अध्याय 3.2 वस्त्र उद्योग

इकाई 3. अध्याय 3.2 (ख) वस्त्र उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



वस्त्र उद्योग

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।
1. टेक्सटाइल का मतलब होता है-
(क) जोड़ना
(ख) बुनना
(ग) नापना
(घ)सिलना
उत्तर – (ख) बुनना

2. देश में कपड़े की मील सबसे पहले लगाई गयी-
(क) कोलकाता में
(ख) मुंबई में
(ग) लुधियाना में
(घ) वाराणसी में
उत्तर – (क) कोलकाता में

3. 1854 में कपड़े की मील लगी-
(क) कोलकाता में
(ख) हैदराबाद में
(ग) सूरत में
(घ) मुंबई में
उत्तर- (घ) मुंबई में

4. सिल्क प्राप्त होता है-
(क) कपास से
(ख) रेयान से
(ग) कोकून से
(घ) पेड़ों से
उत्तर- (ग) कोकून से

5. वस्त्र उद्योग के लिए आवश्यक है-
(क) ऊर्जा
(ख) कच्चा माल
(ग) श्रम
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (ख) कच्चा माल

II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।

1. भागलपुर शहर रेशमी वस्त्र उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

2. सूती वस्त्र उद्योग एक कुटीर उद्योग है।

3. कपड़ों की बुनाई को टेक्सटाइल कहा जाता है।

4. ढाका मलमल के लिए प्रसिद्ध है रहा है।

5. अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है।

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)

(1) प्राकृतिक रेशे क्या है?
उत्तर- जो रेशे प्राकृतिक रूप से अर्थात भेड़ों, बकरियों, कोकून तथा पौधों से तैयार किये जाते हैं उसे प्राकृतिक रेशे कहा जाता है।

(2) मानव निर्मित रेशे का नाम लिखिए।
उत्तर- मानव निर्मित रेशे का नाम – नाइलान, पालिस्टर, एक्रोलियम, रेयॉन इत्यादि।

(3) मशीनों से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है। क्यों?
उत्तर- धागे से कपड़े बुनना एक प्राचीन कला है। लेकिन अब यही कला उद्योग का रूप ले चुका है। मशीनों से कपड़े बनाने में कम समय लगता है।इसमें मजदूर भी कम लगते हैं और बहुत अधिक मात्रा में कच्चा माल खरीदना भी सस्ता पड़ता है। इसलिए मशीनों से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है और जल्दी बनता है।

(4) गर्म कपड़ों की थोक खरीदारी किस जगह पर होती है और क्यों?
उत्तर- गरम कपड़ों की थोक खरीदारी लुधियाना तथा दिल्ली से होती है क्योंकि वहाँ अत्यधिक मात्रा में मिल हैं तथा कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है जिससे कपड़े कम कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)

1. वस्त्र उद्योग की स्थापना में सहायक कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर- (i) कच्चे माल की उपलब्धता- वस्त्रोद्योग हेतु कच्चे माल की उपलब्धता महत्त्वपूर्ण कारक है। समुद्री हवाओं और नमी के कारण गुजरात, महाराष्ट्र में अच्छी गुणवत्ता के कपास कच्चे माल के रूप में उपलब्ध होती है। गुजरात की काली मिट्टी कपास के उत्पादन के लिए काफी उर्वर है। ऊन से बनने वाले कम्बल, स्वेटर आदि गर्म कपड़े पंजाब कश्मीर में ज्यादा उपलब्ध हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी संख्या में ऐसे जानवर पाये जाते हैं।

(ii) परिवहन की सुविधा- वस्त्रों से संबंधित उत्पादन क्षेत्र निर्यात व आयात करने के लिए मुम्बई, कोलकाता, सौराष्ट्र, कोयम्बटूर (तमिलनाडु) इत्यादि बन्दरगाहों, सड़क, रेलमार्गों व वायुमार्गों से नजदीक अवस्थित है। इससे कच्चा व तैयार माल सम्पूर्ण देश में पहुँचाया जाता है। साथ ही यूरोपीय देशों से आधुनिक मशीनें भी आयात करने में सुविधा होती है।

(iii) जलवायु- वस्त्र उद्योग के लिए नम जलवायु आवश्यक है। अंगर जलवायु नम नहीं होगी तो कपास के रेशे से निर्मित धागे टूटने लगते हैं। इस अवस्था में धागों में गाँठे पड़ जाएँगी तथा कपड़े की बुनावट अच्छी और मजबूत नहीं हो पायेगी। ऐसी जलवायु के अभाव में कृत्रिम रूप से आर्द्र जलवायु उपलब्ध करायी जाती है।

(iv) पूँजी की उपलब्धता- इसके बिना उद्योगों की कल्पना भी नहीं कर सकते है। मुम्बई, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे स्थानों में पर्याप्त पूँजी निवेशक उपलब्ध है। मुम्बई के प्रमुख पारसी व्यापारियों ने विदेशी व्यापार से जो धन अर्जित किया उसे वस्त्र उद्योग में लगाया, जिससे वस्त्रोद्योग को काफी विस्तार मिला।

(v) श्रम की उपलब्धता- मुम्बई की मिलों में काम करने के लिए मजदूर, कोंकण, सतारा, शोलापुर, रत्नागिरि जैसी जगहों से आते हैं। उसी प्रकार कलकत्ता की मिलों के लिए मजदूर बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और असम से उपलब्ध होते हैं जिसके कारण इस उद्योग को विकसित होने में सुविधा हुई है।

(vi) विस्तृत बाजार की उपलब्धता- वस्त्र उद्योग की स्थापना बाजार को देखते हए भी की जाती है। दिल्ली, कलकत्ता, लुधियाना, कानपुर इत्यादि में स्थापित वस्त्रोद्योग की इकाईयाँ बाजार के आधार पर ही विकसित की गई हैं।

(vii) सस्ती ऊर्जा की सुविधा- मुम्बई की कपड़ा मिलों को पश्चिमी-घाट पर स्थित टाटा जल विद्युत योजना से सस्ती विद्युत शक्ति प्राप्त हो जाती है। उसी प्रकार कलकत्ता की मिलों को रानीगंज, झरिया से कोयले की प्राप्ति हो जाती है। तमिलनाडु की मिलों को पायकारा जल विद्युत योजना से सस्ती बिजली प्राप्त होती है।

(vi) इच्छाशक्ति- किसी भी उद्योग की स्थापना के लिए इच्छाशक्ति का होना बहुत जरुरी है।

2. भारत के सूती वस्त्र उद्योग का विवरण दीजिए।
उत्तर- भारत का सूती वस्त्र उद्योग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का लगभग एक चौथाई भाग है। भारत में कपड़े का उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 1950-51 में 4 अरब वर्ग मीटर कपड़ा तैयार किया गया था जो अब 34 अरब वर्ग मीटर हो गया है। आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया कई स्तरों से गुजरती है। शुरू में मशीनों द्वारा कपास से बीज निकाले जाते हैं, जिसे ‘गिनिंग’ कहते हैं। इसके बाद कपास को इकट्ठा कर गाँठ तैयार किया जाता है। गाँठों द्वारा कपास के धागे बनाए जाते हैं। फिर इन धागों की सहायता से मशीनों द्वारा कपड़ा तैया किया जाता है।


Read More:

इकाई 6. अध्याय 6 एशिया एक संक्षिप्त अध्ययन

इकाई 6. अध्याय 6 एशिया-एक संक्षिप्त अध्ययन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 6 एशिया

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।

1. एशिया के पूर्व में है-
(क) प्रशांत महासागर
(ख) यूरोप
(ग) हिंद महासागर
(घ) लाल सागर
उत्तर – (क) प्रशांत महासागर

2. संसार की छत कहलाती है-
(क) तिब्बत का पठार
(ख) माउंट एवरेस्ट
(ग) पामीर का पठार
(घ) यूराल पर्वत माला
उत्तर – (ग) पामीर का पठार

3. एशिया के दक्षिणी भाग की जलवायु है-
(क) शीतोष्ण
(ख) उष्ण
(ग) मरुस्थलीय
(घ) विषुवतरेखीय
उत्तर – (ख) उष्ण

4. सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है-
(क) ब्रूनेई
(ख) ईरान
(ग) कंबोडिया
(घ) इंडोनेशिया
उत्तर – (घ) इंडोनेशिया

5. ह्वांगहो नदी घाटी सभ्यता विकसित हुई-
(क) चीन में
(ख) भारत में
(ग) ईरान-इराक में
(घ) मिस्र में
उत्तर – (क) चीन में

II. सही मिलान करें-
                              उत्तर
1. रेडियर –            टुंड्रा प्रदेश
2. कोणधारी वृक्ष – टैगा
3. ठंडी जलधारा – क्यूराइल
4. त्योहारों का देश –फिलीपीन
5. घास का मैदान – स्टेपी
6. साइबेरिया – उत्तर एशिया

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)

1. एशिया महादेश की चौहद्दी लिखें।
उत्तर- एशिया महादेश की चौहद्दी – एशिया महादेश के पूरब में प्रशांत महासागर, पश्चिम में यूरोप और अफ्रीका महादेश तथा दक्षिण में हिन्द महासागर और उत्तर में आर्कटिक महासागर है।

2. एशिया को यूरोप से अलग करने वाले प्राकृतिक कारकों के नाम लिखें।
उत्तर- एशिया को यूरोप से अलग करने वाले प्राकृतिक कारकों के नाम- डारडानेलिस जलसंधि, बास्पोरस जलसंधि, मारमारा सागर, काला सागर, कैस्पियन सागर, यूराल नदी।

3. “सभ्यताओं का पलना” एशिया को क्यों कहा जाता है?
उत्तर- दजला-फुरात नदी घाटी में मेसोपोटामिया की सभ्यता (इराक), सिंधु नदी घाटी की सभ्यता (भारत, पाकिस्तान), हांगहो नदी घाटी सभ्यता (चीन) ये सभी प्राचीन सभ्यताएं एशिया महादेश में ही विकसित हुए थे। इतनी सारी सभ्यताओं का एक ही महादेश में उत्थान और पतन एक अभूतपूर्व घटना है, इसलिए एशिया को “सभ्यताओं का पलना’ कहा जाता है।

4. एशिया महादेश में कृषि निर्वहन का प्रमुख साधन है। कैसे?
उत्तर- एशिया महादेश में कृषि निर्वहन का प्रमुख साधन है क्योंकि यहाँ के कृषक समाज ने परम्परागत कृषि और आधुनिक कृषि के तरीकों को समन्वित रूप से अपनाया है। धान, गेंहूँ यहाँ की प्रमुख फसल है।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)

1. एशिया विविधताओं से भरा प्रदेश है। कैसे?
उत्तर- एशिया महादेश की जलवायु में काफी विविधता है। इसी महादेश में सर्वाधिक ठंडा प्रदेश और सर्वाधिक गर्म प्रदेश तो पड़ता ही है साथ ही सबसे आर्द्र और सबसे शुष्क क्षेत्र भी पाये जाते हैं। इस महादेश का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार बहुत अधिक है। अधिकांश स्थलीय भाग समुद्र तट से काफी दूर है। इसलिए महाद्वीपता की स्थिति पाई जाती है।   

       एशिया के उत्तरी भाग की जलवायु अत्यंत ठंडी है। रूस में स्थित बँरखोयासक का तापमान तो 90° तक पहुँच जाता है। सबसे गर्म प्रदेश मित्रावा, कुवैत एशिया में ही है, लेकिन दक्षिणी क्षेत्र की जलवायु खुशनुमा है। यहाँ अधिकांशतः गर्मी का मौसम रहता है। दक्षिण-पूर्व एशिया में मानसूनी जलवायु पायी जाती है। जबकि दक्षिण में भूमध्य रेखा के समीप विषुवतीय जलवायु पायी जाती है। सितम्बर में यहाँ भीषण तूफान चलते हैं, जिसे ‘टायफून’ कहते हैं।

2. एशिया महादेश की आबादी विशाल है। क्यों?
उत्तर- एशिया महादेश में विश्व की सर्वाधिक आबादी रहती है क्योंकि पृथ्वी के कुल स्थलीय भाग का लगभग 30% हिस्से पर एशिया महादेश का विस्तार है जबकि विश्व की आबादी की 60% जनसंख्या यहाँ निवास करती है। एशिया महादेश में सर्वाधिक जनसंख्या पाये जाने के कारण ही इसे ‘मानव का घर’ (Home of man) कहा जाता है। जीवन प्रत्याशा भी एशिया महादेश के जापान में ही सबसे अधिक पायी जाती है।

