अध्याय 6 मानव संसाधन / NCERT CLASS 8 Geography Solutions

अध्याय 6 मानव संसाधन

एनसीईआरटी के 8वीं कक्षा का भूगोल विषय का सम्पूर्ण प्रश्नोत्तर

सरल एवं आसान शब्दों में उत्तर देना सीखें



अध्याय 6 मानव1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(i)  लोगों को एक संसाधन क्यों समझा जाता है?

उत्तर- लोगों को एक संसाधन समझा जाता है क्योंकि लोग ही एक राष्ट्र के सबसे बड़े संसाधन होते हैं। प्रकृति की देन केवल उस समय महत्वपूर्ण होती है जब वह लोगों के लिए उपयोगी होती है। लोग अपनी आवश्यकताओं और योग्यताओं से उसे संसाधन में परिवर्तित कर देते हैं। इस प्रकार मानव संसाधन ही अंतिम संसाधन है। स्वस्थ, शिक्षित और अभिप्रेरित लोग अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप संसाधनों का विकास करते हैं।

(ii) विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण के क्या कारण है?

उत्तर – विश्व में जनसंख्या के असमान वितरण के निम्नलिखित कारण है –

  • भौगोलिक कारक- भौगोलिक कारक के अंतर्गत स्थलाकृति, जल, वायु, मृदा तथा खनिज की उपस्थित है जो मानव बसाव को प्रभावित करता है।
  • आर्थिक कारक- औद्योगिक क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। लोग बड़ी संख्या में इन क्षेत्रों की ओर आकर्षित होते हैं। जापान में ओसाका और भारत में मुंबई दो घने व से क्षेत्र है।
  • सांस्कृतिक कारक -धर्म और सांस्कृतिक महता वाले स्थान लोगों को आकर्षित करते हैं। वाराणसी, येरूसलम और वेटिकन सिटी इसके कुछ उदाहरण है।
  • सामाजिक कारक -अच्छे आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र अत्यधिक घने बसे हैं, उदाहरण के लिए पुणे।

(iii) विश्व की जनसंख्या अत्यंत तीव्रता से भर गई है। क्यों?

उत्तर- विश्व की जनसंख्या अत्यंत तीव्रता से भर गई है जिसका कारण निम्नलिखित है-

  • खाद्य आपूर्ति में बढ़ोतरी।
  • उचित स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार।
  • मृत्यु दर में कमी।
  • प्राकृतिक वृद्धि दर का तीव्रता से बढ़ना।
  • प्रवास में वृद्धि।

(iv) जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले किन्हीं दो कारकों की भूमिका का वर्णन कीजिए?

उत्तर- जन्म एवं मृत्यु दर तथा प्रवास जनसंख्या परिवर्तन को प्रभावित करने वाले दो कारक है।

जन्म दर- प्रति 1000 व्यक्तियों पर जीवित जन्मों की संख्या को जन्म दर कहा जाता है। 

मृत्यु दर- प्रति 1000 व्यक्तियों पर मृतकों की संख्या को मृत्यु दर कहा जाता है।

प्रवास- प्रभास भी एक कारण है जिससे जनसंख्या के आकार में परिवर्तन होता है। लोगों को एक देश में अथवा दो या अधिक देशों के बीच एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने को ही प्रवास कहा जाता हैं।

(v) जनसंख्या संगठन से क्या तात्पर्य है?

उत्तर- जनसंख्या संगठन से तात्पर्य जनसंख्या की संरचना से है । इससे लोगों की आयु, लिंग, साक्षरता स्तर, स्वास्थ्य दशाओं, व्यवसाय और आय के स्तर के बारे में पता चलता है। अर्थात जनसंख्या संगठन हमारी यह जानने में सहायता करता है कि कितने पुरुष है और कितनी स्त्रियाँ है, वे किस आयु वर्ग के हैं, कितने शिक्षित है और वे किस प्रकार के व्यवसाय में लगे हैं । उनकी आय का क्या स्तर है और स्वास्थ्य दशाएँ कैसी है ? एक देश की जनसंख्या संगठन का अध्ययन करने की एक रुचिकर विधि ‘जनसंख्या पिरामिड’ है जिसे आयु लिंग पिरामिड भी कहते हैं।

(vi) जनसंख्या पिरामिड क्या है? यह किसी देश की जनसंख्या को समझने में किस प्रकार मदद करते हैं?

उत्तर -जनसंख्या पिरामिड से तात्पर्य किसी एक देश की जनसंख्या की आयु व लिंग संरचना से है। इसमें बच्चों की संख्या(15 वर्ष से नीचे) और जन्म स्तर को निचले भाग में प्रदर्शित किया जाता है। उपर का आकार वृद्ध लोगों (65 वर्ष से अधिक) और मृतकों की संख्या को प्रदर्शित करता है। इससे एक देश में आश्रित लोंगो की संख्या भी पता चलता है। इस प्रकार जनसंख्या पिरामिड की सहायता से किसी भी देश की जनसंख्या का आयु व लिंग, प्रौढ़ों एवं वृद्धों, आश्रीत एवं क्रियाशील, तथा नये जन्में शिशुओं की स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सकता है।

2. सही को चिन्हित के लिए-

 (i) जनसंख्या वितरण शब्द  क्या तात्पर्य है?

 (क) किसी विशिष्ट क्षेत्र में समय के साथ जनसंख्या में किस प्रकार  परिवर्तन होता है।

(ख) किसी विशिष्ट में जन्म लेने वाले लोगों की संख्या के संदर्भ में मृत्यु प्राप्त करने वाले लोगों की संख्या

(ग) किसी दिये हुए क्षेत्र में लोग किस रुप से वितरित हैं।           

उत्तर- (ग) किसी दिये हुए क्षेत्र में लोग किस रुप से वितरित हैं।        

(ii) वे तीन मुख्य कारक कौन से हैं जिनसे जनसंख्या में परिवर्तन होता है?

 (क)  जन्म, मृत्यु और विवाह    

 (ख)  जन्म, मृत्यु और प्रवास

 (ग)   जन्म, मृत्यु और जीवन प्रत्याशा          

उत्तर- (ख)   जन्म, मृत्यु और प्रवास  

(iii)  1999 में विश्व की जनसंख्या हो गई-  

(क) 1 अरब

(ख) 3 अरब

(ग)  6 अरब

उत्तर- (ग)  6 अरब

3. नीचे दिए शब्दों का उपयोग करके वाक्यों को पूरा कीजिए-

 विरल, अनुकूल, परती, कृत्रिम, उर्वर, प्राकृतिक, चरम, घना।

जब लोग किसी क्षेत्र की ओर आकर्षित होते हैं तब यह ….घना.. बसा हुआ बन जाता है।  इसे प्रभावित करने वाले कारकों के अंतर्गत….अनुकूल……जलवायु ….प्राकृतिक…. संसाधनों की आपूर्ति और… उर्व….जमीन आते हैं।


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अध्याय-5 उद्योग / NCERT CLASS 8 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय-5 उद्योग



5 उद्योग

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- 

(i) ‘उद्योग’ शब्द का क्या तात्पर्य है?
उत्तर- उद्योग का तात्पर्य आर्थिक गतिविधि से है जो कि वस्तुओं के उत्पादन, खनिजों के निष्कर्षण अथवा सेवाओं की व्यवस्था से संबंधित है। इस प्रकार लोहा और इस्पात उद्योग वस्तुओं के उत्पादन से संबंधित है। कोयला खनन उद्योग कोयले को धरती से निकालने से संबंधित है तथा पर्यटन सेवा देने से संबंधित उद्योग है।
(ii) वे कौन से मुख्य तत्व है जो उद्योग की स्थिति को प्रभावित करते हैं ?
उत्तर- उद्योगों की स्थिति को प्रभावित करने वाले मुख्य तत्व कच्चे माल की उपलब्धता, भूमि, जल, शक्ति साधन, पूंजी, परिवहन और बाजार है।
(ii) कौन सा उद्योग प्रायः आधुनिक उद्योग का मेरुदंड कहा जाता है और क्यों?
उत्तर – इस्पात उद्योग आधुनिक उद्योगों का मेरुदंड कहलाता है। क्योंकि लगभग सभी वस्तुएँ जिनका हम लोग उपयोग करते हैं वे या तो लोहा या इस्पात से बने हैं। अथवा इन धातुओं से निर्मित औजारों और मशीनों से बने हैं। पोत, रेलगाड़ी, ट्रक और ऑटो अधिकांशतः इस्पात से बने हैं। यहाँ तक कि सेफ्टी पिन और सुईयाँ जिनका हम लोग प्रयोग करते हैं वह भी इस्पात से ही बनती है।
(iii) कपास उद्योग मुंबई में तेजी से क्यों विकसित हुआ है?
उत्तर- कपास उद्योग मुंबई में तेजी से विकसित हुआ क्योंकि कोष्ण आर्द्ध जलवायु, मशीन आयात के लिए पतन, कच्चे माल की उपलब्धता और दक्ष श्रमिक इस प्रदेश में इस उद्योग के द्रुत फैलाव में सहायक रहा। पहली सफल यंत्रीकृत वस्त्र मिल मुंबई में 1854 ई० में स्थापित की गई थी।
(iv) बेंगलुरु और कैलिफोर्निया में सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग के बीच क्या समानता है? 
उत्तर- बेंगलुरु और कैलिफोर्निया में सूचना प्रौद्योगिकी के बीच निम्नलिखित समानताएँ है-
● भारत के बेंगलुरु में सर्वाधिक संख्या में सूचना प्रौद्योगिकी महाविद्यालय और शैक्षिक संस्थान है।
● विश्व में सबसे अधिक उन्नत वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकी केंद्रों के समीप है।
● आकर्षक व स्वच्छ पर्यावरण के साथ सुहावनी जलवायु का होना।
● भविष्य में विकास और विस्तार के लिए पर्याप्त स्थान होना।
● मुख्य सड़क व हवाई पतन के समीप स्थित होना।
● बाजार और निपुण कार्य बल तक अच्छी पहुँच होना।
 
 2. सही उत्तर चिंतित कीजिए- 

(i) सिलिकॉन घाटी अवस्थित है-
(क) बेेंगूलूरू में
(ख) कैलिफोर्निया में
(ग) अहमदाबाद में
उत्तर- (ख) कैलिफोर्निया में

(ii) कौन-सा उद्योग ‘सनराइज उद्योग’ के नाम से जाना जाता है?

(क) लोहा-इस्पात उद्योग
(ख) सूूती वस्त्र
(ग) सूचना प्रौद्योगिकी
उत्तर- (ग) सूचना प्रौद्योगिकी

(iii) निम्न में से कौन-सा प्राकृतिक रेशा है ?
(क) नायलॉन
(ख) जूट
(ग) एक्रिलिक
उत्तर- (ख) जूट

3. अंतर स्पष्ट कीजिए- 
(i) कृषि आधारित और खनिज आधारित उद्योग
उत्तर- कृषि आधारित उद्योग-
              वैसे उद्योग जिसमें कच्चे माल के रूप में वनस्पति और जंतु आधारित उत्पादों का उपयोग करते हैं, उसे कृषि आधारित उद्योग कहा जाता है। जैसे खाद्य संसाधन, वनस्पति तेल, सूती वस्त्र, डेयरी उत्पाद और चर्म उद्योग कृषि आधारित उद्योग के उदाहरण है।
खनिज आधारित उद्योग-
              वैसे उद्योग जिसमें कच्चे माल के रूप में खनिज अयस्कों का उपयोग किया जाता है उसे खनिज आधारित उद्योग कहते हैं। जैसे अयस्क से निर्मित लोहा खनिज आधारित उद्योग का उदाहरण है।
(ii) सार्वजनिक क्षेत्र और संयुक्त क्षेत्र के उद्योग
उत्तर- सार्वजनिक के क्षेत्र-
            वैसे उद्योग जिसका स्वामित्व और संचालन सरकार द्वारा किया जाता है उसे सार्वजनिक उद्योग के क्षेत्र कहा जाता है। जैसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड इत्यादि।
संयुक्त क्षेत्र के उद्योग-

           वैसे उद्योग जिसका स्वामित्व और संचालन राज्यों और व्यक्तियों अथवा व्यक्तियों के समूह द्वारा होता है, उसे संयुक्त क्षेत्र उद्योग कहा जाता है। जैसे मारुति उद्योग लिमिटेड संयुक्त क्षेत्र के उद्योग का एक उदाहण है।


अध्याय-4 कृषि / NCERT CLASS 8 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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(हिंदी माध्यम)

अध्याय-4 कृषि



 4 कृषि 1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(i) कृषि क्या है?

उत्तर- कृषि एक प्राथमिक क्रिया है। इसके अंतर्गत फसलों, फलों, सब्जियों, फूलों को उगाना और पशुपालन को किया जाता है। विश्व में 50% लोग कृषि से संबंधित क्रियाओं में संलग्न है । भारत की दो-तिहाई जनसंख्या अब तक कृषि ही पर निर्भर है।

(ii) उन कारकों का नाम बताइए जो कृषि को प्रभावित कर रहे हैं।

उत्तर- स्थलाकृति, मृदा और जलवायु कृषि को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक हैं।

(iii) स्थानांतरित कृषि क्या है? इस कृषि की क्या हानियाँ है?

उत्तर- स्थानांतरित कृषि के अंतर्गत वृक्षों को काटकर और उसे जलाकर भूखंड को साफ किया जाता है उसके बाद उसी राख को मृदा में मिला दिया जाता है। फिर उसमें मक्का, रतालू, आलू और कसावा जैसी फसलों की खेती की जाती है। पुनः भूमि की उर्वरा शक्ति समाप्ति के बाद वह भूमि छोड़ दी जाती है और कृषक नए भूखंड पर चला जाता है। स्थानांतरित कृषि को ‘कर्तन एवं दहन’ कृषि के रूप में भी जाना जाता है।

      स्थानांतरित कृषि करने से निम्नलिखित हानियाँ होती है-

  • इसमें बड़े पैमाने पर वृक्षों को जलाया जाता है जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है।
  • इससे मृदा अपरदन की समस्या बढ़ जाता है।
  • इससे जंगली जीव-जन्तुओं का नुकसान होता है जिससे जैव विविधता में कमी आती है।

(iv) रोपण कृषि क्या है? 

उत्तर-  रोपण कृषि वाणिज्यिक कृषि का एक प्रकार है जहाँ चाय, कहवा, काजू, रबड़, केला तथा कपास की एकल फसल उगाई जाती है। इसमें बृहत पैमाने पर श्रम और पूंजी की आवश्यकता होती है। उत्पाद का प्रसंस्करण खेतों पर ही या निकट के कारखानों में किया जाता है। इस प्रकार, इस कृषि में परिवहन जाल के विकास की अनिवार्यता होती है। रोपण कृषि के मुख्य क्षेत्र विश्व के उष्णकटिबंधीय प्रदेशों में पाए जाते हैं। मलेशिया में रबड़, ब्राजील में कहवा, भारत और श्रीलंका में चाय इसके कुछ उदाहरण है।

(v) सरकार किसानों को कृषि के विकास में किस प्रकार मदद करती है?

उत्तर – सरकार किसानों को कृषि के विकास में निम्नलिखित प्रकार से मदद करती है-

  • जोतों की चकबंदी।
  • सहकारिता एवं जमींनदारी इत्यादि की समाप्ति  करने को प्राथमिकता।
  • भूमि विकास कार्यक्रम की शुरुआत किया गया।
  • बाढ़, सुखाड़, चक्रवात, आग तथा बीमारी के लिए फसल बीमा का प्रावधान किया गया।
  • किसानों को कम दर पर ऋण उपलब्ध कराने हेतु ग्रामीण बैंक, सहकारी समितियाँ और बैंकों की स्थापना किया गया।
  • किसान क्रेडिट कार्ड और व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना  भी शुरू की गई।
  • आकाशवाणी और दूरदर्शन पर किसानों के लिए मौसम की जानकारी के बुलेटिन और कृषि कार्यक्रम प्रसारित किया जाता है।
  • किसानों को बिचौलियों और दलालों के शोषण से बचाने के लिए न्यूनतम सहायता मूल्य और कुछ महत्वपूर्ण फसलों के लाभदायक खरीद मूल्यों की सरकार घोषणा करती है।

2. सही उत्तर को चिन्हित कीजिए-

(i) उद्यान कृषि का अर्थ है-

(क) गेहूँ उगाना

(ख) आदिम कृषि

(ग) फलों या सब्जियों को उगाना

उत्तर- (ग) फलों या सब्जियों को उगाना

(ii) ‘सुनहरा रेशा’ से अभिप्राय है-

(क) चाय

(ख) कपास

(ग) पटसन

उत्तर- (ग) पटसन

(iii) कॉफी का प्रमुख उत्पादक है।

(क) ब्राजील

(ख) भारत

(ग) रूस

उत्तर- (क) ब्राजील

3. कारण बताइए-

(i) भारत में कृषि एक प्राथमिक क्रिया है?

उत्तर – कृषि एक प्राथमिक क्रिया है क्योंकि प्राथमिक क्रियाओं के अंतर्गत उन सभी क्रियाओं को शामिल किया जाता है जिनका संबंध प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से है। कृषि इसके अच्छे उदाहरण है। इसके अंतर्गत फसलों, फलों, सब्जियों, फूलों को उगाना और पशुधन पालन शामिल है।

(ii) विभिन्न फसलें विभिन्न प्रदेशों में उगाई जाती है?

उत्तर – विभिन्न फसलें विभिन्न प्रदेशों में उगाई जाती है क्योंकि कृषि कार्य के लिए अनुकूल स्थलाकृति, मृदा और जलवायु अनिवार्य होती है। इसीलिए कृषि क्रियाकलाप विश्व के उन्हीं प्रदेशों में सकेंद्रित है जहाँ किसी भी फसल उगाने के लिए उपयुक्त कारक विद्यमान है।

4. अंतर स्पष्ट कीजिए?

(i) प्राथमिक क्रियाएँ और तृतीयक क्रियाएँ 

उत्तर- प्राथमिक क्रियाएँ- प्राथमिक क्रियाओं के अंतर्गत उन सभी क्रियाओं को शामिल किया जाता है जिनका संबंध प्राकृतिक संसाधनों के उत्पादन और निष्कर्षण से होता है।कृषि, मत्स्यन और संग्रहण इनके अच्छे उदाहरण है। 

तृतीयक क्रियाएँ- तृतीयक क्रियाएँ प्राथमिक और द्वितीयक क्षेत्र को सेवा कार्यों द्वारा सहयोग प्रदान करती है। यातायात व्यापार बैंकिंग बीमा और विज्ञापन प्रक्रियाओं के उदाहरण है।

(ii) निर्वाह कृषि और गहन कृषि

उत्तर-  निर्वाह कृषि-

          निर्वाह कृषि कृषक परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए की जाती है। पारंपरिक रूप से कम उपज प्राप्त करने के लिए निम्न स्तरीय प्रौद्योगिकी और पारिवारिक श्रम का उपयोग किया जाता है। निर्वाह कृषि को पुनः गहन निर्वाह कृषि और आदिम निर्वाह कृषि में वर्गीकृत किया जा सकता है।

गहन कृषि-

       गहन निर्वाह कृषि में किसान एक छोटे भूखंड पर साधारण औजारों और अधिक श्रम से खेती करता है।अधिक धूप वाले दिनों से युक्त जलवायु और उर्वर मृदा वाले खेत में एक वर्ष में एक से अधिक फसलें उगाई जा सकती है। चावल मुख्य फसल होती है।  इन फसलों में गेहूं, मक्का, दलहन और तेलहन शामिल है। गहन निर्वाह  कृषि दक्षिणी, दक्षिण पूर्वी औ पूर्वी एशिया के सघन जनसंख्या वाले मानसूनी प्रदेशों में प्रचलित है।


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अध्याय-3. खनिज और शक्ति संसाधन / NCERT CLASS 8 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय -3. खनिज और शक्ति संसाधन



खनिज और शक्ति

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- 

(i) प्रतिदिन आप के उपयोग में आने वाले तीन सामान्य खनिजों के नाम बताइए।
उत्तर- प्रतिदिन हमलोगों के आम जीवन मे उपयोग में आने वाले तीन सामान्य खनिजों के नाम- कोयला, नमक और घरेलू गैस।
(ii) अयस्क क्या है ? धात्विक खनिजों के अयस्क समान्यत: कहाँ पाए जाते हैं ?
उत्तर- वैसे चट्टान या शैल जिससे खनिजों का खनन किया जाता है, उसे अयस्क कहा जाता है। जैसे- लौह अयस्क, बॉक्साइट अयस्क इत्यादि।
(iii) प्राकृतिक गैस संसाधनों में संपन्न दो प्रदेशों के नाम बताइए।
उत्तर- भारत में प्राकृतिक गैस संसाधनों में सम्पन्न दो प्रदेश का नाम-  जैसलमेर (राजस्थान),मुंबई, (महाराष्ट्र)। 
             रूस, नार्वे, यू.के. और नीदरलैंड प्राकृतिक गैस के विश्व में प्रमुख उत्पादक देश है।
(iv) निम्न के लिए आप ऊर्जा के किन स्रोतों का सुझाव देंगे-
(क) ग्रामीण क्षेत्रों
उत्तर- बायोगैस
(ख) तटीय क्षेत्रों
उत्तर- ज्वारीय और तरंग ऊर्जा
(ग)  शुष्क क्षेत्रों
उत्तर- पवन और सौर्य ऊर्जा
(v) पांच तरीके दीजिए जिनसे कि आप घर पर ऊर्जा बचा सकते हैं?
उत्तर-  
● बिजली उपकरणों का जरूरत ना होने पर बंद कर देना।
● खाना प्रेशर कुकर में बनाना।
● प्राकृतिक हवा का अधिकतम उपयोग करना।
● एल ई डी बल्ब तथा ट्यूब लाइट का उपयोग करना।
● गैस का जरूरत के अनुसार ही उपयोग करना।
● पकाने के लिए गैस जलाने से पूर्व सब्जी को काट लेना।
2. सही उत्तर को चिन्हित कीजिए-
(i) निम्नलिखित में से कौन-सी एक खनिजों की विशेषता नहीं है?
(क) वे प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा निर्मित होते हैं।
(ख) उनका एक निश्चित रासायनिक संघटन होता है।
(ग) वे असमाप्य होते हैं।
(घ) उनका वितरण असमान होता है।
उत्तर – (ग) वे असमाप्य होते हैं ।
(ii) निन्मलिखित में से कौन-सा अभ्रक का उत्पादक नहीं है?
(क) झारखंड
(ख) राजस्थान
(ग) कर्नाटक
(घ) आन्ध्र प्रदेश
उत्तर –(ख) कर्नाटक
(iii)निम्नलिखितमें से कौन विश्व में तांबे का अग्रणी उत्पादक है?
(क) बोलिविया
(ख) चिली
(ग) घाना
(घ) जिम्बाब्वे
उत्तर – (ख) चिली
(iv) निम्न्न्नलिखित प्रक्रियाओं में से कौन-सी आपके रसोईघर मेें द्रवित petroleum गैस (एल .पी. जी.) को संरक्षित नहीं करेगी –
(क) पकाने से पहले दाल को कुुछ समय के लिए भिगोना।
(ख) प्रेशर कुकर में खाना बनाना
(ग) पकाने के लिए गैस जलाने से पूर्व सब्जी को काट लेना।
(घ) खुली कढ़ाई में कम ज्वाला पर भोजन पकाना।
उत्तर – (घ) खुली कढ़ाई में कम ज्वाला पर भोजन पकाना।
3. कारण बताइए-
(i) बड़े बांधों के निर्माण के पूर्व पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान पूर्वक देखना चाहिए।
उत्तर- बड़े बांधों के निर्माण के पूर्व निम्नलिखित पर्यावरणीय पहलुओं को ध्यान पूर्वक देखना चाहिए।
 ● इससे बहुत बड़ा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है।
● बड़े पैमाने पर पेड़ पौधों को काटा जाता है।
● आसपास के क्षेत्रों में भूकंप, भूस्खलन की समस्या बढ़ जाती है।
(ii) अधिकांश उद्योग कोयला खानों के पास केंद्रित होते हैं?
उत्तर – अधिकांश उद्योग कोयला खानों के पास केंद्रित होते हैं क्योंकि इससे उद्योगों को शक्ति साधन की माँग की पूर्ति होती है तथा यह एक भारी शक्ति संसाधन होने के कारण एक स्थान से दूसरे स्थान पर परिवहन करने में  समय तथा परिवहन लागत अधिक लगेगा।
(iii) पेट्रोलियम को काला सोना कहा जाता है?
उत्तर- पेट्रोलियम और इससे बने उत्पादों को काला सोना कहा जाता है क्योंकि यह बहुत अधिक मूल्यवान है। अपरिष्कृत पेट्रोलियम के प्रक्रमण से विभिन्न तरह के उत्पाद जैसे डीजल, पेट्रोल, मिट्टी का तेल, मोम, प्लास्टिक और स्नेहक तैयार किए जाते हैं।
(iv) आखनन पर्यावरणीय चिंता का विषय हो सकता है।
उत्तर- सतह के निकट स्थित खनिजों को जिस प्रक्रिया द्वारा आसानी से खोदकर निकाला जाता है, उसे आखनन कहते हैं। यह खुले गर्तवाली खनन क्रिया है जिसमें बहुत अधिक मात्रा में धूलकण वायु में फैलती है जिससे पर्यावरण प्रदूषित होता है। इस कारण आखनन पर्यावरणीय चिंता का विषय हो सकता है।
4. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए-
(i) परंपरागत और गैर परंपरागत ऊर्जा के स्रोत
उतर-
परंपरागत ऊर्जा का स्रोत- ऊर्जा के परंपरागत स्रोत वे हैं जो लंबे समय से सामान्य उपयोग में लाए जा रहे हैं और जिसका नवीकरण नहीं किया जा सकता है। जैसे- कोयला और पेट्रोलियम जीवाश्म ईंधन के परंपरागत ऊर्जा के दो मुख्य स्रोत है।
गैर परंपरागत ऊर्जा का स्रोत- ऊर्जा का ऐसे स्रोत जिसका पहले उपयोग नहीं होता था परंतु वर्तमान समय में उसका प्रचलन बढ़ गया है और वह नवीकरणीय है । उसे ऊर्जा का गैर परंपरागत स्रोत कहते हैं। जैसे – सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा इत्यादि ।
 
 
(ii) बायोगैस और प्राकृतिक गैस
उत्तर-
बायोगैस- जैविक अपशिष्ट जैसे मृत पौधे और जंतुओं के अवशेष, पशुओं का गोबर, रसोई के अपशिष्ट को गैसीय ईंधन में बदलना बायोगैस कहलाता है। जैविक अपशिष्ट  बैक्टीरिया द्वारा बायोगैस संयंत्र में अपघटित होते हैं जो कि अनिवार्य रूप में मिथेन और कार्बन डाइऑक्साइड का मिश्रण है। बायोगैस खाना पकाने तथा विद्युत उत्पादन का सर्वोत्तम ईंधन है और इससे प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में जैविक खाद का उत्पादन होता है।
प्राकृतिक गैस- प्राकृतिक गैस पेट्रोलियम निक्षेपों के साथ पाई जाती है और यह तब निकलती है जब अपरिष्कृत तेल को धरातल पर लाया जाता है। इसका प्रयोग घरेलू और वाणिज्यिक रूपों में किया जाता है। रूस, नार्वे, यू.के. और नीदरलैंड प्राकृतिक गैस के प्रमुख उत्पादक देश है।
(iii) लौह और अलौह खनिज
उत्तर- 
लौह खनिज- वैसे खनिज जिसमें लौहा का अंश अधिक होता है उसे  लौह खनिज कहा जाता है । जैसे – लौह अयस्क, मैंगनीज और क्रोमाइट में लोहा होता है।
अलौह खनिज-  वैसे खनिज जिसमें लोहा का अंश नहीं के बराबर होता है, उसे अलौह खनिज कहा जाता है । जैसे- सोना, चांदी, तांबा, सीसा इत्यादि हो सकता है। 
(iv) धात्विक और अधात्विक खनिज
उत्तर-
धात्विक खनिज- वैसे खनिज जिसमें धातु के कच्चे रूप की मात्रा मौजूद होती है, उसे धात्विक खनिज कहा जाता है। धातुएँ कठोर पदार्थ है जो ऊष्मा और विद्युत के सुचालक होती है और इनमें विशेष चमक होती है। जैसे- लौह अयस्क, मेंगनीज, बॉक्साइट इत्यादि।

आधात्विक खनिज- वैसे खनिज जिसमें धातु की मात्रा नहीं होती है, उसे आधात्विक खनिज कहा जाता है। यह ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होते हैं और इसमें विशेष चमक नहीं होती है। जैसे-चूना पत्थर, कोयला, पेट्रोलियम, अभ्रक और जिप्सम यह अधात्विक खनिजों के उदाहण है।


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अध्याय-2. भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन / NCERT CLASS 8 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

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अध्याय-2. भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति और वन्य जीवन संसाधन


 
भूमि
1. निम्न प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(i) मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी दो मुख्य जलवायु कारक कौन-से हैं?
उत्तर- जलवायु, तापमान और वर्षा मृदा निर्माण के लिए उत्तरदायी मुख्य जलवायु कारक है।
(ii) भूमि निम्नीकरण के कोई दो कारण लिखिए।
उत्तर- अतिपशुचारण तथा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग भूमि निम्नीकरण के मुख्य दो कारण है।
(iii) भूमि को महत्वपूर्ण संसाधन क्यों माना जाता है?
उत्तर-  भूमि को महत्वपूर्ण संसाधन माना जाता है क्योंकि भूमि का उपयोग विभिन्न कार्यों के लिए किया जाता है। जैसे कृषि, वानिकी, खनन, सड़कों, आवास और उद्योगों की स्थापना  इत्यादि में। 
(iv) किन्ही दो सोपानों के नाम बताइए जिन्हें सरकार ने पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए आरंभ किया है।
उत्तर- सरकार ने पौधों और प्राणियों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय उद्यान, वन्य जीव अभ्यारण और जैवमंडल निचय जैसे सोपान आरम्भ किया है।
(v) जल संरक्षण के तीन तरीके बताइए।
उत्तर- जल संरक्षण के तीन तरीके निम्नलिखित है-
● जल रिसाव को कम करने के लिए खेतों को सिंचित करने वाली नहरों को ठीक से पक्का करना चाहिए।
● वाष्पीकरण की अधिक दर वाले शुष्क प्रदेशों में सिंचाई के ड्रीप अथवा टक्कन विधि बहुत उपयोगी होती है।
● रिसाव और वाष्पीकरण से होने वाली जल क्षती को रोकने के लिए क्षेत्र की स्प्रिंगकलरों से सिंचाई करना अधिक प्रभावी विधि है।
          इसके अलावे वृक्षारोपण, वर्षा जल संग्रहण भी जल संग्रहण के तरीके है।
2. सही उत्तर को चिन्हित कीजिए-
(i) निम्नलिखित में से कौन-सा कारक मृदा निर्माण का नहीं है?
(क) समय
(ख) मृदा का गठन
(ग) जैव पदार्थ
उत्तर- (ख) मृदा का गठन
(ii) निम्नलिखित में से कौन-सी विधि तीव्र ढालों पर मृदा अपरदन को रोकने के लिए सर्वाधिक उपयुक्तहै?
(क) रक्षक मेखला
(ख) मलचिंग
(ग) वेदिका कृषि
उत्तर- (ग) वेदिका कृषि
(iii) निम्नलिखित में से कौन-सा प्रकृति के संरक्षण के अनुकूल नहीं है?
(क) बल्ब को बंद कर देना चाहिए जब आवश्यकता न हो
(ख) नल को उपयोग के बाद तुरंत बंद कर देना चाहिए।
(ग) खरीददारी के बाद पॉली पैक को नष्ट कर देनाचाहिए।
उत्तर- (ख) नल को उपयोग के बाद तुरंत बंद कर देना चाहिए
3. निम्नलिखित का मिलान कीजिए-
                                उत्तर
(क) भूमि–  (iii) भूमि का उत्पादनकारी उपयोग
(ख) उपयोग ह्यूमन– (iv) ऊपरी मृदा पर निक्षेपित जैव  पदार्थ
(ग) चट्टान बांध – (i) मृदा अपरदन को रोकना
(घ) जैवमंडल – (ii) स्थलमंडल, जलमंडल और वायुमंडल के बीच जुड़ा एक संकरा क्षेत्र 
4. निम्नलिखित कथनों में से सत्य अथवा असत्य बताइए। यदि सत्य है तो उसके कारण लिखिए-
(i) भारत का गंगा, ब्रह्मपुत्र का मैदान अत्यधिक आबाद प्रदेश है।
उत्तर-  सत्य 
कारण 
           भारत का गंगा, ब्रह्मपुत्र का मैदान अत्यधिक आबाद प्रदेश है क्योंकि यह मैदान काफी अधिक समतल एवं उपजाऊ है जिसके कारण यहाँ सघन कृषि कार्य किया जाता है। यहाँ यातायात के साधन, उद्योग-धंधे, नगरों का काफी विकास हुआ है । यहाँ की जलवायु मानव बसाव के लिए भी काफी उपयुक्त है।
(ii) भारत में प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता कम हो रही है।
उत्तर- सत्य
कारण 
          भारत में जनसंख्या वृद्धि के कारण जल का अति दोहन हो रहा है। इसके अलावे भारत में बढ़ती नगरीकरण, औद्योगिकरण, कृषि रसायनों का विसर्जन, पिड़कनाशी के  प्रयोग  से जल काफी प्रदूषित हो रहा है।
(iii) तटीय क्षेत्रों में पवन गति रोकने के लिए वृक्ष कतार में लगाए जाते हैं, जिसे बीच की फसल उगाना कहते हैं।
उत्तर- सत्य 
कारण 
        तटीय क्षेत्रों में पवन गति रोकने के लिए वृक्ष कतार में लगाए जाते हैं ताकि इससे मृदा अपरदन की रोकथाम हो सके।
(iv) मानवीय हस्तक्षेप और जलवायु परिवर्तन पारितंत्र को व्यवस्थित रख सकते हैं?

अध्याय 1 संसाधन / NCERT CLASS 8 Geography Solutions (हिंदी माध्यम)

 NCERT CLASS -8 Geography Solutions

(हिंदी माध्यम) 

अध्याय-1 संसाधन



1 संसाधन

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

(i) पृथ्वी पर संसाधन असमान रूप से क्यों वितरित है?
उत्तर – प्राकृतिक संसाधनों का वितरण भूभाग, जलवायु, ऊंचाई जैसे अनेक भौतिक कारकों पर निर्भर करता है।पृथ्वी पर इन कारकों में भिन्नता होने के कारण संसाधनों का वितरण असमान है।
(ii) संसाधन संरक्षण क्या है?
उत्तर – संसाधनों का सफलतापर्वक उपयोग करना और उन्हें नवीकरण के लिए समय देना ही संसाधन संरक्षण कहलाता है।
(iii) मानव संसाधन महत्वपूर्ण क्यों है?
उत्तर – मानव संसाधन से तात्पर्य लोगों की संख्या और योग्यता (मानसिक तथा शारीरिक) से है । यद्यपि मानव को संसाधन मानने के संदर्भ में लोगों में मतभेद है । इतना होते हुए भी इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता है कि मूलता मनुष्य की कुशलताएँ ही भौतिक पदार्थों को मूल्यवान संसाधन बनाने में सहायता करती है।
(iv) सततपोषणीय विकास क्या है?
उत्तर- संसाधनों का उपयोग करने की आवश्यकता और भविष्य के लिए उनके संरक्षण में संतुलन बनाए रखना ही सततपोषणीय विकास कहलाता है। 
             दूसरे शब्दों में सततपोषणीय विकास से तात्पर्य संसाधनों का सावधानीपूर्वक उपयोग से है ताकि ना केवल वर्तमान पीढ़ी की अपितु भावी पीढ़ियों की भी आवश्यकताएँ पूरी होती रहे।
सतत पोषणीय विकास के कुछ सिद्धांत 
● जीवन के सभी रूपों का आदर और देखभाल।
● मानव जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाना।
● पृथ्वी की जीवन शक्ति और विविधता का संरक्षण करना।
● प्राकृतिक संसाधनों के ह्रास को कम से कम करना।
●पर्यावरण के प्रति व्यक्तिगत व्यवहार और अभ्यास में परिवर्तन।
● समुदायों को अपने पर्यावरण की देखभाल करने योग बनाना।
2. सही उत्तर पर निशान लगाइए-
1. निम्नमलिखित में से कौन संसाधन को निर्धारित नहीं करता?
(क) उपयोगिता
(ख) मूल्य
(ग) मात्रा
उत्तर – (ग) मात्रा
2.निम्नलिखित में से कौन-सा मानव निर्मित संसाधन है ?
(क) कैैंसर उपचार की औषधियाँ
(ख) झरने का जल
(ग) उष्णकटीबंधीय वन
उत्तर – (क) कैैंसर उपचार की औषधियाँ
3. जैव संसाधन…….. होते हैं ।
(क) जीव-जन्तुओं से व्युत्पन्न
(ख) मनुष्यों द्वारा निर्मित
(ग) निर्जीव वस्तुओं से व्युत्पन्न
उत्तर – (क) जीव-जन्तुओं से व्युत्पन्न
3. निम्नलिखित में अंतर स्पष्ट कीजिए-
(i) संभाव्य और वास्तविक संसाधन
उत्तर-  संभाव्य संसाधन-
       वैसे संसाधन जिनकी संपूर्ण मात्रा ज्ञात नहीं हो सकती है और इस समय इनका प्रयोग नहीं किया जा रहा हो उसे संभाव्य संसाधन कहा जाता है। इन संसाधनों का उपयोग भविष्य में किया जा सकता है। इस समय जो हमारा प्रौद्योगिकी का स्तर है वह संभवत इन संसाधनों को आसानी से प्रयोग करने के लिए पर्याप्त रूप से उन्नत नहीं है। जैसे लद्दाख में पाया गया यूरेनियम संभाव्य संसाधन का एक उदाहरण है जिसका उपयोग भविष्य में किया जा सकता है।
वास्तविक संसाधन-
             वैसे संसाधन जिसकी मात्रा ज्ञात होती है उसे वास्तविक संसाधन कहा जाता है। इन संसाधनों का इस समय उपयोग किया जा रहा है। जर्मनी के रूर प्रदेश में कोयले, पश्चिमी एशिया में खनिज तेल, महाराष्ट्र में दक्कन पठार की काली मिट्टी के भरपूर निक्षेप सभी वास्तविक संसाधन है।
(ii) सर्वव्यापक और स्थानिक संसाधन
उत्तर-  सर्वव्यापक संसाधन-
            वैसे संसाधन जो सभी जगह पाए जाते हैं उसे सर्वव्यापक संसाधन कहा जाता है। जैसे वायु जिसमें हम सांस लेते हैं सर्वव्यापक संसाधन है।
स्थानिक संसाधन-

           वैसे संसाधन जो कुछ निश्चित स्थानों पर ही पाए जाते हैं उसे स्थानिक संसाधन कहा जाता है। जैसे तांबा औ लौह अयस्क।


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