योंकि आर्थिक संसाधनों का मूल्यांकन करना आसान कार्य नहीं है।

(4) कायिकी घनत्व:-

    इसे कुल क्षेत्रफल के स्थान पर कुल कृषि भूमि से जनसंख्या को विभाजित करके प्राप्त किया जाता है।

कायिकी घनत्व = देश की कुल जनसंख्या/देश की कुल कृषि योग्य भूमि

(5) पौष्टिक घनत्व:-

    इस घनत्व से कृषि भूमि की भार वहन क्षमता ज्ञात होती है। इस घनत्व को भोज्य फसलों के उत्पादक क्षेत्र के क्षेत्रफल तथा उस क्षेत्र में पायी जाने वाली समस्त जनसंख्या के अनुपात से ज्ञात किया जाता है।

पौष्टिक घनत्व = कुल जनसंख्या / खाद्यान्न फसलों के अन्तर्गत क्षेत्र

(6) अधिवासीय घनत्व:-

    यदि कुल क्षेत्रफल के स्थान पर कुल मानव अधिवासीय क्षेत्र जनसंख्या को विभाजित किया जाय तो इसे अधिवासीय घनत्व कहा जाता है।

(7) नगरीय तथा ग्रामीण घनत्व:-

      नगरीय क्षेत्र की प्रति इकाई और ग्रामीण प्रति इकाई में जितने व्यक्ति निवास करते हैं, इसे नगरीय एवं ग्रामीण जनसंख्या घनत्व कहते है।

विश्व की जनसंख्या का घनत्व (Density of Population of the World):-
     विश्व में जिस प्रकार अधिकांश देशों की कुल जनसंख्या में बहुत अधिक अन्तर है, उसी भाँति देशो के जनसंख्या घनत्व में जमीन-आसमान का अन्तर पाया जाता है।

       जनसंख्या घनत्व की दृष्टि से विश्व को पाँच भागों में विभाजित किया जा सकता है:-

(1) सबसे अधिक घनत्व वाले देश (प्रदेश):-

     जहाँ का घनत्व 400 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी से अधिक है, ऐसे देश इसके अन्तर्गत आते है। विकासशील देशों के कृषि, औद्योगिक एवं नगरीय क्षेत्रों में एवं विकसित देशों में औद्योगिक एवं व्यापारिक केन्द्रों (नगर) में सभी स्थानों पर आबादी घनी पायी जाती है। दक्षिणी व द.-पू. एशिया की नदी घाटियों एवं उपजाऊ मैदानों में तथा पश्चिमी यूरोप की औद्योगिक पेटी में एवं संयुक्त राज्य का मध्यवर्ती व पूर्वी औद्योगिक प्रदेश सभी में जनसंख्या का घनत्व बहुत ही अधिक है।

(2) घने बसे प्रदेश:-

     इनका घनत्व 200 से 400 मनुष्य प्रति वर्ग किमी० है। इस भाग में भारत, यूरोप और चीन के कृषि-प्रधान क्षेत्र है जिनके बीच-बीच में औद्योगिक क्षेत्रों की पेटियाँ मिलती है, अतः कई भागो में स्थानीय घनत्व 400 मनुष्य से भी अधिक का हो जाता है। उपयुक्त जलवायु, पर्याप्त जलवृष्टि तथा उपजाऊ भूमि के कारण घनत्व अधिक मिलता है।

(3) मध्यम घनत्व वाले प्रदेश:-

     इनमें प्रति वर्ग किमी 50 से 250 मनुष्य तक पाये जाते है। ऐसे भागो में मिसीसिपी नदी का मैदान और उसके संलग्न उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र, अधिकांश पूर्वी यूरोप के देश, मुख्य चीन के उत्तरी-पश्चिमी तथा हिन्दचीन के पूर्वी और भारत के उत्तरी-पश्चिमी भाग विशेष रूप से सम्मिलित किये जाते है। इनमे वर्षा की मात्रा कम होने पर सिचाई की जाती है और उपयुक्त क्षेत्रों में खेती की जाती है।

(4) कम घनत्व वाले प्रदेश:-

     इनका प्रति वर्ग किमी घनत्व 5 से 50 होता है। जिन क्षेत्रों में घास के मैदान पाये जाते है, वहाँ पशुपालन अथवा अनुकूल स्थिति में सिंचित कृषि की जाती है। एशिया, अफ्रीका एवं उत्तरी व दक्षिणी घास के मैदानों में ऐसी ही स्थिति है।

(5) जनविहीन प्रदेश:-

     अत्यधिक ठण्डे एवं बर्फ से ढंके ध्रुवीय व उपधुवीय प्रदेश, घने वनों से ढंके प्रदेश, ऊँचे पर्वत, पठारी भाग, उष्ण व शीतोष्ण मरुस्थल विश्व के प्रायः जनशून्य प्रदेश है। यहाँ पर दूर-दूर इनी-गिनी झोपड़ियाँ पायी जाती है। यहाँ जनसंख्या का घनत्व 2 से भी कम पाया जाता है।

विश्व में जनसंख्या वितरण

    विश्व में जनसंख्या के वितरण पर भौतिक (जलवायु, स्थलाकृति, मिट्टी, खनिज आदि), सामाजिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय कारकों का प्रभाव पड़ा है।

⇒ विश्व की 60 प्रतिशत जनसंख्या 200 मीटर से कम एवं 80 प्रतिशत जनसंख्या 500 मीटर से कम ऊँचाई वाले भागों में निवास करती है।

⇒ उष्ण मरुस्थलों में विरल जनसंख्या का प्रमुख कारण निम्न वर्षा है न कि उच्च तापमान।

⇒ विश्व की कुल जनसंख्या का 90 प्रतिशत भाग उत्तरी गोलार्द्ध में एवं 10% दक्षिणी गोलार्द्ध में निवास करता है।
⇒ एशिया में 20° से 40° उत्तरी अक्षांश के बीच विश्व की 50% से भी अधिक जनसंख्या निवास करती है। इसी प्रकार यूरोप में 40° से 60° अक्षांश के बीच विश्व की 30% जनसंख्या निवास करती है।

⇒  60° अक्षांश के उत्तर विश्व की मात्र 1 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

⇒ विश्व की लगभग 50 प्रतिशत जनसंख्या 5 प्रतिशत से भी कम भू-भाग पर निवास करती है।

⇒ विश्व की 75 प्रतिशत जनसंख्या समुद्री तट से 1000 कि.मी. से कम दूरी पर एवं 66 प्रतिशत जनसंख्या समुदी तट से 500 कि.मी. से कम दूरी पर बसी हुई है।

⇒ विश्व का लगभग एक-तिहाई भाग शीत एवं शुष्कता के कारण मानव अधिवास के अनुपयुक्त है। इस प्रकार महाद्वीपों के कुल क्षेत्रफल का 55 से 60 प्रतिशत भाग अधिवास योग्य या एक्यूमीन (Ecumene) है।

⇒ कठोर जलवायु के कारण अंटार्कटिका महाद्वीप जनशून्य है एवं ग्रीनलैंड में जनसंख्या का घनत्व 1 व्यक्ति प्रति 50 वर्ग कि.मी. है।

⇒ इसी प्रकार अलास्का, आस्ट्रेलियाई मरुस्थल एवं अमेजन बेसिन में जनसंख्या का घनत्व क्रमशः 1 व्यक्ति प्रति 3 वर्ग कि.मी., 2.5 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. एवं 2 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. है।

⇒ दक्षिण एवं दक्षिण-पूर्वी एशिया में उपयुक्त जलवायु एवं उपजाऊ मिट्टी के कारण सघन जनसंख्या पाई जाती है।

⇒ चीन की लगभग दो-तिहाई जनसंख्या समुद्र तटीय क्षेत्रों एवं निम्न नदी घाटियों में निवास करती है, क्योंकि इन क्षेत्रों की जलवायु एवं मृदा कृषि कार्य के लिए उपयुक्त है। ⇒ मरुस्थलीय जलवायु के बावजूद नील घाटी एवं राजस्थान में इंदिरा गांधी नहर क्षेत्र में काफी सघन जनसंख्या पाई जाती है।

⇒ जावा द्वीप पर ज्वालामखी लावा द्वारा निर्मित उपजाऊ मिट्टी के कारण सघन जनसंख्या पाई जाती है, जबकि सुमात्रा द्वीप पर अपक्षयण (Leached) एवं अनुपजाऊ मिट्टी के कारण जनसंख्या की सघनता कम है।

⇒ अनुपयुक्त भौतिक परिस्थितियों के बावजूद एण्डीज पर्वत के चुकाईकामाटा (तांबा खनन), कनाडा के यूरेनियम सिटी (यूरेनियम खनन); पश्चिमी आस्ट्रेलिया एवं दक्षिण अफ्रीका के मरुस्थलीय क्षेत्र (स्वर्ण खनन) के कुछ भागों में सघन जनसंख्या पाई जाती है।

      जनसंख्या वितरण की दृष्टि से विश्व को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है:

1. सघन जनसंख्या के प्रदेश (Densly Populated Region):-

      इसके अंतर्गत विश्व के 5 प्रदेश आते हैं, जिनमें जनसंख्या का औसत घनत्त्व 100 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. से भी अधिक है:

(i) पूर्वी एशियाः चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, हांगकांग।

(ii) दक्षिणी एशियाः भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश नेपाल।

(iii) दक्षिण-पूर्वी एशिया

(iv) उत्तर-पश्चिमी यूरोपः ब्रिटेन, जर्मनी, हालैंड, बेल्जियम, लक्समबर्ग, फ्रांस, आयरलैंड, डेनमार्क, स्पेन, इटली।

(v) पूर्वी-उत्तर अमेरिकाः उत्तर-पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण-पूर्वी कनाडा।

     उपरोक्त क्षेत्रों के अलावा मिस्त्र में नील नदी की घाटी में भी जनसंख्या का घनत्व अधिक है।

⇒ प्रथम तीन क्षेत्रों में विश्व की 58 प्रतिशत जनसंख्या पाई जाती है।

⇒ जावा, ह्वांगहो का मैदान, चीन के पूर्वी तट, सिंगापुर, हांगकांग जैसे क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व 1000 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी. से भी अधिक है।

⇒ जनसंख्या घनत्व की दृष्टि से मकाओ का विश्व में प्रथम स्थान है।

2. विरल जनसंख्या के प्रदेश (Sparsely Populated Region):-

     विश्व के 5 प्रदेश ऐसे हैं, जहाँ जनसंख्या का घनत्व 10 व्यक्ति प्रति वर्ग कि.मी. से भी कम है। वास्तविकता यह है कि विश्व के 55 प्रतिशत भू-भाग पर मात्र 5 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है।

(i) उच्च अक्षांशीय क्षेत्रः 60° अक्षांश से ऊपर विश्व की मात्र 1% जनसंख्या निवास करती है। आर्कटिक एवं अंटार्कटिक के अलावा उत्तरी अमेरिका के उत्तरी भाग, ग्रीनलैंड एवं साइबेरिया इसके अंतर्गत आते हैं।

(ii) मरुस्थलीय क्षेत्रः विश्व के सभी मरुस्थलों (उष्ण एवं शीतोष्ण) में जनसंख्या का घनत्व काफी कम है।

(iii) महाद्वीपीय जलवायु वाले आंतरिक प्रदेशः शुष्कता के कारण मध्य एशिया में जनसंख्या का घनत्व काफी कम है।

(iv) विषुवत रेखीय घने वनः इसके अंतर्गत अफ्रीका का कांगो बेसिन एवं द. अमेरिका का अमेजन बेसिन तथा दक्षिण-पूर्वी एशिया के द्वीपीय क्षेत्र सम्मिलित हैं। इस प्रदेश की उष्ण एवं आर्द्र जलवायु, घने जंगल, मच्छर एवं सीसी-सीसी (Tsi-Tsi) मक्खी का प्रकोप जनसंख्या के विकास में बाधक है।

(v) उच्च पर्वतीय क्षेत्रः पर्वतों पर ऊँचाई के अनुसार जनसंख्या विरल होती जाती है। हिमालय, आल्पस, रॉकी एवं एण्डीज के पर्वतीय भागों में 2500 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले भाग निर्जन हैं।

3. सामान्य जनसंख्या के प्रदेशः-

     ये प्रदेश उपरोक्त दोनों प्रदेशों के मध्य स्थित हैं, जहां भौगोलिक परिस्थितियाँ न ही अधिक अनुकूल हैं और न ही प्रतिकूल।

     खनिजों के विदोहन के लिए विश्व के कई प्रतिकूल जलवायु वाले क्षेत्रों में बस्तियों का विकास किया गया है। उदाहरण के लिए स्वीडन के गैलीवारा (लौह अयस्क), कनाडा के यूकन घाना (सोना), अलास्का के यूकनपोर्ट (सोना), साइबेरिया (सोना, तेल, प्राकृतिक गैस) आदि।

    उष्ण कटिबंध के प्रतिकूल जलवायु के कारण अनेक बस्तियां समुद्र तल से 2000 मीटर से अधिक ऊँचाई पर बसी हुई हैं। जैसे अदीस अबाबा (इथियोपिया), कम्पाला (युगांडा), क्योटो (इक्वेडोर), नैरोबी (कीनिया), ऊटी (भारत) एवं कैण्डी (श्रीलंका)।

बोलीविया की राजधानी ला-पाज (La Paz): विश्व में सर्वाधिक ऊंचाई पर बसा हुआ नगर है। समुद्र तल से इसकी ऊँचाई 3640 मीटर है।

निष्कर्ष:

