(घ) खनिज संसाधन/ बिहार बोर्ड-10 Geography Solutions इकाई-1. खण्ड (क)
बिहार बोर्ड वर्ग-10वाँ Geography Solutions
खण्ड (क) इकाई-1. (घ) खनिज संसाधन
(घ) खनिज संसाधन 
वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर
1. भारत में लगभग कितने खनिज पाए जाते है?
(a) 50
(b) 100
(c) 150
(d) 200
उत्तर- (b) 100
2. इन में से कौन लौह युक्त खनिज का उदाहरण है?
(a) मैंगनीज़
(b) अभ्रक़
(c) बॉक्साइट
(d) चुना-पत्थर
उत्तर- (a) मैंगनीज
3. निम्नलिखित में कौन अधात्विक खनिज का उदाहरण है?
(a) सोना
(b) टिन
(c) अभ्रक
(d) ग्रेफाइट
उत्तर- (c) अभ्रक
4. किस खनिज की उद्योग की जननी माना गया है?
(a) सोना
(b) तांबा
(c) लोहा
(d) मैंगनीज
उत्तर- (c) लोहा
5. कौन लौह अयस्क का एक प्रकार है?
(a) लिग्नाइट
(b) हेमेटाइट
(c) बिटुमिनस
(d) इन में से सभी
उत्तर- (b) हेमेटाइट
6. कौन भारत का सबसे बड़ा लौह उत्पादक राज्य है?
(a) कर्नाटक
(b) गोवा
(c) उड़ीसा
(d) झारखंड
उत्तर- (c) कर्नाटक
7. छतीसगढ़ भारत का कितना प्रतिशत लौह अयस्क का उत्पादन करता है?
(a) 10
(b) 20
(c) 30
(d) 40
उत्तर- (b) 20
8. मैंगनीज उत्पादन में भारत का विश्व में क्या स्थान है?
(a) प्रथम
(b) द्वितीय
(c) तृतीय
(d) चतुर्थ
उत्तर- (c) तृतीय
9. एक टन इस्पात बनाने में कितने मैंगनीज़ का उपयोग होता है?
(a) 5 कि०ग्रा०
(b) 10कि०ग्रा०
(c) 15 कि०ग्रा०
(d) 20 कि०ग्रा०
उत्तर- (b) 10 कि०ग्रा०
10. उड़ीसा किस खनिज का सबसे बड़ा उत्पादक है?
(a) लौह अयस्क
(b) मैंगनीज
(c) टिन
(d) तांबा
उत्तर- (b) मैंगनीज
11. अल्युमिनियम बनाने के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है?
(a) मैंगनीज
(b) टिन
(c) लोहा
(d) बॉक्साइट
उत्तर- (d) बॉक्साइट
12. देश में तांबे का कुल भण्डार कितना है?
(a) 100 करोड़ टन
(b) 125 करोड़ टन
(c) 150 करोड़ टन
(d) 175 करोड़ टन
उत्तर- (b) 125 करोड़ टन
13. बिहार-झारखंड में देश का कितना प्रतिशत अभ्रक़ का उत्पादन होता है?
(a) 60
(b) 70
(c) 80
(d) 90
उत्तर- (c) 80
14. सीमेंट उद्योग का सबसे प्रमुख कच्चा माल क्या है?
(a) चुना -पत्थर
(b) बॉक्साइट
(c) ग्रेनाइट
(d) लोहा
उत्तर- (a) चुना-पत्थर
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1. खनिज क्या है?
उत्तर- खनिज निश्चित अनुपात में रासायनिक एवं भौतिक विशिष्टताओं के साथ निर्मित एक प्राकृतिक पदार्थ है। दूसरे शब्दों में, खनिज निश्चित रासायनिक संयोजन एवं विशिष्ट आंतरिक परमाणविक रचना वाले ठोस प्राकृतिक पदार्थ को कहा जाता है। संक्षेप में खान से निकाले गए पदार्थ को खनिज कहते है। जैसे- कोयला, पेट्रोलियम, सोना, लौह अयस्क इत्यादि।
प्रश्न 2. धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है?