3. एशिया की सांस्कृतिक प्रदेशों के बारे में लिखिए।
उत्तर- विभिन्न धर्मावलंबी, दर्शन और सम्प्रदाय यहाँ की संस्कृति की विशेषता है। विश्व के सभी धर्मों की उत्पत्ति इसी महादेश की धरती से हुई है। हिन्दू-मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध मतावलंबियों की प्रमुखता, विश्व की प्राचीन सभ्यताओं का विकास इसी महादेश की नदी-घाटियों में हुआ है। दजला-फुरात नदी घाटी में मेसोपोटामिया की सभ्यता (इराक), सिंधु घाटी की सभ्यता (भारत, पाकिस्तान), हांगहो नदी घाटी सभ्यता (चीन) ये सभी एशिया महादेश में ही विकसित हुए। इतनी सारी सभ्यताओं का एक महादेश में उत्थान और पतन एक अभूतपूर्व घटना है इसलिए तो एशिया महादेश को “सभ्यताओं का पलना” कहा जाता है। इस महादेश को कई सांस्कृतिक प्रदेशों में बाँटा गया है-

(i) पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत, चीन, जापान, उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया जैसे महत्वपूर्ण देश है। ऐतिहासिक रूप से इस सम्पूर्ण इलाके में चीन का प्रभाव रहा है। यहाँ बौद्ध धर्म और माओवाद की प्रभुता है।

(ii) दक्षिण एशिया- इस क्षेत्र के प्रमुख देश भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान एवं श्रीलंका है। यहाँ लोगों की वेशभूषा एवं खान पान में भी अन्तर देखा जाता है।

(iii) दक्षिण-पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत म्यांमार, फिलीपीन, थाइलैंड, लाओस, कम्बोडिया, मलेशिया, सिंगापुर, पूर्वी तिमूर, ब्रूनेई और इंडोनेशिया आता है। दक्षिण-पूर्वी एशिया से यह प्रदेश इस्लाम और इसाई धर्म से बहुत अधिक प्रभावित है।

(iv) पश्चिम एशिया- यह क्षेत्र इस्लाम, ईसाई, जूडिज्म का ऐतिहासिक जन्म स्थल रहा है। यहाँ का खाना विविध और गरिष्ठ है। यहाँ का साहित्य भी बहुत धनी है।

(v) मध्य एशिया- इस प्रदेश में मुख्यतः पहले के सोवियत समाजवादी गणराज्य के पाँच प्रदेश सम्मिलित है कजाकिस्तान, खिर्गिस्तान , ताजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान।
मध्य एशिया का ऐतिहासिक महत्व सिल्क रूट के कारण बढ़ जाता है।

(vi) उत्तर एशिया- यह साइबेरिया का भौगोलिक क्षेत्र है। यहाँ प्रतिकूल स्थिति के कारण जनसंख्या विरल है। ट्रांस साइबेरियन रेलवे और खनन कार्यों से यहाँ पर आधुनिक जीवन शैली का प्रभाव पड़ा है।

4. एशिया के महत्वपूर्ण देशों की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर- एशिया के महत्त्वपूर्ण देशों की विशेषताएँ:-

(i) पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत, चीन, जापान, उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया जैसे महत्वपूर्ण देश है। ऐतिहासिक रूप से इस सम्पूर्ण इलाके में चीन का प्रभाव रहा है। यहाँ बौद्ध धर्म और माओवाद की प्रभुता है।

(ii) दक्षिण एशिया- इस क्षेत्र के प्रमुख देश भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान एवं श्रीलंका है। यहाँ लोगों की वेशभूषा एवं खान पान में भी अन्तर देखा जाता है।

(iii) दक्षिण-पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत म्यांमार, फिलीपीन, थाइलैंड, लाओस, कम्बोडिया, मलेशिया, सिंगापुर, पूर्वी तिमूर, ब्रूनेई और इंडोनेशिया आता है। दक्षिण-पूर्वी एशिया से यह प्रदेश इस्लाम और इसाई धर्म से बहुत अधिक प्रभावित है।

(iv) पश्चिम एशिया- यह क्षेत्र इस्लाम, ईसाई, जूडिज्म का ऐतिहासिक जन्म स्थल रहा है। यहाँ का खाना विविध और गरिष्ठ है। यहाँ का साहित्य भी बहुत धनी है।

(v) मध्य एशिया- इस प्रदेश में मुख्यतः पहले के सोवियत समाजवादी गणराज्य के पाँच प्रदेश सम्मिलित है कजाकिस्तान, खिर्गिस्तान , ताजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान।
मध्य एशिया का ऐतिहासिक महत्व सिल्क रूट के कारण बढ़ जाता है।

(vi) उत्तर एशिया- यह साइबेरिया का भौगोलिक क्षेत्र है। यहाँ प्रतिकूल स्थिति के काण जनसंख्या विरल है। ट्रांस साइबेरियन रेलवे और खनन कार्यों से यहाँ पर आधुनिक जीवन शैली का प्रभाव पड़ा है।


Read More:

इकाई 7. अध्याय 7 भौगोलिक आँकड़ों का निरूपण

इकाई 7. अध्याय 7 भौगोलिक आँकड़ों का निरूपण

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 7 भौगोलिक
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. किस आरेख का दूसरा नाम चक्र आरेख है?
(क) रेखीय ग्राफ
(ख) वृत आरेख
(ग) दंड आरेख
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ख) वृत आरेख
2. आरेखों का चयन किस बात पर निर्भर करता है?
(क) आँकड़ों की प्रकृति पर
(ख) आँकड़ों के गणितीय स्वरूप पर
(ग) आँकड़ों की लंबाई पर
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (क) आँकड़ों की प्रकृति पर
3. वन रेखा द्वारा दिखाया गया आरेख कहलाता है?
(क) वक्र आरेख
(ख) दंड आरेख
(ग) रेखीय आरेख
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (ग) रेखीय आरेख
4. X-Y अक्ष के अंतर्गत Y अक्ष पर किस प्रकार के आँकड़ों को दिखाया जाता है?
(क) स्वतंत्र आँकड़ा
(ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
(ग) इनमें से कोई भी
(घ) सभी गलत है
उत्तर- (ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
5. एक वृत्त का कुल मान कितना होता है?
(क) 90°
(ख) 180°
(ग) 360°
(घ) 0°
उत्तर- (ग) 360°
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. आरेख बनाने के पहले उपयुक्त शीर्षक का चयन करते हैं।
2. दंड आरेख में आँकड़ों को दंडों या आयतों के द्वारा दिखाया जाता है।
3.’Yअक्ष पर मापनी शून्य से आरम्भ किया जाता है।
4. सभी दंडों को एक ही आधार रेखा पर पर बनाया जाता है।
5. आँकड़े तीन प्रकार के होते हैं।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण से क्या समझते हैं?
उत्तर- प्राप्त किये गये सूचनाओं व जानकारी को अंकों के रूप में पर्दर्शित करना आँकड़ा कहलाता है।
⇒ जब इन आँकड़ों को तालिका व चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है तब उसे आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहा जाता है।
⇒ आँकड़ों के आधार पर आरेखों/डायग्रामों का चयन कर ही आँकड़ों का सही प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है।
2. रैखिक आरेख किसे कहा जाता है?
उत्तर- दिए गये आँकड़ों को जिस आरेख में एक रेखा द्वारा दिखाया जाता है उसे रैखिक आरेख कहा जाता है।
⇒ इसके द्वारा भौगोलिक तत्वों यथा- वर्षा, तापमान, आर्द्रता, जनसंख्या वृद्धि, जन्मदर, मृत्युदर, फसल उत्पादन इत्यादि को आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है।
3. वृत आरेख क्या है?
उत्तर- जब दिए गये आँकड़ों के समूह के विभिन्न इकाइयों के हिस्से को वृत्त के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है तो इसे वृत्त आरेख कहा जाता है।
⇒ इसमें वृत्त समस्त मात्राओं के योग का परिचायक होता है तथा वृत्त को डिग्री के आधार पर विभिन्न खंडों में बाँटक प्रभावित मात्राओं को प्रतिशत में दिखाया जाता है, तब ऐसे चित्रण को वृत्त आरेख कहते हैं। इसे नीचे के चित्रों में देखा जा सकता है-
आधार

वृत्त आरेख-1

वृत्त आरेख-2


Read More:

इकाई 3 अध्याय 3.3 (ग) सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग

इकाई 3 अध्याय  3.3 (ग) सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



इकाई 3 अध्याय
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. सूचना प्रौद्योगिकी के अंतर्गत शामिल नहीं है-
(क) सेल्यूलर फोन
(ख) उपग्रह
(ग) ई-मेल
(घ) अंतर्देशीय पत्र
उत्तर- (घ) अंतर्देशीय पत्र
2. सूचनाओं को शीघ्रता से भेजा जा सकता है –
(क) ब्रॉड बैंड से
(ख) इंटरनेट से
(ग) ई-मेल से
(घ) उपर्युक्त चारों से
उत्तर- (ग) ई-मेल से
3. भारत का सिलिकॉन वैली है –
(क) पुणे
(ख) कोच्चि
(ग) तिरुअनंतपुरम
(घ) बेंगलुरु
उत्तर- (घ) बेंगलुरु
4. सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के अंतर्गत है –
(क) एक प्रोग्राम
(ख) एक पुर्जा
(ग) चैनल
(घ) विद्युत आपूर्ति उपकरण
उत्तर- (क) एक प्रोग्राम
5. इलेक्ट्रॉनिक उद्योग की स्थापना के लिए आवश्यक नहीं है-
(क) कुशल मानव संसाधन
(ख) कुशल प्रबंधन
(ग) जल की उपलब्धता
(घ) आधारभूत संरचना
उत्तर- (ग) जल की उपलब्धता
II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
(1) ई-मेल क्या है?
उत्तर- ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है जिसमें संदेशों को कम्प्यूटर के माध्यम से बेतार से शीघ्रता से भेजे जाते हैं। इसके लिए इन्टरनेट का होना जरुरी है।
(2) सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पहले किन साधनों का उपयोग करते थे?
उत्तर- सूचनाओं का आदान-प्रदान पहले ताली बजाकर, आग जलाकर, पशु-पक्षियों की बोलियाँ बोलकर, कंदराओं पर चित्र बनाकर तथा कबूतरों द्वारा की जाती थी।
(3) बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का विकास क्यों संभव हुआ?
उत्तर- बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का विकास इसलिए संभव हुआ, क्योंकि यहाँ सॉफ्टवेयर का विकास करने वाले विशेषज्ञों का दल 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं।
(4) सॉफ्टवेयर पार्क वाले शहरों के नाम लिखिए।
उत्तर- सॉफ्टवेयर पार्क वाले शहरों के नाम- बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, पूणे, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, लखनऊ, बेलापुर, गुड़गाँव, कोच्चि।
(5) सूचना प्रौद्योगिकी ने जीवन शैली में क्या बदलाव लाए हैं?
उत्तर- सूचना प्रौद्योगिकी ने जीवन शैली में निम्नलिखित बदलाव लाये हैं:-
➡ गैर सरकारी क्षेत्र की इन्फोसिस, जनरल इलेक्ट्रिक, एक्सेंचर, विप्रो, हीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल इत्यादि जैसी कम्पनियाँ भी सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का कार्य कर रही हैं।
➡ ब्राडबैंड जैसी सेवाएँ सूचनाओं को काफी तेजी से पहुँचाती हैं।

गूगल और याहू जैसे सर्च इंजन से दुनियाभ की जानकारी काफी तेजी से ढूँढी जा सकती है।


Read More:

इकाई 5. अध्याय 5. मानव संसाधन

 इकाई 5. अध्याय 5. मानव संसाधन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



