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अध्याय 2 विश्व जनसंख्या वितरण, घनत्व और वृद्धि

 इकाई-2 अध्याय 2 विश्व जनसंख्या वितरण, घनत्व और वृद्धि

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)



अध्याय 2 विश्व जनसंख्या वितरण, घनत्व और वृद्धि

अध्याय 2 विश्व जनसंख्या

1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:

(i) निम्नलिखित में से किस महाद्वीप में जनसंख्या वृद्धि सर्वाधिक है?

(क) अफ्रीका

(ख) एशिया

(ग) दक्षिण अमेरिका

(घ) उत्तर अमेरिका

उत्तर – (ख) एशिया

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक विरल जनसंख्या वाला क्षेत्र नहीं है?

(क) अटाकामा

(ख) भूमध्यरेखीय प्रदेश

(ग) दक्षिण-पूर्वी एशिया

(घ) ध्रुवीय प्रदेश

उत्तर – (ग) दक्षिण-पूर्वी एशिया

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रतिकर्ष कारक नहीं है?

(क) जलाभाव

(ख) बेरोजगारी

(ग) चिकित्सा/शैक्षणिक सुविधाएँ

(घ) महामारियाँ

उत्तर – (ग) चिकित्सा/शैक्षणिक सुविधाएँ

(iv) निम्नलिखित में से कौन-सा एक तथ्य सही नहीं है?

(क) विगत 500 वर्षों में मानव जनसंख्या 10 गुणा से अधिक बढ़ी है।

(ख) 5 अरब से 6 अरब तक बढ़ने में जनसंख्या को 100 वर्ष लगे।

(ग) जनांकिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था में जनसंख्या वृद्धि उच्च होती है।

उत्तर – (ग) जनांकिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था में जनसंख्या वृद्धि उच्च होती है।

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:

(i) जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले तीन भौगोलिक कारकों का उल्लेख कीजिए।

उत्तर – जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले तीन भौगोलिक कारण निम्नलिखित है:-

(क) जल की उपलब्धता-

         जल जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारक है। अतः लोग उन क्षेत्रों में बसने को प्राथमिकता देते हैं जहां जल आसानी से उपलब्ध होता है।

(ख) भू-आकृति-

        अधिकांश लोग समतल मैदानों और मन्द ढालों पर बसने को प्राथमिकता देते हैं। क्योंकि ऐसे क्षेत्र फसलों के उत्पादन, सड़क निर्माण, और उद्योगों के लिए अनुकूल होते हैं

(ग) जलवायु-

        अनुकूल जलवायु वाले क्षेत्र जिनमें अधिक मौसम परिवर्तन नहीं होते, अधिक लोगों को आकृष्ट करते हैं।

(ii) विश्व मे उच्च जनसंख्या घनत्व वाले अनेक क्षेत्र हैं। ऐसा क्यों होता है?

उत्तर- विश्व के अनेकों ऐसे क्षेत्र है जहाँ जनसंख्या घनत्व उच्च है क्योंकि यहाँ पर्याप्त जल की मात्रा, अनुकूल जलवायु, विस्तृत समतल भूमि की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टियाँ जैसे भौगोलिक कारक तथा खनिजों, नगरीकरण, औद्योगिकरण जैसे आर्थिक कारक उपलब्ध है।  जैसे- संयुक्त राज्य अमेरिका का उत्तरी पूर्वी-भाग, यूरोप का उत्तरी-पश्चिमी भाग तथा दक्षिणी, दक्षिणी-पूर्वी और पूर्वी एशिया के भाग इत्यादि।

(iii) जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक कौन-से है?

उत्तर- जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक है- जन्म, मृत्यु और प्रवास।

3. अंतर स्पष्ट कीजिए:

(i) जन्म दर और मृत्यु दर

उत्तर – जन्म दर– किसी क्षेत्र विशेष में किसी वर्ष के दौरान प्रति एक हजार स्त्रियों द्वारा जन्म दिए जीवित बच्चों की संख्या को जन्म दर कहा जाता है।

अशोधित जन्म दर= किसी वर्ष विशेष में जीवित जन्म / किसी क्षेत्र विशेष में वर्ष के मध्य जनसंख्या ×1000

मृत्यु दर- किसी क्षेत्र विशेष में किसी वर्ष के दौरान प्रति एक हजार जनसंख्या के पीछे मरने वालों संख्या को मृत्यु दर कहा जाता है।

अशोधित मृत्यु दर= किसी वर्ष विशेष में मृतकों की संख्या / उस वर्ष के मध्य में अनुमानित जनसंख्या ×1000

(ii) प्रवास के प्रतिकर्ष कारक और अपकर्ष कारक

उत्तर – प्रवास के प्रतिकर्ष- वे सभी कारक जो किसी स्थान पर जनसंख्या को बसने के लिए आकर्षित नहीं करता हो उसे प्रवास के प्रतिकर्ष कारक कहते है। जैसे – बेरोजगारी, रहन-सहन की निम्न दशाएं, राजनीतिक उपद्रव, प्रतिकूल जलवायु, प्राकृतिक विपदाएँ, महामारीयाँ तथा सामाजिक आर्थिक पिछड़ेपन इत्यादि।

प्रवास के अपकर्ष कारक- वे सभी कारक जो किसी स्थान पर जनसंख्या को बसने के लिए आकर्षित करता हो उसे प्रवास के अपकर्ष कारक कहते है। जैसे – बेहतर रोजगार के अवसर, रहन-सहन की अच्छी दशाएं, शांति व स्थायित्व, जीवन व संपत्ति की सुरक्षा तथा अनुकूल जलवायु इत्यादि।

4. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।

(i) विश्व में  जनसंख्या के वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए।

उत्तर- जनसंख्या वितरण एवं घनत्व को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित है:-

(A) भौगोलिक कारक-

(i) जल की उपलब्धता-

     जल जीवन का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारक है। अतः लोग उन क्षेत्रों में बसने को प्राथमिकता देते हैं जहाँ जल आसानी से उपलब्ध होता है। यही कारण है कि नदी-घाटियाँ विश्व के सबसे सघन घने बसे हुए क्षेत्र हैं।

(ii) भू-आकृति-

     लोग समतल मैदानों और मंद ढालों पर बसने को वरीयता देते हैं क्योंकि ऐसे क्षेत्र फसलों के उत्पादन सड़क, निर्माण और उद्योगों के लिए अनुकूल होते हैं। गंगा का मैदान विश्व के सर्वाधिक सघन जनसंख्या वाले क्षेत्रों में से एक है जबकि हिमालय के पर्वतीय भाग विरल जनसंख्या वाले क्षेत्र हैं।

(iii) जलवायु-

     अति उष्ण अथवा ठंडे मरुस्थलों की विषम जलवायु मानव बसाव के लिए सुविधाजनक नहीं होती है अर्थात सुविधाजनक जलवायु वाले क्षेत्र जिनमें अधिक मौसमी परिवर्तन नहीं होते वहाँ अधिक लोगों का बसाव होता है।

(iv) मृदाएँ-

      कृषि तथा इससे संबंधित क्रियाओं के लिए उपजाऊ मृदाओं का महत्वपूर्ण है इसीलिए उपजाऊ दोमट मिट्टी वाले प्रदेशों में अधिक लोगों का निवास होता है क्योंकि यह मृदाएँ गहन कृषि का कार्य के लिए उपयुक्त होती है।

(B) आर्थिक कारक-

(i) खनिजों की उपस्थिति-

     खनिजों से युक्त क्षेत्र उद्योगों को आकृष्ट करते हैं क्योंकि खनन और औद्योगिक गतिविधियाँ रोजगार उत्पन्न करते हैं। अतः कुशल एवं अर्ध कुशल कर्मी इन क्षेत्रों में पहुँचते हैं और जनसंख्या को सघन बना देते हैं।

(ii) नगरीकरण-

    नगर रोजगार के बेहतर अवसर, शैक्षणिक व चिकित्सा संबंधी सुविधाएँ तथा परिवहन और संचार के बेहतर साधन प्रस्तुत करते हैं। इस कारण ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में प्रवास होता है। इस प्रकार नगर के आकार में वृद्धि होती है।

(iii) औधोगिकरण-

     औद्योगिक पेटियाँ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती है और बड़ी संख्या में लोगों को आकर्षित करती है। इनमें केवल कारखानों के श्रमिक ही नहीं होते बल्कि परिवहन परिचालक, दुकानदार, बैंक कर्मी, डॉक्टर, अध्यापक तथा अन्य सेवाएँ उपलब्ध कराने वाले भी होते हैं।

(C) सामाजिक एवं सांस्कृतिक कारक-

     कुछ स्थान धार्मिक अथवा सांस्कृतिक महत्व के कारण अधिक लोगों को आकर्षित करते हैं। ठीक इसी प्रकार लोग उन क्षेत्रों को छोड़कर चले जाते हैं जहाँ सामाजिक और राजनीतिक अशांति होती है। कई बार सरकारें लोगों को विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों में बसने अथवा भीड़-भाड़ वाले स्थानों से चले जाने के लिए प्रोत्साहित करती है।

(ii) जनांकिकीय संक्रमण की तीन अवस्थाओं की विवेचना कीजिए।

उत्तर- जनांकिकीय संक्रमण सिद्धांत का प्रतिपादन थॉम्पसन एवं नॉटेस्टीन द्वारा किया गया था। इस सिद्धांत का उपयोग किसी क्षेत्र की जनसंख्या के वर्णन तथा भविष्य की जनसंख्या के पूर्वानुमान के लिए किया जा सकता है। इस सिद्धांत से हमें पता चलता है कि जैसे ही ग्रामीण समाज खेतिहर और अशिक्षित अवस्था से उन्नति करके नगरीय औद्योगिक और साक्षर बनता है तो किसी प्रदेश की जनसंख्या उच्च जन्म और निम्न जन्म व निम्न मृत्यु में परिवर्तित होती है। यह परिवर्तन मुख्यतः तीन अवस्थाओं में होते हैं जिन्हें सामूहिक रूप से जनांकिकीय चक्र के रूप में जाना जाता है।:-

(क) प्रथम अवस्था- 

        उच्च जन्म दर तथा उच्च मृत्यु दर इस अवस्था की प्रमुख विशेषता है। जनसंख्या वृद्धि धीमी होती है और अधिकांश लोग खेती में कार्यरत होते हैं। यहाँ बड़े परिवारों को परिसंपत्ति माना जाता है। जीवन-प्रत्याशा निम्न होती है। अधिकांश लोग अशिक्षित होते हैं और उनके प्रौद्योगिकी स्तर निम्न होते हैं। 200 वर्ष पूर्व विश्व के लगभग सभी देश इसी अवस्था में थे। जैसे- बांग्लादेश, वर्षा वानों के आदिवासी इत्यादि।

(ख) द्वितीय अवस्था-

      इस अवस्था में जन्म दर उच्च रहती है परंतु मृत्यु दर में तेजी से गिरावट आती है। स्वास्थ्य संबंधी दशाओं व स्वच्छता में सुधार के साथ मृत्यु दर में कमी आती है। इस अंतर के परिणामस्वरूप जनसंख्या में विस्फोटक वृद्धि होती है। जैसे- पेरू, श्रीलंका, केन्या आदि देश इस अवस्था से गुजर रहे हैं।

(ग) तृतीय अवस्था-

        इस अवस्था में जन्म दर में तेजी से कमी आती है साथ ही मृत्यु दर भी धीरे-धीरे घटती जाती है। इस प्रकार इस अवस्था में जनसंख्या वृद्धि दर या तो स्थिर हो जाती है या मन्द गति से बढ़ती है। जनसंख्या नगरीय और शिक्षित हो जाती है तथा उसके पास तकनीकी ज्ञान होता है। ऐसी जनसंख्या विचार पूर्वक परिवार के आकार को नियंत्रित करती है। जैसे- जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, इत्यादि।


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बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)

Part 1: Principal of Human Geography
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(खण्ड 2: भारत- लोग और अर्थव्यवस्था)
Part 2: India- People and Economy

PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER सम्पूर्ण हल सहित (बिहार बोर्ड भूगोल 12वीं कक्षा)

