Category BA SEMESTER/PAPER-V

2. Mean Deviation (औसत विचलन)

Mean Deviation

(औसत विचलन)

Mean Deviation

Definition / परिभाषा

      Mean Deviation is a statistical measure of dispersion which is calculated as the average of absolute deviations of observations from a central value (Mean, Median or Mode).

    औसत विचलन वह प्रसार माप है, जिसमें सभी प्रेक्षणों के किसी केंद्रीय मान (माध्य, माध्यिका या बहुलक) से परम विचलनों का औसत निकाला जाता है।

✍️ माध्य विचलन की गणना में सभी विचलनों को धनात्मक माना जाता है। दूसरे शब्दों में, विचलनों के बीजगणितीय चिह्न ‘+’ तथा ‘-‘ (धन तथा ऋण) की उपेक्षा करके सभी विचलनों को धनात्मक माना जाता है अर्थात् ‘निरपेक्ष विचलन’ (absolute deviation) ज्ञात किये जाते हैं।

✍️ चिह्नों को छोड़ने का कारण यह है कि माध्य से निकाले गये विचलनों का योग शून्य तथा अन्य माध्यों से निकाले गये विचलनों का योग, यदि वितरण मामूली असंमितीय हो, लगभग शून्य होता है।

     माध्य विचलन ज्ञात करने में निम्न बातों का ध्यान रखा जाता है:-

(1) माध्य का चुनाव:-

    सैद्धान्तिक रूप से माध्य विचलन किसी भी माध्य (माध्य, माध्यिका अथवा बहुलक) से निकाला जा सकता है परन्तु व्यवहार में माध्य तथा माध्यिका से ही माध्य विचलन की माप ज्ञात को जाती है।

(ii) बीजगणितीय चिह्नों की उपेक्षा:-

      माध्य विचलन ज्ञात करने में विचलनों के बीजगणितीय चिह्नों (धन व ऋण) की उपेक्षा करके सभी विचलनों को धनात्मक माना जाता है। इस प्रकार के विचलनों को व्यक्त करने के लिए ‘d’ (deviation) के दोनों ओर सीधी खड़ी रेखाएँ बना दी जाती है तथा |d| लिखा जाता है। इस संकेताक्षर को ‘mod d’ पुकारा जाता है। इससे आशय ‘निरपेक्ष विचलन’ (absolute deviation) से है, अर्थात् विचलन में ‘+’अथवा ‘-‘ को ध्यान में नहीं रखा गया है।

(iii) विचलनों का माध्य ज्ञात करना:-

    सभी निरपेक्ष विचलनों को छोड़कर पदों की संख्या (N) से भाग देने पर माध्य विचलन ज्ञात हो जाता है।

(iv) संकेताक्षर:-

   माध्य विचलन के संकेताक्षर के रूप में ग्रीक वर्णमाला का अक्षर डेल्टा (Small Delta-‘δ’) का प्रयोग किया जाता है जिसे माध्य से माध्य विचलन ज्ञात किया जाता है उसे δ के साथ उपसंकेत (subscript) के रूप में इस प्रकार लिखा जाता है:

δ= माध्य से माध्य विचलन

(Mean Deviation from Mean)

δM = माध्यिका से माध्य विचलन

(Mean Deviation from Median)

δZ = बहुलक से माध्य विचलन

(Mean Deviation from Mode)

माध्य विचलन गुणांक

(Co-efficient of Mean Deviation)

    Coefficient of Mean Deviation is a relative measure of dispersion obtained by dividing Mean Deviation by the corresponding central value (Mean, Median or Mode). माध्य विचलन गुणांक अपकिरण का सापेक्ष माप है, जिसे माध्य विचलन को संबंधित केंद्रीय मान से भाग देकर प्राप्त किया जाता है।

Coefficient of Mean Deviation (CMD) = MD / A (or MD̄ / A)

Where / जहाँ,

MD = Mean Deviation

A = Central Value (Mean / Median / Mode)

(i) माध्य से माध्य विचलन का गुणांक

(Co-efficient of Mean Deviation from Mean)

Coefficient of Mean Deviation 

= Mean Deviation from Mean / Mean

(ii) माध्यिका से माध्य विचलन गुणांक

(Co-efficient of Mean Deviation from Median)

Coefficient of Mean Deviation 

= Mean Deviation from Median / Median

(iii) बहुलक से माध्य विचलन गुणांक

(Co-efficient of Mean Deviation from Mode)

Coefficient of Mean Deviation 

= Mean Deviation from Mode / Mode

Why Coefficient is Used?

(गुणांक का प्रयोग क्यों?)

✍️ It removes the effect of units

(माप की इकाई का प्रभाव समाप्त करता है)

✍️ Helps in comparison of two or more distributions

(दो या अधिक वितरणों की तुलना में सहायक)

Merits / गुण

✍️ Simple to calculate (गणना में सरल)

✍️ Useful for comparison (तुलना में उपयोगी)

✍️ Easy to understand (समझने में आसान)

Demerits / दोष

✍️ Limited use in advanced statistics

(उन्नत सांख्यिकी में सीमित उपयोग)

✍️ Ignores algebraic signs

(बीजीय चिह्नों की उपेक्षा करता है)

उपयोग (Uses)

✍️ आय, वेतन, वर्षा, तापमान आदि के प्रसार के अध्ययन में

✍️ दो या अधिक वितरणों की तुलना में

माध्य विचलन व उसके गुणांक की गणना

(Computation of Mean Deviation and its Co-efficient)

नोट:

    Coefficient of Mean Deviation from Median is considered most appropriate. माध्यिका से माध्य विचलन गुणांक सबसे उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि यह चरम मानों से कम प्रभावित होता है।

(i) व्यक्तिगत श्रेणी (Individual Series)

    माध्य विचलन की गणना प्रत्यक्ष रीति से अथवा लघु रीति से की जा सकती है:-

प्रत्यक्ष रीति (Direct Method)-

    एक व्यक्तिगत श्रेणी में प्रत्यक्ष रीति से माध्य विचलन की गणना करने में निम्नलिखित प्रक्रियाएँ करनी होती है:-

(i) पहले माध्य या माध्यिका या बहुलक, जिससे भी माध्य विचलन निकालना हो, ज्ञात किया जाता है।

(ii) सम्बन्धित माध्य से विभिन्न मूल्यों के निरपेक्ष विचलन |d| ज्ञात किये जाते हैं।

(iii) निरपेक्ष विचलनों का योग ∑|d| ज्ञात किया जाता है।

(iv) ∑|d| में पद संख्या से भाग देकर ‘माध्य विचलन’ ज्ञात किया जाता है। 

इस प्रकार

✍️ δ= ∑|x-x̄|/N or ∑|d|/N

माध्य से माध्य विचलन का गुणांक (CMD) = δ/x̄

Co-efficient of Mean Deviation

✍️ δM = ∑|x-M|/N or ∑|dM|/N

माध्यिका से माध्य विचलन (CMD) = δM/M

Co-efficient of Mean Deviation

✍️ δZ = ∑|x-z|/N or ∑|dz|/N

बहुलक से माध्य विचलन (CMD) =  δZ/Z

Co-efficient of Mean Deviation

NOTE: Mean deviation

✍️ With the help of Mean

✍️ With the help of Median यही दो प्रचलित है। 

✍️ माध्यिका से औसत विचलन सबसे उपयुक्त माना जाता है क्योंकि चरम मानों का प्रभाव न्यूनतम होता है।

Example (i) निम्नलिखित आंकड़ों के माध्य और माध्यिका की सहायता से माध्य विचलन की गणना करें:

Calculate mean deviation with the help of mean and median of the following data:

S.No. X
1 5
2 8
3 11
4 12
5 14

हल:

✍️ With the help of Mean

S.No. X x – x̄
1 5 5
2 8 2
3 11 1
4 12 2
5 14 4
  N = 50 14

M.D. (δx̄) = ∑|x-x̄|/N or ∑|d|/N

NOTE: Modulus का मतलब केवल positive होता है

x̄ = Σx/N

    = 50/5

    = 10

Now, δx̄ = ∑|x-x̄|/N

                = 14/5

                = 2.8 

माध्य से माध्य विचलन का गुणांक (CMD)

= δ/x̄

 = 2.8/10

                                                                 = 0.28

✍️ With the help of Median

नोट: यहाँ सबसे पहले X के मान को बढ़ते क्रम में Arrange करना है हलांकि यहाँ पहले से प्रश्न में ही Arrange है

S.No. X X-M
1 5 6
2 8 3
3 11 0
4 12 1
5 14 3
  Total sum = 13

δM = ∑|x-M|/N or ∑|dM|/N

 Median = (n+1/2)th Observation

                 = (5+1/2)th Observation

                  =( 6/2)th Observation

                  = 3th Observation

                  = 11

Now, MD (δM) = ∑|x-M|/N or ∑|dM|/N

                             = 13/5

                             = 2.6

माध्यिका से माध्य विचलन (CMD) = δM/M

                                                               = 2.6/11

                                                                = 0.23

नोट: यहाँ ध्यान देना है कि Mean और Median अलग-अलग होता है, इसीलिए MD भी अलग-अलग होगा

(ii) खण्डित श्रेणी (Discrete Series)

प्रत्यक्ष रीति (Direct Method)- खण्डित श्रेणी में प्रत्यक्ष रीति से माध्य विचलन ज्ञात करने में निम्नलिखित प्रक्रिया करनी पड़ती है:

(i) जिस माध्य से विचलन ज्ञात करना है, उसे ज्ञात किया जाता है।

(ii) उस माध्य से प्रत्येक आकार () के निरपेक्ष विचलन |d| ज्ञात किये जाते है।

(iii) निरपेक्ष विचलनों |d| को सम्बन्धित आवृत्तियों से गुणा करके, गुणनफलों का योग: Σf|d|, Σf|dM|, Σf|dz|, ज्ञात किया जाता है।

(iv) निम्नलिखित सूत्र के प्रयोग से माध्य विचलन ज्ञात किया जाता है: δx̄, = Σf|d|/N ,δM = Σf|dM|/N δZ= Σf|dz|/N

(v) माध्य विचलन गुणांक ज्ञात करने के लिए माध्य विचलन में सम्बन्धित माध्य का भाग दिया जाता है।

Example (ii) निम्नलिखित आंकड़ों के माध्य और माध्यिका की सहायता से माध्य विचलन की गणना करें:

Calculate mean deviation with the help of mean and median of the following data:

आकार (Size) आवृति (Frequency)
10 3
11 12
12 18
13 12

हल:

✍️ With the help of mean

x f fx x – x̄। fx – x̄
10 3 30 1.87 5.16
11 12 132 0.87 10.44
12 18 216 0.13 2.39
13 12 156 1.13 13.56
Total 45 534 31.95

x̄ = Σfx/Σf

= 534/45

= 11.87

MD (δx̄), = Σf|x – x̄|/Σf or Σf|d|/Σf

= 31.95/45

= 0.71

Co-efficient of MD = MD/x̄

= 0.71/11.87

= 0.095

✍️ With the help of Median

x f Cf |X-M| f|X-M|
10 3 3 (0-3) 2 6
11 12 15 (3-15) 1 12
12 18 33 (15-33) 0 0
13 12 45 (33-45) 1 12
Total 45 30

 here, M = (N+1/2)th term

                = (45+1/2)th term

                = (46/2)th term

                = 23th term

                = 12

now,

MD (δM) = Σf|X-M|/Σf or Σf|dM|/Σf

                  = 30/45

                  = 0.66

Co-efficient of MD = MD/δM

                                  = 0.66/12

                                  = 0.055

(iii) सतत् श्रेणी (Continuous Series)

अविच्छिन्न अथवा सतत् श्रेणी में माध्य विचलन की गणना

(Calculation of Mean Deviation in Continuous Series)-

       अविच्छिन्न अथवा सतत् श्रेणी में माध्य विचलन ज्ञात करने की वही रीति है जो खण्डित श्रेणी में अपनायी जाती है। केवल इतना अन्तर है कि सतत् श्रेणी में मध्य-बिन्दु (mid-point) ‘m’ निकालकर उन्हें मूल्य मान लिया जाता है। इस प्रकार सतत् श्रेणी एक खण्डित श्रेणी का स्वरूप ले लेती है। अन्य प्रक्रियाएँ वैसी ही रहती है।

Example (iii) निम्नलिखित आंकड़ों के माध्य और माध्यिका की सहायता से माध्य विचलन की गणना करें:

Calculate mean deviation with the help of mean and median of the following data:

Class आवृति (Frequency)
2-4 3
4-6 4
6-8 2
8-10 1

हल:

✍️ With the help of mean

x f mv fmv x – x̄। f।x – x̄।
2-4 3 3 9 2.2 6.6
4-6 4 5 20 0.2 0.8
6-8 2 7 14 1.8 3.6
8-10 1 9 9 3.8 3.8
Total 10 52 14.8

Note: x = mv 

MD (δx̄), = Σf|x – x̄|/Σf or Σf|d|/Σf

here,  x̄ = Σfmv/Σf

               = 52/10

                = 5.2

now, MD (δx̄), = Σf|x – x̄|/Σf 

                               = 14.8/10

                                = 1.48

Co-efficient of MD = MD/x̄

                                               = 1.48/5.2

                                               = 0.28

✍️ With the help of Median

x f cf mv ।X– M। f।X- M।
2-4 3 3 3 2 6
4-6 4 7 5 0 0
6-8 2 9 7 2 4
8-10 1 10 9 4 4
Total 10   14

MD (δM) = Σf|X-M|/Σf

here, M (Median) = (N+1/2)th term

= (10+1/2)th term

= 5.5th term

= (4-6) =4

L = 4

N = Σf = 10

cf = 3

f = 4

h = 2

now, M = 4+10/2-3/4 x 2

= 4 +2/2

= 5

MD (δM) = Σf|X-M|/Σf

= 14/10

= 1.4

Co-efficient of MD = MD/M

= 1.5/5

   = 0.28

UG Regular Semester-V Examination 2025 QUESTION PAPER, Patliputra University, Patna

UG Regular Semester-V

Examination 2025

QUESTION PAPER



Patliputra University, Patna

UG Regular Semester-V

UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session: 2023-27)

(MJC-8: MAJOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code: 410812

(Environmental Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक है। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Objective/Multiple Choice Questions)

(वस्तुनिष्ठ बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note : Choose the correct option from each question. Each question carries 2 marks. [10×2=20]

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए। प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का है।

1. (i) Cartography is the study of:

(a) Stars and planets

(b) Making maps

(c) Rocks and minerals

(d) Earth’s atmosphere

मानचित्रकला एक अध्ययन है:

(a) तारों और ग्रहों का

(b) मानचित्र बनाने का

(c) चट्टानों और खनिजों का

(d) पृथ्वी के वायुमण्डल का

(ii) What is the main objective of Cartography?

(a) Creating artwork

(b) Analysing spatial data

(c) Determining Political Boundaries

(d) Studying Geological Processes

मानचित्रकला का मुख्य उद्देश्य क्या है?

(a) कलाकृति बनाना

(b) स्थानिक आंकड़ों के विश्लेषण करना

(c) राजनीतिक सीमाओं का निर्धारण करना

(d) भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करना

(iii) What is a scale in the context of maps and drawings?

(a) The size of the map or drawing

(b) The colours used for different features

(c) The ratio between a distance on a maр and corresponding distance on the ground

(d) A tool used to draw straight lines

मानचित्र या ड्राइंग के संदर्भ में पैमाना क्या है?

(a) मानचित्र या ड्राइंग का आकार

(b) विभिन्न विशेषताओं के लिए उपयोग किए जाने वाले रंग

(c) मानचित्र पर दूरी और जमीन पर उसी के अनुरूप दूरी के बीच का अनुपात

(d) सीधी रेखाएँ खींचने के लिए उपयोग किया जाने वाला एक उपकरण

(iv) What is the maximum number of units that can be shown using a simple scale?

(a) One

(b) Two

(c) Three

(d) Four

एक सरल मापनी का उपयोग करके अधिकतम कितनी इकाइयाँ दर्शायी जा सकती हैं?

(a) एक

(b) दो

(c) तीन

(d) चार

(v) Weather maps are used for what purposes?

(a) Predicting earthquakes

(b) Depicting weather conditions

(c) Showing planetary conditions

(d) Predicting volcanic activity

मौसम मानचित्र का उपयोग किस उद्देश्य लिए किया जाता है?

(a) भूकम्प की भविष्यवाणी के लिए

(b) मौसम की स्थिति दर्शाने के लिए

(c) ग्रहों की स्थिति दर्शाने के लिए

(d) ज्वालामुखी गतिविधि की भविष्यवाणी के लिए

(vi) What is the primary purpose of a weather balloon in modern meteorology?

(a) To measure rainfall

(b) To transit weather data from high altitudes

(c) Tо capture images of cloud formations

(d) To monitor ocean currents

आधुनिक मौसम विज्ञान में मौसम के गुब्बारे का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

(a) वर्षा को मापना

(b) उच्च ऊँचाई से मौसम आंकड़ों का पारगमन

(c) बादल बनने के चित्र लेना

(d) समुद्र की धाराओं की निगरानी करना

(vii) What is a Map Projection?

(a) A model of the earth on a flat surface

(b) A process of transferring a spherical surface to a flat surface

(c) A depiction of natural features on a Globe

(d) An imaginary line dividing the earth

मानचित्र प्रक्षेप क्या है?

(a) समतल सतह पर पृथ्वी का एक मॉडल

(b) गोलाकार सतह को एक समतल सतह पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया

(c) ग्लोब पर प्राकृतिक विशेषताओं का चित्रण

(d) पृथ्वी को विभाजित करने वाली एक काल्पनिक रेखा

(viii) Which of the following is a key characteristic of the cylindrical equal-area projection?

(a) The scale is true along all parallels

(b) The shape of the areas is preserved

(c) The area is preserved but shapes are distorted especially in higher latitudes

(d) It is primarily used for navigation

निम्नलिखित में से कौन-सी बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप की एक मुख्य विशेषता है?

(a) सभी अक्षांशों के साथ पैमाना सही होता है

(b) क्षेत्रों के आकार को संरक्षित किया जाता है

(c) क्षेत्रफल को संरक्षित किया जाता है, लेकिन आकार विकृत होते हैं खासकर उच्च अक्षांशों पर

(d) यह मुख्य रूप से नेविगेशन के लिए उपयोग किया जाता है

(ix) What is the primary purpose of a topographical map?

(a) To show political boundaries

(b) To represent three-dimensional features in the earth’s surface on a twodimensional map

(c) To show population density

(d) To indicate weather patterns

स्थलाकृतिक मानचित्र का प्राथमिक उद्देश्य क्या है?

