Category सामान्य भूगोल #

35. Types of Agriculture (कृषि के प्रकार)

35. Types of Agriculture

(कृषि के प्रकार)



1. स्थानान्तरणशील कृषि की शुरूआत सर्वप्रथम कहीं से हुई?

(a) इण्डोनेशिया से

(b) थाईलैंड से

(c) कांगो बेसिन से

(d) अमेजन बेसिन से

2. कौन-सी एक विशेषता स्थानांतरित कृषि से सम्बन्धित नहीं है?

(a) मानवीय श्रम की प्रधानता रहती है।

(b) प्रति हेक्टेयर उत्पादन कम होता है।

(c) रसदार फलों की खेती होती है।

(d) उर्वरकों का प्रयोग नहीं होता है।

3. लदांग सम्बन्धित है-

(a) बागानी कृषि से

(b) पशुचारण से

(c) स्थानान्तरणशील कृषि से

(d) दुग्ध पशुपालन से

4. लदांग चलवासी कृषि किस देश से सम्बन्धित है?

(a) इण्डोनेशिया

(b) ब्राजील

(c) मलेशिया

(d) श्रीलंका

5. सामान्य जीवन निर्वहन कृषि श्रीलंका में निम्न में से किस नाम से जानी जाती है?

(a) कोनूको

(b) हुमा

(c) मिल्पा

(d) चेन्ना

6. थाईलैंड में की जाने वाली स्थानान्तरित कृषि को किस नाम से जाना जाता है?

(a) तुंग्या

(b) तमराई

(c) टावी

(d) हुमा

7. वियतनाम एवं लाओस में की जाने वाली स्थानान्तरित कृषि को क्या कहा जाता है?

(a) रे

(b) टावी

(c) तमराई

(d) तुंग्या

8. म्यान्मार में की जाने वाली स्थानान्तरणशील कृषि किस नाम से जानी जाती है?

(a) तमराई

(b) तुंग्या

(c) कैंगिन

(d) रे

9. निम्नलिखित में कौन सही सुमेलित है?

1. श्रीलंका-चेन्ना

2. जायरे- मसोले

3. इंडोनेशिया- हुमा

कूट:

(a) 1 एवं 3

(b) 1 एवं 2

(c) 2 एवं 3

(d) 1, 2 एवं 3

10. निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है?

(a) टावी- मालागासी

(b) मसोले- कांगो

(c) चेन्ना- म्यान्मार

(d) तमराई- थाईलैंड

11. निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है?

(a) रे- वियतनाम

(b) रोका- ब्राजील

(c) कैंगिन- फिलीपीन्स

(d) लदांग- म्यान्मार

12. ट्रक फार्मिंग (Truck Farming) का अभिप्राय है-

(a) रेशम कीट पालन से

(b) अंगूर की खेती से

(c) बागवानी कृषि से

(d) जलज कृषि से

13. महानगरों के बाहरी भाग में की जाने वाली फलों, सब्जियों एवं फूलों की गहन कृषि को कहा जाता है-

(a) उद्यान कृषि

(b) बाजार कृषि

(c) ट्रक फार्मिंग

(d) इनमें से सभी

14. डेयरी फार्मिंग के लिए आवश्यकता होती है-

(a) अधिक पूँजी, कम श्रम

(b) कम पूँजी, अधिक श्रम

(c) अधिक पूँजी, अधिक श्रम

(d) कम पूँजी, कम श्रम

15. मिश्रित कृषि सम्बन्धित है-

(a) एक ही फार्म पर दो या उससे अधिक फसलों की कृषि से

(b) आधुनिक विधियों द्वारा खेती करने से

(c) एक ही फार्म पर फसल उत्पादन एवं पशुपालन से

(d) एक ही फार्म पर फसल उत्पादन एवं बागवानी से

16. बागानी कृषि की प्रमुख विशेषता है-

(a) एक फसली उत्पादन

(b) विभिन्न समूहों में विविध फसलों का उत्पादन

(c) बड़े फार्मों पर पशुपालन एवं फसल उत्पादन

(d) फलदार वृक्षों की कृषि

17. विश्व में बागानी कृषि का सर्वाधिक विकास कहाँ हुआ है?

(a) मध्य अमेरिका

(b) अमेजन बेसिन

(c) कांगो बेसिन

(d) दक्षिण पूर्वी एशिया

18. सघन खेती के लिए खेतिहर क्षेत्र होना चाहिए-

(a) अधिक वर्षा वाला

(b) कम वर्षा वाला

(c) सिंचित

(d) असिंचित

19. बिना सिंचाई की सहायता से की जाने वाली तर खेती (Wet Farming) के लिए वार्षिक वर्षा की कितनी मात्रा आवश्यक होती है?

(a) 50 सेमी० से कम

(b) 50 से 100 सेमी०

(c) 100 से 200 सेमी ०

(d) 200 सेमी० से अधिक

20. सर्वाधिक सघन खेती प्रचलित है-

(a) चीन में

(b) भारत में

(c) इण्डोनेशिया में

(d) जापान में

21. बागानी कृषि के अन्तर्गत नहीं आता है-

(a) नारियल

(b) चावल

(c) कहवा

(d) रबड़

22. खाद्यान्न कृषि के अन्तर्गत नहीं आता है-

(a) चावल की कृषि

(b) गेहूँ की कृषि

(c) गन्ना की कृषि

(d) मक्का की कृषि

23. किस प्रकार की कृषि के अन्तर्गत बड़े-बड़े फार्मों की स्थापना करके कारखानों की भांति किसी एक ही फसल की कृषि की जाती है?

(a) गहन कृषि

(b) विस्तृत कृषि

(c) जीविका कृषि

(d) रोपण अथवा बागानी कृषि

24. विश्व में किस प्रकार की कृषि का सर्वाधिक प्रचलन है?

(a) गहन कृषि

(b) विस्तृत कृषि

(c) स्थानबद्ध कृषि

(d) बागानी कृषि

25. स्थानान्तरणशील कृषि के बिल्कुल विपरीत कृषि पद्धति है-

(a) जीविका कृषि

(b) स्थानबद्ध कृषि

(c) गहन कृषि

(d) विस्तृत कृषि

26. स्थानान्तरणशील कृषि का अन्य नाम है

(b) काटना एवं जलाना

(a) बुश फेलो कृषि

(c) उपर्युक्त दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

27. किस प्रकार की कृषि में फसलों का अधिकाधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए भूमि की प्रत्येक इकाई पर अधिक मात्रा में पूँजी एवं श्रम का प्रयोग किया जाता है?

(a) जीविका कृषि

(b) गहन कृषि

(c) विस्तृत कृषि

(d) रोपण कृषि

28. विस्तृत आकार वाले खेतों पर यांत्रिक विधियों से की जाने वाली कृषि कहलाती है-

(a) गहन कृषि

(b) गहन जीविका कृषि

(c) विस्तृत कृषि

(d) बागानी कृषि

29. व्यापारिक स्तर पर की जाने वाली सब्जियों एवं फलों-फूलों की कृषि जिसके परिवहन में ट्रकों का अधिक उपयोग होता है, कहलाता है-

(a) मार्केट फार्मिंग

(b) ट्रक फार्मिंग

(c) डेयरी फार्मिंग

(d) हाइड्रोपोनिक्स

30. पूर्व सोवियत संघ का स्टेपी, संयुक्त राज्य अमेरिका का मध्यवर्ती एवं पश्चिमी मैदानी भाग, कनाडा का प्रेयरी क्षेत्र, अर्जेण्टीना का पम्पास क्षेत्र तथा आस्ट्रेलिया का डाउन्स क्षेत्र किस प्रकार की कृषि के लिये प्रसिद्ध है?

(a) गहन जीविका कृषि

(b) गहन कृषि

(c) विस्तृत कृषि

(d) बागानी कृषि

31. निम्न में से कौन ट्रक फार्मिंग का दूसरा नाम है-

(a) रेशम उत्पादन कृषि

(b) अंगूरोत्पादन कृषि

(c) फल कृषि

(d) विपणन बागवानी

32. गहन कृषि से सम्बन्धित नहीं है-

(a) नीदरलैंड में सब्जी की कृषि

(b) कैलीफोर्निया में फलों की कृषि

(c) द० पू० एशिया में धान की कृषि

(d) कनाडा में गेहूँ की कृषि

33. निम्नलिखित में कौन-सा तत्व विस्तृत कृषि में समाविष्ट नहीं है?

(a) प्रति हेक्टेयर अधिक उत्पादन

(b) प्रति व्यक्ति अधिक उत्पादन

(c) प्रति फार्म बड़ा भू-भाग

(d) प्रति फार्म अधिक आय

34. एशिया महाद्वीप के मानसूनी जलवायु वाले क्षेत्रों तथा जहाँ जनसंख्या का बहुत अधिक घनत्व पाया जाता है, में किस प्रकार की कृषि की जाती है?

(a) गहन कृषि

(b) विस्तृत कृषि

(c) मिश्रित कृषि

(d) गहन जीविका कृषि

35. रेशम के उत्पादन हेतु व्यापारिक स्तर पर रेशम के कीड़ों का पाला जाना क्या कहलाता है?

(a) सिल्वीकल्चर

(b) सेरीकल्चर

(c) एपीकल्चर

(d) विटीकल्चर

36. व्यापारिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु समुद्री जीवों के उत्पादन की क्रिया क्या कहलाती है?

(a) पीसीकल्चर

(b) एपीकल्चर

(c) मेरीकल्चर

(d) हार्टीकल्चर

37. व्यापारिक स्तर पर की जाने वाली मछली पालन की क्रिया को क्या कहा जाता है?

(a) विटीकल्चर

(c) सिल्वीकल्चर

(b) मेरीकल्चर

(d) पीसीकल्चर

38. वनों के संरक्षण एवं सम्वर्द्धन से सम्बन्धित क्रिया क्या कहलाती है?

(a) एपीकल्चर

(b) सिल्वीकल्चर

(c) हार्टीकल्चर

(d) ओलेरीकल्चर

39. व्यापारिक स्तर पर की जाने वाली फूलों की कृषि को क्या कहा जाता है?

(a) फ्लोरीकल्चर

(b) हार्टीकल्चर

(c) एपीकल्चर

(d) वेजीकल्चर

40. व्यापारिक स्तर पर किया जाने वाला विभिन्न प्रकार के फलों का उत्पादन कहलाता है-

(a) एपीकल्चर

(b) हार्टीकल्चर

(c) मेरीकल्चर

(d) सिल्वीकल्चर

41. व्यापारिक स्तर पर शहद उत्पादन हेतु किया जाने वाला मधुमक्खी या मौन पालन का कार्य कहलाता है-

(a) विटीकल्चर

(b) पिसीकल्चर

(c) मेरीकल्चर

(d) एपीकल्चर

42. जमीन पर फैलने वाली सब्जियों की व्यापारिक कृषि कहलाती है-

(a) वेजीकल्चर

(b) ओलेरीकल्चर

(c) आरबोरीकल्चर

(d) एपीकल्चर

43. सेरीकल्चर का सम्बन्ध है-

(a) लाख से

(b) रेशम कीट से

(c) मधुमक्खी से

(d) मछली से

44. मेरीकल्चर में किसका उत्पादन किया जाता है?

(a) वृक्षों तथा झाड़ियों का

(b) फूलों का

(c) समुद्री जीवों का

(d) मधुमक्खियों का

45. सुमेलित कीजिए-

सूची-I  सूची-II

A. एपीकल्चर 1. रेशम उत्पादन

B. सेरीकल्चर 2. शहद उत्पादन

C. पीसीकल्चर 3. अंगूर उत्पादन

D. विटीकल्च 4. मत्स्य उत्पादन

कूट:

       A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 1 4 3

(c) 2 1 3 4

(d) 1 2 4 3

46. सुमेलित कीजिए-

सूची-I     सूची-II

A. फ्लोरीकल्चर 1. वन संरक्षण व सम्बर्द्धन

B. सिल्वीकल्चर 2. फूलों की कृषि

C. मेरीकल्चर   3. फलों का उत्पादन

D. हार्टीकल्चर 4. समुद्री जीवों का उत्पादन

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 1 4 3

(c) 2 1 3 4

(d) 4 2 3 1

36. World Fishing (विश्व मत्स्यन)

36. World Fishing

(विश्व मत्स्यन)



1. मत्स्यन किस प्रकार की आर्थिक क्रिया है?

(a) प्राथमिक

(b) द्वितीयक

(c) तृतीयक

(d) चतुर्थक

2. व्यापारिक रूप से मत्स्य पालन का व्यवसाय क्या कहलाता है?

(a) विटीकल्चर

(b) सेरीकल्चर

(c) एपीकल्चर

(d) पिसीकल्चर

3. नीली क्रांति (Blue revolution) निम्न में से किससे सम्बन्धित है?

(a) अन्तरिक्ष अनुसंधान

(b) मत्स्य पालन

(c) नील की खेती

(d) इनमें से कोई नहीं

4. प्लैंकटन (Plankton) है-

(a) वन

(b) धूमकेतु

(c) कृत्रिम उपग्रह

(d) समुद्री मछलियों का भोजन

5. मछलियों का सबसे अधिक केन्द्रीयकरण छिछले तटीय जल में पाया जाता है क्योंकि इन भागों में सहयोगी कारक है-

(a) गर्म जल

(b) स्वच्छ जल

(c) अत्यधिक प्लैंकटन

(d) समुद्री जलधाराओं से सुरक्षा

6. हेरिंग पॉण्ड (Hering Pond) के नाम से जाना जाता है-

(a) प्रशान्त महासागर

(b) अटलांटिक महासागर

(c) हिन्द महासागर

(d) आर्कटिक महासागर

7. मत्स्य उद्योग के विशेष रूप से उत्तरी गोलार्द्ध में ही विकसित होने का कारण है-

(a) उथले सागर

(b) स्थल खण्डों की अधिकता

(c) गर्म एवं ठंडी जल धाराओं का सम्मिलन

(d) उपर्युक्त सभी

8. संसार के प्रमुख मत्स्य ग्रहण क्षेत्रों में सम्मिलित नहीं है-

(a) उत्तर पश्चिम प्रशांत महासागर

(b) उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर

(c) उत्तर पूर्वी अटलांटिक महासागर

(d) दक्षिणी हिन्द महासागर

9. विश्व का लगभग एक तिहाई मत्स्योत्पादन प्राप्त होता है-

(a) उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर से

(b) उत्तर पूर्व अटलांटिक महासागर से

(c) उत्तर पश्चिम प्रशान्त महासागर से

(d) दक्षिण पूर्व प्रशान्त महासागर से

10. मत्स्य उद्योग की दृष्टि से कौन-सा देश महत्वपूर्ण है?

(a) चीन

(b) नार्वे

(c) इण्डोनेशिया

(d) भारत

11. विश्व का वृहत्तम मत्स्य आहरण क्षेत्र है-

(a) कैरेबियन सागर

(b) चेसापीक खाड़ी

(c) ग्रैंड बैंक

(d) नोवा-स्कोशिया

12. प्रसिद्ध मत्स्य क्षेत्र ‘ग्रैंड बैंक’ स्थित है-

(a) प्रशान्त महासागर में

(b) अटलांटिक महासागर में

(c) हिन्द महासागर में

(d) आर्कटिक महासागर में

13. विश्व का एक प्रमुख मत्स्यन क्षेत्र ‘डॉगर बैंक’ कहाँ स्थित है?

(a) बाल्टिक सागर में

(b) उत्तरी सागर में

(c) बोथनिया की खाड़ी में

(d) इंगलिश चैनल में

14. चेसापीक खाड़ी जो कि ओयस्टर पकड़ने के लिए प्रसिद्ध है, स्थित है-

(a) फ्रांस के तट के निकट

(b) नार्वे के तट के निकट

(c) यू०एस०ए० के तट के निकट

(d) कनाडा के तट के निकट

15. विश्व में स्वच्छ जल की मछली का सबसे बड़ा उत्पादक देश है-

(a) चीन

(c) बांग्लादेश

(b) भारत

(d) इण्डोनेशिया

16. विश्व में स्वच्छ जल की मछली के उत्पादक देशों का सही अवरोही क्रम है-

(a) चीन, बांग्लादेश, भारत, इण्डोनेशिया

(b) चीन, भारत, बांग्लादेश, इण्डोनेशिया

(c) भारत, चीन, बांग्लादेश, इण्डोनेशिया

(d) भारत, बांग्लादेश, चीन, इण्डोनेशिया

17. अटलांटिक महासागर के मत्स्य उत्पादन में कमी आने का मुख्य कारण है-

1. अति मत्स्यन

2. जल प्रदूषण

3. माँग में कमी

4. ग्लोबल वार्मिंग

कूट :

(a) 1 एवं 2

(b) 2 एवं 3

(c) 1, 2 एवं 3

(d) 1, 2, 3 एवं 4

18. मत्स्य ग्रहण क्षेत्र अधिकतर उच्च अक्षांशों में स्थित होते हैं, कारण-

I. तटरेखा का अत्यधिक लंबा होना

II. महाद्वीपीय मग्नतटों का अधिक विस्तार

III. सागरीय जल के तापमान का 20°C से कम होना

IV. कम जनसंख्या

कूट :

(a) I, II एवं III

(b) II, III एवं IV

(c) I एवं II

(d) II एवं IV

19. उष्ण कटिबंधीय महासागरों में मत्स्य उद्योग का विकास काफी कम हुआ है। इसका कारण है-

(a) छिछले सागरों का अभाव

(b) माँग की कमी

(c) संरचनात्मक सुविधाओं का अभाव

(d) उपर्युक्त सभी

20. ग्रैंड बैंक है-

(a) संयुक्त राज्य अमेरिका का केन्द्रीय बैंक

(b) ग्रेट ब्रिटेन का सुरक्षित खाद्य भंडा

(c) गल्फस्ट्रीम तथा लैब्रोडो धाराओं का संगम स्थल

(d) इंगलिश चैनल के दोनों तट

2. Meaning of Major Geographical Terms (प्रमुख भौगोलिक शब्दों का अर्थ)

Meaning of Major Geographical Terms

(प्रमुख भौगोलिक शब्दों का अर्थ)



प्रमुख भौगोलिक शब्दों का अर्थ

♣ अपघर्षण पवन⇒ वायु, नदी, हिमानी, समुद्री लहरों आदि अपरदनात्मक प्रक्रमों द्वारा निरन्तर क्रियाशील रहने पर धरातल का बहुत सा मलवा परिवहित कर लिया जाता है, इस क्रिया को ही अपघर्षण कहते हैं।

♣ वायूढ़⇒ पवन जिन पदार्थों का परिवहन, अपरदन तथा निक्षेपण करता है, उसे वायूढ़ की संज्ञा दी जाती है।

♣ वायुराशि⇒ वायु का विस्तृत पुंज जिसमें तापमान, आर्द्रता में समानता विद्यमान रहती है।

जलोढ़ शंकु⇒ नदी अपने मुहाने पर जमाव के द्वारा शंकु की आकृति का निर्माण करती है, जिसका पृष्ठीय ढाल अत्यन्त झुका हुआ होता है, उसे जलोढ़ शंकु की संज्ञा दी जाती है।

♣ अल्पाइन⇒ यूरोप में एक ऐसा पर्वत तंत्र है जिसमें जलवायु वनस्पति स्थलाकृति, आदि में विशिष्टता विद्यमान है।

♣ प्रतिचक्रवात⇒ केन्द्र में उच्च वायुदाब तथा परिधि पर निम्न वायुदाब से युक्त एक उच्च वायुमण्डलीय दाब क्षेत्र होता है, जिसमें केन्द्र से बाहर निकलने वाली हवाएं उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिणावर्त तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में वामावर्त होती है।

♣ भूमि उच्च⇒ चन्द्रमा या अन्य ग्रह जब अपने पथ पर पृथ्वी से सर्वाधिक दूरी पर रहते हैं, तब वह स्थिति भूमि उच्च कहलाती है।

♣ वायुमण्डल⇒ पृथ्वी के चारों ओर फैले विस्तृत गैस, जलवाष्प व धूल-कण का आवरण है। इसी आवरण के कारण धरातल जीव जगत तथा वनस्पति-जगत का अस्तित्व सम्भव हुआ है।

♣ प्रवाल द्वीप वलय⇒ वलयाकार या अश्वनाल के आकार की प्रवाल कीटों द्वारा निर्मित स्थलाकृति है, जो लैगूनों व खुले सागरों में पायी जाती है।

♣अजोर्स⇒ यह एक उपोष्ण कटिबन्धीय प्रति चक्रवात है, जो अन्ध महासागर में स्थित है। इसकी सक्रियता ग्रीष्म ऋतु में देखने को मिलती है।

♣ बरखान⇒ पवन के निक्षेप द्वारा निर्मित बालुका स्तूप है, इसका आकार चापाकार होता है।

♣ प्रवाल रोधिका⇒ यह सागरीय स्थलाकृति सागर तट के समानान्तर होती है, जिसका निर्माण सागरीय लहरों के निक्षेप द्वारा होता है।

♣ बैथोलिथ⇒ जब मैग्मा पदार्थ अपने स्रोत क्षेत्र से ऊपर उठकर एक गुम्बद के समान ठोस हो जाते है तो उससे बैथोलिथ का निर्माण होता है।

♣ ज्वालामुखी कुण्ड⇒ जब ज्वालामुखी का उद्गार होता है, तो उस समय निकला लावा उसके मुख के चारों तरफ ऊंचाई में जमा हो जाता है, जिससे ज्वालामुखी कुण्ड का निर्माण होता है।

♣ ग्रीनविच मीन टाइम⇒ ग्रीनविच में 0° याम्योत्तर रेखा पर स्थानीय समय, जो यूरोप व ब्रिटिश द्वीप समूह का मानक समय है।

♣ पहाड़ी⇒ पर्वत से निम्न तथा अपने आस-पास की भूमि से एकाएक ऊपर उठा हुआ भाग पहाड़ी कहलाता है।

♣ अश्व अक्षांश⇒ वायुमण्डलीय उच्च वायुदाब की उपोषण पेटी व्यापारिक एवं पछुवा पवनों के मध्य स्थित 30°- 35° दोनों गोलार्द्धों में विस्तीर्ण है। यहां पर वायु अवरोहण के कारण प्रतिचक्रवातीय दशाएं तथा शुष्क मौसम विद्यमान रहता है।

♣ आग्नेय शैल⇒ ऐसी चट्टान जो तप्त मैग्मा के शीतलन के फलस्वरूप सृजित होती है।

♣ अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा⇒ 180° देशान्तर के लगभग साथ-साथ निर्धारित रेखा, जो केवल जलीय भाग में खींची गई है, फलत: उक्त रेखा से विचलित हो जाती है। जब पश्चिम की तरफ यात्रा करते हैं तो एक दिन घटा दिया जाता है तथा पूर्व की ओर यात्रा करने पर एक दिन जोड़ दिया जाता है।

♣ लीप वर्ष⇒ 365 दिन व 6 घण्टे में पृथ्वी सूर्य का एक चक्कर लगा लेती है। प्रत्येक चौथे वर्ष 1 दिन जोड़ कर 366 दिन का एक वर्ष बनाया जाता है, जो लीप वर्ष कहलाता है।

♣ चन्द्र ग्रहण⇒ सूर्य तथा चन्द्रमा के मध्य जब पृथ्वी गुजरती है तो इसकी छाया चन्द्रमा पर पड़ती है, जिससे चन्द्रमा पर अन्धकार दिखाई पड़ता है, जो चन्द्र ग्रहण कहलाता है।

♣ चुम्बकीय ध्रुव⇒ उत्तरी ध्रुव (आर्कटिक के निकट) तथा दक्षिणी ध्रुव अण्टार्कटिक क्षेत्र में मैगनेटिक धातु के क्षेत्र विद्यमान हैं, जो चुम्बकीय (मैगनेटिक) ध्रुव के नाम से जाने जाते हैं।

♣ मध्य रात्रि का सूर्य⇒ 15 मई से 31 जुलाई तक उत्तरी गोलार्द्ध में तथा 15 नवम्बर से 31 जनवरी तक दक्षिणी गोलार्द्ध में, जिसमें सूर्य 24 घण्टे नहीं छिपता अर्थात् मध्य रात्रि में भी द्रष्टव्य रहता है। इसे मध्य रात्रि का सूर्य की संज्ञा दी जाती है।

♣ज्वार-भाटा⇒ चन्द्रमा व सूर्य की आकर्षण शक्ति के फलस्वरूप सागरीय जल में आन्दोलन प्रारम्भ हो जाता है, जिससे जल का कुछ भाग उच्च तथा कुछ भाग निम्न रहता है। उच्च भाग को ज्वार तथा निम्न भाग को भाटा की संज्ञा दी जाती है।

♣ बृहत् ज्वार⇒ जब सूर्य, चन्द्रमा तथा पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं तो सूर्य तथा चन्द्रमा का आकर्षण बल सम्मिलित रूप से एक ही दिशा में कार्य करता है, जिससे ज्वार तीव्र होता है, जिसे दीर्घ ज्वार की संज्ञा दी जाती है। दीर्घ ज्वार की स्थिति प्रत्येक महीने की पूर्णिमा तथा अमावस्या के दिन होती है।

♣ लघु ज्वार⇒ जब सूर्य तथा चन्द्रमा की स्थिति पृथ्वी से समकोणिक रहती हैं, तो इनका आकर्षण बल अलग-अलग कार्य करता है। जिससे ज्वार की तीव्रता अल्प होती है। इसे लघु ज्वार की संज्ञा दी जाती है।

