इकाई-3. निर्माण उद्योग / बिहार बोर्ड-10 Geography Solutions खण्ड (क)

बिहार बोर्ड वर्ग-10वाँ Geography Solutions

खण्ड (क) इकाई-3. निर्माण उद्योग

निर्माण उद्योग


निर्माण उद्योग

वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर
 1. इनमें से कौन औद्योगिक अवस्थिति का कारक नहीं है?
(a) बाजार
(b) जनसंख्या
(c) पूंजी
(d) ऊर्जा
उत्तर- (b) जनसंख्या
 2. भारत में सबसे पहले स्थापित लौह इस्पात कंपनी निम्नांकित में से कौन है?
(a) भारतीय लौह और इस्पात कंपनी (IISCO)
(b) टाटा लौह इस्पात कंपनी (TISCO)
(c) बोकारो स्टील सिटी
(d) विश्वेश्वरैया लौह और इस्पात उद्योग
उत्तर- (b) टाटा लौह इस्पात कंपनी (TISCO)
 3. पहली आधुनिक सूती निम्न मिल मुम्बई में स्थापित की गई थी, क्योंकि
(a) मुम्बई एक पत्तन है।
(b) यह कपास उतपादक क्षेत्र के निकट स्थित है।
(c) मुम्बई में पूंजी उपलब्ध थी।
(d) उपर्युक्त सभी
उत्तर- (d) उपर्युक्त सभी
 4. निम्नांकित में से कौन उद्योग कृषि पर आधारित नहीं है?
(a) सूतीवस्त्र
(b) सीमेंट
(c) चीनी
(d) जूट
उत्तर- (b) सीमेंट
 5. हुगली औद्योगिक प्रदेश का केन्द्र है?
(a) कोलकता-रिसड़ा
(b) कोलकाता-कोन्नागरि
(c) कोलकाता-मोदिनीपुर
(d) कोलकाता-हावड़ा
उत्तर- (d) कोलकाता-हावड़ा
 6. निम्नलिखित में से कौन उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत आता है?
(a) जे०के ० सीमेंट उद्योग
(b) टाटा लौह एवं इस्पात
(c) बोकारो लौह इस्पात उद्योग
(d) रेमण्ड कृत्रिम वस्त्र उद्योग
उत्तर- (c) बोकारो लौह इस्पात उद्योग
 7. इनमें से कौन उपभोक्ता उद्योग है?
(a) पेट्रो – रसायन
(b) लौह-इस्पात
(c) चीनी उद्योग
(d) चितरंजन लोकोमोटिव
उत्तर- (c) चीनी उद्योग
 8. निम्नलिखित में से कौन छोटे पैमाने का उद्योग है?
(a) चीनी उद्योग
(b) कागज उद्योग
(c) खिलौना उद्योग
(d) विद्युत उपकरण उद्योग
उत्तर- (c) खिलौना उद्योग
9. भोपाल त्रासदी में किस गैस का रिसाव हुआ था?
(a) कार्बन डाइऑक्साइड
(b) कार्बन मोनोऑक्साइड
(c) मिथाई आइसोसाइनाइट
(d) सल्फर डाईऑक्साइड
उत्तर- (c) मिथाई आईसोसाइनाइट
लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1. विनिर्माण से आप क्या समझते हैं?
उत्तर- कच्चे मालों द्वारा जीवनोपयोगी वस्तुएं तैयार करना विनिर्माण उद्योग कहलाता है। वर्तमान समय में यह किसी भी राष्ट्र के विकास एवं सम्पन्नता का सूचक है। जैसे – कपास से कपड़ा, गन्ने से चीनी, लौह-अयस्क से लोहा एवं इस्पात, बॉक्साइट से एल्युमिनियम आदि का निर्माण होता है।
प्रश्न 2. सार्वजनिक और निजी उद्योग में अंतर स्पष्ट करें?
उत्तर- सार्वजनिक उद्योग- वैसे उद्योग जिनका संचालन सरकार स्वयं करती है, सार्वजनिक उद्योग कहलाता है। इसमें भारी तथा आधारभूत उद्योग सम्मिलित है। जैसे- दुर्गापुर, भिलाई, राउरकेला लोहा इस्पात केन्द्र।
निजी उद्योग- वैसे उद्योग जिनका स्वामित्व किसी एक व्यक्ति या संस्था के पास होता है निजी उद्योग कहलाता है। जैसे-टाटा आयरन एण्ड स्टील कंपनी।
प्रश्न 3. उद्योगों के स्थानीयकरण के तीन कारकों को लिखिए।
उत्तर- उद्योगों के स्थानीयकरण के तीन कारक निम्नलिखित हैं:-
  (i) कच्चा माल
 (ii) अनुकूल जलवायु
 (iii) मानवीय संसाधन।
प्रश्न 4. कृषि आधारित उद्योग और खनिज आधारित उद्योग के अंतर को स्पष्ट करें।
उत्तर- कृषि आधारित उद्योग-  ऐसे उद्योग जिसके लिए कच्चा माल कृषि से प्राप्त होता है। उसे कृषि आधारित उद्योग कहते है। जैसे- सुतीवस्त्र उद्योग, रेशमी और ऊनी वस्त्र उद्योग, चीनी उद्योग, चाय उद्योग, कहवा उद्योग, जूट उद्योग।
खनिज आधारित उद्योग– ऐसे उद्योग जो अपने कच्चे माल के लिए खनिजों पर निर्भर है, उसे खनिज आधारित उद्योग कहते हैं। लोहा एवं इस्पात, सीमेंट तथा रसायन उद्योग।
प्रश्न 5. स्वामित्व के आधार पर उद्योगों को उदाहरण सहित वर्गीकृत कीजिए।
उत्तर- (i) सार्वजनिक उद्योग- वैसे उद्योग जिनका संचालन सरकार स्वयं करती है, सार्वजनिक उद्योग कहलाता है। इसमें भारी तथा आधारभूत उद्योग सम्मिलित है । जैसे- दुर्गापुर, भिलाई, राउरकेला लोहा इस्पात केन्द्र।
(ii) संयुक्त अथवा सहकारी उद्योग- जब उद्योगों में दो या दो से अधिक व्यक्तियों या सहकारी समितियों का योगदान हो तो उसे संयुक्त अथवा सहकारी उद्योग कहा जाता है। जैसे आइल इंडिया लिमिटेड, महाराष्ट्र के चीनी उद्योग,अमूल्य(गुजरात) इसके उत्तम उदाहरण है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1.उदारीकरण, निजीकरण और वश्वीकरण से आप क्या समझते हैं? वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा है? इसकी व्याख्या करें?
उत्तर- उदारीकरण- उद्योग तथा व्यापार को लालफीता शाही के अनावश्यक प्रतिबंधों से मुक्त करके अधिक प्रतियोगी बनाना उदारीकरण कहा जाता है।
निजीकरण- निजीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें उद्योगों का स्वामित्व किसी एक व्यक्ति या संस्था के पास होता है निजीकरण कहलाता है। इसके परिणामस्वरूप अर्थव्यवस्था पर सरकारी एकाधिकार कम या समाप्त हो जाता है।
वैश्वीकरण- वैश्वीकरण का अर्थ है देश की अर्थव्यवस्था को विश्व की अर्थव्यवस्था के साथ जोड़ना, अर्थात् प्रत्येक देश का अन्य देशों के साथ बिना किसी प्रतिबंध के पूँजी, तकनीकी एवं व्यापारिक आदान-प्रदान ही वैश्वीकरण है।
वैश्वीकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव   
            भारत सरकार की नवीन आर्थिक नीतियाँ वैश्वीकरण को परिभाषित करने में लगी हुई हैं। हमारा उद्देश्य भारतीय अर्थव्यवस्था का विश्व की अन्य अर्थव्यवस्थाओं के साथ सामंजस्य स्थापित करना है।
             इसके अन्तर्गत सभी वस्तुओं के आयात में खुली छूट, सीमा शुल्क में कमी, विदेशी पूँजी की मुक्त प्रवाह की अनुमति, सेवा क्षेत्र विशेषकर बैंकिंग, बीमा और जहाज रानी क्षेत्रों में विदेशी पूंजी निवेश की छूट और रुपयों को पूर्ण परिवर्तनशील करना है। इन उद्देश्यों की पूर्ति हेतु भारतीय अर्थव्यवस्था का तेजी से वैश्वीकरण हो रहा है। परिणामस्वरूप कई क्षेत्रों में उत्साहवर्द्धक उपलब्धियाँ प्राप्त हुई हैं। विदेशी मुद्रा का भण्डार काफी बढ़ गया है, किन्तु हाल ही में निर्यात और कृषि दरों में गतिरोध उत्पन्न हुआ है। विश्वव्यापी मंदी के बावजूद चीन की छोड़कर अन्य विकासशील देशों की तुलना में भारत में सकल घरेलू उत्पाद की दर अधिक है। किन्तु सामाजिक क्षेत्रों की प्रगति संतोषजनक नहीं है। रोजगार सृजन के अवसर कम हुए हैं। गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम प्रभावित हुआ है। अनाज का विपुल भंडार रहते हुए भी भारी संख्या में भारतवासी कुपोषण के शिकार हैं। इसका मुख्य कारण उनमें क्रयशक्ति की कमी है।
              वैश्वीकरण स स्वदेशी उद्योगों विशेषकर कुटीर एवं लघु उद्योगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह बात स्पष्ट रूप से कही जा सकती है कि वैश्वीकरण से हमारी अर्थव्यवस्था पर और औद्योगिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
प्रश्न 2.भारत में सूचना एवं प्रौद्योगिकी उद्योग का विवरण दीजिए।
उत्तर- इस उद्योग को ज्ञान आधारित उद्योग भी कहते हैं क्योंकि इसमें उत्पादन के लिए विशिष्ट नए ज्ञान, उच्च प्रौद्योगिकी और निरंतर शोध और अनुसंधान की आवश्यकता रहती है।
                         यह वह उद्योग है जो मुख्यतः सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित है। इसने देश के आर्थिक ढाँचे तथा लोगों की जीवनशैली में बहुत क्रांति ला दी है। इस उद्योग के अन्तर्गत आनेवाले उत्पादों में ट्रांजिस्टर से लेकर टी. वी., टेलीफोन, पेपर, राडार, सेल्यूलर टेलीकॉम, लेजर, जैव प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष उपकरण, कम्प्यूटर की यंत्र सामग्री (हार्डवेयर) तथा प्रक्रिया सामग्री (सॉफ्टवेयर) इत्यादि हैं। इन्हें उच्च प्रौद्योगिकी भी कहते हैं।
                           इनके प्रमुख उत्पादक केन्द्र बंगलूर, मुम्बई, दिल्ली, हैदराबाद, पूणे, चेन्नई, कोलकता, कानपुर तथा लखनऊ हैं। इसके अतिरिक्त 20 सॉफ्टवेयर प्रौद्योगिकी पार्क हैं जो सॉफ्टवेयर विशेषज्ञों को एकल विंडो सेवा तथा उच्च ऑकड़े संचार सुविधा प्रदान करते हैं। इसका प्रमुख महत्व रोजगार उपलब्ध कराना है। पिछले दो या तीन वर्षों से यह उद्योग विदेशी मुद्रा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। जिसका कारण तेजी से बढ़ता व्यवसाय प्रक्रिया बाह्यस्रोतीकरण है। इससे जुड़ी अर्थव्यवस्था को ज्ञान अर्थव्यवस्था भी कहा जाता है।
प्रश्न 3.भारत में सूतीवस्त्र उद्योग के वितरण का वर्णन करें।
उत्तर- सूतीवस्त्र बनाने में भारत का एकाधिकार बहुत प्राचीन काल से चला आ रहा है। परन्तु पहली आधुनिक सूती मिल की स्थापना सन् 1818 ई. में कोलकता के निकट फोर्ट ग्लास्टर नामक स्थान पर की गयी जो कुछ समय बाद बंद हो गई और पहली सफल मिल मुम्बई में सन् 1854 ई. में काबस जी नानाभाई डाबर ने लगाई के साथ ही भारत में आधुनिक वस्त्र उद्योग का विकास होने लगा । वर्तमान में यह भारत का सबसे विशाल उद्योग है जो कृषि के बाद दूसरा बड़ा रोजगार प्रदान करता है।
वितरण :-
                देश के अधिकांश सूती वस्त्र मिलें महारष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडू, उत्तर प्रदेश, पंजाब में मिलता है।

महाराष्ट्र- यह भारत का सबसे बड़ा सूती वस्त्र तैयार करने वाला राज्य है। यहाँ के मुख्य केन्द्र मुम्बई, शोलापुर, पूणे, वर्धा, नागपुर, औरंगाबाद और जलगाँव हैं।

गुजरात- इसके प्रमुख केन्द्र अहमदाबाद, बड़ौदा, सूरत, भड़ोंच, पोरबंदर, भावनगर एवं नादियार हैं।

पश्चिम बंगाल- इसके मुख्य केन्द्र आवड़ा, मुर्शिदाबाद, हुगली और श्रीरामपुर हैं।

उत्तर प्रदेश- इसके मुख्य केन्द्र मानपुर, मुरादाबाद, आगरा और मोदीनगर हैं।

मध्य प्रदेश- ग्वालियर, उज्जैन, इंदौर और देवास इसके प्रमुख केन्द्र हैं।

तमिलनाडु- सूती कपड़ों की सर्वाधिक मिलें है। प्रमुख केंद्र  कोयम्बटूर, चेन्नई, मुदैर, तिरुनबेली इत्यादि है।


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Geography Solutions कृषि / बिहार बोर्ड-10 खण्ड (क) इकाई-2.

बिहार बोर्ड वर्ग-10वाँ खण्ड (क) इकाई-2. Geography Solutions कृषिGeography Solutions कृषि


Geography Solutions कृषि

1. निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दें:
 
प्रश्न (क) भारत के दो सबसे महत्वपूर्ण अनाजों के नाम बताओ।

उत्तर- धान और गेहूँ।

प्रश्न (ख) भारत में कौन से तीन प्रमुख मोटे अनाज उगाए जाते हैं?
उत्तर- ज्वार, बाजरा तथा रागी।

प्रश्न  (ग) भारत की तीन नकदी फसलों के नाम बताओ।

उत्तर- भारत की तीन नकदी फसल- गन्ना, कपास एवं तम्बाकू  है।

 प्रश्न (घ)  हमारे देश की सबसे प्रमुख रोपण फसल कौन-सी है?

उत्तर- हमारे देश की सबसे प्रमुख रोपण फसल चाय, कॉफी, रबड़, गन्ना, एवं केला है।

2. अंतर बताओ:

प्रश्न  (क)  नकदी फसल और रोपण फसल।

उत्तर- नकदी फसल- वैसे फसल जिसके उत्पादन को सीधे बाजार में बेचकर नकद पैसा प्राप्त किया जा सकता है, नकदी फसल कहलाता है। जैसे-गन्ना,कपास, केला, तंबाकू इत्यादि। 
रोपण फसल– वैसे फसल जिसे एक बार लगाकर कई वर्षों तक उत्पादन प्राप्त किया जाता है, रोपण कृषि कहलाता है। जैसे–चाय, कॉफी, रबड़, गन्ना, केला इत्यादि।

प्रश्न (ख) व्यापारिक कृषि और निर्वाहक कृषि।

उत्तर– व्यापारिक कृषि- वैसी कृषि जिसे मुख्या रूप सेे व्यापारिक उद्देश्य के लिए किया जाता हो, व्यापारिक कृषि कहलाता है। जैसे-चाय, कॉफी, रबर इत्यादि।
 
 निर्वाहक कृषि- वैसे कृषि जिसका मुख्य उद्देश्य जीवन का निर्वहन करना होता है, निर्वाहक कृषि कहलाती है जैसे-धान, गेहूँ।
 
3. निम्नलिखित में से प्रत्येक के लिए एक शब्द लिखो :
 
प्रश्न (क) हमारे देश में मानसून के आरंभ में बोई जाने वाली और शरद ऋतु में काटी जाने वाली फसल।
उत्तर- खरीफ फसल
 
प्रश्न (ख) वर्षा के पश्चात जाड़े में बोई जाने वाली और वसंत में काटी जाने वाली फसलें।
उत्तर- रबी फसल
 
प्रश्न (ग) भूमि जिसे खेती करके छोड़ दिया गया है ताकि उर्वरता लौट सके और उस पर पुनः खेती हो सके।
उत्तर- चालू परती भूमि।

प्रश्न (घ) कारखाने के उत्पादन से मिलती-जुलती वैज्ञानिक तथा व्यापारिक ढंग से की जाने वाली एक फसली खेती।

उत्तर-चाय
 
लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर : 
प्रश्न 1. भारत में उपजने वाली दो खाद्य; नकदी एवं रेशेवाली फसलों का नाम लिखो।
उत्तर- भारत मे उपजने वाली
 दो खाद्य फसल- धान, गेहूँ। 
 दो नकदी फसल- गन्ना, तम्बाकू। 
 दो रेशेवाली फसल- कपास, जूट।

प्रश्न 2. उपर्युक्त फसलों के उत्पादन करने वाले दो प्रमुख राज्यों का नाम लिखो।

उत्तर-  निम्नलिखित फसल उत्पादन करने वाले दो प्रमुख राज्य-
धान- पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश।
गेहूँ – पंजाब, उत्तर प्रदेश। 
गन्ना- उ. प्र., महाराष्ट्र।
तम्बाकू- आंध्र प्रदेश, तेलंगाना
कपास—महाराष्ट्र, गुजरात
जूट- पश्चिम बंगाल, असम।
प्रश्न 3. भारत में उपजाई जाने वाली वर्षाधीन फसलों के नाम लिखो।
उत्तर- भारत में उपजाई जाने वाली वर्षाधीन फसल- धान, गेहूँ, जूट, ज्वार इत्यादि। 
प्रश्न 4. शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद में कृषि के योगदान की चर्चा कीजिए।
उत्तर –भारत मे कृषि को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। आज भी देश के लगभग 63 प्रतिशत लोग रोजगार और आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर है। अनेकों भारतीय कृषि उत्पाद विदेशों को नियत किया जाता है जिससे देश को विदेशी मुद्रा प्राप्त होता है । गरम मसाले, चाय, रुई आदि ऐसे ही कृषि उत्पाद है।
          अनेकों कृषि उत्पाद से भारतीय उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति की जाती है । जैसे- कच्ची रुई(सूती वस्त्र उद्योग का), गन्ना(चीनी उद्योग का), चाय की पत्तियाँ(चाय उद्योग का), जड़ी-बूटियाँ(औषधि-निर्माण उद्योग का) कच्चा जूट(जूट उद्योग का)। इन सभी उद्योगों के विकास से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है।
              परन्तु दुर्भाग्य की बात यह है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से आज तक सकल घरेलू उत्पाद में कृषि का योगदान लगातार घट रहा है । जो एक गंभीर चिन्ता का विषय है। कृषि में गिरावट समाज के अन्य क्षेत्रों में गिरावट लाएगा तथा यह क्षेत्रीय विषमता को बढ़ावा देगा। 
प्रश्न 5. भारतीय कृषि की निम्न उत्पादकता के कारणों को संक्षेप में लिखिए।
उत्तर–
कृषि

प्रश्न 6. हरित क्रांति से आप क्या समझते है?