    निष्कर्षत: कहा जा सकता है कि जनसंख्या वितरण, घनत्व, वृद्धि और संरचना का अध्ययन महत्वपूर्ण है ताकि हम जनसंख्या के रुझानों को समझ सकें और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए योजना बना सकें। यह समझना कि जनसंख्या कैसे वितरित की जाती है और कैसे बदलती है, नीति निर्माताओं को संसाधनों का आवंटन करने और स्थायी विकास को बढ़ावा देने में मदद कर सकती है।

47. Factor Influencing Agricultural Pattern (कृषि पैटर्न को प्रभावित करने वाले कारक)

Factor Influencing Agricultural Pattern

(कृषि पैटर्न को प्रभावित करने वाले कारक)



      कृषि पैटर्न को प्रभावित करने वाले कारकों को मोटे तौर पर प्राकृतिक, आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी कारकों में वर्गीकृत किया जा सकता है।

     प्राकृतिक कारकों में जलवायु, मिट्टी, स्थलाकृति और जल की उपलब्धता शामिल हैं। 

    आर्थिक कारकों में बाजार की मांग, कीमतें, श्रम की उपलब्धता और ऋण तक पहुंच शामिल हैं।

     सामाजिक कारकों में भूमि स्वामित्व, सांस्कृतिक प्रथाएं और जनसंख्या घनत्व शामिल हैं।

    तकनीकी कारकों में सिंचाई, उर्वरक, कीटनाशक और बेहतर बीज का चयन शामिल हैं। 

कृषि पैटर्न को प्रभावित करने वाले कारक:

1. प्राकृतिक कारक:

(i) जलवायु:

    तापमान, प्रकाश, वर्षा और आर्द्रता जैसे जलवायु कारक फसल के विकास और उसके उपज को बहुत हद तक प्रभावित करते हैं।

(ii) मिट्टी:

    मिट्टी की उर्वरता, बनावट और जल धारण करने की क्षमता फसल के प्रकार और उसके उपज को निर्धारित करती है।

(iii) स्थलाकृति:

    समतल भू-भाग, ऊँचाई और ढलान फसल के प्रकार और खेती के तरीकों को प्रभावित करते हैं।

(iv) जल की उपलब्धता:

   सिंचाई और वर्षा जल की उपलब्धता फसलों की सिंचाई और विकास के लिए आवश्यक है।

2. आर्थिक कारक:

(i) बाजार की माँग:

    फसलों की कीमतें और बाजार की मांग किसानों को यह तय करने में मदद करती है कि कौन सी फसलें उगाना है।

(ii) कीमतें:

    फसलों की कीमतें और इनपुट लागत (जैसे- उर्वरक, बीज, कीटनाशक) किसानों के मुनाफे को प्रभावित करती हैं जो कि फसल पैटर्न को प्रभावित करती हैं।

(iii) श्रम की उपलब्धता:

   श्रम की उपलब्धता और लागत कृषि कार्यों को प्रभावित करती है, जैसे कि बुवाई, निराई, कटाई इत्यादि।

(iv) ऋण तक पहुंच:

   किसानों को फसल उगाने के लिए काफी पूँजी की आवश्यकता होती है, और ऋण तक पहुंच उनके फसल पैटर्न को प्रभावित कर सकती है।

3. सामाजिक कारक:

(i) भूमि स्वामित्व:

     भूमि का स्वामित्व और आकार किसानों के फसल पैटर्न को प्रभावित करता है।

(ii) सांस्कृतिक प्रथाएं:

    कुछ क्षेत्रों में, विशिष्ट फसलें उगाने की सांस्कृतिक प्रथाएं होती हैं।

(iii) जनसंख्या घनत्व:

   अधिक जनसंख्या घनत्व वाले क्षेत्रों में, गहन कृषि और अधिक फसल चक्रण की प्रवृत्ति होती है।

4. तकनीकी कारक:

(i) सिंचाई:

     सिंचाई की उपलब्धता फसलों के प्रकार और उपज को प्रभावित करती है।

(ii) उर्वरक और कीटनाशक:

    उर्वरक और कीटनाशकों का उचित मात्रा में उपयोग फसलों की उपज को बढ़ाने में मदद करता है, लेकिन उनका अत्यधिक उपयोग मिट्टी और पर्यावरण को नुकसान भी पहुंचा सकता है।

(iii) बेहतर बीज का चयन:    उच्च उपज और बेहतर गुणवत्ता वाले बीजों के चयन का उपयोग फसलों की उपज को बढ़ाने में मदद करता है।

अन्य कारक:

⇒ सरकारी नीतियाँ:

    सरकार की नीतियाँ, जैसे कि कृषि सब्सिडी और न्यूनतम मूल्य समर्थन, किसानों के फसल पैटर्न को काफी प्रभावित कर सकती हैं।

⇒ परिवहन और संचार:

     परिवहन और संचार सुविधाओं की उपलब्धता फसलों के परिवहन और बाजार तक पहुंचने में काफी मदद करती है।

⇒ शिक्षा और प्रौद्योगिकी:

     शिक्षा और प्रौद्योगिकी का स्तर किसानों को बेहतर कृषि पद्धतियों और फसल पैटर्न को अपनाने में काफी मदद करता है। 

46. Indian Agricultural Policies (भारतीय कृषि नीतियाँ)

Indian Agricultural Policies

(भारतीय कृषि नीतियाँ)



स्वतंत्रता के बाद कृषि सुधार के प्रयास

            स्वतंत्रता के बाद कृषि सुधार के लिए निम्नलिखित प्रयास किए गए हैं:- 

⇒ भूमि सुधारों पर केन्द्रित प्रथम संविधान संशोधन।

⇒ जमींदारी प्रथा की समाप्ति, भूमि हदबंदी सीमा अधिनियम।

⇒ प्रथम पंचवर्षीय योजना में कृषि को प्राथमिकता।

⇒ भूदान और सर्वोदय आंदोलनों को प्रोत्साहन तथा।

⇒ भू-राजस्व वसूली के लिए उपयुक्त व्यवस्था तैयार करना।

⇒  खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने हेतु हरित क्रांति।

⇒ कृषि के लिए आवश्यक क्षेत्रों जैसे- सिंचाई, उन्नत बीज, उर्वरक आदि में निवेश।

⇒ कृषकों को वित्तीय सहायता, कर राहत, सब्सिडी आदि के प्रावधान।

नई कृषि नीति:-

     कृषि विकास की कम दर के कारण एक नई कृषि नीति की आवश्यकता महसूस की गई क्योंकि 1990-91 से 1998-99 में खाद्यान्न उत्पादन की विकास दर मात्र 1.8 प्रतिशत थी जो कि जनसंख्या वृद्धि दर के बराबर थी।

      भारत सरकार ने 28 जुलाई 2000 को एक नई कृषि नीति की घोषणा की जिसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में 4% वार्षिक वृद्धि दर प्राप्त करना है। 

   नई कृषि नीति में अपर्याप्त पूँजी, कृषि पदार्थों के संग्रहण तथा विपणन की समस्या को कृषि विकास की धीमी गति के लिए जिम्मेदार माना गया हैं।

कृषि क्षेत्र के विकास हेतु सरकार द्वारा किए गए हालिया प्रयास

⇒ 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने की दिशा में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पहल।

⇒ कृषि के व्यापक विकास हेतु 2007 में राष्ट्रीय कृषक नीति।

⇒ कृषि संबंधी जानकारी हेतु किसान कॉल सेंटर की सुविधाएँ।

⇒ खेती में वित्त संबंधी समस्या हेतु किसान क्रेडिट कार्ड, ऋण सुविधा, न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसी पहल।

⇒ सिंचाई समस्याओं को हल करने हेतु ‘प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना’।

⇒ रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभाव को कम करने हेतु नीम कोटेड यूरिया।

⇒ जमीन की उर्वरता और जैव विविधता को संरक्षित करने हेतु जैविक खेती को बढ़ावा।

मृदा स्वास्थ्य एवं पोषण की जानकारी हेतु मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना।

⇒ कृषि में जोखिम न्यूनता हेतु प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना।

⇒ खाद्यान्नों के भंडारण और उनके प्रसंस्करण से जुड़ी ढांचागत विकास पर ध्यान।

⇒ कृषि उत्पादों के बेचने हेतु बड़ा बाजार ई- नाम  (e-NAM) अर्थात् राष्ट्रीय कृषि बाजार (National Agricultural Market) और APMC अर्थात् कृषि उपज मंडी समिति (Agricultural Produce Market Committee) कानून।

⇒ जलवायु परिवर्तन के अनुसार जैविक खेती को बढ़ावा, कृषि में नवचार, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा।

⇒ कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने हेतु 2018 में कृषि निर्यात नीति।

⇒ फसल कटाई के बाद बुनियादी ढाँचा प्रबंधन एवं कृषि परिसंपत्तियों में निवेश हेतु कृषि अवसंरचना कोष का गठन।

भारतीय कृषि नीतियों के मुख्य घटक

(i) न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP):-

    सरकार द्वारा घोषित यह मूल्य, किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करता है, जिससे उन्हें नुकसान से बचाया जा सके 

    सरकार, कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर विभिन्न फसलों के लिए MSP (Minimum Support Price) निर्धारित करती है।

(ii) सिंचाई परियोजनाएँ:-

    सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से, विशेष रूप से सूखे और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में, कृषि उत्पादकता में वृद्धि की जा सकती है

(iii) उर्वरक और बीज सब्सिडी:-

   सरकार द्वारा उर्वरकों और बीजों पर दी जाने वाली सब्सिडी, किसानों को इनपुट लागत कम करने और अधिक उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करती है 

(iv) कृषि ऋण:-

    किसानों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराना, उन्हें निवेश करने और अपनी उपज बढ़ाने में मदद करता है

(v) भूमि सुधार:-

    भूमि सुधारों के माध्यम से, भूमि का समान वितरण और जोत की अधिकतम सीमा तय की जाती है, जिससे किसानों को अपनी जमीन पर बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलती है 

(vi) कृषि अनुसंधान और विकास:-

    सरकार कृषि अनुसंधान और विकास में निवेश करती है, ताकि नई और बेहतर तकनीकों का विकास हो सके और किसानों को उनका लाभ मिल सके

(vii) कृषि विपणन:-

    कृषि उपज के विपणन को बेहतर बनाने के लिए, सरकार भंडारण, परिवहन और प्रसंस्करण सुविधाओं में सुधार करती है 

(viii) कृषि शिक्षा और विस्तार:-

    कृषि शिक्षा और विस्तार सेवाओं के माध्यम से, किसानों को नवीनतम तकनीकों और सर्वोत्तम प्रथाओं के बारे में जानकारी दी जाती है 

(ix) कृषि निर्यात नीति:-

    निर्यात को बढ़ावा देने के लिए, सरकार कृषि उत्पादों के निर्यात को सरल और सुगम बनाने के लिए नीतियाँ बनाती है 

(x) कृषि वानिकी नीति:-

    यह नीति जलवायु परिवर्तन को कम करने के लिए कृषि उत्पादकता को अधिकतम करके कृषि आजीविका में सुधार करने के लिए डिजाइन की गई है

कृषि नीतियों का उद्देश्य:

            कृषि नीतियों का उद्देश्य निम्नलिखित है-

(i) कृषि उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि करना

(ii) किसानों की आय में वृद्धि करना

(iii) खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना

(iv) कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाना

(v) किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से बचाना

(vi) कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा करना

चुनौतियाँ:

⇒ भारतीय कृषि मुख्य रूप से मानसून पर अधिक निर्भर है, जिससे कभी सूखा और कभी बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं का खतरा बना रहता है

⇒ छोटे और सीमांत किसानों की संख्या अधिक है, जिन्हें ऋण और अन्य संसाधनों तक पहुंचने में कठिनाई होती है

⇒ कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का उपयोग अभी भी काफी सीमित है 

⇒ कृषि उत्पादों के विपणन में कई चुनौतियाँ हैं, जैसे भंडारण और परिवहन की कमी 

45. White Revolution in India (भारत में श्वेत क्रांति)

White Revolution in India

(भारत में श्वेत क्रांति)



भारत में श्वेत क्रांति (White Revolution in India):-

     भारत की श्वेत क्रांति जिसे ‘ऑपरेशन फ्लड’ के नाम से भी जाना जाता है, वर्ष 1970 में शुरू की गई एक पहल थी जिसका मुख्य उद्देश्य दूध उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ भारत को दुनिया का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश बनाना था।

     इस क्रांति का नेतृत्व डॉ० वर्गीज कुरियन ने किया था, जिन्हें ‘श्वेत क्रांति का जनक’ भी कहा जाता है।

    ऑपरेशन फ्लड (Operation Flood) वह कार्यक्रम है जिसके कारण “श्वेत क्रांति” हुई। इसने पूरे भारत में उत्पादकों को 700 से अधिक कस्बों और शहरों में उपभोक्ताओं से जोड़ने वाला एक राष्ट्रीय दूध ग्रिड बनाया और मौसमी और क्षेत्रीय मूल्य भिन्नताओं को कम किया, जबकि यह सुनिश्चित किया कि बिचौलियों को खत्म करके उत्पादकों को लाभ का बड़ा हिस्सा मिले।

     ऑपरेशन फ्लड की नींव में गाँव के दूध उत्पादकों की सहकारी समितियाँ हैं, जो दूध खरीदती हैं और इनपुट और सेवाएँ प्रदान करती हैं, जिससे सभी सदस्यों को आधुनिक प्रबंधन और तकनीक उपलब्ध होती है।