इकाई 5

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।
1. जनगणना की जाती है-
(क) प्रत्येक 20 वर्ष पर
(ख) प्रत्येक 10 वर्ष पर
(ग) प्रत्येक 5 वर्ष पर
(घ) प्रत्येक 2 वर्ष का0
उत्तर- (ख) प्रत्येक 10 वर्ष पर
2. मानव संसाधन है क्योंकि-
(क) आवश्यकता पूर्ति के लिए तकनीक का प्रयोग करता है।
(ख) अन्य सामग्रियों को संसाधन के रूप में परिणत करता है।
(ग) मस्तिष्क का प्रयोग कर अन्य साधनों को उपयोगी बनाता है।
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (घ) उपर्युक्त सभी
3. भारत में सर्वाधिक जनसंख्या है-
(क) पश्चिम बंगाल की
(ख) बिहार की
(ग) उत्तर प्रदेश की
(घ) महाराष्ट्र की
उत्तर- (ग) उत्तर प्रदेश की
4. भारत जनसंख्या के दृष्टिकोण से विश्व में है-
(क) तृतीय स्थान पर
(ख) चौथे स्थान पर
(ग) प्रथम स्थान पर
(घ) दूसरे स्थान पर
उत्तर – (घ) दूसरे स्थान पर
5. पहाड़ी भागों में जनसंख्या कम होती है क्योंकि-
(क) वहाँ काफी गर्मी है
(ख) जीवन यापन कठिन होता है
(ग) मृत्यु दर अधिक है
(घ) लोग वहाँ रहना नहीं चाहते हैं
उत्तर- (ख) जीवन यापन कठिन होता है
II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है। कैसे?
उत्तर- मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है, क्योंकि मनुष्य की अपनी योग्यताएँ ही किसी भी भौतिक पदार्थों को मूल्यवान संसाधन बनाने में सहायता करती है। बहुत से लोगों का यह धारणा है कि संसाधन प्रकृति के मुफ्त उपहार होते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। सभी संसाधन मानव के क्रियाकलापों के प्रतिफल होते हैं। मानव, प्रकृति में उपलब्ध पदार्थों को संसाधनों में बदलता है। इस प्रकार से मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है।
(ख) जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?
उत्तर- जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं-
⇒ जन्म-दर
⇒ मृत्यु दर
⇒ प्रवास
⇒ जीवन प्रत्याशा
⇒ विवाह एवं सन्तान प्राप्ति की अनिवार्यता
⇒ अशिक्षा एवं अज्ञानता
⇒ बाल विवाह
⇒ अंधविश्वास
(ग) जनसंख्या परिवर्तन किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?
उत्तर – जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक है- जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास।
        जन्मदर एवं मृत्यु दर के बीच अंतर होने से जनसंख्या में परिवर्तन होती है। यह जनसंख्या का प्राकृतिक परिवर्तन है जबकि कई कारणों से जनसंख्या का दूसरी जगह जाकर बस जाना प्रवास की श्रेणी में आता है। भारत में जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख कारक जन्म दर रहा है क्योंकि यह हमेशा मृत्यु दर से अधिक रहा है। वर्तमान समय में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण मृत्यु दर में भी तेजी से गिरावट आई है जिसके कारण जनसंख्या वृद्धि हुई है।
(घ) घटती महिला लिंगानुपात के कारकों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर- किसी देश कि कुल जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को लिंग अनुपात कहा जाता है। घटती महिला लिंगानुपात के कारण कन्या भ्रूण हत्या तथा लड़की नहीं पैदा होने देने की बढ़ती प्रवृति है। बढ़ती दहेज प्रथा भी एक कारक है। हमें इस प्रवृति से बचने की जरूरत है। सरकार ने भी कानूनी रूप से कन्या भ्रूण हत्या को अपराध घोषित कर इसके लिए दंड का प्रावधान किया है। लड़कियों को भी लड़कों के समान महत्व के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता लाना चाहिए।
(ड़) मैदानी भागों में जनघनत्व अधिक पाया जाता है। क्यों?
उत्तर- मैदानी भागों में जनघनत्व अधिक पाया जाता है, क्योंकि मैदानी क्षेत्रों में पर्याप्त जल की मात्रा, अनुकूल जलवायु, विस्तृत समतल भूमि की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टियाँ, अत्यधिक नगरीकरण, औद्योगीकरण जैसे मानव बसाव के लिए अनुकूल भौगोलिक कारक के जनसुविधाएँ आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। अतः यहाँ ज्यादा लोग निवास करते हैं।
(च) वर्ष 2030 ई० तक हमारी जनसंख्या चीन से अधिक होगी। ऐसा क्यों होगा? सोचकर लिखिए।
उत्तर- भारत की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन धीरे-धीरे वृद्धि दर में कमी आ रही है और यह जन्मदर नियंत्रण हेतु किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है। फिर भी अगर भारत की जनसंख्या वर्तमान रफ्तार से बढ़ती रही तो वर्ष 2030 तक हमारी आबादी एक अरब चालीस करोड़ के पास हो जाएगी तथा हमारी जनसंख्या चीन की जनसंख्या से अधिक होगी अर्थात विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या भारत में होगी।
(छ) पर्वतीय क्षेत्र में जन घनत्व कम पाया जाता है। क्यों?

उत्तर- पर्वतीय क्षेत्र में जन घनत्व कम पाया जाता है। जैसे- उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं अधिकतर पूर्वोत्तर राज्यों में जनसंख्या घनत्व कम पाया जाता है, क्योंकि यहाँ का अधिकांश भू-भाग पर्वतीय है और पर्वतीय क्षेत्र में जीवन यापन कठिन होता है। यहाँ पर्याप्त जल की मात्रा, अनुकूल जलवायु, विस्तृत समतल भूमि की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टियाँ जैसे मानव बसाव के लिए भौगोलिक काक का अभाव होता है।


Read More:

इकाई 4. अध्याय 4. परिवहन

 इकाई 4. अध्याय 4. परिवहन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



इकाई 4
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. भारत में कौन परिवहन साधन सबसे अधिक उपयोग में आता है?
(क) वायु परिवहन
(ख) जल परिवहन
(ग) सड़क परिवहन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ग) सड़क परिवहन
2. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना किसके अंतर्गत जाता है?
(क) वायु परिवहन
(ख) सड़क परिवहन
(ग) जल परिवहन
(घ) उपर्युक्त सभी में
उत्तर – (ख) सड़क परिवहन
3. राष्ट्रीय राजमार्ग की देखरेख कौन सा विभाग करता है?
(क) लोक निर्माण विभाग
(ख) केंद्रीय लोक निर्माण विभाग
(ग) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) केंद्रीय लोक निर्माण विभाग
4. सीमा सड़क संगठन क्या है?
(क) सीमावर्ती सड़कों की देख-रेख करने वाली संस्था
(ख) सीमा पर लोगों की देख-रेख करने वाली संस्था
(ग) सीमा के पार स्थित सड़कों की देख-भाल करने वाली संस्था
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) सीमावर्ती सड़कों की देख-रेख करने वाली संस्था
5. इंडियन एयरलाइंस को और किस नाम से जाना जाता है?
(क) भारतीय
(ख) इंडियन
(ग) आर्यावर्त
(घ) भारतीय एयरलाइंस
उत्तर – (घ) भारतीय एयरलाइंस
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. भारत में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण 1953 में किया गया।
2. मार्मगाओ पतन गोवा राज्य में है।
3. पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय हाजीपुर है।
4. सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 7 (2369 किमी०) है।
5 चेन्नई एक प्राचीन कृत्रिम पतन है।
6. सदिया से घुबरी जल परिवहन मार्ग नदी ब्रह्मपुत्र में है।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग क्या है?
उत्तर – स्वर्णिम चतुर्भुज राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग है। यह स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग दिल्ली-कोलकाता-मुंबई-चेन्नई महानगर को आपस में 6 लेन वाली सड़कों से जोड़ने वाला देश में द्रुतगति से सामान को ढोने और लोगों के आने-जाने की सुविधा प्रदान करता है।
2. देश में वायु परिवहन की स्थिति का वर्णन करें?
उत्तर – हवाई जहाज आसमान में उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक की दूरी तय करती है इसलिए इन्हें वायु परिवहन कहते हैं। पहले वायु परिवहन विशिष्ट लोगों के तक ही सीमित था लेकिन 1953 में सरकार ने वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
          शुरुआत में एयर इंडिया की हवाई यात्राएँ देश से विदेशों तक जुड़ी हुई थीं और इंडियन एयरलाइन्स (इंडियन) घरेलू एवं पड़ोसी देशों से जुड़ी हुई विमान सेवा थी। लेकिन वर्तमान समय में हवाई सेवाएँ निजी कम्पनियों द्वारा भी चलाई जा रही हैं जो घरेलू और पड़ोसी देशों के लिए भी उपलब्ध है।
3. भारत में पहली रेलगाड़ी कब और कहाँ चली थी? नक्शे पर भी दर्शाइए।
उत्तर – भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल, 1853 को मुम्बई से थाणे के बीच चली थी।
4. पाइपलाइन परिवहन क्या है उदाहरण दीजिए।
उत्तर – पाइपलाइन परिवहन जमीन के अंदर बिछाई गई पाईपलाइनें हैं जिनकी मदद से पेट्रोलियम पदार्थ, जल, गैस आदि एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाई जाती है। जैसे-बिहार के बरौनी, उत्तर प्रदेश के मथुरा, हरियाणा के पानीपत में स्थापित तेलशोधक कारखानों में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति ऐसे ही पाइपलाइनों के द्वारा होती है।
5. देश के तीन राष्ट्रीय आंतरिक जल परिवहन का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी में, सदिया से घुबरी ब्रह्मपुत्र नदी में तथा दक्षिण भारत में केरल के तटीय नहर कोट्टापुरम् से कोल्लम को राष्ट्रीय आंतरिक जलमार्ग घोषित किया गया है।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. परिवहन एवं यातायात के साधन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। क्यों? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – “एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्तियों या वस्तुओं को पहुँचाना या लाना परिवहन कहलाता है।” यह सड़क मार्ग, रेल मार्ग, हवाई मार्ग और जल मार्ग से विभिन्न प्रकार के वाहनों द्वारा संभव हो पाता है। रेल यात्रा समाप्त करके स्टेशन से बाहर निकलने पर हम पाते हैं कि गंतव्य स्थान तक पहुँचने के लिए रिक्शा, ऑटोरिक्शा, टमटम, कारें, जीप, बस इत्यादि मिलती हैं। ये सभी वाहन हमें या सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में मदद करती हैं। ये सभी भूमि पर चलते हैं इसलिए स्थलीय परिवहन के साधन हैं।
        वहीं दूसरी ओर हवाई जहाज आसमान में उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक की दूरी तय करती हैं इसलिए इन्हें हवाई साधन कहते हैं। नावें, स्टीमर, जहाजें पानी में चलकर गंतव्य तक पहुँचती हैं, इसलिए उन्हें जल परिवहन के साधन कहते हैं।
         बिना परिवहन एवं यातायात के साधनों के लम्बी दूरी आवागमन करना संभव नहीं है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्ति या वस्तु इसके द्वारा कम समय में आसानी से पहुँच जाता है, यही कारण है कि परिवहन एवं यातायात के साधन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
2. देश में परिवहन के कौन-कौन से साधन विकसित है? प्रत्येक का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर – एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्तियों या वस्तुओं को पहुँचाना या लाना परिवहन कहलाता है। देश में परिवहन के पांच साधन विकसित हैं –
(i) सड़क परिवहन
(ii) रेल परिवहन
(iii) वायु परिवहन
(iv) जल परिवहन
(i) सड़क परिवहन- सड़कें परिवहन का एक मुख्य साधन है। हम स्कूल जाने, प्रखंड जाने, जिला मुख्यालय जाने में सड़क का उपयोग करते हैं। भारत में सड़कों को उनकी उपयोगिता और क्षमता के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बाँटा गया है। इसी आधार पर उनकी देखरेख की जाती है।
(ii) रेल परिवहन- यह यात्रियों एवं माल ढुलाई का प्रमुख साधन है। यह देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र प्रतिष्ठान है जिसमें लगभग 16 लाख कर्मचारी काम करते हैं। देश में रेलवे को प्रशासनिक सुविधा के लिए 16 मंडलों में बाँटा गया है जिस पर रेलवे बोर्ड नियंत्रण रखता है। बिहार के हाजीपुर में पूर्व मध्य रेलवे का मंडल कार्यालय अवस्थित है। रेलवे समय-समय पर देश के अन्दर अनेक तीर्थ स्थानों को जोड़ने वाली ट्रेनें भी चलाती हैं।
(iii) पाईप लाइन- यह जमीन के अन्दर बिछाई गई पाईप लाइनें होती हैं, जिनकी मदद से पेट्रोलियम पदार्थ, जल, गैस आदि एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाई जाती है। इन पाइप लाइनों को बिछाने में प्रारंभिक खर्च तो बहुत ज्यादा आता है लेकिन इसके रख-रखाव में कम दिक्कतें होती हैं।
         इस परिवहन में बाधाएँ भी कम आती हैं और समय भी कम लगता है, साथ ही परिवहन में सामग्री का नुकसान भी कम होता है। इसलिए धीरे-धीरे परिवहन का यह मार्ग सस्ता होता जाता है।
(iv) वायु परिवहन- हेलीकॉप्टर, जेट ये सभी वायु परिवहन के अन्तर्गत आते हैं। परिवहन के साधनों में ये सबसे द्रुतगामी के साधन हैं। यद्यपि यह महँगा है, फिर भी दुर्गम क्षेत्रों में भी आसानी से और आरामदायक ढंग से पहँचा जा सकता है। पहले वायु परिवहन विशिष्ट लोगों तक ही सीमित था, लेकिन 1953 में सरकार ने वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
(v) जल परिवहन- इससे देश के अन्दर नदियों के जल में जहाजों का परिचालन किया जाता है और यात्री व माल की ढुलाई की जाती है। देश के अन्दर लगभग 15 हजार किलोमीटर नौसंचालन जलमार्ग हैं। भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी में, सदिया से घुबरी ब्रह्मपुत्र नदी में, दक्षिण भारत में केरल के तटीय नहर कोट्टापरम से कोल्लम को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है।
         गंगा, गोदावरी, कृष्णा, सुंदरवन आदि महत्त्वपूर्ण आंतरिक जलमार्ग हैं। मैंने पटना में भी गंगा नदी में मालवाहक जहाज देखा है। पटना में गंगा तट पर राजेन्द्र प्रसाद अन्तर्देशीय जलपरिवहन टर्मिनल है।
3. भारत में जल परिवहन की स्थिति का वर्णन दीजिए।
उत्तर- जल परिवहन दो प्रकार के होते हैं-
(i) आंतरिक जल परिवहन और 
(ii) समुद्री जल परिवहन
(i) आंतरिक जल परिवहन- इससे देश के अन्दर नदियों के जल में जहाजों का परिचालन किया जाता है और यात्री व माल की ढुलाई की जाती है। देश के अन्दर लगभग 15 हजार किलोमीटर नौसंचालन जलमार्ग हैं। भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी में, सदिया से घुबरी ब्रह्मपुत्र नदी में, दक्षिण भारत में केरल के तटीय नहर कोट्टापरम से कोल्लम को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है।
        गंगा, गोदावरी, कृष्णा, सुंदरवन आदि महत्त्वपूर्ण आंतरिक जलमार्ग हैं। मैंने पटना में भी गंगा नदी में मालवाहक जहाज देखा है। पटना में गंगा तट पर राजेन्द्र प्रसाद अन्तर्देशीय जलपरिवहन टर्मिनल है।

