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General Geography Capsule 3

General Geography Capsule 3

सामान्य भूगोल


General Geography Capsule 3

एक नजर में इसे जरुर पढ़ें

1. सूर्य और पृथ्वी की बीच की दूरी अधिकतम (15.2 करोड़ किमी०) अर्थात अपसौर होती है-

उत्तर- 4 जुलाई को

2. सूर्य और पृथ्वी की बीच की दूरी न्यूनत्तम (14.73 करोड़ किमी०) अर्थात उपसौर होती है-

उत्तर- 3 जनवरी को

3. उपसौरिक एवं अपसौरिक को मिलाने वाली रेखा कहलाती है-

उत्तर- एपसाइड रेखा

4. वर्तमान भूगोल का जनक किसे कहा जाता है-

उत्तर- हम्बोल्ट को

5. व्यवस्थित भूगोल का जनक किसे कहा जाता है-

उत्तर- इरैटोस्थनीज

6. सूर्य प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में समय लगता है-

उत्तर-  लगभग 8 मिनट

7. सौर ज्वाला को उत्तरी ध्रुव पर कहा जाता है-

उत्तर- आरोरा बोरियालिस

8. सौर ज्वाला को दक्षिणी ध्रुव पर कहा जाता है –

उत्तर- आरोरा ऑस्ट्रेलिस

9. पृथ्वी अपने अक्ष पर कितने कोण पर झुकी हुई है-

उत्तर- 23½º

10. ग्लोब पर उत्तर से दक्षिण की ओर खीची जाने वाली काल्पनिक रेखा है-

उत्तर- देशांतर रेखा

11. ग्लोब पर पश्चिम से पूरब की ओर खींची गई काल्पनिक रेखा है-

उत्तर- अक्षांश रेखा

12. दो अक्षांश रेखाओं के मध्य दूरी होती है-

उत्तर- 111 किमी०

13. विषुवत रेखा पर दो देशान्तर रेखाओं के मध्य दूरी होती है-

उत्तर- 111.32 किमी०

14. दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी को कहा जाता है-

त्तर- गोरे

15. ग्लोब पर देशान्तर रेखाओं की कुल संख्या होती है-

उत्तर- 360

16. ग्लोब पर अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या होती है-

उत्तर- 179 

17. पृथ्वी एक घंटे में घुमती है-

उत्तर- 15देशांतर

18. 23½ उत्तरी अक्षांश  रेखा कहलाता है-

उत्तर- कर्क रेखा

19. 23½ दक्षिणी अक्षांश रेखा कहलाता है-

उत्तर- मकर रेखा

20. 66½ उत्तरी अक्षांश रेखा कहलाता है-

उत्तर- आर्कटिक रेखा

21. 66½ दक्षिणी अक्षांश  रेखा कहलाता है-

उत्तर- अंटार्कटिक रेखा

22. 1° देशान्तर के बीच का अंतर होता है-

उत्तर- 4 मिनट 

23. पृथ्वी को 1° देशान्तर पार करने में समय लगता है-

उत्तर- 4 मिनट

24. कर्क संक्रांति (उत्तरी अयनांत) एवं मकर संक्रांति (दक्षिणी अयनांत) होता है-

उत्तर- क्रमशः 21जून तथा 22 दिसंबर को

25. 0° से 30° उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांशों के मध्य का भाग कहलाता है-

उत्तर- उष्णकटिबंधीय क्षेत्र

26. 0° अक्षांश तथा 0º देशान्तर रेखा स्थित है-

उत्तर- अटलांटिक महासागर में

27. 45º से 66½º उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के मध्य का भाग कहलाता है-

उत्तर- शीतोष्ण कटिबंधीय

28. 0° से 5° उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांश का क्षेत्र कहलाता है-

उत्तर- डोलड्रम या शांत पेटी

29. 40º  दक्षिणी अक्षांश (पछुआ पवन) का क्षेत्र कहलाता है-

उत्तर- गरजता चलीसा

30. 50º  दक्षिणी अक्षांश (पछुआ पवन) का क्षेत्र कहलाता है-

उत्तर- प्रचण्ड पचासा

31. 60º  दक्षिणी अक्षांश (पछुआ पवन) का क्षेत्र कहलाता है-

उत्तर- चीखता साठा

32. जब ‘पृथ्वी’ सूर्य और चन्द्रमा के बीच आ जाती है, तो होता है-

उत्तर- चन्द्रग्रहण

33. जब ‘चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, तो होता है-

उत्तर- सूर्यग्रहण

34. पूर्ण सूर्यग्रहण हमेशा होता है-

उत्तर- अमावस्या के दिन

35. पूर्ण चन्द्रग्रहण हमेशा होता है-

उत्तर- पूर्णिया के दिन

36. सम्पूर्ण पृथ्वी पर दिन-रात बराबर होता है-

उत्तर- क्रमशः 21 मार्च तथा 22 दिसंबर को

37. पृथ्वी पर दिन-रात किस गति के कारण होता है-

उत्तर-  घुर्णन गति

38. पृथ्वी के मध्य से होकर जाने वाली अक्षांश रेखा है-

उत्तर- विषुवत या भूमध्यरेखा

39. विषुवत रेखा पर दिन और रात की अवधि होती है-

उत्तर- बराबर

40. वसंत विषुव (Vernal Equinox) तथा शरद विषुव (Autumn Equinox) कहलाता है-

उत्तर- क्रमशः 21 मार्च और 23 दिसंबर

41. 0° देशान्तर को कहा जाता है-

उत्तर- प्रधान देशांतर रेखा या ग्रीनवीच रेखा 

42. 0º देशान्तर रेखा (ग्रीनवीच मीन टाइम) स्थित है-

उत्तर- इंग्लैण्ड में

43. भारत का मानक समय, जो प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के नैनी से गुजरती है-

उत्तर- 82½º पूर्वी देशांतर रेखा को

44. भारतीय मानक समय तथा ग्रीनवीच समय के मध्य अंतर है-

उत्तर- 5 घंटा 30 मिनट आगे

45. अंतराष्ट्रीय तिथि रेखा माना गया है-

उत्तर- 180º देशांतर रेखा को 

46. 180° देशान्तर को वाशिंगटन सभा में अंतराष्ट्रीय तिथि रेखा माना गया-

उत्तर- 1884 ई० में

47. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के समानान्त स्थित है-

उत्तर- बेरिंग जल संधि

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बेरिंग जल संधि

48. पृथ्वी पर सबसे लम्बा दिन उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिण गोलार्द्ध में होता है-

उत्तर- क्रमशः 21 जून तथा 22 दिसंबर 

49. पृथ्वी पर सबसे छोटा दिन उत्तरी गोलार्द्ध तथा दक्षिण गोलार्द्ध में होता है-

उत्तर- क्रमशः 22दिसंबर तथा 21 जून को 

50. विश्व ग्लोब के निर्माता है-

उत्तर- मार्टिन बैहम 

General Geography Capsule 2

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सामान्य भूगोल


General Geography Capsule 2

एक नजर में इसे जरुर पढ़ें

1.  नील नदी का उद्दगम स्थल है-

उत्तर- विक्टोरिया झील

2. आस्वान बाँध निर्मित है-

उत्तर- नील नदी पर

3. विश्व की सबसे बड़े हीरे की खान है-

उत्तर- किम्बरले खान (अफ्रीका)

4. अफ्रीका के उष्णकटिबंधीय घास के मैदान को कहा जाता है-

उत्तर- सवाना

5. अफ्रिका के शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान को कहा जाता है-

उत्तर- वेल्ड  

6. अटाकामा मरुस्थल स्थित है-

उत्तर- चिली (दक्षिण अमेरिका) में

7.  मकरान किस देश के समुद्रतट का भौगोलिक नाम है-

उत्तर- पाकिस्तान

8. एण्डीज पर्वतमाला (द० अमेरीका) की सबसे ऊँची चोटी है-

उत्तर- एकांकागुआ

9. दक्षिणी अमेरिका का सबसे बड़ा नगर है-

उत्तर- ब्यूनस आयर्स

10. सारगैस सागर अवस्थित है-

उत्तर- उत्तरी अतलांतिक महासागर में

11. अर्द्धमहासागर कहा जाता है-

उत्तर- हिन्द महासागर को

12. टॉरनेडो नामक भयंकर चक्रवात आती है-

उत्तर- USA के मिसीसिपी घाटी में

13. जापान सागर तथा चीन सागर के समीपवर्ती भाग में आने वाला चक्रवात कहलाता है-

उत्तर- टायफून

14. कर्क रेखा, विषुवत रेखा एवं मकर रेखा तीनों किस महादेश से होकर गुजरती है-

उत्तर-  अफ्रीका महादेश से

15. एशिया महाद्वीप को यूरोप महाद्वीप से अलग करता है-

उत्तर- काकेशस पर्वत

16. विश्व की प्रसिद्ध मक्का मंडी है-

उत्तर- सेंट लुईस (USA) में

17. ब्लैक फॉरेस्ट पर्वत (जर्मनी) उदाहरण है-

उत्तर- भ्रंशोत्थ पर्वत का 

18. बोर्निया द्वीप स्थित है-

उत्तर- प्रशांत महासागर में

19. ‘भूमध्य सागर की कुंजी’ कहा जाता है-

उत्तर-  जिब्राल्टर जलसन्धि को

20. भूगोल का पिता कहा जाता है-

उत्तर-  हिकेटियस को

21 एशिया एवं यूरोप के बीच सीमा निर्धारण का कार्य करता है-

उत्तर-  यूराल पर्वत

22. स्ट्राम्बोली ज्वालामुखी स्थित है-

उत्तर- लिपारी द्वीप (इटली) में

23. ‘रोटी की डलिया’ कहलाता है-

उत्तर- युक्रेन (यूरोप)

24. विश्व में गंधक उत्पादन में अग्रणी देश है-

उत्तर- USA

25. मृतसागर अवस्थित है-

उत्तर- जॉर्डन एवं इजरायल के बीच

26. ‘पूर्व का मोती’ कहा जाता है-

उत्तर- श्रीलंका को

27. रूर घाटी स्थित है-

उत्तर- जर्मनी में

28. नई दुनिया के नाम से जाना जाने वाला महाद्वीप है-

उत्तर- उत्तरी अमेरिका

29. मिस्ट्रल स्थानीय पवन है-

उत्तर-  स्पेन एवं फ़्रांस की (ठंडी पवन)

30. मैस्ट्रेल स्थानीय पवन है-

उत्तर- उतरी इटली  की (ठंडी पवन)

31. ‘येलोस्टोन पार्क स्थित है-

उत्तर- USA में

32. विश्व का सबसे व्यस्त नहर है-

उत्तर- कील नहर

33. विश्व की सबसे व्यस्त व्यापारिक नदी है-

उत्तर- राईन नदी

34. विश्व का सर्वाधिक विश्वासघाती नदी है-

उत्तर- हांगहो नदी

35. स्वेज नहर का निर्माण हुआ था-

उत्तर- 1869 ई० में

36. स्वेज नहर का राष्ट्रीयकरण हुआ था-

उत्तर- 1956 ई० में

37. पनामा नहर का निर्माण हुआ था-

उत्तर- 1914 ई० में 

38. कलाहारी मरुस्थल स्थित है-

उत्तर- बोत्सवाना (द०-प० अफ्रीका)

39. बेलग्रेड तथा वियना स्थित है-

उत्तर- डेन्यूब नदी के किनारे

40. रोम किस नदी के किनारे स्थित है-

उत्तर- टाईबर नदी

41. बद्दू जनजाति निवास करती है-

उत्तर- अरब के रेगिस्तान में

42. एशिया की सबसे लम्बी नदी का नाम है-

उत्तर- यांगटीसीक्यांग

43. संसार में सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है-

उत्तर- मसिनराम (मेघालय)

44. एशिया का सबसे बड़ा मरूस्थल है-

त्त– गोबी (मंगोलिया)

General Geography Capsule 2

गोबी मरुस्थल

45. एशिया का सबसे गर्म स्थल है-

उत्तर- जैकोबाबाद (पकिस्तान)

46. लॉस एजिल्स (अमेरिका) प्रसिद्ध है-

त्तर- फिल्म उद्योग के लिए

47. विश्व में सबसे बड़ा मांस निर्यातक देश है-

उत्तर- अर्जेंटीना

48. विश्व में चावल तथा गेहूँ का प्रमुख उत्पादक देश है-

उत्तर- चीन

49. विश्व में लोहा तथा मैंगनीज का प्रमुख उत्पादक देश है-

उत्तर- युक्रेन

50. विश्व में पारा उत्पादक प्रमुख देश है-

उत्तर- स्पेन

General Geography Capsule1

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सामान्य भूगोल



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एक नजर में इसे जरुर देखें-

1. पृथ्वी के ऊपरी भाग को क्या कहा जाता है-

उत्तर- भू-पर्पटी

2. पृथ्वी की भू-पर्पटी पर सर्वाधिक मात्रा में पाया जाने वाला तत्व है-

उत्तर- ऑक्सिजन, सिलिकन तथा एलुमिनियम

3. पृथ्वी की आंतरिक संरचना बनी है-

उत्तर- क्रमशः सियाल, सीमा और निफे से

4. पृथ्वी का ‘सियाल’ बना है-

उत्तर- सिलिकन तथा एलुमिना से 

5. पृथ्वी का ‘सीमा’ बना है-

उत्तर- सिलिकन और मैग्नेशियम से 

6. पृथ्वी का क्रोड (नीफे) बना है-

उत्तर- निकिल तथा लोहा से

7. पृथ्वी का औसत घनत्व है-

उत्तर- 5.5 ग्राम/सेमी०3

8. पृथ्वी के नीचे जाने पर प्रति 32 मीटर की गहराई पर तापक्रम बढ़ता है-

उत्तर- 1०C

9. पृथ्वी की सतह के नीचे का द्रवीभूत शैल कहलाता है-

उत्तर- मैग्मा

10. पृथ्वी के बाह्यभित्ति का उपरिभाग कहलाता है-

उत्तर- ऐस्थेनोस्फीयर

11. पृथ्वी पर सबसे विशाल हिमखण्ड है-

उत्तर- अन्टार्कटिका

12. पृथ्वी पर अधिकत्तम कितनी ऊँचाई है-

उत्तर- 8850 मी० (माउन्ट एवरेस्ट की)

13. पृथ्वी पर अधिकत्तम कितनी गहराई है-

उत्तर- 11776 मी० (मेरियाना गर्त), प्रशांत महासागर 

14. ग्रेनाइट, बैसाल्ट, पेमाइड, डायोराइट, ग्रेबो उदाहरण है-

उत्तर- आग्नेय चट्टान का

15. आग्नेय चट्टान का निर्माण होता है-

उत्तर- मैग्मा व लावा के जमाव से 

16. बैसाल्ट में सर्वाधिक मात्रा में होती है-

उत्तर- लोहा

17. काली मिट्टी का निर्माण होता है-

उत्तर- बैसाल्ट चट्टान से

18. बलुआ पत्थर, चूना पत्थर, स्लेट, कॉग्लोमेरेट उदाहरण है-

उत्तर- अवसादी चट्टान का

19. कायान्तरित चट्टान का निर्माण होता है-

उत्तर- आग्नेय तथा अवसादी चट्टानों से 

20. बैसाल्ट से सिल्ट तथा ग्रेनाइट से नाइस बनता है-

उत्तर- आग्नेय चट्टानों के रूपांतरण से

21. बालू-पत्थर से क्वार्टजाइट, शेल से स्लेट, कोयला से हीरा, चुना पत्थर से संगमरमर बनता है-

उत्तर- परतदार चट्टानों के रूपांतरण से 

22. पृथ्वी पर सबसे अधिक तापमान किस स्थान पर पाया जाता है-

उत्तर- अजीजियाह (लीबिया)

23. पृथ्वी पर सबसे कम तापमान किस स्थान पर पाया जाता है-

उत्तर- बर्खोयान्सक (पूर्वी साइबेरिया)

24. पृथ्वी का ‘शीत ध्रुव’ किस स्थान को कहा जाता है-

उत्तर- बर्खोयान्सक (पूर्वी साइबेरिया) को

25. पवनें हमेशा चलती है-

उत्तर- उच्च दाब से निम्न दाब की ओर

26. ज्वालामुखी के मुख को कहा जाता है-

उत्तर- क्रेटर

27. क्रेटर का आकार बड़ा हो जाने पर उसे कहा जाता है-

उत्तर- काल्डेरा

28. ज्वालामुखी के मुख से निकलने वाला द्रवित पदार्थ कहलाता है-

उत्तर- मैग्मा

29. इटली का एटना तथा स्ट्राम्बोली उदाहरण है-

उत्तर- सक्रीय ज्वालामुखी का

General Geography Capsule1

स्ट्राम्बोली

30. ‘भूमध्यसागर का प्रकाश स्तम्भ’ कहा जाता है-

उत्तर- स्ट्राम्बोली को

31. जापान का फ्यूजीयामा, इटली का विसुवियस उदाहरण है-

उत्तर- सुसुप्त ज्वालामुखी का

32. भारत का एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी है-

उत्तर- बैरन (अंडमान में स्थित)

33. ‘पृथ्वी का सुरक्षा बॉल्व (Safty Valve)’ कहा जाता है-

उत्तर- ज्वालामुखी को

34. सक्रिय ज्वालामुखी अधिकांशतः पाये जाते है-

उत्तर- प्रशांत ,महासागर के तटीय भाग में

35. प्रशांत महासागर के परिमेखला को कहा जाता है-

उत्तर- अग्नि वलय

36. किसी ज्ञात अथवा अज्ञात बल के काण भूपटल में होने वाला कम्पन कहलाता है-

उत्तर- भूकंप

37. पृथ्वी पर भूकंपीय तरंग सबसे पहले जहाँ पहुंचता है या अनुभव किया जाता है-

उत्तर- अधिकेन्द्र पर

38. भूकम्प को मापने वाला यंत्र को कहते है-

उत्तर- सीस्मोग्रफ

39. भूकम्प की तीव्रता मापी जाती है-

उत्तर- रिक्टर स्केल पर

40. भूकम्प का आध्ययन कहलाता है-

उत्तर- सीस्मोलॉजी

41. ‘ग्रैण्ड बैंक’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- न्यूफाउण्डलैण्ड के पास

42. वायुमण्डल में जिस ओजोन छिद्र का पता लगाया गया है, वह कहाँ स्थित है-

उत्तर- अण्टार्कटिका के ऊपर

43. अन्तर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन का मुख्यालय स्थित है-

उत्तर- लन्दन में

44. सबनकामा ज्वालामुखी अवस्थित है-

उत्तर- पेरू में

45. भारत किस गोलार्द्ध में स्थित है-

उत्तर- उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में

46. अंतर्राष्ट्रीय आलू अनुसंधान संस्थान कहाँ स्थित है-

उत्तर- लीमा (पेरू) में

47. रोटरडम का व्यस्त बन्दरगाह कहाँ अवस्थित है-

उत्तर- नीदरलैण्ड में

48. किलाऊआ ज्वालामुखी (Kilauea Volcano) कहाँ स्थित है-

उत्तर- हवाई के बिग आईलैंड पर (संयुक्त राज्य अमेरिका)

49. केपकेनावेरल, जहाँ से अन्तरिक्ष यान (स्पेश शटल) छोड़े जाते हैं, किस देश के तट पर स्थित है-

उत्तर- फ्लोरिडा (USA)

50. हम्बनटोटा (Hambantota) बंदरगाह स्थित है-

उत्तर- श्रीलंका में


 

Indian Geography Capsule15

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भारत का भूगोल 


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एक नजर इसे भी जरुर पढ़ें

1. भारत में हीरे की ‘पन्ना’ खान किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- मध्य प्रदेश में

2. भारत मे तांबा की खान ‘खेतड़ी’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- राजस्थान में

3. भारत मे सोना की खान ‘हट्टी’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- कर्नाटक में

4. भारत में सोना की खान ‘कोलार’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- कर्नाटक में

5. भारत मे जस्ता की खान ‘जावर’ कहाँ स्थित है।

उत्तर- राजस्थान में

6. भारत में कोयला की खान ‘झरिया’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- झारखंड में

7.  आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज, गोपालपुरा किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- ओडिशा

8. ‘समुद्री राष्ट्रीय पार्क’ अवस्थित है-

उत्तर- कच्छ की खाड़ी में

9. विश्व मौसम संगठन का मुख्यालय कहाँ स्थित है-

उत्तर- जेनेवा (स्विटजरलैंड)

10. राष्ट्रीय कृषि वानिकी अनुसंधान केन्द्र स्थित है-

उत्तर- झांसी (उत्तर प्रदेश) में

11. उत्तर प्रदेश में नवाबगंज पक्षी विहार कहाँ स्थित है-

उत्तर- उन्नाव (उत्तर प्रदेश) में

12. पहला ग्रीन सोलर एनर्जी प्लांट कहाँ स्थापित किया गया-

उत्तर- सिक्किम में

13. भारत की सबसे बड़ी तेल कंपनी कौन-सी है-

उत्तर- इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड

14. देश का पहला ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट कौन-सी है-

उत्तर- मथुरा रिफाइनरी (उत्तर प्रदेश)

15. हरित हाइड्रोजन आधारित परिवहन परियोजना को लागू करने वाला देश का पहला शहर-

उत्तर- लेह (लद्दाख)

16. भारत में हीरा की खान ‘गोलकुंडा’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- आन्ध्रप्रदेश में 

17. भारत का परमाणु रिएक्टर ‘कामिनी’ कहाँ स्थित है-

उत्तर- कलपक्कम (तमिलनाडु) में

18. कैगा नाभिकीय संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- कर्नाटक में

19. कोटा नाभिकीय संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- राजस्थान में

20. तारापुर नाभिकीय संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- महाराष्ट्र में

21. नरौरा नाभिकीय संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- उत्तर प्रदेश में

22. रावत भाटा (चित्तौड़गढ़) संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- राजस्थान में

Indian Geography Capsule15

रावत भाटा

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23.नेशनल वुड फॉसिल पार्क कहाँ स्थित है-

उत्तर- जैसलमेर (राजस्थान) में

24. संघ शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव भारत के किन राज्यों के बीच स्थित है-

उत्तर- गुजरात व महाराष्ट्र

25. दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव पश्चिमी भारत में स्थित एक केंद्रशासित प्रदेश है जिसकी स्थापना पहले के दादर और नगर हवेली तथा दमन और दीव के विलय द्वारा हुई। यह  कब से अस्तित्व में आया-

उत्तर- 26 जनवरी 2020 से

26. दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव की राजधानी स्थित है-

उत्तर- दमन में

27. विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ की ऊँचाई कितनी है-

उत्तर- 182 मीटर

28. राष्ट्रीय जैव उर्वरक विकास केन्द्र स्थित है-

उत्तर- गाजियाबाद में

29. विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान स्थित है-

उत्तर- अल्मोड़ा (उत्तराखंड) में

30. विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा ‘स्टेच्यू ऑफ यूनिटी’ किस देश में स्थित है-

उत्तर- भारत में

31. ISRO (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का मुख्यालय कहाँ स्थित है-

उत्तर- बेंगलुरु (कर्नाटक) में

32. मुप्पान्दल (कन्याकुमारी) संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- तमिलनाडु में

33. कुडनकुलम नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- तमिलनाडु में

34. सतारा पवन ऊर्जा संयंत्र के लिए प्रसिद्ध है-

उत्तर- महाराष्ट्र में

35. भारत में प्रथम न्यूक्लियर ऊर्जा स्टेशन संयंत्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- तारापुर (महाराष्ट्र) में

36. भारत में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध महत्वपूर्ण नाभिकीय ईंधन है-

उत्तर- थोरियम

37. परमाणु विद्युत संयंत्र काकरापारा स्थित हैं-

उत्तर- सूरत (गुजरात) में

38. पोर्ट ब्लेयर कहाँ स्थित है

उत्तर- दक्षिणी अण्डमान में

39. दुधवा राष्ट्रीय उद्यान कहाँ स्थित है-

उत्तर- लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) में

40. घना पक्षी अभ्यारण्य किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- राजस्थान में

41. गोलकोण्डा किला कहाँ स्थित है-

उत्तर- हैदराबाद (तेलंगाना) में

42. कोशिकीय व आण्विक जीव विज्ञान केन्द्र कहाँ स्थित है-

उत्तर- हैदराबाद (तेलंगाना) में

43. महुआडार अभ्यारण्य अवस्थित है-

उत्तर- झारखण्ड में

44. देश की प्रथम चालक रहित मेट्रो ट्रेन का परिचालन किया गया है-

उत्तर- जनकपुरी पश्चिम को बॉटनिकल गार्डन मेटो स्टेशन, नोएडा

45. ताप विद्युत संयंत्र बदरपुर अवस्थित है-

उत्तर- दिल्ली में

46. ताप विद्युत संयंत्र हरदुआगंज अवस्थित है-

उत्तर- उत्तर प्रदेश में

47. ताप विद्युत संयंत्र उतारन अवस्थित है-

उत्तर- गुजरात में

48. राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान स्थित है-

उत्तर- जयपुर (राजस्थान) में

49.राष्ट्रीय खरपतवार विज्ञान अनुसंधान केंद्र स्थित है-

उत्तर- जबलपुर (मध्य प्रदेश) में

50. केन्द्रीय बागवानी संस्थान स्थित है-

उत्तर- नागालैंड में



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नोट :  मैं आशा करता हूँ कि भारत का भूगोल से सम्बंधित सभी Capsule आपके परीक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित होंगे। अगर किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपके मन में कोई संदेह हो तो हमसे Contact With us के माध्यम से, Comment या Email से Contact क सकते है। मैं हमेशा आपके मंगल भविष्य की कामनाता हूँ।

Thank You @ By Dr. Amar Kumar


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भूगोल- सामान्य भूगोल और भारत का भूगोल

इतिहास

राजनीतिशास्त्र

अर्थशास्त्र

जीवविज्ञान

भौतिकशास्त्र

रसायनशास्त्र

4. प्रमुख भौगोलिक यंत्र

4. प्रमुख भौगोलिक यंत्र



प्रमुख भौगोलिक यंत्र⇒

                      भूगोल में प्रमुख भौगोलिक यंत्र से जो कि भिभिन्न प्रतियोगिताओं में बार-बार पूछे जाते है वे निम्नलिखित है- 

(1) प्लैनीमीटर⇒ मानचित्र पर क्षेत्रफल मापने वाला यंत्र

प्रमुख भौगोलिक यंत्र

(2) पेन्टोग्राफ/ इंडीगोग्राफ/ इपिस्कोप / पेंटोग्राफिक कैमरा⇒ मानचित्रों का विवर्धन एवं लघुकरण करने वाला यंत्र

(3) क्लाइनोमीटर⇒ भूतल पर कोण एवं  ढाल मापने का यंत्र

(4) पैरेलैक्स⇒ फोटोग्राफ के आधार पर ऊँचाई नापता है।

(5) ओपिसोमीटर⇒  मानचित्रों पर दूरियों के मापन हेतु प्रयुक्त यंत्र

(6)  रेनगेज⇒ वर्षा मापने वाला यंत्र

(7) हाईग्रोमीटर⇒ वायु में उपस्थित आर्द्रता मापने वाला यंत्र

(8) इग्रोग्राफ⇒ मौसमी दशाएँ, शुद्ध क्षेत्रफल, शास्यकाल आदि एक साथ दर्शाएँ जाने वाले ग्राफ

(9) रिक्टर स्केल⇒ भूकंप के झटके मापने में रिक्टर स्केल का प्रयोग होता है।

(10) नेफ्रोस्कोप⇒ बादलों की दिशा और गति मापने वाला यंत्र

(11) सिस्मोग्रफ⇒ भूकंप की तीव्रता मापने वाला यंत्र

(12) मोह पैमाना (Moh’s Scale)⇒ चट्टानों की कठोरता मापने वाला यंत्र

(13) हाईग्रोग्राफ⇒ वायु में आपेक्षिक आर्द्रता मापने वाला यंत्र

(14) पायरोमीटर⇒ उच्च तापमान मापने वाला यंत्र

(15) साइनोमीटर⇒ आकाश के नीलापन का मापने वाला यंत्र

(16) एक्टिनेमीटर⇒ विकिरण की तीव्रता मापने वाला यंत्र

(17) एनिमोमीटर⇒ पवन की गति मापने वाला यंत्र

(18) ओक्टास⇒ मेघाच्छादन की मात्रा मापने वाला यंत्र

(19) करेंटमीटर⇒ जलप्रवाह मापने वाला यंत्र

(20) इवैपोरीमीटर / एटमोमीटर जलवाष्प मापने वाला यंत्र अर्थात एक वैज्ञानिक उपकरण है जो एक निश्चित समय में किसी नम सतह से वायुमंडल में होने वाले जल के वाष्पीकरण (Evaporation) या वाष्पोत्सर्जन (Evapotranspiration) की दर को मापता है। 

(21) स्पीडोमीटर/ओडोग्राफ/ ओडोमीटर⇒ वाहन की गति मापने वाला यंत्र

(22) बैरोमीट वायुदाब मापने का यंत्र

(23) फैदोमीट समुद्र की गहराई मापने वाला यंत्र



1. ओपीसोमीटर का प्रयोग किया जाता है-

(a) क्षेत्रफल मापन में

(b) दूरी मापन में

(c) दिशा मापन में

(d) प्रवणता मापन में

[read more] (b) दूरी मापन में [/read]

2. सापेक्षिक आर्द्रता के मापन हेतु किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?