श्वेत क्रांति का इतिहास (History of White Revolution)

     वर्ष 1964-1965 के दौरान भारत में सघन पशु विकास कार्यक्रम शुरू किया गया था, जिसमें देश में श्वेत क्रांति को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों को उन्नत पशुपालन का पैकेज प्रदान किया गया था। बाद में, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने देश में श्वेत क्रांति की गति बढ़ाने के लिए “ऑपरेशन फ्लड” नामक एक नया कार्यक्रम शुरू किया।

   ऑपरेशन फ्लड की शुरुआत 1970 में हुई थी और इसका उद्देश्य देश भर में दूध ग्रिड बनाना था। यह NDDB (भारतीय राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड) द्वारा शुरू किया गया एक ग्रामीण विकास कार्यक्रम था।

    जब ऑपरेशन फ्लड को लागू किया गया था, तब डॉ. वर्गीस कुरियन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के अध्यक्ष थे। अपने शानदार प्रबंधन कौशल के साथ डॉ. कुरियन ने सहकारी समितियों को क्रांति हेतु सशक्त बनाने के लिए आगे बढ़ाया। इस प्रकार, उन्हें भारत की ‘श्वेत क्रांति का वास्तुकार’ माना जाता है।

    कई बड़ी-बड़ी कंपनियों ने इसमें भाग लिया और इस क्रांति को सशक्त बनाया जिसने भारत में ऑपरेशन फ्लड को श्वेत क्रांति में बदल दिया। गुजरात स्थित सहकारी संस्था अमूल-आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड ने ऑपरेशन फ्लड कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 

भारत में श्वेत क्रांति के उद्देश्य (Objectives of White Revolution in India)

      श्वेत क्रांति के उद्देश्य निम्नलिखित थे:-

⇒ दूध की खरीद, परिवहन और भंडारण का प्रबंधन शीतलन संयंत्रों में करना।

⇒ पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराना।

⇒ सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न दुग्ध उत्पादों का उत्पादन और विपणन करना

⇒ बेहतर मवेशी नस्लों (गाय और भैंस), स्वास्थ्य सेवाएँ, पशु चिकित्सा, कृत्रिम गर्भाधान सुविधाएँ और विस्तार सेवाएँ प्रदान करना।

⇒ सहकारी समितियों के विस्तृत नेटवर्क पर आधारित तकनीक के माध्यम से डेयरी उद्योग का प्रबंधन करना।

⇒ गांव के संग्रहण केंद्र पर दूध एकत्र करने के बाद उसे तुरंत दूध शीतलन केंद्र स्थित डेयरी संयंत्र में पहुँचाना।

⇒ शीतलन केन्द्रों का प्रबंधन उत्पादक सहकारी संघों द्वारा किया जाता है, ताकि उनसे कुछ दूरी पर रहने वाले उत्पादकों से दूध एकत्रित करने में सुविधा हो, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त की जा सके।

ऑपरेशन फ्लड का महत्व एवं विशेषताएँ (Importance and features of Operation Flood)

(i) दूध उत्पादन में वृद्धि (Increase in milk production):

     इस क्रांति ने भारत के दूध उत्पादन को काफी हद तक बढ़ावा दिया, जिससे देश दुनिया भर में सबसे बड़े दूध उत्पादकों में से एक बन गया। इससे बड़ी आबादी को दूध और डेयरी उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित हुई।

(ii) ग्रामीण विकास और रोजगार (Rural development and employment):-

     इस क्रांति ने लाखों छोटे पैमाने के डेयरी किसानों के लिए आय का एक स्थायी स्रोत प्रदान किया, जिससे ग्रामीण आर्थिक विकास हुआ और डेयरी क्षेत्र में रोजगार के अवसर पैदा हुए।

(iii) डेयरी उत्पादों में आत्मनिर्भरता (Self-sufficiency in dairy products):-

     भारत दूध की कमी वाले देश से आत्मनिर्भर बन गया है, आयात पर निर्भरता कम हो गई है और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो गई है।

(iv) बेहतर पोषण (Better Nutrition):

     दूध और डेयरी उत्पादों की बढ़ती उपलब्धता ने विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर पोषण में योगदान दिया, जिससे कुपोषण से निपटने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार करने में मदद मिली।

(v) महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment):

      कई महिलाएं डेयरी फार्मिंग में सक्रिय रूप से शामिल थीं, और इस क्रांति ने उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया, घरेलू निर्णय लेने और सामुदायिक जीवन में उनकी भूमिका को बढ़ाया।

(vi) आर्थिक विकास (Economic development):-

       श्वेत क्रांति ने भारत की जीडीपी को बढ़ावा दिया, जिससे कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बल मिला।

(vii) सहकारी समितियों का गठन (Formation of co-operative societies):-

      श्वेत क्रांति के तहत, सहकारी समितियों का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित किया गया, जिसने दूध के संग्रह, प्रसंस्करण और वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

(viii) आधुनिक तकनीकों का उपयोग (Use of modern techniques):-

      श्वेत क्रांति ने डेयरी फार्मिंग में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया, जिससे दूध उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ।

(ix) किसानों को सशक्त बनाना (Empowering the farmers):-

    श्वेत क्रांति ने किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने और अपनी उपज को संसाधित करने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से संगठित होने के लिए प्रोत्साहित किया। 

भारत में श्वेत क्रांति के विभिन्न चरण (Different Phases of White Revolution in India)

     ऑपरेशन फ्लड तीन चरणों में शुरू किया गया था जिनकी चर्चा नीचे की गई है:- 

1. पहला चरण / First Phase (1970-1980):-

     पहला चरण 1970 से शुरू हुआ और 10 वर्षों तक यानि 1980 तक चला। इस चरण का वित्तपोषण विश्व खाद्य कार्यक्रम के माध्यम से यूरोपीय संघ द्वारा दान किए गए मक्खन तेल और स्किम्ड मिल्क पाउडर की बिक्री से किया गया था। 

    कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए, पहले चरण के प्रारंभिक चरण में कुछ लक्ष्य निर्धारित किए गए थे। ऐसा ही एक लक्ष्य था, लक्ष्यों को पूरा करने के लिए महानगरों में दूध की विपणन रणनीति में सुधार करना।

2. दूसरा चरण / Second Phase (1981-1985):-

      दूसरा चरण 1981 से 1985 तक पाँच वर्षों तक चला। इस चरण के दौरान, दूध शेडों की संख्या 18 से बढ़कर 136 हो गई, दूध की दुकानों का विस्तार लगभग 290 शहरी बाजारों तक किया गया, एक आत्मनिर्भर प्रणाली स्थापित की गई जिसमें 43,000 ग्रामीण सहकारी समितियों में फैले 4,250,000 दूध उत्पादक शामिल थे।

    घरेलू दूध पाउडर का उत्पादन वर्ष 1980 में 22,000 टन से बढ़कर 1989 तक 140,000 टन हो गया, और सहकारी समितियों द्वारा दूध के प्रत्यक्ष विपणन के कारण दूध की बिक्री में भी प्रतिदिन कई मिलियन लीटर की वृद्धि हुई। उत्पादन में सभी वृद्धि केवल ऑपरेशन फ्लड के तहत स्थापित डेयरियों की वजह से हुई। 

3. तीसरा चरण / Third Phase (1985-1996):-

      तीसरा चरण भी लगभग 10 वर्षों तक चला, यानी 1985-1996 तक। इस चरण ने डेयरी सहकारी समितियों को विस्तार करने में सक्षम बनाया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया। इसने दूध की बढ़ती मात्रा की खरीद और विपणन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया। 

     श्वेत क्रांति या ऑपरेशन फ्लड के अंत में 73,930 डेयरी सहकारी समितियां स्थापित की गईं, जिनसे 3.5 करोड़ से अधिक डेयरी किसान सदस्य जुड़े। वर्तमान में श्वेत क्रांति के कारण भारत में कई सौ सहकारी समितियां हैं जो बहुत कुशलता से काम कर रही हैं। इसलिए, यह क्रांति कई भारतीय गांवों की समृद्धि का कारण है।

(i) असमान विकास (Uneven Development): भारत में श्वेत क्रांति के लाभ भारत के सभी क्षेत्रों में समान रूप से वितरित नहीं हुए। कुछ राज्यों में, विशेष रूप से उत्तर और पश्चिम में, महत्वपूर्ण प्रगति हुई, जबकि अन्य पिछड़ गए, जिसके कारण क्षेत्रीय असमानताएं पैदा हुईं।

(ii) पर्यावरणीय चिंताएं (Environmental concerns): डेयरी फार्मिंग के तीव्र होने से अतिचारण, जल प्रदूषण और स्थानीय संसाधनों की कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं, जिससे पारिस्थितिक स्थिरता संबंधी चिंताएं बढ़ गईं।

(iii) क्रॉस-ब्रीडिंग पर अत्यधिक जोर (Excessive emphasis on cross-breeding): विदेशी मवेशियों की नस्लों के साथ क्रॉस-ब्रीडिंग पर ध्यान देने से स्वदेशी मवेशियों की आबादी में गिरावट आई, जो स्थानीय परिस्थितियों के लिए अधिक उपयुक्त हैं और उन्हें कम रखरखाव की आवश्यकता होती है।

(iv) अपर्याप्त बुनियादी ढांचा (Inadequate Infrastructure): महत्वपूर्ण प्रगति के बावजूद, कई ग्रामीण क्षेत्रों में शीत भंडारण, परिवहन और पशु चिकित्सा सेवाओं के लिए बुनियादी ढांचा अपर्याप्त बना हुआ है, जिससे दूध उत्पादन और वितरण की पूरी क्षमता सीमित हो रही है।

(v) आर्थिक असमानताएँ (Economic inequalities): भारत में श्वेत क्रांति ने कई छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुँचाया, लेकिन इसने असमानताएँ भी पैदा कीं। अधिक संसाधनों वाले बड़े किसान छोटे किसानों की तुलना में अवसरों का अधिक प्रभावी ढंग से लाभ उठा सकते हैं।

(vi) सहकारी संरचनाओं पर निर्भरता (Dependence on co-operative structures): भारत में श्वेत क्रांति की सफलता काफी हद तक सहकारी समितियों की दक्षता पर निर्भर थी।

(vii) कुछ क्षेत्रों में कुप्रबंधन, भ्रष्टाचार और राजनीतिक हस्तक्षेप ने उनके प्रदर्शन में बाधा उत्पन्न की, जिससे कार्यक्रम का समग्र प्रभाव सीमित हो गया।

(viii) पशु कल्याण के मुद्दे (Animal welfare issues):- दूध उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान देने से पशु कल्याण के बारे में चिंताएं पैदा हुईं, डेयरी मवेशियों के लिए खराब रहने की स्थिति, अधिक दूध निकालना और अपर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल।

(ix) बाजार संतृप्ति (Market saturation):- कुछ क्षेत्रों में, दूध उत्पादन में तीव्र वृद्धि के कारण बाजार संतृप्ति हो गई, जिससे मूल्य में उतार-चढ़ाव और डेयरी किसानों के लिए आर्थिक अस्थिरता पैदा हो गई।

निष्कर्ष: इस प्रकार कहा जा सकता है कि श्वेत क्रांति ने भारत के डेयरी उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया, जिससे न केवल दूध उत्पादन में वृद्धि हुई, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और लोगों के जीवन में भी सुधार हुआ। 

21. Heat Island (उष्मा द्वीप)

Heat Island

(उष्मा द्वीप)



परिभाषा :-

          नगरीय क्षेत्र ऐसे स्थान होते हैं जिसका तापमान ग्रामीण क्षेत्रों के तापमान से प्राय: अधिक देखने को मिलता है। इस घटना को “नगरीय उष्मा द्वीप” कहा जाता है। यह मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों और नगरीय वातावरण में बड़े-बड़े बहुमंजिले इमारतों, सड़कों और अन्य सतहों द्वारा गर्मी को अवशोषित और धारण करने के कारण होता है

नगरीय ऊष्मा द्वीप के मुख्य कारण:

          नगरीय ऊष्मा द्वीप के मुख्य कारण निम्नलिखित है-

(i) नगरीकरण:-

      नगरीकरण से पेड़-पौधे और हरियाली घटती है, जिससे प्राकृतिक शीतलन (छायांकन व वाष्पोत्सर्जन) कम हो जाता है नगरों में बड़ी-बड़ी और ऊँचे इमारतों, सड़कों और अन्य पक्के सतहों की अधिकता होती है, जो सूर्य की गर्मी को अवशोषित करती हैं और इसे धीरे-धीरे छोड़ती हैं जिससे शहरी वातावरण ग्रामीण वातावरण के अपेक्षा अधिक गर्म हो जाते है

(ii) मानवीय गतिविधियाँ:-

      वाहन, एयर कंडीशनर और औद्योगिक गतिविधियाँ गर्मी उत्पन्न करती हैं, जो ग्रीनहाउस गैसों के कारण फंस जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा नगरों में यातायात, एयर कंडीशनर, औद्योगिक गतिविधियाँ और ऊर्जा का अधिक उपयोग होता हैं

(iii) हरियाली की कमी:

     नगरीय क्षेत्रों में पेड़ों और अन्य पौधों की कमी होती है, जो गर्मी को अवशोषित करने में मदद करते हैं

(iv) ऊंची इमारतें:

       ये हवा की गति को कम करती हैं, जिससे गर्म हवा फंसी रहती है और उष्मा को रोक देती हैं जिससे तापमान और बढ़ जाता है