♣ इन्द्र धनुष⇒ सूर्य की किरणों के सामने वर्षा की बूंदों के पड़ने से अपवर्तन तथा परावर्तन के कारण निर्मित एक सप्त रंगी चाप इन्द्र धनुष के नाम से जाना जाता है।

♣ वृष्टि छाया⇒ पर्वत का वह भाग, जहां पर हवाएं वर्षा करके गर्म होकर उतरती हैं, तो न्यून वर्षा करती हैं, वह वृष्टि छाया कहलाता है।

♣ कोयम्बैंग⇒ जावा की स्थानीय पवन है। इसके प्रवाहित होने पर यहां की तम्बाकू इत्यादि की फसल नष्ट हो जाती है।

♣ समुद्री जलवायु⇒ द्वीपीय एवं महाद्वीपीय समुद्र तटों की जलवायु अन्य की अपेक्षा भिन्न है, क्योंकि दैनिक एवं ऋतुवत् तापान्तर अल्प होता है। वर्षा की अधिकता वताग्रों के कारण यहां पर सम्भव होती है।

♣ पर्वतीय वर्षा⇒ आर्द्रतायुक्त पवनों के प्रवाह मार्ग में जब पर्वत पड़ जाते हैं, तो ये हवाएं उछाल दी जाती हैं, जिससे रुद्रोष्म तापह्रास दर से इनका संघनन होता है। वायु के संतृप्त होने पर वर्षा प्रारम्भ होती है, जो पर्वतीय वर्षा कहलाती है। पर्वतीय ढालों पर प्रारम्भ में वर्षा कम तथा इसके बाद मात्रा बढ़ती जाती है, पुनः घटती जाती है।

♣ ध्रुवीय पवनें⇒ ध्रुवीय पवनों तथा उष्ण कटिबन्धीय पवनों को अलग करने वाले वाताग्र को ध्रुवीय वाताग्र की संज्ञा दी जाती है।

♣ वर्षा⇒ वर्षा वह प्रक्रिया है, जिसमें आरोही वायु के संतृप्त होने, शीतलित जल सीकरों के मध्य कुछ हिमकणों की उपस्थिति, जल बिन्दुकाओं का विकास तथा वायुमण्डल के विभिन्न स्तरों से गुजरकर जल बिन्दुओं के रूप में बरस पड़ती है।

♣ तापान्तर⇒ किसी स्थान का एक निश्चित अवधि के उच्चतम एवं न्यूनतम तापमान के अन्तर को तापान्तर कहते हैं।

♣ स्थानीय पवन⇒ किसी स्थान विशेष की पवने जो स्थानीय निम्न व उच्च वायुदाब के कारण उत्पन्न वायुदाब प्रवणता के कारण प्रवाहित होती हैं।

♣ कैम्पो⇒ मध्य ब्राजील के उष्ण कटिबन्धीय घास के मैदान व सवाना घास के मैदान को कम्पो की संज्ञा दी जाती है।

♣ महाद्वीप⇒ गैसीय पुंज के शीतलन तथा ठोसीकरण के फलस्वरूप पृथ्वी की ऊपरी पपड़ी कठोर हुई। शीतलन की प्रक्रिया के समय संकुचन के कारण कुछ भाग ऊंचा व कुछ भाग नीचा हो गया। ऊंचे भाग को महाद्वीप तथा नीचे भाग को, जहां जल भर गया, महासागर कहलाया।

♣ महाद्वीपीय विस्थापन⇒ महाद्वीप या पृथ्वी की बाह्य कठोर परत किसी गाढ़े द्रव पर तैर रही है। गुरुत्वाकर्षण तथा अन्य अनेक भू गर्भिक कारणों से अतीत में बृहत् स्तर पर इन महाद्वीपों का विस्थापन हुआ। इस सिद्धान्त का प्रतिपादन वेगनर महोदय ने किया था।

♣ धारा⇒ समुद्र जलराशि जब एक निश्चित दिशा में प्रवाहित होती है, तो उसे धारा कहते हैं।

♣ निक्षेपण⇒ यह वह क्रिया है, जिसमें अपरदनात्मक कारक मलवा का परिवहन करके किसी स्थान पर जमा करते हैं।

♣ पृथ्वी⇒ जलवायुविक दशाओं एवं मानव से युक्त सौर मण्डल का एक सदस्य ग्रह, जो अपने निश्चित पथ पर सूर्य का चक्कर लगाती है।

♣ भूकम्प⇒ भूगर्भिक या बाह्य कारणों के फलस्वरूप पृथ्वी की बाह्य पपड़ी में उत्पन्न होने वाले कम्पन को भूकम्प की संज्ञा दी जाती है।

♣ पारिस्थितिकी⇒ यह ऐसा तंत्र है जिसमें जीव एवं उनके वातावरण के पारस्परिक सम्बन्ध विद्यमान है।

♣ वातावरण⇒ जीवों के चारों ओर व्याप्त परिवेश वातावरण कहलाता है।

♣ भूमध्य रेखा या वृहत् वृत्त⇒ 0º अक्षाश रेखा, जो दोनों ध्रुवों से समान दूरी पर स्थित है तथा पृथ्वी के अक्ष को समकोण पर काटती है। इसकी लम्बाई 40,069 किलोमीटर है।

♣ ब्लॉक पर्वत⇒ दो समानान्तर भ्रंशों के मध्य का वृहत भाग के उत्थित होने से जिस पर्वत का निर्माण होता है, उसे ब्लॉक पर्वत की संज्ञा दी जाती है।

♣ वलित पर्वत⇒ अपरदन के विभिन्न कारकों के द्वारा मलवा का निक्षेपण भूसन्नति में होता है। प्लेटों के खिसकाव के कारण या अन्य भूगर्भिक कारणों से मलवा में वलन होता है, तब जिस पर्वत का निर्माण होता है, उसे दलित पर्वत की संज्ञा दी जाती है।

♣ भू-सन्नति⇒ भू-सन्नतियाँ लंबे, संकरे तथा उथले जलीय भाग होती है, जिनमें तलछटिय निक्षेप के साथ-साथ तली में धंसाव होता है। वर्तमान समय में प्राय: सभी विद्वानों की यह मान्यता है कि प्राचीन और नवीन वलित पर्वतों का आविर्भाव भू-सन्नतियाँ से हुआ है। जैसे- रॉकी भूसन्नति से रॉकी पर्वत, यूराल भू-सन्नति से यूराल पर्वत तथा टेथिस भू-सन्नति से महान हिमालय पर्वतों का निर्माण हुआ।

♣ हिमनदन⇒ वह समय जिसमें हिमानी क्षेत्रों में हिमानी क्रियाएं होती है।

♣ हिमानी या हिमनद⇒ हिम का विस्तृत खण्ड जो गुरुत्व के कारण हिम क्षेत्रों में गतिशील रहता है।

♣ हिम झंझावात⇒ सूक्ष्म हिमकणों के प्रचण्ड तूफान को हिम झंझावात कहते हैं।

♣ समीर⇒ हल्के वायुदाब प्रवणता के फलस्वरूप जब हवाएं एक स्थान से दूसरे स्थान को प्रवाहित होती हैं, तो उन्हें समीर की संज्ञा दी जाती है।

♣ स्थल समीर⇒ रात में जब स्थलीय भाग पर वायुदाब अधिक तथा सागरीय भाग में बायुदाब न्यून रहता है, तो हवाएं स्थल से जल की तरफ प्रवाहित होती है, इन्हें स्थल समीर कहते हैं।

♣ मानसून⇒ ये हवाएं मौसमी होती है। ग्रीष्मकाल में सागर से स्थल की ओर 6 महीने तथा शीतकाल में स्थल से सागर की ओर 6 महीने प्रवाहित होती है। इसकी उत्पत्ति में वायुदाब प्रवणता तिब्बत के पठार के ऊपर प्रतिचक्रवातीय दशाएं, पूर्वी जेट स्ट्रीम की स्थिति आदि महत्वपूर्ण कारक उत्तरदायी हैं।

♣ ध्रुवीय पवन⇒ अत्यन्त शीतल हवाएं जो ध्रुवों से शीतोष्ण प्रदेशों की ओर प्रवाहित होती है, उन्हें ध्रुवीय पवन कहते हैं।

♣ तूफानी चालीसा या गरजता चालीसा⇒ 40° से 60° दक्षिणी अक्षांशों के मध्य तीव्र गति से प्रवाहित होने वाली पवन है।

♣ रेतीला तूफान⇒ मरु प्रदेशों में 15 मीटर की ऊंचाई तक बालू के कणों की आंधी चलती है जिसे रेतीला तूफान कहते हैं।

♣ सिमून⇒ सहारा मरुस्थल में कष्टप्रद, शुष्क तथा लू की भांति प्रवाहित होने वाली पवन को सिमून कहते हैं।

♣ पश्चिमी हवाएं⇒ दोनों गोलाद्धों में 35° से 65° अक्षांशों के मध्य प्रवाहित होने वाली पवनों को पछुवा पवन की संज्ञा दी जाती है।

♣ चिनूक⇒ संयुक्त राज्य अमेरिका में रॉकी पर्वत के पश्चिमी ढाल पर उतरने वाली पवन को चिनूक कहते हैं। ये हवाएं रॉकी के पूर्वी ढाल के सहारे आरोहण करती हैं। शुष्क रुद्धोष्म तापह्रास दर से शीतलन, संघनन तथा वर्षा होती है। ऊंचाई पर जाने पर इनकी आर्द्रता सामर्थ्य समाप्त हो जाती है तथा ये हवाएं गर्म होकर रॉकी के पूर्वी ढाल के सहारे नीचे उतरती हैं।

♣ शीत वाताग्र⇒ शीतोष्ण कटिबन्धीय चक्रवात में जिस वाताग्र के सहारे शीत वायु गति करती है, उसे शीत वाताग्र की संज्ञा दी जाती है। इस वाताग्र के आगमन से मौसम बदल जाता है।

♣ शीत ध्रुव⇒ उत्तरी तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे शीतल भाग को शीत ध्रुव की संज्ञा दी जाती है।

♣ संघनन⇒ वायु का आरोहण की प्रक्रिया के फलस्वरूप वायु में विद्यमान जल वाष्प ठोस रूप में परिवर्तित हो जाती है, इसे संघनन कहते हैं।

♣ चक्रवात⇒ चक्रवात उस वायुमण्डलीय परिस्थिति को कहते हैं जिसमें हवाएँ एक निम्न वायुदाब केन्द्र के चारों ओर घूमने की प्रवृत्ति रखती है। चक्रवात में ज्यों ही किसी स्थान पर निम्न वायुदाब केन्द्र का निर्माण होता है त्यों ही उच्च वायुदाब केन्द्र से हवाएँ निम्न वायुदाब केन्द्र की ओर दौड़ने लगती है। उच्च वायुदाब केन्द्र से आने वाली हवाओं का मुख्य उद्देश्य निम्न वायुदाब केन्द्र को समाप्त करना होता है। लेकिन निम्न वायुदाब केन्द्र की ओर दौड़ने वाली हवाएँ पृथ्वी की घूर्णन गति के प्रभाव में आकार उत्तरी गोलार्द्ध में घड़ी की सूई के विपरीत (Anticlock wise) और दक्षिण गोलार्द्ध में घड़ी की सुई की दिशा (Clock wise) में घुमने लगती हैं।

♣ डोलड्रम⇒ विषुवत रेखीय निम्न वायुदाब की पेटी जिसमें व्यापारिक व उत्तरी-पूर्वी हवाएं सम्मिलित रूप से प्रवाहित होती हैं। यहां पर वायु का आरोहण भी परिलक्षित होता है।

♣ तुषार⇒ जब वायुमण्डलीय तापमान OºC या इससे कम होता है, तो वायुमण्डल में व्याप्त वाष्प छोटे-छोटे वर्फ कणों में बदल कर धरातल, वनस्पतियों व घासों पर जमा हो जाता है, उसे तुषार कहते हैं। 

♣ ओला⇒ कपासी वर्षी मेघ से गिरने वाली 5 मिलीमीटर या इससे अधिक व्यास वाली बर्फ के कण को ओला की संज्ञा दी जाती है।

♣ हरीकेन⇒ मेक्सिको की खाड़ी में आने वाले चक्रवातीय तूफान को हरीकेन कहते हैं।

♣ हीदरग्राफ⇒ यह एक ऐसा रेखाग्राफ है जिसमें निश्चित अवधि के तापमान (ऊर्ध्वाधर रेखा) व वर्षा (क्षैतिज रेखा) को प्रदर्शित किया जाता है।

♣ हिमगव्हर⇒ हिमानी प्रदेशों में हिमानी द्वारा अपरदित वृत्ताकार गर्त को हिमगव्हर की संज्ञा की दी जाती है।

♣ भृगु⇒ सागरीय लहरें तटवर्ती क्षेत्रों में मुलायम चट्टानों का अपरदन कर लेती हैं, परन्तु कठोर चट्टाने सागर-जल के ऊपर निकली रहती है, उसे भृगु की संज्ञा दी जाती है।

♣ शंकु⇒ ज्वालामुखी के उदगार में निकले लावा के द्वारा कभी-कभी शंकु के आकार में निक्षेप होता है, जिसे शंकु की संज्ञा दी जाती है।

♣ क्रेटर⇒ ज्वालामुखी शिखर में कीपाकार गर्त, जिससे कभी-कभी ज्वालामुखी उद्गार होता है, उसे क्रेटर कहते हैं।

♣ डेल्टा⇒ नदियाँ अपनी अन्तिम अवस्था में मुहाने पर ग्रीक अक्षर डेल्टा की भांति जमाव करती हैं, जिन्हें डेल्टा की संज्ञा दी जाती है।

♣ निक्षेपण⇒ यह वह क्रिया है, जिसमें अपरदनात्मक प्रक्रम पवन, हिमानी, परिहिमानी, सागरीय लहरें, नदियों, आदि के द्वारा मलवा जमाव होता है।

♣ मरुस्थल⇒ यह ऐसा विस्तृत भू-भाग है, जिसमें न्यून वर्षा, बालू की अधिकता, छोटी व कंटीली झाडियाँ विद्यमान होती हैं।

♣ टिब्बा⇒ मरुस्थलीय प्रदेशों में पवन के जमाव द्वारा निर्मित गुम्बदाकार छोटी-छोटी बालू की पहाड़ियों को टिब्बा कहा जाता है।

♣ डाइक⇒ ज्वालामुखी के उद्गार के बाद लावा के शीतल तथा उसके अपरदन के बाद कठोर ग्रेनाइट का निकला हुआ भाग डाइक कहलाता है। अर्थात जब मैग्मा पदार्थ अपने स्रोत क्षेत्र से ऊपर उठकर लम्बत ठोस होता है तो उसे डाइक कहते है।

♣ कगार⇒ सारगीय लहरें अपरदन करके तटवर्ती क्षेत्रों में काफी दूर खोखला भाग बना देती है, जबकि ऊपर चट्टानें विद्यमान रहती हैं, जिसे कगार की संज्ञा दी जाती है।

♣ एस्कर⇒ हिमानी क्षेत्रों में हिम नदियाँ अपरदित पदार्थों को कटक के रूप में जमा करती है, जिसे एस्कर की संज्ञा दी जाती है।

♣ एस्चुअरी⇒ सागरीय क्षेत्रों में नदी का यह मुहाना, जिसमें प्रायः ज्वार आता रहता है। इसका निर्माण उच्च ज्वार वाले क्षेत्र में होता है तथा ऐसे नदियाँ इनका निर्माण करती हैं जो रिफ्ट घाटी से होते हुए बहती हैं। अरब सागर में गिरने वाली सभी नदियाँ एस्चुअरी का निर्माण करती है।

♣ भ्रंशन⇒ ऐसी दरार जो चट्टानों में भूगर्भिक या बाह्य कारणों से निर्मित होती है, उसे भ्रंशन की संज्ञा दी जाती है।

♣ फियोर्ड⇒ सागर तटवर्ती क्षेत्रों में ऐसा समतल मैदान जो हिमनदियों की घाटियों के धंसाव के फलस्वरूप निर्मित होता है।

♣ वलन⇒ भूगर्भिक या बाह्य शक्तियों द्वारा चट्टानों में दबाव की क्रिया होती है तो तोड़-मरोड़ उठती है, जिससे इनका कुछ भाग ऊंचा तथा कुछ भाग नीचा हो जाता है, इसे वलन कहते हैं।

♣ गॉर्ज⇒ तीव्र पार्श्ववर्ती ढालों वाली गहरी व संकीर्ण घाटी को गॉर्ज कहते हैं।

♣ खाड़ी⇒ समुद्र तटीय क्षेत्रों में जल स्थलीय भागों में इस तरह प्रवेश किए हुए रहता है, जिसके तीन ओर सागर रहता है। प्रत्येक खाड़ी कोई न कोई वृहत सरिता अपना मुहाना अवश्य बनाती है। इसका निर्माण भूपटल विभंजन तथा धरातलीय अवतलन के फलस्वरूप होता है।

♣ केन्द्र स्थल⇒ किसी प्रदेश का वह भाग जो उसकी समृद्धि व विकास का आधार हो तथा उस प्रदेश की अधिकांश सेवाएं वहां से प्रदान की जाती हों।

♣ हार्स्ट⇒ दो दरारों या भ्रंशों का मध्य भाग जब ऊपर उठ जाता है, तो वह हार्स्ट कहलाता है।

टेकरी⇒ अपरदन के अवशिष्ट भाग जो गोल व लघु पहाड़ी के रूप में होता है, उसे टेकरी कहते हैं।

♣ सिन्धु पंक⇒ समुद्र तल में समुद्री निक्षेप जो अत्यन्त सूक्ष्म होते हैं, वे सिन्धु पंक कहलाते हैं।

♣ प्रायद्वीप⇒ यह वह स्थलीय भाग है जो तीन और समुद्रों से घिरा रहता है।

♣ पठार⇒ कठोर, समतल पृष्ठ से युक्त, तीव्र ढाल वाले किनारों से युक्त उत्थित या अपरदित स्थलखण्ड जो लगभग 300 मीटर से 900 मीटर ऊंचा हो उसे पठार कहते हैं।

♣ प्रदेश⇒ भूपृष्ठ की यह लघु इकाई, जिसमें साम्यता विद्यमान हो तथा अपने निकटवर्ती क्षेत्रों से सर्वथा भिन्न हो, उसे प्रदेश की संज्ञा दी जाती है।

♣ युवाला⇒ घोलीकरण द्वारा निर्मित विस्तृत गर्त जो डोलाइन से बड़ा होता है, उसे युवाला कहते हैं। यह स्थलाकृति कार्स्ट प्रदेश में होती है।

♣ घाटी⇒ उच्च भूमि से घिरी निम्न भूमि जिसका निर्माण नदियाँ अपनी अपरदनात्मक प्रक्रिया द्वारा करती है।

♣ अवशोषण⇒ वायुमण्डल में विद्यमान जलवाष्प तथा गैसें और विकिरण की लघु तरंगों का शोषण करते हैं, जो वायुमंडलीय अवशोषण कहलाता है।

♣ अभिवहन⇒ वायुमण्डल में ऊष्मा का क्षैतिजवत् एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानान्तरण होता है, तब इस क्रिया को अभिवहन करते हैं।

♣ आर्द्रता⇒ गैंसों के साथ वायु में जो जलवाष्प की मात्रा होती है, उसे वायुमण्डलीय आर्द्रता कहते हैं।

♣ आयनमण्डल⇒ धरातल से लगभग 80 किलोमीटर से 500 किलोमीटर तक मध्य्मंडल के ऊपर स्थित वायुमण्डलीय स्तर को आयनमण्डल कहते हैं। निम्न वायुदाब के कारण पराबैगनी फोटान्स तथा तीव्रगति वाले कणों के द्वारा वायुमण्डल पर अनवरत प्रहार से गैसों का आयनन जाता है। इसी आयनन के प्रभाव से इस स्तर का नामकरण आयनमण्डल किया गया।

♣ उष्मा स्थानांतरण⇒ ऊष्मा का एक स्थान से दूसरे स्थान, एक वस्तु से दूसरी वस्तु में संचार उष्मा का स्थानान्तरण कहलाता है।

♣ एल्बिडो⇒ अन्तरिक्ष की ओर परावर्तित विकिरण तथा आपतित विकिरण की मात्रा के अनुपात को पृथ्वी का एल्बिडो कहा जाता है।

♣ ओस⇒ स्वच्छ तथा शान्त मौसम में सूर्यास्त के पश्चात् धरातल के सन्निकट वायु में निहित जलवाष्प के संघनन द्वारा क्षैतिज तल में संचित शीतलित जल की बूंदों को ओस करते हैं।

♣ कोहरा⇒ धरातल के सत्रिकट आर्द्र वायु में शीतलन तथा संघनन की क्रिया होती है, तो जल या हिम के असंख्य सूक्ष्म कण उपस्थित हो जाते हैं, जिससे वायुमण्डल की पारदर्शकता एक किलोमीटर से कम हो जाती है, तब इसे कोहरा कहा जाता है।

♣ धुन्ध⇒ जब जल या हिम कणों की संख्या इतनी कम रहती है कि इसकी पारदर्शीकता एक किलोमीटर से अधिक हो जाती है, तब उसे घुन्ध कहते हैं।

♣ कृष्णिका विकिरण⇒ विकिरण की अधिकतम मात्रा जो किसी दिये गये तापक्रम पर होती है, उसे कृष्णिका विकिरण कहते हैं।

♣ मौसम विज्ञान⇒ मौसम विज्ञान वह विज्ञान है जो मौसम के प्रत्येक तत्व का वैज्ञानिक विश्लेषण करता है।

♣ मेट्रोलॉजी⇒ मेट्रोलॉजी (मौसम विज्ञान) शब्द ‘मेटोलॉजी’ से लिया गया है जिसका तात्पर्य है- ‘ऊपर की वस्तुओं का विवेचन’। अर्थात् वायुमण्डल की दशाओं का विश्लेषण इसके अन्तर्गत किया जाता है।

♣ रुद्धोष्म ताप परिवर्तन⇒ किसी वस्तु का ऐसा परिवर्तन जिसमें वह वस्तु किसी बाहरी माध्यम से न ऊष्मा ग्रहण करे न तो उसे ऊष्मा दे, फिर भी उसका ताप बदल जाय, तब वह परिवर्तन रुद्धोष्म परिवर्तन कहलाता है।

       किसी वायु का आरोहण होता है तो उस वायु का शीतलन 1º सेन्टीग्रेड प्रति 165 मीटर की दर से होता है। इस ताप ह्रास दर को रुद्धोष्म ताप परिवर्तन कहते हैं। इसी प्रकार जब किसी वायु का अवरोहण होता है तो उसके ताप में 1º सेन्टीग्रेड प्रति 165 मीटर की दर से वृद्धि होती है।

♣ वर्षण⇒ धरातल पर वायुमंडल से जल तरलावस्था या ठोस रूप में गिरता है, तब इसे वर्षण या अवक्षेपण कहा जाता है।

♣ फुहार⇒ जब वायु प्रवाह की दिशा में उड़ती हुई जल वर्षा की बूंदे जो सूक्ष्म, सघन तथा समान आकार वाली होती हैं, धरातल पर गिरती है, तब उसे फुहार कहते हैं।

♣ जल वृष्टि⇒ तरलावस्था में होने वाली वृष्टि है। जब जल की बूँदें तथा हिम साथ-साथ धरातल पर गिरते हैं, तो इसे सहिम वृष्टि कहते हैं।

♣ वाताग्र⇒ जब विभिन्न तापमान, आर्द्रता तथा घनत्व वाली वायु राशियाँ परस्पर मिलती हैं तो इनका पृथकत्व एक सीमा प्रदेश के द्वारा होता है, जिसे वाताग्र कहते हैं।

      जब उष्ण वायु धरातल को छोड़ कर शीतल वायु के ऊपर उठती है तथा जिसके माध्यम से इन दोनों में पृथकत्व होता है तो उसे उष्ण वाताग्र कहते हैं। जब शीतल वायु गतिशील होकर गर्म वायु को प्रतिस्थापित करती है, तब शीतल वायु का अग्र बढ़ता हुआ किनारा शीत वाताग्र कहलाता है।

♣ वायु राशि⇒ किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में समान भौतिक विशेषताओं के साथ उपस्थित वायुपूँज को वायुराशि कहते हैं। यहाँ समान भौतिक विशेषता का तात्पर्य वायु के तापमान, आर्द्रता एवं स्थिरता जैसे गुणों से होता है। जहाँ इन गुणों में एकाएक असमानता प्रकट होती है वहीं वायुराशि की सीमा समझी जाती है। किसी भी वायुराशि की भौतिक गुण स्रोत क्षेत्र, सतह की विशेषता, निम्न अथवा उच्च अक्षांशीय क्षेत्र में गमन एवं समय पर निर्भर करता है।

♣ वायुदाब⇒ धरातल पर पड़ने वाला वायु के भार का दबाव ही वायुदाब है।

♣वायुमण्डल⇒ भू-पृष्ठ के चरों ओर हजारों किलोमीटर मोटे फैले गैसीय आवरण को वायुमण्डल कहा जाता है। इसमें मुख्यतः 9 प्रकार की गैसें ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, आर्गन, कार्बन डाइआक्साइड, हाइड्रोजन, नियॉन, हीलियम, क्रिप्टोन तथा जेनन पायी जाती हैं। वायुमण्डल में गैसों के अतिरिक्त जलवाष्प तथा धूलकण भी पर्याप्त मात्रा में विद्यमान हैं।

♣ वाष्पीकरण⇒ किसी भी ताप पर जब कोई द्रव धीरे-धीरे गैस में परिवर्तित होता है, तब इस प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहा जाता है। जल से जब गैस बनती है तो वह जल वाष्प कहलाती है।