अध्याय 4 मानव विकास

इकाई-2 अध्याय 4 मानव विकास

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)


अध्याय 4 मानव विकास

अध्याय 4 मानव विकास

1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा विकास का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
(क) आकार में वृद्धि
(ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन
(ग) आकार में स्थिरता
(घ) गुण में साधारण परिवर्तन
उत्तर – (ख) गुण में धनात्मक परिवर्तन
(ii) मानव विकास की अवधारणा निम्नलिखित में से किस विद्वान की देन है?
(क) प्रो. अमर्त्य सेन
(ख) डॉ. महबूब-उल-हक
(ग) एलन सी. सेम्पुल
(घ)  रैटजेल
उत्तर – (ख) डॉ. महबूब-उल-हक
 2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:
(i) मानव विकास के तीन मूलभूत क्षेत्र कौन-से है?
उत्तर – मानव विकास के तीन मूलभूत क्षेत्र संसाधनों तक पहुँच, स्वास्थ्य एवं शिक्षा है। इन पक्षों में से प्रत्येक के मापन के लिए उपयुक्त सूचकों का विकास किया गया है। दीर्घ एवं स्वस्थ जीवन जीना, ज्ञान प्राप्त कर पाना तथा एक शिष्ट जीवन जीने के पर्याप्त साधनों का होना मानव विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष है।
(ii) मानव विकास के चार प्रमुख घटकों के नाम लिखिए।
उत्तर – मानव विकास के चार प्रमुख घटक समता, सतत पोषणीयता, उत्पादकता और सशक्तिकरण है। जिस प्रकार किसी इमारत को स्तंभों का सहारा होता है ठीक उसी प्रकार मानव विकास के लिए भी ये सभी घटकों काफी महत्वपूर्ण होते हैं।
(iii) मानव विकास सूचकांक के आधार पर देशों का वर्गीकरण किस प्रकार किया जाता है?
उत्तर – मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) स्वास्थ्य, शिक्षा और संसाधनों तक पहुँच जैसे प्रमुख क्षेत्रों में निष्पादन के आधार पर देशों का क्रम तैयार करता है। यह क्रम 0 से 1 के बीच के स्कोर पर आधारित होता है जो एक देश, मानव विकास के महत्वपूर्ण सूचकों में अपने रिकॉर्ड से प्राप्त करता है।
3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।
(i) मानव विकास शब्द से आपका क्या अभिप्राय है?
उत्तर – मानव विकास की अवधारणा का प्रतिपादन डॉ० महबूब-उल-हक के द्वारा किया गया था। डॉ० महबूब-उल-हक ने मानव विकास का वर्णन एक ऐसे विकास के रूप में किया जो लोगों के विकल्पों में वृद्धि करता है और उनके जीवन में सुधार लाता है। दीर्घ और स्वस्थ्य जीवन जीना, ज्ञान प्राप्त कर पाना और उच्च जीवन स्तर मानव विकास के सर्वाधिक महत्वपूर्ण पक्ष  हैं।
          मानव विकास के अन्य विकल्प हैं, राजनीतिक स्वतंत्रता, मानव अधिकारों की गारंटी, आत्म निर्भरता तथा स्वाभिमान के विविध घटक। लोगों के विकल्पों के परिवर्धन की प्रक्रिया और जनकल्याण के स्तर को ऊँचा उठाना ही मानव विकास है। मानव विकास की कल्पना केवल अर्थव्यवस्था के विकास से संबंधित न होकर, मानव के संपूर्ण विकास से संबंधित है। आर्थिक कारकों के समान राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कारकों को भी उतना ही महत्त्व दिया जाता है।
       
       इसके अतिरिक्त विकास के लक्ष्य और साधनों, दोनों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। मानव विकल्पों के विस्तार को तो विकास का लक्ष्य माना जाता है लेकिन आपके विस्तार हो इसका आवश्यक साधना माना जाता है।
(ii) मानव विकास अवधारणा के अंतर्गत समता और सत पोषणीयता से आप क्या समझते हैं?
उत्तर – मानव विकास के चार प्रमुख घटक समता, सतत पोषणीयता, उत्पादकता और सशक्तिकरण है। जिस प्रकार किसी इमारत को स्तंभों का सहारा होता है ठीक उसी प्रकार मानव विकास के लिए भी ये सभी घटकों काफी महत्वपूर्ण होते हैं।

          समता का तात्पर्य प्रत्येक व्यक्ति को उपलब्ध अवसरों के लिए समान पहुँच की व्यवस्था करने से है। लोगों को उपलब्ध अवसर लिंग, प्रजाति, आय और भारत के संदर्भ में जाति के भेदभाव के विचार के बिना समान होने चाहिए। यद्यपि ऐसा ज्यादातर तो नहीं होता फिर भी यह लगभग प्रत्येक समाज में घटित होता है। उदाहरण के तौर पर किसी भी देश में यह जानना रुचिकर होता है कि विद्यालय में विरत अधिकांश छात्र किस वर्ग से हैं। तब ऐसी घटनाओं के पीछे कारणों का पता लगना चाहिए।

        भारत में स्त्रियाँ और सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से पिछड़े हुए वर्ग के व्यक्ति बड़ी संख्या में विद्यालय से विरत होते हैं। इससे पता चलता है कि शिक्षा तक पहुँच न होना किस प्रकार इन वर्गों के विकल्पों को सीमित करता है।


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बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)

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PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER सम्पूर्ण हल सहित (बिहार बोर्ड भूगोल 12वीं कक्षा)

अध्याय-1. मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

इकाई-1 अध्याय-1. मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

बिहार बोर्ड कक्षा 12वीं के भूगोल का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

(खण्ड 1: मानव भूगोल के मूल सिद्धांत)


मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र

मानव भूगोल प्रकृति

1. नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर को चुनिए:

(i) निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक भूगोल का वर्णन नहीं करता?

(क) समाकलनात्मक अनुशासन

(ख) मानव और पर्यावरण के बीच अंतर-संबंधों का अध्ययन

(ग) द्वैधता पर आश्रित

(घ) प्रौद्योगिकी के विकास के फलस्वरूप आधुनिक समय में प्रासंगिक नहीं।

उत्तर – (ग) द्वैधता पर आश्रित

(ii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक भौगोलिक सूचना का स्रोत नहीं है?

(क) यात्रियों के विवरण

(ख) प्राचीन मानचित्र

(ग) चन्द्रमा से चट्टानी पदार्थों के नमूने

(घ) प्राचीन महाकाव्य

उत्तर – (घ) प्राचीन महाकाव्य

(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा एक लोगों और पर्यावरण के बीच अन्योन्यक्रिया का सर्वाधिक महत्वपूर्ण कारक है?

(क) मानव बुद्धिमता

(ख) प्रौद्योगिकी

(ग) लोगों के अनुभव

(घ) मानवीय भाईचारा

उत्तर – (ख) प्रौद्योगिकी

(iv) निम्नलिखित में से कौन-सा एक मानव भूगोल का उपागम नहीं है?

(क) क्षेत्रीय विभिन्नता

(ख) मात्रात्मक क्रांति

(ग) स्थानिक संगठन

(घ) अन्वेषण और वर्णन

उत्तर – (ग) स्थानिक संगठन

2. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए:

(i) मानव भूगोल को परिभाषित कीजिए।

उत्तर- मानव भूगोल, मानव विकास के विभिन्न चरणों में उस पर पड़ने वाले भौगोलिक प्रभाव का आदर्श अध्ययन है।  अर्थात मानव भूगोल, मानव और उसके भौतिक वातावरण के संबंधों का संपूर्ण अध्ययन करता है।

     दूसरे शब्दों में मानव भूगोल वह विज्ञान है जिसमें मनुष्य तथा वातावरण के पारस्परिक संबंधों का क्षेत्रीय आधार पर अध्ययन किया जाता हैं।

(ii)  मानव भूगोल के कुछ उप-क्षेत्रों के नाम बताइए।

उत्तर – मानव भूगोल के उप-क्षेत्र  निम्नलिखित है-

    व्यवहारवादी भूगोल, सामाजिक कल्याण का भूगोल, ऐतिहासिक भूगोल, सांस्कृतिक भूगोल, संसाधन भूगोल, कृषि भूगोल, उद्योग भूगोल, पर्यटन भूगोल, इत्यादि।

(iii) मानव भूगोल किस प्रकार अन्य सामाजिक विज्ञानों से संबंधित है?

उत्तर- मानव भूगोल, मानव जीवन के सभी तत्वों तथा अंतराल, जिसके अंतर्गत वे घटित होते हैं के मध्य संबंध की व्याख्या करने का प्रयत्न करती है। इस प्रकार मानव भूगोल की प्रकृति अत्यधिक अंतर विषयक है। पृथ्वी तल पर पाए जाने वाले मानवीय तत्वों को समझने व उनकी व्याख्या करने के लिए मानव भूगोल अन्य सामाजिक विज्ञानों के सहयोगी विषयों के साथ घनिष्ठ अंतर्संबंध विकसित करती है

 3. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए।

(i) मानव के प्रकृतीकरण की व्याख्या कीजिए।

उत्तर – मनुष्य अपने प्रौद्योगिकी की सहायता से अपने भौतिक पर्यावरण से अन्योन्यक्रिया करता है। यह महत्वपूर्ण नहीं है कि मानव क्या उत्पन्न और निर्माण करता है बल्कि यह अत्यन्त महत्वपूर्ण है कि ‘वह किन उपकरणों और तकनीकों की सहायता से उत्पादन और निर्माण करता है’।

    प्रौद्योगिकी किसी समाज के सांस्कृतिक विकास के स्तर की सूचक होती है। मानव प्रकृति के नियमों को बेहतर ढंग से समझने के बाद ही प्रौद्योगिकी का विकास कर पाया। जैसे घर्षण और ऊष्मा की संकल्पनाओं ने अग्नि की खोज में हमारी सहायता की। इसी प्रकार डीएनए और अनुवांशिकी के रहस्य की समझ ने हमें अनेक बीमारियों पर विजय पाने के योग्य बनाया। अधिक तीव्र गति से चलने वाले यान विकसित करने के लिए हम वायु गति के नियमों का प्रयोग करते हैं। इस प्रकार प्रकृति का ज्ञान प्रौद्योगिकी को विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण है और प्रौद्योगिकी मनुष्य पर पर्यावरण की बंदिशों को कम करती है।

    प्राकृतिक पर्यावरण से अन्योन्यक्रिया की आरंभिक अवस्थाओं में मानव से अधिक प्रभावित हुआ था। उन्होंने प्रकृति के आदेशों के अनुसार अपने आप को ढाल लिया। इसका कारण यह है कि प्रौद्योगिकी का स्तर अत्यंत निम्न था और मानव के सामाजिक विकास की अवस्था भी आदिम थी। आदिम मानव समाज और प्रकृति की प्रबल शक्तियों के बीच इस प्रकार की अन्योन्यक्रिया को पर्यावरणीय निश्चयवाद कहा गया। प्रौद्योगिकी विकास की उस अवस्था में हम प्राकृतिक मानव की कल्पना कर सकते हैं जो प्रकृति को सुनता था उसकी प्रचंडता से भयभीत होता था और उसकी पूजा करता था।

(ii) मानव भूगोल के विषय क्षेत्र पर एक टिप्पणी लिखिए।

उत्तर मानव भूगोल भौतिक अथवा प्राकृतिक एवं मानव जगत के बीच संबंध मानवीय परिघटनाओं का स्थानिक वितरण तथा उनके घटित होने के कारण एवं विश्व के विभिन्न भागों में सामाजिक और आर्थिक विविधताओं का अध्ययन  है। अर्थात मानव एवं भौतिक पर्यावरण के बीच अंतर संबंधों का अध्ययन ही मानव भूगो कहलाता है।

    इस प्रकार मानव भूगोल की प्रकृति अत्यधिक अंतर-विषयक है। पृथ्वी तल पर पाए जाने वाले मानवीय तत्वों को समझने व उनकी व्याख्या करने के लिए मानव भूगोल सामाजिक विज्ञानों के सहयोगी विषयों के साथ घनिष्ठ अंतरा पृष्ठ विकसित करती है। ज्ञान के विस्तार के साथ नए क्षेत्रों का विकास होता है और मानव भूगोल के साथ भी ऐसा ही हुआ है।

