वायु/AIR/NCERT CHAPTER-4 CLASS 7

NCERT CLASS-7 Geography Solutions    

       (हिन्दी माध्यम)

          अध्याय-4. वायु (Air)  

एनसीईआरटी के 7वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



             

Air
      
1.निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
 
(क) वायुमंडल क्या है ?
उत्तर – पृथ्वी के चारों ओर घिरी हुई वायु के आवरण को वायुमंडल कहा जाता है। पृथ्वी पर सभी जीव जीवित रहने के लिए वायुमंडल पर निर्भर है। यह सूर्य की हानिकारक किरणों के प्रभाव से हमारी रक्षा भी करता है।
(ख) वायुमंडल का अधिकतर भाग किन दो गैसों से बना है?
उत्तर – वायुमंडल का अधिकतर भाग नाइट्रोजन तथा ऑक्सीजन जैसी दो गैसों से बना है।
(ग) वायुमंडल में कौन-सी गैस हरित गृह प्रभाव पैदा करती है ?
उत्तर – कार्बन डाइऑक्साइड वायुमंडल में फैलकर पृथ्वी से विकिरित ऊष्मा को पृथ्वी पर रोककर ग्रीन हाउस प्रभाव पैदा करती है। इसीलिए इसे ग्रीन हाउस गैस भी करते हैं। इसके अभाव में धरती इतनी ठंडी हो जाती कि इस पर रहना असंभव होता।
(घ) मौसम किसे कहते हैं ?
उत्तर – किसी स्थान या क्षेत्र के खास समय में वायुमंडलीय दशाओं को मौसम का कहा जाता है। अर्थात मौसम वायुमंडल की प्रत्येक घंटे तथा दिन-प्रतिदिन की स्थिति होती है। वायुदाब का क्षैतिज वितरण किसी स्थान पर उपस्थित वायुदाब के ताप द्वारा प्रभावित होता है।
(च) वर्षा के तीन प्रकार लिखें  ।
उत्तर – वर्षा के तीन प्रकार निम्नलिखित है –
(i) संवहनीय वर्षा
(ii) पर्वतीय वर्षा
(iii) चक्रवातीय वर्षा
(छ) वायुदाब क्या है ?
उत्तर – पृथ्वी की सतह पर वायु के भार द्वारा लगाया गया दाब, वायुदाब कहलाता है। वायुमंडल में ऊपर की ओर जाने पर दाब तेजी से गिरने लगता है। समुद्र स्तर पर वायुदाब सर्वाधिक होता है और ऊँचाई पर जाने पर यह घटता जाता है।
2. सही उत्तर चिह्नित कीजिए –
(क) निम्नलिखित में से कौन-सी गैस हमें सूर्य की हनिकारक किरणों से बचाती है ?
(i) कार्बन डाईऑकसाईड
(ii) नाईट्रोजन
(iii) ओजोन
उत्तर – (iii) ओजोन
(ख) वायुमंडल की सबसे महत्वपूर्ण परत है
(i) क्षोभमंडल
(ii) बाह्य वायुमंडल
(iii) मध्यमंडल
उत्तर – (i) क्षोभमंडल
(ग) वायुमंडल की निन्म परतों में कौन सी बादल विहीन है?
(i) क्षोभमंडल
(ii) समतापमंडल
(iii) मध्यमंडल
उत्तर – (ii) समतापमंडल
(घ) वायुमंडल की परतों में जब हम ऊपर जातें हैं, तब वायुदाब
(i) बढ़ता है
(ii) घटता है
(iii) समान रहता है
उत्तर –(ii) घटता है
(च) जब वृष्टि तरल रूप में पृथ्वी पर आती है, उसे हम कहते हैं
(i) बादल
(ii) वर्षा
(iii) हिम
उत्तर –(ii) वर्षा
3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही  जोड़े बनाइए –
                            उत्तर-
(क) व्यापारिक पवनें – (v) स्थायी पवन
(ख) लू –      (vi) स्थानीय पवन
(ग) मानसून –  (ii) मौसमी पवन
(घ) पवन –   (iii) पवन की क्षैतिज गति
 
4. कारण बताइए
(क) आर्द्र दिन में गीले कपड़े सूखने में अधिक समय लेते हैं।
उत्तर – जब जल पृथ्वी एवं विभिन्न जलाशयों से वाष्पित होता है तो यह जलवाष्प बन जाता है। वायु में किसी भी समय जलवाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं। जब वायु में जलवाष्प की मात्रा अत्यधिक होती है तो उसे हम आर्द्र दिन कहते हैं।
   
       जैसे-जैसे वायु गर्म होती जाती है इसकी जलवाष्प धारण करने की क्षमता बढ़ती जाती है और इस प्रकार यह और अधिक आर्द्र हो जाती है। यही कारण है कि आर्द्र दिन में कपड़े सूखने में काफी समय लगता है एवं हमारे शरीर से पसीना आसानी से नहीं सूखता और हम असहज महसूस करते हैं।
(ख) भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर आपतन की मात्रा घटती जाती है ।

उत्तर – आपतन एक महत्वपूर्ण कारक जो तापमान के वितरण को प्रभावित करता है। सूर्य से आने वाली वह ऊर्जा जिसे पृथ्वी रोक लेती है, आप आपतन कहलाती है। आपतन (सूर्यातप) की मात्रा भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर घटती जाती है। इसीलिए तापमान भी उसी प्रका घटता जाता है।


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 हमारी बदलती पृथ्वी/OUR CHANGING EARTH/NCERT CHAPTER 3,CLASS 7

        NCERT CLASS-7 Geography Solutions

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         अध्याय-3. हमारी बदलती पृथ्वी (OUR CHANGING EARTH)

एनसीईआरटी के 7वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



OUR CHANGING EARTH
1. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) प्लेटें क्यों घूमती है?
उत्तर – पृथ्वी के अंदर पिघले हुए मैग्मा में होने वाली गति के कारण प्लेटें घूमती है। पृथ्वी के अंदर पिघला हुआ मैग्मा एक वृत्तीय रूप में घूमता रहता है।
(ख) बहिर्जनिक एवं अंतरर्जनिक बल क्या है?
उत्तर – जो बल पृथ्वी के आंतरिक भाग में घटित होते हैं उन्हें अन्तर्जनित बल (एंडोजेनिक फोर्स) कहते हैं।अंतरर्जनिक बाल कभी आकस्मिक गति उत्पन्न करते हैं तो कभी धीमी गति एवं जो बल पृथ्वी की सतह पर उत्पन्न होते हैं उन्हें बहिर्जनिक (एक्सोजेनेटिक फोर्स) कहते हैं। 
(ग) अपरदन क्या है?
उत्तर – भू-दृश्य पर जल, पवन एवं हिम जैसे विभिन्न घटकों के द्वारा होने वाले क्षय को अपरदन कहते हैं। 
(घ) बाढ़कृत मैदान का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर – बाढ़ के कारण नदी के तटों के निकटवर्ती क्षेत्रों में महीन मिट्टी एवं अन्य पदार्थों का निक्षेपण करती है। ऐसी मिट्टी एवं पदार्थों को अवसाद कहते है और इससे बनने वाले समतल उपजाऊ मैदान को ही बाढ़कृत मैदान कहते है। 
(च) बालू टिब्बा क्या है?
उत्तर – मरुस्थलीय क्षेत्र में जब पवन चलती है तो वह अपने साथ रेत को एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँचाती है और जब पवन का बहाव रुकता है तो रेत गिरकर छोटी पहाड़ी का निर्माण करती है जिसे बालू टिब्बा कहा जाता है।
(छ) समुद्री पुलिन का निर्माण कैसे होता है?
उत्तर – समुद्री तरंगे किनारों पर अवसाद जमा कर समुद्री पुलिन का निर्माण करती है। 
(ज) चाप झील क्या है ?
उत्तर – जब कुछ समय के बाद विसर्प लूप नदी से कट जाते हैं और एक अलग झील बनाते हैं तो ऐसे झील को ही चाप झील कहा जाता हैं।
 2. सही (√) उत्तर चिह्नित कीजिए –
(क) इनमें से कौन-सी समुद्र तरंग की विशेषता नहीं है?
(i) शैल
(ii) किनारा
(iii) समुद्री गुफा
उत्तर – (ii) किनारा
(ख) हिमनद की निक्षेपण विशेषता है –
(i) बाढ़कृत मैदान
(ii) पुलिन
(iii) हिमोढ़
उत्तर – (iii) हिमोढ़
(ग) पृथ्वी की आकस्मिक गतियों के कारण कौन-सी घटना होती है?
(i) ज्वालामुखी
(ii) वलन
(iii) बाढ़कृत मैदान
उत्तर – (i) ज्वालामुखी
(घ) छत्रक शैलें पाई जाती है
(i) रेगिस्तान में
(ii) नदी घाटी में
(iii) हिमनद में
उत्तर –(i) रेगिस्तान में 
(च) चापझील यहाँ पाई जाती हैं
(i) हिमनद
(ii) नदी घटी
(iii) रेगिस्तान
उत्तर – (ii) नदी घटी 
3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए- 
                          उत्तर 
(क) हिमनद – (iii) बर्फ की नदी
(ख) विसर्प –  (iv) नदियाँ
(ग) पुलिन –    (i) समुद्री तट
(घ) बालू टिब्बा  –  (viii) रेगिस्तान
(च) जलप्रपात  –  (vii) कठोर संस्तर
(छ) भूकंप –    (v) पृथ्वी का कंपन
 