(a) राजनीतिक सीमाओं को दर्शाना

(b) पृथ्वी की सतह की त्रि आयामी विशेषताओं को द्वि-आयामी मानचित्र पर दर्शाना

(c) जनसंख्या घनत्व दिखाना

(d) मौसम के प्रतिमान को इंगित करना

(x) What do closely spaced contour lines on a topographical map represent?

(a) gentle slopе

(b) steep slope

(c) ocean

(d) flat plain

स्थलाकृतिक मानचित्र पर पास-पास खींची गई समोच्च रेखाएँ क्या दर्शाती हैं?

(a) मंद ढलान

(b) खड़ी ढलान

(c) महासागर

(d) समतल मैदान

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following. Each question carries 5 marks. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंकों का है।

2. What is the meaning of Cartography?

मानचित्रकला का क्या अर्थ है?

3. What is the application of scale on a map?

मानचित्र पर पैमाने का क्या उपयोग है?

4. What is the difference between climate and weather?

जलवायु एवं मौसम में क्या अन्तर है?

5. Give the classification of map projections according to their construction method.

रचना-विधि के अनुसार मानचित्र प्रक्षेपों का वर्गीकरण बताइए।

6. On which principle conical projections are made?

शंक्वाकार प्रक्षेप किस सिद्धान्त पर बनाए जाते हैं?

7. What is a Topographical Map?

स्थलाकृतिक मानचित्र क्या है?

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note : Answer any three questions of the following. Each question carries 10 marks. [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।

8. What is the nature and scope of Cartography?

मानचित्रकला की प्रकृति और कार्यक्षेत्र क्या है?

9. Discuss the significance of Weather maps.

मौसम मानचित्रों के महत्व पर चर्चा कीजिए।

10. Discuss the concept and properties of map projection.

मानचित्र प्रक्षेप की अवधारणा और गुणों पर चर्चा कीजिए।

11. Explain the properties, limitations and uses of the cylindrical equal area projection.

बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप के गुणों, सीमाओं और उपयोगों की व्याख्या कीजिए।

12. What are the methods to study the Topographical maps?

स्थलाकृतिक मानचित्रों के अध्ययन की विधियाँ क्या है?




UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session: 2023-27)

(MJC-9: MAJOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code: 410813

(Cartographic Techniques)

Time: Three Hours) [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all sections as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक है। निर्देशानुसार सभी खण्डों से उत्तर दीजिए।

Section-A / खण्ड-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note : Choose the correct option from each question : प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए [10×2=20]

1. (i) Which of the following gases is mainly responsible for acid rain?

(a) Carbon dioxide

(b) Sulphur dioxide

(c) Oxygen

(d) Hydrogen

निम्नलिखित में से कौन-सी गैस अम्लीय वर्षा के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार है?

(a) कार्बन डाइऑक्साइड

(b) सल्फर डाइऑक्साइड

(c) ऑक्सीजन

(d) हाइड्रोजन

(ii) Biodiversity hotspot refers to:

(a) Area with low biodiversity

(b) Area rich in biodiversity and under threat

(c) Area with no human activity

(d) Desert region

जैव विविधता हॉटस्पॉट कहते हैं:

(a) कम जैव विविधता वाले क्षेत्र को

(b) अधिक जैव विविधता वाले और संकटग्रस्त क्षेत्र को

(c) बिना मानव गतिविधि वाले क्षेत्र को

(d) मरुस्थलीय क्षेत्र को

(iii) Which is not a Greenhouse Gas?

(a) Methane

(b) Water Vapour

(c) Nitrogen

(d) Carbon Dioxide

निम्नलिखित में से कौन-सी ग्रीनहाउस गैस नहीं है?

(a) मीथेन

(b) जलवाष्प

(c) नाइट्रोजन

(d) कार्बन डाइऑक्साइड

(iv) Joint Forest Management Programme (JFM) in India started in which year?

(a) 1985

(b) 1990

(c) 1995

(d) 2000

भारत में संयुक्त वन प्रबंधन कार्यक्रम (जे.एफ.एम.) किस वर्ष प्रारम्भ हुआ?

(a) 1985

(b) 1990

(c) 1995

(d) 2000

(v) Which of the following is a primary consumer in a food chain?

(a) Grass

(b) Deer

(c) Tiger

(d) Fungus

खाद्य श्रृंखला में निम्नलिखित में से कौन प्राथमिक उपभोक्ता है?

(a) घास

(b) हिरण

(c) बाघ

(d) फफूंदी

(vi) Whati’s the main cause of Urban Heat Islands?

(a) Tree plantation

(b) Use of Concrete and Asphalt

(c) Agriculture

(d) Water bodies

शहरी ताप द्वीप का मुख्य कारण क्या है?

(a) वृक्षारोपण

(b) कॅक्रीट और डामर का उपयोग

(c) कृषि

(d) जल निकाय

(vii) The term ‘Sustainable Development’ was popularized by which report?

(a) Kyoto Protocol

(b) Stockholm Report

(c) Brundtland Report

(d) Rio Declaration

‘सतत विकास’ शब्द को किस रिपोर्ट ने लोकप्रिय बनाया?

(a) क्योटो प्रोटोकॉल

(b) स्टॉकहोम रिपोर्ट

(c) बुंडलैंड रिपोर्ट

(d) रियो घोषणा

(viii) Which of the following is a Secondary Pollutant?

(a) Sulphur Dioxide

(b) Smog

(c) Lead

(d) Dust

निम्नलिखित में से कौन द्वितीयक प्रदूषक है?

(a) सल्फर डाइऑक्साइड

(b) धुंध

(c) सीसा

(d) धूल

(ix) Which is considered the largest ecosystem on Earth?

(a) Desert

(b) Grassland

(c) Ocean

(d) Forest

पृथ्वी का सबसे बड़ा पारिस्थितिकी-तंत्र कौन-सा है?

(a) मरुस्थल

(b) घास का मैदान

(c) महासागर

(d) वन

(x) Which of the following laws relates to controlling water pollution in India?

(a) Air (Prevention and Control of Pollution) Act

(b) Forest Conservation Act

(c) Water (Prevention and Control of Pollution) Act

(d) Wildlife Protection Act

निम्नलिखित में से कौन-सा कानून भारत में जल प्रदूषण को नियंत्रित करने से सम्बन्धित है?

(a) वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम

(b) वन संरक्षण अधिनियम

(c) जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम

(d) वन्यजीव संरक्षण अधिनियम

Section-B / खण्ड-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

2. Define ‘Environmental Geography’. Name two components of the environment.

‘पर्यावरण भूगोल’ क्या है? पर्यावरण के दो घटकों के नाम लिखिए।

3. What is Biodiversity Hotspot?

जैवविविधता हॉटस्पॉट क्या है?

4. What is meant by the Ecological Balance?

प्रारिस्थितिक संतुलन से आप क्या समझते हैं?

5. What is the main cause of heat Islands in Cities?

शहरों में ताप द्वीप का मुख्य कारण क्या है?

6. Explain any two types of Environmental Crisis.

पर्यावरणीय संकट के कोई दो प्रकार स्पष्ट कीजिए।

7. Write a short note on the management of Sewage Disposal.

मल-निष्कासन व्यवस्था के प्रबंधन पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

Section-C / खण्ड-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following. [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

8. Examine the concepts and components of the Ecosystem, explaining their interrelationship with suitable examples.

पारिस्थितिकी-तंत्र की संकल्पना एवं घटकों की परस्परता, उपयुक्त उदाहरणों सहित स्पष्ट कीजिए।

9. Critically analyze the causes and impact of environmental degradation, citing recent events in India.

पर्यावरणीय क्षरण के कारण व प्रभावों को आलोचनात्मक विवेचना, भारत की ताज़ा घटनाओं सहित कीजिए।

10. Discuss the various types of Environmental Pollution and their remedial measures in detail.

पर्यावरण प्रदूषण के विभिन्न प्रकार एवं उनके उपचारात्मक उपायों का वर्णन कीजिए।

11. Assess the role of environmental management policies in mitigating disasters such as floods and droughts.

आपदाओं जैसे-बाढ़ एवं सूखे में आपदा प्रबंधन नीतियों की भूमिका

12. Explain natural hazards and environmental laws, with reference to radiation hazards, gas leaks, and acid rain

प्राकृतिक आपदाएँ एवं पर्यावरणीय कानून विकिरण आपदा, गैस रिसाव, अम्लीय वर्षा के संदर्भ में समझाइए।

UG Minor Core Course or MIC-5 Human Geography (Theory) Questions Paper 2025 (Patliputra University Patna)

UG Minor Core Course or MIC-5

Human Geography (Theory)

Questions Paper 2025



(Patliputra University Patna)

UG Minor Core Course or MIC-5

UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session : 2023-27)

(MIC-5: MINOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code : 420809

(Human Geography)

Time: Three Hours] [Maximum Marks: 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all parts as directed.