उत्तर- भारत में 1967-68 में पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कृषि उत्पादन में हुए क्रांतिकारी परिवर्तन को हरित क्रांति कहा जाता है। भारत में इसके जन्मदाता महान कृषि वैज्ञानिक एम. एस. स्वामीनाथन थे। इसमें मुख्यतः नए बीजों, खादों, और उर्वरकों का प्रयोग तथा सुनिश्चित जलापूर्ति की व्यवस्था के फलस्वरूप कुछ अनाजों की उपज में अधिक वृद्धि हुई।

प्रश्न 7. भारतीय कृषि के (5)पाँच प्रमुख विशेषताओं को लिखिए।

उत्तर– भारतीय कृषि के (5) पाँच प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखिति है-
 (i) यह देश के आर्थिक जीवन का प्राण है।
(ii) यहाँ की विशाल जनसंख्या के लिए भोजन कृषि से ही प्राप्त होता है।
(iii) जलवायु मिट्टी एवं धरातल की विविधता के कारण भारत में फसलों की विविधता भी पायी जाती है।
(iv) राष्ट्रीय आय में भारतीय कृषि का मुख्य योगदान है।
(v) इससे अनेकों कृषि जन्य उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति होते है।
प्रश्न 8. भारत में उपजाए जानेवाले प्रमुख खाद्य एवं व्यावसायिक फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर– भारत में उपजाए जानेवाले प्रमुख खाद्य फसल- धान, गेहूँ एवं व्यावसायिक फसल- गन्ना, कपास, तम्बाकू है।
 कारण बताओ:
 प्रश्न 1. कपास की खेती दक्कन प्रदेश की काली मिट्टी में अधिकांशतः होती है।
उत्तर- कपास की खेती दक्कन प्रदेश की काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में अधिक की जाती है क्योंकि काली मिट्टी में अधिक समय तक नमी को धारण करने की क्षमता होती है जो  कपास की फसल के लिए बहुत जरूरी है। यही कारण है कि कपास की खेती दक्कन प्रदेश की काली मिट्टी में अधिकांशतः होती है। 
प्रश्न 2. गन्ने की उपज उत्तरी भारत की अपेक्षा दक्षिण भारत में अधिक है।
उत्तर- दक्षिण भारत में गन्ने के उत्पादन के लिए उत्तर भारत से अधिक अनुकूल परिस्थितियाँ उपलब्ध हैं। साथ ही दक्षिण भारत में उत्पन्न गन्ने का रस अधिक मीठा होता है जबकि उत्तर  भारत में इसकी मिठास कम होती है। यही कारण है कि गन्ने की उपज उत्तरी भारत की अपेक्षा दक्षिण भारत में अधिक है। 
प्रश्न 3. भारत कपास का आयात एवं निर्यात दोनों करता है।
उत्तर- भारत में उत्पादित कपास छोटे रेशेवाली होती है जिसकी गुणवत्ता भी कम होती है अतः ऐसे कपास को कम कीमत पर निर्यात कर उच्च गुणवत्ता एवं लम्बे रेशेवाली कपास का भारत आयात करता है। इसी कारण से भारत कपास का आयात एवं निर्यात दोनों करता है। 
प्रश्न 4. भारत विश्व का एक अग्रणी चाय निर्यातक देश है।
उत्तर- भारत चाय उत्पादन में विश्व का दूसरा बड़ा देश है। यह अपने कुल उत्पादन का 75% भाग निर्यात कर देता है। भारत से लगभग 20 देशों में चाय का निर्यात होता है। भारतीय चाय की गुणवत्ता अच्छी होती है जिसकी माँग विदेशों में अधिक है। यही कारण है कि भारत विश्व का एक अग्रणी चाय निर्यातक देश बन गया है। इसका मुख्य आयातक देश ग्रेट ब्रिटेन है।

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(ड़) शक्ति (ऊर्जा) संसाधन / बिहार बोर्ड-10 Geography Solutions खण्ड (क) इकाई 1

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खण्ड (क) इकाई 1 (ड़) शक्ति (ऊर्जा) संसाधन

शक्ति


(ड़) शक्ति (ऊर्जा) संसाधन

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोतर 
1. किस राज्य में खनिज तेल का विशाल भंडार है?
(a) असम
(b) राजस्थान
(c) बिहार
(d) तमिलनाडु
उत्तर- (a) असम
2. भारत के किस स्थान पर पहला परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थापित किया गया था?
(a) कलपक्कम
(b) नरौरा
(c) राणाप्रताप सागर
(d) तारापुर
उत्तर- (d) तारापुर 
3. कौन सा ऊर्जा स्रोत अनवीकरणीय है?
(a) जल
(b) सौर
(c) कोयला
(d) पवन
उत्तर- (c) कोयला
4. प्राथमिक ऊर्जा का उदाहरण नहीं है?
(a) कोयला
(b) विद्युत
(c) पेट्रोलियम
(d) प्राकृतिक गैस
उत्तर- (b) विद्युत
5. ऊर्जा का गैर-पारम्परिक स्रोत है।
(a) कोयला
(b) विद्युत
(c) पेट्रोलियम
(d) सौर-ऊर्जा
उत्तर- (d) सौर-ऊर्जा
6. गोंडवाना समूह के कोयले का निर्माण हुआ था।
(a) 20 करोड़ वर्ष पूर्व
(b) 20 लाख वर्ष पूर्व
(c) 20 हजार वर्ष पूर्व
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (a) 20 करोड़ वर्ष पूर्व 
7. भारत में कोयले का सर्वप्रमुख उतपादक राज्य है:
(a) पश्चिम बंगाल
(b) झारखण्ड
(c) उड़ीसा
(d) छत्तीसगढ़
उत्तर- (b) झारखण्ड
8. सर्वोत्तम कोयले का प्रकार कौन-सा है?
(a) एंथ्रासाइट
(b) पीट
(c) लिग्नाइट
(d) बिटुमिनस
उत्तर- (a) एंथ्रासाइट
9. मुम्बई हाई क्यों प्रसिद्ध है?
(a) कोयले के निर्यात हेतु
(b) तेल शोधक कारखाना हेतु
(c) खनिज तेल हेतु
(d) परमाणु शक्ति हेतु
उत्तर- (c) खनिज तेल हेतु
10. भारत का प्रथम तेल शोधक कारखाना कहाँ स्थित है?
(a) मधुरा
(b) बरौनी
(c) डिगबोई
(d) गुवाहाटी
उत्तर- (c) डिगबोई
11. प्राकृतिक गैस किस खनिज के साथ पाया जाता है?
(a) यूरेनियम
(b) पेट्रोलियम
(c) चुना पत्थर
(d) कोयला
उत्तर- (b) पेट्रोलियम
12. भाखड़ा नंगल परियोजना किस नदी पर अवस्थित है?
(a) नर्मदा
(b) झेलम
(c) सतलज
(d) व्यास
उत्तर- (c) सतलज
13. दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना है?
(a) तुंगभद्रा
(b) शारावती
(c) चंबल
(d) हीराकुण्ड
उत्तर- (a) तुंगभद्रा 
14. ताप विद्युतकेंद्र का उदाहरण है?
(a) गया
(b) बरौनी
(c) समस्तीपुर
(d) कटिहार
उत्तर- (d) बरौनी
15. यूरेनियम का प्रमुख उतपादक स्थल है:
(a) डिगबोई
(b) झरिया
(c) घाटशिला
(d) जादूगोड़ा
उत्तर- (d) जादूगोड़ा
16. एशिया सबसे बड़ा परमाणु विद्युत गृह है:
(a) तारापुर
(b) कलपक्कम
(c) नरौरा
(d) कैगा
उत्तर- (a) तारापुर
17. भारत के किस राज्य में सौर-ऊर्जा के विकास की सर्वाधिक संभावनाएं हैं?
(a) असम
(b) अरुणाचल प्रदेश
(c) राजस्थान
(d) मेघालय
उत्तर – (c) राजस्थान
18. ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा उत्पादन हेतु भारत के सर्वाधिक अनुकूल परिस्थितियां कहाँ पायी जाती है?
(a) मन्नार की खाड़ी में
(b) खम्भात की खाड़ी में
(c) गंगा नदी में
(d) कोसी नदी में
उत्तर- (b) खम्भात की खाड़ी में
लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1.पारम्परिक एवं गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोतों के तीन-तीन उदाहरण लिखिए।
उत्तर- पारम्परिक ऊर्जा स्रोत – कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, लकड़ी इत्यादि।
गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोत– बायो गैस, सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा।
प्रश्न 2. गोण्डवाना समूह के कोयला क्षेत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर- गोण्डवाना समूह के कोयला क्षेत्र- 
(i) दामोदर घाटी
(ii) सोन घाटी
(iii) महानदी घाटी
(iv) वर्धा-गोदावरी घाटी।
प्रश्न 3. झारखण्ड राज्य के मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्रों के नाम अंकित कीजिए।
उत्तर-   झारखण्ड राज्य के मुख्य कोयला उत्पादक क्षेत्रों के नामझरिया, बोकारो, गिरीडीह, कर्णपुरा, रामगढ़।
 प्रश्न 4. कोयले के विभिन्न प्रकारों के नाम लिखिए।
उत्तर-   कोयले के विभिन्न प्रकारों के नाम-
(i) ऐंथासाइट
(ii) बिटुमिनस
(iii) लिग्नाइट
(iv) पीट।
प्रश्न 5. पेट्रोलियम से किन-किन वस्तुओं का निर्माण होता है?
उत्तर-  पेट्रोलियम से  गैसोलीन, डीजल, किरासन, तेल, स्नेहक, कीटनाशक दवाएँ, पेट्रोल, साबुन, कृत्रिम रेशा, प्लास्टिक इत्यादि वस्तुओं का निर्माण होता है।
 प्रश्न 6. सागर सम्राट क्या है?
उत्तर- यह मुम्बई तट से 176 किलोमीटर दूर स्थित एक जलयान है जो पानी के भीतर तेल के कुएँ खोदने का कार्य करता है।
 प्रश्न 7. किन्हीं चार तेल शोधक कारखाने का स्थान निर्दिष्ट कीजिए।
उत्तर- असम का डिग्बोई, मुम्बई का तारापुर, बिहार का बरौनी, उत्तर प्रदेश का मथुरा। 
प्रश्न 8. जल विद्युत उत्पादन के कौर-कौन से मुख्य कारक हैं?
उत्तर- जल विद्युत उत्पादन के निम्नलिखित कारण है:- 
   भौतिक दशाएँ –  
  •  सदावाहिनी नदी में प्रचुर जल की राशि
  • नदी मार्ग में ढाल
  • जल का तीव्र वेग
  • प्राकृतिक जल-प्रपात का होना
      आर्थिक दशाएँ-
  • सघन औद्योगिक, 
  • वाणिज्यिक विकास एवं आबाद क्षेत्रों जैसे बाजार
  • पर्याप्त पूँजी निवेश
  • परिवहन  के साधन
  • प्रौद्योगिकी ज्ञान
  • ऊर्जा के अन्य स्रोतों का अभाव।
प्रश्न 9. नदी घाटी परियोजनाओं को बहुउद्देश्यीय क्यों कहा जाता है?
उत्तर- क्योंकि नदी घाटी परियोजनाओं से एक साथ कई उद्देश्यों की पूर्ति होती है, जैसे-
  • सिंचाई के साथ पनबिजली उत्पन्न करना।
  • बाढ़ का नियंत्रण।
  • मृदा अपरदन का नियंत्रण।
  • मत्स्य पालन।
  • पर्यटक स्थल का विकास।
  •  यातायात की सुविधा का विकास।
प्रश्न 10. निम्नलिखित नदी घाटी परियोजनाएँ किन-किन राज्यों में अवस्थित है- हीराकुण्ड, तुंगभद्रा, रिहन्द।
उत्तर-
हीराकुण्ड– उड़ीसा में
तुंगभद्रा– आंध्रप्रदेश में
रिहन्द– उत्तर प्रदेश में 
प्रश्न 11. ताप शक्ति क्यों समाप्य संसाधन है?
उत्तर- ताप शक्ति संयंत्रों में तापीय विद्युत का उत्पादन करने के लिए कोयला, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस का उपयोग होता है। ये सभी जीवाश्म का भंडार सीमित है जो समाप्त हो जायेंग। इसीलिए इसे समाप्य संसाधन कहा जाता है।
 
प्रश्न 12. परमाणु शक्ति किन-किन खनिजों से प्राप्त होता है?
उत्तर- परमाणु शक्ति इल्मेनाइट, बैैनेडियम, एंटीमनी, ग्रेफाइट, यूरेनियम, मोनाजाइट इत्यादि खनिजों से प्राप्त होता है।
 
प्रश्न 13. मोनाजाइट भारत में कहाँ-कहाँ उपलब्ध है?
उत्तर- भारत में मोनाजाइट केरल राज्यों में प्रचुरता से पाया जाता है। इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा इत्यादि के तटीय क्षेत्रों में यह उपलब्ध है।
 
प्रश्न 14. सौर ऊर्जा का उत्पादन कैसे होता है ?
उत्तर- जब फोटोवोल्टाइक सेलों में विपाश्ति सूर्य की किरणों को ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है तो सौर ऊर्जा का उत्पादन होता है।
प्रश्न 15. भारत के किन-किन क्षेत्रों में पवन ऊर्जा के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ हैं ?
उत्तर-  भारत में पवन ऊर्जा के लिए राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र तथा कर्नाटक में अनुकूल परिस्थितियाँ विद्यमान हैं।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1. शक्ति संसाधनों का वर्गीकरण विभिन्न आधारों के अनुसार सोदाहरण स्पष्ट कीजिए?
उत्तर – शक्ति संसाधनों का वर्गीकरण विभिन्न आधारों के अनुसार निम्नलिखित हैं:-
A. उपयोग स्तर के आधार पर शक्ति के दो प्रकार है-
(i) सतत शक्ति – सौर किरणें, भूमिगत ऊष्मा, पवन, प्रवाहित जल इत्यादि।
(ii) समापनीय शक्ति – कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस इत्यादि।

B. उपयोगिता के आधार पर ऊर्जा को दो भागों में विभाजित किया जाता है 

(i) प्राथमिक ऊर्जा – कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस एवं रेडियोधर्मी खनिज।
(ii) गौण ऊर्जा- विद्युत, क्योंकि यह प्राथमिक ऊर्जा से प्राप्त किया जाता है ।

C. स्रोत की स्थिति के आधार पर शक्ति को दो भागों में बाँटा जाता है-

(i) क्षयशील शक्ति संसाधन- कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस तथा आण्विक खनिज।
(ii) अक्षयशील शक्ति संसाधन- प्रवाही जल, पवन, लहरें, सौर शक्ति इत्यादि।
D. संरचनात्मक गुणों के आधार पर ऊर्जा के दो स्रोत है-
(i) जैविक ऊर्जा स्रोत- मानव एवं अन्य प्राणी।
(ii) अजैविके ऊर्जा स्रोत- जल शक्ति, पवन शक्ति, सौर शक्ति तथा ईंधन शक्ति।

E. समय के आधार पर शक्ति संसाधन दो प्रकार होते है-

(i) पारम्परिक शक्ति संसाधन- कोयला, पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैसा
(ii) गैर-पारम्परिक शक्ति संसाधन- सूर्य, पवन, ज्वार, परमाणु ऊर्जा, गर्म झरने इत्यादि।
 