(ii) समुद्री जल परिवहन- यह भारत की लगभग साढ़े सात हजार किलोमीटर लंबी समुद्री तट बंगाल की खाड़ी और अरब साग के साथ लगी हुई है। भारत में इन समुद्र तटों पर लगभग 12 प्रमुख बड़े बंदरगाह और कई छोटे व मंझोले पत्तन हैं जिनसे अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन होता है।


Read More:

अध्याय 3.1 लौह इस्पात उद्योग

इकाई 3. अध्याय 3.1 (क) लौह इस्पात उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



लौह इस्पात उद्योग
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. भद्रावती लौह इस्पात उत्पादक केंद्र किस राज्य में है?
(क) झारखंड
(ख) तमिलनाडु
(ग) कर्नाटक
(घ) छतीसगढ़
उत्तर- (ग) कर्नाटक
2. जमशेदपुर स्थित टाटा लौह इस्पात केंद्र की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
(क) 1910
(ख) 1905
(ग) 1917
(घ) 1907
उत्तर- (घ) 1907
3. बोकारो लौह इस्पात केंद्र किस पंचवर्षीय योजना में लगाया गया था?
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तीसरी
(घ) चौथी
उत्तर- (घ) चौथी
4. इनमें से कौन लौह इस्पात उत्पादक केंद्र सेल के अंतर्गत नहीं है?
(क) दुर्गापुर
(ख) बोकारो
(ग) भिलाई
(घ) बर्नपुर
उत्तर- (घ) बर्नपुर
5. सेलम लौह इस्पात केंद्र किस राज्य में अवस्थित है?
(क) तमिलनाडु
(ख) कर्नाटक
(ग) झारखंड
(घ) केरल
उत्तर – (क) तमिलनाडु
II. सही मिलान करें:-
                                   उत्तर
1. दुर्गापुर-            (ग) प. बंगाल
2. विशाखपत्तनम- (क) आंध्रप्रदेश
3. भिलाई –         (घ) छत्तीसगढ़
4. भद्रावती –       (ख) कर्नाटक
III. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. दांतो को रोलिंग प्रोसिंग एवं ढलाई के द्वारा निश्चित आकार दिया जाता है।
2. उड़ीसा में राउरकेला (सेल) लौह इस्पात केंद्र है।
3. विजयनगर लौह इस्पात केंद्र कर्नाटक राज्य में है।
4. टिस्को को झरिया की खानों से कोयला मिलता है।
5. बोकारो लौह इस्पात केंद्र प्रसिद्ध उद्योगपति जमशेद जी टाटा की सहायता से लगाया गया था।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. बोकारो लौह इस्पात केंद्र को मैंगनीज किन-किन स्थानों से प्राप्त होता है? केंद्रों के नाम लिखिए।
उत्तर- बोकारो लौह इस्पात केन्द्र को मैंगनीज बादाम पहाड़, गुरु महिसानी एवं सुलायपत से प्राप्त होता है।
2. टिस्को को जल की सुविधा कहाँ से मिलती है?
उत्तर- टिस्को को जल की सुविधा स्वर्णरेखा और खरकई नदियों से मिलती है।
3. टिस्को में कामगार के रूप में मुख्यतः कौन से लोग हैं?
उत्तर- टिस्को में कामगार के रूप में मुख्यत: स्थानीय संथाली लोग हैं तथा इनके साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा तथा मध्यप्रदेश के लोग भी कार्य करते हैं।
4. बोकारो लौह इस्पात केंद्र कब और किसके सहयोग से स्थापित की गई थी?
उत्तर- बोकारो लौह इस्पात केन्द्र 1964 ई. में रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के सहयोग से स्थापित की गई थी।
5. टिस्को में बनने वाली कुछ चीजों के नाम लिखिए।
उत्तर- सलाखें, गर्डर, पहिए, पटरियाँ, चादरें, स्लीपर एवं फिश प्लेट आदि।
 
V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. टिस्को लौह इस्पात केंद्र को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तृत विवरण दीजिए।
उत्तर- टिस्को लौह इस्पात केन्द्र को लौह-अयस्क नोआमंडी (प० सिंहभूम), बादाम पहाड़ एवं गुरु महिसानी (उड़ीसा) की पहाड़ियों से प्राप्त होता है जो यहाँ से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। कुल अयस्क की आवश्यकता का 50% भाग अकेले नोआमंडी से आता है।
          कोयला झरिया की खानों से मिलता है। चूनापत्थर 320 किलोमीटर की दूरी से विशेषकर विरमित्रपुर, हाथीबारी, बिसरा और कटनी से आता है। डोलोमाइट पागपोश से आता है।  पानी की आवश्यकता स्वर्णरेखा और खरकई नदियाँ पूरा करती हैं। टिस्को लौह इस्पात संयत्र से सलाखें, गर्डर, पहिए और पटरियाँ, चादरें, स्लीपर एवं फिश प्लेट बनाये जाते हैं।
2. बोकारो लौह इस्पात केंद्र को उपलब्ध भौगोलिक सुविधाओं का वर्णन करें।
उत्तर- बोकारो लौह इस्पात केन्द्र को बोकारो स्टील लिमिटेड (B.S.L.) के नाम से भी जाना जाता है। चतुर्थ पंचवर्षीय योजना के तहत इसे 1964. ई० में रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के सहयोग से सार्वजनिक क्षेत्र के प्रक्रम के रूप में इसकी स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना कच्चे माल की उपलब्धता वाले स्थानों के नजदीक की गई है जिससे यहाँ तैयार इस्पात कम लागत पर उपलब्ध है।
       इस संयंत्र के लिए लौह-अयस्क किरीबुरू (उड़ीसा) से प्राप्त होता है। चूना पत्थर विरमित्रपुत्र (बंगाल), कोयला झरिया और बोकारो की खानों से, पानी दामोदर नदी से, मैंगनीज बादाम पहाड़, गुरु महिसानी एवं सुलायपत से प्राप्त होता है।
3. इस्पात निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- लौह-इस्पात उद्योग को किसी भी देश के उद्योगों की रीढ़ माना जाता है क्योंकि औद्योगिक विकास हेतु बुनियादी वस्तु, औजारों, मशीनों व आधारभूत ढाँचे का निर्माण लौह-इस्पात से ही होता है। यदि हम विश्व स्तर पर देखें तो पाते हैं कि जिन देशों में लौह इस्पात की खपत अधिक है वे देश ही विकसित है। जैसे-जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस इत्यादि।
        भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद राष्ट्र निर्माताओं ने इस उद्योग की आवश्यकता को समझते हुए सर्वप्रथम इस उद्योग को स्थापित किया और आज यह उद्योग देश की अधिकांश आवश्यकता की पूर्ति के साथ इस्पात को नियत भी कर रहा है।
      भारत केवल उच्च कोटि के कुछ इस्पात का आयात करता है। भारत विश्व में स्पंज लोहे का सबसे बड़ा उत्पादक है। अब तो भात में विदेशों से प्राप्त लोहा-इस्पात स्क्रैपर (अन्न-उपयोगी) से नया इस्पात तैयार कर धन व साधनों की बचत कर रहा है।
        वित्तीय वर्ष 19-20 के दौरान भारत में लौह इस्पात का उत्पादन
⇒ कुल उत्पादन- 111.245 मिलियन टन
⇒ आयात- 5.51 मिलियन टन
⇒ निर्यात- 6.52 मिलियन टन

⇒ उपभोग (घरेलू)- 75.05 मिलियन टन


Read More:

इकाई 3 अध्याय 3 उद्योग

इकाई 3 अध्याय 3 उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 3 उद्योग
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. उद्योग का संबंध किस प्रकार की गतिविधि से होता है?
(क) सामाजिक
(ख) सांस्कृतिक
(ग) आर्थिक
(घ) जैविक
उत्तर- (ग) आर्थिक
2. वृहद उद्योग में पूंजी निवेश की सीमा होती है-
(क) 1 करोड़ से अधिक
(ख) 50 करोड़ से अधिक
(ग) 10 लाख से कम
(घ) 50 हजार मात्र
उत्तर- (क) 1 करोड़ से अधिक
3. दवा उद्योग किस प्रकार का उद्योग है?
(क) आधारभूत उद्योग
(ख) संयुक्त क्षेत्र उद्योग
(ग) हल्का उद्योग
(घ) उपभोक्ता उद्योग
उत्तर- (घ) उपभोक्ता उद्योग
4. इनमें कौन औद्योगिक प्रदेश नहीं है?
(क) दक्कन प्रदेश
(ख) छोटानागपुर प्रदेश
(ग) मुंबई-पुणे क्षेत्र
(घ) गुड़गाँव-दिल्ली मेरठ प्रदेश
उत्तर- (क) दक्कन प्रदेश
5. इनमें कौन कृषि आधारित उद्योग है?
(क) फर्नीचर उद्योग
(ख) कागज उद्योग
(ग) वस्त्र उद्योग
(घ) ताम्बा प्रगलन उद्योग
उत्तर- (ग) वस्त्र उद्योग
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. भिलाई लौह इस्पात छत्तीसगढ़ राज्य में है।
2. उद्योग के अंतर्गत कच्चे माल को अधिक मूल्य के उत्पादों में बदल जाता है।
3. फर्नीचर उद्योग लघु उद्योग का उदाहरण है।
4. पूँजी निवेश के आधार पर उद्योग तीन प्रकार के होते है।
5. सीमेंट उद्योग खनिज आधारित उद्योग के अंतर्गत आता है।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. उद्योग से क्या समझते हैं?
उत्तर- विभिन्न प्रकार के कच्चे माल को अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाना ही उद्योग है। इसे द्वितीयक गतिविधि के अंतर्गत रखा जाता है।
2. लघु एवं वृहद उद्योग के बीच अंतर कीजिए।
उत्तर- लघु एवं वृहत् उद्योग के बीच अन्तर निम्नलिखित हैं-
लघु उद्योग- 
⇒ लघु उद्योग में पूँजी निवेश की सीमा एक करोड़ से कम होती है।
⇒ विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण छोटी-छोटी मशीनों द्वारा होता है।
वृहत् उद्योग-
⇒ वृहत् उद्योग में पूँजी निवेश की सीमा एक करोड़ से अधिक होती है।
⇒ विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण वृहत पैमाने पर होता है।
3. वन आधारित उद्योगों के कोई तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर- वन आधारित उद्योगों के तीन उदाहरण- कागज उद्योग, औषधि (आयुर्वेद) निर्माण उद्योग, फर्नीचर उद्योग।
4. संयुक्त क्षेत्र का उद्योग किसे कहा जाता है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर- जिस उद्योग का संचालन सरकार एवं निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा होता है उसे संयुक्त क्षेत्र का उद्योग कहा जाता है।
   जैसे- मारूति उद्योग, एनटीपीसी, नबीनगर पावर जेनरेटिंग कं. प्रा. लि.।
5. सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्योगों के बीच अंतर उपयुक्त उदाहरण के साथ कीजिए।
उत्तर- सार्वजनिक क्षेत्र-
               वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से सरकार द्वारा किया जाता हो उसे सार्वजानिक क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है।
जैसे- SAIL, BHEL, रेल कारखाना, आयुध कारखाना आदि।
निजी क्षेत्र- 
        वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता हो उसे निजी क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है।
जैसे- टाटा, बजाज, रिलायंस, बिड़ला आदि।
6. भूमिका के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर- भूमिका के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बाँटा गया है-
(i) आधारभूत उद्योग- 
          वैसे उद्योग जिनके उत्पादों या कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हैं, उन्हें आधारभूत उद्योग कहते हैं।
जैसे- लोहा इस्पात, तांबा गलाना, खनिज गलाना इत्यादि।
(ii) उपभोक्ता उद्योग- 
         वैसा उद्योग जिनके उत्पादों को उपभोक्ताओं को सीधे उपयोग के लिए किया जाता है।
जैसे- दवा उद्योग, बर्तन उद्योग, टूथपेस्ट, मंजन, शृंगार, प्रसाधन उद्योग, कागज उद्योग, रेडिमेड वस्त्र उद्योग आदि।
7. भार के आधार पर उद्योग कितने प्रकार के होते हैं? उपयुक्त उदाहरण के साथ लिखें।
उत्तर – भार के आधार पर उद्योग दो प्रकार के होते हैं।
(i) भारी उद्योग- 
         वैसे उद्योगों जिनके उत्पादों का वजन काफी अधिक होता है उसे भारी उद्योग कहते हैं।
जैसे- लोहा इस्पात, मोटर गाड़ी उद्योग, सीमेंट उद्योग, पोत निर्माण उद्योग इत्यादि।
(ii) हल्के उद्योग- 
          वैसे उद्योग जिनमें कम भार वाले कच्चे माल का प्रयोग कर हल्के तैयार माल का उत्पादन किया जाता है उसे हल्के उद्योग कहते है।
जैसे- विद्युतीय उद्योग, घड़ी उद्योग, बल्ब उद्योग, पीतल के बर्तन उद्योग इत्यादि।
8. भारत के कुछ प्रमुख औद्योगिक प्रदेशों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- भारत के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश निम्नलिखित हैं-
⇒ मुम्बई-पूर्ण क्षेत्र,
⇒ बंगलुरू-चेन्नई सेलम,
⇒ अहमदाबाद-बड़ोदरा-सूरत क्षेत्र,
⇒ विशाखापटनम्-गुंटूर औद्योगिक क्षेत्र,
⇒ गुड़गांव दिल्ली-मेरठ औद्योगिक प्रदेश
⇒ कोल्लम-तिरूवन्तपुरम् औद्योगिक प्रदेश
⇒ छोटानागपुर औद्योगिक क्षेत्र एवं
⇒ हुगली क्षेत्र।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. उद्योग को परिभाषित कीजिए तथा इसका विस्तृत वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर- विभिन्न प्रकार के कच्चे माल को अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाना ही उद्योग है। इसे द्वितीयक गतिविधि के अंतर्गत रखा जाता है।
उद्योगों का विस्तृत वर्गीकरण-
         
       उद्योगों का विस्तृत वर्गीकरण कई आधारों पर किया गया है-
⇒ कच्चे माल के आधार पर
(क) कृषि आधारित उद्योग
(ख) खनिज आधारित उद्योग
(ग) वन आधारित उद्योग
(घ) समुद्र आधारित उद्योग
 
⇒ पूँजी निवेश के आधार पर
(क) कुटीर उद्योग
(ख) लघु उद्योग
(ग) वृहत् उद्योग
 
⇒ स्वामित्व के आधार पर
(क) निजी क्षेत्र
(ख) सार्वजनिक क्षेत्र
(ग) संयुक्त क्षेत्र
(घ) सहकारी क्षेत्र
 
⇒ प्रमुख भूमिका के आधार पर
(क) आधारभूत उद्योग
(ख) उपभोक्ता उद्योग
 
⇒ कच्चे एवं तैयार माल की मात्रा एवं भार के आधार पर
(क) भारी उद्योग
(ख) हल्के उद्योग
 
2. कच्चे माल की प्रकृति के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण उपयुक्त उदाहरण के साथ कीजिए।
उत्तर – कच्चे माल की प्रकृति के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बाँटा गया है-
 
(i) भारी उद्योग- वैसे उद्योगों जिनके उत्पादों का वजन काफी अधिक होता है उसे भारी उद्योग कहते हैं। जैसे– लोहा इस्पात, मोटर गाड़ी उद्योग, सीमेंट उद्योग, पोत निर्माण उद्योग इत्यादि।
 
(ii) हल्के उद्योग- वैसे उद्योग जिनमें कम भार वाले कच्चे माल का प्रयोग कर हल्के तैयार माल का उत्पादन किया जाता है उसे हल्के उद्योग कहते है। जैसे- विद्युतीय उद्योग, घड़ी उद्योग, बल्ब उद्योग, पीतल के बर्तन उद्योग इत्यादि।
 
3. स्वामित्व के आधार पर उद्योग कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक का उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर – स्वामित्व के आधार पर उद्योग चार प्रकार के होते हैं-
(क) निजी क्षेत्र
(ख) सार्वजनिक क्षेत्र
(ग) संयुक्त क्षेत्र
(घ) सहकारी क्षेत्र
(i) निजी क्षेत्र के उद्योग- वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता हो उसे निजी क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है। जैसे– टाटा, बजाज, रिलायंस, बिड़ला आदि।
(ii) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग- वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से सरकार द्वारा किया जाता हो उसे सार्वजानिक क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है। जैसे- SAIL, BHEL, रेल कारखाना, आयुध कारखाना आदि।
(iii) संयुक्त क्षेत्र के उद्योग- जिस उद्योग का संचालन सरकार एवं निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा होता है उसे संयुक्त क्षेत्र का उद्योग कहा जाता है। जैसे- मारूति उद्योग, एनटीपीसी, नबीनगर पावर जेनरेटिंग कं. प्रा. लि.।
(iv) सहकारी क्षेत्र के उद्योग- वैसे उद्योग जिसका स्वामित्व कच्चे माल की पूर्ति करने वाले उत्पादकों, श्रमिकों या दोनों के हाथों में होता है तथा लाभ-हानि का विभाजन भी आनुपातिक होता है, उसे सहकारी क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है। जैसे- सुधा डेयरी, केरल के नारियल आधारित उद्योग आदि।
 
4. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कर भारत के पाँच औद्योगिक प्रदेशों के नाम लिखिए।
उत्तर- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं:-
(i) कच्चे माल की उपलब्धता
(ii) अनुकूल जलवायु
(iii) सस्ते श्रमशक्ति
(iv) पूँजी की उपलब्धता
(v) विद्युत की सुविधा
(vi) उद्योगपतियों की इच्छाशक्ति
(vii) विस्तृत बाजार की उपलब्धता इत्यादि।
            भारत के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश निम्नलिखित हैं-
⇒ मुम्बई-पूर्ण क्षेत्र,
⇒ बंगलुरू-चेन्नई सेलम,
⇒ अहमदाबाद-बड़ोदरा-सूरत क्षेत्र,
⇒ विशाखापटनम्-गुंटूर औद्योगिक क्षेत्र,
⇒ गुड़गांव दिल्ली-मेठ औद्योगिक प्रदेश
⇒ कोल्लम-तिरूवन्तपुरम् औद्योगिक प्रदेश
⇒ छोटानागपुर औद्योगिक क्षेत्र एवं

⇒ हुगली क्षेत्र।


Read More:

अध्याय 2 भारतीय कृषि

 इकाई-2 अध्याय 2 भारतीय कृषि

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



भारतीय कृषि

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।

1. कृषि कार्य में शामिल है-
(क) भूमि को जोतना
(ख) पशुओं को पालना
(ग) मछली पालन करना
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (घ) उपर्युक्त सभी
2. भूमि पर जनसंख्या के अत्यधिक दबाव वाले क्षेत्रों में कौन-सी खेती की जाती है?
(क) झूम खेती
(ख) अंतर कृषि
(ग) गहन कृषि
(घ) ट्रक फार्मिंग
उत्तर – (ग) गहन कृषि
3. इनमें कौन समूह रबी की फसलों से संबंधित है?
(क) गेहूँ, चावल
(ख) चना, धान
(ग) मक्का, जूट
(घ) गेहूँ, मटर
उत्तर – (घ) गेहूँ, मटर
4. जूट की फसल प्रमुखत: होती है-
(क) किशनगंज-पूर्णिया में
(ख) अररिया-आरा में
(ग) गया-औरंगाबाद में
(घ) गया-जहानाबाद में
उत्तर- (क) किशनगंज-पूर्णिया में
5. बिस्कोमान उपलब्ध कराती है-
(क) बेस्ट किसानों को खाद बीज
(ख) कृषि उपकरण
(ग) ऋण
(घ) सिंचाई की सुविधा
उत्तर- (क) बेस्ट किसानों को खाद बीज
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
(i) स्थानांतरित कृषि को दहन कृषि भी कहते हैं।
(ii) उत्तरी बिहार में मखाना, केला और तम्बाकू की खेती वाणिज्य कृषि है।
(iii) जायद फसल का उदाहरण तरबूज, ककरी, खीरा, सब्जियाँ  है।
(iv) किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को वित्तीय सुविधा उपलब्ध होती है।
(v) जैविक खादों से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।
 