परीक्षार्थी यथासम्भव अपने शब्दों में ही उत्तर दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से उत्तर दीजिए।

Part-A / भाग-अ

(Multiple Choice Questions)

(बहुविकल्पीय प्रश्न)

Note: Choose the correct option from each question:

प्रत्येक प्रश्न से सही विकल्प का चयन कीजिए [10×2=20]

1. (i) The Demographic Transition Model (DTM) describes the transition of a population from:

(a) High birth and high death rates to low birth and low death rates

(b) High birth and low death rates to low birth and high death rates

(c) Low birth rates and high death rates to high birth rates and high death rates

(d) Zero population growth to population decline

जनसांख्यिकी संक्रमण मॉडल (डीटीएम) जनसंख्या के संक्रमण का वर्णन करता है:

(a) उच्च जन्म और उच्च मृत्यु दर से निम्न जन्म और निम्न मृत्यु दर तक

(b) उच्च जन्म और निम्न मृत्यु दर से निम्न जन्म और उच्च मृत्यु दर तक

(c) निम्न जन्म दर और उच्च मृत्यु दर से उच्च जन्म दर और उच्च मृत्यु दर तक

(d) शून्य जनसंख्या वृद्धि से जनसंख्या में गिरावट तक

(ii) Which of the following regions has the highest population growth rate currently?

(a) Europe

(b) North America

(c) Sub-Saharan Africa

(d) East Asia

वर्तमान में निम्नलिखित में से किस क्षेत्र की जनसंख्या वृद्धि दर सबसे अधिक है?

(a) यूरोप

(b) उत्तरी अमेरिका

(c) उप-सहारा अफ्रीका

(d) पूर्वी एशिया

(iii) Population distribution is most influenced by which of the following factors?

(a) Economic development and access to education

(b) Climate and geographic features

(c) Political boundaries

(d) Religious and cultural affiliations

जनसंख्या वितरण निम्नलिखित में से किस कारक से सबसे अधिक प्रभावित होता है?

(a) आर्थिक विकास और शिक्षा तक पहुँच

(b) जलवायु और भौगोलिक विशेषताएँ

(c) राजनीतिक सीमाएँ

(d) धार्मिक और सांस्कृतिक सम्बद्धताएँ

(iv) Which of the following is a characteristic of forced migration?

(a) Voluntary movement based on economic opportunity

(b) Movement due to social or political factors such as war or persecution

(c) Migration for educational purposes

(d) Migration influenced by environmental changes like climate

निम्नलिखित में से कौन-सी जबरन प्रवास की विशेषता है?

(a) आर्थिक अवसर पर आधारित स्वैच्छिक प्रवास

(b) युद्ध या उत्पीड़न जैसे सामाजिक या राजनीतिक कारकों के कारण प्रवास

(c) शैक्षिक उद्देश्यों के लिए प्रवास

(d) जलवायु जैसे पर्यावरणीय परिवर्तनों से प्रभावित प्रवास

Which of the following best describes “urbanization”?

(a) The movement of people from rural areas to urban areas

(b) The movement of people from urban areas to rural areas

(c) The decline in population in both rural and urban areas

(d) The increase in population growth in rural areas

निम्नलिखित में से कौन-सा “शहरीकरण” का सबसे अच्छा वर्णन करता है?

(a) ग्रामीण क्षेत्रों से शहरी क्षेत्रों की ओर लोगों का आवागमन

(b) शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्रों की ओर लोगों का आवागमन

(c) ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जनसंख्या में गिरावट

(d) ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि दर में वृद्धि

(vi) Which of the following is a characteristic of a dispersed rural settlement?

(a) High density of houses close together

(b) Houses scattered over a wide area

(c) Settlements clustered around a market

(d) Linear arrangements along roads

निम्नलिखित में से कौन-सी एक बिखरी हुई ग्रामीण बस्ती की विशेषता है?

(a) एक दूसरे के करीब स्थित घरों का उच्च घनत्व

(b) विस्तृत क्षेत्र में फैले हुए घर

(c) बाजार के चारों ओर बसी बस्तियाँ

(d) सड़कों के किनारे रैखिक व्यवस्था

(vii) Urban settlements are often classified based on their main function. Which of the following is not a typical urban settlement function?

(a) Administrative

(b) Defence

(c) Fishing Village

(d) Industrial

शहरी बस्तियों को अक्सर उनके मुख्य कार्य के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। निम्नलिखित में से कौन-सा शहरी बस्तियों का विशिष्ट कार्य नहीं है?

(a) प्रशासनिक

(b) रक्षा

(c) मछली पकड़ने वाला गाँव

(d) औद्योगिक

(viii) A compact pattern of rural settlement is most likely found in areas with:

(a) Scarce Water

(b) Fertile Plains

(c) Steep Slope

(d) Dense Forest

ग्रामीण बस्तियों का एक सघन पैटर्न संभवतः निम्नलिखित क्षेत्रों में पाया जाता है:

(a) दुर्लभ जल

(b) उपजाऊ मैदान

(c) खड़ी ढलान

(d) घना जंगल

(ix) A ‘hamlet’ refers to:

(a) A Small rural Community

(b) A large Urban Centre

(c) An Industrial Town

(d) A Suburban Area

‘हैमलेट’ का तात्पर्य है:

(a) एक छोटा ग्रामीण समुदाय

(b) एक बड़ा शहरी केंद्र

(c) एक औद्योगिक शहर

(d) एक उपनगरीय क्षेत्र

(x) Which factor does not influence the site of a settlement?

(a) Relief

(b) Water Availability

(c) Soil Quality

(d) Neighbourhood

कौन-सा कारक किसी बस्ती के स्थल को प्रभावित नहीं करता है?

(a) भू-आकृति

(b) जल उपलब्धता

(c) मृदा गुणवत्ता

(d) आस-पड़ोस

Part-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any four questions of the following: [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए :

2. Define Human Geography. Discuss its nature and scope with suitable examples.

मानव भूगोल की परिभाषा दीजिए। इसके स्वरूप और क्षेत्र का वर्णन उदाहरण सहित कीजिए।

3. Explain the concept of Determinism in Human Geography. Give examples to support your answer.

मानव भूगोल में निश्चयवाद की अवधारणा स्पष्ट कीजिए। अपने उत्तर की पुष्टि उदाहरण देकर कीजिए।

4. Explain the main components of population composition and their significance in human geography.

जनसंख्या संरचना के प्रमुख घटकों और मानव भूगोल में उनके महत्व की व्याख्या कीजिए।

5. Explain the stages of the Demographic Transition Theory and relate them to development.

जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धान्त की अवस्थाओं की व्याख्या कीजिए और उन्हें विकास से जोड़िए।

6. Classify the main types of rural settlement patterns and explain their spatial characteristics.

ग्रामीण बस्ती के प्रमुख प्रतिरूपों का वर्गीकरण कीजिए तथा उनके स्थानिक गुणों का वर्णन कीजिए।

7. On what basis are urban settlements classified in India? Give examples of each type.

भारत में नगरीय बस्तियों का वर्गीकरण किन आधारों पर किया जाता है? प्रत्येक प्रकार का उदाहरण दीजिए।

Part-C / भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions of the following: [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

8. Explain the trends and patterns of population growth in the world since 1900. Discuss factors responsible for spatial and temporal variations in growth rates.

1900 के बाद विश्व में जनसंख्या वृद्धि के रुझानों और प्रतिरूपों की व्याख्या कीजिए। वृद्धि दरों में स्थानिक तथा कालिक विभिन्नताओं के कारणों पर वर्णन कीजिए।

9. Describe the basis of classification of urban settlements in India and describe the functional categories of towns and cities with suitable examples.

भारत में नगरीय बस्तियों के वर्गीकरण के आधारों का वर्णन कीजिए तथा उपयुक्त उदाहरणों सहित शहरों और कस्बों के कार्यात्मक वर्गों का वर्णन कीजिए।

10. Explain the major types of settlement patterns found in rural areas. Discuss the physical and socio-economic factors responsible for their formation.

ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाने वाली प्रमुख बस्ती प्रतिरूपों की व्याख्या कीजिए। इनके निर्माण के लिए जिम्मेदार भौतिक तथा सामाजिक-आर्थिक कारकों पर चर्चा कीजिए।

11. Explain the causes of migration and analyse its social, economic, and environmental consequences on both source and destination areas.

प्रवासन के कारणों की व्याख्या कीजिए और प्रेषक (स्रोत) तथा गंतव्य (जाने वाले क्षेत्र) क्षेत्रों पर इसके सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय प्रभावों का विश्लेषण कीजिए।

12. Describe the Demographic Transition Theory in detail. How does it help to explain the relationship between population growth and economic development?

जनसांख्यिकीय संक्रमण सिद्धान्त का विस्तारपूर्वक वर्णन कीजिए। यह सिद्धान्त जनसंख्या वृद्धि और आर्थिक विकास के सम्बन्ध को कैसे स्पष्ट करता है?




UG (Regular) (Sem.-V)

Examination, 2025

(Session: 2023-27)

(MIC-6: MINOR CORE COURSE)

GEOGRAPHY

Paper Code : 420810

(Geography of India and Bihar)

Time: Three Hours] [Maximum Marks : 70

Note: Candidates are required to give their answers in their own words as far as practicable. The figures in the margin indicate full marks. Answer from all the parts as directed.

परीक्षार्थी यथासंभव उत्तर अपने शब्दों में ही दें। उपांत के अंक पूर्णांक के द्योतक हैं। निर्देशानुसार सभी भागों से प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

PART-A / भाग-अ

(Objective Type Questions)

(वस्तुनिष्ठ प्रश्न)

Note : Attempt all Multiple choice question from this part.

Each question carries 2 marks. [10×2=20]

इस भाग से सभी बहुविकल्पीय प्रश्नों को हल कीजिए। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।

1. (i) The Northern Plains of India are mainly formed by which process?