♣ संघनन⇒ जल वाष्प गैसीय अवस्था से जिस प्रक्रिया द्वारा तरल अवस्था में परिवर्तित होता है, उस प्रक्रिया को संघनन कहते हैं।

♣ संतृप्त वायु⇒ किसी निश्चित वायु राशि में जल की इतनी मात्रा रहती है कि वह और जल वाष्प की मात्रा को ग्रहण नहीं कर सकती है, उसे संतृप्त वायु कहते हैं।

♣ समताप मण्डल⇒ वायुमण्डल में ट्रोपोपाज के बाद के स्तर को समताप मण्डल कहते हैं, जिसकी धरातल से औसत 50 किलोमीटर मानी जाती है। इस मण्डल के प्रत्येक भाग में ताप समान पाया जाता है। इसमें मेघ, जलवाष्प, धूलकण आदि नहीं होते हैं।

♣ सूर्यातप⇒ सूर्य विकीर्ण ऊर्जा का वह भाग जो पृथ्वी की ओर प्रवाहित होता है, उसे सूर्यातप कहते हैं।

♣ सौर स्थिरांक⇒ वायुमण्डल के वाह्य भाग में एक वर्ग सेन्टीमीटर तल पर एक मिनट तक लम्बवत् पड़ने वाली सूर्य की किरणों से प्राप्त ऊर्जा की मात्रा को सौर स्थिरांक (ऊष्मांक) कहते हैं।

♣ कृत्रिम वर्षा⇒ कृत्रिम वर्षा एक प्रक्रिया है, जिसमें एक विशेष प्रकार के मेघों में (जिसमें वर्षा की संभावना रहती है) कृत्रिम तरीकों से संतृप्त करके वर्षा करायी जाती है।

♣ जलवायु⇒ किसी प्रदेश की वायुमण्डलीय दशाओं का दीर्घकालीन औसत को उस प्रदेश की जलवायु कहा जाता है। जलवायु को आंग्ल भाषा में ‘क्लाइमेट’ कहा जाता है।

    क्लाइमेट शब्द की व्युत्पत्ति ग्रीक भाषा के ‘क्लाइमा’ शब्द से हुई है, जिसका अर्थ झुकाव होता है। ग्रीक विद्वानों ने सूर्य की किरणों के झुकाव से उत्पन्न तापमान की विषमता के लिए इसका प्रयोग किया था।

♣ जलवायु प्रदेश⇒ भू-पृष्ठ का वह भाग, जिसमें जलवायवीय तत्वों में स्थानीय विभेदों के बावजूद इनमें अनेक समानताएं विद्यमानहती है, जिससे वह अपने निकटवर्ती क्षेत्रों से भिन्न होता है, उसे जलवायु प्रदेश कहते है।

♣ जल-वाष्प⇒ वायु में उपस्थित जल की मात्रा को जलवाष्प कहते हैं। वायुमण्डल में 8,000 मीटर तक जल वाष्प की 90 प्रतिशत मात्रा विद्यमान होती है।

♣ जलवायु के तत्व⇒ 1. वायुदाब, 2. पवन, 3. आर्द्रता तथा वर्षण, 4. मेघ, 5. वायु का तापमान, 6. सौर विकिरण।

♣ जेट स्ट्रीम⇒ ऊपरी वायुमण्डल में अर्थात क्षोभमंडल के ऊपर तथा समताप मंडल के नीचे क्षैतिज एवं तीव्र गति से चलने वाले वायु को जेट स्ट्रीम कहते हैं। यह हवा प्रायः 9-18 km की ऊँचाई के बीच चलती है।

     इस जेटस्ट्रीम की खोज द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने किया था। कालान्तर में स्वीडिश वैज्ञानिक रॉक्सबी (स्वेडेन) ने इसका व्यापक अध्ययन किया। इसलिए उनके नाम पर इसे रॉक्सबी तरंग भी कहते हैं।

♣ जल-स्तम्भ⇒ जापान, चीन तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वी तटों से थोड़ी दूर सागर-तल पर उत्पन्न टॉरनेडो, जो अपने कीप में समुद्र के जल को कुछ ऊपर तक उठा लेते हैं तथा जिनका ऊपरी भाग अपने निचले भाग की अपेक्षा अधिक तीव्रगति से गतिशील होता है, को जल-स्तम्भ कहते हैं।

♣ टॉरनेडो⇒ संयुक्त राज्य अमेरिका के तटीय क्षेत्रों में अल्प अवधि वाला प्रचण्ड तूफान टॉरनेडो कहलाता है, जिसका व्यास 30 मीटर से 1,500 मीटर, लम्बाई 150 से 600 मीटर, ऊंचाई 320 किलोमीटर तथा गति 32 से 64 किलोमीटर प्रति घण्टा होती है। इसमें तेज आंधी, मूसलाधार वर्षा, ओले, मेघ गर्जन तथा बिजली की चमक सभी लक्षण विद्यमान रहते हैं। इनका सम्पूर्ण जीवन-काल लगभग 3 मिनट तक का होता है।

♣ टाइफून (हरीकेन)⇒ टाइफून उष्ण कटिबन्धीय चक्रवात होता है, जिसे जापान में टाइफून के नाम से जाना जाता है। एक प्रचण्ड एवं गहरा चक्रवातीय भ्रमिल होता है, जिसके केन्द्र में न्यून वायुदाब होता है, जिससे केन्द्रोन्मुखी प्रवाह, मध्य में तीव्रगति से ऊपर की ओर प्रवाह तथा शीर्ष भाग में वायु का निःस्राव होता है। इसका व्यास 500 से 800 किलोमीटर तथा ये 120 से 240 किलोमीटर प्रति घण्टा की गति से 10 से 15 किलोमीटर की ऊंचाई तक विस्तीर्ण 8° से 15° उत्तरी अक्षांशों के मध्य चलते हैं।

♣ तड़ित झंझा⇒ तड़ित झंझा मेघ गर्जन तथा बिजली की चमक से युक्त प्रचण्ड स्थानीय तूफान एवं वायुमण्डलीय विक्षोभ है, जिसका व्यास 4 किलोमीटर होता है। उष्ण कटिबन्धीय तथा शीतोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में ग्रीष्म ऋतु में वायु राशियों के अभिसरण द्वारा इनकी उत्पत्ति होती है।

♣ तापमान⇒ वायुमण्डल की ऊष्मीय अवस्था बतलाने वाला तापमान होता है। तापमान किसी पदार्थ के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का मापन करता है।

♣ ऊष्मा⇒ किसी पदार्थ के अणुओं की सम्पूर्ण गतिज ऊर्जा की द्योतक है।

♣ दैनिक तापचक्र⇒ सूर्योदय से आकाश में सूर्य की ऊंचाई बढ़ने से तापमान में तीव्रगति वृद्धि, दो से तीन बजे तक अधिकतम तापमान, तत्पश्चात् सूर्योदय तक ताप ह्रास होता है, जिसे दैनिक ताप चक्र कहा जाता है।

♣ दैनिक तापान्तर⇒ किसी स्थान विशेष दैनिक का तापान्तर उस स्थान के अधिकतम तापमान तथा न्यूनतम् तापमान के अन्तर को कहते हैं।

    औसत दैनिक तापांतर उस स्थान के औसत उच्चतम तापमान तथा औसत न्यूनतम तापमान के अन्तर को औसत दैनिक तापान्तर कहते हैं।

♣ तापमाप्रवणता⇒ तापमान की भिन्नता के कारण उच्च तथा निम्न वायु दाब स्थापित होते हैं, जिससे उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर ढाल बन जाता है, जिसे तापमान प्रवणता कहते हैं।

      तापमान में ऊपर की ह्रास दर को ऊर्ध्वाधर तापमान प्रवणता तथा क्षैतिजवत् तापमान के ह्रास को तापमान की क्षैतिज प्रवणता कहते हैं।

♣ तापमान-व्युत्क्रमणता⇒ वायुमण्डल में धरातल के निकट शीतल वायु तथा ऊपर उष्ण वायु की स्थिति जब सामान्य ताप ह्रास के विपरीत होती है, तब उसे तापमान की व्युक्रमणता कहते हैं।

♣ वार्षिक तापांतर⇒ एक वर्ष में किसी स्थान का सबसे गर्म महीने तथा सबसे ठंडे महीने के औसत तापमान का अन्तर किसी स्थान का वार्षिक तापान्तर कहलाता है।

♣ धूल कण⇒ वायुमण्डल में जल-वाष्प या गैसों के अतिरिक्त जितने भी ठोस पदार्थ कण के रूप में में विद्यमान रहते हैं, उनको धूल कण कहते हैं।

♣ पर्वतीय वर्षा⇒ वाष्प से युक्त प्रवाहित पवनों के मार्ग में पर्वतों के अवरोध से व्यवधान उत्पन्न होता है, जिससे ये पवनें उछाल दी जाती हैं, जिनका शीतलन रुद्धोष्म ताप ह्रास दर से होता है, जिससे संघनन की क्रिया तथा वर्षा होती है। इस प्रकार की वर्षा को पर्वतीय वर्षा कहते हैं।

♣ पछुवा पवन⇒ दोनों गोलर्द्धों में 35° से 60° अक्षांशों के बीच, कोरियालिस बल के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में उत्तर-पश्चिम दिशा में प्रवाहित होने वाली पवनों को पछुवा पवन कहते हैं। दक्षिणी गोलार्द्ध में इसका वेग अत्यन्त तीव्र होता है जिस कारण इसे गरजने वाली चालीसा, प्रचण्ड पचासा आदि नामों से सम्बोधित करते हैं।

♣ प्रकीर्णन⇒ वायुमण्डल में वायु के अणु, जल वाष्प, धूल-कण आदि के सूक्ष्म कण तैरते रहते हैं, जिनसे सौर ऊर्जा की लघु तरंगों का चारो तरफ बिखराव होता है। यह प्रक्रिया प्रकीर्णन कहलाती है।

♣ पार्थिव विकिरण⇒ सौर विकिरण से ऊर्जा की जितनी मात्रा सम्पूर्ण पृथ्वी को वर्ष भर में प्राप्त होती है, पृथ्वी उसे पुनः विकिरण द्वारा वापस लौटा देती है, उसे पार्थिव विकिरण कहते हैं।

♣ फॉन⇒ जब वायु राशि या चक्रवात आल्प्स पर्वत के उत्तर से गुजरता है तो दक्षिण से आने वाली पवनों को इस पर्वत को पार करना पड़ता है, परन्तु ऊंचाई अधिक होने के कारण इसे पार नहीं कर पाती, बल्कि इससे टकरा जाती हैं, जिससे उछाल दी जाती हैं। उछाली गई वायु का आरोहण तथा रुद्धोष्म ताप ह्रास दर से शीतल होता है, जिससे संघनन तथा वृष्टि होती है। जब गर्म होती है तथा आल्प्स के विमुख ढाल पर उतरती हैं तो रुद्धोष्म दर से इनके ताप में वृद्धि होती है। ये हवाएं गर्म तथा झोकेदार होती हैं जिसे फॉन कहा जाता है। इस वायु का प्रवाह बसन्त ऋतु के प्रारम्भ में होता है, जिससे बर्फ पिघल जाती है।

♣मानसून⇒ मानसून मौसमी पवनें होती हैं जो शीत ऋतु में महाद्वीपों से महासागर की ओर तथा ग्रीष्म ऋतु में महासागरों से महाद्वीपों की ओर प्रवाहित होती हैं।

   ऋतु परिवर्तन से वायुदाब में परिवर्तन हो जाता है जिससे इनकी दिशा परिवर्तित हो जाती है, फलतः 6 महीने स्थल से जल तथा अगले 6 महीने जल से स्थल की ओर प्रवाहित होती हैं।

♣ मेघ⇒ वायुमण्डल में विभिन्न ऊंचाइयों पर जल-वाष्प के संघनन की प्रक्रिया के फलस्वरूप निर्मित हिमकणों या जलसीकरों की राशि को मेघ कहते हैं। जलवायविक दृष्टि से मेघों का अत्यन्त महत्त्व होता है।

♣ मौसम⇒ मौसम किसी स्थान की अल्पकालिक वायुमण्डलीय दशा (तापमान, वायु दाब, पवन, आर्द्रता एवं वृष्टि) है।

♣ मौसम के तत्व⇒ तापमान, आर्द्रता, वायुदाब, पवन, वृष्टि आदि मौसम के तत्व है।

♣ बेलांचली धारा (Littoral Current)⇒ बेलांचली धारा तट के समानान्तर प्रवाहित होती है तथा अपरदित पदार्थों के परिवहन में अत्यधिक महायता करती है, इसकी उत्पत्ति दो रूपों में होती है-

(i) जब पवन वेग से प्रभावित होकर जल, तट से टक्कर खाता है, तो वह मुड़कर तट के समानान्तर बेलांचली धारा के रूप में प्रवाहित होने लगता है।

(ii) पवन वेग के परिणामस्वरूप सागरीय तरंगें तट में तिरछे रूप में टकराती हैं, तो अधिकांश जल तट के समानान्तर बेलांचली धारा के रूप में प्रवाहित होने लगता है।

♣ तरंगिका (Rip Current)⇒ सागरीय लहर का जल जब सर्फ (Surf) के रूप में तट से टकराता है, तो उसका जल कई रूपों में बंट जाता है, कुछ जल बेलांचली धारा के रूप में प्रवाहित हो जाता है और कुछ जल अधः प्रवाह (undertow) के रूप में प्रवाहित होता है तथा कुछ जल तट से लौटकर जल की सतह पर तरंग के रूप में सागर की ओर लौट जाता है. इसी तरंग को तरंगिका कहते हैं।

♣ तटीय क्लिफ (Coastal Cliffs)⇒ सागरीय तरंगों के अपरदन द्वारा उत्पन्न क्लिफ सागर तटीय दृश्यावली का एक प्रमुख तथा विचित्र स्थल रूप है। क्लिफ का निर्माण तरंग द्वारा अपरदन के कारण तट-रेखा के सहारे होता है। अतः इसका निर्माण चट्टान के प्रकार, संरचना तथा स्वभाव और सागरीय अपरदन तथा भूपृष्ठीय अनाच्छादन के सापेक्षिक रूप पर आधारित होता है।

♣ तटीय कन्दरा⇒ सागर तटीय भाग की चट्टानों में जब सन्धियां पूर्णतया विकसित होती हैं, तो सागरीय तरंगें इन संधियों में प्रविष्ट होकर अपरदन करती है, जब इस तरह की कठोर शैलों में कोमल शैलें स्थित होती हैं, तो तरंगें उन्हें शीघ्र काटकर एक छोटी कन्दरा का निर्माण कर देती हैं। धीरे-धीरे अपरदन चलता रहता है और कन्दरा की गहराई तथा आकार दोनों में विस्तार होता रहता है। एक निश्चित समय में पूर्ण विकसित तटीय कन्दरा का निर्माण हो जाता है।

♣ अण्डाकार कटान तथा लघुनिवेशिका (Cove)⇒ जब तट के समानान्तर क्रमशः कठोर तथा कोमल चट्टानों की परतों का विस्तार होता है, तो तरंग का जल कठोर चट्टान की संधियों में प्रविष्ट होकर भीतर चला जाता है। इस कठोर शैल के नीचे कोमल शैल है। अतः प्रविष्ट जल कोमल शैल को भीतर ही भीतर अपरदित करके खोखला बनाता रहता है। इस प्रकार कोमल चट्टान वाले भागों में अण्डाकार कटान तथा उससे निर्मित आकृति को लघु निवेशिका या लघु खाड़ी कहा जाता है।

♣ तरंग-घर्षित वेदी (Wave-cut platform)⇒ जब सागरीय तरंगें क्लिफ से टकराकर उसके आधार पर दांत या खांच का निर्माण करती हैं। तब धीरे-धीरे खांच के विस्तृत होने पर क्लिफ का लटकता हुआ ऊपरी भाग टूटकर गिरने लगता है तथा क्लिफ निरन्तर पीछे हटता जाता है। इस क्रिया के परिणामस्वरूप क्लिफ के सामने के तटीय भाग पर जल के अन्दर एक मैदान का निर्माण हो जाता है जिसको तरंग-घर्षित मैदान या तरंग घर्षित प्लेटफार्म या बेदी कहते हैं।

♣ पुलिन कूट (Beach Ridges)⇒ जिन पुलिन तटों पर निरन्तर पदार्थों का निक्षेपण होता रहता है। वहां पर पुलिन कूटों की रचना हो जाती है, फ्लोरिडा तथा डंगनेश जैसी चौड़ी पुलिनों पर प्रायः कई कूटें देखी जाती हैं।

♣ पुलिन उभयाग्र⇒ जब पुलिन तट के सहारे लगभग समान दूरी पर बालू तथा अन्य अवसाद का त्रिकोण के रूप में निक्षेपण होता है, जिसे पुलिन उभयाग्र कहते हैं। इनकी रचना लहरों के द्वारा समुद्र की ओर प्रक्षिप्त स्थल के अपरदन तथा खाड़ियों में निक्षेपण के फलस्वरूप होती है।

♣ पुलिन (Beaches)⇒ समुद्री लहरों द्वारा तट के अपरदन से जो पदार्थ प्राप्त होता है, वह अधिकांशतः तट के समीप जमा हो जाता है, इस निक्षेप के कारण तट के समीप का क्षेत्र उथला हो जाता है। जलमग्न तट के इस उथले क्षेत्र को ही पुलिन कहते हैं।

♣ अपतटीय बलुई भित्तियाँ (Offshore Bar)⇒ जब लहरों द्वारा निर्मित बलुई भित्ति तट से दूर खुले समुद्र में बनती है, तो उसे अपतटीय बलुई भित्ति कहते हैं। सामान्यतः यह तट रेखा के समानान्तर होती है। इसका ऊपरी भाग जल की सतह से ऊपर उठा हुआ रहता है।

♣ भूजिह्वा (Spit)⇒ जब सागरीय मलवा (कंकड़, पत्थर आदि) का निक्षेप इस तरह होता है कि वह रोधिका के रूप में जल की ओर निकला रहता है, उसे भूजिह्वा (spit) कहते हैं।

♣ संयोजक रोधिका या अर्गला (Connecting Bar or Tombolo) ⇒ जब कभी लहरों द्वारा ऐसी संलग्न भित्तियों का निर्माण होता है, तो तटवर्ती छोटे-छोटे द्वीपों के परस्पर हों अथवा किसी द्वीप को मुख्य स्थल से जोड़ती हों, तो उन्हें संयोजक रोधिका कहा जाता है। इटली में ऐसी भित्तियों को संयोजक अर्गला (Tombolo) कहते हैं।

♣ अंकुश (Hook) ⇒ जब मोड़ने वाली तरंग या धारा अधिक प्रबल हो जाती है तो स्पिट का अग्र भाग तट की ओर मुड़ जाता है। धीरे-धीरे यह मोड़ बढ़ता जाता है तथा कुछ समय बाद यह अंकुश के आकार का हो जाता है। इंगलैण्ड में हम्बर नदी के मुहाने से कुछ दूर स्पर्न हेड के समीप अंकुश के सुन्दर रूप देखे जा सकते हैं।

♣ वात गर्त (Blow out) ⇒ उष्ण मरुस्थली भागों में धरातल के ऊपर बिछी हुई कोमल और असंगठित चट्टानों के टीलों और हल्के कणों को हवा अपने साथ उड़ा ले जाती है, जिससे चट्टानों में पहले छोटे-छोटे गर्तों का आविर्भाव होता है, धीरे-धीरे इन गर्तों के आकार और गहराई में वृद्धि होती जाती है। यद्यपि इन वात गर्तों की गहराई भौम-जल स्तर के नीचे नहीं होती, किन्तु मरुस्थलों में कई जगह ये वात गर्त समुद्र जल से भी नीचे तक पाए जाते हैं। इस प्रकार के वात गर्त सहारा, कालाहारी, मंगोलिया तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के पश्चिमी शुष्क भाग में अधिक पाए जाते हैं।

छत्रक या गारा (Mushrooms or Gara)⇒ मरुस्थलीय प्रदेशों में बालू से लदी हुई हवा चट्टानों के निचले भाग को तीव्रता से घिसती रहती है। हवा के इस अपघर्षण से ऊपर उठे हुए चट्टानी भागों में विशेष आकृतियाँ बन जाती हैं, चारों ओर से हवा के सतत प्रहार से चट्टानों का निचला भाग कटकर संकीर्ण हो जाता है और उसके ऊपर का भाग विशाल मेज की भांति सपाट तथा चौड़ा बना रहता है। कभी-कभी ऊपरी भाग वर्षा से गोलाकार तथा चिकना भी हो जाता है। जो कुकुरमुत्ता नामक पौधे के सदृश प्रतीत होती है। इन्हीं चट्टानों को छत्रक (Mushrooms Rocks) कहा जाता है।

♣ ज्यूगेन (Zeugen)⇒ जिन मरुस्थली प्रदेशों में कठोर चट्टानों के परत कोमल चट्टानों के ऊपर क्षैतिज (horizontal) रूप में बिछे हुए पाए जाते हैं। सर्वप्रथम अपक्षय के कारण ऊपर कठोर चट्टानों की संधि चौड़ी होती हैं, जब धीरे-धीरे संधि काफी चौड़ी हो जाती हैं, तो नीचे की कोमल चट्टानी परत निकल आती है, जिसे हवा शीघ्र ही काट देती है और चट्टानों के बीच-बीच में घाटियाँ-सी बन जाती हैं। इस प्रकार कठोर चट्टानी भाग कोमल चट्टानों के ऊपर टोपी की तरह अवस्थित रहता है। सहारा में इस प्रकार की चट्टानों की आकृतियों को ज्यूगेन (Zeugen) कहते हैं।

♣ यारडांग (Yardangs)⇒ जब कहीं कठोर और कोमल शैलों की पट्टियाँ प्रचलित हवा की दिशा के अनुरूप फैली हुई पाई जाती हैं, तो वहां ‘कटक और खांचे’ के समरूप भू-दृश्य उत्पन्न हो जाता है। हवा के अपघर्षण से कटकों के पवनाभिमुख अग्र सुघड़ एवं गोलाकार तथा उनके शिखर सुई के समान नुकीले बन जाते हैं। इन्हें यारडांग कहते हैं।

♣ अनुप्रस्थ परिच्छेद (Cross Section)⇒ किसी सरल रेखा पर उर्ध्वाधर कटी हुई भूमि का पार्श्वचित्र। इसे परिच्छेद अथवा परिच्छेदिका भी कहते हैं।

♣ अपवाह (Drainage) ⇒ नदियों अथवा सरिताओं का वह तंत्र जो किसी प्रदेश के सम्पूर्ण वर्षा-जल को बहाकर ले जाता है।

♣ अवस्थिति खण्ड (Location Quotient)⇒ किसी क्षेत्र विशेष के कुछ अभिलक्षकों के प्रतिशत और उन्हीं के पूरे प्रदेश के प्रतिशत के बीच अनुपात को अवस्थिति खण्ड कहते हैं।

♣ अक्षांशीय पैमाना (Parallel Scale) ⇒ किसी अक्षांश रेखा पर की वह दूरी जो दो देशान्तर रेखाओं के बीच नापी जाए। अक्षांशीय पैमाना मानक अक्षांश रेखा पर सर्वदा शुद्ध रहता है।

आपेक्षित परिक्षेपण (Relative Dispersion) ⇒ किसी बारम्बारता बंटन के परिक्षेपण का माप और उसकी केन्द्रीय प्रवृत्ति की माप के बीच के अनुपात को आपेक्षिक परिक्षेपण कहते हैं।

♣ आयतचित्र (Histogram)⇒ बारम्बारता बंटन, जैसे वर्षा की ऋतु के अनुसार बारम्बारता का ग्राफीय प्रदर्शन।

♣ उच्चावच (Relief) ⇒ पृथ्वी के धरातलीय लक्षण जैसे, पर्वत, पठार, मैदान, घाटी तथा जलाशय के लिए दिया गया सामूहिक नाम। भू-सतह की ऊंचाइयों एवं गर्तों को उच्चावच-लक्षण कहते हैं।

♣ उच्चावच मानचित्र (Relief Map)⇒ समोच्च रेखा, आकृति रेखा, स्तर-रंजन, हैश्यूर, पहाड़ी-छायाकरण जैसी विधियों में से किसी एक अथवा इन विधियों के मिश्रण द्वारा एक समतल धरातल पर किसी क्षेत्र के उच्चावच को निरूपित करने वाला मानचित्र।

♣ एकदिश नौपथ (Rhumb Line)⇒ किसी प्रक्षेप पर सभी देशान्तर रेखाओं को एक ही कोण पर काटने वाली नियत दिगंशीय रेखा।

♣ केन्द्रीय देशान्तर रेखा (Central Meridian)⇒ किसी भी मान की देशान्तर रेखा जब प्रक्षेप के केन्द्र या मध्य भाग में स्थित होती है तो इसे केन्द्रीय देशान्तर रेखा या मध्य देशान्तर रेखा कहते हैं। इसका प्रधान मध्याह्न रेखा से कोई सम्बन्ध नहीं होता।

♣ केन्द्रीय प्रवृत्ति (Central Tendency)⇒ सांख्यिकीय आंकड़ों की प्रवृत्ति जो किसी मान के आस-पास गुच्छित होती है।

♣ ग्रिड (Grid)⇒ पृथ्वी पर अक्षांश और देशान्तर रेखाओं का जाल पृथ्वी का ‘ग्रिड’ कहलाता है।