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. कृषि कार्य किसे कहते हैं
उत्तर- भूमि को जोतकर विभिन्न प्रकार की फसलें, सब्जियाँ, फल-फूल उपजाना, पशुपालन, मत्स्य-पालन इत्यादि करना कृषि कार्य है। यह प्राथमिक क्रियाकलाप के अंतर्गत आता है।
2. खरीफ और रबी फसलों में क्या अंतर है? उदहरण बताएँ।
उत्तर- खरीफ फसल- वैसे फसल जिसकी बोआई जून-जुलाई में की जाती है और अक्टूबर- नवम्बर में काटी जाती है, खरीफ फसल कहलाता है। जैसे – धान, मक्का, जूट, मूंगफली इत्यादि।
रबी फसल- वैसे फसल जिसकी बोआई अक्टूबर-नवम्बर में की जाती है तथा मार्च-अप्रैल में काटी जाती जाती है, रबी फसल कहलाता है। जैसे – गेहूँ, चना, मटर, मसूर, जौ इत्यादि।
3. जीवन निर्वाहन कृषि क्या है?
उत्तर- वैसी कृषि जो कृषि जीवन निर्वहन के लिए किया जाता है, उसे जीवन-निर्वहन कृषि कहते हैं। यह कृषि वैसे देश या क्षेत्रों में की जाती है जहाँ जनसंख्या का अत्यधिक बोझ, रोजगार के अन्य साधनों के अभाव होता है।
4. व्यापारिक और बागवानी फसलों के बारे में क्या जानते हैं? लिखिए।
उत्तर- व्यापारिक फसलें- वैसे फसल जो व्यापार की दृष्टि से की जाती हो उसे व्यापारिक फसलें कहा जाता है। जैसे – रबर, मखाना, तम्बाकू, मिर्च, गन्ना ये सब व्यापारिक फसलें हैं। रबर को छोड़कर बाकी फसलें बिहार में बहुतायत में उपजायी जाती हैं। ये फसलें कई उद्योगों के लिए कच्चे माल का काम करती है।
बागवानी फसलें- ये फसलें ‘ट्रक फार्मिंग’ के नाम से भी जानी जाती है। इसके अंतर्गत केला, आम, चीनी, फूलों आदि की खेती की जाती है। इसका घरेलू खपत बहुत है। फूलों की खेती पर्व-त्योहारों, शादी-विवाह और औषधियों की आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. बिहार की कृषि की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर- बिहार की कृषि की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
⇒ बिहार प्रांत की कृषि मानसून पर आधारित है। वर्षा पर निर्भर होने के कारण फसलों के उत्पादन में अनिश्चितता बनी रहती है। पर्याप्त वर्षा से अच्छी फसल होती है जबकि अल्पवृष्टि से फसलों का नुकसान होता है। इस तरह यहाँ की फसलें प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर करती हैं।
⇒ खेती करने के तरीके पुराने हैं। हल-बैल. कुदाल, खुरपी ही प्रमुख उपकरण हैं। खेती श्रम पर अधिक आश्रित है। परंपरागत कृषि यहाँ की विशेषता है।
⇒ छुपी हुई बेरोजगारी हमारी कृषि की खास विशेषता है। यहाँ परिवार के अधिकांश सदस्य फसल बुआई-कटाई के दौरान कृषि कार्यों में लगे रहते हैं। ऐसे में उन्हें स्वयं के लिए रोजगार में लगा होना समझ में आता है जबकि वे वस्तुतः रोजगार के अभाव में ही इन कार्यों में संलग्न होते हैं।
⇒ यहाँ के अधिकांश कृषक अंधविश्वासी होते है। वे अपनी फसल की उपज को ईश्वरीय देन मानते है अर्थात वे अपनी मेहनत से ज्यादा ईश्वर पर विश्वास करते है।
2. कृषि किन कारणों से प्रभावित होती है?
उत्तर – कृषि निम्नलिखित कारणों से प्रभावित होती है-
मानसूनी वर्षा पर निर्भरता- भारतीय कृषि क्षेत्र का एक-तिहाई भाग ही सिंचित है, शेष क्षेत्र मानसून पर निर्भर करती है। कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर देते हैं।
जोतों के छोटे आकार- भारत में छोटे और सीमान्त किसानों की संख्या अधिक है। जमीन के पारिवारिक बँटवारे के कारण खेतों का आकार छोटा होता जा रहा है। चकबंदी के अभाव में भू-जोत बिखरे हैं। छोटे भू-जोत आर्थिक दृष्टि से अहितकारी होते हैं।
भूमि का असमान वितरण- भूमि का असमान वितरण से भी भारतीय कृषि प्रभावित है। अंग्रेजी शासन के दौरान भू-राजस्व वसूली के लिए लागू की गई। जमींदारी प्रथा ने किसानों का शोषण किया। स्वतंत्रता के बाद भू-सुधारों की प्रक्रिया शुरू तो हुई लेकिन इसमें गति लाने की आवश्यकता है।
कृषि ऋण- छोटे किसान बीज, खाद, कीटनाशक, श्रमिक आदि के लिए महाजनों या अन्य संस्थाओं से कर्ज लेते हैं। ऊँची ब्याज दर, कम उत्पादन, प्रतिकूल मौसम, बिचौलियों के कारण किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में वे ऋण नहीं लौटा पाते। यह इनके कृषि उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है।
कृषि विपणन का अभाव- अच्छी बाजार व्यवस्था के अभाव में किसान अपने उत्पादों को बिचौलियों व व्यापारियों को सस्ते दामों पर बेचने के लिए बाध्य है जो उनको उचित मूल्य नहीं देते। फसलों की अत्यधिक उत्पादकता को न तो सही ढंग से बाजार में पहुंचा पाते हैं और न ही बिक्री कर पाते हैं। इस स्थिति में किसानों से बिचौलिये लाभ उठा लेते हैं।
अंधविश्वासी- यहाँ के अधिकांश कृषक अंधविश्वासी होते है। वे अपनी फसल की उपज को ईश्वरीय देन मानते है अर्थात वे अपनी मेहनत से ज्यादा ईश्वर पर विश्वास करते है।

3. आप के राज्य में कृषि कार्य उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए क्या प्रयास हुए हैं? लिखिए।
उत्तर- राज्य में कृषि कार्य उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए निम्नलिखित प्रयास हुए हैं-
⇒ नहर की सुविधा का विस्तार किया गया है। 
⇒ किसानों को ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराया गया है।  
⇒ सिंचाई के लिए सस्ते दर पर बिजली की सुविधा उपलब्ध कराया गया है। 
⇒ राज्य सरकार द्वारा कृषि बिमा की व्यवस्था किया गया है। 
⇒ उचित दर पर उर्वरकों को उपलब्ध कराया जाता है। 
⇒ बीज, कीटनाशक दवाई सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाता है। 
⇒ कृषि सम्बंधित औजार या यंत्र  पर राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी की सुविधा दिया जाता है।
⇒ किसानों का समय-समय ऋण की माफी भी की जाती है। 

⇒ सरकारी दर प किसानों का अनाज भी खरीदा जाता है।  इत्यादि 


Read More:

1.4 ऊर्जा संसाधन 

 इकाई 1. अध्याय 1.4 (घ) ऊर्जा संसाधन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



ऊर्जा संसाधन

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।
1. गोंडवाना कालीन चट्टानों में किस खनिज के भंडार मिलते हैं?
(क) पेट्रोलियम
(ख) कोयला
(ग) प्राकृतिक गैस
(घ) सौर ऊर्जा
उत्तर – (ख) कोयला

2. कोयला का सर्वोत्तम किस्म कौन सा है?
(क) पीट
(ख) लिग्नाइट
(ग) बिटुमिनस
(घ) एंथ्रासाइट
उत्तर – (घ) एंथ्रासाइट
3. सिंगरौली कोयला क्षेत्र किस राज्य में है?
(क) मध्यप्रदेश
(ख) आन्ध्रप्रदेश
(ग) झारखंड
(घ) बिहार
उत्तर – (क) मध्यप्रदेश
4. हुगड़ीजन में किसका उत्पादन होता है?
(क) कोयला
(ख) पवन ऊर्जा
(ग) सौर ऊर्जा
(घ) पेट्रोलियम
उत्तर- (घ) पेट्रोलियम
5. पवन-ऊर्जा उत्पादन से सम्बंधित क्षेत्र है?
(क) साम्बा
(ख) ताम्बा
(ग) लाम्बा
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ग) लाम्बा
6. पूगा घाटी प्रसिद्ध है-
(क) भूताप के लिए
(ख) ज्वारीय ऊर्जा के लिए
(ग) कोयला उत्पादन के लिए
(घ) पेट्रोलियम उत्पादन के लिए
उत्तर – (क) भूताप के लिए
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. कलपक्कम में  परमाणु ऊर्जा का उत्पादन होता है।
2. भाखड़ा नंगल 255.55 मीटर (740 फीट) ऊंची परियोजना है।
3. अंकलेश्वर में तेल का उत्पादन किया जाता है।
4. मथुरा तेल शोधन केंद्र उत्तर प्रदेश राज्य में है।
5. हीराकुंड जल विद्युत परियोजना महानदी पर विकसित है।
III. सही मिलान करें।
                             उत्तर 

1. मोहपानी –  (ङ) कोयला

2. रूद्र सागर- (ग) पेट्रोलियम

3. फरक्का –  (क) ताप विद्युत

4. तारापुर –    (ख) परमाणु ऊर्जा

5. तातापानी-  (घ) सौर ऊर्जा

 

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
(i) भारत में कोयले के वितरण व क्षेत्र के कुछ केंद्रों के नाम लिखिए।
उत्तर- भारत में कोयले का प्रमुख क्षेत्र –
झारखंड – झरिया, बोकारो, धनबाद, गिरीडीह, कर्णपूरा एवं रामगढ़ क्षेत्र,
छत्तीसगढ़ – चिरिमिरी, विश्रामपुर, झिलमिली, कोरबा,
उड़ीसा – तालचर,
पश्चिम बंगाल – रानीगंज,
मध्यप्रदेश – सिंगरौली, सोहागपुर, उमरिया तथा मोहपानी एवं
महाराष्ट्र – चांदा-वर्धा, कांपटी एवं बर्दर।
(ii) भारत के जल विद्युत परियोजना पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- भारत में पहला जलविद्युत का संयंत्र 1887 ई० में असम के दार्जिलिंग में लगाया गया था। इसके बाद देश में बहुद्देशीय नदी घाटी परियोजनाओं द्वारा कई जलविद्युत उत्पादन केन्द्र विकसित किए गए। इनमें भाखड़ा नांगल परियोजना, दामोदर घाटी परियोजना इत्यादि प्रमुख हैं।
(iii) परमाणु ऊर्जा उत्पादक पांच केंद्रों के नाम लिखिए।
उत्तर – परमाणु ऊर्जा उत्पादक पाँच केन्द्र निम्नलिखित हैं-
(i) तारापुर (महाराष्ट्र)
(ii) राणाप्रताप सागर केन्द्र (कोटा राजस्थान)
(iii) कालापक्कम् (तामिलनाडु)
(iv) नरौरा (उत्तर प्रदेश)
(v) ककरापारा (गुजरात)।
(iv) संसाधन के संरक्षण हेतु क्या उपाय किए जा सकते हैं किन्हीं तीन उपायों को लिखिए।
उत्तर- संसाधन के संरक्षण हेतु विवेकपूर्ण उपयोग तीन बातों पर निर्भर है-
(1) संसाधनों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण,
(2) उनका बचतपूर्वक उपयोग एवं
(3) कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्पों की खोज।
(v) गैर परंपरागत ऊर्जा स्रोतों के नाम लिखिए।
उत्तर- गैर परम्परागत ऊर्जा स्रोतों के नाम- सौर ऊजा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा एवं जल विद्युत् उर्जा आदि।
 
V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
(i) ऊर्जा संसाधन पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- हमलोगों के लिए ऊर्जा की आवश्यकता जीवन के प्रारंभिक काल से ही रही है। विकास के आरंभिक दौर में शारीरिक ऊर्जा का उपयोग किया गया। कालांतर में लकड़ी, कोयला, पेट्रोलियम, जलविद्युत, परमाणु ऊर्जा का उपयोग बढ़ा। परंतु वर्तमान समय में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा एवं बायोगैस का भी हम उपयोग करने लगे हैं।
⇒ ऊर्जा केउपरोक्त साधनों को मुख्य रूप से दो वर्गों में रखा गया है – परंपरागत और गैर परंपरागत स्रोत।

(ii) भारत में कोयला उत्पादन एवं वितरण का विवरण लिखिए।
उत्तर- भारत में प्रमुखतः गोडवाना समूह की चट्टानों में कोयला पाया जाता है। कोयला भंडार का 98% हिस्सा गोंडवाना समूह का है। इस प्रकार के कोयले दामोदर, सोन, महानदी, गोदावरी-वर्धा नदियों की भ्रंश घाटियों में पाई जाती है। कोयला उत्पादक राज्यों में झारखंड का झरिया, बोकारो, धनबाद, गिरीडीह, कर्णपुरा एवं रामगढ़ क्षेत्र, छत्तीसगढ़ का चिरिमिरी, विश्रामपुर, झिलमिली, कोरबा, उड़ीसा का तालचर, पश्चिम बंगाल का रानीगंज मध्यप्रदेश का सिंगरौली, सोहागपुर, उमरिया तथा मोहपानी एवं महाराष्ट्र का चांदा-वर्धा, कांपटी एवं बर्दर प्रमुख हैं।
⇒ टर्शियरीकालीन कोयला असम, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, जम्मू-कश्मीर में निकाला जाता है। टर्शियरी युग की चट्टानों में निम्न कोटि का कोयला पाया जाता है। 
⇒ लिग्नाइट कोयला का उत्पादन तमिलनाडु के लिग्नाइट बेसिन तथा राजस्थान, गुजरात एवं जम्मू कश्मीर में किया जाता है। 
⇒1951-52 में देश में कोयला का उत्पादन लगभग 3.5 करोड टन हुआ जो 2021-22 में 778.19 मि. टन हो गया।
(iii) भारत में ऊर्जा के परंपरागत ऊर्जा स्रोत पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- ऊर्जा के परम्परागत स्रोत सदियों से ऊर्जा प्रदान करते आ रहे हैं परंतु ये स्रोत क्षयशील तथा अनवीकरणीय है। ऊर्जा के परंपरागत स्रोत के अन्तर्गत कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, जलविद्युत इत्यादि को शामिल किया जाता है। इनमें जलविद्युत को छोड़कर सभी अनवीकरणीय स्रोत हैं। इन खनिजों का उपयोग एक बार हो जाने पर वे समाप्त हो जाते हैं। उनकी नवीकरण या पुन:चक्रण  करना संभव नहीं होता है। कुल भंडार में से उपयोग की गई मात्रा हमेशा घटती जाती है इसलिए यह क्षयशील संसाधन है।
(iv) भारत में पेट्रोलियम के उत्पादन एवं वितरण का विवरण लिखिए।
उत्तर – भारत में पेट्रोलियम पहली बार 1866 में पता चला तथा 1890 में डिगबोई से पहली बार तेल मिला। इसके बाद 1959 में खंभात के क्षेत्र में और फिर 1975 में मुंबई हाई तेल क्षेत्र का पता चला। भारत में तेल उत्पादन की दृष्टि से असम, अरूणाचल प्रदेश, नागालैंड महत्त्वपूर्ण है। यहाँ डिगबोई, नहरकटिया, हुगड़ीजन, मोरान, रूद्रसागर, निगरू एवं बौरहोल्ला मुख्य तेल उत्पादन केन्द्र हैं। गुजरात राज्य में अंकलेश्वर, कलोल, बलोल, कोसंबा, मेहसाना, बकरोल, नवगाँव इत्यादि मुख्य पेट्रोलियम उत्पादन केन्द्र हैं। महाराष्ट्र राज्य से पश्चिम अरब सागर में मुंबई हाई प्रमुख पेट्रोलियम उत्पादन केन्द्र है। यहाँ समुद्र में सागर सम्राट नामक एक जलमंच बनाया गया है जो तेल खनन का काम करने में मदद करता है। देश के पूर्वीभाग में कृष्णा-गोदावरी तथा कावेरी नदियों के बेसिन में विशेष रूप से नरीमानन एवं कोविलकप्पल में पेट्रोलियम मिले हैं। इसके अलावा पश्चिमी राज्य राजस्थान में बाडमेर बेसिन के मंगला क्षेत्र में पेट्रोलियम मिला है।
(v) ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर- वर्तमान समय में ऊर्जा के ऐसे कई स्रोत खोज लिए गए हैं जिनके भंडार असीमित हैं। ये कभी खत्म नहीं हो सकते हैं । इसलिए इन स्रोतों को अक्षय स्रोत या नवीकरणीय स्रोत कहे जाते हैं। इन स्रोतों में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा एवं जैव ऊर्जा आदि शामिल हैं।
⇒ भारत में प्रतिवर्ग 20 मेगावाट सौर ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमता है।
⇒ सोलर प्लेटों की सहायता से सूर्य की गर्मी से उत्पन्न की जानेवाली ऊर्जा, सौर ऊर्जा कहलाता है। इसका सबसे बड़ा संयंत्र गुजरात के भुज में लगाया गया है।
⇒ पृथ्वी के अंतर प्रति 32 मीटर की गहराई पर 1°C तापमान की वृद्धि होती जाती है। इस दृष्टि से पृथ्वी के भीतर ऊर्जा या ताप संग्रहित है। इस ऊर्जा को विशेष तकनीक द्वारा पृथ्वी के ऊपर लाकर विद्युत उत्पन्न की जाती है। जिसे भूतापीय ऊर्जा कहा जाता है। हिमाचल प्रदेश के मणिकरण, लद्दाख के पूगा घाटी तथा मध्य प्रदेश के तातापानी में इसके संयंत्र लगे हैं।
⇒ तेज बहते हुए पवन से ऊर्जा का उत्पादन पवन ऊर्जा कहलाता है। देश के गुजरात, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक में इसके दोहन की अच्छी संभावनाएं हैं। भारत में पवन ऊर्जा की उत्पादन क्षमता 50 हजार मेगावाट है। गुजरात के लांबा में एशिया का सबसे बड़ा संयंत्र लगाया गया है। तमिलनाडु के तूतीकोरिन में भी पवन-फार्म लगाए गए हैं।

⇒ तटीय भागों में आनेवाले ज्वार से पैदा की जानेवाली ऊर्जा ज्वारीय ऊर्जा है। भारत के तटीय भागों में इसके विकास की असीम संभावनाएँ हैं। अनुमान है कि देश में 8000-9000 मेगावाट संभाव्य ज्वारीय ऊर्जा है। खंभात की खाड़ी इसके लिए सबसे अनुकूल है। कच्छ की खाड़ी औ सुंदरवन क्षेत्र में भी ज्वारीय ऊर्जा का उत्पादन की संभावना है।


Read More:

इकाई 1. अध्याय 1.3 (ग) खनिज संसाधन

 इकाई 1. अध्याय 1.3 (ग) खनिज संसाधन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



इकाई 1

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।

1. खनिजों को कितने भागों में बांट सकते हैं?
(क) दो
(ख) चार
(ग) छः
(घ) आठ
उत्तर- (क) दो
2. हेमाटाइट किस खनिज का मुख्य अयस्क है?
(क) लोहा
(ख) कोयला
(ग) सोना
(घ) ग्रेफाइट
उत्तर- (क) लोहा
3. रोडोनाइट किस खनिज का अयस्क है?
(क) लोहा
(ख) कोयला
(ग) सोना
(घ) मैंगनीज
उत्तर- (घ) मैंगनीज
4. एलुमिनियम किस खनिज से प्राप्त होता है?
(क) कोबालाइट
(ख) बॉक्साइट
(ग) रोडोनाइट
(घ) साइलोमेलेन
उत्तर- (ख) बॉक्साइट
5. बायोटाइट किस खनिज का प्रकार है?
(क) एलुमिनियम
(ख) अभ्रक
(ग) लोहा
(घ) मैंगनीज
उत्तर – (ख) अभ्रक
II. सही मिलान कर लिखें।
1. लोहा    –   (घ) हेमाटाइट
2. मैंगनीज –  (ग) रोडोनाइट
3. अभ्रक   –  (क) बायोटाइट
 4. तांबा    –  (ख) कोबाटाइट
III.  निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. खनिजों का वर्गीकरण कीजिए।
उत्तर – खनिज मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं-
1. धात्विक खनिज-  वैसे खनिज जिस धातु होती है जैसे लौह अयस्क, ताँबा, निकेल, मैंगनीज आदि। पुनः इसे दो भागों में बाँटा जा सकता है
(क) लौहयुक्त खनिज- जिन धात्विक खनिज में लोहे का अंश अधिक पाया जाता है उसे लौहयुक्त खनिज कहते हैं, जैसे– लौह अयस्क, निकेल, टंगस्टन।
(ख) अलौहयुक्त खनिज- जिन धात्विक खनिज में लोहे की मात्रा न्यून होती है या नहीं होती है, अलौहयुक्त खनिज कहलाते हैं। जैसे– सोना, चाँदी, शीशा, बॉक्साइट ताँबा।
2. अधात्विक खनिज- वैसे खनिज जिसमें धातु की  मात्रा  नहीं होती है उसे  अधात्विक खनिज कहते है। जैसे-चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम आदि। 
 अधात्विक खनिज भी दो प्रकार के होते हैं –
(क) कार्बनिक खनिज- इसमें जीवाश्म होते हैं, ये पृथ्वी में दबे प्राणी, पादप जीवों के परिवर्तन से बनते हैं। जैसे-कोयला, पेट्रोलियम इत्यादि।
(ख) अकार्बनिक खनिज- इसमें जीवाश्म नहीं होते हैं। जैसे– अभ्रक, ग्रेफाइट।
2. अयस्क किसे कहते हैं
उत्तर – वैसे चट्टान जिससे विभिन्न उपयोग के लिए धातु की प्राप्ति होती है उसे अयस्क कहा जाता है 
3. मैंगनीज के क्या-क्या उपयोग हो सकते हैं
उत्तर –  मैंगनीज का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है –
(i) जंगरोधी इस्पात बनाने में।
(ii) शुष्क सेल के निर्माण में।
(iii) फोटोग्राफी में।
(iv) चमड़ा एवं माचिस उद्योग में।
(v) पेंट तथा कीटनाशक दवाओं के उत्पादन में इत्यादि।
4. भारत में अभ्रक उत्पादक क्षेत्रों के बारे में लिखिए।
उत्तर – भारत में उत्पादन की दृष्टि से अभ्रक निक्षेप की तीन पट्टियाँ हैं जो बिहार, झारखंड, आन्ध्रप्रदेश तथा राजस्थान राज्यों के अन्तर्गत आती हैं। भारत में अभ्रक के कुल भण्डार 59065 टन है। 2002-03 में इसका उत्पादन 1217 टन था। बिहार एवं झारखण्ड में उत्तम कोटि के रूबी अभ्रक का उत्पादन होता है। पश्चिम में गया जिले में हजारीबाग, मुंगेर होते हुए पूर्व में भागलपुर तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त धनबाद, पलामू, राँची एवं सिंहभूम जिलों में भी अभ्रक के भण्डार मिले हैं।
     
         बिहार एवं झारखंड भारत का 80% अभ्रक का उत्पादन करते हैं। आन्ध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में अभ्रक का उत्पादन होता है। राजस्थान देश का तीसरा अभ्रक उत्पादक राज्य है। यहाँ जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर आदि जिलों में अभ्रक की पेटी फैली हुई है। यू. एस. ए. भारतीय अभ्रक का मुख्य आयातक है।
5. बॉक्साइट के क्या-क्या उपयोग हैं। लिखिए।
उत्तर – बॉक्साइट – यह एक अलौह धातु निक्षेप है जिससे अल्यूमीनियम नामक धातु निकाली जाती है। भारत में बॉक्साइट का इतना भण्डार है कि अल्यूमीनियम में हम आत्मनिर्भर हो सकते हैं। इसका बहुमुखी उपयोग वायुयान निर्माण, बर्तन बनाने, सफेद सीमेंट तथा रासायनिक वस्तुएं बनाने में किया जाता है।
 