(v) सतह का रंग:

         अंधेरी सतहें, जैसे कि कंक्रीट और एस्फाल्ट, सूर्य की गर्मी को अधिक अवशोषित करती हैं

नगरीय ऊष्मा द्वीप के प्रभाव

        नगरीय ऊष्मा द्वीप का प्रभाव नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों के तापमान के बीच अंतर में वृद्धि है। इसका मतलब है कि शहर ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक गर्म होते हैं। यह प्रभाव मुख्य रूप से नगरीकरण के कारण होता है, जिसमें बहुमंजीले इमारतों, सड़कों और अन्य कठोर सतहों की वृद्धि होती है जो सूर्य की गर्मी को अवशोषित करती हैं और फिर उसे उत्सर्जित करती हैं, जिससे शहर के तापमान में वृद्धि होती है।

     नगरीय ऊष्मा द्वीप के प्रमुख प्रभाव निम्नलिखित है-

(i) स्वास्थ्य पर प्रभाव:-

    उच्च तापमान लोगों को बीमार कर सकता है, खासकर गर्मी के दिनों में लोगों के स्वास्थ्य पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है

⇒ उच्च तापमान के कारण लू लगना, निर्जलीकरण, थकावट और गर्मी से संबंधित अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ बढ़ सकती हैं।

⇒ श्वसन संबंधी समस्याओं में वृद्धि हो सकती है।

⇒ तापघात के कारण मृत्यु दर बढ़ सकती है।

(ii) पर्यावरण पर प्रभाव:-

वायु प्रदूषण: नगरीय ऊष्मा द्वीप ओजोन और अन्य प्रदूषकों के उत्पादन को बढ़ा सकता है, जिससे वायु की गुणवत्ता कम हो जाती है।

जल प्रदूषण: शहरी जलमार्गों में तापमान में वृद्धि से पानी में जैव विविधता कम हो सकती है।

ऊर्जा की मांग में वृद्धि: एयर कंडीशनिंग और अन्य कूलिंग उपकरणों की मांग में वृद्धि के कारण ऊर्जा की खपत बढ़ती है, जिससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में वृद्धि होती है।

⇒ जलवायु परिवर्तन: नगरीय ऊष्मा द्वीप ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को बढ़ाकर जलवायु परिवर्तन को तेज कर सकता है।

(iii) आर्थिक प्रभाव:-

⇒ ऊर्जा की खपत में वृद्धि से बिजली की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।

⇒ गर्मी से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज पर खर्च बढ़ सकता है।

⇒ शहरीकरण के कारण बुनियादी ढांचे पर अधिक खर्च हो सकता है।

(iv) उच्च तापमान:-

   नगरीय क्षेत्रों में तापमान ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक हो सकता है, खासकर रात में क्योंकि पार्थिव विकिरण काफी अधिक उत्सर्जित होती है

(v) ऊर्जा की अधिक खपत:-

    उच्च तापमान के कारण एयर कंडीशनिंग और अन्य ऊर्जा-संवर्धक उपकरणों की आवश्यकता अधिक हो जाती है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों की अपेक्षा नगरों में उर्जा की खपत अधिक होती है

(vi) वायु प्रदूषण:-

   नगरीय क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर भी अधिक हो सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

अन्य प्रभाव:-

⇒ नगरीय क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के कारण वाष्पीकरण की दर बढ़ सकती है, जिससे जल की उपलब्धता कम हो सकती है।

⇒ नगरीय क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के कारण गर्मी से संबंधित बीमारियों की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

⇒ नगरीय ऊष्मा द्वीप के कारण इमारतों और अन्य संरचनाओं पर तापीय तनाव बढ़ सकता है।

नगरीय ऊष्मा द्वीप को कम करने के उपाय:-

(i) हरियाली बढ़ाना:-

    पेड़ों और अन्य पौधों को लगाकर शहरी क्षेत्रों में हरियाली को बढ़ावा देना। पार्क, उद्यान और हरे रंग की छतें (ग्रीन रूफ) शहरों में तापमान कम करने में मदद करते हैं। पेड़ छाया प्रदान करते हैं, हवा का तापमान कम करते हैं और शहरी तापमान को कम करने में मदद करते हैं।

(ii) ऊष्मा-प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग:-

     इमारतों और सड़कों के निर्माण में ऊष्मा-प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग करना। हल्के रंग के फुटपाथ और सड़कें सूर्य के प्रकाश को परावर्तित करके और गर्मी को अवशोषित करके तापमान को कम करने में मदद करते हैं

(iii) ऊर्जा दक्षता बढ़ाना:-

     ऊर्जा का उपयोग कम करना और ऊर्जा-संवर्धक उपकरणों का उपयोग करना। ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देकर शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा की खपत कम हो सकती है, जिससे गर्मी का उत्सर्जन कम होगा. 

(iv) वाहन प्रदूषण कम करना:-

      लोगों को जागरूक करके वाहनों का उपयोग कम किया जा सकता है साथ ही कम प्रदूषण वाले वाहनों का उपयोग किया जा सकता है। सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करके निजी वाहनों की संख्या को कम किया जा सकता है, जिससे गर्मी का उत्सर्जन कम होगा।

(v) शैक्षिक कार्यक्रम:-

     शिक्षा के माध्यम से लोगों को नगरीय ऊष्मा द्वीप प्रभाव के बारे में जागरूक किया जा सकता है, जिससे वे अपनी ऊर्जा की खपत को कम कर सकते हैं और अधिक टिकाऊ जीवन शैली अपना सकते हैं

(vi) डिजिटल ट्विन:-

    नगरीय ऊष्मा द्वीप के प्रभाव को मापने और भविष्यवाणी करने के लिए डिजिटल ट्विन का उपयोग किया जा सकता है, जिससे शहर के योजनाकारों को उचित निर्णय लेने में मदद मिलती है 

भारत के नगरीय ऊष्मा द्वीप के संदर्भ में नासा का विश्लेषण:

(i) नासा के अनुसार, दिल्ली के शहरी भागों में नगरीय ऊष्मा द्वीप की घटनाएंँ अधिक हो रही हैं।

(ii) दिल्ली के आसपास के कृषि क्षेत्रों की तुलना में शहरी भागों का तापमान काफी अधिक है।

(iii) नासा के इकोसिस्टम स्पेसबोर्न थर्मल रेडियोमीटर एक्सपेरिमेंट (इकोस्ट्रेस) द्वारा ली गई तस्वीर ने दिल्ली क्षेत्र में बड़े पैमाने पर लाल धब्बे, साथ ही पड़ोसी शहरों जैसे- सोनीपत, पानीपत, जींद और भिवानी के आसपास छोटे लाल धब्बों का खुलासा किया है।

(iii) इकोस्ट्रेस रेडियोमीटर से युक्त उपकरण है जिसे नासा द्वारा 2018 में अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर भेजा गया था।

(iv) इकोस्ट्रेस मुख्य रूप से पौधों के तापमान का आकलन करने के साथ-साथ उनकी जल की आवश्यकताओं और उन पर जलवायु के प्रभाव को जानने का कार्य करता है।

(v) इकोस्ट्रेस के आंँकड़ों में ये लाल धब्बे नगरीय ऊष्मा द्वीप के अधिक तापमान, जबकि शहरों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कम तापमान की घटनाओं का संकेत देते हैं।

नीतिगत उपाय:

     नगरीय उष्मा द्वीप (Urban Heat Island) प्रभाव को कम करने के लिए, नीतिगत उपाय के रूप में हरित क्षेत्र, ठंडी छतें और हल्के रंग के फुटपाथों को बढ़ावा देना, पेड़ लगाना, सार्वजनिक परिवहन को प्रोत्साहित करना, ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देना और शहर की योजना में जलवायु को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।

निष्कर्ष:

   इस प्रकार, उपर्युक्त प्रभावों को देखते हुए, उचित रणनीतियों के साथ उनका मुकाबला करना वर्तमान समय की मांग बन गया है। नीति निर्माताओं को ग्रामीण क्षेत्रों में अवसरों को बढ़ाने के लिए कदम उठाकर अनियोजित विस्तार को कम करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और आगे के विस्तार की योजना बनानी चाहिए। 

नोट:

डिजिटल ट्विन:- डिजिटल ट्विन जिसे डिजिटल डुप्लिकेट भी कहा जाता है, किसी भौतिक वस्तु, प्रक्रिया अथवा प्रणाली का एक आभासी, डिजिटल प्रतिनिधित्व है

     यह भौतिक दुनिया की वस्तु की नकल करता है और वास्तविक समय के डेटा के साथ अपडेट होता है तथा विभिन्न वातावरणों में इसके प्रदर्शन एवं व्यवहार का अनुकरण करने के लिए उपयोग किया जाता है

BIHAR CET BEd Examination 2025 QUESTION BOOKLET PAPER

BIHAR CET BEd Examination 2025

QUESTION BOOKLET PAPER



Bihar BEd Exam QUESTION BOOKLET PAPER

       बिहार बैचलर ऑफ एजुकेशन कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट (बिहार बीएड सीईटी) 2025 की परीक्षा 28 मई को ऑफलाइन मोड में सम्पन्न हुआ। यह परीक्षा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (एलएनएमयू), दरभंगा द्वारा प्रत्येक वर्ष बिहार के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों पर ली जाती है। दो वर्षीय बैचलर ऑफ एजुकेशन (बी.एड.) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए इस एंट्रेंस टेस्ट का उद्देश्य बिहार के 350 से अधिक सरकारी और निजी कॉलेजों में लगभग 36,000 से अधिक सीटें भरना है

      इस परीक्षा की पैटर्न और अंको की योजना जानने के लिए नीचे दी गई तालिका को ध्यानपूर्वक देखने से ही पता चलता है कि यह प्रश्न पत्र चार खंडों में विभाजित किया गया है, जिसमें 120 अंकों के लिए 120 बहुविकल्पीय प्रश्न शामिल हैं।


New Pattern of Bihar BEd Exam

Subjects Number of Questions Total Marks
General English Comprehension (Regular Mode)
Or General Sanskrit Comprehension (Shiksha Shastri)
15 15
General Hindi 15 15
Logical & Analytical Reasoning 25 25
Teaching-Learning Environment in Schools 25 25
General Awareness 40 40

Bihar B.Ed. Common Entrance Test (CET-BED)-2025 का QUESTION BOOKLET PAPER का पीडीएफ देखने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर क्लिक करें। 

CET BEd Examination 2025 QUESTION BOOKLET PAPER

BPSC 70th Mains Solved Optional Question Paper 2025

BPSC 70th Mains

Solved Optional Question Paper 2025

Geography (भूगोल)



1. Boundary between which of the following countries is not formed by a river?

(A) Argentina and Paraguay

(B) India and Sri Lanka

(C) Zambia and Zimbabwe

(D) Colombia and Venezuela

निम्नलिखित में से किन देशों के बीच की सीमा नदी द्वारा नहीं बनती है?

(A) अर्जेंटीना और पैराग्वे

(B) भारत और श्रीलंका

(C) जाम्बिया और ज़िम्बाब्वे

(D) कोलंबिया और वेनेजुएला

[read more] (B) भारत और श्रीलंका [/read]

2. Which of the following Sea has the highest salinity?

(A) Aral Sea

(B) Caspian Sea

(C) Dead Sea

(D) Black Sea

निम्नलिखित में से किस सागर में सर्वाधिक लवणता है?

(A) अरल सागर

(B) कैस्पियन सागर

(C) मृत सागर

(D) काला सागर

[read more] (C) मृत सागर [/read]

3. More than 50% of the population in India will be urban by which of the following years as per the projections of the Government of India?

(A) 2035

(B) 2050

(C) 2055

(D) 2040

भारत सरकार के अनुमान के अनुसार निम्नलिखित में से किस वर्ष तक भारत की 50% से अधिक जनसंख्या शहरी हो जाएगी?

(A) 2035

(B) 2050

(C) 2055

(D) 2040

[read more] (B) 2050 [/read]

4. Which among the following states had the population density higher than the national average in the Census 2011?

(A) Gujarat

(B) Karnataka

(C) Maharashtra

(D) Jharkhand

जनगणना 2011 में निम्नलिखित में से किस राज्य का जनसंख्या घनत्व राष्ट्रीय औसत से अधिक था?

(A) गुजरात

(B) कर्नाटक

(C) महाराष्ट्र

(D) झारखंड

[read more] (D) झारखंड [/read]

5. Black soil is deficient in which of the following?

(A) Calcium

(B) Potash

(C) Phosphorous

(D) Magnesium

काली मिट्टी में निम्नलिखित में से किसकी कमी होती है?

(A) कैल्शियम

(B) पोटाश

(C) फॉस्फोरस

(D) मैग्नीशियम

[read more] (C) फॉस्फोरस [/read]

6. Concentric Zone Model of Internal Structure of Cities was proposed in which of the following years?

(A) 1909

(B) 1929

(C) 1939

(D) 1919

शहरों की आंतरिक संरचना का संकेन्द्रीय क्षेत्र मॉडल निम्नलिखित में से किस वर्ष में प्रस्तावित किया गया था?

(A) 1909

(B) 1929

(C) 1939

(D) 1919

[read more] (B) 1929 [/read]

7. When did the Governing council of the NITI Ayog came into effect?

(A) January 2014

(B) January 2015

(C) February 2015

(D) February 2014

नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल कब लागू हुई?