(a) हाइड्रोमीटर

(b) बैरोमीटर

(c) हाइग्रोमीटर

(d) मैनोमीटर

[read more] (c) हाइग्रोमीटर [/read]

3. उच्च तापमान के मापन हेतु किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?

(a) साइनोमीटर

(b) पायरोमीटर

(c) एक्टिनोमीटर

(d) लाइसीमीटर

[read more] (b) पायरोमीटर [/read]

4. आकाश के नीलापन का मापन किस भौगोलिक यंत्र द्वारा किया जाता है?

(a) साइनोमीटर

(b) क्लाइनोमीटर

(c) एक्टिनोमीटर

(d) पायरोमीटर

[read more] (a) साइनोमीटर [/read]

5. विकिरण की तीव्रता के मापन हेतु किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?

(a) क्रोनोमीटर

(b) एक्टिनोमीटर

(c) वेनट्यूरीमीटर

(d) क्लाइनोमीटर

[read more] (b) एक्टिनोमीटर [/read]

6. पवन की गति निम्नलिखित में से किस यंत्र से मापी जाती है?

(a) बैरोमीटर

(b) एनीमोमीटर

(c) विण्डवेन

(d) रोटामीटर

[read more] (b) एनीमोमीटर [/read]

7. भूकम्पीय तरंगों का मापन निम्नलिखित में से किस यंत्र द्वारा किया जाता है?

(a) बैरोग्राफ

(b) सीस्मोग्राफ

(c) क्लाइमोग्राफ

(d) इर्गोग्राफ

[read more] (b) सीस्मोग्राफ [/read]

8. ओक्टास मापनी का प्रयोग किसके मापन के लिए किया जाता है?

(a) वायुमण्डलीय आर्द्रता

(b) मेघाच्छादन की मात्रा

(c) ओस जमाव का स्तर

(d) सौर प्रकाश की मात्रा

[read more] (b) मेघाच्छादन की मात्रा [/read]

9. निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है?

(a) इवैपोरीमीटर- जलवाष्प मापन

(b) करेण्टमीटर- जलप्रवाह मापन

(c) एटमोमीटर- दो स्थानों के मध्य दूरी का मापन

(d) रोटामीटर- जलीय आर्द्रता मापन

[read more] (c) एटमोमीटर- दो स्थानों के मध्य दूरी का मापन [/read]

10. मानचित्रों के विवर्धन एवं लघुकरण के लिए निम्न में से किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है?

(a) पैण्टोग्राफ

(b) इपीस्कोप

(c) पैण्टोग्राफिक कैमरा

(d) इनमें से सभी

[read more] (d) इनमें से सभी [/read]

11. कैलोरीमीटर से क्या मापा जाता है?

(a) तापमान

(b) ऊष्मा की मात्रा

(c) अवशोषण

(d) रंग

[read more] (b) ऊष्मा की मात्रा [/read]

12. निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है?

(a) मानचित्र पर दो स्थानों के मध्य की दूरी- ऑपिसोमीटर

(b) मानचित्र पर क्षेत्रफल (Area)- प्लैनीमीटर

(c) ज्वालामुखी लावा का तापमान- पायरोमीटर

(d) सौर्य विकिरण की मात्रा- क्रोनोमीटर

[read more] (d) सौर्य विकिरण की मात्रा- क्रोनोमीटर [/read]

13. मोह पैमाना (Moh’s Scale) से निम्न में से किसका मापन किया जाता है?

(a) मृदा स्तरों की मोटाई

(b) मृदा जल की मात्रा

(c) चट्टानों की कठोरता

(d) मृदा में अम्लीयता की मात्रा

[read more] (c) चट्टानों की कठोरता [/read]

14. नेफोमीटर (Nephometer) से निम्नलिखित में से किसका मापन किया जाता है?

(a) वर्षा की मात्रा

(b) बादलों की दिशा व गति

(c) सागरीय लवणता की मात्रा

(d) इनमें से सभी

[read more] (b) बादलों की दिशा व गति [/read]

15. ब्यूफोर्ट स्केल पर निम्न में से क्या दर्शाया जाता है?

(a) भूकम्पीय तरंगों की गति

(b) पवन की गति

(c) बहते हुए जल की गति

(d) इनमें से सभी

[read more] (b) पवन की गति [/read]

16. ‘टी’ मापक (T-Scale) पर निम्न में से किसका मापन किया जाता है?

(a) भूकम्पीय तरंगें

(b) चक्रवातों की शक्ति

(c) पवनों की गति

(d) ज्वालामुखी उद्‌गार से निःसत

[read more] (b) चक्रवातों की शक्ति [/read]

17. लाइसोमीटर से निम्न में से किसका मापन किया जाता है?

(a) वायुमण्डलीय आर्द्रता

(b) मेघों की दिशा तथा गति

(c) सौर विकिरण की मात्रा

(d) मृदा से होकर नीचे जाने वाली अन्तःस्रावी जल की मात्रा

[read more] (d) मृदा से होकर नीचे जाने वाली अन्तःस्रावी जल की मात्रा [/read]

18. निम्नलिखित में कौन सुमेलित नहीं है?

(a) बाथीमीटर- समुद्री गहराईयाँ

(b) एस्ट्रोलैब- ग्रहों एवं तारों की ऊँचाईयाँ

(c) एक्टिनोमीटर- पदार्थों की शीतलता

(d) पायरोमीटर- दूरस्थ वस्तुओं का उच्च तापमान

[read more] (c) एक्टिनोमीटर- पदार्थों की शीतलता [/read]

19. इर्मोग्राफ (Ergograph) पर निम्न में से किसका सम्बन्ध प्रदर्शित किया जाता है?

(a) जलवायविक दशाएँ एवं फसलों का वर्धन काल

(b) आर्द्र बल्ब तापमान एवं आर्द्रता

(c) तापमान एवं वार्षिक वर्षा

(d) सापेक्ष आर्द्रता एवं तापमान

[read more] (a) जलवायविक दशाएँ एवं फसलों का वर्धन काल [/read]

20. सापेक्षिक आर्द्रता को निम्नलिखित में से किस ग्राफ पर दिखाया जाता है?

(a) बैरोग्राफ

(b) हीदरग्राफ

(c) क्लाइमोग्राफ

(d) हिप्सोमेट्रिक ग्राफ

[read more] (c) क्लाइमोग्राफ [/read]

21. मानचित्र पर दूरियों को मापने के लिए निम्न में से किस यन्त्र का प्रयोग किया जाता है?

(a) पौनीमीटर

(b) रोटामीटर

(c) ऑपिसोमीटर

(d) रेल्यूरोमीटर

[read more] (c) ऑपिसोमीटर [/read]

22. हाइग्रोमीटर के उपयोग की सर्वश्रेष्ठ व्याख्या करता है-

(a) जल की शुद्धता मापने हेतु

(b) वायुमण्डलीय दाब मापने हेतु

(c) तरल पदार्थों की गति

(d) वायु में आर्द्रता मापने हेतु

[read more] (d) वायु में आर्द्रता मापने हेतु [/read]

23. मौसमी दशाएँ, शुद्ध क्षेत्रफल, शस्यकाल आदि एक साथ दर्शाए जा सकते हैं-

(a) हीदरग्राफ पर

(b) क्लोइमोग्राफ पर

(c) इर्गोग्राफ पर

(d) बैण्डग्राफ पर

[read more] (c) इर्गोग्राफ पर [/read]

24. रिक्टर स्केल का प्रयोग किसके मापने में किया जाता है?

(a) समुद्र की दिशा

(b) इनमें से कोई नहीं

(c) समुद्र की गहराई

(d) भूकम्प के झटके

[read more] (d) भूकम्प के झटके [/read]

25. रिक्टर स्केल निम्नलिखित की तीव्रता मापता है-

(a) भूकम्प

(b) समुद्री गहराई

(c) वायु

(d) शरीर ऊष्मा

[read more] (a) भूकम्प [/read]

26. रिक्टर पैमाने पर निम्नलिखित में से किसको मापा जाता है?

(a) रॉकेट के उड़ने के 5 मिनट पश्चात् उसकी गति

(b) तड़ित झंझा की प्रबलता

(c) भूकम्प की तीव्रता

(d) लॉन टेनिस में खिलाड़ी द्वारा मारे गये गेंद की गति

[read more] (c) भूकम्प की तीव्रता [/read]

27. बादलों की दिशा एवं गति को मापने वाला यंत्र कहलाता है-

(a) एनीमोमीटर

(b) रेनगेज

(c) नेफोस्कोप

(d) हाइग्रोमीटर

[read more] (c) नेफोस्कोप [/read]

28. वायु में आपेक्षिक आर्द्रता मापन हेतु प्रयुक्त उपकरण है-

(a) हाइग्रोग्राफ

(b) हाइड्रोग्राफ

(c) पैन्टोग्राफ

(d) बैरोग्राफ

[read more] (a) हाइग्रोग्राफ [/read]

29. सीस्मोग्राफ क्या रिकार्ड करता है?

(a) हृदय की धड़कन

(b) वायुमण्डल का दबाब

(c) भूकम्प की तीव्रता

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (c) भूकम्प की तीव्रता [/read]



नोट:  प्रमुख भौगोलिक यंत्र को और विस्तार से जाने



(1) प्लैनीमीटर (Planimeter)

✍️ यह मानचित्र पर किसी अनियमित क्षेत्र का क्षेत्रफल मापने का यंत्र है।

✍️ कृषि भूमि, वन क्षेत्र, झील आदि का क्षेत्रफल ज्ञात करने में प्रयोग होता है।

✍️ यह मानचित्रीय मापन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण है।



(2) पेन्टोग्राफ / इंडीगोग्राफ / इपिस्कोप / पेंटोग्राफिक कैमरा

✍️ इनका उपयोग मानचित्रों के विवर्धन (Enlargement) एवं लघुकरण (Reduction) के लिए किया जाता है।

✍️ पेन्टोग्राफ एक यांत्रिक यंत्र है, जबकि इपिस्कोप व कैमरा प्रकाशीय विधि पर आधारित हैं।

✍️ सर्वेक्षण एवं मानचित्रण में अत्यधिक उपयोगी।



(3) क्लाइनोमीटर (Clinometer)

✍️ इसका प्रयोग ढाल (Slope) और कोण (Angle) मापने में किया जाता है।

✍️ पहाड़ी क्षेत्रों, सड़कों, नहरों की ढाल मापने में उपयोगी।

✍️ भौतिक भूगोल में अत्यंत महत्वपूर्ण यंत्र।



(4) पैरेलैक्स (Parallax)

✍️ फोटोग्राफ या वायुचित्रों के आधार पर ऊँचाई (Height) मापने की विधि।

✍️ यह कोई यंत्र नहीं बल्कि फोटोग्रामेट्री की तकनीक है।

✍️ पर्वत, भवन, वृक्ष आदि की ऊँचाई ज्ञात करने में प्रयोग।



(5) ओपिसोमीटर (Opisometer)

✍️ मानचित्र पर घुमावदार रेखाओं (नदी, सड़क, रेलवे लाइन) की दूरी मापने का यंत्र।

✍️ इसे कर्व मीटर भी कहते हैं।



(6) रेनगेज (Rain Gauge)

✍️ यह वर्षा की मात्रा मापने का यंत्र है।

✍️ वर्षा को मिलीमीटर या सेंटीमीटर में मापा जाता है।

✍️ मौसम विज्ञान में प्रमुख उपकरण।



(7) हाईग्रोमीटर (Hygrometer)

✍️ वायु में उपस्थित आर्द्रता (Humidity) मापने का यंत्र।

✍️ यह आर्द्रता की मात्रा बताता है, पर रिकॉर्ड नहीं करता।



(8) इग्रोग्राफ (Agrograph)

✍️ यह एक संयुक्त ग्राफ है जो एक साथ मौसमी दशाएँ, शुद्ध क्षेत्रफल, शस्यकाल (Crop Season)
दर्शाता है।

✍️ कृषि भूगोल में प्रयोग होता है।



(9) रिक्टर स्केल (Richter Scale)

✍️ भूकंप के झटकों की तीव्रता (Magnitude) मापने की मापनी।

✍️ यह लॉगरिदमिक स्केल है।

✍️ प्रत्येक अंक 10 गुना अधिक तीव्रता दर्शाता है।



(10) नेफ्रोस्कोप (Nephroscope)

✍️ बादलों की दिशा और गति मापने का यंत्र।

✍️ मौसम पूर्वानुमान में सहायक।



(11) सिस्मोग्राफ (Seismograph)

✍️ भूकंप की तरंगों को रिकॉर्ड करने वाला यंत्र।

✍️ यह भूकंपीय तरंगों का ग्राफ बनाता है।

✍️ सिस्मोलॉजी का प्रमुख उपकरण।



(12) मोह पैमाना (Moh’s Scale)

✍️ चट्टानों एवं खनिजों की कठोरता (Hardness) मापने की मापनी।

✍️ इसमें 1 से 10 तक के खनिज होते हैं।

✍️ उदाहरण: टैल्क (1), हीरा (10)



(13) हाईग्रोग्राफ (Hygrograph)

✍️ यह वायु की आपेक्षिक आर्द्रता को लगातार रिकॉर्ड करने वाला यंत्र।

✍️ हाईग्रोमीटर से अधिक उन्नत।



(14) पायरोमीटर (Pyrometer)

✍️ अत्यधिक उच्च तापमान मापने का यंत्र।

✍️ भट्टियों, ज्वालामुखी, उद्योगों में उपयोग।



(15) साइनोमीटर (Cyanometer)

✍️ आकाश के नीलापन (Blue Colour of Sky) को मापने का यंत्र।

✍️ वायुमंडलीय अध्ययन में प्रयोग।



(16) एक्टिनेमीटर (Actinometer)

✍️ सूर्य से प्राप्त विकिरण की तीव्रता मापने का यंत्र।

✍️ जलवायु अध्ययन में सहायक।



(17) एनिमोमीटर (Anemometer)

✍️ पवन की गति मापने का यंत्र।

✍️ मौसम विज्ञान का अत्यंत महत्वपूर्ण उपकरण।



(18) ओक्टास (Oktas)

✍️ आकाश में मेघाच्छादन की मात्रा मापने की इकाई।

✍️ 0 से 8 के पैमाने पर मापा जाता है।



(19) करेंटमीटर (Current Meter)

✍️ नदी या जलधारा के जलप्रवाह की गति मापने का यंत्र।

✍️ जल संसाधन अध्ययन में उपयोग।



(20) इवैपोरीमीटर (Evaporimeter)

✍️ वाष्पीकरण (Evaporation) की मात्रा मापने का यंत्र।

✍️ कृषि एवं जलवायु अध्ययन में उपयोगी।



(21) स्पीडोमीटर / ओडोग्राफ / ओडोमीटर

✍️ वाहन की गति और चली हुई दूरी मापने वाले यंत्र।

✍️ परिवहन में सहायक।



(22) बैरोमीटर (Barometer)

✍️ वायुदाब (Atmospheric Pressure) मापने का यंत्र।

✍️ मौसम परिवर्तन की भविष्यवाणी में अत्यंत महत्वपूर्ण।



(23) फैदोमीटर (Fathometer)

✍️ समुद्र की गहराई मापने का यंत्र।

✍️ नौपरिवहन एवं समुद्र विज्ञान में उपयोग।

22. प्रमुख सममान रेखाएँ

22. मानचित्रों पर दर्शाएँ जाने वाली प्रमुख सममान रेखाएँ


प्रमुख सममान रेखाएँ⇒

सममान रेखाएँ या आइसोप्लेथ (Isopleth):- मानचित्रों पर किसी वस्तु के समान मूल्य या घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ को सममान रेखाएँ कहा जाता है। जैसे- समताप रेखा, सममेघ रेखा, समवर्षा रेखा, समदाब रेखा इत्यादि।

(नोट : सम = बराबर, मान = मूल्य अर्थात मानचित्र पर किसी तत्व या वस्तु के समान मूल्य / घनत्व) 

प्रमुख सममान रेखाएँ

मानचित्रों पर दर्शाएँ जाने वाली प्रमुख सममान रेखाएँ:

1. आइसोनीफ (Isonif)⇒ समान हिम वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को आइसोनीफ कहते है।

2.  सममेघ रेखा या आइसोनेफ (Isoneph)⇒ समान मेघ आच्छादन वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को आइसोनेफ कहते है।

3. आइसो बाथ (Isobath)⇒ समुद्र के अंदर समान गहराई वाले स्थानों को मिलाकर खींचे जाने वाली रेखा को आइसो बाथ कहते है।

4. आइसो ब्रांट (Isobront)⇒ एक समान समय पर तूफान आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

5. समपवनवेग रेखा या आइसोटैक (Isotach)⇒ मौसम मानचित्र पर पवन की समान गति वाले स्थानों को मिलाकर खींची गई रेखा।

6. समताप रेखा (Isotherm)⇒ समान तापमान वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

7. आइसोपैच (Isopach)⇒ हिमानी अथवा चट्टानों के समान मोटाई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

8.  समकाल रेखा या आइसोक्रोन (Isochrone)⇒ किसी बिंदु से एक समान समय में तय कि गई दूरी वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

9. समदिक्पाती रेखा (Isogone)⇒ समान चुंबकीय झुकाव वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

10. समलवणता रेखा (Isohaline)⇒ समुद्री जल में खारेपन की समान मात्रा मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा

11. आइसोरेमे (Isoraime)⇒पाला गिरने की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

12. आइसोस्टेड (Isostade)⇒ समान अधिवासीय संख्या को मिलाने वाली रेखा।

13. समभूकंपीय (Isoseismal)⇒ भूकंपीय तीव्रता की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

14. सहभूकंप रेखा या होमोसिस्मल (Homoseismal) ⇒ भूकंप के एक ही समय आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

15. आइसोथेरे (Isothere)⇒ ग्रीष्मकाल के समान तापमान वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

16. समदाब रेखा (Isobars)⇒ समान वायुदाब वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

17. इसालोबार (Isallobar)⇒ एक विशिष्ट अवधि में वायुमंडलीय दबाव में होने वाले समान परिवर्तन के स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

18. आइसोहेल (Isohel)⇒ सूर्य के प्रकाश की समान अवधि वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

19. समोच्च रेखा या आइसोहाइप (Contour lines or Isohypes)⇒ समुद्र तल से समान ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

20. आइसोपाइकनिक (Isopycnic)⇒ मानव जनसंख्या के समान घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

21. आइसोकाइनेटिक (Isokinetic)⇒ समान पवन वेग के स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

22. समवर्षा रेखा (Isohytes)⇒ वर्षा की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

23. आइसोमेर (Isomer)⇒ वर्षा की वार्षिक मात्रा की प्रतिशत के रूप में व्यक्त की जाने वाली उसकी औसत मासिक मात्रा के स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

24. आइसोपाथ (Isopath)⇒ भूगर्भिक अथवा भू भौतिक परत की समान मोटाई वाले बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा।

25. आइसोसिस्ट (Isoseist)⇒ समान भूकंपीय लहरों को एक समय में ही अनुभव करने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

26. आइसोटालेंटोज (Isotalantose)⇒ औसत मासिक तापांतर की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

27. आइसोइकेते (Isoikete)⇒ लोगों केहने योग्य निवास की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

28. आइसोफीन (Isophene)⇒ समान मौसमी घटनाओं को दर्शाने वाली रेखा।

29. आइसोथर्मो बाथ (Isothermobath)⇒ सागरीय जल की गहराई के अनुसा समान ताप वाले बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा।

30. आइसोचाइम (Isochime)⇒ औसत शीत की तापमान की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।

31. आइसोफाइट (Isophite) ⇒ वनस्पतियों की समान ऊंचाई अथवा समान ऊंचाई वाले वनस्पति के स्तरों को मिलाने वाली रेखा।

32. आइसोप्रैक्ट (Isopract)⇒ मानव जनसंख्या के समान वितरण वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा।



1. मानचित्र पर बनायी गई वे रेखाएँ जो समुद्र से बराबर ऊँचाई वाले स्थानों को मिलाते हैं, क्या कहलाती है?

(a) आइसोबार

(b) आइसोथर्म

(c) आइसोटोप

(d) कन्टूर

[read more] (d) कन्टूर [/read]

2. मानचित्र पर वर्षा का वितरण दिखाने के लिए किस रेखा का प्रयोग किया जाता है?

(a) आइसोहाइट

(b) आइसोथर्म

(c) आइसोबार

(d) आइसोहेलाइन

[read more] (a) आइसोहाइट [/read]

3. सामान जनसंख्या घनत्व वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ है-

(a) आइसोप्रैक्ट

(b) आइसोडोपेन

(c) आइसोटैक

(d) आइसोपाइक्निक

[read more] (d) आइसोपाइक्निक [/read]

4. महासागरीय एवं सागरीय भागों में लवणता की समान मात्रा वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा निम्न में से किस नाम से जानी जाती है?

(a) आइसोबाथ

(b) आइसोहेल

(c) आइसोसैलाइन

(d) आइसोहैलाइन

[read more] (d) आइसोहैलाइन [/read]

5. समान मेघाच्छन्नता को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोनिफ

(b) आइसोनेफ

(c) आइसोराइम

(d) आइसोफेन

[read more] (b) आइसोनेफ [/read]

6. समान चुम्बकीय झुकाव वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोबाथ

(b) आइसोब्राण्ट

(c) आइसोगोनल

(d) आइसोक्रोन

[read more] (c) आइसोगोनल [/read]

7. आइसोथर्म नामक रेखाएँ मानचित्र पर उन स्थानों को दर्शाने के लिए बनायी जाती है जहाँ पर-

(a) एकसमान तापमान रहता है

(b) एकसमान दबाब रहता है

(c) एकसमान लवणता रहती है

(d) एकसमान उँचाई होती है

[read more] (a) एकसमान तापमान रहता है [/read]

8. आइसोबार (Isobar) मानचित्र पर उन स्थानों को दर्शाने के लिए खींची गई रेखाएँ हैं, जहाँ पर-

(a) एक जैसा वायुमंडलीय दाब हैं

(b) एक जैसा तापमान है

(c) एक जैसा ऊँचाई है

(d) एक जैसा लवणता है

[read more] (a) एक जैसा वायुमंडलीय दाब हैं [/read]

9. आइसोहेल (Isohel) रेखाओं द्वारा क्या प्रदर्शित किया जाता है?

(a) समान वर्षा

(b) समान धूप

(c) समान ऊँचाई

(d) समान हिमपात

[read more] (b) समान धूप [/read]

10. विश्व मानचित्र पर एक ही समदिकपाती रेखा पर स्थित दो स्थानों पर समान होगा-

(a) भू-प्रदूषण

(b) भूकम्पीय क्रिया

(c) मेघाच्छादन

(d) चुम्बकीय विचलन

[read more] (d) चुम्बकीय विचलन [/read]

11. एकसमान समय पर तूफान आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोसीस्मल

(b) आइसोकाइम

(c) आइसोब्राण्ट

(d) आइसोक्लाइन

[read more] (c) आइसोब्राण्ट [/read]

12. समुद्र के अन्दर समान गहराई वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा कहलाती है-

(a) आइसोबार

(b) आइसोबाथ

(c) आइसोथर्म

(d) आइसोक्रोन

[read more] (b) आइसोबाथ [/read]

13. सूर्यातप के समान अवधि वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोहेल

(b) आइसोनिफ

(c) आइसोक्रोन

(d) आइसोहाइप

[read more] (a) आइसोहेल [/read]

14. समान हिमपात वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखाएँ क्या कहलाती है?

(a) आइसोनेफ

(b) आइसोहाइट

(c) आइसोनिफ

(d) आइसोब्राण्ट

[read more] (c) आइसोनिफ [/read]

15. किसी प्रदेश में समान भाषा वाले स्थानों को वर्गीकृत करने वाली सीमा रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोपाइक्निक

(b) आइसोफाइट

(c) आइसोडाइन

(d) आइसोग्लॉस

[read more] (d) आइसोग्लॉस [/read]

16. भूकम्पीय तीव्रता की समानता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है ?

(a) आइसोगोनल

(b) होमोसिस्मल

(c) आइसोसिस्मल

(d) आइसोकायनेटिक

[read more] (c) आइसोसिस्मल [/read]

17. भूकम्प के एक ही समय पर आने वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

(a) आइसोसिस्मल

(b) होमोसिस्मल

(c) आइसोब्राण्ट

(d) आइसोगोनल

[read more] (b) होमोसिस्मल [/read]

18. महासागरों व सागरों की लवणीयता को मानचित्र पर प्रदर्शित करने वाली रेखाएँ क्या कहलाती है?

(a) आइसोथर्म

(b) आइसोबार

(c) आइसोहेलाइन

(d) आइसोहाइट

[read more] (c) आइसोहेलाइन [/read]

19. आइसोबाथ रेखाएँ प्रदर्शित करती है-

(a) समान वर्षा वाले क्षेत्र

(b) समान बादल वाले क्षेत्र

(c) समान वायुदाब वाले क्षेत्र

(d) समुद्र तल के समान गहराई वाले क्षेत्र

[read more] (d) समुद्र तल के समान गहराई वाले क्षेत्र [/read]

20. मानचित्र में वे रेखाएँ जहाँ दाब सम हो, कहलाती है-

(a) देशान्तर रेखाएँ

(b) अक्षांश रेखाएँ

(c) समदाब रेखाएँ

(d) समस्थानिक

[read more] (c) समदाब रेखाएँ [/read]

21. मानचित्र पर आइसोहाइप्स रेखाओं द्वारा निम्न में से किसका प्रदर्शन किया जाता है?

(a) समान वर्षा की मात्रा

(b) पवन की समान गति वाले स्थान

(c) मेघाच्छादन के समान क्षेत्र

(d) समुद्रतल से समान ऊँचाई

[read more] (d) समुद्रतल से समान ऊँचाई [/read]

नई शिक्षा नीति में शिक्षा का विजन @ 2020

नई शिक्षा नीति में शिक्षा का विजन @ 2020



नई शिक्षा नीति में शिक्षा का विजन @ 2020⇒

परिचय

         नई शिक्षा नीति 2020 के तहत शिक्षा दृष्टि और प्रतिमान पर केंद्रित है जो भारत की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली के पुनर्निर्माण, पुनर्गठन और पुनर्रचना का वादा करता है। इसका उद्देश्य प्राचीन शिक्षा प्रणाली और आधुनिक शिक्षा प्रणाली के जुड़वां मैट्रिक्स के बीच की खाई को पाटना है।

      यह एक ओर अपनी प्राचीन परंपरा में गहराई से निहित है और दूसरी ओर युवा पीढ़ी को एकीकृत शिक्षा की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जहां मन, शरीर और आत्मा सभी एकजुट हो जाते हैं ताकि 21वीं सदी की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया जा सके। 

       “शिक्षा पूर्ण होने के लिए मानवीय होनी चाहिए, इसमें न केवल बुद्धि का प्रशिक्षण बल्कि हृदय का शोधन और आत्मा का अनुशासन शामिल होना चाहिए। किसी भी शिक्षा को पूर्ण नहीं माना जा सकता है यदि वह दिल और आत्मा की उपेक्षा करती है।”डॉ० एस० राधाकृष्णन

        एक देश की शिक्षा एक व्यक्ति और एक राष्ट्र के मानसिक विकास में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। शिक्षा जड़ से अलग नहीं होती है बल्कि मूल पर फिर से विचार करने और राष्ट्र के भविष्य को फिर से बनाने के लिए आगे बढ़ने के लक्ष्यों का प्रसार करती है। शिक्षा का पहिया भौतिकवाद की परिधि पर नहीं बल्कि उससे परे कुछ घूमता है।

      शिक्षा का उद्देश्य सपना पैदा करना और उसे हासिल करना है और इसके बिना राष्ट्र निर्माण की कल्पना नहीं की जा सकती है। इसलिए, शिक्षा समाज के हर वर्ग के लिए पूरा किया जाने वाला प्राथमिक लक्ष्य बन गया है और इस संबंध में, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा प्रणाली की जड़ पर फिर से विचार करके राष्ट्र की भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने के लिए रोड मैप प्रदान करती है।

         प्राचीन भारतीय संस्कृति अपनी विरासत में बहुत समृद्ध है चाहे हम बौद्धिकता, आध्यात्मिकता, प्रबंधन, राजनीति, संस्कृति, परंपरा या शिक्षा पर ध्यान दें। भौतिकवादी जीवन के झोंके में हमारी पीढ़ी ऐसे जालों में उलझी हुई है कि उनकी आंखों के सामने धुंध के सिवा कुछ नहीं है। अब समय आ गया है कि हम अपनी दृष्टि को सत्य करें और पुराने को बदलें।

