Unique Geography Notes हिंदी में

Unique Geography Notes in Hindi (भूगोल नोट्स) वेबसाइट के माध्यम से दुनिया भर के उन छात्रों और अध्ययन प्रेमियों को काफी मदद मिलेगी, जिन्हें भूगोल के बारे में जानकारी और ज्ञान इकट्ठा करने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस वेबसाइट पर नियमित रूप से सभी प्रकार के नोट्स लगातार विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रकाशित करने का काम जारी है।

BA SEMESTER/PAPER III

35. Metrological Instruments : Functions of Wind Vane, Anemometer, Barometer, Rain Gauge and Dry and Wet Bulb Thermometer

Metrological Instruments: Functions of Wind Vane, Anemometer,  Barometer, Rain Gauge and Dry and Wet Bulb Thermometer 1.  WIND VANE (वात् दिग्दर्शी) WIND VANE (वात् दिग्दर्शी):-        इस यंत्र से वायु की दिशा ज्ञात की जाती है। इसे भारतीय मौसम…

38. भारत में हरित क्रान्ति का प्रभाव

38. भारत में हरित क्रान्ति का प्रभाव          हरित क्रांति शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम डब्लू. एस. गौड ने खाद्यान्न उत्पादन में आई क्रांति, जो कि गेहूँ के HYV (High Yielding Varieties- उच्च उत्पादकता किस्में) प्रकार के आविष्कार…

37. भारत में सिंचाई के विभिन्न साधनों एवं उनके महत्त्व

37. भारत में सिंचाई के विभिन्न साधनों एवं उनके महत्त्व       भूमि की आवश्यकतानुसार सिंचाई द्वारा पानी उपलब्ध कराने के लिए जिस प्रारूप, संयंत्र तथा तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, उसे ही सिंचाई व्यवस्था कहते हैं। देश…

36. भारत में सिंचाई की आवश्यकता क्यों है? 

36. भारत में सिंचाई की आवश्यकता क्यों है?        वर्षा के अभाव में खेतों को कृत्रिम ढंग से जल पिलाने की क्रिया को सिंचाई करना कहा जाता है। भारत एक उष्ण कटिबन्धीय देश है जिसमें कृषि मुख्यतः मानसूनी…

35. भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश

35. भारतीय कृषि की प्रमुख समस्याओं पर प्रकाश         भारत एक कृषि प्रधान देश है, परन्तु यहाँ कृषि की दशा संतोषजनक नहीं है। भारत की जनसंख्या का लगभग 70% भाग कृषि कार्य में लगा हुआ है लेकिन…

34. भारत की प्राकृतिक वनस्पति

       34.भारत की प्राकृतिक वनस्पति भारत की प्राकृतिक वनस्पति            प्रकृति में स्वतंत्र रूप से उगने वाले वनस्पतियों के समुच्य को “प्राकृतिक वनस्पति” कहते हैं। दूसरी ओर वैसी वनस्पति जो मानवीय हस्तक्षेप से विकसित…

9. हिमालय के स्थलाकृतिक प्रदेश

9. हिमालय के स्थलाकृतिक प्रदेश हिमालय के स्थलाकृतिक प्रदेश             हिमालय एक नवीन मोड़दार पर्वत है जो भारत के उत्तर में एक चाप के रूप में अवस्थित है। इसका विस्तार सिन्धु गॉर्ज/दर्रा से लेकर  ब्रह्मपुत्र…

17. हिमालय के विकास के संदर्भ में जल प्रवाह प्रतिरूप/विन्यास

17. हिमालय के विकास के संदर्भ में जल प्रवाह प्रतिरूप/विन्यास हिमालय के विकास के संदर्भ में जल प्रवाह प्रतिरूप/विन्यास          कई पर्वत निर्माणकारी भूसंचलन के कारण प्राचीन टेथिस सागर में नदियों के द्वारा लाकर मलवा जमा किये…

18. गंगा ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र

18. गंगा ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र गंगा-ब्रह्मपुत्र नदी तंत्र             गंगा तथा ब्रह्मपुत्र हिमालय से निकलने वाली उत्तर भारत की सबसे प्रमुख नदी हैं। ये नदियाँ लम्बी है तथा अनेक छोटी एवं बड़ी महत्त्वपूर्ण नदियाँ इनमें आकर…

24. भारतीय मानसून की प्रक्रिया / क्रियाविधि / यांत्रिकी (Monsoon of Mechanism)

24. भारतीय मानसून की प्रक्रिया / क्रियाविधि / यांत्रिकी (Monsoon of Mechanism) भारतीय मानसून की प्रक्रिया       भारत में मानसून की उत्पत्ति तिब्बत का पठार, हिमालय पर्वत, उत्तर का मैदानी क्षेत्र, वायु-संचरण और हिन्द महासागर के सम्मिलित प्रभाव…

25. भारतीय मानसून की प्रमुख विशेषताएँ तथा मानसून की उत्पत्ति संबंधी कारकों की विवेचना

25. भारतीय मानसून की प्रमुख विशेषताएँ तथा मानसून की उत्पत्ति संबंधी कारकों की विवेचना भारतीय मानसून की प्रमुख विशेषताएँ तथा मानसून की उत्पत्ति संबंधी कारकों की विवेचना           भारत एक मानसूनी प्रदेश है। यहाँ ही जलवायु…

14. प्रायद्वीपीय भारत के पठार

14. प्रायद्वीपीय भारत के पठार प्रायद्वीपीय भारत के पठार                प्रायद्वीपीय भारत का बाहरी किनारा विन्ध्यन, अरावली, गारो, खाँसी, जयन्तिया, पूर्वीघाट और पश्चिमी घाट से निर्मित है। ये श्रृंखलाएँ प्रायद्वीपीय भारत को एक पठार…

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