(A) जनवरी 2014

(B) जनवरी 2015

(C) फरवरी 2015

(D) फरवरी 2014

[read more] (C) फरवरी 2015 [/read]

8. Who among the following is considered to be the founder of Human Geography?

(A) Paul Vidal de la Blache

(B) Richard Hartshorne

(C) Oscar Peschel

(D) None of the above

निम्नलिखित में से किसे मानव भूगोल का संस्थापक माना जाता है?

(A) पॉल वाइडल डी ला ब्लॉश

(B) रिचर्ड हार्टशोर्न

(C) ऑस्कर पेशेल

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] (A) पॉल वाइडल डी ला ब्लॉश [/read]

9. What is the name of India’s first cloned cow?

(A) Ganga

(B) Kamdhenu

(C) Nandini

(D) Gauri

भारत की पहली क्लोन गाय का क्या नाम था?

(A) गंगा

(B) कामधेनु

(C) नंदिनी

(D) गौरी

[read more] (A) गंगा [/read]

10. Which one of the following is not a landform?

(A) Meander

(B) Pediments

(C) Playas

(D) Moraine

निम्नलिखित में से कौन-सा एक स्थलाकृति नहीं है?

(A) विसर्प

(B) पेडिमेंट

(C) प्लाया

(D) मोरेन/हिमोढ़

[read more] (D) मोरेन/हिमोढ़ [/read]

11. Which country currently holds possession of the Island of Diego Garcia, located in the Indian Ocean?

(A) England

(B) Spain

(C) United States of America

(D) Portugal

हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया द्वीप पर वर्तमान में किस देश का अधिकार है?

(A) इंग्लैंड

(B) स्पेन

(C) संयुक्त राज्य अमेरिका

(D) पुर्तगाल

[read more] (A) इंग्लैंड [/read]

12. Which one of the following industrial city is not situated in the Ahmadabad-Vadodra Industrial region?

(A) Anand

(B) Kheda

(C) Krishnanagar

(D) Ankleshwar

निम्नलिखित में से कौन-सा औद्योगिक शहर अहमदाबाद-वडोदरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित नहीं है?

(A) आनंद

(B) खेड़ा

(C) कृष्णानागर

(D) अंकलेश्वर

[read more] (C) कृष्णानागर [/read]

13. Which of the following lakes do not form international boundary between Canada and the United States of America?

(A) Huron

(B) Ontario

(C) Superior

(D) Michigan

निम्नलिखित में से कौन-सी झील कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अंतर्राष्ट्रीय सीमा नहीं बनाती है?

(A) ह्यूरॉन

(B) ओंटारियो

(C) सुपीरियर

(D) मिशिगन

[read more] (D) मिशिगन [/read]

14. At which of the following latitudes is the smallest change in temperature of oceanic water is observed with increasing depth?

(A) North Pole

(B) Tropic of Capricorn

(C) Equator

(D) Tropic of Cancer

निम्नलिखित में से किस अक्षांश पर बढ़ती गहराई के साथ महासागरीय जल के तापमान में सबसे कम परिवर्तन देखा जाता है?

(A) उत्तरी ध्रुव

(B) मकर रेखा

(C) भूमध्य रेखा

(D) कर्क रेखा

[read more] (C) भूमध्य रेखा [/read]

15. Which of the following city in Bihar was not included in the 100 cities selected by Government of India as part of Smart City Mission?

(A) Bihar Sharif

(B) Muzaffarpur

(C) Nalanda

(D) Bhagalpur

बिहार के निम्नलिखित में से कौन-सा शहर भारत सरकार द्वारा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत चुने गए 100 शहरों में शामिल नहीं था?

(A) बिहार शरीफ

(B) मुजफ्फरपुर

(C) नालन्दा

(D) भागलपुर

[read more] (C) नालन्दा [/read]

16. Who proposed the Sequential Stage Model of Urbanisation?

(A) Carter

(B) Evans

(C) Gibbs

(D) Clark

शहरीकरण का अनुक्रमिक चरण मॉडल किसने प्रस्तावित किया?

(A) कार्टर

(B) इवांस

(C) गिब्स

(D) क्लार्क

[read more] शहरीकरण का अनुक्रमिक चरण मॉडल “वैन डेन बर्ग” (van den Berg) द्वारा प्रस्तावित किया गया था। इस मॉडल में शहरी विकास को चार चरणों में विभाजित किया गया है:- शहरीकरण, उपनगरीकरण, विशहरीकरण और पुनः शहरीकरण [/read]

17. What is the average annual rainfall in region of Dry deciduous forest in India?

(A) 30-50 cm

(B) 70-100 cm

(C) 100-120 cm

(D) 50-70 cm

भारत में शुष्क पर्णपाती वन के क्षेत्र में औसत वार्षिक वर्षा कितनी है?

(A) 30-50 सेमी

(B) 70-100 सेमी

(C) 100-120 सेमी

(D) 50-70 सेमी

[read more] (B) 70-100 सेमी [/read]

18. Highest temperatures are found at which among the following in the atmosphere?

(A) Tropopause

(B) Mesosphere

(C) Mesopause

(D) Stratopause

वायुमंडल में निम्नलिखित में से कहाँ उच्चतम तापमान पाया जाता है?

(A) ट्रोपोपॉज

(B) मीसोस्फीयर

(C) मेसोपॉज

(D) स्ट्रैटोपॉज

[read more] (D) स्ट्रैटोपॉज [/read]

19. Which of the following is the highest peak of the Eastern Ghats?

(A) Anai Mudi

(B) Dhupgarh

(C) Mahendragiri

(D) Doda Betta

निम्नलिखित में से पूर्वी घाट की सबसे ऊंची चोटी कौन-सी है?

(A) अनई मुडी

(B) धूपगढ़

(C) महेन्द्रगिरी

(D) डोडा बेट्टा

[read more] (C) महेन्द्रगिरी [/read]

20. Who was the author of the book ‘Civilization and Climate’ that was published in the year 1915?

(A) Gilbert White

(B) Peter Gould

(C) Wolpert

(D) Ellsworth Huntington

वर्ष 1915 में प्रकाशित पुस्तक ‘सिविलाइज़ेशन एंड क्लाइमेट’ के लेखक कौन थे?

(A) गिल्बर्ट व्हाइट

(B) पीटर गोल्ड

(C) वोल्पर्ट

(D) एल्सवर्थ हंटिंगटन

[read more] (D) एल्सवर्थ हंटिंगटन [/read]

21. Which one of the following is not a Federal State?

(A) Australia

(B) Saudi Arabia

(C) United States of America

(D) Canada

निम्नलिखित में से कौन-सा एक संघीय राज्य नहीं है?

(A) ऑस्ट्रेलिया

(B) सऊदी अरब

(C) संयुक्त राज्य अमेरिका

(D) कनाडा

[read more] (B) सऊदी अरब [/read]

22. Which pair of river and the dam built on it is not correctly matched?

(A) Cauvery-Mettur

(B) Chenab-Salal Project

(C) Chandrabhaga-Pravara

(D) Chambal-Gandhi Sagar

नदी और उस पर बने बाँध का कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

(A) कावेरी-मेट्दूर

(B) चिनाब-सलाल परियोजना

(C) चन्द्रभागा-प्रवरा

(D) चंबल-गांधी सागर

[read more] (C) चन्द्रभागा-प्रवरा [/read]

23. What percentage of earth’s water is stored as groundwater?

(A) Less than 1 percent

(B) 2 to 4 percent

(C) More than 4 percent

(D) 1 to 2 percent

पृथ्वी का कितना प्रतिशत जल भूजल के रूप में संग्रहित है?

(A) 1 प्रतिशत से कम

(B) 2 से 4 प्रतिशत

(C) 4 प्रतिशत से ज्यादा

(D) 1 से 2 प्रतिशत

[read more] (A) 1 प्रतिशत से कम- पृथ्वी पर कुल जल का लगभग 0.7% भूजल के रूप में संग्रहित है। [/read]

24. Which of the following city is not situated on the Rhine waterway in Europe?

(A) Basel

(B) Rotterdam

(C) Strasburg

(D) Berlingo

निम्नलिखित में से कौन-सा शहर यूरोप में राइन जलमार्ग पर स्थित नहीं है?

(A) बासेल

(B) रॉटरडैम

(C) स्ट्रासबर्ग

(D) बर्लिन

[read more] (D) बर्लिन [/read]

25. What is the name given to the type of farming in which crops are combined with livestock?

(A) Commercial farming

(B) Mixed farming

(C) Subsistence farming

(D) Extensive farming

खेती के उस प्रकार को क्या नाम दिया गया है जिसमें फसलों का पशुधन के साथ संयोजन किया जाता है?

(A) वाणिज्यिक खेती

(B) मिश्रित खेती

(C) जीविका खेती व

(D) व्यापक खेती

[read more] (B) मिश्रित खेती [/read]

26. Which one of the following is the third stage in human evolution?

(A) Homo Sapiens

(B) Homo Habilis

(C) Homo Erectus

(D) None of the above

निम्नलिखित में से कौन सा मानव विकास का तीसरा चरण है?

(A) होमो सेपियन्स

(B) होमो हैबिलिस

(C) होमो इरेक्टस

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] (C) होमो इरेक्टस [/read]

27. National Waterway Number-10 (NW-10) in India has been developed on which of the following river?

(A) Agniyar

(B) Amaravati

(C) Arvari

(D) Amba

भारत में राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-10 (NW-10) निम्नलिखित में से किस नदी पर विकसित किया गया है?

(A) अगनियार

(B) अमरावती

(C) अरवारी

(D) अंबा

[read more] (D) अंबा -राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-10 (NW-10) अंबा नदी पर विकसित किया गया है, जो महाराष्ट्र राज्य में स्थित है। [/read]

28. Which of the following is a Warm Ocean Current?

(A) Alaska Current

(B) California Current

(C) Oyashio Current

(D) Benguela Current

निम्नलिखित में से कौन-सा गर्म महासागरीय धारा है?

(A) अलास्का धारा

(B) कैलिफोर्निया धारा

(C) ओयाशियो धारा

(D) बेंगुएला धारा

[read more] (A) अलास्का धारा [/read]

29. As per the Census of India classification, what is the population of Class-I (One) city in India?

(A) More than 1,00,000

(B) 10,000 to 19,999

(C) Less than 5000

(D) 50,000 to 99,999

भारत की जनगणना द्वारा वर्गीकरण के अनुसार, भारत में वर्ग-। (एक) शहर की जनसंख्या कितनी है?

(A) 1,00,000 से अधिक

(B) 10,000 से 19,999

(C) 5,000 से भी कम

(D) 50,000 से 99,999

[read more] (A) 1,00,000 से अधिक [/read]

30. Who used the term ‘Megalopolis’ for the first time?

(A) Jean Gottman

(B) Patrick Geddes

(C) Victor Jones

(D) Nelson

‘मेगालोपोलिस’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले किसने किया था?

(A) जीन गॉटमैन

(B) पैट्रिक गेडेस

(C) विक्टर जोन्स

(D) नेल्सन

[read more] (A) जीन गॉटमैन [/read]

31. Indira Gandhi Canal starts from which of the following places?

(A) Ambala in Haryana

(B) Harike in Punjab

(C) Solan in Himachal Pradesh

(D) Ganganagar in Rajasthan

इंदिरा गांधी नहर निम्नलिखित में से किस स्थान से शुरू होती है?

(A) हरियाणा में अम्बाला

(B) पंजाब में हरिके

(C) हिमाचल प्रदेश में सोलन

(D) राजस्थान में गंगानगर

[read more] (B) पंजाब में हरिके- इंदिरा गांधी नहर हरिके बैराज (पंजाब) से शुरू होती है, जो सतलज और ब्यास नदियों के संगम पर स्थित है। [/read]

32. Which of the following inert gases is found in smallest volume in the atmosphere?

(A) Argon

(B) Neon

(C) Xenon

(D) Helium

निम्नलिखित में से कौन-सी अक्रिय गैस वायुमंडल में सबसे कम मात्रा में पाई जाती है?

(A) ऑर्गन

(B) नियोन

(C) जेनॉन

(D) हीलियम

[read more] (C) जेनॉन [/read]

33. The National Population Policy of the year 2000 in India had how many Demographic Goals?

(A) 04

(B) 14

(C) 18

(D) 08

भारत में वर्ष 2000 की राष्ट्रीय जनसंख्या नीति में कितने जनसांख्यिकीय लक्ष्य थे?

(A) 04

(B) 14

(C) 18

(D) 08

[read more]  (B) 14 [/read]

34. Which of the following is not an example of atmospheric hazard?

(A) Drought

(B) Frost

(C) Hailstorm

(D) Flood

निम्नलिखित में से कौन-सा वायुमंडलीय आपदा का उदाहरण नहीं है?

(A) सूखा

(B) पाला

(C) ओलावृष्टि

(D) बाढ़

[read more] (D) बाढ़ [/read]

35. Radcliffe Line marks India’s border with which of the following countries?

(A) Bhutan

(B) Nepal

(C) Pakistan

(D) China

रेडक्लिफ रेखा निम्नलिखित में से किस देश के साथ भारत की सीमा चिह्नित करती है?

(A) भूटान

(B) नेपाल

(C) पाकिस्तान

(D) चीन

[read more] (C) पाकिस्तान [/read]

36. Who authored the landmark book ‘Geography of Peace’?

(A) Alexander de Seversky

(B) Michael Woods

(C) Nicholas Spykman

(D) Halford Mackinder

ऐतिहासिक पुस्तक ‘ज्योग्राफी ऑफ पीस’ के लेखक कौन हैं?