4. कारण बताइए –
(क) कुछ शैल छत्रक के आकार में होते हैं।
उत्तर – पवन शैल के ऊपरी भाग के अपेक्षा निचले भाग को आसानी से काटती है। इसीलिए ऐसी शैल के आधार संकीर्ण एवं शीर्ष विस्तृत होते हैं जो देखने में छत्रक के आकार में होते है।
(ख) बाढ़कृत मैदान बहुत उपजाऊ होते हैं।
उत्तर – बाढ़कृत मैदान बहुत उपजाऊ होते हैं इसके निम्नलिखित कारण है-
◆ बाढ़ के कारण नदी तट के आसपास के क्षेत्र जलमग्न हो जाते हैं।
◆ निकटवर्ती क्षेत्रों में महीन मिट्टी एवं अन्य पदार्थों का निक्षेपण हो जाता है।
◆ निक्षेपित पदार्थों में ह्यूमस की मात्रा काफी अधिक होती है।
◆ यह मैदान लगभग समतल होने के कारण कृषि कार्य के लिए काफी उपयुक्त  है।
(ग) समुद्री गुफा स्टैक के रूप में परिवर्तित हो जाती है।
उत्तर – समुद्री तरंग के अपरदन एवं निक्षेपण से तटीय स्थलआकृतियाँ बनती है। समुद्री तरंगे लगातार शैलों से टकराती रहती है, जिससे दरार विकसित होती है। समय के साथ यह बड़ी और चौड़ी होती जाती हैं। इनको समुद्री गुफा कहते हैं। इन गुफाओं के बड़े होते जाने पर इनमें केवल छत ही बचती है, जिससे तटीय मेहराब बनते हैं। लगातार अपरदन छत को भी तोड़ देता है और केवल दीवारें बचती हैं। दीवार जैसी इन आकृतियों को ही स्टैक करते हैं।
(घ) भूकंप के दौरान इमारतें गिरती है।
उत्तर – भूकंप के दौरान इमारतें गिरने का निम्नलिखित काण हो सकते हैं-
◆ भूकंप के दौरान कंपन बहुत होती है।
◆ भूकंप की तीव्रता सामान से ज्यादा होना।

◆ मकान का भूकंपरोधी न होना।


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हमारी पृथ्वी के अन्दर/ INSIDE OUR EARTH/CHAPTER-2 NCERT CLASS-7

          NCERT CLASS-7 Geography Solutions

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              अध्याय-2. हमारी पृथ्वी के अन्दर (INSIDE OUR EARTH)

एनसीईआरटी के 7वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें


अध्याय-2. हमारी पृथ्वी के अन्दर INSIDE OUR EARTH

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) पृथ्वी के तीन परतें है क्या है? 

उत्तर – पर्पटी, मैंटल तथा क्रोड

(ख) शैल क्या है?

उत्तर – पृथ्वी की पर्पटी बनाने वाले खनिज पदार्थ के किसी भी प्राकृतिक पिंड को शैल करते हैं। शैल विभिन्न रंग, आकार एवं गठन की हो सकती है।

(ग) तीन प्रकार की शैलों के नाम लिखें।

उत्तर – मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है-

◆ आग्नेय (इग्नियस) शैल

◆ अवसादी (सेडीमेंट्री) शैल एवं 

◆ कायांतरित (मेटामॉरफिक) शैल

(घ) बहिर्भेदी एवं अंतर्भेदी शैल का निर्माण कैसे होता है?

उत्तर – पृथ्वी के आंतरिक भाग से जब निकल कर द्रवित लावा पृथ्वी की सतह पर आता है तो यह तेजी से ठंडा होकर ठोस बन जाता है, पर्पटी पर इस प्रकार से बने ठोस शैल को बहिर्भेदी आग्नेय शैल कहते हैं। जैसे – बेसाल्ट।

     पृथ्वी के आंतरिक भाग से जब निकलकर द्रवित लावा कभी-कभी भूपर्पटी के अंदर गहराई में ही ठंडा हो जाता है तो इस प्रकार बने ठोस शैलों को अंतर्वेदी आग्नेय शैल कहते हैं। जैसे -ग्रेनाइट।

(च) शैल चक्र से आप क्या समझते हैं?

उत्तर – किसी निश्चित दशाओं में एक प्रकार की शैल चक्रीय तरीके से एक-दूसरे में परिवर्तित हो जाते हैं। इस प्रकार एक शैल से दूसरे शैल में परिवर्तित होने की इस प्रक्रिया को शैल चक्र कहा जाता है।

       द्रवित मैग्मा ठंडा होकर ठोस आग्नेय शैल बन जाता हैं। ये आग्नेय शैल छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित होकर अवसादी शैल का निर्माण करते हैं। अत्यधिक ताप एवं दाब के कारण ये आग्नेय एवं अवसादी शैल पुनः कायांतरित शैल में बदल जाते हैं।

        पुनः अत्यधिक ताप एवं दाब के कारण कायांतरित शैल पिघलकर द्रवित मैग्मा बन जाता है। यह द्रवित मैग्मा पुनः ठंडा होकर आग्नेय शैल में परिवर्तित हो जाता है।

(छ) शैलों के क्या उपयोग है ?

उत्तर – शैल का निम्नलिखित उपयोग है-

◆ सड़क बनाने में,

◆ घर एवं इमारत बनाने में,

◆ कई प्रकार के खेलों जैसे सात पत्थर, पांच पत्थर इत्यादि में।

(ज) कायांतरित शैल क्या है ?

उत्तर – जब अत्यधिक ताप एवं दाब के कारण आग्नेय एवं अवसादी शैलों का रूपांतरण हो जाता है तब इससे एक नया शैल का निर्माण होता है, जिसे कायांतरित शैल कहा जाता है। जैसे – चिकनी मिट्टी स्लेट में एवं चुना पत्थर संगमरमर में रूपांतरित हो जाता है।

2. सही उत्तर चिह्नित कीजिए –

(क) द्रवित मैग्मा से बने शैल

(i) आग्नेय

(ii) अवसादी

(iii) कायांतरित

उत्तर – (i) आग्नेय

(ख) पृथ्वी की सबसे भीतरी परत

(i) पर्पटी

(ii) क्रोड

(iii) मैंटल

उत्तर – (ii) क्रोड

(ग) सोना, पेट्रोलियम एवं कोयला किसके उदहारण है?

(i) शैल

(ii) खनिज

(iii) जीवाश्म

उत्तर – (ii) खनिज

(घ) शैल, जिसमें जीवाश्म होते हैं

(i) अवसादी

(ii) कायांतरित

(iii) आग्नेय

उत्तर – (i) अवसादी

(च) पृथ्वी की सबसे पतली परत हैं

(i) पर्पटी

(ii) मैंटल

(iii) क्रोड

उत्तर – (i) पर्पटी

3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए –

                          उत्तर

(क) क्रोड –   (v) सबसे भीतरी परत

(ख) खनिज –  (iv) इसका एक निश्चित रासायनिक मिश्रण होता है।

(ग) शैल –   (ii) सड़क एवं इमारत बनाने के लिए उपयोग होता है।

(घ) चिकनी मिट्टी – (vi) स्लेट में बदलता है ।

(च) सिएल – (iii) सिलिका एवं एलुमिना से बनता है।

4. कारण बताइए  –

(क) हम पृथ्वी के केंद्र तक नहीं जा सकते हैं?

