Category सामान्य भूगोल #

11. विश्व में सर्वाधिक ऊँचा, लम्बा, गहरा, बड़ा, छोटा व प्रथम

11. विश्व में सर्वाधिक ऊँचा, लम्बा, गहरा, बड़ा, छोटा व प्रथम

General Geography Capsule 10

सामान्य भूगोल



1. भारत की सबसे बड़ी तथा खारे जल की झील है

➤ चिल्का झील (उड़ीसा)

2. विश्व की सबसे बड़ी तथा खारे जल की झील है

कैस्पियन सागर (रूस) 

3. भारत की सबसे बड़ी मीठे जल की झील है

➤ वुलर झील (जम्मू-कश्मीर) 

4. विश्व की सबसे बड़ी ताजे पानी की झील है

➤ सुपीरियर झील (अमेरिका)

5. भारत की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है

➤ गोविन्द सागर झील

6. विश्व की सबसे गहरी झील है

➤ बैकाल झील (रूस)

7. विश्व की सबसे बड़ी कृत्रिम झील है

➤ वोल्गा झील (घाना)

8. भारत का सबसे बड़ा रेगिस्तान है

➤ थार मरूभूमि (राजस्थान)

9. विश्व का सबसे बड़ा रेगिस्तान है

➤ सहारा मरूभूमि (अफ्रिका)

10. भारत का सबसे ऊँचा बाँध है

➤ भाखड़ा बाँध (सतलज नदी, पंजाब)

11. भारत का सबसे लम्बा बाँध है

➤ हीराकुण्ड बाँध (महानदी, उड़ीसा)

12. विश्व का सबसे ऊँचा बाँध है

रोगुन्वस्की (तजाकिस्तान, रूस)

13. भारत का सबसे ऊँचा जलप्रपात है

➤ जोग या गरसोप्पा (शरावती नदी, कर्नाटक)

14. विश्व का सबसे ऊँचा जलप्रपात है

➤ एंजिल (वेनेजुएला)

15. भारत की सबसे लम्बी नहर है

➤ इंदिरागांधी नहर या राजस्थान नहर (राजस्थान)

16. विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा है

➤ सुन्दरवन डेल्टा (भारत)

17. विश्व की सबसे लम्बी नदी है

➤ नील नदी (मिस्र)

18. विश्व की सबसे चौड़ी नदी है

➤ आमेजन (द० अमेरीका)

19. विश्व की सबसे छोटी नदी है

➤ डी नदी ( USA)

20. विश्व का सबसे बड़ा नहर है

➤ स्वेज नहर (1869 ई. में निर्मित)

21. विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है

➤ माजूली (ब्रह्मपुत्र नदी, असम)

22. विश्व का सबसे छोटा नदी द्वीप है

➤ उमानंद (असम)

23. विश्व का सबसे बड़ा महाद्वीप है

➤ एशिया 

24. विश्व का सबसे छोटा महाद्वीप है

➤ आस्ट्रेलिया

25. सबसे बड़ा एवं गहरा महासागर है

➤ प्रशांत महासागर

26. विश्व का सबसे छोटा महासागर है

➤ आर्कटिक महासागर

27. सबसे बड़ा द्वीप है

➤ ग्रीनलैण्ड (डेनमार्क)

28. सबसे बड़ा द्वीप समूह है

➤ इण्डोनेशिया

29. सबसे बड़ा प्रायद्वीप है

➤ अरब प्रापद्वीप

30. झील के अन्दर झील है

➤ मेनीटू (कनाडा)

31. सबसे बड़ा जलडमरूमध्य है

➤ डेविस जलडमरूमध्य

32. सबसे बड़ी खाड़ी है

➤ मैक्सिको की खाड़ी

33. क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा देश है

➤ रूस

34. क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे छोटा देश है

➤ वेटिकन सिटी

35. भारत की सबसे लम्बी सुरंग है

जबाहर सुरंग (जम्मू-कश्मीर)

36. विश्व का सबसे व्यस्त व्यापारिक नदी है

➤ राईन नदी (जर्मनी)

37. विश्व की सर्वाधिक सीमाओं वाला देश है

➤ चीन (14 देशों के साथ)

38. विश्व में सर्वाधिक ऊँचाई पर स्थित झील है

➤ टिटिकाका (द० अमेरीका)

39. विश्व में सबसे निचले स्थान पर स्थित झील है

➤ मृतसागर (प्रशांत महासागर में

40. विश्व की सबसे ऊँची जाग्रत ज्वालामुखी है

➤ कोटोपैक्सी (इक्वेडोर, दक्षिण अमेरिका में)

41. संसा का सबसे छोटा ज्वालामुखी है

➤ ताल (फिलीपिंस)

42. एशिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान है

➤ गोबी (मंगोलिया)

43. सर्वाधिक वर्षा वाला स्थान है

➤ मासिनराम (मिजोरम, भारत)

44. लम्बा प्लेटफार्म है

➤ खड़गपुर (प. बंगाल)

45.  सबसे लम्बी रेलवे है 

➤ ट्रांस साइबेरियन रेलवे (6000 मील)

नोट:  रूस का यह प्रमुख रेलमार्ग पश्चिम में सेंट पीटर्सबर्ग से पूरब में प्रशान्त महासागर तट पर स्थित ब्लाडीवोस्टक तक जाता है।

विश्व में सर्वाधिक ऊँचा

46. लम्बा मुहाना किस नदी का है

➤ ओब (रूस)

47. सर्वाधिक ज्वालामुखी है 

➤ इंडोनेशिया में

48. सबसे ऊँची राजधानी है 

➤ ल्हासा (तिब्बत)

49. बड़ी दीवार है

➤ चीन की दीवार (2225 किमी०)

50. सबसे ऊँचा नग है

➤ बेन चुआन (चीन, 16000 फुट)

9. Earthquake and Tsunami (भूकंप व सुनामी)

9. Earthquake and Tsunami

(भूकंप व सुनामी)



भूकम्प दो शब्दों के मिलने से बना है- भू + कम्प

भू= भूपटल

कम्प= कम्पन

इस प्रकार भूपटल में उत्पन्न होने वाला किसी भी प्रकार के कम्पन को भूकम्प कहते है। 

समुद्र के अंदर उत्पन्न होने वाले भूकंप को सूनामी (Tsunami) कहते है।

सूनामी जापानी शब्द है जिसका अर्थ बंदरगाह लहर होता है।

विज्ञान की वह शाखा जिसमें भूकम्प का अध्ययन किया जाता है उसे सिस्मोलोजी (Seismology) कहते है। 

भूपटल के जिस बिंदु से भूकम्प प्रारंभ होती है। उसे भूकम्प केंद्र (Focus) कहते है।

Earthquake and Tsunami

अधिकेंद्र- भूपटल के जिस बिंदु पर भूकम्प का झटका सबसे पहले अनुभव होता है उसे अधिकेंद्र कहते है।

प्रघात (Shocks)- अधिकेंद्र पर भूकम्पीय तरंग के द्वारा अनुभव किया गया पहला भूकम्पीय झटका को प्रघात कहते है।

जब भूकंप समाप्त हो जाता है तो भी कई दिनों तक हल्के भूकम्प के झटके महसूस किए जाते है उसे After Shock कहा जाता है।

बिहार में औसतन प्रत्येक 17 वर्ष पर भूकम्प आता है।

सिस्मोग्राफ: सिस्मोग्राफ भूकम्पीय तरंगों के प्रवृति को रेखांकन करने वाला यंत्र है।

समभूकम्प रेखा: समान भूकम्पीय तीव्रता वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को समभूकम्पीय रेखा कहते है।

सहभूकम्प रेखा: एक ही समय पर पहुँचने वाले भूकम्पीय तरंगों को मिलने वाली सरल रेखा को सह-भूकम्प रेखा कहते है।

भूकम्प के प्रकार

       भूकम्प का वर्गीकरण दो आधार पर किया जाता है:-

(A) गहराई के आधार पर

(B) समय के आधार पर

      गहराई के आधार पर भूकम्प तीन प्रकार के होते है-

(i) छिछला भूकम्प– फोकस 50 KM की गहराई तक होता है।

(ii) मध्यम भूकम्प– फोकस 50-250 KM के बीच

(iii) गहरा भूकम्प– फोकस 250-700 KM के बीच

(B) समय के आधार पर

     समय के आधार पर भूकम्प दो प्रकार के होते है:-

(i) धीमा भूकम्प

(ii) अचानक भूकम्प

धीमा भूकम्प की तीव्रता कम होती है लेकिन इसके झटके लम्बे समय तक अनुभव किये जाते है। ऐसे भूकम्प से ही वलित पर्वत तथा पठारों का निर्माण होता है।

अचानक भूकम्प की तीव्रता अधिक होती है। इसके झटके अति उच्च समय तक अनुभव किये जाते है। इसके चलते इससे ज्वालामुखी पर्वत तथा ब्लॉक पर्वत का निर्माण होता है।

विश्व में सर्वाधिक छिछले उदगम वाले भूकम्प होते हैं जिसका प्रभाव लम्बे समय तक होता है।

 भूकम्प के कारण

      भूकम्प क्यों आते है उन कारणों को दो भागों में बाँटकर अध्ययन किया जा सकता है:-

(A) मानवीय कारण

(B) प्राकृतिक कारण

(A) मानवीय कारण :-

(i) परमाणु विस्फोट

(ii) मानव के द्वारा किया जा रहा खनन कार्य

(iii) बड़े-बड़े बाँधों का निर्माणEarthquake

(iv) पर्वतीय क्षेत्रों में किया जा रहा विकास कार्यक्रम जैसे- सड़क निर्माण, वन ह्रास इत्यादि।

(B) प्राकृतिक कारक:-

ज्वालामुखी उदगार, मोड़दार एवं ब्लॉक पर्वत का निर्माण जब कभी होता है। भूकम्प आने से संबंधित प्राकृतिक कारणों की व्याख्या होती है।

       भूकम्प आने से संबंधित प्राकृतिक कारणों की व्याख्या करने हेतु दो सिद्धान्त दिए गए है:-

(1) प्रत्यास्थ पुनश्चलन का सिद्धान्त (Elastic Rebond Theory)

इस सिद्धांत को अमेरिकी वैज्ञानिक H.F. रीड ने दिया था।

इनके अनुसार भुपटल प्रत्यास्थ चट्टानों से निर्मित है।

जब इन चट्टानों पर बाहरी दबाव बल कार्य करता है तो चट्टानें फैलती है और जब दबाव हटता है तो चट्टानें सिकुड़ने के क्रम में ही भूकम्प उत्पन्न होता है।

2) प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त (Plate Tectonic Theory)

इस सिद्धान्त के प्रतिपादक हैरीहेस महोदय है।

इन्होंने बताया कि पृथ्वी का भूपटल कई प्लेटों से निर्मित है।

यही प्लेट जब क्षैतिज या उदग्र रूप से गति करते है तो भूकम्प उत्पन्न होते है।

प्लेटों में सर्वाधिक भूकम्प प्लेट के किनारे अनुभव किये जाते है।

भूकम्प के आधार पर प्लेट के किनारों को तीन भागों में बांटा गया है-

I. अपसरण सीमा

II. अभिसरण सीमा

III. संरक्षी सीमाEarthquake

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त में यह बताया गया है कि प्लेटों में गति चार कारणों से उत्पन्न होती है:-

जैसे:-

(i) चन्द्रमा एवं ब्रहाण्डीय पिण्डों का आकर्षण बल

(ii) एक प्लेट के सापेक्ष में दूसरे प्लेट का 45° कोण पर झुका हुआ होना

(iii) पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल

(iv) दुर्बलमण्डल में उत्पन्न होने वाला संवहन तरंग

            प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त में उपरोक्त सभी कारणों को भूकम्प के लिए जिम्मेवार बताये गये है लेकिन इनमें सर्वाधिक महत्वपूर्ण संवहन तरंग है।

जिन किनारों पर संवहन तरंग ऊपर की ओर उठकर फैलने की प्रवृति रखती है वहाँ पर अपसरण सीमा का निर्माण होता है और प्लेटों में उत्पन्न होने वाले गति को अपसरण गति कहते है।

जैसे- अटलांटिक कटक के सहारेEarthquake

जब किसी प्लेट के नीचे संवहन तरंग बैठने की पवृति रखती है वहाँ पर अभिसरण सीमा (किनारा) का निर्माण होता है। अभिसरण किनारों के सहारे प्लेटों में अभिसरण गति उत्पन्न होती है। 
Earthquake
जब दो प्लेट आपस में समांतर रूप से रगड़ खाते है तो वैसे स्थानों पर संरक्षी सीमा का निर्माण होता है और प्लेटों में उत्पन्न होने वाले गति को संरक्षी गति कहते है। जापान, फिलीपींस, इंडोनेशिया जैसे द्वीप समूह संरक्षी सीमा पर अवस्थित है। यही कारण है कि यहाँ सबसे अधिक तीव्र वाले भूकम्प रिकॉर्ड किया जाता है।
Earthquake
       इस तरह उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि भूकम्प के कारणों का सर्वाधिक वैज्ञानिक व्याख्या प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त द्वारा किया जाता है।

भूकम्प का वितरण

विश्व में मुख्यतः भूकम्प के तीन क्षेत्र है:-

(i) प्रशांत महासागर के चारों ओर-

     विश्व में सर्वाधिक भूकम्प प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में ही आती है। यहाँ अधिकांश गहरे केंद्र वाले भूकम्प आते है।

(ii) मध्य महाद्वीपीय क्षेत्र-

        यह क्षेत्र यूरेशियन प्लेट और इसके दक्षिण में स्थित भारतीय प्लेट तथा अफ्रीकन प्लेट के मध्य स्थित है। यहाँ मध्यम एवं छिछले किस्म के भूकम्प आते है।

(iii) मध्य अटलांटिक कटक एवं पूर्वी अफ्रीका के भ्रंश घाटी क्षेत्र- 

      अटलांटिक महासागर में अपसरण सीमा के सहारे भूकम्प आती है जिसका विस्तार उत्तर में आइसलैंड के थोड़ा ऊपर से दक्षिण में बोवेट द्वीप तक हुआ है।

भूकम्पीय तीव्रता एवं इसका मापन

भूकम्प के आगमन के दौरान बड़ी मात्रा में ऊर्जा का उत्सर्जन होता है। इसी ऊर्जा का मापन भूकम्पीय तीव्रता कहलाता है।

वैज्ञानिकों ने भूकम्पीय तीव्रता की मापन हेतु दो प्रकार के पैमाने का विकास किया है-

1. मार्सेली पैमाना

2. रिक्टर (Richter) पैमाना

मार्सेली पैमाना

मार्सेली पैमाना का विकास फ्रांस के मार्सेली महोदय द्वारा किया गया था।

इन्होंने इसे ज्ञानेन्द्रियों के अनुभव एवं विनाशकारी प्रभाव पर विकसित किया।

इस पैमाने से न्यूनतम 1 और अधिकतम 12 इकाई तक भूकम्पीय तीव्रता का मापन किया जाता है।

रिचर पैमाना

रिचर पैमाना का विकास 1835 ई० में सी.एफ. रिचर महोदय ने किया था। 

सके अंतर्गत भूकम्पीय तीव्रता का मापन 1 से 9 इकाई तक किया जाता है। रिचर पैमाना में भूकम्पीय तीव्रता का मापन 10 के घात के रूप में होता है।

रिचर पैमाना पर तीव्रता प्रभाव
1 केवल यंत्रों द्वारा अनुभव किया जाता है।
2 केवल अधिकेन्द्र के पास हल्का कम्पन होता है।
3 चट्टानों में सामान्य कम्पन होती है
4 केन्द्र से 32 किमी० की त्रिज्या में भूकम्प अनुभव की जाती है
5 अधिकेन्द्र से 5 हजार किमी० की दूरी तक भूकम्प अनुभव किया जाता है और पेड़-पौधे हिलने लगते हैं
6 विनाश प्रारंभ हो जाता है और दीवारों में दरारें पड़ने लगती हैं।
7 दीवारें ध्वस्त हो जाती है, वृहत भूकम्प की स्थिति उत्पन्न होती है।
8 इसका प्रभाव विश्वव्यापी होती है, नदियाँ अपना मार्ग बदल लेती है।
9 सम्पूर्ण सर्वनाश (नदी, नाला, मकान) की स्थिति उत्पन्न हो जायेगी।
           
अगर रिचर स्केल पर भूकम्प तीव्रता 6.5 हो तो यह मानव के लिए विनाशात्मक साबित होता है। 

भूकम्पीय तरंग एवं इसकी विशेषता

      भूकम्प के दौरान कई प्रकार के प्रमुख एवं गौण तरंगों की उत्पति होती है:-

(A) प्रमुख तरंग 

I. P तरंग

II. S तरंग

III. L तरंग

(B) गौण तरंग

I. P* तथा S*

II. Pg तथा Sg

(A) प्रमुख तरंग 

P तरंग 

P तरंग को कई नामों से जानते है। जैसे: प्राथमिक तरंग, Pull & Push तरंग या अनुधैर्य तरंग।

इसे ध्वनि तरंग से तुलना की जा सकती है क्योंकि यह ठोस, द्रव्य और गैस तीनों प्रकार के माध्यम से संचारित हो सकती है।

इसकी गति 7.8 Km/Sec होती है।

P तरंग भूकम्प रिकॉर्डिंग स्टेशन पर सबसे पहले पहुँचती है या अनुभव किया जाता है।

इसकी उत्पत्ति भूकम्पीय केंद्र/फोकस से होती है।

S तरंग

S तरंग को द्वितीयक तरंग या अनुप्रस्थ तरंग कहते है।

इसकी तुलना प्रकाश तरंग से की जा सकती है।

यह तरंग तरल भाग में विलुप्त हो जाती है।

भूकम्प रिकॉर्डिंग स्टेशन पर P तरंग की तुलना में S तरंग देरी से पहुंचती है।

S तरंग की भी उत्पति भूकम्पीय केंद्र/फोकस से होती है।

P तरंग अपने संचरण अक्ष के क्षैतिज जबकि S तरंग अपने संचरण मार्ग के लम्बवत गमन करती है।

S तरंग की औसत गति 4.5 Km/Sec होता है।

L तरंग 

L तरंग को सतही तरंग (Surface Wave or Long Wave) भी कहा जाता है।

L तरंगों की खोज H. D. Love ने की थी, इसलिए इन्हें Love Waves के नाम से भी जाना जाता है।

L तरंग की उत्पति अधिकेंद्र (Epicentre) से होती है।

L तरंग रिकॉर्डिंग स्टेशन पर सबसे देर से पहुँचती है।

L तरंग के कारण ही सर्वाधिक क्षति होती है।

L तरंग की गति काफी अनियमित होती है। 

भूकंपीय छाया क्षेत्र (Shadow Zone)

         भूकंप लेखी यंत्र (सिस्मोग्राफ) पर दूर के क्षेत्रों से आने वाली भूकंपीय तरंग अंकित होती हैं, परन्तु कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं जहाँ कोई भी भूकंपीय तरंग अंकित नहीं होती है, ऐसे क्षेत्र को भूकंपीय छाया क्षेत्र कहते है।

भूकंप अधिकेंद्र से 105° और 145° के बीच का क्षेत्र जहाँ कोई भी भूकंपीय तरंग अंकित नहीं होती है।  यह क्षेत्र दोनों प्रकार की तरगों के लिए छाया क्षेत्र (Shadow zone) हैं।

105° के परे पूरे क्षेत्र में ‘S’ तरंगें नहीं पहुँचतीं।

‘S’ तरंगों का छाया क्षेत्र ‘P’ तरंगों के छाया क्षेत्र से अधिक विस्तृत है।

भूकंप अधिकेंद्र के 105° से 145° तक ‘P’ तरंगों का छाया क्षेत्र एक पट्टी (Band) के रूप में पृथ्वी के चारों तरफ प्रतीत होता है।

‘S’ तरंगों का छाया क्षेत्र न केवल विस्तार में बड़ा है, वरन् यह पृथ्वी के 40 प्रतिशत भाग से भी अधिक है। 

(B) गौण तरंग
P* तथा S* तरंग 

पृथ्वी  का भुपटल मुख्यत: दो प्रकार के चट्टानों से निर्मित है:-

(1) ग्रेनाइट तथा

(2) बैसाल्ट चट्टान

P* तथा S* ऐसा तरंग है जो केवल बैसाल्टिक चट्टानों से होकर गुजरती है।

P* की गति=6-7 Km/Sec

S* की गति=3-4 Km/Sec

ये तरंग समुद्री भूपटल और महाद्वीपों के आंतरिक भागों में चलती है।

इस तरंगों की खोज 1923 ई० में कोनार्ड महोदय के द्वारा किया गया था।

इस तरंगों की खोज कोनार्ड ने टायर्न में आये भूकम्प के दौरान किया गया था।

Pg तथा Sg तरंग 

ये दोनों तरंगे ग्रेनाइट चट्टानों से होकर गुजरती है।

इसका खोज जेफरीज महोदय ने 1909 ई० में क्रोएशिया (Croatia) के कुपा घाटी में आये भूकम्प के दौरान किया था।

Pg तरंग की औसत गति =5.4 Km/Sec

Sg तरंग की औसत गति =3.3 Km/Sec

Pg & Sg एक ऐसी तरंग है जो केवल महाद्वीपीय भागों से होकर गुजरती है। 

निष्कर्ष:-

        इस तह उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि भूकम्प के दौरान अलग-अलग प्रका के तरंगों की उत्पत्ति होती है जिनकी अपनी विषिष्टता होती है। इन्हीं विशिष्टताओं के आधार पर पृथ्वी के आंतरिक भागों के अध्ययन वैज्ञानिक तरीके से किया जाता है।


सूनामी (Tsunami) 

➤ सुनामी समुद्र के नीचे भूकंप या ज्वालामुखी विस्फोट के कारण उत्पन्न होने वाली विनाशकारी लहरें हैं।

➤ “सुनामी” एक जापानी शब्द से लिया गया है , जिसका अर्थ है “बंदरगाह लहर”

‘सुनामी’ शब्द वास्तव में दो शब्दों ‘सू’ अर्थात ‘बंदरगाह’ और ‘नामी’ अर्थात ‘विनाशकारी लहरें’ से मिलकर बना है

सुनामी एक दीर्घ तरंग (Long wave) है जो समुद्र तल के समानांतर विशाल तरंगें (Giant waves) के रूप में संचरित होती है

सुनामी की तरंग आवृत्ति (Wave Frequency) एवं तरंग आयाम (Wave Amplitude) में तट (Coast) की ओर निरंतर वृद्धि होती है।

सुनामी लहरों के साथ जल की गति संपूर्ण गहराई तक होती है, इसलिए ये अधिक प्रलयकारी होती हैं।

सुनामी का तरंग दैर्ध्य 160 किमी. तक देखा गया है, साथ ही इनकी गति अत्यधिक होती है जो कभी-कभी 650 किमी० प्रति घंटा भी देखी गई है।

खुले सागरों में इन तरंगों की ऊँचाई अधिकतम 1 मी. की होती है, परंतु जब ये तटवर्ती उथले जल क्षेत्र में प्रवेश करती है तो इनकी ऊँचाई में अचानक असामान्य वृद्धि हो जाती है जिससे बहुत कम समय में ही भीषण विनाश की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

सुनामी लहरों की दृष्टि से प्रशांत महासागर सबसे संवेदनशील स्थिति में है। महासागरीय प्लेटों के अभिसरण क्षेत्र में ये सर्वाधिक शक्तिशाली होती हैं।

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में 26 दिसंबर, 2004 को हिंद महासागर के तल के नीचे उत्पन्न सुनामी लहरें भारतीय प्लेट के बर्मी प्लेट के नीचे क्षेपण (Subduction) का परिणाम था।

टेलीसुनामी (Teletsunami) 

जब सुनामी लहरों का प्रसार तथा प्रभाव इतना अधिक व्यापक हो कि वे अपनी उत्पत्ति वाले समुद्री क्षेत्र को भी पार करते हुए हज़ारों मील दूर स्थित क्षेत्र तक को भी अपनी चपेट में ले लेता हो, तो इस सुनामी को टेलीसुनामी या मेगासुनामी या समुद्रपारीय सुनामी (Trans-oceanic tsunami) कहा जाता हैं।

1883 की क्राकाटोआ सुनामी और इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में 26 दिसंबर, 2004 की हिंद महासागर की सुनामी, 2021 की दक्षिणी अटलांटिक महासागर की सुनामी इत्यादि इसी प्रकार की सुनामी थी जिसका प्रभाव हजारों मील दूर के क्षेत्रों पर भी देखा गया था।

इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप में 26 दिसंबर, 2004 की हिंद महासागर सुनामी का प्रभाव पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र, पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के तटीय भाग, मेडागास्कर और अफ्रीका महाद्वीप के पूर्वी व सुदूर दक्षिणी भाग तक देखा गया था।



भूकंप व सुनामी से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. प्रत्यास्थ पुनश्चलन सिद्धान्त निम्नलिखित में से किसकी उत्पत्ति की व्याख्या करता है?

(a) ज्वालामुखी

(b) भूकम्प

(c) चक्रवात

(d) भूकम्प एवं ज्वालामुखी

[read more] (b) भूकम्प [/read]

2. भूकम्प की उत्त्पत्ति से सम्बन्धित प्रत्यास्थ पुनश्चलन सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया है?

(a) होम्स

(b) रीड

(c) जॉली

(d) डेली

[read more] (b) रीड [/read] 

3. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना की विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करने का सबसे प्रमुख स्रोत है-

(a) भूकम्प विज्ञान

(c) ज्वालामुखी

(b) तापमान

(d) दबाव एवं घनत्व

[read more] (a) भूकम्प विज्ञान [/read]

4. भू-गर्भ में जिस स्थान पर भूकम्पीय तरंगों की उत्पत्ति होती है, उस स्थान को क्या कहा जाता है?

(a) अधिकेन्द्र

(b) भूकम्प अधिकेन्द्र

(c) भूकम्प केन्द्र

(d) इक्लोजाइट

[read more] (c) भूकम्प केन्द्र [/read]

5. भूकम्प-मूल (Focus) वह स्थान होता है जहाँ-

(a) धरातल पर भूकम्पीय लहरों का सर्वप्रथम ज्ञान होता है।

(b) जहाँ से भूकम्प की उत्पत्ति होती है।

(c) जहाँ से भूकम्प की उत्पत्ति के पश्चात् उसकी लहरें ठीक नीचे स्थित स्थान तक यात्रा करके पुनः वापस लौट आती है।

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

[read more] (b) जहाँ से भूकम्प की उत्पत्ति होती है। [/read]

6. अधिकेन्द्र (Epicentre) भूकम्प का एक बिन्दु है, जो सम्बन्धित है-

(a) पृथ्वी के अंदर भूकम्प के उद्गम स्थान से

(b) भूकम्प उद्गम केन्द्र के ऊपर भूपृष्ठीय बिन्दु से

(c) वह स्थान जहाँ भूकम्प का अनुभव किया जाता है।

(d) भू-पृष्ठ का वह बिन्दु जहाँ पहला झटका अनुभव किया जाता है।

[read more] (d) भू-पृष्ठ का वह बिन्दु जहाँ पहला झटका अनुभव किया जाता है।, (b) भूकम्प उद्गम केन्द्र के ऊपर भूपृष्ठीय बिन्दु से  [/read]

7. धरातल के जिस स्थान पर सर्वप्रथम भूकम्प का अनुभव किया जाता है, कहलाता है-

(a) भूकम्प मूल

(b) भूकम्प अधिकेन्द्र

(c) भूकम्प केन्द्र

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (b) भूकम्प अधिकेन्द्र [/read]

8. भूकम्प में धरातलीय तरंगें होती है-

(a) गौण तरंगें

(b) L तरंगे

(c) प्राथमिक तरंगें

(d) प्राथमिक एवं गौण तरंगें

[read more] (b) L तरंगे [/read]

9. निम्नलिखित में से कौन-सी भूकम्पीय तरंगें सर्वाधिक क्षति पहुँचाती है?

(a) प्राथमिक

(b) द्वितीयक

(c) दीर्घ पृष्ठीय

(d) क्षितिजीय

[read more] (c) दीर्घ पृष्ठीय [/read]

10. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

(a) भूकम्प के कारण समान बर्बादी वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को समभूकम्प रेखा कहा जाता है।

(b) समभूकम्प रेखा का आकार नियमित (Regular) होता है।

(c) उन स्थानों को मिलाने वाली रेखा जहाँ भूकम्प एक साथ आते हैं, सहभूकम्प रेखा कहलाती है।

(d) भूकम्पीय तरंगों को अंकित करने वाला यंत्र सिस्मोग्राफ कहलाता है।

[read more] (b) समभूकम्प रेखा का आकार नियमित (Regular) होता है। [/read]

11 . निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

(a) रिक्टर स्केल भूकम्प की तीव्रता मापने का एक यंत्र है।

(b) रिक्टर स्केल एक लोगारिथमिक स्केल होता है।

(c) यह स्केल भूकम्प की ऊर्जा को मापता है।

(d) इनमें से कोई नहीं।

[read more] (d) इनमें से कोई नहीं। [/read]

12. अन्तः सागरीय भूकम्पों द्वारा उत्पन्न समुद्री लहरों को क्या कहा जाता है?

(a) सर्क

(b) सुनामी

(c) स्केल

(d) केम

[read more] (b) सुनामी [/read]

13. सुनामी का मुख्य कारण निम्नलिखित में से कौन है?

(a) ज्वालामुखी

(b) भूकम्प

(c) चक्रवात

(d) प्रतिचक्रवात

[read more] (b) भूकम्प [/read]

14. विश्व के सर्वाधिक (63% के लगभग) भूकम्प निम्न में से किस पेटी में आते हैं?

(a) परिप्रशान्त महासागरीय पेटी

(b) मध्य महाद्वीपीय पेटी

(c) मध्य अटलांटिक पेटी

(d) हिन्द महासागरीय पेटी

[read more] (a) परिप्रशान्त महासागरीय पेटी [/read]

15. भूकम्पों का प्रभाव महाद्वीपीय भागों के अतिरिक्त महासागरीय भागों पर भी पड़ता है और इससे महासागरों में भयंकर लहरें उत्पन्न होती है। इन लहरों को किस नाम से जाना जाता है?

(a) ज्वार भित्ति

(b) सीचेस लहरें

(c) सदाशिव

(d) सुनामी

[read more] (d) सुनामी [/read]

16. सुनामी किस भाषा का शब्द है?

(a) जर्मन

(b) पुर्तगाली

(c) जापानी

(d) चीनी

[read more] (c) जापानी [/read]

17. किस देश में भूकम्प से उत्पन्न विनाशकारी समुद्री तरंगों को सुनामी कहते हैं?

(a) मैक्सिको

(b) जापान

(c) ब्रिटेन

(d) न्यूजीलैंड

[read more] (b) जापान [/read]

18. तरल पदार्थों से होकर न गुजर सकने वाली भूकम्पीय लहर कौन-सी है?

(a) P-तरंगें

(b) L-तरंगें

(c) S-तरंगें

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (c) S-तरंगें [/read]

19. रिक्टर स्केल मापता है-

(a) भूकम्प की तीव्रता

(b) सापेक्षिक आर्द्रता

(c) वर्षा की मात्रा

(d) ताप

[read more] (a) भूकम्प की तीव्रता [/read]

20. सिस्मोग्राफ किसे मापने के लिए काम में लाया जाता है?

(a) सागरीय तरंगों को

(b) ज्वार-भाटे को

(c) भूकम्पीय तरंगों को

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] (c) भूकम्पीय तरंगों को [/read]

21. भूकम्प का अध्ययन कहलाता है-

(a) सिस्मोलॉजी

(b) टेराटोलॉजी

(c) पीडोलॉजी

(d) आइकोनोलॉजी

[read more] (a) सिस्मोलॉजी [/read]

22. समान भूकम्पीय तीव्रता अर्थात् समान बर्बादी वाले स्थानों को मिलाने वाली रेखा को क्या कहा जाता है?

(a) समभूकम्प रेखा

(b) सहभूकम्प रेखा

(c) समताप रेखा

(d) समदाब रेखा

[read more] (a) समभूकम्प रेखा [/read]

23. किसी क्षेत्र के उन स्थानों को मिलाने वाली रेखा जहाँ भूकम्प एक साथ अनुभव किया जाता है, कहलाती है-

(a) समभूकम्प रेखा

(b) सहभूकम्प रेखा

(c) आइसोपाइक्निक रेखा

(d) आइसोगोनल रेखा

[read more] (b) सहभूकम्प रेखा [/read]

24. समभूकम्प रेखा (Iso Seismal Line) का आकार प्रायः होता है-

(a) नियमित

(b) अनियमित

(c) वृत्ताकार

(d) एकरेखीय

[read more] (b) अनियमित [/read]

25. भूकम्प मापी यंत्र के अनुसार एक वर्ष की अवधि में सामान्यतः कितने बार भूकम्प आते हैं?

(a) 5000 से 7000

(b) 8000 से 10000

(c) 10000 से 12000

(d) 1200 से 15000

[read more] (b) 8000 से 10000 [/read]

26. अग्नि वलय (Circle of Fire) प्रशान्त महासागर के उस विशाल क्षेत्र को कहते हैं जहाँ कुल भूकम्प का… .आता है।

(a) 68%

(b) 40%

(c) 30%

(d) 25%

[read more] (a) 68% [/read]

27. भूकम्पीय तरंगों का मापन निम्नलिखित में से किस यंत्र द्वारा किया जाता है?

(a) बैरोग्राफ

(b) क्लाइमोग्राफ

(c) सीस्मोग्राफ

(d) इर्गोग्राफ

[read more] (c) सीस्मोग्राफ [/read]

28. निम्नलिखित में से कौन-सी घटना धरातल पर नहीं घटित होती है?

(a) ज्वालामुखी

(b) अपक्षय

(c) अपरदन

(d) सुनामी

[read more] (d) सुनामी [/read]

10. Volcanic Action (ज्वालामुखी क्रिया)

10. Volcanic Action

(ज्वालामुखी क्रिया)



ज्वालामुखी क्रिया:-

         ज्वालामुखी क्रिया दो शब्दों सेे मिलकर बना है। प्रथम ज्वालामुखी, द्वितीय क्रिया। पुनः ज्वालामुखी शब्द को भी दो भागों में बांटा जा सकता है:- प्रथम ज्वाला द्वितीय मुखी।

जब पृथ्वी के भूपटल में किसी भी प्रकार का छिद्र का निर्माण होता है तो उसे मुख कहते है, जब उस मुख से पृथ्वी के दुर्बल मण्डल का मैग्मा पदार्थ जल एवं बाष्प बाहर की ओर निकलता है तो उसे ज्वाला कहते है। ज्वाला और मुख को सम्मिलित रूप से ज्वालामुखी कहते है।

क्रिया का तात्पर्य विभिन्न प्रकार के प्रक्रियाओं से है। ज्वालामुखी उदगार में निकलने वाला पदार्थ भुपटल के ऊपर निकलने का प्रयास करता है या निकल जाता है पुनः निकलकर अनेक प्रकार के स्थलाकृतियों को जन्म देता है। इस सम्पूर्ण परिघटना को ही ज्वालामुखी क्रिया (Volcanism) कहा जाता है।

ज्वालामुखी क्रिया शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग वारसेस्टर महोदय ने किया था। उन्होनें ज्वालामुखी क्रिया को परिभाषित करते हुए कहा कि “ज्वालामुखी क्रिया एक ऐसी प्रक्रिया है कि जिसमे गर्म पदार्थ की धरातल के तरफ या धरातल के ऊपर आने वाली सभी प्रक्रिया को शामिल किया जाता है।”

परिभाषा से स्पष्ट होता है कि ज्वालामुखी क्रिया दो प्रकार का होता  है- प्रथम आन्तरिक ज्वालामुखी की क्रिया दूसरा बाह्य ज्वालामुखी की क्रिया।

आन्तरिक ज्वालामुखी क्रिया में गर्म पदार्थ अपने स्रोत क्षेत्र से ऊपर उठकर धरातल के नीचे ही ठोस होने की प्रवृत्ति रखता है जबकि बाह्य ज्वालामुखी क्रिया में गर्म पदार्थ धरातल के ऊपर प्रकट होकर अनेक स्थलाकृतियां को जन्म देता है। 

ज्वालामुखी क्रिया में निकलने वाला पदार्थ- ज्वालामुखी उदगार के दौरान निकलने वाला पदार्थ को तीन श्रेणी में विभाजित करते है:-

(i) गैस तथा जलवाष्प

(ii) विखण्डित पदार्थ

(iii) लावा पदार्थ

(i) गैस तथा जलवाष्प

सर्वप्रथम जब ज्वालामुखी का उदगार होता है तो गैस एवं जलवाष्प धरातल को तोड़कर सबसे पहले तेजी से बाहर निकलते है।

इसमें जलवाष्प की मात्रा सर्वाधिक होती है।

सम्पूर्ण गैस का 60 से 90 प्रतिशत भाग जलवाष्प का होता है।

इसमें जलवाष्प के अलावा कार्बन डाई ऑक्साइड (CO2), नाइट्रोजन ऑक्साइड (NO2), सल्फर डाई ऑक्साइड (SO2), जैसे गैस भी मौजूद रहते है।

(ii) विखण्डित पदार्थ

विखण्डित पदार्थ में बारीक धूलकण से लेकर बड़े बड़े चट्टानी टुकड़ों को शामिल किया जाता है।

इसका मुख्य स्रोत भूपटलीय चट्टान होता है।

जब गैस निलकना मंद पड़ता है तो ये विखण्डित चट्टानें धरातल पर पुनः वापस आने लगते है जिससे ऐसा लगता है कि अकाश से बम्ब बरसाए जा रहे है।

ज्वालामुखी उदगार के दौरान अकाश से नीचे गिरने वाले बड़े-बड़े चट्टानी टुकड़ों को “ज्वालामुखी बम्ब” कहा जाता है।

इसका व्यास कुछ इंच से लेकर कुछ फीट तक होता है।

जब विखण्डित चट्टानों के आकार मटर के दाना या अखरोट के आकार का होता है तो उसे ‘लैपिली’ कहते है।

जब टुकड़ों का आकार लैपिली से थोड़े छोटे हो तो उसे स्कोरिया कहते है।

जब विखण्डित चट्टानों के आकार अत्यंत बारीक होता है तो उसे ज्वालामुखी राख एवं धूलकण कहते है।

जब लावा का जमाव का आकार त्रिकोण के समान होता है तो उसे ब्रेसिया कहा जाता है।

(iii) लावा पदार्थ

ज्वालामुखी उद्गार के दौरान सबसे अंत में लावा या मैग्मा पदार्थ बाहर निकलता है।

लावा पदार्थ का स्रोत दुर्बलमण्डल में मिलने वाला मैग्मा चैम्बर या ‘बेनी ऑफ जोन’ होता है।

ये लावा रासायनिक दृष्टि से दो प्रकार के होते है- प्रथम अम्लीय लावा तथा द्वितीय क्षारीय लावा

➤ अम्लीय लावा का रंग पीला भार में हल्का लेकिन गाढ़ा होता है। अर्थात इसमें सिलिका की मात्रा अधिक होती है। जिसके कारण अति उच्च तापमान पर पिघलता है।

➤ क्षारीय लावा का रंग गहरा तथा काला होता है। इसमें सिलिका की मात्रा कम होने के कारण शीघ्र पिघलने की क्षमता रखता है, यह पतला और शीघ्र जमकर ठोस रूप धारण करने वाला होता है।

जब लावा पदार्थ पानी के अंदर जमकर ठोस हो जाता है तो उसे ‘टफ(Tuff)’ कहते है 

जब लावा पदार्थ धरातल के ऊपर आकर ठोस तथा छिद्रदार हो जाता है तो उसे ‘प्यूमिस (Pumiss)’ कहते है।

ज्वालामुखी उदगार के कारण 

         ज्वालामुखी उदगार के चार कारण है-

(1) भूगर्भ में ताप का अधिक होना,

(2) अत्यधिक ताप तथा दबाव के कारण लावा की उत्पति

(3) गैस तथा वाष्प की उत्पति,

(4) लावा पदार्थ का ऊपर की ओर आना।

1. भूगर्भ में ताप की वृद्धि-

भूपटल के नीचे की ओर जाने पर प्रति 32 मीटर पर 1℃ तापमान बढ़ जाता है। इस कारण पृथ्वी के आन्तरिक भाग का तापमान अत्यधिक होता है।

तापमान में बढ़ोतरी होना पृथ्वी के आन्तरिक भागों में रेडियोसक्रिय पदार्थों के उपस्थिति का होना बतलाया जाता है।

पृथ्वी के अंदर तापमान बढ़ने से चट्टानें पिघल जाती है और पिघलकर हल्की हो जाती है। यही पिघला हुआ पदार्थ धरातल को तोड़कर बाहर निकलता है या भूपटल के नीचे ही ठंडा हो जाता है तो ज्वालामुखी उत्पन्न होता है।Volcano2. अत्यधिक ताप एवं दबाव के कारण लावा की उत्पति-