♣ चक्रारेख (Wheel Diagram)⇒ वृत्तीय आरेख जिसमें आंकड़े को प्रतिशत के रूप में प्रदर्शित करने के लिए वृत्त की त्रिज्या खण्डों में विभाजित करते हैं।

♣ चतुर्षक (Quartile) ⇒ चतुर्थक चर संस्थाओं के वे मान हैं जो श्रृंखला के पदों को चार बराबर भागों में बांटते हैं।

♣ चुम्बकीय उत्तर (Magnetic North) ⇒ चुम्बकीय कम्पास की सुई द्वारा निर्देशित दिशा। चुम्बकीय उत्तरी ध्रुव यथार्थ उत्तर ध्रुब से भिन्न है और यह समय के साथ धीरे-धीरे खिसकता रहता है।

♣ चर (Variable)⇒ कोई भी अभिलक्षण जो बदलता रहता है। संख्यात्मक चर वह अभिलक्षण है जिसके अलग-अलग मान होते हैं और उनका अन्तर संख्यात्मक रूप से मापा जा सकता है। 

♣ जलवायु मानचित्र (Climatic Maps)⇒ संसार अथवा उसके किसी भाग पर किसी विशेष अवधि से विद्यमान तापमान, वायुदाब, वायु, वृष्टि एवं आकाश की सामान्य दशाओं को प्रकट करने वाला मानचित्र।

♣ जल विभाजक (Water Shed)⇒ परस्पर विरोधी दिशाओं में प्रवाहित जल का विभाजन करने वाला पतला एवं ऊंचा स्थलीय भाग।

♣ दण्ड आलेख (Bar Graph)⇒ स्तम्भों या दण्डों की एक श्रृंखला जिसमें दण्डों की लम्बाई उनके द्वारा प्रदर्शित मात्रा के अनुपात में होती है। ये स्तम्भ या दण्ड चुने हुए पैमाने के अनुसार खींचे जाते हैं। ये क्षैतिज या ऊर्ध्वाधर रूप से खींचे जा सकते हैं।

♣ देशान्तरीय पैमाना (Meridian Scale)⇒ किसी देशान्तर रेखा पर नापी गई दो अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी।

♣ पवनारेख (Wind Rose)⇒ किसी स्थान पर किसी अवधि में विभिन्न दिशाओं में बहने वाली वायु की आवृत्ति को प्रकट करने वाला आरेख।

♣ पेन्टोग्राफ (Panto Graph)⇒ मानचित्रों को शुद्धतापूर्ण बड़ा करने या छोटा करने के लिए प्रयोग में आने वाला यंत्र।

♣ प्रकीर्ण आरेख (Scatter Diagram) ⇒ एक प्रकार का आरेख जिसमें ग्राफ कागज पर दो अभिलक्षकों का विचलन दिखाया जाता है।

♣ प्रवाह मानचित्र (Flow Map) ⇒ मानचित्र जिसमें ‘प्रवाह’ अर्थात लोगों या वस्तुओं का गमनागमन रिबनों द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इन रिबनों की मोटाई उनके द्वारा प्रदर्शित विभिन्न मार्गों पर आने जाने वाली वस्तुओं की मात्रा या लोगों की संख्या के अनुपात में होती है।

♣ बहुलक (Mode) ⇒ किसी श्रेणी में बहुलक चरांक का वह मान होता है, जो सबसे अधिक बार आता है। दूसरे शब्दों में बहुलक पद का वह मान है जिसकी बारम्बारता सबसे अधिक होती है।

♣ बरम्बारता बंटन सारणी (Frequency Distribution Table) ⇒ विभिन्न परिसरों में पड़ने वाले चर के विविध मानों के इन परिसरों को वर्ग कहते हैं और प्रत्येक वर्ग में पड़ने वाले विभिन्न मानों को बारम्बारता कहते हैं।

♣ बृहत् वृत्त (Great Circle)⇒ पृथ्वी की सतह पर वह काल्पनिक वृत्त जिसका तल पृथ्वी को समद्विभाग करता हुआ उसके केन्द्र से होकर गुजरे। पृथ्वी की सतह पर किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की लघुत्तम दूरी एक वृहत् वृत्त के चाप पर होगी।

♣ भू-कर मानचित्र (Cadastral Map)⇒ प्रत्येक खेत एवं भूमि के टुकड़े का विस्तार तथा माप के यथार्थ प्रदर्शनार्थ बहुत बड़े पैमाने पर खींचे गए मानचित्र भू-सम्पत्ति एवं उस पर लगाए जाने वाले कर निर्धारण के लिए इन मानचित्रों की आवश्यकता पड़ी थी। अतः इनका नाम भी भू-कर मानचित्र पड़ गया।

♣ भूमि उपयोग (Land Use)⇒ भूमि की सतह का मानव द्वारा उपयोग। विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक एवं अर्ध- प्राकृतिक वनस्पति से आच्छादित भूमि भी इसके अन्तर्गत आ जाती है।

♣ माध्य विचलन (Mean Deviation)⇒ किसी केन्द्रीय मान से विचलनों के औसत द्वारा परिक्षेपण की माप। ऐसे विचलनों को निरपेक्ष रूप में लिया जाता है अर्थात् उनके धनात्मक अथवा ऋणात्मक चिह्नों पर ध्यान नहीं दिया जाता। केन्द्रीय मान सामान्यतः माध्यिका का माध्य होता है।

♣ माध्यिका (Median)⇒ जब किसी श्रेणी के पदों के विस्तार को आरोही अथवा अवरोही क्रम में रखा जाता है तो मध्य पद का मान माध्यिका कहलाती है। इससे स्पष्ट हुआ कि माध्यिका पूर्ण श्रेणी को दो बराबर भागों में बांटती है और इससे आधे पदों के मान ऊपर और आधे के नीचे होते हैं।

♣ मानक अक्षांश रेखा (Standard Parallel)⇒ किसी भी प्रक्षेप की वह अक्षांश रेखा जिस पर पैमाना शुद्ध हो।

♣ मानक विचलन (Standard Deviation)⇒ विक्षेपण के सर्वनिरपेक्ष मापकों में यह सबसे सामान्य मापक है। यह श्रेणी के समस्त पदों के माध्य से निकाले गए विचलनों के वर्गों के माध्य का धनात्मक वर्गमूल होता है।

♣ मानचित्र (Map)⇒ पृथ्वी के धरातल के छोटे या बड़े किसी क्षेत्र का एक चौरस सतह पर पैमाने के अनुसार रूढ़ निरूपण जैसा कि ठीक ऊपर से देखने पर प्रतीत होता है।

♣ मानचित्र कला (Cartography)⇒ सभी प्रकार के मानचित्र बनाने की कला। इसके अन्तर्गत मौलिक सर्वेक्षण से लेकर मानचित्र के अन्तिम मुद्रण तक की सभी क्रियाएं आती है।
♣ मानचित्र प्रक्षेप (Map Projection)⇒ अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के जाल को पृथ्वी की गोलाकार सतह से एक समतल पर स्थानान्तरित करने की विधि।

♣ मानचित्रावली (Atlas)⇒ एक पुस्तक के रूप में बंधा हुआ मानचित्रों का संग्रह। प्रायः ये मानचित्र छोटे पैमाने पर बनाए जाते हैं।

    एटलस शब्द सर्वप्रथम सन् 1595 ई. में मर्केटर के मानचित्रों के संग्रह के आवरण-पृष्ठ पर प्रकाशित हुआ था। इस शब्द की उत्पत्ति और भी प्राचीनतम है, क्योंकि पौराणिक विश्वासों के अनुसार यह आकाश को सहारा देने वाले एटलस पर्वत से सम्बन्धित है।

♣ मानारेख (Cartogram)⇒ किसी क्षेत्र की मूल आकृति को किसी विशेष उद्देश्य से विकृत कर सांख्यिकीय आंकड़ों का आरेखी विधि से मानचित्र पर प्रदर्शन।

    यह प्रायः किसी एक की कल्पना को आरेखी ढंग से प्रतिष्ठित करने वाला अति सारगर्भित एवं सरल मानचित्र होता है। यह आधुनिक भूगोल के प्रमुख तथा लोकप्रिय साधनों में से एक है।

♣ मापनी (Scale)⇒ मानचित्र पर किन्हीं दो बिन्दुओं के बीच की दूरी और भूमि पर के उन्हीं बिन्दुओं के बीच की वास्तविक दूरी का अनुपात।

♣ मिश्र माप (Composite Measurement)⇒ कई अंतर्सहसम्बन्धित चरांकों के व्यापक प्रभाव का मापन।

♣ रेखीय मापनी (Linear Scale)⇒ रेखा द्वारा मापनी प्रदर्शन करने की एक विधि जिसमें रेखा को सुविधानुसार प्रधान तथा द्वितीयक भागों में बांटा जाता है और जिससे मानचित्र पर दूरियां सीधे नापी और पढ़ी जा सकती हैं।

♣ रैखिक आलेख (Line Graph)⇒ X अक्ष और Y अक्ष पर दो निर्देशांकों की सहायता से निर्धारित बिन्दु-श्रृंखला को मिलाने वाली निष्कोण रेखा। इसमें एक चर में परिवर्तन दूसरे चर के निर्देशांक से दिखाया जाता है। इसका उपयोग प्रायः वर्षा, तापमान, जनसंख्या में वृद्धि, उत्पादन, इत्यादि से सम्बन्धित आंकड़ों को प्रकट करने में किया जाता है।

♣ लॉरेंज वक्र (Lorntz Curve) ⇒ अभिलक्षकों के संकेन्द्रण को दिखाने वाली एक ग्राफीय विधि।

♣ वर्ग-अन्तराल (Class-interval)⇒ किसी बारम्बारता बंटन के उपरि-वर्ग और निम्न वर्ग की सीमाओं के बीच का अन्तर वर्ग-अन्तराल कहलाता है।

♣ वर्णमापी मानचित्र (Choropleth Map) ⇒ मानचित्र जिनमें क्षेत्रीय आधार पर मात्राओं को प्रदर्शित किया जाता है। ये मात्राएं किसी विशिष्ट प्रशासनिक इकाइयों के भीतर प्रति इकाई क्षेत्र के औसत मान होते हैं। जैसे जनसंख्या का घनत्व, कुल जनसंख्या में नागरिक जनसंख्या का प्रतिशत आदि।

♣ वास्तविक उत्तर (True North) ⇒ पृथ्वी के उत्तर ध्रुव द्वारा संकेतित दिशा। इसे भौगोलिक उत्तर भी कहते हैं।

♣ विकर्ण मापनी (Diagonal Scale) ⇒ रेखीय-मापनी (ग्राफिक स्केल) का विस्तार, जिसमें एक सेण्टीमीटर या इंच का अल्पांश भी नापा जा सकता है। यह रेखीय मापनी के गौण भाग से भी छोटा भाग मापने में सहायक होती है।

♣ वितरण मानचित्र (Distribution Map) ⇒ बिन्दु तथा छायाकरण जैसी विधियों द्वारा विभिन्न भौगोलिक तत्वों एवं उनकी आवृत्ति, प्रबलता तथा घनत्व की अवस्थिति को प्रदर्शित करने वाला मानचित्र। उदाहरणार्थ इन मानचित्रों द्वारा किसी क्षेत्र की उपज, पशुधन, जनसंख्या, औद्योगिक उत्पादन, आदि के वितरण को प्रदर्शित किया जाता है।

♣ विक्षेपण या फैलाव (Dispersion)⇒ किसी चरांक के विभिन्न मानों में आन्तरिक विभिन्नताओं की गहनता।

♣ संचयी बारम्बारता (Cumulative Frequency)⇒ किसी निश्चित मान से अधिक अथवा कम मानों वाले कई प्रेक्षण।

♣ समकोण दर्शक यंत्र (Optical Square)⇒ जरीब सर्वेक्षण में जरीब से निकटवर्ती वस्तुओं के अन्तर्लंब नापने के काम में आने वाला यंत्र।

♣ सममान रेखा मानचित्र (Isopleth Maps)⇒ मानचित्र जिनमें एक से मानों या एकसमान संख्याओं वाले बिन्दुओं को मिलाने वाली काल्पनिक रेखाएं अर्थात् सममान रेखाएं बनी होती हैं, उदाहरणार्थ समताप रेखा मानचित्र।

♣ समोच्च रेखा (Contours)⇒ समुद्रतल से समान ऊंचाई पर स्थित बिन्दुओं को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा। इसे समतल रेखा भी कहते हैं।

♣ समोच्च रेखा का अन्तर्वेशन (Interpolation of Contours)⇒ मानचित्र पर दी गई स्थान की ऊंचाइयों की सहायता से समोच्च रेखाएं खींचना।

♣ समोच्चरेखीय अन्तराल (Contour interval)⇒ दो उत्तरोत्तर समोच्च रेखाओं के बीच का अन्तर। इसे ऊर्ध्वाधर अन्तराल भी कहते हैं। यह प्रायः अंग्रेजी के अक्षरों द्वारा लिखा जाता है। किसी भी मानचित्र पर प्रायः इसका मान स्थिर होता है।

♣ सर्वेक्षण (Surveying)⇒ पृथ्वी की सतह पर विन्दुओं की सापेक्ष स्थिति निर्धारण के लिए प्रेक्षण तथा रैखिक एवं कोणात्मक मापन कला। भूपृष्ठ के किसी भाग की सीमा, विस्तार, स्थिति तथा उच्चावच के निर्धारण में यह लाभदायक होता है।

♣ सहसम्बन्ध गुणांक (Correlation Co-efficient)⇒ दो चरांकों के बीच सम्बन्धों की दिशा और गहनता की माप।

♣ सुदूर संवेदन (Remote Sensing)⇒ वस्तुओं को स्पर्श किए बिना दूर से ही उसके बारे में सूचनाएं प्राप्त करने के विज्ञान को सुदूर संवेदन कहते हैं। इसमें भूमि अथवा उसके ऊपर वस्तुओं से परावर्तित, प्रकीर्णित या उत्सर्जित विद्युत चुम्बकीय विकिरण का संवेदन विद्युत प्रकाशित यंत्रों तथा कैमरों द्वारा किया जाता है।

♣ स्तर रंजन (Layer Colouring)⇒ मानचित्र पर रंगों की सहायता से उच्चावच दिखाने की एक विधि जो विशेषतया एटलस के मानचित्रों तथा दीवारी मानचित्रों से अपनाई जाती है। रंग-व्यवस्था सर्वत्र समान रूप से मान्य होती है, उदाहरणार्थ, समुद्र के लिए नीले रंग की छटाएं, निम्न स्थलों के लिए हरा रंग, उच्च भूमि के लिए भूरा रंग तथा अत्यधिक ऊंची भूमि के लिए गुलाबी रंग।

♣ स्थलाकृतिक मानचित्र (Topographic Map)⇒ भूसतह के प्राकृतिक एवं मानवकृत ब्यौरों को प्रदर्शित करने वाला बड़े पैमाने पर खींचा गया एक छोटे क्षेत्र का मानचित्र। इस मानचित्र पर उच्चावच समोच्च रेखाओं द्वारा प्रकट किया जाता है।

16. Major Industries of India (भारत के प्रमुख उद्योग)

16. Major Industries of India

(भारत के प्रमुख उद्योग)



Major Industries of India

1. भारत में निम्नलिखित उद्योगों में से किस उद्योग में सार्वजनिक क्षेत्र में सबसे अधिक पूँजी निवेश हुआ है?

(a) उर्वरक उद्योग

(b) लौह-इस्पात उद्योग

(c) दवा व रसायन उद्योग

(d) रंग-रोगन उद्योग

2. आधुनिक लौह-इस्पात उद्योग का वास्तविक प्रारम्भ किस स्थान पर स्थापित कारखाने के साथ हुआ?

(a) कुल्टी

(b) बर्नपुर

(c) जमशेदपुर

(d) गोपालपुर

3. निजी क्षेत्र में भारत का प्रथम लौह-इस्पात कारखाना कहाँ पर स्थापित हुआ?

(a) भिलाई

(b) दुर्गापुर

(c) जमेशदपुर

(d) राउरकेला

4. दुर्गापुर लौह-इस्पात संयंत्र किस देश के सहयोग से स्थापित किया गया?

(a) ब्रिटेन

(b) जर्मनी

(c) फ्रांस

(d) रूस

5 . राउरकेला में लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश के सहयोग से की गई है?

(a) जर्मनी

(b) ब्रिटेन

(c) रूस

(d) जापान

6. भिलाई लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना किस देश के सहयोग से की गई है?

(a) ब्रिटेन

(b) जर्मनी

(c) रूस

(d) सं०रा०अ०

7. रूस की सहायता से स्थापित लौह-इस्पात संयंत्र है-

(a) बोकारो

(c) विशाखापतनम

(b) भिलाई

(d) इनमें से सभी

8. भिलाई, दुर्गापुर और राउरकेला में लौह-इस्पात संयंत्र की स्थापना किस पंचवर्षीय योजना के दौरान की गई?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

9. भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) की स्थापना कब की गई थी?

(a) 1964 ई०

(b) 1869 ई०

(c) 1974 ई०

(d) 1984 ई०

10. कोयले की स्थानीय आपूर्ति उपलब्ध नहीं है?

(a) TISCO-जमशेदपुर को

(b) VISL-भद्रावती को

(c) HSL-दुर्गापुर को

(d) HSL-भिलाई को

11. वह कौन-सा रेलमार्ग है जिस पर सर्वाधिक इस्पात कारखाने स्थित हैं?

(a) दिल्ली-चेन्नई वाया भोपाल

(b) मुम्बई-हावड़ा वाया रायपुर

(c) मुम्बई-हावड़ा वाया जबलपुर

(d) दिल्ली-एर्नाकुलम वाया गुंटूर-रेनीगंटा

12. निम्नलिखित में कौन-सा विनिर्माण उद्योग सर्वाधिक रोजगार प्रदान करता है?

(a) लौह-इस्पात उद्योग

(b) सूती वस्त्र उद्योग

(c) चीनी उद्योग

(d) सीमेण्ट उद्योग

13. भारत में किस उद्योग में सर्वाधिक लोग कार्यरत हैं?

(a) जूट उद्योग में

(b) लौह-इस्पात उद्योग में

(c) कपड़ा उद्योग में

(d) चीनी उद्योग में

14. विभाजन के कारण भारत का कौन-सा उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ?

(a) रूई तथा शक्कर उद्योग

(b) इजीनियरिंग तया सीमेण्ट उद्योग

(c) जूट तथा रूई उद्योग

(d) कागज तथा लोहा उद्योग

15. देश में आधुनिक तकनीक पर आधारित ऊनी कपड़े का प्रथम कारखाना कानपुर में लाल इमली के नाम से स्थापित किया गया था। इसकी स्थापना कब हुई थी?

(a) 1776 ई०

(b) 1876 ई०

(c) 1926 ई०

(d) 1962 ई०

16. पंजाब में कौन-सा स्थान हौजरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?

(a) गुरुदासपुर

(b) अमृतसर

(c) जालन्धर

(d) लुधियाना

17. सुमेलित कीजिए-

सूची-I             सूची-II

A. पूर्व का बोस्टन 1.कोयम्बटूर

B. सूती वस्त्रों की राजधानी 2.अहमदाबाद

C. उत्तर भारत का मैनचेस्टर 3.कानपुर

D. दक्षिण भारत का मैनचेस्टर 4.मुम्बई

कूट: A B C D

(a) 2 4 3 1

(b) 3 2 4 1

(c) 1 3 2 4

(d) 1 2 3 4

18. देश में रेशम उद्योग का सर्वाधिक स्थानीयकरण किस राज्य में हुआ है?

(a) मणिपुर

(b) कर्नाटक

(c) केरल

(d) जम्मू-कश्मीर

19. भारत में सीमेण्ट उत्पादन में अग्रणी राज्य है-

(a) आ० प्र०

(b) राजस्थान

(c) मध्य प्रदेश

(d) तमिलनाडु

20. निम्न में से कौन वन आधारित उद्योग नहीं है?

(a) सीमेण्ट उद्योग

(b) लाह उद्योग

(c) कागज उद्योग

(d) खेल सामग्री उद्योग

21. कटनी में स्थित है-

(a) सीमेण्ट कारखाना

(b) उर्वरक कारखाना

(c) स्कूटर कारखाना

(d) साइकिल कारखाना

22. निम्नलिखित में कौन सीमेण्ट कारखाना हरियाणा राज्य में स्थित है?

(a) डालमियानगर

(b) डालमियापुरम

(c) डालमियादाद्री

(d) मछरेला

23. सीमेण्ट उद्योग की स्थापना के लिए निम्न में से किसकी उपस्थिति अधिक प्रभावी होती है?

(a) कोयला तथा जिप्सम

(c) चूना-पत्यर तथा जिप्सम

(b) कोयला तथा तौह अयस्क

(d) चूना पत्थर तथा मैगनीज

24. सीमेण्ट उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) पहला

(b) दूसरा

(c) तीसरा

(d) चौथा

25. भारत में प्रथम सीमेण्ट संयंत्र 1904 ई० में कहाँ स्थापित किया गया था।

(a) चेन्नई

(b) रानीपेट

(c) झींकपानी

(d) पोर्टोनोवा

26. भारत में प्रथम उर्वरक संयंत्र 1906 ई० में कहाँ स्थापित किया गया था

(a) चेन्नई

(b) सिन्दरी

(c) रानीपेट

(d) पोरबन्दर

27. भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के अन्तर्गत सर्वप्रथम उर्वरक संयंत्र स्थापित किया गया था-

(a) नांगल में

(b) ट्राम्बे में

(c) सिन्दरी में

(d) आल्वाये में

28. भारत में कागज उद्योग का प्रथम सफल कारखाना सन् 1870 में निम्न में से किस स्थान पर लगाया गया?

(a) ट्रांकुवार

(b) बालीगंज

(c) लखनऊ

(d) सीरामपुर

29. भारत में अधिकांश कागज कारखानें पश्चिम बंगाल राज्य में स्थित होने का कारण है-

(a) कच्चे माल की पर्याप्त मात्रा में प्राप्ति

(b) कोलकाता की विशाल जनसंख्या द्वारा देश के सबसे बड़े कागज बाजार की उपलब्धता

(c) रानीगंज एवं झरिया से शक्ति के साधन के रूप में कोयले की प्राप्ति

(d) उपर्युक्त सभी

30. नेपानगर में स्थित सबसे महत्वपूर्ण उद्योग है-

(a) मशीनी औजार

(b) सीमेण्ट उद्योग

(c) चीनी उद्योग

(d) अखबारी कागज

31. भारी मशीन प्लाण्ट कहाँ स्थित है?

(a) बरौनी

(b) धनबाद

(c) जमशेदपुर

(d) राँची

32. बरौनी निम्न में से किस उद्योग के लिए प्रसिद्ध है?

(a) तेलशोधन उद्योग

(b) चमड़ा उद्योग

(c) लौह-इस्पात उद्योग

(d) कागज उद्योग

33. डीजल लोकोमोटिव कारखाना कहाँ स्थित है?

(a) चित्तरंजन

(b) पेरम्बूर

(c) वाराणसी

(d) कपूरथला

34. कानपुर किसलिए प्रसिद्ध है?

(a) कोयला खान

(b) चमड़ा उद्योग

(c) चीनी उद्योग

(d) लौह-इस्पात उद्योग

35. महाराष्ट्र स्थित पिम्परी किसलिए प्रसिद्ध है?

(a) घड़ी निर्माण के लिए

(b) कागज उद्योग के लिए

(c) सीमेण्ट उद्योग के लिए

(d) एण्टीबायोटिक उद्योग के लिए

36. देश की प्रमुख मोटर निर्माता कम्पनी मारूति उद्योग लिमिटेड कहाँ स्थापित है?

(a) चेन्नई

(b) गुड़गाँव

(c) कोलकाता

(d) पुणे

37. देश की प्रमुख जीप निर्माता कम्पनी महिन्द्रा एण्ड महिन्द्रा कम्पनी लिमिटेड किस स्थान पर स्थित है?

(a) जमशेदपुर

(b) गुडगाँव

(c) पुणे

(d) चेन्नई

38 . भारत का सबसे महत्वपूर्ण लघु उद्योग है-

(a) गुड़ एवं खांडसारी

(b) बर्तन निर्माण

(c) हथकरघा उद्योग

(d) चमड़ा उद्योग

39. भारत के किस नगर को ‘इलेक्ट्रानिक उद्योग की राजधानी’ कहा जाता है?

(a) चेन्नई

(b) बेंगलूरु 

(c) कानपुर

(d) कोयम्बटूर

40. निम्नलिखित में से किस उद्योग में सर्वाधिक संख्या में महिलाएँ कार्यरत है?

(a) चाय उद्योग

(b) जूट उद्योग

(c) वस्त्र उद्योग

(d) रबड़ उद्योग

41. निम्न में से कौन-सा तेलशोधनशाला खनिज तेल क्षेत्र के समीप ही स्थापित की गई है?

(a) विशाखापत्तनम

(b) नूनमाटी

(c) बरौनी

(d) मथुरा

42. बरौनी तेल शोधन कारखाने की स्थापना किस देश के सहयोग से की गई है?

(a) जर्मनी

(b) इंग्लैंड

(c) फ्रांस

(d) पूर्व सोवियत संघ

43. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (उद्योग)    सूची-II (स्थान)

A. कांच उद्योग 1. मुरादाबाद

B. पीतल उद्योग 2. मरकपुर

C. स्लेट उद्योग 3. फिरोजाबाद

D. हस्त निर्मित कालीन उद्योग 4. मिर्जापुर

कूट: A B C D

(a) 3 1 2 4

(b) 1 3 4 2

(c) 3 1 4 2

(d) 1 3 2 4

44. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (स्थान)   सूची-II (उद्योग)

A. जामनगर 1. ऐलुमिनियम

B. हास्पेट 2. ऊनी वस्त्र

C. कोरबा 3. उर्वरक

D. हल्दिया 4. लोहा एवं इस्पात

कूट: A B C D

(a) 4 3 1 2

(b) 2 4 1 3

(c) 4 3 2 1

(d) 2 1 4 3

45. निम्नलिखित में से कौन-से स्थान कागज उद्योग के लिए प्रसिद्ध हैं?