उत्तर – पृथ्वी के केंद्र की गहराई समुद्र सतह से 6000 किलोमीटर नीचे है, साथ ही साथ केंद्रीय क्रोड का तापमान एवं दाब काफी उच्च होता है जिसकी खुदाई करना बिल्कुल असंभव है।

(ख) अवसादी शैल अवसाद से बनती है। 

उत्तर – शैल लुढ़ककर, चटककर तथा एक-दूसरे से टकराकर छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाती है। इन छोटे कणों को अवसाद का कहते है। ये अवसाद हवा, जल आदी के द्वारा एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुँच कर जमा कर दिए जाते हैं। यह अदृढ़ अवसाद दबकर एवं कठोर होकर शैल की परत बनाते हैं। इस प्रकार की शैलों को अवसादी शैल कहते हैं। जैसे- बलुआ पत्थर, रेत इत्यादि।

(ग) चूना पत्थर संगमरमर में बदलता है।

उत्तर – अत्याधिक उच्च ताप एवं दाब के कारण चूना पत्थर का रूपांतरण संगमरमर में  हो जाता है।

नोट : जीवाश्म – शैलों की परतों में दबे मृत पौधों एवं जीव जंतुओं के अवशेषों को जीवाश्म कते है।


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अध्पयाय 1 पर्यावरण/Environment/CHAPTER-1 NCERT CLASS-7

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अध्याय-1. पर्यावरण (Environment)

एनसीईआरटी के 7वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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   Environment

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(क) पारितंत्र क्या है?

उत्तर – वैसे तंत्र जिसमें समस्त जीवधारी आपस में एक-दूसरे के साथ तथा पर्यावरण के उन भौतिक एवं रासायनिक कारकों के साथ परस्पर क्रिया करते हैं जिसमें वे निवास करते हैं, उसे पारितंत्र कहा जाता है। वह सब ऊर्जा और पदार्थ के स्थानांतरण द्वारा सम्बद्ध है। 

      इस प्रकार सभी पेड़-पौधे, जीव-जंतु एवं मानव अपने आसपास के पर्यावरण पर आश्रित होते हैं। प्रायः वे एक-दूसरे पर भी आश्रित हैं। जीवधारियों का आपसी एवं अपने आस-पास के पर्यावरण के बीच का संबंध ही पारितंत्र का निर्माण करता है। अधिक वर्षा वाले वन घासस्थल, रेगिस्तान, पर्वत, नदी, महासागर एवं छोटे-से ताल का भी एक पारितंत्र हो सकता है।

(ख) प्राकृतिक पर्यावरण से आप क्या समझते हैं? 

उत्तर – भूमि, जल, वायु, पेड़-पौधे एवं जीव-जंतुओं से मिलकर बनने वाले पर्यावरण को प्राकृतिक पर्यावरण कहा जाता है।

(ग) पर्यावरण के प्रमुख घटक कौन-कौन से है ?

उत्तर – पर्यावरण के प्रमुख घटक दो होते हैं-

जैविक घटक (जीवीय) – पेड़-पौधे तथा जीव-जंतु

अजैविक घटक (अजीवीय) – भूमि, जल, वायु इत्यादि।

(घ) मानव निर्मित पर्यावरण के चार उदाहरण दीजिए।

उत्तर – मानव निर्मित पर्यावरण के चार उदाहरण निम्नलिखित है –

◆फसल उगाना 

◆पशुपालन 

◆ औद्योगिक क्रांति

◆ व्यापार एवं वाणिज्य

(च) स्थल मंडल क्या है ?

उत्तर – पृथ्वी की ठोस पर पर्पटी या कठोर ऊपरी परत को स्थलमंडल कहते हैं। यह चट्टानों एवं खनिजों से बना होता है एवं मिट्टी की पतली परत से ढका होता है। या पहाड़, पठार, मैदान, घाटी आदि जैसी विभिन्न स्थल आकृतियों वाला विषम धरातल होता है। ये स्थलाकृतियाँ महाद्वीपों के अलावा महासागर की सतह पर भी पाई जाती है। अर्थात स्थलमंडल वह क्षेत्र है जो हमें वन, कृषि एवं मानव बस्तियों के लिए भूमि पशुओं को चरने के लिए घास स्थल प्रदान करता है। यह खनिज संपदा का भी एक सोच है।

(छ) जीवीय पर्यावरण के दो प्रमुख घटक क्या है?

उत्तर – जीवीय पर्यावरण – पेड़-पौधे तथा जीव-जंतु।

(ज) जैवमंडल क्या है ?

उत्तर- पादप एवं जीव-जंतु मिलकर जलमंडल या सजीव संसार का निर्माण करते हैं। यह पृथ्वी वह संकीर्ण क्षेत्र है जहाँ स्थल, जल एवं वायु मिलकर जीवन को संभव बनाते हैं।

1. सही उत्तर चिह्नित कीजिए –

(क) इनमें से कौन-सा प्राकृतिक परितंत्र नहीं है?

(i) मरुस्थल

(ii) ताल

(iii) वन

उत्तर – (ii) ताल

(ख) इनमें से कौन सा मानवीय पर्यावरण का घटक नहीं है?

(i) स्थल

(ii) धर्म

(iii) समुदाय

उत्तर – (i) स्थल

(ग) इनमें से कौन-सा मानव-निर्मित पर्यावरण है?

(i) पहाड़

(ii) पर्वत

(iii) सड़क

उत्तर – (iii) सड़क

(घ) इनमें से कौन-सा पर्यावरण के लिए खतरा है?

(i) पादप-वृद्धि

(ii) जनसंख्या वृद्धि

(iii) फसल वृद्धि

उत्तर –(ii) जनसंख्या वृद्धि

3. निम्नलिखित स्तंभों को मिलाकर सही जोड़े बनाइए-

                              उत्तर 

(क) जैवमंडल  – (v) वह संकीर्ण क्षेत्र जहाँ स्थल, जल एवं वायु पारस्परिक क्रिया करते हैं।

(ख) वायुमंडल – (i) पृथ्वी को घेरने वाले वायु की चादर 

(ग) जलमंडल – (ii) जलीय क्षेत्र

(घ) पर्यावरण – (iv) हमारे आस-पास का क्षेत्र

4. कारण बताइए –

(क) मानव अपने पर्यावरण में परिवर्तन करता है।

उत्तर – कार का धूआँ वायु को प्रदूषित करता है, पानी को पात्र में एकत्रित किया जाता है, भोजन को बर्तनों में परोसा जाता है और भूमि पर कारखानों का निर्माण होता है।

           मानव कार, मिल, कारखानों एवं बर्तनों का निर्माण करता है। इस प्रकार से मानव प्राकृतिक पर्यावरण में परिवर्तन करता है।

(ख) पौधे एवं जीव जंतु एक दूसरे पर आश्रित है।

उत्तर – सभी पेड़-पौधे जीव-जंतु एवं मानव अपने आसपास के पर्यावरण पर आश्रित होते हैं। प्रायः वे एक-दूसरे पर भी आश्रित है। जीवधारियों का आपसी एवं अपने आस-पास के पर्यावरण के बीच का संबंध ही पारितंत्र का निर्माण करता है। अधिक वर्षा वाले वन, घासस्थल, रेगिस्तान, पर्वत, झील, नदी, महासाग एवं छोटे-से ताल भी एक पारितंत्र हो सकता है।


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अध्याय 8 भारत : जलवायु, वनस्पति तथा वन्य प्राणी / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

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अध्याय 8 भारत : जलवायु, वनस्पति तथा वन्य प्राणी