पृथ्वी के धरातल से ज्यों-ज्यों पृथ्वी के केन्द्र की ओर जाते है त्यों-त्यों पृथ्वी के दबाव में बढ़ोतरी होती जाती है।

ज्यों-ज्यों दबाव बढ़ता है त्यों-त्यों तापमान में बढ़ोतरी होती जाती है।

इसी तापमान की बढ़ोतरी से चट्टानें पिघलकर मैग्मा पदार्थ का निर्माण करती है।

यह मैग्मा पदार्थ जब अपने स्रोत क्षेत्र से बाहर आने का प्रयास करता है तो ज्वालामुखी का उदगार होता है।

3. गैस तथा वाष्प की उत्पति-

ज्वालामुखी उदगार के समय कई तरह की गैस एवं जलवाष्प निकलती है।

ज्वालामुखी गैसों की उत्पति के विषय में उनेेेक मत प्रचलित है। जैसे- जब भूमिगत जल रिसकर पृथ्वी के दुर्बलमण्डल में पहुंच जाते है तो अत्यधिक ताप के कारण बड़े पैमाने पर गैस तथा जलवाष्प का निर्माण होता है।

दूसरे मत के अनुसार वर्षा जल जब संरोधी चट्टानों के सहारे धरातल के अंदर पहुंचते है तो भी बड़े पैमाने पर गैस एवं जलवाष्प का  निर्माण होता है। भूपटल के नीचे निर्मित ये जलवाष्प एवं गैस ही भूकम्पीय उदगार को जन्म देते है।

4. लावा पदार्थ का ऊपर की ओर अग्रसर होना-

पृथ्वी के अंदर स्थित दुर्बलमण्डल में मैग्मा पदार्थ स्थायी रूप से मौजूद है।

दुर्बलमण्डल के चारों ओर स्थलमण्डल अवस्थित है।

जब स्थलमण्डल में पर्वत निर्माणकारी भूसंचलन या भूकंप या किसी कारण वश स्थलमण्डल कमजोर पड़ता है तो स्वत: मैग्मा पदार्थ धरातल से बाहर निकलने का प्रयास करते है और ज्वालामुखी उदगार को जन्म देते है।  

प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त ज्वालामुखी उदगार की व्याख्या करने वाला सबसे सटीक संकल्पना है। इस संकल्पना के अनुसार पृथ्वी अनेक प्लेटों से निर्मित है।Volcano

ये प्लेट संवहन तरंगों के कारण हमेशा गतिशील रहते है।

इन प्लेटों में तीन प्रकार के सीमा का निर्माण होता है:-

I. निर्माणकारी सीमा या अपसरण सीमा

II. विनाशकारी  या अभिसरण सीमा

III. संरक्षी सीमा

विश्व के अधिकांश ज्वालामुखी के प्रमाण इन्हीं सीमाओं के सहारे मिलते है।

अपसरण सीमा में उठते हुए संवहन तरंग के कारण दो प्लेटें एक दूसरे से दूर खिसकती है जिससे लम्बे दरार का निर्माण होता है। इन दरारों से मैग्मा चैंबर का लावा पदार्थ बाहर निकलता है और ज्वालामुखी उदगार को जन्म देता है। मध्य अटलांटिक कटक के सहारे इसी प्रक्रिया से ज्वालामुखी का उदगार हो रहा है। 

विश्व के लगभग 15 प्रतिशत ज्वालामुखी रचनात्मक प्लेट किनारों के सहारे पाये जाते हैं।

विश्व के लगभग 80 प्रतिशत ज्वालामुखी विनाशी प्लेट किनारों के सहारे पाये जाते हैं।

इनके अलावा कुछ ज्वालामुखी का उद्भेदन प्लेट के आन्तरिक भाग में भी होता है।

विनाशात्मक प्लेट सीमा का निर्माण नीचे गिरते हुए संवहन तरंगों के कारण होता है।

प्रशान्त महासागर के चारों ओर इस प्रकार का सीमा का निर्माण हुआ है।

विनाशात्मक प्लेट सीमा के सहारे अधिक घनत्व वाले महासागरीय प्लेट कम घनत्व वाले महाद्वीपीय प्लेट के अंदर प्रविष्ट करने की प्रवृति रखते है।

महासागरीय प्लेट का नीचे की ओर प्रक्षेपित भाग पिघलकर “बेनी ऑफ जोन” का निर्माण करते है।

बेनी ऑफ जोन का ही मैग्मा पदार्थ धरातल से ऊपर आकर ज्वालामुखी उदगार को जन्म देता है। 

कभी-कभी संरक्षी सीमा के सहारे भी ज्वालामुखी का उदगार होता है- जैसे जापान के होंशु द्वीप के सहारे दो महासागरीय प्लेट आपस में रगड़ खा रहे है। एक प्लेट जापान सागर प्लेट कहलाता है तो दूसरा प्लेट  प्रशान्त महासागरीय प्लेट कहलाता है।

प्रशान्त महासागरीय प्लेट का सापेक्षिक घनत्व अधिक होने के कारण जापान सागर प्लेट के नीचे प्रक्षेपित हो गया है और होन्शु द्वीप के नीचे ‘बेनी ऑफ जोन’ का निर्माण हुआ है।

Volcano

यहां जापान सागर प्लेट स्थिर है जबकि प्रशांत प्लेट ही गतिशील है।

इस तरह ऊपर के तथ्यों से स्पष्ट है कि प्लेट टेक्टोनिक संकल्पना ज्वालामुखी उदगार का व्याख्या करने वाला सबसे सटीक मत है।

ज्वालामुखी क्रिया का प्रकार

         ज्वालामुखी क्रिया दो प्रकार का होता है-

A. केंद्रीय उदगार वाले ज्वालामुखी क्रिया:-

इस प्रकार के उदगार में भूपटल में एक सँकरा छिद्र का निर्माण होता है और इन्ही छिद्रों के सहारे ज्वालामुखी पदार्थ बाहर की ओर निकलते है।

इस प्रकार के उदगार में मुख का व्यास कुछ 100 फीट से अधिक नहीं होता है।

मुख का आकार लगभग गोल होता है। जिससे गैस, लावा एवं विखण्डित पदार्थ अत्यधिक भयंकर विस्फोट के साथ बाहर निकलते हैं तथा आकाश में काफी ऊँचाई तक पहुंच जाते हैं। ऐसे उदगार को ही केंद्रीय ज्वालामुखी उदगार कहते है।

इस प्रकार का उदगार काफी विनाशकारी होता है। उदगार के समय भयंकर भूकम्प आती है।

केन्द्रीय ज्वालामुखी उदगार को भी चार भागों में बांटा गया है:-

1. हवाईतुल्य ज्वालामुखी उदगार

2. स्ट्राम्बोली तुल्य ज्वालामुखी उदगार

3. वोल्केनियन तुल्य ज्वालामुखी उदगार

4. पिलियन तुल्य ज्वालामुखी उदगार

1. हवाई तुल्य ज्वालामुखी उद्गार- 

इस प्रकार का ज्वालामुखी का उद्गार काफी शांत तरीके से होता है। क्योंकि इसमें निकलने वाला मैग्मा पदार्थ काफी पतला तथा गैसों की मात्रा कम होती है। इस कारण विस्फोट तीव्र नहीं होता है।

इसमें निकलने वाला विखण्डित पदार्थ नगण्य होता है।

उद्गार के समय लावा के छोटे-छोटे लाल पिंड गैसों के साथ ऊपर उछाल दिए जाते है जिसे हवाई द्वीप के निवासी “अग्नि देवी पिलीकेश राशि” कहते है।

इस तरह का उद्गार खासकर हवाई द्वीप पर देखने को मिलता है, इसीलिए इसे हवाईयन प्रकार का ज्वालामुखी कहते है।Volcano

2. स्ट्राम्बोली तुल्य ज्वालामुखी उद्गार– 

हवाईयन के तुलना में ये ज्यादा विस्फोटक होता है।

➤ इसमें तरल लावा पदार्थ एवं अन्य विखण्डित पदार्थ उसके तुलना में अधिक निकलते है।

उदगार के समय विखण्डित पदार्थ काफी ऊँचाई पर चले जाते है और जाकर पुनः क्रेटर में गिरते रहते है।

इस प्रकार का उदगार इटली के लिपारी द्वीप पर स्थित स्ट्राम्बोली ज्वालामुखी में पाया जाता है, इसीलिए इसे स्ट्राम्बोली तुल्य ज्वालामुखी उदगार कहते है।Volcano

3. वोल्केनियन ज्वालामुखी उदगार–

इस प्रकार का उदगार काफी भयंकर एवं विस्फोटक होता है।

इससे निकलने वाला लावा काफी चिपचिपा एवं लसदार होता है। जिसके कारण दो उदगार के बीच यह ज्वालामुखी छिद्र पर जमकर ढक देता है। जिसके कारण ज्वालामुखी नली में बड़ी मात्रा में गैस एवं जलवाष्प जमा हो जाते है जब विस्फोट होता है तो काफी तीव्रता के साथ बाहर निकलते है।

इसमें गैस बाहर निकलने के बाद यह आसमान में फूलगोभी के समान दिखाई देता है।

इसका नामांकरण लीपारी द्वीप पर स्थित वोल्केनो पर्वत के नाम पर किया गया है।Volcano

4. पीलियन तुल्य ज्वालामुखी उदगार-

यह उदगार सबसे अधिक विस्फोटक एवं भयंकर होता है।

इसमें निकलने वाला लावा सबसे अधिक चिपचिपा एवं लसदार होता है।

➤ इसमें विस्फोट के समय काफी तीव्रता से आवाज उत्पन्न होता है।

8 May,1902 ई० को वेस्टइंडीज में स्थित पिल्ली ज्वालामुखी के भयंकर विस्फोट के आधार पर इसे पीलियन ज्वालामुखी उदगार कहते है।

1883 में हुआ क्राकातोआ विस्फोट (जावा और सुमात्रा द्वीप के बीच में) पीलीयन प्रकार का विस्फोट था। यह अब तक का सबसे भयंकर ज्वालामुखी विस्फोट का उदाहरण है।

         कुछ विद्वान एक अन्य प्रकार के विसुवियस तुल्य ज्वालामुखी उदगार भी मानते है।

इस प्रकार के उदगार का पहला अध्ययन प्लिनी (इटली) ने किया था, इसलिए इसे प्लिनियन प्रकार का ज्वालामुखी उद्गार भी कहते है।

यह भी काफी विस्फोटक होता है लेकिन इसमें लावा पदार्थ काफी ऊँचाई तक पहुंच जाते है और ज्वालामुखी बादल का आकार गोलाकार हो जाता है।

Volcano

(B) दरारी उदभेदन वाले ज्वालामुखी–

ब ज्वालामुखी विस्फोट के दौरान गैस की मात्रा कम और लावा की मात्रा अधिक होती है तो भूपटल में दरार का विकास होता है और उससे लावा निकलकर ठोस होने की प्रवित्ति रखती है तो इसे ही दरारी उदभेदन वाले ज्वालामुखी कहते है।

इससे निकलने वाला लावा प्रायः क्षारीय (Basic) प्रकार का होता है।

कोलम्बिया का पठार (USA), दक्कन का पठार दरारी उदगार के प्रमुख उदाहरण है।

ज्वालामुखी स्थलाकृति

      ज्वालामुखी क्रिया से मुख्यत: दो प्रकार के स्थलाकृति का निर्माण होता है।

1. आन्तरिक ज्वालामुखी स्थलाकृति और

2. बाह्य ज्वालामुखी स्थलाकृति।

1. आन्तरिक ज्वालामुखी स्थलाकृति-

 जब मैग्मा पदार्थ अपने स्रोत क्षेत्र से ऊपर उठकर भूपटल के नीचे ही ठंडा होने की प्रवृति रखता है, तब उससे आन्तरिक ज्वालामुखी स्थलाकृति का निर्माण होता है। जैसे–Volcano

 जब मैग्मा पदार्थ अपने स्रोत क्षेत्र से ऊपर उठकर लम्बत ठोस होता है तो डाइक, क्षैतिज ठोस होता है तो सिलजब उत्तल दर्पण के समान ठोस होता है तो लैकोलिथ, जब अवतल दर्पण के समान ठोस होता है तो लोपोलिथ, जब तरंग के समान ठोस होता है तो फैकोलिथ स्थलाकृति का निर्माण होता है।

 इसी तरह जब मैग्मा पदार्थ अपने स्रोत क्षेत्र से ऊपर उठकर एक गुम्बद के समान ठोस हो जाते है तो उससे बैथोलिथ का निर्माण होता है।

2. बाह्य स्थलाकृति-

     जब गर्म पदार्थ भूपटल को तोड़कर बाहर निकलती है तो निम्नलिखित स्थलाकृति का निर्माण करते है:-

(i) क्रैटर- वैसा ज्वालामुखी छिद्र जिसका व्यास कम हो तथा समय-समय पर लावा निकलता रहता हो उसे क्रैटर कहते है,

(ii) कोल्डेरा- जिस ज्वालामुखी के छिद्र का व्यास बहुत अधिक हो तथा लावा निकलना बंद हो गया हो तो उसे कोल्डेरा कहते है।

 अमेरिका का ओरेगन झील और भारत का लोनार झील क्रैटर का उदाहरण है जबकि किलिमंजारो पर्वत के ऊपर तथा भारत के पुष्कर झील कोल्डेरा का उदाहरण है।

लुनार झील

पुष्कर झील

(iii) सोल्फतारा और धुँआरा- जब ज्वालामुखी उदगार के बाद लावा निकलना बन्द हो जाता है तो लम्बे समय तक गैस एवं जलवाष्प निकलते रहते है तो उसे धुँआरा कहते है लेकिन जिस धुँआरे में गंधक की मात्रा अधिक होती है तो उसे सोल्फतारा कहते है।

 अलास्का के कटमई ज्वालामुखी के पास 10000 (दस हजार) धुँआरों की घाटी, न्यूजीलैण्ड के प्लेनेटी के खाड़ी में व्हाइट टापू का धुँआरा, ईरान में कोह सुल्तान का धुँआरा का विकास हुआ है।

(iv) गीजर यह एक ऐसी ज्वालामुखी स्थलाकृति है जिसमें भिन्न-भिन्न समयांतराल पर गर्म जलवाष्प फव्वारे के रूप में बाहर निकलते है।

 इसका सबसे अच्छा उदाहरण USA के वायोमिंग राज्य में स्थित ओल्डफेथफुल गीजर है।

 इसी तरह आइसलैंड  के द ग्रेट गीसिर और न्यूजीलैंड के वायमान्यू गीजर प्रसिद्ध है।

(v) गर्म जल के सोते– यह एक ऐसी ज्वालामुखीय स्थलाकृति है, जिसके मुख से गर्म पानी बाहर निकलता रहता है। जैसे- राजगीर का सूर्य कुंड, नानक कुंड, हजारीबाग का सूर्य कुंड, सीताकुंड और मुंगेर का सीताकुंड प्रसिद्व है।

(vi) ज्वालामुखी पठार एवं मैदान- दरारी ज्वालामुखी उदगार के समय पर्याप्त मात्रा में क्षारीय लावा धरातल पर प्रकट होकर ठंडा हो जाते है और पठार जैसी स्थलाकृति का निर्माण करते है। 

 भारत का दक्कन का पठार, USA का कोलम्बिया का पठार, इथोपिया का पठार और अनातोलिया का पठार इसका उदाहरण है।

(vii) ज्वालामुखी पर्वत- जब केंद्रीय ज्वालामुखी उदगार होती है तो उससे पर्याप्त मात्रा में अम्लीय लावा बाहर की ओर निकलती है जो काफी गाढ़ा होता है। इनके जमाव से निर्मित पर्वतीय स्थलाकृति को ज्वालामुखी पर्वत कहते है। ज्वालामुखी पर्वत तीन प्रकार का होता है। 

1. सक्रीय/जीवित ज्वालामुखी पर्वत-

       वैसा ज्वालामुखी पर्वत जिसके क्रेटर से वर्त्तमान समय में भी मलवा बाहर निकल रहा हो। विश्व में कुल 500 जीवित ज्वालामुखी पर्वत है। जैसे– इटली का एटना, स्ट्रोम्बोली इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। “स्ट्रोम्बोली को भूमध्यसागर का प्रकाश स्तम्भ” कहते है। 

2. शांत ज्वालामुखी पर्वत-

     जब ज्वालामुखी का उदगार पूर्णतया समाप्त हो गया हो या भविष्य में भी उदगार की कोई संभावना न हो, उसे शांत या मृत ज्वालामुखी कहते है। जैसे– इरान का कोह-सुल्तान, म्यंनमार का माउंट पोपो मृत ज्वालामुखी के उदाहरण है।

3. प्रसुप्त ज्वालामुखी पर्वत-

      वैसा ज्वालामुखी पर्वत जिनके क्रेटर से वर्तमान समय में लावा का उत्सर्जन नहीं हो रहा हो लेकिन भविष्य में लावा का उत्सर्जन  की पूरी संभावना हो, उसे प्रसुप्त या सुषुप्त ज्वालामुखी पर्वत कहते है। जैसे- इटली का विसुवियस, जावा व सुमात्रा के मध्य क्राकाटोवा, इक्वेडोर का चिम्बराजों और चिली का एकांकागुआ इत्यादि।

(viii) शंकु- केन्द्रीय ज्वालामुखी उदगार के दौरान निकले विखण्डित पदार्थों के निक्षेपण से शंकु का निर्माण होता है। शंकु कई प्रकार का होता है। जैसे:-

1. सिंडर शंकु Volcano

जैसे – म्यांमार का प्यूमा शंकु

2. मिश्रित शंकु

Volcano

जैसे- जापान का फ्यूजियामा

3. सैटेलाइट शंकु

Volcanic Action

सैटेलाइट शंकु

जैसे- जापान का फ्यूजियामा

विश्व में ज्वालामुखी का वितरण

        विश्व में ज्वालामुखी वितरण का एक निश्चित क्रम है जिसे नीचे की शीर्षक में चर्चा की जा रही है।

1. परिप्रशान्त मेखला के सहारे मिलने वाला ज्वालामुखी–

              यह मेखला प्रशांत महासागर के सहारे चारों ओर स्थित है, इसे “प्रशांत अग्निवलय” के नाम से भी जानते है। विश्व में सर्वाधिक ज्वालामुखी इसी क्षेत्र में मिलते है। जैसे जापान का फ्यूजियामा, फिलीपींस का माउंट टाल, USA का माउंट सस्ता, इक्वेडोर का कोटोपैक्सी और चिम्बरजो, अर्जेंटीना का एकांकागुआ, कनाडा का माउंट रेनजल इत्यादि।

        विश्व के अधिकांश ऊँचे ज्वालामुखी पर्वत एवं चोटियाँ इसी मेखला के सहारे मिलती है।       

2. मध्य महाद्वीपीय पेटी:-

           इस पेटी का विस्तार पूर्व में प्रशांत महासागर से लेकर पश्चिम में अटलांटिक महासागर के केनारी द्वीप तक हुआ है। यह हिमालय और आल्पस पर्वत से होकर गुजरती है। यह प्लेट अभिसरण का क्षेत्र है। हिमालय क्षेत्र में बाहरी ज्वालामुखी का प्रमाण मिलने की पूरी-पूरी संभावना है। जबकि इसी पेटी में स्थित भूमध्यसागरीय क्षेत्र में अनेक जीवित एवं प्रसुप्त ज्वालामुखी का प्रमाण मिलता है। जैसे- इटली का विसुवियस, स्ट्राम्बोली, एटना, एल्बुर्ज, ईरान का कोह-सुल्तान इत्यादि।

3. मध्य अटलांटिक कटक पेटी:

           यह पेटी अटलांटिक महासागर के मध्य भाग में उत्तर से दक्षिण दिशा से होकर गुजरती है। यह प्लेट अपसरण का क्षेत्र है। यहाँ पर लम्बे दरार का निर्माण हुआ है। जिससे बैसाल्टिक लावा बाहर निकलता है और ठंडा होकर मध्य अटलांटिक कटक को जन्म दिया है। जैसे- आइसलैंड का माउंट हेकला, माउंट लोकी, सक्रिय ज्वालामुखी है, जो मध्य अटलांटिक पेटी में ही पड़ते है।

4. अन्य क्षेत्र:-

     विश्व के कई ऐसे छोटे-छोटे क्षेत्र है जहाँ पर ज्वालामुखी उदगार का प्रमाण मिलता है। जैसे- अफ्रीका के पूर्वी भाग में निर्मित महान भ्रंश घाटी के सहारे तंजानिया का किलिमंजारो, केन्या का  माउंट केनिया पर्वत मिलते है। इसी तरह क्रिटैशियस काल में हुए लावा उदगार से दक्कन के पठार पर ज्वालामुखी का प्रमाण मिलता है तथा अंडमान एवं निकोबार में बैरन (सक्रिय) एवं नरकोंडम (प्रसुप्त) द्वीप ज्वालामुखी के ही उदहारण है।

        अतः उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि विश्व के अधिकांश ज्वालामुखी के क्षेत्र प्लेट के किनारे पर अवस्थित है।

 विश्व के प्रमुख सक्रिय (Active) ज्वालामुखी

क्रम नाम  देश ऊँचाई (मीटर में)
1. कोटापैक्सी इक्वाडोर 5897
2. क्लूचेवस्काया रूस 4750
3. मौनालोआ हवाई द्वीप (USA) 4170
4. कैमरून कैमरून 4070
5. इरेबस (माउन्ट एर्बुस) रॉस द्वीप, अंटार्कटिका 3795
6. एटना सिसली,  इटली 3340
7. सेंट हेलेंस पर्वत  USA 2530
8. किलाउएला हवाई द्वीप (USA) 1277
9. स्ट्रोम्बोली इटली (लिपारी द्वीप /भूमध्य सागर) 925
10. बैरेन द्वीप  अंडमान-निकोबार (भारत)  354

 विश्व के प्रमुख सुषुप्त (Dormant) ज्वालामुखी

क्रम नाम  देश ऊँचाई (मीटर में)
1. विसुवियस इटली (नेपल्स की खाड़ी) 1277
2. क्राकाटाओ सुमात्रा व जावा द्वीप के मध्य, इंडोनेशिया 110
3. नारकोंडम अंडमान-निकोबार (भारत)  710
4. मेयाना फिलीपींस 2,463
5. फ्यूजीयामा जापान 3776

 विश्व के प्रमुख मृत (Dead or Extinct) ज्वालामुखी

क्रम नाम  देश ऊँचाई (मीटर में)
1. मौना केआ हवाई द्वीप (USA) 4,207 
2. माउंट फूजी जापान 3,776
3.

किलीमंजारो

केन्या (अफ्रीका) 5,895
4. देमबंद व कोह सुल्तान ईरान 5,610 व 2334
5. चिम्बराजो इक्वेडोर 6,263
6. पोपा म्यांमार 1,518
7. एकान्कागुआ (एंडीज पर्वतमाला ) अर्जेंटीना 6,961

 महाद्वीपों की सर्वोच्च ज्वालामुखी चोटियाँ

क्रम चोटी पर्वत श्रेणी महाद्वीप देश ऊँचाई (मीटर में)
1. ओजोस डेल सलाडो एंडीज दक्षिण अमेरिका चिली /अर्जेंटीना 6,893
2. किलीमंजारो किलिमंजारो अफ्रीका तंजानिया 5,895
3. एल्ब्रस काकेशस यूरोप रूस 5,642
4. पिको डे ओरिजाबा ट्रांसमेक्सिकन ज्वालामुखी बेल्ट उत्तरी अमेरिका मेक्सिको 5,636
5. देमबंद एल्बोर्ज एशिया ईरान 5,610
6. माउन्ट गिलुवे सदर्न उच्च भूमि प्रशांत ओशिनिया, आस्ट्रेलिया पापुआ न्यूगिनी 4,367
7. माउन्ट सिडले एक्जीक्यूटिव कमेटी श्रेणी अंटार्कटिका 4,285

 मानवीय क्रियाकलापों पर ज्वालामुखी का प्रभाव:

      मानवीय क्रियाकलापों को ज्वालामुखी सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह से प्रभावित करता है।

1. मानवीय क्रियाकलापों पर ज्वालामुखी का सकारात्मक प्रभाव:

         मानवीय क्रियाकलापों पर ज्वालामुखियों के सकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:-

 ज्वालामुखी से बहुत सारे नए भू-आकृतियों का निर्माण होता है। जैसे- क्रेटर और काल्डेरा झीलें, लावा मैदान, गेसर, ज्वालामुखीय पठार और ज्वालामुखी पर्वत।

 यह दुर्बलमंडल (Asthenosphere) से सतह पर सोना, लोहा, निकेल और मैग्नीशियम जैसे मूल्यवान तत्व को पृथ्वी के सतह पर लाता है। उदाहरण के लिए, दक्षिण अफ्रीका में जोहान्सबर्ग का सोना और कनाडा में सडबरी का निकेल निक्षेप ज्वालामुखी निक्षेपण के उदाहरण हैं।

आग्नेय शैल लावा के ठंडा होने के बाद बनता है, जिसका उपयोग निर्माण जैसी विभिन्न गतिविधियों के लिए किया जाता है।

 ज्वालामुखी हमें उपजाऊ भूमि प्रदान करते हैं। ज्वालामुखी की धूल और राख का जमाव भूमि को उपजाऊ बनाता है। उदाहरण के लिए, दक्कन ट्रैप की काली मिट्टी और जावा द्वीपों की उपजाऊ भूमि ज्वालामुखी द्वारा बनाई गई है।

 यह सुंदर दृश्य भी बनाता है और जिससे यह पर्यटकों को आकर्षित करता है।

यह पृथ्वी के आंतरिक भाग के बारे में भी बहुत सारी जानकारी प्रदान करता है।

 यह टेक्टोनिक प्लेट सीमाओं और प्लेटों की गति की स्थिति के बारे में जानकारी प्रदान करता है।

 यह भूतापीय ऊर्जा का एक संभावित स्रोत भी है। संयुक्त राज्य अमेरिका, रूस, इटली और जापान जैसे कई देश भूतापीय ऊर्जा का उत्पादन कर रहे हैं।

2. मानवीय क्रियाकलापों पर ज्वालामुखी का नकारात्मक प्रभाव:

      मनुष्य पर ज्वालामुखी के नकारात्मक प्रभाव निम्नलिखित हैं:-

ज्वालामुखी की धूल और गैसें वातावरण को अपारदर्शी बना देती हैं जिससे वायु परिवहन मुश्किल हो जाता है, श्वसन रोग बढ़ जाता है और सूर्यातप को पृथ्वी की सतह तक पहुंचने से भी रोकता है अर्थात यह पृथ्वी को ठंण्डा करता है।

 ज्वालामुखी विस्फोट के बाद क्षेत्र में लावा का जमाव होने से वहाँ की जमीन को सरंध्र बनाती है जिससे क्षेत्र में पानी की कमी हो जाती है।

ज्वालामुखियों के अचानक फटने से मानव बस्ती, मानव जीवन और उसकी संपत्ति को काफी नुकसान होता  है। उदाहरण के लिए, माउंट वेसुवियस (जो एक ज्वालामुखी विस्फोट से बना है) ने 78 ई० में इटली में पोम्पेई शह को नष्ट कर दिया।

 जब समुद्र में ज्वालामुखियों का विस्फोट होता है तो यह आसपास के जल को गर्म कर देता है जिससे की वहाँ के जलीय जीवों पर विपरीत प्रभाव पड़ता हैं।



ज्वालामुखी से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. निम्नलिखित में से किसे ‘प्रकृति का सुरक्षा वाल्व’ कहा जाता है?

(a) भूकम्प

(b) ओजोन गैस

(c) ज्वालामुखी

(d) नदियाँ

[read more] [c] ज्वालामुखी [/read]

2. ज्वालामुखियों के बारे में निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?

(a) यह पृथ्वी की क्रस्ट की एक नली होती है जिसके माध्यम से भू-गर्भ की पिघली चट्टानें (Magma) तथा अन्य पदार्थ बाहर आते हैं।

(b) अक्सर इनकी नली के चारों ओर गोल कीपाकार पहाड़ी अथवा पर्वतीय भाग का विस्तार हो जाता है।

(c) ज्वालामुखी जाग्रत, प्रसुप्त या शान्त तथा मृत तीन प्रमुख प्रकारों में वर्गीकृत किये जाते हैं।

(d) उपर्युक्त सभी।

[read more] [d] उपर्युक्त सभी [/read]

3. निम्नलिखित में से कौन-सा ज्वालामुखी के उन तीन वर्गों में शामिल नहीं है जो उनके उद्भव की आवृत्ति के आधार पर वर्गीकृत किये गये हैं?

(a) जाग्रत ज्वालामुखी

(b) प्रसुप्त ज्वालामुखी

(c) मृत ज्वालामुखी

(d) यौगिक ज्वालामुखी

[read more] [d] यौगिक ज्वालामुखी [/read]

4. किस ज्वालामुखी में अक्सर उद्गार होती रहती है?

(a) जाग्रत ज्वालामुखी

(b) प्रसुप्त ज्वालामुखी

(c) मृत ज्वालामुखी

(d) शान्त ज्वालामुखी

[read more] [a] जाग्रत ज्वालामुखी [/read]

5. किस ज्वालामुखी में ऐतिहासिक काल से उद्गार नहीं हुए हैं?

(a) जाग्रत ज्वालामुखी

(b) प्रसुप्त ज्वालामुखी

(c) शान्त ज्वालामुखी

(d) मृत ज्वालामुखी

[read more] [d] मृत ज्वालामुखी [/read]

6. लम्बे समय तक शान्त रहने के पश्चात् विस्फोट होने वाला ज्वालामुखी क्या कहलाता है?

(a) मृत ज्वालामुखी

(b) सुसुप्त ज्वालामुखी

(c) सक्रिय ज्वालामुखी

(d) निष्क्रिय ज्वालामुखी

[read more] [b] सुसुप्त ज्वालामुखी [/read]

7. पृथ्वी की पपड़ी (Earth’s Crust) की ठोस चट्टानों के नीचे जो पिघला हुआ पदार्थ होता है, जो कभी-कभी ज्वालामुखी के उद्गार के साथ धरती के ऊपरी तल पर आ जाता है, उसे क्या कहते हैं?

(a) मैग्मा

(b) मैक्युस

(c) मार्श

(d) मेसेटा

[read more] [a] मैग्मा [/read] 

8. ‘पेले अश्रु’ (Pale’s Tear) की उत्पत्ति कब होती है?

(a) भूकम्प के समय

(b) सेट विवर्तनिकी से

(c) ज्वालामुखी उद्‌गार के समय

(d) पर्वत निर्माण के समय

[read more] [c] ज्वालामुखी उद्‌गार के समय [/read]

9. ज्वालामुखी में जलवाष्प के अलावा मुख्य गैसें होती है

(a) नाइट्रोजन, ऑक्सीजन

(b) हाइड्रोजन, ऑक्सीजन

(c) कार्बन डाइऑक्साइड, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन

(d) सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन

[read more] [d] सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन [/read]

10. ज्वालामुखी उद्‌गार के फलस्वरूप प्राप्त लावा एवं घरातलीय चट्टानों के टुकड़े को सम्मिलित रूप से क्या कहा जाता है?

(a) पायरोक्लास्ट

(b) ब्रेसिया

(c) लैपिली

(d) स्कोरिया

[read more] [a] पायरोक्लास्ट [/read]

11. क्रेटर तथा काल्डेरा स्थलाकृतियाँ निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है?

(a) उल्कापात

(b) ज्वालामुखी क्रिया

(c) पवन क्रिया

(d) हिमानी क्रिया

[read more] [b] ज्वालामुखी क्रिया [/read]

12. निम्नलिखित में से कौन-सी स्थलाकृति ज्वालामुखी क्रिया से सम्बन्धित नहीं है?

(a) क्रेटर

(b) काल्डेरा

(c) गैसर

(d) फियोर्ड

[read more] [d] फियोर्ड [/read] 

13. किस स्थलाकृति का निर्माण ज्वालामुखी क्रिया से नहीं होता है?

(a) लावा पठार

(b) लावा मैदान

(c) सिल तथा डाइक

(d) विसर्प

[read more] [d] विसर्प [/read]

14. डाइक क्या है?

(a) ज्वालामुखी निर्मित बहिवर्ती स्थलाकृति

(b) ज्वालामुखी निर्मित आन्तरिक स्थलाकृति

(c) तटीय स्थलाकृति

(d) हिमनद निर्मित स्थलाकृति

[read more] [b] ज्वालामुखी निर्मित आन्तरिक स्थलाकृति [/read]

15. काल्डेरा सम्बन्धित है-

(a) हिमनद से

(b) भूकम्प से

(c) ज्वालामुखी से

(d) अंश से

[read more] [c] ज्वालामुखी से [/read]

16. वह कौन-सा महाद्वीप है जहाँ एक भी ज्वालामुखी नहीं है?

(a) आस्ट्रेलिया

(b) अफ्रीका

(c) अंटार्कटिका

(d) यूरोप

[read more] [a] आस्ट्रेलिया [/read]

17. अग्नि वलय (Circle of Fire) किसे कहा जाता है?

(a) अटलांटिक परिमेखला

(b) हिन्द परिमेखला

(c) प्रशान्त परिमेखला

(d) आर्कटिक परिमेखला

[read more] [c] प्रशान्त परिमेखला [/read]

18. लैकोलिथ सम्बन्धित है-

(a) ज्वालामुखी से

(b) भूकम्प से

(c) पर्वत निर्माण से

(d) महाद्वीपीय प्रवाह से

[read more] [a] ज्वालामुखी से [/read]

19. पेण्टपॉट (Paintpot) के विषय में कौन-सा कथन सत्य है?

(a) ज्यालामुखी क्षेत्रों का एक छिद्र जिससे गर्म एवं गहरे रंग का द्रव्य कीचड़ (Mud) बाहर निकलता है।

(b) इसके साथ सामान्यतः गेसर पाये जाते हैं।

(c) पैण्टपॉट USA के वेलोस्टोन नेशनल पार्क में पाये जाते हैं।

(d) उपर्युक्त सभी।

[read more] [d] उपर्युक्त सभी। [/read]

20. विश्व में सर्वाधिक जागृत ज्वालामुखी कहाँ स्थित है?

(a) आन्ध्र महासागर के आस-पास

(b) प्रशान्त महासागर के आस पास

(c) हिन्द महासागर के आस पास

(d) आर्कटिक महासागर के आस पास

[read more] [b] प्रशान्त महासागर के आस पास [/read]

21. विश्व की अधिकांश ज्वालामुखी घटनाएँ घटित होती है-

(a) रचनात्मक प्लेट किनारों पर

(b) भ्रंश मेखला के सहारे

(c) मोड़दार मेखला के सहारे

(d) विनाशात्मक प्लेट किनारों पर

[read more] [d] विनाशात्मक प्लेट किनारों पर [/read]

22. विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी पाए जाते हैं-

(a) प्राचीन पठारी क्षेत्रों में

(b) गहन सागरीय मैदानों में

(c) नवीन मोड़दार पर्वतीय क्षेत्रों में

(d) मैदानी क्षेत्रों में

[read more] [c] नवीन मोड़दार पर्वतीय क्षेत्रों में [/read]

23. प्रशान्त महासागर के चारों तरफ स्थित ज्वालामुखी की पेटी को क्या कहा जाता है?

(a) नुइस अरडेंटे

(b) हार्नितो

(c) अग्नि श्रृंखला

(d) सोल्फ तारा

[read more] [c] अग्नि श्रृंखला [/read]

24. विश्व के अधिकांश सक्रिय ज्वालामुखी निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में पाये जाते हैं?

(a) मध्य महाद्वीपीय पेटी

(b) मध्ये अटलांटिक पेटी

(c) परिप्रशांत पेटी

(d) अफ्रीका की भ्रंश घाटी

[read more] [c] परिप्रशांत पेटी [/read]

25. निम्नलिखित में से कौन-सा ज्वालामुखी पर्वत का उदाहरण नहीं है?

(a) माउण्ट एटना

(b) माउण्ट फ्यूजीयामा

(c) माउण्ट ब्लैक

(d) माउण्ट किलिमंजारो

[read more] [c] माउण्ट ब्लैक [/read]

26. विश्व का सबसे ऊँचा ज्वालामुखी पर्वत कोटोपैक्सी कहाँ थित है?

(a) जापान 

(b) फिलीपीन्स

(c) इक्वेडोर

(d) हवाई द्वीप

[read more] [c] इक्वेडोर [/read]

27. स्ट्राम्बोली (Stramboli) किस प्रकार का ज्वालामुखी है?

(a) जाग्रत

(b) सुसुप्त

(c) मृत या शान्त

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] [a] जाग्रत [/read]

28. मृत ज्वालामुखी किलिमंजारो किस देश में स्थित है?

(a) इटली

(b) तंजानिया

(c) मैक्सिको

(d) सं० स० अ०

[read more] [b] तंजानिया [/read] 

29. फ्यूजीयामा किस देश का ज्वालामुखी पर्वत है?

(a) इटली

(b) जापान

(c) कीनिया

(d) मैक्सिको

[read more] [b] जापान [/read]

30. निम्नलिखित में से किस ज्वालामुखी को भूमध्य सागर का प्रकाश स्तम्भ (Light house of the Mediterranean sea) कहा जाता है?

(a) एटना

(b) क्राकाटाओ

(c) स्ट्राम्बोली

(d) विसुवियस

[read more] [c] स्ट्राम्बोली [/read]

31. फौसा मैग्ना है एक-

(a) ज्वालामुखी

(b) V-आकार की घाटी

(c) भ्रंशोत्थ पर्वत

(d) दरार घाटी

[read more] [a] ज्वालामुखी [/read]

32. एयर बस ज्वालामुखी कहाँ स्थित है?

(a) अटलांटिक महासागर

(b) आर्कटिक महासागर

(c) अण्टार्कटिका महाद्वीप

(d) अण्डमान निकोबार द्वी० स०

[read more] [c] अण्टार्कटिका महाद्वीप [/read]

33. माउण्ट एटना ज्वालामुखी किस द्वीप पर स्थित है?

(a) लिपारी

(b) सिसली

(c) कोर्सिका

(d) त्रिस्टान-डि-कुन्हा

[read more] [b] सिसली [/read]

34. निम्नलिखित में से कौन-सा एक ज्वालामुखी पर्वत नहीं है?

(a) फ्यूजीयामा

(b) एण्डीज

(c) विसुवियस

(d) वास्जेज

[read more] [d] वास्जेज [/read]

35. विसुवियस ज्वालामुखी किस देश में स्थित है?

(a) कीनिया

(b) इटली

(c) इण्डोनेशिया

(d) मैक्सिको

[read more] [b] इटली [/read]

36. मौनालोआ उदाहरण है-

(a) सक्रिय ज्वालामुखी

(b) प्रसुप्त ज्वालामुखी

(c) मृत ज्वालामुखी

(d) ज्वालामुखी क्षेत्र में पठार का

[read more] [b] प्रसुप्त ज्वालामुखी [/read]

37. क्राकाटाओ ज्वालामुखी निम्नलिखित में से किस द्वीप समूह में स्थित है?

(a) पापुआ न्यू गिनी में

(b) स्प्रैटली द्वीप समूह में

(c) इण्डोनेशिया में

(d) पश्चिमी द्वीप सुमह में

[read more] [b] स्प्रैटली द्वीप समूह में [/read]

38. निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सुमेलित नहीं है?

(a) एटना-इटली

(c) पोपा- म्यान्मार

(b) फ्यूजीवामा- जापान

(d) काकाटाओ- मलेशिया

[read more] [d] काकाटाओ- मलेशिया [/read]

39. किलिमंजारों पर्वत निम्नलिखित में से किस महाद्वीप में स्थित है?

(a) एशिया

(b) यूरोप

(c) अफ्रीका

(d) आस्ट्रेलिया

[read more] [c] अफ्रीका [/read]

40. एड मिस्टी (El-Misti) ज्वालामुखी किस देश में हैं?

(a) इटली

(b) चिली

(c) पेरू

(d) कोलम्बिया

[read more] [c] पेरू [/read]

41. ज्वालाखण्डाश्मी (Pyroclastics) क्या होता है?

(a) तप्त शैल के टुकड़े और लावा

(b) लावा स्तर

(c) निराविषी गैस

(d) भाप विस्फोटक

[read more] [a] तप्त शैल के टुकड़े और लावा [/read]

42. फिलीपीन्स में कौन-सा ज्वालामुखी लगभग छह शताब्दियों तक सुप्त रहने के बाद फट पड़ा था?

(a) माउण्ट बैरन

(b) माउण्ट फ्यूजीयामा

(c) माउण्ट उन्जेन

(d) माउण्ट पिनेटुबो

[read more] [d] माउण्ट पिनेटुबो [/read]

43. क्रेटर (ज्वालामुखी छिद्र) मुख्यतः किस आकृति के होते हैं?

(a) गोलाकार

(b) कीपाकार

(c) शंक्वाकार

(d) लम्बवत

[read more] [b] कीपाकार [/read]

44. निम्नलिखित में से कौन-सी गैस ज्वालामुखी उद्भेदन के समय नहीं निकलती है?