      अल्फ्रेड लॉर्ड टेनीसन के अनुसार, “पुराना आदेश नए को स्थान देता है, और ईश्वर कई तरह से खुद को पूरा करता है, कहीं ऐसा न हो कि एक अच्छी प्रथा दुनिया को दूषित कर दे।” इस संबंध में, नई शिक्षा नीति @ 2020 का रास्ता बनाती है। उपनिवेशवादियों की सदियों पुरानी थोपी गई शिक्षा नीति से प्रचलित शिक्षा व्यवस्था को मुक्त करना।

        भारतीय शिक्षा प्रणाली प्राचीन काल से चली आ रही है जब छोटे बच्चों को गुरुकुलों के प्राकृतिक परिवेश में पढ़ाया जाता था। छात्रों की आवश्यकता, क्षमता और रुचि के अनुसार गुरु उन्हें ज्ञान प्रदान करते थे और उन्हें संस्कृत से लेकर पवित्र शास्त्रों, साहित्य से लेकर विज्ञान और गणित से लेकर तत्वमीमांसा तक विभिन्न विषयों में प्रशिक्षित करते थे। यह माना जाता था कि शिक्षा ही एकमात्र तरीका है जो मनुष्य को ब्रह्मांड की अन्य प्रजातियों से अलग करती है। यह वह साधन था जिसके द्वारा गुरु अपने शिष्यों में वैसुधैव कुटुम्बकम (पूरी दुनिया एक परिवार है) के पवित्र विचार की कल्पना करने के लिए ज्ञान को सशक्त करते हैं।

      प्रमुख जोर इस बात पर दिया गया कि व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र का विकास है। इसका मतलब है कि वृद्धि के बीज एक व्यक्ति के चरित्र में निहित हैं, जैसा कि महात्मा गांधी ने कहा था, “सभी ज्ञान का अंत चरित्र निर्माण होना चाहिए।”

        इस प्रकार हमारी प्राचीन शिक्षा प्रणाली व्यक्ति के मानसिक, शारीरिक और मानसिक विस्तार पर ध्यान केंद्रित करती है। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को बौद्धिकता और आध्यात्मिकता के रत्नों से अलंकृत करना और चरित्र को निर्भीक और रचनात्मक ऊर्जा के स्पंदन से परिपूर्ण बनाना था। जैसे-जैसे गुरु-शिष्य प्रणाली पर समय का पहिया घूमता गया, वैसे-वैसे नालंदा, तक्षशिला, मनसा, उज्जैन और विक्रमशिला आदि जैसे विश्वविद्यालयों का उदय हुआ और उस समय की भारतीय शिक्षा प्रणाली को विश्वविख्यात किया।

       एक समय भारत विदेशी राष्ट्रीयताओं के छात्रों के लिए भी ज्ञान और ज्ञान का पालना बन गया था। यद्यपि यह सदाबहार ज्ञान वृक्ष समय के साथ-साथ आक्रमणकारियों और उपनिवेशवादियों द्वारा समान रूप से बिगाड़ा गया और नष्ट हो गया। हालाँकि, वे गुरुकुलों और आश्रमों के माध्यम से ज्ञान प्रदान करने की प्राचीन भारतीय प्रणाली की भावना को उखाड़ने में विफल रहे। नई शिक्षा नीति में शिक्षाआधुनिक शिक्षा प्रणाली

      मैकाले के एजेंडा(1835) का नाम लॉर्ड थॉमस बबिंगटन मैकाले के भारत में अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा देने के प्रसिद्ध प्रस्ताव के नाम पर रखा गया है। उन्होंने प्रस्तावित किया कि भारत में औपनिवेशिक स्कूलों में अरबी, संस्कृत और फारसी के बजाय अंग्रेजी पढ़ाई जानी चाहिए।

     लॉर्ड मैकाले को भारत में ब्रिटिश या आधुनिक शिक्षा प्रणाली की शुरुआत करने का श्रेय दिया जाता है, जिसने शिक्षा के पूर्ववर्ती गुरुकुल और आश्रम प्रणाली में जबरदस्त बदलाव लाए। इन एजेंडों का पहला उद्देश्य ब्रिटिश शासकों और उनके द्वारा शासित लाखों भारतीयों के बीच द्विभाषियों का एक वर्ग बनाना था।  दूसरा उद्देश्य व्यक्तियों का एक ऐसा वर्ग तैयार करना था जो खून और रंग में भारतीय लेकिन मत, नैतिकता और बुद्धि में ब्रिटिश हो।

        भारत में आधुनिक स्कूली शिक्षा प्रणाली मूल रूप से इसी प्रस्ताव द्वारा लाई गई थी। ईस्ट इंडिया कंपनी के तत्कालीन गवर्नर जनरल लॉर्ड विलियम बेंटिक ने अंग्रेजी शिक्षा अधिनियम (1835) को लागू किया जो लॉर्ड मैकाले द्वारा प्रस्तावित एजेंडों पर आधारित था। उत्तर प्रदेश हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड 1921 में भारत में स्थापित होने वाला पहला बोर्ड बन गया। हाई स्कूल और इंटरमीडिएट शिक्षा बोर्ड, राजपुताना 1929 में स्थापित होने वाली कतार में दूसरा बन गया।

         स्वतंत्रता के बाद 1952 में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की स्थापना की गई थी। यह भारत का पहला राष्ट्रीय स्तर का शिक्षा बोर्ड था।

       इसी तरह उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 1818 में सेरामपुर कॉलेज की स्थापना की गई थी और भी कई लोग कतार में आए। जैसे- 1847 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की, 1857 में मुंबई विश्वविद्यालय, 1857 में मद्रास विश्वविद्यालय, 1857 में कलकत्ता विश्वविद्यालय, 1875 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, 1887 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय, 1916 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, 1921 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, 1922 में दिल्ली विश्वविद्यालय और कई अन्य लोगों को विभिन्न धाराओं में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए युवा भारतीयों को प्रोत्साहित करने और प्रेरित करने के लिए विश्वविद्यालयों की स्थापना की गई थी।

भारत में वर्तमान शिक्षा प्रणाली

       भारत सरकार 1947 से भारत में साक्षरता दर में सुधार पर हमेशा ध्यान केंद्रित कर रही है। भारतीय संविधान के विभिन्न लेखों के तहत 5 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया गया है। शिक्षा प्रदान करने के विभिन्न तरीके अब उपलब्ध हैं, जैसे कि सरकारी स्कूल, सरकार द्वारा जोड़े गए निजी स्कूल, निजी स्कूल, अंतर्राष्ट्रीय स्कूल, आदि।

     शैक्षिक सांख्यिकीय वार्षिकी 2019 के अनुसार, लगभग 15,22,346 मान्यता प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च विद्यालय हैं। भारत में लगभग 1000 विश्वविद्यालय और 52,627 कॉलेज भी हैं जो भारत में उच्च शिक्षा की मांग को पूरा करते हैं। हालाँकि, सभी निजी स्कूल और कॉलेज भारत सरकार द्वारा इस आधार पर शासित होते हैं कि वे क्या पढ़ा सकते हैं और अन्य पहलुओं के साथ-साथ वे किस रूप में काम कर सकते हैं।

नई शिक्षा नीति में शिक्षा के विभिन्न स्तर और संरचनाएँ

       वर्तमान में, भारत में वर्तमान शिक्षा प्रणाली के केंद्रीय बोर्ड और अधिकांश राज्य बोर्ड विभिन्न स्कूल स्तरों पर शिक्षा के 10+2 ढांचे का समान रूप से पालन करते हैं। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर स्नातक और आगे की उच्च शिक्षा होती है। शिक्षा को निम्न स्तरों में विभाजित किया गया है:-

क्रम संख्या  शिक्षा के विभिन्न स्तरें सम्बंधित वर्ग 
1.
पूर्व प्राथमिक शिक्षा
1. प्री नर्सरी

2. नर्सरी

3. एलकेजी

4. यूकेजी

2.
प्राथमिक शिक्षा
⇒प्राथमिक शिक्षा के 
दो भाग हैं:-
1.  निम्न प्राथमिक (कक्षा I से IV तक) 

2. उच्च प्राथमिक (कक्षा V से VIII तक)

3.
माध्यमिक शिक्षा
1. कक्षा IX से X तक
4.
उच्च माध्यमिक शिक्षा
1. कक्षा XI से XII तक
5.
उच्च शिक्षा
1. स्नातक या स्नातक स्तर  के तहत 

2. पोस्ट ग्रेजुएट या मास्टर स्तर

3. डॉक्टरेट या पीएचडी स्तर

4. व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण

5. डिप्लोमा कार्यक्रम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और इसका विकास

      1947 के बाद से भारत सरकार साक्षरता दर बढ़ाने और अपने नागरिकों को शिक्षा के साथ सशक्त बनाने के लिए विभिन्न पहलों के साथ आगे आई। इस संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, उच्च शिक्षा विभाग, शिक्षा मंत्रालय और भारत सरकार द्वारा यूजीसी अधिनियम 1956 के अनुसार एक सांविधिक निकाय स्थापित किया गया था, जिसका उद्देश्य उच्च शिक्षा के मानकों का समन्वय, निर्धारण और रख रखाव करना था।

      1961 में भारत सरकार ने विभिन्न स्कूल स्तरों पर शिक्षा नीतियों को बनाने और लागू करने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) का गठन किया। राष्ट्रीय शिक्षा आयोग (1964-1966), जिसे लोकप्रिय रूप से कोठारी आयोग के नाम से जाना जाता है। यह भारत में शैक्षिक क्षेत्र के सभी पहलुओं की जांच करने, शिक्षा के एक सामान्य पैटर्न को विकसित करने और दिशा-निर्देशों की सलाह देने के लिए भारत सरकार द्वारा स्थापित एक तदर्थ आयोग था।

       भारत में शिक्षा के विकास के लिए 1968 में सरकार द्वारा पहली राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनपीई) की घोषणा की गई थी। 1986 में दूसरी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की घोषणा की गई थी जिसे 1992 में भारत सरकार द्वारा संशोधित किया गया था। 29 जुलाई 2020 को भारत सरकार ने तीसरी मंजूरी दिया जो कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) ने पिछले  राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NPE 1986) की जगह ली।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

       29 जुलाई, 2020 को माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने नई शिक्षा नीति 2020 की घोषणा की जिसमें 2040 तक भारतीय शिक्षा प्रणाली को बदलने की दृष्टि है। 34 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद एनईपी 2020 वृद्धिशील सुधार के बजाय शैक्षिक क्षेत्र में एक व्यवस्थित सुधार का वादा और आशा लेकर आया है।

      माननीय केंद्रीय मंत्री श्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 का दोहरा उद्देश्य पिछली विसंगतियों को ठीक करना और वर्तमान वैश्विक रुझानों को ध्यान में रखते हुए समकालीन प्रावधानों को पेश करना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का मुख्य फोकस 2020 शिक्षा के निम्नलिखित स्तंभों पर है:-

1. सामर्थ्य

2. अभिगम्यता

3. गुणवत्ता

4. इक्विटी

5. जवाबदेही – निरंतर सीखने को सुनिश्चित करने के लिए

     एनईपी 2020 भारत की 21वीं सदी की युवा पीढ़ी की चुनौतियों और जरूरतों से निपटने के लिए सबसे उपयुक्त समाधान है। एनईपी 2020 वर्तमान शैक्षिक ढांचे में पूर्ण सुधार और एक नई शिक्षा प्रणाली बनाने का प्रस्ताव करता है जो 21वीं सदी की शिक्षा के आकांक्षी उद्देश्यों को प्राप्त करने में मदद कर सकता है और भारतीय संस्कृति, परंपरा, शिक्षा और विरासत पर यूरोपीय प्रभाव का उत्तर प्रदान कर सकता है।

     पहले चरण में, NEP 2020 ने शिक्षा मंत्रालय के रूप में मानव संसाधन विकास मंत्रालय का नाम बदल दिया ताकि शिक्षा और सीखने पर मुख्य ध्यान बहाल किया जा सके। यदि इसे लागू किया जाएगा और योजना के अनुसार पालन किया जाएगा तो नए मानदंड न केवल नियामक बाधाओं को कम करेंगे बल्कि शैक्षणिक संस्थानों को और अधिक स्वायत्तता को बढ़ावा देंगे और छात्रों को लाभान्वित करेंगे।

एनईपी 2020 के मुख्य उद्देश्य

      राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली के समान भारत-केंद्रित/पूर्वी शिक्षा प्रणाली को वापस लाने की कल्पना करती है जो सभी को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करती है। इसका उद्देश्य भारत की सतत शिक्षा को दुनिया में एक समान, जीवंत और सर्व-समावेशी ज्ञान प्रणाली में बदलना है। ऐसे में सरकार की जिम्मेदारी कई गुना बढ़ जाती है।

      सरकार आजादी के बाद से जाति, पंथ, नस्ल, लिंग, रंग और समुदाय के बावजूद सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करती है। इस संबंध में एनईपी 2020 आधुनिक और प्राचीन ज्ञान प्रणालियों के बीच की खाई को पाटने के लिए भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण बदलावों का मार्ग प्रशस्त करता है। NEP 2020 के परिवर्तन, सुधार और उद्देश्य इस प्रकार हैं:

प्रत्येक छात्र की जरूरतों और रुचि को पहचानें और मजबूत करें,

समग्र विकास,

मूलभूत साक्षरता और अंकज्ञान,

शिक्षार्थियों के लिए लचीलापन,

हानिकारक पदानुक्रम को हटा दें,

बहु अनुशासन वाली पहुँच,

बहुभाषावाद को बढ़ावा देना,

जीवन कौशल को बढ़ावा देना,

नियमित रचनात्मक आकलन,

पूर्ण इक्विटी और समावेशन,

सीखने की प्रक्रिया के केंद्र के रूप में शिक्षक और संकाय,

अखंडता, पारदर्शिता और संसाधन दक्षता को बढ़ावा देना,

स्वायत्तता, सुशासन और अधिकारिता के माध्यम से नवाचार और लिंक से हटकर विचारों को प्रोत्साहित करना।

एनईपी 2020 के तहत स्कूलों में प्रमुख सुधार

वर्तमान ’10+2′ संरचना को ‘5+3+3+4’ के एक नए शैक्षणिक और पाठ्यचर्या संरचना द्वारा प्रतिस्थापित किया जाना है।

 हर साल वार्षिक परीक्षाओं का कोई प्रावधान नहीं, छात्र अब केवल कक्षा 3, 5 और 8 में परीक्षा देंगे

कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी लेकिन छात्रों को साल में दो बार परीक्षा देने की अनुमति देकर परीक्षा को आसान बनाया जाएगा। परीक्षा में दो भाग होंगे, वस्तुनिष्ठ और वर्णनात्मक

सभी सार्वजनिक और निजी स्कूलों में सीखने के सार्वभौमिक मानक और नियम।

कक्षा 6 से व्यावसायिक शिक्षा और कोडिंग का परिचय।

शिक्षा का माध्यम कम से कम कक्षा 5 तक और अधिमानतः कक्षा 8 तक मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा होनी चाहिए।

केवल अंकों और ग्रेड के बजाय छात्रों के कौशल और क्षमताओं पर एक व्यापक रिपोर्ट के आधार पर एक 360-डिग्री समग्र प्रगति कार्ड।

पाठ्यक्रम की मूल अवधारणाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है।

अर्ली चाइल्डहुड केयर एजुकेशन (ईसीसीई) से माध्यमिक स्तर तक शिक्षा का सार्वभौमीकरण।

2030 तक स्कूली शिक्षा में 100% सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) प्राप्त करना।

प्रारंभिक बचपन के शिक्षकों (ईसीई), स्कूलों, शिक्षकों और वयस्क छात्रों के लिए नई राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा प्रस्तावित है।

स्कूल न जाने वाले बच्चों’ को शिक्षा की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए ओपन स्कूलिंग सिस्टम।

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और देखभाल के लिए परामर्शदाताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की तैनाती।

मध्याह्न भोजन योजना में नाश्ता भी शामिल किया जाएगा।

एनईपी 2020 के तहत उच्च शिक्षा में प्रमुख सुधार

विभिन्न प्रकार के प्रमाणपत्रों और डिग्री के साथ 4 साल की पाठ्यक्रम अवधि के दौरान कई निकास विकल्पों के साथ स्नातक स्तर पर समग्र और बहु-विषयक शिक्षा।

एम.फिल. (मास्टर ऑफ फिलॉसफी) पाठ्यक्रम बंद किए जाएं।

पीजी प्रोग्राम 1 या 2 साल के लिए हो सकते हैं।

जेईई मेन और एनईईटी के अलावा देश भर के विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रवेश परीक्षा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी द्वारा आयोजित की जाएगी।

क्रेडिट हस्तांतरण की सुविधा के लिए अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट की स्थापना की जाएगी।

वैश्विक मानकों के सर्वश्रेष्ठ बहु-विषयक शिक्षा के मॉडल प्रदान करने के लिए, बहु-विषयक शिक्षा और अनुसंधान विश्वविद्यालयों (एमईआरयू) की स्थापना की जाएगी।

एक मजबूत अनुसंधान संस्कृति को बढ़ावा देने और उच्च शिक्षा में अनुसंधान क्षमता के निर्माण के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन नामक एक शीर्ष निकाय की स्थापना की जाएगी।

निजी और सार्वजनिक संस्थानों के लिए नियमों, मान्यता और शैक्षणिक मानकों का एक ही सेट तैयार करके उच्च शिक्षा को विनियमित करने के लिए भारतीय उच्च शिक्षा परिषद (एचईसीआई) की स्थापना की जाएगी। एचईसीआई के चार स्वतंत्र कार्यक्षेत्र होंगे, अर्थात्-

1. चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को छोड़कर, उच्च शिक्षा के नियमन के लिए राष्ट्रीय उच्च शिक्षा नियामक परिषद (एनएचईआरसी)।

2. मानक तय करने के लिए सामान्य शिक्षा परिषद (जीईसी)।

3. कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के वित्त पोषण और वित्तपोषण के लिए उच्च शिक्षा अनुदान परिषद (एचईजीसी)।

4. मान्यता के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद (एनएसी)।

एचईसीआई मौजूदा राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की जगह लेगा।

15 वर्षों की अवधि में विश्वविद्यालय स्तर पर ‘संबद्धता प्रणाली’ को समाप्त करना।

2035 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को मौजूदा 26.3% से बढ़ाकर 50% करना।

2040 तक उच्च शिक्षा में 3.5 करोड़ से अधिक सीटें जोड़ना।

उच्च शिक्षा संस्थानों को पूर्ण रूप से ऑनलाइन पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति के साथ ऑनलाइन शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है और ऑनलाइन सामग्री की सीमा को बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।

एनईपी 2020 के तहत शिक्षक शिक्षा में प्रमुख सुधार

शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यता 4 वर्षीय एकीकृत बी.एड. होगी, 2023 तक डिग्री।

शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने और पारदर्शिता बनाए रखने पर अधिक जोर।

एनसीटीई द्वारा शिक्षक शिक्षा के लिए एक नई और व्यापक राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एनसीएफटीई) 2021 तैयार की जाएगी।

एनसीटीई शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) 2022 तैयार करेगा।

अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा आयोग की स्थापना।

भारत के वंचित क्षेत्रों में कम प्रतिनिधित्व वाले समूहों के बीच शिक्षा में सुधार के लिए विशेष शिक्षा क्षेत्र (एसईजेड) की स्थापना।

महिलाओं और ट्रांसजेंडर बच्चों के लिए समान शिक्षा में सुधार और प्रदान करने के लिए लिंग समावेशन कोष।

छात्रों और शिक्षकों के बीच समान रूप से शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग पर विचारों के मुक्त आदान-प्रदान की सुविधा के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी मंच (एनईटीएफ) की स्थापना।

राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र- ‘पारख‘ छात्र के समग्र विकास का आकलन करेगा।

राष्ट्रीय संग्रह में उपलब्ध प्राचीन पांडुलिपियों की समझ को बढ़ावा देने के लिए भारतीय अनुवाद और व्याख्या संस्थान और पाली, फारसी और प्राकृत के लिए राष्ट्रीय संस्थान/संस्थान जैसे नए भाषा संस्थानों की स्थापना।

सलाह के लिए एक राष्ट्रीय मिशन की स्थापना, राष्ट्रीय पुस्तक संवर्धन नीति, मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मकता पर राष्ट्रीय मिशन।

धन की अनुपलब्धता के मुद्दों से निपटने के लिए जल्द से जल्द सकल घरेलू उत्पाद के वर्तमान 4.6% से 6% तक शिक्षा व्यय को बढ़ाना।

भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए शिक्षा के विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों को बढ़ावा देकर शिक्षा योजना, शिक्षण, सीखने और मूल्यांकन में प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग।

एनईपी 2020 का कार्यान्वयन: संभावनाएं और सीमाएँ            

          विश्वविद्यालय स्तर पर उच्च शिक्षा के संबंध में एनईपी (2020) एक लचीले पाठ्यक्रम के साथ व्यापक, बहु-विषयक, समग्र स्नातक शिक्षा की परिकल्पना करता है। यह विषयों का रचनात्मक संयोजन, व्यावसायिक शिक्षा का एकीकरण और उचित प्रमाणन के साथ कई प्रविष्टि और निकास बिंदु पर आधारित है। यह सतत विकास की दृष्टि और शिक्षा के लिए एक समग्र दृष्टिकोण को एक वास्तविकता बना देगा।

      संयुक्त राज्य अमेरिका की 1987 की ब्रंटलैंड आयोग की रिपोर्ट में सतत विकास को “ऐसा विकास जो भविष्य की पीढ़ियों की अपनी जरूरतों को पूरा करने की क्षमता से समझौता किए बिना वर्तमान की जरूरतों को पूरा करता है” के रूप में वर्णित किया गया है।

       इस परिभाषा के आलोक में एनईपी 2020 शैक्षणिक प्रतिमानों के लक्ष्यों को पूरा करता है और एक प्राच्य स्पर्श के साथ शिक्षा के वैश्विक मानक प्रदान करता है। भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद के अनुसार- “उच्च शिक्षा संस्थानों पर भारत को वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाने की बड़ी जिम्मेदारी है। इन संस्थानों द्वारा बेंचमार्क के रूप में निर्धारित गुणवत्ता मानकों का अन्य संस्थानों द्वारा पालन किया जाएगा।

       नई शिक्षा नीति के मूल सिद्धांतों में छात्रों के बीच तार्किक निर्णय लेने, नवाचार और एकीकृत शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए रचनात्मकता और महत्वपूर्ण सोच को शामिल करना शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि “एनईपी महत्वपूर्ण सोच और जांच की भावना को प्रोत्साहित करना चाहता है।

      नीति के प्रभावी कार्यान्वयन से तक्षशिला और नालंदा के समय के दौरान शिक्षा के एक महान केंद्र के रूप में भारत के गौरव को बहाल करने की संभावना है। “भागवत गीता” और कृष्ण-अर्जुन संवाद से प्रेरणा लेते हुए राष्ट्रपति ने शिक्षक और छात्र के बीच मुक्त संचार और चर्चा की अवधारणा को दोहराया।

      2018-19 के अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण के अनुसार महिलाओं के लिए सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) पुरुषों की तुलना में थोड़ा अधिक है। हालांकि, राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में और विशेष रूप से तकनीकी शिक्षा के केंद्रों में महिला छात्रों की हिस्सेदारी बेहद कम है।

        उच्च शिक्षा में इस तरह की लैंगिक असमानता एक बड़ी चुनौती है जिसे एक सर्व-समावेशी और न्यायसंगत राष्ट्र के दृष्टिकोण को सामने लाने के लिए ठीक किया जाना चाहिए। यह संस्थानों के प्रमुख की भूमिका को बढ़ाएगा जिसका प्रभाव शिक्षकों और छात्रों पर समान रूप से पड़ेगा। इसलिए संगठनों के प्रमुखों को इसके निर्माण की दृष्टि के अनुसार नीति को लागू करने में सक्रिय रुचि लेनी चाहिए।

        एनईपी 2020 के कार्यान्वयन के दौरान एक और चुनौती शिक्षण भाषाओं के स्तर पर आएगी। वर्तमान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कोई भी भारतीय भाषा दूसरी से कम नहीं है, और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 सभी भारतीय भाषाओं को समान रूप से सीखने पर जोर देती है। भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची भारत की आधिकारिक भाषाओं को सूचीबद्ध करती है।

       हालांकि देश भर में कई सैकड़ों भाषाएं बोली जाती हैं, आठवीं अनुसूची कुल 22 भाषाओं को आधिकारिक भाषाओं के रूप में मान्यता देती है जो (1) असमिया, (2) बंगाली, (3) गुजराती, (4) हिंदी, (5) कन्नड़ (6) कश्मीरी, (7) कोंकणी, (8) मलयालम, (9) मणिपुरी, (10) मराठी, (11) नेपाली, (12) उड़िया, (13) पंजाबी, (14) संस्कृत, (15) सिंधी , (16) तमिल, (17) तेलुगु, (18) उर्दू (19) बोडो, (20) संथाली, (21) मैथिली और (22) डोगरी है। ये सभी एनईपी 2020 में शिक्षा के प्रारंभिक स्तर से पढ़ाए जाने वाले विषय के रूप में शामिल हैं।

       एक तरफ हमारे छात्रों के दिमाग को औपनिवेशिक चंगुल से मुक्त करने और उन्हें भारतीय भाषाओं को पढ़ाने के द्वारा एकीकृत शिक्षा के लक्ष्य की ओर प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। हालाँकि, दूसरी तरफ, संचार की वैश्विक भाषा के रूप में इसकी मान्यता के कारण अंग्रेजी भाषा को शुरू से सीखने के महत्व को कभी भी नकारा नहीं जा सकता है।

      आज के परिदृश्य में जब पूरी दुनिया वैश्वीकरण के तहत एक बड़ा परिवार बन रही है और वसुधैव कुटुम्बकम का विचार एक वास्तविकता बन रहा है, तो कक्षा 6 से अंग्रेजी भाषा पढ़ाना स्वागत योग्य कदम नहीं है। यह भविष्य में छात्रों के बीच आधुनिक वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में समस्या पैदा कर सकता है।

      1968 के राष्ट्रीय नीति संकल्प में प्रतिपादित तीन भाषा सूत्र ने हिंदी भाषी राज्यों में हिंदी, अंग्रेजी और आधुनिक भारतीय भाषा (अधिमानतः दक्षिणी भाषाओं में से एक) और गैर-हिंदी राज्यों में हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषा के अध्ययन पर जोर दिया। इस चुनौती से निपटने के लिए बोलने वाले राज्यों को एनईपी 2020 में शामिल किया जाना चाहिए।

       प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020, “लॉन्च होने के बाद से दो वर्षों में, पहुंच, इक्विटी, समावेशिता और गुणवत्ता के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कई पहलें शुरू की गई हैं, जैसा कि नीति के तहत निर्धारित किया गया है। नीति।” उन्होंने छात्रों को समग्र विकास की ओर अधिक उन्मुख बनाने के लिए एक हाइब्रिड शिक्षण पद्धति (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों) के कार्यान्वयन पर जोर दिया।

      इससे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री रमेश निशंक पोखरियाल ने उम्मीद जताई थी कि “नई शिक्षा नीति जुलाई 2020 में एनईपी पर बातचीत के दौरान देश की शिक्षा प्रणाली को विकेंद्रीकृत और मजबूत करेगी। मुख्य ध्यान हमारे देश में शिक्षा मानकों की गुणवत्ता में सुधार करना है।”

        आगे उन्होंने कहा कि नीति ने पहले ही विदेशी विश्वविद्यालयों को भारत में खुले परिसरों तक पहुंच प्रदान कर दी है जो भारत को एक सॉफ्ट पावर बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इस संबंध में उन्होंने उद्धृत किया कि “एनईपी 2020 के कार्यान्वयन की प्रक्रिया में सभी बाधाओं को दूर किया जाना चाहिए और सभी हितधारकों के साथ संवाद स्थापित किया जाना चाहिए।” कार्यान्वयन प्रक्रिया के बारे में विचार-मंथन करने में सभी वर्गों का समर्थन अनिवार्य है।

निष्कर्ष       

        निष्कर्षत: कहा जा सकता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 सरकार द्वारा 34 साल पुरानी शिक्षा नीति के पुनर्निर्माण, पुनर्गठन और पुनर्रचना के लिए उठाया गया एक बहुत ही क्रांतिकारी कदम है। भारतीय शिक्षा प्रणाली की जड़ को वैदिक काल से पूर्व-मुगल काल के समय तक फिर से स्थापित करना और भारतीय शिक्षा प्रणाली में बहुत आवश्यक संशोधन को सामने लाना समय की मांग और आवश्यकता थी।

       एनईपी ने शिक्षा प्रणाली में परंपरा और बहु-विषयक दृष्टिकोण के बीच एक उचित संतुलन को सफलतापूर्वक बनाए रखा है। सभी सकारात्मक गुणों से युक्त एनईपी छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे वे जीवन में सफलता की दौड़ में वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सामना करने में सक्षम होंगे। यह निस्संदेह एक अत्यधिक प्रगतिशील और महत्वाकांक्षी नीति है जिसका भारत अपनी युवा पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण के मार्ग में योगदान देने के लिए और अधिक सक्षम बनाने के लिए प्रतीक्षा कर रहा है।   

Indian Geography Capsule 16

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(भारत का भूगोल)


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एक नजर में इन्हें जरुर देखें     

भारत के प्रमुख बन्दरगाह
क्रम प्रमुख बन्दरगाह राज्य/ केंद्र शा.प्रदेश नदी/खाड़ी/सागर
1. कोलकाता पश्चिम बंगाल  हुगली नदी
2. एन्नौर तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी
3. पोर्ट ब्लेयर अंडमान बंगाल की खाड़ी
4. विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश बंगाल की खाड़ी
5. पारादीप उड़ीसा बंगाल की खाड़ी
6. तूतीकोरीन    तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी
7. चेन्नई तमिलनाडु बंगाल की खाड़ी
8. कोच्चि  केरल अरब सागर
9. मुम्बई महाराष्ट्र अरब सागर
10. मर्मागोवा गोवा अरब सागर
11. कांडला गुजरात अरब सागर
12. न्यू मंगलुरु कर्नाटक अरब सागर
13. न्हावाशेवा महाराष्ट्र अरब सागर

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भारत के प्रमुख राष्‍ट्रीय उद्यान और अभ्‍यारण्‍य

क्रम प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान/अभ्यारण  राज्य
1. कैमूर वन्य जी अभ्यारण बिहार
2.  गिर राष्ट्रीय उद्यान गुजरात
3.  नल सरोवर अभ्यारण गुजरात
4.  जिम कार्बेट राष्ट्रीय उद्यान उत्तराखंड
5.  दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश
6.  चन्द्रप्रभा अभ्यारण उत्तर प्रदेश
7.  बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक
8.   भद्रा अभ्यारण कर्नाटक
9.   सोमेश्वर अभ्यारण कर्नाटक
10.   तुंगभद्रा अभ्यारण कर्नाटक
11.  नागरहोल राष्ट्रीय उद्यान कर्नाटक
12. पाखाल वन्य जीव अभ्यारण तेलंगाना
13. कावला वन्य जीव अभ्यारण  तेलंगाना
14. मानस राष्ट्रीय उद्यान  आसम
15. काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान  आसम
16. घाना पक्षी विहार राजस्थान
17. रणथम्भौर अभ्यारण राजस्थान
18.  कुंभलगढ़ अभ्यारण राजस्थान
19. पेंच राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश
20. तंसा अभ्यारण महाराष्ट्र
21. वोरीविली रा० उद्यान महाराष्ट्र
22. पलामू (बेतला) अभ्यारण झारखंड
23. दाल्मा वन्य जीव अभ्यारण  झारखंड
24. हजारीबाग वन्य जीव अभ्यारण झारखंड
25. चिल्का अभ्यारण  ओडीशा
26. सिमलीपाल अभ्यारण  ओडीशा
27. वेदान्तगल अभ्यारण तमिलनाडु
28. इंदिरा गाँधी अभ्यारण तमिलनाडु
29. मुदुमलाई अभ्यारण तमिलनाडु
30. कान्हा किसली रा० उद्यान मध्य प्रदेश
31. पंचमढ़ी अभ्यारण मध्य प्रदेश
32. बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान  मध्य प्रदेश
33. डाचीगाम राष्ट्रीय उद्यान जम्मू कश्मीर
34. किश्तवाड़ राष्ट्रीय उद्यान जम्मू कश्मीर
35. पेरियार अभ्यारण केरल
36. पराम्बिकुलम अभ्यारण केरल
37. पखुई वन्य जीव अभ्यारण्य अरुणाचल प्रदेश
38. अबोहर अभ्यारण पंजाब
39. सुल्तानपुर झील अभ्यारण्य हरियाणा
40. रोहिला राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल प्रदेश
41. सुन्दरवन राष्ट्रीय उद्यान पश्चिम बंगाल
42. भगवान महावीर उद्यान गोवा
43. नोंगरवाइलेम अभ्यारण्य मेघालय
44. डाम्फा अभ्यारण मिजोरम
45.   कीबुल लामजाओ रा० उद्यान मणिपुर
Indian Geography Capsule 16

कैमूर वन्य जीव अभ्यारण


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नोट :  मैं आशा करता हूँ कि भारत का भूगोल से सम्बंधित सभी Capsule आपके परीक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित होंगे। अगर किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपके मन में कोई संदेह हो तो हमसे Contact With us के माध्यम से, Comment या Email से Contact क सकते है। मैं हमेशा आपके मंगल भविष्य की कामनाता हूँ।

Thank You @ By Dr. Amar Kumar


Read More:

भूगोल- सामान्य भूगोल और भारत का भूगोल

इतिहास

राजनीतिशास्त्र

अर्थशास्त्र

जीवविज्ञान

भौतिकशास्त्र

रसायनशास्त्र

 Indian Geography Capsule 14

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(भारत का भूगोल)



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एक नजर में इन्हें जरुर देखें

1. भारत में देश का पहला दियासलाई बनाने का कारखाना 1921 ई० में किस स्थान पर स्थापित किया गया था जो आज भी सुचारू रूप से चल रहा है-

उत्तर – अहमदाबाद

2. पंजाब में कौन सा स्थान होजरी उद्योग के लिए प्रसिद्ध है-

उत्तर – लुधियाना

Indian Geography Capsule 14

3. मध्यप्रदेश में नेपानगर किसके लिए प्रसिद्ध है-

उत्तर – अखबारी कागज

4. फिरोजाबाद किसके लिए प्रसिद्ध है-

उत्तर – कांच की चूड़ियाँ

5. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 5 जोडता है-

उत्तर – चेन्नई को कोलकाता से

6. कोझीकोड बंदरगाह कहां स्थित है-

उत्तर – केरल में

7. कोच्चि बंदरगाह स्थित है-

उत्तर – मालाबार तट पर

8. किस राज्य में राष्ट्रीय महामार्ग का सबसे बड़ा तंत्र विद्यमान है-

उत्तर – मध्य प्रदेश

9. राष्ट्रीय महामार्ग संख्या-1A का समाप्ति स्थल है-

उत्तर – लेह

10. पारादीप बंदरगाह का विकास किन बंदरगाहों का भार कम करने के लिए किया गया था-

उत्तर – कोलकाता – विशाखापट्टनम

11. भारत में सूती वस्त्र एवं मशीनरी का सर्वाधिक निर्यात किस बंदरगाह से होता है-

उत्तर – मुंबई

12. जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह कहां स्थित है-

उतर – मुंबई

13. बैलाडीला से प्राप्त होने वाला लौह अयस्क किस बंदरगाह से निर्यात किया जाता है-

उत्तर – विशाखापट्टनम

14. रेल मार्ग की कुल लंबाई की दृष्टि से सबसे बड़ा रेलवे क्षेत्र है-

उत्तर – उत्तरी क्षेत्र

15. देश में सभी प्रकार के सड़क मार्ग की कुल लंबाई की दृष्टि से प्रथम राज्य है-

उत्तर – महाराष्ट्र

16. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 7 के प्रारंभिक एवं अंतिम स्टेशन है-

उत्तर – वाराणसी से कन्याकुमारी

17. भारतीय रेलवे द्वारा सबसे अधिक माल परिवहन होता है-

उत्तर – कोयले का

18. भारत के किस बंदरगाह पर कोयले के लदान हेतु यंत्रीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है-

उत्तर – पारादीप

19. अंडमान द्वीपों की आदिवासी जनसंख्या किस प्रजाति वर्ग से संबंधित है-

उत्तर – नीग्रिटो

20. भोटिया जनजाति किस प्रकार के प्रवास से संबंधित है

उत्तर – मौसमी प्रवास

21. भारत की जनजातियों के वितरण का क्रम पूरब से पश्चिम की ओर है-

उत्तर – नागा- संथाल- गोंड- भील

22. मध्य तथा दक्षिणी भारत की जनजातियां किस समूह से संबंधित है-

उत्तर – प्रोटो-ऑस्ट्रेलॉयड

23. दजला एवं सिंहपों जनजातियां किस प्रदेश में पाई जाती है-

उत्तर – मध्य प्रदेश

24. पनियान तथा इरुला जनजातियां किस राज्य में निवास करती है-

उत्तर – केरल

25. भारत में अधिकतम जनजातीय आबादी किसकी है-

उत्तर – भील की (2011के अनुसार)

26. भारत के कोल लोग संबंधित है-

उत्तर – नीग्रिटो प्रजाति से

27. किस राज्य में कुकी जनजाति मुख्यतः निवास करती है-

उत्तर – नागालैंड

28. उत्तर भारत के मैदान में किस प्रकार की बस्तियों की बहुलता है-

उत्तर – केन्द्रित

29. अधिकांश भारतीय किस प्रजातीय समूह से संबंधित है-

उत्तर – भूमध्यसागरीय

30. नार्डिक प्रजाति के लोग भारत में अधिकांशत: मिलते हैं-

उत्तर – उत्तर-पश्चिमी भारत में

31. जम्मू-कश्मीर में रहने वाले इण्डो-आर्यन लोगों को किस नाम से जाना जाता है-

उत्तर – डोगरा

32. टोडा जनजातीय लोगों का निवास स्थल है-

उत्तर – नीलगिरी की पहाड़ियाँ

33. देवनागरी लिपि का विकास हुआ है-

उतर – सिद्धमात्रिका से

34. मंगोल प्रजाति की जन्मभूमि है-

उत्तर – चीन

35. दोआब क्षेत्रों में अधिवासों का प्रारूप होगा-

उत्तर – खंडित

36. हिंदुओं का सर्वाधिक अनुपात किस राज्य में है-

उत्तर – उड़ीसा

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37. भारत के किस राज्य में बौद्ध धर्म के अनुयायी सबसे अधिक पाए जाते हैं-

उत्तर – महाराष्ट्र

38. भारत के किस राज्य में इसाई जनसंख्या का प्रतिशत सर्वाधिक है-

उत्तर – मिजोरम

39. भारत में सबसे बड़ी तेल शोधनशाला स्थित है-

उत्तर – जामनगर में

40. देश में रेशम उद्योग का सर्वाधिक स्थानीयकरण किस राज्य में हुआ है-

उत्तर – कर्नाटक में

41. भारत में तेल शोधक कारखाना अधिकांश वृहत् बंदरगाहों के समीप स्थापित है क्योंकि-

उत्तर – आयातित कच्चे माल पर निर्भरता है

42. भारत के किस उद्योग में सर्वाधिक संख्या में महिलाएं कार्यरत है-

उत्तर – चाय

43. देश में चीनी मिलों की सर्वाधिक संख्या किस राज्य में स्थित है-

उत्तर – उत्तर प्रदेश में

44. भारत में सीमेंट उत्पादन में प्रथम स्थान वाला राज्य है-

उत्तर – राजस्थान

45. भारत का कौन सा राज्य “शक्कर का कटोरा” कहलाता है-

उत्तर – उत्तर प्रदेश

46. वर्तमान में भारत का सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है-

उत्तर – बिहार (1106)

47. भारत का सर्वाधिक शिक्षित राज्य कौन है-

उत्तर – केरल

48. संपूर्ण विश्व की जनसंख्या में भारत की भागीदारी लगभग कितनी है-

उत्तर – 17.7%

49. जनसंख्या की दृष्टि से भारतीय संघ का सबसे बड़ा राज्य है-

उत्तर – उत्तरप्रदेश

50. भारत का सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला राज्य है-

उत्तर – अरुणाचल प्रदेश


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नोट :  मैं आशा करता हूँ कि भारत का भूगोल से सम्बंधित सभी Capsule आपके परीक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित होंगे। अगर किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपके मन में कोई संदेह हो तो हमसे Contact With us के माध्यम से, Comment या Email से Contact क सकते है। मैं हमेशा आपके मंगल भविष्य की कामनाता हूँ।

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भूगोल- सामान्य भूगोल और भारत का भूगोल

इतिहास

राजनीतिशास्त्र

अर्थशास्त्र

जीवविज्ञान

भौतिकशास्त्र

रसायनशास्त्र


Indian Geography Capsule 13

 Indian Geography Capsule 13

भारत का भूगोल


एक नजर में इन्हें जरुर देखें

1. कृषि क्षेत्र में हरित क्रांति का जन्मदाता किसे माना जाता है-

उत्तर- नॉर्मन ई. बोरलॉग

2. भारत में स्वर्ण कहां पाया जाता है-

उत्तर- कोलार (कर्नाटक)

3. भारत में लौह अयस्क के उत्पादन में किस राज्य का प्रथम स्थान है-

उत्तर- झारखंड

4. भारत में लौह-अयस्क के भंडारण में किस राज्य का प्रथम स्थान है-

उत्तर- कर्नाटक

5. कौन सा राज्य सबसे अधिक मूल्य के खनिज उत्पन्न करता है-

उत्तर- झारखंड

6. भारत में सर्वाधिक कोयला भंडार पाए जाते हैं-

उत्तर- झारखंड में

7. भारत में स्टील ग्रेड चूना पत्थर का खनन होता है-

उत्तर- सानू (राजस्थान में)

8. अग्नि शैल की शिराओं से प्राप्त होने वाला खनिज है-

उत्तर- हीरा

9. भारत में खनिजों की दृष्टि से निर्धन क्षेत्र है-

उत्तर- थार का मरुस्थल

10. भारत में बॉक्साइट का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है-

उत्तर- ओडिशा

11. बैलाडीला से उत्तम किस्म के लोहे की प्राप्ति होती है जो स्थित है-

उत्तर- छत्तीसगढ़ में

Indian Geography Capsule 13

बैलाडीला

Indian Geography Capsule 13

12. भारत का अधिकांश लौह अयस्क प्राप्त होता है-

उतर- धारवाड़ क्रम की चट्टानों से

13. सीसा-जस्ता, तांबा एवं टंगस्टन का सर्वप्रमुख उत्पादक राज्य है-

उत्तर- राजस्थान

14. अभ्रक की प्राप्ति होती है-

उत्तर- आग्नेय शैलों से

15. बैलाडीला खान से खनन किए जाने वाले लौह-अयस्क को किस बंदरगाह से निर्यात किया जाता है-

उत्तर- विशाखापट्टनम

16. भारत में जिप्सम का सबसे अधिक उत्पादन वाला राज्य है-

उत्तर- राजस्थान

17. जावर एवं रामपुरा-आगूचा खनन क्षेत्र किस खनिज से संबंधित है-

उत्तर- सीसा-जस्ता

18. कुद्रेमुख लौह खनिज परियोजना किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- कर्नाटक

19. भारत में नमक की प्राप्ति मुख्य रूप से किस के स्रोत से होती है-

उत्तर- सागरीय जल, झील एवं मृदा जल, तथा चट्टानी नमक की परतें से

20. भारत में सर्वाधिक हीरा किस स्थान से निकाला जाता है-

उत्तर- पन्ना (मध्य प्रदेश)

21. गुजरात में बड़ोदरा क्षेत्र की मोतीपुरा खान से कौन सा पत्थर निकाला जाता है-

उत्तर- सफेद संगमरमर

22. देश में कुल उत्पादन का लगभग 86% बाईराइट्स खनिज किस राज्य से निकाला जाता है-

उत्तर- आंध्र प्रदेश

23. भारत में सर्वोत्तम श्रेणी का संगमरमर किस स्थान से प्राप्त होता है-

उत्तर- मकराना से

24. मूल्य की दृष्टि से भारत लौह-अयस्क का निर्यात सबसे अधिक करता है-

उत्तर- ग्रेट ब्रिटेन को

25. आयातित कच्चे माल का उपयोग करने वाली बाजार आधारित तेल शोधनशाला है-

उत्तर- मथुरा

26. स्वदेशी तकनीक से निर्मित परमाणु संयंत्र है-

उत्तर- कलपक्कम

27. सिंगरैनी कोयला क्षेत्र पर आधारित ताप विद्युत घर है-

उत्तर- रामगुंडम

28. भारत में अधिकांश जल विद्युत शक्ति ग्रह किस नदी प्रणाली पर निर्मित है-

उत्तर- गंगा यमुना

29. किस राज्य में ताप विद्युत गृह स्थापित नहीं है-

उत्तर- हिमाचल प्रदेश

30. देश में कुल विद्युत उत्पादन में ताप विद्युत का योगदान है-

उत्तर- 80%

31. भारत के किस क्षेत्र के ताप विद्युत संयंत्रों की भार क्षमता सर्वाधिक है-

उत्तर- दक्षिणी क्षेत्र

32. भारत में ज्वार शक्ति उत्पादन में अग्रणी तटीय क्षेत्र है-

उत्तर- खंभात की खाड़ी

33. भारत में खनिज तेल के भंडार मुख्यतः किस प्रकार की चट्टानों में पाए जाते हैं-

उतर- अवसादी या परतदार

34. कोइलकारी जल विद्युत परियोजना किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- बिहार 

35. चेन्नई के समीप कलपक्कम नामक स्थान पर किस संयत्र की स्थापना की गई है-

उत्तर- नाभिकीय ऊर्जा संयंत्र

36. भारत में सर्वप्रथम कोयला उत्खनन किस स्थान पर प्रारंभ किया गया-

उत्तर- रानीगंज

37. इन्नौर जल विद्युत परियोजना किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- तमिलनाडु

38. भारत तथा एशिया की एकमात्र अधोभौमिक संजय जल विद्युत परियोजना किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- हिमाचल प्रदेश

39. भारत की पहली लहर ऊर्जा परियोजना (Wave Energy Project) किस स्थान पर स्थापित की गई है-

उत्तर- विझिनजाम (केरल)

40. काइकालुर खनिज तेल क्षेत्र किस नदी घाटी क्षेत्र में स्थित है-

उत्तर- कृष्णा-गोदावरी नदी घाटी क्षेत्र में

41. लोकटक शक्ति परियोजना किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- मणिपुर

42. भविष्य का ईंधन किसे कहा जाता है-

उत्तर- हाइड्रोजन को

43. भारत की किस खन से कोयला का सर्वाधिक उत्पादन प्राप्त होता है-

उत्तर- झरिया से

44. भारत के कोयला उत्पादन में छोटा नागपुर का योगदान लगभग कितना है-

उत्तर- 40%

45. नवेली में खनन किया जाने वाला प्रमुख खनिज कौन सा है-

उत्तर- लिग्नाइट कोयला

46. काकरापारा परमाणु शक्ति केंद्र किस राज्य में स्थित है-

उत्तर- गुजरात

47. भारत में ऊर्जा उत्पादन में सर्वाधिक भागीदारी किस प्रकार की ऊर्जा की है-

उत्तर- ताप विद्युत ऊर्जा

48. भारत में कागज उद्योग का प्रथम सफल कारखाना सन 1870 में किस स्थान पर लगाया गया-

उत्तर- बालीगंज (कोलकाता)

49. वह उद्योग जो स्थानीय कच्चे मालों का उपयोग करते हैं, उसे क्या कहा जाता है-

उत्तर- कुटीर उद्योग

50. भारत का सबसे महत्वपूर्ण लघु उद्योग कौन सा है-

उत्तर- हथकरघा



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भूगोल- सामान्य भूगोल और भारत का भूगोल

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जीवविज्ञान

भौतिकशास्त्र

रसायनशास्त्र

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भारत का भूगोल



एक नजर में इन्हें जरुर देखें

1. विश्व में प्राकृतिक रबड़ के उत्पादन में भारत का स्थान है-
उत्तर- दूसरा

2. भारत में कॉफी के अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र में उगाई जाने वाली कॉपी की किस्में है-
उत्तर- रोबस्टा और अरेबिका

3. भारत में कॉफी के अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र के 60% भाग पर किस किस्म का उत्पादन होता है-
उत्तर- रोबस्टा

4. भारत में सुनहरी क्रांति किससे संबंधित है-
उत्तर- बागबानी क्रांति से

5. किस राज्य में काजू का सर्वाधिक उत्पादन किया जाता है-
उत्तर- केरल में

6. केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान किस राज्य में स्थित है-
उत्तर- हिमाचल प्रदेश (शिमला)

7. किस भारतीय राज्य को “मसालों का बगीचा” के उपनाम से जाना जाता है-
उत्तर- केरल

8. देश के कुल कृषि योग क्षेत्र के सर्वाधिक भाग पर किस फसल की कृषि की जाती है-
उत्तर- धान की

9. असम में शीतकालीन चावल की फसल किस नाम से जानी जाती है-
उत्तर- साली

10. शस्य गहनता की दृष्टि से भारत का सबसे समृद्ध राज्य कौन सा है-
उत्तर- पंजाब

11. रबर किस जलवायु का पौधा है-
उत्तर- भूमध्यरेखीय

12. चमत्कारिक फसल के रूप में जाना जाता है-
उतर- सोयाबीन

13. भारत में वृहत पैमाने पर जूट की खेती किस नदी घाटी क्षेत्र में की जाती है-
उत्तर- हुगली

14. तंबाकू उत्पादन में कौन सा राज्य अग्रणी है-
उत्तर- आंध्र प्रदेश

15. भारत में मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है-
उत्तर- केरल

16. भारत के किस भाग में चाय व कॉफी की पैदावार साथ-साथ होती है-
उत्तर- दक्षिणी-पश्चिमी भागों में

17. भारत में सर्वप्रथम काजू उगाने का कार्य पुर्तगालियों ने किया, काजू का सर्वाधिक उत्पादन किस राज्य में होता है-
उत्तर- केरल

18. जूट उत्पादन में भारत का स्थान है-
उत्तर- प्रथम

19. मिश्रित खेती क्या है-
उत्तर- कई फसलों के साथ पशुपालन करना

20. जूट और कपास किस प्रकार की फसलें हैं-
उत्तर- रेशेदार फसल

21. भारत में गेहूं के तीन अधिकतम उत्पादक राज्यों का अवरोही क्रम है-
उत्तर- उत्तर प्रदेश, पंजाब और मध्यप्रदेश

22. भारत के किस राज्य में अति उपजाऊ भूमि का प्रतिशत सर्वाधिक है-
उत्तर- पंजाब

23. एशिया का सबसे बड़ा फल संसाधन संयंत्र हिमाचल प्रदेश के किस स्थान पर स्थित है-
उत्तर- परवानू

24. भारत मे हरित क्रांति के जन्मदाता मने जाते है-
उत्तर- एम एम स्वामीनाथन

25. भारत में हरित क्रांति अभी तक उत्पादकता वृद्धि में सफल हुई है-
उत्तर- गेंहूँ एवं चावल की

26. कहवा, रबड़ तथा तंबाकू तीनों फसलों का उत्पादन किस राज्य में किया जाता है-
उत्तर- केरल

27. भारत का कौन सा क्षेत्र धान का कटोरा कहलाता है-
उत्तर- कृष्णा-गोदावरी डेल्टा

28. भारत का केंद्रीय मत्स्य शोध संस्थान कहां पर स्थित है-
उत्तर- कोच्चि

29. भारत में कृत्रिम मोती के निर्माण का कार्य विकसित हुआ है-
उत्तर- रामेश्वरम तट के पास

30. देश के कुल वन क्षेत्र का सर्वाधिक भाग किस वर्ग में है-
उत्तर- आरक्षित

31. देश में ताजे पानी की मछलियां सर्वाधिक पकड़ी जाती है-
उत्तर- पश्चिम बंगाल में

32. अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन में भारत का विश्व में स्थान है-
उत्तर- दूसरा

33. भारत में मृदा अपरदन का सबसे प्रमुख कारण क्या है-
उतर- वनों का बड़ी मात्रा में विदोहन

34. भारतीय वन सर्वेक्षण विभाग का मुख्यालय कहां है-
उत्तर- देहरादून में

35. भारत में तेंदू पत्ता का सर्वाधिक उत्पादन करने वाला राज्य कौन सा है-
उत्तर- मध्यप्रदेश

36. राष्ट्रीय पर्यावरण शोध संस्थान किस स्थान पर स्थापित है-
उत्तर- नागपुर

37. भारत में वृक्षारोपण उत्सव जिसे ‘वन महोत्सव’ कहा जाता है, के जन्मदाता कौन हैं-
उत्तर- के. एम. मुंशी

38. नीली क्रांति किससे संबंधित है-
उत्तर- मत्स्य पालन से

39. कौन सा भारतीय राज्य समुद्री उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यातक है-
उत्तर- केरल

40. व्यापारिक रूप से मत्स्य पालन का व्यवसाय किस नाम से जाना जाता है-
उत्तर- पिसीकल्चर

41. घना पक्षी विहार स्थित है-
उत्तर- राजस्थान में

42. किस भारतीय राज्य में बाघों की आबादी अधिकतम है-
उत्तर  मध्यप्रदेश में

43. भारत में मत्स्य उत्पादन में प्रथम स्थान वाला राज्य है-
उत्तर- पश्चिम बंगाल

44. शांत घाटी स्थित है-
उत्तर- केरल में

Indian Geography Capsule 12

शांत घाटी

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45. भारत मे सर्वाधिक वनाच्छादित राज्य कौन सा है-
उत्तर- मध्यप्रदेश

46. तटीय एवं खुला सागरीय मत्स्यन किस राज्य में अधिक विकसित हुआ है-
उत्तर- पश्चिम बंगाल

47. राजीव गांधी राष्ट्रीय उद्यान किस राज्य में अवस्थित है-
उत्तर- राजस्थान

48. उदयपुर की जावर खानें किस खनिज के उत्खनन के लिए प्रसिद्ध है-
उत्तर- जिंक या जस्ता

49. खनिज पदार्थों की दृष्टि से कौन सा भारतीय क्षेत्र अधिक समृद्ध है-
उत्तर- छोटानागपुर का पठार

50. राजस्थान की खेतड़ी रियोजना किसके उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है-
उत्तर- तांबा


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नोट :  मैं आशा करता हूँ कि भारत का भूगोल से सम्बंधित सभी Capsule आपके परीक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित होंगे। अगर किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपके मन में कोई संदेह हो तो हमसे Contact With us के माध्यम से, Comment या Email से Contact क सकते है। मैं हमेशा आपके मंगल भविष्य की कामनाता हूँ।

Thank You @ By Dr. Amar Kumar


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 भारत का भूगोल



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एक नजर में इन्हें जरुर देखें 

भारत के प्रमुख  जीवमंडल आरक्षित क्षेत्र 

क्रम नाम  राज्य
1. मन्नार की खाड़ी  तमिलनाडु 
2.  सुन्दर वन पश्चिम बंगाल
3.  मानस असम
4.  ग्रेट निकोबार अण्डमान एण्ड निकोबार
5.  नन्दा देवी   उत्तरांचल
6.  नोक्रेक मेघालय
7.  नीलगिरि कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु
8.   सिमलीपाल उड़ीसा
9.   डिब्रू सेखोवा असम
10.   दिहांग देबंग अरुणाचल प्रदेश
11.  पंचमढी मध्य प्रदेश
12. कंचनजंगा सिक्किम
13. अगस्तस्य मलाई केरल

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         अगस्तस्य मलाई 

भारत के प्रमुख पर्वतीय नगर 

क्रम     पर्वतीय नगर राज्य
1. गुलमार्ग जम्मू-कश्मीर
2.  पहलगांव जम्मू कश्मीर
3.  श्रीनगर जम्मू-कश्मीर
4.  शिमला हिमाचल प्रदेश
5.  डलहौजी हिमाचल प्रदेश
6.   कसौली हिमाचल प्रदेश
7.  मनाली हिमाचल प्रदेश
8.   सोलन हिमाचल प्रदेश
9.   धर्मशाला हिमाचल प्रदेश
10.   कुल्लू घाटी हिमाचल प्रदेश
11.  मंडी हिमाचल प्रदेश
12. लैंसडाउन उत्तराखंड
13. मसूरी  उत्तराखंड
14. मुक्तेश्वर उत्तराखंड
15. नैनीताल  उत्तराखंड
16.  रानीखेत उत्तराखंड
17. अल्मोड़ा  उत्तराखंड
18. भुवाली  उत्तराखंड
19. दार्जिलिंग पश्चिम बंगाल
20. मिरिक पश्चिम बंगाल
21. कलिम्पोंग पश्चिम बंगाल
22. लोनावाला महाराष्ट्र
23. खांडला महाराष्ट्र
24. पंचगनी महाराष्ट्र
25. महाबालेश्वर महाराष्ट्र
26. नंदी हिल्स  कर्नाटक
27. केमानगुंडी कर्नाटक
28.  पेरियार केरल
29. मन्नार  केरल
30. कोडाईकनाल  तमिलनाडु
31. कोटगिरि तमिलनाडु
32. ऊटी तमिलनाडु
33. कुन्नूर तमिलनाडु
34. कोटलिम तमिलनाडु
35. येरकार्ड तमिलनाडु
36. गंगटोक सिक्किम
37. राँची झारखंड
38. शिलांग मेघालय
39. माउंट आबू राजस्थान
40. पंचमढ़ी मध्यप्रदेश
41. सपूतारा गुजरात

 


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