16. Questionnaire, Schedule and Interview Method (प्रश्नावली, अनुसूची एवं साक्षात्कार विधि)
Questionnaire, Schedule and Interview Method
(प्रश्नावली, अनुसूची एवं साक्षात्कार विधि)
परिचय
सामाजिक विज्ञान, शिक्षा, भूगोल, अर्थशास्त्र एवं अन्य शोध क्षेत्रों में प्राथमिक आँकड़ों (Primary Data) का विशेष महत्व होता है। प्राथमिक आँकड़े सीधे क्षेत्र से एकत्र किए जाते हैं, जिससे अध्ययन अधिक यथार्थपरक और विश्वसनीय बनता है।
प्राथमिक आँकड़ों के संकलन के लिए अनेक विधियाँ प्रचलित हैं, जिनमें प्रश्नावली (Questionnaire), अनुसूची (Schedule) तथा साक्षात्कार विधि (Interview Method) सबसे अधिक प्रयोग की जाती हैं। ये तीनों विधियाँ शोधकर्ता को प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदाताओं से जानकारी प्राप्त करने में सहायता करती हैं।
1. प्रश्नावली (Questionnaire)
प्रश्नावली का अर्थ
प्रश्नावली प्रश्नों का एक सुव्यवस्थित लिखित रूप होती है, जिसे उत्तरदाताओं को दिया जाता है ताकि वे स्वयं अपने उत्तर लिख सकें। इसमें शोध से संबंधित प्रश्न पहले से निर्धारित होते हैं।
परिभाषा
प्रश्नावली वह साधन है, जिसके माध्यम से शोधकर्ता लिखित प्रश्नों द्वारा उत्तरदाताओं से जानकारी प्राप्त करता है।
प्रश्नावली की विशेषताएँ
✍️ यह लिखित रूप में होती है।
✍️ उत्तरदाता स्वयं प्रश्न पढ़कर उत्तर देता है।
✍️ प्रश्न क्रमबद्ध और स्पष्ट होते हैं।
✍️ यह कम लागत वाली विधि है।
✍️ बड़े क्षेत्र और अधिक जनसंख्या के अध्ययन में उपयोगी है।
प्रश्नावली के प्रकार
(i) संरचित प्रश्नावली
(Structured Questionnaire)
✍️ प्रश्न निश्चित और पूर्वनिर्धारित होते हैं।
✍️ उत्तर के विकल्प पहले से दिए जाते हैं।
(ii) असंरचित प्रश्नावली
(Unstructured Questionnaire)
✍️ प्रश्न खुले होते हैं।
✍️ उत्तरदाता स्वतंत्र रूप से उत्तर देता है।
(iii) खुले प्रश्न
(Open-ended Questions)
✍️ उत्तरदाता अपनी भाषा में उत्तर देता है।
(iv) बंद प्रश्न
(Close-ended Questions)
✍️ ‘हाँ/नहीं’, बहुविकल्पीय (MCQ) आदि।
प्रश्नावली निर्माण के सिद्धांत
✍️ प्रश्न सरल और स्पष्ट हों।
✍️ प्रश्न संक्षिप्त हों।
✍️ एक प्रश्न में एक ही बात पूछी जाए।
✍️ कठिन और संवेदनशील प्रश्न अंत में रखें।
✍️ तकनीकी शब्दों से बचें।
✍️ प्रश्न तार्किक क्रम में हों।
प्रश्नावली के लाभ
✍️ कम समय और कम खर्च में जानकारी प्राप्त होती है।
✍️ पक्षपात की संभावना कम होती है।
✍️ उत्तरदाता स्वतंत्र होकर उत्तर देता है।
✍️ आँकड़ों का विश्लेषण सरल होता है।
प्रश्नावली की सीमाएँ
✍️ अशिक्षित उत्तरदाताओं के लिए अनुपयुक्त।
✍️ प्रश्न गलत समझे जाने की संभावना।
✍️ उत्तर न मिलने (Non-response) की समस्या।
✍️ भावनात्मक एवं गहन जानकारी प्राप्त करना कठिन।
2. अनुसूची (Schedule)
अनुसूची का अर्थ
अनुसूची प्रश्नों की एक सूची होती है, जिसे शोधकर्ता या गणनाकर्ता स्वयं उत्तरदाता से पूछकर भरता है। इसमें उत्तरदाता को स्वयं लिखने की आवश्यकता नहीं होती।
परिभाषा
अनुसूची वह विधि है, जिसमें शोधकर्ता प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदाता से प्रश्न पूछकर उत्तर लिखता है।
अनुसूची की विशेषताएँ
✍️ यह भी प्रश्नों का लिखित रूप होती है।
✍️ इसे गणनाकर्ता द्वारा भरा जाता है।
✍️ अशिक्षित लोगों के लिए उपयुक्त।
✍️ उत्तर की शुद्धता अधिक होती है।
अनुसूची के प्रकार
(i) संरचित अनुसूची – निश्चित प्रश्न और विकल्प।
(ii) असंरचित अनुसूची – खुले प्रश्नों पर आधारित।
अनुसूची के लाभ
✍️ अशिक्षित उत्तरदाताओं से भी जानकारी मिलती है।
✍️ उत्तर अधिक पूर्ण और सही होते हैं।
✍️ उत्तर न मिलने की समस्या कम होती है।
✍️ प्रश्न समझाने की सुविधा होती है।
अनुसूची की सीमाएँ
✍️ समय और धन अधिक लगता है।
✍️ प्रशिक्षित गणनाकर्ताओं की आवश्यकता।
✍️ व्यक्तिगत पक्षपात की संभावना।
✍️ बड़े क्षेत्र में प्रयोग कठिन।
प्रश्नावली और अनुसूची में अंतर
| आधार | प्रश्नावली | अनुसूची |
| भरने वाला | उत्तरदाता स्वयं | गणनाकर्ता |
| साक्षरता | आवश्यक | आवश्यक नहीं |
| लागत | कम | अधिक |
| समय | कम | अधिक |
| शुद्धता | अपेक्षाकृत कम | अधिक |
3. साक्षात्कार विधि (Interview Method)
साक्षात्कार का अर्थ
साक्षात्कार वह विधि है, जिसमें शोधकर्ता और उत्तरदाता के बीच प्रत्यक्ष मौखिक संवाद के माध्यम से जानकारी प्राप्त की जाती है।
परिभाषा
साक्षात्कार वह प्रक्रिया है, जिसमें शोधकर्ता प्रश्न पूछकर मौखिक रूप से उत्तर प्राप्त करता है।
साक्षात्कार के प्रकार
(i) संरचित साक्षात्कार
✍️ प्रश्न पहले से तय होते हैं।
✍️ सभी उत्तरदाताओं से समान प्रश्न।
(ii) असंरचित साक्षात्कार
✍️ प्रश्न लचीले होते हैं।
✍️ गहन अध्ययन के लिए उपयोगी।
(iii) अर्ध-संरचित साक्षात्कार
✍️ कुछ प्रश्न निश्चित, कुछ खुले।
(iv) व्यक्तिगत साक्षात्कार
✍️ एक-से-एक संवाद।
(v) समूह साक्षात्कार
✍️ एक साथ कई उत्तरदाता।
(vi) टेलीफोन/ऑनलाइन साक्षात्कार
✍️ आधुनिक तकनीक पर आधारित।
साक्षात्कार के लाभ
✍️ गहन और भावनात्मक जानकारी प्राप्त होती है।
✍️ प्रश्न स्पष्ट किए जा सकते हैं।
✍️ उत्तर की प्रामाणिकता अधिक।
✍️ अशिक्षित व्यक्तियों से भी जानकारी संभव।
साक्षात्कार की सीमाएँ
✍️ समय और खर्च अधिक।
✍️ साक्षात्कारकर्ता का पक्षपात।
✍️ सीमित उत्तरदाताओं तक ही संभव।
✍️ रिकॉर्डिंग और विश्लेषण कठिन।
तीनों विधियों का तुलनात्मक अध्ययन
| आधार | प्रश्नावली | अनुसूची | साक्षात्कार |
| प्रकृति | लिखित | लिखित | मौखिक |
| उत्तरदाता | स्वयं | गणनाकर्ता के माध्यम से | प्रत्यक्ष |
| लागत | कम | मध्यम | अधिक |
| समय | कम | अधिक | सबसे अधिक |
| गहनता | कम | मध्यम | अधिक |
| उपयोग | बड़े सर्वेक्षण | ग्रामीण/अशिक्षित क्षेत्र | केस स्टडी |
उपयुक्तता (Suitability)
✍️ प्रश्नावली – बड़े क्षेत्र, साक्षर उत्तरदाता, सीमित बजट।
✍️ अनुसूची – ग्रामीण क्षेत्र, अशिक्षित जनसंख्या।
✍️ साक्षात्कार – गहन अध्ययन, सामाजिक समस्याएँ, केस स्टडी।
निष्कर्ष:
प्रश्नावली, अनुसूची और साक्षात्कार विधि ये तीनों ही प्राथमिक आँकड़ा संग्रह की महत्वपूर्ण विधियाँ हैं। शोध का उद्देश्य, क्षेत्र, समय, धन और उत्तरदाताओं की प्रकृति के अनुसार उपयुक्त विधि का चयन किया जाना चाहिए। एक सफल शोध के लिए आवश्यक है कि शोधकर्ता इन विधियों का संतुलित, वैज्ञानिक और नैतिक प्रयोग करे।