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. भारत के लौह अयस्क उत्पादक क्षेत्रों के बारे में लिखिए।
उत्तर- भारत में लौह अयस्क प्रायः सभी राज्यों में पाया जाता है परन्तु यहाँ के कुल भण्डार का 96% कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गोवा, झारखण्ड, राज्यों में सीमित है। शेष भण्डार तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों में अवस्थित है। भारत में 1950-51 में 42 लाख टन लोहे का उत्पादन हुआ जो 2004-05 में बढ़कर 1427.1 लाख टन हो गया। अतः लोहे के उत्पादन में भारी विकास हुआ है।
   कर्नाटक राज्य भारत का लगभग एक-चौथाई लोहा उत्पादन करता है। यहाँ बेल्लारी, हास्पेट, सुदूर क्षेत्रों में लौह अयस्क की खानें हैं।
  छत्तीसगढ़ देश का दूसरा उत्पादन राज्य है जो देश का करीब 20 प्रतिशत लोहा उत्पन्न करता है। दाँतेवाड़ा जिले का बैलाडिला तथा दुर्गा जिले के डल्ली एवं राजहरा प्रमुख उत्पादक हैं। रायगढ़, विलासपुर तथा सरगुजा अन्य उत्पादक जिले हैं। यहाँ का अधिकांश लोहा विशाखापट्नम बंदरगाह से जापान को निर्यात किया जाता है।
  उड़ीसा देश का 19 प्रतिशत लोहा उत्पादन करता है। यहाँ की प्रमुख खानें गुरु माहिषानी, बादम पहाड़ (मगूरगंज) एवं किरिबुरू हैं।
  गोवा देश का चौथा बड़ा लोहा उत्पादक राज्य है तथा 16 प्रतिशत देश का लोहा यहीं से प्राप्त होता है। यहाँ की प्रमुख खाने साहक्वालिम, संग्यूम, क्यूपेम, सतारी, पौडा एवं वियोलिम में स्थित हैं। यहाँ के मर्मागांव पतन से लोहा निर्यात किया जाता है।
  झारखण्ड देश का पांचवां बड़ा अयस्क उत्पादक राज्य है और 15 प्रतिशत से अधिक लोहे का उत्पादन करता है। यहाँ के सिंहभूम, पलामू, धनबाद, हजारीबाग, लोहरदगा तथा राँची मुख्य उत्पादक जिले हैं।
  महाराष्ट्र में लौह अयस्क की खाने चन्द्रपुर, रत्नागिरि और भण्डारा जिलों में स्थित हैं।
 आन्ध्रप्रदेश के कसीमनगर, बारंगल, कुर्नुल, कड़प्पा आदि जिले लौह अयस्क उत्पादक हैं जबकि तमिलनाडु के तीर्थ मल्लाई पहाड़ियों (सलेम) एवं यादपल्ली (नीलगिरी) क्षेत्र में लोहे के भण्डार हैं।
2. भारत के मैंगनीज के उत्पादन एवं वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर- मैंगनीज अयस्क- 
           मैंगनीज के उत्पादन में भारत का स्थान विश्व में रूस एवं दक्षिण अफ्रीका के बाद तीसरा है। यह मुख्य रूप से जंगरोधी इस्पात बनाने तथा लोहा एवं मैंगनीज के मिश्रधातु बनाने के उपयोग में आता है। इसका उपयोग शुष्क बैटरियों के निर्माण में, फोटोग्राफी में, चमड़ा एवं माचिस उद्योग में भी होता है। साथ ही इसका उपयोग पेंट तथा कीटनाशक दवाओं के बनाने में भी किया जाता है। भारत के कुल उत्पादन का 85% मैंगनीज का उपयोग मिश्रधातु बनाने में किया जाता है।
वितरण- भारत में मैंगनीज का संचित भण्डार 1670 लाख टन है। विश्व में जिम्बाब्वे के बाद भारत में ही मैंगनीज का सबसे बड़ा संचित भण्डार है जो विश्व के कुल संचित भण्डार का 20 प्रतिशत है।
         भारत  मैंगनीज के उत्पादन में मुख्य क्षेत्र उड़ीसा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आन्ध्रप्रदेश हैं। भारत का 78% से ज्यादा मैंगनीज अयस्क के भण्डार महाराष्ट्र के नागपुर तथा भण्डारा जिलों से लेकर मध्यप्रदेश के बालघाट एवं छिन्दवाड़ा जिलों तक फैली पट्टी में मिलते हैं।
⇒ उड़ीसा भारत में मैंगनीज के उत्पादन में अग्रणी है। यहाँ देश के कुल उत्पादन का 37.6% मैंगनीज उत्पादन होता है। यहाँ मैंगनीज के मुख्य खादानें, सुन्दरगढ़, कालाहांडी, रायगढ़ बोलांगीर, क्योंझर, जालसुर एवं मयूरभंज जिलों में हैं। 
⇒ महाराष्ट्र भारत के कुल उत्पादन का लगभग एक चौथाई मैंगनीज उत्पादन करता है। इस राज्य की मुख्य मैंगनीज उत्पादन पेटी नागपुर तथा भण्डारा जिले में हैं। इस पेटी में उत्तम कोटि के मैंगनीज अयस्क मिलते हैं। रत्नागिरि में उच्चकोटि का मैंगनीज का उत्पादन होता है।
⇒ मध्यप्रदेश 21% मैंगनीज पैदा कर देश का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य है। बालघाट तथा छिन्दवाड़ा जिलों में मैंगनीज का उत्पादन होता है।
⇒ कर्नाटक में मैंगनीज शिमोगा, तुमकुर, बेलारी, धारवाड़, चिकमंगलूर और बीजापुर जिले मुख्य उत्पादक हैं। पहले यहाँ देश का एक चौथाई मैंगनीज उत्पादन होता था किन्तु अब उत्पादन कम हो रहा है।
⇒ आन्ध्रप्रदेश में देश के सकल उत्पादन का 6 प्रतिशत ही मैंगनीज का उत्पादन होता है। यहाँ । मुख्य उत्पादक जिला श्रीकाकुलम है। अन्य उत्पादक जिलों में विशाखापतनम, कुडप्पा, विजयनगर, गुंटूर हैं।
3. विश्व के तांबा उत्पादक क्षेत्रों के बारे में लिखिए।
उत्तर – विश्व में तांबा उत्पादन में अमेरिका का बुट्टा क्षेत्र, कनाडा का सडबरी क्षेत्र, चिली का चुकीकामाटा, मध्य चिली का एलतेनियेन्स, जांबिया का मुफिल आरा तथा जायरे का कटांगा क्षेत्र अत्यंत महत्वपूर्ण है।
4. खनिजों के उपयोग के बारे में विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर- खनिज क्षयशील एवं अनवीकरणीय संसाधन है। इनकी मात्रा सीमित है। इनका पुनर्निर्माण असंभव है। खनिज उद्योगों का आधार है, किन्तु औद्योगिक विकास के लिए खनिजों का अतिशय दोहन एवं उपयोग उनके अस्तित्व के लिए संकट है। खनिज संसाधन के विवेकपूर्ण उपयोग तीन बातों पर निर्भर है-
(i) खनिजों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण, 
(ii) उनका बचतपूर्वक उपयोग एवं
(iii) कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्पों की खोज।
5. भारत में अभ्रक के उत्पादन एवं वितरण का विवरण कीजिए।
उत्तर- भारत विश्व में शीट अभ्रक का अग्रणी उत्पादक है। अब तक इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में इसका उपयोग होता रहा है, किन्तु कुछ कृत्रिम विकल्प आ जाने से अभ्रक के उत्पादन एवं निर्यात दोनों पर बुरा असर पड़ा है। वैसे तो प्राचीन काल से अभ्रक का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाओं के लिए किया जाता रहा है, लेकिन विद्युत उपकरण में इसका खास उपयोग होता है। क्योंकि यह विद्युत रोधक होने के कारण उच्च विद्युत शक्ति को सहन कर सकता है।

            भारत में उत्पादन की दृष्टि से अभ्रक निक्षेप की तीन पट्टियाँ हैं जो बिहार, झारखंड, आन्ध्रप्रदेश तथा राजस्थान राज्यों के अन्तर्गत आती हैं। भारत में अभ्रक के कुल भण्डार 59065 टन है। 2002-03 में इसका उत्पादन 1217 टन था। बिहार एवं झारखण्ड में उत्तम कोटि के रूबी अभ्रक का उत्पादन होता है।

        पश्चिम में गया जिले में हजारीबाग, मुंगेर होते हुए पूर्व में भागलपुर तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त धनबाद, पलामू, राँची एवं सिंहभूम जिलों में भी अभ्रक के भण्डार मिले हैं। बिहार एवं झारखंड भारत का 80% अभ्रक का उत्पादन करते हैं। आन्ध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में अभ्रक का उत्पादन होता है। राजस्थान देश का तीसरा अभ्रक उत्पादक राज्य है। यहाँ जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर आदि जिलों में अभ्रक की पेटी फैली हुई है। यू. एस. ए. भातीय अभ्रक का मुख्य आयातक है।


Read More:

अध्याय 1.2 (ख) वन एवं वन्य जीव संसाधन

इकाई 1. अध्याय 1.2 (ख) वन एवं वन्य जीव संसाधन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें


वन एवं वन्य जीव

अध्याय 1.2 (ख) वन एवं वन्य जीव संसाधन

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. भारत में सबसे अधिक वन क्षेत्रफल किस राज्य में है?
(क) मेघालय
(ख) मणिपुर
(ग) मध्य प्रदेश
(घ) महाराष्ट्र
उत्तर- (ग) मध्य प्रदेश
2. विश्व में लगभग कितने प्रकार की वनस्पतियाँ मिलती है?
(क) 5 लाख
(ख) 10 हजार
(ग) 50 लाख
(घ) 10 लाख
उत्तर- (घ) 10 लाख
3. बिहार उत्तर प्रदेश एवं झारखंड में किस प्रकार के वन पाए जाते हैं?
(क) उष्णकटिबंधीय पतझड़ वन
(ख) उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन
(ग) शीतोष्ण पतझड़ वन
(घ) कोणधारी वन
उत्तर- (क) उष्णकटिबंधीय पतझड़ वन
4. इनमें कौन उभयचर जीव है?
(क) केचुआ
(ख) कछुआ
(ग) कौवा
(घ) बाघ
उत्तर – (ख) कछुआ
5. इनमें कौन भारत का राष्ट्रीय पशु है?
(क) मोर
(ख) शेर
(ग) ऊँट
(घ) बाघ
उत्तर- (घ) बाघ
6. रेड डाटा बुक क्या है?
(क) विलुप्त हो रहे प्रजातियों की सूची
(ख) भारत के वनों की सूची
(ग) भारत के सभी पशुओं की सूची
(घ) भारत के सभी पक्षियों की सूची
उत्तर- (क) विलुप्त हो रहे प्रजातियों की सूची (1970)
7. देश में राष्ट्रीय उद्यानों की कुल संख्या कितनी है?
(क) 448
(ख) 14
(ग) 85
(घ)21
उत्तर- (ग) 85
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. वन है तो हम है।
2. कृत्रिम रूप से किए गए पौधारोपण को  सामजिक वानिकी कहा जाता है।
3. हिमालय वन  से प्राप्त रसायन कैंसर के उपचार में उपयोगी है।
4. चंदन के वन कर्नाटक में मिलते हैं।
5. अंडमान निकोबार द्वीप समूह में सदाबहार वन जाते हैं।
6. गौतम बुद्ध अभयारण्य गया जिला में है।
7. वन को पृथ्वी का फेफड़ा कहा जाता है।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. सामाजिक वानिकी किसे कहा जाता है?
उत्तर- सामजिक स्तर पर परती या बेकार भूमि पर पर्यावरण संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए कृत्रिम वनों का विकास किया जाता है, जिसे सामाजिक वानिकी कहा जाता है। दुसरे शब्दों में कृत्रिम रूप से किए गए पौधारोपण को सामजिक वानिकी कहा जाता है।
2. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के तीन प्रमुख वृक्षों के नाम लिखिए।
उत्तर- उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन के तीन प्रमुख वृक्षों के नाम – शीशम, सागवान, साल।
3. किस वर्ग के लोगों के लिए वन आश्रय स्थली का काम करता है?
उत्तर- जनजातीय वर्ग के लोगों के लिए वन आश्रय स्थली का काम करता है
4. उन राज्यों के नाम लिखिए जहाँ देश में सदाबहार वन पाए जाते हैं?
उत्तर- असम, मेघालय, अरूणाचल प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम।
5. वनों के कोई तीन महत्व लिखिए।
उत्तर- (i) जलावन एवं फर्नीचर के लिए।
(ii) कई उद्योगों के लिए कच्चा माल में।
(iii) औषधियों के निर्माण में।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. वन से आप क्या समझते हैं? भारत में पाए जाने वाले वनों का विस्तृत विवरण दीजिए।
त्तर- वह स्थान जहाँ पेड़-पौधों का घनत्व सामान्य से अधिक होता है उसे वन/जंगल कहा जाता हैं।
             100 से 200 सेंटीमीटर वर्षा वाले भागों में पर्णपाती मानसूनी वन पाए जाते हैं। 50 सेंटीमीटर से कम वर्षा वाले क्षेत्रों में मरुस्थलीय वन पाये जाते हैं। भारत के कुल वन क्षेत्रों में 93 प्रतिशत उष्ण कटिबन्धीय वन तथा 87 प्रतिशत शीतोष्ण कटिबन्धीय वन पाए जाते हैं।
2. वन में पाए जाने वाले विभिन्न प्राणियों का वर्गीकरण उदाहरण के साथ दीजिए।
उत्तर- वन और वन्य जीवों की बीच आपस में गहरा संबंध होता है। यहाँ विभिन्न प्रकार के जीव-जंतु अपना जीवन व्यतीत करते हैं। जिनमें मांसाहारी जीव जैसे – शेर, बाघ आदि। 
शाकाहारी जीव जैसे-हिरण, हाथी आदि। 
उभयचर जीव जैसे-मेढ़क, कछुआ आदि।
सरीसृप जीव जैसे-सांप, छिपकली, जोंक, केंचुआ आदि पाए जाते हैं। इन जीवों के अलावा यहाँ विभिन्न  प्रकार के पक्षी भी मिलते हैं।
3. वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों का वर्णन कीजिए।
उत्तर – वन एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण संघ इस दिशा में अनेक कार्यक्रम चला रहा है। वन्य प्राणियों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान, अभ्यारण्य एवं जैवमंडल क्षेत्र विकसित किए गए हैं।
       
        इस समय देश में 85 राष्ट्रीय उद्यान, 448 अभ्यारण्य एवं 16 जैवमंडल सुरक्षित क्षेत्र हैं। बिहार में कांवर झील पक्षी विहार (बेगूसराय), गया में गौतम बुद्ध अभ्यारण्य, पश्चिमी चम्पारण में वाल्मीकि नग वन्य प्राणी अभ्यारण्य प्रसिद्ध हैं।

Read More:

error: