Industries

(उद्योग)


        भारत में उद्योग आर्थिक विकास का प्रमुख आधार हैं। औद्योगिक क्षेत्र को मुख्यतः प्राथमिक (खनन), द्वितीयक (विनिर्माण) तथा तृतीयक (सेवा) क्षेत्रों में विभाजित किया जाता है। स्वतंत्रता के बाद नियोजित विकास, सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना और 1991 के उदारीकरण के पश्चात निजीकरण व वैश्वीकरण ने औद्योगिक विस्तार को गति दी। भारत में लौह–इस्पात, कपड़ा, पेट्रोकेमिकल, ऑटोमोबाइल, सूचना प्रौद्योगिकी, सीमेंट और औषधि उद्योग विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। औद्योगिक स्थान निर्धारण में कच्चा माल, ऊर्जा, श्रम, बाजार और परिवहन की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यह विषय UG, PG, Bihar Teacher, UGC NET/JRF, UPSC एवं BPSC परीक्षाओं हेतु अत्यंत उपयोगी है।

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