     मानव भूगोल के कई क्षेत्र जैसे- सामाजिक भूगोल, नगरीय भूगोल, राजनीतिक भूगोल, जनसंख्या भूगोल, आवास भूगोल, आर्थिक भूगोल इत्यादि है। मानव भूगोल के कई उपक्षेत्र भी है जैसे- व्यवहारिक भूगोल, सामाजिक कल्याण का भूगोल, अवकाश का भूगोल, सांस्कृतिक भूगोल, लिंग भूगोल, ऐतिहासिक भूगोल, चिकित्सा भूगोल, निर्वाचन भूगो, सैन्य भगोल, संसाधन भूगोल, कृषि भूगोल,  विपणन भूगोल, पर्यटन भूगोल, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का भूगोल इत्यादि।



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PREVIOUS YEAR QUESTION PAPER सम्पूर्ण हल सहित (बिहार बोर्ड भूगोल 12वीं कक्षा)

अध्याय 3.2 वस्त्र उद्योग

इकाई 3. अध्याय 3.2 (ख) वस्त्र उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



वस्त्र उद्योग

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।
1. टेक्सटाइल का मतलब होता है-
(क) जोड़ना
(ख) बुनना
(ग) नापना
(घ)सिलना
उत्तर – (ख) बुनना

2. देश में कपड़े की मील सबसे पहले लगाई गयी-
(क) कोलकाता में
(ख) मुंबई में
(ग) लुधियाना में
(घ) वाराणसी में
उत्तर – (क) कोलकाता में

3. 1854 में कपड़े की मील लगी-
(क) कोलकाता में
(ख) हैदराबाद में
(ग) सूरत में
(घ) मुंबई में
उत्तर- (घ) मुंबई में

4. सिल्क प्राप्त होता है-
(क) कपास से
(ख) रेयान से
(ग) कोकून से
(घ) पेड़ों से
उत्तर- (ग) कोकून से

5. वस्त्र उद्योग के लिए आवश्यक है-
(क) ऊर्जा
(ख) कच्चा माल
(ग) श्रम
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (ख) कच्चा माल

II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।

1. भागलपुर शहर रेशमी वस्त्र उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

2. सूती वस्त्र उद्योग एक कुटीर उद्योग है।

3. कपड़ों की बुनाई को टेक्सटाइल कहा जाता है।

4. ढाका मलमल के लिए प्रसिद्ध है रहा है।

5. अहमदाबाद को भारत का मैनचेस्टर कहा जाता है।

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)

(1) प्राकृतिक रेशे क्या है?
उत्तर- जो रेशे प्राकृतिक रूप से अर्थात भेड़ों, बकरियों, कोकून तथा पौधों से तैयार किये जाते हैं उसे प्राकृतिक रेशे कहा जाता है।

(2) मानव निर्मित रेशे का नाम लिखिए।
उत्तर- मानव निर्मित रेशे का नाम – नाइलान, पालिस्टर, एक्रोलियम, रेयॉन इत्यादि।

(3) मशीनों से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है। क्यों?
उत्तर- धागे से कपड़े बुनना एक प्राचीन कला है। लेकिन अब यही कला उद्योग का रूप ले चुका है। मशीनों से कपड़े बनाने में कम समय लगता है।इसमें मजदूर भी कम लगते हैं और बहुत अधिक मात्रा में कच्चा माल खरीदना भी सस्ता पड़ता है। इसलिए मशीनों से कपड़ों का उत्पादन सस्ता होता है और जल्दी बनता है।

(4) गर्म कपड़ों की थोक खरीदारी किस जगह पर होती है और क्यों?
उत्तर- गरम कपड़ों की थोक खरीदारी लुधियाना तथा दिल्ली से होती है क्योंकि वहाँ अत्यधिक मात्रा में मिल हैं तथा कच्चा माल आसानी से उपलब्ध हो जाता है जिससे कपड़े कम कीमत पर उपलब्ध हो जाते हैं।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)

1. वस्त्र उद्योग की स्थापना में सहायक कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर- (i) कच्चे माल की उपलब्धता- वस्त्रोद्योग हेतु कच्चे माल की उपलब्धता महत्त्वपूर्ण कारक है। समुद्री हवाओं और नमी के कारण गुजरात, महाराष्ट्र में अच्छी गुणवत्ता के कपास कच्चे माल के रूप में उपलब्ध होती है। गुजरात की काली मिट्टी कपास के उत्पादन के लिए काफी उर्वर है। ऊन से बनने वाले कम्बल, स्वेटर आदि गर्म कपड़े पंजाब कश्मीर में ज्यादा उपलब्ध हैं क्योंकि इन क्षेत्रों में भारी संख्या में ऐसे जानवर पाये जाते हैं।

(ii) परिवहन की सुविधा- वस्त्रों से संबंधित उत्पादन क्षेत्र निर्यात व आयात करने के लिए मुम्बई, कोलकाता, सौराष्ट्र, कोयम्बटूर (तमिलनाडु) इत्यादि बन्दरगाहों, सड़क, रेलमार्गों व वायुमार्गों से नजदीक अवस्थित है। इससे कच्चा व तैयार माल सम्पूर्ण देश में पहुँचाया जाता है। साथ ही यूरोपीय देशों से आधुनिक मशीनें भी आयात करने में सुविधा होती है।

(iii) जलवायु- वस्त्र उद्योग के लिए नम जलवायु आवश्यक है। अंगर जलवायु नम नहीं होगी तो कपास के रेशे से निर्मित धागे टूटने लगते हैं। इस अवस्था में धागों में गाँठे पड़ जाएँगी तथा कपड़े की बुनावट अच्छी और मजबूत नहीं हो पायेगी। ऐसी जलवायु के अभाव में कृत्रिम रूप से आर्द्र जलवायु उपलब्ध करायी जाती है।

(iv) पूँजी की उपलब्धता- इसके बिना उद्योगों की कल्पना भी नहीं कर सकते है। मुम्बई, कोलकाता और अहमदाबाद जैसे स्थानों में पर्याप्त पूँजी निवेशक उपलब्ध है। मुम्बई के प्रमुख पारसी व्यापारियों ने विदेशी व्यापार से जो धन अर्जित किया उसे वस्त्र उद्योग में लगाया, जिससे वस्त्रोद्योग को काफी विस्तार मिला।

(v) श्रम की उपलब्धता- मुम्बई की मिलों में काम करने के लिए मजदूर, कोंकण, सतारा, शोलापुर, रत्नागिरि जैसी जगहों से आते हैं। उसी प्रकार कलकत्ता की मिलों के लिए मजदूर बंगाल, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश और असम से उपलब्ध होते हैं जिसके कारण इस उद्योग को विकसित होने में सुविधा हुई है।

(vi) विस्तृत बाजार की उपलब्धता- वस्त्र उद्योग की स्थापना बाजार को देखते हए भी की जाती है। दिल्ली, कलकत्ता, लुधियाना, कानपुर इत्यादि में स्थापित वस्त्रोद्योग की इकाईयाँ बाजार के आधार पर ही विकसित की गई हैं।

(vii) सस्ती ऊर्जा की सुविधा- मुम्बई की कपड़ा मिलों को पश्चिमी-घाट पर स्थित टाटा जल विद्युत योजना से सस्ती विद्युत शक्ति प्राप्त हो जाती है। उसी प्रकार कलकत्ता की मिलों को रानीगंज, झरिया से कोयले की प्राप्ति हो जाती है। तमिलनाडु की मिलों को पायकारा जल विद्युत योजना से सस्ती बिजली प्राप्त होती है।

(vi) इच्छाशक्ति- किसी भी उद्योग की स्थापना के लिए इच्छाशक्ति का होना बहुत जरुरी है।

2. भारत के सूती वस्त्र उद्योग का विवरण दीजिए।
उत्तर- भारत का सूती वस्त्र उद्योग अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का लगभग एक चौथाई भाग है। भारत में कपड़े का उत्पादन लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्ष 1950-51 में 4 अरब वर्ग मीटर कपड़ा तैयार किया गया था जो अब 34 अरब वर्ग मीटर हो गया है। आधुनिक सूती वस्त्र उद्योग में वस्त्र निर्माण की प्रक्रिया कई स्तरों से गुजरती है। शुरू में मशीनों द्वारा कपास से बीज निकाले जाते हैं, जिसे ‘गिनिंग’ कहते हैं। इसके बाद कपास को इकट्ठा कर गाँठ तैयार किया जाता है। गाँठों द्वारा कपास के धागे बनाए जाते हैं। फिर इन धागों की सहायता से मशीनों द्वारा कपड़ा तैया किया जाता है।


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इकाई 6. अध्याय 6 एशिया एक संक्षिप्त अध्ययन

इकाई 6. अध्याय 6 एशिया-एक संक्षिप्त अध्ययन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 6 एशिया

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।

1. एशिया के पूर्व में है-
(क) प्रशांत महासागर
(ख) यूरोप
(ग) हिंद महासागर
(घ) लाल सागर
उत्तर – (क) प्रशांत महासागर

2. संसार की छत कहलाती है-
(क) तिब्बत का पठार
(ख) माउंट एवरेस्ट
(ग) पामीर का पठार
(घ) यूराल पर्वत माला
उत्तर – (ग) पामीर का पठार

3. एशिया के दक्षिणी भाग की जलवायु है-
(क) शीतोष्ण
(ख) उष्ण
(ग) मरुस्थलीय
(घ) विषुवतरेखीय
उत्तर – (ख) उष्ण

4. सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाला देश है-
(क) ब्रूनेई
(ख) ईरान
(ग) कंबोडिया
(घ) इंडोनेशिया
उत्तर – (घ) इंडोनेशिया

5. ह्वांगहो नदी घाटी सभ्यता विकसित हुई-
(क) चीन में
(ख) भारत में
(ग) ईरान-इराक में
(घ) मिस्र में
उत्तर – (क) चीन में

II. सही मिलान करें-
                              उत्तर
1. रेडियर –            टुंड्रा प्रदेश
2. कोणधारी वृक्ष – टैगा
3. ठंडी जलधारा – क्यूराइल
4. त्योहारों का देश –फिलीपीन
5. घास का मैदान – स्टेपी
6. साइबेरिया – उत्तर एशिया

III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)

1. एशिया महादेश की चौहद्दी लिखें।
उत्तर- एशिया महादेश की चौहद्दी – एशिया महादेश के पूरब में प्रशांत महासागर, पश्चिम में यूरोप और अफ्रीका महादेश तथा दक्षिण में हिन्द महासागर और उत्तर में आर्कटिक महासागर है।

2. एशिया को यूरोप से अलग करने वाले प्राकृतिक कारकों के नाम लिखें।
उत्तर- एशिया को यूरोप से अलग करने वाले प्राकृतिक कारकों के नाम- डारडानेलिस जलसंधि, बास्पोरस जलसंधि, मारमारा सागर, काला सागर, कैस्पियन सागर, यूराल नदी।

3. “सभ्यताओं का पलना” एशिया को क्यों कहा जाता है?
उत्तर- दजला-फुरात नदी घाटी में मेसोपोटामिया की सभ्यता (इराक), सिंधु नदी घाटी की सभ्यता (भारत, पाकिस्तान), हांगहो नदी घाटी सभ्यता (चीन) ये सभी प्राचीन सभ्यताएं एशिया महादेश में ही विकसित हुए थे। इतनी सारी सभ्यताओं का एक ही महादेश में उत्थान और पतन एक अभूतपूर्व घटना है, इसलिए एशिया को “सभ्यताओं का पलना’ कहा जाता है।

4. एशिया महादेश में कृषि निर्वहन का प्रमुख साधन है। कैसे?
उत्तर- एशिया महादेश में कृषि निर्वहन का प्रमुख साधन है क्योंकि यहाँ के कृषक समाज ने परम्परागत कृषि और आधुनिक कृषि के तरीकों को समन्वित रूप से अपनाया है। धान, गेंहूँ यहाँ की प्रमुख फसल है।

IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)

1. एशिया विविधताओं से भरा प्रदेश है। कैसे?
उत्तर- एशिया महादेश की जलवायु में काफी विविधता है। इसी महादेश में सर्वाधिक ठंडा प्रदेश और सर्वाधिक गर्म प्रदेश तो पड़ता ही है साथ ही सबसे आर्द्र और सबसे शुष्क क्षेत्र भी पाये जाते हैं। इस महादेश का अक्षांशीय एवं देशांतरीय विस्तार बहुत अधिक है। अधिकांश स्थलीय भाग समुद्र तट से काफी दूर है। इसलिए महाद्वीपता की स्थिति पाई जाती है।   

       एशिया के उत्तरी भाग की जलवायु अत्यंत ठंडी है। रूस में स्थित बँरखोयासक का तापमान तो 90° तक पहुँच जाता है। सबसे गर्म प्रदेश मित्रावा, कुवैत एशिया में ही है, लेकिन दक्षिणी क्षेत्र की जलवायु खुशनुमा है। यहाँ अधिकांशतः गर्मी का मौसम रहता है। दक्षिण-पूर्व एशिया में मानसूनी जलवायु पायी जाती है। जबकि दक्षिण में भूमध्य रेखा के समीप विषुवतीय जलवायु पायी जाती है। सितम्बर में यहाँ भीषण तूफान चलते हैं, जिसे ‘टायफून’ कहते हैं।

2. एशिया महादेश की आबादी विशाल है। क्यों?
उत्तर- एशिया महादेश में विश्व की सर्वाधिक आबादी रहती है क्योंकि पृथ्वी के कुल स्थलीय भाग का लगभग 30% हिस्से पर एशिया महादेश का विस्तार है जबकि विश्व की आबादी की 60% जनसंख्या यहाँ निवास करती है। एशिया महादेश में सर्वाधिक जनसंख्या पाये जाने के कारण ही इसे ‘मानव का घर’ (Home of man) कहा जाता है। जीवन प्रत्याशा भी एशिया महादेश के जापान में ही सबसे अधिक पायी जाती है।

3. एशिया की सांस्कृतिक प्रदेशों के बारे में लिखिए।
उत्तर- विभिन्न धर्मावलंबी, दर्शन और सम्प्रदाय यहाँ की संस्कृति की विशेषता है। विश्व के सभी धर्मों की उत्पत्ति इसी महादेश की धरती से हुई है। हिन्दू-मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध मतावलंबियों की प्रमुखता, विश्व की प्राचीन सभ्यताओं का विकास इसी महादेश की नदी-घाटियों में हुआ है। दजला-फुरात नदी घाटी में मेसोपोटामिया की सभ्यता (इराक), सिंधु घाटी की सभ्यता (भारत, पाकिस्तान), हांगहो नदी घाटी सभ्यता (चीन) ये सभी एशिया महादेश में ही विकसित हुए। इतनी सारी सभ्यताओं का एक महादेश में उत्थान और पतन एक अभूतपूर्व घटना है इसलिए तो एशिया महादेश को “सभ्यताओं का पलना” कहा जाता है। इस महादेश को कई सांस्कृतिक प्रदेशों में बाँटा गया है-

(i) पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत, चीन, जापान, उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया जैसे महत्वपूर्ण देश है। ऐतिहासिक रूप से इस सम्पूर्ण इलाके में चीन का प्रभाव रहा है। यहाँ बौद्ध धर्म और माओवाद की प्रभुता है।

(ii) दक्षिण एशिया- इस क्षेत्र के प्रमुख देश भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान एवं श्रीलंका है। यहाँ लोगों की वेशभूषा एवं खान पान में भी अन्तर देखा जाता है।

(iii) दक्षिण-पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत म्यांमार, फिलीपीन, थाइलैंड, लाओस, कम्बोडिया, मलेशिया, सिंगापुर, पूर्वी तिमूर, ब्रूनेई और इंडोनेशिया आता है। दक्षिण-पूर्वी एशिया से यह प्रदेश इस्लाम और इसाई धर्म से बहुत अधिक प्रभावित है।

(iv) पश्चिम एशिया- यह क्षेत्र इस्लाम, ईसाई, जूडिज्म का ऐतिहासिक जन्म स्थल रहा है। यहाँ का खाना विविध और गरिष्ठ है। यहाँ का साहित्य भी बहुत धनी है।

(v) मध्य एशिया- इस प्रदेश में मुख्यतः पहले के सोवियत समाजवादी गणराज्य के पाँच प्रदेश सम्मिलित है कजाकिस्तान, खिर्गिस्तान , ताजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान।
मध्य एशिया का ऐतिहासिक महत्व सिल्क रूट के कारण बढ़ जाता है।

(vi) उत्तर एशिया- यह साइबेरिया का भौगोलिक क्षेत्र है। यहाँ प्रतिकूल स्थिति के कारण जनसंख्या विरल है। ट्रांस साइबेरियन रेलवे और खनन कार्यों से यहाँ पर आधुनिक जीवन शैली का प्रभाव पड़ा है।

4. एशिया के महत्वपूर्ण देशों की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर- एशिया के महत्त्वपूर्ण देशों की विशेषताएँ:-

(i) पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत, चीन, जापान, उत्तर कोरिया दक्षिण कोरिया जैसे महत्वपूर्ण देश है। ऐतिहासिक रूप से इस सम्पूर्ण इलाके में चीन का प्रभाव रहा है। यहाँ बौद्ध धर्म और माओवाद की प्रभुता है।

(ii) दक्षिण एशिया- इस क्षेत्र के प्रमुख देश भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान एवं श्रीलंका है। यहाँ लोगों की वेशभूषा एवं खान पान में भी अन्तर देखा जाता है।

(iii) दक्षिण-पूर्वी एशिया- इसके अंतर्गत म्यांमार, फिलीपीन, थाइलैंड, लाओस, कम्बोडिया, मलेशिया, सिंगापुर, पूर्वी तिमूर, ब्रूनेई और इंडोनेशिया आता है। दक्षिण-पूर्वी एशिया से यह प्रदेश इस्लाम और इसाई धर्म से बहुत अधिक प्रभावित है।

(iv) पश्चिम एशिया- यह क्षेत्र इस्लाम, ईसाई, जूडिज्म का ऐतिहासिक जन्म स्थल रहा है। यहाँ का खाना विविध और गरिष्ठ है। यहाँ का साहित्य भी बहुत धनी है।

(v) मध्य एशिया- इस प्रदेश में मुख्यतः पहले के सोवियत समाजवादी गणराज्य के पाँच प्रदेश सम्मिलित है कजाकिस्तान, खिर्गिस्तान , ताजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान।
मध्य एशिया का ऐतिहासिक महत्व सिल्क रूट के कारण बढ़ जाता है।

(vi) उत्तर एशिया- यह साइबेरिया का भौगोलिक क्षेत्र है। यहाँ प्रतिकूल स्थिति के काण जनसंख्या विरल है। ट्रांस साइबेरियन रेलवे और खनन कार्यों से यहाँ पर आधुनिक जीवन शैली का प्रभाव पड़ा है।


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इकाई 7. अध्याय 7 भौगोलिक आँकड़ों का निरूपण

इकाई 7. अध्याय 7 भौगोलिक आँकड़ों का निरूपण

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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अध्याय 7 भौगोलिक
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. किस आरेख का दूसरा नाम चक्र आरेख है?
(क) रेखीय ग्राफ
(ख) वृत आरेख
(ग) दंड आरेख
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (ख) वृत आरेख
2. आरेखों का चयन किस बात पर निर्भर करता है?
(क) आँकड़ों की प्रकृति पर
(ख) आँकड़ों के गणितीय स्वरूप पर
(ग) आँकड़ों की लंबाई पर
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (क) आँकड़ों की प्रकृति पर
3. वन रेखा द्वारा दिखाया गया आरेख कहलाता है?
(क) वक्र आरेख
(ख) दंड आरेख
(ग) रेखीय आरेख
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (ग) रेखीय आरेख
4. X-Y अक्ष के अंतर्गत Y अक्ष पर किस प्रकार के आँकड़ों को दिखाया जाता है?
(क) स्वतंत्र आँकड़ा
(ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
(ग) इनमें से कोई भी
(घ) सभी गलत है
उत्तर- (ख) निर्भर करने वाला आँकड़ा
5. एक वृत्त का कुल मान कितना होता है?
(क) 90°
(ख) 180°
(ग) 360°
(घ) 0°
उत्तर- (ग) 360°
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. आरेख बनाने के पहले उपयुक्त शीर्षक का चयन करते हैं।
2. दंड आरेख में आँकड़ों को दंडों या आयतों के द्वारा दिखाया जाता है।
3.’Yअक्ष पर मापनी शून्य से आरम्भ किया जाता है।
4. सभी दंडों को एक ही आधार रेखा पर पर बनाया जाता है।
5. आँकड़े तीन प्रकार के होते हैं।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण से क्या समझते हैं?
उत्तर- प्राप्त किये गये सूचनाओं व जानकारी को अंकों के रूप में पर्दर्शित करना आँकड़ा कहलाता है।
⇒ जब इन आँकड़ों को तालिका व चित्र के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है तब उसे आँकड़ों का प्रस्तुतीकरण कहा जाता है।
⇒ आँकड़ों के आधार पर आरेखों/डायग्रामों का चयन कर ही आँकड़ों का सही प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है।
2. रैखिक आरेख किसे कहा जाता है?
उत्तर- दिए गये आँकड़ों को जिस आरेख में एक रेखा द्वारा दिखाया जाता है उसे रैखिक आरेख कहा जाता है।
⇒ इसके द्वारा भौगोलिक तत्वों यथा- वर्षा, तापमान, आर्द्रता, जनसंख्या वृद्धि, जन्मदर, मृत्युदर, फसल उत्पादन इत्यादि को आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है।
3. वृत आरेख क्या है?
उत्तर- जब दिए गये आँकड़ों के समूह के विभिन्न इकाइयों के हिस्से को वृत्त के द्वारा प्रदर्शित किया जाता है तो इसे वृत्त आरेख कहा जाता है।
⇒ इसमें वृत्त समस्त मात्राओं के योग का परिचायक होता है तथा वृत्त को डिग्री के आधार पर विभिन्न खंडों में बाँटक प्रभावित मात्राओं को प्रतिशत में दिखाया जाता है, तब ऐसे चित्रण को वृत्त आरेख कहते हैं। इसे नीचे के चित्रों में देखा जा सकता है-
आधार

वृत्त आरेख-1

वृत्त आरेख-2


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इकाई 3 अध्याय 3.3 (ग) सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग

इकाई 3 अध्याय  3.3 (ग) सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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इकाई 3 अध्याय
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. सूचना प्रौद्योगिकी के अंतर्गत शामिल नहीं है-
(क) सेल्यूलर फोन
(ख) उपग्रह
(ग) ई-मेल
(घ) अंतर्देशीय पत्र
उत्तर- (घ) अंतर्देशीय पत्र
2. सूचनाओं को शीघ्रता से भेजा जा सकता है –
(क) ब्रॉड बैंड से
(ख) इंटरनेट से
(ग) ई-मेल से
(घ) उपर्युक्त चारों से
उत्तर- (ग) ई-मेल से
3. भारत का सिलिकॉन वैली है –
(क) पुणे
(ख) कोच्चि
(ग) तिरुअनंतपुरम
(घ) बेंगलुरु
उत्तर- (घ) बेंगलुरु
4. सॉफ्टवेयर कंप्यूटर के अंतर्गत है –
(क) एक प्रोग्राम
(ख) एक पुर्जा
(ग) चैनल
(घ) विद्युत आपूर्ति उपकरण
उत्तर- (क) एक प्रोग्राम
5. इलेक्ट्रॉनिक उद्योग की स्थापना के लिए आवश्यक नहीं है-
(क) कुशल मानव संसाधन
(ख) कुशल प्रबंधन
(ग) जल की उपलब्धता
(घ) आधारभूत संरचना
उत्तर- (ग) जल की उपलब्धता
II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
(1) ई-मेल क्या है?
उत्तर- ई-मेल इलेक्ट्रॉनिक मेल का संक्षिप्त रूप है जिसमें संदेशों को कम्प्यूटर के माध्यम से बेतार से शीघ्रता से भेजे जाते हैं। इसके लिए इन्टरनेट का होना जरुरी है।
(2) सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए पहले किन साधनों का उपयोग करते थे?
उत्तर- सूचनाओं का आदान-प्रदान पहले ताली बजाकर, आग जलाकर, पशु-पक्षियों की बोलियाँ बोलकर, कंदराओं पर चित्र बनाकर तथा कबूतरों द्वारा की जाती थी।
(3) बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का विकास क्यों संभव हुआ?
उत्तर- बेंगलुरु में सूचना प्रौद्योगिक उद्योग का विकास इसलिए संभव हुआ, क्योंकि यहाँ सॉफ्टवेयर का विकास करने वाले विशेषज्ञों का दल 24 घंटे अलग-अलग शिफ्टों में काम करते हैं।
(4) सॉफ्टवेयर पार्क वाले शहरों के नाम लिखिए।
उत्तर- सॉफ्टवेयर पार्क वाले शहरों के नाम- बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, पूणे, चेन्नई, कोलकाता, कानपुर, लखनऊ, बेलापुर, गुड़गाँव, कोच्चि।
(5) सूचना प्रौद्योगिकी ने जीवन शैली में क्या बदलाव लाए हैं?
उत्तर- सूचना प्रौद्योगिकी ने जीवन शैली में निम्नलिखित बदलाव लाये हैं:-
➡ गैर सरकारी क्षेत्र की इन्फोसिस, जनरल इलेक्ट्रिक, एक्सेंचर, विप्रो, हीसीएस, माइक्रोसॉफ्ट, एप्पल इत्यादि जैसी कम्पनियाँ भी सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग का कार्य कर रही हैं।
➡ ब्राडबैंड जैसी सेवाएँ सूचनाओं को काफी तेजी से पहुँचाती हैं।

गूगल और याहू जैसे सर्च इंजन से दुनियाभ की जानकारी काफी तेजी से ढूँढी जा सकती है।


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इकाई 5. अध्याय 5. मानव संसाधन

 इकाई 5. अध्याय 5. मानव संसाधन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

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इकाई 5

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।
1. जनगणना की जाती है-
(क) प्रत्येक 20 वर्ष पर
(ख) प्रत्येक 10 वर्ष पर
(ग) प्रत्येक 5 वर्ष पर
(घ) प्रत्येक 2 वर्ष का0
उत्तर- (ख) प्रत्येक 10 वर्ष पर
2. मानव संसाधन है क्योंकि-
(क) आवश्यकता पूर्ति के लिए तकनीक का प्रयोग करता है।
(ख) अन्य सामग्रियों को संसाधन के रूप में परिणत करता है।
(ग) मस्तिष्क का प्रयोग कर अन्य साधनों को उपयोगी बनाता है।
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (घ) उपर्युक्त सभी
3. भारत में सर्वाधिक जनसंख्या है-
(क) पश्चिम बंगाल की
(ख) बिहार की
(ग) उत्तर प्रदेश की
(घ) महाराष्ट्र की
उत्तर- (ग) उत्तर प्रदेश की
4. भारत जनसंख्या के दृष्टिकोण से विश्व में है-
(क) तृतीय स्थान पर
(ख) चौथे स्थान पर
(ग) प्रथम स्थान पर
(घ) दूसरे स्थान पर
उत्तर – (घ) दूसरे स्थान पर
5. पहाड़ी भागों में जनसंख्या कम होती है क्योंकि-
(क) वहाँ काफी गर्मी है
(ख) जीवन यापन कठिन होता है
(ग) मृत्यु दर अधिक है
(घ) लोग वहाँ रहना नहीं चाहते हैं
उत्तर- (ख) जीवन यापन कठिन होता है
II. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(क) मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है। कैसे?
उत्तर- मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है, क्योंकि मनुष्य की अपनी योग्यताएँ ही किसी भी भौतिक पदार्थों को मूल्यवान संसाधन बनाने में सहायता करती है। बहुत से लोगों का यह धारणा है कि संसाधन प्रकृति के मुफ्त उपहार होते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। सभी संसाधन मानव के क्रियाकलापों के प्रतिफल होते हैं। मानव, प्रकृति में उपलब्ध पदार्थों को संसाधनों में बदलता है। इस प्रकार से मानव एक महत्वपूर्ण संसाधन है।
(ख) जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले कौन-कौन से कारक हैं?
उत्तर- जनसंख्या वृद्धि को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं-
⇒ जन्म-दर
⇒ मृत्यु दर
⇒ प्रवास
⇒ जीवन प्रत्याशा
⇒ विवाह एवं सन्तान प्राप्ति की अनिवार्यता
⇒ अशिक्षा एवं अज्ञानता
⇒ बाल विवाह
⇒ अंधविश्वास
(ग) जनसंख्या परिवर्तन किन-किन कारकों पर निर्भर करता है?
उत्तर – जनसंख्या परिवर्तन के तीन घटक है- जन्म दर, मृत्यु दर और प्रवास।
        जन्मदर एवं मृत्यु दर के बीच अंतर होने से जनसंख्या में परिवर्तन होती है। यह जनसंख्या का प्राकृतिक परिवर्तन है जबकि कई कारणों से जनसंख्या का दूसरी जगह जाकर बस जाना प्रवास की श्रेणी में आता है। भारत में जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख कारक जन्म दर रहा है क्योंकि यह हमेशा मृत्यु दर से अधिक रहा है। वर्तमान समय में बढ़ती स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण मृत्यु दर में भी तेजी से गिरावट आई है जिसके कारण जनसंख्या वृद्धि हुई है।
(घ) घटती महिला लिंगानुपात के कारकों का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर- किसी देश कि कुल जनसंख्या में स्त्रियों और पुरुषों की संख्या के बीच के अनुपात को लिंग अनुपात कहा जाता है। घटती महिला लिंगानुपात के कारण कन्या भ्रूण हत्या तथा लड़की नहीं पैदा होने देने की बढ़ती प्रवृति है। बढ़ती दहेज प्रथा भी एक कारक है। हमें इस प्रवृति से बचने की जरूरत है। सरकार ने भी कानूनी रूप से कन्या भ्रूण हत्या को अपराध घोषित कर इसके लिए दंड का प्रावधान किया है। लड़कियों को भी लड़कों के समान महत्व के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता लाना चाहिए।
(ड़) मैदानी भागों में जनघनत्व अधिक पाया जाता है। क्यों?
उत्तर- मैदानी भागों में जनघनत्व अधिक पाया जाता है, क्योंकि मैदानी क्षेत्रों में पर्याप्त जल की मात्रा, अनुकूल जलवायु, विस्तृत समतल भूमि की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टियाँ, अत्यधिक नगरीकरण, औद्योगीकरण जैसे मानव बसाव के लिए अनुकूल भौगोलिक कारक के जनसुविधाएँ आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। अतः यहाँ ज्यादा लोग निवास करते हैं।
(च) वर्ष 2030 ई० तक हमारी जनसंख्या चीन से अधिक होगी। ऐसा क्यों होगा? सोचकर लिखिए।
उत्तर- भारत की जनसंख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन धीरे-धीरे वृद्धि दर में कमी आ रही है और यह जन्मदर नियंत्रण हेतु किये जा रहे प्रयासों का परिणाम है। फिर भी अगर भारत की जनसंख्या वर्तमान रफ्तार से बढ़ती रही तो वर्ष 2030 तक हमारी आबादी एक अरब चालीस करोड़ के पास हो जाएगी तथा हमारी जनसंख्या चीन की जनसंख्या से अधिक होगी अर्थात विश्व में सबसे अधिक जनसंख्या भारत में होगी।
(छ) पर्वतीय क्षेत्र में जन घनत्व कम पाया जाता है। क्यों?

उत्तर- पर्वतीय क्षेत्र में जन घनत्व कम पाया जाता है। जैसे- उत्तराखण्ड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश एवं अधिकतर पूर्वोत्तर राज्यों में जनसंख्या घनत्व कम पाया जाता है, क्योंकि यहाँ का अधिकांश भू-भाग पर्वतीय है और पर्वतीय क्षेत्र में जीवन यापन कठिन होता है। यहाँ पर्याप्त जल की मात्रा, अनुकूल जलवायु, विस्तृत समतल भूमि की उपलब्धता, उपजाऊ मिट्टियाँ जैसे मानव बसाव के लिए भौगोलिक काक का अभाव होता है।


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इकाई 4. अध्याय 4. परिवहन

 इकाई 4. अध्याय 4. परिवहन

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



इकाई 4
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. भारत में कौन परिवहन साधन सबसे अधिक उपयोग में आता है?
(क) वायु परिवहन
(ख) जल परिवहन
(ग) सड़क परिवहन
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ग) सड़क परिवहन
2. स्वर्णिम चतुर्भुज योजना किसके अंतर्गत जाता है?
(क) वायु परिवहन
(ख) सड़क परिवहन
(ग) जल परिवहन
(घ) उपर्युक्त सभी में
उत्तर – (ख) सड़क परिवहन
3. राष्ट्रीय राजमार्ग की देखरेख कौन सा विभाग करता है?
(क) लोक निर्माण विभाग
(ख) केंद्रीय लोक निर्माण विभाग
(ग) राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (ख) केंद्रीय लोक निर्माण विभाग
4. सीमा सड़क संगठन क्या है?
(क) सीमावर्ती सड़कों की देख-रेख करने वाली संस्था
(ख) सीमा पर लोगों की देख-रेख करने वाली संस्था
(ग) सीमा के पार स्थित सड़कों की देख-भाल करने वाली संस्था
(घ) इनमें से कोई नहीं
उत्तर – (क) सीमावर्ती सड़कों की देख-रेख करने वाली संस्था
5. इंडियन एयरलाइंस को और किस नाम से जाना जाता है?
(क) भारतीय
(ख) इंडियन
(ग) आर्यावर्त
(घ) भारतीय एयरलाइंस
उत्तर – (घ) भारतीय एयरलाइंस
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. भारत में वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण 1953 में किया गया।
2. मार्मगाओ पतन गोवा राज्य में है।
3. पूर्व मध्य रेलवे का मुख्यालय हाजीपुर है।
4. सबसे लंबा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 7 (2369 किमी०) है।
5 चेन्नई एक प्राचीन कृत्रिम पतन है।
6. सदिया से घुबरी जल परिवहन मार्ग नदी ब्रह्मपुत्र में है।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग क्या है?
उत्तर – स्वर्णिम चतुर्भुज राष्ट्रीय सड़क राजमार्ग है। यह स्वर्णिम चतुर्भुज राजमार्ग दिल्ली-कोलकाता-मुंबई-चेन्नई महानगर को आपस में 6 लेन वाली सड़कों से जोड़ने वाला देश में द्रुतगति से सामान को ढोने और लोगों के आने-जाने की सुविधा प्रदान करता है।
2. देश में वायु परिवहन की स्थिति का वर्णन करें?
उत्तर – हवाई जहाज आसमान में उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक की दूरी तय करती है इसलिए इन्हें वायु परिवहन कहते हैं। पहले वायु परिवहन विशिष्ट लोगों के तक ही सीमित था लेकिन 1953 में सरकार ने वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
          शुरुआत में एयर इंडिया की हवाई यात्राएँ देश से विदेशों तक जुड़ी हुई थीं और इंडियन एयरलाइन्स (इंडियन) घरेलू एवं पड़ोसी देशों से जुड़ी हुई विमान सेवा थी। लेकिन वर्तमान समय में हवाई सेवाएँ निजी कम्पनियों द्वारा भी चलाई जा रही हैं जो घरेलू और पड़ोसी देशों के लिए भी उपलब्ध है।
3. भारत में पहली रेलगाड़ी कब और कहाँ चली थी? नक्शे पर भी दर्शाइए।
उत्तर – भारत में पहली रेलगाड़ी 16 अप्रैल, 1853 को मुम्बई से थाणे के बीच चली थी।
4. पाइपलाइन परिवहन क्या है उदाहरण दीजिए।
उत्तर – पाइपलाइन परिवहन जमीन के अंदर बिछाई गई पाईपलाइनें हैं जिनकी मदद से पेट्रोलियम पदार्थ, जल, गैस आदि एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाई जाती है। जैसे-बिहार के बरौनी, उत्तर प्रदेश के मथुरा, हरियाणा के पानीपत में स्थापित तेलशोधक कारखानों में पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति ऐसे ही पाइपलाइनों के द्वारा होती है।
5. देश के तीन राष्ट्रीय आंतरिक जल परिवहन का उल्लेख कीजिए।
उत्तर – भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी में, सदिया से घुबरी ब्रह्मपुत्र नदी में तथा दक्षिण भारत में केरल के तटीय नहर कोट्टापुरम् से कोल्लम को राष्ट्रीय आंतरिक जलमार्ग घोषित किया गया है।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. परिवहन एवं यातायात के साधन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। क्यों? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर – “एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्तियों या वस्तुओं को पहुँचाना या लाना परिवहन कहलाता है।” यह सड़क मार्ग, रेल मार्ग, हवाई मार्ग और जल मार्ग से विभिन्न प्रकार के वाहनों द्वारा संभव हो पाता है। रेल यात्रा समाप्त करके स्टेशन से बाहर निकलने पर हम पाते हैं कि गंतव्य स्थान तक पहुँचने के लिए रिक्शा, ऑटोरिक्शा, टमटम, कारें, जीप, बस इत्यादि मिलती हैं। ये सभी वाहन हमें या सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने में मदद करती हैं। ये सभी भूमि पर चलते हैं इसलिए स्थलीय परिवहन के साधन हैं।
        वहीं दूसरी ओर हवाई जहाज आसमान में उड़कर एक स्थान से दूसरे स्थान तक की दूरी तय करती हैं इसलिए इन्हें हवाई साधन कहते हैं। नावें, स्टीमर, जहाजें पानी में चलकर गंतव्य तक पहुँचती हैं, इसलिए उन्हें जल परिवहन के साधन कहते हैं।
         बिना परिवहन एवं यातायात के साधनों के लम्बी दूरी आवागमन करना संभव नहीं है। एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्ति या वस्तु इसके द्वारा कम समय में आसानी से पहुँच जाता है, यही कारण है कि परिवहन एवं यातायात के साधन राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं।
2. देश में परिवहन के कौन-कौन से साधन विकसित है? प्रत्येक का संक्षिप्त वर्णन करें।
उत्तर – एक स्थान से दूसरे स्थान तक व्यक्तियों या वस्तुओं को पहुँचाना या लाना परिवहन कहलाता है। देश में परिवहन के पांच साधन विकसित हैं –
(i) सड़क परिवहन
(ii) रेल परिवहन
(iii) वायु परिवहन
(iv) जल परिवहन
(i) सड़क परिवहन- सड़कें परिवहन का एक मुख्य साधन है। हम स्कूल जाने, प्रखंड जाने, जिला मुख्यालय जाने में सड़क का उपयोग करते हैं। भारत में सड़कों को उनकी उपयोगिता और क्षमता के आधार पर विभिन्न प्रकारों में बाँटा गया है। इसी आधार पर उनकी देखरेख की जाती है।
(ii) रेल परिवहन- यह यात्रियों एवं माल ढुलाई का प्रमुख साधन है। यह देश का सबसे बड़ा सार्वजनिक क्षेत्र प्रतिष्ठान है जिसमें लगभग 16 लाख कर्मचारी काम करते हैं। देश में रेलवे को प्रशासनिक सुविधा के लिए 16 मंडलों में बाँटा गया है जिस पर रेलवे बोर्ड नियंत्रण रखता है। बिहार के हाजीपुर में पूर्व मध्य रेलवे का मंडल कार्यालय अवस्थित है। रेलवे समय-समय पर देश के अन्दर अनेक तीर्थ स्थानों को जोड़ने वाली ट्रेनें भी चलाती हैं।
(iii) पाईप लाइन- यह जमीन के अन्दर बिछाई गई पाईप लाइनें होती हैं, जिनकी मदद से पेट्रोलियम पदार्थ, जल, गैस आदि एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाई जाती है। इन पाइप लाइनों को बिछाने में प्रारंभिक खर्च तो बहुत ज्यादा आता है लेकिन इसके रख-रखाव में कम दिक्कतें होती हैं।
         इस परिवहन में बाधाएँ भी कम आती हैं और समय भी कम लगता है, साथ ही परिवहन में सामग्री का नुकसान भी कम होता है। इसलिए धीरे-धीरे परिवहन का यह मार्ग सस्ता होता जाता है।
(iv) वायु परिवहन- हेलीकॉप्टर, जेट ये सभी वायु परिवहन के अन्तर्गत आते हैं। परिवहन के साधनों में ये सबसे द्रुतगामी के साधन हैं। यद्यपि यह महँगा है, फिर भी दुर्गम क्षेत्रों में भी आसानी से और आरामदायक ढंग से पहँचा जा सकता है। पहले वायु परिवहन विशिष्ट लोगों तक ही सीमित था, लेकिन 1953 में सरकार ने वायु परिवहन का राष्ट्रीयकरण कर दिया।
(v) जल परिवहन- इससे देश के अन्दर नदियों के जल में जहाजों का परिचालन किया जाता है और यात्री व माल की ढुलाई की जाती है। देश के अन्दर लगभग 15 हजार किलोमीटर नौसंचालन जलमार्ग हैं। भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी में, सदिया से घुबरी ब्रह्मपुत्र नदी में, दक्षिण भारत में केरल के तटीय नहर कोट्टापरम से कोल्लम को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है।
         गंगा, गोदावरी, कृष्णा, सुंदरवन आदि महत्त्वपूर्ण आंतरिक जलमार्ग हैं। मैंने पटना में भी गंगा नदी में मालवाहक जहाज देखा है। पटना में गंगा तट पर राजेन्द्र प्रसाद अन्तर्देशीय जलपरिवहन टर्मिनल है।
3. भारत में जल परिवहन की स्थिति का वर्णन दीजिए।
उत्तर- जल परिवहन दो प्रकार के होते हैं-
(i) आंतरिक जल परिवहन और 
(ii) समुद्री जल परिवहन
(i) आंतरिक जल परिवहन- इससे देश के अन्दर नदियों के जल में जहाजों का परिचालन किया जाता है और यात्री व माल की ढुलाई की जाती है। देश के अन्दर लगभग 15 हजार किलोमीटर नौसंचालन जलमार्ग हैं। भारत सरकार ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया से इलाहाबाद तक गंगा नदी में, सदिया से घुबरी ब्रह्मपुत्र नदी में, दक्षिण भारत में केरल के तटीय नहर कोट्टापरम से कोल्लम को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया है।
        गंगा, गोदावरी, कृष्णा, सुंदरवन आदि महत्त्वपूर्ण आंतरिक जलमार्ग हैं। मैंने पटना में भी गंगा नदी में मालवाहक जहाज देखा है। पटना में गंगा तट पर राजेन्द्र प्रसाद अन्तर्देशीय जलपरिवहन टर्मिनल है।

(ii) समुद्री जल परिवहन- यह भारत की लगभग साढ़े सात हजार किलोमीटर लंबी समुद्री तट बंगाल की खाड़ी और अरब साग के साथ लगी हुई है। भारत में इन समुद्र तटों पर लगभग 12 प्रमुख बड़े बंदरगाह और कई छोटे व मंझोले पत्तन हैं जिनसे अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन होता है।


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अध्याय 3.1 लौह इस्पात उद्योग

इकाई 3. अध्याय 3.1 (क) लौह इस्पात उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



लौह इस्पात उद्योग
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. भद्रावती लौह इस्पात उत्पादक केंद्र किस राज्य में है?
(क) झारखंड
(ख) तमिलनाडु
(ग) कर्नाटक
(घ) छतीसगढ़
उत्तर- (ग) कर्नाटक
2. जमशेदपुर स्थित टाटा लौह इस्पात केंद्र की स्थापना किस वर्ष की गई थी?
(क) 1910
(ख) 1905
(ग) 1917
(घ) 1907
उत्तर- (घ) 1907
3. बोकारो लौह इस्पात केंद्र किस पंचवर्षीय योजना में लगाया गया था?
(क) पहली
(ख) दूसरी
(ग) तीसरी
(घ) चौथी
उत्तर- (घ) चौथी
4. इनमें से कौन लौह इस्पात उत्पादक केंद्र सेल के अंतर्गत नहीं है?
(क) दुर्गापुर
(ख) बोकारो
(ग) भिलाई
(घ) बर्नपुर
उत्तर- (घ) बर्नपुर
5. सेलम लौह इस्पात केंद्र किस राज्य में अवस्थित है?
(क) तमिलनाडु
(ख) कर्नाटक
(ग) झारखंड
(घ) केरल
उत्तर – (क) तमिलनाडु
II. सही मिलान करें:-
                                   उत्तर
1. दुर्गापुर-            (ग) प. बंगाल
2. विशाखपत्तनम- (क) आंध्रप्रदेश
3. भिलाई –         (घ) छत्तीसगढ़
4. भद्रावती –       (ख) कर्नाटक
III. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. दांतो को रोलिंग प्रोसिंग एवं ढलाई के द्वारा निश्चित आकार दिया जाता है।
2. उड़ीसा में राउरकेला (सेल) लौह इस्पात केंद्र है।
3. विजयनगर लौह इस्पात केंद्र कर्नाटक राज्य में है।
4. टिस्को को झरिया की खानों से कोयला मिलता है।
5. बोकारो लौह इस्पात केंद्र प्रसिद्ध उद्योगपति जमशेद जी टाटा की सहायता से लगाया गया था।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. बोकारो लौह इस्पात केंद्र को मैंगनीज किन-किन स्थानों से प्राप्त होता है? केंद्रों के नाम लिखिए।
उत्तर- बोकारो लौह इस्पात केन्द्र को मैंगनीज बादाम पहाड़, गुरु महिसानी एवं सुलायपत से प्राप्त होता है।
2. टिस्को को जल की सुविधा कहाँ से मिलती है?
उत्तर- टिस्को को जल की सुविधा स्वर्णरेखा और खरकई नदियों से मिलती है।
3. टिस्को में कामगार के रूप में मुख्यतः कौन से लोग हैं?
उत्तर- टिस्को में कामगार के रूप में मुख्यत: स्थानीय संथाली लोग हैं तथा इनके साथ-साथ बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा तथा मध्यप्रदेश के लोग भी कार्य करते हैं।
4. बोकारो लौह इस्पात केंद्र कब और किसके सहयोग से स्थापित की गई थी?
उत्तर- बोकारो लौह इस्पात केन्द्र 1964 ई. में रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के सहयोग से स्थापित की गई थी।
5. टिस्को में बनने वाली कुछ चीजों के नाम लिखिए।
उत्तर- सलाखें, गर्डर, पहिए, पटरियाँ, चादरें, स्लीपर एवं फिश प्लेट आदि।
 
V. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. टिस्को लौह इस्पात केंद्र को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तृत विवरण दीजिए।
उत्तर- टिस्को लौह इस्पात केन्द्र को लौह-अयस्क नोआमंडी (प० सिंहभूम), बादाम पहाड़ एवं गुरु महिसानी (उड़ीसा) की पहाड़ियों से प्राप्त होता है जो यहाँ से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है। कुल अयस्क की आवश्यकता का 50% भाग अकेले नोआमंडी से आता है।
          कोयला झरिया की खानों से मिलता है। चूनापत्थर 320 किलोमीटर की दूरी से विशेषकर विरमित्रपुर, हाथीबारी, बिसरा और कटनी से आता है। डोलोमाइट पागपोश से आता है।  पानी की आवश्यकता स्वर्णरेखा और खरकई नदियाँ पूरा करती हैं। टिस्को लौह इस्पात संयत्र से सलाखें, गर्डर, पहिए और पटरियाँ, चादरें, स्लीपर एवं फिश प्लेट बनाये जाते हैं।
2. बोकारो लौह इस्पात केंद्र को उपलब्ध भौगोलिक सुविधाओं का वर्णन करें।
उत्तर- बोकारो लौह इस्पात केन्द्र को बोकारो स्टील लिमिटेड (B.S.L.) के नाम से भी जाना जाता है। चतुर्थ पंचवर्षीय योजना के तहत इसे 1964. ई० में रूस (तत्कालीन सोवियत संघ) के सहयोग से सार्वजनिक क्षेत्र के प्रक्रम के रूप में इसकी स्थापना की गई थी। इसकी स्थापना कच्चे माल की उपलब्धता वाले स्थानों के नजदीक की गई है जिससे यहाँ तैयार इस्पात कम लागत पर उपलब्ध है।
       इस संयंत्र के लिए लौह-अयस्क किरीबुरू (उड़ीसा) से प्राप्त होता है। चूना पत्थर विरमित्रपुत्र (बंगाल), कोयला झरिया और बोकारो की खानों से, पानी दामोदर नदी से, मैंगनीज बादाम पहाड़, गुरु महिसानी एवं सुलायपत से प्राप्त होता है।
3. इस्पात निर्माण की प्रक्रिया को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- लौह-इस्पात उद्योग को किसी भी देश के उद्योगों की रीढ़ माना जाता है क्योंकि औद्योगिक विकास हेतु बुनियादी वस्तु, औजारों, मशीनों व आधारभूत ढाँचे का निर्माण लौह-इस्पात से ही होता है। यदि हम विश्व स्तर पर देखें तो पाते हैं कि जिन देशों में लौह इस्पात की खपत अधिक है वे देश ही विकसित है। जैसे-जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस इत्यादि।
        भारतीय परिप्रेक्ष्य में देखें तो स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद राष्ट्र निर्माताओं ने इस उद्योग की आवश्यकता को समझते हुए सर्वप्रथम इस उद्योग को स्थापित किया और आज यह उद्योग देश की अधिकांश आवश्यकता की पूर्ति के साथ इस्पात को नियत भी कर रहा है।
      भारत केवल उच्च कोटि के कुछ इस्पात का आयात करता है। भारत विश्व में स्पंज लोहे का सबसे बड़ा उत्पादक है। अब तो भात में विदेशों से प्राप्त लोहा-इस्पात स्क्रैपर (अन्न-उपयोगी) से नया इस्पात तैयार कर धन व साधनों की बचत कर रहा है।
        वित्तीय वर्ष 19-20 के दौरान भारत में लौह इस्पात का उत्पादन
⇒ कुल उत्पादन- 111.245 मिलियन टन
⇒ आयात- 5.51 मिलियन टन
⇒ निर्यात- 6.52 मिलियन टन

⇒ उपभोग (घरेलू)- 75.05 मिलियन टन


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इकाई 3 अध्याय 3 उद्योग

इकाई 3 अध्याय 3 उद्योग

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 3 उद्योग
I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर
सही विकल्प को चुनें।
1. उद्योग का संबंध किस प्रकार की गतिविधि से होता है?
(क) सामाजिक
(ख) सांस्कृतिक
(ग) आर्थिक
(घ) जैविक
उत्तर- (ग) आर्थिक
2. वृहद उद्योग में पूंजी निवेश की सीमा होती है-
(क) 1 करोड़ से अधिक
(ख) 50 करोड़ से अधिक
(ग) 10 लाख से कम
(घ) 50 हजार मात्र
उत्तर- (क) 1 करोड़ से अधिक
3. दवा उद्योग किस प्रकार का उद्योग है?
(क) आधारभूत उद्योग
(ख) संयुक्त क्षेत्र उद्योग
(ग) हल्का उद्योग
(घ) उपभोक्ता उद्योग
उत्तर- (घ) उपभोक्ता उद्योग
4. इनमें कौन औद्योगिक प्रदेश नहीं है?
(क) दक्कन प्रदेश
(ख) छोटानागपुर प्रदेश
(ग) मुंबई-पुणे क्षेत्र
(घ) गुड़गाँव-दिल्ली मेरठ प्रदेश
उत्तर- (क) दक्कन प्रदेश
5. इनमें कौन कृषि आधारित उद्योग है?
(क) फर्नीचर उद्योग
(ख) कागज उद्योग
(ग) वस्त्र उद्योग
(घ) ताम्बा प्रगलन उद्योग
उत्तर- (ग) वस्त्र उद्योग
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
1. भिलाई लौह इस्पात छत्तीसगढ़ राज्य में है।
2. उद्योग के अंतर्गत कच्चे माल को अधिक मूल्य के उत्पादों में बदल जाता है।
3. फर्नीचर उद्योग लघु उद्योग का उदाहरण है।
4. पूँजी निवेश के आधार पर उद्योग तीन प्रकार के होते है।
5. सीमेंट उद्योग खनिज आधारित उद्योग के अंतर्गत आता है।
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. उद्योग से क्या समझते हैं?
उत्तर- विभिन्न प्रकार के कच्चे माल को अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाना ही उद्योग है। इसे द्वितीयक गतिविधि के अंतर्गत रखा जाता है।
2. लघु एवं वृहद उद्योग के बीच अंतर कीजिए।
उत्तर- लघु एवं वृहत् उद्योग के बीच अन्तर निम्नलिखित हैं-
लघु उद्योग- 
⇒ लघु उद्योग में पूँजी निवेश की सीमा एक करोड़ से कम होती है।
⇒ विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण छोटी-छोटी मशीनों द्वारा होता है।
वृहत् उद्योग-
⇒ वृहत् उद्योग में पूँजी निवेश की सीमा एक करोड़ से अधिक होती है।
⇒ विभिन्न प्रकार के उत्पादों का निर्माण वृहत पैमाने पर होता है।
3. वन आधारित उद्योगों के कोई तीन उदाहरण दीजिए।
उत्तर- वन आधारित उद्योगों के तीन उदाहरण- कागज उद्योग, औषधि (आयुर्वेद) निर्माण उद्योग, फर्नीचर उद्योग।
4. संयुक्त क्षेत्र का उद्योग किसे कहा जाता है? उदाहरण दीजिए।
उत्तर- जिस उद्योग का संचालन सरकार एवं निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा होता है उसे संयुक्त क्षेत्र का उद्योग कहा जाता है।
   जैसे- मारूति उद्योग, एनटीपीसी, नबीनगर पावर जेनरेटिंग कं. प्रा. लि.।
5. सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उद्योगों के बीच अंतर उपयुक्त उदाहरण के साथ कीजिए।
उत्तर- सार्वजनिक क्षेत्र-
               वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से सरकार द्वारा किया जाता हो उसे सार्वजानिक क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है।
जैसे- SAIL, BHEL, रेल कारखाना, आयुध कारखाना आदि।
निजी क्षेत्र- 
        वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता हो उसे निजी क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है।
जैसे- टाटा, बजाज, रिलायंस, बिड़ला आदि।
6. भूमिका के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर- भूमिका के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बाँटा गया है-
(i) आधारभूत उद्योग- 
          वैसे उद्योग जिनके उत्पादों या कच्चे माल पर दूसरे उद्योग निर्भर हैं, उन्हें आधारभूत उद्योग कहते हैं।
जैसे- लोहा इस्पात, तांबा गलाना, खनिज गलाना इत्यादि।
(ii) उपभोक्ता उद्योग- 
         वैसा उद्योग जिनके उत्पादों को उपभोक्ताओं को सीधे उपयोग के लिए किया जाता है।
जैसे- दवा उद्योग, बर्तन उद्योग, टूथपेस्ट, मंजन, शृंगार, प्रसाधन उद्योग, कागज उद्योग, रेडिमेड वस्त्र उद्योग आदि।
7. भार के आधार पर उद्योग कितने प्रकार के होते हैं? उपयुक्त उदाहरण के साथ लिखें।
उत्तर – भार के आधार पर उद्योग दो प्रकार के होते हैं।
(i) भारी उद्योग- 
         वैसे उद्योगों जिनके उत्पादों का वजन काफी अधिक होता है उसे भारी उद्योग कहते हैं।
जैसे- लोहा इस्पात, मोटर गाड़ी उद्योग, सीमेंट उद्योग, पोत निर्माण उद्योग इत्यादि।
(ii) हल्के उद्योग- 
          वैसे उद्योग जिनमें कम भार वाले कच्चे माल का प्रयोग कर हल्के तैयार माल का उत्पादन किया जाता है उसे हल्के उद्योग कहते है।
जैसे- विद्युतीय उद्योग, घड़ी उद्योग, बल्ब उद्योग, पीतल के बर्तन उद्योग इत्यादि।
8. भारत के कुछ प्रमुख औद्योगिक प्रदेशों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर- भारत के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश निम्नलिखित हैं-
⇒ मुम्बई-पूर्ण क्षेत्र,
⇒ बंगलुरू-चेन्नई सेलम,
⇒ अहमदाबाद-बड़ोदरा-सूरत क्षेत्र,
⇒ विशाखापटनम्-गुंटूर औद्योगिक क्षेत्र,
⇒ गुड़गांव दिल्ली-मेरठ औद्योगिक प्रदेश
⇒ कोल्लम-तिरूवन्तपुरम् औद्योगिक प्रदेश
⇒ छोटानागपुर औद्योगिक क्षेत्र एवं
⇒ हुगली क्षेत्र।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. उद्योग को परिभाषित कीजिए तथा इसका विस्तृत वर्गीकरण प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर- विभिन्न प्रकार के कच्चे माल को अधिक मूल्य के उत्पादों के रूप में परिवर्तित किया जाना ही उद्योग है। इसे द्वितीयक गतिविधि के अंतर्गत रखा जाता है।
उद्योगों का विस्तृत वर्गीकरण-
         
       उद्योगों का विस्तृत वर्गीकरण कई आधारों पर किया गया है-
⇒ कच्चे माल के आधार पर
(क) कृषि आधारित उद्योग
(ख) खनिज आधारित उद्योग
(ग) वन आधारित उद्योग
(घ) समुद्र आधारित उद्योग
 
⇒ पूँजी निवेश के आधार पर
(क) कुटीर उद्योग
(ख) लघु उद्योग
(ग) वृहत् उद्योग
 
⇒ स्वामित्व के आधार पर
(क) निजी क्षेत्र
(ख) सार्वजनिक क्षेत्र
(ग) संयुक्त क्षेत्र
(घ) सहकारी क्षेत्र
 
⇒ प्रमुख भूमिका के आधार पर
(क) आधारभूत उद्योग
(ख) उपभोक्ता उद्योग
 
⇒ कच्चे एवं तैयार माल की मात्रा एवं भार के आधार पर
(क) भारी उद्योग
(ख) हल्के उद्योग
 
2. कच्चे माल की प्रकृति के आधार पर उद्योगों का वर्गीकरण उपयुक्त उदाहरण के साथ कीजिए।
उत्तर – कच्चे माल की प्रकृति के आधार पर उद्योगों को दो भागों में बाँटा गया है-
 
(i) भारी उद्योग- वैसे उद्योगों जिनके उत्पादों का वजन काफी अधिक होता है उसे भारी उद्योग कहते हैं। जैसे– लोहा इस्पात, मोटर गाड़ी उद्योग, सीमेंट उद्योग, पोत निर्माण उद्योग इत्यादि।
 
(ii) हल्के उद्योग- वैसे उद्योग जिनमें कम भार वाले कच्चे माल का प्रयोग कर हल्के तैयार माल का उत्पादन किया जाता है उसे हल्के उद्योग कहते है। जैसे- विद्युतीय उद्योग, घड़ी उद्योग, बल्ब उद्योग, पीतल के बर्तन उद्योग इत्यादि।
 
3. स्वामित्व के आधार पर उद्योग कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक का उदाहरण भी दीजिए।
उत्तर – स्वामित्व के आधार पर उद्योग चार प्रकार के होते हैं-
(क) निजी क्षेत्र
(ख) सार्वजनिक क्षेत्र
(ग) संयुक्त क्षेत्र
(घ) सहकारी क्षेत्र
(i) निजी क्षेत्र के उद्योग- वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा किया जाता हो उसे निजी क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है। जैसे– टाटा, बजाज, रिलायंस, बिड़ला आदि।
(ii) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग- वैसे उद्योग जिसका संचालन पूर्ण रूप से सरकार द्वारा किया जाता हो उसे सार्वजानिक क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है। जैसे- SAIL, BHEL, रेल कारखाना, आयुध कारखाना आदि।
(iii) संयुक्त क्षेत्र के उद्योग- जिस उद्योग का संचालन सरकार एवं निजी व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह द्वारा होता है उसे संयुक्त क्षेत्र का उद्योग कहा जाता है। जैसे- मारूति उद्योग, एनटीपीसी, नबीनगर पावर जेनरेटिंग कं. प्रा. लि.।
(iv) सहकारी क्षेत्र के उद्योग- वैसे उद्योग जिसका स्वामित्व कच्चे माल की पूर्ति करने वाले उत्पादकों, श्रमिकों या दोनों के हाथों में होता है तथा लाभ-हानि का विभाजन भी आनुपातिक होता है, उसे सहकारी क्षेत्र के उद्योग कहा जाता है। जैसे- सुधा डेयरी, केरल के नारियल आधारित उद्योग आदि।
 
4. उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कर भारत के पाँच औद्योगिक प्रदेशों के नाम लिखिए।
उत्तर- उद्योगों की अवस्थिति को प्रभावित करने वाले कारक निम्नलिखित हैं:-
(i) कच्चे माल की उपलब्धता
(ii) अनुकूल जलवायु
(iii) सस्ते श्रमशक्ति
(iv) पूँजी की उपलब्धता
(v) विद्युत की सुविधा
(vi) उद्योगपतियों की इच्छाशक्ति
(vii) विस्तृत बाजार की उपलब्धता इत्यादि।
            भारत के प्रमुख औद्योगिक प्रदेश निम्नलिखित हैं-
⇒ मुम्बई-पूर्ण क्षेत्र,
⇒ बंगलुरू-चेन्नई सेलम,
⇒ अहमदाबाद-बड़ोदरा-सूरत क्षेत्र,
⇒ विशाखापटनम्-गुंटूर औद्योगिक क्षेत्र,
⇒ गुड़गांव दिल्ली-मेठ औद्योगिक प्रदेश
⇒ कोल्लम-तिरूवन्तपुरम् औद्योगिक प्रदेश
⇒ छोटानागपुर औद्योगिक क्षेत्र एवं

⇒ हुगली क्षेत्र।


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अध्याय 2 भारतीय कृषि

 इकाई-2 अध्याय 2 भारतीय कृषि

बिहार बोर्ड के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



भारतीय कृषि

I. बहुवैकल्पिक प्रश्नोत्तर

सही विकल्प को चुनें।

1. कृषि कार्य में शामिल है-
(क) भूमि को जोतना
(ख) पशुओं को पालना
(ग) मछली पालन करना
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर – (घ) उपर्युक्त सभी
2. भूमि पर जनसंख्या के अत्यधिक दबाव वाले क्षेत्रों में कौन-सी खेती की जाती है?
(क) झूम खेती
(ख) अंतर कृषि
(ग) गहन कृषि
(घ) ट्रक फार्मिंग
उत्तर – (ग) गहन कृषि
3. इनमें कौन समूह रबी की फसलों से संबंधित है?
(क) गेहूँ, चावल
(ख) चना, धान
(ग) मक्का, जूट
(घ) गेहूँ, मटर
उत्तर – (घ) गेहूँ, मटर
4. जूट की फसल प्रमुखत: होती है-
(क) किशनगंज-पूर्णिया में
(ख) अररिया-आरा में
(ग) गया-औरंगाबाद में
(घ) गया-जहानाबाद में
उत्तर- (क) किशनगंज-पूर्णिया में
5. बिस्कोमान उपलब्ध कराती है-
(क) बेस्ट किसानों को खाद बीज
(ख) कृषि उपकरण
(ग) ऋण
(घ) सिंचाई की सुविधा
उत्तर- (क) बेस्ट किसानों को खाद बीज
II. खाली स्थान को उपयुक्त शब्दों से पूरा करें।
(i) स्थानांतरित कृषि को दहन कृषि भी कहते हैं।
(ii) उत्तरी बिहार में मखाना, केला और तम्बाकू की खेती वाणिज्य कृषि है।
(iii) जायद फसल का उदाहरण तरबूज, ककरी, खीरा, सब्जियाँ  है।
(iv) किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों को वित्तीय सुविधा उपलब्ध होती है।
(v) जैविक खादों से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ती है।
 
III. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 50 शब्दों में)
1. कृषि कार्य किसे कहते हैं
उत्तर- भूमि को जोतकर विभिन्न प्रकार की फसलें, सब्जियाँ, फल-फूल उपजाना, पशुपालन, मत्स्य-पालन इत्यादि करना कृषि कार्य है। यह प्राथमिक क्रियाकलाप के अंतर्गत आता है।
2. खरीफ और रबी फसलों में क्या अंतर है? उदहरण बताएँ।
उत्तर- खरीफ फसल- वैसे फसल जिसकी बोआई जून-जुलाई में की जाती है और अक्टूबर- नवम्बर में काटी जाती है, खरीफ फसल कहलाता है। जैसे – धान, मक्का, जूट, मूंगफली इत्यादि।
रबी फसल- वैसे फसल जिसकी बोआई अक्टूबर-नवम्बर में की जाती है तथा मार्च-अप्रैल में काटी जाती जाती है, रबी फसल कहलाता है। जैसे – गेहूँ, चना, मटर, मसूर, जौ इत्यादि।
3. जीवन निर्वाहन कृषि क्या है?
उत्तर- वैसी कृषि जो कृषि जीवन निर्वहन के लिए किया जाता है, उसे जीवन-निर्वहन कृषि कहते हैं। यह कृषि वैसे देश या क्षेत्रों में की जाती है जहाँ जनसंख्या का अत्यधिक बोझ, रोजगार के अन्य साधनों के अभाव होता है।
4. व्यापारिक और बागवानी फसलों के बारे में क्या जानते हैं? लिखिए।
उत्तर- व्यापारिक फसलें- वैसे फसल जो व्यापार की दृष्टि से की जाती हो उसे व्यापारिक फसलें कहा जाता है। जैसे – रबर, मखाना, तम्बाकू, मिर्च, गन्ना ये सब व्यापारिक फसलें हैं। रबर को छोड़कर बाकी फसलें बिहार में बहुतायत में उपजायी जाती हैं। ये फसलें कई उद्योगों के लिए कच्चे माल का काम करती है।
बागवानी फसलें- ये फसलें ‘ट्रक फार्मिंग’ के नाम से भी जानी जाती है। इसके अंतर्गत केला, आम, चीनी, फूलों आदि की खेती की जाती है। इसका घरेलू खपत बहुत है। फूलों की खेती पर्व-त्योहारों, शादी-विवाह और औषधियों की आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
IV. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें। (अधिकतम 200 शब्दों में)
1. बिहार की कृषि की क्या विशेषताएँ हैं?
उत्तर- बिहार की कृषि की मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं-
⇒ बिहार प्रांत की कृषि मानसून पर आधारित है। वर्षा पर निर्भर होने के कारण फसलों के उत्पादन में अनिश्चितता बनी रहती है। पर्याप्त वर्षा से अच्छी फसल होती है जबकि अल्पवृष्टि से फसलों का नुकसान होता है। इस तरह यहाँ की फसलें प्राकृतिक वर्षा पर निर्भर करती हैं।
⇒ खेती करने के तरीके पुराने हैं। हल-बैल. कुदाल, खुरपी ही प्रमुख उपकरण हैं। खेती श्रम पर अधिक आश्रित है। परंपरागत कृषि यहाँ की विशेषता है।
⇒ छुपी हुई बेरोजगारी हमारी कृषि की खास विशेषता है। यहाँ परिवार के अधिकांश सदस्य फसल बुआई-कटाई के दौरान कृषि कार्यों में लगे रहते हैं। ऐसे में उन्हें स्वयं के लिए रोजगार में लगा होना समझ में आता है जबकि वे वस्तुतः रोजगार के अभाव में ही इन कार्यों में संलग्न होते हैं।
⇒ यहाँ के अधिकांश कृषक अंधविश्वासी होते है। वे अपनी फसल की उपज को ईश्वरीय देन मानते है अर्थात वे अपनी मेहनत से ज्यादा ईश्वर पर विश्वास करते है।
2. कृषि किन कारणों से प्रभावित होती है?
उत्तर – कृषि निम्नलिखित कारणों से प्रभावित होती है-
मानसूनी वर्षा पर निर्भरता- भारतीय कृषि क्षेत्र का एक-तिहाई भाग ही सिंचित है, शेष क्षेत्र मानसून पर निर्भर करती है। कभी अतिवृष्टि तो कभी अनावृष्टि फसलों के उत्पादन को प्रभावित कर देते हैं।
जोतों के छोटे आकार- भारत में छोटे और सीमान्त किसानों की संख्या अधिक है। जमीन के पारिवारिक बँटवारे के कारण खेतों का आकार छोटा होता जा रहा है। चकबंदी के अभाव में भू-जोत बिखरे हैं। छोटे भू-जोत आर्थिक दृष्टि से अहितकारी होते हैं।
भूमि का असमान वितरण- भूमि का असमान वितरण से भी भारतीय कृषि प्रभावित है। अंग्रेजी शासन के दौरान भू-राजस्व वसूली के लिए लागू की गई। जमींदारी प्रथा ने किसानों का शोषण किया। स्वतंत्रता के बाद भू-सुधारों की प्रक्रिया शुरू तो हुई लेकिन इसमें गति लाने की आवश्यकता है।
कृषि ऋण- छोटे किसान बीज, खाद, कीटनाशक, श्रमिक आदि के लिए महाजनों या अन्य संस्थाओं से कर्ज लेते हैं। ऊँची ब्याज दर, कम उत्पादन, प्रतिकूल मौसम, बिचौलियों के कारण किसानों को पर्याप्त लाभ नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में वे ऋण नहीं लौटा पाते। यह इनके कृषि उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है।
कृषि विपणन का अभाव- अच्छी बाजार व्यवस्था के अभाव में किसान अपने उत्पादों को बिचौलियों व व्यापारियों को सस्ते दामों पर बेचने के लिए बाध्य है जो उनको उचित मूल्य नहीं देते। फसलों की अत्यधिक उत्पादकता को न तो सही ढंग से बाजार में पहुंचा पाते हैं और न ही बिक्री कर पाते हैं। इस स्थिति में किसानों से बिचौलिये लाभ उठा लेते हैं।
अंधविश्वासी- यहाँ के अधिकांश कृषक अंधविश्वासी होते है। वे अपनी फसल की उपज को ईश्वरीय देन मानते है अर्थात वे अपनी मेहनत से ज्यादा ईश्वर पर विश्वास करते है।

3. आप के राज्य में कृषि कार्य उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए क्या प्रयास हुए हैं? लिखिए।
उत्तर- राज्य में कृषि कार्य उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए निम्नलिखित प्रयास हुए हैं-
⇒ नहर की सुविधा का विस्तार किया गया है। 
⇒ किसानों को ऋण के लिए किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध कराया गया है।  
⇒ सिंचाई के लिए सस्ते दर पर बिजली की सुविधा उपलब्ध कराया गया है। 
⇒ राज्य सरकार द्वारा कृषि बिमा की व्यवस्था किया गया है। 
⇒ उचित दर पर उर्वरकों को उपलब्ध कराया जाता है। 
⇒ बीज, कीटनाशक दवाई सब्सिडी पर उपलब्ध कराया जाता है। 
⇒ कृषि सम्बंधित औजार या यंत्र  पर राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी की सुविधा दिया जाता है।
⇒ किसानों का समय-समय ऋण की माफी भी की जाती है। 

⇒ सरकारी दर प किसानों का अनाज भी खरीदा जाता है।  इत्यादि 


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