प्रश्न 2. भारत में पारम्परिक शक्ति के विभिन्न स्रोतों का विवरण प्रस्तुत कीजिये?
उत्तर- पारम्परिक शक्ति स्रोत के अन्तर्गत कोयला, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस जैसे खनिज ईंधन सम्मिलित हैं।
(i) कोयला- यह शक्ति और ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्रोत है। जनवरी 2008 तक भारत में 1200 मीटर की गहराई तक पाये जाने वाले कोयले का कुल अनुमानित भण्डार 26454 करोड़ टन आँका गया था। भारत में 96 प्रतिशत गोंडवाना समूह का और 4 प्रतिशत टर्शियरी समूह का कोयला पाया जाता है।
(ii) पेट्रोलियम- यह शक्ति के समस्त साधनों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण एवं व्यापक रूप से उपयोगी संसाध है। आधुनिक युग में कोई भी राष्ट्र इसके बिना अपने अस्तित्व को कायम नहीं रख सकता है। यह शक्ति स्रोत के साथ-साथ अनेक उद्योग का कच्चा माल भी है। जैसे- गैसोलीन, डीजल, किरासन तेल, स्नेहक, कीटनाशक दवाएँ, पेट्रोल, साबुन, कृत्रिम रेशा, प्लास्टिक इत्यादि बनाये जाते हैं। भारत विश्व का मात्र एक प्रतिशत पेट्रोलियम पैदा करता है। भारत प्रथम बार 1866 में ऊपरी असम घाटी में तेल के कुएँ खोदे गये।1959 में खम्भात के तेल क्षेत्र की खोज हुई। 1975 ई० में मुम्बई हाई में तेल का पता चल गया । इसके बाद भारत में पेट्रोलियम के उत्पादन में वृद्धि होने लगी । 
(iii) प्राकृतिक गैस- यह हमारे वर्तमान जीवन में बड़ी तेजी से एक महत्वपूर्ण ईंधन बनता जा रहा है। इसका उपयोग विभिन्न उद्योगों में मशीन को चलाने में, विद्युत उत्पादन में, खाना पकाने में, मोटर गाड़ियां चलाने में किया जा रहा है।
                  भारत में एक अनुमान के अनुसार प्राकृतिक गैस की संचित भंडार 700 अरब घन मीटर है । 1984 में प्राकृतिक गैस प्राधिकरण की स्थापना देश की प्राकृतिक गैसों के परिवहन, वितरण एवं विपणन हेतु किया गया जो 5340 किलोमीटर गैस पाइप लाइन द्वारा देश भर में फैले उपभोक्ताओं की आवश्यकता पूर्ति करता है।
प्रश्न 3. गोंडवाना काल के कोयले का भारत में वितरण पर प्रकाश डालिये?
उत्तर- गोंडवाना समूह में भारत के 96 प्रतिशत कोयले का भण्डार है इससे कुल उत्पादन का 99 प्रतिशत भाग प्राप्त होता है। यहाँ के कोयले का निर्माण 20 करोड़ वर्ष पूर्व में हुआ था। गंडवाना कोयला क्षेत्र मुख्यतः चार नदी घाटियों में पाये जाते हैं-
(क) दामोदर घाटी क्षेत्र 
(ख) सोन नदी घाटी क्षेत्र
(ग) महानदी घाटी क्षेत्र तथा
(घ) वार्धा-गोदावरी घाटी क्षेत्र।
               गोंडवाना समूह का कोयला क्षेत्र भारत के निम्नलिखित राज्यों में पाया जाता है:-
झारखण्ड- कोयले के भण्डार एवं उत्पादन की दृष्टि से इसका स्थान  देश में प्रथम है। यहाँ के प्रमुख कोयला उत्पादक क्षेत्र-झरिया, बोकारो, गिरिडीह, कर्णपुरा, रामगढ़इत्यादि हैं।
छत्तीसगढ़- सुरक्षित भण्डार की दृष्टि से इस राज्य का स्थान तीसरा किंतु उत्पादन में यह भारत का दूसरा बड़ा राज्य है। यहाँ देश का 15 प्रतिशत सुरक्षित भण्डार है लेकिन उत्पादन 16 प्रतिशत होता है। यहाँ का उत्पादक क्षेत्र है चिरिमिरी, कुरसिया, विश्रामपुर, झिलमिली, सोनहाट, लखनपुर, हासदो-अरंड, कोरबा एवं मांड-रायगढ़ इत्यादि।
उड़ीसा- यहाँ देश का एक चौथाई कोयले का भण्डार है। यहाँ का मुख्य उत्पादक क्षेत्र है तालचर।
महाराष्ट्र- यहाँ भारत का मात्र  3 प्रतिशत कोयला सुरक्षित है। यहाँ के मुख्य उत्पादक क्षेत्र–चाँदा-वर्धा, कांपटी तथा बंदेर हैं।
मध्यप्रदेश- यहाँ देश का मात्र 7 प्रतिशत कोयला का भण्डार है। सिंगरौली, सोहागपुर, जोहिल्ला, उमरिया, सतपुड़ा क्षेत्र इत्यादि मुख्य उत्पादक क्षेत्र हैं।
पश्चिम बंगाल- यह राज्य देश के सुरक्षित भण्डार की दृष्टि से चौथा एवं उत्पादन में 7वां है। रानीगंज यहाँ का मुख्य उत्पादक क्षेत्र है।
प्रश्न 4. कोयले का वर्गीकरण कर उनकी विशेषताओं का उल्लेख को स्पष्ट कीजिए?
उत्तर- कार्बन की मात्रा के आधार पर कोयला को निम्नलिखित चार वर्गों में रखा गया है:-
(i) ऐंथ्रासाइट (Anthracite)- यह सर्वोच्च कोटि का कोयला है जिसमें कार्बन की मात्रा 90% से अधिक होती है। यह जलने पर धुआँ नहीं देता साथ ही साथ देर तक अत्यधिक ऊष्मा देता है। इसे कोकिंग कोयला भी कहा गया है तथा धातु गलाने के काम आता है।
(ii) बिटुमिनस- इसमें कार्बन की मात्रा 70 से 90% होती है। इसे परिष्कृत कर कोकिंग कोइला बनाया जा सकता है। भारत का अधिकतर कोयला इसी श्रेणी का है।
(iii) लिग्नाइट- यह निम्न कोटि का कोयला है । जीसमें कार्बन की मात्रा 30 से 70% होती है। यह धुआँ अधिक एवं ऊष्मा कम देता है। इसे भूरा कोयला भी कहते हैं।
(iv) पीट- इसमें कार्बन 30% से कम पाया जाता है । यह पूर्व केे दलदली क्षेत्र में पाया जाता है।
प्रश्न 5. भारत में खनिज तेल के वितरण का वर्णन कीजिए?
उत्तर- भारत में मुख्यतः पाँच  तेल उत्पादक क्षेत्र हैं–
(i) उत्तरी-पूर्वी प्रदेश- यह देश का सबसे पुराना तेल उत्पादक क्षेत्र है, जहाँ 1886 ई० में तेल के लिए खुदाई की गई थी । ऊपरी असम घाटी, अरुणाचल प्रदेश, नागालैण्ड आदि का विशाल तेल क्षेत्र इसके अन्तर्गत आते है।
(ii) गुजरात क्षेत्र- यह क्षेत्र खम्भात के बेसिन एवं गुजरात के मैदान में विस्तृत है। यहाँ पहली बार 1958 में तेल का पता चला था। इसके मुख्य उत्पादक अंकलेश्वर, कलोल, नवगाँव, कोसांबा, मेहसाना इत्यादि हैं।
(iii) मुम्बई हाई क्षेत्र- यह मुम्बई तट से 176 किमी दूर उत्तर-पश्चिम दिशा में अरब सागर में स्थित है। यहाँ 1975 से तेल खोजने का कार्य शुरू हुआ।
(iv) पूर्वी तट प्रदेश- यह कृष्णा-गोदावरी और कावेरी नदियों के बेसिन तथा मुहाने के समुद्री क्षेत्र में  फैला हुआ है।
(v) बाड़मेर बेसिन- इस बेसिन के मंगला क्षेत्र में सितम्बर 2009 से उत्पादन शुरू हो गया है। यहां प्रतिदिन 56000 बैरल तेल का उत्पादन हो रहा है । 2012 तक यह भारत का 20% पेट्रोलियम उत्पादन करेगा।
प्रश्न 6. जल विद्युत उत्पादन हेतु अनुकूल भौगोलिक एवं आर्थिक कारकों की विवेचना करें।
उत्तर- जल विद्युत उत्पादन हेतु अनुकूल भौगोलिक दशाएँ  निम्नलिखित हैं – 
            भौतिक दशाएँ- 
◆ सदावाहिनी नदी में प्रचुर जल की राशि
◆ नदी मार्ग में ढाल
◆ जल का तीव्र वेग
◆ प्राकृतिक जल-प्रपात का होना
           आर्थिक दशाएँ-
◆ सघन औद्योगिक, 
◆ वाणिज्यिक विकास एवं आबाद क्षेत्रों जैसे बाजार
◆ पर्याप्त पूँजी निवेश 
◆ परिवहन  के साधन
◆ प्रौद्योगिकी ज्ञान
◆ ऊर्जा के अन्य स्रोतों का अभाव।
प्रश्न 7. संक्षिप्त भौगोलिक टिप्पणी लिखें-भाखड़ा-नंगल परियोजना, दामोदर घाटी परियोजना, कोसी परियोजना, हीराकुण्ड परियोजना, रिहन्द परियोजना और तुंगभद्रा परियोजना।
उत्तर- (i) भाखड़ा-नंगल परियोजना- सतलज नदी पर हिमालय प्रदेश में विश्व के सर्वोच्च बाँधों में एक भाखड़ा बांध की ऊंचाई 225 मीटर है। यह भारत की सबसे बड़ी परियोजना है, जहाँ चार शक्ति-गृह बनाये गए हसि। क भाखड़ा में, दो गंगुवाल में और एक कोटला में स्थापित होकर 7 लाख किलोवाट विद्युत उत्पादन कर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तरांचल, उत्तरप्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान तथा जम्मू व कश्मीर राज्यों के कृषि एवं उद्योगों में क्रांतिकारी परिवर्तन ला दिया है।
(ii) दामोदर घाटी परियोजना- यह परियोजना दामोदर नदी के भयंकर बाढ़ से झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल को बचाने के साथ-साथ तलैया, मैथन, कोनार और पंचेत पहाड़ी में बाँध बनाकर 1300 मेगावाट जल विद्युत उत्पन्न करने में सहायक है। इसका लाभ बिहार, झारखण्ड एवं पश्चिम बंगाल को प्राप्त है।
(ii) कोसी परियोजना- उत्तर बिहार का अभिशाप कोसी नदी पर हनुमान नगर(नेपाल) में बाँध बनाकर 20000 किलोवाट बिजली उत्पन्न किया जा रहा है। जिसकी आधी बिजली नेपाल को तथा शेष बिहार को प्राप्त होती है।
(iv) रिहन्द परियोजना- सोन की सहायक नदी पर रिहन्द उत्तरप्रदेश में 934 मीटर लम्बा बाँध और कृत्रिम झील ‘गोविन्द बल्लभ पंत सागर’ का निर्माण कर बिजली उत्पादित की जाती है। इस योजना से 30 लाख किलोवाट विद्युत उत्पादन करने की क्षमता है। यहाँ की बिजली का उपयोग रेणुकूट के अल्युमिनियम उद्योग, चुर्क के सीमेंट उद्योग, मध्य भारत के रेल मार्गों का विद्युतिकरण तथा हजारों नलकूपों के लिए किये जाते है।
(v) हीराकुण्ड परियोजना- महानदी पर विश्व का सबसे लम्बा बाँध (4801) मीटर बनाकर 2.7 लाख किलोवाट बिजली उत्पादन किया जाता है। इससे उड़ीसा एवं आस-पास के कृषि क्षेत्र एवं उद्योग में उपयोग किया जाता है।
(vi) तंगभद्रा परियोजना- यह कृष्णा नदी की सहायक नदी तुंगभद्रा पर आंध्रप्रदेश में स्थित दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना है जो कर्नाटक एवं आंध्रप्रदेश के सहयोग से तैयार हुआ है। इसकी बिजली उत्पादन क्षमता 1 लाख किलोवाट है जो सिंचाई के साथ-साथ सैकड़ों छोटे-बड़े उद्योगों को बिजली आपूर्ति करता है।
प्रश्न 8. भारत के किन्हीं चार परमाणु विद्युत गृह का उल्लेख कीजिए तथा उनकी विशेषताओं को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- भारत के चार परमाणु विद्युत गृह निम्न हैं-
(i) तारापुर परमाणु विद्युत गृह- यह एशिया का सबसे बड़ा परमाणु विद्युत गृह है। यहाँ जल उबालने वाली दो परमाणु भट्ठियाँ हैं जिनमें प्रत्येक की उत्पादन क्षमता 200 मेगावाट से अधिक है । अब यहाँ यूरेनियम के स्थान पर थोरियम से प्लूटोनियम बनाकर विद्युत उत्पन्न किए जा रहे हैं, क्योंकि भारत थोरियम के भण्डार में काफी समृद्ध है।
(ii) कलपक्कम परमाणु विद्युत गृह- तमिलनाडु में स्थित यह परमाणु गृह स्वदेशी प्रयास से बना है। यहाँ 335 मेगावाट के दो रिएक्टर क्रमश: 1983 एवं 1985 र्य करना शुरू कर दिया हैं।
(iii) नरौरा परमाणु विद्युत गृह- यह उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर के पास स्थित है। यहाँ भी 235 मेगावाट के दो रिएक्टर हैं।
(iv) ककरापास परमाणु विद्युत गृह- गुजरात राज्य में समुद्र के किनारे स्थित इस परमाणु गृह में 1992 से विद्युत उत्पादन प्रारम्भ हुआ है।
प्रश्न 9. शक्ति संसाधनों के संरक्षण हेतु कौन-कौन  कदम उठाये जा सकते हैं? आप उसमें कैसे मदद पहुंचा सकते हैं?
उत्तर- ऊर्जा संकट एक विश्व-व्यापी समस्या का रूप ले चुका है। इसके समाधान के निम्नलिखित उपाए किए जा रहे हैं-
(i) ऊर्जा के प्रयोग में मितव्ययिता- ऊर्जा संकट से बचने के लिए प्रथमतः ऊर्जा के उपयोग में मितव्ययिता बरती जाय। इसके लिए तकनीकी विकास आवश्यक है। ऐसे मोटर गाड़ियों का निर्माण हो जो कम तेल में ज्यादा चलते है। अनावश्यक बिजली का उपयोग रोककर हम ऊर्जा की बचत बड़े स्तर पर कर सकते हैं।
(ii) ऊर्जा के नवीन क्षेत्रों की खोज- ऊर्जा संकट समाधान की दिशा में परम्परागत ऊर्जा के नये क्षेत्रों का अन्वेषन किया जाय। इस दिशा में भारत में 1970 के बाद काफी तेजी आई है तथा अनेक नये-नये पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के भण्डार का पता लगाया जा चुका है। अरब सागर, कृष्णा-गोदावरी क्षेत्र, राजस्थान क्षेत्र आदि में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस के स्रोत प्राप्त हुए हैं। इसके लिए सुदूर-संवेदी सूचना प्रणाली का भी उपयोग हो रहा है।
(iii) ऊर्जा के नवीन वैकल्पिक साधनों का उपयोग- वैकल्पिक ऊर्जा में पारम्परिक एवं गैर-पारम्परिक दोनों ही ऊर्जा सम्मिलित हैं। इन में से कुछ तो सतत् नवीकरणीय हैं तो कुछ समापनीय हैं । आज वैकल्पिक ऊर्जा में जल विद्युत, पवन ऊर्जा, ज्वारीय ऊर्जा, जैव ऊर्जा, भूतापीय ऊर्जा, सौर ऊर्जा आदि का विकास क उपयोग करना शक्ति के संसाधनों को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। जीवाश्म ऊर्जा के अत्यधिक उपयोग से प्रदूषण, स्वास्थ्य एवं जलवायु परिवर्तन की आशंका प्रबल हो गई है। अतः इसके स्थान पर वैकल्पिक ऊर्जा स्रोंतों पर ध्यान देना होगा।
(iv) अंतर्राष्टीय सहयोग– ऊर्जा संकट से बचने के लिए अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है। विश्व के सभी राष्ट्र आपसी मतभेद को भुलाकर ऊर्जा संकट के समाधान हेतु आम सहमति से नीति निर्धारण करें नहीं तो आनेवाले दिनों में यह विश्व के लिए दुःखदायी साबित होगा।
                       इस संदर्भ में संयुक्त राष्ट्र संघ (U.N.O.) आर्गनाइजेशन ऑफ पेट्रोलियम एक्सपोर्टिंग कन्ट्रीज(OPEC), विश्व व्यापार संगठन(WTO), दक्षिण एशियाई 8 देशों का संगठन (G-8) जैसी अंतरष्ट्रीय संस्थाएँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
           इन सब के अलावे मैं अपने क्रियाकलाप में परिवर्तन कर इसमें सहायता कर सकता हूँ। जैसे-
★बिजली के बल्बों एवं अन्य उपकरणों का आवश्यकतानुसार प्रयोग कर।
★स्वचालित वाहनों के बजाय पैदल चलकर या साइकिल का अधिक उपयोग कर।
★गैर-परंपरागत ऊर्जा स्रोतों जैसे सौर ऊर्जा, बायोगैस इत्यादि का उपयोग कर।
★लोगों को इस संबंध में अपनी क्षमतानुसार जागरूक कर।

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(घ) खनिज संसाधन/ बिहार बोर्ड-10 Geography Solutions इकाई-1. खण्ड (क)

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खण्ड (क) इकाई-1. (घ) खनिज संसाधन



(घ) खनिज संसाधन खनिज संसाधन

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर

1. भारत में लगभग कितने खनिज पाए जाते है?

(a) 50

(b) 100

(c) 150

(d) 200

उत्तर- (b) 100

2. इन में से कौन लौह युक्त खनिज का उदाहरण है?

(a) मैंगनीज़

(b) अभ्रक़

(c) बॉक्साइट

(d) चुना-पत्थर

उत्तर- (a) मैंगनीज

3. निम्नलिखित में कौन अधात्विक खनिज का उदाहरण है?

(a) सोना

(b) टिन

(c) अभ्रक

(d) ग्रेफाइट

उत्तर- (c) अभ्रक

4. किस खनिज की उद्योग की जननी माना गया है?

(a) सोना

(b) तांबा

(c) लोहा

(d) मैंगनीज

उत्तर- (c) लोहा

5. कौन लौह अयस्क का एक प्रकार है?

(a) लिग्नाइट

(b) हेमेटाइट

(c) बिटुमिनस

(d) इन में से सभी

उत्तर- (b) हेमेटाइट

6. कौन भारत का सबसे बड़ा लौह उत्पादक राज्य है?

(a) कर्नाटक

(b) गोवा

(c) उड़ीसा

(d) झारखंड

उत्तर- (c) कर्नाटक

7. छतीसगढ़ भारत का कितना प्रतिशत लौह अयस्क का उत्पादन करता है?

(a) 10

(b) 20

(c) 30

(d) 40

उत्तर- (b) 20

8. मैंगनीज उत्पादन में भारत का विश्व में क्या स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

उत्तर- (c) तृतीय

9. एक टन इस्पात बनाने में कितने मैंगनीज़ का उपयोग होता है?

(a) 5 कि०ग्रा०

(b) 10कि०ग्रा०

(c) 15 कि०ग्रा०

(d) 20 कि०ग्रा०

उत्तर- (b) 10 कि०ग्रा०

10. उड़ीसा किस खनिज का सबसे बड़ा उत्पादक है?

(a) लौह अयस्क

(b) मैंगनीज

(c) टिन

(d) तांबा

उत्तर- (b) मैंगनीज

11. अल्युमिनियम बनाने के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है?

(a) मैंगनीज

(b) टिन

(c) लोहा

(d) बॉक्साइट

उत्तर- (d) बॉक्साइट

12. देश में तांबे का कुल भण्डार कितना है?

(a) 100 करोड़ टन

(b) 125 करोड़ टन

(c) 150 करोड़ टन

(d) 175 करोड़ टन

उत्तर- (b) 125 करोड़ टन

13. बिहार-झारखंड में देश का कितना प्रतिशत अभ्रक़ का उत्पादन होता है?

(a) 60

(b) 70

(c) 80

(d) 90

उत्तर- (c) 80

14. सीमेंट उद्योग का सबसे प्रमुख कच्चा माल क्या है?

(a) चुना -पत्थर

(b) बॉक्साइट

(c) ग्रेनाइट

(d) लोहा

उत्तर- (a) चुना-पत्थर

लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1. खनिज क्या है?

उत्तर- खनिज निश्चित अनुपात में रासायनिक एवं भौतिक विशिष्टताओं के साथ निर्मित एक प्राकृतिक पदार्थ है। दूसरे शब्दों में, खनिज निश्चित रासायनिक संयोजन एवं विशिष्ट आंतरिक परमाणविक रचना वाले ठोस प्राकृतिक पदार्थ को कहा जाता है। संक्षेप में खान से निकाले गए पदार्थ को खनिज कहते है। जैसे- कोयला, पेट्रोलियम, सोना, लौह अयस्क इत्यादि।

प्रश्न 2. धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान क्या है?

उत्तर– धात्विक खनिज के दो प्रमुख पहचान-

(l) ये कठोर एवं चमकीले होते है ।

(ll) ये प्रायः आग्नेय चाट्टानों में मिलते हैं।

प्रश्न 3. खनिजों की विशेषताओं का उल्लेख कीजिये

उत्तर–  खनिजों की विशेषताएँ-

◆ खनिजों का वितरण असमान होता है।

◆ अधिक गुणवत्ता वाले खनिज कम तथा कम गुणवत्ता वाले खनिज अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।

◆ खनिज समाप्य संसाधन है। एक बार उपयोग करने के बाद पुन: उपयोग नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 4. लौह अयस्क के प्रकारों के नाम लिखिए।

उत्तर– शुद्ध लोहे की मात्रा के आधार पर भारत मे पाये जाने वाले  लौह अयस्क तीन प्रकार के है – हेमेटाइट, मैग्नेटाइट और लीमोनाइट।

प्रश्न 5. लोहे के प्रमुख उत्पादक राज्यों के नाम लिखिए।

उत्तर – लोहे के प्रमुख उत्पादक राज्य- कर्नाटक, छतीसगढ़, उड़ीसा,  गोवा एवं झारखण्ड है।

प्रश्न 6. झारखंड के मुख्य लौह उत्पादक जिलों के नाम लिखिए।

उत्तर– झारखंड के मुख्य लौह उत्पादक जिला का नाम- पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, पलामू, धनबाद, हजारीबाग, लोहरदगा, तथा राँची।

प्रश्न 7.  मैंगनीज के  उपयोग पर प्रकाश डालिए।

उत्तर– मैंगनीज का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-

(i) जंगरोधी इस्पात बनाने में।

(ii) शुष्क सेल के निर्माण में।

(iii) फोटोग्राफी में।

(iv) चमड़ा एवं माचिस उद्योग में।

(v) पेंट तथा कीटनाशक दवाओं के उत्पादन में इत्यादि।

प्रश्न 8. अल्युमिनियम के उपयोग का उल्लेख कीजिए।

उत्तर– अल्युमिनियम का बहुमुखी उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-

(i) वायुयान निर्माण में

(ii) विद्युत उपकरण के निर्माण में

(iii) घरेलू साज-सज्जा के साधनों के निर्माण में

(iv) बर्तन बनाने में

(v) सफेद सीमेंट तथा रासायनिक वस्तुएँ बनाने में इत्यादि।

प्रश्न 9. अभ्रक का उपयोग क्या है?

उत्तर– अभ्रक का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-

(i) इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में

(ii) आयुर्वेदिक दवाओं के निर्माण में 

(iii)  विद्युत उपकरण बनाने में।

प्रश्न 10. चुना-पत्थर की क्या उपयोगिता है?

उत्तर– चुना-पत्थर का उपयोग निम्नलिखित रूपों में किया जाता है-

(i) सीमेंट बनाने में

(ii) लौह इस्पात बनाने में

(iii)रसायन उद्योग में

(iii) उर्वरक, कागज एवं चीनी उद्योग में।

प्रश्न 11. खनिजों की मुख्य विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर– खनिजों की मुख्य विशेषताएँ-

◆ खनिजों का वितरण असमान होता है।

◆ अधिक गुणवत्ता वाले खनिज कम तथा कम गुणवत्ता वाले खनिज अधिक मात्रा में पाये जाते हैं।

◆ खनिज समाप्य संसाधन है। एक बार उपयोग करने के बाद पुन: उपयोग नहीं किया जा सकता है।

प्रश्न 12. खनिजों के संरक्षण एवं प्रबंधन से क्या समझते है?

