9. Review of Literature / साहित्य समीक्षा
| Review of Literature
साहित्य समीक्षा |
परिचय:
साहित्य समीक्षा (Review of Literature) किसी भी शोध कार्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण भाग है। यह शोधकर्ता को अपने विषय से संबंधित पूर्व में किए गए अध्ययनों, सिद्धांतों, अवधारणाओं तथा निष्कर्षों की जानकारी प्रदान करती है। साहित्य समीक्षा के माध्यम से शोधकर्ता यह समझता है कि उसके शोध विषय पर अब तक क्या कार्य किया जा चुका है, किन पहलुओं का अध्ययन किया गया है तथा किन क्षेत्रों में अभी भी शोध की आवश्यकता है। दूसरे शब्दों में, साहित्य समीक्षा शोध की पृष्ठभूमि तैयार करती है और शोध समस्या को वैज्ञानिक आधार प्रदान करती है।
भूगोल में साहित्य समीक्षा का विशेष महत्व है क्योंकि यह विषय प्राकृतिक एवं मानव दोनों प्रकार की घटनाओं का अध्ययन करता है। किसी क्षेत्र, संसाधन, जनसंख्या, पर्यावरण, नगरीकरण या क्षेत्रीय विकास से संबंधित शोध करने से पहले उस विषय पर उपलब्ध साहित्य का अध्ययन आवश्यक होता है।
साहित्य समीक्षा की परिभाषा:
जॉन डब्ल्यू. बेस्ट (John W. Best) के अनुसार,
“साहित्य समीक्षा किसी विषय से संबंधित उपलब्ध ज्ञान, सिद्धांतों और शोध अध्ययनों का व्यवस्थित एवं आलोचनात्मक अध्ययन है।”
केर्लिंगर (Kerlinger) के अनुसार,
“साहित्य समीक्षा पूर्व में किए गए शोध कार्यों का विश्लेषण एवं मूल्यांकन है, जिससे वर्तमान शोध की दिशा निर्धारित की जाती है।”
साहित्य समीक्षा के उद्देश्य:
1. शोध समस्या की पहचान करना:-
साहित्य समीक्षा के माध्यम से शोधकर्ता अपने विषय की वर्तमान स्थिति को समझता है तथा शोध समस्या को स्पष्ट रूप से परिभाषित कर सकता है।
2. पूर्व शोधों की जानकारी प्राप्त करना:-
यह शोधकर्ता को बताती है कि संबंधित विषय पर अब तक क्या-क्या अध्ययन किए जा चुके हैं तथा उनके प्रमुख निष्कर्ष क्या हैं।
3. शोध अंतराल (Research Gap) की पहचान:-
साहित्य समीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह जानना है कि किन विषयों पर पर्याप्त शोध नहीं हुआ है और कहाँ नए अध्ययन की आवश्यकता है।
4. सैद्धांतिक आधार प्रदान करना:
यह शोधकर्ता को उपयुक्त सिद्धांतों, मॉडलों तथा अवधारणाओं के चयन में सहायता प्रदान करती है।
5. शोध पद्धति के चयन में सहायता:-
पूर्व अध्ययनों का अध्ययन करके शोधकर्ता उपयुक्त अनुसंधान विधि, डेटा संग्रहण तकनीक एवं विश्लेषण पद्धति का चयन कर सकता है।
साहित्य समीक्षा के स्रोत (Sources of Literature Review):
1. पाठ्य-पुस्तकें (Textbooks)
2. सन्दर्भ पुस्तकें (Reference Books)
3. विश्वकोश (Encyclopedias)
4. वार्षिकी पुस्तकें (Year Books)
5. प्रकाशित शोध प्रबंध (Published Thesis)
6. अप्रकाशित शोधग्रंथ (Unublished Theses)
7. सावधिक पत्रिकाएं (Journals / Periodicals)
8. सारांश पुस्तिका (Abstracts / Abstract Journals)
9. शब्दकोश (Dictionaries)
10. निर्देशिका (Directories)
11. ग्रन्थ सूची (Bibliographies)
12. अभिसूचिकाएं (Indexes / Indexing Services)