(A) अलेक्जेंडर डी सेवरस्की

(B) माइकल वुड्स

(C) निकोलस स्पाईकमैन

(D) हेलफोर्ड मैकिंडर

[read more] (C) निकोलस स्पाईकमैन [/read]

37. Which of the following Ocean Current moves from the equator towards the poles?

(A) Auglhas Current

(B) Oyashio Current

(C) West Australia Current

(D) Canaries Current

निम्नलिखित में से कौन-सी महासागरीय धारा भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर चलती है?

(A) अगुलहास धारा

(B) ओयाशियो धारा

(C) पश्चिम ऑस्ट्रेलियाई धारा

(D) कैनरी धारा

[read more] (A) अगुलहास धारा [/read]

38. State Reorganisation Act in India was passed in which of the following years?

(A) 1947

(B) 1950

(C) 1956

(D) 1949

भारत में राज्य पुनर्गठन अधिनियम निम्नलिखित में से किस वर्ष पारित किया गया था?

(A) 1947

(B) 1950

(C) 1956

(D) 1949

[read more] (C) 1956 [/read]

39. Who among the following proposed the Least Cost Theory of Industrial Localion?

(A) Christaller

(B) Smith

(C) Weber

(D) Losch

निम्नलिखित में से किसने औद्योगिक स्थान का न्यूनतम लागत सिद्धांत प्रस्तावित किया?

(A) क्रिस्टेलर

(B) स्मिथ

(C) वेबर

(D) लॉस्च

[read more] (C) वेबर [/read]

40. Tropical Cyclones are termed as Willy-Willies in which of the following regions?

(A) East Australia

(B) East South Africa

(C) West South Africa

(D) West Australia

निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को विली-विलीज कहा जाता है?

(A) पूर्वी ऑस्ट्रेलिया

(B) पूर्वी दक्षिण अफ्रीका

(C) पश्चिम दक्षिण अफ्रीका

(D) पश्चिम ऑस्ट्रेलिया

[read more] (D) पश्चिम ऑस्ट्रेलिया [/read]

41. River basin of which of the following river is situated in eastern most part of Bhar?

(A) Baghmati

(B) Kosi

(C) Mahananda

(D) Kamla

निम्नलिखित में से किस नदी की नदी बेसिन बिहार के सबसे पूर्वी भाग में स्थित है?

(A) बागमती

(B) कोसी

(C) महानंदा

(D) कमला

[read more] (C) महानंदा [/read]

42. Which one of the following is not considered important for classification of human races?

(A) Colour of Skin

(B) Shape of Head

(C) Type of Hair

(D) Intelligence

निम्नलिखित में से कौन-सा मानव प्रजाति के वर्गीकरण के लिए महत्वपूर्ण नहीं माना जाता है?

(A) त्वचा का रंग

(B) सिर का आकार

(C) बालों का प्रकार

(D) बुद्धिमत्ता

[read more] (D) बुद्धिमत्ता [/read]

43. Which among the following is not among the top three States with largest number of tribal populations as per the Census 2011?

(A) Madhya Pradesh

(B) Meghalaya

(C) Odisha

(D) Maharashtra

जनगणना 2011 के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य सबसे अधिक जनजातीय आबादी वाले शीर्ष तीन राज्यों में से नहीं है?

(A) मध्य प्रदेश

(B) मेघालय

(C) ओड़िशा

(D) महाराष्ट्र

[read more] (B) मेघालय [/read]

44. Which one of the following is not cultivated as part of plantation Agriculture?

(A) Coffee

(B) Rubber

(C) Tea

(D) Cotton

निम्नलिखित में से किसकी खेती वृक्षारोपण कृषि के भाग के रूप में नहीं की जाती है?

(A) कॉफी

(B) रबड़

(C) चाय

(D) कपास

[read more] (D) कपास [/read]

45. Which of the following Railway Zone in India along with its headquarter is not correctly matched?

(A) South Eastern-Kolkata

(B) South East Central-Bilaspur

(C) South Western-Mumbai CST

(D) South Central-Secunderabad

भारत में निम्नलिखित में से कौन-सा रेल्वे ज़ोन अपने मुख्यालय से सुमेलित नहीं है?

(A) दक्षिण पूर्वी-कोलकाता

(B) दक्षिण पूर्व मध्य-बिलासपुर

(C) दक्षिण पश्चिमी-मुंबई सीएसटी

(D) दक्षिण मध्य-सिकंदराबाद

[read more] (C) दक्षिण पश्चिमी-मुंबई सीएसटी [/read]

46. Carlsberg Ridge is situated in which of the following region of the Indian Ocean?

(A) North East Indian Ocean

(B) South West Indian Ocean

(C) South East Indian Ocean

(D) North West Indian Ocean

कार्ल्सबर्ग रिज, हिंद महासागर के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में स्थित है?

(A) उत्तर पूर्व हिंद महासागर

(B) दक्षिण पश्चिम हिंद महासागर

(C) दक्षिण पूर्व हिंद महासागर

(D) उत्तर पश्चिम हिन्द महासागर

[read more] (D) उत्तर पश्चिम हिन्द महासागर [/read]

47. As per the National Commission on Agriculture, which one of the following is not a category of Social Forestry?

(A) Agro Forestry

(B) Farm Forestry

(C) Urban Forestry

(D) Commercial Forestry

राष्ट्रीय कृषि आयोग के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन-सा सामाजिक वानिकी की श्रेणी नहीं है?

(A) कृषि वानिकी

(B) फार्म वानिकी

(C) शहरी वानिकी

(D) वाणिज्यिक वानिकी

[read more] (D) वाणिज्यिक वानिकी [/read]

48. Udaipur Wildlife Sanctuary is situated in which of the following districts of Bihar?

(A) Jamui

(B) East Champaran

(C) West Champaran

(D) Jehanabad

उदयपुर वन्यजीव अभयारण्य बिहार के निम्नलिखित में से किस जिले में स्थित है?

(A) जमुई

(B) पूर्वी चंपारण

(C) पश्चिमी चंपारण

(D) जहानाबाद

[read more] (C) पश्चिमी चंपारण [/read]

49. Which of the following is mainly responsible for acid rain?

(A) Oxides of Ammonia

(B) Oxides of Chlorine

(C) Oxides of Sulphur

(D) Oxides of Carbon

निम्नलिखित में से कौन-सा अम्लीय वर्षा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है?

(A) अमोनिया के ऑक्साइड

(B) क्लोरीन के ऑक्साइड

(C) सल्फर के ऑक्साइड

(D) कार्बन के ऑक्साइड

[read more] (C) सल्फर के ऑक्साइड [/read]

50. Which of the following is found in appreciable amount in Laterite soil in India?

(A) Calcium

(B) Potash

(C) Nitrogen

(D) Phosphate

भारत में लैटेराइट मिट्टी में निम्नलिखित में से कौन-सा पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है?

(A) कैल्शियम

(B) पोटाश

(C) नाइट्रोजन

(D) फॉस्फेट

[read more] (B) पोटाश [/read]

51. What type of settlement pattem is commonly found at the confluence of two rivers?

(A) Circular

(B) Square

(C) Triangular

(D) Linear

दो नदियों के संगम पर सामान्यतः किस प्रकार का अधिवास प्रतिरूप पाया जाता है?

(A) वृत्ताकार

(B) वर्ग

(C) त्रिकोणीय

(D) रेखीय

[read more] (C) त्रिकोणीय [/read]

52. The decadal growth in Urbanisation was recorded highest in which of the following Census years?

(A) 197100

(B) 1991

(C) 2001

(D) 1981

निम्नलिखित में से किस जनगणना वर्ष में शहरीकरण में दशकीय वृद्धि सबसे अधिक दर्ज की गई थी?

(A) 1971

(B) 1991

(C) 2001

(D) 1981

[read more] (B) 1991 [/read]

53. Which of the following districts in Bihar has significant reserves of Pyrites?

(A) Nawada

(B) Rohtas

(C) Vaishali

(D) Nalanda

बिहार के निम्नलिखित में से किस जिले में पाइराइट का महत्वपूर्ण भंडार है?

(A) नवादा

(B) रोहतास

(C) वैशालीफ

(D) नालन्दा

[read more] (B) रोहतास [/read]

54. Which pair of agricultural products selected for One District One Product by Ministry of Food Processing Industries. Government of India and the corresponding district is not correctly matched ?

(A) Banana-Purnia

(B) Mango-Madhepura

(C) Pineapple-Kishanganj

(D) Litchi-West Champaran

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक जिला एक उत्पाद के लिए चयनित कृषि उत्पादों और संबंधित जिले का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

(A) केला-पूर्णिया

(B) आम-मधेपुरा

(C) अनानास-किशनगंज

(B) लीची-पश्चिमी चंपारण

[read more] (B) आम-मधेपुरा [/read]

55. Which among the following states in North East India had the highest density of population as per the Census 2011?

(A) Assam

(B) Meghalaya

(C) Mizoram

(D) Manipur

2011 की जनगणना के अनुसार उत्तर पूर्व भारत में निम्नलिखित में से किस राज्य में जनसंख्या का घनत्व सबसे अधिक था?

(A) असम

(B) मेघालय

(C) मिजोरम

(D) मणिपुर

[read more] (A) असम [/read]

56. Which of the following is not a glacial landform?

(A) Cirque

(B) Hom

(C) Lapies

(D) Fiords

निम्नलिखित में से कौन-सा हिमानी स्थलाकृति नहीं है?

(A) सर्क

(B) हॉर्न

(C) लैपीज

(D) फियोर्ड

[read more] (C) लैपीज [/read]

57. Which of the following is not a part of Block level planning?

(A) Mandal Parishad

(B) Panchayat Samiti

(C) Block Panchayat

(D) None of the above

निम्नलिखित में से कौन ब्लॉक स्तरीय नियोजन का हिस्सा नहीं है?

(A) मंडल परिषद

(B) पंचायत समिति

(C) ब्लॉक पंचायत

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] (A) मंडल परिषद [/read]

58. Which pair of city and its main industrial output in Chotanagpur Industrial Region is not correctly matched?

(A) Bokaro-Iron and Steel

(B) Khalari-Glass

(C) Sindri-Fertiliser

(D) Chittranjan-Locomotives

छोटानागपुर औद्योगिक क्षेत्र में शहर और उसके मुख्य औद्योगिक उत्पादन का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

(A) बोकारो-लोहा और इस्पात

(B) खलारी-कांच/ग्लास

(C) सिंदरी-उर्वरक

(D) चित्तरंजन-लोकोमोटिव

[read more] (B) खलारी-कांच/ग्लास [/read]

59. What type agricultural activity was proposed by Johann Heinrich von Thunen in his model to the second ring outside the central city area?

(A) Cattle Rearing

(B) Market Gardens

(C) Wood Production

(D) Intensive Crop Rotation

जोहान हेनरिक वॉन ध्यूनेन ने अपने मॉडल में केंद्रीय शहरी क्षेत्र के बाहर दूसरी रिंग में किस प्रकार की कृषि गतिविधि प्रस्तावित की थी?

(A) पशु पालन

(B) बाजार उद्यान

(C) लकड़ी का उत्पादन

(D) गहन फसल चक्रण

[read more] (C) लकड़ी का उत्पादन [/read]

60. As per the India State of Forest Report 2021, which of the following districts in Bihar has the largest area under scrub?

(A) Gaya

(B) Kaimur

(C) Katihar

(D) Gopalganj

भारत राज्य वन रिपोर्ट 2021 के अनुसार, बिहार में निम्नलिखित में से किस जिले में झाड़ी के अंतर्गत सबसे बड़ा क्षेत्र है?

(A) गया

(B) कैमूर

(C) कटिहार

(D) गोपालगंज

[read more] (B) कैमूर [/read]

61. Which of the following is not an example of Greenhouse gas?

(A) Carbon Dioxide

(B) Methane

(C) Water Vapour

(D) Carbon Monoxide

निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रीनहाउस गैस का उदाहरण नहीं है?

(A) कार्बन डाईऑक्साइड

(B) मीथेन

(C) जल वाष्प

(D) कार्बन मोनोऑक्साइड

[read more] (D) कार्बन मोनोऑक्साइड [/read]

62. Who put forward the ‘Intervening Opportunity Model’ with reference to migration?

(A) E. S. Lee

(B) W. J. Reilly

(C) Wolpert

(D) Stouffer

प्रवासन के संदर्भ में ‘हस्तक्षेप अवसरों का सिद्धांत’ किसने प्रस्तुत किया?

(A) ई. एस. ली

(B) डब्ल्यू. जे. रेली

(C) वोल्पर्ट

(D) स्टॉफर

[read more] (D) स्टॉफर [/read]

63. Which Class of Towns in India holds the highest Urban Population as per the Census 2011?

(A) Class I

(B) Class IV

(C) Class VI

(D) Class II

2011 की जनगणना के अनुसार भारत में किस श्रेणी के शहरों में सबसे अधिक शहरी जनसंख्या है?

(A) श्रेणी ।

(B) श्रेणी IV

(C) श्रेणी VI

(D) श्रेणी ॥

[read more] (A) श्रेणी । [/read]

64. Which of the following soil is found in regions of equatorial rainforests?

(A) Alfisols

(B) Oxisols

(C) Ultisols

(D) Inceptisols

निम्नलिखित में से कौन-सी मिट्टी भूमध्यरेखीय वर्षावनों के क्षेत्रों में पाई जाती है?