1. यमुना नगर  2. गुवाहाटी  3. शाहाबाद  4. बल्लारपुर

    उपर्युक्त दिये गये कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

(a) 1, 2 और 3

(b) 1, 2 और 4

(c) 1, 3 और 4

(d) 2, 3 और 4

46. नेपानगर किस उद्योग के लिए जाना जाता है? 

(a) सीमेण्ट

(c) हथकरघा

(b) उर्वरक

(d) अखबारी कागज

47. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (उद्योग)  सूची-II (उत्पादन केन्द्र)

A. जूट का सामान 1.भदोही

B. रेशमी वस्त्र 2.लुधियाना

C. ऊनी वस्त्र 3.बंगलौर

D. ऊनी कालीन 4.टीटागढ़
कूट: A B C D

(a) 3 4 2 1

(b) 4 3 2 1

(c) 1 3 4 2

(d) 4 1 3 2

48. निम्नलिखित में से किस राज्य में पेट्रो रसायन उद्योग के लिए आदर्श दशायें पायी जाती है?

(a) गुजरात

(b) महाराष्ट्र

(c) तमिलनाडु

(d) उ० प्र०

49. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (केन्द्र)    सूची-II (उद्योग)

A. आंवला 1. पॉली फाइबर

B. मोदी नगर 2. उर्वरक

C. बाराबंकी 3. रबड़

D. कानपुर  4. विस्फोटक

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 3 1 4

(c) 3 2 4 1

(d) 4 3 2 1

50. सूची-1 को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (स्थान)       सूची-II (उद्योग)

A. विशाखापतनम 1. मोटर गाड़ियों

B. मुरी 2. पोत निर्माण

C. गुडगांव 3. उर्वरक

D. पनकी 4. ऐलुमिनियम

कूट: A B C D

(a) 2 3 4 1

(b) 1 2 3 4

(c) 2 4 3 1

(d) 2 4 1 3

51. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

सूची-I (उद्योग)     सूची-II (स्थान)

A. भारी इंजीनियरिंग उद्योग  1.सिन्दरी

B. मशीन औजार उद्योग 2. रेणुकूट

C. ऐलुमिनियम उद्योग 3. राँची

D. उर्वरक उद्योग 4. पिंजौर

कूट: A B C D

(a) 3 4 2 1

(b) 4 3 1 2

(c) 4 3 2 1

(d) 1 2 3 4

52. भारत में सबसे बड़ी तेलशोधनशाला कहाँ स्थित है?

(a) बरौनी

(b) कोयली

(c) मुम्बई

(d) जामनगर

53. भारत में तेलशोधक कारखाने बहुधा वृहद् बंदरगाहों के समीप संस्थापित हैं, क्योंकि-

(a) तेल क्षेत्र अधिकतर तट के समीप स्थित हैं।

(b) आयातित कच्चे माल पर निर्भरता है।

(c) शोधित उत्पाद बाजार से सरलता से जुड़े हैं।

(d) तकनीकी क्षमता सुलभ है।

54. जॉर्ज आकलैंड ने सर्वप्रथम भारत में 1855 ई० में किस स्थान पर जूट मिल की स्थापना की थी?

(a) रिसरा में

(b) बजबज में

(c) टीटागढ़ में

(d) शिवपुर में

55. देश के विभाजन के फलस्वरूप जूट उद्योग का ह्रास हुआ, क्योंकि

(a) अनेक जूट मिलें बांग्लादेश में चली गयी थी।

(b) भारत में पूँजी का अभाव था।

(c) अंग्रेजों की दोषपूर्ण नीति का प्रभाव पड़ा था।

(d) कुशल श्रम तथा जूट उत्पादन क्षेत्र का अधिकांश भाग वर्तमान बांग्लादेश में चला गया था।

56. इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव का निर्माण किया जाता है-

(a) जमशेदपुर में

(b) वाराणसी में

(c) चित्तरंजन में

(d) गोरखपुर में

57. बिहार में पहली चीनी मिल स्थापित हुई- 

(a) मरहौरा में

(b) बेतिया में

(c) मोतिहारी में

(d) पटना में

58. कपास उद्योग जिन कच्चे माल पर आश्रित हैं, वे हैं-

(a) भार ह्रास मूलक

(b) भार वृद्धि मूलक

(c) भार सम मूलक

(d) इनमें से कोई नहीं

59. बिहार में तेलशोधक कारखाना है-

(a) सिंहभूम में

(b) रूद्रसागर में

(c) बरौनी में

(d) राँची में

60. कौन-सा प्रमुख उद्योग मुरी में स्थापित है?

(a) ऐलुमिनियम उद्योग

(b) ताँबा उद्योग

(c) इस्पात उद्योग

(d) रसायन उद्योग

61. बिहार में सूची-I (उद्योगों) को सूची-II (नगरी) से सह-सम्बन्धित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (उद्योग)    सूची-II (नगर)

A. कागज एवं लुग्दी  1. डालमियानगर

B. सिगरेट  2. दिलवारपुर

C. प्लाइवुड 3. हाजीपुर

D. जूट 4. पूर्णियाँ

कूट: A C D

(a) 3 4 1 2

(b) 1 2 3 4

(c) 2 1 4 3

(d) 4 3 2 1

62. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये के कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (कुटीर उद्योग उत्पाद) सूची-II (उत्पादन केन्द्र)

A. सिल्क साड़ियाँ 1. मुरादाबाद

B. चिकन 2. गोरखपुर

C. टेराकोटा 3. वाराणसी

D. पीतल 4. लखनऊ

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 3 4 2 1

(c) 4 3 1 2

(d) 2 1 4 3

63. भारत में प्रथम सूती कपड़े का कारखाना कहाँ स्थापित हुआ था?

(a) सूरत

(b) मुंबई

(c) अहमदाबाद

(d) कोयम्बटूर

64. प्रथम तेल परिष्करण संयंत्र कहाँ स्थापित किया गया?

(a) बरौनी में

(b) डिग्बोई में

(c) विशाखापतनम में

(d) मुम्बई में

65. सबसे बड़ा तेलशोधक कारखाना पाया जाता है-

(a) पोरबन्दर

(b) जामनगर

(c) अहमदाबाद

(d) सूरत

66. भारत का प्रथम स्टील प्रोजेक्ट शहर स्थापित किया गया-

(a) भिलाई

(b) कोलकाता

(c) जमशेदपुर

(d) बोकारो

67. पिम्परी सम्बन्धित है- 

(a) इस्पात उद्योग

(c) खाद उद्योग

(b) कागज उद्योग

(d) पेन्सिलीन उद्योग

68. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I       सूची-II

A. नेपानगर 1. तेलशोधन

B. झरिया 2. अखबारी कागज

C. मथुरा 3. परमाणु ऊर्जा संयंत्र

D. कलपक्कम 4. कोयला उत्खनन

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 4 1 3

(c) 4 2 3 1

(d) 2 3 4 1

14. Major Mineral Resources of India (भारत के प्रमुख खनिज संसाधन)

14. Major Mineral Resources of India

(भारत के प्रमुख खनिज संसाधन)



अयस्क:- वे खनिज जिनसे धातुओं का निष्कर्षण आसानी से तथा सुगमतापूर्वक किया जा सके।

सभी अयस्क खनिज होते हैं लेकिन सभी खनिज अयस्क नहीं होते।

भूगर्भ से खोदकर निकाली जाने वाली वस्तुओं को खनिज कहते हैं।

खनिज प्राकृतिक रासायनिक तत्त्व या यौगिक हैं जो मुख्यतः अजैव क्रियाओं से बनते हैं। ये अपने भौतिक तथा रासायनिक गुणों से जाने जाते हैं।

जिन स्थानों से खनिज निकाले जाते हैं, उन्हें खान कहते हैं।

चिकमंगलूर के कुद्रेमुख क्षेत्र का लोहा ईरान को निर्यात किया जाता है।

केमानगुंडी का लोहा भद्रावती लौह इस्पात संयंत्र को भेजा जाता है।

बैलाडीला का लोहा विशाखापत्तनम भेजा जाता है। जहाँ से इसे जापान एवं अन्य देशों को निर्यात किया जाता है।

बस्तर जिले की बैलाडीला पहाड़ी की खान एशिया की सबसे बड़ी यंत्र सुसज्जित खान है।

गोवा में लोहे के विशाल भंडार हैं। परन्तु, यहाँ घटिया किस्म के लोहा लिमोनाइट तथा सिडेराइट है। (लोहांश-40-60%)

उत्तरी गोवा, मध्यवर्ती गोवा तथा दक्षिणी गोवा में लगभग 315 खानों से लौह-अयस्क निकाला जाता है।

उत्तरी गोवा में पिरना-अदोल, पाले ओनड़ा कुडनेम-विसरूलेम तथा कुदनेम-सुरला प्रमुख क्षेत्र है।

गोवा में लोहे की खानें खुली व मशीनीकृत हैं। यहां लोहा सस्ते नदी-मार्गो अथवा विद्युत से नियंत्रित रज्जुमार्ग (Rope ways) द्वारा ढोया जाता है।

मैंगनीज उत्पादन की दृष्टि से भारत का विश्व में ब्राजील, गेबोन, दक्षिणी अफ्रीका तथा आस्ट्रेलिया के बाद पाँचवाँ स्थान है।

भारत में मैगजीज खनिज का अयस्क भण्डार- 295 मिलियन टन

मध्य प्रदेश की मैंगनीज पेटी बालाघाट और छिंदवाड़ा महाराष्ट्र के नागपुर- भण्डारा जिले की मैंगनीज पेटी का ही विस्तार है।

गोवा में भारत के 18% मैंगनीज भण्डार हैं जो किसी भी राज्य से अधिक है।

भारत अपने कुल मैंगनीज उत्पादन का लगभग 1/3 भाग निर्यात कर देता है।

भारत के मैंगनीज निर्यात का सबसे बड़ा दोष यह है कि इसे कच्ची अवस्था में ही निर्यात कर दिया जाता है।

हमारा अधिकांश मैंगनीज जापान, ब्रिटेन, USA, जर्मनी, बेल्जियम को निर्यात किया जाता है।

जापान हमारे मैंगनीज का 52% भाग खरीदता है।

अधिकांश निर्यात बम्बई, पाराद्वीप, मारमागोवा और विशाखापत्तनम बंद‌रगाहों से किया जाता है।

मैंगनीज निक्षेप लगभग सभी संरचनाओं में पाया जाता है हालांकि; मुख्य रूप से धारवाड़ क्रम से संबद्ध है।

मैंगनीज धातु प्राय: काले रंग की प्राकृतिक भस्मों के रूप में धारवाड़ युग की परतदार चट्टानों में पाई जाती है।

अभ्रक अत्यंत हल्का खनिज है जो आग्नेय तथा परावर्तित चट्टानों के परतों के रूप में पाया जाता है।

अभ्रक मुख्यत: सफेद, काले अथवा हरे रंग होता है।

सफेद अभ्रक टुकड़े के पेग्मेटाइट नामक आग्नेय चट्टानों में ही मिलते हैं। इसे ‘रुबी अभ्रक अथवा मस्कोविटअभ्रक भी कहते हैं।

रुबी अभ्रक अथवा मस्कोविट अभ्रक सबसे उत्तम किस्म का अभ्रक होता है।

हल्का गुलाबीपन लिए अभ्रक को बायोटाइट (Biotite) अभ्रक कहते हैं।

अभ्रक का उपयोग मुख्यतः विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में किया जाता है। इसे पतली चादरों में विघटित किया जा सकता है जो काफी सख्त और सुनम्य होती है।

भारत में अभ्रक मुख्यतः झारखण्ड, आन्ध्रप्रदेश व राजस्थान में पाया जाता है। इसके पश्चात तमिलनाडु, प० बंगाल और MP आते हैं। 

झारखण्ड में उच्च गुणवत्ता वाले अभ्रक निचले हजारीबाग पठार की 150 किमी० लम्बी व 22 किमी० चौड़ी पट्टी में पाया जाता है।

आन्ध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में सर्वोत्तम प्रकार के अभ्रक का उत्पादन किया जाता है।

राजस्थान में अभ्रक की पट्टी लगभग 320 किमी०, लम्बाई में जयपुर से भीलवाड़ा और उदयपुर के आस-पास विस्तृत है।

अधिकांश अभ्रक भीलवाड़ा से निकाला जाता है। यहाँ पर कम गहराई पर मिलने वाला अभ्रक घटिया किस्म के परन्तु अधिक गहराई से उच्च किस्म का अभ्रक निकाला जाता है।

राजस्थान का 40% अभ्रक रूबी अभ्रक होता है।

बिहार के गया जिले से शुरू होकर झारखण्ड के हजारीबाग, कोडरमा तथा गिरीडीह होती हुई बिहार के मुंगेर तथा भागलपुर तक अभ्रक की पेटी फैली हुई है।

➤  इस पेटी की लम्बाई-160 किमी०, चौ० 26-32 किमी०, मोटाई- 30 मीटर तक।

यहाँ से निकाला गया अभ्रक उच्च कोटि (रूबी अभ्रक) का होता है जिसके कारण इसे “विश्व का अभ्रक भण्डार” कहा जाता है

भारत का 90% अभ्रक निर्यात कर दिया जाता है।

भारतीय अभ्रक के मुख्य ग्राहक जापान, रूस, ब्रिटेन, USA, पोलैण्ड, चेक रिपब्लिक, स्लोवाकिया, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, तथा नीदरलैंडस है। ये देश मिलकर भारत का 80% अभ्रक खरीदते है।

अधिकांश अभ्रक कोलकाता, विशाखापत्तनम, चेन्नई, मुंबई बंदरगाहों से निर्यात किया जाता है।

पिछले कुछ वर्षों से हमारे अभ्रक निर्यात में कमी आई है हालांकि अन्तर्राष्ट्रीय बाजारों में कीमतें बढ़ जाने से अधिक निर्यात से विदेशी मुद्रा अधिक कमाई गई। इसके मुख्य कारण निम्नलिखित है:-

(i) भारत में औद्योगिक विकास के साथ-साथ अभ्रक की घरेलू खपत बढ़ रही है जिससे निर्यात के लिए कम अभ्रक बच पाता है।

(ii) उन्नत देशों में कृत्रिम अभक पैदा होने लगा है। 

(iii) हमारे अभ्रक को अन्य देशों के अभ्रक की प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है। ब्राजील का अभ्रक भारत के अभ्रक का मुख्य प्रतिद्वंदी है।

(iv) कई देशों में अभ्रक के प्रतिस्थानी (substitutes) प्रयोग होने नगे है। इस कारण भारतीय अभ्रक की माँग घटने लगी है।

बॉक्साइट एक अयस्क है जिसका प्रयोग एल्यूमिनियम के विनिर्माण में किया जाता है।

बॉक्साइट मुख्यतः टर्शियरी निक्षेप में पाया जाता है। और लैटेराइट चट्टानों से सम्बद्ध है।

➤ उड़ीसा बॉक्साइट की सबसे बड़ा उत्पादक है।

झारखण्ड में लोहरडगा जिले की पैटलैंडस में इसके प्रसिद्ध समृद्ध निक्षेप है।

छतीसगढ़ में बॉक्साइट निक्षेप अमरकंटक के पठार में पाये जाते हैं जबकि MP में कटनी, जबलपुर तथा बालाघाट में बॉक्साइट के महत्वपूर्ण निक्षेप है।

पहले भारत बॉक्साइट निर्यात करता था। परन्तु, अब भारत बॉक्साइट का आयात कनाडा, USA, आस्ट्रेलिया तथा यूरोपीय देशों से करता है।

कारण- बॉक्साइट की मांग बहुत बढ़ना।

ताम्बा के निक्षेप मुख्यतः झारखण्ड के सिंहभूम, MP के बालाघाट, मलंजखंड तथा राजस्थान के झुंझुनू (खेतड़ी) एवं अलवर जिलों में पाये जाते हैं।

ताम्बे के भण्डार अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, चितौड़‌गढ़, डुंगरपुर, जयपुर, पाली, सिरोही तथा उदयपुर जिलों में स्थित है।

सबसे महत्वपूर्ण झुझुनू जिले की खेतड़ी-सिंघाना पेटी है।

भारत में ताम्बे उत्पादन हमारी माँग से काफी कम होता है और बड़ी मात्रा में आयात किया जाता है।

भारत मुख्यतः USA, कनाडा, जिम्बाबे, जापान, मैक्सिको आदि देशों से ताम्बे का आयात करता है।

भारत में खनिजों की विविधता का सबसे बड़ा कारण भारत की जटिल भूवैज्ञानिक संरचना एवं विशालता है।

नोट: 1kg यूरेनियम = 25 लाख kg कोयला (ऊर्जा के दृष्टि से)

सीसा तथा जस्ता

जस्ते का सम्पूर्ण उत्पादन लगभग राजस्थान में होता है।

उत्पादन- हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड कम्पनी द्वारा

जस्ते का उपयोग:- मुख्यतः टायर उद्योग, साँचा बनाने, शुष्क बैटरियाँ।

वितरण-

(1) राजस्थान

(2) गुजरात

(3) महाराष्ट्र

(4) आन्ध प्रदेश

(5) मेघालय

सोना

धारवाड़ की शिष्ट शैलों की क्वार्टज शिराओं में, ‘धानु रेखा भंमार’ भी कहा जाता है।

चट्‌टानों तथा नदियों की रेत में।

भण्डार-

(1) कर्नाटक

↳ कोलार- कोलार स्वर्ण क्षेत्र

↳ रायचूर- हट्टी स्वर्ण क्षेत्र

(2) आन्ध्र प्रदेश

↳ अनन्तपुर- रामगिरी स्वर्ण क्षेत्र

हीरा

वितरण/भण्डार

↳ मध्य प्रदेश- पन्ना

↳ आन्ध्र प्रदेश- अन्नन्तपुर, कुडप्पा, कुर्नूल, कृष्णा, गोदावरी

↳ कर्नाटक- बेल्लारी

↳ ओडिशा- संबलपुर

साधारण नमक

उपयोग:- भारी रसायनों जैसे- कास्टिक सोडा, क्लोरीन, मछली तथा आचारों  के परीरक्षण में। 

भारत में प्रमुख स्रोत:

     सागरीय जल, अन्य स्रोत- खारा झील जैसे सांभर, डीडवाना, पंचभद्रा

उत्पादन-

(1) गुजरात- मीठापुर, पोरबन्दर, लवणपुर, भावनगर, कांडला

(2) महाराष्ट्र

(3) कर्नाटक 

(4) केरल

(5) तमिलनाडु- कावेरी डेल्टा के दक्षिण की ओर स्थित

➤ पूर्वी भाग में नदी डेल्टाओं से दूर वाले भागों में नमक का उत्पादन।

चुना पत्थर

➤ यह परतदार चट्टान है।

➤ आन्ध्र प्रदेश में सर्वाधिक चूना पत्थर का भाण्डार है।

उपयोग

कुल उपयोग का 75% सीमेंट में

↳ 16% लौह इस्पात उद्योग में

4% रसापन उद्योग में,

शेष- चीनी, कागज, उर्वरक, शीशा, रबड़ इत्यादि उद्योग में।

वितरण / उत्पादन/ भण्डार

(1) आन्ध्र प्रदेश तथा तेलंगाना (17.7%)- कुडप्पा, कर्नल, गुन्टूर, कृष्णा, नालगोंडा, अदीलाबाद, वारंगल, महबूबनगर और करीमनगर जिले।

(2) राजस्थान (15.5%)- झुंझुनू, बाँसवड़ा, जोधपुर, सिरोही, बून्दी, अजमेर, बीकानेर, डंगरपुर, कोटा, टोंक, अलवर, सिवाई, माधोपुर, चितौड़‌गढ़, नागौर, उद‌यपुर, पाली जिले।

(3) मध्य प्रदेश (15.4%)- जबलपुर, सत्ना, बैतूल, सागर तथा रीवा जिले।

(4) गुजरात (11%)- बनासकांटा (उच्च कोटि), अमरेली, कच्छ, सूरत, जूनागढ़, खेड़ा तथा पंचमहल।

(5) छतीसगढ़- बस्तर, बिलासपुर, रायगढ़, रायपुर तथा दूर्ग जिले।

(6) तमिलनाडु- रामनाथपुरम् तिरुनलवेणी, तिरुचिरापल्ली, सलेम, कोयम्बटूर, मदुरै तथा तंजावुर जिलें।

(7) कर्नाटक- गुलबर्गा, बीजापुर और शिमोगा जिले।

डोलोमाइट

➤ जब चूना पत्थर में 10% से अधिक मैग्नीशियम होता है तो वह डोलोमाइट कहलाता है। जब यह अनुपात 45% से अधिक हो जाता है तो इसे शुद्ध डोलोमाइट कहते हैं।

➤ डोलोमाइट का 90% उपयोग लोहा-इस्पात उद्योग में, 4% उर्वरक, 2% शीशा तथा अन्य मिश्रधातु तथा शेष अन्य उद्योग में।

उत्पादन/वितरण/भण्डार

(1) ओडिशा: यह भारत का सबसे बड़ा (लगभग 30%) उत्पादक राज्य है।

बीरमित्रपुर, सुंदरगढ़, संभलपुर, कोरापुट।

(2) छतीसगढ़: बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग तथा रायगढ़।

(3) आन्ध्रप्रदेश: अनन्तपुर, कर्नूल।

(4) झारखण्ड: सिंहभूम तथा पलामू।

एस्बेस्ट्स

रेशायुक्त संरचना तथा आग का प्रतिरोधक।

उपयोग:- फायरप्रूफ वस्त्र, रस्सी, कागज, बेल्ट, पेन्ट, वाहनों में ब्रेक-लाइनिंग। अन्य: सीमेंट की चादरें, शीट, स्लेट, पाईप, टाइलें, फिल्टर पैड, मैंगनीशिया ईंट।

➤ भारत का 90% से अधिक एस्बेस्टस राजस्थान से प्राप्त होता है। इनमें उदयपुर, डूंगरपुर, अलवर तथा पाली मुख्य उत्पादक जिले हैं।

➤ आन्ध्र प्रदेश के कुडप्पा जिले में उच्च कोटि का एस्बेस्टस मिलता है।

➤ कर्नाटक के हमान, मांडया, शिमोगा, मैसूर तथा चिकमगलूर जिलों में भी एस्बेस्टस मिलता है।

➤ इसके अन्य उत्पादक राज्य:- झारखण्ड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, उत्तराखण्ड और नागालैण्ड हैं।

कोयला

➤ कार्बोनीफेरस युग के बाद कोयले का निर्माण जुरासिक, क्रिटेशियस, टर्शियरी युग / कल्प में हुआ।

➤ कोयले के उत्पादन में भारत का स्थान विश्व में तीसरा है।

➤ भारत में कोयले के उत्पादन में प्रथम तीन राज्य क्रमशः हैं- झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा है।

➤ एंथ्रासाइट सबसे उत्तम श्रेणी का कोयला है।

➤ झारखंड (धनबाद, सिंहभूम, गिरिडीह),

➤ झरिया में गोंदलपारा कोयला खदान झारखंड राज्य का सबसे बड़ा कोयला क्षेत्र है।

➤ झारखंड में अन्य कोयला क्षेत्र गिरिडीह, रामगढ़, करनपुरा और डाल्टनगंज हैं।

➤ पश्चिम बंगाल (रानीगंज, आसनसोल),

➤ छत्तीसगढ़ (रायगढ़),

➤ ओडिशा के (देसगढ़ तथा तलचर),

➤ असम (माकूम, लखीमपुर), 

➤ तेलंगाना (सिंगरेनी, रामागुंडम)

➤ तेलंगाना में गोदावरी नदी घाटी में कोयला पाया जाता है। अदीलाबाद, करीमनगर, वारंगल, खम्माम तथा पश्चिमी गोदावरी मुख्य उत्पादक जिले हैं।

➤ तेलंगाना में इस समय कान्यपाली, कोठगूडम तथा तन्दूर खानों से कोयला निकाला जाता है।

➤ महाराष्ट्र का अधिकांश कोयला वर्द्धा घाटी में मिलती है।

चन्द्रपुर, घुघुस, बल्लारपुर तथा बटोटा प्रमुख कोयला उत्पादक जिले।

महाराष्ट्र का लगभग समस्त कोयला रेलवे द्वारा ढोया जाता है।

ट्राम्बे, चोला (कल्याण) खापरखेड़ा, पारस, भुसाबल, बल्लारशाह, नासिक तथा कोरादी स्थानों पर स्थित ताप विद्युत केन्द्रों द्वारा प्रयोग किया जाता है।

MP के सिंगरौली क्षेत्र की कुछ भाग UP के मिर्जापुर जिले में है।

कोटाह के निकट उच्च कोटि का कोयला मिलता है।

मेघालय की गारो, खाँसी तथा जयन्तिया पहाड़ियों में कोयले (लिग्नाइट) के भण्डार मिलते हैं।

तमिलनाडू लिग्नाइट के भण्डार तथा उत्पादन की दृष्टि से अग्रणीय है।

तमिलनाडू में कुड्डालोर जिले का नेवेली कोयला क्षेत्र लिग्नाइट कोयला के लिए विश्व प्रसिद्ध है।

नेवेली कोयला क्षेत्र के कारण ही दक्षिण भारत में उद्योगों को बहुत प्रोत्साहन मिला है।

सन् 1956 में नेवली लिग्नाइट निगम द्वारा यहाँ का लिग्नाइट खनन शुरू किया गया है।

जम्मू कश्मीर में कालाकोट से लिग्नाइट प्राप्त होता है।

प्राकृतिक गैस

➤ प्राकृतिक गैस सामान्यतः तेल के कुँओं से प्राप्त होती है।

➤ जब कभी तेल के लिए कुआँ खोदा जाता है तो तेल से पहले गैस प्राप्त होती है क्योंकि तेल की अपेक्षा गैस हल्की होती है।

➤ 1997 में अंडमान क्षेत्र में 1700 अरब घन फूट गैस की खोज की गई। यह आने वाले 30 वर्षों में देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

➤ 2002 में रिलायंस कम्पनी ने कृष्णा-गोदावरी अपतटीय बेसिन में देश के अब तक के बड़े गैस भंडारों की खोज की।

➤ यहाँ 14 खरब घन फूट गैस होने का अनुमान है।

➤ 2003 में राजस्थान के बाड़मेर गैस की खोज।

➤ 2004 में रिलायंस ने ओडिशा के तट पर गैस की खोज की।

➤ 2005 में ONGC ने कृष्णा-गोदावरी के उथले जल में गैस ढूंढ निकाली। यह अमालपुरम तट से 12 किमी० दूरी पर है।

➤ मुम्बई हाई भारत का सबसे बड़ा गैस उत्पादक है और देश की लगभग तीन-चौथाई (71%) प्राकृतिक गैस पैदा करता है।

➤ वर्तमान में गैस के प्रक्रमण, परिवहन तथा वितरण की दृष्टि से भारत की सबसे बड़ी कंपनी GAIL (गैस ऑथोरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) है।

↳  इसके पास 5200 किमी० पाइप लाइन है।



भारत के प्रमुख खनिज संसाधन से सम्बंधित महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर



1. खनिज पदार्थों की दृष्टि से कौन-सा भारतीय क्षेत्र अधिक समृद्ध है?