13. जीवन वृतांत (Bibliograpy)
14. कम्पूटर सामग्री (Computer-Based Resources / Electronic Resources / Digital Resources)
15. कार्यालय अभिलेख (Official Records / Office Records)
16. लघु पुस्तिकाएं (Pamphlets / Booklets)
17. समाचार पत्र (Newspapers)
भूगोल में साहित्य समीक्षा का महत्व:
1. विषय की व्यापक समझ:-
भूगोल में किसी क्षेत्र या समस्या की ऐतिहासिक एवं वर्तमान स्थिति को समझने में साहित्य समीक्षा सहायक होती है।
2. सिद्धांतों और मॉडलों का ज्ञान:-
केंद्रीय स्थान सिद्धांत, जनसंख्या संक्रमण सिद्धांत, क्षेत्रीय विकास मॉडल आदि की जानकारी साहित्य समीक्षा से प्राप्त होती है।
3. क्षेत्रीय अध्ययन में सहायता:-
किसी विशेष क्षेत्र के भौतिक, सामाजिक तथा आर्थिक पहलुओं की जानकारी उपलब्ध साहित्य से प्राप्त की जा सकती है।
4. डेटा एवं पद्धति का चयन:-
पूर्व अध्ययनों से डेटा स्रोत, मानचित्रण तकनीक, GIS, Remote Sensing तथा सांख्यिकीय विधियों की जानकारी मिलती है।
साहित्य समीक्षा की प्रक्रिया:
1. शोध विषय का चयन:-
सबसे पहले शोध विषय एवं उद्देश्य स्पष्ट किए जाते हैं।
2. साहित्य का संग्रह:-
पुस्तकों, शोध पत्रों, रिपोर्टों एवं ऑनलाइन स्रोतों से संबंधित सामग्री एकत्र की जाती है।
3. साहित्य का वर्गीकरण:-
संग्रहित साहित्य को विषय, समय, क्षेत्र या पद्धति के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है।
4. आलोचनात्मक विश्लेषण:-
प्रत्येक अध्ययन की पद्धति, निष्कर्ष एवं सीमाओं का मूल्यांकन किया जाता है।
5. शोध अंतराल की पहचान:-
पूर्व अध्ययनों में मौजूद कमियों तथा अनुत्तरित प्रश्नों की पहचान की जाती है।
6. साहित्य समीक्षा का लेखन:-
अंत में उपलब्ध अध्ययनों को तार्किक एवं क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
साहित्य समीक्षा की विशेषताएँ:
- व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक होती है।
- वस्तुनिष्ठ (Objective) होती है।
- आलोचनात्मक विश्लेषण पर आधारित होती है।
- शोध समस्या को स्पष्ट करती है।
- नए शोध की दिशा निर्धारित करती है।
- शोध की विश्वसनीयता बढ़ाती है।
साहित्य समीक्षा लिखते समय सावधानियाँ:
- केवल प्रासंगिक साहित्य का चयन करें।
- नवीनतम शोध अध्ययनों को प्राथमिकता दें।
- स्रोतों का सही संदर्भ (Citation) दें।
- साहित्य का केवल वर्णन न करें, उसका विश्लेषण भी करें।
- शोध अंतराल को स्पष्ट रूप से दर्शाएँ।
- साहित्य समीक्षा को तार्किक क्रम में प्रस्तुत करें।
निष्कर्ष:
साहित्य समीक्षा किसी भी शोध कार्य की आधारशिला होती है। यह शोधकर्ता को विषय की पृष्ठभूमि, पूर्व अध्ययनों, सिद्धांतों तथा शोध अंतराल की जानकारी प्रदान करती है। भूगोल जैसे बहुआयामी विषय में साहित्य समीक्षा न केवल शोध की दिशा निर्धारित करती है, बल्कि उपयुक्त पद्धति, डेटा स्रोत तथा विश्लेषण तकनीकों के चयन में भी सहायता करती है। इसलिए एक प्रभावी एवं वैज्ञानिक शोध के लिए साहित्य समीक्षा का गहन एवं व्यवस्थित अध्ययन अत्यंत आवश्यक है।