(A) अल्फिसोल्स

(B) ऑक्सिसोल्स

(C) अल्टीसोल्स

(D) इन्सेप्टिसोल्स

[read more] (B) ऑक्सिसोल्स [/read]

65. Which among the following Union Territories had the lowest density of population as per the Census 2011?

(A) Andaman and Nicobar Islands

(B) Puducherry

(C) Lakshadweep

(D) Chandigarh

2011 की जनगणना के अनुसार निम्नलिखित केंद्र शासित प्रदेशों में से किसका जनसंख्या घनत्व सबसे कम था?

(A) अंडमान व निकोबार द्वीप समूह

(B) पुदुचेरी

(C) लक्षद्वीप

(D) चंडीगढ़

[read more] (A) अंडमान व निकोबार द्वीप समूह [/read]

66. India shares its longest international border with which of the following countries?

(A) Bangladesh

(B) Myanmar

(C) Pakistan

(D) China

भारत अपनी सबसे लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमा निम्नलिखित में से किस देश के साथ साझा करता है?

(A) बांग्लादेश

(B) म्यांमार

(C) पाकिस्तान

(D) चीन

[read more] (A) बांग्लादेश [/read]

67. Who among the following did not believed in Possibilism?

(A) Carl Ritter

(B) Lucien Febvre

(C) Jean Brunhes

(D) Isiah Bowman

निम्नलिखित में से कौन संभववाद में विश्वास नहीं करता था?

(A) कार्ल रिटर

(B) ल्यूसियन फ्रेब्रे

(C) जीन ब्रूनहेस

(D) ईसायाह बोमन

[read more] (A) कार्ल रिटर [/read]

68. Which pair of city important for paper industry and the state where it is located is not correctly matched?

(A) Amlai-Madhya Pradesh

(B) Chandawar-Uttarakhand

(C) Dalmianagar-Bihar

(D) Billimora-Maharashtra

कागज उद्योग के लिए महत्वपूर्ण शहर और राज्य जहाँ वह स्थित है, का कौन-सा युग्म सही सुमेलित नहीं है?

(A) अमलाई- मध्य प्रदेश

(B) चंदावर-उत्तराखंड

(C) डालमियानगर-बिहार

(D) बिलिमोरा-महाराष्ट्र

[read more] (B) चंदावर-उत्तराखंड [/read]

69. Which of the following plains in Bihar is not situated along the international border with Nepal?

(A) Madhubani Plains

(B) Saharsa Plains

(C) Saran Plains

(D) Motihari Plains

बिहार में निम्नलिखित में से कौन-सा मैदान नेपाल के साथ अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित नहीं है?

(A) मधुबनी का मैदान

(B) सहरसा का मैदान

(C) सारण का मैदान

(D) मोतिहारी का मैदान

[read more] (C) सारण का मैदान [/read]

70. Which tribal region in the Himalayas is known as the homeland of the Gaddi tribe?

(A) Bharmaur

(B) Mana

(C) Nathu La

(D) Kargil

हिमालय में किस जनजातीय क्षेत्र को गद्दी जनजाति की मातृभूमि के रूप में जाना जाता है?

(A) भरमौर

(B) माणा

(C) नाथू ला

(D) कारगिल

[read more] (A) भरमौर – गद्दी जनजाति को हिमाचल प्रदेश के भरमौर क्षेत्र में अपनी मातृभूमि के रूप में जाना जाता है। [/read]

71. Who gave the concept of Social Darwinism? 

(A) Alfred Hettner

(B) Griffith Taylor

(C) Richthofen

(D) Friedrich Ratzel

सामाजिक डार्विनवाद की अवधारणा किसने दी?

(A) अल्फ्रेड हेटनर

(B) ग्रिफिथ टेलर

(C) रिचथोफ़ेन

(D) फ्रेडरिक रेट्‌जेल

[read more] (A) अल्फ्रेड हेटनर [/read]

72. Which of the following term is used for a condition of fodder shortage due to drought in India?

(A) Jalkal

(B) Trinkal

(C) Akal

(D) None of the above

भारत में सूखे के कारण चारे की कमी की स्थिति के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द प्रयोग किया जाता है? 

(A) जलकाल

(B) त्रिकाल

(C) अकाल

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] (C) अकाल [/read]

73. Which among the following are the primary consumers in an ecosystem?

(A) Herbivores

(B) Omnivores

(C) Canivores

(D) None of the above

निम्नलिखित में से कौन-सा एक पारिस्थितिकी तंत्र में प्राथमिक उपभोक्ता हैं?

(A) शाकाहारी

(B) सर्वाहारी

(C) मांसाहारी

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] (A) शाकाहारी [/read]

74. Which one of the following rivers forms the Eastern boundary of the Ganga Plains?

(A) Brahmaputra

(B) Meghna

(C) Teesta

(D) Hooghly

निम्नलिखित में से कौन-सी नदी गंगा के मैदान की पूर्वी सीमा बनाती है?

(A) ब्रह्मपुत्र

(B) मेघना

(C) तीस्ता

(D) हुगली

[read more] (B) मेघना- मेघना नदी गंगा के मैदान के पूर्वी भाग में बहती है और यह गंगा के मैदान की पूर्वी सीमा बनाती है।  [/read]

75. Which of the following statements with reference to Savanna Biome is not correct?

(A) Cycle of rainy and dry season

(B) Fire occurs frequently

(C) Trees are short and are evergreen

(D) Grazing animals are commonly found

सवाना बायोम के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

(A) वर्षा एवं शुष्क ऋतु का चक्र

(B) अक्सर आग लगती रहती है

(e) पेड़ ऊंचाई में छोटे और सदाबहार होते हैं

(D) चरने वाले जानवर आमतौर पर पाए जाते हैं

[read more] (e) पेड़ ऊंचाई में छोटे और सदाबहार होते हैं [/read]

76. Gutenberg discontinuity is found between which of the following layers within the earth’s interior?

(A) Crust and Upper Mantle

(B) Lower Mantle and Outer Core

(C) Outer Core and Inner Core

(D) Upper Mantle and Lower Mantle

गुटेनबर्ग असंबद्धता पृथ्वी के आंतरिक भाग में निम्नलिखित में से किन परतों के बीच पाई जाती है?

(A) भूपर्पटी और ऊपरी मेंटल

(B) निचला मेंटल और बाहरी कोर

(C) बाहरी कोर और आंतरिक कोर

(D) ऊपरी मेंटल और निचला मेंटल

[read more] (B) निचला मेंटल और बाहरी कोर [/read]

77. Who among the following used the Is Gravity Model to explain migration?

(A) Harris

(B) Stewart

(C) Zipf

(D) Peterson

निम्नलिखित में से किसने प्रवासन को समझाने के लिए ग्रेविटी मॉडल का उपयोग किया?

(A) हैरिस

(B) स्टीवर्ट

(C) जिप्फ

(D) पीटरसन

[read more] (B) स्टीवर्ट [/read]

78. Which of the following is not a port of the North Atlantic Ocean?

(A) Casablanca

(B) Lagos

(C) Luanda

(D) Dakar

निम्नलिखित में से कौन उत्तरी अटलांटिक महासागर का बंदरगाह नहीं है?

(A) कासाब्लांका

(B) लागोस

(C) लुआंडा

(D) डकार

[read more] (C) लुआंडा [/read]

79. Which of the following Tectonic Plate is not located in Pacific Ocean?

(A) Caroline Plate

(B) Nazca Plate

(C) Scotia Plate

(D) Cocos Plate

निम्नलिखित में से कौन-सी विवर्तनिक (टेक्टोनिक) प्लेट प्रशांत महासागर में स्थित नहीं है?

(A) कैरोलीन प्लेट

(B) नाज्का प्लेट

(C) स्कोश्या प्लेट

(D) कोकोस प्लेट

[read more] (C) स्कोश्या प्लेट [/read]

80. Hill Area Development Programmes was initiated during which of the following Five Year Plan?

(A) Third Five Year Plan

(B) Fifth Five Year Plan

(C) Seventh Five Year Plan

(D) Fourth Five Year Plan

पहाड़ी क्षेत्र विकास कार्यक्रम निम्नलिखित में से किस पंचवर्षीय योजना के दौरान शुरू किए गए थे?

(A) तीसरी पंचवर्षीय योजना

(B) पाँचवी पंचवर्षीय योजना

(C) सातवीं पंचवर्षीय योजना

(D) चौथी पंचवर्षीय योजना

[read more] (B) पाँचवी पंचवर्षीय योजना [/read]

81. Which one of the following was not part of the Inner Crescent in the Heartland theory proposed by Mackinder?

(A) Manchuria

(B) North Africa

(C) Siberia

(D) Monsoon Asia

मैकिंडर द्वारा प्रस्तावित हार्टलैंड सिद्धांत में निम्नलिखित में से कौन-सा भीतरी वर्धमान (इनर क्रेसेंट) का हिस्सा नहीं था?

(A) मंचूरिया

(B) उत्तरी अफ्रीका

(C) साइबेरिया

(D) मानसून एशिया

[read more] (B) उत्तरी अफ्रीका [/read]

82. Who among the following gave the concept of isotherm?

(A) Alexander von Humboldt

(B) Emmanuel Kant

(C) Ellsworth Huntington

(D) Carl Ritter

निम्नलिखित में से किसने समताप रेखा की अवधारणा दी?

(A) अलक्ज़ेंडर वॉन हम्बोल्ट

(B) इमैनुएल कांट

(C) एल्सवर्थ हंटिंगटन

(D) कार्ल रिटर

[read more] (A) अलक्ज़ेंडर वॉन हम्बोल्ट [/read]

83. Which one of the following is not an important centre for production of Manganese?

(A) Balaghat

(B) Sundergarh

(C) Shivamogga

(D) Ballari

निम्नलिखित में से कौन-सा मैंगनीज के उत्पादन का महत्वपूर्ण केंद्र नहीं है?

(A) बालाघाट

(B) सुंदरगढ़

(C) शिवमोगा

(D) बल्लारी

[read more] (C) शिवमोगा [/read]

84. Marine West Coast Climate is found in which of the following regions of the world?

(A) South Africa

(B) South Eastern Australia

(C) South Western Australia

(D) South California

विश्व के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में समुद्री पश्चिमी तट जलवायु पाई जाती है?

(A) दक्षिण अफ्रीका

(B) दक्षिण पूर्वी ऑस्ट्रेलिया

(C) दक्षिण पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया

(D) दक्षिण कैलिफोर्निया

[read more] (D) दक्षिण कैलिफोर्निया [/read]

85. Which one of the following is not an important centre of Aluminum industry?

(A) Angul

(B) Jamnagar

(C) Jaykaynagar

(D) Belgaum

निम्नलिखित में से कौन-सा एल्युमीनियम उद्योग का एक महत्वपूर्ण केंद्र नहीं है?

(A) अंगुल

(B) जामनगर

(C) जयकैनगर

(D) बेलगाम

[read more] (B) जामनगर [/read]

86. Classification of cities by Harris was based on which of the following aspects?

(A) Area

(B) History

(C) Population

(D) Functionality

हैरिस द्वारा शहरों का वर्गीकरण निम्नलिखित में से किस पहलू पर आधारित था?

(A) क्षेत्रफल

(B) इतिहास

(C) जनसंख्या

(D) कार्यात्मकता

[read more] (D) कार्यात्मकता [/read]

87. What percentage of Carbon is found in Atmosphere?

(A) 10%

(B) 11%

(C) 01%

(D) None of the above

कार्बन का कितना प्रतिशत वायुमंडल में पाया जाता है?

(A) 10%

(B) 11%

(C) 01%

(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] (D) उपर्युक्त में से कोई नहीं- वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) की मात्रा लगभग 0.04% होती है, न कि कार्बन की मात्रा। [/read]

88. The Golden Quadrilateral road network passes through which of the following major port in India?

(A) Mangaluru

(B) Paradip

(C) Vishakhapatnam

(D) Kandla

स्वर्णिम चतुर्भुज सड़क नेटवर्क भारत में निम्नलिखित में से किस प्रमुख बंदरगाह से होकर गुज़रता है?

(A) मंगलूरु

(B) पारादीप

(C) विशाखापत्तनम

(D) कांडला

[read more] (C) विशाखापत्तनम [/read]

89. Land kept fallow for how many years is termed as Culturable Wasteland?

(A) 1-2 Years

(B) 3-5 Years

(C) More than 5 years

(D) 2-3 Years

कितने वर्षों तक परती पड़ी भूमि को कृषि योग्य बंजर भूमि कहा जाता है?

(A) 1-2 वर्ष

(B) 3-5 वर्ष

(C) 5 वर्ष से अधिक

(D) 2-3 वर्ष

[read more] (C) 5 वर्ष से अधिक [/read]

90. Which of the following is not found below the surface of the earth?

(A) Batholith

(B) Lacolith

(C) Lapolith

(D) Caldera

निम्नलिखित में से क्या पृथ्वी की सतह के नीचे नहीं पाया जाता है?

(A) बाथोलिथ

(B) लैकोलिथ

(C) लैपोलिथ

(D) काल्डेरा

[read more] (D) काल्डेरा [/read]

91. What was the time span of the Tenth Five Year Plan in India?

(A) 2001-2006

(B) 2003-2008

(C) 2004-2009

(D) 2002-2007

भारत में दसवीं पंचवर्षीय योजना की समय अवधि क्या थी?

(A) 2001-2006

(B) 2003-2008

(C) 2004-2009

(D) 2002-2007

[read more] (D) 2002-2007 [/read]

92. Mango showers are experienced in which State of India?

(A) Bihar

(B) Telangana

(C) Uttar Pradesh

(D) Kerala

92. आम्र वर्षा भारत के किस राज्य में अनुभव की जाती है?

