प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन/NATURAL VEGETATION AND WILD LIFE/ CHAPTER 6 NCERT CLASS7

प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन/NATURAL VEGETATION AND WILD LIFE/ CHAPTER 6 NCERT CLASS7

NCERT CLASS-7 Geography Solutions 

(हिन्दी माध्यम) 

    अध्याय-6. प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन

(NATURAL VEGETATION AND WILD LIFE)

एनसीईआरटी के 7वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



                        
NATURAL VEGETATION
1. लिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
  
(क) वनस्पतियों का विकास किन दो कारकों पर अधिकतर निर्भर करता है?
उत्तर – वनस्पतियों का विकास तापमान एवं नमी पर निर्भर करती है। इसके अलावा यह ढाल एवं मिट्टी की परत की मोटाई जैसे कारकों पर भी निर्भर करती है।
(ख) प्राकृतिक वनस्पतियों की तीन मुख्य श्रेणियाँ कौन-सी है ?
उत्तर – प्राकृतिक वनस्पतियों की तीन मुख्य श्रेणियाँ निम्नलिखित है –
(i) वन- जो वन वृक्षों के लिए उपयुक्त तापमान एवं परिपूर्ण वर्षा वाले क्षेत्रों में उगते हैं। इन कारकों के आधार पर सघन एवं खुले वन विकसित होते हैं।
(ii) घासस्थल- जो मध्यम वर्षा वाले क्षेत्र में विकसित होते हैं।
(iii) काँटेदार झारियाँ- काँटेदार झाड़ एवं झारियाँ केवल शुष्क क्षेत्रों में पैदा होते हैं।
(ग) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के दो दृढ़ काष्ठ वाले पेड़ों के नाम बताएँ।
उत्तर – उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के दो दृढ़ काष्ठ वाले पेड़ों के नाम- रोजवुड, महोगनी है।
(घ) विश्व के किस भाग में उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन पाए जाते हैं ?
उत्तर – उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन मानसूनी वन होते है जो भारत, उत्तरी ऑस्ट्रेलिया एवं मध्य अमेरिका के बड़े हिस्सों में पाए जाते है।
(च) नींबू-वंश (सिट्रस) के फल किस जलवायु में उगाए जाते हैं ?
उत्तर – नींबू-वंश (सिट्रस) के फल भूमध्यसागरीय जलवायु में उगाए जाते हैं।
(छ) शंकुधारी वन के कोई चार उपयोग बताएँ
उत्तर – शंकुधारी वन के चार उपयोग निम्नलिखित है-
(i) लुगदी बनाने में
(ii) माचिस बनाने के उपयोग में
(iii) पैकिंग के लिए बक्से बनाने के लिए
(iv) रजत लोमड़ी, मिंक, ध्रुवीय भालू जैसे जानवरों के शरणस्थली के रूप में।
(ज) विश्व के किन भागों में मौसमी घास स्थल पाए जाते हैं?
उत्तर – विश्व के शीतोष्ण कटिबंधीय भागों में मौसमी घास स्थल पाए जाते हैं।
2. सही उत्तर चिह्नित कीजिए –
(क) काई एवं लाइकेन पाए जाते हैं
(i) रेगिस्तानी वनस्पति में
(ii) उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन में
(i (iii) टुन्ड्रा वनस्पति में
उत्तर – (iii) टुन्ड्रा वनस्पति में
(ख) कांटेदार झाड़ियाँ मिलती हैं
(i) गर्म एवं आद्र, उष्णकटिबंधीय जलवायु में 
(ii) गर्म एवं शुष्क ,रेगिस्तानी जलवायु में
(iii) ठंडी ध्रुवीय जलवायु में
उत्तर – (ii) गर्म एवं शुष्क ,रेगिस्तानी जलवायु में
(ग) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन का एक सामान्य जानवर :
(i) बन्दर
(ii) जिराफ
(iii) ऊँट
उत्तर –(i) बन्दर
(घ) शंकुधारी वन की एक महत्वपूर्ण वृक्ष प्रजाति :
(i) रोजवुड
(ii) चीड़
(iii) सागवान
उत्तर –(ii) चीड़
(च) स्टेपी घसस्थल पाए जाते हैं
(i) दक्षिण अफ्रीका
(ii) आस्ट्रेलिया
(iii) मध्य एशिया 
 उत्तर – (iii) मध्य एशिया
3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़ी बनाइए –
                           उत्तर 
(क) वालरस – (iii) एक ध्रुवीय जानवर 
(ख) देवदार का वृक्ष – (i) नरम काष्ठ पेड़
(ग) जैतून –  (vi) एक नींबू -वंश (सिट्रस) का फल
(घ) हाथी – (ii) उष्ण कटिबंधीय पर्णपाती वन का एक जानवर 
(च) कंपोस –  (vii) ब्राजील की उष्णकटिबंधीय घास स्थल
(छ) डाउन –  (iv) ऑस्ट्रेलिया के शीतोष्ण घसस्थल
4. कारण बताइए-
(क) ध्रुवीय प्रदेशों में रहने वाले जानवरों की फर एवं त्वचा मोटी होती है।
उत्तर – ध्रुवीय प्रदेशों में रहने वाले जानवरों की फर एवं त्वचा मोटी होती है जो उन्हें ठंडी जलवायु में सुरक्षित रखता है।
(ख) उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन, शुष्क मौसम में अपनी पत्तियाँ गिरा देते हैं।
उत्तर – उष्णकटिबंधीय पर्णपाती वन जल संरक्षित रखने के लिए शुष्क मौसम में वृक्ष पतियाँ झाड़ देते हैं।
(ग) वनस्पति के प्रकार एवं सघनता एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदलती रहती है।

उत्तर – प्राकृतिक वनस्पतियों के प्रकार में बदलाव का मुख्य कारण जलवायु का बदलाव है। जलवायु बदलने के कारण ही वनस्पति के प्रका एवं सघनता एक स्थान से दूसरे स्थान पर बदलती रहती है।


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Dr. Amar Kumar

Website: https://www.geographynotespdf.com

I ‘Dr. Amar Kumar’ am working as an Assistant Professor in The Department Of Geography in PPU, Patna (Bihar) India. I want to help the students and study lovers across the world who face difficulties to gather the information and knowledge about Geography. I think my latest UNIQUE GEOGRAPHY NOTES are more useful for them and I publish all types of notes regularly.

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