Unique Geography Notes हिंदी में

Unique Geography Notes in Hindi (भूगोल नोट्स) वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के उन छात्रों और अध्ययन प्रेमियों को काफी मदद मिलेगी, जिन्हें भूगोल के बारे में जानकारी और ज्ञान इकट्ठा करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस वेबसाइट पर नियमित रूप से सभी प्रकार के नोट्स लगातार विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रकाशित करने का काम जारी है।

BA Geography All PracticalBA SEMESTER/PAPER III

2. Pie Diagram (वृत्तारेख)

Pie Diagram

(वृत्तारेख)




      पाई आरेख एक वृत्ताकार सांख्यिकीय आरेख है, जिसमें किसी कुल मान (100%) को विभिन्न भागों/वर्गों में बाँटकर प्रदर्शित किया जाता है। प्रत्येक भाग को सेक्टर (Sector) कहा जाता है और उसका आकार संबंधित आँकड़े के प्रतिशत अनुपात के अनुसार होता है।

     जिस प्रकार वर्ग या आयत जैसे आरेखों में कुल क्षेत्रफल को दिए गए आँकड़ों के अनुपात में भागों में बाँटा जाता है, उसी तरह चक्र या वृत्तारेख में कुल संख्या को वृत्त के क्षेत्रफल द्वारा दर्शाया जाता है। इसमें विभिन्न श्रेणियों या घटकों को उनके मान के अनुपात में वृत्त के अलग-अलग भागों में विभाजित किया जाता है। इसी कारण इसे कभी-कभी विभाजित वृत्त आरेख भी कहा जाता है।

    वृत्तारेख की विशेषता यह है कि इसमें पूरे वृत्त का क्षेत्रफल कुल संख्या को दर्शाता है, जबकि उसके विभिन्न खंड अलग-अलग घटकों के मान को प्रकट करते हैं। इस प्रकार एक ही वृत्त में आँकड़ों का तुलनात्मक और स्पष्ट प्रदर्शन किया जा सकता है।

Pie Diagram

🔹 पाई आरेख की विशेषताएँ

✍️ सम्पूर्ण वृत्त = 360° = 100%

✍️ प्रत्येक सेक्टर का कोण =

(संबंधित मान / कुल मान) × 360°

✍️ तुलनात्मक अध्ययन के लिए अत्यंत उपयोगी

✍️ सरल, आकर्षक और दृश्यात्मक प्रस्तुति

🔹 पाई आरेख बनाने की विधि

✍️ सभी वर्गों के मान जोड़कर कुल मान ज्ञात करें।

✍️ प्रत्येक वर्ग का प्रतिशत निकालें।

✍️ प्रतिशत को 360° से गुणा कर कोण निर्धारित करें।

✍️ वृत्त बनाकर केंद्र से विभिन्न सेक्टर बनाएँ।

✍️ प्रत्येक सेक्टर को नाम / प्रतिशत के साथ दर्शाएँ।

🔹 उपयोग

✍️ भूगोल (जनसंख्या, भूमि उपयोग)

✍️ अर्थशास्त्र (आय–व्यय संरचना)

✍️ समाजशास्त्र, शिक्षा, शोध रिपोर्ट

🔹 सीमाएँ

✍️ बहुत अधिक वर्ग होने पर आरेख जटिल हो जाता है

✍️ सूक्ष्म अंतर स्पष्ट नहीं दिखते

उदाहरण 1. निम्नलिखित आँकड़ों को वृत्तारेख द्वारा प्रदर्शित कीजिए। भारत के प्रमुख निर्यात, 2001-02 (करोड़ रुपये में)

श्रेणी निर्यात (करोड रुपये में)
कृषि 29312
अयस्क और खनिज 4736
विनिर्मित वस्तुएँ 161161
ईंधन और स्नेहक 10411
अन्य 23398
योग 209018

हल: 

श्रेणी निर्यात (करोड रुपये में) कोण (अंश)
कृषि 29312  29312 x 360/209018 = 50.50
अयस्क और खनिज 4736 4736 x 360/209018 = 8.15
विनिर्मित वस्तुएँ 161161 161161 x 360/209018 = 277.57
ईंधन और स्नेहक 10411 10411 x 360/209018 = 17.94
अन्य 23398 3398 x 360/209018 = 5.85
योग 209018 209018 x 360/209018 = 360

रचना विधि-

        दिए गए आँकड़ों का कुल योग ज्ञात करें।

✍️ प्रत्येक वर्ग/शीर्ष के लिए केंद्रीय कोण निकालें—

✍️ केंद्रीय कोण =

प्रत्येक सेक्टर का कोण =

(संबंधित मान / कुल मान) × 360°

✍️ अब कागज़ पर कम्पास की सहायता से एक वृत्त खींचें।

✍️ वृत्त के केंद्र से प्रोट्रैक्टर की मदद से गणना किए गए कोणों के अनुसार क्रमशः रेखाएँ खींचें।

✍️ प्रत्येक खंड को अलग-अलग रंग/छायांकन देकर स्पष्ट करें।

✍️ हर खंड पर शीर्षक/मान लिखें और एक संकेतक (Legend) बनाएं।

✍️ अंत में उपयुक्त शीर्षक दें, जैसे— भारत का निर्यात (2001–02)।

भारत का निर्यात (2001–02)

or

India’s exports (2001–02)

I ‘Dr. Amar Kumar’ am working as an Assistant Professor in The Department Of Geography in PPU, Patna (Bihar) India. I want to help the students and study lovers across the world who face difficulties to gather the information and knowledge about Geography. I think my latest UNIQUE GEOGRAPHY NOTES are more useful for them and I publish all types of notes regularly.

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