उत्तर- खनिज क्षयशील एवं अनवीकरणीय संसाधन है। इनकी मात्रा सीमित है। इनका पुनर्निर्माण असंभव है। खनिज उद्योगों का आधार है किन्तु औद्योगिक विकास के लिए खनिजों का अतिशय दोहन एवं उपयोग उनके अस्तित्व के लिए संकट है। अतः खनिजों का संरक्षण एवं प्रबंधन आवश्यक है। खनिज संसाधन के विवेकपूर्ण उपयोग तीन बातों पर निर्भर है-

★ खनिजों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण,

★ उनका बचतपूर्वक उपयोग तथा

★ कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्पों की खोज।

     खनिजों पर नियंत्रण के अलावे उनके विकल्पों को खोजना, खनिजों के अपशिष्ट पदार्थों को बुद्धिमतापूर्वक उपयोग, पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले कुप्रभाव पर नियंत्रण, खनिज निर्माण के लिए चक्रीय पद्धति को अपनाना प्रबंधन कहलाता है। यदि खनिजों के संरक्षण के साथ-साथ प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए तो खनिज संकट से निबटा जा सकता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1. खनिज कितने प्रकार के होते है?  प्रत्येक  का  सोदाहरण  परिचय दीजिए।

उत्तर- खनिज मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं-

(i) धात्विक खनिज-

        वैसे खनिज जिसमें धातु होती है, उसे धात्विक खनिज कहा जाता है। जैसे लौह अयस्क, ताँबा, निकेल, मैंगनीज आदि। पुनः इसे दो भागों में बाँटा जा सकता है

(क) लौहयुक्त खनिज-

      जिन धात्विक खनिज में लोहे का अंश अधिक पाया जाता है उसे लौहयुक्त खनिज कहते हैं, जैसे – लौह अयस्क, निकेल, टंगस्टन।

(ख) अलौहयुक्त खनिज-

       जिन धात्विक खनिज में लोहे की मात्रा न्यून होती है या नहीं होती है, अलौहयुक्त खनिज कहलाते हैं। जैसे – सोना, चाँदी, शीशा, बॉक्साइट ताँबा।

(ii) अधात्विक खनिज-

         वैसे खनिज जिसमें धातु की  मात्रा  नहीं होती है उसे  अधात्विक खनिज कहते है। जैसे-चूना पत्थर, अभ्रक, जिप्सम आदि।

 अधात्विक खनिज भी दो प्रकार के होते हैं-

(क) कार्बनिक खनिज-

         इसमें जीवाश्म होते हैं, ये पृथ्वी में दबे प्राणी, पादप जीवों के परिवर्तन से बनते हैं। जैसे-कोयला, पेट्रोलियम इत्यादि।

(ख) अकार्बनिक खनिज-

          इसमें जीवाश्म नहीं होते हैं। जैसे–अभ्रक, ग्रेफाइट।

प्रश्न 2. धात्विक एवं अधात्विक खनिजों में क्या अंतर है ? तुलना कीजिये।

उत्तर- धात्विक एवं अधात्विक खनिजों में  अंतर  एवं तुलना-

धात्विक अधात्विक
1. धात्विक खनिजों की रासायनिक संरचना में धातुएँ होती हैं। अधात्विक खनिजों की रासायनिक संरचना में धातुएँ नहीं होती है।
2. ये कठोर एवं चमकदार होते हैं। ये चमकदार नहीं होते हैं।
3. ये आग्नेय एवं रूपांतरित चट्टानों में पाए जाते हैं। ये तलछटी चट्टानों में पाए जाते हैं।
4. धात्विक खनिजों को पिघलाकर/गलाकर धातुएँ प्राप्त की जा सकती है। इन खनिजों को पिघलाकर/गलाकर धातुएँ प्राप्त नहीं की जा सकती है।
5. ये खनिज लचीले होते हैं। ये खनिज लचीले और भंगुर नहीं होते हैं।
6. धात्विक खनिज ऊष्मा और विद्युत के अच्छे संवाहक होते हैं। अधात्विक खनिज ऊष्मा और विद्युत के कुचालक होते हैं।
7. इन खनिजों का गलनांक उच्च होता है। इन खनिजों का गलनांक बहुत कम होता है।
8. लोहा, एल्युमीनियम, सोना, चाँदी आदि के अयस्क धात्विक खनिजों के उदाहरण हैं। हीरा, स्लेट, पोटाश आदि गैर-धात्विक खनिजों के उदाहरण हैं।
9. इन्हें पीटकर तार बनाया जा सकता है। ये पीटने पर टूटते नहीं हैं। ये पीटने पर चूर-चूर हो जाते हैं।
10. इन्हें खानों से निकालने के बाद साफ करने की आवश्यकता होती है। इन्हें साफ करने की आवश्यकता नहीं होती है।
11. ये प्रायः अयस्क (ore) के रूप में पाए जाते है। ये अयस्क के रूप में नहीं पाए जाते हैं
प्रश्न 3. भारत क खनिज पट्टियों का नाम लिखकर किन्हीं दो का वर्णन करें।

उत्तर- भारत के अधिकांश खनिज निम्नलिखित तीन पट्टियों में पाई जाती हैं –

(i) उत्तर-पूर्वी पठार

(i) दक्षिणी-पश्चिमी पठार

(iii) उत्तर-पश्चिमी प्रदेश

(i) उत्तरी-पूर्वी पठार-

      यह देश की सबसे धनी खनिज पट्टी है जिसमें छोटानागपुर का पठार, उड़ीसा का पठार, छत्तीसगढ़ का पठार तथा पूर्वी आन्ध्रप्रदेश का पठार अवस्थित है। इस पट्टी में लौह अयस्क, मैंगनीज, अभ्रक, बॉक्साइट, चना पत्थर, डोलामाइट, ताँबा,थोरियम, यूरेनियम, क्रोमियम, सिलिमेनाइट तथा फास्फेट के विशाल भण्डार हैं।

(iii) उत्तर-पश्चिमी प्रदेश-

      इस पट्टी का विस्तार खम्भात की खाड़ी से लेकर अरावली की श्रेणियों तक है। यहाँ  अनेक अलौह धातुएँ, जैसे–चाँदी, सीसा, जस्ता, ताँबा आदि मिलते हैं। बालु पत्थर, ग्रेनाइट, संगमरमर, जिप्सम, मुल्तानी मिट्टी, डोलोमाइट, चूना-पत्थर, नमक आदि के भी पर्याप्त भंडार हैं।

        हिमालय एक अन्य खनिज पट्टी है जहाँ ताँबा, सीसा, जस्ता, कोबाल्ट आदि प्राप्त हैं।

प्रश्न 4. लौह अयस्क का वर्गीकरण कर उनकी विशेषताओं को लिखिए।

उत्तर- लौह अयस्क का वर्गीकरण इस प्रकार है-
(i) हेमेटाइट- इसमें 68% लौह अंश होता है। इसे लाल अयस्क भी कहते हैं।
(ii) मैग्नेटाइट- इसमें 60% लौह अंश होता है। इसे काला अयस्क भी कहते हैं।
(iii) लिमोनाइट- इसमें 40% लौह अंश होता है। इसे पीला अयस्क भी कहते हैं।
प्रश्न 5. भारत में लौह अयस्क के वितरण पर प्रकाश डालें।
उत्तर- भारत में लौह अयस्क प्रायः सभी राज्यों में पाया जाता है परन्तु यहाँ के कुल भण्डार का 96% कर्नाटक, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, गोवा, झारखण्ड, राज्यों में सीमित है। शेष भण्डार तमिलनाडु, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों में अवस्थित है। भारत में 1950-51 में 42 लाख टन लोहे का उत्पादन हुआ जो 2004-05 में बढ़कर 1427.1 लाख टन हो गया। अतः लोहे के उत्पादन में भारी विकास हुआ है।
          कर्नाटक राज्य भारत का लगभग एक-चौथाई लोहा उत्पादन करता है। यहाँ बेल्लारी, हास्पेट, सुदूर क्षेत्रों में लौह अयस्क की खानें हैं।
         
         छत्तीसगढ़ देश का दूसरा उत्पादन राज्य है जो देश का करीब 20 प्रतिशत लोहा उत्पन्न करता है। दाँतेवाड़ा जिले का बैलाडिला तथा दुर्गा जिले के डल्ली एवं राजहरा प्रमुख उत्पादक हैं। रायगढ़, विलासपुर तथा सरगुजा अन्य उत्पादक जिले हैं। यहाँ का अधिकांश लोहा विशाखापट्नम बंदरगाह से जापान को निर्यात किया जाता है।
           
         उड़ीसा देश का 19 प्रतिशत लोहा उत्पादन करता है। यहाँ की प्रमुख खानें गुरु माहिषानी, बादम पहाड़ (मगूरगंज) एवं किरिबुरू हैं।
         
        गोवा देश का चौथा बड़ा लोहा उत्पादक राज्य है तथा 16 प्रतिशत देश का लोहा यहीं से प्राप्त होता है। यहाँ की प्रमुख खाने साहक्वालिम, संग्यूम, क्यूपेम, सतारी, पौडा एवं वियोलिम में स्थित हैं। यहाँ के मर्मागांव पतन से लोहा निर्यात किया जाता है।
           
      झारखण्ड देश का पांचवां बड़ा अयस्क उत्पादक राज्य है और 15 प्रतिशत से अधिक लोहे का उत्पादन करता है। यहाँ के सिंहभूम, पलामू, धनबाद, हजारीबाग, लोहरदगा तथा राँची मुख्य उत्पादक जिले हैं।
   
       महाराष्ट्र में लौह अयस्क की खाने चन्द्रपुर, रत्नागिरि और भण्डारा जिलों में स्थित हैं।
             
       आन्ध्रप्रदेश के कसीमनगर, बारंगल, कुर्नुल, कड़प्पा आदि जिले लौह अयस्क उत्पादक हैं जबकि तमिलनाडु के तीर्थ मल्लाई पहाड़ियों (सलेम) एवं यादपल्ली (नीलगिरी) क्षेत्र में लोहे के भण्डार हैं।
प्रश्न 6. मैंगनीज तथा बॉक्साइट की उपयोगिता तथा देश में इनके वितरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर- मैंगनीज अयस्क-
       मैंगनीज के उत्पादन में भारत का स्थान विश्व में रूस एवं दक्षिण अफ्रीका के बाद तीसरा है। यह मुख्य रूप से जंगरोधी इस्पात बनाने तथा लोहा एवं मैंगनीज के मिश्रधातु बनाने के उपयोग में आता है। इसका उपयोग शुष्क बैटरियों के निर्माण में, फोटोग्राफी में, चमड़ा एवं माचिस उद्योग में भी होता है। साथ ही इसका उपयोग पेंट तथा कीटनाशक दवाओं के बनाने में भी किया जाता है। भारत के कुल उत्पादन का 85% मैंगनीज का उपयोग मिश्रधातु बनाने में किया जाता है।
वितरण-
         भारत में मैंगनीज का संचित भण्डार 1670 लाख टन है। विश्व में जिम्बाब्वे के बाद भारत में ही मैंगनीज का सबसे बड़ा संचित भण्डार है जो विश्व के कुल संचित भण्डार का 20 प्रतिशत है।
         
        भारत के उत्पादन में मुख्य क्षेत्र उड़ीसा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक एवं आन्ध्रप्रदेश हैं। भारत का 78% से ज्यादा मैंगनीज अयस्क के भण्डार महाराष्ट्र के नागपुर तथा भण्डारा जिलों से लेकर मध्यप्रदेश के बालघाट एवं छिन्दवाड़ा जिलों तक फैली पट्टी में मिलते हैं।
     उड़ीसा भारत में मैंगनीज के उत्पादन में अग्रणी है। यहाँ देश के कुल उत्पादन का 37.6% मैंगनीज उत्पादन होता है। यहाँ मैंगनीज के मुख्य खादानें, सुन्दरगढ़, कालाहांडी, रायगढ़ बोलांगीर, क्योंझर, जालसुर एवं मयूरभंज जिलों में हैं। 
         
           महाराष्ट्र भारत के कुल उत्पादन का लगभग एक चौथाई मैंगनीज उत्पादन करता है। इस राज्य की मुख्य मैंगनीज उत्पादन पेटी नागपुर तथा भण्डारा जिले में हैं। इस पेटी में उत्तम कोटि के मैंगनीज अयस्क मिलते हैं। रत्नागिरि में उच्चकोटि का मैंगनीज का उत्पादन होता है।
            मध्यप्रदेश 21% मैंगनीज पैदा कर देश का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य है। बालघाट तथा छिन्दवाड़ा जिलों में मैंगनीज का उत्पादन होता है।
            कर्नाटक में मैंगनीज शिमोगा, तुमकुर, बेलारी, धारवाड़, चिकमंगलूर और बीजापुर जिले मुख्य उत्पादक हैं। पहले यहाँ देश का एक चौथाई मैंगनीज उत्पादन होता था किन्तु अब उत्पादन कम हो रहा है।
         
         आन्ध्रप्रदेश में देश के सकल उत्पादन का 6 प्रतिशत ही मैंगनीज का उत्पादन होता है। यहाँ मुख्य उत्पादक जिला श्रीकाकुलम है। अन्य उत्पादक जिलों में विशाखापतनम, कुडप्पा, विजयनगर, गुंटूर हैं।
बॉक्साइट-
        यह एक अलौह धातु निक्षेप है जिससे अल्यूमीनियम नामक धातु निकाली जाती है। भारत में बॉक्साइट का इतना भण्डार है कि अल्यूमीनियम में हम आत्मनिर्भर हो सकते हैं। इसका बहुमुखी उपयोग वायुयान निर्माण, बर्तन बनाने, सफेद सीमेंट तथा रासायनिक वस्तुएं बनाने में किया जाता है। भारत में बॉक्साइट का अनुमानित भण्डार 3037 मिलियन टन है।
वितरण-
          बॉक्साइट भारत के अनेक क्षेत्रों में मिलता है किन्तु मुख्य रूप से इसका भण्डार उड़ीसा, गुजरात, झारखण्ड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु एवं उत्तर प्रदेश में अवस्थित है। देश का आधा से अधिक भण्डार उड़ीसा में है। उड़ीसा भारत के कुल उत्पादन का 42 प्रतिशत बॉक्साइट उत्पादन करता है। कालाहांडी, बोलंगीर, कोरापुट, सुन्दरगढ़ तथा संभलपुर बॉक्साइट के मुख्य उत्पादक जिले हैं।
           
        गुजरात भारत का 17.35 प्रतिशत बॉक्साइट उत्पादन करके दूसरे स्थान पर है। जामनगर, कैरा, सबरकंठ तथा सूरत महत्वपूर्ण उत्पादक जिले हैं।
 
        झारखण्ड बॉक्साइट के उत्पादन में तीसरा स्थान रखता है तथा देश का 14 प्रतिशत बॉक्साइट उत्पादन करता है। इसके लोहरदगा राँची, लातेहार एवं पलामू मुख्य उत्पादक जिले हैं।
        महाराष्ट्र के कोलावा, रत्नागिरि तथा कोल्हापुर जिलों में बॉक्साइट का खनन होता है तथा 12 प्रतिशत उत्पादन करता है।
         
          छत्तीसगढ़ भारत का 6 प्रतिशत से अधिक बॉक्साइट उत्पादन करता है। सरगूजा का पठारी प्रदेश, रायगढ़ तथा विलासपुर जिले इसके उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं।
             
         अन्य उत्पादन राज्यों में कर्नाटक में बॉक्साइट के प्रमुख निक्षेप बेलगाम जिले में पाये जाते हैं।
       तमिलनाडु के नीलगिरि, सलेम, मदुरई और कोयम्बटूर जिले, उत्तरप्रदेश के बांदा जिले बॉक्साइट के अन्य उत्पादक हैं। जम्मू और कश्मीर के पूंछ एवं उधमपुर जिलों में उत्तम कोटि के बॉक्साइट पाये जाते हैं। भारत विभिन्न देशों को बॉक्साइट निर्यात करता है। मुख्य आयातक देश इटली, यू. के., जर्मनी, जापान हैं।
प्रश्न 7. अभ्रक की उपयोगिता एवं वितरण पर प्रकाश डालें।
उत्तर- भारत विश्व में शीट अभ्रक का अग्रणी उत्पादक है। अब तक इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में इसका उपयोग होता रहा है, किन्तु कुछ कृत्रिम विकल्प आ जाने से अभ्रक के उत्पादन एवं निर्यात दोनों पर बुरा असर पड़ा है। वैसे तो प्राचीन काल से अभ्रक का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाओं के लिए किया जाता रहा है, लेकिन विद्युत उपकरण में इसका खास उपयोग होता है। क्योंकि यह विद्युत रोधक होने के कारण उच्च विद्युत शक्ति को सहन कर सकता है।
           
             भारत में उत्पादन की दृष्टि से अभ्रक निक्षेप की तीन पट्टियाँ हैं जो बिहार, झारखंड, आन्ध्रप्रदेश तथा राजस्थान राज्यों के अन्तर्गत आती हैं। भारत में अभ्रक के कुल भण्डार 59065 टन है। 2002-03 में इसका उत्पादन 1217 टन था। बिहार एवं झारखण्ड में उत्तम कोटि के रूबी अभ्रक का उत्पादन होता है। पश्चिम में गया जिले में हजारीबाग, मुंगेर होते हुए पूर्व में भागलपुर तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त धनबाद, पलामू, राँची एवं सिंहभूम जिलों में भी अभ्रक के भण्डार मिले हैं। बिहार एवं झारखंड भारत का 80% अभ्रक का उत्पादन करते हैं। आन्ध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले में अभ्रक का उत्पादन होता है। राजस्थान देश का तीसरा अभ्रक उत्पादक राज्य है। यहाँ जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर आदि जिलों में अभ्रक की पेटी फैली हुई है। यू. एस. ए. भारतीय अभ्रक का मुख्य आयातक है।
प्रश्न 8. खनिजों के संरक्षण के उपाय सुझायें।
उत्तर- खनिज क्षयशील एवं अनवीकरणीय संसाधन है। इनकी मात्रा सीमित है। इनका पुनर्निर्माण असंभव है। खनिज उद्योगों का आधार है, किन्तु औद्योगिक विकास के लिए खनिजों का अतिशय दोहन एवं उपयोग उनके अस्तित्व के लिए संकट है। अतः खनिजों का संरक्षण एवं प्रबंधन आवश्यक है। खनिज संसाधन के विवेकपूर्ण उपयोग तीन बातों पर निर्भर है-
(i) खनिजों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण, 
(ii) उनका बचतपूर्वक उपयोग एवं
(iii) कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्पों की खोज।

       खनिजों पर नियंत्रण के अलावे उनके विकल्पों को खोजना, खनिजों के अपशिष्ट पदार्थों को बुद्धिमतापूर्ण उपयोग, पारिस्थितिकी पर पड़ने वाले कुप्रभाव पर नियंत्रण, खनिज निर्माण के लिए चक्रीय पद्धति को अपनाना प्रबंधन कहलाता है। अगर खनिजों के संरक्षण के साथ-साथ प्रबंधन पर ध्यान दिया जाए तो खनिज संकट से निबटा जा सकता है।



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खण्ड (क)

इकाई 1 (ग) वन एवं वन्य प्राणी संसाधनवन एवं वन्य प्राणी संसाधन


वन एवं वन्य प्राणी संसाधन

वस्तुनिष्ठ प्रश्नोतर

1. भारत में 2001 में कितने प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन का विस्तार था?
(a) 25
(b) 19.27
(c) 20
(d) 20.60
उत्तर- (b) 19.27
2. वन स्थिति रिपोर्ट (2005)के अनुसार भारत में वन का विस्तार है-
(a) 20.60 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में
(b) 20.55 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में
(c) 20 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (a) 20.60 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में
3. बिहार में कितने प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन का फैलाव है?
(a) 15
(b) 20
(c) 20.5
(d) 7.1
उत्तर- (d) 7.1
4. पूर्वोत्तर राज्यों के 188 आदिवासी जिलों में देश के कुल क्षेत्र का कितना प्रतिशत वन है?
(a) 75
(b) 80.05
(c) 90.03
(d) 60.11
उत्तर- (d) 60.11
5. किस राज्य में वन का सबसे अधिक विस्तार है?
(a) केरल
(b) कर्नाटक
(c) मध्यप्रदेश
(d) उत्तर प्रदेश
उत्तर- (c) मध्यप्रदेश
6. वन संरक्षण एवं प्रबंधन की दृष्टि से वनों को वर्गीकृत किया गया है- 
(a) 4 वर्गों में
(b) 3 वर्गों में
(c) 5 वर्गों में
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (b) 3 वर्गों में
7. 1951 से 1980 तक लगभग कितना वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र कृषि भूमि में परिवर्तित हुआ?
(a) 30,000
(b) 26,000
(c) 25,200
(d) 35,500
उत्तर- (b) 26,200
8. संविधान की धारा 21 का संबंध है-
(a) वन्य जीवों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण
(b) मृदा संरक्षण
(c) जल संसाधन संरक्षण
(d) खनिज सम्पदा संरक्षण
उत्तर- (a) वन्य जीवों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण
9. एक एन०जी०ओ० की वानिकी रिपोर्ट के अनुसार 1948 में विश्व में कितने हेक्टेयर भूमि पर वन का विस्तार था।
(a) 6 अरब हेक्टेयर
(b) 4 अरब हेक्टेयर
(c) 8 अरब हेक्टेयर
(d) 5 अरब हेक्टेयर
उत्तर- (b) 4 अरब हेक्टेयर
10. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण 1968 में कौन सा कनवेंशन हुआ था?
(a) अफ्रीकी कनवेंशन
(b) वेटलैंड्स कनवेंशन
(c) विश्व आपदा कनवेंशन
(d) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (a) अफ्रीका कनवेंशन
11. इनमें कौन सा जीव है जो केवल भारत में ही पाया जाता है?
(a) घड़ियाल
(b) डॉलफिन
(c) ह्वेल
(d) कछुआ
उत्तर- (a) घड़ियाल
12. भारत का राष्ट्रीय पक्षी है-
(a) कबूतर
(b) हंस
(c) मयूर
(d) तोता
उत्तर- (c) मयूर
13. मैंग्रोवस का सबसे अधिक विस्तार है-
(a) अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के तटीय भाग में
(b) सुंदर वन में
(c) पश्चिमी तटीय प्रदेश में
(d) पूर्वोतर राज्य में
उत्तर- (b) सुंदर वन में
14. टेक्सोल का उपयोग होता है-
(a) मलेरिया में
(b) एड्स में
(c) कैंसर में
(d) टी०बी० के लिए
उत्तर- (c) कैंसर में
15. ‘चरक’ का संबंध किस देश से था?
(a) म्यांमार
(b) श्रीलंका
(c) भारत से
(d) नेपाल से

उत्तर- (c) भारत से
लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1. बिहार में वन संपदा की वर्तमान स्थिति का वर्णन कीजिये।
उत्तर –बिहार विभाजन के बाद वन विस्तार में बिहार राज्य दयनीय स्थिति में आ गया है, क्योंकि वर्तमान बिहार में अधिकतर भूमि कृषि योग्य है। मात्र 6764.14 हेक्टेयर में वन क्षेत्र बच गया है जो कि सम्पूर्ण बिहार के  भोगोलिक क्षेत्र का मात्र 7.1 प्रतिशत है। बिहार के 38 जिलों में से 17 जिलों से वन क्षेत्र समाप्त हो गया है। पश्चिमी चम्पारण, मुंगेर, बांका, जमुई, नवादा, नालन्दा, गया, रोहतास, कैमूर और औरंगाबाद जिलों के वनों की स्थिति कुछ बेहतर है, जिसका कुल क्षेत्रफल 3700 वर्ग किमी है। शेष में अवक्रमित वन क्षेत्र है, वन के नाम पर केवल झाड़-झरमूट बच गऐ हैं।
 प्रश्न 2. वन विनाश के मुख्य कारकों को लिखिए।
उत्तर –वन विनाश के मुख्य कारक निम्न हैं-
◆पशुचारण
◆ईंधन के लिए लकड़ियों के उपयोग
◆यातायात(सड़क मार्ग, रेलमार्ग) के साधन का निर्माण
◆औद्योगिक एवं नगरीकरण का विकास
◆कुछ पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार भारत के कई क्षेत्रों में सम्वर्द्धन ‘वृक्षारोपण’ अर्थात  वाणिज्य की दृष्टि से  एकल वृक्ष रोपण करने से पेड़ों की दूसरी प्रजातियाँ  खत्म हो गयी है।
 प्रश्न 3. वन के पर्यावरणीय महत्व का वर्णन कीजिये।
उत्तर –वन मानव जीवन के प्रमुख हमसफर हैं। वन पृथ्वी के लिए सुरक्षा कवच जैसा है। यह केवल एक संसाधन ही नहीं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में महत्वपूर्ण घटक है। हमारा इससे अटूट संबंध है । वास्तव में वन प्रकृति का एक अमूल्य  उपहार है। सृष्टि के आरम्भ से ही मानव इसके आँचल में पोषित होता रहा है।  यह इस जीवमंडल में सभी जीवों को संतुलित स्थिति में जीने के लिए अथवा संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में सर्वाधिक योगदान देता है क्योंकि सभी जीवों के लिए खाद्य ऊर्जा(Food Energy) का प्रारंभिक स्रोत वनस्पति ही है। 
प्रश्न 4. वन्य-जीवों के ह्रास के चार प्रमुख कारकों का उल्लेख कीजिये।
उत्तर –वन्य जीवों के ह्रास के चार प्रमुख कारक निम्नलिखित हैं-
(l) प्राकृतिक आवासों का अतिक्रमण- यातायात की सुविधाओं में वृद्धि आदि कारणों से भी वन्य जीवों के प्राकृतिक आवासों का अतिक्रमण हो हुआ है  जिससे  प्राकृतिक आवास के छीन जाने के दबाव से वन्य जीवों की सामान्य वृद्धि तथा  प्रजनन क्षमता में कमी आ गई।
(ll) प्रदूषण जनित समस्या- प्रदूषण के कारण वन्य जीवों का जीवन-चक्र गंभीर रूप से  प्रभावित हो रहा है।
(lll) आर्थिक लाभ- आर्थिक लाभ के लिए  योजनाबद्ध तरीके से खास प्रजातियों के पेड़-पौधों एवं वन्य जीवों को स्थानीय, क्षेत्रीय या राज्यस्तर पर दोहन किये जाने से कई प्रजातियाँ संकट ग्रस्त हो गयी है।
(lV) सह विलुप्तता-जब एक जाति विलुप्त होती है तब उसपर आधारित दूसरी जातियाँ भी विलुप्त होने लगती हैं।
प्रश्न 5. वन और वन्य जीवों के संरक्षण में सहयोगी रीति रिवाजों का उल्लेख कीजिये।
उत्तर –सहयोगी रीति-रिवाजों का वन और वन्य जीवों के संरक्षण में काफी महत्वपूर्ण योगदान है। ग्रामीण लोग कई धार्मिक अनुष्ठानों में 100 से अधिक पादप प्रजातियों का प्रयोग करते हैं और इन पौधों को अपने खेतों में भी उगाते हैं। आदिवासियों को अपने क्षेत्र में पाये जाने वाले पेड़-पौधों तथा वन्य जीवों से भावनात्मक तथा आत्मीय लगाव होता है। वे प्रजनन काल में मादा वन पशुओं का शिकार नहीं करते हैं। वन संसाधनों का उपयोग चक्रीय पद्धति से करते हैं। वन के खास क्षेत्रों को सुरक्षित रख उसमें प्रवेश नहीं करते हैं। समय-समय पर आवश्यकतानुसार वृक्षारोपण तथा उनकी रक्षा करते है। इस प्रकार से जनजातीय क्षेत्रों के वन को स्वभाविक संरक्षण प्राप्त हो जाता है। 
प्रश्न 6. चिपको आंदोलन क्या है?
उत्तर – सुदरलाल बहुगुणा के नेतृत्व में  उत्तर प्रदेश के टेहरी- गढ़वाल पर्वतीय जिले में  वन की रक्षा हेतु जो आंदोलन चलाया गया उसे चिपको आन्दोदन के नाम से जाना जाता है। इस आंदोलन में स्थानीय लोग ठेकेदारों की कुल्हाड़ी से हरे-भरे पौधों को काटते देख, उसे बचाने के  लिए अपने आगोश में पौधा को घेर कर इसकी रक्षा करते थे। इस आंदोलन की शुरूआत 1972 में हुआ था।
प्रश्न 7. कैंसर रोग के उपचार में वन का क्या योगदान है ?
उत्तर – टेक्सस बेनकेटा एवं टी. ब्रव्ही फोलिया एक औषधीय पौधा है जो हिमालय और अरुणाचल प्रदेश के कई क्षेत्रों में पाया जाता है तथा  यह  एक सदाबहार वृक्ष  है। चीड़ की छाल, पत्तियों, टहनियों और जड़ों से टैक्सोल नामक रसायन निकाला जाता है। इससे कैंसर रोधी औषधि बनायी जाती है। यह विश्व में सबसे अधिक बिकने वाली कैंसर औषधि है।
प्रश्न 8. दस लुप्त होने वाले पशु-पंक्षियों का नाम लिखिए।
उत्तर –दस लुप्त होने वाले पशु-पंक्षियां का नाम – एशियाई चीता, गुलाबी सिर वाला बत्तख, डोडो, गिद्ध (भारत), थाईलैंसीन (आस्ट्रेलिया), ‘स्टीलर्स सीकाउ (रूस), शेर की तीन प्रजातियाँ (बाली, जावन एवं कास्पियन) (अफ्रिका), कस्तुरी मृग, चीतल, लाल पांडा।
प्रश्न 9. वन्य-जीवों के ह्रास में प्रदुषण जनित समस्याओं पर अपना विचार स्पष्ट कीजिए।
उत्तर –बढ़ते प्रदूषणों ने कई समस्याओं को जन्म दिया है। पराबैंगनी किरणें, अम्ल वर्षा और हरितगृह प्रभाव प्रमुख प्रदूषक हैं जिन्होंने वन्य जीवों को काफी प्रभावित किया है। इसके अलावे वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण के कारण वन एवं वन्य जीवों का जीवनचक्र गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है। इससे इनकी प्रजनन क्षमता प्रभावित हो रही है। फलस्वरूप धीरे-धीरे वन्य जीवन संकटग्रस्त होते जा है। 
प्रश्न 10. भारत के दो प्रमुख जैवमंडल क्षेत्र का नाम, क्षेत्रफल एवं राज्यों का नाम बताएं।
उत्तर –
नीलगिरि -5520 वर्ग किमी – तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक।
सुंदरवन-9630 वर्ग किमी –पश्चिम बंगाल
 दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर : 
प्रश्न 1. वन एवं वन्य  जीवों के महत्व का विस्तार सेे वर्णण कीजिये।
उत्तर -पृथ्वी का वह बड़े भूभाग जो पेड़-पौधे तथा झाड़ियों द्वारा आच्छादित होते है, उसे वन कहा जाता है। एवं उसमें रहने वाले जीव-जंतुओं को वन्य जीव कहा जाता है। वन एवं वन्य जीव मानव के प्रमुख हमसफ़र है। वन पृथ्वी के लिए सुरक्षा कवच का काम करता है। वन जैव विविधताओं का आवास होता है। यह न केवल एक संसाधन ही है  बल्कि पारिस्थितिक तंत्र के निर्माण में इसकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। मानव का इससे अटूट संबंध है। वन प्रकृति का एक अमूल्य धरोहर है। वन एवं वन्य प्राणी मानव के लिए प्रतिस्थापित होने वाला संसाधन है। यह इस जीव-मंडल में सभी जीवों की संतुलित स्थिति में जीने के लिए पारिस्थितिक तंत्र के निर्माण में सर्वाधिक योगदान देता है क्योंकि सभी जीवों लिए खाद्य ऊर्जा का प्रारंभिक स्रोत वनस्पति होता है। वर्तमान समय के विकास की दौड़ में हम ने अपने अतीत के सभी गौरवशाली परंपराओं को नकार दिया है। वन एवं वन्य प्राणी के महत्व को नहीं समझ रहे हैं। और तेजी से इस संसाधन का विदोहन कर रहे है। वस्तुतः वन एवं वन्य प्राणी के महत्व को हमे समझना होगा और उसके संरक्षण पर पर ध्यान देना होगा।  
प्रश्न 2. वृक्षों के घनत्व के आधार पर वनों का वर्गीकरण कीजिये और सभी वर्गों का वर्णन विस्तार से कीजिये।
उत्तर- भारत में वनों का विस्तार एक समान नहीं है, यहां का पूर्वोत्तर राज्य एवम मध्यप्रदेश वनों की दृष्टि से काफी समृद्ध है, किंतु अंडमान निकोबार द्वीप समूह सबसे आगे है, जहां 90.3 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्रों में वन विकसित हैं। वृक्षों के घनत्व के आधार पर वनों को पांच वर्गों में बाँटा गया है-
1. अत्यंत सघन वन- भारत में इस प्रकार के वन विस्तार 54.6 लाख हेक्टेयर भूमि पर है जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 1.66 प्रतिशत है, असाम और सिक्किम को छोड़कर समूचा पूर्वोत्तर – राज्य इस वर्ग में आते हैं। इन क्षेत्रों में वनों का घनत्व 75% से अधिक है।
2.सघन वन- इसके अन्तर्गत 73.60 लाख हेक्टेयर भूमि आती है जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 3% है। हिमालय, सिक्किम, मध्यप्रदेश, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र एवं उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में इस प्रकार के वनों का विस्तार है। यहाँ वनों का घनत्व 621.99 प्रतिशत है।

3. खुले वन- 2.59 करोड़ हेक्टेयर भूमि पर इस प्रकार के वनों का विस्तार है। यह कुल भौगोलिक क्षेत्र का 7.12% है, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, उड़ीसा के कुछ जिले एवं असम के 16 आदिवासी जिलों में इस प्रकार के वनों का विस्तार है, असाम आदिवासी जिलों में वृक्षों का घनत्व 23.89% है।

4. झाड़ियाँ एवं अन्य वन- राजस्थान का मरुस्थलीय क्षेत्र एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्र में इस प्रकार के वन पाये जाते हैं। पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार एवं प. बंगाल के मैदानी भागों में वृक्षों का घनत्व 10% से भी कम है इसलिए यह क्षेत्र इसी वर्ग में सम्मिलित है। इसके अन्तर्गत 2.459 करोड़ हेक्टेयर भूमि आती है, जो कुल भौगोलिक क्षेत्र का 8.66% है।

5. मैंग्रोव (तटीय वन) – विश्व के तटीय वन क्षेत्र (मैंग्रोव्स) का मात्र 5% 4,500 किमी. क्षेत्र ही भारत में है, जो समुद्र तटीय राज्यों में फैला है, जिसमें आधा क्षेत्र पश्चिम बंगाल का सुंदरवन है, इसके बाद गुजरात के अंडमान निकोबार द्वीप समूह आते हैं, कुल मिलाकर 12 राज्यों तथा केन्द्र प्रशासित प्रदेशों में मैंग्रोव्स वन है जिनमें आंध्रप्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, प. बंगाल, अंडमान-निकोबार, पाण्डेिचरी, केरल एवं दमन-द्वीप शामिल हैं।
 
प्रश्न 3. जैव विविधता क्या है? यह मानव के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? विस्तार से लिखिए।
उत्तर- जैव विविधता से तात्पर्य, पृथ्वी पर पाये पाई जाने वाली जीवों की विविधता से है। यह शब्द किसी विशेष क्षेत्र में पाये जाने वाले जीवों की विभिन्न रूपों की ओर इंगित करता है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक पृथ्वी पर जीवों की करीब एक करोड़ प्रजातियां पाई जाती हैं।
               ये हमारी धरा पर अमूल्य धरोहर हैं। वन्य जीव सदियों से हमारे सांस्कृतिक एवं आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं। इनसे हमें भोजन, वस्त्र के लिए रेशे, खालें, आवास आदि सामग्री एवं अन्य उत्पाद प्राप्त होते हैं। इनकी चहक और महक हमारे जीवन में स्फूर्ति प्रदान करते हैं। पारिस्थितिकी के लिए ये श्रृंगार के समान हैं। भारत में इन्हें सदैव आदरभाव एवं पूज्य समझा गया। मनीषियों के लिए प्रेरणा का स्रोत तो सैलानियों के लिए आकर्षण का विषय रहा है। ये पर्यावरण संतुलन के लिए भी अति आवश्यक हैं तथा हमारी भावी पीढ़ियों के लिए भी ये अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। हमारा देश जैविक विविधता में समृद्ध देश है। सबसे समृद्ध जैव विविधता वाले क्षेत्र  पश्चिमी घाट और उत्तरी पूर्वी भारत है। इनमें  क्रमशः भारत का 4% और 5.2 % भौगोलिक क्षेत्रफल है, विश्व के 15 हॉट स्पॉट में इन्हें भी रखा गया  है।
प्रश्न 4. विस्तार पूर्वक बतायें कि मानव किस प्रकार प्राकृतिक वनस्पति और प्राणीजात के ह्रास के कारक है।
उत्तर- मानव के निम्नलिखित क्रियाकलापों वनस्पतियों एवं प्राणीजगत के ह्रास के कारक हैं –
◆आवासीय एवं कृषि योग्य भूमि का विस्तार
◆हानिकारक रसायनों का  प्रयोग
◆आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिये जैव विविधताओं का अति दोहन
◆जनसंख्या में वृद्धि
◆औद्योगिकीकरण एवं शहरीकरण में  वृद्धि
जंगली जीवों का शिकार इत्यादि।   
                    मानव जीवमण्डल का सबसे महत्वपूर्ण सदस्य है जो न के अन्य जैविक घटकों को ही प्रभावित करता है बल्कि पर्यावरण के अजैविक घटकों में भी अत्यधिक परिवर्तन लाता है। मानव अपनी बुद्धि और विवेक के कारण प्रकृति के दूसरे जीवों और अजैविक घटकों का प्रयोग कर अपने जीवन को सुखमय और आरामदायक बनाता है। किन्तु जब मानव के क्रियाकलाप अनियंत्रित हो जाते हैं तो पर्यावरण के घटकों जैसे-वायु, जल तथा मृदा एवं दूसरे जीवों में अनावश्यक परिवर्तन हो जाता है जिसका वनस्पतियों एवं प्राणियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। मानव अपने आवास, खेती एवं कारखाने स्थापित करने के लिए बड़े पैमाने पर जंगलों को काटता रहा है। शाकाहारी एवं मांसाहारी जानवरों का अंधाधुंध शिकार कर जीवों में असंतुलन पैदा कर दिया है और बहुत-से जन्तु लुप्त होने के कगार पर हैं। जैसे—सिंह, बाघ, चीता, गैंडा, बारहसिंगा, कस्तुरी मृग आदि।
5. भारतीय जैवमण्डल क्षेत्रों की चर्चा विस्तार से कीजिये।      
उत्तर- हमारा देश जैव विविधता के संदर्भ में विश्व के सर्वाधिक समृद्ध देशों में से एक है। इसकी गणना विश्व के 12 विशाल जैविक-विविधता वाले देशों में की जाती है। यहाँ विश्व की सारी जैव उप जातियों का 8 प्रतिशत संख्या (लगभग 16 लाख) पाई जाती है। राष्ट्र के स्वास्थ्य जैव मंडल एवं जैविक उद्योग के लिए समृद्ध जैव-विविधता अनिवार्य है। जैव-विविधता  से हम सभी लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से लाभ उठाते है। इससे भोज, औषधियां, भैषज्य दवाइयों, रेशों, रबड़, लकडियाँ इत्यादि करते है। कई सूक्ष्म जीवों का उपयोग बहुमूल्य उत्पाद तैयार करने के लिए उद्योगों में प्रयोग होता है। इन्हीं जैव विविधताओं के संरक्षण हेतु यूनेस्को के सहयोग से भारत में 14 जैव मण्डल आरक्षित क्षेत्र की स्थापना की गई है जिसका विवरण निम्नलिखित है-

वन एवं वन्य प्राणी संसाधन


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(ख) जल संसाधन / बिहार बोर्ड-10 Geography Solution खण्ड (क) इकाई 1.

बिहार बोर्ड वर्ग-10वाँ Geography Solution
खण्ड (क)

इकाई 1. (ख) जल संसाधन

जल संसाधन


जल संसाधन

 वस्तुनिष्ठ प्रश्नोत्तर:

1. वृहद क्षेत्र में जल की उपस्थिति के कारण ही पृथ्वी को कहते हैं-
(a) उजला ग्रह
(b) नीला ग्रह
(c) लाल ग्रह
(d) हरा ग्रह
उत्तर- (b) नीला ग्रह 
2. कुल जल का कितना प्रतिशत भाग महासागरों में निहित है?
(a) 9.5 %
(b) 95.5 %
(c) 96 %
(d) 96.6 %
उत्तर- (d) 96.6 % 
3. देश के बाँधों को किसने भारत का मंदिर कहा था?
(a) महात्मा गाँधी
(b) डॉ राजेन्द्र प्रसाद
(c) पंडित नेहरू
(d) स्वामी विवेकानंद
उत्तर- (c) पंडित नेहरू
4. प्राणियों के शरीर में कितना प्रतिशत जल की मात्रा निहित होती है?
(a) 55 %
(b) 60 %
(c) 65 %
(d) 70 %
उत्तर- (c) 65 %
5. बिहार में अति जल-दोहन से किस तत्व का सकेन्द्रण बढ़ा है?
(a) फ्लोराइड
(b) क्लोराइड
(c) आर्सेनिक
(d) लौह
उत्तर- (c) आर्सेनिक 
लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर:
प्रश्न 1. बहुउद्देशीय परियोजना से आप क्या समझते है?
उत्तर – वैसी नदी घाटी परियोजना जिसका निर्माण दो या दो से अधिक उद्देश्यों की पूर्ति हेतु किया जाता है उसे बहुउद्देश्यीय परियोजना कहा जाता है। इन परियोजना के विकास के मुख्य उद्देश्य प्रायः इस प्रकार होते है-
          ● बाढ़ नियंत्रण
          ● मृदा अपरदन पर रोक
          ● पेयजल एवं सिंचाई हेतु जलापूर्ति
          ● विद्युत उत्पादन
          ● उद्योगों के जलापूर्ति
          ●  परिवहन
           मनोरंजन
          ● वन्य जीव संरक्षण, मत्स्य पालन, जल कृषि, पर्यटन इत्यादि।
जैसे- भाखड़ा-नाङ्गल, हीराकुंड, दमोदर, गोदावरी, कृष्णा इत्यादि  नदी परियोजन बहुउद्देशीय है।
प्रश्न 2. जल संसाधन के क्या उपयोग है? लिखें।
उत्तर– जल संसाधन का मानवीय जीवन में काफी उपयोगी है। यहाँ तक कि जीवन-सृजन में भी जल महत्वपूर्ण है। प्राणी एवम वनस्पति में भी अधिकांश भाग जल ही होते है। जल के उपयोग की सूची इस प्रकार है।  –पेयजल, घरलू कार्य, सिंचाई, उद्योग, जन स्वास्थ्य, स्वच्छ्ता तथा मूत्र विसर्जन इत्यादि।
प्रश्न 3. आन्तर्राष्ट्रीय जल-विवाद कारण है?
उत्तर– दो या अधिक राज्यों के बीच नदी जल के समुचित बंटवारे न होना ही जल-विवाद का मुख्य कारण है। चूँकि जल संसाधन का उपयोग सभी के लिए अति आवश्यक एवं व्यापक है।
जैस- कावेरी नदी के जल बंटवारे का विवाद कर्नाटक एवम तमिलनाडू के बीच काफी पुराना है।
प्रश्न 4. जल संकट क्या है?
उत्तर – जल की अनुपलब्धता ही जल संकट कहलाता है । जल संकट के भाव उत्पन्न  होते ही मानव मस्तिष्क पर सुख ग्रस्त या अनावृष्टि क्षेत्र(जहाँ वर्ष का अभाव हो) का चित्र उपस्थित होना स्वाभाविक है। पृथ्वी पर विशाल जल सागर होने एवं नवीकरणीय संसाधन होने के बावजूद जल संकट का होना एक जटिल समस्या है। जल संकट का मुख्य कारण बढ़ती जनसंख्या, उनकी व्यापक मांग, जल का अति उपयोग तथा जल के असमान वितरण का होना है। 
              
प्रश्न 5. भारत की नदियों के प्रदूषण के कारणों का वर्णन कीजिये।
उत्तर– भारत की नदियों के प्रदूषण के निम्नलिखित कारण है-
◆ मृत जानवरों एवं लाशों का नदियों में फेंक दिया जाना। 
◆ घरेलू एवं औद्योगिक अवशिष्टों का नदी में गिराया जाना।
◆  शहरों में बढ़ती आबादी एवं शहरी जीवनशैली।
◆ वाहित  मल कल का नदियों में निस्तारण। 
◆  धार्मिक अनुष्ठान एवम अन्धविश्वस।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर :
प्रश्न 1. जल संरक्षण से आप क्या समझते है ? इसके क्या उपाय है?
उत्तर –  जल संसाधनों की सीमित आपूर्ति,तेजी से फैलते प्रदूषण एवं वर्तमान समय मे मांग को देखते हुए जल संसाधनों का संरक्षण एवं प्रबंधन करना अति आवश्यक है ताकि लोगों के स्वस्थ जीवन, खाद्यान- सुरक्षा, आजीविका और उत्पादक अनुक्रियाओं को सुनिश्चित किया जा सके और नैसर्गिक परिवर्तनों के निम्नीकरण पर विराम लगाया जा सके। इस संदर्भ में निम्निलिखित विधियाँ कारगर हो सकती है –
(i) भूमिगत जल की पूनर्पूर्ति- पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने ‘जल मिशन’ संदर्भ देकर भूमि जल पुनर्पूर्ती पर बल दिया था। जिससे खातों, गांवों, शहरों, उद्योगों को पर्याप्त जल मिल सके। इसके लिए वृक्षारोपण, जैविक तथा कम्पोस्ट खाद का उपयोग, वेटलैंड्स(वेटलैंड्स) का संरक्षण, वर्षा जल का संचयन एवं मल-जल शोधन पुनः चक्रण जैसे क्रियाकलाप उपयोगी हो सकते हैं।
(ii) जल संभर प्रबंधन (Watershed Management)- जल प्रवाह या जल जमाव का उपयोग कर उद्यान, कृषि वानिकी, जल कृषि, कृषि उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इससे पेयजल की आपूर्ति भी की जा सकती है। इस प्रबंधन को छोटी इकाइयों पर लागू करने की आवश्यकता है।
(iii) तकनीकि विकास- तकनीकी विकास से तात्पर्य ऐसे उपक्रम से है जिसमें जल का कम-से-कम उपयोग कर, अधिक से अधिक लाभ लिया जा सके। जैसे ड्रिप सिंचाई, लिफ्ट सिंचाई, सूक्ष्म फुहारों से सिंचाई, सीढ़ीनुमा खेती इत्यादि।
प्रश्न 2. वर्षा जल की मानव जीवन में क्या भूमिका है? इसके संग्रहण व पुनः चक्रण के विधियों का उल्लेख करें।
उत्तर – जल संकट की समस्या को को कम करने की दिशा में में वर्षा जल संग्रह एक लोकप्रिय एवं राहनीय कदम हो सकता है। वर्षा जल मानव जीवन मे काफी उपयोगी है पश्चिमी भारत खासकर राजस्थान में पेयजल हेतु वर्षा-जल का संग्रहण छत पर करते थे। पश्चिम बंगाल के बाढ़ मैदान में सिंचाई के लिए बाढ़ जल वाहिकाएँ बनाने का चलन था। शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में वर्ष-जल को एकत्रित करने के लिए गड्ढ़ों का निर्माण कर मृदा सिंचित का कार्य किया जाता था। मेघालय के शिलांग में छत पर वर्षा जल संग्रहण आज भी परम्परागत रूप में परिचित है।

                 कर्नाटक के मैसूर जिले में स्थित गंगथर गाँव में छत पर जल संग्रहण की व्यवस्था 200 घरों में है जो जल संरक्षण की दिशा में एक मिसाल है। वर्तमान समय में महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश बाजस्थान एवं गुजरात सहित कई राज्यों में वर्षा-जल संरक्षण एवं पुनः चक्रण किया जा रहा है।


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खण्ड (क)

इकाई-1. (क) प्राकृतिक संसाधन

प्राकृतिक संसाधन


प्राकृतिक संसाधन

वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर

1. पंजाब में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण है:
(a) वनोन्मूलन
(b) गहन खेती
(C) अति पशुचारण
(d) अधिक सिंचाई
उत्तर- (d) अधिक सिंचाईं

2. सौपानी कृषि किस राज्य में प्रचलित है?
(a) हरियाणा
(b) पंजाब
(C) कर्नाटक
(d) उत्तराखंड
उत्तर- (d) उत्तराखंड

3.मरुस्थलीय मृदा का विस्तार निम्न में से कहाँ है?
(a) उत्तर प्रदेश
(b) राजस्थान
(C) कर्नाटक
(d) महाराष्ट्र
उत्तर- (b) राजस्थान

4. मेढ़क के प्रजनन को नष्ट करने वाला रसायन कौन है?
(a) बेंजीन
(b) यूरिया
(c) एंड्रिन
(d) फॉस्फोरस
उत्तर – (c) एंड्रिन

5. काली मृदा का दूसरा नाम क्या है?
(a) बलुई
(b) रेगुर मृदा
(c) लाल मृदा
(d) पर्वतीय मृदा
उत्तर- (b) रेगुर मृदा

लघु उत्तरीय  प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1. जलोढ़ मृदा के विस्तार वाले राज्यों के नाम बतावें। इस मृदा में कौन-कौन सी फसलें लगायी जा सकती हैं?
उत्तर– जलोढ़ मृदा के विस्तार वाले राज्य  बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, तमिलनाडु, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, असम, उड़ीसा इत्यादि है।

       इस मृदा में गन्ना, धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तेलहन जैसी फसल उपयुक्त मानी जाती है।

प्रश्न 2. समोच्च कृषि से आप क्या समझते है?
उत्तर– पहाड़ी क्षेत्रों में जल के तेज बहाव के कारण होने वाले मृदाअपरदन से बचने के लिए पहाड़ी ढलानों पर की जाने वाली सीढ़ीनुमा खेती को समोच्च कृषि कहा जाता है।
प्रश्न 3. पवन अपरदन वाले क्षेत्रों में कृषि की कौन-सी पद्धति उपयोगी मानी जाती है?
उत्तर– पवन अपरदन वाले क्षेत्रों में पट्टिका कृषि पध्दति उपयोगी मानी जाती है। यह फसलों के बीच घास की पट्टियां विकसित करने पर आधारित है। 

प्रश्न 4. भारत के किन भागों में नदी डेल्टा का विकास हुआ है ? यहाँ की क्या विशेषता है।

उत्तर– भारत के पूर्वी तटीय भागों में गंगा- ब्रह्मपुत्र, महानदी, गोदावरी, कृष्णा, एवं कावेरी नदियों द्वारा डेल्टा का विकास हुआ है। यहाँ जलोढ़ मिट्टी पायी जाती है जिसका निर्माण बालू, सिल्ट, एवं मृतिका के विभिन्न अनुपात से होता है। इसका रंग धुंधला से लेकर लालिमा लिये हुये भूरे होता है।

प्रश्न 5. फसल चक्रण मृदा संरक्षण में किस प्रकार सहायक है?
उत्तर– दो फसलों के बीच एक दलहन या तेलहन की फसलों को उगाना ही फसल चक्रण कहलाता है। इसके द्वारा मृदा के पोषणीय स्तर को बरकरार रखा जा सकता है क्योंकि इससे नाइट्रोजन का स्थिरीकरण होता है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1. जलाक्रांतता कैसे उपस्थित होता है ? मृदा अपरदन में इसकी क्या भूमिका है ?
उत्तर- अति सिंचन से जलाक्रांतता (WaterLogging) की समस्या पैदा होती है जिससे मृदा में लवणीय और क्षारीय गुण बढ़ जाती है जो भूमि के निम्नीकरण के लिए उत्तरदायी होते है। अर्थात इससे मृदा की उर्वरा शक्ति घटते जाती है और भूमि धीरे-धीरे बंजर में बदल जाती है।                                                                                                                        
              इस प्रकार की समस्या मुख्यत: पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अति सिंचाई से भूमि का निम्नीकरण की समस्या देखने को मिलती है।
प्रश्न 2. मृदा संरक्षण पर एक निबंध लिखिए।
उत्तर- मृदा को बंजर या अनुपजाऊ होने से बचाना ही मृदा संरक्षण कहलाता है। मृदा पारितंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल पेड़ पौधों के विकास का माध्यम है बल्कि पृथ्वी पर विद्यमान अनेकों जीव समुदायों के भरण-पोषण भी करती है। मृदा में मौजूद उर्वराशक्ति मानव के आर्थिक क्रियाकलापों को प्रभावित करती है। लगभग 1 सेंटीमीटर मोटी मृदा परत के निर्माण में हजारों वर्षों का समय लगता है।                         
                     मृदा का अपने मूल स्थान से अपरदन के विविध क्रियाओं द्वारा स्थानांतरित होना भू-क्षरण कहलाता है। यह मृदा की एक बहुत बड़ी समस्या है। मृदा-क्षरण के कई कारणों जैसे वायु और जल के तेज बहाव, जलक्रांतता,अतिपशुचारण, खनन, रसायनों का अत्यधिक उपयोग जैसी मानवीय अनुक्रियाओं द्वारा होता है। वृक्षारोपण, पट्टिका कृषि, फसलचक्रण, समोच्च कृषि इत्यादि द्वारा मृदा-क्षरण को रोकना ही मृदा संरक्षण का मुख्य तरीका है। रासायनिक उर्वरकों की जगह जैविक खाद का उपयोग मृदा संरक्षण में सहायक होता है। वृक्षारोपण से भी मृदा संरक्षण बढ़ता है; क्योंकि इससे मृदा को बाधा पहुँचती है और इनकी पत्तियों से प्राप्त ह्यूमस मृदा की गुणवत्ता को बढ़ाने में सहायक होते हैं।
प्रश्न 3. भारत में अत्यधिक पशुधन होने के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में इसका योगदान लगभग नगण्य है। स्पष्ट करें।
उत्तर- भारत पशुधन के मामले में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल किया जाता है। विश्व मे सबसे अधिक पशु भारत में ही पाये जाते है परंतु यहाँ स्थायी चारागाह के लिए बहुत कम भूमि उपलब्ध है जो कि पशुधन के लिए पर्याप्त नहीं है। परिणामस्वरूप पशुपालन पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। 
            भारतीय अर्थव्यवस्था में पशुधन का योगदान लगभग नगण्य होने का कारण निम्नलिखित कारण है-
◆उत्तम किस्म के पशुनस्लों में भारी कमी।
◆वैज्ञानिक प्रणाली एवं तकनीकी ज्ञान का अभाव।
◆चारागाह का अभाव।
◆बढ़ती आबादी का दबाव।
◆पूँजी का अभाव इत्यादि। 
◆ इच्छा शक्ति की कमी। 
◆पशुचिकित्सक का अभाव।

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इकाई 1 भारत : संसाधन एवं उपयोग

खण्ड (क)

बिहार बोर्ड वर्ग-10वाँ GEOGRAPHY SOLUTIONS 

संसाधन एवं उपयोग



संसाधन एवं उपयोग

वस्तुनिष्ट प्रश्नोत्तर

1.कोयला किस प्रकार का संसाधन है?

(a) अनवीकरणीय

(b) नवीकरणीय

(c) जैव

(d) अजैव

उत्तर- (a) अनवीकरणीय

2.सौर ऊर्जा निम्नलिखित में से कौन-सा संसाधन है:

(a) मानवकृत

(b) पुनः पूर्तियोग्य

(C) अजैव

(d) अचक्रीय

उत्तर- (b) पुनः पूर्तियोग्य

3. तट रेखा से कितने कि०मी० क्षेत्र सीमा अपवर्जक आर्थिक क्षेत्र कहलाते है?

(a) 100 N.M.

(b) 200N.M.

(C) 150 N.M.

(d) 250N.M.

उत्तर- (b) 200 N.M.

4. डाकुओं की अर्थव्यवस्था का संबंध है:-

(a) संसाधन संग्रहण से

(b) संसाधनों के अनियोजित विदोहन से

(C) संसाधन के नियोजित दोहन से

(d) इनमें से कोई नहीं।

उत्तर- (b) संसाधनों के अनियोजित विदोहन से

5. समुद्री क्षेत्र में राजनैतिक सीमा के कितनी कि०मी० क्षेत्र तक राष्ट्रीय सम्पदा निहित है:-

(a) 10.2 कि०मी०

(b) 15.5 कि०मी०

(C) 12.2 कि०मी०

(d) 19.2 कि०मी०

उत्तर- (d) 19.2 कि०मी०

लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1. संसाधन को परिभाषित कीजिये।

उत्तर- संसार में उपलब्ध वे सभी वस्तुएँ जिसका मानव अपने उपयोग में करता हो उसे संसाधन कहते है। जिमरमैन के अनुसार, संसाधन होते नहीं बनते हैं। संसाधन भौतिक एवं जैविक दोनों हो सकते हैं। भूमि मृदा,जल खनिज जैसे भौतिक संसाधन मानवीय आकांक्षाओं की पूर्ति संसाधन बन जाते हैं। जैविक संसाधन वनस्पति, वन्यजीव तथा जलीय जीव जो मानवीय जीवन को सुखमय बनाते हैं।

प्रश्न 2. संभावी एवं संचित-कोष संसाधन में अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- संभावी संसाधन- संभावी संसाधन ऐसे संसाधन को कहते है जिसका उपयोग भविष्य में लाये जाने की संभावना बनी रहती है। यह किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद होते है। जैसे- हिमालयी क्षेत्र का खनिज, राजस्थान एवम गुजरात क्षेत्र में पवन और सौर ऊर्जा का उपयोग अभी तक नहीं किया किया गया।

संचित-कोष संसाधन- ऐसे संसाधन जिसे वर्तमान में उपलब्ध तकनीक के आधार पर प्रयोग में लाया जा सकता है, संचित-कोष संसाधन कहलाता है। यह भी भविष्य की पूँजी है। जैसे – नदी जल का उपयोग भविष्य में व्यापक रुप से जल विधुत निर्माण में किया जाएगा।

प्रश्न 3. संसाधन संरक्षण की उपयोगिता को लिखिए।

उत्तर – संसाधनों का योजनाबद्व समुचित एवं विवेकपूर्ण उपयोग ही संसाधन संरक्षण कहलाता है। संसाधनों  का अविवेकपूर्ण या अतिशय उपयोग विविध प्रकार के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, एवं पर्यावरणीय समस्याओं को जन्म देते है। अतः इन समस्याओं से बचने हेतु विभिन्न स्तरों पर संरक्षण की आवश्यकता है। इस संदर्भ में महान दार्शनिक महात्मा गांधी के विचार प्रासंगिक है – “हमारे पास पेट भरने के लिए बहुत कुछ है लेकिन पेटी के लिए कुछ नहीं”। मेधा पाटेकर का ‘नर्मदा  बचाओ आंदोलन’ सुंदर लाल बहुगुणा का ‘चिपको आंदोलन’ एवं संदीप पाण्डे  द्वारा वर्षा -जल संचय कर कृषित भूमि का विस्तार,संसाधन संरक्षण दिशा में अत्यंत सराहनीय  कदम है।

प्रश्न 4. संसाधन निर्माण में तकनीक की क्या भूमिका है, स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- संसाधन-निर्माण में तकनीक की भूमिका अत्यंत ही महत्वपूर्ण होती है, केवल संसाधनों की उपलब्धता से ही विकास संभव नहीं है बल्कि संसाधनों में वांछित परिवर्तन के साथ-साथ तकनीकी  का उपयोग करना अति आवश्यक है। क्योंकि अनेक प्रकृति-प्रदत्त वस्तुएँ तब तक संसाधन का रूप नहीं लेती जबतक कि किसी विशेष तकनीक द्वारा उन्हें उपयोगी नहीं बनाया जाता। जैसे- नदियों के बहते जल से पनबिजली उत्पन्न करना, बहती हुई वायु से पवन ऊर्जा उत्पन्न करना, भूगर्भ में उपस्थित खनिज अयस्कों का शोधन कर उपयोगी बनाना, इन सभी में अलग-अलग तकनीकों की आवश्यकता होती है।

दीर्घ उत्तरीय प्रश्नोत्तर:

प्रश्न 1. संसाधन के विकास में ‘सतत विकास’ की अवधारणा की व्याख्या कीजिये।

उत्तर- पर्यावरण को क्षति पहुँचाये बिना भविष्य की आवश्यताओं के मद्देनजर, वर्तमान विकास को कायम रखने की धारणा ही ‘सतत विकास’ की अवधारणा कहलाता है। संसाधन मनुष्य के जीविका का आधार है। जीवन की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए संसाधनों के सतत विकास की अवधारणा अति आवश्यक है। ‘संसाधन प्रकृति प्रदत उपहार है’ की अवधारणा के कारण मानव ने इनका अंधाधुंध दोहन किया, परिणामस्वरूप अनेकों पर्यावरणीय समस्याएं उतपन्न हो गयी है। जैसे- भूमण्डलीय तपन (Global Warming), ओज़ोन क्षय, पर्यावरण-प्रदूषण, मृदाक्षरण, भूमि-विस्थापन, अम्लीय वर्षा, असमय ऋतु-परिवर्तन इत्यादि।

       अतः उपरोक्त समस्याओं से निजात पाने हेतु वर्तमान समय में सतत विकास की अवधारणा को विश्व स्तर पर पालन करने की आवश्यकता है ताकि विश्व शांति के साथ साथ जैव जगत को भी गुणवत्तापूर्ण जीवन लौट सके और वर्तमान विकास के  साथ भविष्य भी सुरक्षित हो सके।

प्रश्न 2. स्वामित्व के आधार पर संसाधन के विविध स्वरूपों का वर्णन कीजिये।

उत्तर- स्वामित्व के आधार पर संसाधन चार प्रकार के होते है-

व्यक्तिगत संसाधन: ऐसे संसाधन जिस पर किसी खास व्यक्ति का अधिकार हो उसे व्यक्तिगत संसाधन कहते है। जैसे- भूखंड, घर व अन्य जायदाद, बाग-बगीचा, तालाब, कुआँ इत्यादि जिस पर व्यक्ति निजी स्वामित्व रखता है।

सामुदायिक संसाधन- ऐसे संसाधन जिस पर किसी खास समुदाय का आधिपत्य होता है, उसे सामुदायिक संसाधन कहते है। जैसे- गाँवों में  श्मशान, मंदिर या मस्जिद परिसर, सामुदायिक भवन, तालाब आदि। शहरों में सार्वजनिक पार्क, पिकनिक स्थल, खेल मैदान, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, एवं गिरिजाघर।

राष्ट्रीय संसाधन- ऐसे संसाधन जिस पर राष्ट्र या देश का अधिकार हो, उसे राष्ट्रीय संसाधन कहते है। जैसे- किसी राजनीतिक सीमा के अंतर्गत भूमि, खनिज पदार्थ, जल संसाधन, वन व वन्यजीव एवं समुद्री जीव (200 KM महासागरीय क्षेत्र तक) राष्ट्रीय संसाधन है।

अंतरार्ष्ट्रीय संसाधन- ऐसे संसाधन जिस पर दो या दो से अधिक देशों का अधिकार हो, उसे अंतराष्ट्रीय संसाधन कहते है। जैसे- किसी देश की तट रेखा से 200 KM की  दूरी तक का क्षेत्र (अपवर्जक आर्थिक क्षेत्र)।



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1. कोयला किस प्रकार का संसाधन है?

(a) अनवीकरणीय

(b) नवीकरणीय

(C) जैव

(d) अजैव

[read more] [a] अनवीकरणीय [/read]

2. सौर ऊर्जा निम्नलिखित में से कौन-सा संसाधन है:

(a) मानवकृत

(b) पुनः पूर्तियोग्य

(C) अजैव

(d) अचक्रीय

[read more] [b] पुनः पूर्तियोग्य [/read]

3. तट रेखा से कितने कि०मी० क्षेत्र सीमा अपवर्जक आर्थिक क्षेत्र कहलाते है?

(a) 100 N.M.

(b) 200 N.M.

(C) 150 N.M.

(d) 250 N.M.

[read more] [b] 200 N.M. [/read]

4. डाकुओं की अर्थव्यवस्था का संबंध है:-

(a) संसाधन संग्रहण से

(b) संसाधनों के अनियोजित विदोहन से

(C) संसाधन के नियोजित दोहन से

(d) इनमें से कोई नहीं।

[read more] [b] संसाधनों के अनियोजित विदोहन से [/read]

5. समुद्री क्षेत्र में राजनैतिक सीमा के कितनी कि०मी० क्षेत्र तक राष्ट्रीय सम्पदा निहित है:-

(a) 10.2 कि०मी०

(b) 15.5 कि०मी०

(C) 12.2 कि०मी०

(d) 19.2 कि०मी०

[read more] [d] 19.2 कि०मी० [/read]

6. पंजाब में भूमि निम्नीकरण का मुख्य कारण है:

(a) वनोन्मूलन

(b) गहन खेती

(C) अति पशुचारण

(d) अधिक सिंचाई

[read more] [d] अधिक सिंचाईं [/read]

7. सौपानी कृषि किस राज्य में प्रचलित है?

(a) हरियाणा

(b) पंजाब

(C) कर्नाटक

(d) उत्तराखंड

[read more] [d] उत्तराखंड [/read]

8.मरुस्थलीय मृदा का विस्तार निम्न में से कहाँ है?

(a) उत्तर प्रदेश

(b) राजस्थान

(C) कर्नाटक

(d) महाराष्ट्र

[read more] [b] राजस्थान [/read]

9. मेढ़क के प्रजनन को नष्ट करने वाला रसायन कौन है?

(a) बेंजीन

(b) यूरिया

(c) एंड्रिन

(d) फॉस्फोरस

[read more] [c] एंड्रिन [/read]

10. काली मृदा का दूसरा नाम क्या है?

(a) बलुई

(b) रेगुर मृदा

(c) लाल मृदा

(d) पर्वतीय मृदा

[read more] [b] रेगुर मृदा [/read]

11. वृहद क्षेत्र में जल की उपस्थिति के कारण ही पृथ्वी को कहते हैं-

(a) उजला ग्रह

(b) नीला ग्रह

(c) लाल ग्रह

(d) हरा ग्रह

[read more] [b] नीला ग्रह [/read]

12. कुल जल का कितना प्रतिशत भाग महासागरों में निहित है?

(a) 9.5 %

(b) 95.5 %

(c) 96 %

(d) 96.6 %

[read more] [d] 96.6 % [/read]

13. देश के बाँधों को किसने भारत का मंदिर कहा था?

(a) महात्मा गाँधी

(b) डॉ राजेन्द्र प्रसाद

(c) पंडित नेहरू

(d) स्वामी विवेकानंद

[read more] [c] पंडित नेहरू [/read]

14. प्राणियों के शरीर में कितना प्रतिशत जल की मात्रा निहित होती है?
(a) 55 %
(b) 60 %
(c) 65 %
(d) 70 %

[read more] [c] 65 % [/read]

15. बिहार में अति जल-दोहन से किस तत्व का सकेन्द्रण बढ़ा है?

(a) फ्लोराइड

(b) क्लोराइड

(c) आर्सेनिक

(d) लौह

[read more] [c] आर्सेनिक [/read]

16. भारत में 2001 में कितने प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन का विस्तार था?

(a) 25

(b) 19.27

(c) 20

(d) 20.60

[read more] [b] 19.27 [/read]

17. वन स्थिति रिपोर्ट (2005) के अनुसार भारत में वन का विस्तार है-

(a) 20.60 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में

(b) 20.55 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में

(c) 20 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] [a] 20.60 प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में [/read]

18. बिहार में कितने प्रतिशत भौगोलिक क्षेत्र में वन का फैलाव है?

(a) 15

(b) 20

(c) 20.5

(d) 7.1

[read more] [d] 7.1 [/read]

19. पूर्वोत्तर राज्यों के 188 आदिवासी जिलों में देश के कुल क्षेत्र का कितना प्रतिशत वन है?

(a) 75

(b) 80.05

(c) 90.03

(d) 60.11

[read more] [d] 60.11 [/read]

20. किस राज्यमें वन का सबसे अधिक विस्तार है?

(a) केरल

(b) कर्नाटक

(c) मध्यप्रदेश

(d) उत्तर प्रदेश

[read more] [c] मध्यप्रदेश [/read]

21. वन संरक्षण एवं प्रबंधन की दृष्टि से वनों को वर्गीकृत किया गया है-

(a) 4 वर्गों में

(b) 3 वर्गों में

(c) 5 वर्गों में

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] [b] 3 वर्गों में [/read]

22. 1951 से 1980 तक लगभग कितना वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र कृषि भूमि में परिवर्तित हुआ?

(a) 30,0000

(b) 262,000

(c) 25,2000

(d) 35,5000

[read more] [b] 26,2000 [/read] 

23. संविधान की धारा 21 का संबंध है-

(a) वन्य जीवों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण

(b) मृदा संरक्षण

(c) जल संसाधन संरक्षण

(d) खनिज सम्पदा संरक्षण

[read more] [a] वन्य जीवों तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण [/read]

24. एक एन०जी०ओ० की वानिकी रिपोर्ट के अनुसार 1948 में विश्व में कितने हेक्टेयर भूमि पर वन का विस्तार था।

(a) 6 अरब हेक्टेयर

(b) 4 अरब हेक्टेयर

(c) 8 अरब हेक्टेयर

(d) 5 अरब हेक्टेयर

[read more] [b] 4 अरब हेक्टेयर [/read]

25. प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण 1968 में कौन सा कनवेंशन हुआ था?

(a) अफ्रीकी कनवेंशन

(b) वेटलैंड्स कनवेंशन

(c) विश्व आपदा कनवेंशन

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] [a] अफ्रीका कनवेंशन [/read]

26. इनमें कौन सा जीव है जो केवल भारत में ही पाया जाता है?

(a) घड़ियाल

(b) डॉलफिन

(c) ह्वेल

(d) कछुआ

[read more] [a] घड़ियाल [/read]

27. भारत का राष्ट्रीय पक्षी है-

(a) कबूतर

(b) हंस

(c) मयूर

(d) तोता

[read more] [c] मयूर [/read]

28. मैंग्रोव का सबसे अधिक विस्तार है-

(a) अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के तटीय भाग में

(b) सुंदर वन में

(c) पश्चिमी तटीय प्रदेश में

(d) पूर्वोतर राज्य में

[read more] [b] सुंदर वन में [/read]

29. टेक्सोल का उपयोग होता है-

(a) मलेरिया में

(b) एड्स में

(c) कैंसर में

(d) टी०बी० के लिए

[read more] [c] कैंसर में [/read]

30. ‘चरक’ का संबंध किस देश से था?

(a) म्यांमार

(b) श्रीलंका

(c) भारत से

(d) नेपाल से

[read more] [c] भारत से [/read] 

31. भारत में लगभग कितने खनिज पाए जाते है?

(a) 50

(b) 100

(c) 150

(d) 200

[read more] [b] 100 [/read]

32. इनमें से कौन लौह युक्त खनिज का उदाहरण है?

(a) मैंगनीज

(b) अभ्रक

(c) बॉक्साइट

(d) चुना-पत्थर

[read more] [a] मैंगनीज [/read]

33. निम्नलिखित में कौन अधात्विक खनिज का उदाहरण है?

(a) सोना

(b) टिन

(c) अभ्रक

(d) ग्रेफाइट

[read more] [c] अभ्रक [/read]

34. किस खनिज की उद्योग की जननी माना गया है?

(a) सोना

(b) तांबा

(c) लोहा

(d) मैंगनीज

[read more] [c] लोहा [/read]

35. कौन लौह अयस्क का एक प्रकार है?

(a) लिग्नाइट

(b) हेमेटाइट

(c) बिटुमिनस

(d) इन में से सभी

[read more] [b] हेमेटाइट [/read]

36. कौन भारत का सबसे बड़ा लौह उत्पादक राज्य है?

(a) कर्नाटक

(b) गोवा

(c) उड़ीसा

(d) झारखंड

[read more] [a] कर्नाटक [/read]

37. छतीसगढ़ भारत का कितना प्रतिशत लौह अयस्क का उत्पादन करता है?

(a) 10

(b) 20

(c) 30

(d) 40

[read more] [b] 20 [/read]

38. मैंगनीज उत्पादन में भारत का विश्व में क्या स्थान है?

(a) प्रथम

(b) द्वितीय

(c) तृतीय

(d) चतुर्थ

[read more] [c] तृतीय [/read]

39. एक टन इस्पात बनाने में कितने मैंगनीज का उपयोग होता है?

(a) 5 कि०ग्रा०

(b) 10कि०ग्रा०

(c) 15 कि०ग्रा०

(d) 20 कि०ग्रा०

[read more] [b] 10 कि०ग्रा० [/read]

40. उड़ीसा किस खनिज का सबसे बड़ा उत्पादक है?

(a) लौह अयस्क

(b) मैंगनीज

(c) टिन

(d) तांबा

[read more] [b] मैंगनीज [/read]

41. अल्युमिनियम बनाने के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है?

(a) मैंगनीज

(b) टिन

(c) लोहा

(d) बॉक्साइट

[read more] [d] बॉक्साइट [/read]

42. देश में तांबे का कुल भण्डार कितना है?

(a) 100 करोड़ टन

(b) 125 करोड़ टन

(c) 150 करोड़ टन

(d) 175 करोड़ टन

[read more] [b] 125 करोड़ टन [/read]

43. बिहार-झारखंड में देश का कितना प्रतिशत अभ्रक़ का उत्पादन होता है?

(a) 60

(b) 70

(c) 80

(d) 90

[read more] [c] 80 [/read]

44. सीमेंट उद्योग का सबसे प्रमुख कच्चा माल क्या है?

(a) चुना-पत्थर

(b) बॉक्साइट

(c) ग्रेनाइट

(d) लोहा

[read more] [a] चुना-पत्थर [/read] 

45. किस राज्य में खनिज तेल का विशाल भंडार है?

(a) असम

(b) राजस्थान

(c) बिहार

(d) तमिलनाडु

[read more] [a] असम [/read]

46. भारत के किस स्थान पर पहला परमाणु ऊर्जा केंद्र स्थापित किया गया था?

(a) कलपक्कम

(b) नरौरा

(c) राणाप्रताप सागर

(d) तारापुर

[read more] [d] तारापुर [/read]

47. कौन सा ऊर्जा स्रोत अनवीकरणीय है?

(a) जल

(b) सौर

(c) कोयला

(d) पवन

[read more] [c] कोयला [/read] 

48. प्राथमिक ऊर्जा का उदाहरण नहीं है?

(a) कोयला

(b) विद्युत

(c) पेट्रोलियम

(d) प्राकृतिक गैस

[read more] [b] विद्युत [/read]

49. ऊर्जा का गैर-पारम्परिक स्रोत है।

(a) कोयला

(b) विद्युत

(c) पेट्रोलियम।

(d) सौर-ऊर्जा

[read more] [d] सौर-ऊर्जा [/read]

50. गोंडवाना समूह के कोयले का निर्माण हुआ था।

(a) 20 करोड़ वर्ष पूर्व

(b) 20 लाख वर्ष पूर्व

(c) 20 हजार वर्ष पूर्व

(d) इनमें से कोई नहीं

[read more] [a] 20 करोड़ वर्ष पूर्व [/read]

51. भारत में कोयले का सर्वप्रमुख उतपादक राज्य है:

(a) पश्चिम बंगाल

(b) झारखण्ड

(c) उड़ीसा

(d) छत्तीसगढ़

उत्तर- (b) झारखण्ड

52. सर्वोत्तम कोयले का प्रकार कौन-सा है?

(a) एंथ्रासाइट

(b) पीट

(c) लिग्नाइट

(d) बिटुमिनस

उत्तर- (a) एंथ्रासाइट

53. मुम्बई हाई क्यों प्रसिद्ध है?

(a) कोयले के निर्यात हेतु

(b) तेल शोधक कारखाना हेतु

(c) खनिज तेल हेतु

(d) परमाणु शक्ति हेतु

उत्तर- (c) खनिज तेल हेतु

54. भारत का प्रथम तेल शोधक कारखाना कहाँ स्थित है?

(a) मधुरा

(b) बरौनी

(c) डिगबोई

(d) गुवाहाटी

उत्तर- (c) डिगबोई

55. प्राकृतिक गैस किस खनिज के साथ पाया जाता है?

(a) यूरेनियम

(b) पेट्रोलियम

(c) चुना पत्थर

(d) कोयला

उत्तर- (b) पेट्रोलियम

56. भाखड़ा नंगल परियोजना किस नदी पर अवस्थित है?

(a) नर्मदा

(b) झेलम

(c) सतलज

(d) व्यास

उत्तर- (c) सतलज

57. दक्षिण भारत की सबसे बड़ी नदी घाटी परियोजना है?

(a) तुंगभद्रा

(b) शारावती

(c) चंबल

(d) हीराकुण्ड

उत्तर- (a) तुंगभद्रा

58. ताप विद्युत केंद्र का उदाहरण है?

(a) गया

(b) बरौनी

(c) समस्तीपुर

(d) कटिहार

उत्तर- (d) बरौनी

59. यूरेनियम का प्रमुख उत्पादक स्थल है:

(a) डिगबोई

(b) झरिया

(c) घाटशिला

d) जादूगोड़ा

उत्तर- (d) जादूगोड़ा

60. एशिया सबसे बड़ा परमाणु विद्युत गृह है:

(a) तारापुर

(b) कलपक्कम

(c) नरौरा

(d) कैगा

उत्तर- (a) तारापुर

61. भारत के किस राज्य में सौर-ऊर्जा के विकास की सर्वाधिक संभावनाएँ हैं?

(a) असम

(b) अरुणाचल प्रदेश

(c) राजस्थान

(d) मेघालय

उत्तर – (c) राजस्थान

62. ज्वारीय एवं तरंग ऊर्जा उत्पादन हेतु भारत के सर्वाधिक अनुकूल परिस्थितियाँ कहाँ पायी जाती है?

(a) मन्नार की खाड़ी में

(b) खम्भात की खाड़ी में

(c) गंगा नदी में

(d) कोसी नदी में

उत्तर- (b) खम्भात की खाड़ी में

63. इनमें से कौन औद्योगिक अवस्थिति का कारक नहीं है?

(a) बाजार

(b) जनसंख्या

(c) पूंजी

(d) ऊर्जा

उत्तर- (b) जनसंख्या

64. भारत में सबसे पहले स्थापित लौह इस्पात कंपनी निम्नांकित में से कौन है?

(a) भारतीय लौह और इस्पात कंपनी (IISCO)

(b) टाटा लौह इस्पात कंपनी (TISCO)

(c) बोकारो स्टील सिटी

(d) विश्वेश्वरैया लौह और इस्पात उद्योग

उत्तर- (b) टाटा लौह इस्पात कंपनी (TISCO)

65. पहली आधुनिक सूती निम्न मिल मुम्बई में स्थापित की गई थी, क्योंकि-

(a) मुम्बई एक पत्तन है।

(b) यह कपास उतपादक क्षेत्र के निकट स्थित है।

(c) मुम्बई में पूंजी उपलब्ध थी।

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (d) उपर्युक्त सभी

66. निम्नांकित में से कौन उद्योग कृषि पर आधारित नहीं है?

(a) सूतीवस्त्र

(b) सीमेंट

(c) चीनी

(d) जूट

उत्तर- (b) सीमेंट

67. हुगली औद्योगिक प्रदेश का केन्द्र है?

(a) कोलकता-रिसड़ा

(b) कोलकाता-कोन्नागरि

(c) कोलकाता-मोदिनीपुर

(d) कोलकाता-हावड़ा

उत्तर- (d) कोलकाता-हावड़ा

68. निम्नलिखित में से कौन उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र के अंतर्गत आता है?

(a) जे०के ० सीमेंट उद्योग

(b) टाटा लौह एवं इस्पात

(c) बोकारो लौह इस्पात उद्योग

(d) रेमण्ड कृत्रिम वस्त्र उद्योग

उत्तर- (c) बोकारो लौह इस्पात उद्योग

69. इनमें से कौन उपभोक्ता उद्योग है?

(a) पेट्रो – रसायन

(b) लौह-इस्पात

(c) चीनी उद्योग

(d) चितरंजन लोकोमोटिव

उत्तर- (c) चीनी उद्योग

70. निम्नलिखित में से कौन छोटे पैमाने का उद्योग है?

(a) चीनी उद्योग

(b) कागज उद्योग

(c) खिलौना उद्योग

(d) विद्युत उपकरण उद्योग

उत्तर- (c) खिलौना उद्योग

71. भोपाल त्रासदी में किस गैस का रिसाव हुआ था?

(a) कार्बन डाइऑक्साइड

(b) कार्बन मोनोऑक्साइड

(c) मिथाई आइसोसाइनाइट

(d) सल्फर डाईऑक्साइड

उत्तर- (c) मिथाई आईसोसाइनाइट

72. स्वतंत्रता प्राप्ति के समय देशमें सड़कों की कुल लंबाई कितनी थी?

(a) 2.42 लाख कि०मी०

(b) 1.46 लाख कि०मी०

(c) 3.88 लाख कि०मी०

(d) 5.78 लाख कि०मी०

उत्तर- (c) 3.88 कि०मी०

73. पक्की सड़कों की लंबाई की दृष्टि से प्रथम स्थान पर कौन राज्य है?

(a) बिहार

(b) महाराष्ट्र

(c) तमिलनाडु

(d) केरल

उत्तर- (b) महाराष्ट्र

74. निम्नलिखित में से कौन सड़कों का एक वर्ग नहीं है?

(a) पूरब-पश्चिम गलियारा

(b) एक्सप्रेस वे

(c) स्वर्णिम त्रिभुज राजमार्ग

(d) सीमांत सड़के

उत्तर- (c) स्वर्णिम त्रिभुज राजमार्ग

75. भारत के किन शहरों में मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध है?

(a) कोलकाता एवं दिल्ली

(b) दिल्ली एवं मुम्बई

(c) कोलकाता एवं चेन्नई

(d) दिल्ली एवं बेंगलुरु

उत्तर- वर्तमान समय में उपर्युक्त सभी शहरों में मेट्रो रेल सेवा उपलब्ध है।

76. किस वर्ष इंडियन एयरलाइंस को इंडियन नाम दिया गया?

(a) 2006

(b) 2003

(c) 2008

(d) 2005

उत्तर- (d) 2005

77. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गठन किस वर्ष किया गया था?

(a) 1986

(b) 1988

(c) 1985

(d) 1989

उत्तर- (a) 1986

78. इन्नौर पत्तन किस राज्य में स्थित है?

(a) गुजरात

(b) गोवा

(c) तमिलनाडु

(d) कर्नाटक

उत्तर- (c) तमिलनाडु

79. भारत को कुल कितने डाक क्षेत्रों में बाँटा गया है?

(a) 7

(b) 5

(c) 6

(d) 8

उत्तर- (d) 8

80. देश में कितने विशेष आर्थिक क्षेत्र विकसित है?

(a) 10

(b) 7

(c) 15

(d) 5

उत्तर- (b) 7

81. फाल्ट विशेष आर्थिक क्षेत्र कहाँ स्थित है?

(a) बिहार

(b) प० बंगाल

(c) केरल

(d) उड़ीसा

उत्तर- (b) प० बंगाल

82. बिहार में कितने प्रतिशत क्षेत्र में खेती की जाती है?

(a) 50

(b) 60

(c) 80

(d) 36.5

उत्तर- (b) 60

83. राज्य की कितनी प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्य में लगी हुई है?

(a) 80

(b) 75

(c) 65

(d) 86

उत्तर- (a) 80

84. इनमें से कौन गन्ना उतपादक जिला नहीं है?

(a) दरभंगा

(b) पश्चिम चंपारण

(c) मुज़फ़्फ़रपुर

(d) रोहतास

उत्तर- (d) रोहतास

85. बिहार के जूट उत्पादन में

(a) वृद्धि हो रही है

(b) गिरावट हो रही है

(c) स्थिर है

(d) इनमें कोई नहीं

उत्तर- (b) गिरावट हो रही है

86. तम्बाकू उत्पादन क्षेत्र है-

(a) गंगा का उत्तरी मैदान

(b) गंगा का दक्षिणी मैदान

(c) हिमालय की तराई

(d) गंगा का दियारा

उत्तर- (d) गंगा का दियारा

87. कोसी नदी घाटी परियोजना का आरंभ हुआ-

(a) 1950 में

(b) 1948 में

(c) 1952 में

(d) 1954 में

उत्तर- (d) 1954 में

88. गण्डक परियोजना का निर्माण किस स्थान पर हुआ-

(a) बेतिया

(b) बाल्मीकिनगर

(c) मोतिहारी

(d) छपरा

उत्तर- (b) बाल्मीकिनगर

89. बिहार में नहरों द्वारा सर्वाधिक सिंचाई किस जिले में होती है?

(a) रोहतास

(b) सिवान

(c) गया

(d) पश्चिमी चंपारण

उत्तर- (a) रोहतास

90. बिहार में कुल कितने अधिसूचित क्षेत्र में वन का विस्तार है?

(a) 6374 कि०मी०

(b) 6370 कि०मी०

(c) 6380 कि०मी०

(d) 6350 कि०मी०

उत्तर- (a) 6374 कि०मी०

91. कुशेश्वर स्थान किस ज़िला में स्थित है?

(a) वैशाली में

(b) दरभंगा में

(c) बेगूसराय में.

(d) भागलपुर में

उत्तर- (b) दरभंगा में

92. काँवर झील स्थित है-

(a) दरभंगा जिला में

(b) भागलपुर जिला में

(c) बेगूसराय जिला में

(d) मुज़फ़्फ़रपुर जिला में

उत्तर- (c) बेगूसराय जिला में

93. संजय गांधी जैविक उद्यान किस नगर में स्थित है?

(a) राजगीर

(b) बोधगया

(c) बिहारसरीफ

(d) पटना

उत्तर- (d) पटना

94. बिहार में खनिज तेल मिलने की संभावनाएँ है:-

(a) हिमालय क्षेत्र में

(b) दक्षिण बिहार के मैदान में

(c) दक्षिण बिहार के पहाड़ी क्षेत्र में

(d) गंगा के द्रोणी में

उत्तर- (d) गंगा के द्रोणी में

95. चुना पत्थर का उपयोग मुख्य रूप से किस उद्योग में होता है?

(a) सीमेंट उद्योग

(b) लोहा उद्योग

(c) शीशा उद्योग

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) सीमेंट उद्योग

96. पाइराइट खनिज है-

(a) धात्विक

(b) अधात्विक

(c) परमाणु

(d) ईंधन

उत्तर- (b) अधात्विक

97. बिहार के सोना अयस्क से प्रतिटन शुद्ध सोना प्रलत होता है-

(a) 05 से 06 ग्राम

(b) 0.1 से 0.6 ग्राम

(c) 00.00 से 0.1 ग्राम

(d) 0.001 से 0.003 ग्राम

उत्तर- (b) 0.1 से 0.6 ग्राम

98. कहलगाँव तापीय विद्युत परियोजना किस ज़िला में अवस्थित है?

(a) भागलपुर

(b) मुंगेर

(c) जमुई

(d) साहेबगंज

उत्तर- (a) भागलपुर

99. कांटी तापीय विद्युत परियोजना किस जिले में स्थापित है?

(a) पूर्णिया

(b) सिवान

(c) मुजफ्फरपुर

(d) पूर्वी चंपारण

उत्तर- (c) मुजफ्फरपुर

100. बिहार में बी०एच०पी०सी० द्वारा वृहत्त परियोजनाओं की संख्या कितनी है?

(a) 3

(b) 10

(c) 5

(d) 7

उत्तर- (b) 10

101. बिहार में कार्यरत जल-विद्युत परियोजनाओं की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता कितनी है?

(a) 35.60 मेगावाट

(b) 44.20 मेगावाट

(c) 50.69 मेगावाट

(d) 30 मेगावाट

उत्तर- N/A (इनमें से कोई नहीं)

102. बिहार के किस शहर में काँच उद्योग स्थापित है?

(a) हाजीपुर

(b) शाहपुर

(c) मुरकुंडा

(d) भवानी नगर

उत्तर- (a) हाजीपुर

103. सिगरेट का कारखाना कहाँ है?

(a) मुंगेर में

(b) पटना में

(c) शाहपुर में

(d) गया में

उत्तर- (a) मुंगेर में

104. रेल वर्कशॉप कहाँ स्थित है?

(a) जमालपुर

(b) भागलपुर

(c) मुंगेर

(d) पटना

उत्तर- (a) जमालपुर

105. खाद कारखाना कहाँ स्थित है?

(a) बरौनी

(b) बाढ़

(c) मोकामा

(d) लक्खीसराय

उत्तर- (a) बरौनी

106. किस नगर में कालीन तैयार होता है?

(a) ओबरा

(b) दाउदनगर

(c) बिहारसरीफ

(d) गया

उत्तर- (a) ओबरा

107. अशोक पेपर मिल किस जिला में स्थित है?

(a) समस्तीपुर

(b) पटना

(c) पूर्णिया

(d) अररिया

उत्तर- इनमें से कोई नहीं (सही उत्तर-दरभंगा)

108. बिहार की पहली रेल लाईन थी?

(a) मार्टीन लाइट रेलवे

(b) ईस्ट इंडिया रेल मार्ग

(c) भारत रेल

(d) बिहार रेल सेवा

उत्तर- (b) ईस्ट इंडिया रेल मार्ग

109. पटना हवाई अड्डा का क्या नाम है?

(a) जय प्रकाश अंतरराष्ट्रीय हवाई पत्तन

(b) पटना हवाई अड्डा

(c) राजेन्द्र प्रसाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा

(d) बिहार हवाई अड्डा

उत्तर- (a) जय प्रकाश अंतरराष्ट्रीय हवाई पत्तन

110. ग्रांड ट्रंक रोड का राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या क्या है?

(a) 1

(b) 2

(c) 3

(d) 4

उत्तर- (b) 2

111. बिहार में रेल परिवहन का शुभारंभ कब से माना जाता है?

(a) 1842 से

(b) 1860 से

(c) 1858 से

(d) 1862 से

उत्तर- (b) 1860

112. मध्य पूर्व रेलवे का मुख्यालय कहाँ है?

(a) पटना में

(b) हाजीपुर में

(c) मुज़फ़्फ़रपुर में

(d) समस्तीपुर में

उत्तर- (b) हाजीपुर में

113. बिहार की सीमा में रेलमार्ग की कुल लम्बाई कितनी है?

(a) 6283 कि०मी०

(b) 5283 कि०मी०

(c) 7283 कि०मी०

(d) 8500 कि०मी०

उत्तर- (a) 6283 कि०मी०(वर्ष 2001)

114. बिहार में रज्जुमार्ग कहाँ है?

(a) बिहारसरीफ

(b) राजगीर

(c) गया

(d) बांका

उत्तर- (b) राजगीर

115. मंदार झील किस जिला में स्थित है?

(a) मुंगेर

(b) भागलपुर

(c) बांका

(d) बक्सर

उत्तर- (c) बांका

116. राष्ट्रीय पोत संस्थान पटना के किस घाट पर स्थित है?

(a) महेन्द्रू घाट

(b) गाँधी घाट

(c) दीघा घाट

(d) बांस घाट

उत्तर- (a) महेन्द्रू घाट

117. 2001 में बिहार की कुल जनसंख्या थी-

(a) 8 करोड़ से कम

(b) 9 करोड़ से अधिक

(c) 8 करोड़ से अधिक

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) 8 करोड़ से अधिक

118. 1991-2001 के दौरान बिहार की जनसंख्या वृद्धि दर है।

(a) 30 प्रतिशत

(b) 28 प्रतिशत

(c) 28.63 प्रतिशत

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) 28.63 प्रतिशत

119. बिहार में ग्रामीण आबादी है-

(a) 89.5 प्रतिशत

(b) 79.5 प्रतिशत

(c) 99.5 प्रतिशत

(d) शून्य प्रतिशत

उत्तर- (a) 89.5 प्रतिशत (2001)

120. 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार में प्रतिवर्ग किलोमीटर कितने व्यक्ति रहते है?

(a) 772 व्यक्ति

(b) 881व्यक्ति

(c) 981 व्यक्ति

(d) 782व्यक्ति

उत्तर- (b) 881 व्यक्ति

121. सबसे अधिक आबादी वाला कौन जिला है?

(a) भागलपुर

(b) पटना

(c) नालंदा

(d) मुंगेर

उत्तर- (b) पटना

122. सासाराम नगर का विकास हुआ था-

(a) मध्ययुग में

(b) प्राचीन युग में

(c) वर्तमान युग में

(d) आधुनिक समय में

उत्तर- (a) मध्ययुग में

123. अविभाजित बिहार में एक मात्र नियोजित नगर था-

(a) पटना

(b) मुंगेर

(c) टाटानगर

(d) गया

उत्तर- (c) टाटानगर

124. 2001 की जनगणना के अनुसार बिहार की नगरीय आबादी है-

(a) 20.5 प्रतिशत

(b) 15.5 प्रतिशत

(c) 10.5 प्रतिशत

(d) 25.5 प्रतिशत

उत्तर- (c) 10.5 प्रतिशत

125. बिहार का सबसे बड़ा नगर है?

(a) पटना

(b) गया

(c) भागलपुर

(d) दरभंगा

उत्तर- (a) पटना

126. उच्चावच प्रदर्शन के लिए हैश्यूर विधि का विकास किसने किया था?

(a) गुटेनबर्ग

(b) लेहमान

(c) गिरार

(d) रिटर

उत्तर- (b) लेहमान

127. पर्वतीय छायाकरण विधि में भू-आकृतियों पर किस दिशा से प्रकाश पड़ने की कल्पना की जाती है?

(a) उत्तर-पूर्व

(b) पूर्व-दक्षिण

(c) उत्तर-पश्चिम

(d) दक्षिण-पश्चिम

उत्तर- (c) उत्तर-पश्चिम

128. छोटी,महीन एवं खंडित रेखाओं को ढाल की दिशा में खींचकर उच्चावच प्रदर्शन की विधि को क्या कहा जाता है?

(a) स्तर रंजन

(b) पर्वतीय छायाकरण

(c) हैश्यूर

(d) तल चिन्ह

उत्तर- (c) हैश्यूर

129. तल चिन्ह की सहायता से किसी स्थान विशेष की मापी गयी ऊँचाई को क्या कहा जाता है?

(a) स्थानिक ऊँचाई

(b) विशेष ऊँचाई

(c) समोच्च रेखा

(d) त्रिकोणमितीय स्टेशन

उत्तर- (a) स्थानिक ऊँचाई

130. स्तर रंजन विधि के अंतर्गत मानचित्रों में नीले रंग से किस भाग को दिखाया जाता है?

(a) पर्वत

(b) पठार

(c) मैदान

(d) जल

उत्तर- (d) जल

131. इनमें से कौन प्राकृतिक आपदा नहीं है?

(a) सुनामी

(b) बाढ़

(c) आतंकवाद

(d) भूकंप

उत्तर- (c) आतंकवाद

132. इनमें से कौन मानव जनित आपदा है?

(a) साम्प्रदायिक दंगे

(b) आतंकवाद

(c) महामारी

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (d) उपर्युक्त सभी

133. सुनामी का मुख्य कारण क्या है?

(a) समुद्र में भूकंप का आना

(b) स्थलीय क्षेत्र पर भूकंप का आना

(c) द्वीप पर भूकंप का आना

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) समुद्र में भूकंप का आना

134. नदियों में बाढ़ आने का प्रमुख कारण क्या है?

(a) जल की अधिकता

(b) नदी की तली में अवसाद का जमाव

(c) वर्षा का अधिकता

(d) उपर्युक्त सभी

उत्तर- (d) उपर्युक्त सभी

135. बिहार का कौन सा क्षेत्र बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र है?

(a) पूर्वी बिहार

(b) दक्षिणी बिहार

(c) पश्चिमी बिहार

(d) उत्तरी बिहार

उत्तर- (d) उत्तरी बिहार

136. निम्लिखित में से किस नदी को बिहार का शोक कहा जाता है?

(a) गंगा

(b) गंडक

(c) कोसी

(d) पुनपुन

उत्तर- (c) कोसी

137. बाढ़ क्या है?

(a) प्राकृतिक आपदा

(b) मानव जनित आपदा

(c) सामान्य आपदा

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) प्राकृतिक आपदा

138. सूखा किस प्रकार की आपदा है?

(a) प्राकृतिक आपदा

(b) मानवीय आपदा

(c) सामान्य आपदा

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) प्राकृतिक आपदा

139. सूखे की स्थिति किस प्रकार आती है?

(a) अचानक

(b) पूर्व सूचना के अनुसार

(c) धीरे-धीरे

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) धीरे-धीरे

140. सूखे के लिए जिम्मेवार कारक है:

(a) वर्षा की कमी

(b) भूकंप

(c) बाढ़

(d) ज्वालामुखी

उत्तर- (a) वर्षा की कमी

141. सूखे से बचाव का एक मुख्य तरीका है-

(a) नदियों को आपस में जोड़ देना

(b) वर्षा जल संग्रह करना

(c) बाढ़ की स्थिति उत्पन्न करना

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (b) वर्षा जल संग्रह करना

142. महासागर की तली पर होने वाले कम्पन्न को किस नाम से जाना जाता है?

(a) भूकंप

(b) चक्रवात

(c) सुनामी

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) सुनामी

143. 26 दिसंबर,2004 को विश्व के किस हिस्से में भयंकर सुनामी आया था?

(a) पश्चिम एशिया

(b) प्रशांत महासागर

(c) अटलांटिक महासागर

(d) बंगाल की खाड़ी

उत्तर- (d) बंगाल की खाड़ी

144.भूकंप से पृथ्वी की सतह पर पहुंचने वाली सबसे पहली तरंग को किस नाम से जाना जाता है?

(a) पी-तरंग

(b) एस-तरंग

(c) एल-तरंग

(d) टी-तरंग

उत्तर- (a) पी-तरंग

145. भूकंप केंद्र के ऊर्ध्वाधर पृथ्वी पर स्थित केंद्र को क्या कहा जाता है?

(a) भूकंप केंद्र

(b) अधि केंद्र

(c) अनु केंद्र

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (b) अधि केंद्र

146. भूकम्प अथवा सुनामी से बचाव का इनमें से कौन सा तरीका सही नहीं है?

(a) भूकंप के पूर्वानुमान को गंभीरता से लेना,

(b) भूकंप निरोधी भवनों का निर्माण मरना,

(c) गैर-सरकारी संगठनों द्वारा राहत कार्य हेतु तैयार रहना,

(d) भगवान भरोसे बैठे रहना।

उत्तर- (d) भगवान भरोसे बैठे रहना।

147. बाढ़ के समय निम्नलिखित में से किस स्थान पर जाना चाहिए?

(a) ऊँची भूमि वाले स्थान पर

(b) गाँव के बाहर

(c) जहाँ हैं उसी स्थान पर

(d) खेतों में

उत्तर- (a) ऊँची भूमि वाले स्थान पर

148. मलबे के नीचे दबे हुए लोगों को पता लगाने के लिए किस यन्त्र की मदद ली जाती है?

(a) दूरबीन

(b) इंफ्रारेड कैमरा

(c) हेलीकॉप्टर

(d) टेलिस्कोप

उत्तर- (b) इंफ्रारेड कैमरा

149. आग से जलने की स्थिति में जले हुए स्थान पर क्या प्राथमिक उपचार करना चाहिए?

(a) ठंडा पानी डालना

(b) गर्म पानी डालना

(c) अस्पताल पहुँचाना

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) ठंडा पानी डालना

150. बस्ती/मकान में आग लगने की स्थिति में क्या करना चाहिए?

(a) अग्निशामक यंत्र को बुलाना

(b) दरवाजे-खिड़कियाँ लगाना

(c) आग बुझने तक इंतजार करना

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) अग्निशामक यंत्र को बुलाना

151. सुनामी किस स्थान पर आता है?

(a) स्थल

(b) समुद्र

(c) आसमान

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (b) समुद्र

152. सामान्य संचार व्यवस्था के बाधित होने का मुख्य कारण है:

(a) केबुल का टूट जाना

(b) संचार टावरों की दूरी

(c) टावरों की ऊँचाई में कमी

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (a) केबुल का टूट जाना

153. संचार का सबसे लोकप्रिय साधन है:

(a) सार्वजनिक टेलीफोन

(b) मोबाइल

(c) वॉकी-टॉकी

(d) रेडियों

उत्तर- (b) सार्वजनिक टेलीफोन

154. सुदूर संवेदी उपग्रह (रिमोट सेंसिंग उपग्रह) का प्रयोग किसलिए होता है?

(a) दूर संचार के लिए

(b) मौसम विज्ञान के लिए

(c) संसाधनों की खोज एवं प्रबंधन हेतु

(d) दूरदर्शन के लिए

उत्तर- (b) संसाधनों की खोज एवं प्रबंधन हेतु

155. निम्नलिखितमें कौन प्राकृतिक आपदा है?

(a) आग लगना

(b) बम विस्फोट

(c) भूकंप

(d) रासायनिक दुर्घटनाएँ

उत्तर- (c) भूकंप

156. भूकंप संभावित क्षेत्रों में भवनों की आकृति कैसी होनी चाहिए?

(a) अण्डाकार

(b) त्रिभुजाकार

(c) चौकोर

(d) आयताकार

उत्तर- (d) आयताकार

157. भूस्खलन वाले क्षेत्र में ढलान पर मकानों के निर्माण क्या है?

(a) उचित

(b) अनुचित

(c) लाभकारी

(d) उपयोगी

उत्तर- (b) अनुचित

158. सुनामी प्रभावित क्षेत्र में मकानों के निर्माण कहाँ करना चाहिए?

(a) समुद्र के निकट

(b) समुद्र तट से दूर

(c) समुद्र तट से दूर ऊँचाई पर

(d) इनमें से कोई नहीं

उत्तर- (c) समुद्र तट से दूर ऊँचाई पर

159. बाढ़ से सबसे अधिक हानि होती है-

(a) फसल को

(b) पशुओं को

(c) भवनों को

(d) उपरोक्त सभी को

उत्तर- (d) उपरोक्त सभी को

160. कृषि सुखाड़ होता ही –

(a) जल के अभाव में

(b) मिट्टी की नमी के अभाव में

(c) मिट्टी के क्षय के कारण

(d) मिट्टी की लवणता के कारण

उत्तर- (b) मिट्टी की नमी के अभाव में



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