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 8 भारत

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) कौन-सी पवन भारत में वर्षा लाती है? यह इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर- मानसून पवन भारत में वर्षा लाती है क्योंकि मानसून पवन बंगाल की खाड़ी तथा अरब सागर से स्थल की ओर बहती है एवं वे अपने साथ नमी भी लाती है और यह पवन पहाड़ों से टकराकर वर्षा करती है। इसीलिए यह पवन भारत में काफी महत्वपूर्ण है। 
(ii) भारत के विभिन्न मौसमों के नाम लिखिए।
उत्तर- सामान्यत: भारत में प्रमुख मौसम होते हैं:
◆ दिसंबर से फरवरी तक ठंडा मौसम (सर्दी)
◆ मार्च से मई तक गर्म मौसम (गर्मी)
◆ जून से सितंबर तक दक्षिण पश्चिम मानसून का मौसम (वर्षा)
◆ अक्टूबर और नवंबर में मानसून के लौटने का मौसम (शरद) 
(iii) प्राकृतिक वनस्पति क्या है ?
उत्तर- घास, झाड़ियाँ तथा पेड़-पौधे जो बिना मनुष्य की सहायता के उगते हैं उन्हें प्राकृतिक वनस्पति कहा जाता है। 
(iv) भारत में पाई जाने वाली विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों के नाम लिखिए।
उत्तर – भारत की वनस्पतियों को पाँच प्रकार में विभाजित किया जा सकता है- 
● उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन,
● उष्ण कटिबंधीय पतझड़ वन,
● कंटीली झाड़ियाँ,
● पर्वतीय वनस्पति तथा 
● मैंग्रोव। 
(v) सदाबहार वन तथा पतझड़ वन में क्या अंतर है?
उत्तर- सदाबहार वन- उष्णकटिबंधीय वर्षा वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ वर्षा बहुत अधिक होती है। यह इतने घने होते हैं कि सूर्य का प्रकाश भी जमीन तक नहीं पहुँच पाता है। वृक्ष की अनेक प्रजातियाँ इन वनों में पाई जाती है। ये एक वर्ष के अलग-अलग समय में अपनी पत्तियाँ गिराते हैं फलत: वे हमेशा हरे-भरे दिखाई देते हैं और उन्हें सदाबहार वन कहा जाता है। अंडमान-निकोबार द्वीप समूहों, उत्तर-पूर्वी राज्यों के कुछ भागों तथा पश्चिमी घाट की संकरी पट्टी में पाए जाने वाले प्रमुख वृक्ष महोगनी,एबोनी तथा रोजवुड है।
पतझड़ वन- हमारे देश के बहुत बड़े भाग में इस प्रकार के वन पाए जाते हैं। इन वनों को मानसूनी वन भी कहा जाता है। यह कम घने होते हैं और वर्ष के एक निश्चित समय में अपनी पत्तियाँ गिराते हैं। इन वनों में पाए जाने वाले महत्वपूर्ण पेड़ साल, सागौन, पीपल, नीम एवं शीशम हैं। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, उड़ीसा तथा महाराष्ट्र के कुछ भागों में पाए जाते हैं। 
(vi) कटिबंधीय वर्षा वनों को सदाबहार वन क्यों कहा जाता है?
उत्तर- उष्णकटिबंधीय वर्षा वन उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं जहाँ वर्षा बहुत अधिक होती है। यह इतने घने होते हैं कि सूर्य का प्रकाश भी जमीन तक नहीं पहुँच पाता है। वृक्ष की अनेक प्रजातियाँ इन वनों में पाई जाती है। ये एक वर्ष के अलग-अलग समय में अपनी पत्तियाँ गिराते हैं फलत: वे हमेशा हरे-भरे दिखाई देते हैं यही कारण है कि उन्हें सदाबहार वन कहा जाता है। अंडमान-निकोबा द्वीप समूहों, उत्तर-पूर्वी राज्यों के कुछ भागों तथा पश्चिमी घाट की संकरी पट्टी में पाए जाने वाले प्रमुख वृक्ष महोगनी,एबोनी तथा रोजवुड है। 
 
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए। 
(i) विश्व में सबसे अधिक वर्षा वाला क्षेत्र कौन-सा है-
क. मुंबई
ख. आसनसोल
ग. मौसिनराम
उत्तर – ग. मौसिनराम 
(ii) मैंग्रोव वन कहाँ हो सकते हैं ?
क. खारे जल में
ख. साफ जल में
ग. प्रदूषित जल में
उत्तर – क. खारे जल में 
(iii) महोगनी एवं रोजवुड वृक्ष पाए जाते हैं –
क. मैंग्रोव वन में
ख. उष्ण कटिबंधीय पतझड़ वन में
ग. उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन में
उत्तर – ग. उष्ण कटिबंधीय सदाबहार वन में 
(iv) जंगली बकरी तथा हिम तेंदुए कहाँ पाए जाते हैं?
क. हिमालय क्षेत्र में
ख. प्रायद्वीपीय क्षेत्र में
ग. गिर वन में
उत्तर – क. हिमालय क्षेत्र में
(v) दक्षिण-पश्चिम मानसून के समय आर्द्र पवनें कहाँ बहती है?
क. स्थल से समुद्र की ओर
ख. समुद्र से स्थल की ओर
ग. पठार से मैदान की ओर
उत्तर – ख. समुद्र से स्थल की ओर
3. खाली स्थान भरें।
(i) गर्मी में दिन के समय शुष्क तथा गर्म पवनें चलती है जिन्हें लू कहा जाता है।
(ii) आंध्र प्रदेश तथा तमिलनाडु में मानसून के लौटने/जाड़े के मौसम में बहुत अधिक मात्रा में वर्षा होती है।
(iii) गुजरात के गिर वन एशियाई शेरों का निवास है।
(iv) सुंदरी मैंग्रोव वन की प्रजाति है।

(v) उष्ण कटिबंधीय पतझड़ वन को मानसून वन भी कहा जाता है।


अध्याय 7 हमारा देश : भारत / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय 7 हमारा देश : भारत 

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



 
हमारा देश 
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) भारत को कितने भौतिक भागों में विभाजित किया जा सकता है ? उनके नाम लिखिए।
उत्तर – भारत को पाँच भौतिक भागों में विभाजित किया जा सकता है। उनके नाम इस प्रकार है-
◆ उत्तर का हिमालय पर्वत
◆ भारत का उत्तरी विशाल मैदान
◆ प्रायद्वीपीय पठार
◆ तटीय मैदान
◆ द्वीप समूह 
(ii) भारत की स्थलीय सीमा सात देशों से जुड़ी है । उनके नाम लिखिए।
उत्तर – भारत की स्थलीय सीमा 7 देशों से जुड़ी है उनके नाम इस प्रकार है-
◆ पाकिस्तान
◆ अफगानिस्तान
◆ चीन
◆ नेपाल
◆ भूटान
◆ म्यांमार
◆ बांग्लादेश 
(iii) कौन सी दो प्रमुख नदियाँ अरब सागर में गिरती है?
उत्तर – अरब सागर में गिरने वाली दो प्रमुख नदियाँ नर्मदा तथा ताप्ती है 
(iv) गंगा एवं ब्रह्मपुत्र के द्वारा बनाए गए डेल्टा का नाम लिखिए।
उत्तर – गंगा एवं ब्रह्मपुत्र के द्वारा सुंदरबन डेल्टा का निर्माण होता है।
(v) भारत में कितने राज्य तथा कितने केंद्र शासित प्रदेश है? किन दो राज्यों की राजधानी है एक ही है?
उत्तर – भारत में वर्तमान में 28 राज्य तथा 8 केंद्र शासित प्रदेश है। पंजाब एवं हरियाणा राज्यों की राजधानी चंडीगढ़ एक ही है।
(vi) उत्तरी मैदान में अधिक जनसंख्या में निवास करती है क्यों?
उत्तर –भारत का उत्तरी मैदान अत्यधिक जनसंख्या निवास करने वाला प्रदेश है क्योंकि यह मैदान काफी अधिक समतल एवं उपजाऊ है जिसके कारण यहाँ सघन कृषि कार्य किया जाता है। यहाँ यातायात के साधन, उद्योग-धंधे, नगरों का काफी विकास हुआ है । यहाँ की जलवायु मानव बसाव के लिए भी काफी उपयुक्त है। 
(vii) लक्ष्यद्वीप को प्रवाल द्वीप कहा जाता है, क्यों?
उत्तर – प्रवाल छोटे समुद्री जंतुओं के कंकाल है, जिसे पॉलिप कहा जाता है। जब जीवित पॉलिप मरते हैं तब उनका कंकाल बच जाता है। अन्य पॉलिप की वृद्धि इन ठोस कंकालों के ऊपर होती है जो बढ़ते-बढ़ते काफी ऊँचे होते जाते हैं तथा इस प्रकार प्रवाल द्वीपों का निर्माण करते हैं का निर्माण करते है । लक्षद्वीप का निर्माण भी इन्हीं प्रवालों से हुआ है। यही कारण है कि लक्षद्वीप को प्रवाल द्वीप कहा जाता है।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) हिमालय के सबसे दक्षिणी भाग को क्या कहा जाता है?
क. शिवालिक
ख. हिमाद्रि
ग. हिमाचल
उत्तर – क. शिवालिक
(ii) सह्याद्रि को अन्य किस नाम से जाना जाता है?
क. अरावली
ख. पश्चिमी घाट
ग. हिमाद्रि
उत्तर – ख. पश्चिमी घाट
(iii) पाक जल सधि किन देशों के बीच स्थित है
क. श्रीलंका तथा मालदीव
ख. भारत तथा श्रीलंका
ग. भारत तथा मालदीव
उत्तर – ख. भारत तथा श्रीलंका 
(iv) अरब सागर में स्थित भारतीय द्वीप समूह कौन-से है?
क. अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
ख. लक्ष्यद्वीप द्वीप समूह
ग. मालदीव
उत्तर – ख. लक्ष्यद्वीप द्वीप समूह 
(v) भारत की सबसे पुरानी पर्वत श्रृंखला कौन-सी है?
क. अरावली
ख. पश्चिमी घाट
ग. हिमालय
उत्तर – क. अरावली
3. खाली स्थान भरें।
(i) भारत का क्षेत्रफल लगभग 32.8 लाख वर्ग किमी. है।
(ii) महान हिमालय को हिमाद्री के नाम से भी जाना जाता है।
(iii) क्षेत्रफल की दृष्टि से राजस्थान भारत का सबसे बड़ा राज्य है।
(iv) नर्मदा नदी अरब सागर में गिरती है। 