(a) ऑक्सीजन

(b) हाइड्रोजन

(c) अमोनिया

(d) कार्बन डाइऑक्साइड

[read more] [a] ऑक्सीजन [/read]

45. ज्वालामुखी के उद्‌गार के समय निकलने वाली गैस में जलवाष्प की मात्रा कितनी होती है?

(a) 40 से 50 प्रतिशत

(b) 50 से 60 प्रतिशत

(c) 60 से 70 प्रतिशत

(d) 80 से 90 प्रतिशत

[read more] [d] 80 से 90 प्रतिशत [/read]

46. विश्व का सर्वाधिक ज्वालामुखी वाला क्षेत्र है-

(a) फिलीपाइन द्वी० स०

(b) जापान द्वी० स०

(c) पश्चिमी द्वी० स०

(d) इण्डोनेशिया द्वी० स०

[read more] [a] फिलीपाइन द्वी० स० [/read]

47. निम्न में से कौन सुमेलित नहीं है?

(a) शान्त ज्वालामुखी- देमवन्द

(b) जाग्रत ज्वालामुखी- स्ट्राम्बोली

(c) प्रसुप्त ज्वालामुखी- क्राकाटाओ

(d) निष्क्रिय ज्वालामुखी- एटना

[read more] [d] निष्क्रिय ज्वालामुखी- एटना [/read]

48. स्ट्राम्बोली ज्वालामुखी कहाँ स्थित है?

(a) मार्टिनिक द्वीप में

(b) लक्षद्वीप में

(c) लिपारी द्वीप में

(d) हवाई द्वीप में

[read more] [c] लिपारी द्वीप में [/read]

49. विश्व का सबसे ऊँचा सक्रिय ज्वालामुखी निम्नलिखित में से कौन है? 

(a) एटना

(b) मौनालोआ

(c) चिम्बोरेजो

(d) कोटोपैक्सी

[read more] [d] कोटोपैक्सी [/read]

50. माउण्ट एरेबसो ज्वालामुखी निम्नलिखित में से किस महाद्वीप में स्थित है?

(a) यूरोप

(b) एशिया

(c) अण्टार्कटिका

(d) अफ्रीका

[read more] [c] अण्टार्कटिका [/read]

51. निम्नलिखित में से कौन प्रसुप्त ज्वालामुखी है?

(a) मौनालोआ

(b) स्ट्राम्बोली

(c) काकाटाओ

(d) चिम्बोरेजो

[read more] [c] काकाटाओ [/read]

उत्तर– (c) 

52. निम्नलिखित में से कौन सक्रिय ज्वालामुखी नहीं है?

(a) स्ट्राम्बोली

(b) किलिमंजारो

(c) एटना

(d) कोटोपैक्सी

[read more] [b] किलिमंजारो [/read]

53. निम्नलिखित में से कौन मृत ज्वालामुखी नहीं है?

(a) चिम्बोरेजो

(b) कोह सुल्तान

(c) मौनालोआ

(d) देमवन्द

[read more] [c] मौनालोआ [/read]

54. ‘दस हजार धुआँरों की घाटी’ (A valley of ten thousand smokes) पायी जाती है

(a) अलास्का में

(b) भूमध्य सागर में

(c) अंटार्कटिका में

(d) हवाई द्वीप समूह में

[read more] [a] अलास्का में [/read]

55. विस्फोट की तीव्रता के आधार पर ज्वालामुखियों के प्रकारों का सही आरोही क्रम है-

(a) हवाई तुल्य, स्ट्राम्बोली तुल्य, पीलियन तुल्य, वल्केनियन तुल्य

(b) हवाई तुल्य, स्ट्राम्बोली तुल्य, वल्केनियन तुल्य, पीलियन तुल्य

(c) हवाई तुल्य, वल्केनियन तुल्य, पीलियन तुल्य, स्ट्राम्बोली तुल्य

(d) हवाई तुल्य, वल्केनियन तुल्य, स्ट्राम्बोली तुल्य, पीलियन तुल्य

[read more] [b] हवाई तुल्य, स्ट्राम्बोली तुल्य, वल्केनियन तुल्य, पीलियन तुल्य [/read]

56. निम्नलिखित में से किस प्रकार के ज्वालामुखी में सर्वाधिक विस्फोटक उद्गार होता है?

(a) हवाई तुल्य

(b) पीलियन तुल्य

(c) स्ट्राम्बोली तुल्य

(d) वल्केनियन तुल्य

[read more] [b] पीलियन तुल्य [/read]

57. पेले के बाल (Pale’s hair) का सम्बन्ध निम्नलिखित में से किस प्रकार के ज्वालामुखी से है?

(a) टिलनियन तुल्य

(b) पीलियन तुल्य

(c) हवाई तुल्य

(d) वल्केनियन तुल्य

[read more] [c] हवाई तुल्य [/read]

58. निम्नलिखित में से किस प्रकार के ज्वालामुखी की आकृति गोभी के फूल जैसी होती है?

(a) वल्केनियन तुल्य

(b) पीलियन तुल्य

(c) स्ट्राम्बोली तुल्य

(d) हवाई तुल्य

[read more] [a] वल्केनियन तुल्य [/read]

59. निम्नलिखित में से किस प्रकार के ज्वालामुखी को पीलियन तुल्य ज्वालामुखी भी कहा जाता है? 

(a) वल्केनियन तुल्य

(b) विसुवियस तुल्य

(c) स्ट्राम्बोली तुल्य

(d) हवाई तुल्य

[read more] [b] विसुवियस तुल्य [/read]

60. पृथ्वी की सतह के नीचे द्रवीभूत शैल कहलाता है-

(a) बैसाल्ट

(b) लेकोलिय

(c) लावा

(d) मैग्मा

[read more] [d] मैग्मा [/read]

61. ‘कोटोपैक्सी’ कहाँ स्थित है? 

(a) इक्वाडोर

(c) द० अफ्रीका

(b) जापान

(d) कनाडा

[read more] [a] इक्वाडोर [/read]

62. विश्व में तीन-चौथाई से भी अधिक ज्वालामुखी पाये जाते हैं-

(a) अभिसारी सीमांत क्षेत्र में

(c) अपसारी सीमांत क्षेत्र में

(b) संरक्षक सीमांत क्षेत्र में

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] [a] अभिसारी सीमांत क्षेत्र में [/read]

63. येलोस्टोन पार्क जहां लगभग 100 गीजर और 4,000 गर्म जल के झरने हैं, निम्नलिखित किस देश में अवस्थित है?

[A] आइसलैण्ड
[B] सं. रा. अमेरिका
[C] न्यूजीलैण्ड
[D] आस्ट्रेलिया

[read more] [B] सं. रा. अमेरिका [/read]

7. Plate Tectonic Theory (प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत)

7. Plate Tectonic Theory

(प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत)



Plate Tectonic

➤ प्लेट विवर्तनिकी एक ऐसा सिद्धान्त है जो भू-भौतिकी से संबंधित अनेक घटनाओं जैसे-पर्वत निर्माण, ज्वालामुखी क्रिया इत्यादि के संबंध में व्यक्त किये गये सभी परम्परागत सिद्धान्तों का परित्याग कर नया विचार प्रस्तुत करता है।
➤ इस परिकल्पना के अनुसार पृथ्वी का ऊपरी भाग दृढ़ भूखंडों से निर्मित है। ये भूखंड कई भागों में विभक्त है, इसके एक भाग को प्लेट से संबोधित करते है।
➤ सर्वप्रथम वर्ष 1955 में कनाडा के भू-वैज्ञानिक जे. टूजो विल्सन (J-Tuzo Wilson) ने ‘प्लेट’ शब्द का प्रयोग किया था।  
प्लेटों की संख्या
 
➤ अमेरिकी अर्थ साइंस के अनुसार पृथ्वी 7 बड़े और 6 छोटे प्लेट निम्नलिखित है-
प्रमुख प्लेट- 7
1. प्रशांत महासागरीय प्लेट
2. उ० अमेरिकी प्लेट
3. द० अमेरिकी प्लेट
4. अफ्रीकन प्लेट
5. युरेशियन प्लेट
6. इण्डियन प्लेट
7. अंटार्कटिका प्लेट
गौण प्लेट- 6
(i) अरेबियन प्लेट
(ii) फिलीपींस /फिलीपाइन प्लेट
(iii) कोकस प्लेट
(iv) नास्का प्लेट
(v) स्कोशिया प्लेट
(vi) कैरेबियन प्लेट
Plate Tectonic Theory
➤ इस सिद्धांत के अनुसार प्लेटों को दो भागों में बांटा जाता है–
1. स्थिर प्लेट
2. गतिशील प्लेट 
         
➤ स्थिर प्लेटों के नीचे संवहन तरंगे नहीं चल रही है जबकि गतिशील प्लेटों के नीचे संवहन तरंगे चल रही है। 
➤ संरचना के दृष्टिकोण से प्लेट दो प्रकार के होते है- 
1. महासागरीय प्लेट
2. महाद्वीपीय  प्लेट
                   
महासागरीय प्लेट बैसाल्ट चट्टानों से निर्मित है तथा इसका घनत्व अधिक है जबकि महाद्वीपीय प्लेट ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है तथा इसका घनत्व कम है।
सीमा या सीमांत         
       
इस सिद्धांत के अनुसार प्लेटों के मिलन स्थल को प्लेट के सीमा या सीमांत कहते है।
इसके अनुसार प्लेटों में 3 प्रकार की सीमाएं पायी जाती है। इसे  निम्न चित्रों में देखा जा सकता है-
 प्लेटों के संचालन शक्तियाँ
इस सिद्धांत के अनुसार सभी प्लेट पृथ्वी के अक्ष का अनुसरण करते हुए पूरब से पश्चिम दिशा की ओर प्रवाहित हो रही है।
प्लेटों में गति हेतु कई कारक उत्तरदायी माना गया है। जैसे- पृथ्वी के घूर्णन गति, प्लवनशीलता बल, गुरुत्वाकर्षण बल और प्लेटों का 45° पर प्रत्यावर्तन, सूर्य एवं चन्द्रमा का ज्वारीय बल, संवहन तरंग आदि।
इस सिद्धांत के अनुसार प्लेटों में 3 प्रकार के गतियाँ पायी जाती है। जैसे – निर्माणकारी गति की उत्पत्ति अपसरण सीमा के सहारे होती है, विनाशकारी गति की उत्पति अभिसारी सीमा के सहारे तथा संरक्षी गति संरक्षी सीमा के सहारे उत्पन्न होता है।
प्लेटों का क्रियाविधि
उठती हुई संवहन तरंगे अपसरण सीमा को जन्म देती है। इसी सीमा के सहारे दरार का निर्माण होता है। इन दरारों से ही दुर्बलमंडल से लावा/मैग्मा निकलती है, जिससे ज्वालामुखी क्रिया होती है।
गिरती हुई संवहन तरंगे अभिसारी सीमा का निर्माण करती है। इस सीमा के सहारे अधिक घनत्व वाले प्लेट कम घनत्व वाले प्लेट में घुसने की प्रवृति रखती है। प्लेट अत्यधिक अंदर जाकर पिघलती है और “बेनी ऑफ जोन” निर्माण करती है तथा चट्टानों के वलन के साथ-साथ ज्वालामुखी का उदगार भी होता है। इसे निम्न चित्र से समझा जा सकता है-
प्रमाण 
   प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत के समर्थन में निम्नलिखित प्रमाण प्रस्तुत किये गए है–
1. ज्वालामुखी-
   
        विश्व के ज्वालामुखी वितरण के अध्ययन से स्पष्ट है कि विश्व के अधिकांश ज्वालामुखी क्रियाएं अभिसारी प्लेट सीमा के सहारे होती है।
2. भूकम्प-
   
       भूकम्पीय वितरण के अध्ययन से स्पष्ट है कि विश्व में सर्वाधिक भूकम्प प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित क्षेत्रों में आती है। ये क्षेत्र संरक्षी प्लेट सीमा के सहारे स्थित है।
3. सागर नितल प्रसार और पुराचुमकत्व- 
     
      सागर नितल प्रसार सिद्धान्त से स्पष्ट है कि सागर नितल प्रसार अपसारी सीमा के सहारे हो रही है तथा नवीन चट्टानों में पुराचुमकत्व का गुण कम तथा पुराने चाट्टानों में चुमकत्व का गुण अधिक पाया जाता है।
 4. भूगर्भिक समस्याओं का समाधान  
                   
       प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त के माध्यम से कई भूगर्भिक समस्याओं का समाधान होता है। जैसे- पर्वतों के उत्त्पति, भूकंप, भूसंचालन, महाद्वीपीय विखण्डन, समुद्री नितल प्रसार, पुराचुमकत्व, द्वीपीय चाप के निर्माण आदि।
आलोचना
         
      उपरोक्त विशेषताओं के वाबजूद इस सिद्धांत की कई खामियां है। जैसे –  प्लेटों की संख्या का स्पष्ट पता नहीं चल पाता है, प्लेटों में संवहन तरंगे क्यों उत्पन्न होती है?, हरसिनियन और कैलिडोनियन युग के पर्वतों की उत्पत्ति की व्याख्या नहीं करता है, बेनी ऑफ जोन से निकलने वाला मैग्मा पदार्थ के परिणाम का वैज्ञानिक व्याख्या नहीं करता।   

      इन सीमाओं के वाबजूद भूगर्भ विज्ञान का एक क्रांतिकारी विचा है क्योंकि भूपटल से संबंधित सभी भूगर्भिक घटनाओं का एक बा में ही व्याख्या प्रस्तुत करता है। 



प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. महाद्वीप और महासागर किस श्रेणी के उच्चावच हैं?

[A] प्रथम श्रेणी
[B] द्वितीय श्रेणी
[C] तृतीय श्रेणी
[D] चतुर्थ श्रेणी

[read more] [A] प्रथम श्रेणी [/read]

2. पृथ्वी के धरातल के कितने प्रतिशत भाग पर महाद्वीपों का विस्तार पाया जाता है?

[A] 25.5
[B] 29.2 
[C] 35.6 
[D] 40.7

[read more] [B] 29.2  [/read]

3. महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धान्त के प्रणेता हैं-

[A] ग्रेगरी
[B] प्राट
[C] वेग्नर
[D] होम्स

[read more] [C] वेग्नर [/read]

4. कार्बोनिफेरस युग में विश्व में सम्पूर्ण महाद्वीप आपस में मिले हुए थे, यह किसकी मान्यता है?

[A] वेग्नर
[B] डाना
[C] जेफ्रीज
[D] होम्स

[read more] [A] वेग्नर [/read]

5. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त किस वर्ष प्रस्तुत किया?

[A] 1875
[B] 1965
[C] 1875
[D] 1960

[read more] [D] 1960 [/read]

6. प्लेट विवर्तनिक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था?

[A] हैरी हैस
[B] टेलर
[C] जेफ्रीज
[D] डाना

[read more] [A] हैरी हैस [/read]

7. वेग्नर के अनुसार महाद्वीपीय विस्थापन जिस दिशा में हुआ, वह है-

[A] भूमध्य रेखा व उत्तरी ध्रुव
[B] भूमध्य रेखा व पश्चिमी
[C] भूमध्य रेखा व दक्षिणी ध्रुव
[D] भूमध्य रेखा व पूर्व

[read more] [B] भूमध्य रेखा व पश्चिमी [/read]

8. वेग्नर के अनुसार पेंजिया का विखण्डन किस युग में प्रारम्भ हुआ?

[A] कैम्ब्रियन
[B] प्रीकैम्ब्रियन
[C] कार्बोनिफेरस
[D] पर्मियन

[read more] [C] कार्बोनिफेरस [/read]

9. वेग्नर के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] कार्बोनिफेरस युग में विश्व के सभी महाद्वीप आपस में जुड़े हुए थे जिसे उन्होंने पेंजिया कहा।
[B] पेंजिया टेथिस सागर नामक महासागर से घिरा हुआ था।
[C] उत्तरी अमेरिका, यूरोप आदि अंगारालैंड के भाग थे।
[D] अंटार्कटिका गोण्डवानालैंड का अंग था।

[read more] [B] पेंजिया टेथिस सागर नामक महासागर से घिरा हुआ था। [/read]

10. महाद्वीपीय विस्थापन को स्पष्ट करने वाला नवीनतम सिद्धान्त कौन है?

[A] टेलर की महाद्वीपीय विस्थापन परिकल्पना
[B] वेग्नर का महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धान्त
[C] चतुष्फलक परिकल्पना
[D] प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त

[read more] [D] प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त [/read] 

6. Continental Drift Theory (महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत)

6. Continental Drift Theory

(महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत)



वेगनर महोदय एक जलवायुवेता एवं भूगर्भशास्त्री थे।

इन्होंने 1912 ई० में अपनी पुस्तक डाई इंटेस्टहंगडर कण्टिनेंट एण्ड ओगोनी में महाद्वीपीय विस्थापन का सिद्धांत प्रस्तुत किया।

इनका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन एवं विभिन्न स्थानों पर मिलने वाले वनस्पतियों के समानता का व्याख्या करना था।

➤  इन्होंने सिद्धांत के व्याख्या में दो तर्क दिए-

(1) या तो समय-समय पर जलवायु में परिवर्तन होता रहा है।

(2) या तो महाद्वीपों का विस्थापन होता रहा है।

वेगनर के अनुसार कार्बोनिफेरस युग में सभी महाद्वीप आपस में जुड़े थे, जिसे पेंजिया कहा है।

➤ पेंजिया के चारों ओर स्थित विशाल महासागर को पैंथालास कहा।

कालान्तर में पेंजिया के विखण्डन से मध्य भाग में गहरी व सकरी भूसन्नति का निर्माण हुआ जिसे टेथिस सागर कहा।

➤ उन्होंने टेथिस के उत्तर में स्थित भूखण्ड को लॉरेशिया तथा दक्षिण में स्थित भूखण्ड को गोंडवानलैंड कहा।

वेगनर के अनुसार भूपटल सियाल से निर्मित है और इससे नीचे सीमा तथा निफे की परत है तथा सियाल सीमा पर अबाध रूप से तैर रही है।

कार्बोनिफेरस युग में कुछ भूगर्भिक शक्तियों के कारण लॉरेशिया एवं गोंडवाना लैंड में विखण्डन की क्रिया हुई जिससे छोटे-छोटे भूखण्ड यानी महाद्वीपों का निर्माण हुआ।

➤  इन महाद्वीपों के विस्थापन से ही दरार घाटी में हुए जलविस्तार से महासागरों का निर्माण हुआ जिसे निम्न चित्रों में देखा जा सकता है-

महाद्वीपों का प्रवाह

      वेगनर के अनुसार महाद्वीपों के विस्थापन के लिए दो बल उत्तरदायी है– 

(i) गुरुत्वाकर्षण एवं प्लवनशीलता बल- महाद्वीपों का उत्तर की ओर विस्थापन

(ii) सूर्य एवं चन्द्रमा का ज्वारीय बल- महाद्वीपों के पश्चिम दिशा की ओर विस्थापन के लिए उत्तरदायी।

वेगनर के अनुसार लौरेशिया भूखंड में उ० अमेरिका, ग्रीनलैंड, यूरोप एवं एशिया के अधिकांश भाग तथा गोण्डवाना लैंड में द० अमेरिका, अफ्रीका, प्रायद्वीपीय भारत, ऑस्ट्रेलिया एवं अंटार्कटिका सम्मलित थे।

पक्ष में प्रमाण

(1) भूगर्भिक प्रमाण- भारतीय पठार, अफ्रीकी पठार, ब्राजील का पठार एवं ऑस्ट्रेलिया के पठार सभी एक ही समय के निर्मित एवं समान विशेषताएं वाले चट्टान है। 

(2) अटलांटिक महासागर के दोनों तटों पर समानता पायी जाती है तथा दोनों तटों को मिलाया जा सकता है, जिसे उन्होंने– Zig-Saw-Fit कहा।

Continental Drift

(3) साइबेरिया, ग्रीनलैण्ड, कनाडा में कोयला का पाया जाना तथा केन्या, युगांडा, ब्राजील के मध्य भाग में बोल्डर क्ले का पाया जाना।

(4) सभी महाद्वीपों पर गलोसॉप्टेरिस एवं रेन्डियर का पाया जाना।

(5) लेमिंग नामक जंतु का पश्चिम की ओर भागने की प्रवृति।

(6) सभी महाद्वीपों को कम्प्यूटर पर टूटे हुए प्लेट के समान जोड़ा जा सकता है।

आलोचना

वेगनर मूलतः जलवायुवेता एवं भूगर्भशास्त्री थे जो जलवायु परिवर्तन का अध्ययन न कर महाद्वीप के विस्थापन का अध्ययन करने लगे।

इनके द्वारा प्रस्तुत महाद्वीपीय विस्थापन का कारक बल पर्याप्त नहीं है।

आस्ट्रेलिया का उ० पू० में प्रवाहित होना इस सिद्धांत के विरुद्ध है।

प्लेट विवर्तनिकी के अनुसार विस्थापन महाद्वीपों का नहीं बल्कि प्लेटों का हो रहा है।

इनके अनुसार महाद्वीप सियाल एवं महासागर सीमा से निर्मित है जो गलत है।

इनके अनुसा सियाल सीमा प निर्बाध रूप से तैर रही है परंतु मोड़दार पर्वतों की उत्पत्ति के लिए सीमा द्वारा अवरोध बताता है जो विरोधाभाषी है।



महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. महाद्वीप और महासागर किस श्रेणी के उच्चावच हैं?

[A] प्रथम श्रेणी
[B] द्वितीय श्रेणी
[C] तृतीय श्रेणी
[D] चतुर्थ श्रेणी

[read more] [A] प्रथम श्रेणी [/read]

2. पृथ्वी के धरातल के कितने प्रतिशत भाग पर महाद्वीपों का विस्तार पाया जाता है?

[A] 25.5
[B] 29.2 
[C] 35.6 
[D] 40.7

[read more] [B] 29.2  [/read]

3. महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धान्त के प्रणेता हैं-

[A] ग्रेगरी
[B] प्राट
[C] वेग्नर
[D] होम्स

[read more] [C] वेग्नर [/read]

4. कार्बोनिफेरस युग में विश्व में सम्पूर्ण महाद्वीप आपस में मिले हुए थे, यह किसकी मान्यता है?

[A] वेग्नर
[B] डाना
[C] जेफ्रीज
[D] होम्स

[read more] [A] वेग्नर [/read]

5. प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त किस वर्ष प्रस्तुत किया?

[A] 1875
[B] 1965
[C] 1875
[D] 1960

[read more] [D] 1960 [/read]

6. प्लेट विवर्तनिक सिद्धान्त का प्रतिपादन किसने किया था?

[A] हैरी हैस
[B] टेलर
[C] जेफ्रीज
[D] डाना

[read more] [A] हैरी हैस [/read]

7. वेग्नर के अनुसार महाद्वीपीय विस्थापन जिस दिशा में हुआ, वह है-

[A] भूमध्य रेखा व उत्तरी ध्रुव
[B] भूमध्य रेखा व पश्चिमी
[C] भूमध्य रेखा व दक्षिणी ध्रुव
[D] भूमध्य रेखा व पूर्व

[read more] [B] भूमध्य रेखा व पश्चिमी [/read]

8. वेग्नर के अनुसार पेंजिया का विखण्डन किस युग में प्रारम्भ हुआ?

[A] कैम्ब्रियन
[B] प्रीकैम्ब्रियन
[C] कार्बोनिफेरस
[D] पर्मियन

[read more] [C] कार्बोनिफेरस [/read]

9. वेग्नर के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] कार्बोनिफेरस युग में विश्व के सभी महाद्वीप आपस में जुड़े हुए थे जिसे उन्होंने पेंजिया कहा।
[B] पेंजिया टेथिस सागर नामक महासागर से घिरा हुआ था।
[C] उत्तरी अमेरिका, यूरोप आदि अंगारालैंड के भाग थे।
[D] अंटार्कटिका गोण्डवानालैंड का अंग था।

[read more] [B] पेंजिया टेथिस सागर नामक महासागर से घिरा हुआ था। [/read]

10. महाद्वीपीय विस्थापन को स्पष्ट करने वाला नवीनतम सिद्धान्त कौन है?

[A] टेलर की महाद्वीपीय विस्थापन परिकल्पना
[B] वेग्नर का महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धान्त
[C] चतुष्फलक परिकल्पना
[D] प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त

[read more] [D] प्लेट विवर्तनिकी सिद्धान्त [/read]

5. Internal Structure of The Earth (पृथ्वी की आंतरिक संरचना)

5. Internal Structure of The Earth

(पृथ्वी की आंतरिक संरचना)



          पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने हेतु अप्रत्यक्ष साधनों पर ही निर्भर रहना पड़ता है। यही कारण है कि पृथ्वी की आंतरिक संरचना के सम्बंध में अधिकतर ज्ञान अनुमान पर आधारित है। पृथ्वी की आंतरिक संरचना को समझने में भूकम्पीय विज्ञान (Seismology) या भूकम्पीय तरंग को सबसे सटीक वैज्ञानिक साधन माना जाता है।

पृथ्वी के आंतरिक संरचना के अध्ययन से ज्ञात होता है कि पृथ्वी का औसत घनत्व 5.5 है।

पृथ्वी के धरातल से केंद्र की ओर जाने पर घनत्व में लगातार बढ़ोतरी होते जाती है क्योंकि ऊपर से नीचे जाने पर चट्टान के दबाव एवं भार में बढ़ोतरी होते जाती है।

सामान्य नियम के अनुसार दाब बढ़ने से तापमान में बढ़ोतरी होती है।

पृथ्वी के नीचे जाने पर प्रति 32 मीटर की गहराई पर तापमान 1°C बढ़ता जाता है।

स्वेस महोदय ने पहली बार पृथ्वी की रासायनिक संरचना का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि रासायनिक संरचना के आधार पर पृथ्वी की आंतरिक भागों को तीन परतों में बाँटा जा  सकता है।

(1) सियाल (SiAl) 

       पृथ्वी का सबसे ऊपरी परत सिलिकन & अलुमिनियम से निर्मित है।

(2) सिमा (SiMa)

        स्वेस ने मध्यवर्ती परत को सिमा से संबोधित किया है और उन्होंने बताया कि सिमा सिलिकन & मैग्नेशियम से बना है।

(3) निफे (NiFe)

         पृथ्वी के सबसे आंतरिक भाग को निफे से संबोधित किया है और बताया कि यह निकेल & लोहा से बना है।

Internal Structure

        भूकम्पीय साक्ष्यों के आधार पर पृथ्वी की आंतरिक संरचना का सबसे अधिक वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत किया जाता है। जिसके अनुसार पृथ्वी को तीन परतों में बाँटा गया है-

1. भूपर्पटी (Crust)

2. भूप्रावर (Mantle)

3. क्रोड (Core)

(1) भूपर्पटी (Crust):-

➤ यह पृथ्वी का सबसे ऊपरी एवं पतली परत है।

➤ पृथ्वी के कुल आयतन का 0.5% और कुल द्रव्यमान का 0.2% भूपर्पटी में शामिल है।

➤ इसकी औसत मोटाई 33 किमी० है।

➤ महाद्वीपों पर इसकी अधिकतम मोटाई 70 किमी० तक और महासागरीय क्षेत्र में औसत मोटाई 5 किमी० है।

➤ इसमें परतदार चट्टानों की प्रधानता होती है। लेकिन महाद्वीपीय भागों में परतदार चट्टानों के नीचे ग्रेनाइट चट्टान की परत मिलती है जबकि महासागरीय भूपटल पर बैसाल्ट चट्टाने मिलती है।

➤ भू-पर्पटी की रासायनिक संरचना से स्पष्ट होता है कि इसमें सर्वाधिक ऑक्सीजन (46.80%), सिलिकन (27.72%) अल्युमीनियम (8.13%) पायी जाती है।

➤ सम्पूर्ण पृथ्वी की रासायनिक संरचना में सर्वाधिक लोहा (35.50%), ऑक्सीजन (30.00%), सिलिकन (15.00%) पायी जाती है।

➤ यह पृथ्वी का वह मण्डल है जिसमें प्राथमिक तरंग (P), द्वितीयक तरंग (S), सतही तरंग (L), P*, S*, Pg & Sg जैसे भूकम्पीय तरंग चला करते है।

         भूपर्पटी भी दो भागों में विभक्त है:- 

1. महासागरीय भूपटल

2. महाद्वीपीय भूपटल

➤ महाद्वीपीय भूपटल का घनत्व कम (2.75) है जबकि महासागरीय भूपटल का घनत्व अधिक (3.75) है। यही कारण है कि महाद्वीपीय भूपटल फुला हुआ है जबकि महासागरीय भूपटल धँसा हुआ है।

➤ महाद्वीपीय भूपटल में भी अलग-अलग घनत्व की चट्टानें पायी जाती है। जैसे:- पर्वतीय चट्टानों के घनत्व सबसे कम होता है। इससे अधिक घनत्व पठारों का और पठारों से ज्यादा घनत्व मैदानी चट्टानों में होता है।

(2) भू-प्रावार (Mantle):-

➤ भूपर्पटी और भू-प्रावार के बीच एक संक्रमण पेटी पायी जाती है जिसे मोहोअसम्बद्धता (Moho Discontinuty) कहते है।

➤ भूप्रावार की मोटाई मोहो असम्बद्धता से 2900 KM तक है।

➤ पृथ्वी के कुल आयतन का 83% और कुल द्रव्यमान का 68% भाग भूप्रावार में शामिल है।

➤ यह अधिक तापमान के कारण पिघली हुई अवस्था (द्रव) के समान है।

➤ भू-प्रावार पृथ्वी का वह मण्डल है जिसमें प्राथमिक तरंग  तो संचरित होती है लेकिन द्वितीयक तरंग विलुप्त हो जाती है।

➤ इसका निर्माण सिलिकन & मैग्नेशियम जैसे तत्वों से हुआ है।

➤ भू-प्रावार का घनत्व 3 से 5.5 तक मानी जाती है। 

➤ क्रस्ट और मेंटल के ऊपरी भाग को मिलाकर स्थलमण्डल/लिथोस्फेयर कहा जाता है।

➤ स्थलमण्डल के नीचे वाले मण्डल को दुर्बलमण्डल (Aestheno Sphere) कहते है।

➤ होम्स ने बताया  है कि दुर्बलमण्डल में ही संवहन तरंगे चलती है। ये तरंगे इतनी शक्तिशाली होती है जो स्थलमण्डल को तोड़ने एवं मोड़ने की क्षमता रखती है।

(3) क्रोड (Core)/अंतरतम:-   

➤ यह पृथ्वी का केंद्रीय भाग है।

➤ इसका घनत्व 10 से 13.6 g/cm3 है।

➤ पृथ्वी के कुल आयतन का 16% एवं द्रव्यमान का 32% भाग क्रोड में शामिल है।

➤ क्रोड पृथ्वी का वह मण्डल है जसमें केवल प्राथमिक तरंगे गुजरती है।

➤ यह मण्डल निकेल और लोहा से निर्मित है। इसी कारण से पृथ्वी में चुम्बकीय गुण है।

➤ क्रोड अत्याधिक दबाव के कारण ठोस भाग के रूप में परिणत हो चुका है।

➤ क्रोड की औसत मोटाई 3471 KM है।

➤ Mantle और Core के बीच में एक संक्रमण पेटी पायी जाती है जिसे गुटेनबर्ग असम्बद्धता कहते हैं।

          पृथ्वी की आंतरिक संरचना को नीचे के चित्रों में भी देखा जा सकता है।

Internal Structure of The Earth

चित्र: पृथ्वी की आतंरिक संरचना

पृथ्वी के स्थलीय क्षेत्र प सबसे नीचा क्षेत्र जॉर्डन में मृत सागर के आस-पास का क्षेत्र है। यह क्षेत्र समुद्रतल से औसतन 400 मीटर नीचा है।

पृथ्वी की बाह्य सतह को मुख्यतः चा भागों में बाँट सकते हैं-

1. स्थलमंडल (Lithosphere)

2. जलमंडल (Hydrosphere)

3. वायुमंडल (Atmosphere)

4. जैवमंडल (Biosphere)

नोट:

➤ कोनार्ड असंबद्धता (Conard Discontinuity) : ऊपरी क्रस्ट एवं निचले क्रस्ट के बीच के संक्रमण क्षेत्र को कोनार्ड असंबद्धता कहते हैं।

➤ मोहो असम्बद्धता (Mohovicic Discontinuity) : क्रस्ट एवं मेंटल के बीच के संक्रमण क्षेत्र को मोहो असम्बद्धता कहते हैं।

➤ रेपेटी असंबद्धता (Repetti Discontinuity) : ऊपरी मेंटल एवं निचले मेंटल के बीच के संक्रमण क्षेत्र को रेपेटी असंबद्धता कहते हैं।

➤ गुटेनबर्ग असंबद्धता (Guttenburg Discontinuity) : मेंटल तथा क्रोड के बीच के संक्रमण क्षेत्र को गुटेनबर्ग असंबद्धता कहते हैं।

➤ लेहमैन असंबद्धता (Lehman Discontinuity) : बाह्य क्रोड तथा आन्तरिक क्रोड के बीच के संक्रमण क्षेत्र को लेहमैन असंबद्धता कहते हैं।



पृथ्वी की आन्तरिक संरचना से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना के सम्बन्ध में सर्वाधिक महत्वपूर्ण जानकारी का स्रोत क्या है?

(a) अप्राकृतिक साधन

(b) भूकम्प विज्ञान

(c) ज्वालामुखी क्रिया

(d) प्लेट विवर्तनिकी

उत्तर- (b) भूकम्प विज्ञान

2. सियाल, सीमा तथा निफे के रूप में भूगर्भ का विभाजन किसके द्वारा किया गया है?

(a) वैन डर ग्रैट द्वारा

(b) डेली द्वारा

(c) होम्स द्वारा

(d) स्वेस द्वारा

उत्तर- (d) स्वेस द्वारा

3. पृथ्वी के धरातल से केन्द्र की ओर निम्नलिखित का सही क्रम क्या होगा?

I. सीमा

II. सियाल

III. निफे

कूट :

(a) I, II, III

(b) II, I, III

(c) I, III, II

(d) III, II, I

उत्तर- (b) II, I, III

4. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

(a) सियाल में ग्रेनाइट एवं नीस जैसी चट्टानों की प्रधानता है।

(b) सीमा का निर्माण मुख्यतः बेसाल्ट एवं गैब्रो जैसी चट्टानों से हुआ है।

(c) क्रोड में निकेल एवं लोहा जैसे तत्वों की अधिकता है।

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (d) उपर्युक्त सभी

5. भूपृष्ठ की किस परत में बैसाल्ट चट्टानों की अधिकता है?

(a) सियाल

(b) सीमा

(c) निफे

(d) किसी में नहीं

उत्तर- (b) सीमा

6. पृथ्वी के किस भाग में निकेल और लोहा की प्रधानता है?

(a) सियाल

(b) सीमा

(C) निफे

(d) किसी में नहीं

उत्तर- (C) निफे

7. पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत के लिए सर्वप्रथम ‘सियाल’ (SiAl) शब्द का प्रयोग किसने किया?

(a) होम्स

(b) स्वेस

(c) जेफरीज

(d) डेली

उत्तर- (b) स्वेस

8. पृथ्वी की तीन संकेन्द्री परतों में ऊपर से दूसरी परत का नाम क्या है?

(a) सियाल

(b) सीमा

(c) निफे

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (b) सीमा

9. पृथ्वी के केन्द्र में पाया जाने वाला चुम्बकीय पदार्थ है-

(a) ग्रेनाइट

(b) बैसाल्ट

(c) निकेल

(d) डायोराइट

उत्तर- (c) निकेल

10. स्वेस ने पृथ्वी के आन्तरिक भाग को तीन भागों में बाँटा था। उनके विभाजन में नहीं है-

(a) सियाल

(b) सीमा

(c) निफे

(d) सबस्टेटम

उत्तर- (d) सबस्टेटम

11. स्थल मण्डल का तात्पर्य है-

(a) पृथ्वी का आन्तरिक भाग

(b) पृथ्वी का मध्यवर्ती भाग

(c) पृथ्वी का ऊपरी भाग

(d) पृथ्वी की बाह्य पपड़ी

उत्तर- (d) पृथ्वी की बाह्य पपड़ी

12. स्थल मण्डल की मोटाई भूकम्पीय तरंगों के आधार पर कितनी मापी गयी है?

(a) 105 किमी०

(b) 100 किमी०

(c) 200 किमी०

(d) 80 किमी०

उत्तर- (c) 200 किमी०

13. निम्नलिखित में से किस परत को बेरीस्फीयर कहा जाता है?

(a) वायुमण्डल का सबसे ऊपरी परत

(b) पृथ्वी की सबसे ऊपरी परत

(c) पृथ्वी की सबसे आन्तरिक परत

(d) पृथ्वी की मध्यवर्ती परत

उत्तर- (c) पृथ्वी की सबसे आन्तरिक परत

14. धरातल से भूगर्भ की ओर जाने पर गहराई के साथ तापमान वृद्धि की दर क्या है?

(a) 1°C प्रति 165 मीटर

(b) 1°C प्रति 165 फीट

(c) 1°C प्रति 32 मीटर

(d) 1°C प्रति 32 फीट

उत्तर- (c) 1°C प्रति 32 मीटर

15. पृथ्वी की आन्तरिक संरचना के अनुसार भूगर्भ का विभाजन भू-पटल, मेंटल तथा कोर (Core) में किया गया है। यह विभाजन किसका है?

(a) होम्स

(b) जेफरीज

(c) डेली

(d) ग्राट

उत्तर- (d) ग्राट

नोट: एडवर्ड स्वेस (Edward Suess) ने भी एक प्रसिद्ध रासायनिक विभाजन दिया था, जिसे सियाल (SIAL), सीमा (SIMA) और निफे (NIFE) के नाम से जाना जाता है। अक्सर छात्र इनमें भ्रमित हो जाते हैं, इसलिए यह ध्यान रखना जरूरी है कि प्रश्न में ‘भूपटल, मेंटल और कोर’ के बारे में पूछा गया है।

16. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) भू-पटल (The crust) की औसत मोटाई लगभग 33 किमी० है।

(b) महाद्वीपीय भाग में भू-पटल की मोटाई अधिक है जबकि महा-सागरीय भाग में यह छिछला है।

(c) महाद्वीपीय भू-पटल मुख्यतः ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।

(d) महासागरीय भू-पटल की तुलना में महाद्वीपीय भू-पटल का घनत्व अधिक है।

उत्तर- (d) महासागरीय भू-पटल की तुलना में महाद्वीपीय भू-पटल का घनत्व अधिक है।

17. महासागरीय सतह का निर्माण किस प्रकार की चट्टानों से हुआ है?

(a) ग्रेनाइट

(b) बैसाल्ट

(c) परतदार

(d) ग्रेबो

उत्तर- (b) बैसाल्ट

18. मेंटल के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) इसकी गहराई 35 किमी० से 2900 किमी० तक है।

(b) इसका सम्पूर्ण भाग प्लास्टिक की अवस्था में है।

(c) पृथ्वी के आयतन का 83.5% एवं द्रव्यमान का 67.8% भाग मेंटल है।

(d) इसका घनत्व 3-0 से लेकर 5-5 तक है।

उत्तर- (b) इसका सम्पूर्ण भाग प्लास्टिक की अवस्था में है।

19. स्थलमण्डल (Lithosphere) में सम्मिलित है-

(a) केवल ऊपरी भू-पटल

(b) ऊपरी भू-पटल तथा निचली भू-पटल दोनों

(c) ऊपरी भू-पटल, निचली भू-पटल तथा मेंटल का ठोस ऊपरी भाग

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) ऊपरी भू-पटल, निचली भू-पटल तथा मेंटल का ठोस ऊपरी भाग

20. स्थलमण्डल का विस्तार कितने किमी० की गहराई तक है?

(a) 80 किमी०

(b) 100 किमी०

(c) 180 किमी०

(d) 200 किमी०

उत्तर- (d) 200 किमी०

21. निम्न में से किसको “व्हाइट ऑफ द अर्थ” कहा जाता है?

(a) क्रस्ट (Crust)

(b) मेंटल (Mantle)

(c) कोर (Core)

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (b) मेंटल (Mantle)

22. मेंटल में निम्नलिखित में से किन तत्वों की प्रधानता होती है?

(a) सिलिका और मैंगनीज

(b) सिलिका और ऐलुमिनियम

(c) सिलिका और मैग्नीशियम

(d) सिलिका और लोहा

उत्तर- (c) सिलिका और मैग्नीशियम

23. पृथ्वी के कुल द्रव्यमान का लगभग कितना प्रतिशत मेंटल (Mantle) में पाया जाता है?

(a) 32%

(b) 52%

(c) 68%

(d) 83%

उत्तर- (c) 68%

24. मोहो असम्बद्धता स्थित है-

(a) क्रस्ट तथा मैंटल के बीच

(b) ऊपरी मेंटल तथा निचली मेंटल के बीच

(c) मेंटल एवं कोर के बीच

(d) आन्तरिक मेंटल तथा बाह्य मेंटल के बीच

उत्तर- (a) क्रस्ट तथा मैंटल के बीच

25. पृथ्वी के कोर (Core) में किस तत्व की प्रधानता होती है?