उत्तर– धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान-
(l) ये कठोर एवं चमकीले होते है ।
(ll) ये प्रायः आग्नेय चाट्टानों में मिलते हैं।
प्रश्न 3. खनिजों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिये।
उत्तर– खनिजों की विशेषताएँ-
◆ खनिजों का वितरण असमान होता है।
◆ अधिक गुणवत्ता वाले खनिज कम तथा कम गुणवत्ता वाले खनिज अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।
◆ खनिज समाप्य संसाधन है। एक बार उपयोग करने के बाद पुन: उपयोग नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न 4. लौह अयस्क के प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर– शुद्ध लोहे की मात्रा के आधार पर भारत मे पाये जाने वाले लौह अयस्क तीन प्रकार के है – हेमेटाइट, मैग्नेटाइट और लीमोनाइट।
प्रश्न 5. लोहे के प्रमुख उत्पादक राज्यों के नाम लिखिए।
उत्तर – लोहे के प्रमुख उत्पादक राज्य- कर्नाटक, छतीसगढ़, उड़ीसा, गोवा एवं झारखण्ड है।
प्रश्न 6. झारखंड के मुख्य लौह उत्पादक जिलों के नाम लिखिए।
उत्तर– झारखंड के मुख्य लौह उत्पादक जिला का नाम- पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, पलामू, धनबाद, हजारीबाग, लोहरदगा, तथा राँची।
प्रश्न 7. मैंगनीज के उपयोग पर प्रकाश डालिए।
उत्तर– मैंगनीज का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-
(i) जंगरोधी इस्पात बनाने में।
(ii) शुष्क सेल के निर्माण में।
(iii) फोटोग्राफी में।
(iv) चमड़ा एवं माचिस उद्योग में।
(v) पेंट तथा कीटनाशक दवाओं के उत्पादन में इत्यादि।
प्रश्न 8. अल्युमिनियम के उपयोग का उल्लेख कीजिए।
उत्तर– अल्युमिनियम का बहुमुखी उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-
(i) वायुयान निर्माण में
(ii) विद्युत उपकरण के निर्माण में
(iii) घरेलू साज-सज्जा के साधनों के निर्माण में
(iv) बर्तन बनाने में
(v) सफेद सीमेंट तथा रासायनिक वस्तुएँ बनाने में इत्यादि।
प्रश्न 9. अभ्रक का उपयोग क्या है?
उत्तर– अभ्रक का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-
(i) इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में
(ii) आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में
(iii) विद्युत उपकरण बनाने में।
प्रश्न 10. चुना-पत्थर की क्या उपयोगिता है?
उत्तर– चुना-पत्थर का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-
(i) सीमेंट बनाने में
(ii) लौह इस्पात बनाने में
(iii)रसायन उद्योग में
(iii) उर्वरक, कागज एवं चीनी उद्योग में।
प्रश्न 11. खनिजों की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर– खनिजों की मुख्य विशेषताएँ-
◆ खनिजों का वितरण असमान होता है।
◆ अधिक गुणवत्ता वाले खनिज कम तथा कम गुणवत्ता वाले खनिज अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।
◆ खनिज समाप्य संसाधन है। एक बार उपयोग करने के बाद पुन: उपयोग नहीं किया जा सकता है।
प्रश्न 12. खनिजों के संरक्षण एवं प्रबंधन से क्या समझते है?
उत्तर- खनिज क्षयशील एवं अनवीकरणीय संसाधन है। इनकी मात्रा सीमित है। इनका पुनर्निर्माण असंभव है। खनिज उद्योगों का आधार है किन्तु औद्योगिक विकास के लिए खनिजों का अतिशय दोहन एवं उपयोग उनके अस्तित्व के लिए संकट है। अतः खनिजों का संरक्षण एवं प्रबंधन आवश्यक है। खनिज संसाधन के विवेकपूर्ण उपयोग तीन बातों पर निर्भर है-
★ खनिजों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण,
★ उनका बचतपूर्वक उपयोग तथा
★ कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्पों की खोज।
खनिजों पर नियंत्रण के अलावे उनके विकल्पों को खोजना, खनिजों के अपशिष्ट पदार्थों को बुद्धिमतापूर्वक उपयोग, पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले कुप्रभाव पर नियंत्रण, खनिज निर्माण के लिए चक्रीय पद्धति को अपनाना प्रबंधन कहलाता है। यदि खनिजों के संरक्षण के साथ-साथ प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए तो खनिज संकट से निबटा जा सकता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1. खनिज कितने प्रकार के होते है? प्रत्येक का सोदाहरण परिचय दीजिए।
उत्तर- खनिज मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं-
(i) धात्विक खनिज-
वैसे खनिज जिसमें धातु होती है, उसे धात्विक खनिज कहा जाता है। जैसे लौह अयस्क, ताँबा, निकेल, मैंगनीज आदि। पुनः इसे दो भागों में बाँटा जा सकता है
(क) लौहयुक्त खनिज-
जिन धात्विक खनिज में लोहे का अंश अधिक पाया जाता है उसे लौहयुक्त खनिज कहते हैं, जैसे – लौह अयस्क, निकेल, टंगस्टन।
(ख) अलौहयुक्त खनिज-
जिन धात्विक खनिज में लोहे की मात्रा न्यून होती है या नहीं होती है, अलौहयुक्त खनिज कहलाते हैं। जैसे – सोना, चाँदी, शीशा, बॉक्साइट ताँबा।
(ii) अधात्विक खनिज-
वैसे खनिज जिसमें धातु की मात्रा नहीं होती है उसे अधात्विक खनिज कहते है। जैसे-चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम आदि।
अधात्विक खनिज भी दो प्रकार के होते हैं-
(क) कार्बनिक खनिज-
इसमें जीवाश्म होते हैं, ये पृथ्वी में दबे प्राणी, पादप जीवों के परिवर्तन से बनते हैं। जैसे-कोयला, पेट्रोलियम इत्यादि।
(ख) अकार्बनिक खनिज-
इसमें जीवाश्म नहीं होते हैं। जैसे–अभ्रक, ग्रेफाइट।
प्रश्न 2. धात्विक एवं अधात्विक खनिजों में क्या अंतर है ? तुलना कीजिये।
उत्तर- धात्विक एवं अधात्विक खनिजों में अंतर एवं तुलना-
| धात्विक | अधात्विक | |
| 1. | धात्विक खनिजों की रासायनिक संरचना में धातुएँ होती हैं। | अधात्विक खनिजों की रासायनिक संरचना में धातुएँ नहीं होती है। |
| 2. | ये कठोर एवं चमकदार होते हैं। | ये चमकदार नहीं होते हैं। |
| 3. | ये आग्नेय एवं रूपांतरित चट्टानों में पाए जाते हैं। | ये तलछटी चट्टानों में पाए जाते हैं। |
| 4. | धात्विक खनिजों को पिघलाकर/गलाकर धातुएँ प्राप्त की जा सकती है। | इन खनिजों को पिघलाकर/गलाकर धातुएँ प्राप्त नहीं की जा सकती है। |
| 5. | ये खनिज लचीले होते हैं। | ये खनिज लचीले और भंगुर नहीं होते हैं। |
| 6. | धात्विक खनिज ऊष्मा और विद्युत के अच्छे संवाहक होते हैं। | अधात्विक खनिज ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं। |
| 7. | इन खनिजों का गलनांक उच्च होता है। | इन खनिजों का गलनांक बहुत कम होता है। |
| 8. | लोहा, एल्युमीनियम, सोना, चाँदी आदि के अयस्क धात्विक खनिजों के उदाहरण हैं। | हीरा, स्लेट, पोटाश आदि गैर-धात्विक खनिजों के उदाहरण हैं। |
| 9. | इन्हें पीटकर तार बनाया जा सकता है। ये पीटने पर टूटते नहीं हैं। | ये पीटने पर चूर-चूर हो जाते हैं। |
| 10. | इन्हें खानों से निकालने के बाद साफ करने की आवश्यकता होती है। | इन्हें साफ करने की आवश्यकता नहीं होती है। |
| 11. | ये प्रायः अयस्क (ore) के रूप में पाए जाते है। | ये अयस्क के रूप में नहीं पाए जाते हैं |
उत्तर- भारत के अधिकांश खनिज निम्नलिखित तीन पट्टियों में पाई जाती हैं –
(i) उत्तर-पूर्वी पठार
(i) दक्षिणी-पश्चिमी पठार
(iii) उत्तर-पश्चिमी प्रदेश
(i) उत्तरी-पूर्वी पठार-
यह देश की सबसे धनी खनिज पट्टी है जिसमें छोटानागपुर का पठार, उड़ीसा का पठार, छत्तीसगढ़ का पठार तथा पूर्वी आन्ध्रप्रदेश का पठार अवस्थित है। इस पट्टी में लौह अयस्क, मैंगनीज, अभ्रक, बॉक्साइट, चना पत्थर, डोलामाइट, ताँबा,थोरियम, यूरेनियम, क्रोमियम, सिलिमेनाइट तथा फास्फेट के विशाल भण्डार हैं।
(iii) उत्तर-पश्चिमी प्रदेश-
इस पट्टी का विस्तार खम्भात की खाड़ी से लेकर अरावली की श्रेणियों तक है। यहाँ अनेक अलौह धातुएँ, जैसे–चाँदी, सीसा, जस्ता, ताँबा आदि मिलते हैं। बालु पत्थर, ग्रेनाइट, संगमरमर, जिप्सम, मुल्तानी मिट्टी, डोलोमाइट, चूना-पत्थर, नमक आदि के भी पर्याप्त भंडार हैं।
हिमालय एक अन्य खनिज पट्टी है जहाँ ताँबा, सीसा, जस्ता, कोबाल्ट आदि प्राप्त हैं।
प्रश्न 4. लौह अयस्क का वर्गीकरण कर उनकी विशेषताओं को लिखिए।
खनिजों पर नियंत्रण के अलावे उनके विकल्पों को खोजना, खनिजों के अपशिष्ट पदार्थों को बुद्धिमतापूर्ण उपयोग, पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले कुप्रभाव पर नियंत्रण, खनिज निर्माण के लिए चक्रीय पद्धति को अपनाना प्रबंधन कहलाता है। अगर खनिजों के संरक्षण के साथ-साथ प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए तो खनिज संकट से निबटा जा सकता है।
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