(v) कर्क रेखाभारत के लगभग मध्य भाग से होकर गुजने वाली अक्षांश रेखा है।


अध्याय 6 पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

 NCERT CLASS -6 Geography Solutions

(हिन्दी माध्यम)

अध्याय 6 पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए
(i) प्रमुख स्थल स्वरूप कौन-कौन से है?
उत्तर – विभिन्न स्थलरूपों को उनकी ऊँचाई एवं ढाल के आधार पर पर्वत, पठार एवं मैदान में वर्गीकृत कर सकते हैं।
(ii) पर्वत एवं पठार में क्या अंतर है?
उत्तर – पर्वत- पर्वत पृथ्वी की सतह की प्राकृतिक ऊंचाई हैं। पर्वत का शिखर छोटा तथा आधार चौड़ा होता है। यह आस-पास के क्षेत्र से बहुत ऊँचा होता है। कुछ पहाड़ बादलों से भी ऊँचे होते हैं। अधिक ऊँचाई जाने पर जलवायु ठंडी होती जाती है। 
पठार- पठार उठी हुई एवं सपाट भूमि होती है। यह आस-पास के क्षेत्रों से अधिक उठा होता है तथा इसका ऊपरी भाग मेज के समान सपाट होता है। किसी पठार के एक या एक से अधिक किनारे होते हैं जिनके ढाल खड़े होते हैं।पठारों की ऊँचाई प्रायः कुछ सौ मीटर से लेकर कई हजार मीटर तक हो सकती है। पर्वतों की तरह पठार भी नए या पुराने हो सकते हैं। 
(iii) पर्वतों के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर – पर्वत मुख्यतः तीन प्रकार के होते हैं – वलित पर्वत, भ्रंशोत्थ पर्वत तथा ज्वालामुखी पर्वत।
(iv) मनुष्यों के लिए पर्वत किस प्रकार उपयोगी है?
उत्तर – मनुष्य के लिए पर्वत निम्नलिखित प्रकार से उपयोगी है –
◆ पर्वत जल के संग्रहागार होते हैं।
◆ बहुत-सी नदियों का स्त्रोत पर्वतों में स्थित हिमानयों में होता है।
◆ पर्वतों के जल का उपयोग सिंचाई तथा पनबिजली के उत्पादन में भी किया जाता है।
◆ नदी घाटियाँ तथा वेदिकाएँ कृषि के लिए उपयुक्त होती है।
◆ पर्वतों में अलग-अलग प्रकार की वनस्पतियाँ तथा जीव-जंतु पाए जाते हैं।
◆ वनों से हमें ईंधन, चारा, आश्रय तथा दूसरे उत्पाद जैसे गोंद, रेजीन इत्यादि प्राप्त होते हैं।
◆ सैलानियों के लिए पर्वतीय भाग उपयुक्त स्थान है। वे पर्वतों की यात्रा उनकी प्राकृतिक सुंदरता को देखने के लिए करते हैं।
◆ विभिन्न प्रकार के खेल; जैसे- पैराग्लाइडिंग, हैंग ग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग तथा स्कीइंग पर्वतों के प्रचलित खेल है।
(v) मैदानों का निर्माण किस प्रकार होता है ?
उत्तर – मैदान समतल भूमि के बहुत बड़े भाग होते हैं। अधिकांश मैदान मुख्य नदियों तथा उनकी सहायक नदियों के द्वारा लाए गए मलबों के निक्षेप से बने हैं।
        नदियों पर्वतों के ढालों पर नीचे की ओर बहती है तथा उन्हें अपरदित पदार्थों को अपने साथ आगे की ओर ले जाती है। अपने साथ ढ़ोये जाने वाले पदार्थों; जैसे पत्थर, बालू तथा सिल्क को यह घाटियों में निक्षेपित कर देती है। इन्हीं निक्षेपों से मैदानों का निर्माण होता है।
(vi) नदियों द्वारा निर्मित मैदान सघन जनसंख्या वाले होते हैं, क्यों ?
उत्तर – नदियों द्वारा निर्मित मैदान सघन जनसंख्या वाले होते हैं, इसके निम्नलिखित कारण हैं –
◆ यह मैदान कृषि कार्य के लिए काफी उपजाऊ होता है।
◆ यह मैदान लगभग समतल होता है जहाँ मकानों को आसानी से बनाया जाता है।
◆ औद्योगिक स्थल के लिए भी उपयुक्त होता है।
◆ पेयजल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाता है।
◆ परिवहन के साधन जैसे सड़क आसानी से निर्मित किए जाते हैं। 
(vii) पर्वतों में जनसंख्या कम होती है, क्यों?
उत्तर – पर्वतों में कम जनसंख्या होती है जिसके निम्नलिखित कारण हैं –
◆ कठोर जलवायु 
◆ खारी ढाल वाला धरातल 
◆ कृषि योग्य भूमि की कमी
◆ परिवहन सुविधाओं का अभाव
◆ पीने योग्य पानी का अभाव इत्यादि।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) पर्वत पठारों से भिन्न होते हैं-
क. ऊँचाई
ख. ढाल
ग. अभिमुखता
उत्तर- क. ऊँचाई 
(ii) हिमानी कहाँ पाई जाती है?
क. पर्वतों में
ख. मैदानों में
ग. पठारों में
उत्तर- क. पर्वतों में 
(iii) दक्कन पठार कहाँ स्थित है?
क. केन्या
ख. ऑस्ट्रेलिया
ग. भारत
उत्तर- ग. भारत 
(iv) यांग्त्से नदी कहाँ बहती है?
क. दक्षिण अमेरिका
ख. ऑस्ट्रेलिया
ग. चीन
उत्तर- ग. चीन 
(v) यूरोप की एक महत्वपूर्ण पर्वत श्रृंखला कौन सी है?
क. एंडीज
ख. आल्प्स
ग. रॉकीज
उत्तर- ख. आल्प्स 
3. खाली स्थान भरें।
(i) समतल भूमि वाले विस्तृत क्षेत्र को मैदान कहते हैं।
(ii) हिमालय एवं आल्प्स वलित पर्वतों के उदाहरण है। 
(iii) पठारी क्षेत्रों में खनिजों की प्रचुता होती है। 
(iv) पर्वत  श्रृंखला पर्वतों का एक क्रम है। 

(v) मैदानी क्षेत्र कृषि के लिए सबसे अधिक उत्पादक क्षेत्र होते हैं।


अध्याय 5 पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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(हिंदी माध्यम)

अध्याय 5 पृथ्वी के प्रमुख परिमंडल 

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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पृथ्वी के प्रमुख
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।
(i) पृथ्वी के चार प्रमुख परिमंडल कौन-कौन से हैं?
उत्तर- पृथ्वी के चार प्रमुख परिमंडल है: भूमंडल, जलमंडल, वायुमंडल तथा जीवमंडल।
(ii) पृथ्वी के प्रमुख महाद्वीपों का नाम लिखिए।
उत्तर- पृथ्वी पर सात प्रमुख महाद्वीप है। यह विस्तृत जल राशि के द्वारा एक दूसरे से अलग है। यह महाद्वीप है: एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, आस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका। 
(iii) दो महाद्वीपों के नाम लिखिए जो पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्ध में स्थित हों।
उत्तर- आस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका महाद्वीप जो की पूरी तरह से दक्षिणी गोलार्द्ध में स्थित है।
(iv) वायुमंडल की विभिन्न परतों के नाम लिखिए।
उत्तर- वायुमंडल की विभिन्न परतों का नाम पृथ्वी की सतह से शुरु करते हुए क्षोभ मंडल, समताप मंडल, मध्य मंडल, आयन मंडल तथा बहिर्मण्डल है।
(v) पृथ्वी को नीला ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर- पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है क्योंकि पृथ्वी का 71 प्रतिशत भाग पर जल तथा 29 प्रतिशत भाग पर स्थल है। जलमंडल में जल के सभी रूप उपस्थित है। इसमें महासागर एवं नदियाँ, झीलें, हिमनदियाँ, भूमिगत जल तथा वायुमंडल के जलवाष्प सभी सम्मिलित हैं। इसीलिए पृथ्वी को अंतरिक्ष से देखने पर नीला दिखाई पड़ती है।
(vi) उत्तरी गोलार्ध को स्थलीय गोलार्ध क्यों कहा जाता है?
उत्तर- उत्तरी गोलार्ध को स्थलीय गोलार्ध कहा जाता है क्योंकि स्थल का बहुत बड़ा भाग उत्तरी गोलार्ध में पाया जाता है।
(vii) जीवित प्राणियों के लिए जीवमंडल क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर- जीवमंडल स्थल, जल तथा हवा के बीच का एक सीमित भाग है। यह वह भाग है जहाँ जीवन मौजूद है। यहाँ जीवों की बहुत सी प्रजातियाँ है जो कि सूक्ष्मजीवों तथा बैक्टीरिया से लेकर बड़े स्तनधारियों के आकार में पाई जाती है। मनुष्य सहित सभी प्राणी, जीवित रहने के लिए एक-दूसरे से तथा जीवमंडल से जुड़े हुए हैं।
         जीवित प्राणियों के लिए जीवमंडल का बनाए रखना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भूमंडल, वायुमंडल तथा जलमंडल के बीच के प्राकृतिक संतुलन बना रहता है। यह तीनों परिमंडल आपस में पारस्परिक क्रिया करते हैं तथा एक दूसरे को किसी न किसी रूप में प्रभावित भी करते हैं।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) कौन सी पर्वत श्रृंखला एशिया एवं यूरोप को अलग करती है ?
क. एंडीज
ख. हिमालय
ग. युराल
उत्तर – ग. यूराल
(ii) उत्तरी अमेरिका दक्षिण अमेरिका से कैसे जुड़ा हुआ है-
क. स्थलसंधि 
ख. जलसंधि
ग. नहर
उत्तर – क. स्थलसंधि
(iii) वायुमंडल में किस गैस का प्रतिशत सर्वाधिक है –
क. नाइट्रोजन
ख. ऑक्सीजन
ग. कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर – क. नाइट्रोजन
(iv) पृथ्वी का कौन सा भाग दोस्त चट्टानों का बना है –
क. वायुमंडल
ख. जलमंडल
ग. स्थलमंडल
उत्तर – ग. स्लथमंडल
(v) सबसे बड़ा महाद्वीप कौन सा है –
क. अफ्रीका
ख. एशिया
ग. ऑस्ट्रेलिया
उत्तर – ख एशिया
3. खाली स्थान भरें । 
(i) पृथ्वी का सबसे गहरा भाग मेरियाना गर्त प्रशांत महासागर में स्थित है ।
(ii)  हिन्द महासागर का नाम एक देश के नाम पर रखा गया है
(iii) जीवमंडल स्थल, जल एवं हवा का एक सीमित भाग है, जो जीवन के लिए सहायक है ।
(iv) यूरोप एवं एशिया महाद्वीप को एक साथ यूरेशिया कहा जाता है ।

(v) पृथ्वी प सबसे ऊँचा पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट है।


अध्याय 4 मानचित्र / NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

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(हिन्दी माध्यम)

अध्याय 4 मानचित्र

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 4 मानचित्र
1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए। 
 
(i) मानचित्र के तीन घटक कौन-कौन से है?
उत्तर – मानचित्र के तीन घटक है : दूरी, दिशा और प्रतीक। 
(ii) प्रधान दिग्बिन्दु कौन-कौन से हैं?
उत्तर – चार मुख्य दिशाओं उत्तर, दक्षिण, पूर्व एवं पश्चिम को प्रधान दिग्बिन्दु कहे जाते हैं।
(iii) मानचित्र के पैमाने से आप क्या समझते हैं?
उत्तर – स्थल पर वास्तविक दूरी तथा मानचित्र पर दिखाई गई दूरी के बीच के अनुपात को पैमाना कहा जाता है। अर्थात इससे कागज पर एक छोटी दूरी स्थल की बड़ी दूरी को व्यक्त करते है।
              उदाहरण के लिए यदि विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 10 किमी. है और जिसे मानचित्र पर 2 सेंमी. दूरी से व्यक्त किया गया है तो इसका अभिप्राय है कि मानचित्र का 1 सेंमी. स्थल के 5 किमी. को दर्शायेगा। अर्थात मानचित्र का पैमाना होगा, 1 सेंमी. = 5 किमी.
(iv) ग्लोब की अपेक्षा मानचित्र अधिक सहायक होते हैं, क्यों?
उत्तर – ग्लोब पृथ्वी का लघु रूप में एक वास्तविक प्रतिरूप है। ग्लोब विभिन्न आकार एवं प्रकार के हो सकते हैं- बड़े ग्लोब जो आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान नहीं ले जा सकते हैं। 
               
          ग्लोब में अध्ययन की कुछ सीमाएँ होती है। जब हम पूरी पृथ्वी का अध्ययन करना चाहते हैं तब ग्लोब हमारे लिए काफी उपयोगी साबित होता है। लेकिन जब हम पृथ्वी के केवल एक भाग जैसे- अपने देश, राज्यों, जिलों, शहरों तथा गाँवों के बारे में अध्ययन करना चाहते हैं तो यह हमारे लिए उतना उपयोगी साबित नहीं होता है। ऐसी स्थिति में हम मानचित्रों का उपयोग करते हैं।
         मानचित्र पृथ्वी की सतह या इसके एक भाग का पैमाने के माध्यम से चपटी सतह पर खींचा गया चित्र है। लेकिन एक गोलाकार सतह को पूरी तरह से चपटा करना असंभव है। यही कारण है कि ग्लोब की अपेक्षा मानचित्र अधिक सहायक होते हैं।
(v) मानचित्र एवं खाका के बीच अंतर बताएँ।
उत्तर – एक छोटे क्षेत्र का बड़े पैमाने पर खींचा गया रेखाचित्र खाका कहा जाता है। एक बड़े पैमाने वाले मानचित्र से हमें बहुत सी जानकारियाँ प्राप्त होती है लेकिन कुछ ऐसी चीजें होती है जिन्हें हम कभी-कभी जानना चाहते हैं। जैसे किसी कमरे की लंबाई एवं चौड़ाई जिसे मानचित्र में नहीं दिखाया जा सकता है। उस समय हम लोग बड़े पैमाने वाला एक रेखाचित्र खींच सकते हैं जिसे खाका कहा जाता है।
(vi) कौन-सा मानचित्र विस्तृत जानकारी प्रदान करता है?उत्तर – जब बड़े क्षेत्रफल वाले भागों जैसे महाद्वीप या देशों को कागज पर दिखाना होता है तब हम लोग छोटे पैमाने का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए मानचित्र पर 5 सेंमी. स्थल के 500 किमी. को दर्शाता है। इसको छोटे पैमाने वाला मानचित्र कहते है।
      जब एक छोटे क्षेत्रफल वाले भाग जैसे कोई  गाँव या शहर को कागज पर दिखाना होता है तब हम बड़े पैमाने का उपयोग करते हैं जैसे स्थल पर 500 मीटर की दूरी को मानचित्र पर मात्र 5  सेंमी. से दर्शाया जाता है। इस प्रकार के मानचित्र को बड़े पैमाने वाला मानचित्र कहते हैं।
      इस प्रकार स्पष्ट है कि बड़े पैमाने वाले मानचित्र छोटे पैमाने वाले मानचित्र की अपेक्षा अधिक जानकारी प्रदान करते हैं।
(vii) प्रतीक किस प्रकार मानचित्रो के अध्ययन में सहायक होते हैं?
उत्तर – प्रतीक किसी भी मानचित्र का तीसरा प्रमुख घटक है। किसी भी मानचित्र पर वास्तविक आकार एवं प्रकार में विभिन्न आकृतियों; जैसे- भवनों, सड़कों, पुलों, वृक्षों, रेल की पटरियों या कुएँ को दिखाना संभव नहीं होता है। इसलिए यह निश्चित अक्षरों, छायाओं, रंगो, चित्रों तथा रेखाओं का उपयोग करके दर्शाए जाते हैं। यह प्रतीत कम स्थान में अधिक जानकारी प्रदान करते हैं। इन प्रतीकों के इस्तेमाल के द्वारा मानचित्र को आसानी से खींचा जा सकता है तथा इनका अध्ययन करना आसान होता है। इन प्रतीकों के उपयोग के संबंध में एक अंतरराष्ट्रीय सहमति भी है।
 
         विभिन्न रंगों का उपयोग भी उसी उद्देश्य किया जाता है। उदाहरण के लिए सामान्यतः नीले रंग का इस्तेमाल जलाशयों और भूरा रंग पर्वतों, पीला रंग पठारों और हरा रंग मैदानों को दर्शाने के लिए किया जाता है।
 
