इकाई 7. अध्याय 7 भौगोलिक आँकड़ों का निरूपण
बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर
सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. किस आरेख का दूसरा नाम चक्र आरेख है?
(क) रेखीय ग्राफ
(ख) वृत आरेख
(ग) दंड आरेख
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ख) वृत आरेख
2. आरेखों का चयन किस बात पर निर्भर करता है?
(क) आँकड़ों की प्रकृति पर
(ख) आँकड़ों के गणितीय स्वरूप पर
(ग) आँकड़ों की लंबाई पर
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (क) आँकड़ों की प्रकृति पर
3. वन रेखा द्वारा दिखाया गया आरेख कहलाता है?
(क) वक्र आरेख
(ख) दंड आरेख
(ग) रेखीय आरेख
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (ग) रेखीय आरेख
4. X-Y अक्ष के अंतर्गत Y अक्ष पर किस प्रकार के आँकड़ों को दिखाया जाता है?
(क) स्वतंत्र आँकड़ा
(ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
(ग) इनमें से कोई भी
(घ) सभी गलत है
उत्तर- (ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
5. एक वृत्त का कुल मान कितना होता है?
(क) 90°
(ख) 180°
(ग) 360°
(घ) 0°
उत्तर- (ग) 360°
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. आरेख बनाने के पहले उपयुक्त शीर्षक का चयन करते हैं।
2. दंड आरेख में आँकड़ों को दंडों या आयतों के द्वारा दिखाया जाता है।
3.’Yअक्ष पर मापनी शून्य से आरम्भ किया जाता है।
4. सभी दंडों को एक ही आधार रेखा पर पर बनाया जाता है।
5. आँकड़े तीन प्रकार के होते हैं।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण से क्या समझते हैं?
उत्तर- प्राप्त किये गये सूचनाओं व जानकारी को अंकों के रूप में पर्दर्शित करना आँकड़ा कहलाता है।
⇒ जब इन आँकड़ों को तालिका व चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है तब उसे आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहा जाता है।
⇒ आँकड़ों के आधार पर आरेखों/डायग्रामों का चयन कर ही आँकड़ों का सही प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है।
2. रैखिक आरेख किसे कहा जाता है?
उत्तर- दिए गये आँकड़ों को जिस आरेख में एक रेखा द्वारा दिखाया जाता है उसे रैखिक आरेख कहा जाता है।
⇒ इसके द्वारा भौगोलिक तत्वों यथा- वर्षा, तापमान, आर्द्रता, जनसंख्या वृद्धि, जन्मदर, मृत्युदर, फसल उत्पादन इत्यादि को आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है।
3. वृत आरेख क्या है?
उत्तर- जब दिए गये आँकड़ों के समूह के विभिन्न इकाइयों के हिस्से को वृत्त के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है तो इसे वृत्त आरेख कहा जाता है।
⇒ इसमें वृत्त समस्त मात्राओं के योग का परिचायक होता है तथा वृत्त को डिग्री के आधार पर विभिन्न खंडों में बाँटकर प्रभावित मात्राओं को प्रतिशत में दिखाया जाता है, तब ऐसे चित्रण को वृत्त आरेख कहते हैं। इसे नीचे के चित्रों में देखा जा सकता है-

वृत्त आरेख-1

वृत्त आरेख-2
Read More:
- इकाई-1. अध्याय 1. संसाधन
- इकाई-1. अध्याय 1.1 (क) भूमि, मृदा एवं जल संसाधन
- इकाई-1. अध्याय 1.2 (ख) वन एवं वन्य जीव संसाधन
- इकाई-1. अध्याय 1.3 (ग) खनिज संसाधन
- इकाई-1. अध्याय 1.4 (घ) ऊर्जा संसाधन
- इकाई-2. अध्याय 2 भारतीय कृषि
- इकाई-3. अध्याय 3. उद्योग
- इकाई-3. अध्याय 3.1 (क) लौह इस्पात उद्योग
- इकाई-3. अध्याय 3.2 (ख) वस्त्र उद्योग
- इकाई-3. अध्याय 3.3 (ग) सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग
- इकाई-4. अध्याय 4. परिवहन
- इकाई-5. अध्याय 5. मानव संसाधन
- इकाई-6. अध्याय 6. एशिया-एक संक्षिप्त अध्ययन
- इकाई-7. अध्याय 7. भौगोलिक आँकड़ों का निरूपण
Leave a Reply