(a) सिलिका एवं ऐलुमिनियम

(b) सिलिका एवं मैग्नीशियम

(c) सिलिका एवं निकेल

(d) लोहा एवं निकेल

उत्तर- (d) लोहा एवं निकेल

26. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

(a) महाद्वीप मुख्यतः ग्रेनाइट चट्टानों से निर्मित है।

(b) महासागरीय बेसीन में बेसाल्ट चट्टान की प्रधानता है।

(c) कोर (Core) को बेरीस्फीयर के नाम से भी जाना जाता है।

(d) पृथ्वी के समस्त आयतन का लगभग 68% एवं द्रव्यमान का 83.5% मेंटल में व्याप्त है।

उत्तर- (d) पृथ्वी के समस्त आयतन का लगभग 68% एवं द्रव्यमान का 83.5% मेंटल में व्याप्त है।

27. भू-गर्भ में तापमान वृद्धि का कारण है

(a) दबाब

(b) रेडियोसक्रिय पदार्थों का विखण्डन

(c) उपर्युक्त दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) उपर्युक्त दोनों

28. गहराई में वृद्धि के अनुसार महाद्वीपीय भू-पटल के विभिन्न परतों का सही क्रम है-

(a) परतदार, ग्रेनाइट, बेसाल्ट

(b) परतदार, बेसाल्ट, ग्रेनाइट

(c) ग्रेनाइट, परतदार, बेसाल्ट

(d) ग्रेनाइट, बेसाल्ट, परतदार

उत्तर- (a) परतदार, ग्रेनाइट, बेसाल्ट

29. भू पर्पटी में पाए जाने वाले विभिन्न तत्वों की मात्रा का सही अवरोही क्रम है-

(a) ऑक्सीजन, सिलिकन, लोहा, ऐलुमिनियम

(b) सिलिकन, ऑक्सीजन, ऐलुमिनियम, लोहा

(c) लोहा, सिलिकन, ऑक्सीजन, ऐलुमिनियम

(d) ऑक्सीजन, सिलिकन, ऐलुमिनियम, लोहा

उत्तर- (d) ऑक्सीजन, सिलिकन, ऐलुमिनियम, लोहा

30. पृथ्वी के भू-पर्पटी में कौन-सा तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है?

(a) कैल्शियम

(b) ऐलुमिनियम

(c) लोहा

(d) ऑक्सीजन

उत्तर- (d) ऑक्सीजन

31. धरातल से मोहो असम्बद्धता की गहराई लगभग कितनी है?

(a) 30 किमी०

(b) 100 किमी०

(c) 200 किमी०

(d) 700 किमी०

उत्तर- (a) 30 किमी०

4. Latitude, Longitude, International Date Line and Time (अक्षांश, देशांतर, अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा व समय)

4. Latitude, Longitude, International Date Line and Time

(अक्षांश, देशांतर, अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा व समय)



अक्षांश (Latitude) या Parallel

        पृथ्वी के केन्द्र पर बनाये गये उदग्र (Vertical) कोणीय मान को अक्षांश कहते हैं। दूसरे शब्दों में ग्लोब पर किसी स्थान तथा विषुवतरेखा के मध्य कोणीय दूरी को उस स्थान का आक्षांश कहते हैं। यह कोणीय दूरी ग्लोब के केन्द्र से मापी जाती है। 

➤ सामान्य परिभाषा के अनुसार ग्लोब पर पूरब से पश्चिम दिशा की ओर खींची गयी काल्पनिक रेखा को अक्षांश रेखा कहते हैं।

ग्लोब पर समान आक्षांश वाले बिन्दुओं को मिलाने वाले काल्पनिक वृत्तों को आक्षांश वृत्त कहा जाता है। विषुवत रेखा पूर्ण वृहत् वृत्त (Great Circle) होती है तथा शेष समस्त आक्षांश वृत्त लघु वृत्त होते हैं।

वृहत वृत्त:-

      वृहत वृत्त वह रेखा होती है जो गोलाकार पृथ्वी को दो समान परिधियों वाले गोलाद्धों में विभाजित करती है। पृथ्वी पर सभी देशान्तरों (Meridians) के अतिरिक्त भूमध्य रेखा/विषुवत रेखा एक वृहत वृत्त भी है।

भूमध्यरेखा पृथ्वी के मध्य से होकर गुजरने वाली अक्षांश रेखा है। इसे विषुवत रेखा या  0° अक्षांश भी कहते हैं। इस पर वर्ष भर दिन-रात बराबर होते हैं। इसलिए इसे विषुवत रेखा कहते हैं।

विषुवत रेखा वृहत् वृत का उदाहरण है क्योंकि यह पृथ्वी को दो बराबर भागों में बाँटती है।

भूमध्यरेखा पृथ्वी को दो गोलार्द्धों (उत्तरी और दक्षिणी) में विभक्त करती है।

अक्षांश रेखाओं का मान न्यूनतम 0º और अधिकतम 90º होता है।

उत्तरी गोलार्द्ध में खीची गई अक्षांश रेखा को N के द्वारा और दक्षिणी गोलार्द्ध में खींची गई  रेखा को S के द्वारा निरुपित करते है।

अश्व अक्षांश (Horse Latitude):-

       30° से 35° उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांश के मध्य स्थित पेटी को अश्व अक्षांश कहा जाता है। इसे उपोष्ण उच्च वायुदाब पेटी (Subtropical High Pressure Belt) भी कहते हैं। इसके बनने का कारण इन अक्षांशो के मध्य प्रतिचक्रवातों का उत्पन्न होना है।

0º अक्षांश⇒ भूमध्यरेखा या विषुवत रेखा (Equator)

23½º N अक्षांश⇒ कर्क  रेखा (Tropic of Cancer)

23½º S अक्षांश⇒ मकर रेखा (Tropic of Capricorn)

66½º N अक्षांश⇒ आर्कटिक वृत्त

66½º S अक्षांश⇒ अण्टार्कटिक वृत

90º N⇒ उतरी ध्रुव

90º S⇒ दक्षिणी ध्रुव

➤ 23½° से 66½° उत्तरी एवं दक्षिणी अक्षांशों के मध्य स्थित क्षेत्र को शीतोष्ण कटिबंधीय क्षेत्र कहते हैं। यहाँ पर वर्ष भर सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं।

➤ प्रति 1° पर एक अक्षांश निर्मित होता है। विषुवत रेखा से ध्रुवीय क्षेत्रों की ओर जाने पर अक्षांशीय वृत्त का आकार छोटा होता जाता है, जो ध्रुवों पर अंततः एक बिन्दु में परिवर्तित हो जाता है।

➤ 90° अक्षांश एक बिंदु के रूप में पाया जाता है, जिसे ध्रुव (Pole) कहते हैं। 90° उत्तरी अक्षांश को उत्तरी ध्रुव (North Pole) तथा 90° दक्षिण अक्षांश को दक्षिणी ध्रुव (South Pole) के नाम से जाना जाता है।

➤ 66½° से 90° उत्तरी अक्षांशों के मध्य स्थित क्षेत्र को ध्रुवीय क्षेत्र (Polar Region) कहते हैं। यहाँ 6 महीने का दिन तथा 6 महीने की रात होती है।

भूमध्य रेखा की परिधि की आधी लम्बाई 60° अक्षांश रेखा पर प्राप्त होती है।

90° अक्षांश रेखा एक बिन्दु के समान होती है।

सभी अक्षांश रेखा (90º को छोड़कर) देशान्तर रेखा को समकोण पर काटती है।

सभी अक्षांश रेखाएँ एक-दूसरे के समान्तर और समान दूरी पर अवस्थित होते हैं।      

किसी भी स्थान का अक्षांश रेखा का निर्धारण Pole Star से आने वाली किरण और चक्षु अक्ष के बीच बने कोणीय माप के द्वारा निर्धारित करते हैं।

ग्लोब पर अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या 179 है।

नोट: यदि अक्षांश रेखाओं को 1° के अंतराल पर खींचते हैं, तो उत्तरी एवं दक्षिणी दोनों गोलार्द्धों में 89-89 अक्षांश रेखाएँ होंगे। इस प्रकार विषुवत रेखा को लेकर अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या 179 होगी क्योंकि दोनों ध्रुव एक बिंदु के रूप में है न कि रेखा या वृत्त के रूप में।

मानचित्र पर अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या 181 है।

नोट: यदि अक्षांश रेखाओं को 1° के अंतराल पर खींचते हैं, तो उत्तरी एवं दक्षिणी दोनों गोलार्द्धों में 90-90 अक्षांश रेखाएँ होंगे। इस प्रकार विषुवत रेखा को लेकर अक्षांश रेखाओं की कुल संख्या 181 होगी क्योंकि दोनों ध्रुव मानचित्रों पर एक रेखा के रूप में होती है न कि बिंदु के रूप में।

अक्षांशों की कुल संख्या 180 है।

नोट: यदि अक्षांशों को 1° के अंतराल पर खींचते हैं, तो उत्तरी एवं दक्षिणी दोनों गोलार्द्धों में 90-90 अक्षांश होंगे। यहाँ विषुवत रेखा का मान 0 अक्षांश होगा, इस प्रकार कुल अक्षांशों की संख्या 180 होगी क्योंकि दोनों ध्रुवों का अंश 90º मानचित्र या ग्लोब पर होगा, यहाँ पर एक रेखा या बिंदु के रूप में नहीं होगा।

 प्रति 1º की अक्षांशीय दूरी लगभग 111 Km के बराबर होती है जो पृथ्वी के गोलाकार होने के कारण भूमध्यरेखा से ध्रुवों तक भिन्न-भिन्न मिलती है। अर्थात् दो अक्षांशों के बीच की दूरी 111 किमी० होती है।

Latitude

देशान्तर या याम्योत्तर (Longitude):

         ग्लोब पर प्रमुख याम्योत्तर (Prime meridian) तथा किसी दिये गये स्थान के मध्य की कोणीय दूरी को उस स्थान का देशान्तर कहते हैं। यह दूरी ग्लोब के ध्रुवीय अक्ष से मापी जाती है।

➤ देशान्तर ग्लोब पर निर्मित होने वाले ऐसे काल्पनिक अर्द्धवृत्त हैं, जो उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर उत्तरी ध्रुव एवं दक्षिणी ध्रुव को जोड़ते हैं। ये देशांतर सदैव अक्षांशों के लम्बवत् निर्मित होते हैं, जो 0° देशान्तर अर्थात् ग्रीनवीच रेखा से किसी स्थान की कोणीय दूरी होती है।

180° देशान्तर, प्रधान याम्योत्तर के साथ मिलकर ग्लोब पर बृहत-वृत्त का निर्माण करती है।

0° देशांतर इंग्लैण्ड की राजधानी लन्दन के समीप स्थित ग्रीनविच नामक स्थान से होकर जाता है, जिसे मानक देशांतर अथवा प्रधान याम्योत्तर (मध्याह्न रेखा) कहा जाता है।

दोनों ध्रुवों को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को देशान्तर रेखा कहते हैं।

देशान्तर रेखा हमेशा उत्तर से दक्षिण दिशा में खींची जाती है।

दो देशान्तर रेखाओं के बीच में विषुवत रेखा पर अधिकतम दूरी (111.3 किमी०) होती है जबकि ध्रुवों की ओर जाने पर दोनों देशान्तर रेखाओं के बीच दूरी घटते जाती है।

देशान्तर रेखाएँ पृथ्वी के केन्द्र पर क्षैतिज तल में बनाया गया कोण को व्यक्त करता है।

देशान्तर रेखाओं का न्यूनतम मान 0º और अधिकतम मान 180° होता है।

इस तरह कुल  देशांतर रेखाओं की संख्या ग्लोब पर 360 (180+1+179) और मानचित्र पर 361 (180+1+180) होती है।

0º देशान्तर रेखा को प्रधान मध्यान्ह / प्रधान याम्योत्तर रेखा (Prime Meridian) कहा जाता है। जबकि 180°  देशांतर रेखा को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं।

0° देशान्तर रेखा पृथ्वी को दो भागों में बाँटती है-

(i) पूर्वी गोलार्द्ध और

(ii) पश्चिमी गोलार्द्ध।

पूर्वी गोलार्द्ध के देशान्तर रेखा को E के द्वारा और पश्चिमी गोलार्द्ध के देशान्तर रेखा को W के द्वारा विरूपित करते हैं।

देशान्तर

1884 ई0 में वाशिंगटन बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि 0° देशान्तर रेखा लंदन के एक ग्रीनवीच शहर में स्थित “रॉयल वेधशाला” के कैम्पस में स्थित एक Pointer से होकर गुजरती है। शेष सभी देशान्तर रेखाओं को पूरब एवं पश्चिम में इसके अनुरूप ही खींचते हैं। इस समय ग्रीनविच मध्याह्न को शून्य मानकर अन्य देशान्तरों की गणना की जाती है। समय का निर्धारण भी इसी को आधार मानकर किया जाता है।

भूग्रि(The Earth Grid):-

          किसी प्रक्षेप रचना में एक निश्चित मापनी पर अक्षांश और देशान्तर रेखाओं के रेखा जाल को भूग्रिड कहते हैं।

गोरे (Gore)

      दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी गोरे (Gore) नाम से जानी जाती है।

समय का निर्धारण

       पृथ्वी एक घूर्णन पूरा करने में लगभग 24 घंटे का समय लेती है। घूर्णन की यह अवधि पृथ्वी दिवस (Earth Day) कहलाती है। इसका अर्थ है कि पृथ्वी गोलाकार होने के कारण 24 घंटे में 360° पूरा कर लेती है। इसलिए प्रत्येक 15° देशान्तर की दूरी को पूरा करने के लिए यह एक घंटा तथा 1° देशान्तर की दूरी को पूरा करने के लिए 4 मिनट का समय लेती है।

➤ 0° से 180° पूर्व की ओर जाने पर 12 घंटे का समय लगता है और इस प्रकार यह ग्रीनविच समय से 12 घंटे आगे होता है। ठीक इसी प्रकार 0° से 180° पश्चिम की ओर जाने पर ग्रीनविच समय से 12 घंटे का समय लगता है। यही कारण है कि 180° पूर्व व पश्चिम देशान्तर में कुल 24 घंटे अर्थात् एक दिन और एक रात का अंतर पाया जाता है।

➤ पृथ्वी को एक-एक घंटे के 24 समय क्षेत्रों में बाँटा गया है। इन समय क्षेत्रों को ग्रीनविच मीन टाइम व मानक समय में एक घंटे के अन्तराल के आधार पर विभाजित किया गया है अर्थात प्रत्येक जोन 15° के बराबर होता है।

➤ पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है। अतः अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग समय पर दिन की शुरुआत होती है।

➤ ग्रीनविच मीन टाइम से पूर्व स्थित स्थानों पर ग्रीनविच मीन टाइम से पश्चिम दिशा में स्थित स्थानों की तुलना में सूर्योदय पहले होता है।

➤ चूँकि सूर्य पूर्व में उदित होता है तथा पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूम रही है। अत: 0° देशान्तर से पूर्व का समय आगे तथा पश्चिम का समय पीछे रहता है। इसी कारण पृथ्वी के सभी स्थानों पर समय की भिन्नता देखने को मिलती है।

मानक समय (Standard Time)

       मानक समय किसी देश के मध्य से गुजरने वाली याम्योत्तर का माध्य होता है, जो स्थानीय समय की असुविधा को दूर करने के लिए संपूर्ण देश के लिए लागू माना जाता है। प्रत्येक देश का मानक समय ग्रीनविच मीन टाइम से आधे घंटे (अथवा 0° देशान्तर के 7½º)  के गुणक के अन्तर पर निर्धारित किया जाता है।

➤ मानक समय स्वेच्छा से चयनित याम्योत्तर का स्थानीय समय होता है जो एक विशिष्ट क्षेत्र या देश के लिए मानक समय निर्धारित करता है। उदाहरण के लिए 82½° पूर्वी देशान्तर (याम्योत्तर) जो कि प्रयागराज के निकट मिर्जापुर से होकर गुजरती है, संपूर्ण भारत के लिए मानक समय (IST) का निर्धारण करती है।

➤ भारत का स्थानीय समय ग्रीनविच मानक समय से 5½ घंटा आगे है। अतः जब ग्रीनविच में दोपहर के 12 बजे हों तो उस समय भारत में शाम के 5½ (5:30PM) बजेंगे। इससे भारत के विभिन्न प्रदेशों में देशान्तरीय अंतर के कारण समय की भिन्नता को समायोजित करने की समस्या से मुक्ति मिल जाती है।

➤ किसी देश का मानक समय उस देश के माध्य देशांतर पर निर्भर करता है, अर्थात् प्रत्येक देश का एक मानक समय होता है, परंतु कुछ देश इसके अपवाद हैं। जैसे- अविभाजित रूस में 11 समय क्षेत्र (Time Zone) थे जो विभाजन के बाद केवल चार रह गए हैं, इसी प्रकार कनाडा में 6, संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 तथा चीन में 1 समय क्षेत्र हैं, वर्तमान समय में भारत में भी दो समय क्षेत्र बनाने की माँग बढ़ रही है।

स्थानीय समय (Local Time)

      स्थानीय मध्याह्न समय वह समय है जब सूर्य उस स्थान विशेष पर लम्बवत् चमकता है। इस प्रकार यह पृथ्वी पर स्थान विशेष का सूर्य की स्थिति से परिकलित समय है। भारत के सर्वाधिक पूर्व (अरुणाचल प्रदेश) एवं सर्वाधिक पश्चिम (गुजरात के द्वारका) में स्थित स्थानों के स्थानीय समय में लगभग दो घंटे का अंतर पाया जाता है।

स्थानीय समय की गणना में सहायक कुछ प्रमुख कारक

➤ 0° देशांतर (ग्रीनविच रेखा) के बायीं ओर पश्चिमी देशांतर व दायीं ओर पूर्वी देशांतर होता है जबकि 180° देशांतर (अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा) के बायीं ओर पूर्वी देशांतर व दायीं ओर पश्चिमी देशांतर होता है।

➤ किसी भी देशांतर से जब बायीं ओर जाते हैं तो प्रत्येक 1° देशांतर पर समय में 4 मिनट की कमी आती है, जबकि दायीं ओर 4 मिनट की वृद्धि होती है।

➤ 180° देशांतर (अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा) के बायीं ओर जाने पर एक दिन जोड़ना पड़ता है, जबकि दायीं ओर जाने पर एक दिन घटाना पड़ता है।

➤ किसी जलपोत या विमान द्वारा यात्रा करने पर स्थानीय समय निकालने के पश्चात् उसमें आवश्यकतानुसार यात्रा अवधि को जोड़ा या घटाया जाता है। वह विमान या जलपोत कब पहुँचेगा यह ज्ञात करने के लिए यात्रा अवधि को स्थानीय समय में जोड़ा जाता है, जबकि वह कब चला था यह जानने के लिए स्थानीय समय निकालने के पश्चात् यात्रा अवधि घटाई जाती है।

अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line)

       ग्लोब पर 180° याम्योत्तर के लगभग समानांतर स्थलखंडों को छोड़ते हुए निर्धारित की गई काल्पनिक रेखा, जिसे अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहा जाता है।

➤ अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 180° देशान्तर के सहारे निर्मित हुई है जो 180° देशान्तर के दायें या बायें मुड़ जाती है ताकि स्थलीय भागों का विभाजन न हो और लोगों को तिथियों के बारे में भ्रम न हो।

➤ रूस, एल्यूशियन द्वीप, फिजी, टोंगा तथा चैथम द्वीपों के कारण तीन स्थानों से हट गई है, ये रेखा 8 स्थानों पर विचलित भी हुई है।

➤ साइबेरिया को विभाजित होने से बचाने एवं साइबेरिया को अलास्का से अलग रखने के लिए 75° उत्तरी अक्षांश पर यह पूर्व की ओर मोड़ी गई है।

➤ यह रेखा आर्कटिक सागर, चुक्ची सागर, बेरिंग जल सन्धि व प्रशान्त महासागर से होकर गुजरती है।

➤ बेरिंग जलसन्धि अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के समानान्तर स्थित है।

➤ बेरिंग सागर में यह रेखा पश्चिम की ओर मोड़ी गई है।

➤ फिजी द्वीप समूह एवं न्यूजीलैंड के विभिन्न भागों को एक साथ रखने के लिए यह रेखा दक्षिणी प्रशांत महासागर में पूर्व दिशा की ओर मोड़ी गई है।

➤ अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के पूर्व व पश्चिम में एक दिन का अंतर पाया जाता है। अतः इसे पार करते समय एक दिन बढ़ाया या घटाया जाता है।

➤ जब कोई जलयान अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा को पा कर पश्चिम दिशा में यात्रा कता है तो एक दिन जोड़ दिया जाता है तथा जब पूर्व दिशा में यात्रा करता है तो एक दिन घटा दिया जाता है।

➤ अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के अनुसार कोई भी समय (मध्य रात्रि, सूर्योदय, सूर्यास्त आदि) सबसे पहले किरिबाति देश के कॅरोलीन द्वीप समूह के लाँग आइलेट में होता है। यह देश प्रशांत महासागर में स्थित है।

➤ नार्वे देश को अर्द्धरात्रि सूर्य का देश कहा जाता है क्योंकि उत्तरी नॉर्वे के हेमरफेस्ट शहर में एक वर्ष में 76 दिन-रात सिर्फ 40 मिनट की होती हैं।

➤ ये आर्कटिक वृत्त (66½º अक्षांश) के ऊपर स्थित है जहाँ सूर्य का प्रकाश 6 महीने के लिए रहता है।

Latitude



अक्षांश, देशांतर, अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा व समय से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण किसी दिये गये स्थान की कोणीय दूरी क्या कहलाती है?

[A] प्रधान देशान्तर
[B] देशान्तर
[C] अक्षांश
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] अक्षांश [/read]

2. निम्नलिखित में से कौन-सा वृहत वृत्त (Great Circle) का उदाहरण है?

[A] कर्क रेखा
[B] भूमध्य रेखा
[C] मकर रेखा
[D] आर्कटिक रेखा

[read more] [B] भूमध्य रेखा [/read]

3. ट्रॉपिक ऑफ कैंसर (Tropic of Cancer) निम्न में से क्या है?

[A] एक प्रकार की रक्त सम्बन्धी बीमारी
[B] कैंसर की रोकथाम का एक वैज्ञानिक उपकरण
[C] 23½º उत्तरी अक्षांश रेखा
[D] 23½º दक्षिणी अक्षांश रेखा

[read more] [C] 23½º उत्तरी अक्षांश रेखा [/read]

4. ध्रुवों की तरफ जाने पर अक्षांश रेखाओं के व्यास की प्रकृति कैसी होती है?

[A] यह स्थिर रहता है।
[B] यह बढ़ता है।
[C] यह घटता है।
[D] पहले घटता है पुनः बढ़ता है।

[read more] [C] यह घटता है। [/read]

5. सूची-1 को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए-

सूची-1         सूची-II

a. भूमध्य रेखा 1. 66½º दक्षिण

b. कर्क रेखा  2. 66½º उत्तर

c. मकर रेखा  3. 0°

d. आर्कटिक वृत्त 4. 23½º उत्तर

e. अंटार्कटिक वृत्त 5. 23½º दक्षिण

कूट:

      a b c d e

[A] 5 4 3 1 2
[B] 3 4 5 2 1
[C] 2 1 3 4 5
[D] 4 3 2 5 1

[read more] [B] 3 4 5 2 1 [/read]

6. धरातल पर 1° अक्षांश की दूरी निम्न में से किसके बराबर होती है?

[A] 11 किमी०
[B] 21 किमी०
[C] 111 किमी०
[D] 121 किमी०

[read more] [C] 111 किमी० [/read]

7. भूमध्य रेखा के अतिरिक्त कौन-सी अक्षांश रेखा पृथ्वी को दो बराबर भागों में विभाजित करती है?

[A] 23½º N
[B] 23½º
[C] 66½º एवं 66½º
[D] कोई भी अक्षांश नहीं

[read more] [D] कोई भी अक्षांश नहीं [/read]

8. मकर रेखा अथवा 23½º दक्षिणी अक्षांश वृत्त निम्नलिखित में से कहाँ से होकर गुजरती है? 

[A] जिम्बाब्वे
[B] मालागासी
[C] भारत
[D] ग्रीनलैंड 

[read more] [B] मालागासी [/read]

9. वह काल्पनिक रेखा जो पृथ्वी को दो भागों में बाँटती है, क्या कहलाती है?

[A] भूमध्य रेखा
[B] मकर रेखा
[C] कर्क रेखा
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] भूमध्य रेखा [/read]

10. 66½º दक्षिणी अक्षांश को कहते हैं-

[A] आर्कटिक वृत्त
[B] कर्क रेखा
[C] अंटार्कटिक वृत्त
[D] मकर रेखा

[read more] [C] अंटार्कटिक वृत्त [/read]

11. दोनों ध्रुवों को जोड़ने वाली वह काल्पनिक रेखा जो भूमध्य रेखा को समकोण पर प्रतिच्छेद करती है, क्या कहलाती है?

[A] मध्याह्न
[B] अक्षांश
[C] देशान्तर
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] देशान्तर [/read]

12. दो देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी निम्न में से किस नाम से जानी जाती है?

[A] बेल्ट
[B] गोरे
[C] काले
[D] समय पेटी

[read more] [B] गोरे [/read]

13. एक देशान्तर से दूसरे देशान्तर के बीच कितना समयान्तराल होता है?

[A] 4 मिनट
[B] 1 घण्टा
[C] 15 मिनट
[D] 12 घण्टा

[read more] [A] 4 मिनट [/read]

14. वह अक्षांश रेखा जिस पर सदैव दिन व रात की अवधि समान रहती है, है

[A] भूमध्य रेखा
[B] कर्क रेखा
[C] मकर रेखा
[D] हिंज रेखा

[read more] [A] भूमध्य रेखा [/read]

15. निम्नलिखित में से कौन सुमेलित नहीं है?

[A] कर्क रेखा – 23½º N
[B] मकर रेखा – 23½º S
[C] आर्कटिक वृत्त – 66½º N
[D] प्रधान याम्योत्तर-180°

[read more] [D] प्रधान याम्योत्तर-180° [/read]

16. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] देशान्तर रेखाओं की कुछ संख्या 180 है।
[B] किसी भी स्थान की ग्रीनविच रेखा से कोणीय दूरी को उस स्थान का देशान्तर कहा जाता है।
[C] देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी विषुवत रेखा पर अधिकतम एवं ध्रुवों पर शून्य होती है।
[D] विषुवत रेखा पर देशान्तर रेखाओं के बीच की दूरी 111.3 किमी० होती है।

[read more] [A] देशान्तर रेखाओं की कुछ संख्या 180 है। [/read]

17. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] विषुवत रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी स्थिर रहती है।
[B] किसी भी स्थान की प्रधान याम्योत्तर से कोणीय दूरी को उस स्थान का अक्षांश कहा जाता है।
[C] विषुवत रेखा एक बृहत् वृत्त है।
[D] सभी देशान्तर रेखाएँ वृहत् वृत्त है।

[read more] [B] किसी भी स्थान की प्रधान याम्योत्तर से कोणीय दूरी को उस स्थान का अक्षांश कहा जाता है। [/read]

18. दो अक्षांश रेखाओं के बीच की दूरी लगभग होती है-

[A] 111 मील
[B] 111 किमी०
[C] 121 मील
[D] 121 किमी०

[read more] [B] 111 किमी० [/read]

19. 1° देशान्तर की सर्वाधिक दूरी कहाँ पर होगी?

[A] कर्क रेखा पर
[B] विषुवत रेखा पर
[C] मकर रेखा पर
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] विषुवत रेखा पर [/read]

20. कुल अक्षांशों की संख्या कितनी है?

[A] 66
[B] 90
[C] 180
[D] 360

[read more] [C] 180 [/read]

21. देशान्तरों की संख्या कितनी है?

[A] 24
[B] 90
[C] 180
[D] 360

[read more] [D] 360 [/read]

22. विषुवत रेखा के समानान्तर कल्पित रेखाएँ क्या कहलाती है?

[A] अक्षांश रेखाएँ
[B] ग्रीन विच रेखा
[C] देशान्तर रेखाएँ
[D] मध्याह्न रेखाएँ

[read more] [A] अक्षांश रेखाएँ [/read]

23. पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव एवं दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली रेखा क्या कहलाती है?

[A] अक्षांश रेखा
[B] अन्तर्राष्ट्रीय रेखा
[C] देशान्तर रेखा
[D] मिलन रेखा

[read more] [C] देशान्तर रेखा [/read]

24. प्रधान मध्याह्न रेखा किस स्थान से होकर गुजरती है?

[A] ग्रीन विच
[B] सिडनी
[C] ग्रीनलैंड
[D] इलाहाबाद

[read more] [A] ग्रीन विच [/read]

25. ग्रीन विच रेखा से तात्पर्य है-

[A] 0° अक्षांश
[B] 0° देशान्तर
[C] 180° पूर्वी देशान्तर
[D] 180° पश्चिमी देशान्तर

[read more] [B] 0° देशान्तर [/read]

26. मकर रेखा निम्न में से किस देश से होकर नहीं जाती है?

[A] चिली
[B] द० अफ्रीका
[C] अर्जेण्टीना
[D] फिलीपीन्स 

[read more] [D] फिलीपीन्स [/read]

27. पृथ्वी एक घण्टे में कितना देशान्तर घूम लेती है?

[A] 20°
[B] 12°
[C] 15°
[D] 18°

[read more] [C] 15° [/read]

28. दक्षिणी ध्रुव का अक्षांश है-

[A] 70°
[B] 80°
[C] 90°
[D] 100°

[read more] [C] 90° [/read]

29. सूची-1 को सूची-11 के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचिओं के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

सूची-1     सूची-11

a. विषुवत रेखा 1. 23½º उत्तरी अक्षांश

b. कर्क रेखा 2. 23½º दक्षिणी अक्षांश

c. मकर रेखा 3. 0° देशान्तर

d. ग्रीन विच रेखा 4. 0° अक्षांश

कूट: a b c d

[A] 4 1 2 3
[B] 4 1 3 2
[C] 2 3 4 1
[D] 3 4 2 1

[read more] [A] 4 1 2 3 [/read]

30. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचिओं के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये।

सूची-1     सूची-II

a. आर्कटिक वृत्त 1. 66½º दक्षिणी अक्षांश

b. अंटार्कटिक वृत्त 2. 0° अक्षांश

c. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 3. 66½º उत्तरी अक्षांश

d. विषुवत रेखा 4. 180° देशान्तर

कूट: a b c d

[A] 4 1 3 2
[B] 4 1 2 3
[C] 3 1 4 2
[D] 1 2 4 3

[read more] [C] 3 1 4 2 [/read]

31. दो स्थानों के देशान्तरों में 1° का अन्तर होने पर उनके समयों में कितना अन्तर होगा?

[A] 15 मिनट
[B] 8 मिनट
[C] 4 मिनट
[D] 2 मिनट

[read more] [C] 4 मिनट [/read]

32. निम्नलिखित में से किस देश से होकर कर्क रेखा नहीं गुजरती है?

[A] भारत
[B] म्यान्मार
[C] चीन
[D] जायरे

[read more] [D] जायरे [/read]

33. उत्तरी गोलार्द्ध में भू-धरातल अधिकतम है-

[A] 30° N – 40° N
[B] 40° N – 50° N
[C] 50°N – 60° N
[D] 60° N – 70°N

[read more] [A] 30° N – 40° N [/read]

34. मानचित्र पर स्थित अक्षांश एवं देशान्तर रेखाओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?

[A] दोनों समानान्तर रेखाएँ है।
[B] दोनों एक-दूसरे को लम्बवत काटती है।
[C] दोनों ध्रुवों पर मिलती है।
[D] दोनों भूमध्य रेखा पर मिलती है।

[read more] [B] दोनों एक-दूसरे को लम्बवत काटती है। [/read]

35. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहलाता है-

[A] 0° अक्षाश
[B] 0° देशान्तर
[C]  66½º अक्षांश
[D] 180° देशान्तर

[read more] [D] 180° देशान्तर [/read]

36. ग्रीनविच से 180° मध्याह्न काल्पनिक रेखा कहलाती है-

[A] अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा
[B] मकर रेखा
[C] अक्षांश रेखा
[D] कर्क रेखा

[read more] [A] अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा [/read]

37. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा की स्थिति निम्न में से किसके निकटतम है?

[A] 0° अक्षांश
[B] 90° पूर्वी एवं पश्चिमी देशान्तर
[C] 0° देशान्तर
[D] 180° पूर्वी एवं पश्चिमी देशान्तर

[read more] [D] 180° पूर्वी एवं पश्चिमी देशान्तर [/read]

38. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा टेढ़ी-मेढ़ी है। ऐसा होने का कारण है

[A] समय एवं तिथि के अन्तर को समाप्त करना
[B] हवाई जहाजों के लिए सही तिथि रखना
[C] 180° देशान्तर की विशिष्टता स्थापित करना
[D] मार्ग में पड़ने वाले द्वीपों को छोड़ने हेतु

[read more] [A] समय एवं तिथि के अन्तर को समाप्त करना [/read]

39. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा बिलकुल सीधी नहीं है, क्योंकि इसका कारण है-

[A] अन्तर्राष्ट्रीय समझौता
[B] कोरियोलिस बल
[C] कुछ देशों के विभिन्न भागों के दिन एवं समय को एकसमान रखना
[D] उपर्युक्त में सभी

[read more] [C] कुछ देशों के विभिन्न भागों के दिन एवं समय को एकसमान रखना [/read]

40. उत्तरी प्रशान्त महासागर में अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के विचलन का कारण है-

[A] हवाई द्वीप समूह
[B] क्यूराइल द्वीप समूह
[C] एल्यूशियन द्वीप समूह
[D] उपर्युक्त सभी

[read more] [C] एल्यूशियन द्वीप समूह [/read]

41. यदि अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पर दिन के 12 बजे हो तो उस समय भारत का मानक समय क्या होगा?

[A] 6.30 सुबह
[B] 5.30 शाम
[C] 5.30 सुबह
[D] 6.30 शाम

[read more] [C] 5.30 सुबह [/read] 

42. भारत का प्रामाणिक समय किस देशान्तर से लिया गया है?

[A] 81½º W
[B] 82½º W
[C] 81½º E
[D] 82½º E

[read more] [D] 82½º E [/read]

43. भारत का प्रामाणिक समय किस स्थान से निश्चित किया जाता है?

[A] मुम्बई
[B] दिल्ली
[C] मिर्जापुर (प्रयागराज)
[D] कोयम्बटूर

[read more] [C] मिर्जापुर (प्रयागराज) [/read]

44. निम्नलिखित में से किस स्थान का प्रामाणिक समय एवं स्थानीय समय लगभग एक समान है?

[A] मिर्जापुर (प्रयागराज)
[B] नई दिल्ली
[C] अहमदाबाद
[D] राँची

[read more] [A] मिर्जापुर (प्रयागराज) [/read]

45. भारत के सर्वाधिक पूर्व एवं पश्चिम में स्थित स्थानों के स्थानीय समय में कितना का अन्तर है?

[A] 1 घण्टा
[B] 2 घण्टा
[C] 2 घण्टा 30 मिनट
[D] 1 घण्टा 30 मिनट

[read more] [B] 2 घण्टा [/read]

46. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 180° देशान्तर से कितनी बार विचलित होती है?

[A] 8
[B] 60
[C] 10
[D] 4

[read more] [A] 8 [/read]

47. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 180° याम्योत्तर से अन्तर करती है जिससे कि वह-

[A] एक ही प्रशासन के अन्तर्गत द्वीप समूह को विभाजित न करे।
[B] बेरिंग जलडमरूमध्य को विभाजित न करे।
[C] एक ही प्रशासन के अन्तर्गत भू-भागों को विभाजित करें।
[D] प्रशान्त महासागर को दो बराबर भागों में विभाजित करें।

[read more] [A] एक ही प्रशासन के अन्तर्गत द्वीप समूह को विभाजित न करे। [/read]

48. यदि किसी स्थान का स्थानीय मानक समय ग्रीनविच समय से 12 घण्टे आगे है तो वह स्थान कहाँ स्थित होगा?

[A] 90° E
[B] 90° W
[C] 180° E
[D] 180° W

[read more] [D] 180° E [/read]

49. ग्रीनविच पर समय मध्याह्न 12 बजे हैं, 50º पूर्वी देशान्तर पर स्थित एक स्थान पर समय क्या होगा?

[A] प्रातः 8.40
[B] सांय 3.20 
[C] प्रातः 5.00
[D] मध्य रात्रि 12.00

[read more] [B] सांय 3.20 [/read]

50. यदि ग्रीनविच (0° देशान्तर) पर रात्रि के 12.00 बजे है तो 30° पूर्वी देशान्तर पर स्थित काहिरा में क्या समय होगा?

[A] 2:00 बजे रात्रि
[B] 8:00 बजे रात्रि
[C] 10 बजे रात्रि
[D] 12 बजे रात्रि

[read more] [A] 2:00 बजे रात्रि [/read]

51. पृथ्वी पर दो स्थानों की स्थिति के अनुदैर्ध्य का अंतर 15° है। स्थानीय समय में कितना का अंतर होगा?

[A] 2 घण्टे
[B] 1 घण्टा
[C] 5 घण्टे
[D] 15 घण्टे

[read more] [B] 1 घण्टा [/read]

52. यदि दो स्थानों के बीच समय में अन्तर 2 घण्टे 20 मिनट है तो देशान्तर में अन्तर होगा?

[A] 35°
[B] 45°
[C] 40°
[D] 30°

[read more] [A] 35° [/read]

53. अन्तर्राष्ट्रीय दिनांक रेखा कहाँ से होकर गुजरती है?

[A] 0°
[B] 180°
[C] 90°
[D] 270°

[read more] [B] 180° [/read]

54. ग्रीनविच किस देश में है?

[A] यू०एस०ए०
[B] यू० के० 
[C] भारत
[D] हॉलैंड 

[read more] [B] यू० के० [/read]

55. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

[A] यह एक काल्पनिक रेखा है।
[B] बेरिंग सागर में यह रेखा पश्चिम की ओर मोड़ी गई है।
[C] 75° उत्तरी अक्षांश पर यह रेखा पश्चिम की ओर मोड़ी गई है।
[D] न्यूजीलैंड एवं फिजी द्वीप समूह को एक साथ रखने के लिए दक्षिणी प्रशान्त महासागर में यह रेखा पूर्व की ओर मोड़ी गई है।

[read more] [C] 75° उत्तरी अक्षांश पर यह रेखा पश्चिम की ओर मोड़ी गई है। [/read]

56. भारत और ग्रीनविच के मानक समय में कितने का अन्तर है?

[A] 4 घण्टा 30 मिनट
[B] 5 घण्टा 30 मिनट
[C] 5 घण्टा 15 मिनट
[D] 6 घण्टा 30 मिनट

[read more] [B] 5 घण्टा 30 मिनट [/read]

57. अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा का निर्धारण किस वर्ष किया गया?

[A] 1662 ई०
[B] 1745 ई०
[C] 1884 ई०
[D] 1947 ई०

[read more] [C] 1884 ई० [/read]

58. पृथ्वी को कितने समय कटिबन्धों में बाँटा जा सकता है?

[A] 2
[B] 4
[C] 24
[D] 64

[read more] [C] 24 [/read]

59. एक देशान्तर को पार करने में दो स्थानों के स्थानीय समय के बीच क्या अन्तर होता है?

[A] 8 मिनट
[B] 4 मिनट
[C] 2 मिनट
[D] 0 मिनट

[read more] [B] 4 मिनट [/read]

3. Earth’s motions (पृथ्वी की गतियाँ)

3. Earth’s motions (पृथ्वी की गतियाँ)



पृथ्वी की गतियाँ

         पृथ्वी की मुख्यतः दो गतियाँ है-

(1) घूर्णन या परिभ्रमण या दैनिक गति:-

       पृथ्वी सदैव अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व दिशा में लट्टू के समान घूमती रहती है, जिसे पृथ्वी का घूर्णन (Rotation) या परिभ्रमण कहते हैं। इस गति के कारण ही पृथ्वी पर दिन व रात होते हैं। इसीलिए इस गति को दैनिक गति भी कहा हैं।

➤ पृथ्वी का अक्ष भूमध्यरेखीय तल के लम्बवत् रहता है तथा पृथ्वी के केन्द्र से होकर गुजरता है।

➤ इसके एक पूर्ण घूर्णन की अवधि लगभग 24 घंटे (23 घंटा, 56 मिनट 4.09 सेकेण्ड) है। यह अवधि एक दिन का निर्माण करती है।

➤ यदि पृथ्वी अपनी धुरी पर झुकी हुई न होती तो सर्वत्र दिन-रात की अवधि एक समान होती।

➤ यदि पृथ्वी अपनी अक्ष पर न घूमती और सूर्य की परिक्रमा न करती तो पृथ्वी के एक गोलार्द्ध में सदैव दिन बड़े और रातें छोटी होतीं तथा दूसरे गोलार्द्ध में सदैव रातें बड़ी और दिन छोटे होते।

➤ पृथ्वी के घूर्णन की यह गति भूमध्यरेखा पर 0.5 किमी. प्रति सेकेण्ड होती है, 60° अक्षांश पर इसकी आधी 0.23km/h तथा ध्रुवों पर शून्य हो जाती है। अर्थात् ध्रुवों की ओर यह गति क्रमशः कम (धीमी) होती जाती है।

➤ ज्वारीय घर्षण पृथ्वी की घूर्णन गति को कम कर देता है। इस क्रिया के फलस्वरूप दिन की अवधि 0.002 सेकेण्ड प्रति शताब्दी की दर से बढ़ जाती है।

➤ पवनों व समुद्री धाराओं में विक्षेपण, दैनिक ज्वार-भाटा की स्थिति में परिवर्तन, ध्रुवों का चपटाकार स्वरूप, भूमध्य रेखा का उभार (Bulge) तथा उत्तरी चुम्बकीय ध्रुव का गतिमान होना पृथ्वी के घूर्णन गति के कारण ही सम्भव होते हैं।

(2) परिक्रमण अथवा वार्षिक गति:-

        पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमने के साथ-साथ सूर्य के चारों ओर एक अंडाकार मार्ग पर 365 दिन तथा 6 घंटे में एक परिक्रमा पूर्ण करती है। पृथ्वी की इस गति को परिक्रमण या वार्षिक गति कहते हैं।

➤ पृथ्वी के परिक्रमण पथ अर्थात् अंडाकार मार्ग को भू-कक्षा (Earth Orbit) कहते हैं।

➤ चूँकि पृथ्वी सूर्य के चारों ओर अण्डाकार कक्ष में घूमती है, इसीलिए पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी परिवर्तित होती रहती है। पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी 14.96 करोड़ किमी. है।

➤ एक वर्ष में एक बार पृथ्वी सूर्य से सबसे दूरस्थ बिन्दु पर तथा दूसरी बार सबसे निकटस्थ बिन्दु पर स्थित होती है।

नक्षत्र दिवस (Sidereal Day):-

     एक मध्याह्न रेखा के ऊपर किसी निश्चित नक्षत्र के लगातार दो बार गुजरने के बीच की अवधि को नक्षत्र दिवस कहते हैं। यह 23 घंटे, 56 मिनट व 4 सेकण्ड अवधि की होती है।

सौर दिवस (Solar Day):- 

     किसी निश्चित मध्याह्न रेखा के ऊपर से सूर्य के दो बार गुजरने की अवधि को सौर दिवस के नाम से जाना जाता है।

➤ जब सूर्य को गतिहीन मानकर पृथ्वी द्वारा उसके परिक्रमण की गणना दिवसों के रूप में की जाती है तब सौर दिवस प्राप्त होता है। इसकी अवधि पूरे 24 घंटे की होती है।

➤ औसत सौर दिवस, नक्षत्र दिवस से 3 मिनट 56 सेकेण्ड बड़ा होता है। इसका कारण यह है कि पृथ्वी अपने अक्ष पर जब एक चक्कर पूरा करती है तो वह अपने कक्ष पर पूर्व की स्थिति से एक अंश आगे निकल जाती है। पृथ्वी की किसी निश्चित मध्याह्न रेखा को सूर्य के सम्मुख पुनः आने में कुछ अतिरिक्त समय लग जाता है।

लीप वर्ष:-
       पृथ्वी एक वर्ष या 365 दिन 6 घण्टे में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। हम लोग एक वर्ष 365 दिन का मानते हैं तथा सुविधा के लिए 6 घंटे को इसमें नहीं जोड़ते हैं। चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष के बचे हुए 6 घंटे मिलकर एक दिन यानी 24 घंटे के बराबर हो जाते हैं। इसके एक अतिरिक्त दिन को फरवरी के महीने में जोड़ा जाता है। इस प्रकार प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी माह 28 के बदले 29 दिन का होता है। इस प्रकार ऐसा वर्ष जिसमें 366 दिन होते हैं उसे लीप वर्ष कहा जाता है। 

उपसौर (Perihelion):-

   पृथ्वी जब सूर्य के अत्यधिक पास होती है तो इसे उपसौर कहते हैं। ऐसी स्थिति प्रत्येक वर्ष 3 जनवरी को होती है।

➤ उपसौर के समय पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी 14.70 करोड़ किमी. होती है।

➤ उपसौर की दशा में पृथ्वी सूर्य से सामान्य दिनों की अपेक्षा 7 प्रतिशत अधिक सूर्यताप (Insolation) प्राप्त करता है।

➤ उपसौर की दशा में पृथ्वी का दक्षिणी गोलार्द्ध सूर्य की ओर होता है। इसीलिए यहाँ गर्मी थोड़ी बढ़ जाती है

➤ इस दशा में चूँकि उत्तरी गोलार्द्ध की दूरी अधिक होती है इसलिए उत्तरी गोलार्द्ध में पड़ने वाली गर्मी थोड़ी कम हो जाती है।

अपसौर (Aphelion):-

     पृथ्वी जब सूर्य से अधिकतम दूरी पर होती है तो इसे अपसौर कहते हैं। ऐसी स्थिति प्रत्येक वर्ष 4 जुलाई को होती है।

➤ अपसौर के समय पृथ्वी और सूर्य के बीच की औसत दूरी 15.20 करोड़ किमी. होती है।

➤ अपसौर की दशा में पृथ्वी सूर्य से सामान्य दिनों की अपेक्षा 7 प्रतिशत कम सूर्यताप (Insolation) प्राप्त करता है।

➤ अपसौर की दशा में पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध सूर्य की ओर होता है। इसलिए दक्षिणी गोलार्द्ध में पड़ने वाली गर्मी थोड़ी कम हो जाती है।

➤ इस दशा में चूँकि उत्तरी गोलार्द्ध  की दूरी कम होती है इसलिए उत्तरी गोलार्द्ध में पड़ने वाली गर्मी थोड़ी अधिक हो जाती है।

Earth

एपसाइड रेखा:-

        उपसौरिक एवं अपसौरिक को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा सूर्य के केन्द्र से गुजरती है, इसे ही एपसाइड रेखा कहते हैं।

दिन और रात का छोटा व बड़ा होना

      विषुवतरेखीय भाग को छोड़कर विश्व के शेष सभी भागों में विभिन्न ऋतुओं में दिन और रात की अवधि में अंतर पाया जाता है। विषुवत रेखा पर सदैव दिन और रात की अवधि बराबर होती है, क्योंकि इसे प्रकाश वृत्त सदैव दो बराबर भागों में बाँटता है। अतः विषुवत रेखा का आधा भाग प्रत्येक स्थिति में सूर्य का प्रकाश प्राप्त करता है।

ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं।

पृथ्वी पर दिन और रात की स्थिति

     उत्तरी गोलार्द्ध 21 मार्च से 23 सितम्बर की अवधि के दौरान सूर्य का प्रकाश 12 घंटे या अधिक समय तक प्राप्त करता है। अतः यहाँ दिन बड़े एवं रातें छोटी होती हैं। हम जैसे-जैसे उत्तरी ध्रुव की ओर बढ़ते जाते हैं, दिन की अवधि भी बढ़ती जाती है। इस समय उत्तरी ध्रुव पर दिन की अवधि छः महीने की होती है और दक्षिणी ध्रुव पर छः महीने की रात होती है।

     दक्षिणी गोलार्द्ध 23 सितम्बर से 21 मार्च की अवधि के दौरान सूर्य का प्रकाश 12 घंटे या अधिक समय तक प्राप्त करता है। हम जैसे-जैसे दक्षिणी ध्रुव की ओर बढ़ते हैं, दिन की अवधि भी बढ़ती जाती है। दक्षिणी ध्रुव पर इसी कारण छः महीने तक दिन रहता है जबकि उत्तरी ध्रुव पर इस समय छः महीने की रात रहती है।

सूर्य के सापेक्ष पृथ्वी कि स्थिति

उत्तर अयनांत (Summer Solstice):
       21 जून को विषुवत वृत के उत्तरी भाग में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। ठीक इसके विपरीत इसी दिन दक्षिणी गोलार्ध में सबसे लंबी रात एवं छोटी दिन होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तर अयनांत कहते है।  
दक्षिण अयनांत (Winter Solstice) :-
       22 दिसंबर को विषुवत वृत के दक्षिणी भाग में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है।ठीक इसके विपरीत इसी दिन उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबी रात एवं छोटी दिन होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिण अयनांत कहते है। 
विषुव-
       21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें  विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर नहीं झुका रहता है, इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होते हैं। इसे विषुव कहा जाता है।
       23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में बसंत ऋतु होती है। 21 मार्च को स्थिति ठीक इसके विपरीत होती है क्योंकि इस दिन उत्तरी गोलार्ध में बसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है। 

21 जून की स्थिति

➤ 21 मार्च व 23 सितम्बर को सूर्य की किरणें विषुवत रेखा पर लम्बवत होती हैं। 21 मार्च के बाद सूर्य के उत्तरायण होने के साथ-साथ उत्तरी गोलार्द्ध में दिन की अवधि में भी वृद्धि होने लगती है व ग्रीष्म ऋतु का आगमन होता है।

➤ 21/22 जून तक सूर्य कर्क रेखा के लम्बवत स्थिति में आ जाता है। इस स्थिति को कर्क संक्रान्ति या ग्रीष्म अयनांत कहते हैं।

➤ 21 जून को उत्तरी गोलार्द्ध में दिन बड़ा (सर्वाधिक अवधि वाला) तथा रात्रि छोटी (न्यूनतम अवधि वाली) होती है। दक्षिणी गोलार्द्ध में इस समय शीत ऋतु होती है। 21 जून के पश्चात् 23 सितम्बर तक सूर्य पुनः विषुवत रेखा की ओर उन्मुख होता है। परिणामस्वरूप धीरे-धीरे उत्तरी गोलार्द्ध में गर्मी कम होने लगती है।

22 दिसम्बर की स्थिति

➤ 22 दिसम्बर को दक्षिणी गोलार्द्ध सूर्य की ओर तथा उत्तरी गोलार्द्ध विपरीत दिशा में स्थित होता है। इस तिथि को सूर्य मकर रेखा (Tropic of Capricorn) पर लम्बवत् चमकता है। इस स्थिति को मकर संक्राति या शीत अयनांत (Winter Solstice) कहते हैं। इस तिथि को दक्षिणी गोलार्द्ध में दिन बड़ा (सर्वाधिक अवधि वाला) तथा रातें छोटी (न्यूनतम अवधि वाली) होती हैं।

➤ इस दौरान दक्षिणी गोलार्द्ध में निम्न वायुदाब अर्थात् ग्रीष्म ऋतु होती है। इसके विपरीत उत्तरी गोलार्द्ध में इस समय उच्च वायुदाब अर्थात् शीत ऋतु होती है, क्योंकि कर्क रेखा पर सूर्य की किरणें तिरछी पड़ती हैं। कर्क रेखा भारत के लगभग मध्य भाग से होकर गुजरती है। इसीलिए इस समय उत्तर-पश्चिम भारत में उच्च वायुदाब का केन्द्र विकसित होता है।

➤ वस्तुतः सूर्य के दक्षिणायन होने अर्थात् दक्षिणी गोलार्द्ध की ओर उन्मुख होने की प्रक्रिया 23 सितम्बर के पश्चात् प्रारंभ हो जाती है, जिससे दक्षिणी गोलार्द्ध में दिन बड़े व रातें छोटी होने लगती हैं। इस समय उत्तरी गोलार्द्ध में इसके विपरीत स्थिति देखी जाती है। 22 दिसम्बर के उपरान्त 21 मार्च तक सूर्य पुनः विषुवत रेखा की ओर उन्मुख होता है तथा दक्षिणी गोलार्द्ध में धीरे-धीरे ग्रीष्म ऋतु की समाप्ति हो जाती है।

21 मार्च व 23 सितम्बर की स्थितियाँ

➤ इन दोनों स्थितियों में सूर्य की किरणें विषुवत रेखा पर लम्बवत् पड़ती हैं। इसलिए इस समय सभी अक्षांश रेखाओं का आधा भाग सूर्य का प्रकाश प्राप्त करता है। और सर्वत्र दिन व रात की अवधि समान होती है।

➤ इन तिथियों में दिन व रात की अवधि के समान रहने एवं ऋतु की समानता के कारण इन दोनों स्थितियों को विषुव अथवा सम रात-दिन (Equinox) कहा जाता है।

21 मार्च की स्थिति को बसंत विषुव (Vernal/Spring Equinox) एवं 23 सितम्बर वाली स्थिति को शरद विषुव (Autumnal Equinox) कहा जाता है।

➤ जब सूर्य अण्डाकार (Ecliptic) कक्ष के सहारे वसन्त विषुव (Vernal Equinox) या शरद विषुव (Autumnal Equinox) की दिशा में होता है तो इसका दिक्पात (Declination) शून्य होता है। उस समय पृथ्वी के सभी स्थानों पर दिन व रात 12 घण्टे के होते हैं।

➤ यदि पृथ्वी का अक्ष, कक्ष तल (Orbital Plane) के समकोण पर होता तो पृथ्वी पर ऋतुओं का परिवर्तन नहीं होता। प्रत्येक अक्षांश पर रहने वाले मनुष्य वर्ष भर एक ही प्रकार की ऋतु की अनुभव करते। भूमध्यरेखा के आस-पास के प्रदेश में सदैव ग्रीष्म ऋतु तथा ध्रुवों के पास सदैव शीत ऋतु का अनुभव होता।

➤ उत्तरी ध्रुव पर 6 महीने का दिन वसन्त विषुव (Vernal Equinox) से प्रारम्भ होता है तथा 6 महीने की रात शद विषुव (Autumnal Equniox) के साथ प्राम्भ होती है। ऐसी दशा दक्षिणी गोलार्द्ध में भी पायी जाती है।



पृथ्वी की गतियाँ से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. पृथ्वी पर दिन तथा रात्रि चक्र किसके कारण होता है?

[A] पृथ्वी का घूर्णन
[B] पृथ्वी का परिक्रमण
[C] पृथ्वी का घूर्णन तथा परिक्रमण दोनों
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] पृथ्वी का घूर्णन [/read]

2. पृथ्वी अपनी धुरी के चारों तरफ किस दिशा में घूमती है?

[A] पूर्व से पश्चिम
[B] पश्चिम से पूर्व
[C] उत्तर से दक्षिण
[D] दक्षिण से पूर्व

[read more] [B] पश्चिम से पूर्व [/read]

3. अपने अक्ष पर पृथ्वी एक चक्कर कितने समय में पूरा करती है?

[A] 23 घंटे 30 मिनट
[B] 23 घंटे 56 मिनट 4.9 सेकंड
[C] 23 घंटे 10 मिनट 2 सेकंड
[D] 24 घंटे

[read more] [B] 23 घंटे 56 मिनट 4.9 सेकंड [/read]

4. पृथ्वी को सूर्य की परिक्रमा करने में लगते हैं लगभग-

[A] 365.25 दिन
[B] 365 दिन
[C] 365.50 दिन
[D] 365.75 दिन

[read more] [A] 365.25 दिन [/read]

5. पृथ्वी की परिक्रमण धुरी (ध्रुवीय धुरी) सदा झुकी होती है:

[A] दीर्घवृत्तीय धुरी से 23.1° पर
[B] दीर्घवृत्तीप धुरी से 23.00 पर
[C] दीर्घवृत्तीय पुरी से 24.5° पर
[D] दीर्घवृत्तीय धुरी से 23.5° पर

[read more] [D] दीर्घवृत्तीय धुरी से 23.5° पर [/read]

6. अपने परिक्रमा पथ में पृथ्वी लगभग किस माध्य वेग से सूर्य के चक्कर लगाती है?

[A] 30 km/s
[B] 40 km/s
[C] 50 km/s
[D] 20 km/s

[read more] [A] 30 km/s [/read]

7. परिक्रमण करती हुई पृथ्वी या एक ग्रह की अपने कक्ष में सूर्य से अधिकतम दूरी को क्या कहा जाता है-

[A] उपसौर
[B] अपसौर
[C] अपोजी
[D] पेरिजी

[read more] [B] अपसौर [/read]

8. पृथ्वी, सूर्य से अपनी अधिकतम दूरी पर होती है-

[A] 30 जनवरी को
[B] 22 दिसंबर को
[C] 22 सितंबर को
[D] 4 जुलाई को

[read more] [D] 4 जुलाई को [/read]

9. परिक्रमण करती हुई पृथ्वी या एक ग्रह की अपने कक्ष में सूर्य से न्यूनतम दूरी को क्या कहा जाता है-

[A] उपसौर
[B] अपसौर
[C] अपोजी
[D] पेरिजी

[read more] [A] उपसौर [/read]

10. पृथ्वी की उपसौर (Perihelion) स्थिति किस महीने में होती है?

[A] जून
[B] जनवरी
[C] सितंबर
[D] मार्च

[read more] [B] जनवरी [/read]

11. किस दिन पृथ्वी सूर्य के सबसे निकट होती है?

[A] 23 सितंबर
[B] 3 जनवरी
[C] 4 जुलाई
[D] 21 मार्च

[read more] [B] 3 जनवरी [/read]

12. पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती है, इस सिद्धांत को पेश करने वाले प्रथम व्यक्ति कौन थे?

[A] अल्बर्ट आइंस्टीन
[B] गैलीलियो
[C] कॉपरनिकस
[D] न्यूटन

[read more] [C] कॉपरनिकस [/read]

13. यह किसने सर्वप्रथम प्रतिपादित किया कि सूर्य हमारे सौर मण्डल का केन्द्र है, और पृथ्वी उसकी परिक्रमा करती है?

[A] गैलीलियो
[B] न्यूटन
[C] पाणिनी
[D] कॉपरनिकस

[read more] [D] कॉपरनिकस [/read]

14. निम्नलिखित में से यह किसका मत था कि पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है?

[A] ब्रह्मगुप्त
[B] आर्यभट्ट
[C] वराहमिहिर
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [C] वराहमिहिर [/read]

15. पृथ्वी द्वारा सूर्य की परिक्रमा के लिए लगने वाले समय की गणना करने वाले प्रथम भारतीय भूगोलशास्त्री कौन थे?

[A] आर्यभट्ट
[B] वेद भटनागर
[C] भास्कराचार्य
[D] बिशु देवतामापी

[read more] [C] भास्कराचार्य [/read]

16. पृथ्वी के चारों ओर परिक्रमा कर रहा कृत्रिम उपग्रह इसलिए पृथ्वी पर नीचे नहीं गिरता क्योंकि पृथ्वी का आकर्षण-

[A] चंद्रमा के आकर्षण से निष्क्रिय हो जाता है
[B] उतनी दूरी पर अस्तित्वहीन होता है
[C] उसकी नियमित चाल के लिए आवश्यक गति प्रदान करता है
[D] उसकी गति के लिए आवश्यक त्वरण प्रदान करता है

[read more] [D] उसकी गति के लिए आवश्यक त्वरण प्रदान करता है [/read]

17. प्रदीप्ति का वृत्त पृथ्वी को कौन से दो गोलर्द्धों में विभाजित करता है?

[A] उत्तरी और दक्षिणी
[B] पूर्वी और पश्चिमी
[C] दिन और रात
[D] ग्रीष्म और शीत

[read more] [C] दिन और रात [/read]

18. इक्विनोक्स (Equinox)/विषुव होता है जब-

[A] दिन और रात बराबर होते हैं 
[B] एक वर्ष के दौरान सबसे छोटा दिन होता है
[C] एक वर्ष के दौरान सबसे बड़ा दिन होता है
[D] एक वर्ष के दौरान जब सबसे अधिक वर्षा होती है

[read more] [A] दिन और रात बराबर होते हैं [/read]

19. विश्व के सभी अंगों में 23 सितंबर को दिन और रात की समान लंबाई को क्या कहते हैं?

[A] शरदकालीन विषुव
[B] खगोलीय विषुव
[C] शीतकालीन विषुव
[D] वसंतकालीन विषुव

[read more] [A] शरदकालीन विषुव [/read]

20. दिन-रात जिस कारण होते हैं, वह है-

[A] भू-परिभ्रमण
[B] भू-परिक्रमण
[C] पृथ्वी के अक्ष का झुकाव
[D] 91 डिग्री पश्चिम

[read more] [A] भू-परिभ्रमण [/read]

21. वह कौन-सी तिथि/तिथियों है, जब दोनों गोलर्द्धों (Hemispheres) में दिन और रात बराबर होते हैं?

[A] 22 दिसंबर
[B] 21 जून
[C] 21 मार्च एवं 23 सितंबर
[D] 21 जून एवं 22 दिसंबर

[read more] [C] 21 मार्च एवं 23 सितंबर [/read]

22. जब दिन और रात की अवधि बराबर होती है तो सूर्य की किरणें सीधी पड़ती है-

[A] भूमध्य रेखा पर
[B] उत्तरी ध्रुव पर
[C] दक्षिणी ध्रुव पर
[D] कर्क रेखा पर

[read more] [A] भूमध्य रेखा पर [/read]

23. अलग-अलग ऋतुओं में दिन-समय और रात्रि-समय के विस्तार में विभिन्नता किस कारण से होती है?

[A] पृथ्वी का, सूर्य के चारों ओर दीर्घवृत्तीय रीति से परिक्रमण
[B] पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन
[C] स्थान की अक्षांशीय स्थिति
[D] पृथ्वी का नत अक्ष पर परिक्रमण

[read more] [D] पृथ्वी का नत अक्ष पर परिक्रमण [/read]

24. निम्नलिखित तिथियों में से किसमें दोपहर को आपकी छाया (Shadow) सबसे छोटी होती है?

[A] मार्च 21
[B] दिसम्बर 25
[C] जून 22
[D] फरवरी 14

[read more] [C] जून 22 [/read]

25. निम्नलिखित में से किस तिथि पर उत्तरी गोलार्द्ध में ग्रीष्मकाल अयनांत को देखा जाता है?

[A] 21 जून
[B] 5 अगस्त
[C] 18 जुलाई
[D] 19 दिसंबर

[read more] [A] 21 जून [/read]

26. निम्नलिखित में से किस-किस तिथियों पर उत्तरी गोलार्द्ध में शीतकाल अयनांत को देखा जाता है?

I. 22 दिसंबर

II. 5 अगस्त

III. 10 जनवरी

[A] केवल I
[B] I तथा II दोनो
[C] केवल III
[D] केवल II

[read more] [A] केवल I [/read]

27. निम्नलिखित में से किस तिथि पर दक्षिणी गोलार्द्ध में ग्रीष्मकालीन अयनांत (Summer solstice) को देखा जाता है?

[A] 22 दिसंबर
[B] 5 अगस्त
[C] 18 जुलाई
[D] 23 सितंबर

[read more] [A] 22 दिसंबर [/read]

28. निम्नलिखित में से किस तिथि पर दक्षिणी गोलार्द्ध में शीतकाल अयनांत को देखा जाता है?

[A] 5 अगस्त
[B] 10 अगस्त
[C] 15 फरवरी
[D] 21 जून

[read more] [D] 21 जून [/read]

29. 21 जून को शीतकालीन सोलस्टिस (अयनांत)…… गोलार्द्ध में होता है।

[A] उत्तरी
[B] पूर्वी
[C] पश्चिमी
[D] दक्षिणी

[read more] [D] दक्षिणी [/read]

30. दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे बड़ा दिन है-

[A] 22 दिसम्बर
[B] 22 जून
[C] 21 मार्च
[D] 22 सितम्बर

[read more] [A] 22 दिसम्बर [/read]

31. दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन होता है।

[A] 22 नवंबर
[B] 22 दिसंबर
[C] 22 मार्च
[D] 21 जून

[read more] [D] 21 जून [/read]

32. उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन कौन-सा है?

[A] 21 मार्च
[B] 21 सितंबर
[C] 21 जून
[D] 21 अप्रैल

[read more] [C] 21 जून [/read]

33. उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन होता है।

[A] 22 नवंबर
[B] 22 दिसंबर
[C] 22 मार्च
[D] 22 जून

[read more] [B] 22 दिसंबर [/read]

34. वर्ष का सबसे बड़ा दिन कौन-सा होता है?

[A] 21 जून
[B] 21 मई
[C] 22 दिसंबर
[D] 25 दिसंबर

[read more] [A] 21 जून [C] 22 दिसंबर [/read]

35. कौन सी तिथि को सबसे छोटे दिन और सबसे लम्बी रात के रुप में जाना जाता है?

[A] 23 सितम्बर
[B] 3 जनवरी
[C] 22 दिसम्बर
[D] 24 सितम्बर

[read more] [C] 22 दिसम्बर [/read]

36. भारत निम्नलिखित में से किस गोलार्द्ध में स्थित है?

[A] उत्तरी और पूर्वी
[B] दक्षिणी और पूर्वी
[C] उत्तरी और पश्चिम
[D] उत्तरी और दक्षिणी

[read more] [A] उत्तरी और पूर्वी [/read]

37. भारत में सबसे छोटा दिन कब होता है?

[A] 23 सितम्बर
[B] 22 दिसम्बर
[C] 23 जून
[D] 23 अप्रैल

[read more] [B] 22 दिसम्बर [/read]

38. निम्न में किस दिन सूर्य और पृथ्वी के बीच सबसे कम दूरी होती है?

[A] 21 जून
[B] 22 दिसंबर
[C] 22 सितंबर
[D] 3 जनवरी

[read more] [D] 3 जनवरी [/read]

39. निम्नलिखित में से कौन-सा लीप वर्ष या अधिवर्ष था?

[A] 1100
[B] 1300
[C] 1900
[D] 2000

[read more] [D] 2000 [/read]

40. ‘मध्यरात्रि सूर्य’ का क्या अर्थ है?

[A] सांध्य प्रकाश
[B] उदीयमान सूर्य
[C] बहुत चमकदार चंद्रमा
[D] सूर्य का ध्रुवीय वृत्त में देर तक चमकना

[read more] [D] सूर्य का ध्रुवीय वृत्त में देर तक चमकना [/read]

41. निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में ‘मध्यरात्रि सूर्य’ को देखा जा सकता है?

[A] उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में
[B] उष्ण शीतोष्ण क्षेत्रों में
[C] आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में
[D] सूर्यग्रहण के समय कहीं भी

[read more] [C] आर्कटिक और अंटार्कटिक क्षेत्रों में [/read]

42. मध्य रात्रि का सूर्य इनमें से किस क्षेत्र में दिखायी देता है?

[A] भूमध्यसागरीय क्षेत्र में
[B] भूमध्यरेखीय क्षेत्र में
[C] आर्कटिक क्षेत्र में
[D] जापान से पूर्व में

[read more] [C] आर्कटिक क्षेत्र में [/read]

43. सूची-1 को सूची-11 के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

सूची-I (घटना) सूची-II (दिनांक)

a. ग्रीष्म संक्रांति 1. 21 जून

b. शीत संक्रांति 2. 22 दिसम्बर

c. बसन्त विषुव 3. 23 सितम्बर

d. शरद विषुव 4. 21 मार्च

कूट :

[A] a-1, b-2, c-4, d-3
[B] a-1, b-4, c-2, d-3
[C] a-3, b-2, c-4, d-1
[D] a-3, b-4, c-2, d-1

[read more] [A] a-1, b-2, c-4, d-3 [/read]

44. सूर्य ग्रहण के समय, निम्नलिखित में से कौन मध्य में रहता है?

[A] पृथ्वी
[B] चंद्रमा
[C] सूर्य
[D] कोई अन्य ग्रह

[read more] [B] चंद्रमा [/read]

45. सूर्य ग्रहण कब होता है?

[A] जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी के बीच होता है
[B] जब पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य के बीच होता है
[C] जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में होता है
[D] जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी को जोड़ने वाली रेखा पर नहीं होता है

[read more] [C] जब चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी के बीच में होता है [/read]

46. प्रत्येक सूर्यग्रहण होता है-

[A] केवल अमावस्या के दिन
[B] केवल पूर्णिमा के दिन
[C] दोनों (A) तथा (B)
[D] न (A) न ही (B)

[read more] [A] केवल अमावस्या के दिन [/read]

47. खग्रास (पूर्ण) सूर्यग्रहण केवल सीमित भू-क्षेत्र में ही दिखाई पड़ता है क्योंकि

[A] पृथ्वी की सतह सपाट नहीं है बल्कि उसमे उभार और अवनमन हे
[B] पृथ्वी के अनुप्रस्थ परिच्छेद की तुलना में पृथ्वी पर पड़ने वाली चंद्र की छाया का आकार छोटा होता है
[C] सूर्य के चारों ओर पृथ्वी का तथा पृथ्वी के चारों ओर चंद्र का प्रक्षेप पथ पूर्णतः वृत्ताकार नहीं है
[D] वायुमंडलीय अपवर्तन के कारण सूर्य की किरणे चंद्रछाया के अधिकांश परिधीय क्षेत्र तक पहुँच सकती है

[read more] [B] पृथ्वी के अनुप्रस्थ परिच्छेद की तुलना में पृथ्वी पर पड़ने वाली चंद्र की छाया का आकार छोटा होता है [/read]

48. सूर्य या चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की छाया कितने भाग में विभाजित हो जाती है?

[A] पांच भाग
[B] दो भाग
[C] चार भाग
[D] तीन भाग

[read more] [B] दो भाग [/read]

49. हीरक बलप, ईश्वर की आँख और बेती के मनके, निम्नलिखित प्राकृतिक घटनाओं में से किस एक के हिस्से है?

[A] पूर्वीय ज्योति
[B] सूर्यग्रहण
[C] तड़ित
[D] सौर आँधी

[read more] [B] सूर्यग्रहण [/read]

50. हीरक वलय एक दृश्य है जिसे देखा जा सकता है-

[A] पूर्ण सूर्यग्रहण के अंत में
[B] पूर्ण सूर्यग्रहण के आरम्भ में
[C] केवल पूर्णता पथचिन्ह के परिधीय क्षेत्रों पर
[D] केवल पूर्णता पथचिन्ह के केंद्रीय क्षेत्रों पर

[read more] [C] केवल पूर्णता पथचिन्ह के परिधीय क्षेत्रों पर [/read]

51. चन्द्रग्रहण तब होता है जबकि-

[A] सूर्य व चन्द्रमा के बीच पृथ्वी हो
[B] पृथ्वी व चन्द्रमा के बीच सूर्य हो
[C] सूर्य व पृथ्वी के बीच चन्द्रमा हो
[D] उक्त में से कोई भी अवस्था हो

[read more] [A] सूर्य व चन्द्रमा के बीच पृथ्वी हो [/read]

52. चंद्र ग्रहण के समय, निम्नलिखित में से कौन मध्य में रहता है?

[A] पृथ्वी
[B] चंद्रमा
[C] सूर्य
[D] कोई अन्य ग्रह

[read more] [A] पृथ्वी [/read]

53. कौन-सी परिस्थिति में चन्द्रग्रहण होता है-

[A] नव चन्द्र
[B] अर्द्ध चन्द्र
[C] पूर्ण चन्द्र
[D] उपर्युक्त में कोई नहीं

[read more] [C] पूर्ण चन्द्र [/read]

54. सूर्य और पृथ्वी के बीच चन्द्रमा कब आता है?

[A] चन्द्र ग्रहण
[B] सूर्य ग्रहण
[C] नक्षत्र दिन
[D] पूर्णिमा के दिन

[read more] [B] सूर्य ग्रहण [/read]

55. ग्रहण के दौरान पड़ने वाली छाया का सबसे काला भाग-

[A] प्रभामंडल
[B] प्रच्छाया
[C] उपच्छाया
[D] ब्लैक होल

[read more] [B] प्रच्छाया [/read]

56. सिजिगी (syzygy) क्या है?

[A] सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा की एक ही सीधी रेखा में स्थिति
[B] सूर्य तथा चंद्रमा के बीच पृथ्वी की स्थिति
[C] पृथ्वी के एक ही ओर सूर्य तथा चंद्रमा की स्थिति
[D] सूर्य और पृथ्वी से चंद्रमा की समकोणीय स्थिति

[read more] [A] सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा की एक ही सीधी रेखा में स्थिति [/read]

57. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?

[A] युति-वियुति बिन्दु (सिजिगी) संयोजन सूर्यग्रहण का कारण है।
[B] सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा की 180° कोण की एक सीधी रेखा की स्थिति युति-वियुति बिन्दु (सिजिगी) कहलाती है।
[C] युति-वियुति बिन्दु प्रतिकूलता चन्द्र ग्रहण का कारण है।
[D] युति-वियुति बिन्दु संयोजन केवल उपसौर के समय होता है।

[read more] [D] युति-वियुति बिन्दु संयोजन केवल उपसौर के समय होता है। [/read]

58. वसंत ज्वार तब आते हैं, जब

[A] चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक रेखा में होते हैं
[B] सूर्य पृथ्वी के सबसे निकट होता है
[C] चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर होता है
[D] पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के साथ समकोण पर होता है

[read more] [A] चंद्रमा, सूर्य और पृथ्वी एक रेखा में होते हैं [/read]

59. लघु ज्वार-भाटा होते हैं-

[A] प्रबल
[B] दुर्बल
[C] मध्यम
[D] अत्यंत प्रबल

[read more] [B] दुर्बल [/read]

60. बृहत ज्वार भाटा आता है-

[A] जब सूर्य तथा चन्द्रमा पृथ्वी से समकोण बनाते हैं।
[B] जब सूर्य, पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सीधी रेखा में होते है
[C] जब तेज हवा चलती है
[D] जब रात बहुत ठंडी होती है

[read more] [B] जब सूर्य, पृथ्वी तथा चन्द्रमा एक सीधी रेखा में होते है [/read]

61. सभी वृहत् ज्वारों में सबसे ऊँचा ज्वार किस समय घटित होता है?

[A] विषुव के साथ पूर्णिमा या अमावस्या
[B] दक्षिण अयनान्त के साथ पूर्णिमा या अमावस्या
[C] उत्तर अयनान्त के साथ पूर्णिमा या अमावस्या
[D] दक्षिण अयनान्त और वैसे ही उत्तर अयनान्त

[read more] [A] विषुव के साथ पूर्णिमा या अमावस्या [/read]

62. अप्रत्यक्ष उच्च ज्वार उत्पन्न होने का कारण है-

[A] सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल
[B] चन्द्रमा का गुरुत्वाकर्षण बल
[C] पृथ्वी का अपकेन्द्रीय बल
[D] पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण बल

[read more] [C] पृथ्वी का अपकेन्द्रीय बल [/read]

63. कथन I : ज्वार-भाटा, चंद्रमा और सूर्य के द्वारा लगने वाले गुरुत्वीय बल तथा पृथ्वी के घूर्णन के सम्मिलित प्रभावों के कारण समुद्री स्तरों में होने वाले उतार-चढ़ाव है।

कथन II : पृथ्वी, सूर्य के सापेक्ष 24 घंटे में एक बार पश्चिम से पूर्व की ओर घूर्णन करती है।

कूट:

[A] दोनों कथन व्यष्टितः सत्य है किन्तु कथन II, कपन I का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
[B] दोनों कथन व्यष्टितः सत्य है और कथन II, कथन I का सही स्पष्टीकरण है।
[C] कथन I सत्य है, किन्तु कथन II असत्य है।
[D] कथन I असत्य है, किन्तु कथन II सत्य है।

[read more] [A] दोनों कथन व्यष्टितः सत्य है किन्तु कथन II, कपन I का सही स्पष्टीकरण नहीं है। [/read]

64. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. लघु ज्वार भाटा तब आती है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक पंक्ति में होते हैं।

2. बृहत् ज्वार भाटा के दौरान तट के निकट जब तीव्र झंझा गुजरता है तो उच्च ज्वार पर, तरंगे ज्वारीय तरंगों का कारण बन सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/है?

[A] केवल 2
[B] केवल 1
[C] 1 और 2 दोनों
[D] न तो 1 और ही 2

[read more] [A] केवल 2 [/read]

65. निम्न प्रश्न में दो वक्तव्य है, एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है, इन वक्तव्यों का सावधानीपूर्वक परीक्षण कर इन प्रश्नों का उत्तर नीचे दिए कूट की सहायता से चुनिए-

कूट:

कथन (A): लघु ज्वार-भाटाओं के समय उच्च ज्वार सामान्य से निश्तर तथा निम्न ज्वार सामान्य से उच्चतर होता है।

कारण (R): लघु ज्वार भाटा बृहत ज्वार-भाटा के विपरीत पूर्ण चन्द्र के स्थान पर नव चन्द्र के समय होता है।

[A] A और R दोनों सही है और R, A का सही स्पष्टीकरण है
[B] A तथा R. दोनों सही है परन्तु R, A का सही स्पष्टीकरण नहीं है
[C] A सही है, परन्तु R गलत है
[D] A गलत है, परन्तु (R) सही है

[read more] [C] A सही है, परन्तु R गलत है [/read]

66. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. चंद्र समकोण स्थिति में लघु भाटा आता है।

2. चंद्र समकोण स्थिति के दौरान ज्वार भाटा उत्पन्न करने वाले बल एक-दूसरे के पूरक होते हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/है?

[A] केवल 2
[B] केवल 1
[C] 1 और 2 दोनों
[D] न तो 1 और न ही 2

[read more] [B] केवल 1 [/read]

67. महासागरों और समुद्रों में ज्वार-भाटाएँ किसके/किनके कारण होता/होते हैं?

1. सूर्य का गुरुत्वीय बल

2. चन्द्रमा का गुरुत्वीय बल

3. पृथ्वी का अपकेन्द्रीय बल

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

[A] केवल 2 और 3
[B] केवल 1
[C] केवल 1 और 3
[D] 1, 2 और 3

[read more] [D] 1, 2 और 3 [/read]

68. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:

 सूची-I (जननिक अवस्थाएँ) सूची-II (परिणामी ज्वारभाटा)

a. सूर्य और चन्द्रमा पृथ्वी से 1. बृहत् ज्वार-भाटा समकोण पर है

b. सूर्य चंद्रमा और पृथ्वी सरल 2. लघु ज्वार-भाटा रेखा में है

c. चन्द्रमा पृथ्वी के समीपतम है 3. अपभू ज्वार-भाटा

d. चन्द्रमा पृथ्वी से सबसे अधिक 4. भूमिनीच ज्वार-भाटा दूरी पर है।

कूट:

[A] a-2, b-4, c-1, d-3
[B] a-2, b-1, c-4, d-3
[C] a-3, b-4, c-1, d-2
[D] a-3, b-1, c-4, d-2

[read more] [B] a-2, b-1, c-4, d-3 [/read]

69. ‘ब्लू मून’ परिघटना होती है जब-

[A] एक ही कैलेण्डर वर्ष में दो लगातार माहों में चार पूर्णिमाएँ हो
[B] एक ही माह में दो पूर्णिमा हो
[C] एक ही केलंण्डर वर्ष में तीन बार एक ही माह में दो पूर्णिमाएँ हो
[D] उपरोक्त कोई नहीं

[read more] [B] एक ही माह में दो पूर्णिमा हो [/read]

70. उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों की जलवायु सामान्यतः गर्म होती है, क्योंकि ये …… क्षेत्र के आसपास स्थित होते हैं।

[A] ध्रुव
[B] दक्षिणी गोलार्द्ध
[C] अधिक ऊंचाई
[D] भूमध्य रेखा

[read more] [D] भूमध्य रेखा [/read]

71. ग्रह गति का केप्लर नियम बताता है कि कालावधि का वर्ग….. के बराबर है।

[A] अर्ध दीर्घ अक्ष
[B] अर्ध दीर्घ अक्ष के वर्ग
[C] अर्ध दीर्घ अक्ष के घन
[D] अर्ध दीर्घ अक्ष की चौथी के समानुपाती

[read more] [C] अर्ध दीर्घ अक्ष के घन [/read]

72. मौसम बदलने का क्या कारण है?

[A] पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाना
[B] पृथ्वी का अपनी धुरी पर घूमना (चक्कर लगाना) एवं सूर्य के चारों ओर घूमना (चक्कर लगाना)
[C] पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाना व अपने अक्ष पर झुका होना
[D] पृथ्वी का अपनी धूरी पर चक्कर लगाना व अपने अक्ष पर झुका होना

[read more] [C] पृथ्वी का सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाना व अपने अक्ष पर झुका होना [/read]

73. मौसम-परिवर्तन पृथ्वी की गति की किस विशिष्टता से होता है-

[A] पुरी पर 23½ अंश का झुकाव
[B] सूर्य के चारों ओर परिक्रमा
[C] ऊपर बताये गये (A) व (B) का सम्मिलित प्रभाव
[D] अपनी धुरी पर घूमना

[read more] [C] ऊपर बताये गये (A) व (B) का सम्मिलित प्रभाव [/read]

74. निम्नलिखित में से किसने सबसे पहले यह कहा था कि पृथ्वी गोलाकार है?

[A] कोपरनिकस
[B] अरस्तु
[C] टॉलमी
[D] स्ट्रेबो

[read more] [B] अरस्तु [/read]

75. निम्नलिखित में से किसने सुझाया था कि पृथ्वी का धुरी पर अवस्था बदलना जलवायु परिवर्तन के लिए एक कारक है?

[A] मिलुटिन मिलन कोलिच
[B] रॉबर्ट एक
[C] जॉर्ज सिम्पसन
[D] टी. सी. चैम्बरलिन

[read more] [A] मिलुटिन मिलन कोलिच [/read]

76. निकोलस कोपरनिकस प्रसिद्ध है?

[A] यह बताने के लिए कि ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं न कि पृथ्वी के
[B] दूरबीन के आविष्कार के लिए
[C] केलकुलस (Calculus) की खोज के लिए
[D] मानव शरीर को शल्प क्रिया का अध्ययन करने के लिए

[read more] [A] यह बताने के लिए कि ग्रह सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते हैं न कि पृथ्वी के [/read]

77. निम्न में से कौन जलवायु परिवर्तन के खगोलीय सिद्धान्तों से सम्बन्धित नहीं है?

[A] पृथ्वी की पूर्णन अक्ष की तिर्यकता (झुकाव)
[B] पृथ्वी की कक्षा की उत्केन्द्रता (अण्डाकार कक्षीय मार्ग)
[C] विषुव अयन (पृथ्वी की सूर्य से अपसौर या उपसौर की स्थिति)
[D] सौर किरणित ऊर्जा (सौर विकिरण)

[read more] [D] सौर किरणित ऊर्जा (सौर विकिरण) [/read]

78. पृथ्वी अपने कक्ष में लगभग 4400 किमी. प्रति घंटा की गति से घूमती है। इस तेज गति को हम अनुभव क्यों नहीं करते हैं?

[A] अपने कक्ष में पृथ्वी की गति की अपेक्षा में हमारी गति शून्य है।
[B] पृथ्वी के आकार की अपेक्षा में हम बहुत छोटे है।
[C] सम्पूर्ण सूर्य मंडल भी चलायमान है।
[D] पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण निरन्तर हमें पृथ्वी के केन्द्र की ओर खींचता है।

[read more] [D] पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण निरन्तर हमें पृथ्वी के केन्द्र की ओर खींचता है। [/read]

2. Solar System (सौरमंडल)

Solar System

(सौरमंडल)



सौरमंडल

     सूर्य तथा सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाने वाले विभिन्न ग्रहों, उपग्रहों, क्षुद्रग्रहों या लघुग्रहों, धूमकेतुओं या पुच्छलताराओं, उल्काओं तथा अन्य आकाशीय पिंडों के समूह को सौरमंडल (Solar system) कहते हैं।

➤ सौरमंडल में सूर्य का प्रभुत्व है, सौरमंडल के समस्त ऊर्जा का स्रोत भी सूर्य ही है।

Solar System

सौरमंडल की उत्पत्ति से सम्बंधित प्रमुख सिद्धांत

1. अद्वैतवादी संकल्पना (Monistic Concept):-

(i) वायव्य राशि परिकल्पना (1755)- इमैनुएल कांट

(ii) निहारिका परिकल्पना (1796)- लाप्लास

2. द्वैतवादी संकल्पना (Dualistic Concept):-

(i) ग्रहाणु परिकल्पना (1905)- टी०सी० चैम्बरलिन

(ii) ज्वारीय परिकल्पना (1919)– जेम्स जीन्स एवं जेफरीज

(iii) द्वैतारक परिकल्पना- एच० एन० रसेल

3. सुपर नोवा या नवतारा विस्फोट परिकल्पना (Nova Hypothesis):- फ्रेड होयल & लिटिलटन

4. बिग बैंग तथा स्फीति सिद्धान्त/ महाविस्फोट सिद्धांत- जॉर्ज लैमेण्टर

सूर्य (Sun)

     सूर्य हमारी आकाशगंगा के 1011 अरब तारों में से एक है, जिसे सौरमण्डल का जनक, प्रधान या मुखिया कहा जाता है। इस प्रकार सूर्य सौरमण्डल का सबसे बड़ा सदस्य है।

➤ यह हमारी आकाशगंगा दुग्धमेखला “(Milkyway) के केन्द्र से लगभग 30,000 प्रकाश वर्ष की दूरी (पृथ्वी से 14.96 करोड़ किमी. दूरी) पर स्थित है।

➤ सूर्य दुग्धमेखला आकाशगंगा के केन्द्र की 250 किमी. प्रति सेकेण्ड की गति से परिक्रमा कर रहा है।

➤ निरन्तर प्रवाहित सौर पवन (Solar Wind) सूर्य से निकलती रहती है। यह प्रवाहित पवन बराबर संख्या में इलेक्ट्रॉन एवं प्रोटॉन रखती है, जिसको प्लाज्मा (Plasma) कहा जाता है।

➤ सूर्य के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में 8 मिनट 16.6 सेकेण्ड का समय लगता है।

➤ सौर ज्वाला को उत्तरी ध्रुव पर औरोरा बोरियालिस और दक्षिणी ध्रुव पर औरोरा औस्ट्रेलिस कहते हैं।

➤ सूर्य का व्यास 13 लाख 92 हजार किमी है, जो पृथ्वी के व्यास का लगभग 110 गुना है।

➤ सूर्य हमारी पृथ्वी से 13 लाख गुना बड़ा है, और पृथ्वी को सूर्यताप का 2 अरबवां भाग मिलता है।

ब्रह्माण्ड वर्ष (Cosmos Year):-

       सूर्य का परिक्रमण काल (दुग्धमेखला के केन्द्र के चारों ओर एक चक्कर लगाने में लगा समय) लगभग 25 करोड़ वर्ष है, जिसे ब्रह्माण्ड वर्ष (Cosmos Year) कहते हैं।

➤ सूर्य अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है। इसका मध्य भाग 25 दिनों में व ध्रुवीय भाग 35 दिनों में एक घूर्णन पूरा करता है।

➤ सूर्य एक गैसीय गोला है, जिसमें हाइड्रोजन 71%, हीलियम 26.5% एवं अन्य तत्व 2.5% होता है।

➤ सूर्य का केन्द्रीय भाग क्रोड (Core) कहलाता है, जिसका ताप 1.5 करोड़ °C होता है तथा सूर्य के बाहरी सतह का तापमान 6000°C है।

➤ हैंस बेथ (Hans Bethe) ने बताया कि 1 करोड़ °C ताप पर सूर्य के केन्द्र पर चार हाइड्रोजन नाभिक मिलकर एक हीलियम नाभिक का निर्माण करता है। अर्थात् सूर्य के केन्द्र पर नाभिकीय संलयन होता है जो सूर्य की ऊर्जा का स्रोत है।

प्रकाशमंडल तथा वर्णमंडल:-

      सूर्य की दीप्तिमान सतह को प्रकाशमंडल (Photosphere) कहते हैं। प्रकाशमंडल के किनारे प्रकाशमान नहीं होते, क्योंकि सूर्य का वायुमंडल प्रकाश का अवशोषण कर लेता है। इसे वर्णमंडल (Chromosphere) कहते हैं। यह लाल रंग का होता है।

प्रकाशमंडल

वर्णमंडल

सूर्य-किरीट:-

     सूर्य ग्रहण के समय सूर्य के दिखाई देनेवाले बाह्यतम भाग को सूर्य-किरीट (Corona) कहते हैं। सूर्य-किरीट X-ray उत्सर्जित करता है। इसे सूर्य का मुकुट कहा जाता है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य-किरीट से प्रकाश की प्राप्ति होती है। सूर्य-किरीट का ताप इतना उच्च होता है कि, यह सूर्य से अलग होता दिखाई पड़ता है। सूर्य का गुरुत्वाकर्षण बल भी इनको सूर्य के साथ बाँधे रखने में अपर्याप्त होता है।

➤ सूर्य की कुल उम्र 10 बिलियन वर्ष है जिसमें शेष उम्र 5 बिलियन वर्ष और है।

➤ भविष्य में सूर्य द्वारा ऊर्जा देते रहने का समय 1011 वर्ष है।

सौर कलंक (Sun Spots):-

      यह प्रकाशमंडल में उत्पन्न होते हैं। गैलिलियो (Galileo) ने इन कलंको की खोज की थी। सौर कलंक के सर्वाधिक काले केन्द्रीय भाग को अम्ब्रा (Umbra) कहा जाता है। यह हल्के काले भाग पेनम्ब्रा (Penumbra) से घिरा होता है।

➤ समय के साथ सौर कलंकों की संख्या बदलती रहती है। इनकी संख्या 11 वर्ष की चक्रीय घटना के रूप में बढ़ती और घटती रहती है। इनका जीवन काल कुछ दिनों से कुछ महीनों का होता है।

➤ सूर्य के कलंकों का तापमान सूर्य के सतह के तापमान से 1500°C कम अर्थात् 4500°C होता है।

➤ सूर्य के धब्बों का एक पूरा चक्र 22 वर्षों का होता है; पहले 11 वर्षों तक यह धब्बा बढ़ता है और बाद के 11 वर्षों तक यह धब्बा घटता है। जब सूर्य की सतह पर कलंक दिखायी पड़ता है, उस समय पृथ्वी पर चुम्बकीय झंझावात (Magnetic Storm) उत्पन्न होते हैं। इससे चुम्बकीय सुई की दिशा बदल जाती है एवं रेडियो, टेलीविजन, विद्युत चालित यंत्र आदि में समस्या उत्पन्न हो जाती है।

ग्रह (Planets)

     सूर्य या किसी अन्य तारे के चारों ओर परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिण्ड को ग्रह कहते हैं। ये प्रकाशहीन होते हैं, जो सूर्य से प्राप्त परावर्तित प्रकाश से चमकते हैं। अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ के अनुसार, हमारे सौरमंडल में (सूर्य से दूरी के अनुसार व्यवस्थित) 8 ग्रह हैं- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण एवं वरुण।

➤ सामान्यतः सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर घड़ी की विपरीत दिशा (Anticlockwise) अर्थात् पश्चिम से पूर्व की ओर परिक्रमण करते हैं, परन्तु शुक्र और अरुण घड़ी की दिशा अर्थात् पूर्व से पश्चिम की ओर भ्रमण करते हुए सूर्य की परिक्रमा करते हैं।

➤ सूर्य की परिक्रमा की समयावधि सूर्य से ग्रहों की दूरी पर निर्भर करती है। अर्थात् जो ग्रह सूर्य से जितनी दूरी स्थित है उसकी परिक्रमा अवधि भी उतनी ही अधिक होगी। कोई ग्रह सूर्य के जितना समीप आता है, उसकी वेग और गति उतनी ही बढ़ जाती है।

➤ बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल एवं बृहस्पति ग्रहों पर हाइड्रोजन, हीलियम तथा मेथेन गैसें बड़ी मात्रा में विद्यमान हैं। इन पाँचों ग्रहों को नग्न आँख से देखा जा सकता है। परन्तु अन्य ग्रहों को खुली आँखों से नहीं देखा जा सकता।

ग्रहों के प्रकार

     ग्रहों को दो भागों में विभाजित किया गया है-

1. पार्थिव या आन्तरिक ग्रह (Terrestrial or Inner planet):

          पार्थिव ग्रह छोटे एवं ठोस होते हैं, जिसके अंतर्गत बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल को सम्मिलित किया जाता है। अर्थात् बुध, शुक्र, पृथ्वी एवं मंगल को पार्थिव ग्रह कहा जाता है क्योंकि ये पृथ्वी के सदृश होते हैं।

2. बृहस्पतीय/जोवियन या बाह्य ग्रह (Jovean or outer planet):

          जोवियन ग्रह बड़े एवं तरल अवस्था में होते हैं, जिनके अंतर्गत बृहस्पति, शनि, अरुण एवं वरुण को सम्मिलित किया जाता है।

सूर्य से दूरी के अनुसार ग्रहों का क्रम : बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण (यूरेनस) एवं वरुण (नेप्च्यून) यानी सूर्य के सबसे निकट का ग्रह बुध एवं सबसे दूर स्थित ग्रह वरुण है।

आकार के अनुसार ग्रहों का क्रम (घटते क्रम में) है : बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल एवं बुध अर्थात सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति एवं सबसे छोटा ग्रह बुध है।

बुध (Mercury):

➤ यह सूर्य का सबसे नजदीकी ग्रह है, जो सायंकालीन एवं ऊषाकालीन तारे के रूप में एक वर्ष में 3 बार दिखाई पड़ता है। यह सूर्य के निकलने के दो घंटे पहले दिखाई देता है।

➤ यह सबसे छोटा ग्रह है, जिसके पास कोई उपग्रह नहीं है।

➤ इसका सबसे विशिष्ट गुण है- इसमें चुम्बकीय क्षेत्र का होना।

➤ यह सूर्य की परिक्रमा सबसे कम समय में पूरी करता है। अर्थात यह सौरमंडल का सर्वाधिक कक्षीय गति वाला ग्रह है।

➤ बुध के सबसे पास से गुजरने वाले अंतरिक्ष यान (Space Probe) के द्वारा लिए गए चित्रों से पता चलता है कि, चन्द्रमा के समान इसकी सतह पर कई पर्वत, क्रेटर और मैदान हैं।

➤ यहाँ दिन अति गर्म व रातें बर्फीली होती हैं। इसका तापान्तर सभी ग्रहों में सबसे अधिक (600°C) है। इसका तापमान रात में -173°C व दिन में 427°C हो जाता है।

शुक्र (Venus):

➤ यह पृथ्वी का निकटतम, सबसे चमकीला एवं सबसे गर्म ग्रह है।

➤ भ्रंशघाटी, पर्वत, पठार एवं क्रेटर युक्त धरातल से यह निष्कर्ष निकलता है कि इसके, पृष्ठ पर भी प्लेट संचलन क्रिया का प्रभाव पड़ा है। परन्तु यह प्रभाव पृथ्वी से कम-गहन प्रतीत होता है। शुक्र ग्रह की उत्पत्ति 4.6 बिलियन वर्ष पूर्व हुई है।

➤ शुक्र का वायुमण्डल अत्यधिक मोटा है। इसके वायुमंडल का 90 प्रतिशत भाग 1 किमी. की ऊँचाई तक ही विस्तृत है। शुक्र की सतह का तापमान 462°C रहता है। इसके वायुमण्डल में 96 प्रतिशत कार्बन डाइऑक्साइड का संकेन्द्रण है।

➤ तापमान एवं कार्बन-डाईऑक्साइड की अधिकता के कारण इस ग्रह पर जीवन की संभावना अत्यधिक कम हो जाती है तथा यहाँ प्रेशर कुकर जैसी स्थिति पायी जाती है।

➤ इसे साँझ का तारा या भोर का तारा कहा जाता है, क्योंकि यह शाम में पश्चिम दिशा में तथा सुबह में पूरब की दिशा में आकाश में दिखाई पड़ता है।

➤ यह अन्य ग्रहों के विपरीत दक्षिणावर्त (clockwise) चक्रण करता है।

➤ इसे पृथ्वी का भगिनी ग्रह कहते हैं। यह घनत्व, आकार एवं व्यास में पृथ्वी के समान है।

➤ इसके पास कोई उपग्रह नहीं है।

मंगल (Mars):

➤ इसे लाल ग्रह (Red Planet) कहा जाता है।

➤ इसका रंग लाल, आयरन ऑक्साइड के कारण है।

➤ मंगल के वायुमण्डल में 95% कार्बन डाई ऑक्साइड, 1-3% नाइट्रोजन, 1-2% ऑर्गन तथा 0.1-0.4% ऑक्सीजन पायी जाती है। इसके वायुमंडल में ओजोन स्तर का अभाव पाया जाता है।

➤ यहाँ पृथ्वी के समान दो ध्रुव हैं तथा इसका कक्षातली 25° के कोण पर झुका हुआ है; जिसके कारण यहाँ पृथ्वी के समान ऋतु परिवर्तन होता है।

➤ इसके दिन का मान एवं अक्ष का झुकाव पृथ्वी के समान है।

➤ यह अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक बार पूरा चक्कर लगाता है।

➤ इसके दो उपग्रह हैं- फोबोस (Phobos) और डीमोस (Deimos)।

➤ सूर्य की परिक्रमा करने में इसे 687 दिन लगते हैं।

सौरमंडल का सबसे बड़ा ज्वालामुखी ओलिपस मेसी एवं सौरमंडल का सबसे ऊँचा पर्वत निक्स ओलम्पिया (Nix Olympia) जो माउंट एवरेस्ट से तीन गुना अधिक ऊँचा है, इसी ग्रह पर स्थित है

बृहस्पति (Jupiter):

➤ यह सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है। इसे अपनी धुरी पर चक्कर लगाने में 10 घंटा (सबसे कम) औ सूर्य की परिक्रमा कने में 12 वर्ष लगते हैं।

➤ इसके उपग्रह गैनिमेड सभी उपग्रहों में सबसे बड़ा है।

➤ इसका रंग पीला है।

➤ बृहस्पति के 95 उपग्रह हैं। 

➤ गैनिमीड इसके सभी उपग्रहों में से सबसे बड़ा (व्यास 5,260 किमी.) है। 

➤ इसमें 75% हाइड्रोजन, 24% हीलियम तथा 1% में भारी तत्वों की प्रधानता है।

➤ इसके ऊपर सफेद, नीले, लाल एवं पीले रंग के बादल के स्तर दिखायी देते हैं। इसके वायुमंडल की मोटाई 9656 किमी. है। बृहस्पति पर अनुमानित ऋणात्मक तापमान यह दर्शाता है कि इसका धरातल बर्फ से आच्छादित होगा।

शनि (Saturn)

➤ यह आकार में दूसरा सबसे बड़ा ग्रह है।

➤ इसकी विशेषता है- इसके तल के चारों ओर वलय का होना (मोटी प्रकाश वाली कुंडली)।

➤ वलय की संख्या- 7 है। यह आकाश में पीले तारे के समान दिखाई पड़ता है।

➤ बड़े आकार और उच्च उजलापन के कारण शनि ग्रह रात्रि में दिखाई देता है।

➤ इसके वायुमंडल में भी बृहस्पति के समान हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन और अमोनिया आदि गैसें उपस्थित हैं। बृहस्पति के समान यह भी विस्तृत बादलों को समाहित किए हुए है।

➤ इसकी संरचना सूर्य के समान है, जिसका आन्तरिक भाग 74 प्रतिशत हाइड्रोजन, 24 प्रतिशत हीलियम तथा 2 प्रतिशत भारी तत्वों से बना है।

➤ शनि को गैसों का गोला (Sphere of Gases) एवं गैलेक्सी के समान ग्रह (Galaxy Like Planet) भी कहा जाता है। यह आकाश में पीले तारे के समान दिखाई देता है।

➤ शनि के कुल 146 उपग्रह हैं। 

➤ सबसे अधिक उपग्रह शनि (146) के हैं।

➤ शनि का सबसे बड़ा उपग्रह टाइट है जो सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है। यह आकार में बुध के बराबर है।

➤ टाइटन की खोज 1665 में डेनमार्क के खगोलशास्त्री क्रिश्चियन हाइजोन ने की। यह एकमात्र ऐसा उपग्रह है जिसका पृथ्वी जैसा स्वयं का सघन वायुमंडल है।

➤ फोबे नामक शनि का उपग्रह इसकी कक्षा में घूमने की विपरीत दिशा में परिक्रमा करता है।

➤ इसका घनत्व सभी ग्रहों एवं जल से भी कम है। यानी इसे जल में रखने पर तैरने लगेगा।

अरुण (Uranus):

➤ यह आकार में तीसरा सबसे बड़ा ग्रह है। इसका तापमान लगभग-215°C है।

➤ इसकी खोज 1781 ई. में विलियम हर्शेल द्वारा की गयी है।

➤ शनि की भाँति अरुण के चारों ओर दस वलयों में पाँच वलयों का नाम- अल्फा (α), बीटा (β), गामा (γ), डेल्टा (δ) एवं इप्सिलॉन है।

➤ यह अपने अक्ष पर पूर्व से पश्चिम की ओर (दक्षिणावर्त) घूमता है, जबकि अन्य ग्रह पश्चिम से पूर्व की ओर (वामावर्त) घूमते हैं। यहाँ सूर्योदय पश्चिम की ओर एवं सूर्यास्त पूरब की ओर होता है। इसके सभी उपग्रह भी पृथ्वी की विपरीत दिशा में परिभ्रमण करते हैं।

➤ इस ग्रह पर वायुमंडल बृहस्पति और शनि की ही भाँति अधिक सघन है, जिसमें हाइड्रोजन, हीलियम, मीथेन एवं अमोनिया की प्रमुखता है।

➤ दूरदर्शी (Telescope) से देखने पर यह हरा दिखायी देता है। सूर्य से दूर होने के कारण यह अत्यधिक ठंडा है।

➤ यहाँ 300 से 400 मीटर प्रति सेकेण्ड की गति से प्रवाहित होने वाली हवाएँ भी पायी जाती हैं।

यह अपनी धुरी पर सूर्य की ओर इतना झुका हुआ है कि लेटा हुआ सा दिखलाई पड़ता है, इसलिए इसे लेटा हुआ ग्रह कहा जाता है।

➤ इसके कुल उपग्रहों की संख्या 27 है। इसका सबसे बड़ा उपग्रह टाइटेनिया (Titania) है।

वरुण (Neptune):

इसकी खोज 1846 ई. में जर्मन खगोलज्ञ जहाँन गाले ने की है।

➤ नई खगोलीय व्यवस्था में यह सूर्य से सबसे दूर स्थित ग्रह है।

➤ यह हरे रंग का ग्रह है। इसके चारों ओर अति शीतल मिथेन का बादल छाया हुआ है।

➤ इसके कुल उपग्रहों की संख्या 14 है। उपग्रहों में ट्रिटॉन (Triton) और मेरिड प्रमुख है।

➤ इस ग्रह का वायुमंडल अति सघन है, जिसके चारों ओर अतिशीतल मीथेन के बादल हैं। साथ ही, इसके वायुमंडल में अमोनिया हाइड्रोजन, हीलियम, एथेन आदि गैसें भी पायी जाती हैं।

➤ इसकी सतह का तापमान 218°C आँका गया है तथा इसका घनत्व एवं द्रव्यमान अरुण के समान है। इस प्रकार सम्भव है कि इसकी आन्तरिक संरचना भी अरुण के समान ही होगी। इसलिए अरुण और वरुण को जुड़वा ग्रह कहा जाता है।

पृथ्वी (Earth):

➤ पृथ्वी आकार में 5वाँ सबसे बड़ा ग्रह है। यह अपने अक्ष पर 23½º झुकी हुई है।

➤ यह सौरमंडल का एकमात्र ग्रह है, जिस पर जीवन है। 

➤ इसका एकमात्र उपग्रह चन्द्रमा है।

➤ इसका विषुवतीय व्यास 12,756 किमी. और ध्रुवीय व्यास 12,714 किमी. है।

➤ यह अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व 1,610 किमी० प्रति घंटा की चाल से 23 घंटे 56 मिनट और 4 सेकेण्ड में एक पूरा चक्कर लगाती है। पृथ्वी की इस गति को घूर्णन या दैनिक गति कहते हैं। इस गति से दिन-रात होते हैं।

➤ पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 365 दिन 5 घंटे 48 मिनट 46 सेकेण्ड (लगभग 365 दिन 6 घंटे) का समय लगता है। सूर्य के चतुर्दिक पृथ्वी के इस परिक्रमा को पृथ्वी की वार्षिक गति अथवा परिक्रमण गति कहते हैं। पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा करने में लगे समय को सौर वर्ष कहा जाता है। प्रत्येक सौर वर्ष, कैलेण्डर वर्ष से लगभग 6 घंटा बढ़ जाता है, जिसे हर चौथे वर्ष में लीप वर्ष बनाकर समायोजित किया जाता है। लीप वर्ष 366 दिन का होता है, जिसके कारण फरवरी माह में 28 के स्थान पर 29 दिन होते हैं।

➤ पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन, इसकी अक्ष पर झुके होने के कारण तथा सूर्य के सापेक्ष इसकी स्थिति में परिवर्तन यानी वार्षिक गति के कारण होती है। वार्षिक गति के कारण ही पृथ्वी पर दिन-रात छोटा-बड़ा होता है।

➤ आकार एवं बनावट की दृष्टि से पृथ्वी शुक्र के समान है।

➤ जल की उपस्थिति के कारण इसे नीला ग्रह भी कहा जाता है।

➤ इसका अक्ष इसकी कक्षा के सापेक्ष 66.5° का कोण बनाता है।

➤ सूर्य के बाद पृथ्वी के सबसे निकट का तारा प्रॉक्सिमा सेन्चुरी है, जो अल्फा सेन्चुरी समूह का एक तारा है। यह पृथ्वी से 4.22 प्रकाश वर्ष दूर है।

क्षुद्र ग्रह (Asteroids):-

        मंगल एवं बृहस्पति ग्रह की कक्षाओं के बीच कुछ छोटे-छोटे आकाशीय पिंड है जो सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं, उसे क्षुद्र ग्रह कहते हैं।

➤ खगोलशास्त्रियों के अनुसार ग्रहों के विस्फोट के फलस्वरूप टूटे टुकड़ों से क्षुद्र ग्रह का निर्माण हुआ है।

➤ क्षुद्र ग्रह जब पृथ्वी से टकराता है, तो पृथ्वी के पृष्ठ पर विशाल गर्त (लोनार झील-महाराष्ट्र) बनता है।

फोर वेस्टा एकमात्र क्षुद्र ग्रह है जिसे नंगी आँखों से देखा जा सकता है।

उपग्रह (Satellite):-

        उपग्रह वे आकाशीय पिंड हैं, जो अपने ग्रहों के साथ-साथ सूर्य की भी परिक्रमा करते हैं। ग्रहों की भाँति इनकी भी अपनी चमक नहीं होती, अतः ये भी सूर्य के प्रकाश से ही प्रकाशित होते हैं।

➤ ग्रहों के समान उपग्रहों का भ्रमण पथ भी परवलयाकार (Parabolic) होता है।

➤ बुध और शुक्र का कोई उपग्रह नहीं है।

➤ सबसे अधिक उपग्रह शनि (146) के हैं।

➤ पृथ्वी का एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह चन्द्रमा है।

सौर मंडल में उपग्रहों की स्थिति
क्रम ग्रह उपग्रह की संख्या
1. बुध 0
2. शुक्र 0
3. पृथ्वी 1
4. मंगल 2
5. बृहस्पति 95
6. शनि 146
7. अरुण 27
8. वरुण 14

चन्द्रमा (Moon):-

➤ चन्द्रमा की सतह और उसकी आन्तरिक स्थिति का अध्ययन करने वाला विज्ञान सेलेनोलॉजी कहलाता है।

➤ चन्द्रमा एवं पृथ्वी के बीच की औसतन दूरी 3,84,365 किमी० है।

➤ चन्द्रमा पर काले धब्बे वाले क्षेत्र (धूल के मैदान) को शान्ति सागर कहते हैं। यह चन्द्रमा का पिछला भाग है, जो अंधकारमय होता है।

➤  चन्द्रमा पर वायुमंडल नहीं है तथा बादल भी नहीं दिखते हैं। इसका आन्तरिक भाग ठंडा है। इसके ऊपर अनेक ज्वालामुखी और उससे बने क्रेटर पाये गये हैं।

➤ चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर स्थित लीबनिज पर्वत (10,668 मीटर) चन्द्रमा का उच्चतम पर्वत है। चन्द्रमा को जीवाश्म ग्रह भी कहा जाता है।

➤ चन्द्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा लगभग 27 दिन 8 घंटे में पूरी करता है और इतने ही समय में अपने अक्ष पर एक घूर्णन करता है। यही कारण है कि चन्द्रमा का सदैव एक ही भाग दिखाई पड़ता है।

➤  हम पृथ्वी से चन्द्रमा का लगभग 57% भाग को ही देख सकते हैं।

➤ चन्द्रमा का अक्ष तल पृथ्वी के अक्ष के साथ 58.48° का अक्ष कोण बनाता है। चन्द्रमा पृथ्वी के अक्ष के लगभग समानान्तर है। इसका परिक्रमण पथ भी दीर्घ वृत्ताकार है।

➤ चन्द्रमा का व्यास 3,480 किमी० तथा द्रव्यमान, पृथ्वी के द्रव्यमान का लगभग 1/81 है।

➤ सूर्य के संदर्भ में चन्द्रमा की परिक्रमा की अवधि 29.53 दिन (29 दिन, 12 घंटे, 44 मिनट और 2.8 सेकेण्ड) होती है। इस समय को एक चन्द्रमास या साइनोडिक मास कहते हैं।

➤ नाक्षत्र समय के दृष्टिकोण चन्द्रमा लगभग 27½ दिन में पुनः उसी स्थिति में होता है।  27½ दिन, (27दिन, 7 घंटे, 43 मिनट और 11.6 सेकेण्ड) की यह अवधि एक नाक्षत्र मास कहलाती है।

➤ ज्वार उठने के लिए अपेक्षित सौर एवं चन्द्रमा की शक्तियों का अनुपात 11 : 5 है।

➤ अपोलो के अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा लाये गये चट्टानों से पता चला है कि चन्द्रमा भी उतना ही पुराना है जितना पृथ्वी (460 करोड़ वर्ष)। इन चट्टानों में टाइटेनियम अधिक मात्रा में है।

सुपर मून (Super Moon):-

      जब चन्द्रमा पृथ्वी के सबसे निकट होता है, तो उस स्थिति को सुपर मून कहते हैं। इसे पेरिजी फुल मून भी कहते हैं। इसमें चाँद 14% ज्यादा बड़ा तथा 30% अधिक चमकीला दिखाई पड़ता है।

ब्लू मून (Blue Moon):-

      जब एक कैलेण्डर माह में दो पूर्णिमाएँ हों, तो दूसरी पूर्णिमा का चाँद ब्लू मून कहलाता है। इसका नीले रंग से कोई संबंध नहीं है। वास्तविक में इसका मुख्य कारण दो पूर्णिमाओं के बीच अंतराल 31 दिनों से कम होना है। ऐसा दो-तीन साल पर एक बार होता है। अगस्त, 2012 ई. में दो पूर्णिमा (2 व 31 अगस्त) देखे गये। इनमें से 31 अगस्त के पूर्णिमा को ब्लू मून कहा गया। जनवरी (2 व 31 जनवरी) 2018 में ब्लू मून की स्थिति देखी गई।

ब्लू मून ईयर (Blue Moon Year):-

जब किसी वर्ष विशेष में दो या अधिक माह ब्लू मून के होते हैं तो उसे ब्लू मून ईयर कहा जाता है। वर्ष 2018 को ब्लू मून ईयर कहा जाता है।

ब्लड मून (Blood Moon):-

      जब पृथ्वी, चन्द्रमा पर पूर्ण छाया डालती है तब, पूर्ण चन्द्रग्रहण की स्थिति उत्पन्न होती है। इसमें चन्द्रमा का रंग लाल हो जाता है। इसे ही ब्लड मून (रक्त चन्द्र) कहा जाता है।

धूमकेतु (Comet):-

       सौरमंडल के छोर पर बहुत ही छोटे-छोटे अरबों पिंड विद्यमान हैं, जो धूमकेतु या पुच्छल तारे कहलाते हैं।

➤ यह गैस एवं धूल का संग्रह है।

➤ पुच्छल तारे कई वर्षों के पश्चात् जब सूर्य के पास से गुजरते हैं तो इनका तापमान बढ़ने के कारण इनसे गैसों की फुहारें निकलती हैं, जो एक लंबी चमकीली पूँछ के समान प्रतीत होती हैं। कभी-कभी ये पूँछ लाखों किमी. तक लंबी होती है।

➤ जब पुच्छल तारे सूर्य के नजदीक (सबसे कम दूरी पर) पहुँचते हैं, तो सूर्य की तीव्र ऊष्मा और ज्वारीय बल के कारण अपने कुछ पदार्थों को खो देते हैं। परिणामतः या तो ये समाप्त हो जाते हैं या शूमेकर की तरह विखण्डित हो जाते हैं।

➤ धूमकेतु की पूँछ हमेशा सूर्य से दूर होता दिखाई देता है।

➤ सूर्य के चारों ओर लम्बी परंतु अनियमित कक्षा में घूमते है।

➤ खगोलशास्त्रियों के अनुसार, सौरमंडल में लगभग 1 लाख धूमकेतु विचरण कर रहे हैं।

➤ धूमकेतु हमेशा के लिए टिकाऊ नहीं होते, फिर भी इनके लौटने का समय निश्चित होता है।

➤ हैले नामक धूमकेतु का परिक्रमण काल 76 वर्ष है, यह अंतिम बार 1986 ई. में दिखाई दिया था। अगली बार यह 1986 + 76=2062 में दिखाई देगा।

उल्का (Meteors) एवं उल्कापिंड (Meteoroids)

उल्का (Meteors):-

         उल्काएँ प्रकाश की चमकीली धारी के रूप में देखते हैं जो आकाश में क्षणभर के लिए चमकती हैं और लुप्त हो जाती हैं।

➤ उल्काएँ क्षुद्र ग्रहों के टुकड़े तथा धूमकेतुओं द्वारा पीछे छोड़े गये धूल के कण होते हैं।

➤ कभी-कभी ये पृथ्वी के वायुमण्डल में प्रवेश कर जाते हैं। धूल व गैस निर्मित ये पिंड जब वायुमंडल में प्रवेश करते हैं तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण के कारण तेजी से पृथ्वी की ओर आकर्षित होते हैं तथा वायुमंडलीय घर्षण से चमकने लगते हैं। इसलिए इन्हें टूटता हुआ तारा (Shooting Star) कहा जाता है।

➤ पृथ्वी के धरातल से 80 किमी की ऊँचाई तक पहुँचते-पहुँचते लगभग सभी उल्का घर्षित होकर पूर्णतः नष्ट हो जाते हैं।

उल्कापिंड (Meteoroids):-

➤ जब उल्का जलकर नष्ट न होकर एक पिण्ड के रूप में पृथ्वी पर आ गिरता है, तब उसे उल्कापिंड या उल्काश्म कहते हैं। पृथ्वी की सतह पर मिलने वाला सबसे बड़ा उल्कापिंड होबा वेस्ट है, जो नामीबिया के ग्रूटफोन्टीन के पास पाया गया है। पृथ्वी की सतह पर मिलने वाले उल्का का अवशिष्ट गोला ग्लासी पदार्थ टेक्टाइट कहलाता है।

➤ पृथ्वी के धरातल पर भारी उल्कापिंडों के गिरने से उल्कापातीय क्रेटर का निर्माण होता है। संयुक्त राज्य अमेरिका के एरिजोना में विन्सलों के पास बैरिगर क्रेटर विश्व का सर्वाधिक प्रसिद्ध उल्कापाती क्रेटर है।

➤ भारत में महाराष्ट्र के बुल्ढ़ाना जिले की लोनार झील भी एक उल्कापातीय क्रेटर झील का उदाहरण है, जिसका व्यास 1.5 किमी. तथा गहराई 100 मीटर है।

सौर परिवार एक नजर में

ग्रह   घूर्णन काल परिक्रमण काल उपग्रहों की संख्या
बुध 58.6 दिन 88.0 दिन 0
शुक्र 243 दिन 224.7 दिन 0
पृथ्वी 23.9 घंटे 365.26 दिन 1
मंगल 24.6 घंटे 687.0 दिन 2
बृहस्पति 9.9 घंटे 11.9 वर्ष 95
शनि 10.3 घंटे 29.5 वर्ष 146
अरुण 17.2 घंटे 84.0 वर्ष 27
वरुण 16.1 घंटे 164.8 वर्ष 14


सौरमंडल से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. प्रथमतः सौरमण्डल के बारे में विश्व के समक्ष जानकारी प्रस्तुत करने का श्रेय किस विद्वान को है?

[A] गैलीलियो
[B] स्ट्रैबो
[C] कॉपरनिकस
[D] केप्लर

[read more] [C] कॉपरनिकस [/read]

2. सूर्य के चारों ओर घूमने वाले खगोलीय पिण्ड क्या कहलाते हैं?

[A] ग्रह
[B] उपग्रह
[C] क्षुद्रग्रह
[D] पुच्छल तारा

[read more] [A] ग्रह [/read]

3. किसी ग्रह के चारों ओर परिक्रमा करने वाले छोटे आकाशीय पिण्ड को क्या कहते हैं?

[A] ग्रह
[B] उपग्रह
[C] क्षुद्रग्रह
[D] सौर तारा

[read more] [B] उपग्रह [/read]

4. ग्रहों की गति का नियम किसने प्रतिपादित किया?

[A] न्यूटन
[B] केप्लर
[C] कॉपरनिकस
[D] गैलीलियो

[read more] [B] केप्लर [/read]

5. सौरमण्डल में कुल कितने ग्रह हैं?

[A] आठ
[B] नौ
[C] दस
[D] ग्यारह

[read more] [A] आठ [/read]

6. सूर्य से बढ़ती दूरी के अनुसार ग्रहों का निम्न में से कौन-सा क्रम सही है?

[A] बुध, शुक, पृथ्वी, मंगल
[B] बुध, पृथ्वी, मंगल, शुक्र
[C] बुध, मंगल, पृथ्वी, शुक्र
[D] बुध, मंगल, शुक्र, पृथ्वी

[read more] [A] बुध, शुक, पृथ्वी, मंगल [/read]

7. पृथ्वी से बढ़ती दूरी के अनुसार ग्रहों का निम्न में से कौन-सा क्रम सही है?

[A] मंगल, शुक्र, बुध, बृहस्पति
[B] शुक्र, मंगल, बुध, बृहस्पति
[C] मंगल, शुक्र, बृहस्पति, बुध
[D] शुक्र, बुध, मंगल, बृहस्पति

[read more] [B] शुक्र, मंगल, बुध, बृहस्पति [/read]

8. आकार के अनुसार सौरमण्डल के ग्रहों का अवरोही क्रम है-

[A] बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल एवं बुध
[B] बृहस्पति, शनि, वरुण, अरुण, पृथ्वी, शुक्र, बुध एवं मंगल
[C] बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, बुध, मंगल एवं शुक्र
[D] बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, शुक्र, पृथ्वी, मंगल एवं बुध

[read more] [A] बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण, पृथ्वी, शुक्र, मंगल एवं बुध [/read]

9. उपग्रहों की संख्या के आधार पर सौरमण्डल के ग्रहों का सही अवरोही क्रम है-

[A] शनि, बृहस्पति, अरुण, वरुण
[B] शनि, बृहस्पति, वरुण, अरुण
[C] बृहस्पति, शनि, अरुण, वरुण
[D] बृहस्पति, शनि, वरुण, अरुण

[read more] [A] शनि, बृहस्पति, अरुण, वरुण [/read]

10. सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाते ग्रह का वेग-

[A] नियत रहता है
[B] अधिकतम होता है, जब सूर्य के समीप होता है
[C] अधिकतम होता है, जब सूर्य से दूर होता है
[D] कुछ नहीं कहा जा सकता है

[read more] [B] अधिकतम होता है, जब सूर्य के समीप होता है [/read]

11. अन्तरिक्ष में कु कितने तारामण्डल हैं?

[A] 87
[B] 88
[C] 89
[D] 90

[read more] [C] 89 [/read]

12. निक्स ओलम्पिया कोलम्पस पर्वत किस ग्रह पर स्थित है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] पृथ्वी
[D] मंगल

[read more] [D] मंगल [/read]

13. पार्थिव ग्रहों की संख्या कितनी है?

[A] 3
[B] 4
[C] 5
[D] 6

[read more] [B] 4 [/read]

14. निम्नलिखित में से कौन एक पार्थिव ग्रह नहीं है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] मंगल
[D] शनि

[read more] [D] शनि [/read]

15. बाह्य ग्रह या बृहस्पति सदृश ग्रहों की संख्या कितनी है?

[A] 4
[B] 3
[C] 5
[D] 6

[read more] [A] 4 [/read]

16. बृहस्पति सदृश ग्रहों में सम्मिलित नहीं है

[A] शनि
[B] अरुण
[C] वरुण
[D] मंगल

[read more] [D] मंगल [/read]

17. निम्नलिखित में से किन दो ग्रहों को छोड़कर शेष सभी ग्रह सूर्य के चारों और वामावर्त घूमते हैं?

[A] बुध और शुक्र
[B] अरुण और वरुण
[C] पृथ्वी और शुक्र
[D] शुक्र और अरुण

[read more] [D] शुक्र और अरुण [/read]

18. सौरमण्डल का जन्मदाता किसे कहा जाता है?

[A] सूर्य को
[B] बृहस्पति को
[C] पृथ्वी को
[D] शनि को

[read more] [A] सूर्य को [/read]

19. ब्रह्मण्ड में विस्फोटी तारा कहलाती है?

[A] धूमकेतु
[B] उल्का
[C] अभिनव तारा 
[D] लुब्धक

[read more] [C] अभिनव तारा [/read]

20. सौरमण्डल की खोज किसने की?

[A] कॉपरनिकस
[B] केप्लर
[C] आर्यभट्ट
[D] न्यूटन

[read more] [A] कॉपरनिकस [/read]

21. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रह नहीं है, जिसे प्राचीन भारतीय ग्रह मानते थे?

[A] सूर्य
[B] मंगल
[C] शुक्र
[D] शनि

[read more] [A] सूर्य [/read]

22. सूर्य के संगठन में सहायक गैस है-

[A] ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड
[B] हीलियम और ऑक्सीजन
[C] हीलियम और नाइट्रोजन
[D] हाइड्रोजन और हीलियम

[read more] [D] हाइड्रोजन और हीलियम [/read]

23. सूर्य के मध्य भाग को क्या कहा जाता है?

[A] समतापमंडल
[B] वर्णमंडल
[C] प्रकाशमंडल
[D] स्थलमंडल

[read more] [C] प्रकाशमंडल [/read]

24. सूर्य के ऊपर के भाग को क्या कहा जाता है?

[A] अधोमंडल
[B] वर्णमंडल
[C] प्रकाशमंडल
[D] समतापमंडल

[read more] [B] वर्णमंडल [/read]

25. सूर्य सदैव पूर्व में निकलता है क्योंकि-

[A] पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है
[B] पृथ्वी पूर्व से पश्चिम की ओर घूमती है
[C] इनमें से सभी
[D] यह पूर्व में स्थित है

[read more] [A] पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है [/read]

26. नार्वे में अर्द्धरात्रि के समय सूर्य कब दिखायी देता है?

[A] 21 मार्च
[B] 23 सितम्बर
[C] 21 जून
[D] 22 दिसम्बर

[read more] [C] 21 जून [/read]

27. एक ग्रह की अपने कक्ष में सूर्य से अधिकतम दूरी को क्या कहा जाता है?

[A] उपसौर
[B] अपसौर
[C] अपोजी
[D] पेरिजी

[read more] [B] अपसौर [/read]

28. एक ग्रह की अपने कक्ष में सूर्य से न्यूनतम दूरी को क्या कहा जाता है?

[A] उपसौर
[B] अपसौर
[C] अपोजी
[D] पेरिजी

[read more] [A] उपसौर [/read]

29. प्राचीन भारतीय ज्योतिष शास्त्र में निम्न में से किसे एक ग्रह के रूप में मान्यता प्राप्त थी?

[A] यम
[B] बृहस्पति
[C] सूर्य
[D] मंगल

[read more] [C] सूर्य [/read]

30. सूर्य के धरातल का तापमान लगभग कितना होता है?

[A] 3,000°C
[B] 5,000°C
[C] 4,000°C
[D] 6,000°C

[read more] [D] 6,000°C [/read]

31. मध्य रात्रि का सूर्य किस क्षेत्र में दिखायी देता है?

[A] भूमध्यसागरीय क्षेत्र में
[B] आर्कटिक क्षेत्र में
[C] जापान से पूर्व के क्षेत्र में
[D] भूमध्यरेखीय क्षेत्र में

[read more] [B] आर्कटिक क्षेत्र में [/read]

32. सूर्य में ‘काला धब्बा’ क्या है?

[A] दिन के दौरान धब्बे ऊर्जा के स्रोत होते हैं
[B] सूर्य में एक बड़ा काला छेद है
[C] धब्बे वे स्थान हैं जो प्रकाश उत्सर्जित करने में असमर्थ हैं
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [C] धब्बे वे स्थान हैं जो प्रकाश उत्सर्जित करने में असमर्थ हैं , सूर्य के काले धब्बे (Sunspots) वास्तव में ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ तापमान आसपास के भागों की तुलना में कम होता है, इसलिए वे कम प्रकाश उत्सर्जित करते हैं और काले दिखाई देते हैं। [/read]

33. सूर्य के रासायनिक मिश्रण में हाइड्रोजन का प्रतिशत कितना है?

[A] 71 %
[B] 61 %
[C] 75 %
[D] 54 %

[read more] [A] 71 % [/read]

34. निम्नलिखित में से कौन एक तारा है?

[A] चन्द्रमा
[B] शुक्र
[C] पृथ्वी
[D] सूर्य 

[read more] [D] सूर्य [/read]

35. सूर्य पृष्ठ पर लगभग कितना तापमान होता है?

[A] 800°C
[B] 600°C
[C] 6000°C
[D] 1000°C

[read more] [C] 6000°C [/read]

36. सूर्य के सबसे दूर कौन-सा ग्रह है?

[A] प्लूटो
[B] बुध
[C] बृहस्पति
[D] वरुण

[read more] [D] वरुण [/read] 

37. सूर्य प्रकाश धरती तक पहुँचने में कितने मिनट लेता है?

[A] 8.3
[B] 7.3
[C] 9.4
[D] 10

[read more] [A] 8.3 [/read]

38. कौन-सा ग्रह सूर्य के सबसे निकट स्थित है?

[A] मंगल
[B] बुध
[C] शुक्र
[D] पृथ्वी

[read more] [B] बुध [/read]

39. बुध (Mercury) सूर्य का एक चक्कर लगाने में कितना समय लेता है?

[A] 88 दिन
[B] 76 दिन
[C] 80 दिन
[D] 66 दिन

[read more] [A] 88 दिन [/read]

40. किस ग्रह में चन्द्रमा की तरह कलाएँ होती है?

[A] बुध
[B] मंगल
[C] शनि
[D] बृहस्पति

[read more] [A] बुध [/read

41. दो ग्रह जिनके उपग्रह नहीं हैं, वे हैं

[A] पृथ्वी और बृहस्पति
[B] शुक्र और शनि
[C] बुध और शुक्र
[D] शुक्र और मंगल

[read more] [C] बुध और शुक्र [/read]

42. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रह सूर्य का चक्कर सबसे कम समय में लगाता है?

[A] बुध
[B] पृथ्वी
[C] मंगल
[D] शुक्र

[read more] [A] बुध [/read]

43. सबसे तीव्र गति से सूर्य का चक्कर लगाने वाला ग्रह है-

[A] बुध
[B] पृथ्वी
[C] बृहस्पति
[D] शनि

[read more] [A] बुध [/read]

44. निम्नलिखित में से किस ग्रह की परिभ्रमण गति सबसे अधिक है?

[A] बृहस्पति
[B] बुध
[C] शुक्र
[D] मंगल

[read more] [B] बुध [/read]

45. निम्नलिखित में से किस ग्रह का अक्षीय झुकाव सबसे अधिक है?

[A] शनि
[B] प्लूटो
[C] पृथ्वी
[D] बुध

[read more] [D] बुध [/read] 

46. चन्द्रमा के सदृश दिखायी देने वाला ग्रह है-

[A] बुध
[B] वरुण
[C] शुक्र
[D] मंगल

[read more] [A] बुध [/read]

47. सौरमण्डल का अत्यधिक तीव्र घूर्णन वाला ग्रह कौन है?

[A] बृहस्पति
[B] शुक्र
[C] बुध
[D] पृथ्वी

[read more] [A] बृहस्पति [/read]

48. निम्नलिखित में से किस ग्रह को ‘पृथ्वी की बहन’ कहा जाता है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] मंगल
[D] बृहस्पति

[read more] [B] शुक्र [/read]

49. किस ग्रह को शाम का तारा (Evening Star) कहा जाता है

[A] शुक्र
[B] पृथ्वी
[C] बुध
[D] मंगल

[read more] [A] शुक्र [/read]

50. निम्नलिखित में से कौन सबसे चमकदार ग्रह है?

[A] मरकरी
[B] वीनस
[C] मार्स
[D] नेपच्यून

[read more] [B] वीनस [/read]

51. सूर्य तथा पृथ्वी के निकटतम ग्रह क्रमशः कौन से हैं?

[A] बुध तथा शुक्र
[B] बुध तथा मंगल
[C] शुक्र तथा बुध
[D] बुध तथा बृहस्पति

[read more] [A] बुध तथा शुक्र [/read]

52. यूरोपवासी किस ग्रह की पूजा देवी के रूप में करते थे?

[A] शुक्र
[B] पृथ्वी
[C] बुध
[D] मंगल 

[read more] [A] शुक्र [/read]

53. सौरमण्डल का सर्वाधिक गर्म ग्रह कौन है?

[A] मंगल
[B] बुध
[C] शुक्र
[D] पृथ्वी

[read more] [C] शुक्र [/read]

54. पृथ्वी से निकटतम दूरी पर स्थित ग्रह है-

[A] मंगल
[B] बुध
[C] शुक्र
[D] पृथ्वी

[read more] [C] शुक्र [/read]

55. निम्नलिखित में से किस ग्रह को ‘सुबह का तारा’ कहा जाता है?

[A] मंगल
[B] बृहस्पति
[C] शुक्र
[D] शनि

[read more] [C] शुक्र [/read]

56. निम्नलिखित ग्रहों में से किसे ‘सौन्दर्य का देवता’ कहा जाता है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] बृहस्पति
[D] मंगल

[read more] [B] शुक्र [/read]

57. बिना उपग्रह वाले ग्रह हैं-

[A] बुध और शनि
[B] बुध और मंगल
[C] मंगल और शुक्र
[D] बुध और शुक्र

[read more] [D] बुध और शुक्र [/read]

58. निम्नलिखित में से किस ग्रह की कक्षा पृथ्वी के सबसे अधिक नजदीक है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] बृहस्पति
[D] मंगल

[read more] [B] शुक्र [/read]

59. वे कौन से ग्रह हैं जिनके चारों ओर परिक्रमा करने वाले उपग्रह नहीं है?

[A] मंगल और शुक्र
[B] मंगल और बुध
[C] बुध और शुक्र
[D] नेप्ट्यून और यूरेनस

[read more] [C] बुध और शुक्र [/read]

60. सबसे अधिक चमकने वाला ग्रह है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] बृहस्पति
[D] मंगल

[read more] [B] शुक्र [/read]

61. पृथ्वी की आकृति सर्वोत्तम ढंग से किस शब्द से स्पष्ट की जा सकती है?

[A] चतुष्फलक से
[B] विषुवत रेखा से
[C] नारंगी से
[D] लध्वक्ष गोलाभ से

[read more] [D] लध्वक्ष गोलाभ से , पृथ्वी ध्रुवों पर थोड़ी चपटी और विषुवत रेखा पर उभरी हुई है, इसलिए इसकी आकृति को सर्वोत्तम रूप में लध्वक्ष गोलाभ (Oblate Spheroid) कहा जाता है।[/read]

62. पृथ्वी सूर्य के परितः अपनी कक्षा में लगभग किस गति से चक्कर लगाती है?

[A] 5° प्रतिदिन
[B] 1° प्रतिदिन
[C] 2° प्रतिदिन
[D] 3° प्रतिदिन

[read more] [B] 1° प्रतिदिन [/read]

63. सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के परिभ्रमण की चाल-

[A] वर्ष भर एकसमान रहती है।
[B] अधिकतम होती है जब पृथ्वी सूर्य के निकटतम होती है।
[C] अधिकतम होती है जब पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी पर होती है।
[D] न्यूनतम होती है जब पृथ्वी सूर्य के निकटतम होती है।

[read more] [B] अधिकतम होती है जब पृथ्वी सूर्य के निकटतम होती है। [/read]

64. पृथ्वी के भ्रमण की गति है-

[A] 28 किमी०/मिनट
[B] 31 किमी०/मिनट
[C] 25 किमी०/मिनट
[D] 39.5 किमी/मिनट

[read more] [A] 28 किमी०/मिनट [/read] 

65. भूमध्य रेखा पर पृथ्वी का व्यास है लगभग-

[A] 12,800 किमी०
[B] 25,000 किमी०
[C] 20,000 किमी०
[D] 6,400 किमी०

[read more] [A] 12,800 किमी० [/read] 

66. सूर्य की परिक्रमा के दौरान पृथ्वी सूर्य से अधिकतम दूरी पर किस महीने में होती है?

[A] मार्च
[B] जुलाई
[C] सितम्बर
[D] जनवरी

[read more] [B] जुलाई [/read]

67. पृथ्वी को उपसौर (Perihelion) स्थिति किस महीने में होती है?

[A] जून
[B] जनवरी
[C] सितम्बर
[D] मार्च

[read more] [B] जनवरी [/read]

68. ऋतुएँ क्यों होती है?

[A] पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण 
[B] पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिभ्रमण के कारण
[C] पृथ्वी के अक्ष के झुकाव के कारण
[D] पृथ्वी की आकृति के कारण

[read more] [B] पृथ्वी के सूर्य के चारों ओर परिभ्रमण के कारण [/read]

69. गोलाभ पृथ्वी ध्रुवों पर चपटी होती है यह इस तथ्य से स्पष्ट सिद्ध होता है-

[A] पृथ्वी का भार ध्रुवों पर सर्वाधिक तथा विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है।
[B] पदार्थ का भार ध्रुवों पर न्यूनतम तथा विषुवत रेखा पर सर्वाधिक होता है।
[C] पदार्थ का भार ध्रुवों तथा विषुवत रेखा पर समान होता है।
[D] ध्रुवों पर पदार्थ अपना भार खो देता है।

[read more] [A] पृथ्वी का भार ध्रुवों पर सर्वाधिक तथा विषुवत रेखा पर न्यूनतम होता है। [/read]

70. पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमती है-

[A] पूर्व से पश्चिम
[B] उत्तर से दक्षिण
[C] पश्चिम से पूर्व
[D] दक्षिण से उत्तर

[read more] [C] पश्चिम से पूर्व [/read]

71. आकार की दृष्टि से सौरमण्डल में पृथ्वी का कौन-सा स्थान है?

[A] तीसरा
[B] चौथा
[C] पाँचवाँ
[D] छठा

[read more] [C] पाँचवाँ [/read]

72. नीला ग्रह (Blue Planet) के नाम से जाना जाता है-

[A] मंगल
[B] शुक्र
[C] पृथ्वी
[D] यूरेनस

[read more] [C] पृथ्वी [/read]

73. परिक्रमा पथ में पृथ्वी के दोनों ओर रहने वाले ग्रह हैं-

[A] मंगल और बृहस्पति
[B] शुक्र और शनि
[C] बुध और शुक्र
[D] मंगल और शुक्र

[read more] [D] मंगल और शुक्र [/read]

74. सूर्य और पृथ्वी के मध्य न्यूनतम दूरी होती है-

[A] 22 दिसम्बर को
[B] 21 जून को
[C] 4 जुलाई
[D] 3 जनवरी को

[read more] [D] 3 जनवरी को [/read]

75. सूर्य और पृथ्वी के मध्य अधिकतम दूरी होती है-

[A] 4 जुलाई
[B] 22 दिसम्बर
[C] 30 जनवरी
[D] 23 सितम्बर

[read more] [A] 4 जुलाई [/read]

76. पृथ्वी सूर्य के इर्द-गिर्द परिक्रमा करती है लगभग-

[A] 365.12 दिन में
[B] 365.50 दिन में
[C] 365.25 दिन में
[D] 365.75 दिन में

[read more] [C] 365.25 दिन में [/read]

77. पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है-

[A] मंगल
[B] रोहिणी
[C] चन्द्रमा
[D] आर्यभट्ट

[read more] [C] चन्द्रमा [/read]

78. दिन व रात होने का कारण है-

[A] पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन
[B] पृथ्वी की सापेक्ष सूर्य की गति
[C] पृथ्वी के अक्ष का झुकाव
[D] सूर्य के चारों ओर पृथ्वी का परिभ्रमण

[read more] [A] पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूर्णन [/read]

79. सूर्य के अतिरिक्त निकटतम सितारे से प्रकाश पृथ्वी तक पहुँचता है?

[A] 4.2 सेकण्ड
[B] 42 सेकण्ड
[C] 4.2 वर्ष
[D] 42 वर्ष

[read more] [C] 4.2 वर्ष [/read]

80. सूर्य से पृथ्वी की दूरी है

[A] 149 मिलियन किमी०
[B] 150 मिलियन किमी०
[C] 300 मिलियन किमी०
[D] 227 मिलियन किमी०

[read more] [A] 149 मिलियन किमी० [/read]

81 . पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है-

[A] 23 घंटे 51 मिनट 12 सेकण्ड
[B] 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकण्ड
[C] 23 घंटे 56 मिनट 12 सेकण्ड
[D] 24 घंटे 11 मिनट 49 सेकण्ड

[read more] [B] 23 घंटे 56 मिनट 4 सेकण्ड [/read]

82. पृथ्वी पर दिन-रात की अवधि समान होती है-

[A] ध्रुवों पर
[B] मकर रेखा पर
[C] भूमध्य रेखा पर
[D] कर्क रेखा पर

[read more] [C] भूमध्य रेखा पर [/read]

83. इक्विनॉक्स (Equinox) का तात्पर्य है, वह तिथि जब-

[A] दिन और रात समान अवधि के होते हैं।
[B] रात की अपेक्षा दिन लम्बे होते हैं।
[C] दिन की अपेक्षा रात लम्बी होती है।
[D] वर्ष के सबसे छोटे दिन एवं सबसे छोटी रात होती है।

[read more] [A] दिन और रात समान अवधि के होते हैं। [/read]

84. दक्षिणी गोलार्द्ध में सबसे लम्बा दिन कब होता है?

[A] 21 जून
[B] 21 मार्च
[C] 23 सितम्बर
[D] 22 दिसम्बर

[read more] [D] 22 दिसम्बर [/read] 

85. भू-कक्ष तल पर भू-अक्ष का झुकाव है-

[A] 90º
[B] 23½º
[C] 0º
[D] 66½º

[read more] [D] 66½º [/read]

86. पृथ्वी के उपग्रहों की संख्या कितनी है?

[A] आठ
[B] शून्य
[C] एक
[D] दो

[read more] [C] एक [/read]

87. 21 जून को दिन का प्रकाश उत्तरी ध्रुव पर दिखायी देता है-

[A] शून्य घण्टे
[B] 12 घण्टे
[C] 24 घण्टे
[D] 18 घण्टे

[read more] [C] 24 घण्टे [/read]

88. पृथ्वी के सबसे निकट स्थित ग्रह है

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] मंगल
[D] बृहस्पति

[read more] [B] शुक्र [/read]

89. दूरी की दृष्टि से तृतीय क्रम में कौन-सा ग्रह है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] पृथ्वी
[D] मंगल

[read more] [C] पृथ्वी [/read]

90. पृथ्वी अपने परिक्रमण मार्ग पर परिक्रमा करते हुए अपने अक्ष द्वारा कक्षा तल पर कितने डिग्री का कोण बनाती है?

[A] 90º
[B] 23½º
[C] 0º
[D] 66½º

[read more] [D] 66½º [/read]

91. निम्न में से किन तिथियों को सूर्य की किरणें विषुवत रेखा पर सीधी पड़ती है?

[A] वर्ष भर
[B] 23 सितम्बर
[C] 21 मार्च तथा 23 सितम्बर
[D] 21 मार्च

[read more] [C] 21 मार्च तथा 23 सितम्बर [/read]

92. निम्नलिखित में से कौन-सा तारा पृथ्वी के सर्वाधिक समीप है?

[A] ध्रुव तारा
[B] सूर्य
[C] अल्फा सेंचुरी
[D] लुब्धक

[read more] [B] सूर्य [/read]

93. यह किसने सर्वप्रथम प्रतिपादित किया कि सूर्य हमारे सौरमण्डल का केन्द्र है और पृथ्वी उसकी परिक्रमा करती है?

[A] न्यूटन
[B] पाणिनी
[C] गैलीलियो
[D] कॉपरनिकस

[read more] [D] कॉपरनिकस [/read]

94. पृथ्वी को गोलाकार बताने वाला प्रथम विद्वान था-

[A] कॉपरनिकस
[B] पाइथागोरस
[C] अरस्तू
[D] केप्लर

[read more] [B] पाइथागोरस [/read]

95. यदि पृथ्वी एवं अन्तरिक्ष के बीच से वायुमण्डल को हटा हुआ माना जाय तो आसमान का रंग कैसा होगा?

[A] नीला 
[B] लाल
[C] सफेद
[D] काला

[read more] [D] काला [/read]

96. पृथ्वी की परिधि है-

[A] 35,000 किमी०
[B] 45,000 किमी०
[C] 40,075 किमी ०
[D] 47,050 किमी०

[read more] [C] 40,075 किमी० [/read]

97. किस तिथि को उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे लम्बा दिन होता है?

[A] 21 जून
[B] 23 सितम्बर
[C] 22 दिसम्बर
[D] 21 मार्च

[read more] [A] 21 जून [/read]

98. किस तिथि को उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे छोटा दिन होता है?

[A] 21 जून
[B] 23 सितम्बर
[C] 22 दिसम्बर
[D] 21 मार्च

[read more] [C] 22 दिसम्बर [/read]

99. ध्रुवों पर दिन की अवधि होती है-

[A] तीन माह
[B] छह माह
[C] बारह माह
[D] नौ माह

[read more] [B] छह माह [/read] 

100. निम्नलिखित में से किस ग्रह का औसत घनत्व सबसे अधिक है?

[A] बृहस्पति
[B] मंगल
[C] पृथ्वी
[D] बुध

[read more] [C] पृथ्वी [/read]

101. सर्वप्रथम पृथ्वी की त्रिज्या मापने वाला विद्वान कौन था?

[A] टॉलमी
[B] इरैटोस्थनीज
[C] कॉपरनिकस
[D] गैलीलियो

[read more] [B] इरैटोस्थनीज [/read]

102. पृथ्वी का ध्रुवीय व्यास उसके विषुवतीय व्यास से कितना कम है?

[A] 25 किमी० 

[C] 80 किमी०
[D] 30 किमी०

[read more] [B] 43 किमी० [/read]

103. पृथ्वी का विषुवतीय व्यास लगभग कितना है?

[A] 12,700 किमी०
[B] 12,650 किमी०
[C] 12,750 किमी०
[D] 12,600 किमी०

[read more] [C] 12,750 किमी० [/read]

104. पृथ्वी को उसके काल्पनिक अक्ष पर घूमने को क्या कहते हैं?

[A] परिक्रमण
[B] घूर्णन
[C] कक्षा
[D] इनमें कोई नहीं

[read more] [B] घूर्णन [/read] 

105. पृथ्वी की अपनी कक्षा में गति है-

[A] पश्चिम से पूर्व
[B] पूर्व से पश्चिम
[C] दक्षिण से उत्तर
[D] उत्तर से दक्षिण

[read more] [A] पश्चिम से पूर्व [/read] 

106. पृथ्वी तथा सूर्य के मध्य सर्वाधिक दूरी किसके दौरान होती है?

[A] उत्तर अयनांत
[B] दक्षिण अयनांत
[C] अपसौर
[D] उपसौर

[read more] [C] अपसौर [/read]

107. ऋतुएँ निम्नलिखित के कारण होती है-

[A] पृथ्वी घूर्णन करती है
[B] सूर्य के चारों ओर पृथ्वी का परिक्रमण
[C] पृथ्वी का अक्ष से 66½º आनत है
[D] उपर्युक्त (B) और (C) दोनों

[read more] [B] सूर्य के चारों ओर पृथ्वी का परिक्रमण [/read]

108. पृथ्वी से आकार में छोटे ग्रह हैं-

[A] अरुण और मंगल
[B]  शुक्र और मंगल
[C] वरुण और शुक्र
[D] वरुण और मंगल

[read more] [B]  शुक्र और मंगल [/read]

109. निम्न में से किसने पहली बार कहा कि पृथ्वी गोल है?

[A] कॉपरनिकस
[B] अरिस्टोटल
[C] स्ट्राबो
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] अरिस्टोटल [/read]

110. पृथ्वी की धुरी है-

[A] झुकी हुई
[B] क्षैतिज
[C] वक्रीय
[D] उर्ध्वाधर

[read more] [A] झुकी हुई [/read]

111. पृथ्वी के अतिरिक्त किस ग्रह पर वायुमण्डल पाया जाता है?

[A] बुध
[B] बृहस्पति
[C] शुक्र
[D] मंगल

[read more] [D] मंगल [/read]

112. लाल रंग का दिखायी देने वाला ग्रह है-

[A] शुक्र
[B] शनि
[C] मंगल
[D] वरुण

[read more] [C] मंगल [/read]

113. पृथ्वी के अतिरिक्त किस ग्रह पर ऋतु परिवर्तन संभव है?

[A] अरुण
[B] वरुण
[C] मंगल
[D] बृहस्पति

[read more] [C] मंगल [/read]

114. पृथ्वी के अतिरिक्त किस ग्रह पर मानव उपस्थिति की सम्भावना है?

[A] मंगल
[B] शुक्र
[C] बुध
[D] शनि

[read more] [A] मंगल [/read]

115. प्रथम बार मंगल ग्रह पर उतरने वाला अन्तरिक्ष यान है

[A] मीर
[B] रोहिणी
[C] एडवेन्चर
[D] पाथ फाइण्डर

[read more] [D] पाथ फाइण्डर [/read]

116. किसमें पृथ्वी के अलावा अन्य जीवन की संभावना है, क्योंकि वहाँ का पर्यावरण जीवन के लिए बहुत अनुकूल है?

[A] बृहस्पति
[B] यूरोपा
[C] मंगल
[D] चन्द्रमा

[read more] [C] मंगल [/read]

117. एक ग्रह के दिन का मान और उसके अक्ष का झुकाव लगभग पृथ्वी के दिन के मान और झुकाव के तुल्य है-

[A] यूनेनस के विषय में
[B] शनि के विषय में
[C] नेपच्यून के विषय में
[D] मंगल के विषय में

[read more] [D] मंगल के विषय में [/read]

118. सौरमण्डल का सबसे छोटा उपग्रह कौन है?

[A] फोबोस
[B] डिमोस
[C] लेडा
[D] फार्डेलिया

[read more] [B] डिमोस [/read]

119. रात्रि को आकाश में कौन-सा ग्रह लाल दिखता है?

[A] बुध
[B] मंगल
[C] बृहस्पति
[D] शनि

[read more] [B] मंगल [/read]

120. सौरमण्डल का सबसे बड़ा ग्रह कौन है?

[A] बुध
[B] मंगल
[C] बृहस्पति
[D] शनि

[read more] [C] बृहस्पति [/read]

121. बृहस्पति ग्रह पर लाल धब्बे किस संकेत के सूचक हैं?

[A] गैस
[B] अशान्त बादल
[C] तरल पदार्थ
[D] भूमि

[read more] [B] अशान्त बादल [/read]

122. संयुक्त राज्य अमेरिका ने किस ग्रह की खोज के लिए गैलीलियो नामक अन्तरिक्ष यान भेजा था?

[A] मंगल
[B] बृहस्पति
[C] नेपच्यून
[D] शनि

[read more] [B] बृहस्पति [/read]

123. मैग्लन अभियान किस ग्रह से सम्बन्धित है?

[A] मंगल
[B] शनि
[C] बृहस्पति
[D] शुक्र

[read more] [C] बृहस्पति [/read]

124. शुमेकर लेवी-9 धूमकेतु किस ग्रह से टकराया था?

[A] मंगल
[B] शनि
[C] बृहस्पति
[D] शुक्र

[read more] [C] बृहस्पति [/read]

125. सूर्य के गिर्द एक परिक्रमा के लिए निम्न में से कौन-सा एक ग्रह अधिकतम समय लेता है?

[A] पृथ्वी
[B] मंगल
[C] बृहस्पति
[D] शुक्र

[read more] [C] बृहस्पति [/read]

126. सौरमण्डल का सबसे बड़ा उपग्रह निम्नलिखित में से कौन है?

[A] टाइटन
[B] मिराण्डा
[C] गेनीमेड
[D] चन्द्रमा

[read more] [C] गेनीमेड [/read]

127. निम्नलिखित ग्रहों में से किसके चारों ओर वलय है?

[A] वरुण
[B] शनि
[C] बृहस्पति
[D] शुक्र

[read more] [B] शनि [/read]

128. निम्नलिखित ग्रहों में से किस ग्रह के अधिकतम संख्या में प्राकृतिक उपग्रह है?

[A] नेप्च्यून
[B] शनि
[C] यूरेनस
[D] बृहस्पति

[read more] [B] शनि [/read] 

129. सौरमण्डल के बड़े उपग्रहों में से एक टाइटन निम्न में से किसका उपग्रह है?

[A] नेप्च्यून
[B] शनि
[C] यूरेनस
[D] बृहस्पति

[read more] [B] शनि [/read]

130. शनि ग्रह के कितने उपग्रह है?

[A] 45
[B] 21
[C] 146
[D] 95

[read more] [C] 146 [/read]

131. शनि ग्रह को सर्वप्रथम किस खगोलशास्त्री ने देखा था?

[A] गैलीलियो
[B] केप्लर
[C] टॉल्मी
[D] कॉपरनिकस

[read more] [A] गैलीलियो [/read]

132. नंगी आँखों द्वारा दिखने वाला सबसे दूर का ग्रह है-

[A] यूरेनस
[B] बृहस्पति
[C] शनि
[D] प्लूटो

[read more] [C] शनि [/read] 

133. शनि ग्रह के चारों ओर पाये जाने वाले वलयों की संख्या कितनी है?

[A] 7
[B] 8
[C] 10
[D] 12

[read more] [A] 7 [/read]

134. सौरमण्डल का सबसे कम घनत्व वाला ग्रह है-

[A] अरुण
[B] वरुण
[C] पृथ्वी
[D] शनि

[read more] [D] शनि [/read]

135. सौरमण्डल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह कौन है?

[A] अरुण
[B] वरुण
[C] शनि
[D] पृथ्वी

[read more] [C] शनि [/read]

136. शनि (Saturn) ग्रह का सबसे बड़ा उपग्रह है-

[A] टाइटन
[B] एटलस
[C] टेलेस्टो
[D] लापेट्स

[read more] [A] टाइटन [/read]

137. निम्न में से किस ग्रह के चारों ओर स्पष्ट वलय है?

[A] यूरेनस
[B] बृहस्पति
[C] मंगल
[D] शनि

[read more] [D] शनि [/read]

138. यूरेनस की खोज किसने की थी?

[A] हर्शेल
[B] गैलीलियो
[C] कॉपरनिकस
[D] केप्लर

[read more] [D] केप्लर [/read] 

139. कौन-सा ग्रह सर्वाधिक गैसों से घिरा हुआ है?

[A] बृहस्पति
[B] प्लूटो
[C] यूरेनस
[D] वीनस

[read more] [C] यूरेनस [/read] 

140. यूरेनस के कितने उपग्रह हैं?

[A] 15
[B] 27
[C] 12
[D] 23

[read more] [B] 27 [/read]

141. पश्चिम की ओर भ्रमण करने वाला ग्रह है-

[A] यम
[B] अरुण
[C] वरुण
[D] शनि

[read more] [B] अरुण [/read]

142. ओवेरान, टाइटेनिया, एरियल, अम्बरियल और मिराण्डा- ये पाँचों किस ग्रह के उपग्रह हैं?

[A] बृहस्पति
[B] अरुण
[C] वरुण
[D] मंगल

[read more] [B] अरुण [/read]

143. अपनी धुरी पर सूर्य की ओर अधिक झुकाव के कारण निम्न में से कौन-सा ग्रह ‘लेटा हुआ ग्रह’ के उपनाम से जाना जाता है?

[A] अरुण
[B] वरुण
[C] बृहस्पति
[D] शनि

[read more] [A] अरुण [/read]

144. यूरेनस सूर्य के चारों ओर एक चक्कर कितने वर्षों में लगाता है?

[A] 29 वर्ष
[B] 48 वर्ष
[C] 84 वर्ष
[D] 92 वर्ष

[read more] [C] 84 वर्ष [/read]

145. अन्य ग्रहों की अपेक्षा विपरीत दिशा में घूमने वाला ग्रह कौन-सा है?

[A] अरुण
[B] वरुण
[C] बृहस्पति
[D] प्लूटो

[read more] [A] अरुण [/read]

146. कौन-सा ग्रह हरे प्रकाश को उत्सर्जित करता है?

[A] बृहस्पति
[B] यूरेनस
[C] शुक्र
[D] वरुण

[read more] [D] वरुण [/read]

147. सौर परिवार के निम्न ग्रहों में से कौन-सा ग्रह सबसे अधिक ठंडा ग्रह है?

[A] नेप्ट्यून
[B] पृथ्वी
[C] मंगल
[D] बुध

[read more] [A] नेप्ट्यून [/read]

148. किस गैस की उपस्थिति के कारण वरूण ग्रह हरे रंग का दिखाई देता है?

[A] अमोनिया
[B] नाइट्रोजन
[C] हाइड्रोजन
[D] मीथेन

[read more] [D] मीथेन [/read]

149. निम्नलिखित में से कौन से दो ग्रह ‘सहोदर भाई’ के नाम से जाने जाते हैं?

[A] बुध और शुक्र
[B] बृहस्पति और शनि
[C] पृथ्वी और शुक्र
[D] अरुण और वरुण

[read more] [D] अरुण और वरुण [/read]

150. सौरमण्डल का सबसे छोटा ग्रह कौन है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] पृथ्वी
[D] मंगल

[read more] [A] बुध [/read]

151. निम्नलिखित में से कौन-सा ग्रह सूर्य और पृथ्वी दोनों से सर्वाधिक दूरी पर स्थित है?

[A] बुध
[B] नेप्ट्यून
[C] मंगल
[D] शनि

[read more] [B] नेप्ट्यून [/read]

152. वर्ष दीर्घतम होता है-

[A] बृहस्पति पर
[B] नेप्ट्यून पर
[C] पृथ्वी पर
[D] शनि पर

[read more] [B] नेप्ट्यून पर [/read]

153. सौरमण्डल का बाह्यतम ग्रह कौन है?

[A] पृथ्वी
[B] यूरेनस
[C] नेप्ट्यून
[D] शनि

[read more] [C] नेप्ट्यून [/read]

154. यम अथवा कुबेर (Pluto) की खोज सन् 1930 में निम्न में से किस खगोलज्ञ द्वारा की गयी थी?

[A] क्लाइड टाम्बैग
[B] विलियम हर्शेल
[C] जॉन गैले
[D] जेम्स पी० हव्यल

[read more] [A] क्लाइड टाम्बैग [/read]

155. निम्नलिखित में किस आकाशीय पिण्ड को परिक्रमण और परिभ्रमण दोनों गति में बराबर समय लगता है?

[A] चन्द्रमा
[B] बुध
[C] शुक्र
[D] शनि

[read more] [A] चन्द्रमा [/read]

156. कौन-सा खगोलीय पिण्ड ‘रात की रानी’ कहलाता है?

[A] चन्द्रमा
[B] बृहस्पति
[C] मंगल
[D] प्लूटो

[read more] [A] चन्द्रमा [/read]

157. पृथ्वी से दिखने वाली चन्द्रमा की सतह उसकी कुल सतह का कितना प्रतिशत है?

[A] 59%
[B] 33%
[C] 69%
[D] 70%

[read more] [A] 59% [/read]

158. क्लेवियस (Clavius) निम्नलिखित में से क्या है?

[A] बृहस्पति ग्रह का उपग्रह
[B] चन्द्रमा पर स्थित सबसे बड़ा क्रेटर
[C] जलमार्ग से सम्पूर्ण ग्लोब का सर्वप्रथम चक्कर लगाने वाला इटली का नाविक
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [B] चन्द्रमा पर स्थित सबसे बड़ा क्रेटर [/read]

159. पृथ्वी एवं चन्द्रमा के बीच स्थित अन्तरिक्ष को किस नाम से जाना जाता है?

[A] अन्तः अन्तरिक्ष
[B] सिसलुनर
[C] बाह्य अन्तरिक्ष
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [B] सिसलुनर [/read]

160. निम्नलिखित में से कौन सूर्य का ग्रह नहीं है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] चन्द्रमा
[D] नेप्ट्यून

[read more] [C] चन्द्रमा [/read]

161. पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह है-

[A] डीमोस
[B] टाइटन
[C] लापेटस
[D] चन्द्रमा

[read more] [D] चन्द्रमा [/read]

162. शान्त समुद्र और तूफानों का महासागर निम्न में से कहाँ स्थित है?

[A] चन्द्रमा
[B] वरुण
[C] बृहस्पति
[D] शनि

[read more] [A] चन्द्रमा [/read]

163. सी ऑफ ट्रॅक्विलिटी’ कहाँ पर है?

[A] चन्द्रमा
[B] सूर्य
[C] बृहस्पति
[D] शनि

[read more] [A] चन्द्रमा [/read]

164. चन्द्रमा पृथ्वी का एक चक्कर कितने दिनों में लगाता है?

[A] लगभग 28.1 दिन
[B] लगभग 30.2 दिन
[C] लगभग 27.3 दिन
[D] लगभग 28.3 दिन

[read more] [C] लगभग 27.3 दिन [/read]

165. चन्द्रमा से पृथ्वी तक प्रकाश के पहुँचने में लगने वाला समय है-

[A] एक सेकण्ड
[B] दो सेकण्ड से अधिक
[C] एक सेकण्ड से कम
[D] दो सेकण्ड से कम

[read more] [D] दो सेकण्ड से कम [/read]

166. निम्नलिखित में से किस आकाशीय पिण्ड को ‘पृथ्वी पुत्र’ कहा जाता है?

[A] बुध
[B] शुक्र
[C] चन्द्रमा
[D] मंगल

[read more] [C] चन्द्रमा [/read]

167. सी ऑफ टुक्विलिटी स्थित है-

[A] दक्षिण-पूर्व अफ्रीका में
[B] चन्द्रमा पर
[C] रूस के पश्चिमी तट पर
[D] भारत के पश्चिमी तट पर

[read more] [B] चन्द्रमा पर, सी ऑफ टुक्विलिटी (Sea of Tranquility) चन्द्रमा की सतह पर स्थित एक समतल क्षेत्र (लूनर मारे) है, जहाँ अपोलो-11 मिशन के दौरान मानव ने पहली बार कदम रखा था। [/read]

168. आकाश का सबसे चमकदार तारा है-

[A] प्रोक्सिमा सेंचुरी
[B] सिरियस
[C] नेवुला
[D] बर्नार्ड

[read more] [B] सिरियस [/read] 

169. हैली धूमकेतु का आवर्त काल होता है?

[A] 66 वर्ष
[B] 76 वर्ष
[C] 86 वर्ष
[D] 96 वर्ष

[read more] [B] 76 वर्ष [/read]

170. सूर्य को छोड़कर पृथ्वी के सर्वाधिक निकट स्थित तारे के प्रकाश को पृथ्वी तक पहुँचने में कितना समय लगता है?

[A] 4.5 घंटा
[B] 4.5 दिन
[C] 4.5 माह
[D] 4.5 वर्ष

[read more] [D] 4.5 वर्ष [/read]

171. मंगल एवं बृहस्पति ग्रहों के मध्य सूर्य की परिक्रमा करने वाले खगोलीय पिण्ड को कहते हैं-

[A] धूमकेतु
[B] उल्का
[C] क्षुद्रग्रह
[D] उल्का पिण्ड

[read more] [C] क्षुद्रग्रह [/read]

172. क्षुद्रग्रह जिन ग्रहों के बीच पाये जाते हैं, वे हैं

[A] मंगल और शुक्र
[B] मंगल और बृहस्पति
[C] बृहस्पति और शनि
[D] शनि और अरुण

[read more] [B] मंगल और बृहस्पति [/read]

173. सर्वप्रथम खोजा गया क्षुद्रग्रह है-

[A] वेस्टा
[B] सिरस
[C] पलास
[D] जूनो

[read more] [B] सिरस [/read]

174. धूमकेतु की पुच्छ सूर्य से परे दिष्ट होती है क्योंकि-

[A] जैसे-जैसे धूमकेतु सूर्य के चारों ओर घूर्णन करता है वैसे-वैसे उसका हल्का द्रव्यमान केवल अपकेन्द्री बल के कारण दूर क्षिप्त हो जाता है।
[B] जैसे-जैसे धूमकेतु घूर्णन करता है, उसका हल्का द्रव्यमान उसकी पुच्छ की दिशा में स्थित किसी तारे द्वारा आकर्षित हो जाता है।
[C] सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरण घूमकेतु पर भैज्य दाब डालता है, जिससे उसकी पुच्छ सूर्य से दूर क्षिप्त हो जाती है।
[D] घूमकेतु की पुच्छ सदैव एक ही अभिविन्यास में रहती है।

[read more] [C] सूर्य द्वारा उत्सर्जित विकिरण घूमकेतु पर भैज्य दाब डालता है, जिससे उसकी पुच्छ सूर्य से दूर क्षिप्त हो जाती है। [/read] 

175. क्षुद्र ग्रहों के विषय में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

I. क्षुद्र ग्रह सूर्य की परिक्रमा करने वाले विभिन्न आकारों के चट्टानी मलबे हैं।
II. अधिकांश क्षुद्र ग्रह छोटे हैं किन्तु कुछ का व्यास 1000 किमी तक बड़ा है।
III. क्षुद्र ग्रहों की कक्षा बृहस्पति और शनि की कक्षाओं के मध्य स्थित है।

[A] I, II और III सही है।
[B] I और II सही है।
[C] II और III सही है।
[D] I और III सही है।

[read more] [B] I और II सही है। [/read]

176. सूर्य ग्रहण होता है जब-

[A] सूर्य चन्द्रमा और पृथ्वी पर त्रिकोण बनाते हैं।
[B] पृथ्वी की परछाई चन्द्रमा पर पड़ती है।
[C] चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के मध्य आ जाता है और सूर्य पूरी तरह स्पष्ट दिखायी नहीं देता है।
[D] सूर्य चन्द्रमा और पृथ्वी के बीच आ जाता है।

[read more] [C] चन्द्रमा पृथ्वी और सूर्य के मध्य आ जाता है और सूर्य पूरी तरह स्पष्ट दिखायी नहीं देता है। [/read]

177. पूर्ण सूर्य ग्रहण के समय सूर्य का कौन-सा भाग दिखायी देता है?

[A] किरीट (Corona)
[B] वर्ण मण्डल
[C] प्रकाश मण्डल
[D] इनमें से कोई नहीं

[read more] [A] किरीट (Corona) [/read]

178. सूर्य ग्रहण निम्नलिखित में से किस स्थिति में पड़ता है?

[A] जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चन्द्रमा आ जाता है।
[B] जब सूर्य और चन्द्रमा के बीच में पृथ्वी आ जाती हैं।
[C] जब सूर्य चन्द्रमा तथा पृथ्वी समकोण पर स्थित होते हैं। 
[D] इसका कोई निश्चित समय नहीं है।

[read more] [A] जब पृथ्वी और सूर्य के बीच चन्द्रमा आ जाता है। [/read] 

179. सूर्य ग्रहण की स्थिति पायी जाती है-

I. जब पृथ्वी चन्द्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है।

11. जब चन्द्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है।

III. जब अमावस्या का दिन होता है।

IV. जब पूर्णिमा का दिन होता है।

कूट:

[A] II, और IV सही है।
[B] II और III सही है।
[C] I और III सही है।
[D] I और IV सही है।

[read more] [B] II और III सही है। [/read]

180. एक कैलेण्डर वर्ष में अधिक से अधिक कितने ग्रहण हो सकते हैं?

[A] 5
[B] 9
[C] 11
[D] 7

[read more] [D] 7 [/read]

181. डायमण्ड रिंग (Diamond Ring) की घटना होती है-

[A] प्रत्येक पूर्णिमा के दिन
[B] प्रत्येक अमावस्या के दिन
[C] सूर्य ग्रहण के दिन
[D] चन्द्र ग्रहण के दिन

[read more] [C] सूर्य ग्रहण के दिन [/read]

182. सिजिगी (syzygy) है-

[A] सूर्य, पृथ्वी तथा चन्द्रमा की एक ही सीधी रेखा में स्थिति
[B] पृथ्वी के एक ही ओर सूर्य तथा चन्द्रमा की स्थिति
[C] सूर्य तथा चन्द्रमा के बीच पृथ्वी की स्थिति
[D] सूर्य, चन्द्रमा और पृथ्वी की समकोणिक स्थिति

[read more] [A] सूर्य, पृथ्वी तथा चन्द्रमा की एक ही सीधी रेखा में स्थिति [/read]

183. चन्द्रग्रहण का कारण है-

[A] पृथ्वी एवं सूर्य के बीच चन्द्रमा का आना
[B] पृथ्वी एवं चन्द्रमा के बीच सूर्य का आना
[C] सूर्य एवं चन्द्रमा के बीच पृथ्वी का आना
[D] उपर्युक्त में सभी

[read more] [C] सूर्य एवं चन्द्रमा के बीच पृथ्वी का आना [/read]

184. चन्द्रग्रहण घटित होता है-

[A] अमावस्या के दिन
[B] अर्धचन्द्र के दिन
[C] पूर्णिमा के दिन
[D] उपर्युक्त (A) और (B)

[read more] [C] पूर्णिमा के दिन [/read]

185. सूची-1 को सूची-11 के साथ सुमेलित कीजिए तथा सूचियों के नीचे दिए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

सूची-1 (विशेष लक्षण)

अ. सौरमण्डल का सबसे छोटा ग्रह

ब. सौरमण्डल का सबसे बड़ा ग्रह

स. सौरमण्डल में सूर्य से दूसरे स्थान पर का ग्रह

द. सूर्य से सबसे दूर ग्रह

सूची-11 (ग्रह)

1. बुध

2. शुक्र

3. बृहस्पति

4. नेप्ट्यून

कूट अ ब स द

[A] 2 3 4 1
[B] 3 4 1 2
[C] 4 1 2 3
[D] 1 3 2 4

[read more] [D] 1 3 2 4 [/read]

186. निम्नलिखित में से किसे शुक्र ग्रह कहते हैं?

[A] प्लूटो (Pluto)
[B] वीनस (Venus)
[C] जुपीटर (Jupiter)
[D] मार्स (Mars)

[read more] [B] वीनस (Venus) [/read]

1. Universe (ब्रह्माण्ड)

1. Universe (ब्रह्माण्ड)



ब्रह्माण्ड-

      सूक्ष्मतम अणुओं से लेकर विशालकाय आकाशगंगाओं (Galaxies) तक के सम्मिलित स्वरूप को ब्रह्माण्ड कहा जाता है। हमारी पृथ्वी इन्ही असंख्य आकाशगंगाओं में से एक दुग्धमेखला (Milkyway) नामक आकाशगंगा में स्थित है।

Universe

ब्रह्माण्ड से सम्बंधित प्रमुख अवधारणाएँ

1. प्लेटो (428- 348 ई० पू०)-

      यूनानी भूगोलवेत्ता प्लेटो ने सर्वप्रथम ब्रह्माण्ड का नियमित अध्ययन कर भू-केन्द्रीत अवधारणा (Geocentric Concept) का प्रतिपादन किया था। इस अवधारणा के अनुसार, पृथ्वी ब्रह्माण्ड के केन्द्र में है तथा सूर्य व अन्य ग्रह इसकी परिक्रमा करते हैं। ब्रह्माण्ड के संदर्भ में यह अवधारणा बहुत लम्बे समय तक बनी रही।

2. कॉपरनिकस (1543 ई०)-

     पोलैंड खगोलशास्त्री कॉपरनिकस ने अपनी हस्तलिखित पुस्तक में सूर्य केन्द्रित अवधारणा (Heliocentric Concept) के अन्तर्गत यह बताया कि, ब्रह्माण्ड के केन्द्र में पृथ्वी नहीं, अपितु सूर्य है। यद्यपि ब्रह्माण्ड सम्बंधी उनकी अवधारणा सौर परिवार तक ही सीमित थी, तथापि इस अवधारणा ने ब्रह्माण्ड के अध्ययन की दिशा ही बदल दी। इस सिद्धांत के अनुसार दैनिक गति में पृथ्वी अपने अक्ष पर तथा वार्षिक गति में सूर्य के चारों ओर परिक्रमण करती है।

3. वाराहमिहिर (छठी शताब्दी ई०)-

      भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलशास्त्री कॉपरनिकस से लगभग 1,000 वर्ष पूर्व ही बता दिया था कि, चन्द्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करता है और पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है।

ब्रह्मांड की उत्पत्ति से सम्बंधित प्रमुख सिद्धांत

1. महाविस्फोट सिद्धांत (Big Bang Theory)- जॉर्ज लैमेतेयर

2. साम्यावस्था सिद्धांत (Steady State Thoery)- थॉमस गोल्ड एवं हर्मन बांडी

आकाशगंगा Galaxy:-

    आकाशगंगा (Galaxy) तारों का एक विशाल पूँज है। ब्रह्माण्ड में लगभग 1011 आकाशगंगाएँ हैं। प्रत्येक आकाशगंगा में 1011 तारें हैं। तारों के अतिरिक्त आकाशगंगा में धूल (Dust) एवं गैसें (Gases) भी पायी जाती हैं। आकाशगंगा में 98% भाग तारों का तथा 2% भाग गैस, हैड्रॉन व धूल का होता है।

⇒ हमारी पृथ्वी दुग्धमेखला (Milky way) नामक आकाशगंगा में स्थित है। अन्य आकाशगंगाओं में वृहत मैग्लेनिक मेघ, लघु मैग्लेनिक मेघ, अर्सा माइनर सिस्टम, स्कल्पचर सिस्टम और ड्रेको सिस्टम हैं।

एंड्रोमेडा (Andromeda):-

    एण्डोमेड्रा सर्पिलाकार आकाशगंगा हमारी आकाश गंगा मिल्की वे से सबसे निकटतम स्थित है। यह पृथ्वी से 2.5 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर अवस्थित है। इसे देवयानी भी कहते हैं।

आकाशगंगा के प्रकार

       आकृति के आधार पर आकाशगंगाएँ तीन प्रकार की होती हैं:-

(i) अण्डाकार या दीर्घवृत्तीय (Eliptical)- M87

(ii) सर्पिलाकार (Spiral)- मिल्की वे (Milkyway) एवं एंड्रोमेंडा (Andromenda)

(iii) अनियमित आकार (Irregular)

प्रॉक्सिमा सेन्चुरी (Proxima Centauri):-

      यह सूर्य का सबसे निकटतम तारा है। यह सूर्य से 4.25 प्रकाश वर्ष दूर है।

साइरस या डॉगस्टार (Sirius or Dog Star):-

        यह रात में आकाश में दिखने वाला सर्वाधिक चमकीला तारा है। इसका द्रव्यमान सूर्य से दोगुना है। यह सौर मंडल से लगभग 8.6 प्रकाश वर्ष दूर है, जो प्रॉक्सिमा सेन्चुरी के बाद सबसे नजदीक का तारा है।

ध्रुव तारा (Pole Star or North Star):-

       यह पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव पर खड़े व्यक्ति के ठीक शिरोबिन्दु (Zenith) पर 431 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है लेकिन क्योंकि यह बहुत चमकदार है इसलिए आसानी से देखा जा सकता है।

प्रकाश वर्ष (Light Year):- 

         प्रकाश वर्ष, समय का नहीं बल्कि दूरी का मात्रक है। प्रकाश की गति लगभग 3 लाख किमी. प्रति सेकेण्ड है। 1 वर्ष में सूर्य का प्रकाश जितनी दूरी तय कता है, वह एक प्रकाश वर्ष कहलाती है।

⇒ एक प्रकाश वर्ष 9.46×1012 किमी. के बराबर होता है।

पारसेक (Parsec):-

       यह दूरी मापन की सबसे बड़ी इकाई है, जिसका मान लगभग 3.26 प्रकाश वर्ष के बराब होता है।

1 पारसेक = 3.26 प्रकाश वर्ष

तारों का रंग, तापमान एवं उम्र

⇒ तारों के रंग से उसके तापमान को ज्ञात किया जाता है।

⇒ तारों द्वारा मुक्त ऊष्मा के आधार पर उनकी उम्र ज्ञात की जा सकती है, जैसे-

नीला व सफेद – युवा (आद्य तारा)

नारंगी – प्रौढ़

लाल – वृद्ध

⇒ अंततः विस्फोट के बाद तारे की मृत्यु हो जाती है या वह ‘कृष्ण विवर’ (Black Hole) बन जाता है।

चंद्रशेखर सीमा (Chandrasekhar Limit)-

⇒ एस. चंद्रशेखर भारतीय मूल के अमेरिकी खगोल भौतिकविद् थे। जिन्होंने श्वेत वामन तारों के जीवन अवस्था के बारे में सिद्धांत प्रतिपादित किया।

⇒ इसके अनुसार, 1.44 सौर द्रव्यमान ही श्वेत वामन के द्रव्यमान की ऊपरी सीमा है। इसे ही ‘चंद्रशेखर सीमा’ कहते हैं।

⇒ एस. चंद्रशेखर को संयुक्त रूप से नाभिकीय खगोल भौतिकी में ‘डब्ल्यू. ए. फाउलर’ के साथ 1983 में नोबेल पुरस्कार प्रदान किया गया।

न्यूट्रॉन तारा (Neutron Star)

⇒ सुपरनोवा विस्फोट से बचे हुए केंद्रीय भाग, जो कि अत्यधिक घनत्व वाला होता है, से न्यूट्रॉन तारों का निर्माण होता है।

⇒ अधिक गति से चक्कर लगाने वाले न्यूट्रॉनों से बने तारों को ‘न्यूट्रान तारा’ कहते हैं।

⇒ न्यूट्रॉन तारे के सभी अंश न्यूट्रॉन के रूप में संगठित रहते हैं। यह तीव्र रेडियो तरंगें उत्सर्जित करते हैं।

⇒ न्यूट्रॉन तारे को ‘पल्सर’ भी कहा जाता है।

कृष्ण विवर (Black Hole)

⇒ कृष्ण विवर अंतरिक्ष में स्थित ऐसा स्थान है जहाँ गुरुत्वाकर्षण इतना अधिक होता है कि प्रकाश का परावर्तन या किसी भी वस्तु का वहाँ से पलायन नहीं हो सकता।

⇒ इसे दूरबीन से भी नहीं देखा जा सकता।

⇒ कृष्ण विवर की पुष्टि प्रकाश के अपने पथ के विचलन के द्वारा की जाती है।

⇒ कृष्ण विवर का निर्माण तब हो सकता है जब न्यूट्रॉन तारे में द्रव्यमान एक ही स्थान पर संकेद्रित हो जाए अथवा उसकी मृत्यु हो रही हो।

⇒ ब्लैक होल आकार में बड़ा या छोटा हो सकता है। छोटे ब्लैक होल एक परमाणु जितने छोटे हो सकते हैं लेकिन उनका द्रव्यमान बहुत अधिक होता है।

⇒ जिन तारों का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान के तीन गुने से अधिक होता है, वे विघटित होकर अंततः कृष्ण विवर में परिणत हो जाते हैं।



ब्रह्माण्ड से सम्बंधित पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर



1. ‘भूगोल का जनक’ किसे कहा जाता है?

[A] हेरोडोटस
[B] इरैटोस्थनीज
[C] एनेक्जीमेण्डर
[D] हिकैटियस

[read more] [D] हिकैटियस [/read]

2. भूगोल को एक अलग अध्ययन शास्त्र के रूप में स्थापित करने का श्रेय निम्न में से किस विद्वान को है?

[A] इरैटोस्थनीज
[B] हेरोडोटस
[C] हिप्पार्कस
[D] हिकैटियस

[read more] [D] हिकैटियस [/read]

3. भूगोल के लिए ‘ज्योग्रैफिका’ (Geographica) शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम किसने किया?

[A] हिकैटियस
[B] इरैटोस्थनीज
[C] हेरोडोटस
[D] एनेक्जीमेण्डर

[read more] [B] इरैटोस्थनीज [/read]

4. ‘ज्योग्राफी’ (Geography) के शाब्दिक अर्थ के आधार पर भूगोल की परिभाषा की गई है

[A] भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी के धरातल का अध्ययन करता है।
[B] भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी तथा मानव के अर्न्तसम्बन्धों का अध्ययन करता है।
[C] भूगोल वह विज्ञान है जो मानवीय एवं प्राकृतिक विषमता का अध्ययन करता है।
[D] इनमें से कोई नहीं।

[read more] [A] भूगोल वह विज्ञान है जो पृथ्वी के धरातल का अध्ययन करता है। [/read]

5. ‘भूगोल पृथ्वी को केन्द्र मानकर अध्ययन करने वाला विज्ञान है’, किसने कहा था?

[A] टॉलमी
[B] काण्ट
[C] वारेनियस
[D] टेलर

[read more] [C] वारेनियस [/read]

6. ‘भूगोल भूतल का अध्ययन है’-किसने कहा था?

[A] टॉलमी
[B] काण्ट
[C] वारेनियस
[D] हम्बोल्ट

[read more] [B] काण्ट [/read]

7. भौगोलिक विचारधाराओं में ‘नवनियतिवाद’ की विचारधारा का प्रवर्तक कौन है?

[A] फ्रेडरिक रैटजेल
[B] फेब्रे
[C] ग्रिफिथ टेलर
[D] विडाल-डि-ला-ब्लॉश

[read more] [C] ग्रिफिथ टेलर [/read]

8. ‘वर्तमान भूत की कुंजी है’ कथन किस विद्वान का है?

[A] डटन
[B] डेविस
[C] जेम्स हट्टन
[D] वाल्टर पेंक

[read more] [C] जेम्स हट्टन [/read]

9. ‘स्थल रूप संरचना, प्रक्रम तथा अवस्था का प्रतिफल होता है’ कथन किसका है?

[A] वाल्टर पेंक
[B] डब्ल्यू० एम० डेविस
[C] एल० सी० किंग
[D] पेल्टियर

[read more] [B] डब्ल्यू० एम० डेविस [/read]

10. ‘यदि इतिहास’ कब का वैज्ञानिक अध्ययन प्रस्तुत करता है तो भूगोल ‘कहाँ’ (where) का वैज्ञानिक एवं तार्किक अध्ययन है’ कथन निम्नलिखित में से किस विद्वान का है?

[A] कार्ल सावर
[B] एच० जे० मैकिण्डर
[C] एन० जे० स्पाइकमैन
[D] डी० एच० ह्निटिल्सी

[read more] [A] कार्ल सावर [/read]

11. भू-आकृति विज्ञान (Geomorphology) का जन्मदाता किसे माना जाता है?

[A] डेविस
[B] पेशेल
[C] हट्टन
[D] पेंक

[read more] [B] पेशेल [/read]

12. ‘रूको और जाओ नियतिवाद’ (Stop and Go Determinism) की विचारधारा के प्रतिपादक कौन हैं?

[A] ए० जे० हरबर्टसन
[B] हार्टशोर्न
[C] जॉर्ज टैथम
[D] ग्रिफिथ टेलर

[read more] [D] ग्रिफिथ टेलर [/read]

13. भूगोल को ‘मानव पारिस्थिातिकी’ के रूप में परिभाषित करने वाला विद्वान कौन है?

[A] विडाल डि-ला-ब्लॉश
[B] हेटनर
[C] जीन ब्रून्श
[D] एच० एच० बैरोज

[read more] [D] एच० एच० बैरोज [/read] 

14. गणितीय भूगोल का प्रारम्भकर्ता निम्न में से कौन है?

[A] थेल्स
[B] स्ट्रेबो
[C] टॉलमी
[D] थियोफ्रेस्टस

[read more] [A] थेल्स [/read]

15. चूँकि मानव पृथ्वी पर निवास करता है, अतः पृथ्वी पर निर्भर है’ कथन किसका है?

[A] फैब्रे
[B] ब्लॉश
[C] सेम्पुल
[D] जीन ब्रून्श

[read more] [D] जीन ब्रून्श [/read]

16. ‘क्षेत्रीय भूगोल’ (Regional Geography) का पिता निम्न में से किस भूगोलवेत्ता को कहा जाता है?

[A] कार्ल रिटर
[B] फ्रेडरिक रैटजेल
[C] एच० जे० हरबर्टसन
[D] हम्बोल्ट

[read more] [A] कार्ल रिटर [/read] 

17. ‘मानव भूगोल का पिता’ निम्न में से किसको कहा जाता है?

[A] ब्लॉश
[B] कार्ल रिटर
[C] हम्बोल्ट
[D] जीन ब्रून्श

[read more] [B] कार्ल रिटर [/read]

18. ‘मानव भूगोल अस्थायी पृथ्वी एवं चंचल मानव के पारस्परिक परिवर्तनशील सम्बन्धों का अध्ययन है।’ कथन किसका है?

[A] ब्लॉश
[B] कु० सेम्पुल
[C] हण्टिंगटन
[D] हम्बोल्ट

[read more] [B] कु० सेम्पुल [/read]

19. महाविस्फोट सिद्धान्त संबंधित है-

[A] ब्रह्माण्ड की उत्पति से
[B] महाद्वीपीय विस्थापन से
[C] हिमालय की उत्पत्ति से
[D] ज्वालामुखियों के विस्फोट से

[read more] [A] ब्रह्माण्ड की उत्पति से [/read]

20. ब्रह्मांड के अध्ययन को ……. के नाम से जाना जाता है।

[A] कॉस्मोलॉजी
[B] एस्ट्रोलॉजी
[C] सिस्मोलॉजी
[D] लिम्नोलॉजी

[read more] [A] कॉस्मोलॉजी [/read]

21. भारी ब्रह्मांडीय कणों का अध्ययन करने के लिए नासा द्वारा प्रक्षेपित किया जाने वाले बेलून-जनित उपकरण का क्या नाम है?

[A] सुपर लम्बा
[B] सुपर टाइगर
[C] सुपर लायन
[D] सुपर मामा

[read more] [B] सुपर टाइगर [/read]

22. ‘बिग-बैंग सिद्धान्त’ निम्नलिखित के उद्भव की व्याख्या करता है:

[A] हिम युग
[B] स्तनधारी जीव
[C] ब्रह्माण्ड
[D] महासागर

[read more] [C] ब्रह्माण्ड [/read]

23. 1948 में विकसित बिग बैंग सिद्धांत के लिए निम्न में से कौन सा एक वैकल्पिक सिद्धांत है, जो ये बताता है कि ब्रह्मांड परिवर्तित नहीं होता है भले ही इसमें समय के साथ विस्तार होता है?

[A] ऑसीलेटिंग यूनिवर्स
[B] स्टेडी स्टेट यूनिवर्स
[C] मिरर यूनिवर्स
[D] इटरनल इन्फ्ते शन

[read more] [B] स्टेडी स्टेट यूनिवर्स [/read]

24. श्याम विवर (Black Hole)-

[A] पराबैंगनी किरणों को पार रक्त किरणों में बदल देता है।
[B] कोई भी विकिरण प्रवाहित नहीं करता।
[C] सारे विकिरण जो इसके पास से प्रवाहित होते है उनका अवशोषण करता है।
[D] एक काल्पनिक विचार है।

[read more] [C] सारे विकिरण जो इसके पास से प्रवाहित होते है उनका अवशोषण करता है। [/read]

25. ‘ब्लैक होल’ की जानकारी सर्वप्रथम दी थी-

[A] मेघनाथ साहा ने
[B] हरमान बाण्डी ने
[C] एस. चन्द्रशेखर ने
[D] जे. वी. नार्लिकर ने

[read more] [C] एस. चन्द्रशेखर ने [/read]

26. विज्ञान के किस क्षेत्र में आप ‘व्हाइट ड्वार्फ’ के बारे में सीखेंगे?

[A] कृषि
[B] खगोलशास्त्र
[C] जेनेटिक्स
[D] एन्थ्रोपोलॉजी

[read more] [B] खगोलशास्त्र [/read]

27. किसी तारे का रंग दर्शाता है-

[A] उसके ताप का
[B] उसकी पृथ्वी से दूरी
[C] उसकी ज्योति
[D] उसकी सूर्य से दूरी

[read more] [A] उसके ताप का [/read]

28. तारे अपनी ऊर्जा प्राप्त करते हैं-

1. नाभिकीय संलयन से

2. गुरुत्वीय संकुचन से

3. रासायनिक अभिक्रिया से

4. नाभिकीय विखण्डन से

अपने उत्तर का चयन नीचे दिए गए कूट से कीजिए-

[A] 1, 2 एवं 3
[B] 1 एवं 2
[C] 1 एवं 4
[D] 2 एवं 4

[read more] [B] 1 एवं 2 [/read]

29. तारे पूर्व से पश्चिम में किस कारण ज्यादा दिखते हैं?

[A] पूरा ब्रह्मांड, पूर्व से पश्चिम को घूम रहा है
[B] पृथ्वी, सूर्य की परिक्रमा कर रही है
[C] पृथ्वी, पूर्व से पश्चिम को घूम रही है
[D] पृथ्वी, पश्चिम से पूर्व को घूम रही है

[read more] [D] पृथ्वी, पश्चिम से पूर्व को घूम रही है [/read]

30. ‘सुपरनोवा’ क्या है?

[A] पुच्छल तारा
[B] ग्रहिका
[C] विस्फोटी तारा/एक मृतप्राय तारा
[D] ब्लैक होल

[read more] [C] विस्फोटी तारा/एक मृतप्राय तारा [/read]

31. पल्सर होते हैं-

[A] पृथ्वी की ओर जा रहे तारे
[B] पृथ्वी से दूर जा रहे तारे
[C] तेजी से घूमने वाले तारे
[D] उच्च तापमान वाले तारे

[read more] [C] तेजी से घूमने वाले तारे [/read]

32. तारों के मध्य दूरी ज्ञात करने की इकाई है-

[A] कॉस्मिक किलोमीटर
[B] स्टीलर मील
[C] गैलेक्टिक इकाई
[D] प्रकाश वर्ष

[read more] [D] प्रकाश वर्ष [/read]

33. तारामंडल ‘सप्त-ऋषि’ को पश्चिमी निवासी किस नाम से जानते हैं?

[A] सेवन मॉक
[B] अल्फा सेंटोरी
[C] बिग डिपर
[D] स्मॉल बियर

[read more] [C] बिग डिपर [/read]

34. जिस तारा मण्डल के तारे ध्रुवतारे की ओर संकेत करते हैं वह है-

[A] मृग
[B] सप्तऋषि
[C] वृश्चिक
[D] वृष

[read more] [B] सप्तऋषि [/read]

35. हमारे अंतरिक्ष में कितने तारामंडल (Constellations) है?

[A] 88
[B] 87
[C] 89
[D] 90

[read more] [A] 88 [/read]

36. ‘हेल-बॉप’ किसका नाम है?

[A] कार्टून चित्र
[B] पुच्छल तारा
[C] अन्तर्राष्ट्रीय कम्पनी
[D] एक खिलौना

[read more] [B] पुच्छल तारा [/read]

37. खगोल-भौतिकी में बाह्य अंतरिक्ष में परिकल्पित होल को जहाँ से तारे और ऊर्जा निकलती है, क्या नाम दिया गया है?

[A] ब्लैक होल
[B] ओजोन होल
[C] एस्टिरॉपड बेल्ट
[D] वाइट होल

[read more] [D] वाइट होल [/read]

38. वह सीमा जिसके बाहर तारे आन्तरिक मृत्यु से ग्रसित होते हैं, कहलाती है-

[A] एडिंगटन सीमा
[B] चन्द्रशेखर सीमा
[C] हायल सीमा
[D] फाउलर सीमा

[read more] [B] चन्द्रशेखर सीमा [/read]

39. एक निक्षित आकृति में व्यवस्थित ताराओं का समूह कहलाता है-

[A] नक्षत्र
[B] आकाश गंगा
[C] एन्ड्रोमेडा
[D] सौर मण्डल

[read more] [A] नक्षत्र [/read]

40. घटकों के बीच गुरुत्वाकर्षण द्वारा भारी मात्रा में एक साथ एकत्र हुए तारों, धूल और गैस को क्या कहते हैं?

[A] गुच्छा
[B] वायुमंडल
[C] मंदाकिनी (आकाशगंगा)
[D] सौर परिवार

[read more] [C] मंदाकिनी (आकाशगंगा) [/read]

41. हमारी आकाशगंगा की आकृति हैं-

[A] वृत्ताकार
[B] दीर्घवृत्ताकार
[C] स्पाइरल
[D] उपर्युक्त में से कोई नहीं

[read more] [C] स्पाइरल [/read]

42. आकाश गंगा वर्गीकृत की गई है-

[A] विद्युत गैलेक्सी के रूप में
[B] सर्पाकार गैलेक्सी के रूप में
[C] अनियमित गैलेक्सी के रूप में
[D] गोलाकार गैलेक्सी के रूप में

[read more] [B] सर्पाकार गैलेक्सी के रूप में [/read]

43. आकाशगंगा मंदाकिनी सबसे पहले देखी थी-

[A] गैलीलियो ने
[B] मार्टेन श्मिट ने
[C] मार्कोनी ने
[D] न्यूटन ने

[read more] [A] गैलीलियो ने [/read]

44. उस आकाशगंगा का नाम क्या है जिसमें पृथ्वी एक ग्रह है?

[A] एन्ड्रोमेडा
[B] अर्सा मेजर
[C] उर्सा माइनर
[D] दुग्ध-मेखला

[read more] [D] दुग्ध-मेखला [/read]
45. हमारी आकाशगंगा के केन्द्र की परिक्रमा करने में सूर्य को समय लगता है-

[A] 10 करोड़ वर्ष
[B] 5 करोड़ वर्ष
[C] 20 करोड़ वर्ष
[D] 25 करोड़ वर्ष

[read more] [D] 25 करोड़ वर्ष [/read]

46. 11 बिलियन वर्षों पूर्व अस्तित्व में होने वाली ए 1682 बी11 नामक आकाशगंगा का आकार क्या था?

[A] विक्षोभ डिस्क
[B] कुंडलीकार
[C] पतली डिस्क
[D] कोई विकल्प सही नहीं है

[read more] [B] कुंडलीकार [/read]

47. 11 बिलियन वर्षों पूर्व अस्तित्व में होने वाली सबसे प्राचीन कुंडलित आकाशगंगा का क्या नाम है?

[A] A1689 B01
[B] A1689 B10
[C] A1689 B20
[D] A1689 B11

[read more] [D] A1689 B11 [/read]

1. प्रमुख भौगोलिक सिद्धांत एवं उनके प्रतिपादक

प्रमुख भौगोलिक सिद्धांत एवं उनके प्रतिपादक




प्रमुख भौगोलिक सिद्धांत एवं उनके प्रतिपादक

प्रमुख भौगोलिक सिद्धांत⇒ पृथ्वी की उत्पत्ति से सम्बन्धित सिद्धान्त

(1) गैसीय परिकलना/ वायव्य राशि परिकल्पना (Gaseous Hypothesis) @ काण्ट (1755)

(2) निहारिका परिकल्पना (Nebulas Hypothesis) @ लाप्लास (1796)

(3) ग्रहाणु परिकल्पना (Planetesimal Hypothesis) @ चेम्बरलेन (1904)

(4) ज्वारीय परिकल्पना (Tidal Hypothesis) @ जीन्स एवं जेफरीज

(5) युग्म-तारा परिकल्पना (Binary Star Hypothesis of Russell) @ रसैल

(6) सिफीड परिकल्पना (The Cepheid Hypothesis) @ ए. सी. बनर्जी

(7) नवतारा परिकल्पना (Nova Hypothesis) @ हायल एवं लिटिलटन

(8) फान वाइसकर की परिकल्पना (Fon Vaischcer’s Hypothesis) भी पृथ्वी की उत्पत्ति से सम्बंधित है।

(9) अंतर-तारक धूलि परिकल्पना (Inter-Steller Dust Hypothesis) @ ऑटोश्मिड (1943)

(10) विद्युत् चुम्बकीय परिकल्पना (Electro- Magnetic Hypothesis) @ डॉ. अल्फवेन (1942)

(11) बिग-बैंग सिद्धान्त @ ऐ. जार्ज लैमेण्टेर

(12) अद्वैतवादी विचारधारा @ कास्ते द बफन

(13) सतत सृष्टि सिद्धान्त @ थॉमस गोल्ड एवं हर्मन वाण्डी

(14) परिभ्रमण एवं ज्वारीय परिकल्पना @ रासजन

(15) बृहस्पति-सूर्य द्वैतारक परिकल्पना @ ई. एम. ड्रोबीशेवेस्की

⇒ महाद्वीप एवं महासागरीय नितल की उत्पत्ति से सम्बन्धी सिद्धान्त

(1) चतुष्फलक सिद्धान्त (Tetrahedral Theory) @ लोथियन ग्रीन (1857)

(2) लेपवर्थ एवं लव की परिकल्पना भी महाद्वीप एवं महासागरीय नितल की उत्पत्ति से सम्बन्धी है।

(3) महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धान्त (Continental Drift Theory) @ वैगनर (1912)

(4) स्थल सेतु परिकल्पना (Land Bridge Hypothesis) @ ग्रेगरी

(5) संवहन धारा की परिकल्पना @ होम्स

(6) महाद्वीपीय फिसलन की परिकल्पना (Hypothesis of Sliding Continents) @ डैली

(7) पेन्टागोनल डोडिकाहेड्रन सिद्धान्त @ इली डी. ब्यूमान्ट

(8) प्रत्यास्थ-पुनश्चलन सिद्धान्त (Elastic Rebound) @ एच. एफ. रीड

(9) प्लेट विवर्तनिकी (Plate Tectonic) सिद्धान्त @ हैरीहेस 

⇒ पृथ्वी के सन्तुलन से सम्बन्धित सिद्धान्त

(1) सर जॉर्ज एयरी की संकल्पना

(2) प्राट की संकल्पना

(3) हेफोर्ड एवं बोबी की संकल्पना

(4) जोली की संकल्पना

(5) आर्थर होम्स की संकल्पना

⇒ भूसन्नति (Geosynclines) से सम्बन्धित सिद्धान्त

(1) हाल व डाना की संकल्पना

(2) हेग की संकल्पना

(3) ईवान्स की संकल्पना

(4) शुशर्ट की संकल्पना

(5) आर्थर होम्स की संकल्पना

⇒ पर्वत निर्माण से सम्बन्धित सिद्धान्त

(1) पर्वत निर्माणक भूसन्नति सिद्धान्त (Geosynclinal Orogen Theory) @ कोबर

(2) तापीय संकुचन सिद्धान्त (Thermal Contraction) @ जेफरीज

(3) महाद्वीपीय विसर्पण सिद्धान्त / खिसकते महाद्वीप का सिद्धांत @ डैली

(4) रेडियोऐक्टिवता सिद्धान्त या तापीय चक्र सिद्धान्त (Radioactivity Theory) @ जॉली

(5) संवहन तरंग सिद्धान्त (Convection Current Theory) @ होम्स

(6) विचलित चुम्बकत्व की परिकल्पना @ ब्लैकिट

⇒ भू-आकृतियों से सम्बन्धित सिद्धान्त

(1) भौगोलिक चक्र की संकल्पना @ डेविस (1899)

(2) शुष्क अपरदन चक्र की संकल्पना @ डेविस (1905)

(3) कार्स्ट अपरदन चक्र की संकल्पना @ सैण्डर्स  (1918)

(4) अपरदन चक्र संकल्पना @ वाल्टर पेंक

(5) परिहिमानी अपरदन चक्र संकल्पना @ पेल्टियर (1950)

(6) पैनप्लेनेशन की संकल्पना @ क्रिकमे

(7) अपघर्षण सिद्धान्त @ मैलट

(8) द्विचक्र सिद्धान्त @ डेविस

(9) भौमजल स्तर सिद्धान्त @ स्विनटर्न

(10) स्थैतिक जल मण्डल सिद्धान्त @ गार्डनर

(11) पेडीप्लेनेशन चक्र की संकल्पना @ एल. सी. किंग

(12) ढाल प्रतिस्थापन की परिकल्पना @ वाल्टर पैक

(13) पहाड़ी ढाल चक्र (Hill Slope Cycle) सिद्धान्त @ एल. सी. किंग

(14) प्रगामी सरिता अपहरण (Progressive Piracy Theory) का सिद्धान्त @ एच. डी. भाम्पसन

(15) चादरी बाढ़ (Sheet Flood) सिद्धान्त @ डब्ल्यू. जे. मेगी

(16) सवाना अपरदन चक्र @ पफ तथा टामस

(17) हिमनदीय अपरदन का सिद्धान्त @ दी मार्तोनी

(18)  वर्गश्रुण्ड (Bergschrund) सिद्धान्त @ जॉनसन

(19) खण्डकालिक अपरदन (Episodic Erosion) सिद्धान्त @ एस. ए. शूम

(20) अधः अपक्षय (Deep Weathering) सिद्धान्त @ डी. एल. लिण्टन

(21) सरिता संख्या का सिद्धान्त (Law of Stream Numbers) @ हार्टन

⇒ ज्वार-भाटा उत्पत्ति से सम्बन्धी सिद्धान्त

(1) स्थैतिक तरंग सिद्धान्त @ हैरिस

(2) नहर सिद्धान्त @ एयरी

(3)  प्रगामी तरंग सिद्धान्त @ विलियम हेवेल

(4)  संतुलन का सिद्धांत (Equilibrium Theory) @ न्यूटन

(5) गतिक सिद्धांत (Dynamical Theory) @ लाप्लास 

प्रवाल भित्तियों की उत्पत्ति से सम्बन्धी सिद्धान्त

(1) अवतलन सिद्धान्त @ डार्विन (1837)

(2)  स्थिर-स्थल सिद्धान्त @ मर्रे

(3) हिमानी नियंत्रण सिद्धान्त @ डैली

(4) लवणीय उच्छवसन (Saline Exhalation) सिद्धान्त @ हेले

वर्षण से सम्बंधित सिद्धान्त

1. हिम कण सिद्धांत (Ice-Crystal Theory) @ बर्जरान

2. संलयन सिद्धांत @ ई. जी. बोवेन

प्रवास भूगोल से सम्बंधित सिद्धान्त

(1) प्रवास कटिबन्ध सिद्धान्त @ टेलर

⇒ नगरीय भूगोल से सम्बंधित सिद्धान्त

(1) संकेन्द्रीय वलय (Concentric Zone) सिद्धान्त @ बर्गेस

(2) बहु-नाभिक सिद्धान्त (Multiple Nuclei) @ हैरिस एवं उलमैन

(3) खण्ड (Sector) सिद्धान्त @ होमर हायट

(4) संयुक्त वृद्धि (Fused Growth) सिद्धान्त @ गैरीसन

(5) कोटि-आकार नियम (Rank Size Rule) के प्रथम विचारक @ आयरबैक

(6) कोटि-आकार नियम पर महत्त्वपूर्ण कार्य @ जिफ

(7) प्राथमिक नगर का नियम (The Law of Primate City) -@ मार्क जेफरसन

(8) केन्द्रीय स्थान सिद्धांत (Central Place Theory) @  क्रिस्टालर

(9) अमलैंड (Umland) शब्द का प्रथम प्रयोग @ आन्द्रे एलिक्स

(10) उपवन नगर (Garden City) का विचार @ ईबेनजर होवर्ड

कृषि एवं उद्योगों के स्थानीयकरण का सिद्धान्त

(1) कृषि वलय सिद्धान्त / फसल सघनता का सिद्धांत / तुलनात्मक लाभ सिद्धांत @ वॉन थ्यूनेन

(2) उद्योग स्थापना-अवस्थिति सिद्धान्त / औद्योगिक स्थानीयकरण का सिद्धांत / न्यूनतम परिवहन लागत सिद्धांत @ अल्फेड वेबर

(3) अल्प-व्यय अवस्थिति सिद्धान्त @ लौन्हार्ट

(4) बाजार प्रतिस्पर्धा (Market Competition) सिद्धान्त @ फेटर एवं होटेलिंग

(5) न्यूनतम लागत सिद्धांत @ हूबर

(6) अधिकतम लाभ का सिद्धांत @ स्मिथ

⇒ अन्य प्रमुख सिद्धान्त एवं तथ्य

(1) हृदय-स्थल विचारधारा @ एच. जे. मैकिण्डर

(2) रिमलैण्ड विचारधारा @ एन. जे. स्पाइकमैन

(3) भूकूटनीति (Geo-Strategic) संकल्पना @ एस. बी. कोहेन

(4) भू-राजनीतिक (Geopolitic) विचारधारा @ कार्ल हाउशोफर

(5) राज्य का जैविक सिद्धान्त @ कार्ल हाउशोफर

(6) आदर्श या अनुकूलतम (Optimum) जनसंख्या सिद्धान्त @ कार साण्डर्स

(7) खण्ड एवं स्तर (Zone and Strata) सिद्धान्त @ ग्रिफिथ टेलर

(8) आकारिकी कटिबन्ध (Morphological Zone) सिद्धान्त @ आर. ई. डिकिन्सन

(9) समावेशी पदानुक्रम (Nested Hierarchy) सिद्धान्त @ ए. के. फिलब्रिक

(10) क्रोड़ एवं परिधि (Core and Periphery) सिद्धान्त @ फ्रीडमैन

(11) ध्रुवीय वाताग्र (Polar Front) सिद्धान्त @ बर्कनीज 

(12) अग्रिम प्रदेश (Pioneer Fringe) की संकल्पना @ आयशा बोमेन

(13) गतिक (Dynamic) सिद्धान्त @ नेपियर शा तथा लिम्फर्ट

(14)  विसरण का नियम (Law of Difusion) @ टी. ग्राहम

(15) ग्रह गति (Planetary Motion) का सिद्धान्त @ केपलर

(16) संसाधनों का संक्रियात्मक सिद्धान्त (Operational or Functional Theory of Resources) @ जिम्मरमैन

(17) भूकम्प की उत्पत्ति से संबंधित प्रत्यास्थ पुनश्चलन सिद्धांत (Elastic Rebound Theory) @ एच. एफ. रीड 

(18) प्लेट (Plate) शब्द का प्रथम प्रयोग- विलसन

(19) भू-संतुलन (Isostasy) शब्द का प्रथम प्रयोग @ डटन

(20) समान घनत्व परंतु गहराई में विभिन्नता (Uniform Density but Varying Thickness) @ एयरी

(21) बड़ा स्तंभ कम घनत्व, छोटा स्तंभ अधिक घनत्व (Bigger the column lesser the density, Smaller the column greater the density) @ प्राट

(22) पेनीप्लेन संकल्पना (Peneplain concept) @ डेविस

(23) पेनप्लेन संकल्पना (Panplain concept) @ क्रिर्कमे 

(24) पेडीप्लेन संकल्पना (Pediplain concept) @ किंग

(25) प्राइमारम्फ (Primarrumf) संकल्पना @ पेंक

(26) प्लिस्टोसीन हिमयुग का सर्वप्रथम प्रमाण @ लुई अगासीज

(27) आधार तल (Base Level of Erosion) की संकल्पना @ पॉवेल

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