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2. जलवायु विज्ञान Free Test

2. जलवायु विज्ञान Free Test



1.ऊपर से नीचे की ओर वायुमण्डल की विभिन्न परतों की सीमाओं (Pauses) का कौन-सा क्रम सही है:-
[A] मैग्नीटोपॉज, मेसोपॉज, स्ट्रैटोपॉज, ट्रोपोपॉज
[B] मेसोपॉज, स्ट्रैटोपॉज, ट्रोपोपॉज, मैग्नीटोपॉज
[C] ट्रोपोपॉज, स्ट्रैटोपॉज, मेसोपॉज, मैग्नीटोपॉज
[D] स्ट्रैटोपॉज, ट्रोपोपॉज, मैग्नीटोपॉज, मेसोपॉज

[read more] [A] मैग्नीटोपॉज, मेसोपॉज, स्ट्रैटोपॉज, ट्रोपोपॉज [/read]

2. वायुमण्डल में सर्वाधिक मात्रा में विद्यमान अक्रिय गैस कौन-सी हैं:
[A] आर्गन
[B] क्रिप्टॉन
[C] हीलियम
[D] नीऑन

[read more] [A] आर्गन [/read]

3. जलवायु की दृष्टि से निम्न में से किस तत्व का महत्व सर्वाधिक है:
[A] धरातल से ऊंचाई
[B] जलवाष्प
[C] वायुमण्डलीय अशुद्धियां
[D] कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस

[read more] [B] जलवाष्प [/read]

4. वायुमण्डल की संरचना में कितने प्रतिशत योगदान नाइट्रोजन का है:
[A] 10%
[B] 50%
[C] 33%
[D] 78%

[read more] [D] 78% [/read]

5. वायुमण्डल में ऊपर की ओर जाने पर न्यूनतम तापमान की सीमा निम्न में से किस नाम से जानी जाती है:
[A] ट्रोपोपॉज
[B] मेसोपॉज
[C] स्ट्रैटोपॉज
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] मेसोपॉज [/read]

6. ब्रह्माण्ड किरणों (Cosmic Rays) का परिलक्षण निम्न में से किस मण्डल में किया जाता है:
[A] क्षोभमण्डल
[B] मेसोपॉज
[C] समतापमण्डल
[D] आयतन या बहिर्मण्डल

[read more] [B] मेसोपॉज [/read]

7. निम्नलिखित में से कौन-सा मण्डल (स्फीयर) वायुमण्डल से सम्बन्धित है:
[A] जैवमण्डल (बायोस्फीयर)
[B] परिमण्डल (इकोस्फीयर)
[C] बाह्यमण्डल (एक्सोस्फीयर)
[D] चुम्बकमण्डल (मैग्नीटोस्फीयर)

[read more] [C] बाह्यमण्डल (एक्सोस्फीयर) [/read]

8. निम्नलिखित में से कौन-सी वायुमण्डलीय परत है जिसमें ऊंचाई के साथ तापमान में वृद्धि अंकित की जाती है:
[A] ट्रोपोस्फीयर
[B] स्ट्रैटोस्फीयर
[C] मेसोस्फीयर
[D] इनमें से सभी

[read more] [B] स्ट्रैटोस्फीयर [/read]

9. निम्न में से कौन-सी वायुमण्डलीय परत रेडियो संचार में सहायता करती है:
[A] बहि:मण्डल
[B] आयनमण्डल
[C] क्षोभमण्डल
[D] समतापमण्डल

[read more] [B] आयनमण्डल [/read]

10. निम्न में से कौन-सी वायुमण्डल की स्थायी गैस नहीं है?
[A] नाइट्रोजन
[B] ऑक्सीजन
[C] कार्बन डाइ ऑक्साइड
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] कार्बन डाइ ऑक्साइड [/read]

11. वायुमण्डल में सर्वाधिक कौन-सी गैस पाई जाती है?
[A] ऑक्सीजन
[B] नाइट्रोजन
[C] हाइड्रोजन
[D] कार्बन डाइ ऑक्साइड

[read more] [B] नाइट्रोजन [/read]

12. आयनमण्डल पृथ्वी से लगभग कितनी दूरी पर शुरू होता है?
[A] 60 किमी
[B] 90 किमी
[C] 80 किमी
[D] 290 किमी

[read more] [A] 60 किमी [/read]

13.सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सूची I – सूची II
(अ) शान्त मेखला – 1. जी. जी. कोरिआलिस
(ब) विक्षेप बल – 2. डॉक्टर
(स) गरजती चलीसा – 3. विषुवत रेखीय पछुआ पवन
(द) हरमट्टान – 4. पछुआ पवन
कूट : अ ब स द
[A] 4 2 3 1
[B] 2 3 1 4
[C] 3 1 4 2
[D] 1 4 2 3

[read more] [C] 3 1 4 2 [/read]

14. वायुमण्डल मुख्यतः गर्म होता है?
[A] पृथ्वी की गति के घर्षण से
[B] सूर्य की सीधी किरणों से
[C] पृथ्वी से विकिरण द्वारा
[D] पृथ्वी के अन्दर की ऊष्मा से

[read more] [C] पृथ्वी से विकिरण द्वारा [/read]

15. अधिकांश मौसमी घटनाएं निम्नलिखित में से किस मण्डल से घटित होती हैं?
[A] आयनमण्डल
[B] समतापमण्डल
[C] क्षोभमण्डल
[D] ओजोनमण्डल

[read more] [C] क्षोभमण्डल [/read]

16. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:
कवन (A): क्षोभमण्डल की मोटाई विषुवत् रेखा पर सर्वाधिक है।
कारण (R): विषुवत् रेखा के निकट सूर्यातप उच्च तथा संवहन धाराएं सशक्त हैं।
कूट :
[A] A तथा R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या है
[B] A तथा R दोनों सत्य हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं है
[C] A सत्य है परन्तु R असत्य है
[D] A असत्य है परन्तु R सत्य है

[read more] [A] A तथा R दोनों सत्य हैं तथा R, A की सही व्याख्या है [/read]

17. यदि पृथ्वी एवं अन्तरिक्ष के बीच से वायुमण्डल को हटा हुआ माना जाए तो आसमान का रंग कैसा होगा:
[A] काला
[B] सफेद
[C] लाल
[D] नीला

[read more] [A] काला [/read]

18. वॉन एलेन विकिरण मेखला (Von Allen Radiation Belt) निम्न में से किस मण्डल में है:
[A] क्षोभमण्डल
[B] मध्य्मंडल
[C] आयनमंडल
[D] बर्हिमंडल

[read more] [D] बर्हिमंडल [/read]

19. मानव जाति के लिए ओजोन महत्वपूर्ण है क्योंकि-
[A] यह पराबैंगनी किरणों के लिए सुरक्षा कवच बनाती है
[B] यह वायु में ऑक्सीजन का निस्तारण करती है
[C] यह पृथ्वी के तापमान को बनाए रखती है
[D] यह वायुमण्डल से हाइड्रोजन का निस्तारण करती हैं

[read more] [A] यह पराबैंगनी किरणों के लिए सुरक्षा कवच बनाती है [/read]

20. धरातल से 25 किमी की ऊंचाई पर शुष्क वायु में निम्नलिखित में से किस गैस की अधिकता पाई जाती है?

[A] ऑक्सीजन
[B] नाइट्रोजन
[C] कार्बन डाइ-ऑक्साइड
[D] आर्गन

[read more] [B] नाइट्रोजन [/read]

21. वायुमण्डल एक ग्रीन हाउस की तरह है क्योंकि:

[A] यह सौर विकिरण के लिए पारदर्शक है तथा धरातलीय विकिरण को शोषित करता है
[B] यह सौर विकिरण तथा धरातलीय विकिरण दोनों के लिए पारदर्शक है
[C] यह कुछ सौर विकिरणों को सोखता है तथा धरातलीय विकिरण के लिए पारदर्शक है
[D] यह कुछ सौर विकिरण तथा कुछ धरातलीय विकिरण को शोषित करता है

[read more] [A] यह सौर विकिरण के लिए पारदर्शक है तथा धरातलीय विकिरण को शोषित करता है [/read]

22. ध्रुवों की तुलना में भूमध्य रेखा पर निम्न में से कौन-सा कारक मुख्य रूप से वायुमण्डल में भारी गैस तत्व की न्यूनता का द्योतक है:

[A] पृथ्वी का घूर्णन
[B] नियतवाही पवनें
[C] तापक्रम में अन्तर
[D] लवणता में अन्तर

[read more] [A] पृथ्वी का घूर्णन [/read]

23. पृथ्वी की ओर किस दिन सर्वाधिक सूर्याभिताप प्राप्त होता है:

[A] 4 जुलाई
[B] 3 जनवरी
[C] 21 मार्च
[D] 22 दिसम्बर

[read more] [B] 3 जनवरी [/read]

24. पृथ्वी की ओर जो सौर ऊर्जा प्रति वर्ग सेमी (कैलोरी में) प्राप्त होती है, वह है:

[A] 1.94
[B] 2.54
[C] 2.94
[D] 3.54

[read more] [A] 1.94 [/read] 

25. ऊष्मा का सन्तुलित बजट या ताप बजट से पृथ्वी के सन्दर्भ में अर्थ है:

[A] निरन्तर ऊर्जा प्राप्ति किन्तु कम नष्ट होना
[B] निरन्तर भौमिक ताप विकिरण किन्तु कम सौर ऊर्जा प्राप्ति
[C] जितना सूर्याभिताप भूतल को प्राप्त होता है, उतना ही भौमिक विकिरण व परावर्तन, आदि द्वारा बाह्याकाश में लीन हो जाना
[D] भूतल के विभिन्न भागों में निरन्तर कम-ज्यादा सूर्याभिताप की प्राप्ति

[read more] [A] निरन्तर ऊर्जा प्राप्ति किन्तु कम नष्ट होना [/read]

26. भूतल पर सामान्य ताप वितरण को प्रभावित करने वाले दो प्रधान कारण हैं:

[A] समुद्री धाराएं व पवनें
[B] भूमि का रंग एवं स्वभाव
[C] समुद्र तट से दूरी एवं ऊंचाई
[D] अक्षांश एवं जल-थल का वितरण

[read more] [C] समुद्र तट से दूरी एवं ऊंचाई [/read]

27. रुद्धोष्म दर वर्षाकाल में विशेष प्रभावी रहती है:

[A] इस समय वायु की निचली परतें मेघाच्छादित रहती हैं
[B] निरन्तर वर्षा से भूमि जल प्लावित रहती है
[C] वायु जलवाष्प से संतृप्त रहने से उसकी ताप ह्रास दर और भी घट जाती है
[D] ऐसी वायु के ऊंचाई के साथ ताप बढ़ते जाते हैं

[read more] [C] वायु जलवाष्प से संतृप्त रहने से उसकी ताप ह्रास दर और भी घट जाती है [/read]

28. मध्यवर्ती अक्षांशों की घाटी की तली में पाला गिरता है जबकि मध्यवर्ती ढाल पाला रहित रहते हैं:

[A] घाटी की तली में धूप का अभाव
[B] ढालों पर घने वन क्षेत्र
[C] रात्रि के पिछले प्रहर में तली की ओर ढाल के सहारे ठण्डी व भारी पवनों का उतरना
[D] ढालू भू-भाग निरन्तर उष्ण बने रहते हैं

[read more] [C] रात्रि के पिछले प्रहर में तली की ओर ढाल के सहारे ठण्डी व भारी पवनों का उतरना [/read]

29. भूतल पर सूर्याभिताप वितरण को प्रभावित करने का प्रधान कारक है:

[A] घरातल से ऊंचाई
[B] आयन मण्डल के ऊंचे तापमान
[C] जल-थल का वितरण
[D] अक्षांश या सूर्य की किरणों का तिरछापन

[read more] [D] अक्षांश या सूर्य की किरणों का तिरछापन [/read]

30. कथन (A): वायुमण्डल की मोटाई एवं अक्षांशीय स्थिति सूर्यातप के भूतल पर वितरण के प्रधान कारक हैं।

कारण (R) : ऊंचाई बढ़ने के साथ-साथ वायुमण्डल विरल होता जाता है।

[A] A तथा R दोनों सही हैं एवं R, A की सही व्याख्या करता है
[B] A तथा R दोनों सही हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है
[C] A सही है जबकि R गलत है
[D] A गलत है जबकि R सही है

[read more] [B] A तथा R दोनों सही हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है [/read]

31. कवन (A): मौसम सम्बन्धित सभी घटनाएं विक्षोभमण्डल में ही विकसित होती हैं।

कारण (R) : इसकी ऊपरी सीमा पर जेट धाराएं प्रवाहित होती हैं।

[A] A तथा R दोनों सही हैं एवं R, A की सही व्याख्या करता है
[B] A तथा R दोनों सही हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है
[C] A सही है जबकि R गलत है
[D] A गलत है जबकि R सही है

[read more] [B] A तथा R दोनों सही हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है [/read]

32. कथन (A): वायुमण्डल की निचली परतें सर्वप्रथम गर्म होती है।

कारण (R) : भौमिक विकिरण द्वारा ही वायु को अधिकांश ताप की प्राप्ति होती है।

[A] A तथा R दोनों सही हैं एवं R, A की सही व्याख्या करता है
[B] A तथा R दोनों सही हैं किन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है
[C] A सही है जबकि R गलत है
[D] A गलत है जबकि R सही है

[read more] [A] A तथा R दोनों सही हैं एवं R, A की सही व्याख्या करता है [/read]

33. सामान्यतः भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर तापमान की मात्रा कम होती जाती है। इसका सर्वप्रमुख कारण निम्न में से कौन-सा है:

[A] सूर्य की किरणों का सापेक्ष तिरछापन
[B] पृथ्वी का ध्रुवों पर चपटा होना
[C] ध्रुवीय क्षेत्रों से चलने वाली शीतल हवाएं
[D] ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर सामान्य पवन प्रवाह

[read more] [A] सूर्य की किरणों का सापेक्ष तिरछापन [/read]

34. ऐल्बिडो (Albedo) निम्न में से क्या है:

[A] संयुक्त राज्य अमेरिका एवं कनाडा की सीमा पर स्थित झील
[B] उच्च कपासी बादलों का उपनाम
[C] किसी सतह से परावर्तित होने वाली एवं उसको प्राप्त होने वाली कुल विकिरण ऊर्जा की मात्रा का अनुपात
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [C] किसी सतह से परावर्तित होने वाली एवं उसको प्राप्त होने वाली कुल विकिरण ऊर्जा की मात्रा का अनुपात [/read]

35. किसी स्थान विशेष के औसत तापमान तथा उसके अक्षांशीय तापमान के औसत के बीच के अन्तर को क्या कहा जाता है:

[A] तापीय व्युत्क्रमण
[B] तापक्रमीय विसंगति
[C] अक्षांशीय विसंगति
[D] तापीय अनुकूलता

[read more] [B] तापक्रमीय विसंगति [/read]

36. तापीय प्रतिलोमन की स्थिति सामान्यतया किन क्षेत्रों में पायी जाती है:

[A] पर्वत चोटियों पर
[B] महासागरीय भागों में
[C] अन्तरापर्वतीय घाटियों में
[D] मरुस्थली क्षेत्र में

[read more] [C] अन्तरापर्वतीय घाटियों में [/read]

37. उच्च वायुमण्डलीय तापीय प्रतिलोमन का सबसे प्रमुख कारण क्या है:

[A] चक्रवात
[B] जेट स्ट्रीम
[C] ओजोन गैस को उपस्थिति
[D] पार्थिव विकिरण

[read more] [B] 6 [/read]

38. भूमध्य रेखीय क्षेत्र में प्राप्त होने वाली सूर्यातप की मात्रा कितनी होती है:

[A] उत्तरी ध्रुव की तुलना में दो गुनी अधिक
[B] दक्षिणी ध्रुव की तुलना में चार गुनी अधिक
[C] दोनों ध्रुवों की तुलना में चार गुनी अधिक
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [C] दोनों ध्रुवों की तुलना में चार गुनी अधिक [/read]

39. जैसे ही हम भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाते हैं तो ताप कम होता जाता है। यह तापान्तर किस ऋतु में अधिकतम होता है:

[A] सर्दियों में
[B] ग्रीष्म ऋतु में
[C] वर्षा ऋतु में
[D] वसन्त ऋतु में

[read more] [B] ग्रीष्म ऋतु में [/read]

40. वायुमण्डल के निचले भाग में ऊपरी भाग की अपेक्षा अधिक तापमान पाया जाता है। इसका उपर्युक्त कारण निम्न में से कौन-सा है:

[A] निचले भाग में पार्थिक विकिरण से ऊष्मा की प्राप्ति होती है जबकि ऊपरी वायुमण्डल विरल रहता है
[B] वायुमण्डल के निचले भाग को मिलने वाली सूर्यातप की मात्रा ऊपरी भाग की अपेक्षा अधिक होती है
[C] निचले भाग में संघनन की क्रिया से मुक्त होने वाली गुप्त उष्मा के कारण तापमान अधिक हो जाता है
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [A] निचले भाग में पार्थिक विकिरण से ऊष्मा की प्राप्ति होती है जबकि ऊपरी वायुमण्डल विरल रहता है [/read] 

41. किसी स्थान विशेष की जलवायु का निर्धारण होता है?

[A] मौसम से
[B] वहां पर रहने वाले लोगों से
[C] पेड़-पौधों से
[D] अक्षांशीय दूरी व ऊंचाई से

[read more] [D] अक्षांशीय दूरी व ऊंचाई से [/read]

42. सुबह और शाम की तुलना में दोपहर में गर्मी ज्यादा क्यों होती है?

[A] क्योंकि सूर्य की किरणें दोपहर में सीधी पड़ती हैं
[B] क्योंकि पृथ्वी गर्मी सोख कर उसे दोपहर को छोड़ती है
[C] दोपहर के वक्त समुद्र से गर्म हवा चलती है
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] क्योंकि सूर्य की किरणें दोपहर में सीधी पड़ती हैं [/read]

43. संचालन प्रक्रिया में:

[A] गर्म से ठण्डे की ओर ताप का संचालन होता है जब तक दोनों का तापमान समान न हो जाए
[B] ताप ठण्डे से गर्म क्षेत्र की ओर जाता है
[C] सम्पर्क में आने वाली किसी भी वस्तु में ताप संचालित नहीं होता है
[D] उपर्युक्त सभी सही हैं

[read more] [A] गर्म से ठण्डे की ओर ताप का संचालन होता है जब तक दोनों का तापमान समान न हो जाए [/read]

44. एकसमान औसत तापमान वाले स्थानों को जोड़ने वाली काल्पनिक रेखा को कहते हैं?

[A] आइसोथर्म
[B] आइसोबार
[C] इस्मस
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] आइसोथर्म [/read]

45. शुष्क रुद्धोष्म तापीय ह्रास दर कितनी होती है?

[A] प्रति 100 मी. पर 1° सेण्टीग्रेड
[B] प्रति 500 मी. पर 2° सेण्टीग्रेड
[C] प्रति 1,000 मी. पर 3° सेण्टीग्रेड
[D] प्रति 1,000 मी. पर 6.8° सेण्टीग्रेड

[read more] [D] प्रति 1,000 मी. पर 6.8° सेण्टीग्रेड [/read] 

46. पृथ्वी पर अक्षांशीय ऊष्मा सन्तुलन के लिए निम्न में से कौन-सा कारक उत्तरदायी है?

[A] वायुमण्डलीय हवाएं
[B] महासागरीय धाराएं
[C] उपर्युक्त दोनों
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [C] उपर्युक्त दोनों [/read]

47. संवहन क्या है?

[A] यह एक प्रक्रिया है जो किसी भी तापमान के क्षेत्र में होती है।
[B] यह सौर ऊर्जा के हस्तान्तरण की एक अत्यन्त सूक्ष्म प्रक्रिया है।
[C] यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा का हस्तान्तरण वायु व जलराशियों की गति द्वारा होता है।
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें ऊर्जा का हस्तान्तरण वायु व जलराशियों की गति द्वारा होता है। [/read]

48. सौर-प्रकाश को वायुमण्डल की पारदर्शक मोटी परत से गुजरते समय उनके साथ निम्न में से कौन-सी क्रिया होती है?

[A] प्रकीर्णन
[B] अवशोषण
[C] परावर्तन
[D] इनमें से सभी

[read more] [D] इनमें से सभी [/read]

49. निम्न कथनों पर विचार कीजिए:

कथन (A): समताप रेखाएं आपस में समानान्तर नहीं होतीं।

कारण (R): पृथ्वी पर तापमान की भिन्नता व्यवस्थित नहीं होती।

कूट:

[A] A सत्य है R असत्य है
[B] A तथा R दोनों असत्य हैं
[C] R सत्य है A असत्य है
[D] A तथा R दोनों सत्य हैं

[read more] [D] A तथा R दोनों सत्य हैं [/read]

50. तापक्रम विलोमता का अर्थ है?

[A] बढ़ती ऊंचाई के साथ घटता तापक्रम
[B] बढ़ती ऊंचाई के साथ बढ़ता तापमान
[C] बढ़ती ऊंचाई के साथ स्थिर तापमान
[D] बढ़ती ऊंचाई के साथ तापमान में घट-बढ़

[read more] [B] बढ़ती ऊंचाई के साथ बढ़ता तापमान [/read]

51. ग्रीष्म एवं शीत ऋतु में समताप रेखाएं अधिक उत्तर या दक्षिण की तरफ झुकी मिली हैं?

[A] एशियाई भूखण्ड पर
[B] आस्ट्रेलिया में
[C] अटलाण्टिक महासागर पर
[D] हिन्द महासागर पर

[read more] [A] एशियाई भूखण्ड पर [/read]

52. आइसोहेल रेखाओं द्वारा क्या प्रदर्शित किया जाता है?

[A] समान वर्षा
[B] समान हिमपात
[C] समान ऊंचाई
[D] समान धूप

[read more] [D] समान धूप [/read]

53. अधिक मात्रा में सूर्यातप की प्राप्ति के बावजूद भूमध्य रेखीय क्षेत्र उपोष्ण क्षेत्रों की अपेक्षा ठण्डे रहते हैं:

[A] अधिक ऊंचाई के कारण
[B] ठण्डी समुद्री धाराओं के करण
[C] मेघमय आकाश के कारण
[D] उपर्युक्त सभी कारणों से

[read more] [C] मेघमय आकाश के कारण [/read]

54. सर्वाधिक मात्रा में सूर्यातप प्राप्त करते हैं:

[A] भूमध्य रेखीय क्षेत्र
[B] उपोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र
[C] शीत क्षेत्र
[D] समशीतोष्ण क्षेत्र

[read more] [B] उपोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र [/read]

55. उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे गर्म महीना होता है:

[A] जून
[B] जुलाई
[C] जनवरी
[D] दिसंबर

[read more] [B] जुलाई [/read]

56. सौर ऊर्जा की परावर्तित मात्रा को कहते हैं:

[A] एल्बिडो
[B] हरित गृह प्रभाव
[C] सौर ऊष्मांक
[D] तापान्तर

[read more] [A] एल्बिडो [/read]

57. निम्नांकित में से सबसे कम एल्बिडो वाली सतह हैं:

[A] हिमनद
[B] चीड़ के वन
[C] दोमट मिट्टी
[D] काली मिट्टी

[read more] [D] काली मिट्टी [/read]

58. इटली व एड्रियाटिक सागरतट पर चलने वाली शीतल व शुष्क पवन का नाम है:

[A] खमसिन
[B] फोहन
[C] बोरा
[D] हरमट्टान

[read more] [C] बोरा [/read]

59. जो पवनें अश्व अक्षांशों से पश्चिमी यूरोप की ओर प्रवाहित होती हैं उनका नाम है:

[A] उ.-पू. व्यापारिक पवनें
[B] पछुआ पवनें
[C] उष्ण चक्रवातीय पवनें
[D] ध्रुवीय पवनें

[read more] [B] पछुआ पवनें [/read]

60. पछुआ पवनों के मार्ग में स्थित स्थल भागों पर वर्ष भर वर्षा होती है:

[A] यहां पर ध्रुवीय पवनों का प्रभाव रहता है
[B] इन पवनों से वर्ष भर सागर से स्थल की ओर बहते समय चक्रवात बनने से भूमि पर व्यापक वर्षा होती है
[C] यहां की पवनें उपोष्ण हैं
[D] पवनें पूर्व की ओर अपनी गति व दिशा बदलती हैं

[read more] [B] इन पवनों से वर्ष भर सागर से स्थल की ओर बहते समय चक्रवात बनने से भूमि पर व्यापक वर्षा होती है [/read]

61. भूमध्य सागरीय जलवायु प्रदेशों में शीतकाल में ही पछुआ पवनों से वर्षा होती है:

[A] भूमध्य सागरीय प्रदेशों का विस्तार विश्व में सर्वत्र है
[B] यहां पर सूर्य तिरछा चमकने से पवनें अनियमित चलती हैं
[C] शीतकाल में ग्रहीय पवन पेटियों के विषुवत् रेखा की ओर खिसकने से यहां शीत ऋतु में ही पछुआ पवनें चलती हैं
[D] यहां रुक-रुक कर पछुआ पवनें अपना विस्तार करती हैं

[read more] [C] शीतकाल में ग्रहीय पवन पेटियों के विषुवत् रेखा की ओर खिसकने से यहां शीत ऋतु में ही पछुआ पवनें चलती हैं [/read]

62. प्रति व्यापारिक पवनें कहते हैं:

[A] भूतल के निकट व्यापारिक पवनों से प्रतिकूल पवनें
[B] यह पछुआ पवनें हैं
[C] यह ध्रुवीय पवनें हैं
[D] यह ऊपरी विक्षोभमण्डल में व्यापारिक पवनों के क्षेत्रों में उनसे प्रतिकूल दिशा में चलने वाली पवनें हैं

[read more] [D] यह ऊपरी विक्षोभमण्डल में व्यापारिक पवनों के क्षेत्रों में उनसे प्रतिकूल दिशा में चलने वाली पवनें हैं [/read]

63. स्थल एवं जल समीर के चलने का मुख्य कारण है:

[A] पृथ्वी की घूर्णन गति
[B] पृथ्वी की परिक्रमण गति
[C] सागर व स्थल की सापेक्ष दूरी
[D] सागर तल पर रात्रि में एवं स्थल पर मध्याह्न पश्चात् निम्न दाब का विकास

[read more] [D] सागर तल पर रात्रि में एवं स्थल पर मध्याह्न पश्चात् निम्न दाब का विकास [/read]

64. पवनों की दिशा निर्धारण के दो प्रमुख कारक हैं:

[A] पृथ्वी की दैनिक गति एवं वायुदाब प्रवणता (ढाल क्रम)
[B] पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा एवं तापमान
[C] वायुदाब पेटियाँ एवं उनका विस्तार स्वरूप
[D] सभी सत्य हैं

[read more] [A] पृथ्वी की दैनिक गति एवं वायुदाब प्रवणता (ढाल क्रम) [/read]

65. कौन-सी पवनें हल्की व न्यून दाब वाली होती हैं:

[A] ठण्डी व शुष्क
[B] उष्ण व संतृप्त
[C] उष्ण व शुष्क
[D] ध्रुवीय पवनें

[read more] [C] उष्ण व शुष्क [/read]

66. गति जनित वायुदाब पेटियों के नाम बताइए:

[A] उपोष्ण उच्च वायुदाब एवं उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ
[B] ध्रुवीय उच्चदाब एवं उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ
[C] विषुवत् रेखीय व ध्रुवीय पेटियाँ
[D] सभी असत्य हैं

[read more] [A] उपोष्ण उच्च वायुदाब एवं उपध्रुवीय निम्न वायुदाब पेटियाँ [/read]

67. सामान्यतः पवनों की दिशा का रुख रहता है:

[A] निम्न वायुदाब से उच्च वायुदाब की ओर
[B] स्थल से जल की ओर
[C] सागर से स्थल की ओर
[D] उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर

[read more] [D] उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर [/read]

68. अश्व अक्षांशों से विषुवत् रेखा की ओर प्रवाहित पवनों का नाम है:

[A] ध्रुवीय पवनें
[B] व्यापारिक पवनें
[C] मानसूनी पवनें
[D] स्थानीय पवनें

[read more] [B] व्यापारिक पवनें [/read]

69. उत्तरी गोलार्द्ध की पछुआ पवनों की दिशा है:

[A] दक्षिण-पूर्व
[B] उत्तर-पश्चिम
[C] उत्तर-पूर्व
[D] दक्षिण-पश्चिम

[read more] [D] दक्षिण-पश्चिम [/read] 

70. ताप जनित पेटियों के नाम बताइए:

[A] ध्रुवीय एवं उपध्रुवीय वायुदाब पेटियाँ
[B] उपध्रुवीय व शीतोष्ण पेटियाँ
[C] विषुवत् रेखीय निम्नदाब एवं ध्रुवीय उच्चदाब पेटियाँ
[D] उपध्रुवीय व विषुवत् रेखीय पेटियाँ

[read more] [C] विषुवत् रेखीय निम्नदाब एवं ध्रुवीय उच्चदाब पेटियाँ [/read]

71. आदर्श मानसूनी दशाएं पाई जाती हैं:

[A] पूर्वी एशिया में
[B] दक्षिणी एशिया में
[C] पूर्वी संयुक्त राज्य में
[D] द.-पू. आस्ट्रेलिया में

[read more] [B] दक्षिणी एशिया में [/read] 

72. दक्षिणी गोलार्द्ध की पछुआ पवनों के विशेष तीव्र गति से चलने का कारण है: 

[A] सर्वत्र सागर तल की अधिकता एवं पर्वतीय धरातल का अभाव
[B] हिमशिलाओं की अधिकता
[C] ध्रुवीय पवनों से सीधा सम्पर्क
[D] हिमाच्छादित अण्टार्कटिका की उपस्थिति

[read more] [A] सर्वत्र सागर तल की अधिकता एवं पर्वतीय धरातल का अभाव [/read]

73. वायुदाब प्रायः सर्वाधिक होता है जब वायु होती है:

[A] ठण्डी तथा नम
[B] ठण्डी तथा शुष्क
[C] उष्ण तथा शुष्क
[D] उष्ण तथा नम

[read more] [A] ठण्डी तथा नम [/read]

74. भूमध्य रेखा के समीपवर्ती क्षेत्र में स्थित निम्न वायुदाब की पेटी को किस नाम से जाना जाता है:

[A] चक्रवात की आंख
[B] संवहनीय गर्त
[C] डोलड्रम
[D] उपकटिबन्धीय निम्न वायुदाब पेटी

[read more] [C] डोलड्रम [/read]

75. जापान, फिलीपीन्स व चीन में चलने वाले उष्ण कटिबंधीय चक्रवात को कहते हैं?

[A] टारनेडो
[B] हरिकेन
[C] टाइफून
[D] थंडर स्टोर्म

[read more] [C] टाइफून [/read]

76. समुद्री हवा चलती है:

[A] रात्रि को भूमि से सागर की ओर
[B] रात्रि को सागर से भूमि की ओर
[C] दिन को सागर से भूमि की ओर
[D] दिन को भूमि से सागर की ओर

[read more] [C] दिन को सागर से भूमि की ओर [/read]

77. सूची 1 को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

सूची I              सूची II

अ. शान्त मेखला  1. जी. जी. कोरिऑलिस

ब. विक्षेप बल      2. डॉक्टर

स. गरजती चालीसा 3. विषुवत रेखीय पछुआ पवन

द. हरमट्टान     4. पछुआ पवन

कूट : अ ब स द 

[A]  4 2 3 1
[B]  2 3 1 4
[C]  3 1 4 2
[D]  1 4 2 3

[read more] [C]  3 1 4 2 [/read]

78. पूर्वी ईरान व अफगानिस्तान में कौन-सी पवनें चलती हैं:

[A] चिनूक
[B] हरमट्टान
[C] ब्रिक फील्डर
[D] सीस्टान

[read more] [D] सीस्टान [/read]

79. विली-विली (Willy-Willy) किस प्रकार के तूफान हैं:

[A] ध्रुवीय
[B] समशीतोष्ण कटिबन्धीय
[C] शीतोष्ण कटिबन्धीय
[D] उष्ण कटिबन्धीय

[read more] [D] उष्ण कटिबन्धीय [/read] 

80. निम्न में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है:

[A] सिमूम- थार रेगिस्तान
[B] फॉन- फ्रांस
[C] हरमट्टान- सहारा
[D] गिबिली-लीबिया

[read more] [A] सिमूम- थार रेगिस्तान [/read]

81. चीन में सर्वाधिक टाइफून किन महीनों में आते हैं:

[A] जनवरी से मार्च
[B] मार्च से जून
[C] जुलाई से नवम्बर
[D] नवम्बर से जनवरी

[read more] [C] जुलाई से नवम्बर [/read]

82. निम्न में से कौन-सी स्थायी पवनों का उदाहरण है:

[A] मानसून
[B] घाटी एवं पर्वत समीर
[C] व्यापारिक
[D] सागरीय एवं स्थल समीर

[read more] [C] व्यापारिक [/read]

83. न्यूजीलैण्ड में उच्च पर्वतीय क्षेत्रों से उतरने वाली गर्म, शुष्क एवं धूल भरी स्थानीय हवा निम्न में से किस नाम से जानी जाती है:

[A] ब्रिक फील्डर
[B] नार्वेस्टर
[C] टैमोण्टेन
[D] साण्टा अना

[read more] [B] नार्वेस्टर [/read]

84. निम्न में से कौन-सी ठण्डी स्थानीय हवा नहीं है:

[A] मिस्ट्रल
[B] खमसिन
[C] बोरा
[D] ब्लिजार्ड

[read more] [B] खमसिन [/read]

85. ब्यूफोर्ट स्केल पर निम्न में से क्या दर्शाया जाता है:

[A] भूकम्पीय तरंगों की गति
[B] बहते हुए जल की गति
[C] पवन की गति
[D] इनमें से सभी

[read more] [C] पवन की गति [/read]

86. घाटी समीर (Valley Breeze) कब प्रवाहित होती है:

[A] रात के समय
[B] ग्रीष्मकाल में
[C] दिन के समय
[D] शीतकाल में

[read more] [C] दिन के समय [/read]

87. यूरोप में जरा पर्वत से जेनेवा झील की तरफ रात्रि में चलने वाली शीतल एवं शुष्क पवन को किस नाम से जाना जाता है:

[A] तालविण्ड
[B] सौलेनो
[C] मिस्ट्रल
[D] जोरान

[read more] [D] जोरान [/read]

88. अर्जेण्टीना के (पम्पास क्षेत्र में उरुग्वे की ओर से प्रचण्ड वेग से चलने वाली ठण्डी हवाओं को क्या कहा जाता है:

[A] टपीरो
[B] हरमट्टान
[C] काराबुरान
[D] पैम्पीरो

[read more] [D] पैम्पीरो [/read]

89. सं. रा. अमेरिका के पश्चिमी तट से प्रारम्भ होकर रॉकी पर्वत को पार करके उसके नीचे उतरने वाली गर्म एवं शुष्क हवा किस नाम से जानी जाती है:

[A] फॉन
[B] नार्दन
[C] चिनूक
[D] साण्टा अना

[read more] [C] चिनूक [/read]

90. विषुवत्-शान्त मण्डल (doldrums) का तात्पर्य है:

[A] विषुवत् रेखा के निकट शान्त व हल्की पवनों की एक पट्टी (belt)
[B] प्रशान्त महासागर में एक विशेष क्षेत्र
[C] एक प्रकार की महासागरीय धारा
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] विषुवत् रेखा के निकट शान्त व हल्की पवनों की एक पट्टी (belt) [/read] 

91. निम्न में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

[A] गरजता चालीसा- 40° से 50° द. अक्षांश
[B] प्रचण्ड प्रचासा- 50° द. अक्षांश के पास
[C] शान्त पेटी- भूमध्य रेखा के दोनों ओर 5° अक्षांश तक
[D] चीखता साठा- 60° उत्तरी अक्षांश के पास

[read more] [D] चीखता साठा- 60° उत्तरी अक्षांश के पास [/read]

92. निम्नांकित में से कौनसा युग्म सुमेलित नहीं है?

[A] चिनूक- उ. अमेरिका
[B] हरमट्टान- सहारा रेगिस्तान
[C] फोहन- स्विट्जरलैण्ड
[D] ब्रिक फील्डर- चिली

[read more] [D] ब्रिक फील्डर- चिली [/read]

93. निम्न में से कौन सुमेलित नहीं है?

[A] खमसिन- मिस्र
[B] चिनूक- चीन
[C] सिरोक्को- इटली
[D] गिबिली- लीबिया 

[read more] [B] चिनूक- चीन [/read]

94. चिनूक निम्नलिखित में से क्या है?

[A] स्थानीय हवा
[B] सनातनी हवा
[C] स्थायी हवा
[D] महासागरीय जलधारा

[read more] [A] स्थानीय हवा [/read]

95. मध्य अमेरिका के प्रशान्त तट पर ग्रीष्मकाल में दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने वाली तीव्र मानसून प्रकार की हवा किस नाम से जानी जाती है?

[A] चिनूक
[B] टैम्पोरल्स
[C] लिजार्ड
[D] साण्टा अना

[read more] [B] टैम्पोरल्स [/read]

96. वे नियमित हवाएं जो कि ‘गरजता चालीसा’, ‘प्रचण्ड पचासा’ तथा ‘चीखता साठा’ के उपनाम से जानी जाती हैं, निम्न में से किस प्रकार की हवाएं हैं?

[A] ध्रुवीय
[B] चक्रवातीय
[C] पछुआ
[D] व्यापारिक

[read more] [C] पछुआ [/read]

97. रॉकी पर्वत श्रेणी के पूर्वी ढालों पर उतरने वाली हवा को सं. रा. अ. और कनाडा में कहा जाता है?

[A] सिरोक्को
[B] खमसिन
[C] चिनूक
[D] हरिकेन

[read more] [C] चिनूक [/read] 

98. व्यापारिक हवाएं किन अक्षांशों से किन अक्षांशों की ओर बहती है?

[A] विषुवत् रेखा से उष्ण कटिबन्ध की ओर
[B] उष्ण कटिबन्ध से ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर
[C] अश्व अक्षांशों से विषुवत् रेखा की ओर
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [C] अश्व अक्षांशों से विषुवत् रेखा की ओर [/read]

99. व्यापारिक हवाएं होती हैं?

[A] नियमित व स्थिर
[B] अंशतः अनियमित
[C] अनियमित
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] नियमित व स्थिर [/read]

100. निम्न में से कौन-सी ठण्डी स्थानीय हवा नहीं है?

[A] मिस्ट्रल
[B] खमसिन
[C] बोरा
[D] ब्लिजार्ड

[read more] [B] खमसिन [/read]

101. मानसून शब्द का तात्पर्य है?

[A] हवाओं का सदैव एक ही ओर को बहना
[B] हवाओं का बहुत तेजी से बहना
[C] हवाओं का बहुत धीमी गति से बहना
[D] हवाओं के रुख का बदलना

[read more] [D] हवाओं के रुख का बदलना [/read]

102. वे उत्तर-पश्चिम प्रति-व्यापारिक हवाएं जो 40° से 50° अक्षांश के मध्य बहती हैं, कहलाती हैं?

[A] गर्जदार पवनें
[B] डोलड्रम
[C] तूफान
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] गर्जदार पवनें [/read]

103. 30° उत्तरी और 30° दक्षिणी अक्षांश के बीच उष्ण प्रदेश में स्थित हवाएं जो भूमध्य रेखा की ओर बहती हैं, क्या कहलाती हैं?

[A] व्यापारिक हवाएं
[B] तूफानी हवाएं
[C] स्थली हवाएं
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] स्थली हवाएं [/read] 

104. डोलड्रम किस क्षेत्र को कहते हैं?

[A] विषुवत् रेखीय क्षेत्र को
[B] कर्क रेखीय क्षेत्र को
[C] मकर रेखीय क्षेत्र को
[D] 40° उत्तर और दक्षिण अक्षांश वाले क्षेत्र को

[read more] [A] विषुवत् रेखीय क्षेत्र को [/read] 

105. समान वायुदाब वाले स्थानों को नक्शे पर जोड़ती हुई रेखाएं कहलाती हैं?

[A] आइसोबार
[B] इस्मस
[C] आइसोथर्म
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] आइसोबार [/read]

106. यदि बैरोमीटर के पारे में अचानक गिरावट आ जाये तो यह सूचना देता है कि मौसम रहेगा:

[A] आंधी-तूफान भरा
[B] ठण्डा और शान्त
[C] मूसलाधार वर्षा वाला
[D] बहुत गर्म

[read more] [A] आंधी-तूफान भरा [/read]

107. निम्नलिखित युग्मों में कौन सुमेलित नहीं है?

[A] हरिकेन- सं. रा. अमेरिका
[B] टाइफून- चीन
[C] सिरोक्को- आस्ट्रेलिया
[D] मिस्ट्रल- स्पेन

[read more] [C] सिरोक्को- आस्ट्रेलिया [/read]

108. पवन की गति निम्नलिखित में से किस यन्त्र से मापी जाती है?

[A] बैरोमीटर
[B] ऐनीमोमीटर
[C] विण्डवेन
[D] रोटामीटर

[read more] [B] ऐनीमोमीटर [/read]

109. कोरिऑलिस बल (फोर्स) उत्पन्न होता है।

[A] वायुदाब के अन्तर से
[B] ताप के अन्तर से
[C] पृथ्वी के घूर्णन से
[D] उच्चावचीय अवरोध से

[read more] [C] पृथ्वी के घूर्णन से [/read]

110. चिनूक हवाएं रॉकी पर्वत के उनका तापमान किस दर से पूर्वी ढाल पर नीचे उतरती हैं, बढ़ता है?

[A] सामान्य ताप-पतन दर
[B] शुष्क रुद्धोष्म दर
[C] आर्द्र रुद्धोष्म दर
[D] दोनों सामान्य ताप-पतन दर और शुष्क रुद्धोष्म दर

[read more] [B] शुष्क रुद्धोष्म दर [/read]

111. निम्न में से कौन-सी वायु स्विट्जरलैण्ड में उत्तरी आल्प्स के विमुख ढाल पर बहती है:

[A] फॉन
[B] सिरोक्को
[C] मिस्ट्रल
[D] चिनूक

[read more] [A] फॉन [/read]

112. ‘चीखती साठा’ किस तत्व की बोधक है?

[A] उच्च ज्वार
[B] मूसलाधार वर्षा
[C] तड़ित झंझा
[D] उच्चवेगीय पवन

[read more] [D] उच्चवेगीय पवन [/read]

113. सूची 1 और सूची II का सुमेल कीजिए तथा कूट से सही उत्तर चुनिए:

सूची I (हवायें)   सूची II (देश)

अ. चिनूक 1. सं. रा. अमेरिका

ब. सिरोक्को 2. आस्ट्रेलिया

स. ब्रिक फील्डर 3. यूरोप

द. मिस्ट्रल 4. अफ्रीका

कूट: अ ब स द  

[A]   1 4 2 3
[B]   2 3 4 1
[C]   3 2 1 4
[D]   4 1 3 2

[read more] [A]  1 4 2 3 [/read]

114. अन्तर उष्ण कटिबन्धीय अभिसरण क्षेत्र है:

[A] व्यापारिक पवनों का अभिसरण क्षेत्र
[B] संवहन धाराओं से उत्पन्न निम्न वायुदाब का क्षेत्र
[C] डोलड्रम
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [D] उपर्युक्त सभी [/read]

115. अन्तर उष्ण कटिबन्धीय अभिसरण क्षेत्र के उत्तर-दक्षिण स्थानान्तरण से सम्बन्धित मानसूनी वर्षा प्राप्त करने वाले क्षेत्र है:

[A] दक्षिणी-पूर्वी एशिया
[B] अफ्रीका का पश्चिमी तट
[C] आस्ट्रेलिया का उत्तरी तट
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [D] उपर्युक्त सभी [/read]

116. जेट स्ट्रीम के सम्बन्ध में कौन-सा कथन असत्य है?

[A] ये क्षोभ सीमा के समीप प्रवाहित होती है।
[B] इनकी गति 30 मीटर प्रति सेकण्ड से अधिक एवं पथ सर्पिलाकार होता है।
[C] इनके चारों ओर प्रखर उर्ध्वाधर एवं क्षैतिजीय वायु कर्तन पाया जाता है
[D] ये प्रव्य वायुधाराएं हैं

[read more] [D] ये प्रव्य वायुधाराएं हैं [/read]

117. जेट धाराएं निम्न में से किसके स्थानान्तरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं?

[A] संवेग के
[B] ऊष्मा के
[C] आर्द्रता के
[D] इनमें सभी के

[read more] [D] इनमें सभी के [/read]

118. निम्नांकित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

[A] उपोष्ण कटिबन्धीय जेट धारा- 30° अक्षांश
[B] ध्रुवीय वाताग्र जेट धारा- 40 से 60° अक्षांश
[C] उष्ण कटिबन्धीय पूर्वी जेट धारा- 5° से 15° अक्षांश
[D] समतापमण्डलीय उपध्रुवीय जेट धारा- 0° से 5° अक्षांश

[read more] [D] समतापमण्डलीय उपध्रुवीय जेट धारा- 0° से 5° अक्षांश [/read]

119. mTks वायुराशि होती है:

[A] महाद्वीपीय अशान्त वायुराशि
[B] महासागरीय ठण्डी व अशान्त वायुराशि
[C] विशिष्ट लक्षणों वाली महासागरीय उष्णकटिबन्धीय ठण्डी व शान्त वायुराशि
[D] शीतोष्ण प्रदेशों की महासागरीय शीतकालीन वायुराशि 

[read more] [C] विशिष्ट लक्षणों वाली महासागरीय उष्णकटिबन्धीय ठण्डी व शान्त वायुराशि [/read]

120. cT वायुराशि है:

[A] उष्णकटिबन्धीय महाद्वीपीय
[B] उष्णकटिबन्धीय महासागरीय
[C] ध्रुवीय महाद्वीपीय
[D] ध्रुवीय महासागरीय

[read more] [A] उष्णकटिबन्धीय महाद्वीपीय [/read]

121. उष्ण महासागरीय वायुराशियों से कौन-सा मौसम सम्भावित है:

[A] सामान्यतः शीतल मौसम
[B] उष्ण व आर्द्र से तर मौसम
[C] प्रति-चक्रवातीय मौसम
[D] वायु विक्षोभ व वाताग्र के लिए उत्तम

[read more] [B] उष्ण व आर्द्र से तर मौसम [/read]

122. कोई पवन राशि वायुराशि कहलाती है:

[A] जब उसका विशेष विस्तार हो
[B] जब वह सागर से महाद्वीप की ओर फैल जाए
[C] जब विशाल वायुपुंज अति उष्ण, विशेष ठण्डे व महासागरीय तल पर लम्बे समय तक स्थिर रह कर उसके गुण ग्रहण करने लगे होने लगे
[D] जब वायुपुंज में अस्थिरता बढ़ती जाए एवं तेजी से वर्षा होने लगे

[read more] [C] जब विशाल वायुपुंज अति उष्ण, विशेष ठण्डे व महासागरीय तल पर लम्बे समय तक स्थिर रह कर उसके गुण ग्रहण करने लगे होने लगे [/read]

123. वायुराशियों के वर्गीकरण का आधार है:

[A] महासागरीय तल
[B] हिम से ढका प्रदेश
[C] बड़े वायुपुंज में विशिष्ट तापमान एवं नमी की समस्वरूपता
[D] तटीय व पठारी भागों के लक्षण

[read more] [C] बड़े वायुपुंज में विशिष्ट तापमान एवं नमी की समस्वरूपता [/read]

124. गर्त चक्रों (Depressions) या शीतोष्ण चक्रवातों की सामान्य प्रवाह दिशा होती है:

[A] तूफान के स्वरूप के अनुसार किसी भी दिशा में
[B] सामान्यतः व्यापारिक पवनों की दिशा में
[C] अनिश्चित व परिवर्तनशील दिशा में 
[D] पछुआ पवनों की पेटी में पश्चिम से पूर्व व उत्तर-पूर्व की ओर

[read more] [A] तूफान के स्वरूप के अनुसार किसी भी दिशा में [/read]

125 उत्तर-पश्चिमी भारत में प्रवेश करने वाले अधिकांश शीतकालीन चक्रवातों का विकास होता है:

[A] फारस की खाड़ी व पूर्वी भूमध्य सागर में
[B] लाल सागर में
[C] काला सागर में
[D] मृत सागर क्षेत्र में

[read more] [A] फारस की खाड़ी व पूर्वी भूमध्य सागर में [/read]

126. प्रति-चक्रवात अधिकांशतः बनते हैं:

[A] बंगाल की खाड़ी में
[B] उष्ण व शुष्क प्रदेशों में
[C] शीतोष्ण कटिबन्ध में पछुआ हवाओं की पेटी में
[D] भूमध्य सागरीय क्षेत्रों में

[read more] [C] शीतोष्ण कटिबन्ध में पछुआ हवाओं की पेटी में [/read]

127. चक्रवात की आंख (Eye of Cyclone) की सर्वप्रमुख विशेषता कौन-सी है?

[A] सघन कुहरा
[B] कपासी बादल
[C] स्वच्छ नीला आकाश
[D] पक्षाभ बादल

[read more] [C] स्वच्छ नीला आकाश [/read] 

128. ‘टी’ मापक (T-Scale पर निम्न में से किसका मापन किया जाता है:

[A] भूकम्पीय तरंगें
[B] चक्रवातों की शक्ति
[C] पवनों की गति
[D] ज्वालामुखी उद्‌गार से निःसृत पदार्थ

[read more] [B] चक्रवातों की शक्ति [/read]

129. निम्न में से किस हवा में चक्रवातीय गति का अभाव पाया जाता है:

[A] हरिकेन
[B] टारनेडो
[C] पापागयो
[D] टाइफून

[read more] [C] पापागयो [/read] 

130. वायुराशियों का एक-दूसरे की विपरीत दिशा में होने वाला प्रवाह क्या कहलाता है?

[A] अभिसरण
[B] स्थानान्तरणी प्रवाह
[C] अपसरण
[D] विरूपणी प्रवाह

[read more] [C] अपसरण [/read]

131. भारत में प्रति-चक्रवातों की उपस्थिति किस मौसम में पायी जाती है:

[A] शीतकाल में
[B] बसन्त के समय में
[C] ग्रीष्मकाल में
[D] हेमन्त के समय में

[read more] [A] शीतकाल में [/read]

132. ‘टाइफून’ नामक चक्रवात से निम्नलिखित में से कौन-सा क्षेत्र प्रभावित होता है:

[A] आस्ट्रेलिया
[B] चीन सागर
[C] पश्चिमी द्वीप समूह क्षेत्र
[D] इनमें से सभी

[read more] [B] चीन सागर [/read]

133. कम दाब के क्षेत्र में सर्पिलाकार (spiral form) में बहती हुई पवन को कहते हैं:

[A] तूफान (hurricane)
[B] चक्रवात (cyclone)
[C] प्रति-चक्रवात (anti-cyclone)
[D] बवण्डर (tornade)

[read more] [A] तूफान (hurricane) [/read]

134. ‘गर्म सेक्टर’ अवस्थित होता है?

[A] गर्म वाताग्र में
[B] ठण्डे वाताग्र में
[C] गर्म एवं ठण्डे वाताग्र के क्षेत्र में
[D] आक्लूडेड वाताग्र में

[read more] [C] गर्म एवं ठण्डे वाताग्र के क्षेत्र में [/read]

135. सन् 1861 ई. में प्रति-चक्रवात की व्याख्या सर्वप्रथम किस विद्वान ने की:

[A] अल्फ्रेड वेगनर
[B] सर जेम्स जीन्स
[C] फ्रेल्सिस्को गाल्टन
[D] जॉन हेडले

[read more] [C] फ्रेल्सिस्को गाल्टन [/read]

136. ठण्डी तथा भारी वायू द्वारा गर्म एवं हल्की वायु को ऊपर उठा देने से निर्मित वाताग्र क्या कहलाता है?

[A] उष्ण वाताग्र
[B] स्थायी वाताग्र
[C] शीत वाताग्र
[D] अधिविष्ट वाताग्र

[read more] [C] शीत वाताग्र [/read]

137. वह वायुराशि जिसका तापक्रम उसकी गतिशीलता वाली धरातलीय सतह की अपेक्षा अधिक होता है, निम्न में से क्या कहलाती है?

[A] शीत वायुराशि
[B] गर्म वायुराशि
[C] अस्थिर वायुराशि
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] गर्म वायुराशि [/read]

138. उष्णकटिबन्धीय चक्रवातों को आस्ट्रेलिया में किस नाम से जाना जाता है?

[A] टाइफून
[B] दक्षिण बस्टर्स
[C] हरिकेन
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] दक्षिण बस्टर्स [/read] 

139. ‘टारनेडो’ का मुख्य सम्बन्ध है?

[A] उत्तरी अमरीका से
[B] चीन से
[C] उत्तरी यूरोप से
[D] दक्षिण अफ्रीका से

[read more] [A] उत्तरी अमरीका से [/read]

140. ‘गरजता चालीसा’ क्या है?

[A] 40° दक्षिणी अक्षांश की जलधारा
[B] 40° उत्तरी अक्षांश की जलधारा
[C] दक्षिणी गोलार्द्ध में 40° अक्षांश के पास चलने वाली तेज हवाएं
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [C] दक्षिणी गोलार्द्ध में 40° अक्षांश के पास चलने वाली तेज हवाएं [/read]

141. वायुमण्डलीय दाब में तीव्र गिरावट होने से किसके आगमन का संकेत मिलता है?

[A] बहुत अधिक ठण्ड
[B] अच्छा मौसम
[C] वर्षा
[D] तूफान

[read more] [D] तूफान [/read]

142. दो अलग स्वभाव वाली वायुराशियों को अलग करने वाली पेटी को निम्न में से किस नाम से जाना जाता है?

[A] चक्रवात
[B] वाताग्र
[C] वायुराशि विभाजक पेटी
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] वाताग्र [/read]

143. उत्तरी गोलार्द्ध के चक्रवात की वायुदिशा क्या होती है?

[A] दक्षिणावर्त
[B] पश्चिम से पूर्व
[C] वामावर्त
[D] पूर्व से पश्चिम

[read more] [C] वामावर्त [/read]

144. उच्च दवाव वाली हवाएं जो केन्द्र से बाहर की ओर चलती हैं, कहलाती हैं:

[A] प्रति-चक्रवाती
[B] तूफान
[C] दवावपूर्ण हवाएं
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] प्रति-चक्रवाती [/read]

145. चक्रवात का शान्त क्षेत्र कहलाता है?

[A] गर्त
[B] चक्षु
[C] केन्द्र
[D] परिक्षेत्र

[read more] [B] चक्षु [/read]

146. चक्रवात एक प्रकार की वायु भंवर है जिसके केन्द्र में पाया जाता है:

[A] निम्न वायुदाब
[B] समान वायुदाब
[C] उच्च वायुदाब
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] निम्न वायुदाब [/read]

147. विषुवतरेखीय प्रदेशों में निरन्तर भारी वर्षा करने वाले मेघ है:

[A] स्तरी-कपासी
[B] मध्य मेघ
[C] कपासी वर्षी
[D] वर्षी मेघ

[read more] [C] कपासी वर्षी [/read] 

148. ओस किस प्राकृतिक घटना का अच्छा उदाहरण है?

[A] वाष्पीकरण
[B] सूर्य की तिरछी किरणें
[C] संघनन
[D] सूर्य की सीधी किरणेंसूर्य की सीधी किरणें

[read more] [C] संघनन [/read]

149. मौसम कहां सदैव एक-सा रहता है?

[A] विषुवत् रेखा पर
[B] कर्क रेखा पर
[C] मकर रेखा पर
[D] उत्तरी ध्रुव वृत्त पर

[read more] [D] उत्तरी ध्रुव वृत्त पर [/read]

150. सूची 1 को सूची II से सुमेलित कीजिए:

सूची I           सूची II

a. सापेक्ष आर्द्रता- 1. एनिमोमीटर

b. वायु वेग- 2. अल्टीमीटर

c. वायुमण्डलीय दाब- 3. रेन गेज

d. मध्य समुद्रतल से ऊंचाई- 4. साइक्रोमीटर

e. वर्षा       5. एनीरायड बैरोमीटर

कूट : a b c d e

[A]  1 2 3 4 5
[B]  4 1 5 2 3
[C]  5 4 3 2 1
[D]  4 1 3 2 5

[read more] [B]  4 1 5 2 3 [/read]

151. ‘बादलों के फटने’ (Cloud Brust) का क्या तात्पर्य है?

[A] आकाश में बिखरे हुए बादलों की उपस्थिति
[B] कृत्रिम वर्षा की क्रिया
[C] मेघाच्छादित मौसम जिसमें एक लम्बे समय तक सामान्य वर्षा होती रहे
[D] तड़ित झंझा के साथ तीव्र मूसलाधार वर्षा की असामान्य दशा

[read more] [D] तड़ित झंझा के साथ तीव्र मूसलाधार वर्षा की असामान्य दशा [/read]

152. सूची 1 को सूची II से सुमेलित कीजिए :

सूची 1     सूची II

a. विनाशकारी वर्षा  (1) मानसूनी

b. तीव्र बौछारों वाली वर्षा  (2) चक्रवातीय

c. लगभग पूर्णतः शान्त वर्षा (3) पर्वतीय

d. तीव्र हवाओं के साथ होने वाली वर्षा (4) संवहनीय

कूट:  a b c d

[A]  2 4 1 3
[B]  1 2 3 4
[C]  4 3 2 1
[D]  1 3 4 2

[read more] [A]  2 4 1 3 [/read]

153. स्तरी-कपासी बादल निम्न में से किस प्रकार के बादल हैं:

[A] उच्च बादल
[B] निम्न बादल
[C] मध्यम बादल
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] निम्न बादल [/read]

154. यदि वायु का तापमान बढ़ता है तो उसकी जलवाष्ण ग्रहण करने की क्षमता पर क्या प्रभाव पड़ता है:

[A] घटती है
[B] बढ़ती है
[C] पहले घटती है पुनः बढ़ती है
[D] कोई प्रभाव नहीं पड़ता

[read more] [B] बढ़ती है [/read]

155. भूमध्यरेखीय प्रदेशों में होने वाली वर्षा निम्नलिखित में से किस प्रकार से सम्बन्धित है:

[A] पर्वतीय वर्षा
[B] संवहनीय वर्षा
[C] चक्रवातीय वर्षा
[D] इनमें से सभी

[read more] [B] संवहनीय वर्षा [/read]

156. अति सघन कुहरे (Dense fog) के समय दृश्यता कितनी रहती है? 

[A] 1 किमी से अधिक
[B] 330 से 550 मीटर
[C] 550 मीटर से 1 किमी
[D] 330 मीटर से भी कम

[read more] [D] 330 मीटर से भी कम [/read]

157. निम्नलिखित में से कौन-सा बादल अत्यधिक तीव्र वर्षा के लिए उत्तरदायी होता है?

[A] कपासी (Cumulus)
[B] कपासी-वर्षी (Cumulo-nimbus)
[C] वर्षा-स्तरी (Nimbo-stratus)
[D] पक्षाभ-स्तरी (Cirro-stratus)

[read more] [C] वर्षा-स्तरी (Nimbo-stratus) [/read]

158. आकाश में सर्वाधिक ऊंचाई पर बनने वाले बादल निम्न में से हैं:

[A] कपासी- मध्य
[B] स्तरी- कपासी
[C] पक्षाभ- स्तरी
[D] वर्षा- स्तरी

[read more] [C] पक्षाभ- स्तरी [/read]

159. वायुमण्डल की कौन-सी प्रक्रिया ठोस पदार्थों के अभाव में नहीं हो सकती है?

[A] संतृप्तीकरण
[B] वाष्पीकरण
[C] संघनन
[D] इनमें से सभी

[read more] [C] संघनन [/read] 

160. निम्न में से कौन वायुमण्डल में आर्द्रताग्राही नाभिक की भूमिका निभाता है:

[A] धूल के कण
[B] धुएं के कण
[C] समुद्री नमक के कण
[D] इनमें से सभी

[read more] [D] इनमें से सभी [/read]

161. निम्नांकित में से किस प्राकृतिक घटना में दृश्यता सबसे कम होती है?

[A] धुआं
[B] ओस
[C] कोहरा
[D] कुहासा

[read more] [C] कोहरा [/read]

162. नफोमीटर से निम्न में से किसका मापन किया जाता है?

[A] वर्षा की मात्रा
[B] बादलों की दिशा एवं गति
[C] सागरीय लवणता की मात्रा
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [B] बादलों की दिशा एवं गति [/read]

163. निम्न में से कौन उच्च बादलों में शामिल नहीं किया जाता है?

[A] पक्षाभ
[B] स्तरी-कपासी
[C] पक्षाभ-स्तरी
[D] पक्षाभ-कपासी

[read more] [B] स्तरी-कपासी [/read]

164. जल के जलवाष्प में परिवर्तित होने की क्रिया निम्न में से क्या कहलाती है?

[A] अवक्षेपण
[B] संतृप्तीकरण
[C] संघनन
[D] वाष्पीकरण

[read more] [D] वाष्पीकरण [/read]

165. निम्न में से किसे मोती की माता कहा जाता है?

[A] पक्षाभ बादल
[B] कपासी बादल
[C] स्तरी बादल
[D] वर्षा-स्तरी बादल

[read more] [A] पक्षाभ बादल [/read]

166. सापेक्षिक आर्द्रता को निम्नलिखित में से किस ग्राफ पर दिखाया जाता है?

[A] बैरोग्राफ
[B] क्लाइमोग्राफ
[C] हीदरग्राफ
[D] हिप्सोमेट्रिक ग्राफ

[read more] [B] क्लाइमोग्राफ [/read] 

167. सांध्यकालीन सर्वाधिक रंगीन मेघ हैं:

[A] कपासी
[B] पक्षाभ
[C] स्तरी
[D] बर्फीले

[read more] [A] कपासी [/read]

168. वायु में स्थित नमी के अंश को कहते हैं?

[A] वर्षा
[B] आर्द्रता
[C] बादल
[D] ओस

[read more] [B] आर्द्रता [/read]

169. किसी निश्चित तापमान पर हवा की अधिकतम नमी धारण करने की क्षमता तथा उसमें मौजूद आर्द्रता की वास्तविक मात्रा के अनुपात को कहते हैं?

[A] निरपेक्ष आर्द्रता
[B] विशिष्ट आर्द्रता
[C] सापेक्ष आर्द्रता
[D] ओसांक

[read more] [C] सापेक्ष आर्द्रता [/read]

170. समवृष्टि रेखा मानचित्र जिसके वितरण को दर्शाता है, वह है:

[A] ऊंचाई
[B] दूरी
[C] वर्षा
[D] तापक्रम

[read more] [C] वर्षा [/read]

171. शीतकाल में वर्षा एवं शुष्क ग्रीष्मकाल निम्न में से किस जलवायु प्रदेश की प्रमुख विशेषता है:

[A] मानसूनी
[B] पश्चिमी यूरोप तुल्य
[C] सवाना
[D] भूमध्यसागरीय

[read more] [D] भूमध्यसागरीय [/read]

172. कोपेन के जलवायु वर्गीकरण का आधार है:

[A] वनस्पति एवं तापमान
[B] तापमान एवं वर्षा
[C] वर्षण प्रभाविता
[D] तापीय दक्षता

[read more] [B] तापमान एवं वर्षा [/read] 

173. भूमध्यरेखीय एवं उष्णकटिबन्धीय जलवायु प्रदेशों में कौन-सी विशेषता पायी जाती है:

[A] अधिक वार्षिक तापान्तर
[B] कम वार्षिक तापान्तर
[C] वर्ष भर उच्च तापमान
[D] B एवं C दोनों

[read more] [D] B एवं C दोनों [/read] 

174. निम्न में से कौन-सा देश मानसूनी क्षेत्र के अन्तर्गत नहीं आता है:

[A] फिलीपीन्स
[B] केन्या
[C] थाईलैण्ड
[D] भारत

[read more] [B] केन्या [/read]

175. कांगो नदी घाटी में किस प्रकार की जलवायु पायी जाती है:

[A] मानसूनी
[B] भूमध्यरेखीय
[C] भूमध्यसागरीय
[D] उपध्रुवीय

[read more] [C] भूमध्यसागरीय [/read]

176. निम्नलिखित में से किस जलवायु प्रदेश में सबसे कम तापान्तर पाया जाता है:

[A] भूमध्यरेखीय
[B] भूमध्यसागरीय
[C] मानसूनी
[D] मध्य महाद्वीपीय

[read more] [A] भूमध्यरेखीय [/read]

177. कौन-सा देश भूमध्यरेखीय जलवायु की पेटी में स्थित नहीं है:

[A] श्रीलंका
[B] इण्डोनेशिया
[C] मलेशिया
[D] ताइवान

[read more] [D] ताइवान [/read]

178. कोरिया तथा उत्तरी जापान में कौन-सी जलवायु पाई जाती है:

[A] सेण्ट लॉरेन्स तुल्य
[B] टैगा तुल्य
[C] प. यूरोप तुल्य
[D] चीन तुल्य

[read more] [A] सेण्ट लॉरेन्स तुल्य [/read] 

179. चीन तुल्य जलवायु पाई जाती है:

[A] महाद्वीपों के पूर्वी भागों में
[B] महाद्वीपों के पश्चिमी भागों में
[C] महाद्वीपों के भीतरी भागों में
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] महाद्वीपों के पूर्वी भागों में [/read]

180. आस्ट्रेलिया के दक्षिणी-पश्चिमी तटीय क्षेत्र में पायी जाती है:

[A] सेण्ट लॉरेन्स तुल्य जलवायु
[B] सवाना तुल्य जलवायु
[C] सूडान तुल्य जलवायु
[D] भूमध्यसागरीय जलवायु

[read more] [D] भूमध्यसागरीय जलवायु [/read]

181. भूमध्यसागरीय या रूमसागरीय जलवायु निम्न में से कहां पर नहीं पायी जाती है:

[A] थाइलैण्ड
[B] अल्जीरिया
[C] मध्य चिली
[D] पश्चिमी इजरायल

[read more] [A] थाइलैण्ड [/read] 

182. सवाना तुल्य जलवायु को कहा जाता है:

[A] सेण्ट लॉरेन्स तुल्य
[B] मानसून तुल्य
[C] सूडान तुल्य
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] सूडान तुल्य [/read]

183. निम्न में से कौन-सा क्षेत्र मानसून द्वारा सर्वाधिक प्रभावित होता है:

[A] आस्ट्रेलिया का उत्तरी भाग
[B] कैलिफोर्निया तट
[C] चिली
[D] गिनी तट

[read more] [A] आस्ट्रेलिया का उत्तरी भाग [/read]

184. भूमध्यसागरीय जलवायु के अन्तर्गत कौन-सा नगर स्थित है।

[A] ग्लासगो
[B] लिस्बन
[C] कीव
[D] मानचेस्टर

[read more] [B] लिस्बन [/read]

185. सी. डब्ल्यू, थार्नध्वेट ने दक्षिणी गंगा मैदान की जलवायु के प्रदर्शन हेतु निम्न में से किस एक जलवायु प्रतीक का प्रयोग किया है:

[A] AA’r
[B] BA’w
[C] CA’w
[D] CB’w

[read more] [D] CB’w [/read]

186. Bw जलवायु प्रतिनिधित्व करती है?

[A] अर्द्धशुष्क जलवायु का
[B] भूमध्यसागरीय जलवायु का
[C] शुष्क जलवायु का
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] शुष्क जलवायु का [/read]

187. निम्न में से कौन-सा जलवायु प्रदेश फलोद्यान तथा शराब के निर्माण के लिए विश्वविख्यात है?

[A] मानसूनी
[B] भूमध्यरेखीय
[C] भूमध्यसागरीय
[D] स्टेपी

[read more] [C] भूमध्यसागरीय [/read]

188. कहां भूमध्यसागरीय जलवायु नहीं मिलती है?

[A] पर्थ
[B] केपटाउन
[C] कैलिफोर्निया
[D] बोलीविया

[read more] [D] बोलीविया [/read]

189. महाद्वीपों के पश्चिमी किनारों पर 48° से 60° अक्षांशों के बीच कौन-सी जलवायु पायी जाती है?

[A] पश्चिमी यूरोप तुल्य
[B] भूमध्यसागरीय
[C] शीत समुद्री
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] भूमध्यसागरीय [/read] 

190. भूमध्यसागरीय प्रदेशों में होने वाली वर्षा निम्नलिखित में से किस प्रकार से सम्बन्धित है?

[A] पर्वतीय वर्षा
[B] चक्रवातीय वर्षा
[C] संवाहनीय वर्षा
[D] इनमें से सभी

[read more] [C] संवाहनीय वर्षा [/read]

191. शीतोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्रों में सामान्यतया किस प्रकार की वर्षा होती है?

[A] संवाहनिक
[B] चक्रवातीय 
[C] पर्वतीय
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] चक्रवातीय  [/read]

192. उत्तरी आस्ट्रेलिया में निम्न में से किस प्रकार की जलवायु पायी जाती है?

[A] मानसूनी
[B] चीन तुल्य
[C] सवाना तुल्य
[D] पश्चिमी यूरोप तुल्य

[read more] [A] मानसूनी [/read]

193. सेनफ्रांसिस्को, सेण्टियागो, केपटाउन तथा पर्थ में समानता पायी जाती है:

[A] औद्योगीकरण की
[B] कृषि उत्पादन की
[C] जनसंख्या घनत्व की
[D] जलवायु की

[read more] [D] जलवायु की [/read]

194. निम्नलिखित में से किस जलवायु की उत्पत्ति स्थायी हवाओं के क्षेत्र में स्थानान्तरण के कारण होती है?

[A] मानसूनी जलवायु
[B] विषुवत् रेखीय जलवायु
[C] भूमध्यसागरीय जलवायु
[D] पश्चिमी यूरोपियन तुल्य जलवायु

[read more] [C] भूमध्यसागरीय जलवायु [/read]

195. कोपेन की ‘Cs’ जलवायु मिलती है:

[A] भूमध्यसागरीय क्षेत्र में
[B] मध्य अक्षांशीय मरुस्थलों में
[C] मध्य अक्षांशीय कोणधारी वनों में
[D] उपोष्ण मरुस्थलों में

[read more] [A] भूमध्यसागरीय क्षेत्र में [/read] 

196. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] उपोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र में महाद्वीप के पूर्वी तट पर मरुस्थल नहीं पाया जाता है
[B] उपोष्ण कटिबन्धीय का महासागरीय पूर्वी तट काफी आर्द्र होता है।
[C] उपोष्ण कटिवन्धीय पश्चिमी महाद्वीपीय तट आर्द्र होता है।
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [A] उपोष्ण कटिबन्धीय क्षेत्र में महाद्वीप के पूर्वी तट पर मरुस्थल नहीं पाया जाता है [/read]

197. भूमध्यसागरीय प्रदेशों में समान जलवायु पाई जाती है वहां अन्य किन समान विशिष्टताओं की अपेक्षा की जाती है?

[A] भूआकार एवं जल आकृतियाँ
[B] प्राकृतिक वनस्पति एवं मृदाएं
[C] जनसंख्या वितरण एवं घनत्व
[D] यातायात एवं दूरसंचार

[read more] [B] प्राकृतिक वनस्पति एवं मृदाएं [/read]

198. भूमध्यसागरीय जलवायु की प्रमुख विशेषता निम्ननिखित में से कौन-सी है?

[A] वार्षिक तापान्तर की अधिकता
[B] शुष्क शीत ऋतु
[C] आर्द्र ग्रीष्म ऋतु
[D] आर्द्र शीत ऋतु

[read more] [D] आर्द्र शीत ऋतु [/read]

199. निम्नलिखित में से किन क्षेत्रों में टुण्ड्रा प्रदेश का विस्तार पाया जाता है?

[A] अलास्का, ग्रीनलैण्ड, आइसलैण्ड, उत्तरी साइबेरिया
[B] फाकलैण्ड, जायरे, ब्राजील, आस्ट्रेलिया
[C] फाकलैण्ड, आइसलैण्ड, अलास्का, न्यूजीलैण्ड
[D] कनाडा, नार्वे, न्यूजीलैण्ड, जापान

[read more] [A] अलास्का, ग्रीनलैण्ड, आइसलैण्ड, उत्तरी साइबेरिया [/read] 

200. महाद्वीपीयता के विषय में निम्न कथनों का अध्ययन कीजिए, तथा नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए:

1. यह समुद्र से बढ़ती दूरी के साथ घटती है।

2. यह समुद्र की बढ़ती दूरी के साथ बढ़ती है।

3. इसमें उच्च वार्षिक तापान्तर मिलता है।

4. इसमें जाड़े में अधिकतम वर्षा होती है।

कूट :

[A] 1 तथा 2 सही हैं
[B] 2 तथा 3 सही हैं
[C] 3 तथा 4 सही हैं
[D] 2 तथा 4 सही हैं

[read more] [B] 2 तथा 3 सही हैं [/read] 

201. निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में शीतोष्ण कटिबन्धीय चक्रवातों से वर्ष भर वर्षा प्राप्त होती है?

[A] मानसूनी जलवायु
[B] पश्चिमी समुद्री जलवायु
[C] भूमध्यसागरीय जलवायु
[D] भूमध्यरेखीय जलवायु

[read more] [B] पश्चिमी समुद्री जलवायु [/read]

202 सेनफ्रांसिस्को, सेण्टियागो, केपटाउन तथा पर्थ में कौन-सा समान सूत्र है?

[A] प्रजातान्त्रिक शासन व्यवस्था
[B] भूमध्यसागरीय जलवायु
[C] औद्योगिक आर्थिक आधार
[D] जनसंख्या की स्पैनिश वंश परम्परा

[read more] [B] भूमध्यसागरीय जलवायु [/read] 

203. थार्नथ्वेट के जलवायु वर्गीकरण में वर्षण प्रभाविता (P/E) ज्ञात करने के लिए निम्न में से कौन-सा फॉर्मूला प्रयुक्त किया गया है?

[A] P/E = 115 [P/(T-10)]110/9
[B] T/E = 115 [P/(T -10)]10/0
[C] r = 0.44t – 8.5/2
[D] a = 3.94 – r/52

[read more] [A] P/E = 115 [P/(T-10)]110/9 [/read]

204. दक्षिणी अमेरिका का मध्य चिली एक उदाहरण है?

[A] विषुवतरेखीय प्रदेश का
[B] सवाना प्रदेश का
[C] भूमध्यसागरीय प्रदेश का
[D] टैगा प्रदेश का

[read more] [C] भूमध्यसागरीय प्रदेश का [/read]

205. निम्नांकित व्यक्तियों में से किस एक ने विश्व की जलवायु के वर्गीकरण हेतु वाष्पन-वाष्पोत्सर्जन प्रयोग किया है:

[A] कोपेन
[B] थार्नथ्वेट
[C] ट्रिवार्था
[D] केण्डू

[read more] [B] थार्नथ्वेट [/read]

206. निम्न आंकड़े किस जलवायु प्रदेश को प्रदर्शित करते हैं?

जनवरी  अप्रैल  जुलाई अक्टूबर
औरत अधिकतम तापमान (ºC में) 8.0 13.5 24.4 17.2
औसत वर्षा (मिमी में ) 8.6 5.0 1.0 11.0

[A] चीन तुल्य
[B] मानसून तुल्य
[C] भूमध्यसागरीय तुल्य
[D] सूडान तुल्य

[read more] [C] भूमध्यसागरीय तुल्य [/read] 

207. निम्नांकित कथनों पर विचार कीजिए:

कथन (A): भूमध्यसागरीय जलवायु में जाड़े में वर्षा होती है।

कारण (R) : यह पछुआ हवाओं तथा व्यापारिक हवाओं के मध्य स्थित है।

निम्न कूट में से सही उत्तर चुनिए :

[A] A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता
[B] A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या नहीं करता है
[C] A सही परन्तु R गलत है
[D] A गलत है परन्तु R सही है

[read more] [B] A तथा R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या नहीं करता है [/read]

208 आई. टी. सी. की गतिविधि वर्षा प्रतिरूप को मुख्यतः अनुशासित करती है?

[A] विषुवत् रेखीय जलवायु में
[B] मानसून जलवायु में
[C] भूमध्यसागरीय जलवायु में
[D] पश्चिमी अनुसमुद्रीय जलवायु में

[read more] [B] मानसून जलवायु में [/read]

209. विश्व जलवायु के सम्बन्ध में निम्नांकित कथनों का अध्ययन कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर चुनिए:

1. अमेजन बेसिन में संवाहनीय वर्षा होती है

2. उत्तरी महाद्वीपों के मध्यवर्ती भागों में भारी वर्षा होती है।

3. विषुवत् रेखीय प्रदेश में आवर्तक वर्षा होती. है।

4. विषुवत् रेखीय प्रदेश के बाहर सर्वाधिक दैनिक तापमान पाया जाता है।

कूट:

[A] 1 तथा 2 सही हैं
[B] 2 तथा 3 सही हैं
[C] 3 तथा 4 सही हैं
[D] 1 तथा 4 सही हैं

[read more] [D] 1 तथा 4 सही हैं [/read]

210. जलवायु को प्रभावित करने वाले कारण हैं:

[A] अक्षांशीय स्थिति
[B] समुद्र से दूरी
[C] समुद्र तल से ऊंचाई
[D] इनमें से सभी

[read more] [D] इनमें से सभी [/read] 

211. निम्न में से किसने जलवायु का वर्गीकरण नहीं किया है?

[A] कोपेन
[B] थार्नथ्वेट
[C] कैंडोल
[D] हम्बोल्ट

[read more] [D] हम्बोल्ट [/read]

212. (एन्सा’ (ENSO) का सम्बन्ध है:

[A] वायुमण्डलीय संचार प्रणाली से
[B] महासागरीय संचार प्रणाली से
[C] उपर्युक्त दोनों से
[D] उपर्युक्त दोनों से नहीं

[read more] [C] उपर्युक्त दोनों से [/read]

213. एन्सो के दौरान जब सागरीय जल का तापमान बढ़ जाता है तो निम्न में से कौनसी घटना नहीं घटित होती है?

[A] दक्षिणी प्रशान्त महासागरीय व्यापारिक पवनों का कमजोर पड़ना
[B] पूर्वी-दक्षिणी प्रशान्त महासागर में उच्च वायुदाब के स्थान पर निम्न वायुदाब क्षेत्र का विकसित होना
[C] उत्तरी आस्ट्रेलिया और इण्डोनेशिया में निम्न वायुदाब के स्थान पर उच्च वायुदाब का विकसित होना
[D] पश्चिमी प्रशान्त महासागर से ठण्डे जल का भू-मध्य रेखा के सहारे पूर्व की ओर प्रवाहित होना

[read more] [D] पश्चिमी प्रशान्त महासागर से ठण्डे जल का भू-मध्य रेखा के सहारे पूर्व की ओर प्रवाहित होना [/read]

214. वायुमण्डल की सामान्य संचार प्रणाली में हैडले कोशिका आधारित है:

[A] तापीय संकल्पना पर
[B] गतिक संकल्पना 
[C] कोणीय संवेग संकल्पना पर
[D] ज्वारीय संकल्पना पर

[read more] [A] तापीय संकल्पना पर [/read]

215. फेरेल कोशिका के सम्बन्ध में कौन-सा कथन असत्य है?

[A] यह दोनों गोलार्द्धों में 35° से 60° अक्षांशों के बीच पछुआ पवनों की संचार व्यवस्था से सम्बन्धित है।
[B] इसमें धरातल के समीप वायु ध्रुवों की ओर प्रवाहित होती है
[C] यह कोशिका तापीय संकल्पना पर आधारित है
[D] इसमें वायुमण्डल का ऊपरी संचार भूमध्यरेखा की तरफ होता है

[read more] [C] यह कोशिका तापीय संकल्पना पर आधारित है [/read]

216. कोरिऑलिस प्रभाव उत्पन्न होने का कारण है:

[A] पृथ्वी सतह की वक्रता
[B] पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन
[C] पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर घूर्णन
[D] ऊपरी वायुमण्डल की पवनों का प्रभाव

[read more] [B] पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन [/read]

217. क्षोभमण्डल में तापमान:
[A] ऊंचाई के साथ घटता है
[B] ऊंचाई के साथ बढ़ता है
[C] अपरिवर्तित रहता है
[D] पहले घटता है पुनः बढ़ने लगता है

[read more] [A] ऊंचाई के साथ घटता है [/read]



नोट :  मैं आशा करता हूँ कि भूगोल विषय से सम्बंधित सभी Question Answer Test आपके सभी प्रकार के परीक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित होंगे। अगर किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपके मन में कोई संदेह हो तो हमसे Contact With us के माध्यम से, Comment या Email से Contact कर सकते है। मैं हमेशा आपके मंगल भविष्य की कामना करता हूँ।

Thank You @ By Dr. Amar Kumar

11. मानचित्र कला Free Test

11. मानचित्र कला Free Test



 मानचित्र कला Free Test

1. 1º अक्षांश का अन्तराल दर्शाता है-
[A] 211 किलोमीटर
[B] 111 किलोमीटर
[C] 91 किलोमीटर
[D] 241 किलोमीटर

[read more] [B] 111 किलोमीटर [/read]

2. भारत का ऋतु मानचित्र बनाया जाता है–
[A] बोन प्रक्षेप पर
[B] बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप पर
[C] मॉलवीड प्रक्षेप पर
[D] मर्केटर प्रक्षेप पर

[read more] [D] मर्केटर प्रक्षेप पर [/read]

3. बोन प्रक्षेप का विशिष्ट गुण है–
[A] शुद्ध आकृति
[B] शुद्ध दिशा
[C] शुद्ध क्षेत्रफल
[D] अशुद्ध क्षेत्रफल

[read more] [C] शुद्ध क्षेत्रफल [/read]

4. जनसँख्या वितरण प्रदर्शित करने हेतु सर्वोत्तम विधि है–
[A] पृथक छायांकन
[B] कोरोप्लेथ
[C] बिंदु
[D] आइसोप्लेथ

[read more] [C] बिंदु [/read]

5. मानचित्र पर दूरियों को मापने के लिए निम्न में से किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है-
[A] प्लैनीमीटर
[B] रोटामीटर
[C] ऑपिसोमीटर
[D] तेलयूरोमीटर

[read more] [C] ऑपिसोमीटर [/read]

6. 1 मानक मील (Standard Mile) की दूरी कितने गज के बराबर होती है-
[A] 1060
[B] 1660
[C] 1560
[D] 1760

[read more] [D] 1760 [/read]

7. मानचित्रों के विवर्धन एवं लघुकरण के लिए निम्न में से किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है-
[A] पैंटोग्राफ
[B] पैन्टोग्राफिक कैमरा
[C] इपीस्कोप
[D] इनमें से सभी

[read more] [D] इनमें से सभी [/read]

8. वास्तविक उत्तर का निर्धारण निम्नलिखित में से किसकी सहायता से किया जाता है-
[A] सूर्य
[B] गाइरोकम्पास
[C] भौगोलिक उत्तर के ठीक ऊपर स्थित ध्रुव तारा
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [D] उपर्युक्त सभी [/read]

9. भारत के प्रथम विस्तृत मानचित्र की रचना की थी-
[A] डी.ऐनविले ने
[B] इरैटोस्थनीज ने
[C] टॉलमी ने
[D] जेम्स रेनेल ने

[read more] [D] जेम्स रेनेल ने [/read]

10. यदि एक मानचित्र पर 1 सेमी 2 किलोमीटर की दूरी को प्रदर्शित करता है, तो उसका प्रतिनिधि भिन्न है-
[A] 1/20,000
[B] 1/80,000
[C] 1/40,000
[D] 1/2,00,000

[read more] [D] 1/2,00,000 [/read]

11. मानचित्र कला में ‘धरातल के वास्तविक सर्वेक्षण से मानचित्र के प्रक्रमों की संपूर्ण शृंखला सम्मिलित है।’ यह परिभाषा दी गई है-
[A] रॉबिन्सन द्वारा
[B] रेज द्वारा
[C] मांकहाउस द्वारा
[D] कैलावे द्वारा

[read more] [C] मांकहाउस द्वारा [/read]

12. कथन (A) सभी देशान्तर बृहत् वृत्त होते हैं।
कारण (R) : एक वृहत् वृत्त पृथ्वी को दो समान भागों में विभाजित करता है।
कूट :-
[A] कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है
[B] कथन तथा कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है
[C] कथन सही है परन्तु कारण गलत है
[D] कथन गलत है परन्तु कारण सही है

[read more] [A] कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है [/read]

13. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सूची I (पुस्तक) – सूची II (लेखक)
(अ) एलीमेन्टस ऑफ कार्टोग्राफी – 1. बीगॉट
(ब) एन इण्ट्रोडक्शन टू द स्टडी ऑफ मैप प्रोजेक्शन – 2. बोयेर
(स) ए गाइड टू मैप प्रोजेक्शन – 3. स्टीयर्स
(द) एन इण्ट्रोडक्शन टू मैपवर्क – 4. रॉबिन्सन
कूट: अ ब स द
[A]  4 3 2 1
[B]  1 2 3 4
[C]  4 1 2 3
[D]  1 3 4 2

[read more] [A]  4 3 2 1 [/read]

14. जनसंख्या के आयु-लिंग संगठन को निरूपित करने की सर्वोत्तम विधि है:-
[A] सरल दण्ड आरेख द्वारा
[B] मिश्र पट्टी स्तम्भ आरेख द्वारा
[C] पिरामिड आरेख द्वारा
[D] बहुरेखा ग्राफ द्वारा

[read more] [C] पिरामिड आरेख द्वारा [/read]

15. निम्नांकित में से कौन-सा कथन ज्यावक्रीय प्रक्षेप हेतु सत्य नहीं है:-
[A] यह सम-क्षेत्र प्रक्षेप है
[B] सभी अक्षांशों पर मापक सही होता है
[C] सभी देशान्तरों पर मापक सही होता है
[D] केन्द्रीय देशान्तर से दूर वाले क्षेत्रों की आकृति विकृत होती है

[read more] [C] सभी देशान्तरों पर मापक सही होता है [/read]

16. संसार में चावल की कृषि को दर्शाने के लिए सबसे अधिक उपयुक्त मानचित्र प्रक्षेप कौन-सा है-
[A] बोन प्रक्षेप
[B] बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप
[C] मॉलवीड प्रक्षेप
[D] साधारण बेलनाकार प्रक्षेप

[read more] [B] बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप [/read]

17. भारत का ऋतु मानचित्र बनाया जाता है-
[A] बोन प्रक्षेप पर
[B] बहुशंक्वीय प्रक्षेप पर
[C] मर्केटर प्रक्षेप पर
[D] मॉलवीड प्रक्षेप पर

[read more] [C] मर्केटर प्रक्षेप पर [/read]

18. किसी स्थान के औसत मासिक तापमान एवं वर्षा की दशाओं को निरूपित करने हेतु बारह-भुजाओं वाली आकृति को कहते है-
[A] थर्मोग्राफ
[B] हीदरग्राफ
[C] क्लाइमोग्राफ
[D] अर्गोग्राफ

[read more] [B] हीदरग्राफ [/read]

19. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्षेप केप-काहिरा रेलमार्ग के प्रदर्शन हेतु उपयुक्त है:-
[A] मर्केटर
[B] बोन
[C] बहुशंकुक
[D] सिनुसॉयडल

[read more] [D] सिनुसॉयडल [/read]

20. इर्गोग्राफ पर निम्न में से किसका सम्बन्ध प्रदर्शित किया जाता है?

[A] जलवायवीय दशाएं एवं फसलों का वर्धनकाल
[B] तापमान एवं वार्षिक वर्षा
[C] आर्द्र-बल्ब तापमान एवं आर्द्रता
[D] सापेक्ष आर्द्रता एवं तापमान

[read more] [A] जलवायवीय दशाएं एवं फसलों का वर्धनकाल [/read]

21. उष्ण कटिबन्धी फसलें निम्नलिखित में से किस प्रक्षेप पर दर्शायी जाती हैं?

[A] ध्रुवीय
[B] मॉलवीड
[C] शंक्वाकार
[D] मर्केटर

[read more] [B] मॉलवीड [/read]

22. निम्नांकित में से किस नामांक वाले धरातलीय पत्रक पर 1 सेमी की दूरी को 2.5 किमी द्वारा प्रदर्शित किया जाता है?

[A] 45
[B] 45 H
[C] 45 H/10
[D] 45 H/10/SE

[read more] [B] 45 H [/read]

23. सिनुसॉयडल प्रक्षेप निम्नलिखित में से किस प्रक्षेप का परिवर्तित रूप है?

[A] बोन्स प्रक्षेप
[B] गाल्स प्रक्षेप
[C] पॉलीकोनिक प्रक्षेप
[D] लैम्फर्ट प्रक्षेप

[read more] [A] बोन्स प्रक्षेप [/read]

24. खगोलीय मानचित्रों के निर्माण हेतु कौन-सा प्रक्षेप उपयुक्त रहता है?

[A] गॉल प्रक्षेप
[B] मॉलवीड का समक्षेत्र प्रक्षेप
[C] दो मानक अक्षांश वाला शंक्वाकार प्रक्षेप
[D] लम्बकोणीय ध्रुवीय खमध्य प्रक्षेप

[read more] [D] लम्बकोणीय ध्रुवीय खमध्य प्रक्षेप [/read]

25. निम्नलिखित में से कौन डिग्री या चौथाई इंच पत्रक है?

[A] 44 A/NW
[B] 44 A/5
[C] 44 A
[D] 44

[read more] [C] 44 A [/read]

26. निम्नलिखित में से कौन-सा एक मापक नगर के गाइड मानचित्रों के लिए उपयुक्त है:

[A] 1:20,000
[B] 1: 63,360
[C] 1:50,000
[D] 1: 1,000,000

[read more] [A] 1:20,000 [/read] 

27. प्लेन टेबल सर्वेक्षण के सम्बन्ध में निम्नांकित कथनों का अध्ययन कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

1. मानचित्र का निर्माण क्षेत्र में ही हो सकता है।

2. यह वन क्षेत्रों के सर्वेक्षण हेतु आदर्श है।

3. पुनरुच्छेदन में सदैव त्रुटि का त्रिभुज आता है।

4. मानचित्र में विस्तारण हेतु उपयुक्त है।

कूट :

[A] 1 व 2 सही हैं
[B] 1 व 4 सही हैं
[C] 3 व 2 सही हैं
[D] 2 व 4 सही हैं

[read more] [B] 1 व 4 सही हैं [/read]

28. निम्नलिखित में से कौन-सी विधि मानचित्र पर ग्रामीण जनसंख्या के वितरण को प्रदर्शित करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है:

[A] बिन्दु विधि
[B] छाया विधि
[C] वृत्त विधि
[D] गोलाभ विधि

[read more] [A] बिन्दु विधि [/read]

29. निम्नलिखित प्रक्षेपों में से कौन-सा एक असंदर्श प्रक्षेप है:

[A] खमध्य केन्द्र रेखीय
[B] खमध्य सान्द्र रेखीय
[C] खमध्य सम दूरी
[D] खमध्य अनन्त रेखीय

[read more] [D] खमध्य अनन्त रेखीय [/read]

30. उस प्रक्षेप का नाम है जिसमें ग्लोब का एक भाग स्पर्श रेखीय तल के सहारे प्रक्षेपित किया जाता है:

[A] बहुशंक्वाकार प्रक्षेप
[B] बेलनाकार प्रक्षेप
[C] ग्लोबीय प्रक्षेप
[D] शिरोबिंदु प्रक्षेप

[read more] [C] ग्लोबीय प्रक्षेप [/read]

31. पोलीकोनिक प्रक्षेप निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?