(a) Volcanic activity

(b) Alluvial deposition

(c) Tectonic uplift

(d) Wind erosion

भारत के उत्तरी मैदान मुख्यतः किस प्रक्रिया से बने हैं?

(a) ज्वालामुखीय क्रिया

(b) जलोढ़ निक्षेपण

(c) भू-तापीय उत्थान

(d) पवन अपरदन

(ii) Which of the following rivers is a Peninsular River?

(a) Ganga

(b) Yamuna

(c) Godavari

(d) Ghaghara

निम्नलिखित में कौन-सी एक प्रायद्वीपीय नदी है?

(a) गंगा

(b) यमुना

(c) गोदावरी

(d) घाघरा

(iii) The main cause of monsoon in India is:

(a) Westerlies

(b) Trade winds and differential heating

(c) Sea breeze

(d) Local winds

भारत में मानसून का मुख्य कारण क्या है?

(a) पश्चिमी पवनें

(b) व्यापारिक पवनें और भिन्न तापन

(c) समुद्री हवा

(d) स्थानीय पवनें

(iv) Which type of soil covers the largest area in India?

(a) Red soil

(b) Black soil

(c) Alluvial soil

(d) Laterite soil

भारत में कौन-सी मिट्टी सबसे बड़े क्षेत्र में पाई जाती है?

(a) लाल मिट्टी

(b) काली मिट्टी कपाल

(c) जलोढ़ मिट्टी

(d) लेटराइट मिट्टी

(v) Tropical evergreen forests are mainly found in:

(a) Western Ghats

(b) Thar Desert

(c) Gangetic Plain

(d) Ladakh

सदाबहार वन मुख्यतः कहाँ पाए जाते हैं:

(a) पश्चिमी घाट

(b) थार मरुस्थल

(c) गंगीय मैदान

(d) लदाख

(vi) Which state is the largest producer of jute in India?

(a) Bihar

(b) Assam

(c) West Bengal

(d) Odisha

भारत में जूट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन-सा है?

(a) बिहार

(b) असम

(c) पश्चिम बंगाल

(d) ओडिसा

(vii) The sugar industry in India is mainly located in:

(a) Punjab

(b) Maharashtra and Uttar Pradesh

(c) Tamil Nadu

(d) Gujarat

भारत में चीनी उद्योग मुख्यतः कहाँ स्थित है?

(a) पंजाब

(b) महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश

(c) तमिलनाडु

(d) गुजरात

(viii) The North Bihar plain is frequently affected by:

(a) Earthquake

(b) Flood

(c) Drought

(d) Landslide

उत्तर बिहार का मैदान प्रायः किससे प्रभावित रहता है?

(a) भूकम्प

(b) बाढ़

(c) सूखा

(d) भूस्खलन

(ix) Which of the following rivers flows through Bihar?

(a) Krishna

(b) Mahanadi

(c) Kosi

(d) Godavari

निम्नलिखित में से कौन-सी नदी बिहार से होकर बहती है?

(a) कृष्णा

(b) महानदी

(c) कोसी

(d) गोदावरी

(x) The physiography of Bihar mainly consists of:

(a) Plateau and Desert

(b) Northern plains and Southern plateau

(c) Coastal plain

(d) Hill ranges only

बिहार की भौतिक संरचना मुख्यतः किन भागों से मिलकर बनी है:

(a) पठार और मरुस्थल

(b) उत्तरी मैदान और दक्षिणी पठार

(c) तटीय मैदान

(d) केवल पर्वत श्रृंखलाएँ

PART-B / भाग-ब

(Short Answer Type Questions)

(लघु उत्तरीय प्रश्न)

Note : Answer any four questions. Each question carries 5 marks. [4×5=20]

निम्नलिखित में से किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 5 अंकों का है।

2. Describe the main physiographic divisions of India.

भारत के प्रमुख भौतिक (स्थलाकृतिक) विभाजनों का वर्णन कीजिए।

3. Compare the characteristics of Himalayan and Peninsular rivers.

हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों की विशेषताओं की तुलना कीजिए।

4. Explain the origin and mechanism of the Indian monsoon.

भारतीय मानसून की उत्पत्ति और तंत्र (प्रक्रिया) की व्याख्या कीजिए।

5. Write a short note on the types and distribution of soils in India.

भारत में मिट्टियों के प्रकार और वितरण पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।

6. Discuss the geographical factors responsible for the growth of the sugar industry in India.

भारत में चीनी उद्योग के विकास के लिए उत्तरदायी भौगोलिक कारकों पर चर्चा कीजिए।

7. Describe the structure and physiography of Bihar and its impact on agriculture.

बिहार की संरचना और भौगोलिक बनावट का वर्णन कीजिए तथा कृषि पर इसके प्रभाव को स्पष्ट कीजिए।

PART-C/ भाग-स

(Long Answer Type Questions)

(दीर्घ उत्तरीय प्रश्न)

Note: Answer any three questions. Each question carries 10 marks. [3×10=30]

निम्नलिखित में से किन्हीं तीन प्रश्नों के उत्तर दीजिए। प्रत्येक प्रश्न 10 अंकों का है।

8. Describe in detail the relief and geological structure of India. How do these physical features influence the distribution of population and economic activities?

भारत की उच्चावच और भूवैज्ञानिक संरचना का विस्तार से वर्णन कीजिए। ये भौतिक विशेषताएँ जनसंख्या वितरण और आर्थिक गतिविधियों को किस प्रकार प्रभावित करती हैं?

9. Discuss the origin, mechanism and characteristics of the Indian monsoon. Explain its importance for Indian agriculture?

भारतीय मानसून की उत्पत्ति, क्रियाविधि और विशेषताओं पर चर्चा कीजिए। भारतीय कृषि के लिए इसके महत्व को स्पष्ट कीजिए।

10. Explain the different types of natural vegetation found in India and the factors responsible for their distribution.

भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की प्राकृतिक वनस्पतियों तथा उनके वितरण के लिए उत्तरदायी कारकों की व्याख्या कीजिए।

11. Describe the Sugar and Paper agricultural industries of India. Discuss the geographical conditions required for their growth and development.

भारत के चीनी और कागज कृषि उद्योगों का वर्णन कीजिए। इनके विकास और वृद्धि के लिए आवश्यक भौगोलिक परिस्थितियों पर चर्चा कीजिए।

23. Environmental laws (पर्यावरण कानून)

Environmental laws

(पर्यावरण कानून)



      पर्यावरण कानून पानी की गुणवत्ता, वायु गुणवत्ता, लुप्तप्राय वन्य प्राणी, और कई अन्य पर्यावरणीय कारकों से संबंधित कानूनों और विनियमों का एक संग्रह है।

⇒ पर्यावरण कानून कई कानूनों और विनियमों को शामिल करता है, लेकिन वे सभी पर्यावरण के लिए खतरों को कम करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार के लिए मानव – प्रकृति की बातचीत को विनियमित करने के एक सामान्य लक्ष्य की दिशा में काम करते हैं।

⇒ जैसा कि हम कल्पना कर सकते हैं कि पर्यावरण कानून व्यापक है क्योंकि प्राकृतिक पर्यावरण में कई पहलू शामिल हैं। इसका मतलब है कि पर्यावरण कानून में हम जिस हवा में सांस लेते हैं, जिस प्राकृतिक संसाधनों पर हम निर्भर करते हैं, पेड़-पौधों और जीवों के लिए जो इस दुनिया को हमारे साथ साझा करते हैं, सब कुछ ध्यान में रखना जरूरी है।

   संक्षेप में पर्यावरण कानून वे नियम और विनियम हैं जो पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के लिए बनाए गए हैं। ये कानून पर्यावरण प्रदूषण को नियंत्रित करने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सतत् विकास को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

⇒ पर्यावरण के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग की आवश्यकता भारत के संवैधानिक ढांचे और भारत की अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं में भी परिलक्षित होती है।

⇒ भाग IV क (अनुच्छेद 51A- मौलिक कर्तव्य) के तहत भारतीय संविधान भारत के प्रत्येक नागरिकों पर वनों, झीलों, नदियों और वन्यजीवों सहित प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने और जीवित प्राणियों के लिए करुणा रखने का कर्तव्य रखता है।  

⇒ इसके अलावा भारत के संविधान के भाग IV (अनुच्छेद 48A- राज्य की नीति निदेशक तत्व) के तहत यह प्रावधान किया गया है कि राज्य पर्यावरण की रक्षा और सुधार करने और देश के वनों और वन्यजीवों की रक्षा करने का प्रयास करेगा।

⇒ भारत की आजादी से पहले भी कई पर्यावरण संरक्षण कानून मौजूद थे। हालांकि, एक अच्छी तरह से विकसित ढांचे को लागू करने के लिए वास्तविक जोर मानव पर्यावरण पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (स्टॉकहोम, 1972) के बाद ही आया।  

⇒ स्टॉकहोम (स्वीडन) सम्मेलन के बाद, पर्यावरण से संबंधित मुद्दों की देखभाल के लिए एक नियामक निकाय की स्थापना के लिए 1972 में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के भीतर पर्यावरण नीति और योजना के लिए राष्ट्रीय परिषद की स्थापना की गई थी। यह परिषद बाद में एक पूर्ण विकसित पर्यावरण और वन मंत्रालय के रूप में विकसित हुई।