(a) मालवा का पठार

(b) दक्कन का पठार

(c) लद्दाख का पठार

(d) छोटानागपुर का पठार

2. भारतीय खनिज पदार्थों का भण्डार गृह कहलाता है-

(a) मालवा का पठार

(b) दक्कन का पठार

(c) लद्दाख का पठार

(d) छोटानागपुर का पठार

3. निम्नलिखित में से कहाँ से उत्तम किस्म के लौह अयस्क की प्राप्ति होती है?

(a) जादूगोड़ा से

(b) बैलाडीला से

(c) लोहरदगा से

(d) अभ्रकी पहाड़ी से

4. कुद्रेमुख लौह खनिज परियोजना निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

(a) कर्नाटक

(b) झारखण्ड

(c) छत्तीसगढ़

(d) आ० प्र०

5. बैलाडीला खान से खनन किये जाने वाले लौह अयस्क को निम्नलिखित में से किस बंदरगाह से निर्यात किया जाता है?

(a) मार्मागाओ

(b) न्यू मंगलौर

(c) विशाखापत्तनम

(d) हल्दिया

6. कर्नाटक राज्य में स्थित बाबा बूदन की पहाड़ियाँ निम्नलिखित में से किस खनिज के उत्खनन के लिए प्रसिद्ध है?

(a) यूरेनियम

(b) लौह-अयस्क

(c) बॉक्साइट

(d) मैंगनीज

7. भारत में सर्वाधिक लोहा पैदा करने वाला राज्य है-

(a) ओडिसा

(b) झारखण्ड

(c) छत्तीसगढ़

(d) म० प्र०

8. भारत में पाया जाने वाला अधिकांश लौह अयस्क किस प्रकार का है।

(a) हेमेटाइट

(b) मैग्नेटाइट

(c) सीडेराइट

(d) लिमोनाइट

9. जावर एवं रामपुरा-आगुचा खनन क्षेत्र किस खनिज से सम्बन्धित है।

(a) बॉक्साइट

(b) यूरेनियम

(c) सीसा-जस्ता

(d) ताँबा

10. भारत का सर्वाधिक जस्ता उत्पादक राज्य है-

(a) महाराष्ट्र

(b) राजस्थान

(c) झारखण्ड

(d) उड़ीसा

11. निम्नलिखित में से किस खनिज में भारत आत्म निर्भर नहीं है?

(a) लौह-अयस्क

(c) अभ्रक

(b) मैंगनीज

(d) ताँबा

12. खेतड़ी किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?

(a) सोना

(c) ताँबा

(b) कोयला

(d) लौह अयस्क

13. भारत में बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन है?

(a) केरल

(b) ओडिशा

(c) मध्य प्रदेश

(त) झारखण्ड

14. निम्नलिखित में से कौन बॉक्साइट का एक प्रमुख खान है?

(a) जावर

(b) खेतड़ी

(c) लोहरदगा

(d) कलील

15. पलामू एवं लोहरदगा निम्नलिखित में से किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?

(a) ताँबा

(b) बॉक्साइट

(c) लौह अयस्क

(d) मैंगनीज

16. जिप्सम प्रचुर मात्रा में कहाँ उपलब्ध है?

(a) बिहार

(b) गुजरात

(c) मध्य प्रदेश

(d) राजस्थान

17. भारत का लगभग 55% अभ्रक उत्पादित करता है

(a) मध्य प्रदेश

(b) ओडिशा

(c) झारखण्ड

(d) प० बंगाल

18. कोडरमा किस खनिज के उत्खनन के लिए प्रसिद्ध है?

(a) ताँबा

(b) लौह अयस्क

(c) बॉक्साइट

(d) अभ्रक

19. अभ्रक के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

20. भारत में सर्वोत्तम श्रेणी का संगमरमर किस स्थान में पाया जाता है?

(a) जबलपुर

(b) भरतपुर

(c) मकराना

(d) जैसलमेर

21. गुजरात में वडोदरा क्षेत्र की मोतीपुरा खान से कौन-सा पत्थर निकाला जाता है?

(a) लाल संगमरमर

(b) काला संगमरमर

(c) सफेद संगमरमर

(d) इनमें से सभी

22. भारत में सर्वाधिक हीरा निम्न में से किस स्थान से निकाला जाता है?

(a) पन्ना (मध्य प्रदेश)

(b) गोलकुण्डा (कर्नाटक)

(c) जयपुर (राजस्थान)

(d) क्विलोन (केरल)

23. निम्नलिखित में से सोने की सर्वाधिक मात्रा उत्पादित करने वाला राज्य कौन-सा है?

(a) कर्नाटक

(b) आ० प्र०

(c) झारखण्ड

(d) छत्तीसगढ़

24. कोलार स्वर्ण खदान निम्न में से किस राज्य में स्थित है?

(a) कर्नाटक

(b) आ० प्र०

(c) महाराष्ट्र

(d) म० प्र०

25. भारत में स्वर्ण कहाँ पाया जाता है?

(a) कोलार (कर्नाटक)

(b) खेतड़ी (राजस्थान)

(c) पन्ना (मध्य प्रदेश)

(d) मोतीपुरा (गुजरात)

26. निम्नलिखित में से कौन-सा एक राज्य भारत में अभ्रक का सबसे प्रमुख उत्पादक है?

(a) झारखण्ड

(b) कर्नाटक

(c) राजस्थान

(d) म० प्र०

27. निम्नलिखित में से किस आण्विक खनिज के संचित भण्डार की दृष्टि से भारत विश्व में प्रथम स्थान रखता है?

(a) यूरेनियम

(b) थोरियम

(c) ग्रेफाइट

(d) एण्टीमनी

28. टंगस्टन उत्पादन के लिए प्रसिद्ध डेगाना खान किस राज्य में स्थित है?

(a) झारखण्ड

(b) ओडिशा

(c) राजस्थान

(d) छत्तीसगढ़

29. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (कोयला क्षेत्र)  सूची-II (संबंधित राज्य)

A. कर्णपुरा 1. झारखण्ड

B. सिंगरौली 2. मध्य प्रदेश

C. सिंगरेनी 3. तेलंगाना

D. कोरबा 4. छत्तीसगढ़

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4 

(b) 1 4 3 2

(c) 2 1 4 3

(d) 2 1 3 4

30. कोयले का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य है-

(a) प० बंगाल

(b) झारखण्ड

(c) उड़ीसा

(d) छत्तीसगढ़

31. झरिया किस खनिज उत्पादन के लिए भारत में प्रसिद्ध है?

(a) लोहा

(b) कोयला

(c) अभ्रक

(d) ताँबा

32. भारत में मिलने वाला अधिकांश कोयला किस भू-भाग में निक्षेपित हुआ है ?

(a) धारवाड़

(b) गोंडवाना

(c) आर्कियन

(d) टर्शियरी

33. भारत में सर्वप्रथम 1774 ई० में कोयला का उत्खनन किस स्थान पर किया गया?

(a) झरिया

(b) रानीगंज

(c) गिरिडीह

(d) कर्णपुरा

34. न्येवेली में खनन किया जाने वाला प्रमुख खनिज है-

(a) लिग्नाइट

(b) यूरेनियम

(c) सीसा-जस्ता

(d) बॉक्साइट

35. भारत में सबसे अधिक कोयले के भण्डार हैं-

(a) गोदावरी की घाटी में

(c) गंगा की घाटी में

(b) सतपुड़ा की घाटी में

(d) दामोदर की घाटी में

36. झरिया कोयला क्षेत्र किस राज्य में अवस्थित है?

(a) छत्तीसगढ़

(b) झारखण्ड

(c) ओडिशा

(d) असम

37. निम्नलिखित कोयला क्षेत्रों में किसके कोयला भण्डार सर्वाधिक हैं?

(a) झरिया

(b) रानीगंज

(c) कोरबा

(d) सिंगरौली

38. भारत में सर्वाधिक कोयला भण्डार पाये जाते हैं-

(a) छत्तीसगढ़

(b) झारखण्ड

(c) म० प्र०

(d) उड़ीसा

39. भारत में अंकलेश्वर किसके उत्पादन के लिए जाना जाता है?

(a) कोयला

(c) लौह-अयस्क

(b) यूरेनियम

(d) पेट्रोलियम

40. निम्नलिखित में से किस नदी घाटी को ‘भारत का रूर’ कहा जाता है?

(a) गोदावरी घाटी

(b) महानदी घाटी

(c) दामोदर घाटी

(d) नर्मदा घाटी

41. संचित भण्डार एवं उत्पादन की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा कोयला

क्षेत्र है-

(a) दामोदर घाटी कोयला क्षेत्र

(b) महानदी घाटी कोयला क्षेत्र

(c) गोदावरी घाटी कोयला क्षेत्र

(d) राजमहल कोयला क्षेत्र

42. निम्नलिखित में कौन-सा कथन असत्य है?

(a) एन्थ्रासाइट कोयला सर्वोत्तम किस्म का कोयला है।

(b) भारत में पाया जाने वाला अधिकांश कोयला बिटुमिनस प्रकार का है।

(c) जम्मू-कश्मीर में एन्थ्रासाइट कोयला पाया जाता है।

(d) भारत में कोयला का संचित भण्डार मुख्यतः 78° पूर्वी देशान्तर के पश्चिम में पाया जाता है।

43. भारत में खनिज तेल के भण्डार मुख्यतः किस प्रकार की चट्टानों में पाये जाते हैं?

(a) आग्नेय

(b) अवसादी

(c) कायान्तरित

(d) इनमें से सभी

44. भारत में खनिज तेल का उत्पादन सर्वप्रथम प्रारम्भ किया गया था-

(a) मुम्बई हाई में

(c) नहरकटिया में

(b) अंकलेश्वर में

(d) डिग्बोई में

45. तेल एवं प्राकृतिक गैस आयोग (ONGC) की स्थापना कब हुई?

(a) 1856 ई०

(b) 1914 ई०

(c) 1936 ई०

(d) 1956 ई०

46. काइकालूर खनिज तेल क्षेत्र किस नदी घाटी क्षेत्र में स्थित है?

(a) कृष्णा- गोदावरी

(b) नर्मदा- तापी

(c) गंगा- ब्रह्मपुत्र

(d) कृष्णा- कावेरी

47. निम्नलिखित में कौन-सा खनिज तेल क्षेत्र गुजरात राज्य में स्थित नहीं है?

(a) अंकलेश्वर

(b) कलोल

(c) मेहसाना

(d) बदरपुर

48. निम्नलिखित में कौन-सा कथन सत्य है?

(a) खनिज तेल मुख्यतः परतदार चट्टानों में पाया जाता है।

(b) मुम्बई हाई भारत का सबसे बड़ा तेल उत्पादक क्षेत्र है।

(c) भारत के मूल पेट्रोलियम उत्पादन का लगभग दो तिहाई अपतटीय क्षेत्रों से प्राप्त होता है।

(d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

49. ‘मंगला’ नामक तेल कुआँ किस राज्य में स्थित है?

(a) असम

(b) गुजरात

(c) राजस्थान

(d) महाराष्ट्र

50. गुजरात का सर्वाधिक महत्वपूर्ण तेल क्षेत्र है-

(a) अंकलेश्वर

(b) लुनेज

(c) कलोल

(d) मेहसाना

51. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (खनिज पदार्थ)    सूची-II (खनिज क्षेत्र)

A. ग्रेफाइट   1. बेलारी

B. सीसा      2. डीडवाना

C. लवण      3. रम्पा

D. चाँदी      4. जावर

कूट: A B C D

(a) 3 4 2 1

(b) 1 4 2 3

(c) 3 1 4 2

(d) 2 3 1 4

52. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए-

सूची-I      सूची-II

A. मैंगनीज   1. ओडिसा

B. एस्बेस्टस 2. मध्य प्रदेश

C. निकेल   3. राजस्थान

D. जस्ता   4. आन्ध्र प्रदेश

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4 

(b) 4 3 2 1

(c) 3 4 1 2

(d) 2 4 1 3

53. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-

सूची-I  सूची-II

A. मैंगनीज  1. बालाघाट

B. लौह-अयस्क 2. बस्तर

C. बॉक्साइट 3. माण्डला

D.कोयला  4. शहडोल

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 3 4 1

(c) 3 4 1 2

(d) 4 1 2 3

54. सूची-I (खनिज) को सूची-II (स्थान) के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए

सूची-I (खनिज)     सूची-II (स्थान)

A. कोयला   1. गिरिडीह

B. ताँबा   2. जायकोंडम

C. मैंगनीज 3. अलवर

D. लिग्नाइट 4. धारवाड़

कूट: A B C D

(a)  1 4 3 2

(b)  2 3 4 1

(c)  1 3 4 2

(d) 2 4 3 1

55. विश्व का सर्वोत्तम किस्म का अभ्रक प्राप्त होता है-

(a) धनबाद से

(b) हजारीबाग से

(c) झरिया से

(d) कुल्टी से

56. भारत में ताम्र-स्वर्ण-लौह-कोयला निम्नलिखित में से किस वर्ग के स्थानों से क्रमबद्ध है?

(a) क्षेत्री-कोलर-कुद्रेमुख झरिया

(b) कोलार-क्षेत्री-कुद्रेमुख-झरिया

(c) झरिया-कोलार-कुद्रेमुख-क्षेत्री

(d) क्षेत्री-कुद्रेमुख-कोलार-झरिया

57. बिहार में सूची-I (खनिजों) को सूची-II (प्राप्ति स्थानों) से सह-सम्बन्धित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (खनिज)       सूची-II (प्राप्ति स्थान)

A. अभ्रक     1. मुंगेर

B. स्वर्ण       2. गया

C. डोलोमाइट 3. किशनगंज

D. पेट्रोलियम 4. रोहतास

कूट: A B C D

(a) 3 4 1 2

(b) 1 2 3 4

(c) 2 1 4 3

(d) 4 3 2 1

58. भारत की सबसे महत्वपूर्ण यूरेनियम खान कहाँ स्थित है?

(a) मनावलकुरिची

(c) वाशी

(b) गौरीविदनूर

(d) जादूगोड़ा

59. भारत के किस राज्य में अनुमानतः कोयले के विशालतम सुरक्षित भण्डार उपलब्ध हैं?

(a) आन्ध्र प्रदेश

(b) झारखण्ड

(c) मध्य प्रदेश

(d) ओडिसा

60. सिंहभूम (झारखण्ड) किसके लिए प्रसिद्ध है? 

(a) कोयला

(b) लोहा

(c) ताँबा

(d) ऐलुमिनियम

61. निम्नलिखित में से भारत का वह राज्य कौन-सा है जो गंधक (सल्फर) के उत्पादन में आगे हैं?

(a) असम

(b) महाराष्ट्र

(c) पंजाब

(d) तमिलनाडु

62. झरिया कोयला की खानें देश के किस राज्य में है?

(a) आन्ध्र प्रदेश

(b) पश्चिम बंगाल

(c) झारखण्ड

(d) उड़ीसा

63. बैलाडिला किसके लिए प्रसिद्ध है?

(a) बॉक्साइट

(b) लौह-अयस्क

(c) ताँबा

(d) कोयला

64. कौन-सा भारतीय राज्य कोयले की बड़ी-बड़ी खानों के लिए मशहूर है?

(a) झारखण्ड

(b) आ० प्र०

(c) कर्नाटक

(d) बिहार

65. खेतड़ी किसके लिए प्रसिद्ध है?

(a) सोना

(b) ताँबा

(c) ऐलुमिनियम

(d) उर्वरक

66. निम्न में से कौन-सा राज्य प्रमुख कोयला उत्पादक नहीं है?

(a) छत्तीसगढ़

(b) प० बंगाल

(c) महाराष्ट्र

(d) राजस्थान

67. भात में यूरेनियम खदान कहाँ स्थित है?

(a) अल्वाय

(b) जादूगोड़ा

(c) खेतड़ी

(d) सिंहभूम

68. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I          सूची-II

A. कोयला   1. हजारीबाग

B. लोहा      2. न्येवेली

C. लिग्नाइट 3. राउकेला

D. अभ्रक    4. झरिया

कूट:

(a) 2 1 4 3

(b) 4 3 2 1

(c) 4 2 3 1

(d) 3 2 4 1

69. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-I         सूची-II

A. लिग्नाइट   1. ताँबा

B. बॉक्साइट  2. लोहा

C. मैग्नेटाइट   3. ऐलुमिनियम

D. पायराइट   4. कोयला 

कूट : A B C D

(a)  4 3 1 2

(b) 2 3 1 4

(c) 4 3 2 1

(d) 4 1 3 2

15. Energy Resources of India (भारत के ऊर्जा संसाधन)

15. Energy Resources of India

(भारत के ऊर्जा संसाधन)



Energy Resources of India

1. निम्नलिखित में से कौन ऊर्जा के गैर परम्परागत स्रोत (Non- Conventional) की श्रेणी में आता है?

(a) कोयला

(b) पेट्रोलियम

(c) प्राकृतिक गैस

(d) बायो गैस

2. निम्नलिखित में से कौन ऊर्जा का परम्परागत स्रोत नहीं है?

(a) प्राकृतिक गैस

(b) कोयला

(c) खनिज तेल

(d) भूतापीय ऊर्जा

3. निम्नलिखित में से किस प्रकार की ऊर्जा से सबसे कम वायु प्रदूषण होता है?

(a) तापीय ऊर्जा

(b) जलीय ऊर्जा

(c) नाभिकीय ऊर्जा

(d) सौर ऊर्जा

4. भारत में ऊर्जा उत्पादन में सर्वाधिक भागीदारी है-

(a) जल-विद्युत्

(b) ताप-विद्युत्

(c) परमाणु विद्युत्

(d) सौर ऊर्जा

5. भारत की पहली लहर ऊर्जा परियोजना निम्न में से किस स्थान पर स्थापित की गई है?

(a) कांडला

(b) बिझिनजाम

(c) कारवाड़

(d) धारवाड़

6. चेन्नई के समीप कलपक्कम नामक स्थान पर निम्न में से किसकी स्थापना की गई है?

(a) अखबारी कागज संयंत्र

(b) लिग्नाइट कारखाना

(c) नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र

(d) तेलशोधन संयंत्र

7. काकरापारा परमाणु शक्ति केन्द्र निम्नांकित में से किस राज्य में है?

(a) कर्नाटक

(b) गुजरात

(c) तमिलनाडु

(d) महाराष्ट्र

8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए-

सूची-I       सूची-II

A. तारापुर परमाणु शक्ति केन्द्र 1. कर्नाटक

B. रावतभाटा परमाणु शक्ति केन्द्र 2. गुजरात

C. काकरापार परमाणु शक्ति केन्द्र 3. राजस्थान

D. कैगा परमाणु शक्ति केन्द्र 4. महाराष्ट्र

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 3 4 1 2

(c) 4 3 2 1

(d) 2 1 4 3

9. कैगा में होता है-

(a) पोटैशियम निष्कर्षण

(b) नाभिकीय ऊर्जा उत्पादन

(c) जल-विद्युत उत्पादन

(d) कोयला उत्खनन

10. भारत का प्रथम परमाणु ऊर्जा उत्पादन केन्द्र है-

(a) नरौरा (उत्तर प्रदेश)

(b) तारापुर (महाराष्ट्र)

(c) कलपक्कम (तमिलनाडु)

(d) काकरापार (गुजरात)

11. सुमेलित कीजिए-

सूची-I (परमाणु ऊर्जा केन्द्र)  सूची-II (राज्य)

A. कलपक्कम 1. तमिलनाडु

B. काकरापार 2. कर्नाटक

C. कैगा 3. गुजरात

D. रावतभाटा 4. राजस्थान

कूट: A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 1 3 4

(c) 1 3 2 4

(d) 1 2 4 3

12. भारत में भूतापीय ऊर्जा का संयंत्र कहाँ स्थापित किया गया है?

(a) अंडमान-निकोबार के मूस प्वाइण्ट में

(b) राजस्थान के धौल में

(c) हि० प्र० के मणिकर्ण में

(d) हरियाणा के सोनीपत में

13. देश में कुल विद्युत् उत्पादन में ताप-विद्युत् का योगदान है-

(a) 60%

(b) 70%

(c) 75%

(d) 85%

14. तालचर एवं इन्नौर उल्लेखनीय है

(a) परमाणु शक्ति संयंत्रों हेतु

(b) जल-विद्युत् शक्ति संयंत्रों हेतु

(c) भू-तापीय शक्ति संयंत्रों हेतु

(d) तापीय शक्ति संयंत्रों हेतु

15. राष्ट्रीय ताप-विद्युत् निगम (N.T.P.C) की निम्नलिखित केन्द्रों एवं सम्बन्धित राज्यों को सुमेलित करें-

सूची-I        सूची-II

A. सिंगरौली 1. छत्तीसगढ़

B. कोरबा 2. तेलंगाना

C. रामागुण्डम 3. बिहार

D. कहलगाँव 4. उत्तर प्रदेश

कूट : A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 1 3 4

(c) 4 1 2 3

(d) 1 4 3 2

16. निम्नलिखित ताप विद्यत् केन्द्रों एवं संबंधित राज्यों में कौन सुमेलित नहीं है ?

(a) ओबरा- उत्तर प्रदेश

(b) विन्ध्याचल- मध्य प्रदेश

(c) तालचर- उड़ीसा

(d) कोरबा- मध्य प्रदेश

17. भारत की प्रथम जल विद्युत् परियोजना है

(a) कृष्णा नदी पर शिवसमुद्रम परियोजना

(b) शरावती नदी पर महात्मा गाँधी परियोजना

(c) कावेरी नदी पर शिवसमुद्रम परियोजना

(d) सतलज नदी पर भाखड़ा नांगल परियोजना

18. चूखा जल-विद्युत् परियोजना जो कि भारत एवं भूटान की संयुक्त परियोजना है, किस नदी पर स्थित है?

(a) मानस नदी

(b) तिस्ता नदी

(c) वांग्चू नदी

(d) महाकाली नदी

19. महात्मा गाँधी जल-विद्युत् परियोजना स्थित है-

(a) कर्नाटक में कावेरी नदी पर

(b) कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी पर

(c) कर्नाटक में शरावती नदी पर

(d) कर्नाटक में कृष्णा नदी पर

20. दुलहस्ती जल-विद्युत् परियोजना स्थित है-

(a) जम्मू-कश्मीर में झेलम नदी पर

(b) जम्मू-कश्मीर में चिनाब नदी पर

(c) हिमाचल प्रदेश में सतलज नदी पर

(d) हिमाचल प्रदेश में व्यास नदी पर

21. लोकटक शक्ति परियोजना निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

(a) प० बंगाल

(b) केरल

(c) मेघालय

(d) मणिपुर

22. भारत तथा एशिया की एकमात्र अधोभौमिक संजय जल-विद्युत् परियोजना निम्न में से किस राज्य में स्थित है ?

(a) अरुणाचल प्रदेश

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) उत्तर प्रदेश

(d) आन्ध्र प्रदेश

23. भारत की कुल ऊर्जा खपत में निम्नलिखित साधनों के योगदान के आधार पर इनका सही अवरोही क्रम है-

(a) कोयला, पेट्रोलियम, जल-विद्युत्, प्राकृतिक गैस

(b) कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जल-विद्युत्

(c) पेट्रोलियम, कोयला, प्राकृतिक गैस, जल-विद्युत्

(d) पेट्रोलियम, कोयला, जल-विद्युत्, प्राकृतिक गैस

24. पवन ऊर्जा के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) दूसरा

(b) तीसरा

(c) चौथा

(d) पाँचवाँ

25. भारत में प्रथम जल-विद्युत् शक्ति गृह की स्थापना 1898 ई० में कहाँ की गई थी?

(a) शिवसमुद्रम

(b) दार्जिलिंग

(c) मोहरा

(d) खोपोली

26. एशिया की पहली भूमिगत जल-विद्युत् परियोजना भारत के निम्नलिखित राज्यों में से किसमें स्थित है?

(a) जम्मू और कश्मीर

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) अरुणाचल प्रदेश

(d) उत्तर प्रदेश

27. भारत में विद्युत् आपूर्ति सबसे पहले कहाँ शुरू हुई?

(a) कोलकाता

(b) दार्जिलिंग

(c) मुम्बई

(d) चेन्नई

28. ताप-विद्युत् परियोजनाओं के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा जोड़ा सही है?

(a) कोरबा-उत्तर प्रदेश

(b) रामागुंडम-तमिलनाडु

(c) तलचर-आन्ध्र प्रदेश

(d) कावास-गुजरात

29. ओबरा शहर प्रसिद्ध है-

(a) तेलशोधक कारखाने के लिए

(b) थर्मल पावर प्लाण्ट के लिए

(c) स्टील उद्योग के लिए

(d) ऐलुमिनियम प्लाण्ट के लिए

30. द्वितीय जल-विद्युत् शक्ति केन्द्र कहाँ प स्थापित किया गया था?

(a) चम्बल

(b) दामोद

(c) मण्डी

(d) शिवसमुद्रम

12. Major Agriculture of India (भारत की प्रमुख कृषि)

12. Major Agriculture of India

(भारत की प्रमुख कृषि)



1. निम्नलिखित में से कौन एक खरीफ की फसल है?

(a) जौ

(b) चना

(c) चावल

(d) गेहूँ

2. नकदी फसल में सम्मिलित नहीं है-

(a) गन्ना

(b) कपास

(c) जूट

(d) गेहूँ

3. निम्नलिखित में से कौन एक नकदी फसल है?

(a) मक्का

(b) गेहूँ

(c) तम्बाकू

(d) धान

4. भारत का सबसे बड़ा चावल उत्पादक राज्य है-

(a) उत्तर-प्रदेश

(b) प० बंगाल

(c) आ० प्र०

(d) पंजाब

5. भारत की प्रमुख खाद्य फसल है-

(a) चावल

(b) गेहूँ

(c) गन्ना

(d) चना

6. निम्नलिखित में से किस क्षेत्र को ‘भारत का चावल का कटोरा’ (Rice bowl of India) कहा जाता है?

(a) उत्तर-पूर्व क्षेत्र

(b) इण्डो-गांगेय क्षेत्र

(c) कृष्णा-गोदावरी डेल्टा

(d) केरल तथा तमिलनाडु

7. भारत में गेहूँ के प्रथम तीन बड़े उत्पादक राज्य हैं-

(a) उ० प्र०, पंजाब व हरियाणा

(b) पंजाब, उ० प्र० व हरियाणा

(c) हरियाणा, पंजाब व उ० प्र०

(d) हरियाणा, उ० प्र० व पंजाब

8. भारत का सर्वाधिक खाद्यान्न उत्पादक करने वाला राज्य है-

(a) पंजाब

(b) हरियाणा

(c) उत्तर प्रदेश

(d) बिहार

9. भारत की सर्वाधिक एकड़ भूमि में कौन-सी फसल उगायी जाती है?

(a ) गेहूँ

(b) गन्ना

(c) धान

(d) मक्का

10. भारत में उत्तर प्रदेश राज्य का स्थान किसके उत्पादन में प्रथम है?

(a) खाद्यान्न

(b) दुग्ध

(c) गन्ना व चीनी

(d) इनमें से सभी में

11. भारत में हरित क्रान्ति किस मामले में सर्वाधिक सफल रही है?

(a) गेहूं व चावल

(b) ज्वार व तिलहन

(c) गेहूं व आलू

(d) चाय व कॉफी

12. हरित क्रान्ति के फलस्वरूप देश में कुल खाद्यान्न में निम्नलिखित में से किसका अंश कम हो गया है?

(a) गेहूँ

(b) चावल

(c) दलहन व मोटा अनाज

(d) इनमें से कोई नहीं

13. किस राज्य को ‘भारत का धान्य भण्डार’ के रूप में जाना जाता है?

(a) उत्तर प्रदेश

(b) पंजाब

(c) हरियाणा

(d) छत्तीसगढ़

14. हरित क्रांति का अर्थ है-

(a) कृषक क्रान्ति

(b) सामाजिक वानिकी

(c) वृक्षारोपण

(d) कृषि के आधुनिक विधियों का उपयोग कर प्रति एकड़ फसल की उपज बढ़ाना

15. भारत में हरित क्रान्ति से जुड़े वैज्ञानिक हैं- 

(a) डा० एम० एस० स्वामीनाथन

(b) एस० एस० भटनागर

(c) जे० सी० बोसा

(d) वी० आर० राव

16. भारत का सबसे बड़ा मूंगफली उत्पादक राज्य है-

(a) आ० प्र०

(b) तमिलनाडु

(c) गुजरात

(d) महाराष्ट्र

17. भारत का सबसे बड़ा सोयाबीन उत्पादक राज्य है-

(a) महाराष्ट्र

(b) मध्य प्रदेश

(c) राजस्थान

(d) उ० प्र०

18. काजू का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है-

(a) केरल

(b) महाराष्ट्र

(c) आ० प्र०

(d) तमित्रनाडु

19. निम्न में से कौन-सा राज्य भारत का अग्रणी दलहन उत्पादक है?

(a) राजस्थान

(b) उत्तर प्रदेश

(c) पंजाब

(d) म० प्र०

20. भारत का वह एकमात्र राज्य जो केशर का उत्पादन करता है?

(a) जम्मू-कश्मीर

(c) हिमाचल प्रदेश

(b) सिक्किम

(d) उत्तराखंड

21. भारत में रेशम का सबसे अधिक उत्पादन करने वाला राज्य कौन-सा है?

(a) कर्नाटक

(b) आ० प्र०

(c) असम

(d) पंजाब

22. फल उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

23. सब्जी उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

24. नारियल उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

25. भारत का कौन-सा राज्य जूट का प्रमुख उत्पादक है?

(a) असम

(b) बिहार

(c) प० बंगाल

(d) उ० प्र०

26. भारत में वृहत्त पैमाने पर जूट की खेती किस नदी घाटी क्षेत्र में की जाती है?

(a) दामोदर

(b) गंगा

(c) हुगली

(d) ब्रह्मपुत्र

27. भारत में सर्वोत्तम चाय कहाँ पैदा होती है?

(a) जोरहट

(b) नीलगिरि

(c) दार्जिलिंग

(d) कूच बिहार

28. भारत में सबसे ज्यादा चाय किस राज्य में पैदा होती है?

(a) प० बंगाल

(b) केरल

(c) असम

(d) तमिलनाडु

29. भारत का सबसे बड़ा कहवा उत्पादक राज्य है

(a) केरल

(b) कर्नाटक

(c) तमिलनाडु

(d) आ० प्र०

30. भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है-

(a) उत्तर प्रदेश

(b) महाराष्ट्र

(c) तमिलनाडु

(d) कर्नाटक

31. भारत में प्राकृतिक रबड़ का सबसे अधिक उत्पादन किस राज्य में होता है?

(a) केरल

(b) कर्नाटक

(c) तमिलनाडु

(d) आ० प्र०

32. प्राकृतिक रबड़ के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) दूसरा

(b) तीसरा

(c) चौथा

(d) पाँचवाँ

33. भारत लम्बे रेशे के कपास का आयात मुख्यतः कहाँ से करता है?

(a) मिस्र व सूडान से

(c) पाकिस्तान से

(b) संयुक्त राज्य अमेरिका से

(d) इनमें से सभी से

34. तम्बाकू के उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) पहला

(b) दूसरा

(c) तीसरा

(d) चौथा

35. नीली क्रान्ति (Blue Revolution) किससे सम्बन्धित है?

(a) पर्यावरण से

(b) कृषि से

(c) मत्स्य उत्पादन से

(d) नदियों की सफाई से

36. भारत में स्वच्छ जलीय मछली का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है-

(a) महाराष्ट्र

(b) तमिलनाडु

(c) प० बंगाल

(d) केरल

37. दुग्ध उत्पादन में भारत का विश्व में कौन-सा स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

38. भारत में दूध उत्पादन में अग्रणी राज्य है-

(a) गुजरात

(b) हरियाणा

(c) पंजाब

(d) उत्तर प्रदेश

39. भारत में ऑपरेशन फलड कार्यक्रम का प्रारम्भ कब हुआ था?

(a) 1951 ई०

(b) 1970 ई०

(c) 1975 ई०

(d) 1985 ई०

40. श्वेत क्रान्ति (White Revolution) संबंधित है-

(a) खाद्यान्न उत्पादन से

(b) दुग्ध उत्पादन से

(c) कपास उत्पादन से

(d) मलय उत्पादन से

41. ऑपरेशन फ्लड का सम्बन्ध है-

(a) बाढ़ नियन्त्रण

(b) भूक्षरण रोकयान

(c) दुग्ध उत्पादन

(d) मत्स्य उत्पादन

42. दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में श्वेत क्रांति लाने का श्रेय किसको जाता है?

(a) डा० एम० एस० स्वामीनाथन

(b) डा० वर्गीज कुरियन

(c) डा० अमृता पटेल

(d) डा० पंजाब सिंह

43. निम्नलिखित में कौन कृषि से सम्बन्धित नहीं है?

(a) हरित क्रान्ति

(b) श्वेत क्रान्ति

(c) कृष्ण क्रान्ति

(d) पीली क्रान्ति

44. गुलाबी क्रान्ति (Pink revolution) किससे सम्बन्धित है?

(a) टमाटर उत्पादन

(b) झींगा उत्पादन

(c) मांस उत्पादन

(d) खाद्यान्न उत्पादन

45. गोल क्रान्ति (Round revolution) का संबंध किससे है?

(a) टमाटर उत्पादन

(b ) आलू उत्पादन

(c) अंडा उत्पादन

(d) शलजम उत्पादन

46. भारत का सर्वाधिक पटसन उत्पादक राज्य है- 

(a) आ० प्र०

(b) बिहार

(c) तमिलनाडु

(d) प० बंगाल

47. भारत में सर्वाधिक गेहूँ उत्पादक राज्य कौन-सा है?

(a) उत्तर प्रदेश

(b) पंजाब

(c) हरियाणा

(d) म० प्र०

48. शुष्क भूमि के लिए सर्वाधिक उचित फसल कौन-सा है?

(a) गन्ना

(b) जूट

(c) गेहूँ

(d) मूंगफली

49. भारत में सबसे अधिक कॉफी उत्पन्न करने वाला राज्य कौन-सा है?

(a) महाराष्ट्र

(b) कर्नाटक

(c) तमिलनाडु

(d) केरल

50. निम्नांकित में कौन खरीफ की फसल नहीं है? 

(a) चावल

(b) गेहूँ

(c) गन्ना

(d) कपास

51. निम्नलिखित में वह राज्य कौन-सा है जो गेहूं की खेती नहीं करता है?

(a) कर्नाटक

(b) महाराष्ट्र

(c) प० बंगाल

(d) तमिलनाडु

52. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक है?

(a) बिहार

(b) गुजरात

(c) महाराष्ट्र

(d) उ० प्र०

53 . गुजरात के विषय में निम्न में कौन-सा कथन सही नहीं है?

(a) यह तम्बाकू का सबसे बड़ा उत्पादक है।

(b) यह मूंगफली का सबसे बड़ा उत्पादक है।

(c) यह नमक का सबसे बड़ा उत्पादक है।

(d) यह दुग्ध उत्पादों का सबसे बड़ा उत्पादक है।

54. भारत में किस खाद्य फसल का उत्पादन सबसे अधिक होता है?

(a) मक्का

(b) चावल

(c) गेहूँ

(d) ज्वार

55. किस फसल के लिए पानी की अधिकता आवश्यक है लेकिन जमाव नहीं?

(a) धान

(b) जूट

(c) चाय

(d) मूंगफली

56. निम्नलिखित में से कौन-सी खरीफ की फसल है?

(a) चना

(b) तिल

(c) मक्का

(d) (b) और (c) दोनों

57. खरीफ की फसल काटी जाती है-

(a) मार्च में

(b) दिसम्बर में

(c) नवम्बर के प्रारम्भ में

(d) जून के प्रारम्भ में

58. निम्नलिखित में से कौन-सा शहर अंगूरों की पैदावार के लिए प्रसिद्ध है?

(a) नासिक

(b) नागपुर

(c) शोलापुर

(d) उज्जैन

59. निम्नलिखित में से कौन-सी नकदी फसल महाराष्ट्र में पैदा नहीं होती है?

(a) गन्ना

(b) तिलहन

(c) कपास

(d) रबड़

60. रेशा फसले निम्नलिखित में से कौन-सी है? 

(a) जूट, गन्ना, अलसी

(b) कपास, मक्का, तम्बाकू

(c) कपास, सन, जूट

(d) सन, कपास, मक्का

61. झूम है एक-

(a) लोक नृत्य

(b) नदी घाटी का नाम

(c) जनजाति

(d) कृषि का एक तरीका

62. निम्नलिखित में से किस जिले में कॉफी का अधिक उत्पादन होता है?

(a) कुर्ग

(b) मैसूर

(c) हुबली

(d) बेल्लारी

63. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य भारत के सम्पूर्ण रेशम उत्पादन का आधा भाग उत्पन्न करता है? 

(a) कर्नाटक

(b) असम

(c) पश्चिम बंगाल

(d) जम्मू-कश्मीर

64 . भारत के कितने प्रतिशत लोग कृषि पर आश्रित हैं?

(a) 90%

(b) 70%

(c) 65%

(d) 80%

65. जूट सबसे अधिक कहाँ होती है?

(a) मुम्बई 

(b) कर्नाटक

(c) बंगाल का डेल्टाई क्षेत्र

(d) आन्ध्र प्रदेश

66. नीलगिरि के पहाड़ी क्षेत्रों में किसकी खेती की जाती है?

(a) चाय

(b) रबड़

(c) कॉफी

(d) इलायची

67. दक्षिण भारत में सर्वाधिक चाय उत्पादित करने वाला राज्य है-

(a) कर्नाटक

(b) के

(c) आ० प्र०

(d) तमिलनाडु

68. सर्वाधिक तम्बाकू उत्पादित करने वाले दो राज्य हैं-

(a) आन्ध्र प्रदेश व उत्त प्रदेश

(b) बंगाल व महाराष्ट्र

(c) आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु

(d) आन्ध्र प्रदेश व गुजरात

69. किस फसल की बुवाई तथा कटाई के बीच सर्वाधिक अन्तराल पाया जाता है? 

(a) गेहूँ

(b) जौ

(c) गन्ना

(d) मक्का

70. राष्ट्रीय रसदार फल अनुसन्धान केन्द्र अवस्थित है-

(a) ईटानगर

(b) शिमला

(c) नागपुर

(d) जूनागढ़ 

14. Means of Irrigation in India (भारत में सिचाई के साधन)

14. Means of Irrigation in India

(भारत में सिचाई के साधन)



1. स्वतंत्रता के बाद भारत में कुल सिंचित क्षेत्र कितना गुना बढ़ा है?

(a) दो गुना

(b) तीन गुना

(c) चार गुना

(d) पाँच गुना

2. भारत में वर्तमान समय में कितनी लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित है?

(a) 650

(b) 700

(c) 750

(d) 850

3. भारत में शुद्ध बोए गए क्षेत्र के लगभग कितने प्रतिशत भाग में सिंचाई होती है?

(a) 33%

(b) 38%

(c) 43%

(d) 51%

4. भारत में सिंचाई का सबसे प्रमुख साधन है-

(a) नहरें

(b) तालाब

(c) कुएँ

(d) कुएँ और नलकूप

5. देश के कुल सिंचित क्षेत्र में नहरों की भागीदारी है-

(a) 31.1%

(b) 35.1%

(c) 38.9%

(d) 55.9%

6. देश के कुल सिंचित क्षेत्र में कुओं और नलकूपों की भागीदारी है-

(a) 30%

(b) 39%

(c) 43%

(d) 56%

7. देश के कुल सिंचित क्षेत्र में तालाब सिंचाई की भागीदारी है-

(a) 6%

(b) 7%

(c) 9%

(d) 11%

8. भारत के किस भाग में तालाब का सिंचाई के साधन के रूप में सर्वाधिक

(a) उत्तरी

(b) दक्षिणी

(c) पूर्वी

(d) पश्चिमी

9. निम्नलिखित में से किस राज्य का सर्वाधिक कृषि क्षेत्र तालाबों द्वारा सिंचित किया जाता है?

(a) तमिलनाडु

(b) आ० प्र०

(c) कर्नाटक

(d) केरल

10. नलकूपों की सर्वाधिक संख्या निम्नलिखित में से किस राज्य में है?

(a) उ० प्र०

(b) म० प्र०

(c) पंजाब

(d) हरियाणा

11. भारत में नहर द्वारा सिंचाई में कौन-सा राज्य अग्रणी है?

(a) पंजाब

(b) हरियाणा

(c) राजस्थान

(d) उ० प्र०


12. कुओं और नलकूपों द्वारा सिंचाई में अग्रणी राज्य है-

(a) गुजरात

(b) उत्तर प्रदेश

(c) गोवा

(d) राजस्थान

13. निम्नलिखित में से किस राज्य के शुद्ध बोए गए क्षेत्र का सर्वाधिक भाग सिंचित है?

(a) पंजाब

(b) हरियाणा

(c) उत्तर प्रदेश

(d) तमिलनाडु

14. निम्नलिखित राज्यों की सिंचाई की सृजित क्षमता के अनुसार सही अवरोही क्रम है-

(a) पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश

(b) उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पंजाब

(c) पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश

(d) उत्तर प्रदेश, बिहार, आन्ध्र प्रदेश, पंजाब

15. इन्दिरा गाँधी नहर निकलती है-

(a) भाखड़ा बाँध से

(b) हरिके बाँध से

(c) पोंग बाँध से

(d) उकाई बाँध से

16. इन्दिरा गाँधी नहर या राजस्थान नहर को किस नदी से जल मिलता है?

(a) रावी

(b) घाघरा

(c) यमुना

(d) सतलज

17. त्रिवेणी नहर किस नदी से निकाली गई है?

(a) गंगा

(b) कोसी

(c) गंडक

(d) सोन

18. सारण (Saran) सिंचाई नहर निकलती है-

(a) सोन से

(b) गंगा से

(c) कोसी से

19. त्रिवेणी नहर में किस नदी से पानी आता है? 

(a) सोन

(b) कोसी

(c) गंडक

(d) मयूराक्षी

20. राजस्थान नहर का नया नाम है-

(a) महात्मा गाँधी नहर

(b) इन्दिरा गाँधी नहर

(c) जवाहर नहर

(d) सुभाष नह

19. Major Multipurpose River Valley Projects of India (भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ)

19. Major Multipurpose River Valley Projects of India

(भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ)



क्रम परियोजना का नाम नदी का नाम लाभान्वित राज्य
1. भाखड़ा नांगल परियोजना  सतलज नदी पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश
2. नाथपा-झकरी परियोजना  सतजल नदी हिमाचल प्रदेश
3. कोल डैम परियोजना  सतलज नदी हिमाचल प्रदेश
4. सरहिंद नहर परियोजना  सतलज नदी हरियाणा
5. इंदिरा गांधी नहर परियोजना सतजल नदी राजस्थान, पंजाब तथा हरियाणा
6. व्यास परियोजना  व्यास नदी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश
7. रणजीत सागर बाँध परियोजना  रावी नदी  पंजाब
8. टिहरी बाँध परियोजना भागीरथी नदी उतराखंड
9. सतलज परियोजना  चिनाव नदी  जम्मू-कश्मीर
10. बगलिहार परियोजना   चिनाव नदी जमू-कश्मीर
11. दुलहस्ती परियोजना  चिनाव नदी जमू-कश्मीर
12. तुलबुल परियोजना  झेलम नदी जमू-कश्मीर
13. दामोदर घाटी परियोजना  दामोदर नदी झारखण्ड, प०बंगाल
14. दुर्गा बैराज परियोजना  दामोदर नदी प०बंगाल, झारखण्ड
15. पंचेत बाँध दामोदर नदी झारखण्ड, प०बंगाल
16. तिलैया परियोजना बराकर नदी झारखंड
17. मयूराक्षी परियोजना मयूराक्षी नदी पश्चिम बंगाल
18. फरक्का परियोजना गंगा, भागीरथी नदी पश्चिम बंगाल
19. कांगसावती परियोजना कांगसावती नदी पश्चिम बंगाल
20. हीराकुंड बाँध परियोजना महानदी ओडिशा
21. महानदी डेल्टा परियोजना महानदी ओडिशा
22. मुचकुंड परियोजना मुचकुंड नदी ओडिशा तथा आध्रप्रदेश
23. दण्डकारण्य परियोजना हंसदेव नदी ओडिशा, मध्य प्रदेश
24. हंसदेव बंगो परियोजना हंसदेव नदी मध्य प्रदेश
25. कोसी परियोजना कोसी नदी बिहार तथा नेपाल
26. गंडक नदी परियोजना गंडक नदी बिहार तथा नेपाल
27. बाणसागर परियोजना सोन नदी बिहार, UP, MP
28. रिहंद परियोजना रिहंद नदी उत्तर प्रदेश
29. रामगंगा परियोजना रामगंगा नदी उत्तर प्रदेश
30. शारदा परियोजना शारदा, गोमती नदी उत्तर प्रदेश
31. माताटीला परियोजना बेतबा नदी  उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश
32. चम्बल परियोजना चम्बल नदी राजस्थान तथा MP
33. राणा प्रताप सागर परियोजना चम्बल नदी राजस्थान
34. जवाहर सागर परियोजना चम्बल नदी राजस्थान
35. गंगा सागर परियोजना चम्बल नदी मध्य प्रदेश
36. सरदार सरोवर परियोजना नर्मदा नदी गुजरात, MP, महाराष्ट्र, राजस्थान
37. नर्मदा सागर परियोजना नर्मदा नदी MP तथा गुजरात
38. काकड़ापारा परियोजना ताप्ती नदी गुजरात
39. उकाई परियोजना ताप्ती नदी गुजरात
40. तवा परियोजना तवा नदी मध्य प्रदेश
41. बार्गी परियोजना बार्गी नदी मध्य प्रदेश
42. तुंगभद्रा परियोजना तुंगभद्रा नदी तेलंगाना कर्नाटक
43. नागार्जुन सागर परियोजना कृष्णा नदी आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना
44. उपरी कृष्णा परियोजना कृष्णा नदी कर्नाटक (अलमाटी बाँध)
45. नागपुर शक्ति परियोजना कोराडी नदी महाराष्ट्र
46. कोयना परियोजना कोयना नदी महाराष्ट्र
47. भीमा परियोजना भीमा नदी महाराष्ट्र
48. गिरना परियोजना गिरना नदी महाराष्ट्र
49. पूर्णा परियोजना पूर्णा नदी महाराष्ट्र
50. जायकवाड़ी परियोजना गोदावरी नदी महाराष्ट्र
51. पोचाम्पाद परियोजना गोदावरी नदी कर्नाटक
52. मालप्रभा परियोजना मालप्रभा नदी कर्नाटक
53. घाटप्रभा परियोजना घाटप्रभा नदी कर्नाटक
54. हिडकल परियोजना घाटप्रभा नदी कर्नाटक
55. भद्रा परियोजना भद्रा नदी कर्नाटक
56. शरावती परियोजना  शरावती नदी कर्नाटक
57. पनामा परियोजना पनामा नदी गुजरात
58. कुंडा परियोजना कुंडा नदी तमिलनाडु
59. पराम्बिकुलम अलियार परियोजना 8 छोटी नदियाँ तमिलनाडु, केरल
60. इडुक्की परियोजना पेरियार नदी केरल

भारत के प्रमुख बहुउद्देशीय नदी घाटी परियोजनाएँ से सम्बंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर



1. भारत में प्रथम बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना का निर्माण निम्न में से किस नदी पर किया गया है?

(a) गोदावरी

(b) कायेरी

(c) दामोदर

(d) कोयना

2. भारत की सबसे बड़ी बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना कौन-सी है?

(a) दामोदर घाटी परियोजना

(b) भाखड़ा नांगल परियोजना

(d) चम्बल घाटी परियोजना

(c) हीराकुड परियोजना

3. पराम्बिकुलम अलियार परियोजना निम्नलिखित में से किन राज्यों की सम्मिलित परियोजना है?

(a) आन्ध्र प्रदेश एवं तमिलनाडु

(b) केरल एवं तमिलनाडु

(c) केरल एवं आन्ध्र प्रदेश

(d) कर्नाटक एवं आन्ध्र प्रदेश

4. मचकुंड परियोजना किन दो राज्यों की सम्मिलित परियोजना है?

(a) प० बंगाल एवं उड़ीसा

(b) प० बंगाल एवं बिहार

(c) उड़ीसा एवं आन्ध्र प्रदेश

(d) कर्नाटक एवं आन्ध्र प्रदेश

5. मयूराक्षी परियोजना से भारत के कौन से दो राज्य लाभान्वित हो रहे हैं?

(a) बिहार एवं उत्तर प्रदेश

(b) प० बंगाल एवं असम

(c) प० बंगाल एवं झारखण्ड

(d) झारखण्ड एवं मध्य प्रदेश

6. आन्ध्र प्रदेश एवं ओडिसा की सम्मिलित परियोजना है-

(a) मचकुण्ड

(b) मयूराक्षी

(c) नागार्जुन सागर

(d) पोचम्पाद

7. उकाई परियोजना स्थित है-

(a) म० प्र० में तापी नदी पर

(b) गुजरात में तापी नदी पर

(c) गुजरात में साबरमती नदी पर

(d) म० प्र० में नर्मदा नदी पर

8. कौन-सी बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना का निर्माण टेनेसी नदी घाटी परियोजना के आधार पर किया गया है?

(a) दामोदर घाटी परियोजना

(b) भाखड़ा नांगल परियोजना

(c) हीराकुड परियोजना

(d) नर्मदा सागर परियोजना

9. पेरियार जल-विद्युत् परियोजना किस राज्य में है?

(a) कर्नाटक

(b) केरल

(c) तमिलनाडु

(d) आन्ध्र प्रदेश

10 . सरदार सरोवर परियोजना किस नदी पर बनायी गई है?

(a) महानदी

(b) गोदावरी

(c) नर्मदा

(d) तापी

11. इडुक्की जल-विद्युत् परियोजना किस राज्य में स्थित है?

(a) केरल में

(b) हिमाचल प्रदेश में

(c) अरुणाचल प्रदेश में

(d) जम्मू-कश्मीर में

12. सुमेलित कीजिए-

सूची-I (परियोजनाएँ)   सूची-II (राज्य)

A. कोसी परियोजना   1. बिहार

B. नागार्जुन परियोजना 2. ओडिसा

C. मयूराक्षी परियोजना 3. आन्ध्र प्रदेश

D. हीराकुड परियोजना 4. प० बंगाल

कूट: A B C D

(a) 1 3 2 4

(b) 3 1 4 2

(c) 1 3 4 2

(d) 3 1 2 4

13. सलाल परियोजना स्थित है-

(a) मणिपुर में

(b) जम्मू-कश्मीर में

(c) हिमाचल प्रदेश में

(d) नेपाल में

14. बाणसागर परियोजना से लाभान्वित राज्य हैं

(a) उ० प्र०, म० प्र०, राजस्थान

(b) उ० प्र०, म० प्र०, बिहार

(c) म० प्र०, राजस्थान, गुजरात

(d) राजस्थान, गुजरात

15. भारत तथा एशिया की एकमात्र अधोभौमिक संजय जल विद्युत् परियोजना निम्नलिखित में से किस राज्य से सम्बन्धित है?

(a) अरुणाचल प्रदेश

(b) उत्तर प्रदेश

(c) हिमाचल प्रदेश

(d) जम्मू-कश्मीर

16. ढिकरोंग जल विद्युत् परियोजना देश के किस राज्य में निर्माणाधीन है?

(a) असम

(b) झारखण्ड

(c) उत्तराखंड

(d) अरुणाचल प्रदेश

17. तेलगू-गंगा परियोजना का उद्देश्य है-

(a) गोदावरी नदी के जल को चेन्नई लाना

(b) कावेरी नदी के जल को हैदराबाद लाना

(c) कृष्णा नदी के जल को चेन्नई लाना

(d) कावेरी नदी के जल को बंगलौर लाना

18. लोकटक शक्ति परियोजना निम्नलिखित में से किस राज्य में स्थित है?

(a) प० बंगाल

(b) मेघालय

(c) केरल

(d) मणिपुर

19. नदी घाटी परियोजना व उनसे सम्बन्धित नदियों का कौन-सा जोड़ा गलत है?

(a) हीराकुड परियोजना- महानदी

(b) काकरापारा परियोजना- तापी

(c) भाखड़ा नांगल परियोजना- सतलज

(d) नागार्जुन सागर परियोजना- गोदावरी

20. तुलबुल परियोजना सम्बन्धित है-

(a) व्यास नदी से

(b) रावी नदी से

(c) झेलम नदी से

(d) सतलज नदी से

21. भाखड़ा नांगल परियोजना किस नदी पर निर्मित है?

(a) रावी

(b) व्यास

(c) झेलम

(d) सतलज

22. सरदार सरोवर परियोजना से लाभान्वित राज्य हैं-

(a) महाराष्ट्र, आ० प्र० एवं कर्नाटक

(b) म० प्र०, उ० प्र० एवं आ० प्र०

(c) म० प्र०, गुजरात एवं महाराष्ट्र

(d) गुजरात, महाराष्ट्र एवं आ० प्र०

23. दामोदर नदी घाटी परियोजना से लाभान्वित राज्य हैं-

(a) प० बंगाल एवं बिहार

(c) प० बंगाल एवं उड़ीसा

(b) बिहार एवं उड़ीसा

(d) प० बंगाल एवं झारखण्ड

24. निम्नलिखित में से कौन तमिलनाडु एवं केरल की संयुक्त नदी घाटी परियोजना है?

(a) पेरियार

(b) पराम्बिकुलम-अलियार

(c) इडुक्की

(d) पापनाशम

25. जायकबाड़ी परियोजना किस नदी पर स्थित है?

(a) कृष्णा

(b) कावेरी

(c) गोदावरी

(d) महानदी

26. महात्मा गाँधी जल विद्युत् परियोजना स्थित है-

(a) जोग प्रपात पर

(b) पायकारा प्रपात पर

(c) शिवसमुद्रम प्रपात पर

(d) गोकक प्रपात पर

27. बगलीहार जलविद्युत् परियोजना की स्थापना किस नदी पर स्थित है?

(a) सिन्धु

(b) सतलज

(c) झेलम

(d) चिनाब

28. कोयना परियोजना किस राज्य की प्रमुख बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना है?

(a) राजस्थान

(b) महाराष्ट्र

(c) गुजरात

(d) म० प्र०

29. नाथपा झाकरी परियोजना किस राज्य में स्थित है?

(a) जम्मू कश्मीर

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) उत्तर प्रदेश

(d) उत्तराखंड

30. नाथपा झाकरी परियोजना किस नदी पर निर्मित है?

(a) सतलज

(b) रावी

(c) व्यास

(d) चिनाब

31. भाखडा-नांगल एक संयुक्त परियोजना है-

(a) हरियाणा-पंजाब-राजस्थान की

(b) हरियाणा-पंजाब-दिल्ली की

(c) हि० प्र०-हरियाणा-पंजाब की

(d) पंजाब-दिल्ली-राजस्थान की

32. गिरना परियोजना कहाँ स्थित है?

(a) आ० प्र०

(b) महाराष्ट्र

(c) उड़ीसा

(d) छत्तीसगढ़

33. निम्नांकित में से कौन-सा भारत-नेपाल सहयोग परियोजना के अन्तर्गत नहीं आता है?

(a) शारदा बाँध परियोजना

(b) टनकपुर बाँध परियोजना

(c) पंचेश्वर परियोजना

(d) चूखा परियोजना

34. सरदार सरोवर परियोजना किस राज्य में निर्माणाधीन है?

(a) राजस्थान

(b) मध्य प्रदेश

(c) उत्तर प्रदेश

(d) गुजरात

35. हीराकुड परियोजना किस नदी के जल प्रवाह को नियंत्रित करता है?

(a) कृष्णा

(b) महानदी

(c) तापी

(d) नर्मदा

36. हीराकुड परियोजना किस राज्य में है?

(a) झारखण्ड

(b) छत्तीसगढ़

(c) उड़ीसा

(d) म० प्र०

37. कर्नाटक में स्थित बहुउद्देश्यीय नदी घाटी परियोजना है-

(a) दामोदर

(b) भाखड़ा

(c) तुंगभद्रा

(d) कोसी                                                                                                                  

38. हिडकल परियोजना किस नदी पर स्थित है?

(a) घाटप्रभा

(b) सतलज

(c) रावी

(d) बेतवा

39. काकरापारा परियोजना किस नदी से सम्बन्धित है?

(a) ताप्ती

(b) नर्मदा

(c) तुंगभद्रा

(d) कृष्णा

40. लक्ष्मीबाई साग बाँध परियोजना किस नदी प स्थित है?

(a) चम्बल

(b) बेतवा

(c) केन

(d) सोन

18. Major River Dams of India (भारत के प्रमुख नदी बाँध)

18. Major River Dams of India

(भारत के प्रमुख नदी बाँध)



1. भारत का सबसे ऊँचा नदी बाँध कौन-सा है?

(a) हीराकुड बाँध

(b) भाखड़ा बाँध

(c) सरदार सरोवर बाँध

(d) टिहरी बाँध

2. भारत का सबसे लम्बा नदी बाँध कौन-सा है?

(a) रिहन्द बाँध

(b) फरक्का बाँध

(c) हीराकुड बाँध

(d) कृष्ण राज सागर बाँध

3 . टिहरी बाँध निम्नलिखित में से किन दो नदियों के संगम पर स्थित है?

(a) गंगा व यमुना

(c) भागीरथी व भीलांगना

(b) भागीरथी व अलकनन्दा

(d) अलकनन्दा व मन्दाकिनी

4. टिहरी बाँध किस राज्य में स्थित है?

(a) मध्य प्रदेश

(b) उ० प्र०

(c) उत्तराखंड

(d) छत्तीसगढ़

5. हीराकुड बाँध किस राज्य में स्थित है?

(a) ओडिसा

(b) झारखण्ड

(c) उत्तराखंड

(d) प० बंगाल

6. अल्माटी बाँध अवस्थित है-

(a) उड़ीसा

(b) छत्तीसगढ़

(c) कर्नाटक

(d) तमिलनाडु

7. मेट्टूर बाँध अवस्थित है-

(a) केरल

(b) कर्नाटक

(c) तमिलनाडु

(d) ओडिसा

8. कोयना बाँध स्थित है-

(a) गुजरात में

(b) महाराष्ट्र में

(c) कर्नाटक में

(d) मध्य प्रदेश में

9. अल्माटी बाँध किस नदी पर स्थित है?

(a) गोदावरी

(b) कृष्णा

(c) कावेरी 

(d) नर्मदा

10. हीराकुड बाँध किस नदी पर स्थित है?

(a) गंगा

(b) यमुना

(c) महानदी

(d) ब्राह्मणी

11. थीन बाँध किस नदी पर बनाया गया है?

(a) रावी नदी

(c) झेलम नदी

(b) व्यास नदी

(d) चिनाब नदी

12. गाँधी सागर, जवाहर सागर तथा राणा प्रताप सागर बाँध किस नदी पर निर्मित है?

(a) नर्मदा

(b) तापी

(c) चम्बल

(d) कृष्णा

13. निम्नलिखित में से कौन-सा नदी बाँध भारत में अवस्थित नहीं है?

(a) कालागढ़ बाँध

(b) भाखड़ा बाँध

(c) सलाल बाँध

(d) मंगला बाँध

14. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेल प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट का

सूची-I (नदियाँ)  सूची-II (बाँध)

A. कावेरी 1. अल्माटी

B. कृष्णा 2. मेटूर

C. नर्मदा 3. गाँधी सागर

D. चम्बल 4. सरदार सरोवर

कूट : A B C D

(a)  1 4 2 3

(b) 2 1 4 3

(c) 2 1 3 4

(d) 1 3 4 2

15. मैथान, बाल पहाड़ी एवं तिलैया बाँध किस नदी पर बनाये गये हैं?

(a) दामोदर

(b) बराकर

(c) कोनार

(d) बोकारो

16. निम्नलिखित बाँधों और उन नदियों को सुमेलित कीजिए जिन पर वे बनाये गये हैं?

सूची-I (बाँध)   सूची-II (नदी)

A. फरक्का 1. कृष्णा

B. टेहरी 2. रावी

C. थीन 3. गंगा

D. नागार्जुन 4. भागीरथी

कूट : A B C D

(a) 1 2 3 4

(b) 2 3 1 4

(c) 3 4 2 1

(d) 4 1 2 3

17. बाँधों और उन राज्यों का मेल मिलाइए जिसमें वे स्थित हैं-

सूची-I (बाँध)   सूची-II (राज्य)

(a) तुंगभद्रा 1. केरल

(b) लोअर भवानी 2. आन्ध्र प्रदेश

(c) इडुक्की 3. तमिलनाडु

(d) नागार्जुन सागर 4. कर्नाटक

कूट: A B C D

(a) 3 2 4 1

(b) 2 3 1

(c) 4 3 1 2

(d) 1 4 2 3

18. मेट्टूर बाँध किस नदी पर बाँधा गया है?

(a) गावनी

(b) कावेरी

(c) हेमवती

(d) पालार

19. अलमाटी बाँध किस नदी व राज्य में बनाया जा रहा है?

(a) कृष्णा- कर्नाटक

(b) भागीरथी- उत्तराखंड

(c) महानदी- आन्ध्र प्रदेश

(d) यमुना- उत्तर प्रदेश

20. हीराकुड बाँध बनाया गया है-

(a) गोदावरी नदी पर

(b) कावेरी नदी पर

(c) बाँध नदी प

(d) महानदी प

23. Indian Tribes (भारतीय जनजातियाँ)

23. Indian Tribes

भारतीय जनजातियाँ



1. पुनियान तथा इरूला जनजातियाँ किस राज्य में निवास करती है?

(a) आ० प्र०

(b) तमिलनाडु

(c) केरल

(d) महाराष्ट्र

2. दफला तथा सिंहपो जनजातियाँ किस प्रदेश में पायी जाती है?

(a) आन्ध्र प्रदेश

(b) हिमाचल प्रदेश

(c) मध्य प्रदेश

(d) अरुणाचल प्रदेश

3. लेप्चा तथा भूटिया जनजातियाँ का निवास क्षेत्र कहाँ है?

(a) सिक्किम

(b) ओडिसा

(c) मेघालय

(d) मिजोरम

4. ओंग, जारवा, शेम्पेन, सेन्टिनली तथा निकोबारी कहाँ की जनजातियाँ है?

(a) ओडिसा

(b) मिजोरम

(c) मध्य प्रदेश

(d) अंडमान-निकोबार द्वीप समूह

5. आदिवासी समूह सहारिया का सम्बन्ध किस राज्य से है?

(a) गुजरात

(b) ओडिसा

(c) राजस्थान

(d) महाराष्ट्र

6. निम्नलिखित में कौन-सी एक राजस्थान की जनजाति नहीं है? 

(a) भील

(b) मीणा

(c) डोगरी

(d) सहारिया

7. मुण्डा जनजाति कहाँ निवास करती है?

(a) बिहार

(b) झारखण्ड

(c) म० प्र०

(d) ओडिसा 

8. भील जनजाति मुख्य रूप से निवास करती है-

(a) राजस्थान

(b) गुजरात

(c) मध्य प्रदेश

(d) तीनों के सीमावर्ती क्षेत्रों में

9. कुकी जनजाति के लोग रहते हैं-

(a) मणिपुर में

(b) असम में

(c) मिजोरम में

(d) मेघालय में

10. गारो, खासी तथा जयन्तिया जनजातियाँ किस राज्य में निवास करती है?

(a) मिजोरम

(b) मणिपुर

(c) असम

(d) मेघालय

11. आवो जनजाति सम्बन्धित है-

(a) मेघालय से

(b) असम से

(c) नागालैंड से

(d) त्रिपुरा से

12. गोंड जनजाति का निवास क्षेत्र है-

(a) के

(b) हि० प्र०

(c) आ० प्र०

(d) त्रिपुरा

13. निम्नलिखित में से किस राज्य में कुकी जनजाति मुख्यतः निवास करती है?

(a) मणिपु

(b) नागालैंड

(c) अरुणाचल प्रदेश

(d) मिजोरम

14. भारत में अधिकतम जनजातीय आबादी है-

(a) भीलों की

(b) संथालों की

(c) नागाओं की

(d) मुण्डाओं की

15. निम्नलिखित में से कौन जनजाति मौसमी प्रवास से सम्बन्धित है?

(a) थारू

(b) भोटिया

(c) जौनसारी

(d) भोक्सा

16. चेन्चू जनजाति किस प्रदेश के निवासी हैं?

(a) मध्य प्रदेश

(b) आन्ध्र प्रदेश

(c) झारखण्ड

(d) राजस्थान

17. ओरांव जनजाति किस राज्य से सम्बन्धित है?

(a) राजस्थान

(b) म० प्र०

(c) झारखण्ड

(d) नागालैंड

18. टोडा जनजाति कहाँ पायी जाती है?

(a) नागालैंड में

(b) झारखण्ड में

(c) गुजरात में

(d) नीलगिरि पहाड़ियों में

19. झारखण्ड राज्य की सबसे बड़ी जनजाति है-

(a) उरांव

(b) मुण्डा

(c) हो

(d) संथाल

20. गारो जनजाति है-

(a) असम की

(b) मणिपुर की

(c) मिजोरम की

(d) मेघालय की

21. बोडो निवासी हैं-

(a) गारो पहाड़ी के

(b) संथाल परगना के

(c) अमेजन बेसिन के

(d) मध्य प्रदेश के

22. गद्दी (Gaddi) लोक निवासी है-

(a) मध्य प्रदेश की

(b) हिमाचल प्रदेश की

(c) अरुणाचल प्रदेश की

(d) मेघालय की

10. Natural Vegetation of India (भारत की प्राकृतिक वनस्पति)

10. Natural Vegetation of India

(भारत की प्राकृतिक वनस्पति)



1. देश के सर्वाधिक क्षेत्रफल पर किस प्रकार के वन पाये जाते हैं?

(a) पर्वतीय वन

(b) उर्णाद्र सदाबहार वन

(c) आर्द्र मानसूनी वन

(d) उष्णार्द्र पतझड़ वन

2. देश के उन भागों में जहाँ औसत वार्षिक वर्षा 200 सेमी० से अधिक तथा वार्षिक औसत तापमान 24°C के आसपास, वर्ष भर आर्द्रता 70% तक रहती है, किस प्रकार के वन पाये जाते हैं ?

(a) पर्वतीय वन

(b) उष्णार्द्र सदाबहार वन

(c) आर्द्र मानसूनी वन

(d) उष्णार्द्र पतझड़ वन

3. देश के 100 से 200 सेमी० औसत वार्षिक वर्षा वाले भागों में किस प्रकार की वनस्पति पायी जाती है?

(a) उष्णार्द्र सदाबहार वन

(b) आर्द्र मानसूनी वन

(c) उष्णार्द्र पतझड़ वन

(d) मरुस्थलीय वन

4. 50 सेमी० से कम औसत वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में सामान्यतया किस प्रकार के वन पाये जाते हैं?

(a) उष्णार्द्र मानसूनी वन

(b) उष्णार्द्र पतझड़ वन

(c) आर्द्र मानसूनी वन

(d) मरुस्थलीय वन

5. दलदली अथवा ज्वार-भाटा क्षेत्रों में पाये जाने वाले वन को क्या कहा जाता है?

(a) मैंग्रोव वन

(b) शोला वन

(c) मानसूनी वन

(d) पतझड़ वन

6. भारत में मैंग्रोव वनस्पति का सर्वाधिक विस्तार किस राज्य में पाया जाता है?

(a) गोवा

(b) प० बंगाल

(c) आ० प्र०

(d) उड़ीसा

7. भारत में चन्दन की लकड़ी के वन सबसे अधिक कहाँ पाये जाते हैं?

(a) असम की पहाड़ियों में

(b) शिवालिक की पहाड़ियों में

(c) नीलगिरि की पहाड़ियों में

(d) सतपुड़ा की पहड़ियों में

8. साइलेन्ट वेली (Silent Valley) के चर्चित होने का कारण है

(a) जनसंख्या विस्फोट

(b) परमाणु केन्द्र की स्थापना

(c) अधिक जल संचयन

(d) जैव विविधता एवं सदाबहार वन का संरक्षण

9. फूलों की घाटी स्थित है-

(a) केरल

(b) जम्मू कश्मीर

(c) उत्तराखंड

(d) हिमाचल प्रदेश

10. शान्त-घाटी अवस्थित है-

(a) केरल

(b) कर्नाटक

(c) उत्तरांचल

(d) तमिलनाडु

11. पश्चिमी हिमालय में उच्च पर्वतीय वनस्पतियाँ 3000 मीटर तक की ऊँचाई तक ही उपलब्ध होती है जबकि पूर्वी हिमालय में 4000 मीटर की ऊँचाई तक मिलती है। एक ही पर्वत श्रेणी में इस प्रकार की विविधता का कारण है-

(a) पूर्वी हिमालय का पश्चिमी हिमालय से अधिक ऊँचा होना

(b) पूर्वी हिमालय का भूमध्य रेखा और समुद्र तल से पश्चिमी हिमालय की अपेक्षा अधिक निकट होना

(c) पूर्वी हिमालय में प० हिमालय की अपेक्षा अधिक मानसूनी वर्षा होना

(d) पूर्वी हिमालय की चट्टानों का पश्चिमी हिमालयी चट्टानों से अधिक उर्वर होना

12. निम्न का सुमेल कीजिए-

सूची-I      सूची-II

A. सागौन 1. पूर्वी हिमालय में 

B. देवदार  2. मध्य भारत

C. सुन्दरी  3. सुन्दर वन

D. सिनकोना 4. हिमालय के उच्च पर्वतीय क्षेत्र

कूट : A B C D

(a)  1 4 3 2

(b)  3 2 1 4

(c)  4 1 3 2

(d)  2 4 3 1

13. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-I (वन प्रकार)   सूची-II (प्रदेश)

A. उष्ण कटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती 1. अरुणाचल प्रदेश

B. उष्ण कटिबंधीय शुष्क पर्णपाती 2. सह्याद्रि

C. अल्पाइन 3. मध्य गंगा मैदान

D. उष्ण कटिबंधीय सदाबहार 4. तराई

कूट: A B C D

(a)  4 3 1 2

(b)  4 2 3 1

(C)  1 3 2 4

(d)  3 1 4 2

14. पश्चिमी घाट पर पायी जाने वाली वनस्पति का प्रकार है-

(a) सदाहरित

(b) अल्पाइन

(c) सवाना 

(d) पर्णपाती

15. उष्ण कटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन पाये जाते हैं-

(a) अरावली पर्वतमाला पर

(b) शिलांग पठार पर

(c) शिवालिक श्रेणी पर

(d) प्रायद्वीपीय पठार पर

16. सुमेलित कीजिए-

सूची-I (वार्षिक वर्षा) सूची-II (वनों के प्रकार)

A. 100 से 200 सेमी० 1. उष्ण आर्द्र सदाबहार वन

B. 50 से 100 सेमी० 2. उष्ण कटिबंधीय पतझड़ वन

C. 50 सेमी० से कम 3. उष्ण कटिबंधीय शुष्क वन

D. 200 सेमी० से अधिक 4. मरुस्थलीय एवं अर्द्ध मरुस्थलीय वन

कूट: A B C D

(a)  2 3 1 4

(b)  2 3 4 1

(C)  1 4 3 2

(d)  4 1 2 3

17. निम्नलिखित में से कौन उष्ण कटिबन्धीय वर्षा वनों की अपेक्षा शीतोष्ण कटिबन्धीय वनों के उपयोग को अधिक आसान बनाता है?

1. बाजार से निकटता

3. अधिक लम्बे वृक्ष

2. अधिक मुलायम लकड़ी

4. समरूपता

नीचे दिए हुए कूटों से सही उत्तर चुनिये-

(a) 1 और 3

(b) 2 और 4

(c) 2 और 3

(d) 3 और 4

18. निम्न में से किन पहाड़ियों पर उष्ण कटिबन्धीय सदाबहार वन पाये जाते हैं?

(a) नीलगिरि पहाड़ियाँ

(b) अरावली पहाड़ियों

(c) राजमहल पहाड़ियाँ

(d) शिवालिक पहाड़ियों

19. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य शहतूत और रेशम उत्पादित करती है?

(a) ओडिशा

(b) कर्नाटक

(c) पश्चिम बंगाल

(d) जम्मू-कश्मीर

20. भारत में चन्दन की लकड़ी के लिए प्रसिद्ध राज्य है-

(a) असम

(b) केरल

(c) कर्नाटक

(d) प० बंगाल

21. गंगा-ब्रह्मपुत्र के डेल्टाई क्षेत्रों में किस वृक्ष की अधिकता के कारण इसे ‘सुन्दरवन’ कहा जाता है?

(a) चन्दन

(b) शीशम

(c) सुन्दरी

(d) इनमें से सभी

22. भारत के किस भौतिक प्रदेश में उष्ण कटिबंधीय से लेकर अल्पाइन प्रकार की वनस्पति मिलती है?

(a ) दक्षिण का प्रायद्वीपीय पठार

(b) तटीय मैक्षन

(c) उ० का हिमालय पर्वतीय प्रदेश

(d) उत्तर का विशाल मैदान

23. भारत में सर्वाधिक महत्वपूर्ण व्यावसायिक वन है-

(a) उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन

(b) उष्ण कटिबंधीय पतझड़ वन

(c) उष्ण कटिबंधीय अर्द्ध सदाबहार वन

(d) कोणधारी वन

24. भारत के वनों में उष्ण कटिबंधीय और शीतोष्ण कटिबंधीय वन का योगदान क्रमशः है-

(a) 90% व 10%

(b) 93% व 7%

(c) 95% व 5%

(d) 97% 3%

25. भारत में प्रमुख वनस्पति कौन-सी है?

(a) पतझड़ वन

(b) वर्षा वन

(c) कांटेदा झाड़ियों

(d) सवाना

26. निम्नलिखित में से कौन-सा राज्य तेंदू पत्ते का मुख्य उत्पादक है?

(a) ओडिसा

(b) महाराष्ट्र

(c) मध्य प्रदेश

(d) उत्त प्रदेश

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