1. R.F. and Maps (प्रतिनिधि भिन्न एवं मानचित्र) | Map Scale, Types & Essential Elements

1. R.F. and Maps (प्रतिनिधि भिन्न एवं मानचित्र) | Map Scale, Types & Essential Elements

R.F. and Maps

(प्रतिनिधि भिन्न एवं मानचित्र)

R.F. का अर्थ:

(Meaning of R. F.)

     R.F. (Representative Fraction) मानचित्र की मापनी (Map Scale) को प्रदर्शित करने की एक महत्वपूर्ण विधि है। इसमें मानचित्र पर मापी गई दूरी और धरातल पर उसकी वास्तविक दूरी के बीच अनुपात को समान इकाइयों में व्यक्त किया जाता है।

R.F.= Distance on Map/Corresponding Distance on Ground

अर्थात्-

R.F. = मानचित्र दूरी / वास्तविक धरातलीय दूरी

उदाहरण के लिए, यदि किसी मानचित्र की R.F. 1 : 50,000 है, तो इसका अर्थ है कि मानचित्र पर 1 इकाई, धरातल पर उसी इकाई की 50,000 इकाइयों को प्रदर्शित करती है।

R.F. की प्रमुख विशेषताएँ:

1. R.F. को अनुपात के रूप में व्यक्त किया जाता है, जैसे 1 : 50,000

2. इसमें map distance और ground distance की इकाइयाँ समान होती हैं।

3. इसलिए R.F. स्वयं unitless (इकाई रहित) होती है।

4. R.F. का numerator सामान्यतः 1 रखा जाता है।

5. इसका उपयोग मानचित्र की मापनी को सरल एवं सार्वभौमिक रूप में व्यक्त करने के लिए किया जाता है।

6.  Denominator जितना बड़ा होगा, scale उतना ही छोटा (Small Scale) होगा।

7. Denominator जितना छोटा होगा, scale उतना ही बड़ा (Large Scale) होगा।

उदाहरण: यदि मानचित्र पर 1 cm = धरातल पर 1 km है, तो पहले दोनों को समान इकाई में बदलेंगे।

1 km = 100,000 cm

अतः-

R.F. = 1/100000

इसलिए,

   R.F. = 1 : 100,000

R.F. और Scale का संबंध:

    यदि किसी मानचित्र का scale है:

1 cm = 1 km

     तो पहले 1 km को cm में बदलेंगे:

1 km = 100,000 cm

 अतः,

R.F. से Ground Distance ज्ञात करना:

       जब R.F. (Representative Fraction) और मानचित्र पर दी गई दूरी (Map Distance) ज्ञात हो, तो धरातल की वास्तविक दूरी (Ground Distance) निम्न सूत्र से निकाली जाती है:

Ground Distance = Map Distance / R.F.

उदाहरण 1 किसी मानचित्र का R.F. 1 : 50,000 है। मानचित्र पर दो स्थानों के बीच की दूरी 4 cm है। धरातल पर दोनों स्थानों के बीच वास्तविक दूरी ज्ञात कीजिए।

दिया गया:

 R.F. = 1 : 50,000

 Map Distance = 4 cm

सूत्र:  Ground Distance = Map Distance×R.F. Denominator

  = 4×50,000

  = 200,000 cm

अब cm को km में बदलें:

     200,000 cm = 2 km

अतः उत्तर: Ground Distance = 2 km

Ground Distance से Map Distance ज्ञात करना:

    जब R.F. (Representative Fraction) और धरातल की वास्तविक दूरी (Ground Distance) ज्ञात हो, तो मानचित्र की दूरी (Map Distance) निम्न सूत्र से निकाली जाती है:

Map Distance = Ground Distance×R.F.

उदाहरण: किसी मानचित्र का R.F. 1 : 50,000 है। दो स्थानों के बीच धरातल पर वास्तविक दूरी 5 km है। मानचित्र पर यह दूरी कितनी होगी?