⇒ पर्यावरण और वन मंत्रालय की स्थापना 1985 में हुई थी, जो आज पर्यावरण संरक्षण को विनियमित करने और सुनिश्चित करने के लिए देश में सर्वोच्च प्रशासनिक निकाय है और इसके लिए कानूनी और नियामक ढांचा तैयार करता है।

⇒ 1970 के दशक से, कई पर्यावरण कानून बनाए गए हैं।

⇒ पर्यावरण और वन मंत्रालय और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अर्थात् केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) मिलकर इस क्षेत्र के नियामक और प्रशासनिक कोर बनाते हैं।

पर्यावरण से संबंधित अन्य कानून

⇒ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972

⇒ जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974

⇒ वन संरक्षण अधिनियम, 1980

⇒ वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1981

⇒ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

⇒ सार्वजनिक देयता बीमा अधिनियम, 1991

⇒ ओजोन – क्षयकारी पदार्थ (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000

⇒ जैविक विविधता अधिनियम, 2002

⇒ राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010

⇒ तटीय विनियमन क्षेत्र अधिसूचना, 2011

उद्देश्य

1. पर्यावरण संरक्षण:-

    पर्यावरण कानूनों का उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण करना है।

2. प्रदूषण नियंत्रण:-

   पर्यावरण कानून प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार करने के लिए बनाए गए हैं।

3. सतत विकास:-

    पर्यावरण कानून सतत विकास को बढ़ावा देने और पर्यावरणीय संसाधनों के संरक्षण के लिए बनाए गए हैं।

लाभ

1. पर्यावरण कानून पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण में मदद करते हैं।

2. पर्यावरण कानून जन स्वास्थ्य की रक्षा में मदद करते हैं।

3. पर्यावरण कानून आर्थिक लाभ प्रदान कर सकते हैं, जैसे कि पर्यावरण पर्यटन और हरित प्रौद्योगिकी के विकास के माध्यम से।

चुनौतियाँ

1. अनुपालन:-

   पर्यावरण कानूनों का अनुपालन एक बड़ी चुनौती हो सकती है, खासकर छोटे और मध्यम आकार के उद्योगों के लिए।

2. जागरूकता:-

    पर्यावरण कानूनों के बारे में जागरूकता का अभाव एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

3. वित्तपोषण:-

    पर्यावरण कानूनों के कार्यान्वयन और अनुपालन के लिए वित्तपोषण भी एक बड़ी चुनौती हो सकती है।

निष्कर्ष:

     निष्कर्षत: भारत में पर्यावरण कानून न केवल देश के मूलभूत कानूनों द्वारा संरक्षित है, बल्कि मानवाधिकार नीतियों में भी शामिल है। प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक मानवाधिकार प्रदूषण-मुक्त वातावरण में रहना है, क्योंकि स्वच्छ पर्यावरण बनाना मानव समाज के लिए आवश्यक है।

      लोगों को सार्वजनिक निकायों, राज्य एवं संघीय प्रशासनों के लिए विकास प्रक्रियाओं के नकारात्मक पर्यावरणीय प्रभावों को पहचानना अति आवश्यक है।

     पर्यावरण कानूनों का कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए क्योंकि ये नागरिकों को स्वच्छता को प्राथमिकता देने और प्रदूषण से निपटने के लिए प्रोत्साहित करने का एक प्रभावी साधन हैं।

     हालाँकि, पूरे समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना भी काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि व्यापक सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना केवल पर्यावरण कानून ही पर्याप्त नहीं हैं।

1. अफ्रीका की जलवायु / Climate of Africa

1. अफ्रीका की जलवायु / Climate of Africa


अफ्रीका की जलवायु⇒

For BA(Hons) Part-III

Paper-V

अफ्रीका महादेश का सामान्य परिचय : 

            अफ्रीका महाद्वीप विश्व का दूसरा सबसे बड़ा महाद्वीप है जिसका विस्तार  37°14′ उत्तरी अक्षांश से 34°50′ दक्षिणी अक्षांश एवं 17°33′ पश्चिमी देशांतर से 51°23′ पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है। इसका कुल क्षेत्रफल 3343578 वर्ग किलोमीटर अर्थात पृथ्वी के कुल भूभाग का लगभग 20% भाग में है। अफ्रीका के उत्तर में भूमध्यसागर एवं यूरोप महाद्वीप, पश्चिम में अटलांटिक महासागर, दक्षिण में दक्षिण महासागर तथा पूर्व में अरब सागर एवं हिंद महासागर हैं। पूर्व में स्वेज भूडमरूमध्य इसे एशिया से जोड़ता है तथा स्वेज नहर इसे एशिया से अलग करती है। जिब्राल्टर जलडमरूमध्य इसे उत्तर में यूरोप महाद्वीप से अलग करता है। इस महाद्वीप में विशाल मरुस्थल, अत्यन्त घने वन, विस्तृत घास के मैदान, बड़ी-बड़ी नदियाँ व झीलें तथा विचित्र जंगली जानवर हैं। मुख्य मध्याह्न रेखा (0°) अफ्रीका महाद्वीप के घाना देश की राजधानी अक्रा शहर से होकर गुजरती है। यहाँ सेरेनगेती और क्रुजर राष्ट्रीय उद्यान है तो जलप्रपात और वर्षावन भी हैं। एक ओर सहारा मरुस्थल है तो दूसरी ओर किलिमंजारो पर्वत भी है और सुषुप्त ज्वालामुखी भी है। युगांडा, तंजानिया और केन्या की सीमा पर स्थित विक्टोरिया झील अफ्रीका की सबसे बड़ी तथा सम्पूर्ण पृथ्वी पर मीठे पानी की दूसरी सबसे बड़ी झील है। यह झील दुनिया की सबसे लम्बी नदी नील के पानी का स्रोत भी है।
                  अफ्रीका एकमात्र ऐसा महाद्वीप है जिससे होकर पृथ्वी पर खींची गई तीनों प्रमुख काल्पनिक रेखाएँ (विषुवत रेखा, कर्क रेखा तथा मकर रेखा) गुजरती है।
जलवायु का अध्ययन करने का कारण
                 भौगोलिक अध्ययन में जलवायु का आधारभूत महत्व है क्योंकि इसका व्यापक प्रभाव सभी भौगोलिक तत्वों पर पड़ता है। प्रत्यक्ष रूप से जलवायु, वनस्पति एवं फसलों तथा अप्रत्यक्ष रूप से न केवल मिट्टी इत्यादि प्राकृतिक संसाधनों को बल्कि मानव की शारीरिक एवं मानसिक कार्यक्षमता के माध्यम से मानवीय संसाधनों को भी प्रभावित करती है। अफ्रीका महाद्वीपों के वर्तमान आर्थिक एवं मानवीय प्रारूप के विकास में जलवायु की प्राथमिक भूमिका है। इस महाद्वीपों के विशिष्ट संदर्भ में जलवायु के कारक एवं तत्वों तथा प्रादेशिक भिन्नता का अध्ययन अत्यंत ही महत्वपूर्ण है।
 
             अफ्रीकी महाद्वीपों के जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक अक्षांशीय स्थिति, प्रचलित वायु पेटियाँ एवं उनका मौसमी स्थानांतरण तथा पर्वत श्रेणियों की सापेक्षिक स्थिति एवं उसकी दिशा है। इसके अलावे तटवर्ती महासागरीय जल धाराएँ एवं धरातलीय ऊँचाई का भी स्थानीय प्रभाव पड़ता है। 
(1) अक्षांश की स्थिति :-
            अफ्रीका महाद्वीप का अधिकांश भाग उष्णकटिबंधीय क्षेत्र में तथा कुछ भाग शीतोष्ण कटिबंध में पड़ता है। इस कारण यह महाद्वीप सर्वाधिक सूर्यातप प्राप्त करते हैं। जैसा कि हमलोग जानते भी है कि निम्न अक्षांशीय क्षेत्रों में सूर्यातप की मात्रा निरंतर अधिक होती है एवं इसमें मौसमी परिवर्तन भी नहीं के बराबर होती है। जैसे-जैसे हम लोग भूमध्य रेखा से दूर जाते हैं, सूर्यातप की मात्रा घटती जाती है। लेकिन अधिकतम सौरताप 20° अक्षांश के पास प्राप्त होता है जहाँ मेघच्छादन न्यूनतम रहता है। पश्चिमी तथा पूर्वी सहारा में 200 किलोग्राम कैलोरी प्रति वर्ग सेंटीमीटर औसत वार्षिक सूर्यातप की प्राप्ति होती है जो विश्व में सर्वाधिक है। अफ्रीका के मरुस्थलीय भाग में 180 किलोग्राम कैलोरी और भूमध्य रेखीय प्रदेशों में जहाँ सालोंभर मेघच्छादन रहता है 120 किलोग्राम कैलोरी प्रति वर्ग सेंटीमीटर औसत सूर्यातप की प्राप्ति होती है।
(2) प्रचलित वायु पेटियाँ :- 
                  अक्षांशीय स्थिति के अनुरूप अफ्रीका महाद्वीप में विषुवत रेखा के समीप निम्न वायुदाब की शांत पेटी मिलती है जिसे डोलड्रम अथवा अंत: उष्णकटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) कहते हैं। इसके दोनों तरफ 30° अक्षांश के आसपास उच्च वायुदाब के उपोष्ण पेटी मिलता है मिलती है। उच्च वायुदाब की उपोष्ण पेटी मिलती है। उच्च वायुदाब वाले क्षेत्रों से क्षेत्रों से व्यापारिक हवाएँ विषुवत रेखीय निम्न वायुदाब की ओर पृथ्वी की दैनिक गति से प्रभावित होकर उत्तरी गोलार्ध में उ०- पू० तथा दक्षिणी गोलार्ध में द०-पू० दिशा से चलती है। अफ्रीका महाद्वीप का अधिकांश भाग इन्हीं व्यापारिक हवाओं की पेटी में पड़ता है। उत्तरी अफ्रीका को छोड़कर अन्य भागों में सागरीय हवाएँ हैं। इसी प्रकार उपोष्ण उच्च वायुदाब के क्षेत्र से ध्रुवों की ओर उत्तरी गोलार्ध में दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिणी गोलार्ध में उत्तर-पश्चिम दिशा से प्रचलित पछुआ हवाएँ उप-ध्रुवीय निम्न वायुदाब के क्षेत्र की ओर चलती है। इस प्रकार हम देखते हैं कि अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय भाग व्यापारिक हवाओं तथा मध्य अक्षांश में स्थित भाग पछुआ हवाओं के प्रभाव क्षेत्र में पड़ते हैं। महाद्वीपों के 30° दक्षिणी अक्षांश के दक्षिणी भागों में पछुआ हवाओं से वर्षा होती है जबकि विश्वतरेखा के समीप स्थित प्रदेश में संवहनीय प्रक्रिया द्वारा वर्षा होती है।
(3) पर्वत श्रेणियों की सापेक्षिक स्थिति :- 
                  उच्च पर्वत नमीयुक्त सागरीय हवाओं को रोककर वायु अभिमुख प्रदेशों में वर्षा करातें हैं जबकि वायु विमुख ढाल एवं आंतरिक प्रदेश में सामान्यतः शुष्क हो जाते हैं। अफ्रीका में स्थित ड्रेकेन्स-बर्ग पर्वत के कारण पूर्वी तट पर अधिक वर्षा होती है परंतु आंतरिक भाग एवं पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में वर्षा बहुत कम होती है। मलागासी के मध्य में पर्वत स्थित होने के कारण पूर्वी तट पर सारभर अधिक वर्षा होती है। उत्तरी अफ्रीका में एटलस पर्वत स्थायी हवाओं के समानांतर स्थित होने के कारण वर्षा को अधिक प्रभावित नहीं करता। अतः उच्च पर्वत इन महाद्वीपों में अवरोधक के रूप में वर्षा की मात्रा एवं उसके वितरण को प्रभावित करते है साथ ही कुछ क्षेत्रों में सागरीय प्रभाव को आंतरिक भागों में पहुँचने से भी रोकते है। 
(4) धरातलीय ऊँचाई :-
           उष्ण कटिबंध में निम्न क्षेत्रों से हिमाच्छादित उच्च शिखर तक तापमान में लंबवत परिवर्तन उसी प्रकार का होता है जैसा कि भूमध्य रेखा से ध्रूवों की ओर जाते समय अक्षांशीय स्थिति के अनुसार होता है। परंतु विभिन्न तत्वों में विशेषकर तापमान में यह परिवर्तन स्थानीय स्तर पर ही होता है। उष्ण कटिबंधीय स्थित होते हुए भी विस्तृत अफ्रीकी पठारों पर शीतोष्ण जलवायु पाई जाती है जो कि यूरोप निवासियों के लिए सर्वथा उपयुक्त है। 
(5) तटवर्ती महासागरीय जलधाराएँ :- 
                  दक्षिणी गोलार्ध में महासागरीय जलधाराओं का प्रतिरूप घड़ी की सुईयों के विपरीत है। जल धाराएँ अपने गुण के अनुसार अपने पास स्थित तटीय भागों के तापमान एवं वर्षा को प्रभावित करती है। उत्तरी अफ्रीका के पश्चिमी तट पर कनारी एवं दक्षिण अफ्रीका के पश्चिमी तट के समानांतर बेंगुला की ठंडी जलधाराओं के प्रभाव से तापमान सामान्य से नीचे रहता है जबकि गिन्नी तट तथा पूर्वी तट पर भूमध्यरेखीय, मोजांबिक और आगुल्हास की गर्म जलधाराओं के कारण तापमान सामान्य से ऊपर रहता है।
              उपरोक्त दशाओं से स्पष्ट है कि अफ्रीका महाद्वीपों के सामुद्रिक वायु अभिमुख तटों पर प्रायः गर्म जलधाराएँ एवं वायु विमुख तटों पर ठंडी जलधाराएँ विद्यमान है। फलस्वरुप प्रमुख जलवायु कारकों के प्रभाव तिव्रतर हो जाते हैं। इनके अतिरिक्त निम्न अक्षांश में जिन तटों पर ठंडी जलधाराएँ चलती है वहाँ घना कोहरा छाया रहता है। दो विपरीत गुणों वाले जलधाराओं के संगम स्थल पर भी घना कोहरा पाया जाता है। उच्च अक्षांशों में गर्म जलधाराएँ तापमान को सामान्य से ऊंचा रखती है जबकि ठंडी जलधाराएँ जलवायु को और कठोर बना देती है। परोक्ष रूप से जलधाराएँ चक्रवतों के पथ को भी निर्धारित करती है। 
 
अफ्रीका महाद्वीप के जलवायु का वर्गीकरण
                  उपरोक्त विवेचन से स्पष्ट है कि जलवायु के विभिन्न तत्व और उनको प्रभावित करने वाले कारकों की प्रादेशिक विभिन्नता के परिणामस्वरूप अफ्रीका महाद्वीप में अनेक प्रकार की जलवायु पाई जाती है। अफ्रीका महाद्वीप की जलवायु के अध्ययन हेतु ट्रिवार्था द्वारा प्रस्तुत वर्गीकरण को अधिक उपयुक्त माना गया है क्योंकि केवल कुछ प्रधान जलवायु प्रकारों के कारण यह वर्गीकरण सरल होने के साथ ही सर्वमान्य है। इस वर्गीकरण की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आवश्यकतानुसार द्वितीय एवं तृतीय क्रम के उप-विभाजनों द्वारा इसे विस्तृत रूप दिया जा सकता है। यह वर्गीकरण उपलब्ध आँकड़ों पर आधारित है। ट्रिवार्था ने पृथ्वी की जलवायु को 13 वर्गों में विभाजित किया है जिसमें निम्नलिखित 8 प्रकार की जलवायु के क्षेत्र अफ्रीका महाद्वीप में पाए जाते हैं : –
 
1. उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु (Af, Am)
 
2. सवाना तुल्य जलवायु (Am)
 
3. स्टेपी तुल्य जलवायु (Bs)
 
4. मरुस्थलीय जलवायु (Bu)
 
5. भूमध्यसागरीय जलवायु (Cs)
 
6. मानसूनी जलवायु (Ca)
 
7. पश्चिमी यूरोपीय तुल्य जलवायु (Cb, Cc)
 
8. अविभाजित पर्वतीय जलवायु (H)
1. उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु (Af,Am):-
                   वर्ष पर्यंत उच्च तापमान एवं अधिक वर्षा इस जलवायु की दो प्रमुख विशेषताएँ हैं। भूमध्य रेखा के दोनों ओर 5° या 10° अक्षाशों तक ही स्थित होने के कारण अफ्रीका का कांगो बेसिन इस जलवायु के प्रधान क्षेत्र। इसके अलावा मलागासी का पूर्वी भाग तथा गिनी तट पर भी यह जलवायु पाई जाती है।
                  वर्षा प्रमुख रूप से यहाँ संवहनीय होती है। प्रतिदिन तापमान में वृद्धि के साथ ही कुमुलस बादल दिखाई देते हैं और दोपहर बाद गरज एवं चमक के साथ मूसलाधार वर्षा होती है। भूमध्यरेखीय प्रदेशों में गरज के साथ आंधियाँ बहुत आती है जिनका औसत वर्ष में 75 से 105 दिन तक है। निरंतर मेघच्छादित आकाश तथा अविरल वर्षा के दिन मध्य अक्षांशीय प्रदेशों की अपेक्षा बहुत कम पाए जाते हैं। निम्न अक्षांशों में वायुमंडलीय व्यतिक्रम, जिनकी आवृत्ति अंत: उष्ण कटिबंधीय अभिसरण क्षेत्र (ITCZ) के समीप सर्वाधिक होती है, अधिक वर्षा से संबंधित होते हैं। चक्रवातीय वर्षा सापेक्षतया अधिक समय तक एक विस्तृत क्षेत्र में होती है जबकि संवहनीय वर्षा स्थानीय एवं दैनिक होती है।
 
2. सवाना/सूडान तुल्य जलवायु (Am):-
                  इसे उष्णकटिबंधीय आर्द्र शुष्क जलवायु भी कहा जाता है। निरंतर आर्द्र उष्ण कटिबंधीय जलवायु की तुलना में इन प्रदेशों में वर्षा कम होती है और विभिन्न महीनों में इसका वितरण असमान होता है। परिणामस्वरूप सघन वन के स्थान पर वृक्ष युक्त घास के मैदान पाए जाते हैं। सवाना नामक लंबी घास के आधार पर इसे सामान्यतया सवाना तुल्य जलवायु कहते हैं। भूमध्य रेखा की ओर महाद्वीपों के पश्चिमी तथा आंतरिक भागों में शुष्क जलवायु तथा पूर्वी भागों में उपोषण आर्द्र जलवायु के मध्य इस जलवायु के क्षेत्र पाए जाते हैं।
                  इस जलवायु के प्रदेश विषुवत रेखा के दोनों ओर सामान्यतया 5° या 10° से 15° या 20° अक्षांश के मध्य भूमध्यरेखीय निम्न वायुदाब एवं उपोष्ण उच्च वायुदाब क्षेत्रों के मध्य व्यापारिक हवाओं की पेटी में स्थित है। सूर्य के उत्तरायण एवं दक्षिणायन होने के परिणामस्वरूप सूर्यातप वायुदाब और हवाओं की पेटियों के स्थानांतरित होने से इन प्रदेशों में ग्रीष्म ऋतु में अंत: उष्ण कटिबंधीय अभिसरण और डोलड्रम के प्रभाव में वर्षा होती है जबकि शीत ऋतु में व्यापारिक हवाओं तथा उपोष्ण प्रतिचक्रवातों के प्रभाव में मौसम शुष्क रहता है। ध्रूवों की ओर वर्षा की मात्रा क्रमशः कम होती जाती है। ध्रुवीय छोर पर शुष्क ऋतु अधिक लंबी एवं कठोर होती है।
                अफ्रीका में कांगो बेसिन की उत्तर में सूडान, दक्षिण में स्थित एक विस्तृत भू-भाग और हिंद महासागर तट पर मोजांबिक से लेकर उत्तर में सोमालिया तक का तटीय क्षेत्र, मालागासी का पश्चिमी भाग इस जलवायु के प्रदेश पाए जाते हैं। पूर्वी एवं दक्षिणी अफ्रीका में भी सवाना तुल्य जलवायु पाई जाती है परंतु उच्च पठारों में स्थित होने के कारण यहाँ तापमान कम हो जाता है।
 
3. स्टेपी तुल्य जलवायु (Bs) :- 
            इसे आर्द्र शुष्क जलवायु भी कहा जाता है। आर्द्र एवं शुष्क प्रदेशों के मध्य स्थित इस जलवायु के प्रदेश एक संक्रमण में मेखला सदृश्य है और सामान्यतया निम्न अक्षांशीय मरुस्थलों को उत्तर, पूर्व एवं दक्षिण से घेरे हुए मिलते हैं। उपोषण प्रतिचक्रवातों से संबंधित वायु समूहों के नीचे उतरने वाले उच्च वायुदाब प्रदेशों के किनारे पर स्थित होने के कारण यहाँ बर्ष में कुछ समय के लिए वर्षा ऋतु भी पाई जाती है। उत्तरी अफ्रीका में इस जलवायु की दो मेखलाएँ पूर्व-पश्चिम दिशा में फैली हुई मिलती है। प्रथम सहारा के उत्तर भूमध्यसागरीय प्रदेशों के दक्षिण तथा द्वितीय सहारा के दक्षिण अटलांटिक महासागर में प्रशांत तट तक विस्तृत सूडान तुल्य जलवायु प्रदेशों के उत्तर। इसके अतिरिक्त दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका मैं दो पतली पेटी के रूप में इस जलवायु के प्रदेश पाए जाते हैं।
 
4. मरुस्थलीय जलवायु (Bu):- 
                    वार्षिक वर्षा की मात्रा से वाष्पीकरण की अधिकता शुष्क जलवायु की प्रमुख विशेषता है। 15° से 30° अक्षांशों के मध्य सामान्यतः महाद्वीपों के पश्चिमी तट पर उपोष्ण प्रतिचक्रवातों के नीचे उतरते शुष्क वायु समूहों के क्षेत्र में इस जलवायु के प्रदेश पाए जाते हैं।
                 शुष्क जलवायु अफ्रीका महाद्वीप के दो विस्तृत भाग में पायी जाती है- पहला उत्तरी अफ्रीका के पश्चिमी तट से लाल सागर तक 5600 किलोमीटर लंबाई तथा लगभग 2004 किलोमीटर चौड़ाई में विस्तृत सहारा मरुस्थल दूसरा दक्षिण अफ्रीका में 8 लाख वर्ग किलोमीटर में विस्तृत कालाहारी मरुस्थल ।
                   यहाँ गर्मी के महीनों का औसत तापमान 27℃ से 35℃ के बीच रहता है परंतु दोपहर में सामान्यतया 41℃ से 43℃ तक तापमान पाया जाता है। उत्तरी सहारा में औसत उच्चतम एवं निम्नतम तापमान क्रमश 37℃ तथा 22℃ होता है। त्रिपोली से 40 किलोमीटर दक्षिण स्थित अजीजिया में विश्व का उच्चतम तापमान 58℃ अंकित किया गया है। शीत ऋतु में दिन का औसत तापमान 16℃ से 21℃ तथा रात्रि का 10℃ के आस-पास पाया जाता है।
 
5. भूमध्यसागरीय जलवायु (Cs) :-
                  इसे शुष्क ग्रीष्म एवं आर्द्र शीत ऋतु, युक्त उपोष्ण जलवायु भी कहा जाता है। शीत ऋतु में साधारण ठंड तथा वर्षा एवं उच्च तापमान युक्त शुष्क ग्रीष्म ऋतु, इस जलवायु की प्रमुख विशेषताएँ है। यह जलवायु 30° से 40° अक्षांशों के मध्य महाद्वीपों के पश्चिमी तट पर पछुआ हवाओं की पेटी में पायी जाती है। उतरी अफ्रीका का भूमध्यसागरीय तटीय प्रदेश, दक्षिणी अफ्रीका गणराज्य का दक्षिणी-पश्चिमी छोर इस जलवायु के अंतर्गत आता है।
                     उपोष्ण उच्च वायुदाब के ध्रुवोन्मुख ढल पर स्थित होने के कारण तथा सूर्य की स्थिति के अनुसार वायु पेटियों में ऋत्विक स्थानांतरण के परिणामस्वरूप ग्रीष्म ऋतु में यह क्षेत्र उपोष्ण उच्च वायुदाब के प्रभाव में रहते हैं, अतः ग्रीष्म ऋतु शुष्क होती है। शीत ऋतु में पछुआ हवाओं तथा उनसे संबंधित चक्रवातों के प्रभाव में होने के कारण वर्षा होती है।
                    मध्य अक्षांशीय एवं समुद्रतटीय स्थिति के कारण यहाँ कड़ाके की सर्दी नहीं पड़ती है। शीत ऋतु में औसत तापमान 4° से० से 10° से० तथा ग्रीष्म ऋतु में 21°से० से 27° से० के मध्य रहता है। वार्षिक ताप परिसर 11° से 17° से० पाया जाता है। तटीय क्षेत्रों में आंतरिक भाग की अपेक्षा ताप परिसर कम पाया जाता है।
 
6. मानसूनी जलवायु (Ca) :- 
              इसे आर्द्र उपोष्ण जलवायु भी कहा जाता है। अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी भाग में स्थित ग्रीष्मकालीन वर्षा अर्थात ग्रीष्म ऋतु में अधिक गर्मी एवं प्रचुर वर्षा तथा शीत ऋतु में साधारण वर्षा ठंड एवं शुष्कता होता इस जलवायु की प्रमुख विशेषता है।
              अफ्रीका महाद्वीप में यह जलवायु 25° से 40° अक्षांशों के मध्य पूर्वी तटों तथा समीपस्थ आंतरिक भागों में पाई जाती है। उष्णकटिबंधीय जलवायु एवं महाद्वीपीय कठोर शीत जलवायु के मध्य स्थित इन प्रदेशों की जलवायु दोनों से प्रभावित होती है। दक्षिण अफ्रीका गणराज का डरबन के पास स्थित हिंद महासागर तटीय क्षेत्र इस जलवायु के अंतर्गत आते हैं।
 
7. पश्चिमी यूरोपीय तुल्य जलवायु (Cb, Cc) :-
                 सामान्यतःयह जलवायु 40° से 60° अक्षांशों के मध्य महाद्वीपों के पश्चिमी तट पर पाई जाती है परंतु अफ्रीका में यह जलवायु 25° दक्षिणी अक्षांश से ही प्रारंभ हो जाते हैं। इसका मुख्य कारण महाद्वीपों का दक्षिणी भाग संकरा एवं द्वीप के रूप में अवस्थित होना है।
 
8. अविभाजित पर्वतीय जलवायु (H) :-
                      वर्षा एवं तापमान की समरूपता नहीं वरन् ऊँचाई एवं अक्षांशीय स्थिति के अनुसार एक छोटे क्षेत्र में अनेक स्थानीय जलवायु की उपस्थिति जन्य विश्व स्तर पर मानचित्रण की समस्या ही इस जलवायु विभाग का आधार है। दिन एवं रात के तापमान में अधिक अंतर तथा ऊँचाई के साथ तापमान में अधिक अंतर तथा ऊँचाई के साथ तापमान में ह्रास इस जलवायु की प्रमुख विशेषता है। उच्च पर्वतीय प्रदेशों से संबंधित यह जलवायु पूर्वी अफ्रीका में अबीसीनिया पठार के उच्च भागों एवं विक्टोरिया झील के पश्चिम और पूर्व स्थित पर्वत चोटियों पर पाई जाती है। मध्य एवं पूर्वी अफ्रीका के कम उच्च पठारी भागों को अलग न रखकर सवाना तुल्य जलवायु के प्रदेशों में ही रखा गया है।
 
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