 2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
 
(i) वृक्षों के वितरण को दिखाने वाले मानचित्र है –
क. भौतिक मानचित्र
ख. थिमैटिक मानचित्र
ग. राजनीतिक मानचित्र
उत्तर – ख. थिमैटिक मानचित्र 
 
(ii) नीले रंग का इस्तेमाल किसे दिखाने में किया जाता है-
क. जलाशयों
ख. पर्वतों
ग. मैदानों
उत्तर – क. जलाशयों 
 
(iii) दिक्सूचक का उपयोग किया जाता है –
क. प्रतीकों को दिखाने के लिए
ख. मुख्य दिशा का पता लगाने के
ग. दूरी मापने के लिए
उत्तर – ख. मुख्य दिशा का पता लगाने के
 
 (iv) पैमाना आवश्यक है-
क. मानचित्र के लिए
ख. रेखाचित्र के लिए
ग. प्रतीकों के लिए

उत्त – क. मानचित्र के लिए


अध्याय 3 पृथ्वी की गतियाँ/NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिन्दी माध्यम)

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 अध्याय 3 पृथ्वी की गतियाँ

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 3 पृथ्वी

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

(i) पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कोण क्या है ?
उत्तर – पृथ्वी के अक्ष का झुकाव कोण 23°30′ है।
(ii) घूर्णन एवं परिक्रमण को परिभाषित करें।
उत्तर – घूर्णन- पृथ्वी का अपने अक्ष पर घूमना घूर्णन कहलाता है। इसके कारण पृथ्वी पर दिन रात होती है।
परिक्रमण- सूर्य के चारों ओर एक स्टील कच्छ में पृथ्वी की गति को परिक्रमण कहते हैं। इसके कारण पृथ्वी पर ऋतुओं का परिवर्तन होता है।
नोट: ग्लोब पर वह वृत्त जो दिन तथा रात को विभाजित करता है उसे प्रदीप्ति वृत्त कहते हैं।
(iii) लीप वर्ष क्या है?
उत्तर- पृथ्वी एक वर्ष या 365 दिन 6 घण्टे में सूर्य का एक चक्कर लगाती है। हम लोग एक वर्ष 365 दिन का मानते हैं तथा सुविधा के लिए 6 घंटे को इसमें नहीं जोड़ते हैं। चार वर्षों में प्रत्येक वर्ष के बचे हुए 6 घंटे मिलकर एक दिन यानी 24 घंटे के बराबर हो जाते हैं। इसके एक अतिरिक्त दिन को फरवरी के महीने में जोड़ा जाता है। इस प्रकार प्रत्येक चौथे वर्ष फरवरी माह 28 के बदले 29 दिन का होता है। ऐसा वर्ष जिसमें 366 दिन होते हैं उसे लीप वर्ष कहा जाता है। 
(iv) उत्तर एवं दक्षिण अयनांतों में अंतर बताइए।
उत्तर- उत्तर अयनांत- 21 जून को विषुवत वृत के उत्तरी भाग में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है। ठीक इसके विपरीत इसी दिन दक्षिणी गोलार्ध में सबसे लंबी रात एवं छोटी दिन होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को उत्तर अयनांत कहते है।  
दक्षिण अयनांत- 22 दिसंबर को विषुवत वृत के दक्षिणी भाग में सबसे लंबा दिन तथा सबसे छोटी रात होती है।ठीक इसके विपरीत इसी दिन उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबी रात एवं छोटी दिन होती है। पृथ्वी की इस अवस्था को दक्षिण अयनांत कहते है।
(v) विषुव क्या है?
उत्तर – 21 मार्च एवं 23 सितंबर को सूर्य की किरणें  विषुवत वृत्त पर सीधी पड़ती है। इस अवस्था में कोई भी ध्रुव सूर्य की ओर नहीं झुका रहता है, इसलिए पूरी पृथ्वी पर रात एवं दिन बराबर होते हैं। इसे विषुव कहा जाता है।
       23 सितंबर को उत्तरी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है जबकि दक्षिणी गोलार्ध में बसंत ऋतु होती है। 21 मार्च को स्थिति ठीक इसके विपरीत होती है क्योंकि इस दिन उत्तरी गोलार्ध में बसंत ऋतु तथा दक्षिणी गोलार्ध में शरद ऋतु होती है। 
(vi) दक्षिणी गोलार्ध में उत्तरी गोलार्ध की अपेक्षा उत्तर एवं दक्षिण का अयनांत अलग-अलग समय में होता है, क्यों?
उत्तर- जब उत्तरी गोलार्ध सूर्य की तरफ झुका होता है तब उस समय सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर सीधी पड़ती है, इसलिए उसी समय उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु होती है तथा दक्षिणी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है और जब दक्षिणी गोलार्ध सूर्य की ओर झुका होता है तब सूर्य की किरणें मकर रेखा पर सीधी पड़ती है, इसलिए उस समय दक्षिणी गोलार्ध में ग्रीष्म ऋतु तथा उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है।
(vii) ध्रुवों पर लगभग 6 महीने का दिन एवं 6 महीने की रात होती है, क्यों?
उत्तर- सूर्य की किरणें लगातार 6 माह उत्तरी गोलार्ध में और 6 माह दक्षिणी गोलार्ध में पड़ती है क्योंकि जब सूर्य की किरणें उत्तरी गोलार्ध में पड़ती है उस समय उत्तरी ध्रुव सूर्य की तरफ झुका होता है तथा उत्तरी ध्रुव रेखा के बाद वाले भागों पर लगभग 6 महीने तक लगातार दिन और इसी समय दक्षिणी गोलार्ध में रात रहता है।
 
     ठीक इसके विपरीत जब सूर्य की किरणें दक्षिणी गोलार्ध में पड़ती है उस समय दक्षिणी ध्रुव सूर्य की तरफ झुका होता है तथा दक्षिणी ध्रुव रेखा के बाद वाले भागों पर लगभग 6 महीने तक लगातार दिन और इसी समय उत्तरी गोलार्ध में रात रहता है। यही कारण है कि ध्रुवों पर लगभग 6 महीने का दिन एवं 6 महीने की रात होती है।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की गति को कहा जाता है-
क. घूर्णन
ख. परिक्रमण
ग. झुकाव
उत्तर – ख. परिक्रमण
(ii) सूर्य की सीधी किरणें विषुवत वृत्त पर किस दिन पड़ती है- 
क. 21 मार्च
ख. 21 जून
ग. 22 दिसंबर
उत्तर -क. 21 मार्च
(iii) गर्मी में क्रिसमस का पर्व कहाँ मनाया जाता है-
क. जापान
ख. भारत
ग. ऑस्ट्रेलिया
उत्तर – ग. ऑस्ट्रेलिया
(iv) ऋतु में परिवर्तन पृथ्वी की किस गति के कारण होता है-
क. घूर्णन
ख. परिक्रमण
ग. गुरुत्वाकर्षण
उत्तर – ख. परिक्रमण
3. खाली स्थान भरें।
(i) एक लीप वर्ष में दिनों की संख्या 366 होती है।
(ii) पृथ्वी की प्रतिदिन की गति को दैनिक गति कहते हैं।
(iii) पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक स्थिर कक्षा में घूमती है।
(iv) 21 जून को सूर्य की किरणें कर्क रेखा सीधी पड़ती है।

(v) शीत ऋतु में दिन छोटे होते हैं।


अध्याय 2 ग्लोब अक्षांश एवं देशांतर/NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय 2 ग्लोब : अक्षांश एवं देशांतर

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अध्याय 2 ग्लोब
1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए। 
(i) पृथ्वी का सही आकार क्या है?
उत्तर- हमारी पृथ्वी गोलाकार नहीं है। यह उत्तर एवं दक्षिण ध्रुवों पर थोड़ी चपटी तथा मध्य में थोड़ उभरी हुई है। अर्थात पृथ्वी का एक अपना आकार है जिसे जॉइड (Geoid) कहते है।
(ii) ग्लोब क्या है ?
उत्तर- ग्लोब पृथ्वी का लघु रूप में एक वास्तविक प्रतिरूप है।
(iii) कर्क रेखा का अक्षांशीय मान क्या है?
उत्तर- कर्क रेखा का अक्षांशीय मान 23°30′ उत्तरी अक्षांश है।
(iv) पृथ्वी के तीन ताप कटिबंध कौन-से है?
उत्तर- पृथ्वी के तीन ताप कटिबंध है- 
◆ उष्ण कटिबंध 
शीतोष्ण कटिबंध
◆ शीत कटिबंध
(v) अक्षांश एवं देशांतर रेखाएँ क्या है?
उत्तर- अक्षांश- विषुवत वृत से ध्रुवों तक स्थित सभी समानांतर वृतों को अक्षांश रेखाएँ कहा जाता है। अक्षांशों को अंश में मापा जाता है। विषुवत वृत्त के उत्तर के सभी समानांतर रेखाओं को उत्तरी अक्षांश तथा विषुवत वृत्त के दक्षिण में स्थित सभी समानांतर रेखाओं को दक्षिणी अक्षांश कहा जाता है।
देशांतर-  वह रेखा जो ग्लोब पर उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव के बीच खींची जाती हो उसे देशांतर रेखा कहा जाता है। ये अर्धवृत्त है तथा उनके बीच की दूरी ध्रुवों की तरफ बढ़ने पर घटती जाती है एवं ध्रुवों पर शून्य हो जाती है, जहाँ सभी देशांतरीय याम्योत्तर आपस में मिलती है। 
(vi) ऊष्मा की सबसे अधिक मात्रा उष्ण कटिबंध क्यों प्राप्त करते हैं?
उत्तर- कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच के सभी अक्षांशों पर सूर्य दिन में एक बार दोपहर में सिर के ठीक ऊपर होता है। इसीलिए इस क्षेत्र में सबसे अधिक ऊष्मा प्राप्त होती है तथा इसे उष्ण कटिबंध कहा जाता है।
(vii) जब भारत में शाम के 5:30 बजते हैं, तब लंदन में दोपहर के 12:00 क्यों बजते हैं?
उत्तर – चूँकि, भारत ग्रीनविच के पूर्व 82°30′ पूर्वी देशांतर पर स्थित है तथा जहाँ का समय ग्रीनविच समय से 5 घण्टा 30 मिनट (82°30’×4=330 मिनट) आगे है। इसलिए जब भारत में शाम के 5:30 बजते हैं, तब लंदन में दोपहर के 12:00 बजे हैं।
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) प्रमुख याम्योत्तर का मान है-
क. 90°
ख. 0°
ग. 60°
उत्तर –  ख. 0°
(ii) शीत कटिबंध किसके नजदीक पाया जाता है?
क. ध्रुवों
ख. विषुवत वृत्त
ग. कर्क रेखा
उत्तर – क. ध्रुवों
(iii) देशांतरों की कुल संख्या है-
क. 360
ख. 180
ग. 90
उत्तर – क. 360
(iv) दक्षिण ध्रुव वृत स्थित है –
क. उत्तरी गोलार्ध में
ख. दक्षिणी गोलार्ध में
ग. पूर्वी गोलार्ध में
उत्तर – ख. दक्षिणी गोलार्ध में
(v) ग्रिड किस का जाल है –
क. अक्षांशों (समानांतर) रेखाओं एवं देशांतरीय याम्योत्तरों का
ख. कर्क रेखा और मकर रेखा
ग. उत्तर ध्रुव एवं दक्षिणी ध्रुव
उत्तर – क. अक्षांशों (समानांतर) रेखाओं एवं देशांतरीय याम्योत्तरों का
3. खाली स्थान भरें।
(i) मकर रेखा पर 23°30′ दक्षिण अक्षांश पर स्थित है।
(ii) भारत का मानक याम्योत्तर 82°30′ पूर्वी देशांतर है।
(iii) 0° याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर/ ग्रीनविच के नाम से जाना जाता है।
(iv) देशान्तरों के बीच की दूरी ध्रुव की तरफ घटती जाती है।

(v) उत्त ध्रुव वृत्त उत्तरी गोलार्द्ध में स्थित है।


अध्याय 1 सौरमंडल में पृथ्वी/NCERT CLASS 6 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

NCERT CLASS 6 Geography Solutions
(हिंदी माध्यम)

अध्याय 1 सौरमंडल में पृथ्वी

एनसीईआरटी के 6वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



सौरमंडल

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर संक्षेप में दीजिए।

(i) ग्रह और तारे में क्या अंतर है?
उत्तर- ग्रह – वह खगोलीय पिंड जिसका अपना ऊष्मा तथा प्रकाश नहीं होता है और वे तारों के प्रकाश से प्रकाशित होते हैं, ऐसे खगोलीय पिंड ग्रह कहलाते हैं। जैसे- बुध,शुक्र, पृथ्वी इत्यादि।
तारा– वह खगोलीय पिंड जिसके पास अपनी ऊष्मा तथा प्रकाश होता है और वे बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित करते हैं, वैसे खगोलीय पिंड को तारा कहा जाता है। जैसे सूर्य एक तारा है।

(ii) सौर मंडल से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- सूर्य, आठ ग्रह, उपग्रह तथा कुछ अन्य खगोलीय पिंड जैसे क्षुद्र ग्रह एवं उल्का पिंड मिलकर सौरमंडल का निर्माण करते हैं। उसे हम सौर परिवार का नाम देते हैं जिसका मुखिया सूर्य है। सूर्य सौरमंडल के केंद्र में स्थित है।
(iii) सूर्य से उनकी दूरी के अनुसार सभी ग्रहों के नाम लिखें।
उत्तर- हमारे सौरमंडल में कुल 8 ग्रह है। सूर्य से दूरी के अनुसार वे हैं- बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस तथा नेपच्यून।
(iv) पृथ्वी को अद्भुत ग्रह क्यों कहा जाता है?
उत्तर- जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ संभवत केवल पृथ्वी पर ही पाई जाती है। पृथ्वी ना तो अधिक गर्म है और ना ही अधिक ठंडे ययाँ पानी एवं वायु उपस्थित है जो हमारे जीवन के लिए आवश्यक है। वायु में जीवन के लिए आवश्यक गैसें, जैसे- ऑक्सीजन मौजूद है। इन्हीं कारणों से पृथ्वी सौरमंडल का सबसे अद्भुत है।
(v) हम हमेशा चंद्रमा के एक ही भाग को क्यों देख पाते हैं?
उत्तर- चंद्रमा पृथ्वी का एक चक्कर लगभग 27 दिन में पूरा करता है। लगभग इतने ही समय में अपने अक्ष पर एक चक्कर भी पूरा करता है।  इसके परिणाम स्वरूप पृथ्वी से हमें चंद्रमा का केवल एक ही भाग दिखाई पड़ता है। 
(vi) ब्रह्मांड क्या है?
उत्तर- ब्रह्मांड की विशालता की कल्पना करना अत्यधिक कठिन है। वैज्ञानिक अभी भी उसके बारे में अधिक से अधिक जानकारी एकत्रित करने में जुटे हैं। इसके आकार के संबंध में हमें कोई जानकारी नहीं है लेकिन फिर भी हम जानते हैं कि हम सभी इसी ब्रह्मांड का हिस्सा है  हमारा सौरमंडल अकाश गंगा मिल्की वे का एक भाग है जो प्रमाण का हिस्सा है।
         
      अर्थात आकाशगंगा करोडों तारो, बादलों तथा गैसों की एक प्रणाली है।  इस प्रकार की लाखों अकाशगंगाएँ मिलकर ब्रह्मांड का निर्माण करती है। 
2. सही उत्तर चिन्हित (√) कीजिए।
(i) किस ग्रह को पृथ्वी के जुड़वाँ ग्रह के नाम से जाना जाता है?
क. बृहस्पति
ख. शनि
ग. शुक्र
उत्तर – ग. शुक्र
(ii) सूर्य से तीसरा सबसे नजदीक ग्रह कौन-सा है?
क. शुक्र
ख. पृथ्वी
ग. बुध
उत्तर – ख. पृथ्वी
(iii) सभी ग्रह सूर्य के चारों ओर किस प्रकार के पथ पर चक्कर लगाते हैं-
क. वृत्तीय पथ पर
ख. आयताकार पथ पर
ग. दीर्घवृताकार
उत्तर – ग. दीर्घवृताकार
(iv) ध्रुव तारे से किस दिशा का ज्ञान होता है-
क. दक्षिण
ख. उत्तर
ग. पूर्व
उत्तर – ख.  उत्तर
(v) क्षुद्र ग्रह किन कक्षाओं के बीच पाए जाते हैं-
क. सनी एवं बृहस्पति
ख. मंगल एवं बृहस्पति
ग. पृथ्वी एवं मंगल
उत्त –  ख. मंगल एवं बृहस्पति
3. खाली स्थान को भरें।
(i) तारों का एक समूह जो विभिन्न प्रति रूपों का निर्माण करता है, उसे नक्षत्रमंडल कहते हैं।
(ii) तारों की एक बहुत बड़ी प्रणाली को आकाशगंगा कहा जाता है।
(iii) बुध पृथ्वी के सबसे करीब है।
(iv) पृथ्वी सूर्य से तीसरा सबसे नजदीक ग्रह है।
(v) ग्रहों के पास अपनी प्रकाश तथा ऊष्मा नहीं होती है।

 

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