[A] अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप
[B] बोन्स प्रक्षेप
[C] मर्केटर प्रक्षेप
[D] सिनुसॉयडल प्रक्षेप

[read more] [A] अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप [/read]

32. किसी मानचित्र का मात्रक 1: 40,000 है। यदि इसकी मापनी चार गुना बढ़ायी जाए तो प्रदर्शन भिन्न होगी?

[A] 1 : 10,000
[B] 1 : 60,000
[C] 1 : 75,000
[D] 1 : 80,000

[read more] [A] 1:10,000 [/read]

33. उत्तल ढाल के बारे में कौन सा तथ्य सही है?

[A] नीचे तीव्र ढाल तथा ऊपर धीमा ढाल
[B] नीचे धीमा ढाल तथा ऊपर तीव्र ढाल
[C] सभी जगह तीव्र ढाल
[D] सभी जगह धीमा ढाल

[read more] [A] नीचे तीव्र ढाल तथा ऊपर धीमा ढाल [/read]

34. किस प्रक्षेप पर विषुवत् रेखा मापनी के अनुसार पूर्णतः शुद्ध होती है?

[A] बोन प्रक्षेप
[B] सिनुसॉयडल प्रक्षेप
[C] पोलीकोनिक प्रक्षेप
[D] अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप

[read more] [B] सिनुसॉयडल प्रक्षेप [/read]

35. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

[A] मर्केटर- प्रक्षेप नौचालन
[B] नोमोनिक प्रक्षेप- क्षेत्रीय दूरी
[C] बोन प्रक्षेप- समक्षेत्रफल
[D] मॉलवीड प्रक्षेप- विश्व जनसंख्या वितरण

[read more] [B] नोमोनिक प्रक्षेप- क्षेत्रीय दूरी [/read] 

36. नौवाहन निम्न में से किस प्रक्षेप से सम्बन्धित है?

[A] बोन्स प्रक्षेप
[B] मर्केटर प्रक्षेप
[C] मॉलवीड प्रक्षेप
[D] पोलीकोनिक प्रक्षेप

[read more] [B] मर्केटर प्रक्षेप [/read]

37. हिप्सोमीट्रिक कर्व के द्वारा निम्नलिखित में से क्या दिखाया जाता है?

[A] तापक्रम
[B] उच्चावच
[C] वर्षा
[D] दूरी

[read more] [B] उच्चावच [/read]

38. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रक्षेप भू-पत्रक (टोपो-शीट) बनाने में प्रयुक्त किया जाता है? 

[A] मर्केटर प्रक्षेप
[B] अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप
[C] बोन्स प्रक्षेप
[D] मॉलवीड प्रक्षेप

[read more] [B] अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप [/read]

39. निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए तथा दिए गए कूट के अनुसार अपने उत्तर का चयन कीजिए:

1. हीदरग्राफ (क) तापक्रम

2. क्लाइमोग्राफ (ख) सापेक्षिक आर्द्रता

3. बैरोमीटर (ग) दाब

4. तारा चित्र (घ) दिशा

कूट:  1  2  3  4

[A]  क ख ग घ 
[B]  क ख घ ग 
[C]  ख क ग घ 
[D]  ख ग क घ 

[read more] [A]  क ख ग घ  [/read] 

40. डेटम रेखा है:

[A] भारत तथा चीन की सीमा रेखा
[B] एक काल्पनिक रेखा जो शून्य अंश देशान्तर से गुजरती है
[C] एक काल्पनिक क्षैतिज तल जहां से ऊंचाई तथा गहराई का अंकन किया जाता है
[D] वह रेखा जिसके आर-पार तिथि बदल जाती है

[read more] [C] एक काल्पनिक क्षैतिज तल जहां से ऊंचाई तथा गहराई का अंकन किया जाता है [/read]

41. ट्रांस-साइबेरियन रेलवे को प्रदर्शित करने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त प्रक्षेप है:

[A] मर्केटर प्रक्षेप
[B] द्विमानक अक्षांश युक्त साधारण शंकु प्रक्षेप
[C] बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप
[D] ध्रुवीय खमध्य नोमोनिक प्रक्षेप

[read more] [B] द्विमानक अक्षांश युक्त साधारण शंकु प्रक्षेप [/read]

42. ‘अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप’ संशोधित स्वरूप प्रस्तुत करता है:

[A] बहुशंकु प्रक्षेप का
[B] बोन प्रक्षेप का
[C] सिनुसॉयडल प्रक्षेप का
[D] द्विमानक अक्षांश युक्त साधारण शंकु प्रक्षेप का

[read more] [A] बहुशंकु प्रक्षेप का [/read]

43. अर्गोग्राफ की रचना की थी:

[A] जी. पी. केलावे ने
[B] ई. रेज ने
[C] के. पी. धुरधर ने
[D] ए. गेडीज ने

[read more] [A] जी. पी. केलावे ने [/read]

44. निम्नांकित में से कौन भारतीय दैनिक मौसम मानचित्र पर नहीं दिखाया जाता है:

[A] तापमान
[B] वर्षा
[C] बादल
[D] पवन

[read more] [A] तापमान [/read]

45. लोक्जोड्रोम (एक दिशा भी पथ रेखा) का सम्बन्ध है?

[A] बेलनाकार समदूरी प्रक्षेप
[B] मॉलवीड प्रक्षेप
[C] बोन प्रक्षेप
[D] मर्केटर प्रक्षेप

[read more] [D] मर्केटर प्रक्षेप [/read]

46. मानचित्र में चुम्बकीय दिक्पात प्रदर्शित किया जाता है?

[A] भूकम्पनीय रेखाओं से
[B] प्लैनीमीट्रिक रेखाओं से
[C] उच्चतादर्शी रेखाओं से
[D] आइसोगोनिक रेखाओं से

[read more] [D] आइसोगोनिक रेखाओं से [/read] 

47. मृतक भूमि को कहते हैं:

[A] बंजर भूमि
[B] कब्रिस्तान
[C] दो बिन्दुओं से न दिखने वाली भूमि
[D] परती भूमि

[read more] [C] दो बिन्दुओं से न दिखने वाली भूमि [/read]

48. कथन (A): सभी देशान्तर वृहत् वृत्त होते हैं।

कारण (R): एक वृहत् वृत्त पृथ्वी को दो समान भागों में विभाजित करता है।

कूट :

[A] कथन तथा कारण दोनों सही हैं तथा कारण, कथन की सही व्याख्या है
[B] कथन तथा कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है
[C] कथन सही है परन्तु कारण गलत है
[D] कथन गलत है परन्तु कारण सही है

[read more] [B] कथन तथा कारण दोनों सही हैं परन्तु कारण, कथन की सही व्याख्या नहीं है [/read]

49. निम्नांकित, किस प्रक्षेप पर विषुवत् रेखा की लम्बाई सही नहीं होती है?

[A] बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप
[B] मर्केटर प्रक्षेप
[C] मॉलवीड प्रक्षेप
[D] सिनुसॉयडल प्रक्षेप

[read more] [C] मॉलवीड प्रक्षेप [/read]

50. निम्नांकित कौनसी विशेषताएं वोन प्रक्षेप के सम्बन्ध में सही हैं? नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए:

1. यह एक समक्षेत्र प्रक्षेप है।

2. इसके अक्षांश समकेन्द्रित वृत्त होते हैं।

3. केवल केन्द्रीय मध्याह्न रेखा एक सरल रेखा होती है।

कूट :

[A] 1 तथा 2 सही हैं
[B] 1 तथा 3 सही हैं
[C] 2 तथा 3 सही हैं
[D] 1, 2, 3 सही हैं

[read more] [D] 1, 2, 3 सही हैं [/read]

51. एक मानचित्र पर एक सेमी 10 किमी की दूरी प्रदर्शित करता है। उसकी प्रतिनिधि भिन्न है:

[A] 1/100,000
[B] 1/1,000,000
[C] 1/10,000
[D] 1/1,000

[read more] [B] 1/1,000,000 [/read]

52. प्रिज्मेटिक कम्पास सर्वेक्षण में दिकमान निम्न में से किसके सन्दर्भ में मापे जाते हैं?

[A] भौगोलिक उत्तर
[B] चुम्बकीय उत्तर
[C] ग्रिड उत्तर
[D] काल्पनिक उत्तर

[read more] [B] चुम्बकीय उत्तर [/read]

53. निम्न कथनों पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए :

कथन (A): चक्रारेख, वृत्तारेख से भिन्न है।

कारण (R): चक्रारेख में चक्र खण्डों में विभक्त रहता है जबकि वृत्तारेख में नहीं।

कूट :

[A] A तथा R दोनों सही हैं तथा R. A की सही व्याख्या करता है
[B] A तथा R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है
[C] A सत्य है R असत्य है
[D] A असत्य है R सत्य है

[read more] [B] A तथा R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही व्याख्या नहीं करता है [/read] 

54. सूची I तथा सूची II को सुमेल कीजिए तथा नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए:

सूची II (गुण)    सूची I (प्रक्षेप)

a. बोन  1. शुद्ध क्षेत्रफल

b. बहुशंकु 2. सही आकृति

c. ध्रुवीय नोमोनिक 3. न शुद्ध क्षेत्रफल न सही आकृति

d. मर्केटर 4. सही दिशा

कूट :

        a b c d

[A]  1 2 3 4
[B]  1 3 4 1
[C]  2 3 4 1
[D]  4 3 2 1

[read more] [A]  1 2 3 4 [/read]

55. जनसंख्या वितरण प्रदर्शित करने हेतु सर्वोत्तम विधि है?

[A] पृथक् छायांकन
[B] बिन्दु
[C] कोरोप्लेथ
[D] आइसोप्लेथ

[read more] [B] बिन्दु [/read]

56. 1: 1 मिलियन मापक पर निर्मित मानचित्र पर 2.4 सेमी के अन्तराल पर दर्शाए दो स्थानों की वास्तविक दूरी है?

[A] 6 किमी
[B] 12 किमी
[C] 18 किमी
[D] 24 किमी

[read more] [D] 24 किमी [/read]

57. निम्न में से कौन-सा लघुतम पैमाना है?

[A] 1: 10,00,000
[B] 1: 1,00,000
[C] 1: 50,000
[D] 1: 50,00,000

[read more] [D] 1: 50,00,000 [/read]

58. सूची I तथा सूची II का सुमेल कीजिए तथा नीचे दिए कूट से सही संयुक्ति चुनिए?

सूची I (प्रक्षेप) सूची II (मुख्य विशेषता)

a. अन्तर्राष्ट्रीय 1. सम क्षेत्रफल

b. मॉलवीड 2. सही दिशा

c. मर्केटर 3. सही मापक

d. गॉल 4. कोई नहीं

कूट :

        a b c d

[A]  3 2 4 1
[B]  3 1 2 4
[C]  2 4 3 1
[D] 1 2 4 3

[read more] [B] 3 1 2 4 [/read]

59. अगर अ और व के बीच की दूरी मानचित्र पर 7 सेमी और मानचित्र की प्रदर्शक भिन्न 1 3,25,000 है तो दोनों स्थानों के बीच की दूरी क्या होगी?

[A] 18.60 किमी
[B] 22.75 किमी
[C] 21.50 किमी
[D] 26.25 किमी

[read more] [B] 22.75 किमी [/read]

60. विश्व में गेहूं उत्पादन वितरण किस प्रक्षेप द्वारा अच्छी तरह प्रदर्शित किया जा सकता है?

[A] मर्केटर
[B] मॉलवीड
[C] बोन्स
[D] नोमोनिक

[read more] [B] मॉलवीड [/read]

61. निम्न में से कौन सी विशेषता चुम्बकीय उत्तरी ध्रुव की है?

[A] मंद खिसकाव
[B] अन्तरायी खिसकाव
[C] स्थिरता
[D] तीव्र खिसकाव

[read more] [A] मंद खिसकाव [/read] 

62. 1: 50,000 की प्रदर्शक भिन्न पर भूपत्रक की संख्या निम्न में से क्या होगी?

[A] 50
[B] 50 G
[C] 50 G/2
[D] 50 G/2/4

[read more] [C] 50 G/2 [/read]

63. बोन्स प्रक्षेप निम्नलिखित में से किस प्रकार का प्रक्षेप है?

[A] बेलनाकार
[B] अर्द्धचन्द्राकार
[C] शंक्वाकार
[D] ध्रुवीय शिरोच्छेदीय

[read more] [C] शंक्वाकार [/read]

64. विश्व में चावल का कृषि प्रदेश निम्नलिखित में से किस प्रक्षेप पर दर्शाया जाता है?

[A] समक्षेत्र बेलनाकार प्रक्षेप
[B] मॉलवीड प्रक्षेप
[C] शंक्वाकार प्रक्षेप
[D] ध्रुवीय गोलाकार प्रक्षेप

[read more] [A] समक्षेत्र बेलनाकार प्रक्षेप [/read]

65. सभी अक्षांश रेखाएं किस प्रक्षेप पर मानक अक्षांश रेखाएं होती हैं?

[A] बेलनाकार समक्षेत्र प्रक्षेप
[B] मॉलवीड प्रक्षेप
[C] मर्केटर प्रक्षेप
[D] सिनुसॉयडल प्रक्षेप

[read more] [D] सिनुसॉयडल प्रक्षेप [/read]

66. एक वायु फोटो चित्र पर दो स्थानों के बीच की दूरी 2 सेमी तथा धरातल पर इन्हीं दो स्थानों के बीच की दूरी 7.5 किमी है तो उस फोटो चित्र की प्रतिनिधि भिन्न (RF) होगी:

[A] 1: 75,000
[B] 1: 37,500
[C] 1: 7,50,000
[D] 1: 3,75,000 

[read more] [D] 1: 3,75,000 [/read]

67. एक माप की इकाई का सौवां भाग या तीसरी उप इकाई तक मापने वाली मापनी का नाम है:

[A] सरल मापनी
[B] घनमल
[C] तुलनात्मक
[D] कर्णवत्

[read more] [D] कर्णवत् [/read]

68. मानचित्र के किन्हीं दो बिन्दुओं एवं भूमि के उन्हीं दो स्थानों की वास्तविक दूरियों के अनुपात को व्यक्त करते हैं:

[A] मापनी द्वारा
[B] एटलस मानचित्र द्वारा
[C] मात्रा प्रधान आरेख द्वारा
[D] वितरण मानचित्र द्वारा

[read more] [A] मापनी द्वारा [/read]

69. मानचित्र रचना में सर्वाधिक शुद्धता जिन तथ्यों की रखी जाती है, वह है:

[A] अक्षांश देशान्तर विस्तार की
[B] तथ्यों के विस्तार स्वरूप की
[C] सीमावर्ती आकृति की
[D] मापनी एवं दिशा की शुद्धता की

[read more] [D] मापनी एवं दिशा की शुद्धता की [/read]

70. वह कौन-सी मापनी है, जिसमें सूक्ष्म दूरियां मापने के लिए एक-पर-एक (दोहरी) मापनी काम में लाई जाती है।

[A] समय व दूरी मापनी
[B] तुलनात्मक मापनी
[C] वर्नियर मापनी
[D] कर्णवत् मापनी

[read more] [C] वर्नियर मापनी [/read]

71. भारतीय भूपत्रकों की 45 N/13 संख्यात्मक की वर्तमान में मापनी है:

[A] 1 सेमी 2.5 किमी
[B] 2 सेमी = 1 किमी
[C] 1 सेमी 5 किमी
[D] 1 सेमी 1 किमी

[read more] [B] 2 सेमी = 1 किमी [/read]

72. एटलस मानचित्रों में उत्तर दिशा ज्ञात की जा सकती है:

[A] अक्षांश रेखा द्वारा
[B] देशान्तर रेखा द्वारा
[C] एक दिशा-नोपथ रेखा द्वारा
[D] विषुवत् रेखा द्वारा

[read more] [B] देशान्तर रेखा द्वारा [/read]

73. एक मानचित्र की मापनी 1 सेमी = 30 किमी है, यदि इस मानचित्र को 1 : 3 के अनुपात में बड़ा करना है तो इस वृहद् मापनी वाले मानचित्र का उपलक्षक भाग (RF) होगा:

[A] 1: 10,00,000
[B] 1: 30,00,000
[C] 1: 3,00,000
[D] 1: 1,00,000

[read more] [A] 1: 10,00,000 [/read] 

74. विकर्ण मापनी का विशेष उद्देश्य है:

[A] अनुमानित दूरियां ज्ञात करना
[B] एक माप इकाई के सौवें भाग तक दूरी मापना
[C] किमी एवं मील में एक साथ दूरियां मापना
[D] बैरोमीटर का वायुदाब 01 तक मापना

[read more] [B] एक माप इकाई के सौवें भाग तक दूरी मापना [/read]

75. देशान्तरों के सहारे वृहत् वृत्त बनता है:

[A] तिर्यक प्रक्षेप पर
[B] शंक्वाकार प्रक्षेप पर
[C] दो प्रति ध्रुवित देशान्तरों के मिलने से
[D] बेलनाकार प्रक्षेप पर

[read more] [C] दो प्रति ध्रुवित देशान्तरों के मिलने से [/read]

76. उपलक्षक भाग या प्रदर्शक भिन्न (RF) को अन्तर्राष्ट्रीय मापनी कहते हैं:

[A] इसका उपयोग सभी देशों में समान रूप से किया जा सकता है।
[B] इससे किन्हीं भी दो देशों की मापनी की तुलना की जा सकती है।
[C] यह एक आनुपातिक मापनी है।
[D] सभी सत्य हैं।

[read more] [D] सभी सत्य हैं। [/read]

77. शिरोबिन्दु गोलीय प्रक्षेप में प्रकाशीय स्थिति होती है:

[A] त्रिज्याकार
[B] अनन्त पर
[C] केन्द्र में
[D] दूसरे ध्रुवीय छोर पर

[read more] [D] दूसरे ध्रुवीय छोर पर [/read]

78. निम्न में से कौन-सा प्रक्षेप असंदर्श या संशोधित प्रक्षेप है:

[A] आर्थोग्राफिक
[B] स्टीरियोग्राफिक
[C] नोमोनिक
[D] सेन्सन फ्लैम्प्स्टीड (सिनुसॉयडल)

[read more] [D] सेन्सन फ्लैम्प्स्टीड (सिनुसॉयडल) [/read]

79. आज के विकसित देशों के मध्य बढ़ते अन्तर्महाद्वीपीय वायुमार्गों को दर्शाने वाला प्रक्षेप है:

[A] मर्केटर प्रक्षेप
[B] सिनुसॉयडल प्रक्षेप
[C] शिरोबिन्दु गोलीय (स्टीरियोग्राफिक) प्रक्षेप
[D] बोन प्रक्षेप

[read more] [C] शिरोबिन्दु गोलीय (स्टीरियोग्राफिक) प्रक्षेप [/read]

80. उस प्रक्षेप का नाम बताइए जिस पर मध्यवर्ती 90° पू. एवं 90° प. देशान्तर मिलकर एक पूर्णवृत्त बनाती है:

[A] सिनुसॉयडल प्रक्षेप
[B] बोन
[C] मॉलवीड
[D] आर्थोग्राफिक

[read more] [C] मॉलवीड [/read]

81. जिस देश का अक्षांशीय अथवा देशान्तीय विस्तार अधिक होता है उसे सामान्यतः जिस प्रक्षेप पर दर्शाया जाता है वह है:

[A] शंक्वाकार एक प्रामाणिक अक्षांश
[B] बहुशंकु प्रक्षेप
[C] शंक्वाकार दो प्रामाणिक अक्षांश
[D] मर्केटर प्रक्षेप

[read more] [C] शंक्वाकार दो प्रामाणिक अक्षांश [/read]

82. भारत का मानचित्र विशेषतः किस प्रक्षेप पर लोकप्रिय रहा है:

[A] दो प्रामाणिक अक्षांश
[B] ग्लोवुलर
[C] बोन प्रक्षेप
[D] सेन्सन फ्लैम्प्टीड

[read more] [C] बोन प्रक्षेप [/read]

83. किस प्रक्षेप के अक्षांशीय वृत्तांश भिन्न-भिन्न केन्द्रों से खींचे जाते हैं:

[A] बोन
[B] बहुशंकु
[C] शंक्वाकार दो प्रधान अक्षांश
[D] शंक्वाकार एक प्रधान अक्षांश

[read more] [B] बहुशंकु [/read]

84. बेलनाकार प्रक्षेपों पर सर्वाधिक अशुद्धता रहती है:

[A] विषुवत् रेखा के निकट
[B] पूर्वी गोलार्द्ध की ओर
[C] पश्चिमी गोलार्द्ध की ओर
[D] ध्रुवीय प्रदेशों की ओर

[read more] [D] ध्रुवीय प्रदेशों की ओर [/read]

85. मर्केटर पर कौन-सी अक्षांश नहीं दर्शाई जा सकती है:

[A] मकर रेखा
[B] 60° उ.
[C] उत्तरी ध्रुवीय वृत्त
[D] 90° अक्षांश या दोनों ध्रुव

[read more] [D] 90° अक्षांश या दोनों ध्रुव [/read]

86. बोन प्रक्षेप का विशिष्ट गुण है:

[A] शुद्ध आकृति
[B] शुद्ध क्षेत्रफल
[C] शुद्ध दिशा
[D] अशुद्ध दिशा

[read more] [B] शुद्ध क्षेत्रफल [/read]

87. जिस प्रक्षेप पर सीधी मध्य देशान्तर रेखा विषुवत् रेखा से आधी रखी जाती है, वह है:

[A] सिनुसॉयडल
[B] ग्लोबुलर
[C] बेलनाकार समक्षेत्रफल
[D] मर्केटर

[read more] [A] सिनुसॉयडल [/read] 

88. बेलनाकार प्रक्षेपों में सबसे उपयोगी एवं प्रसिद्ध रहा प्रक्षेप है:

[A] मर्केटर प्रक्षेप
[B] समदूर प्रक्षेप
[C] समक्षेत्रफल प्रक्षेप
[D] संदर्श बेलनाकार प्रक्षेप

[read more] [A] मर्केटर प्रक्षेप [/read]

89. मर्केटर प्रक्षेप पर वृहत् वृत्त मार्ग को वृत्ताकार कहते हैं क्योंकि:

[A] इस पर मापनी शुद्ध रहती है।
[B] इस पर आकृतियां शुद्ध नहीं रहतीं।
[C] इस पर क्षेत्रफल शुद्ध रहता है।
[D] ग्लोब पर खींची गई सीधी रेखा मर्केटर पर वृहत् वृत्तीय रेखा ही होगी।

[read more] [D] ग्लोब पर खींची गई सीधी रेखा मर्केटर पर वृहत् वृत्तीय रेखा ही होगी। [/read] 

90. आर्थोग्राफिक या लम्बकोणीय प्रक्षेप का विशेष उपयोग है:

[A] पृथ्वी का एक गोलार्द्ध दर्शाने में
[B] धरातलीय पत्रक बनाने में
[C] छोटे देशों के मध्यवर्ती अक्षांशों के मानचित्र बनाने में
[D] आकाशीय पिण्डों की स्थिति दर्शाने व नक्षत्रवेत्ताओं के लिए

[read more] [D] आकाशीय पिण्डों की स्थिति दर्शाने व नक्षत्रवेत्ताओं के लिए [/read]

91. ध्रुवीय प्रदेश के वायु यातायात चार्ट बनाने हेतु कौन-सा जेनियल प्रक्षेप विशेष उपयोगी माना जाता है:

[A] लम्बकोणीय
[B] समदूर
[C] समक्षेत्रफल
[D] नोमोनिक

[read more] [D] नोमोनिक [/read]

92. टॉलमी ने विश्व मानचित्र बनाने के लिए जिस प्रक्षेप का उपयोग किया, उसका नाम है:

[A] आयताकार प्रक्षेप
[B] संशोधित प्रक्षेप
[C] जेनिथल या शिरोबिन्दु प्रक्षेप
[D] शंक्वाकार प्रक्षेप

[read more] [D] शंक्वाकार प्रक्षेप [/read]

93. बेलनाकार प्रक्षेपों पर ध्रुव दर्शाया जाता है:

[A] एक वृत्त द्वारा
[B] एक रेखा द्वारा
[C] एक बिन्दु द्वारा
[D] एक वृत्तांश द्वारा

[read more] [B] एक रेखा द्वारा [/read]

94. प्रकाशीय विधि पर जो प्रक्षेप बनते हैं, उन्हें कहते हैं:

[A] संदर्श प्रक्षेप
[B] वृद्धमापनी प्रक्षेप
[C] असंदर्श प्रक्षेप
[D] गणितीय प्रक्षेप

[read more] [A] संदर्श प्रक्षेप [/read]

95. नोमोनिक प्रक्षेप में प्रकाश की स्थिति रहती है:

[A] विपरीत ध्रुव पर
[B] ग्लोब के केन्द्र पर
[C] अनन्त पर
[D] कहीं भी नहीं

[read more] [B] ग्लोब के केन्द्र पर [/read]

96. प्रक्षेप बनाते समय किन तत्वों की शुद्धता का विशेष ध्यान रखा जाता है:

[A] मापनी व क्षेत्रफल
[B] दिशा
[C] शुद्ध आकृति
[D] सभी सत्य हैं

[read more] [D] सभी सत्य हैं [/read]

97. एक मानचित्र प्रक्षेप अक्षांश देशान्तर रेखाजाल को प्रदर्शित करता है:

[A] स्थूल आरेख पर
[B] ग्लोब के एक भाग पर
[C] चपटे या समतल तल पर
[D] एटलस मानचित्र पर

[read more] [C] चपटे या समतल तल पर [/read]

98. विषुवत् रेखा पर दो देशान्तर के बीच की शुद्ध दूरी होती है:

[A] 21.32 किमी (76.132 मील)
[B] 111.32 किमी (69.2 मील)
[C] 108 किमी (68.0 मील) 
[D] 100 किमी (60 मील)

[read more] [B] 111.32 किमी (69.2 मील) [/read]

99. पाश्चात्य जगत में किस प्रकार की मानचित्रकरण तेजी से सुविकसित होती जा रही है:

[A] विशिष्ट एटलस कार्टोग्राफी
[B] कम्प्यूटर कार्टोग्राफी
[C] उपग्रहों व वायु फोटो समझाने की मानचित्र कला
[D] पारम्परिक मानचित्रकला

[read more] [B] कम्प्यूटर कार्टोग्राफी [/read]

100. दीर्घ मापनी पर सर्वप्रथम किस विद्वान ने फ्रांस के मानचित्रों की रचना की:

[A] सेन्सन
[B] कैसिनी
[C] मर्केटर
[D] टॉलोमस

[read more] [B] कैसिनी [/read] 

101. यदि 1 सेमी = 10 किमी हो तो उस पर पृथ्वी दर्शाने वाले ग्लोब का व्यास होगा:

[A] 10 मीटर
[B] 15 मीग
[C] 12 मीटर
[D] 9 मीटर

[read more] [C] 12 मीटर [/read]

102. यदि मौखिक मापनी 1 सेमी = 5 मीटर है तो RF होगा

[A] 1 : 50
[B] 1 : 5,000
[C] 1 : 500
[D] 1 : 180

[read more] [C] 1 : 500 [/read]

103. यदि मौखिक मापनी 1 इंच = 10 गज है तो RF होगा:

[A] 1 : 10
[B] 1 : 100
[C] 1 : 360
[D] 1 : 36

[read more] [C] 1 : 360 [/read]

104. यदि RF 1 : 6,33,600 है तो मौखिक मापनी ज्ञात कीजिए:

[A] 1″ = 1 मील
[B] 1″ = 5 मील
[C] 1 सेमी = 10 किमी
[D] 1″ = 10 मील

[read more] [D] 1″ = 10 मील [/read]

105. मानचित्र रचना में सर्वप्रथम अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं का उपयोग किया गया:

[A] चीनी विद्वानों द्वारा
[B] भारतीय विद्वानों द्वारा
[C] मिस्री विद्वानों द्वारा
[D] यूनानी विद्वानों द्वारा

[read more] [D] यूनानी विद्वानों द्वारा [/read]

106. भारत व निकटवर्ती देशों का त्रिकोणमितीय सर्वेक्षण प्रारम्भ किया गया (वर्ष):

[A] 1902 से
[B] 1802 से
[C] 1702 से
[D] 1852 से

[read more] [B] 1802 से [/read]

107. भारत में भारतीय सर्वेक्षण विभाग (SOI) की स्थापना की गई:

[A] 1667 में
[B] 1697 में
[C] 1767 में
[D] 1797 में

[read more] [C] 1767 में [/read]

108. भारत व निकटवर्ती देशों की प्रथम संस्करण की मापनी रखी गई:

[A] 1: 20 लाख
[B] 1: 10 लाख
[C] 1: 25 लाख
[D] सभी गलत हैं

[read more] [B] 1: 10 लाख [/read]

109. भारत के सर्वेक्षण विभाग के प्रथम महासर्वेक्षक बने:

[A] श्री एनविले
[B] जेम्स हटन
[C] डॉ. वाडिया
[D] जेम्स रेनेल

[read more] [D] जेम्स रेनेल [/read]

110. धरातलीय पत्रक को फोटो मानचित्र भी कहा जाता है क्योंकि:

[A] यह वायु फोटो आधारित एवं सभी प्रकार की जानकारी देने वाले सभी प्रकार से शुद्ध मानचित्र हैं।
[B] इसकी समोच्च रेखाओं द्वारा ढाल की विशिष्ट व जटित प्रकृति एवं समतल भागों का तत्काल ज्ञान हो जाता है।
[C] यह जटिल रचना वाले मध्यम मापनी के मानचित्र होते हैं। 
[D] इन्हें मिलाकर भित्ति मानचित्र खींचे जा सकते हैं।

[read more] [A] यह वायु फोटो आधारित एवं सभी प्रकार की जानकारी देने वाले सभी प्रकार से शुद्ध मानचित्र हैं। [/read]

111. 4°×4° विस्तार वाली दस लाख मापनी की भू-पत्रक में कुल 15′ x 15′ विस्तार वाली कितनी शीटें बनती हैं:

[A] 246
[B] 200
[C] 256
[D] 360

[read more] [C] 256 [/read]

112. भारत में भू-पत्रकों या सर्वे शीटों का प्रकाशन होता है:

[A] चेन्नई से
[B] पूना से
[C] दिल्ली से
[D] देहरादून से

[read more] [D] देहरादून से [/read]

113. रूढ़ संकेत कहते हैं:

[A] सभी प्रकार के मानचित्र के संकेत
[B] एटलस मानचित्र के संकेत
[C] भू-पत्रकों के पूर्व निर्धारित एवं मान्य व व्यवस्थित संकेत क्रम 
[D] वायु फोटो से निर्धारित एवं उपग्रह प्रतिभावलियों के संकेत

[read more] [C] भू-पत्रकों के पूर्व निर्धारित एवं मान्य व व्यवस्थित संकेत क्रम [/read]

114. अन्तर्राष्ट्रीय श्रृंखला पर बने स्थलाकृति मानचित्रों का विस्तार (अक्षांश-देशान्तर) रखा गया:

[A] 4°×4°
[B] 12′ x 8′
[C] 6°× 4″
[D] 12″x 4″

[read more] [A] 4°×4° [/read]

115. भारतीय भू-पत्रकों के संख्यांक (Index No.) निर्धारित किए जाते हैं:

[A] दस लाख मापनी वाली शीट की संख्या से
[B] अक्षांश देशान्तर की रेखाजाल संख्या से
[C] अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप संख्यांक से
[D] सभी सत्य हैं

[read more] [A] दस लाख मापनी वाली शीट की संख्या से [/read]

116. अन्तर्राष्ट्रीय प्रक्षेप पर विश्व व्यवस्था के अनुसार बने भारतीय भू-पत्रकों का अक्षांश-देशान्तर विस्तार रहता है:

[A] 4°× 4°
[B] 6°× 6°
[C] 4°× 6°
[D] 12°× 4°

[read more] [C] 4°× 6° [/read]

117. भू-पत्रक संख्यांक 45 के अन्तर्गत मुख्यतः जिस राज्य का अधिकांश भाग आता है, वह है:

[A] उत्तर प्रदेश
[B] गुजरात
[C] मध्य प्रदेश
[D] राजस्थान

[read more] [D] राजस्थान [/read]

118. भू-पत्रक संख्यांक 54 एवं 64 के अन्तर्गत मुख्यतः जिस राज्य का अधिकांश भाग आता है, वह है:

[A] पंजाब व हरियाणा
[B] जम्मू-कश्मीर
[C] दिल्ली व उत्तर प्रदेश
[D] राजस्थान व मध्य प्रदेश

[read more] [C] दिल्ली व उत्तर प्रदेश [/read]

119. मापनी भू-पत्रक के किस भाग में अंकित रहती है:

[A] ऊपरी हांसिए के पूर्व में
[B] निचले भाग के मध्य में
[C] पश्चिमी छोर पर
[D] कहीं भी नहीं

[read more] [B] निचले भाग के मध्य में [/read]

120. भू-पत्रक पर अंकित उत्तर दिशा प्रायः होती है:

[A] चुम्बकीय उत्तर
[B] भौगोलिक उत्तर
[C] ग्रिड उत्तर
[D] सभी सही हैं

[read more] [D] सभी सही हैं [/read]

121. धरातलीय पत्रकों में सर्वेक्षित वृक्षों को दिखाया जाता है:

[A] हरे रंग से
[B] लाल रंग से
[C] पीले रंग से
[D] काले रंग से

[read more] [D] काले रंग से [/read]

122. भारत में मौसम प्रेक्षण हेतु मौसम विभाग एवं वेधशाला किस वर्ष में प्रारम्भ हुई:

[A] 1857 
[B] 1868
[C] 1864
[D] 1914

[read more] [C] 1864 [/read]

123. भारत में मौसम मानचित्र प्रकाशित होते रहे हैं:

[A] देहरादून से
[B] अहमदाबाद से
[C] कोलकाता से
[D] पूना से

[read more] [D] पूना से [/read]

124. भारतीय मौसम मानचित्रों में वायुदाब दर्शाया जाता है:

[A] मिलीमीटर द्वारा
[B] मिलीबार द्वारा
[C] इंच द्वारा
[D] कोई भी नहीं

[read more] [B] मिलीबार द्वारा [/read]

125. प्रथम विश्व युद्ध से पूर्व तक मौसम विभाग का मुख्यालय था:

[A] शिमला में
[B] कोलकाता में
[C] पूना में
[D] दिल्ली में

[read more] [A] शिमला में [/read]

126. सांख्यिकी आरेख होते हैं:

[A] मात्रा प्रधान
[B] आनुपातिक
[C] गुण प्रधान
[D] सभी सत्य हैं

[read more] [A] मात्रा प्रधान [/read]

127. एक विमा आरेखों में आते हैं:

[A] रेखाग्राफ
[B] दण्ड ग्राफ
[C] रेखा एवं दण्ड ग्राफ
[D] इनमें से सभी

[read more] [D] इनमें से सभी [/read] 

128. क्लाइमोग्राफ में चारों कोनों में लिखे शब्दों से तात्पर्य है:

[A] जलवायु की दशाओं का सम्यक् ज्ञान 
[B] आर्द्रता एवं तापमान के अतिरेक स्थल
[C] फसलों के लिए अनुकूल दशा के स्थल
[D] सभी सत्य हैं

[read more] [B] आर्द्रता एवं तापमान के अतिरेक स्थल [/read]

129. अर्गोग्राफ समाज के जिस विशेष वर्ग के लिए अधिक उपयोगी है, वह है:

[A] उद्योगपति
[B] मजदूर
[C] कृषक
[D] शैक्षिक वर्ग

[read more] [C] कृषक [/read]

130. इरविन रेज के क्लाइमेटोग्राफ को नाम दिया गया:

[A] Spoke ग्राफ
[B] Econo ग्राफ
[C] Polar चार्ट
[D] Clock ग्राफ

[read more] [A] Spoke ग्राफ [/read]

131. वलय (Ring) आरेख की रचना में वृत्त किस भांति सेट किए जाते हैं:

[A] समकेन्द्रीय वृत्त
[B] एक त्रिज्या आधार पर छूते हुए वृत्त
[C] भिन्न त्रिज्या वृत्त
[D] सम केन्द्रीय वृत्त 

[read more] [B] एक त्रिज्या आधार पर छूते हुए वृत्त [/read]

132. एकदिश नौ पथ (Rhumb Line) है:

[A] पृथ्वी तल पर एक रेखा जो सभी मध्याह्न रेखाओं को एक ही कोण पर काटती है
[B] ग्रीनविच मध्यान्ह रेखा को अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा से जोड़ने वाली रेखा
[C] अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का एक उपनाम
[D] वह रेखा जिस पर अक्षांशीय एवं देशान्तरीय पैमाना शुद्ध रहता है

[read more] [A] पृथ्वी तल पर एक रेखा जो सभी मध्याह्न रेखाओं को एक ही कोण पर काटती है [/read] 

133. विश्व के मानचित्र को बनाने में टोलेमी ने निम्नांकित में से किस एक प्रक्षेप के परिवर्तित रूप का उपयोग किया?

[A] मरकेटर प्रक्षेप
[B] शंक्वाकार प्रक्षेप
[C] खमध्य प्रक्षेप
[D] वेलनाकार समदूरस्थ प्रक्षेप

[read more] [B] शंक्वाकार प्रक्षेप [/read]

134. मानचित्रकला पर प्रथम ग्रन्थ लिखा गया था:

[A] अरस्तू द्वारा
[B] टोलेमी द्वारा
[C] मरकेटर द्वारा
[D] हिकेटियस द्वारा

[read more] [B] टोलेमी द्वारा [/read]

135. अधिक लम्बी अवधि में वर्षा के वास्तविक वितरण को दर्शाने के लिए सर्वाधिक उपयुक्त आरेख है:

[A] परिक्षेपण आरेख
[B] प्रकीर्ण आरेख
[C] दण्ड आरेख
[D] ब्लॉक पुन्ज आरेख

[read more] [B] प्रकीर्ण आरेख [/read]

136. अत्यधिक भिन्न आकार की ग्रामीण बस्तियों वाले क्षेत्र में ग्रामीण जनसंख्या का वितरण प्रदर्शित करने के लिए निम्न में से कौन-सी सबसे अच्छी मानचित्र विधि है?

[A] वर्णमात्री विधि
[B] सममान रेखा विधि
[C] बहुबिन्दु विधि
[D] वर्ण प्रतीकी विधि

[read more] प्रकीर्ण आरेख [/read]

137. सभी प्रकार के मानचित्रों में कुछ विकृति अवश्य विद्यमान रहती है, क्योंकि:

[A] मानचित्र की मापनी परिवर्तित हो जाती है
[B] कुछ स्थानिक घटनाएं दृश्य नहीं होती है
[C] भी प्रक्षेप त्रिआयामी सतह पर बनाए जाते हैं
[D] त्रिआयामी पृथ्वी की वक्राकार सतह का प्रदर्शन मानचित्र के रूप में द्विआयामी कागज की सतह पर करना होता है

[read more] [D] त्रिआयामी पृथ्वी की वक्राकार सतह का प्रदर्शन मानचित्र के रूप में द्विआयामी कागज की सतह पर करना होता है [/read]

138. कार्टोग्राम (Cartogram) को उद्देश्यपूर्वक विकृत (Distorted) किया जाता है:

[A] आंकडों के बीच अन्तर्सम्बन्ध को दशनि हेतु
[B] घटनाओं की वास्तविक संख्या से आलेखित करने हेतु
[C] ताकि अधिकतम सांख्यिकीय मान वाली इकाई को सबसे बड़ी क्षेत्रीय इकाई के रूप में दिखाया जा सके
[D] उपर्युक्त सभी उद्देश्यों की पूर्ति हेतु

[read more] [C] ताकि अधिकतम सांख्यिकीय मान वाली इकाई को सबसे बड़ी क्षेत्रीय इकाई के रूप में दिखाया जा सके [/read]

139. निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] मानचित्र की मापनी जितनी बड़ी होगी, उतने ही बड़े क्षेत्र को मानचित्र में प्रदर्शित किया जा सकेगा।
[B] मानचित्र की मापनी जितनी बड़ी होगी, उसमें प्रदर्शित आंकड़ों को उतने ही सामान्यीकृत रूप में प्रदर्शित किया जा सकेगा।
[C] मानचित्र की मापनी जितनी छोटी होगी, उतने ही बड़े क्षेत्र को मानचित्र में प्रदर्शित किया जा सकेगा।
[D] मानचित्र की मापनी जितनी छोटी होगी, उसमें प्रदर्शित तथ्यों को अपेक्षाकृत अधिक शुद्धता के साथ दिखाया जा सकेगा।

[read more] [C] मानचित्र की मापनी जितनी छोटी होगी, उतने ही बड़े क्षेत्र को मानचित्र में प्रदर्शित किया जा सकेगा। [/read] 

140. आजकल दूर संवेद कार्यों में किसी संवेदक को कृत्रिम उपग्रहों, वायुयानों अथवा किसी अन्य प्लेट फार्म में रखकर प्रयोग में लाते हैं। दूर संवेग कार्यों में निम्नलिखित संवेदकों में से कौन-सा सम्मिलित नहीं है?

[A] वायव कैमरा (Aerial camera)
[B] बहुस्पेक्ट्रमी क्रमवीक्षक (Multi-spectral scanner)
[C] तापीय अवरक्त रैखिक क्रमवीक्षक (Thermal infrared linear scanner)
[D] थियोडोलाईट, सेक्सटेन्ट, आदि

[read more] [D] थियोडोलाईट, सेक्सटेन्ट, आदि [/read]

141. दूर संवेद (Remote Sensing) का तात्पर्य उन विधियों से है जिनमें किसी लक्ष्य को पहचानने तथा उसके लक्षणों को मापने के लिए विद्युत चुम्बकीय उर्जा जैसे प्रकाश, ऊष्मा व रेडियो तरंगों को प्रयोग में लाते हैं, यह परिभाषा है:

[A] प्लॉयड एफ. साबिन्स (Floyd.f. Sabins)
[B] बी.एल. डीकशटुलू (B.L. Deekshatulu)
[C] जार्ज जोसेफ (George Joseph)
[D] टी.एम. लिलेसेण्ड (T.M. Lillesand)

[read more] [A] प्लॉयड एफ. साबिन्स (Floyd.f. Sabins) [/read]

142. पृथ्वी के घूर्णन काल (Rotation period) से मेल खाने वाले वेग से गतिमान उपग्रह को कहते हैं:

[A] भू-स्थिर उपग्रह
[B] धरातल-तुल्य उपग्रह
[C] सूर्य कालिका उपग्रह
[D] इन्सेट

[read more] [A] भू-स्थिर उपग्रह [/read]

143. दूर संवेग के ऐसे प्लेटफार्म जहां से वायुमण्डलीय दशओं एवं भू-संसाधनों का ग्लोबीय स्तर पर लगातार प्रेक्षण एवं मानीटरन किया जा सकता है, कहलाता है:

[A] अन्तरिक्ष यान
[B] कृत्रिम उपग्रह
[C] रॉकेट
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [B] कृत्रिम उपग्रह [/read] 

144. दूर संवेग की दृष्टि से विद्युत चुम्बकीय तरंगों के तीन प्रमुख लक्षण हैं। निम्न में से कौन-सा नहीं है?

[A] तरंग वेग
[B] तरंग बारम्वारता
[C] तरंग दैर्ध्य
[D] तरंग दिशा

[read more] [D] तरंग दिशा [/read]

145. वितरण मानचित्र की रचना हेतु कौन-सी विधि मात्रात्मक नहीं है?

[A] सममान रेखा विधि
[B] वर्णमात्री विधि
[C] स्तर रंजन विधि
[D] बिन्दु विधि

[read more] [C] स्तर रंजन विधि [/read]

146. सममान रेखा विधि के सम्बन्ध में कौन-सा कथन सत्य है?

[A] यह प्राकृतिक तत्वों को दर्शाने के लिए अधिक उपयोगी है
[B] यह प्रवणता को भली-भांति दिखा सकती है
[C] यह जलवायु मानचित्रों के लिए विशेष रूप से अनुकूल है
[D] इसका प्रयोग अधिकतर मानव भूगोल में किया जाता है

[read more] [D] इसका प्रयोग अधिकतर मानव भूगोल में किया जाता है [/read] 

147. संक्रमण पेटी (Transitional Belt) वाले तत्वों का वितरण मानचित्र बनाने के लिए कौन-सी विधि सबसे अधिक उपयुक्त है?

[A] सममान रेखा विधि
[B] बिन्दु विधि
[C] वर्णमात्री विधि
[D] वर्णप्रतीकी विधि

[read more] [A] सममान रेखा विधि [/read]

148. निरपेक्ष आंकड़ों (Absolute Figures) को मानचित्र पर दर्शाने के लिए किस विधि का प्रयोग किया जाता है?

[A] सममान रेखा विधि का
[B] बिन्दु विधि का
[C] वर्णमात्री विधि
[D] सामान्य छाया विधि का

[read more] [B] बिन्दु विधि का [/read]

149. इस मानचित्र को क्या कहते हैं जिसमें एक ही वस्तु के विभिन प्रकारों के वितरण को विभिन्न रंगों से दर्शाया जाता है:

[A] कोरोस्केमेटिक मानचित्र
[B] आइसोप्लेथ मानचित्र
[C] कोरोप्लेथ मानचित्र
[D] कोरोक्रोमेटिक मानचित्र

[read more] [D] कोरोक्रोमेटिक मानचित्र [/read]

150. किसी चरांक के विभिन्न मानों में आन्तरिक विभिन्नताओं की गहनता क्या कहलाती है?

[A] संचयी बारम्बारता
[B] विक्षेपण या फैलाव
[C] सहसम्बन्ध गुणांक
[D] मानक विचलन

[read more] [B] विक्षेपण या फैलाव [/read]

151. दो चरांकों के बीच सम्बन्धों की दिशा और गहनता की माप को क्या कहते हैं? 

[A] वर्ग अन्तराल
[B] सहसम्बन्ध गुणांक
[C] विचरण का गुणांक
[D] गुण सहचर्य

[read more] [B] सहसम्बन्ध गुणांक [/read]

152. किन्हीं दो चरों में यदि सहसम्बन्ध मूल्य +1.0 है तो इसका आशय है कि यह दो चर:

[A] आपस में पूरी तरह से सम्बन्धित हैं
[B] आपस में सम्बन्धित नहीं है
[C] एक-दूसरे पर बहुत अधिक निर्भर हैं
[D] एक-दूसरे से पूर्णतया स्वतंत्र हैं

[read more] [A] आपस में पूरी तरह से सम्बन्धित हैं [/read]

153. मानक विचलन का उपयोग कब किया जाता है

[A] जब परिवर्तनीयता की अत्यधिक विश्वसनीय तथा निर्भर करने योग्य जानकारी प्राप्त करनी हो
[B] जव मानक विद्यतन पर निर्भर सहसम्वन्ध सांख्यिकी ज्ञान करनी हो
[C] जय सामान्य वक्र की व्याख्या आवश्यक हो
[D] उपर्युक्त सभी दशाओं में

[read more] [D] उपर्युक्त सभी दशाओं में [/read]

154. किन्ही दो चरों में यदि सहसंबंध मूल्य 1.0 है तो इसका तात्पर्य है कि उन दोनों चरों में:

[A] पूर्ण सहसंबंध है
[B] पूर्ण ऋणात्मक सहसम्बन्ध है
[C] नगण्य धनात्मक सहसंबंध है
[D] नगण्य ऋणात्मक सहसंबंध है

[read more] [B] पूर्ण ऋणात्मक सहसम्बन्ध है [/read]

155. वर्गान्तरों (Class Intervals) को लिखने की मुख्य विधियां:

[A] समावेशी श्रेणी
[B] शुद्ध श्रेणी
[C] अपवर्जी श्रेणी
[D] इनमें से सभी

[read more] [D] इनमें से सभी [/read] 

156. वर्गान्तरों को लिखने की कौन-सी विधि में वर्गान्तरों को 0-4, 5-9, 10-14, 15-19 के रूप में लिखा जाता है?

[A] शुद्ध श्रेणी
[B] अपवर्जी श्रेणी
[C] समावेशी श्रेणी
[D] इनमें से सभी में

[read more] [C] समावेशी श्रेणी [/read]

157. बारंबारता का ग्रामीण प्रदर्शन कहलाता है:

[A] दण्डारेख
[B] आयतचित्र
[C] चक्रारेख
[D] पेन्टोग्राफ

[read more] [B] आयतचित्र [/read]

158. निम्नांकित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] सांख्यिकी आंकड़ों की प्रवृत्ति जो किसी मान के आस-पास गुच्छित होती है केन्द्रीय प्रवृत्ति कहलाती है। 
[B] बहुलक पद का वह मान है जिसकी बारंबारता सबसे अधिक होती है।
[C] चतुर्थक चर संस्थाओं के वे मन जो श्रृंखला के पदों को चार बराबर भागों में बांटते हैं।
[D] उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।

[read more] [D] उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं। [/read]

159. वह आरेख क्या कहलाता है, जिसमें ग्राफ कागज पर दो अभिलक्षकों का विचलन दिखाया जाता है?

[A] आयत चित्र
[B] प्रकीर्ण आरेख
[C] लारेंज वक्र
[D] प्रतीगमन आरेख

[read more] [B] प्रकीर्ण आरेख [/read]

160. किसी क्षेत्र की मूल आकृति को किसी विशेष उद्देश्य से विकृत कर सांख्यिकी आंकड़ों का आरेखी विधि से मानचित्र पर प्रदर्शन कहलाता है:

[A] आयत चित्र
[B] वलयारेख
[C] मानारेख
[D] मानचित्रकला

[read more] [C] मानारेख [/read]

161. माध्य विचलन में केन्द्रीयमान सामान्यतः होता है:

[A] माध्यिका
[B] माध्य
[C] बहुलक
[D] ‘A’ और ‘B’ दोनों

[read more] [D] ‘A’ और ‘B’ दोनों [/read]

162. श्रेणी के समस्त पदों के माध्य से निकाले गए विचलनों के वर्गों के माध्य का धनात्मक वर्गमूल होता है:

[A] मानक विचलन
[B] माध्य विचलन
[C] प्रतीगमन
[D] बहुलक

[read more] [A] मानक विचलन [/read] 

163. अभिलक्षकों के संकेन्द्रता को दिखाने वाली ग्राफीय विधि क्या कहलाती है?

[A] प्रतीगमन रेखा
[B] लारेंज वक्र
[C] प्रकीर्ण रेखा
[D] विक्षेपण वक्र

[read more] [B] लारेंज वक्र [/read] 

164. “दूरस्थ संवेदन” नामक शब्दावली का प्रयोग सर्वप्रथम हुआ:

[A] 1950 में
[B] 1955 में
[C] 1960 में
[D] 1965 में

[read more] [C] 1960 में [/read]

165. दूरस्थ संवदेन का कौन-सा प्रकार प्लेटफार्म आधारित है?

[A] सक्रिय (Active) दूरस्थ संवेदन
[B] निष्क्रिय (Passive) दूरस्थ संवेदन
[C] विमान वाहित (Air Borne) दूरस्थ संवेदन
[D] लाल अवरक्त दूरस्थ संवेदन

[read more] [C] विमान वाहित (Air Borne) दूरस्थ संवेदन [/read]

166. निम्नलिखित में से कौन-सा अवयव विद्युत चुम्बकीय विकिरण पर आधारित दूरस्थ संवेदन से सम्बन्धित नहीं है?

[A] ऊर्जा का स्रोत
[B] संवेदक
[C] पृथ्वी सतह के साथ ऊर्जा की अन्तर्क्रिया
[D] इलेक्ट्रीकल युक्तियां

[read more] [D] इलेक्ट्रीकल युक्तियां [/read]

167. “भारतीय फोटो-निर्वचन संस्थान” स्थित है:

[A] चेन्नई में
[B] देहरादून में
[C] हैदराबादद में
[D] बंगलोर में

[read more] [B] देहरादून में [/read]

168. भारतीय सर्वेक्षण विभाग के संरक्षण में “भारतीय फोटो-निर्वचन संस्थान” की स्थापना किस देश की सहायता से की गई है?

[A] संयुक्त राज्य अमेरिका
[B] फ्रांस
[C] नीदरलैण्ड
[D] रूस

[read more] [C] नीदरलैण्ड [/read]

169. समोच्चरेखी मानचित्रण किस यन्त्र के उपयोग में आसान हो जाता है?

[A] मल्टीप्लैक्स
[B] पैरेलेक्स स्केल
[C] स्टीरियोमीटर
[D] पेन्टोग्राफ

[read more] [A] मल्टीप्लैक्स [/read]

170. कम्प्यूटर पर आधारित वह प्रणाली जो पृथ्वी सतह का निर्माण करने वाले लक्षणों से सम्बन्धित सूचनाओं का आलेखन, संग्रहण और विश्लेषण करती है, कहलाती है:

[A] दूरस्थ संवेदन
[B] भूमि सूचना प्रणाली
[C] भौगोलिक सूचना प्रणाली
[D] अंकीय चित्र संसाधित प्रणाली

[read more] [C] भौगोलिक सूचना प्रणाली [/read]

171. भौगोलिक सूचना प्रणाली के उपयोग का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसके द्वारा:

[A] मानचित्र पर विभिन्न लक्षणों के मध्य विद्यमान स्थानिक संबंधों को ज्ञात किया जा सकता है
[B] मानचित्रों का भण्डारण किया जा सकता है
[C] पृथ्वी सतह की जानकारी प्राप्त की जा सकती है
[D] भौगोलिक आंकड़ों का संग्रहण किया जा सकता है

[read more] [A] मानचित्र पर विभिन्न लक्षणों के मध्य विद्यमान स्थानिक संबंधों को ज्ञात किया जा सकता है [/read]

172. भौगोलिक सूचना प्रणाली किस प्रकार की सूचना के समुच्चय से युक्त होती है?

[A] मानचित्र
[B] चित्र
[C] बिम्ब चित्र
[D] डेटोबेस (आंकड़ा आधार)

[read more] [D] डेटोबेस (आंकड़ा आधार) [/read]

173. भौगोलिक सूचना प्रणाली में भौगोलिक लक्षणों को दिखाने हेतु किसका प्रयोग होता है?

[A] बिन्दुओं का
[B] रेखाओं का
[C] बहुभुजों का
[D] इनमें से सभी का

[read more] [D] इनमें से सभी का [/read] 

174. भौगोलिक सूचना प्रणाली में सूचनाओं के प्रत्येक समुच्चय को क्या कहते हैं:

[A] लेयर (Layer)
[B] बिंदु (Points)
[C] बहुभुज (Polygons)
[D] क्षेत्र (Area)

[read more] [A] लेयर (Layer) [/read]

175. भौगोलिक सूचना प्रणाली का विकास 1960-70 के दशक में सर्वप्रथम किसमें हुआ?

[A] संयुक्त राज्य अमेरिका
[B] कनाडा
[C] फ्रांस
[D] रूस

[read more] [B] कनाडा [/read]

176. ओक्टास’ मापनी का प्रयोग निम्नलिखित में से किसके मापन के लिए किया जाता है?
[A] वायुमण्डलीय आर्द्रता
[B] मेघाच्छादन की मात्रा
[C] सौर प्रकाश की मात्रा
[D] ओस-जमाव का स्तर

[read more] [B] मेघाच्छादन की मात्रा [/read]

177. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूट से सही उत्तर चुनिए:
सूची I – सूची II
(अ) कोरोस्किमैटिक मानचित्र- 1. बहुत छोटे मापक पर एटलस मानचित्र
(ब) कोरोसेमैटिक मानचित्र – 2. विभिन्न रंगों द्वारा विभिन्न तथ्यों का प्रदर्शन
(स) कोरोप्लेथ मानचित्र – 3. विभिन्न प्रतीकों द्वारा वस्तु वितरण
(द) कोरोग्राफिकल मानचित्र – 4. क्षैतिजीय तथा लम्बवत् रेखाओं द्वारा विभिन्न छायाएं
कूट: अ ब स द
[A]  1 2 3 4
[B]  2 3 4 1
[C]  4 3 2 1
[D]  4 2 3 1

[read more] [B] 2 3 4 1 [/read]



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नोट :  मैं आशा करता हूँ कि भूगोल विषय से सम्बंधित सभी Question Answer Test आपके सभी प्रकार के परीक्षा के लिए नींव का पत्थर साबित होंगे। अगर किसी भी प्रश्न के उत्तर को लेकर आपके मन में कोई संदेह हो तो हमसे Contact With us के माध्यम से, Comment या Email से Contact कर सकते है। मैं हमेशा आपके मंगल भविष्य की कामना करता हूँ।

Thank You @ By Dr. Amar Kumar

13. ज्योति मौर्या और अलोक मौर्या से सम्बंधित कविता 

 ज्योति मौर्या और अलोक मौर्या से सम्बंधित कविता


ज्योति मौर्या और अलोक मौर्या से सम्बंधित कविता 

सुनो प्रिय ! तुम बेफिक्र होकर, पढ़ो लिखो और अधिकारी बनो।

मैं तुम्हें बिना अधिकारी बने, पटना से वापस नहीं बुलाऊँगा।।

मुझे यह पता है कि, बरेली की अफेयर वाली घटना।

तुम्हारे करेंट अफेयर्स के, नोट्स का हिस्सा नहीं है।।

मुझे बरेली की अधिकारी वाली घटना, बिल्कुल भी परेशान नहीं करती।

हाँ, इलाहाबाद से महिलाओं की वापसी की खबर, मुझे जरूर परेशान कर देती हैं।।

मुझे ‘बेटी पढ़ाओ, बीबी नहीं’ वाले, महिला विरोधी ट्विट या पोस्ट से।

या फिर ‘हीरा ठाकुर’ वाले मिम्स से, मेरा तुम पर भरोसा कम नहीं होगा।।

ज्यादा पढ़ा-लिखा न होने के वाबजूद, इतनी तो मुझमें समझ है हर किसी की पत्नी।

अधिकारी बनकर ज्योति मौर्या नहीं हो जाएगी, उन्हीं में से कई राधा ठाकुर भी होंगी।।

यदि तुम अधिकारी बनने के बाद, ज्योति मौर्या भी बन गई।

तब भी आलोक मौर्या की तरह, मैं रोना नहीं रोऊँगा।।

मैं यह नहीं कहूँगा कि, मैं तुम्हें अधिकारी बनाया।

अपने सहयोग के लिए किसी के श्रम का, अतिक्रमण कना मुझे नहीं आता।।

By RS


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26. ब्रिटिश भौगोलिक विचारधाराओं पर प्रकाश 

26. ब्रिटिश भौगोलिक विचारधाराओं पर प्रकाश


ब्रिटिश भौगोलिक विचारधाराओं पर प्रकाश 

            उन्नीसवीं सदी के मध्य तक ब्रिटेन में भूगोल की ओर विशेष ध्यान नहीं दिया गया। काफी समय बाद स्कूलों व कालेजों में भूगोल का अध्ययन प्रारम्भ किया गया। इस अध्यापन में छात्रों को पर्वतों, नदियों, शहरों आदि के नामों की सूची ही रटायी जाती थी। उन्नीसवीं सदी के अन्त में ब्रिटेन में भूगोल का अध्यापन विश्वविद्यालय स्तर पर प्रारम्भ किया गया। तब से अब तक ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं ने भी भूगोल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान किया है। ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं ने भूगोल के जिन क्षेत्रों में विशेष योगदान किया है, उनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:

(i) राजनीतिक भूगोल (Political Geography):-

         हेफोर्ड मेकिण्डर (Halford Mackinder) सर्वप्रमुख ब्रिटिश राजनीतिक भूगोलवेत्ता था। 1904 में उसने ‘रॉयल ज्योग्राफिकल सोसायटी’, लन्दन के समक्ष एक पत्र पढ़ा। यह ‘हृदय स्थल सिद्धान्त’ (Heart Land Theory) था। सिद्धान्त इस प्रकार था:

“जो पूर्वी यूरोप पर शासन करता है, हृदय स्थल को नियन्त्रित करता है, जो हृदय स्थल पर शासन करता है, विश्वद्वीप को नियन्त्रित करता है, जो विश्वद्वीप पर शासन करता है, विश्व को नियन्त्रित करता है।”

          रिचर्ड हार्टशोन के अनुसार मेकिण्ड का यह सिद्धान्त, संसार की शक्ति का विश्लेषण था, जो वर्तमान में मानव की राजनीतिक शक्तियों के मूल्यांकन का सबसे बड़ा योगदान हो गया है।

 

ब्रिटिश भौगोलिक

हेफोर्ड मेकिण्डर

(ii) आर्थिक भूगोल (Economic Geography):-

          दोनों महायुद्धों के मध्य ब्रिटेन में आर्थिक भूगोल पर विशेष ध्यान दिया गया था। इसमें प्राकृतिक तथ्यों के संसाधनों व आर्थिक क्रियाओं पर प्रभाव का अध्ययन किया गया। 1949 में स्मिथ (W. Smith) ने ब्रिटेन का ‘आर्थिक भूगोल’ (Economic Geography) लिखा। चिशोम (Chisholm) ने ‘वाणिज्य भूगोल’ (Hand book of Commercial Geography) नामक पुस्तक लिखी। 1930 में स्टाम्प (L. D. Stamp) ने ब्रिटेन के भूमि उपयोग मानचित्र पर कार्य प्रारम्भ किया।

          हरबर्टसन ने 1905 में विश्व के प्रादेशिक व आर्थिक भूगोल के लिये आधार तैयार किया। उसने विश्व को पन्द्रह प्राकृतिक भागों में बांटा था।

(iii) मानव-प्रकृति अन्तर्क्रिया (Man-Nature Interaction):-

           उन्नीसवीं सदी के अन्त से प्रथम विश्वयुद्ध तक ब्रिटेन में मानव व प्रकृति के सम्बन्धों का अध्ययन मुख्य रूप से किया गया। उस समय ब्रिटेन में भूगोल का अर्थ केवल धरातल व मानव पर उसके प्रभावों के वर्णनों तक ही सीमित था। ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं ने विश्व को प्राकृतिक प्रदेशों में बांटा तथा बताया कि प्रत्येक प्रदेश में मानव किस प्रकार वातावरण से प्रभावित होकर कार्य करता है। फोर्डे (Forde) ने मानव के जीवन व कार्यों पर वातावरण का प्रभाव प्रदर्शित करने के लिये एक पुस्तक Habitat, Economy and Society प्रकाशित की।

(iv) ऐतिहासिक भूगोल (Historical Geography):-

         प्रथम विश्वयुद्ध के बाद ब्रिटेन में ऐतिहासिक भूगोल पर अच्छा कार्य हुआ है। मेकिण्डर ने ब्रिटेन में ऐतिहासिक भूगोल के लिये आधार तैयार किया। उसका मत था कि भूगोलवेत्ताओं को वर्तमान के साथ-साथ अतीत की भौगोलिक विशेषताओं का भी अध्ययन करना चाहिये, अन्यथा भूगोल समकालीन घटनाओं का वर्णन मात्र रह जायेगा। ऐतिहासिक भूगोल में जिन ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं ने विशेष योगदान किया, वे हैं—न्यूबेगिन (M. I. Newbegin), टेलर (E. G. R. Taylor), गिलबर्ट (E. W. Gilbert) व डार्बी (H. C. Darby)।

(v) कृषि भूगोल (Agricultural Geography):-

           बीसवीं सदी के आगमन के साथ ही ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं ने कृषि भूगोल में रुचि लेनी प्रारम्भ कर दी थी । शोध कार्य प्रारम्भ कर दिये थे। परन्तु भूमि उपयोग सर्वेक्षण का कार्य 1920-30 के बाद प्रारम्भ किया गया। 1920 में स्टाम्प (L. D. Stamp) ने ब्रिटेन के भूमि उपयोग मानचित्र तैयार किये। स्टाम्प ने एक पुस्तक ‘ब्रिटेन की भूमि, इसका उपयोग व दुरुपयोग’ (The land of Britain, Its Use and Misuse) भी लिखी।

(vi) मात्रात्मक क्रान्ति (Quantitative Revolution):-

        पिछले 40-50 वर्षों में ब्रिटेन में मात्रात्मक क्षेत्र में, भूगोल को स्थापित किया गया है। हैगेट (Peter Haggett) तथा चोर्ले (Richard Chorley) ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया है। हैगेट ने सांख्यिकी विधियों का उपयोग, मानव व सामाजिक भूगोल (Human and Social Geography) के क्षेत्र में, मॉडल (Models) बनाने में किया। मात्रात्मक क्रान्ति यद्यपि अमेरिका से प्रारम्भ हुई, परन्तु ब्रिटेन में फैलते भी इसे देर न लगी। ब्रिटिश भूगोलवेत्ताओं ने अपना ध्यान इस ओर केन्द्रित किया और मॉडलों व सांख्यिकी की सहायता से अध्ययन प्रारम्भ किया। ‘मानव भूगोल में मॉडल’ (Models is Human Geography), मानव भूगोल में ‘स्थानीकरण विश्लेषण’ (Locational Analysis in Human Geography) व ‘भौगोलिक शिक्षण की सीमाएं’ (Frontiers in Geographical Teachings) ऐसी ही कृतियां हैं।

       आज ब्रिटेन में ‘यथार्थवाद’ (Positivism or Realism) पर भी कार्य किया जा रहा है। इसमें उन पर जोर दिया जाता है जिनके सम्बन्ध में सही-सही निर्णय नहीं लिया जा सकता जैसे- मानव की व्यावहारिक समस्याओं (Practical ) पर ध्यान दिया जाता है। हंटिंगटन ने मानव भूगोल के तथ्यों को 5 तथा मानवीय आवश्यकताओं को 4 कोटियों में रखा है:

मानव भूगोल के तथ्य-

(i) पृथ्वी एक ग्लोब के रूप में,

(ii) भौम्याकार,

(iii) जलाशय,

(iv) मिट्टियां तथा खजिन पदार्थ,

(v) जलवायु।

मानवीय आवश्यकतायें-

(i) भौतिक आवश्यकताएं,

(ii) मुख्य व्यवसाय,

(iii) चातुर्थ और

(iv) उच्च आवश्यकताएं।

हटिंगटन के अनुसार-

(i) आबादी के घनत्व,

(ii) धन-धान्य तथा स्थिति,

(iii) एकाकीपन की मात्रा,

(iv) मानव झुकाव, साधन तथा उद्योग सम्बन्धी भिन्नता एवं

(v) स्फूर्ति की मात्रा पर भौगोलिक प्रभावों को स्पष्ट किया है।

          हटिंगटन ने आर्थिक तथा सामाजिक भूगोल पर भी कार्य किया है। वास्तव में भूगोल के क्षेत्र में इनका महान योगदान है। इनके भौगोलिक विचारधारा उसके सहयोगियों तथा मानव भूगोलवेत्ताओं के लिए प्रेरणा-स्रोत सिद्ध हुई है।


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25. हम्बोल्ट एवं रिटर के भौगोलिक विचारों का तुलनात्मक अध्ययन

25. हम्बोल्ट एवं रिटर के भौगोलिक विचारों का तुलनात्मक अध्ययन


हम्बोल्ट एवं रिटर के भौगोलिक विचारों का तुलनात्मक अध्ययन

हम्बोल्ट एवं रिटर

                     यद्यपि हम्बोल्ट तथा रिटर के विचारों में आधारभूत समानता (Similarity) थी, फिर भी दोनों के प्राकृतिक दर्शन (Philosophy of nature) में भिन्नता थी।

(1) हम्बोल्ट प्रकृति की एकता (Unity) में विश्वास करता था तथा वह कार्य-कारण के सम्बन्ध (Inherent causality) में भी विश्वास करता था।

       हम्बोल्ट ने स्वयं लिखा है कि मैंने पृथ्वी पर प्राकृतिक भू-दृश्यों को क्रमबद्ध करके प्रदेशों की सीमायें निर्धारित करने में ऐसा प्रयत्न किया है कि उन प्रदेशों के द्वारा कारण सम्बन्धों (Causal connecions) का स्पष्टीकरण हो जाता है। रिटर ने भी कारण-सम्बन्धों को तुलनात्मक विधि से निश्चित किया था। हम्बोल्ट के मतानुसार, प्रकृति के विभिन्न भू-दृश्यों के वर्गों (Groups of phenomena) में हमको आनुभविक नियमों (Empirical laws) को समझना चाहिये। परन्तु समस्त प्राकृतिक अध्ययन का सबसे ऊंचा लक्ष्य कारण-सम्बन्धों को खोजना होता है।

(2) परन्तु हम्बोल्ट के एकता तथ कारणत्व (causality) के विचार रिटर के विचारों से इस प्रकार भिन्न हैं कि रिटर के अध्ययन में मानव को केन्द्रीय स्थान (Anthropocentric attitude) देकर प्रकृति का अध्ययन किया जाता है। इसके अतिरिक्त रिटर में ईश्वरीय उद्देश्यवाद के विचारों (Teleological views) की प्रधानता थी। इस प्रकार हम्बोल्ट और रिटर में दार्शनिकता का भेद था। रिटर का दर्शन आदर्शवादी दार्शनिकों (Idealist philosophers) से मेल खाता था। परन्तु हम्बोल्ट की दार्शनिकता नितान्त आदर्शवादी नहीं थी।

(3) हम्बोल्ट तथा रिटर के कार्य-क्षेत्रों में भिन्नता थी। उनके अध्ययन के दृष्टिकोण अलग-अलग थे। हम्बोल्ट क्रमबद्ध अध्ययन को प्रधानता देता था, जबकि रिटर प्रादेशिक अध्ययन (Landerkunde) को प्रधानता देता था।

(4) समानता-

          रिटर ने अपने भाषणों में बतलाया था, कि प्रादेशिक अध्ययन (Landerkunde) में क्रमबद्ध अध्ययन का महत्व था, और उसने भूगोल की जो ग्रन्थमाला अर्डकुण्डे के नाम से प्रकाशित की थी उसका अन्तिम ग्रन्थ क्रमबद्ध भूगोल (Systematic Geography) था।

         हम्बोल्ट ने भी प्रादेशिक अध्ययन पर कुछ लेख प्रकाशित किये थे। परन्तु हम्बोल्ट ने प्रादेशिक भूगोल के विषय को अधिक विकसित नहीं किया, क्योंकि उसका लक्ष्य प्रादेशिक भूगोल नहीं था और उसने भौगोलिक ग्रन्थों में उसको कोई महत्वपूर्ण स्थान नहीं दिया था।

(5) पूरकता- 

           इस प्रकार हम कह सकते हैं कि रिटर और हम्बोल्ट दोनों का कार्य एक-दूसरे का पूरक (Complementary) था। हम्बोल्ट ने क्रमबद्ध भूगोल के अध्ययन की विधि बतलाई और उसका स्वरूप भी निश्चित किया था। उदाहरण के लिए, उसने जलवायु विज्ञान (Climatology) तथा वनस्पति भूगोल (Plant geography) पर ग्रन्थ लिखे थे। रिटर ने प्रादेशिक व्यक्तित्व (Regional individuality) के अध्ययन को अपने ग्रन्थ अर्डकुण्डे का आधार बनाया हुआ था, जिसके द्वारा प्रत्येक क्षेत्र के समस्त भौगोलिक तत्वों के विवेचन से उस क्षेत्र की पूर्णता (Totality) का वर्णन किया जाता था, अर्थात् प्रत्येक क्षेत्र को एक सम्पूर्ण इकाई (Individual whole) के रूप में अध्ययन और वर्णित किया गया था। अतः उन दोनों ने मिलकर वर्तमान भूगोल (Modern geography) के कार्य को पूरा किया था।

          रिटर ने यूनिवर्सिटी में अध्यापन का कार्य किया था और विधितन्त्र (Methodology) पर बहुत से पत्र प्रकाशित किये थे। इसलिए आगे आने वाली पीढ़ियों पर हम्बोल्ट की अपेक्षा रिटर का अधिक प्रभाव पड़ा, क्योंकि हम्बोल्ट के लेख बहुत सी पत्रिकाओं में इधर-उधर बिखरे हुए थे और भूगोलवेत्ताओं को उनकी जानकारी अपेक्षाकृत कम थी।

         म्बोल्ट और रिटर दोनों की मृत्यु 1859 में हुई थी। उसी वर्ष डार्विन (Darwin) का विकासवाद का सिद्धान्त, उसके द्वारा लिखी हुई पुस्तक ‘जीवधारियों के जातिवर्गों की उत्पत्ति’ (Origin of Species) में प्रकाशित हुआ था। इस प्रकार उनकी मृत्यु से भौगोलिक विकास के एक युग का अन्त हो गया था, और वैज्ञानिक तथा दार्शनिक विचारधारा में एक नये आन्दोलन का आरम्भ हो गया था।

       19वीं शताब्दी के आरम्भ से लेकर मध्य तक की अर्द्धशताब्दी में आदर्शवाद ( Idealism) का बोलबाला रहा था। विज्ञान में ‘पदार्थवाद’ ने प्राकृतिक नियम (Natural law) और कारणत्व (Causality) पर विशेष बल दिया था। लगभग 10 वर्षों बाद पदार्थवाद का प्रभाव भौगोलिक विचारधारा पर भी होने लगा।

उष्मा बजट


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24. भूगोल को परिभाषित कीजिए तथा अन्य विज्ञानों के साथ उसके सम्बन्धों की विवेचना कीजिए।

24. भूगोल को परिभाषित कीजिए तथा अन्य विज्ञानों के साथ उसके सम्बन्धों की विवेचना कीजिए।


भूगोल को परिभाषित कीजिए तथा अन्य विज्ञानों के साथ उसके सम्बन्धों की विवेचना कीजिए।

भूगोल को परिभाषित

          भूगोल के लिए प्रयुक्त होने वाला अंग्रेजी शब्द ‘Geography’ यूनानी भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है। Geo = पृथ्वी एवं (Graphy) वर्णन, जिसका अर्थ ‘पृथ्वी का वर्णन’ है। इस प्रकार भूगोल अर्थात ज्योग्रॉफी का सामान्य अर्थ है- पृथ्वी का वर्णन करना।

            भूगोल की कहानी उतनी ही पुरानी है जितनी कि मानव सभ्यता का इतिहास तथा उतना ही नवीन है जितना कि दैनिक समाचार-पत्र। मानव सभ्यता के क्रमिक विकास के साथ- साथ भूगोल के अध्ययन क्षेत्र में भी विकास होता गया है। संक्षेप में कहा जा सकता “भूगोल पृथ्वी तल और उसके निवासियों का विज्ञान है।” (Geography is the Science of the earth’s surface and its inhabitants.) विशेषकर द्वितीय विश्वयुद्ध के पश्चात के वर्षों में भूगोल के अध्ययन क्षेत्र में आवश्यक विस्तार वैज्ञानीकरण और परिवर्तन तीव्र गति से हुआ है।

             विभिन्न विद्वानों द्वारा दी गई भूगोल की परिभाषायें निम्न प्रकार हैं-

1. शब्दकोष द्वारा परिभाषा- भूगोल पृथ्वी तल और पृथ्वी पर रहने वाले निवासियों का विज्ञान है।

2. मोंकहाउस द्वारा परिभाषा- भूगोल पृथ्वी तल का, उसकी क्षेत्रीय भिन्नता के साथ, मानवीय निवास के रूप में अध्ययन है।

3. हार्टशोर्न द्वारा परिभाषा- भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी के एक स्थान से दूसरे स्थान तक परिवर्तनशील स्वरूपों का वर्णन और उनकी व्याख्या ‘मानव के संसार’ के रूप में करता है। यह पृथ्वी तल के घटना दृश्यों के विविध परिवर्ती वितरणों और जटिल अंतर्संबंधों का विश्लेषण करता है और पृथ्वी तल के परिवर्ती स्वरूप की व्याख्या करके उसका शुद्ध क्रमबद्ध और परिमेय वर्णन करता है।

4. रिचथोफेन (Richthofen)- रिचथोफेन के मतानुसार भूगोल में पृथ्वी तल के विभिन्न क्षेत्रों का अध्ययन उनकी समस्त विशेषताओं के अनुसार किया जाता है।

5. हेटनर (Hettner)- भूगोल क्षेत्रीय विज्ञान है जिसमें पृथ्वी तल के क्षेत्रों का अध्ययन उनकी भिन्नताओं तथा स्थानिक संबंधों की पृष्ठभूमि में किया जाता है।

6. हैगेट (Haggett)- भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वीतल पर मानव वातावरण के पारिस्थितिक तंत्र और प्रदेशों के स्थानिक तंत्र की संरचनाओं तथा पारस्परिक क्रियाओं का अध्ययन करता है।

7. हेरमेन- भूगोल विज्ञान में पृथ्वी के थल का अध्ययन उपत्यक (Genetic), कारणात्मक (Causal) और कार्यात्मक (Functional) दृष्टिकोणों से किया जाता है।

8. डूडले स्टाम्प (Dudley Stamp)- इनकी परिभाषा को तीन प्रकार से लिखा गया है:
(i) भूगोल में संसार का और उसके निवासियों का वर्णन होता है।

(ii) भूगोल में पृथ्वी का तथा मानव परिस्थितिकी का विज्ञान है।

(iii) भूगोल में पृथ्वीतल का वर्णन, क्षेत्रों की भिन्नताओं और सम्बन्धों के प्रसंग में किया जाता है।

9. काण्ट- भूगोल वह विज्ञान है जिसमें पृथ्वी के उस भाग का अध्ययन किया जाता है जो कि मानव का घर है। काण्ट भूगोल तथा खगोलकी को दो भिन्न विज्ञान मानते थे।

10. रिटर (Ritter)- भूगोल में पृथ्वी तल का अध्ययन किया जाता है जो कि मानव का निवास गृह है।

11. वूल्डरिज तथा ईस्ट द्वारा परिभाषा (Wooldridge and East)- भूगोल में भू-क्षेत्र तथा मानव का अध्ययन होता है। इन विद्वानों ने अपनी परिभाषा में तीन बातों को प्रधानता दी है-

(i) पृथ्वीतल (Earth’s Surface) का वैज्ञानिक अध्ययन,

(ii) पृथ्वीतल की विभिन्नताओं के आधार पर पृथ्वी के विभिन्न प्राकृतिक भाग जिनमें मानवीय क्रियाओं की विभिन्नताएं भी सम्मिलित रहती हैं और

(iii) तथ्यों के पारस्परिक सम्बन्ध।

12. वर्तमान जर्मन भूगोलवेत्ता- वर्तमान जर्मन भूगोलवेत्ताओं के अनुसार, भूगेल वह विज्ञान है, जिसमें पृथ्वी के विभिन्न प्रदेशों ‘लैण्डशाफ्ट’ का अध्ययन होता है। इस प्रसंग में यह बात भली-भाँति समझ लेने की है कि जर्मन भाषा के शब्द ‘लैण्डशाफ्ट’ का अनुवाद अंग्रेजी भाषा के शब्द ‘लैण्डस्केप’ से नहीं किया जा सकता है। अंग्रेजी शब्द ‘लैण्डस्केप’ का अर्थ हिन्दी भाषा में ‘दृश्यभूमि’ होता है, जिसमें प्राकृतिक दृश्यभूमि तथा सांस्कृतिक दृश्यभूमि दोनों ही समाविष्ट होते हैं।

           जबकि जर्मन शब्द ‘लैण्डशाफ्ट का प्रयोग दृश्यभूमि तथा प्रदेश दोनों अर्थों का वाचक है, जिसमें प्रदेश को विशेषताएँ और मानवीय क्रियाएँ भी सम्मिलित रहती हैं।

             भूगोल का अन्य भौतिक विज्ञानों से मनिष्ठ सम्बन्ध है। भूगोल की निम्नलिखित वस्तु है-

1. खगोल विज्ञान:-

        सौर मंडल, सूर्य की सीधी किरणों का उत्तरायण और दक्षिणायन होना, दिन-रात का होना और घटना बढ़ना, मौसम में परिवर्तन, चन्द्रमा की कलाओं के घटने-बढ़ने से कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष का होना, चन्द्रग्रहण, सूर्यग्रहण आदि के अध्ययन भूगोल तथा खगोल विज्ञान दोनों में होता है। अतः भूगोल तथा खगोल विज्ञान में बहुत निकट का सम्बन्ध है।

2. गणित:-

        भूगोल में प्रदेशों की अवस्थिति और भौमिकीय स्थिति आदि का अध्ययन किया जाता है और इनको अंशों व कलाओं द्वारा व्यक्त करते हैं। इसके अतिरिक्त उस प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, क्षेत्रफल और प्रदेश की आकृति का भी भूगोल में अध्ययन किया जाता है, क्योंकि इन सभी तत्वों का प्रभाव मानवीय उन्नति पर होता है। उन तत्वों का अध्ययन गणित के अन्तर्गत होने से भूगोल का गणित के साथ सम्बन्ध रहता है।

       मानव की अर्थव्यवस्था जैसे-कृषि, निर्माण उद्योग, परिवहन, व्यापार, वाणिज्य आदि में सेवा केन्द्रों तथा नगरों की अवस्थिति विश्लेषण में, मात्राकरण और योजनाकरण में गणित की क्रियाएँ सम्मिलित रहती हैं। अतः भूगोल और गणित के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध है।

3. भौमिकी:-

      प्रदेशों की भू-आकृतियों का जैसे पर्वतों, मैदानों, घाटियों आदि का मानव की क्रियाओं और निवास से प्रत्यक्ष सम्बन्ध होता है। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक संसाधनों में खनिज पदार्थों का भी प्रमुख स्थान होता है। इसलिए भूगोल में इन दोनों तत्वों अर्थात् भूमि की रचना और भू-आकृति तथा शैलों और खनिज पदार्थों का विशिष्ट अध्ययन होता है। भू-आकृतियों, शैलों और खनिज पदार्थों का विशिष्ट अध्ययन भौमिकी का भी विषय है। इसलिये भौमिकी और भूगोल के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध है।

4. ऋतु विज्ञान और जलवायु विज्ञान:-

           किसी क्षेत्र में मनुष्य के भोजन, वस्त्र, आवास आदि का क्या रूप होगा, वहाँ कौन सी फसलें उग सकेगा और कहाँ पर अधिक स्वास्थ्यपूर्ण तथा सुविधाजनक जीवन व्यतीत कर सकेगा- इन सब बातों को निश्चित करने में मुख्य भूमिका होती है।

            मनुष्य की दैनिक क्रियाओं को ऋतुएँ प्रभावित करती हैं। जलवायु जलवायु अनुरूप ही विभिन्न प्रदेशों की वनस्पति और जीव-जन्तु होते हैं। भूगोल के अध्ययन में ऋतु की जलवायु का विश्लेषण अपना महत्वपूर्ण स्थान रखता है। भूगोल का अध्ययन ऋतु और जलवायु के बिना अधूरा ही माना जाएगा। अतः कहा जा सकता है कि भूगोल का ऋतु विज्ञान और जलवायु विज्ञान से घनिष्ठ सम्बन्ध है।

5. मृत्तिका विज्ञान:-

            विश्व भर के मनुष्य अपना भोजन मिट्टी से ही पैदा करते हैं। सभी प्रकार की फसलें, सभी प्रकार के फल मिट्टी में ही पैदा होते हैं। माँसाहारी मनुष्य जिन पशुओं और पक्षियों के माँस का सेवन करते हैं वे पशु भी मिट्टी से उगने वाली घास और फलों से ही अपना भोजन ग्रहण करते हैं। अतः सभी मनुष्यों का भोजन प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मिट्टी से ही प्राप्त होता है। कम उपजाऊ मिट्टी को मनुष्य खाद आदि के प्रयोग से उपजाऊ बनाता है और कृषि फसलों में हेरफेर की पद्धति को अपना कर और अन्य प्रकारों से मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाये रखता है।

           विभिन्न प्रकार की कृषि फसलों के लिए विभिन्न प्रकार की मिट्टियाँ या खाद की आवश्यकता होती है। भोजन सामग्री और कच्चा माल उत्पन्न करने वाली मिट्टियों का अध्ययन भूगोल का भी विषय है। अतः भूगोल और मृत्तिका विज्ञान के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध है।

6. भूगोल और जल विज्ञान तथा समुद्र विज्ञान:-

            प्रमुख प्राकृतिक संसाधन जल का महत्व सिर्फ मनुष्य के पीने के लिए ही नहीं है, वरन् सिंचाई एवं विद्युत् पैदा करने के लिए भी जल एक अनिवार्य साधन है। किसी देश-प्रदेश के सिंचाई साधनों तथा जलशक्ति की समता और विकास का अध्ययन मानव भूगोल में होता है, इसलिये इसका सम्बन्ध जल विज्ञान से हैं। समुद्री तटों और समुद्री पत्तनों का महत्व, मछुआराओं तथा समुद्री परिवहन और व्यापार के लिये कितना है, यह सभी को ज्ञात हैं। बन्दरगाहों और समुद्री परिवहन पर ज्वार-भाटे और धाराओं का प्रभाव पड़ता है। चूँकि भूगोल में भी समुद्र ज्वार-भाटा, बन्दरगाहों आदि का अध्ययन किया जाता है। अतः भूगोल और जल विज्ञान तथा समुद्र विज्ञान के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध है।

7. भूगोल और वनस्पति विज्ञान:-

              मानव जीवन में वनस्पति का महत्वपूर्ण स्थान है। वनों से केवल मकान बनाने की लकड़ी और जलाने का ईंधन ही नहीं मिलता, वरन् कल-कारखानों और उद्योगों के लिये कई प्रकार का कच्चा माल भी वनों से प्राप्त होता है। वन, बाढ़ और मिट्टी का कटाव रोकने में भी मदद करते हैं। प्राकृतिक वनस्पति का मानव जीवन से गहरा सम्बन्ध है। वनस्पतियों का अध्ययन भूगोल का मुख्य विषय है। अतः भूगोल और वनस्पति विज्ञान के बीच सम्बन्धों की घनिष्ठता को नकारा नहीं जा सकता।

8. भूगोल और जन्तु विज्ञान:-

            मनुष्य के जीवन में पशुओं का भी महत्वपूर्ण स्थान है। पशुओं से मनुष्य को दूध, माँस, ऊन, चमड़ा आदि अनेक उपयोगी वस्तुएँ प्राप्त होती हैं और पशुओं को खेती करने, सामान ढ़ोने तथा यात्रा करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है। इसके अतिरिक्त कुत्ता इत्यादि पशुओं को मनुष्य स्वामीभक्त पशुओं के रूप में पालता है। इस प्रकार मानव सभ्यता के आदिका से ही मनुष्य और पशुओं के बीच घनिष्ठ सम्बन्ध रहा है। चूँकि भूगोल और जन्तु विज्ञान दोनों ही पशुओं का अध्ययन करते हैं, अतः इनके बीच घनिष्ठ सम्बन्ध है।


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23. भूगोल में अल्फ्रेड हेटनर के योगदान 

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अल्फ्रेड हेटनर

            अल्फ्रेड हेटनर (1859-1941) बीसवीं शताब्दी के सर्वश्रेष्ठ जर्मन भूगोलवेत्ता था। उसने अपने समकालीन किसी भी अन्य भूगोलवेत्ता से अधिक मात्रा में भूगोल को दार्शनिक तथा वैज्ञानिक आधार पर स्थापित किया था। उसने भूगोल की एक प्रमुख अनुसंधान पत्रिका का प्रकाशन की, कई ग्रन्थ लिखें जिनमें मुख्य ग्रन्थ भूगोल के विधि-तंत्र और प्रादेशिक भूगोल पर थे। इसके अतिरिक्त हैटनर ने लगभग 30 व्यक्तियों को डॉक्ट्रेट की उपाधि के लिये अनुसंधान कराये थे।

         अलफ्रेड हेटनर की शिक्षा भूगोल में हुई थी। वह रेटजेल और रिचथोफेन का शिष्य था। वह हाईडिलबर्ग यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर था। ये मुख्यतः भौतिक भूगोलवेत्ता और प्रादेशिक भूगोलवेत्ता था। उसने बहुत-सी भौगोलिक यात्रायें की थीं। भौतिक भूगोल पर उसके बहुत से शोधपत्र प्रकाशित हुए थे, जो चार खण्डों में 1919 से आगे के वर्षों में छपे थे। उसकी यूरोप के भूगोल की पुस्तक 1907 में प्रकाशित हुई थी, इस पुस्तक का संशोधित संस्करण संसार के भूगोल के साथ 1923 में प्रकाशित हुआ था।

          हेटनर की विशेष ख्याति उसके भौगोलिक विधि तंत्र पर लिखे गये ग्रन्थ से हुई थी, जो 1927 में प्रकाशित हुआ था।

        हेटनर ने अपने लेखों में काण्ट द्वारा बतलाई गई भूगोल की परिभाषा का पुनरावर्तन किया था, और उस ढाँचे के अन्दर हम्बोल्ट, पेशेल, रेटजेल के द्वारा लिखे गये क्रमबद्ध अध्ययन को तथा रिटर, मार्थे, रिचथोफेन के द्वारा लिखे गये प्रादेशिक अध्ययनों को परस्पर सम्मिलित करके उसने भूगोल को एक सम्बद्ध पूर्ण विषय बना दिया था।

        हेटनर ने अपनी भौगोलिक पत्रिका 1895 में आरम्भ की थी। उस पत्रिका की प्रस्तावना में तथा उसके बाद 1898 में भूगोल का प्रोफेसर होने के आरम्भिक भाषण में, और उसके पश्चात् उसके द्वारा प्रकाशित की गई भौगोलिक विधि-तंत्र की पुस्तक में हेटनर की विचारधारा का प्रकाशन हुआ है।

        हेटनर के भौगोलिक विधि पर लिखे गये शोध-प्रबन्ध, जिनको वह विधि-विहार कहता था तथा जलवायु और उच्चावचन पर उसके विवेचन, आज भी भौगोलिक ज्ञान और प्रस्तुतिकरण के क्षेत्र में बड़े उच्चस्तरीय माने जाते हैं। उसने अपनी भौगोलिक पत्रिका का लेखन-सम्पादन लग नियमित रूप से किया था। उसने सोवियत रूस के भूगोल पर 1905 में एक श्रेष्ठ पुस्तक प्रकाशित की थी। इसके अतिरिक्त हैटनर ने 1907 में यूरोप का भूगोल तथा 1915 में ब्रिटेन का मूल्यांकन छपवाया था।

        हेटनर ने अपनी भौगोलिक पत्रिका में पुस्तक के रूप में, अपने भूआकृतिक अध्ययन महाद्वीपों की स्थलाकृति और विश्व के सांस्कृतिक भूल की पुस्तकें प्रकाशित की थी।

संकल्पनाएँ:-

1. सामान्य भूगोल- भूगोल का प्रमुख उद्देश्य है। विशिष्ट भूगोल गौण है।

2. भूगोल पृथ्वी की सतह का अध्ययन है। यह पृथ्वी के सतह के तथ्यों के क्षेत्रीय साहचर्य का अध्ययन करता है। क्षेत्रीय साहचर्य का अध्ययन भूगोल में प्रमुख है तथा प्रादेशिक भूगोल गौण है।

3. भूगोल कोरोलाजिकल विज्ञान है। यह विभिन्न क्षेत्रों के तथ्यों का समाकलित अध्ययन करता है जिसके बिना क्रमबद्ध विज्ञानों का अध्ययन अपूर्ण रहता है। इस दृष्टिकोण से ये कार्ल रिटर के विचारों से अधिक सामंजस्य रखते हैं।

क्रमबद्ध विज्ञान एवं भूगोल में अन्तर:-

             हेटनर ने क्रमबद्ध विज्ञानों तथा भूगोल में अन्तर को स्पष्ट करने का प्रयास किया। इन्होंने यह स्वीकार किया कि भूगोल पृथ्वी की सतह पर पाये जाने वाले तथ्यों के वितरण का अध्ययन करने वाला विज्ञान है। लेकिन क्रमबद्ध विज्ञान भी तथ्यों के वितरण से सम्बन्धित है। वनस्पति शास्त्र अन्य बातों के साथ वनस्पति के प्रकारों का पृथ्वी की सतह पर वितरण भी देखता है। इसी तरह प्राणी विज्ञान पृथ्वी की सतह पर विभिन्न प्रजातियों के पशुओं के साहचर्य का अध्ययन करता है। भौगोलिक प्राणी-विज्ञान लेकिन पशुओं के किसी स्थान या क्षेत्र में उस क्षेत्र के अन्य सभी तथ्यों के साथ क्षेत्रीय साहचर्य का अध्ययन प्राणी भूगोल है।

           भूगोल पृथ्वी की सतह के क्षेत्रीय साहचर्य को देखता है। वह पृथ्वी की सतह के अन्य तथ्यों के साथ वनस्पति एवं पशुओं के साहचर्य का समकालीन दृष्टिकोण से अध्ययन करता है। इसके लिए वनस्पति अपने में अलग तथा पशु अपने में अलग विषय नहीं हैं, वरन् वे पृथ्वी की सतह की समष्टि के अंग हैं।

           इस तरह वनस्पतिशास्त्र एवं प्राणीशास्त्र जैसे क्रमबद्ध विज्ञानों से भूगोल अलग है। यह अन्तर भौगोलिक अन्तर्दृष्टि एवं भूगोल में समष्टि के समावेश के कारण होता है।

          हेटनर इसे और भी आगे ले जाते हैं। उनके अनुसार अर्थशास्त्र, मांग पूर्ति, आवश्यकता, उपभोग जैसे तथ्यों के किसी विशिष्ट तथ्य का वितरण भी देखता है। यह भौगोलिक अर्थशास्त्र हुआ। लेकिन किसी स्थान या क्षेत्र के अन्य तथ्यों के साहचर्य में स्थित हैं तथा जो उस स्थान या क्षेत्र को उसका वैशिष्ट्य प्रदान करते हैं वे आर्थिक भूगोल के अन्तर्गत आते हैं। अत: मात्र किसी तथ्य विशेष के वितरण के अध्ययन से या उसे मानचित्र पर प्रदर्शित करने से सम्बन्धित विषय भूगोल को अपने में समाहित करने का दावा नहीं कर सकता। वस्तुतः वह विषय स्वयं वितरण के अध्ययन से भूगोल की विधि का अनुसरण कर अपने दृष्टिकोण को विस्तृत करता है।

भूगोल क्रमबद्ध विज्ञानों की जननी है:-

              हेटनर ने भूगोल की जर्मन विचारधारा का निचोड़ प्रस्तुत करते हुए सिद्ध किया कि कैसे भूगोल ने शुद्ध विज्ञानों को जन्म दिया। हेटनर के अनुसार भूगोल (अर्डकुंडे) पृथ्वी का विज्ञान नहीं है जैसा कि रिटर ने कहा था। भू-विज्ञान का अध्ययन अनेक विषयों के क्षेत्र में आता है जैसे भू-भौतिकी, भू-रसायन, खगोलशास्त्र, वनस्पति, पशु जगत आदि। ये सब विज्ञान आज स्वतंत्र शाखाओं के रूप में स्थापित हैं किन्तु इनका जन्म भूगोल से हुआ है। भूगोल पृथ्वी की सतह के तथ्यों का पृथ्वी की ब्रह्माण्ड में स्थिति का अध्ययन करता है। मनुष्य की जानकारी बढ़ने पर विभिन्न तथ्यों का स्वतंत्र रूप से अध्ययन होने लगा। इस अध्ययन की भूमिका भूगोल की देन है।

             हेटनर ने रियोफेन की तरह भूगोल की “अर्डीबर लेशन कुण्डे’ कहने से भी असहमति व्यक्त की। उनके अनुसार भूगोल पृथ्वी की सतह का अध्ययन महाद्वीपीय स्तर पर, क्षेत्रीय स्तर पर या स्थानीय स्तर पर करता है। वह पृथ्वी की सतह के तथ्यों को स्थानिक विन्यास क्रम के रूप में देखता है। भूगोल न तो क्रमबद्ध विज्ञानों की तरह वर्गीकृत तथ्यों का अलग-अलग अध्ययन करता है, न मानवीय घटनाओं को इतिहास की तरह कालक्रम में देखता है। यह तो पृथ्वी की सतह के तथ्यों के साहचर्य के वैभिन्य का अध्ययन करता है।

भौतिक जगत के छः परिमण्डल:-

            हेटनर ने भी अपने पूर्ववर्ती जर्मन विद्वानों की तरह पृथ्वी को छः परिमण्डलों में विभाजित मानते हैं, यथा-

1. भूमि,

2 जल,

3. वायुमण्डल,

4. वनस्पति,

5. पशु

6. मनुष्य

        इन छः परिमण्डलों के किसी क्षेत्र में पाये जाने वाले साहचर्य का इन परिमण्डलों के स्थानिक अन्तर्सम्बन्ध एवं कारण-कार्य सम्बन्ध के सन्दर्भ में देखा जाता है।

भूगोल प्राकृतिक एवं मानव विज्ञान के रूप में :-

                हेटन भूगोल को मात्र प्राकृतिक विज्ञान के रूप में भी देखते हैं। उनके अनुसार ‘कोरोलाजिकल’ अध्ययन में मनुष्य का स्थान नहीं है। इसमें मात्र पृथ्वी सतह के प्राकृतिक तथ्य आते हैं। मनुष्य इसके अध्ययन का फोकस नहीं है। यहाँ उन्होंने जीन ब्रून्स (फ्रान्स) की भू-दृश्य की संकल्पना की आलोचना की।

          इनके अनुसार ‘कोरोलाजी’ में अध्ययन को दो भागों में बाँट सकते हैं-

(अ) तंत्र के रूप में- इसके अन्तर्गत भौगोलिक संश्लिष्टों एवं तन्त्रों का अध्ययन होता है जैसे नदी बेसिन, वायुमण्डल, व्यापार, प्रभाव प्रदेश आदि।

(ब) कारण-कार्य अन्तर्सम्बन्ध- इसके अन्तर्गत स्थानिक रूप से व्यवस्थित विभिन्न तथ्य समुच्चयों के बीच कार्य-कारण सम्बन्ध को देखा जाता है।

            इसका अर्थ यह नहीं है कि हेटनर भूगोल में मनुष्य के महत्व को नकारते थे। ‘उन्होंने मनुष्य का भूगोल’ शीर्षक से तीन खण्डों की एक पुस्तक भी लिखी है जिसमें मनुष्य के आर्थिक क्रिया-कलापों एवं परिवहन की भी चर्चा है। उनके कहने का तात्पर्य यह था कि हम पृथ्वी की सतह का अध्ययन बिना मनुष्य को सम्मिलित किये उसके स्थूल रूप में भी कर सकते हैं। हेटनर यह भी मानते थे कि पृथ्वी की सतह का अध्ययन क्रमबद्ध विज्ञान अलग-अलग मिलकर करें तब भी नहीं कर सकते। बिना भौगोलिक अध्ययन के जिसमें क्षेत्रीय साहचर्य को समझाने का गुण है, पृथ्वी की सतह का पूरा ज्ञान प्राप्त नहीं किया जा सकता।


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22. मेकिण्डर का हृदय स्थल सिद्धान्त

22. मेकिण्डर का हृदय स्थल सिद्धान्त




मेकिण्डर का हृदय स्थल सिद्धान्त

मेकिण्डर

            1861 में जन्में मेकिण्डर ने ग्रेट ब्रिटेन में भूगोल की सुदृढ़ स्थापना की और अपने भौगोलिक विचारों से विश्व भूगोल को प्रभावित किया।

       मेकिण्डर अपने समय के बड़े प्रभावशाली भूगोलवेत्ता रहे हैं जिनका भूगोल एवं राजनीति में पूरा-पूरा दखल था। इस तरह भूगोल के व्यावहारिक पक्ष को क्रियान्वित करने में इनकी प्रमुख भूमिका रही है। इन्होंने न केवल विश्व मंच की घटनाओं के संचालन में भूगोल के ज्ञान की सार्थकता सिद्ध की वरन् यह भी उदाहरण प्रस्तुत किया कि कैसे भूगोलवेत्ता संसार की समस्याओं को सुलझाने में व्यावहारिक योगदान दे सकता है।

       इन्होंने भूगोल को इतिहास के शिकंजे से उबारा। ज्ञातव्य है कि पूर्व काल में वस्तुतः रिटर महोदय द्वारा भूगोल को इतिहास का विषय वस्तु बना दिया गया था। मेकिण्डर ने भूगोल के स्वंत्रत अस्तित्व का प्रतिपादन किया तथा सिद्ध किया कि भौगोलिक पृष्ठभूमि ही इतिहास को प्रभावित करती है।

      मेकिण्डर ने ऐतिहासिक भूगोल का गम्भीर अध्ययन करके 1902 में एक पुस्तक ‘ब्रिटेन और ब्रिटिश सागर’ प्रकाशित की थी। उसका यह ग्रंथ बहुत समय तक ब्रिटिश भूगोल का एक प्रथम वर्गीय श्रेष्ठ ग्रन्थ माना जाता रहा था। इस ग्रन्थ में ब्रिटिश भूगोल के मूल सिद्धांतों का संक्षिप्त रूप बड़े कौशल से दिया गया है। मेकिण्डर का यह ग्रन्थ उसके विस्तृत अध्ययन और गंभीर विचारों पर आधारित था, जिसमें इस पृष्ठभूमि से संबंधित ब्रिटेन के इतिहास की समीक्षा दी हुई थी।

       ऐतिहासिक भूगोल पर लिखे गये एक अन्य निबन्ध से मैकिण्डर को इतनी ख्याति प्राप्त हुई जिसकी कभी आशा नहीं थी। 1904 में उसने ‘रॉयल ज्योग्राफिकल सोसायटी’ की बैठक में एक निबन्ध पढ़ा जिसका शीर्षक था “इतिहास का भौगोलिक धुराग्र” (हृदय स्थल सिद्धान्त)उस निबंध के मुख्य बिन्दु निम्नलिखित थे।:-

(1) समुद्री (यात्राओं का) युग बीत चुका है, अब थल का कोई बड़ा भाग अन्वेषण द्वारा खोज निकालना शेष नहीं रहा है।

(2) भविष्य में, थल-शक्ति निर्णायक होगी, क्योंकि अब संसार के सभी भाग इतने समीपस्थ हो गये हैं कि महाशक्तियों के बीच होने वाली लड़ाई के विश्वव्यापी प्रभाव होंगे।

(3) सबसे बड़ा थल-खण्ड पुरानी दुनिया में है। यूरोप, एशिया और अफ्रीका महाद्वीपों का सम्मिलित थलखण्ड ‘पुरानी दुनिया’ कहलाता है। इसके केन्द्रीय भाग का एक बड़ा भूराजनीतिक महत्व है। इसके हृदय भाग में महाद्वीपीय तथा आर्कटिक जल-प्रवाह वाला एक ऐसा विशाल क्षेत्र है, जो समुद्री शक्ति को पहुँच से पूर्णत: बाहर है। संक्षेपतः यह थल-खण्ड घास स्थल-स्टेपी तथा मरूस्थल है जो घुड़सवार और ऊँटसवार खानाबदोशों का निवास-स्थल रहा है तथा इन खानाबदोशों के आक्रमण सीमावर्ती स्थाई बस्तियों के देशों पर सारे इतिहास भर में लगातार होते रहे हैं।

(4) इस क्षेत्र के स्वरूप में बड़ी तेजी से आमूल परिवर्तन हो रहा है। महाद्वीप के आर-पार जाने वाले रेल मार्गों के निर्माण और उपनिवेशन के आधार पर वहाँ एक शक्ति का सृजन हो रहा है; और वह शक्ति, आन्तरिक मार्गों पर सत्ताधारी होने के कारण, संसार को केन्द्रीय युद्धनीतिक स्थिति को प्राप्त करती रही है।

(5) इस हृदय स्थल के बाहरी भाग में सीमावर्ती महाद्वीपीय राज्यों की एक आन्तरिक अर्द्ध रचनाकार पेटी और उसके परे एक बाहरी अर्द्ध चन्द्राकार पेटी है, जिसमें समुद्रपारीय (समुद्र के पा) शक्तियाँ ब्रिटेन, संयुक्त राज्य, जापान इत्यादि स्थित है।

(6) यदि शक्ति संतुलन इस घुराग्र-राज्य के अत्यधिक अनुकूल हो जाता है तो उसके परिणामस्वरूप उस शक्ति का प्रसार यूरोप-एशिया के सीमावर्ती थल-क्षेत्रों पर हो जायेगा, जिससे इस शक्ति को महासागरीय बेड़ों के निर्माण करने के लिये विस्तृत महाद्वीपीय साधनों का प्रयोग करने की छूट मिल जायेगी और तब संसार का साम्राज्य दृष्टिगोचर होगा। यदि जर्मनी अपनी मित्रता रूस के साथ कर ले तब ऐसा हो जायेगा।

(7) इस धमकी के विरूद्ध, समुद्रपारीय शक्तियों को अपने पुल-पदाधार सैन्य मोरचे फ्रांस, इटली, मिस्र, भारत और कोरिया में बनाये रखने चाहिये, जो धुराग्र मित्रों को अपनी थलीय शक्ति का विकास करने पर बाध्य करेंगे और उनको महासागरीय बेड़े रखने पर ध्यान केन्द्रित करने से रोकेंगे।

       मेकिण्डर की हृदय स्थल की विचारधारा का विकसित रूप उसी पुस्तक लोकतंत्रीय आदर्श और यथार्थता में प्रथम महायुद्ध के पश्चात 1919 में प्रकाशित हुआ था। उसने देखा कि उस युद्ध की उत्पत्ति इस कारण से हुई थी, कि जर्मनी ने रूसी हृदय-स्थल को संसार पर प्रभुत्व जमाने के लिए, प्रयोग करने का प्रयत्न किया था। क्योंकि उस थल-शक्ति ने मित्र राष्ट्रों के जहाजी बेड़ों को बाल्टिक सागर तथा काला सागर में आने से रोक दिया था, इसलिए मेकिण्डर ने अपने हृदय स्थल के क्षेत्र को बढ़ाकर उसमें पूर्वी यूरोप को भी सम्मिलित कर लिया था। यह उसका संसार द्वीप का सिद्धान्त था। उसने एशिया, यूरोप तथा अफ्रीका के सम्मिलित महाद्वीप यूरेअफ्रेशिया को संसार-द्वीप का नाम दिया था।

         इस संसार द्वीप की विचारधारा में थलीय और समुद्री शक्तियों का तुलनात्मक-पूरक दृष्टिकोण रखा गया था।

      मेकिण्डर ने यह प्रस्ताव किया था कि जर्मनी और रूस के बीच एक स्वतंत्र राज्यों की पेटी बना दी जानी चाहिए। उसका प्रस्ताव यह भी था कि पेलेस्टाइन, सीरिया, मेसोपोटामिया, बोसफोरस, डारडेनलीज तथा बाल्टिक सागर का अन्तर्राष्ट्रीयकरण हो जाना चाहिए, तथा भारत और चीन को हृदय स्थल के आक्रमण से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। पुरानी दुनिया के केन्द्रीय भाग के इस ‘ह्रदय स्थल’ सिद्धान्त के भूराजनीतिक महत्व से मेकिण्डर को बड़ी ख्याति प्राप्त हुई।

         वायुयान-यात्रा की बहुत अधिक उन्नति हो जाने पर मेकिण्डर के हृदय स्थल सिद्धान्त का महत्व गिर गया है। इस वायुयान युग में मेकिण्डर द्वारा बतलाये गये हृदय स्थल के बजाय उत्तरी ध्रुव का महत्व बढ़ गया है। अब तो आर्कटिक क्षेत्र ही नया या आधुनिक हृदय स्थल बन गया हैं। इस वायुयान युग में उत्तरी ध्रुव की केन्द्रीय स्थिति है, जिसके चारों ओर यूरोप, एशिया और उत्तरी अमेरिका स्थिति हैं।

     आर्कटिक वृत के चारों ओर स्थित इस आधुनिक हृदय स्थल में केवल जर्मनी और यूरोपीय रूस ही नहीं, वरन् समस्त उत्तरीय यूरोप, सोवियत संघ, उत्तरी चीन, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका का आन्तरिक भाग भी सम्मिलित है। इसमें दो महान् शक्तियाँ सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका हैं। महासागरीय युग में इन राष्ट्रों के बीच विशाल महानगर थे, और नाविक शक्ति द्वारा दोनों एक-दूसरे की पहुँच से बाहर थे, परन्तु वायुयान युग में सोवियत संघ और उत्तरी अमेरिका दोनों उत्तरी ध्रुव के मार्ग से एक दूसरे के सम्मुख स्थित हो गये हैं।

       वर्तमान युग तो परमाणु-युग है, जिसमें प्रक्षेपास्त्रो और रॉकेटों के प्रयोग ने मेकिण्डर के हृदय स्थल (Heartland) सिद्धान्त का महत्व और भी कम कर दिया है।  

उत्तर लिखने का दूसरा तरीका

 

 


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21. भूगोल के विकास में विडाल डी-ला ब्लाश के योगदान

21. भूगोल के विकास में विडाल डी-ला ब्लाश के योगदान


भूगोल के विकास में विडाल डी-ला ब्लाश के योगदान

भूगोल के विकास में विडाल ड

            20वीं सदी के भूगोलवेत्ताओं में ब्लाश का नाम सर्वप्रथम आता है। इस महान विचारक ने सन् 1877 में इस महान कार्यक्षेत्र में कदम रखा था। भूगोल विषय पर पेरिस में अपने भाषण देना प्रारम्भ किया और यह कार्य अन्तिम समय तक चलता रहा। सन् 1898 में ब्लाश की नियुक्ति पेरिस के सार्वोनी विश्वविद्यालय में भूगोल के प्रोफेसर के रूप में हुआ था।

    उन्होंने अपने प्रादेशिक अध्ययन पर अधिक जोर दिया जिसके अंदर किसी क्षेत्र के भौतिक, राजनीतिक, आर्थिक तथा ऐतिहासिक कारणों के प्रभावों का स्पष्टीकरण किया जाना आवश्यक था। ब्लाश ने सारे विश्व के प्रादेशिक भूगोल का वर्णन प्रस्तुत करने वाली ग्रन्थ माला ‘विश्व भूगोल’ की योजना बनाई थी। उसने पेरिस के निवास काल में भूगोल की महान सेवा करते हुए निम्नांकित कार्य किये-

1. सन् 1889 में यूरोप के राज्य और राष्ट्र नामक प्रथम पुस्तक प्रकाशित हुई।

2. सन् 1894 में यूरोप का एटलस प्रकाशित हुआ।

3. सन् 1891 में विभिन्न प्रदेशों में किए गये शोध कार्यों के प्रकाशन हेतु उसने औपनिवेशिक भूगोल के विज्ञान ‘दुबोइस’ के सहयोग से वार्षिक ग्रंथमाला, नामक भौगोलिक पत्रिका प्रकाशित की थी जिसमें अनेक लेख प्रकाशित हुए।

4. ब्लाश ने बिब्लियोग्राफी के प्रकाशन की भी व्यवस्था की थी।

5. सन् 1903 में ‘फ्रांस का भूगोल’ नामक ग्रन्थ प्रकाशित किया था। यह भूगोल के अलावा साहित्य का उत्कृष्ट ग्रंथ माना गया।

6. सन् 1917 में उसके प्रारम्भिक अध्ययन तथा शोध कार्यों पर आधारित पूर्वी फ्रांस का भूगोल प्रकाशित हुआ।

7. ब्लाश ने मानव के भूगोल सिद्धांतों पर सामग्री की मार्लोनी के महान प्रयासों में से एकत्र कर लिया था। सन् 1921 में ब्लाश की मृत्यु के पश्चात उसकी पुस्तक मानव भूगोल के सिद्धान्त प्रकाशित करायी गयी।

8. ब्लाश साम्यवादी विचारधारा का प्रवर्तक था।

9. प्रादेशिक अध्ययन के अन्तर्गत किसी प्रदेश के भौतिक, आर्थिक, राजनैतिक और ऐतिहासिक तथ्यों के प्रभावों को स्पष्ट करना ब्लाश ने आवश्यक माना था।

10. ब्लाश ने प्राकृतिक वातावरण तथा मानव के पारस्परिक सम्बन्धों के अध्ययन पर विशेष बल दिया।

भूगोल  में योगदान:-

          विडाल डी लॉ ब्लाश फ्रांसीसी भूगोल के संस्थापक माने जाते हैं। उनके प्रमुख योगदान इस प्रकार हैं:-

        ब्लाश ने Annals में 1913 में भूगोल के विशिष्ट लक्षण पर एक विस्तृत लेख प्रकाशित किया। इसमें उन्होंने स्पष्टतः कहा कि भूगोलवेत्ता का स्थान प्राकृतिक एवं मानवीय दोनों विज्ञानों में होना चाहिए। उसने भूगोल के निम्न छः लक्षण बताये-

(i) भूगोल में पार्थिव घटनाओं की एकता महत्वपूर्ण है। अतः इसमें विश्व की पार्थिव घटनाओं एवं उनकी प्रकृति की सकारण व्याख्या की जाती है। दूसरे अर्थों में, भौतिक कारक तत्व एक-दूसरे से सम्बन्धित होकर पार्थिव घटक का निर्माण करते हैं।

(ii) पार्थिव घटनाएँ विविधता रूपी योग एवं समायोजन में स्थित हैं। विभिन्न घटनाक्रमों में विकास एवं परिवर्तन इसी कारण होता है।

(iii) ऐसी यौगिक एवं सह-विविधताओं की स्थिति, उनका वर्णन एवं व्याख्या भूगोल में होती है।

(iv) भूगोल में परिवेश या वातावरण के विभिन्न तत्वों का मानव पर प्रभाव का अध्ययन होता है। इसमें विशेषतः जलवायु, धरातल, वनस्पति, आदि का प्रभाव महत्वपूर्ण है। इन सबसे मानव के सामंजस्य का अध्ययन भी भूगोल में समान रूप से महत्वपूर्ण है।

(v) भूगोल में ऐसी वैज्ञानिक विधियों की खोज करना है, जिसके द्वारा पार्थिव घटनाओं को परिभाषित कर उन्हें वर्गीकृत किया जा सके। यहाँ ब्लाश ने ऐसे नियमों एवं गणितीय आधार की कल्पना की जो कि भूतल की विभिन्न घटनाओं की प्रवृत्ति को तथ्यात्मक आधार प्रदान कर सके। ब्रूंस पर भी ब्लाश के इस लक्षण का प्रभाव पड़ा एवं उसने पार्थिव घटनाओं को वर्गीकृत एवं नियमबद्ध करने का प्रयास किया।

(vi) भूगोल में मानव द्वारा भूतल पर लाये गये परिवर्तन एवं उसके महत्वपूर्ण कार्यों का सही-सही मूल्यांकन कर उनकी तर्कसंगत स्थिति निश्चित की जानी चाहिए।

        भूगोल के उपरोक्त लक्षणों की ऐसी व्यावहारिक व्याख्या वह सन् 1889 से लेकर जीवन पर्यन्त अपनी रचनाओं द्वारा करता रहा। ब्लाश के विचार प्रारंभ से ही परिपक्व एवं स्पष्ट रहे। उसने कांट की भांति दर्शन पर भी अधिक जोर दिया। उसने भौतिक, प्रादेशिक एवं मानव में से किसी एक पक्ष को भूगोल में कभी भी विशेष प्रबल नहीं माना। वह तीनों के समन्वित विकास का समर्थक रहा। अतः उसने पृथ्वी के विभिन्न प्रदेशों, उसकी घटनाओं एवं उन घटनाओं में मानव के योग की सम्यक व्याख्या को महत्वपूर्ण माना। भूगोल के वैज्ञानिक विकास के लिए उसने Annals में, स्वेस, स्टीन एवं अन्य कई भूगोल से संबंधित विज्ञानों के जर्मन एवं अंग्रेजी विद्वानों के लेखों और खोजों का फ्रांसीसी भाषा में अनुवाद कराकर उन्हें प्रकाशित किया।

वातावरण मानव एवं सम्भावनाएँ:-

        ब्लाश ने भूगोल के अन्तर्गत भौतिक विश्व या प्रकृति जिसे उसने भौगोलिक वातावरण कहा, का अध्ययन एवं मानव का अध्ययन दोनों को अनिवार्य माना। भूतल पर पार्थिव अन्तः सम्बन्ध के रूप में पाये जाने वाले भौतिक एवं मानवीय तत्वों को स्वतंत्र रखकर उनकी सही-सही व्याख्या नहीं की जा सकती। जहाँ प्राकृतिक परिवेश विविध स्तरीय सम्भावनाओं की ओर मानव आकर्षित करता है वहीं मानव स्वेच्छा से अपनी क्षमता एवं आवश्यकता के अनुसार इनको चुनता है। इस प्रकार ब्लाश ने अपने समय के नियतिवादी चिन्तन की पकड़ से अपने को मुक्त ही नहीं रखा वरन एक साहसी और निर्भीक अग्रणी की भाँति वह स्पष्टतः सम्भववाद की ओर भी आगे बढ़ता गया। इस प्रकार उसने ल्यूसिन फेब्रे का समर्थन किया। मानव प्राकृतिक क्रियाओं से सामंजस्य एवं सम्बन्धों में अपने को एकाकी नहीं पाता। ब्लाश ने स्पष्ट किया कि वह भूमि पर आवास के द्वारा अपने से राज्य, इकाई क्षेत्र या प्रदेश को स्वरूपित करता है। ऐसे स्वरूपों के विकास को समझने के लिए ऐतिहासिक पृष्ठभूमि एवं तत्कालिक परिस्थितियों को भी समझना आवश्यक है। इसके द्वारा ही पूर्व की प्रवृत्ति की व्याख्या एवं भविष्य का पूर्वानुमान सम्भव है। संक्षेप में वह व्यावहारिक भूगोलवेत्ता रहा।

सम्भववादी नियम:-

        ब्लाश का चिन्तन प्रारम्भ से ही यही रहा कि मानव स्वयं एक क्रियाशील प्राणी है। वह अपने परिवेश का उपयोग स्वयं के अनुभव के आधार पर करता है। जैसा कि पूर्व में लिखा गया है, प्रकृति सम्भावनाएँ व्यक्त करती है और मानव अपनी क्षमता एवं आवश्यकतानुसार उनका उपयोग कर सकता है। मानव का प्रवाहित जल, कटावयुक्त मिट्टी, वृक्ष आदि परिवेश के कुछ तत्वों पर नियंत्रण नहीं है परंतु कुछ अन्यों पर उसका नियंत्रण है। उदाहरणार्थ, प्रत्येक सभ्यता काल में विशेष फसलों का प्रादुर्भाव होता रहा है, आज मानव ने इन फसलों के उपज क्षेत्र का इतना विस्तार कर दिया है जिसकी कल्पना भी नहीं थी। इस प्रकार आज यह पूर्व के प्रतिकूल प्रदेशों में भी इनकी कृषि कर रहा है। ब्लाश ने उदाहरण देकर इन्हें स्पष्ट किया है।

         ब्लाश लिखते हैं, “समस्त भौगोलिक प्रगति में प्रबल विचारधारा यदि है तो वह है सार्वभौमिक एकता” मानव भूगोल के गोचर पदार्थ अर्थात् मानव रचित दृश्य भूमि सार्वभौमिक एकता से सम्बन्धित है, जिसकी रचना स्वयं पृथ्वी के प्रत्येक भाग में भौतिक दशाओं के योग से हुई है। ब्लाश ने रेटजेल की भांति प्रकृति के आधिपत्य या नियंत्रणकारी प्रभाव को कहीं भी स्वीकार नहीं किया।

प्रदेशों की संकल्पना:-

         ब्लाश ने कभी भी प्रदेश का चहारदीवारी की भाँति सीमांकित नहीं माना। उसने उन विद्वानों की आलोचना की जो कि प्रदेश को Water tight compartment मानते हैं। उसने अन्ततः प्रदशों के सीमावर्ती क्षेत्रों में संक्रमण अथवा परस्परव्यापी क्षेत्र से भी इन्कार नहीं किया। ऐसे प्रदेशों का अध्ययन ही उसने व्यावहारिक माना। एक प्रदेश में पार्थिव घटनाओं एवं कारकों की अन्त: निर्भरता की खोज करके उनकी अन्य प्रदेशों की ऐसी घटनाओं एवं कारकों से समता एवं विषमता के आधार पर अन्यों से तुलना की जानी चाहिए। एक प्रदेश के कारकों के प्राकृतिक परिवेश के साथ-साथ वहाँ के निवासियों की परम्पराएँ, तकनीकी कुशलता, अन्य आर्थिक और सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रभाव को भी सम्मिलित किया जाना चाहिए। ऐसे सहयोग से ही प्रदेश में स्वरूपित लक्षणों को उत्कृष्ट विधि से समझा जा सकता है। हम्बोल्ट ने भी इसे प्रकृति एवं मानव के अन्तः सम्बन्धों के रूप में स्वीकार किया।

प्रादेशिक अध्ययन:-

       ब्लाश ने किसी भी राजनैतिक इकाई में प्राकृतिक परिवेश की अनुकूलता एवं प्रतिकूलता के अनुसार विकसित लघु इकाइयों या प्रदेशों का बहुत ही सुन्दर ढंग से या सजीव वर्णन प्रस्तुत कया है। उसने सर्वप्रथम 1889 में अपनी रचना में भूतल पर निर्मित एवं लघु स्वरूपीय क्षेत्रों में मानव एवं प्राकृतिक परिवेश की क्रियाओं के घनिष्ठ सम्बन्धों के अध्ययन एवं उनके विश्लेषण पर विशेष बल दिया। उसने ऐसे अध्ययन की आवश्यकता क्षेत्र के भौतिक, ऐतिहासिक एवं आर्थिक तथ्यों के विकास, उनके सम्बन्ध और अन्तः निर्भरता का स्वरूप एवं उसमें आने वाले परिवर्तन (गतिशीलता) को समझने के लिए आवश्यक माना। उसने स्वीकार किया कि प्रकृति एवं मानव निर्मित तथ्य एक-दूसरे से अविभाज्य हैं। भूतल पर इन दोनों का सम्बन्ध इतना गहरा है कि उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। यूरोप के राज्य एवं राष्ट्र ग्रन्थ में उसने बताया कि एक प्रदेश में रहने वाला समाज स्थानीय होता है। वह ग्रामीण होता है।

             ब्लाश के समय फ्रांस एवं अधिकांश यूरोप की व्यवस्था भिन्न थी। तब विशिष्ट नगर, औद्योगिक इकाइयाँ एवं गगनचुम्बी अट्टालिकाओं का अभाव था। अधिकांश प्रदेशों की आबादी ग्रामीण थी। उसने समझाया कि यहाँ के निवासियों का भूमि से गहरा संबंध होता है। युद्ध, महामारी, अकाल, बाढ़, विद्रोह आदि के समय ही ऐसे प्रदेश में व्याप्त सामान्य लक्षण कुछ समय के लिए अदृश्य होते हैं जैसे कि स्वच्छ जल के तालाब में एकाएक तेज हिलोरों से थोड़े समय के लिए तली के लक्षण दीखने बन्द हो जाते हैं परन्तु प्रतिकूलता समाप्त होते ही पूर्व की सामाजिक व्यवस्था पुनः स्थापित होने लगती है। आगे चलकर उसने औद्योगिकरण के कारण सामाजिक व्यवस्था एवं ग्रामीण आत्मनिर्भरता व्यवस्था में आने वाले स्थाई परिवर्तनों का भी पूर्वानुमान लगाया। उसके अनुसार 1896 के बाद से ही फ्रांस की सामाजिक व्यवस्था तेजी से शहरी बनने लगी है, इसके लिए सहायक तत्व मशीनें विकसित यातायात, कोयला एवं नवीन उद्योग रहे नवीन समाज में आत्मनिर्भरता, अन्तः निर्भरता में बदल गयी। ब्लाश के ऐसे सुन्दर निष्कर्ष तथ्यात्मक एवं सही-सही विश्लेषण एवं उसकी विलक्षण क्षमता के कारण ही सम्भव हो सके। क्षेत्रीय अध्ययन को ब्लाश ने ‘Annals ‘ के माध्यम से विशेष लेखों द्वारा उद्देश्यपूर्ण बनाने का प्रयास किया।

भौतिक वातावरण:-

          यद्यपि ब्लाश ने हम्बोल्ट, रिचथोफन एवं पेश्चल की भाँति भूतल के प्राकृतिक तत्वों का अलग से व्यवस्थित अध्ययन नहीं किया फिर भी उसने इनके अध्ययन को भूगोल के विकास के हित में महत्वपूर्ण माना। अतः जब भी भौतिक भूगोल सम्बन्धी कोई मुख्य अथवा रचना उपलब्ध हुई उसने ‘Annals’ में विशेष स्थान दिया। इस प्रकार उसका दर्शन बहुमुखी एवं विस्तृत आधार वाला रहा। उसने कभी भी भूगोल को संकुचित क्षेत्र या उद्देश्य हेतु निर्धारित अथवा व्यवस्थित विज्ञान या सामाजिक विज्ञान का ही अंग वाला विज्ञान नहीं माना।

        उसने स्पष्टतः समझाया कि भौतिक वातावरण जिसका कि निर्माण भूतल के भौतिक तत्वों से होता है, के लक्षणों को समझे बिना उनके प्रभाव के स्त को स्पष्ट नहीं किया जा सकता। किसी भी प्रदेश के अध्ययन में ऐसे भौतिक तत्वों के सम्मिलित प्रभाव को मानवीय तत्वों के साथ स्थान मिलना आवश्यक है। ऐसे सम्बन्धों के योग से एक मानव संस्कृति एवं सभ्यता के विकास के साथ-साथ उनकी गतिशीलता से अन्तःसम्बन्ध भी समझा जाना चाहिए।

20. भूगोल में फ्रेडरिक रेटजेल के योगदान 

20. भूगोल में फ्रेडरिक रेटजेल के योगदान




भूगोल में फ्रेडरिक रेटजेल के योगदान 

फ्रेडरिक रेटजेल

            रेटजेल का जन्म 1844 में जर्मनी में हुआ था। इनके पिता एक डयूक के मैनेजर थे। परिवार में कुल चार सदस्य थे। रेट्जेल ने सर्वप्रथम प्राणी विज्ञानी के रूप में हेडलबर्ग विश्वविद्यालय में अध्ययन किया। बाद में (Jena) विश्वविद्यालय में चले गये।

        31 वर्ष की आयु में रेटजेल म्यूनिख के एक स्कूल में अध्यापक हो गये तथा 1886 तक वहीं रहे। उन्होंने म्यूनिख के नृजाति संग्रहालय में मोरिस वेगनर के साथ कार्य किया। यहीं वे प्रजातियों के आव्रजन से प्रभावित हुये। इस विचार ने उनके भौगोलिक दर्शन को प्रभावित किया। 1886 में रिचथोफेन के बर्लिन जाने के बाद रेटजेल लीपजिंग आये। यहाँ फिशर एवं हेटनर जैसे भूगोलविदों ने रेटजेल के निर्देशन में कार्य किया। रेटजेल मृत्यु पर्यन्त (1904) यहीं रहे।

         फ्रांस के मॉन्टपेलियर नगर में उसने प्रसिद्ध प्राणी-वैज्ञानिक चार्ल्स मार्टिन्स के साथ कार्य किया था। उस समय उसने एक पत्रिका में अपने कुछ लेख प्रकाशित किये थे जिनका शीर्षक ‘भूमध्यसागरीय तट से जीव वैज्ञानिक पत्र’ था। इन लेखों ने वैज्ञानिकों और सरकार का ध्यान उसकी ओर आकर्षित किया था। उसने 1870 के युद्ध में सेवा की थी, जिसके बाद उसको पत्रकार बनाकर पूर्वी यूरोप के देशों में तथा इटली, संयुक्त राज्य, मैक्सिको और क्यूबा में भेजा गया था।

      अपनी इन यात्राओं में उसने भौगोलिक अध्ययन किये, और धीरे-धीरे प्राकृतिक दृश्यों के वर्णन लिखने की कला में सिद्धहस्त हो गया। उसने कैलिफोर्निया, मैक्सिको और क्यूबा में ‘चीन से प्रवास’ के तथ्यों का अध्ययन किया था। ‘चीनी प्रवास’ पर उसने अपना शोध-प्रबन्ध लिखा था, जिस पर उसे शोध-डिग्री मिली थी।

      1878 में रेटजेल ने उत्तरी अमेरिका के भूगोल पर एक पुस्तक प्रकाशित की थी। उसके विख्यात ग्रन्थ एन्थ्रोपोज्योग्राफी’ का प्रथम खण्ड 1882 में और दूसरा खण्ड 1891 में प्रकाशित हुआ। यह एक प्रतिष्ठित शास्त्रीय ग्रन्थ है, जिसके कारण रेटजेल को मानव भूगोल का जन्मदाता कहा जाता है।

         रेटजेल ने राजनीतिक भूगोल का भी गम्भीर अध्ययन किया था। उसने ‘राजनीतिक भूगोल ग्रन्थमाला’ का प्रथम खण्ड 1897 में, और दूसरा खण्ड 1903 में प्रकाशित किया था। इन ग्रन्थों के अलावा रेटजेल ने कुछ पुस्तकें सामान्य जनता की रूची के लिए भी लिखा थी। उसने भूविज्ञान, मानवजातिशास्त्र, जीवविज्ञान, भौतिक भूगोल तथा मानव समाजों पर बहुत से लेख लिखे थे।

       रेटजेल ने वातावरण तथा मानवीय तथ्यों एवं उनके पास्परिक सम्बन्धों का विश्लेषण किया था। उसने मानव एवं वातावरण के पारस्परिक सम्बन्धों में वातावरण के प्रभावों को महत्वपूर्ण बतलाया था, इसीलिए उसे वातावरण निश्चयवाद के सिद्धान्त का प्रतिपादक माना जाता है।

        रेटजेल ने ‘एन्थ्रोपोज्योग्राफी’ के प्रथम खण्ड में डार्विन के विकासवाद सिद्धान्त से मिलते-जुलते विचार व्यक्त किये थे। इन विचारों में उसने मानवीय समाजों के इतिहास पर भौगोलिक वातावरण के प्रभावों का दिग्दर्शन किया था। इस खण्ड में उसने ‘इतिहास पर भूगोल का अनुप्रयोग’ समझाया था। ‘एन्थ्रोपोज्योग्राफी’ के दूसरे खण्ड (1891) में सांस्कृतिक वातावरण जनसंख्या, मानवीय बस्तियाँ, जनसंख्याओं के प्रवास तथा सांस्कृतिक लक्षणों के वर्णन किये गये थे।

         रेटजेल ने भौतिक भूगोल के क्षेत्र में भी अनुसंधान किये थे तथा एक भौगोलिक ग्रन्थमाला का सम्पादन किया था। इस ग्रन्थमाला में प्रसिद्ध भूगोलवेत्ताओं की वैज्ञानिक शोध प्रकाशित हुई थी। इस ग्रन्थमाला में हाइम की पुस्तक हिमनदी पर थी। हान की पुस्तक जलवायु विज्ञान पर थी और पैंक की पुस्तक भू-आकृति विज्ञान पर थी। रेटजेल की रूची भौतिक भूगोल में बहुत अधिक थी, इसी कारण अपने जीवन में आगे चलकर जब उसने मानव भूगोल का वर्णन किया, तब उसने वातावरण की शक्तियों को सदा ध्यान में रखा था।

       फ्रांसीसी भूगोलवेत्ता ब्रूंज ने लिखा है, रेटजेल को पार्थिव सत्यता का बहुत ऊँचा ज्ञान था। वह पृथ्वी पर मानवीय तथ्यों को केवल एक दार्शनिक या इतिहासकार अथवा अर्थशास्त्री की दृष्टि से नहीं, वरन् भूगोलवेत्ता की दृष्टि से देखता था। उसने मानवीय तथ्यों से बहुत से विभिन्न सम्बन्धों को भौतिक तथ्यों के साथ परखा था- जिनमें भूमि की ऊँचाई, जलवायु, वनस्पति आदि भी थे। उसने पृथ्वी के गोले पर मानव समूहों को बसते हुए, जीवकोपार्जन करते हुए, और इतिहास का निर्माण करते हुए देखा था। उसकी दृष्टि एक सच्चे प्रकृतिवादी की दृष्टि थी।

         रेटजेल उन गिने-चुने विद्वानों में से थे जिन्होंने बहुमुखी प्रतिभा के आधार पर भूगोल की सेवा की। उन्होंने पहली बार मानव भूगोल को विकसित किया एवं यह शीघ्र ही वैज्ञानिक स्वरूप लेकर पौधों से विशाल वटवृक्ष की भाँति चहुँदिशा में प्रसारित हो गया। सभी यूरोपीय भूगोलवेत्ताओं ने उसके बुद्धिमत्तापूर्ण कार्यों की सराहना की। वह जीव विज्ञान, भू-विज्ञान, मौसम विज्ञान, आदि विषयों के विद्वान रहे। उसने जीव विज्ञान पर लिखना प्रारम्भ किया और यूरोप एवं उत्तरी अमेरिका के भ्रमण के उपरान्त वह भी हम्बोल्ट की भाँति एक मँजे हुए भूगोलवेत्ता बन गये।

        रेटजेल ने अपनी पूर्व के अनुभवों का मानव भूगोल चिन्तन के विकास में लाभ उठाया। वह डार्विन क विकासवादी सिद्धान्त से बहुत प्रभावित हुए, इसी से उन्होंने भौतिक परिवेश, उसके तत्व एवं उसका मानव पर प्रभाव का बहुमुखी रूप में पता लगाया। उन्होंने पहली बार मानव भूगोल के लिए शब्द का प्रयोग किया। उसके अनुसार मानव भूगोल को भौतिक भूगोल की पृष्ठभूमि में ही सही-सही समझा जा सकता है। मानव भूगोल भू-मण्डल पर स्थल एवं भौतिक परिवेश से नियंत्रित मानवता के विस्तार एवं विवरण समझाता है। वास्तव में, उसने मानव भूगोल साथ-साथ कई विज्ञानों पर लिखा, इसी कारण रेटजेल को जर्मनी में मानव भूगोल के पिता होने का श्रेय प्राप्त है।

एन्थ्रोपोज्योग्राफी (मानव भूगोल):-

         रेटजेल रिटर के विचारों से विशेष रूप से प्रभावित हुआ और स्वयं उसने यह स्वीकार किया कि वह रिटर की अर्डकुंडे रचना को भूतल पर गतिशील विकास के सन्दर्भ में विकसित करना चाहता है। उसने पृथ्वी को एक इकाई के रूप में तो स्वीकार किया परन्तु उसका चिन्तन इस ग्रन्थ में निम्न दो बातों के आधार पर रिटर से भिन्न है:-

(i) उसने इसमें प्रादेशिक वर्णन के स्थान पर मानव भूगोल एवं परिवेश सम्बन्धी व्यवस्थित वर्णन प्रस्तुत किये।

(ii) उसने डार्विन के सिद्धान्त में विश्वास करते हुए मानव को विकास की अन्तिम कड़ी माना।

         अतः उसके इस ग्रन्थ में मानव वितरण के लिए उत्तरदायी कारक एवं प्राकृतिक परिवेश के तत्वों की व्याख्या सरल एवं स्पष्ट भाषा में की गयी है। अतः प्रथम खण्ड को ‘Application of geography to history भी कहा जाता है। उसके अनुसार भूतल पर हमारे कार्यकलापों के निर्धारण में परिवेश के निम्न चारों प्रभावी समूह महत्वपूर्ण हैं।

(i) शारीरिक प्रजातीय लक्षणों वाले प्रभाव,

(ii) मनोवैज्ञानिक प्रभाव,

(iii) जनसमूह की आर्थिक एवं सामाजिक गतिशीलता की न्यूनाधिकता के स्वरूप में फैली प्राकृतिक शाक्तियों के भौगोलिक प्रभाव, एवं

(iv) मानवता के वितरण एवं गतिशीलता को नियंत्रित एवं निर्धारित करने वाले प्रभाव।

           उपरोक्त चारों प्रभावों के कारकों का समूह ही प्राकृतिक परिवेश का प्रमुख आधार है। उसने मानव मन को भी प्राकृतिक परिवेश की उपज माना। उसने प्रथम ग्रन्थ में प्रायः कठोर निश्चयवाद का अनुसरण किया। उसके अनुसार, नियति द्वारा दी गई भूमि पर ही मानव को निवास करना चाहिए एवं उसे वहाँ विधना (प्राकृतिक परिवेश व भाग्य) के नियमों के अनुसार ही मौत का भी वरण करना चाहिये।

         उसने दूसरे खण्ड में मानव समुदाय के तात्कालिक विश्व वितरण की व्याख्या की। उसने भूतल के बसे हुए एवं निर्जन प्राय प्रदेशों के विस्तार को बताते हुए उनकी सीमा निश्चित की। रेटजल ने बताया कि बसी हुई दुनियाँ की सीमा पर बसे हुए बिखरे मानव समुदाय सभ्यता की चौकियाँ हैं। जलवायु के प्रभाव को महत्वपूर्ण बताते हुए उसने प्राचीन सभ्यता-केन्द्रों के उद्भव एवं विकास का कारण भी इसे ही बताया। जल संसाधन असभ्य मानव के लिए प्रमुख बाधा थे परन्तु ज्योंहि मानव ने नौवहन सीख लिया यह बाधा उसके लिए महान राजमार्ग बन गया। 

         मानव एवं उसके विकास के लिए रेटजेल ने तीन कारणों को उत्तरदायी माना, यह है-

(i) (Lage Situation) स्थिति- यह स्थिति अन्य मानव समूहों के सन्दर्भ में है। 

(ii) Raum (Space) स्थान- क्षेत्र की सहसम्बद्धता, क्षेत्र की केन्द्रीयता एवं उनकी सीमावर्ती स्थिति इसके अंग हैं। ऐसा क्षेत्र जनसंख्या की अधिकता के साथ-साथ प्राकृतिक अथवा मानवीय बाघाएँ स्वीकार नहीं करता, एवं

(iii) Rahmen (limits) सीमाएँ- मानव समुदाय प्राकृतिक ढाँचे अथवा निर्धारित सीमा में विकसित होते हैं।

       संक्षेप में, रेटजेल के एन्थ्रोपोज्योग्राफी ग्रन्थ में निम्न तीन समस्याओं की ओर विशेष ध्यान दिया गया है:-

(i) भूतल पर मानव समूहों का वितरण-

       इसमें मानव के जातीय, राष्ट्रीय भाषा एवं धार्मिक स्तर विषयक वर्णन हैं जिन्हें समझने के लिए वांछित मानचित्र चाहिए। वर्तमान में यह सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूगोल का अभिन्न अंग माने गये हैं।

(ii) उपरोक्त वितरण किस प्रकार भौतिक परिवेश द्वारा प्रभावित है एवं उस पर निर्भर है।

(ii) मानव एवं उसके समाज पर भौतिक परिवेश का स्पष्ट प्रभाव। जैसे जलवायु एवं धरातल का प्रभाव।

           उसने इस प्रकार एन्थ्रोपोज्यॉग्राफी में सामान्यीकरण की प्रक्रिया को अपनाया। अपनी दूरदृष्टी के कारण उसने अपनी ग्रन्थ रचना में वारेनियस की भाँति कोई योजना नहीं बनायी। वह अपने अनुभवों के सहारे बढ़ता गया एवं ज्यों-ज्यों उसका कार्य आगे बढ़ा कई समस्याएँ उसके सम्मुख आयीं तो रेटजेल उनके निराकरण में तथा उससे सम्बन्धित विषय को समझने में लग गया।

       समुचित अध्ययन हेतु प्रदेशों एवं क्षेत्रों के अध्ययन के दर्शन को रेटजेल के साथ-साथ रिचथोफेन एवं हेटनर ने भी (ऐसे ही अध्ययन को) क्षेत्रीय अध्ययन के सिद्धान्तों को भूगोल का अनिवार्य अंग माना। वर्तमान में इस चिन्तन को विकसित करने का श्रेय हार्टशोर्न को है।

        रेटजेल की मानव भूगोल की धारणा की परिणति राजनीतिक भूगोल में हुई।  रेटजेल की राजनीतिक भूगोल नामक पुस्तक का प्रकाशन 1897 में हुआ था। वे राज्य को पृथ्वी की सतह पर एक विशिष्ट किस्म की भौगोलिक इकाई के रूप में देखते थे। वे राज्य की तुलना जैविक इकाई (जीवशास्त्र) से करते थे। उनके अनुसार राज्य वस्तुतः पृथ्वी पर मनुष्य द्वारा रचित एक संगठन होता है जिसमें जनसंख्या का निवास पाया जाता है।

         उनके अनुसार राज्य एक स्थानिक जीव की तरह है जो अपनी प्रकृति प्रदत्त सीमाओं तक प्रसार करता है। यदि उसके प्रसार को अवरोध नहीं मिलता तो वह अपनी प्राकृतिक सीमाओं को लांघ कर अपनी सीमा का विस्तार करता है। यह प्रवृत्ति विकसित मानव समूहों, बंजारों, चरवाहों, शिकारी समूहों आदि सभी में मिलती है। यहीं से लेवांसराम की सकल्पना का जन्म होता है।

          इस तरह रेटजेल बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। वे मानव भूगोल के प्रणेता थे। उन्हें नियतिवादी कहना गलत है। यह एक भ्रान्ति थी। भ्रांति का कारण जर्मन भाषा के उनके ग्रन्थों का अंग्रेजी अनुवाद था जिसमें मनुष्य एवं प्रकृति के सम्बन्ध के मापन पर जोर देने के कारण रेटजेल को प्रकृतिवादी कहा गया।

     चूँकि इनकी शिष्या कुमारी ऐलेन सेम्पुल ने आगे चलकर अति कठोर प्रकृतिवादी विचारधारा प्रस्तुत की अतः उनके गुरू के प्रकृतिवादी होने की धारणा अपने आप पुष्ट होती गई जब आधुनिक लेखकों ने उनके मूल योगदान को पढ़ा तो यह तथ्य स्पष्ट हुआ। रेटजेल ने लीपजिंग में एक भूगोल संस्था की भी स्थापना की थी जो शीघ्र अन्तर्राष्ट्रीय स्तर की संस्था बनी।

       रेटजेल के समय में या तो भौतिक भूगोल का अधिक अध्ययन हो रहा था या मनुष्य का। मनुष्य के विकास को यंत्रवत् बतलाया गया था तथा मनुष्य का भौगोलिक स्थिति से कोई सम्बन्ध नहीं माना जाता था। रेटजेल ने इस अन्तर को पाटने का प्रयास किया। उनके कार्य भौतिक भूगोल एवं मनुष्य के अध्ययन के बीच की कड़ी है। वे प्रकृति के उन नियमों के अध्ययन को आवश्यक मानते थे जो पृथ्वी पर जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करते हैं। उन्होंने मनुष्य को पृथ्वी की एक ईकाई के रूप में भूगोल में समाविष्ट किया। इस प्रयास से भूगोल पुर्नजीवित हो उठा।

24. वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली के एक-कोशिकीय एवं त्रि-कोशिकीय मॉडल

      24. वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली के एक-कोशिकीय एवं त्रि-कोशिकीय मॉडल


वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली का एक-कोशिकीय मॉडल

           वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली का एक-कोशिकीय मॉडल निम्नलिखित मान्यताओं पर आधारित है:-

1. अन्तरिक्ष में पृथ्वी घूर्णन नहीं कर रही है।

2. पृथ्वी सतह का निर्माण एक समान पदार्थों से हुआ है।

3. पृथ्वी सतह द्वारा प्राप्त सौर विकिरण और बहिर्गामी दीर्घ तरंगी विकिरण में अक्षांशों के अनुसार विद्यमान भिन्नता के कारण उत्पन्न तापमान प्रवणता के कारण भूमध्य रेखा पर गर्म हवा और ध्रुवों पर ठण्डी हवा प्रवाहित होती है।

        उपरोक्त पूर्व मान्यताओं के आधार पर दोनों ही गोलाद्धों में वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली का प्रतिरूप एक-कोशिकीय रूप में पाया जाता है। ध्रुवों पर उच्च वायुदाब एवं भूमध्यरेखा पर न्यून वायुदाब होने के कारण हवाओं का धरातलीय प्रवाह ध्रुवों से भूमध्यरेखा की ओर होता है।

         ध्रुवों से चलने वाली ये हवाएं जब भूमध्यरेखा पर पहुंचती हैं तो अभिसरण और संवहन के द्वारा ऊपर उठती हैं। ऊपर उठकर ये हवाएं क्षोभ सीमा के समीप पहुंचकर पुनः क्षैतिज रूप में ध्रुवों की ओर प्रवाहित होती हैं। ऊपरी वायुमण्डल में चलने वाली ये हवाएं ध्रुवों पर पहुंचकर नीचे उतरती हैं। नीचे उतरकर ये हवाएं पुनः भूमध्यरेखा की तरफ प्रवाहित होती हैं। इस प्रकार वायुमंडल की सामान्य संचार प्रणाली का एक-कोशिकीय संचार पूर्ण होता है।

वायुमण्डलीय सामान्य

चित्र: वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली का एक-कोशिकीय मॉडल

वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली का त्रि-कोशिकीय मॉडल

         एक कोशिकीय मॉडल की पहली मान्यता को यदि हटा दें तो वायुमण्डलीय प्रणाली का संचार प्रतिरूप बिल्कुल ही बदल जाएगा। वास्तव में पृथ्वी की घूर्णन गति के कारण दोनों ही गोलाद्धों में वायुमण्डलीय संचार प्रणाली का त्रिकोशिकीय प्रतिरूप देखने को मिलता है। इन तीन संचार कोशिकाओं के नाम- हैडले कोशिका, फैरेल कोशिका तथा ध्रुवीय कोशिका हैं।

          इस त्रि-कोशिकीय मॉडल में भी भूमध्यरेखीय क्षेत्र पृथ्वी का सबसे गर्म क्षेत्र है। सर्वाधिक ऊष्मा से युक्त यह तापीय न्यून (वायुमण्डल में उच्च वायुदाब वाला वह क्षेत्र जो सतही तापमान के कारण उत्पन्न होता है) क्षेत्र अन्तर उष्ण कटिबन्धीय अभिसरण क्षेत्र (Inter Tropical Convergence Zone) कहलाता है। इस क्षेत्र में दोनों ही गोलाद्धों के उपोष्ण कटिबन्ध से आने वाली हवाओं का अभिसरण होता है।

           अभिसरण और संवहन के कारण ये हवाएं भूमध्य रेखा पर ऊपर की ओर उठती है और 14 किमी० की ऊंचाई अर्थात् क्षोभ सीमा के समीप ये हवाएं क्षैतिज रूप में ध्रुवों की ओर प्रवाहित होने लगती है। ऊपरी वायुमण्डल में प्रवाहित होने वाली इन हवाओं पर कोरिआलिस प्रभाव के कारण विक्षेपण उत्पन्न होता है और 30° अक्षांशों के समीप ये हवाएं अक्षांश रेखाओं के समानान्तर पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होने लगती है। यह अक्षांशीय प्रवाह उपोष्ण कटिबन्धीय जेट धारा (Subtropical Jet Stream) के नाम से जाना जाता है।

        इस अक्षांशीय प्रवाह के कारण ऊपरी वायुमण्डल में हवा का एकत्रीकरण होने लगता है। फलतः कुछ हवा अवतलित होकर धरातल पर उपोष्ण कटिबन्धीय उच्च वायुदाब क्षेत्र को जन्म देती है। इस उच्च वायुदाब कटिबन्ध से हवा अपसरित होकर भूमध्यरेखा एवं ध्रुवों की और प्रवाहित होने लगती है। भूमध्य रेखा की ओर प्रवाहित होने वाली हवाएं भूमध्य रेखा पर पहुंच कर हैडले कोशिका को पूर्ण रूप प्रदान करती हैं।

          भूमध्य रेखा की ओर प्रवाहित होने वाली यह हवा कोरिऑलिस प्रभाव के कारण विक्षेपित होकर उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर पूर्वी व्यापारिक पवने (दायीं ओर विक्षेपण) तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में दक्षिण पूर्वी व्यापारिक पवनें (बायीं और विक्षेपण) कहलाती है। उपोष्ण कटिबन्धीय उच्च वायुदाब क्षेत्र से ध्रुवों की ओर प्रवाहित होने वाली धरातलीय पवनें भी कॉरिआलिस प्रभाव के कारण उत्तरी गोलार्द्ध में दक्षिण-पश्चिमी पछुआ हवाएं (दायीं ओर विक्षेपण) तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में उत्तर-पश्चिमी पछुआ पवने (बायीं ओर विक्षेपण) कहलाती हैं।

चित्र: वायुमण्डलीय सामान्य संचार प्रणाली का त्रि-कोशिकीय मॉडल

       दोनों ही गोलार्द्ध में 30 से 60° अक्षाशों के बीच ऊपरी वायुमण्डल में हवा सामान्यत ध्रुवों की ओर प्रवाहित होती है। एक बार फिर कॉरिऑलिस प्रभाव के कारण इन हवाओं में विक्षेपण उत्पन्न होता है। फलतः ये हवाएं पश्चिम से पूर्व की ओर प्रवाहित होने लगती हैं और दोनों ही गोलार्द्धों में 60º अक्षांश के समीप ध्रुवीय जेट धारा (Polar Jet Stream) का निर्माण करती हैं।

         पृथ्वी सतह पर 60° उत्तरी और दक्षिणी अक्षांशों के समीप उपोष्ण कटिबन्ध से प्रवाहित होने वाली पछुआ हवाएं ध्रुवों से आने वाली ठण्डी हवाओं से टकराती हैं। इस टकराव से वाताग्र के संक्रमण क्षेत्र में ठण्डी और घनी वायु गर्म एवं हल्की वायु को ऊपर की ओर उठा देती है। फलस्वरूप उपोष्ण कटिबन्धीय न्यून वायुदाब क्षेत्र की उत्पत्ति होती है। ऊपर उठती हुई यह वायु क्षोभ सीमा के समीप जब पहुंचती है तो इसमें से कुछ वायु पुनः फैरेल कोशिका में प्रवेश कर फैरेल कोशिका को पूर्ण करती है।

          ऊपर उठी हुई इस वायु का अधिकांश भाग ध्रुवीय आवर्त (Polar Vortex) (ध्रुवीय क्षेत्रों में ऊपरी वायुमण्डल में स्थित उच्च वायुदाब क्षेत्र। इस क्षेत्र में ऊपरी क्षोभमण्डल में प्रवाहित होने वाली वायु आवर्त के केन्द्र में प्रवेश करके अवरोहित होकर धरातल पर उच्च वायु दाब क्षेत्र को जन्म देती है।) में पहुंच जाता है जहां से वायु के अवरोहण से धरातल प ध्रुवीय उच्च वायुदाब क्षेत्र का जन्म होता है और इस प्रकार ध्रुवीय कोशिका पूर्ण होती है।


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