दिया गया:

R.F. = 1 : 50,000
Ground Distance = 5 km

पहले km को cm में बदलें:

5 km = 5×100,000 = 500,000 cm

अब,

अतः उत्तर: Map Distance = 10 cm

Map (मानचित्र) का अर्थ:

     मानचित्र (Map) पृथ्वी की सम्पूर्ण सतह अथवा उसके किसी भाग का एक निश्चित मापनी पर समतल सतह पर किया गया लघु, सांकेतिक एवं व्यवस्थित निरूपण है। मानचित्र में प्राकृतिक तथा सांस्कृतिक विशेषताओं को विभिन्न conventional signs, symbols और colours की सहायता से प्रदर्शित किया जाता है।

मानचित्र के आवश्यक तत्व:

(Essential Elements of a Map)

       एक अच्छे मानचित्र में सामान्यतः निम्न तत्व होने चाहिए:

1. Title (शीर्षक):

      Title मानचित्र के विषय और उसकी विषय-वस्तु को स्पष्ट करता है। इससे पाठक को यह जानकारी मिलती है कि मानचित्र किस भौगोलिक घटना, क्षेत्र या तथ्य को प्रदर्शित कर रहा है।

      एक अच्छा शीर्षक संक्षिप्त, स्पष्ट और विषय के अनुरूप होना चाहिए। इससे मानचित्र को समझने और उसका सही भौगोलिक अर्थ निकालने में आसानी होती है।

2. Scale (मापनी):

      Scale मानचित्र पर दिखाई गई दूरी और धरातल पर वास्तविक दूरी के बीच संबंध को दर्शाती है। इसकी सहायता से मानचित्र पर दो स्थानों के बीच वास्तविक दूरी ज्ञात की जा सकती है।

      मापनी को सामान्यतः Statement Scale, Representative Fraction (R.F.) तथा Graphical या Linear Scale के रूप में प्रदर्शित किया जाता है।

3. Direction (दिशा):

     Direction मानचित्र पर विभिन्न स्थानों की दिशात्मक स्थिति को समझने में सहायता करती है। सामान्यतः मानचित्र में North (उत्तर) दिशा को North Arrow या दिशा-सूचक चिह्न द्वारा प्रदर्शित किया जाता है।

    इसके आधार पर East, West, South तथा अन्य दिशाओं की पहचान की जाती है। दिशा मानचित्र-पठन और स्थानों के पारस्परिक संबंध को समझने के लिए आवश्यक है।

4. Legend/Key (संकेत सूची):

      Legend या Key मानचित्र में प्रयुक्त विभिन्न symbols, signs और colours का अर्थ स्पष्ट करती है। प्रत्येक प्रतीक किसी विशेष भौगोलिक या सांस्कृतिक विशेषता को दर्शाता है, जैसे नदी, सड़क, रेलवे, वन या बस्ती। संकेत सूची की सहायता से पाठक मानचित्र में दी गई सूचनाओं को आसानी से पहचान और समझ सकता है।

5. Grid/Coordinates (ग्रिड/निर्देशांक):

     Grid तथा Coordinates किसी स्थान की सटीक भौगोलिक स्थिति निर्धारित करने में सहायता करते हैं। Latitude और Longitude जैसे निर्देशांकों के माध्यम से किसी स्थान का अक्षांशीय और देशांतरीय स्थान ज्ञात किया जा सकता है।

     मानचित्र में ग्रिड रेखाएँ स्थानों की पहचान, दूरी के निर्धारण तथा क्षेत्रीय स्थिति के वैज्ञानिक विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

6. Source (स्रोत):

      Source मानचित्र में प्रयुक्त आँकड़ों, सूचनाओं या सामग्री के स्रोत को दर्शाता है। इसमें जनगणना, सरकारी विभाग, सर्वेक्षण संस्थान, शोध रिपोर्ट, प्रकाशित पुस्तकों या अन्य विश्वसनीय स्रोतों का उल्लेख किया जा सकता है। स्रोत देने से मानचित्र की विश्वसनीयता और प्रामाणिकता बढ़ती है तथा पाठक को आँकड़ों की उत्पत्ति के बारे में जानकारी प्राप्त होती है।

Note:

✍️ R.F. = Map Distance ÷ Ground Distance

✍️ R.F. में दोनों distances की unit समान होनी चाहिए।

✍️ Large Scale = More Details

✍️ Small Scale = Less Details

Dr. Amar Kumar

Website: https://www.geographynotespdf.com

I ‘Dr. Amar Kumar’ am working as an Assistant Professor in The Department Of Geography in PPU, Patna (Bihar) India. I want to help the students and study lovers across the world who face difficulties to gather the information and knowledge about Geography. I think my latest UNIQUE GEOGRAPHY NOTES are more useful for them and I publish all types of notes regularly.

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