(A) बिहार

(B) तेलंगाना

(C) उत्तर प्रदेश

(D) केरल

[read more] (D) केरल [/read]

93. Which one of the following is not an important centre of Jute industry?

(A) Cuttack

(B) Kanpur

(C) Modinagar

(D) Guntur

निम्नलिखित में से कौन-सा जूट उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र नहीं है?

(A) कटक

(B) कानपुर

(C) मोदीनगर

(D) गुंटूर

[read more] (B) कानपुर [/read]

94. Which of the following Ramsar Wetland sites is not situated in Bihar?

(A) Nagi Bird Sanctuary

(B) Kabartal Wetland

(C) Kolleru Lake

(D) Nakti Bird Sanctuary

निम्नलिखित में से कौन-सा रामसर आर्द्रभूमि स्थल बिहार में स्थित नहीं है?

(A) नागी पक्षी अभयारण्य

(B) कबरताल आर्द्रभूमि

(C) कोलेरु झील

(D) नकटी पक्षी अभयारण्य

[read more] (C) कोलेरु झील [/read]

95. Monsoon forests are not found in which one of the following countries?

(A) Cambodia

(B) Malaysia

(C) Thailand

(D) Myanmar

निम्नलिखित में से किस देश में मानसून वन नहीं पाए जाते हैं?

(A) कंबोडिया

(B) मलेशिया

(C) थाईलैंड

(D) म्यांमार

[read more] (B) मलेशिया [/read]

96. Sir Creek is situated along the coast of which of the following State in India?

(A) Goa

(B) Tamil Nadu

(C) West Bengal

(D) Gujarat

सर क्रीक भारत में निम्नलिखित में से किस राज्य के तट पर स्थित है?

(A) गोवा

(B) तमिलनाडु

(C) पश्चिम बंगाल

(D) गुजरात

[read more] (D) गुजरात [/read]

97. The concept of ‘Limits to Growth’ was proposed by which among the following?

(A) Club of Rome

(B) World Bank

(C) World Economic Forum

(D) United Nations Development Programme

‘लिमिट्स टू ग्रोथ’ / ‘विकास की सीमाएं’ की अवधारणा निम्नलिखित में से किसके द्वारा प्रस्तावित की गई थी?

(A) क्लब ऑफ रोम

(B) विश्व बैंक

(C) विश्व आर्थिक मंच

(D) संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम

[read more] (A) क्लब ऑफ रोम [/read]

98. Which of the following statements with reference to Saline soil is not correct?

(A) They are rich in Nitrogen

(B) They develop in waterlogged areas

(C) Occurs in arid and semi-arid regions

(D) Contains Sodium and Potassium salts

लवणीय मिट्टी के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

(A) इनमें नाइट्रोजन प्रचुर मात्रा में होती है

(B) ये जलजमाव वाले क्षेत्रों में विकसित होते हैं

(C) शुष्क और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में होते हैं

(D) इसमें सोडियम और पोटेशियम लवण होते हैं

[read more] (A) इनमें नाइट्रोजन प्रचुर मात्रा में होती है [/read]

99. Who among the following has given Laws of Migration?

(A) Clark

(B) Ravenstein

(C) Weber

(D) Evans

निम्नलिखित में से किसने प्रवासन के नियम दिए हैं?

(A) क्लार्क

(B) रेवेनस्टीन

(C) वेबर

(D) इवांस

[read more] (B) रेवेनस्टीन [/read]

100. As per the Annual Report 2023-24 of Ministry of Mines, Government of India, Odisha is the leading producer of which of the following mineral?

(A) Bauxite

(B) Manganese

(C) Zinc

(D) Copper

100. भारत सरकार के खान मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट 2023-24 के अनुसार, ओडिशा निम्नलिखित में से किस खनिज का अग्रणी उत्पादक है?

(A) बॉक्साइट

(B) मैंगनीज

(C) जस्ता

(D) तांबा

[read more] (A) बॉक्साइट [/read]

27. Atomic Power (परमाणु शक्ति)

Atomic Power

(परमाणु शक्ति)



      परमाणु शक्ति वह शक्ति है जिसे नियंत्रित (गैर-विस्फोटक) नाभिकीय अभिक्रिया से उत्पन्न किया जाता है।   

   इस शक्ति का उपयोग विनाशकारी एवं निर्माणकारी दोनों ही है। इसका अधिक उपयोग सामरिक महत्व की शक्ति के रूप में किया जा रहा है। केवल इससे निःसृत रेडियोधर्मी समस्थानिकों (Radioactive isotopes) का उपयोग विज्ञान के क्षेत्र में किया जा रहा है। भारत भी इस ऊर्जा का उपयोग निर्माणकारी कार्यों में करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

   इसका उपयोग कम कोयला एवं खनिज तेल उत्पादक देशों तथा अन्य ऊर्जा के अभाव वाले देशों में किया जा सकता है।

परमाणु ऊर्जा के स्रोत:-

    इस शक्ति के प्रमुख स्त्रोत यूरेनियम तथा थोरियम खनिज हैं। बेरीलियम, लीथियम तथा जिरकोनियम खनिजों का भी उपयोग होता है। अच्छी यूरेनियम, पिचब्लैंड तथा कानोंटाइट अयस्कों से प्राप्त होती है। यूरेनियम की यूरेनिनाइट ऑक्साइड पिचब्लैंड से प्राप्त होती है और यह परमाणु ऊर्जा उत्पादन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। विश्व के ज्ञात यूरेनियम क्षेत्रों का 70% उत्तरी अमेरिका तथा अफ्रीका महाद्वीपों में उपलब्ध है।

अणु शक्ति का विकास:-

    अणु शक्ति का ज्ञान वर्ष 1930 के लगभग हो गया। इस शक्ति का विनशकारी उपयोग द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान के हिरोशिमा नगर पर हुआ। इसके विकास में रेडियो सहधर्मी कणों से सुरक्षा, विखण्डित पदार्थों का निस्तारण तथा अधिक लागत प्रमुख समस्याएँ हैं जिनका समाधान आवश्यक है।

     विश्व के राष्ट्र अणुशक्ति के विकास की होड़ में संलग्न हैं। यूरेनियम एवं थोरियम की कुल उपलब्ध मात्रा 1700 × 10 लाख अरब ब्रिटिश ताप मापक इकाई मानी जाती है।

अणु शक्ति के उत्पादक देश:-

     परमाणु शक्ति का विश्व में वितरण विभिन्न देशों के बीच असमान है। कुछ देशों के पास परमाणु ऊर्जा के उत्पादन और उपयोग के लिए अधिक संसाधन हैं, जबकि अन्य देशों के पास परमाणु शक्ति का उपयोग करने की क्षमता काफी सीमित है

    इस शक्ति के मुख्य उत्पादक देश स्वतंत्र देशों के राष्ट्रमंडल, संयुक्त राज्य अमेरिका, ग्रेट ब्रिटेन, चीन तथा भारत हैं। कनाडा, इटली, जापान, स्वीडन, चेक गणराज्य, जर्मनी तथा ऑस्ट्रेलिया में भी परमाण्विक शक्ति गृह हैं। इस समय विभिन्न देशों में एक सौ से अधिक अभिक्रियक क्रियाशील हैं।

स्वतंत्र देशों का राष्ट्रमंडल:-

     सर्वप्रथम सन् 1954 में पाँच हजार किलोग्राम की क्षमता का परमाणु शक्ति गृह बनाया गया। इस समय कई परमाणु शक्ति गृह कार्यरत हैं। जिनमें कुछ की क्षमता एक लाख किलोवाट तक है।

   मुख्य केन्द्र नीवो-वोरेनश, बेलीयार्क्सकोया, लेनिनग्राड, कोला तथा बिलविना हैं। मानग्रीश्लाक प्रायद्वीप पर 3.5 लाख किलोवाट का अभिक्रियक है, जो विश्व में सबसे बड़ा केन्द्र है।

नोट: स्वतंत्र राष्ट्रों का राष्ट्रमंडल (CIS) सोवियत संघ के विघटन के बाद 1991 में स्थापित एक अंतर-सरकारी संगठन है। इसमें 12 देश शामिल हैं: रूस, बेलारूस, यूक्रेन, आर्मेनिया, अजरबैजान, जॉर्जिया, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, मोल्दोवा, ताजिकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान और उज्बेकिस्तान।

संयुक्त राज्य अमेरिका-

    वर्ष 1958 में पिट्सबर्ग, नेपिंगनेटा, शिपिंगपोर्ट में आण्विक शक्ति गृह स्थापित हुआ। इसके बाद अणुशक्ति प्रायद्वीप द्वारा कई केन्द्र स्थापित किये गये, जिनमें प्रमुख ओहियो, टेनेसी तथा कोलम्बियो नदी घाटियों में हैं। बर्कले तथा लिवरमोर (कैलिफोर्निया), हैसफोड (वाशिंगटन), लासवेगास (नेवादा), सेनेक्टैडी बुकहेवे (न्यूयार्क), आर्को (इडाहो), लास आलामास (न्यूमेक्सिको) तथा सवाना (जार्जिया) प्रमुख केन्द्र हैं। वर्तमान में यहाँ 7,167.7 अरब यूनिट परमाणु ऊर्जा उत्पादित होती हैं।

ग्रेट ब्रिटेन-

    वर्ष 1957 में कैल्डरहाल विश्व का द्वीतीय आण्विक संयन्त्र स्थापित किया गया, जिसकी उत्पादन क्षमता 65 हजार किलोवाट है। अल्प केन्द्र हटर्सटन, ट्राब्सफिनिड, केले, विण्डस्केल, चैकेलकास, विनफ्रिथ, ओल्डबरी, हिंकले, प्वाइण्ट, साइजवेल तथा डाउनेर हैं। अगले वर्ष तक आवश्यक विद्युत शक्ति का 40% परमाणु शक्ति के उत्पादन का लक्ष्य है।

फ्रांस-

    पश्चिम यूरोप के छः देशों जर्मनी, फ्रांस, इटली, बेल्जियम, नीदरलैण्डस तथा लक्सेम्बर्ग ने यूरेटम (Euratom-European Atomic Energy Community) का गठन किया है जो अणु शक्ति के विकास में प्रयत्नशील है। फ्रांस में मारकूले के निकट 40 मेगावाट क्षमता की अणु भट्टी स्थापित की गयी है।

   अन्य शक्ति केन्द्र तैयार हो रहे हैं। इस देश में सम्पूर्ण विद्युत शक्ति परमाणु शक्ति करने का लक्ष्य है। इस देश के समक्ष शक्ति की गम्भीर समस्या है, क्योंकि 40% शक्ति की आपूर्ति आयातित कोयला एवं खनिज तेल से करनी पड़ रही है।

   यूरोप महाद्वीप के देश इटली में भी वर्ष 1965 से परमाणु शक्ति का उत्पादन हो रहा है। इस समय पाँच कम्पनियाँ अणु गृहों पर कार्य कर रहीं हैं। स्वीडन में अणु शक्ति का विकास जारी है।

चीन-

    इस देश में अणु तथा हाइड्रोजन बमों के कई सफल विस्फोट किये गये है। यहाँ अणु शक्ति का प्रयोग सैनिक कार्यों में किया जा रहा है। अनुमान है कि विश्व परमाणु शक्ति का पाँचवा शक्तिशाली देश चीन है।

भारत-

    विश्व के ऊपर वर्णित पाँच देशों के पश्चात इसका स्थान विश्व में छठवाँ है। अणु शक्ति के उत्पादन का श्रीगणेश वर्ष 1969 में हुआ। प्रथम परमाणु भट्टी तारापुर (महाराष्ट्र) में स्थापित हुई जिसकी क्षमता 420 मेगावाट है। दूसरी इकाई राणा प्रताप सागर (राजस्थान) के रावतभाटा स्थान पर है, जहाँ 220 मेगावाट की दो इकाइयाँ कार्यरत हैं। इनकी कुल क्षमता 440 मेगावाट है। तीसरा केन्द्र कलपक्कम (तमिलनाडु) में है। इसकी क्षमता 470 मेगावट होगी। इसमें केवल भारतीय इंजीनियर तथा वैज्ञानिक कार्यरत हैं। उन तीनों भट्टियों में स्वस्थानिकों का उत्पादन हो रहा है जिनका निर्यात ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, चेक गणराज्य, हांगकांग तथा फिलिपीन्स को हो रहा है।

    नरोरा (उ.प्र). में भी एक अणु शक्ति गृह चालू है। इसकी क्षमता 440 मेगावाट है। इस समय सभी चौदह केन्द्रों की क्षमता 2,720 मेगावट है। 2016 तक भारत में आठ परमाणु ऊर्जा केन्द्रों पर 22 रियक्टर कार्यरत है। जिसकी क्षमता 6780 मेगावाट है। 6 अन्य परमाणु रियक्टर के बन जाने से 4300 मेगावाट क्षमता और बढ़ गयी है।

जापान-

    इस देश में वर्ष 1957 में अभिक्रिया की स्थापना हुई। इबाराकी प्रीफ्रेक्चर में टोकियो से 112 किमीo दूर टोकाई स्थान पर अणु भट्टी की स्थापना संयुक्त राज्य अमेरिका के सहयोग से हुई। सुरूगा में भी एक अणु भट्टी है। इस समय परमाणु शक्ति का उत्पादन 5 लाख किलोवाट है। चार संयंत्र लग रहे हैं। इनका उत्पादन लक्ष्य 780 लाख किलोवाट है। देश की आधी आवश्यकता परमाणु शक्ति से पूरी होने लगी है।

Atomic Power

error: